बिहार-झारखण्ड
जहां गोलियों की आवाज़ थी, वहां अब सेब के बागों की खुशबू है — बदलाव की कहानी
10 Jun, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तोपचांची। जहां कभी नक्सलियों की धमक सुनाई देती थी, वहां अब सेब की महक फैल रही है। तोपचांची के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र रोआम में इन दिनों सेब की खेती की शुरुआत की गई है।
इसकी शुरुआत पूर्व बीस सूत्री अध्यक्ष सह किसान विकास तिवारी ने किया है। सेब की खेती की शुरुआत कर वे दूसरे किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं।
उन्हाेंने दो वर्ष पूर्व पांच हजार रुपया खर्च कर अपने एक मित्र से हिमाचल से 10 सेब का पौधा मंगवाया था। घर के पीछे जमीन पर 10 पौधे को लगाए और पूरी लगन के साथ दो वर्षों तक पौधे के पीछे मेहनत किया।
वर्तमान में आठ पौधों में फल लगा है। इसका उपयोग फिलहाल वे स्वयं कर रहे हैं। सेब का फल लगने के कारण पूरे प्रखंड में विकास तिवारी चर्चा के केंद्र बन गए हैं। सेब की उपज कर किसानों व आमजनों के बीच उन्होंने यह संदेश दिया है कि अगर इच्छा शक्ति हो तो कुछ भी असंभव नहीं है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के नाम से बदनाम तोपचांची में बदलाव की बयार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पहले यहां के किसान सब्जी का उत्पादन कर रहे थे। आज सेब की खेती की कोशिश कर रहे हैं। उसमें सफलता भी प्राप्त कर रहे हैं।
उनके बगीचे में सेब के पौधों के साथ अंबिका तथा अरुणिका प्रजाति के आम के पौधे भी लगे हुए हैं। जिसमें हर वर्ष फल आता है। उन्होंने बताया कि सेब की खेती को उन्होंने परीक्षण के तौर पर शुरू किया था, जिसमें उन्हें सफलता मिली है।
सरकार अगर उन्हें मदद करे तो बड़े पैमाने पर सेब की खेती कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी हिमाचल तथा कश्मीर में सेब पेड़ पर ही लगा हुआ है लेकिन उनके द्वारा लगाए गए पौधे में सेब पूरी तरह से तैयार हो गया है।
चक्रधरपुर स्टेशन में जल्द लगेगा वाटर वेंडिंग मशीन
10 Jun, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चक्रधरपुर। चक्रधरपुर के पैसेंजरों के लिए एक गुड न्यूज है। चक्रधरपुर स्टेशन में चार साल से बंद पड़ी वाटर वेंडिंग मशीन अब एक बार फिर से शुरू होगी।
रेल प्रशासन ने स्टेशन के एक नंबर प्लेटफार्म में वाटर वेंडिंग मशीन लगाने के लिए एक संबंधित एजेंसी को कार्य सौंपा है। 15 दिनों के भीतर एजेंसी वाटर वेंडिंग मशीन लगाने का कार्य शुरू करेंगी। इसके बाद कम पैसे में यात्रियों को शुद्ध आरओ वाटर यात्रियों को मिल सकेगा।
वहीं, चक्रधरपुर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 में भी वाटर वेंडिंग मशीन लगाने के लिए रेल प्रशासन टेंडर निकाल कर एजेंसी की तलाश कर रही है।
मालूम रहे कि चक्रधरपुर स्टेशन में पांच वर्षों से वाटर वेंडिंग मशीन बंद पड़ी थी। वाटर वेंडिंग मशीन के बंद होने से यात्री पांच रुपए के बजाय 15 से 20 रुपए में पानी की बोतल खरीदकर पीने के लिए मजबूर हैं।
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन से उतरकर 5 रुपये में आरओ के ठंडे पानी की बोतल मिल जाती थी, लेकिन अभी लोगों को 15 रुपए में पानी की बोतल मिल रही हैं, जिससे यात्रियों को ज्यादा रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं।
चक्रधरपुर स्टेशन में प्रतिदिन 20 हजार से अधिक यात्रियों का आना-जाना होता है। गर्मी के दिनों में चक्रधरपुर स्टेशन के यात्री 3 से 4 हजार लीटर से अधिक बोतलबंद पानी खरीद कर पी जाते है। वहीं, भीषण गर्मी में स्टेशन में लगे नल से गर्म पानी निकल रहा है। यात्रियों को सस्ता शीतल पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।
चक्रधरपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य कुमार चौधरी ने बताया कि जल्द ही चक्रधरपुर स्टेशन के एक नंबर प्लेटफार्म में वाटर वेंडिंग मशीन लगेगा। रेलवे ने टेंडर के माध्यम से एजेंसी का चयन कर लिया है। उसे जल्द से जल्द वाटर वेंडिंग मशीन को स्थापित करने को कहा गया है।
मानसून से पहले सरकार सख्त, बांधों की सुरक्षा को लेकर जारी हुए कड़े निर्देश
10 Jun, 2025 10:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के जल संसाधन माननीय मंत्री विजय कुमार चौधरी और प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किये हैं. उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंताओं, कार्यपालक अभियंताओं और कनीय अभियंताओं द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में तटबंधों की स्थिति का जमीनी स्तर पर आकलन करने का निर्देश जारी किया है. जल संसाधन विभाग ने कहा कि दृष्टि एप के माध्यम से निरीक्षण रिपोर्ट्स अपलोड की जा रही हैं, जिनके आधार पर तुरंत कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है.
विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि मॉनसून से पूर्व सभी कटाव निरोधी कार्य, तटबंधों की मरम्मत, झाड़ियों की सफाई, रैट होल्स एवं फॉक्स होल्स की पहचान तथा सुधार कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कर लिए जाएं. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी संवेदनशील स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण हो.
विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने स्पष्ट रूप से कहा कि तटबंधों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वर्तमान में “बाढ़ सुरक्षा सप्ताह” के तहत गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वीरपुर, कटिहार और पटना सहित सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विभाग की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं.
आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि तटबंधों की मजबूती और आपातकालीन तैयारी समय से पहले पूरी की जाए.
राज्य की जनता से भी नियंत्रण कक्ष से जुड़कर बाढ़ से संबंधित किसी भी आपदा, आकस्मिकता, तटबंध में सीपेज, पाइपिंग, कटाव, क्षरण या जानबूझकर की गई क्षति से जुड़ी सूचना या शिकायत सीधे देने की अपील की गई है. इसके लिए 24 घंटे सातों दिन कार्यरत टोल फ्री नंबर 1800-3456-145 और दूरभाष संख्याएं 0612-2206669 एवं 0612-2215850 उपलब्ध हैं. इन नंबरों पर प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
PMCH का नया स्वरूप तैयार: बिहार के मरीजों को मिलेगी अत्याधुनिक सुविधा, बाहर जाने की मजबूरी खत्म
10 Jun, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के सबसे पुराने अस्पतालों में एक पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल) के कायाकल्प का कार्य तकरीबन पूरा हो गया है. इसका सिविल या आधारभूत संरचना से संबंधित कार्य 90 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है. शेष कार्य आने वाले कुछ महीनों में पूरे हो जाएंगे. प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाय) के तहत पीएमसीएच के कायाकल्प की प्रक्रिया चल रही है. इस योजना में दो अन्य भागलपुर और गया मेडिकल कॉलेज के कायाकल्प की प्रक्रिया पूरी हो गई है.
तीनों अस्पतालों को अपग्रेड करने से संबंधित यह कवायद प्रधानमंत्री के स्तर से बिहार को दिए गए विशेष पैकेज का ही हिस्सा है. इसे लेकर हाल में मुख्य सचिव और विकास आयुक्त के स्तर पर हुई समीक्षा बैठक में पीएम पैकेज के क्रियान्वयन से संबंधित स्थिति सामने आई.
दो मेडिकल कॉलेजों की बदली सूरत
भागलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और गया स्थित अनुग्रह नारायण मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल को 200-200 करोड़ रुपये खर्च करके अपग्रेड कर लिया गया है. इन दोनों मेडिकल कॉलेज नए कलेवर में दिखने लगे हैं. इनका उद्घाटन भी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने पिछले वर्ष सितंबर में कर दिया है. वहीं, पीएमसीएच को अपग्रेड करने की कवायद अंतिम चरण में है. इस पर भी 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है. हालांकि इसके भवन समेत अन्य जरूरी चीजों का उद्घाटन होने के साथ ही इसे चालू कर दिया गया है.
लक्ष्य से अधिक बनी ग्रामीण सड़कें
बिहार की ग्रामीण अंचलों में सड़कों को सुदृढ़ करने के लिए पीएमजीएसवाय (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) में 22 हजार 500 किमी सड़कों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था. परंतु इससे कहीं ज्यादा 2 हजार 864 किमी लंबी सड़क तैयार हो गई है. इस पर 18 हजार 909 करोड़ रुपये का खर्च आया है, जिसमें केंद्रीय हिस्सेदारी 11 हजार 474 करोड़ रुपये तथा राज्य की हिस्सेदारी 8 हजार 706 करोड़ रुपये है.
पेट्रोलियम एवं गैस के प्रोजेक्ट-बदल रहे बिहार
आईओसीएल के तहत बरौनी रिफाइनरी की क्षमता का विस्तार कार्य तेजी से चल रहा है. 14 हजार 810 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के अगस्त 2026 तक पूरा होने की संभावना है. अब तक आईओसीएल के तहत तीन प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, जिनकी लागत 4 हजार 369 करोड़ रुपये है. इसमें बरौनी रिफाइनरी में 1500 करोड़ रुपये की लागत से बीएस-4 एवं बीएस-6 स्तर के ईंधन का शोधन संयंत्र का निर्माण. मोतिहारी से अमलेखगंज के बीच 324 करोड़ रुपये की लागत से पाइपलाइन निर्माण. पारादीप हल्दिया से दुर्गापुर के बीच 2 हजार 545 करोड़ रुपये की लागत से एलपीजी पाइपलाइन का एक्सटेंशन कार्य संपन्न.
इसी तरह एचपीसीएल के चार प्रोजेक्ट भी पूरे हुए हैं, जिनकी लागत 176 करोड़ रुपये है. पटना स्थित एलपीजी प्लांट पर 45 करोड़ रुपये खर्च करके इसकी की क्षमता दोगुणी की गई. इसी प्लांट में 15 करोड़ रुपये खर्च करके 1.5 टन का अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित किया गया है. पूर्णिया के एलपीजी प्लांट को भी अपग्रेड करते हुए क्षमता को दोगुणी कर दी गई है. मुजफ्फरपुर के सगौली में 110 करोड़ की लागत से नया एलपीजी संयंत्र बनाया गया. गेल के तहत 2 हजार 300 करोड़ रुपये खर्च करके 617 किमी लंबी जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन तैयार की गई है.
भागलपुर में भी केंद्रीय विश्वविद्यालय
बोधगया में आईआईएम और भागलपुर में केंद्रीय विश्वविद्यालय इसी प्रोजेक्ट के हिस्से हैं. बोधगया में आईआईएम 543 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित हो गया है. इस संस्थान से पठन-पाठन भी शुरू हो गया है. वहीं भागलपुर के ऐतिहासिक स्थल विक्रमशीला के पास विक्रमशीला केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की कवायद तेजी से चल रही है. इसका डीपीआर तैयार नई दिल्ली स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर ने तैयार कर दिया है. इस पर अनुमोदन लेने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजा गया है. अनुमति मिलने के बाद इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इस पर 500 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है.
JAC कभी भी जारी कर सकता है 11वीं कक्षा का रिजल्ट
9 Jun, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। झारखंड बोर्ड की ओर से इस वर्ष 11वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 20 से 22 मई 2025 तक करवाया गया था। एग्जाम में भाग लेने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के साथ ही उनके अभिभावकों को अब रिजल्ट जारी होने का इंतजार है जो जल्द ही खत्म हो सकता है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से पहले ही अन्य सभी कक्षाओं का परिणाम घोषित किया जा चुका है, ऐसे में अनुमान है कि अगले एक या दो दिनों में बोर्ड की ओर से नतीजे जारी किए जा सकता है। परिणाम ऑनलाइन जारी किया जायेगा जिसे स्टूडेंट्स स्वयं ही मोबाइल से चेक कर पाएंगे।
कहां और कैसे चेक कर पाएंगे नतीजे
झारखंड बोर्ड की ओर से रिजल्ट जारी होते ही डायरेक्ट लिंक ऑफिशियल वेबसाइट jac.jharkhand.gov.in और jacresults.com पर एक्टिव हो जायेगा। इसके बाद स्टूडेंट्स इसमें से किसी भी साइट पर जाकर मांगी गई डिटेल दर्ज करके परिणाम की जांच कर सकेंगे। आसानी से नतीजे चेक करने के लिए नीचे दी गई स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं-
JAC 11th Result 2025 चेक करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jacresults.com पर जाना होगा।
वेबसाइट के होम पेज पर आपको रिजल्ट से संबंधित लिंक पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद आपको रोल कोड एवं रोल नंबर दर्ज करके सबमिट करना होगा।
अब आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगी जहां से आप इसे डाउनलोड करके इसका प्रिंटआउट भी निकाल सकेंगे।
ओरिजिनल मार्कशीट स्कूल से होगी प्राप्त
सभी छात्रों को बता दें कि रिजल्ट जारी होने पर वे केवल रिजल्ट की डिजिटल कॉपी ही डाउनलोड कर पाएंगे। ओरिजिनल मार्कशीट नतीजे जारी होने के कुछ दिन बाद आपके संबंधित स्कूल में भेज दी जाएगी जहां से आप इसे प्राप्त कर पाएंगे।
पास होने के लिए कितने फीसदी चाहिए अंक
झारखंड बोर्ड 11th में पास होने के लिए स्टूडेंट्स को न्यूनतम 33 फीसदी अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सभी छात्रों को 5 विषयों में से 4 विषयों में न्यूनतम अंक हासिल करना होगा। दो विषयों में फेल होने पर स्टूडेंट्स कंपार्टमेंट एग्जाम में भाग लेकर इसी साल परीक्षा पास कर सकेंगे और अपना साल खराब होने से बचा सकेंगे। एग्जाम से जुड़ी लेटेस्ट अपडेट के लिए सभी छात्रों को समय समय पर ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करने की सलाह दी जाती है।
दरभंगा-मुबंई रूट पर अकासा एयरलाइंस की बुकिंग शुरू
9 Jun, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। अब दरभंगा और मुंबई हवाई मार्ग पर अकासा एयरलाइंस के विमान उड़ान भरेंगे। एयरलाइंस कंपनी ने टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है। आगामी एक जुलाई से अकासा एयरलाइंस कंपनी ने टिकटों कि बुकिंग तेज कर दी है।
बड़ी संख्या में मधुबनी, अररिया, सीतामढ़ी, सुपौल, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और मिथिलांचल सहित पड़ोसी देश नेपाल तक के लोग दरभंगा और मुंबई शहर के बीच अकासा एयरलाइंस के विमान में हवाई सफर करने के लिए टिकटों की बुकिंग करा रहे हैं।
पहले दिन अकासा के विमान क्यूपी- 1529 में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को 21 हजार से अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। फ्लाइट विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी राव एयरपोर्ट से दरभंगा के लिए 10:55 बजे उड़ान भरेगी। जो दरभंगा और मुंबई हवाई मार्ग पर दो घंटा 35 मिनट बिताएगी।
इसके बाद दरभंगा एयरपोर्ट पर 1:30 बजे पहुंचेगी। एयरपोर्ट पर 40 मिनट यात्री को भरने के लिए ठहराव होगा। फिर 2:10 बजे विमान यात्री को लेकर दरभंगा से मुंबई के लिए उड़ान भरेगी। जो मुंबई छत्रपति शिवराज राव एयरपोर्ट पर 4:45 बजे पहुंचेगी।
बता दें कि कुछ माह पूर्व अकासा एयरलाइंस कंपनी ने बिहार में पहली बार अपनी सेवा दरभंगा एयरपोर्ट से देने की घोषणा की थी। जिसमें दरभंगा एयरपोर्ट से दिल्ली और मुंबई के लिए एक एक स्लॉट बुक कराया था। चार अप्रैल से एयरलाइंस कंपनी ने दरभंगा और दिल्ली हवाई मार्ग पर सेवा देना शुरू की।
इसके बाद दरभंगा और मुंबई के बीच एयरलाइंस कंपनी की उड़ान सेवा शुरू करने की चर्चा तेज हो गई। अब कंपनी ने दरभंगा और मुंबई के बीच आगामी एक जुलाई से उड़ान सेवा प्रारंभ करने की घोषणा कर दी है। इसमें स्पाइसजेट और अकाशा एयरलाइंस कंपनी की विमान दरभंगा और मुंबई के बीच प्रतिदिन सीधी उड़ान जारी रखेंगे।
गुरुवार से एक बार फिर शुरू होगी बेंगलुरु की फ्लाइट
दरभंगा और बेंगलुरु के बीच बंद पड़ी स्पाइसजेट कंपनी की उड़ान सेवा गुरुवार को फिर शुरू की जाएगी। इसके लिए टिकट की बुकिंग शुरू है। बता दें कि एयरपोर्ट से रविवार को 14 विमानों का आवागमन हुआ। सभी फ्लाइटें निर्धारित समय पर या पहले पहुंच गईं।
मुंबई से आनेवाली स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी 115 निर्धारित समय नौ बजे पहुंच गई। दिल्ली से आनेवाली अकासा की फ्लाइट क्यूपी 1405 निर्धारित समय 10:55 से 38 मिनट पहले पहुंच गई। दिल्ली से आनेवाली स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी 937 निर्धारित समय 11:00 बजे से सात मिनट पहले पहुंची।
कोलकाता से आनेवाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई7234 निर्धारित समय 11:55 से 10 मिनट पहले पहुंच गई। मुंबई से आनेवाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई535 निर्धारित समय 1:05 से नौ मिनट पहले पहुंच गई।
हैदराबाद से आनेवाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई537 निर्धारित समय 2:20 से पांच मिनट पहले पहुंच गई। दिल्ली से आनेवाली इंडिगो की फ्लाइट 6ई360 निर्धारित समय चार बजे से छह मिनट पहले पहुंच गई।
बिहार में सियासी सरगर्मी तेज, राजद-AIMIM की बढ़ती नज़दीकी बनी चर्चा का विषय
9 Jun, 2025 04:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। कांग्रेस की चाल-ढाल राजद को पूर्णतया आश्वस्त नहीं होने दे रही। असहजता का एक कारण मुस्लिम मतों में बिखराव की चिंता भी है, जो राजद के माय (मुसलमान-यादव) समीकरण का एक मजबूत स्तंभ है।
बिहार में सीमांचल की 24 सहित विधानसभा की लगभग 40 सीटों पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक हैं। इस दोहरी चिंता के बीच राजद के लिए एक आसरा ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) का है।
इस बार एआइएमआइएम को भी अपने स्तर से किसी प्रभावी गठबंधन की आशा नहीं। ऐसे में अंदरखाने दोनों एक-दूसरे को साधने में लगे हैं।
हालांकि, विधायकों के तोड़-फोड़ के पुराने कारनामों और सीटों के लिए मारामारी से हिचकिचाहट भी कम नहीं। ऊपरी तौर पर ऐसा लगता है कि कांग्रेस पर्याप्त संख्या में पसंदीदा सीटों के लिए राजद पर दबाव बनाए है।
अंदरूनी सच्चाई में एक कारण जनाधार भी है। मुसलमान कभी कांग्रेस का पक्षधर हुआ करते थे, जो बाद में लालू के लिए भी प्रतिबद्ध हुए। अब एआइएमआइएम के अलावा जन सुराज पार्टी भी उन्हें साधने में लगी है।
लोकसभा चुनाव में विजयी रहे कांग्रेस के तीन सांसदों में से दो मुसलमान ही हैं। बिहार में भविष्य के लिए कांग्रेस को इससे बड़ा भरोसा है।
ऐसे में महागठबंधन में बड़े भाई की भूमिका वाले राजद का असहज होना स्वाभाविक है। विवशता में वह अंदरखाने अपनी गोटियां बिछाने में लगा है।
यह मानकर कि इससे कांग्रेस कुछ तो दबाव में आएगी और नहीं तो राजद के पास नुकसान की भरपाई का एक विकल्प होगा।
पिछले चुनाव में राजद को हुआ था नुकसान
विधानसभा के पिछले चुनाव में राजद को सीमांचल में असदुद्दीन ओवैसी की एआइएमआइएम के कारण ही गच्चा खाना पड़ा था।
उसकी तुलना में कांग्रेस कुछ अधिक सफल रही थी। तब एआइएमआइएम, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट बनाया था।
एआइएमआइएम 20, बसपा 78 और रालोसपा 99 सीटों पर लड़ी थी। रालोसपा का खाता नहीं खुला, जबकि बसपा से विजयी रहे एकमात्र जमां खान जदयू में चले गए, जो अभी मंत्री हैं।
सर्वाधिक सफलता एआइएमआइएम को मिली थी, जिसे सीमांचल ने पांच विधायक दिए। उनमें से चार को राजद ने अपने पाले में कर लिया।
एआइएमआइएम के साथ एकमात्र विधायक अख्तरूल ईमान रह गए, जो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। वही अख्तरूल ईमान इस बार राजद से गठबंधन को लेकर सर्वाधिक उत्सुक हैं।
उनका कहना है कि सांप्रदायिक शक्तियों के विरुद्ध एकजुटता आवश्यक है। इसके लिए पुराने कारनामों और मतभेदों को भूल जाना ही बेहतर होगा। 2019 में भी हमने इसके लिए प्रयास किया था।
दूसरी ओर राजद में इस प्रकरण पर लालू और तेजस्वी के अलावा दूसरा कुछ नहीं बोलेगा। हालांकि, ऐसे गठबंधन के कारण ध्रुवीकरण की आशंका से उसके दर्जनों विधायक घुले जा रहे, जो पिछले चुनाव में कम मतों के अंतर से विजयी रहे थे।
PK का राजनीतिक मोड ऑन! किसी के पीछे नहीं, अब खुद आगे चलेंगे
9 Jun, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खगड़िया। बिहार चुनाव में इस बार लालू, नीतीश व मोदी के लिए नहीं, किसी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि इस बार वोट अपने बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए देना है। जनता का राज स्थापित करने के लिए देना है।
उक्त बातें जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने खगड़िया शहर से सटे मथुरापुर खेल मैदान में रविवार को आयोजित ‘बिहार बदलाव सभा’ को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में वोट अपने-अपने बच्चों के लिए करिए। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद व तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि आपलोग अपने बच्चों की चिंता नहीं करते हैं, परंतु नेता अपने बच्चों की चिंता करते हैं।
उनका बेटा नौवीं पास हो या न हो, पर उन्हें ‘राजा’ बनाना चाहते हैं, इसलिए आप सब भी अपने बच्चों की चिंता करें। उनकी शिक्षा व रोजगार को लेकर वोट करें। जनता का राज, जन सुराज को स्थापित करें।
उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि वोट बिहार के लोगों का है, इसलिए फैक्ट्री भी बिहार में लगनी चाहिए।
उन्होंने कहा, इसबार चुनाव में जन सुराज का राज स्थापित हुआ, तो तीन संकल्पों को अवश्य पूरा किया जाएगा। बोले, जनता का राज स्थापित हुआ, तो इसबार छठ में घर आने वाले लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। बच्चे इंग्लिश स्कूल में पढ़ें, इसके लिए सरकार पैसा देगी।
इस मौके पर जन सुराज के जिलाध्यक्ष विनय कुमार वरुण, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना, लोक गायक सुनील छैला बिहारी, शिक्षक नेता मनीष कुमार सिंह आदि मौजूद थे।
आईटीआर में चूक का मतलब सीधा जुर्माना, समझें नियम और प्रक्रिया
9 Jun, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। आयकर विभाग की ओर से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। इसके लिए फॉर्म टू व फोर आ चुके हैं। 50 लाख तक व्यक्तिगत आय या सैलरीड वर्ग के आयकरदाता अपना आईटीआर दाखिल कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त बिजनेस वाले आयकरदाता जिन्हें आडिट की जरूरत नहीं है वह अपना आईटीआर दाखिल करा रहे हैं। ऐसे में आईटीआर दाखिल करने में काफी सावधानी की जरूरत है, क्योंकि एक भी गलत जानकारी बाद में जुर्माना का कारण बन सकता है।
आयकर विशेषज्ञों के अनुसार, आय के सभी स्रोत नहीं बताने पर दो सौ प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अन्य स्रोत से आय छिपाने पर भी 50 से 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अपने विदेशी आय, एसेट, खातों और शेयरों सहित अन्य जानकारी को भी निर्धारित फॉर्म में भरने होंगे।
आईटीआर फॉर्म चयन में रखें सावधानी:
सीए आशीष रोहतगी एवं सीए रश्मि गुप्ता ने बताया कि आकलन वर्ष 2025–26 में इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरते समय आपको कुछ खास सावधानियां बरतनी चाहिए, खासकर क्योंकि फॉर्म आईटीआर वन और आईटीआर फोर में कई नए बदलाव किए गए हैं। ऐसे में सभी प्रमुख सावधानियों को देख कर ही आईटीआर भरने की जरूरत है।
इसमें सबसे पहले सही आईटीआर फॉर्म का चयन करना चाहिए। आईटीआर वन केवल उनके लिए है जिनकी आय 50 लाख से कम है और उन्हें वेतन, एक घर व ब्याज आदि से आय होती है। आईटीआर फोर उनके लिए है जो प्रिजम्पटिव इनकम स्कीम के तहत रिटर्न दाखिल करना चाहते हैं।
आईटीआर दाखिल करने के लिए यह फॉर्म रखें तैयार
फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र, मेडिकल बीमा, गृह ऋण, शिक्षा ऋण आदि के डिटेल्स, आधार और पैन कार्ड। इसके अतिरिक्त इस साल में हुए बदलाव को ध्यान में रखते हुए एचआरए की डिटेल्स में वर्क पैलेस, वास्तविक एचआरए रिसिव, वास्तविक एचआरए भुगतान, बेसिक सैलरी की जानकारी, 80सी, 80डी, 80ई, 80ईई, 80ईईए और 80 ईईबी के दावा के समय अब पालिसी नंबर, बैंक के नाम, ऋण की जानकारी देना अनिवार्य है। गलत या अधूरी जानकारी देने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।
अब 15 सितंबर तक दाखिल हो सकेगा आईटीआर
सीए आशीष रोहतगी, सीए रश्मि गुप्ता ने बताया कि आईटीआर फॉर्म जारी में होने वाली विलंब को देखते हुए विभाग ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा चुका है।
इसके लिए बीते सप्ताह ही अधिसूचना जारी की गई थी। इसके तहत अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर कर दिया गया है। ऐसे में अब आयकर दाताओं को अपने-अपने आयकर रिटर्न दाखिल कर अंतिम समय में होने वाली भीड़ से बच सकते हैं।
अब नहीं दौड़ना पड़ेगा इधर-उधर, रिम्स में हाईटेक सेंट्रल लैब शुरू
9 Jun, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। रिम्स में बन रहा सेंट्रल लैब पूरी तरह से तैयार हो गया है, अगले दो-तीन दिनों में भवन निर्माण विभाग इसे रिम्स को हैंडओवर कर देगा, जिसके बाद रिम्स प्रबंधन की ओर से इसका उद्घाटन कर जांच की सुविधा शुरू की जाएगी।
इस नए लैब का निर्माण करीब 75 लाख रुपये से किया गया है, जहां एक ही छत के नीचे सभी तरह के जांच की सुविधा मरीजों को उपलब्ध हो जाएगी और उब मरीजों को विभिन्न जांचों के लिए अलग-अलग तल्ले पर जाना नहीं होगा।
इस लैब में मरीजों को विभिन्न प्रकार की जांच सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जैसे कि पैथोलाजी जांच जहां रक्त, मूत्र, मल और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों की जांच हो सकेगी।
साथ ही बायोकेमिस्ट्री जांच, जहां रक्त में विभिन्न रसायनों के स्तर की जांच होगी। माइक्रोबायोलॉजी जांच, जहां वायरल इंफेक्शन व संक्रमण पैदा करने वाले जीवाणुओं की पहचान। हिस्टोपैथोलाजी जांच, जहां ऊतकों की जांच करके बीमारियों का पता चलेगा।
क्या बोले डॉक्टर?
रिम्स पीआरओ डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि सेंट्रल लैब के बनने से रिम्स में मरीजों को जांच सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी, जिससे उनका समय और परेशानी से बचेंगे।
साथ ही, लैब की आधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ तकनीशियन मरीजों को सटीक और विश्वसनीय जांच परिणाम प्रदान करेंगे।
मरीजों को जांच रिपोर्ट लेने के लिए भी भटकना नहीं पड़ेगा, उन्हें ग्राउंड फ्लोर में ही अलग से काउंटर बनाए गए हैं जहां पर आसानी से वे रिपोर्ट ले सकेंगे। आने वाले समय में मोबाइल पर भी रिपोर्ट देने की व्यवस्था की जाएगी।
मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं
एक ही छत के नीचे जांच सेवाएं
आधुनिक सुविधाएं
विशेषज्ञ तकनीशियन
एमबीबीएस सीट बढ़ने में भी होगा मददगार
लैब के बन जाने के बाद मरीजों के साथ-साथ एमबीबीएस सीट 250 करने में भी आसानी होगी। सीट बढ़ाने के लिए वर्तमान आधारभूत संरचना, फैकल्टी और व्यवस्था को पहले ही दुरुस्त करने संबंधित दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। कहा गया था कि क्षमता के अनुसार लैब, हास्टल सहित अन्य सुविधा का आकलन जरूरी है।
लैब में अभी नहीं लगी है मशीनें
सेंट्रल लैब में अत्याधुनिक मशीने लगायी जाएगी। हालांकि अभी तक मशीने आयी ही नहीं है। इन मशीनों में आटो एनालाइजर, यूरिन आटो इनालाइजर, काग्लेशन ऑटो इनालाइजर, हेमेटोलाजी आटोएनालाइजर मशीनें शामिल हैं।
लैब के शुरू होने से 24 घंटे ब्लड जांच की सुविधा मरीजों को मिलेगी। जांच के साथ-साथ रिपोर्ट भी मरीजों को यहीं पर मिलेगी। अभी लैब को पूरी तरह संचालित होने में वक्त लग सकता है, प्रबंधन इसके शुरू होने की सटीक समय बताने में असमर्थ है।
भाजपा का सांगठनिक ढांचा मजबूत करने की तैयारी, मंडल अध्यक्षों की सूची तैयार
9 Jun, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। भारतीय जनता पार्टी के सभी 517 मंडलों में अध्यक्ष समेत कमेटी का चयन कर प्रदेश नेतृत्व को भेज दिया गया है। इस पैनल को बनाने के लिए महीने भर तक रायशुमारी की प्रक्रिया चलाई गई।
हालांकि, तय समय से करीब महीने भर की देरी हो चुकी है। लेकिन इस सप्ताह प्रदेश कमेटी द्वारा मंडल अध्यक्षों के पैनल को घोषित किए जाने की संभावना है।
मंडल अध्यक्षों के नाम पर रायशुमारी के लिए प्रदेश भाजपा ने जिन नेताओं को पर्यवेक्षक बनाया था उनकी रिपोर्ट भी मिल चुकी है।
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और जिला से मिली रायशुमारी को मिलाकर प्रदेश नेतृत्व नामों को अंतिम रूप दे रहा है। प्रदेश संगठन प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी को भी चुनाव प्रक्रिया की जानकारी दे दी गई है।
517 मंडल अध्यक्षों में आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग समेत प्रमुख सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व मिलने की जांच पूरी कर भाजपा लिस्ट जारी करेगी।
निकाय चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे मंडल अध्यक्ष
प्रदेश में इस साल के अंत तक स्थानीय निकाय चुनाव होने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर कमेटी का गठन करने में भाजपा ने निकाय चुनाव का भी ध्यान रखा है।
मंडल स्तर पर प्रमुख जाति समूह को प्रतिनिधित्व देकर निकाय चुनाव में प्रभावी भूमिका निभाने की तैयारी की गई है।
लिस्ट जारी होने के बाद किसी तरह के असंतोष से बचने के लिए पार्टी ने प्रदेश और जिला दो स्तर पर पर्यवेक्षक भेजे थे।
झारखंड में फरार अपराधियों की अब खैर नहीं, पुलिस ने बनाया खास प्लान
8 Jun, 2025 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड पुलिस राज्य के फरार अपराधियों व उनपर दर्ज कांडों का डेटाबेस तैयार कर रही है। इन फरार अपराधियों पर उनपर दर्ज कांडों के आधार पर दो लाख रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा की जानी है।
सभी जिलों में इससे संबंधित सूची तैयारी होनी है। सूची में शामिल फरार अपराधियों की धर-पकड़ के लिए झारखंड पुलिस आम जनता से सहयोग लेगी।
आठ मई को ही राज्य कैबिनेट की बैठक में इसपर स्वीकृति मिली थी। इसके बाद गृह विभाग ने इससे संबंधित संकल्प भी जारी किया था। गृह विभाग से जारी संकल्प के आधार पर ही अपराधियों के डेटाबेस को अद्यतन किया जा रहा है।
सभी बदमाशों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
पुलिस के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार इनाम की सूची में संगठित अपराध में शामिल फरार अपराधियों को प्रमुखता मिलेगी।
ये वहीं अपराधी हैं, जिन्होंने लेवी-रंगदारी के लिए राज्य के कोयला कारोबारियों, जमीन कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों, ठेकेदारों, रियल इस्टेट कारोबारियों का सुख-चैन छीन रखा है।
जिन्हें इनाम की सूची में शामिल करने की तैयारी है, उनमें सुजीत सिन्हा गैंग, मारे गए अमन साहू के गैंग के अपराधी, विकास तिवारी गिरोह, अमन श्रीवास्तव गिरोह, अमन सिंह गिरोह से जुड़े फरार अपराधी शामिल हैं। पुलिस इनकी कुंडली खंगाल रही है।
अपराधियों के लिए इनाम की राशि होगी घोषित
राज्य में अधिकतम 400 फरार माओवादियों, उग्रवादियों या अपराधियों के लिए इनाम की राशि की घोषणा होनी है।
जारी संकल्प के अनुसार एसपी एक लाख रुपये तक के पुरस्कार की घोषणा कर सकते हैं। डीआइजी को एक लाख से ऊपर व पांच लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा की शक्ति दी गई है।
डीजी को पांच लाख से अधिक व दस लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा की शक्ति दी गई है। राज्य के गृह मंत्री के पास दस लाख से 20 लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा की शक्ति दी गई है।
वहीं, 20 लाख से 30 लाख रुपये तक के इनाम की घोषणा की शक्ति मुख्यमंत्री के पास रहेगी। फरार अपराधियों की सूचना देने वालों के नाम गुप्त रखे जाएंगे।
पुरस्कार की राशि की वैधता दो वर्षों के लिए होगी। अपराधियों के नहीं पकड़े जाने की स्थिति में इनाम की राशि में संशोधन होगा।
सरकारी लापरवाही के बीच इंसानियत की मिसाल बना प्राइवेट अस्पताल
8 Jun, 2025 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के हजारीबाग से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां जिला अस्पताल में तैनात नर्सों ने एक गर्भवती को भर्ती करने से इनकार कर दिया. कहा- तुम्हारे शिशु की गर्भ में ही मौत हो गई है. इसके बाद गर्भवती महिला को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया. फिर यहीं पर महिला की डिलीवरी हुई. उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं.
विनोद साव ने बताया- चालकुशा प्रखंड से करीब 120 किलोमीटर की यात्रा कर वो बुधवार को पत्नी मनीषा देवी को हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर पहुंचा. लेकिन नर्सों ने पत्नी के हीमोग्लोबिन के स्तर को कम बताया और कहा कि भ्रूण की गर्भ में मौत हो चुकी है.
प्राइवेट अस्पताल में स्वस्थ बच्चा पैदा हुआ
फिर भी विनोद साव पत्नी को जिले के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां मनीषा ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया. विनोद साव ने कहा, ‘सुरक्षित प्रसव के लिए मैं सेंट कोलंबा मिशन हॉस्पिटल के चिकित्सकों का धन्यवाद करता हूं.’
उपायुक्त ने दिए जांच के आदेश
उधर मामले ने तूल पकड़ा तो हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने शुक्रवार को इस पूरे मामले की जांच का आदेश देते हुए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक को निर्देश दिया कि इस घटना की जांच के लिए समिति गठित की जाए. उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा, ‘सरकारी अस्पतालों का काम मरीजों को कम कीमत पर बेहतर इलाज मुहैया कराना है, लेकिन यहां इलाज करने से इनकार किया गया. मैंने अस्पताल प्रशासन को इस संबंध में जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया है.’
जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ
निजी अस्पताल के मालिक डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि मनीषा को यहां भर्ती करने के बाद कई जरूरी जांच कराई गईं, जिनकी रिपोर्ट संतोषजनक आई. इसके बाद महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. डॉ. कुमार ने कहा, ‘मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं.’
चुनाव से पहले मनीष कश्यप ने छोड़ी BJP, सोशल मीडिया पर किया ऐलान
8 Jun, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, बिहार के पॉपुलर यूट्यूबर मनीष कश्यप अब भाजपा से अलग हो गए हैं। उन्होंने खुद इस बात की घोषणा की है।
मनीष कश्यप ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें वह कह रहे हैं कि अब वे भाजपा का सदस्य नहीं हैं।
वीडियो में उन्हें यह भी कहते हुए सुना जा रहा है कि वह चनपटिया गए थे, उन्होंने कई इलाकों का दौरा किया। इतना ही नहीं, मनीष ने कई लोगों से मुलाकात भी की। इसके बाद उन्होंने भाजपा को छोड़ने का फैसला लिया।
मनीष ने बताया कि उन्हें अब बिहारियों और मजदूरों के लिए लड़ना है। इसके अलावा, बिहार से जो पलायन हो रहा है, उसे रोकने के लिए लड़ना है। उन्होंने कहा कि जब वह पार्टी में थे, तब भी इस संबंध में आवाज उठाते रहे हैं।
मनीष ने आगे कहा कि अब उन्हें ऐसा लगता है कि पार्टी में रहकर वह इस मुद्दों पर जोरदार तरीके से आवाज नहीं उठाया पाएंगे, इस वजह से उन्होंने भाजपा छोड़ने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग इस फैसले से दुखी होंगे, लेकिन सभी को पता है कि यह निर्णय लेने के लिए उन्हें मजबूर किया गया।
2024 का लोकसभा चुनाव लड़कर खेल बिगाड़ देता- मनीष
मनीष ने कहा कि बहुत सारे नेता कह रहे थे कि मनीष कश्यप महत्वकांक्षी है, लेकिन मैं ऐसा नहीं था। अगर ऐसा होता तो 2024 का लोकसभा चुनाव लड़कर उनका खेल बिगाड़ देता।
हालांकि, मैनें चीजों को समझा। तब मुझे लगा कि इन लोगों के साथ रहकर मैं लोगों की ठीक तरह से मदद कर पाऊंगा।
मनीष ने कहा कि आज हालत ऐसी है कि जो मनीष कश्यप अपनी मदद नहीं कर पा रहा है, वह अपने लोगों की कैसे कर पाएगा? इसलिए मैंने भारतीय जनता पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है।
पटना में चार थानेदार सस्पेंड, सात थानों में नए इंस्पेक्टर की तैनाती
8 Jun, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राजधानी के चार थानेदारों को लाइन क्लोज कर दिया। साथ ही सात थानों में नए इंस्पेक्टर की तैनाती की गई है। वहीं, तीनों थानों में लंबित कांडों का निष्पादन करने के लिए नए पर्यवेक्षी पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। शनिवार की शाम एसएसपी अवकाश कुमार ने इसकी अधिसूचना जारी की। बताया जाता है कि बुद्धा कालोनी थानेदार सदानंद साह, पाटलिपुत्र थानेदार राजकिशोर कुमार, बिहटा थानेदार राजकुमार पांडेय और पंडारक थानेदार सह दारोगा साधना कुमारी को लाइन हाजिर किया गया है।
साधना कुमारी को छोड़ लाइन हाजिर होने वाले सभी थानेदार इंस्पेक्टर संवर्ग के हैं। उनके स्थान पर दीघा कांड पर्यवेक्षी पदाधिकारी सह इंस्पेक्टर विजय कुमार यादवेंदु को बुद्धा कालोनी, खगौल थानेदार को पाटलिपुत्र और खगौल कांड पर्यवेक्षी पदाधिकारी शशि कुमार राणा को बिहटा थाने की कमान सौंपी गई है।
पंडारक थाने की कमान अभी अपर थानेदार के हाथ में दी गई
वहीं, पंडारक थाने की कमान अभी अपर थानेदार के हाथ में दी गई है। नवगछिया से आए इंस्पेक्टर राहुल कुमार को आलमगंज, साइबर थाने में तैनात अमित कुमार को हवाईअड्डा, फुलवारीशरीफ कांड पर्यवेक्षी पदाधिकारी राजकुमार सिंह को खगौल और हवाईअड्डा थानेदार को मोकामा का नया थानेदार बनाया गया है।
मोकामा थानेदार महेश्वर प्रसाद को दीघा थाना कांड पर्यवेक्षी पदाधिकारी, आलमगंज थानेदार राजीव कुमार को फुलवारीशरीफ कांड पर्यवेक्षी पदाधिकारी एवं पुलिस लाइन से कुमार अभिनव को खगौल व शाहपुर थानों के कांड पर्यवेक्षी पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है।
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