बिहार-झारखण्ड
शिकारी खुद हुआ शिकार! घर में घुसे टाइगर को ग्रामीणों ने दबोचा, बांधकर किया कैद
26 Jun, 2025 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड की राजधानी रांची में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक गांव में शिकार करने पहुंचे आदमखोर बाघ को गांव वालों ने बंधक बना लिया है. मामले की जानकारी होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. बाघ को देखने के लिए लोगों का हुजूम उस घर के बाहर पहुंच गया, जहां उसे कैद किया हुआ था. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम बाघ के रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंच गई है.
रांची के सिल्ली विधानसभा के मारदू गांव में रहने वाले पुरंदर महतो को बुधवार सुबह को अपने घर के एक कमरे से कुछ अजीबोगरीब आवाज सुनाई दी. इसके बाद जब उसने कमरे में झांककर देखा तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गई. उसने देखा कि कमरे में एक आदमखोर बाघ घुसा हुआ है. पुरंदर महतो ने समझदारी और साहस का परिचय देते हुए बाघ को बिना छेड़े और बिना शोर मचाए बहुत ही सावधानी से कमरे के गेट को बाहर से बंद कर दिया.
बाघ की सूचना पर गांव में मचा हड़कंप
इसके बाद उसने गांव वालों और वन विभाग की टीम को मामले की जानकारी दी. गांव में बाघ के होने की सूचना होते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया. गांव के लोग डरते-डरते अपने घरों से बाहर निकले और उस घर के बाहर एकत्रित हो गए, जहां बाघ कैद था. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम बेहोशी की इंजेक्शन देकर बाघ का रेस्क्यू करेगी. बाघ के गांव में पहुंचने के बाद से ही वन विभाग के साथ-साथ गांव वालों के लिए भी एक नई चिंता का विषय पैदा हो गया है.
पलामू टाइगर रिजर्व से बुलाई गई रेस्क्यू टीम
पलामू टाइगर रिजर्व से वन विभाग की स्पेशलिस्ट टीम को बाघ को रेस्क्यू करने के लिए बुलाया गया है. इस घटना के बाद से ही में गांव वालों डर और दहशत माहौल पैदा हो गया है.आपको बता दें कि इससे पहले झारखंड के गढ़वा और लातेहार जिले में तेंदुए के आतंक से लोग काफी परेशान हुए थे. आधा दर्जन गांव वालों को शिकार बनाने के बाद शिकार बनाते हुए एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार था.
नीतीश कुमार का 'पुराना दांव' फिर चलेगा? बिहार में वोटर लिस्ट का होगा वही बदलाव, सत्ता की राह आसान
25 Jun, 2025 06:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में आज बुधवार से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा. इस गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सत्यापन के लिए घर-घर सर्वेक्षण करेंगे. वे 26 जुलाई तक मतदाताओं का नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित किए जाने से संबंधित आवेदन पत्रों को स्वीकार करेंगे. चुनाव आयोग ने इसे आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं.
गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची (ER) में शामिल किए जाएं ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें. मतदाता सूची में किसी भी अपात्र मतदाता का नाम शामिल न हो और मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाई जा सके.
आखिरी बार हुआ कब हुआ था?
बिहार के लिए अंतिम गहन पुनरीक्षण 2003 में किया गया था. यानी नीतीश कुमार के दौर से पहले चुनाव आयोग ने ये कार्य किया था. नीतीश 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री बने हुए हैं. वह साल 2000 में पहली बार सीएम बने थे, लेकिन सिर्फ 8 दिन के लिए.
विशेष पुनरीक्षण करते समय चुनाव आयोग मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए पात्रता और मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए अयोग्यताओं के संबंध में संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन करेगा, जो क्रमशः संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 में स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं.
क्या कहता है कानून?
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 23 के अनुसार, मतदाता के रूप में नामांकन के लिए पात्रता की शर्तों को ERO द्वारा उनकी संतुष्टि के लिए पहले से ही सत्यापित किया जा रहा है. अब पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक होगा कि जिन दस्तावेजों के आधार पर ERO की संतुष्टि होती है, उन्हें ईसीआईएनईटी में भी अपलोड किया जाए क्योंकि वर्तमान तकनीक का स्तर ऐसा करने में सक्षम है.
हालांकि, गोपनीयता के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए ये दस्तावेज केवल अधिकृत चुनाव अधिकारियों के लिए ही होंगे. किसी भी राजनीतिक दल या मतदाता द्वारा उठाए गए किसी भी दावे और आपत्ति के मामले में ईआरओ की संतुष्टि होने से पहले एईआरओ इसकी जांच करेगा. अधिनियम की धारा 24 के तहत, ईआरओ के आदेश के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी अपील की जा सकती है.
चुनाव आयोग द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार आज से अगले महीने की 26 जुलाई तक बीएलओ (BLO) घरों में जाकर मतदाताओं का नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित किए जाने से संबंधित आवेदन पत्रों को स्वीकार करेंगे. अगस्त में इसके आधार पर वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित होगा. उसके बाद 1 अगस्त से 1 सिंतबर तक दावा-आपत्तियां ली जाएंगी. इनका निपटाना करने के बाद 30 सितंबर को आखिरी वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी.
इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची (ईआर) की अखंडता बनाए रखना आवश्यक है. यह सुनिश्चित करना कि सभी पात्र नागरिक निर्वाचन क्षेत्र में शामिल हों और कोई भी पात्र मतदाता निर्वाचन क्षेत्र से बाहर न रह जाए. यह सुनिश्चित करना कि कोई भी अयोग्य मतदाता निर्वाचन क्षेत्र में शामिल न हो. मृत/स्थानांतरित/अनुपस्थित मतदाताओं के नाम हटाना.
कैसे होगा ये कार्य?
ईआरओ को आदेश की तिथि तक सभी मौजूदा मतदाताओं के लिए पहले से भरे हुए फॉर्म (EF) को प्रिंट करना होगा और इसे बीएलओ को देना होगा. बीएलओ घर-घर जाकर सभी मौजूदा मतदाताओं को ईएफ वितरित करेंगे. ईएफ ईसीआई वेबसाइट/ईसीआईएनईटी पर उपलब्ध होगा जिसे वह मतदाता डाउनलोड कर सकता है जिसका नाम आदेश की तिथि तक मतदाता सूची में है.
सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए पूरी प्रक्रिया में शामिल होंगे. बीएलओ ईएफ भरने के संबंध में लोगों की मदद करेंगे. बीएलओ जनता से आवश्यक दस्तावेजों के साथ ईएफ एकत्रित करेंगे. दावों और आपत्तियों पर निर्णय के बाद अंतिम मतदाता सूची ईआरओ द्वारा प्रकाशित की जाएगी.
इस बार क्या-क्या अलग हो रहा?
पहली बार मतदान केंद्रों पर मोबाइल डिपॉजिट की सुविधा होगी.
भीड़भाड़ कम करने के लिए चुनाव आयोग प्रति मतदान केंद्र में मतदाताओं की संख्या भी 1,500 से घटाकर 1,200 कर देगा.
घनी आबादी वाले शहरी इलाकों को टारगेट करते हुए हाई राइज सोसाइटी और आवासीय कॉलोनियों में अतिरिक्त बूथ स्थापित किए जाएंगे.
मतदाता सूचना पर्चियों में भी बदलाव किया जा रहा है. चुनाव आयोग को उम्मीद है कि आसानी से पढ़ने के लिए सीरियल और पार्ट नंबर को बड़ा करके प्रत्येक मतदाता के प्रोसेसिंग समय में 20-30 सेकंड की कटौती की जाएगी, जिससे कतारें छोटी होंगी और मतदान आसान होगा.
चुनाव आयोग के अभियान पर बीजेपी-कांग्रेस ने क्या कहा?
चुनाव आयोग के इस कदम पर बीजेपी के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा, ‘ ये फैसला बहुत महत्वपूर्ण है. जब यहां पर कांग्रेस और आरजेडी का शासन था तब उन लोगों ने वोटबैंक के लिए देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया. उन्होंने बांग्लादेश के घुसपैठियों को बिहार का वोटरकार्ड इश्यू करवा दिया. ऐसे स्थिति में चुनाव आयोग का ये फैसला अतिमहत्वपूर्ण है. इससे बांग्लादेशी और अन्य विदेशी नागरिकों की पहचान होगी. उन्हें भारत से बाहर निकालने में मदद मिलेगी.’
कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि जिस महाराष्ट्र में 5 साल में 31 लाख वोटर्स बढ़े थे, उसी महाराष्ट्र में 5 महीने में 41 लाख वोटर बढ़ाने वाला चुनाव आयोग स्पष्ट समझ ले कि बिहार में किसी भी तरह की गड़बड़ी हुई तो BLO से लेकर राज्य निर्वाचन अधिकारी तक को कोर्ट में घसीटेंगे. हमने पूरी तैयारी कर ली है. महाराष्ट्र वाली गलती यहां दोहराने की कोशिश मत करिएगा.
जिंदा शख्स का पोस्टमार्टम! बिहार में फर्जीवाड़े की हदें पार, डॉक्टरों-अस्पताल की 'अनोखी' करतूत
25 Jun, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के बिक्रमगंज थाना क्षेत्र में एक शख्स का एक्सीडेंट हुआ और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. 5 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद सड़क हादसे में घायल हुए व्यक्ति की छठे दिन मौत हो गई. लेकिन उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट 5वें दिन ही तैयार कर दी गई यानी एक दिन पहले ही शख्स को पेपर्स में मार दिया गया. इसके बाद एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग के काम पर सवाल उठने लगे.
दरअसल, ये मामला 16 मई का है, जब बिक्रमगंज-नटवार रोड स्थित एसडीओ आवास के पास एक धनगाई के रहने वाले सत्यनारायण गुप्ता के साथ भीषण सड़क हादसा हो गया था. हादसे के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनका जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था. लेकिन 22 मई को उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और उनकी मौत हो गई.
1 दिन पहले तैयार पोस्टमार्टम रिपोर्ट
सत्यनारायण गुप्ता की 22 मई को मौत हुई. लेकिन उनकी अस्पताल में डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट 21 मई की तैयार कर दी थी. जबकि उनका 22 मई को ही पोस्टमार्टम हुआ, जिसके लिए शव को सदर अस्पताल सासाराम अनुरोध पत्र के साथ भेजा गया था. सत्यनारायण गुप्ता के बेटे ने उनके शव को पोस्टमार्टम हाउस से विधिवत रूप से लिखित रसीद के साथ लिया. लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें पोस्टमार्टम की तारीख 21 मई यानी मौत से एक दिन पहले की डाली गई थी.
मृतक के बेटे को हो रही परेशानी
इसके बाद जहां एक तरफ मृतक के बेटे को पिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गलत तारीख लिखने की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है. प्रधानमंत्री जनधन योजना में उन्हें दुर्घटना बीमा के क्लेम करने में दिक्कत हो रही है. वहीं दूसरी तरफ ये मामला सिविल सर्जन, डीएम, स्वास्थ्य विभाग के सचिव के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के सचिव तक पहुंच गया.
पीड़ित मृतक के बेटे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से गलत तारीख की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की गई है. अब उन्हें इसकी वजह से परेशानी झेलने पड़ रही है. उन्हें पिता के दुर्घटना बीमा के क्लेम करने में भी बाधा हो रही है.
जगदीप धनखड़ का बिहार प्रेम: मुजफ्फरपुर में बोले- 'बिहार ही भारत की आत्मा', विरासत को किया नमन
25 Jun, 2025 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम के दौरान बिहार की गौरवशाली विरासत की तारीफ की. उन्होंने कहा कि बिहार केवल एक राज्य नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा है. उन्होंने कहा कि यह वो धरती है, जहां बुद्ध और महावीर का बोध, चंपारण का प्रतिरोध और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का संविधान निर्माण, सब एक ही धरातल पर मिलते हैं.
मुजफ्फरपुर के ललित नारायण मिश्रा कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए धनखड़ ने कहा कि बिहार की भूमि भारत की दार्शनिक नींव का जन्मस्थल है. बिहार बुद्ध, महावीर और डॉ राजेन्द्र प्रसाद की विरासत का संगम है. ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड और कैम्ब्रिज को मिला लें तो भी नालंदा की बराबरी नहीं हो सकती.
चंपारण केवल एक सत्याग्रह नहीं था
उपराष्ट्रपति ने कहा कि चंपारण केवल एक सत्याग्रह नहीं था, वह राष्ट्र-निर्माण की नई व्याकरण की शुरुआत थी. बिहार वह भूमि है जहां प्राचीन ज्ञान, सामाजिक न्याय और आधुनिक आकांक्षाएं साथ-साथ चलती हैं. जब आजादी की बात होती है, तो चंपारण सत्याग्रह का उल्लेख अनिवार्य है, जो बिहार की पवित्र धरती पर हुआ था. 1917 में महात्मा गांधी जी ने अपना पहला सत्याग्रह आंदोलन चंपारण में शुरू किया.
बिहार प्राचीन काल में वैश्विक शिक्षा का केंद्र था
धनखड़ ने कहा कि बिहार प्राचीन काल में वैश्विक शिक्षा का केंद्र था. नालंदा, विक्रमशिला और ओदांतपुरी, ये केवल विश्वविद्यालय नहीं थे, ये सभ्यता थे. पांचवीं शताब्दी में नालंदा एक रेजिडेंशियल यूनिवर्सिटी थी, जहां चीन, कोरिया, जापान, तिब्बत और मध्य एशिया से लोग ज्ञान अर्जित करने आते थे. यह तीनों संस्थान हमारे लिए हमेशा प्रेरणा रहेंगे कि हम कहां थे और हमें कहां पहुंचना है.
ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड और कैम्ब्रिज…नालंदा के बराबर नहीं
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज भी ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड और कैम्ब्रिज को मिला लें, तो नालंदा की बराबरी नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय था, हमें जयप्रकाश नारायण जैसी विभूतियों को सदैव स्मरण रखना होगा. धनखड़ ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैं उस समय केंद्र में मंत्री था जब मंडल आयोग लागू हुआ और आज जब मैं राज्यसभा का सभापति हूं, कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न से सम्मानित होते देखना मेरे लिए गौरव की बात है. सामाजिक न्याय की नींव में बिहार का योगदान अमिट है.
विकास को मिलेगी नई रफ्तार: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का पटना में ऐलान- बिहार में स्थापित होगा पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र
25 Jun, 2025 12:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिहार में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने का ऐलान किया है. उन्हेंने कहा कि बिहार सरकार की मांग पर परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए केंद्र सरकार हर सहायता देने को तैयार है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का बिहार को भरपूर फायदा मिल रहा है. सूबे की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के मद्देनजर केंद्र सरकार ने प्रदेश में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने में भरपूर मदद का ऐलान किया है. इसके साथ ही राज्य में पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाए जाने का रास्ता साफ हो गया है.
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को पटना में ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे. यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और बताया कि देश की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब देश में छह स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) स्थापित किए जाएंगे. जिनमें से एक रिएक्टर बिहार में लगाया जाएगा. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार में परमाणु संयंत्र लगाने के लिए हर संभव मदद के लिए तैयार है.
हर राज्य में परमाणु संयंत्र का लक्ष्य
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार का लक्ष्य है कि हर राज्य में कम से कम एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया जाए. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देश की विकास दर बढ़ रही है, वैसे वैसे बिजली की मांग भी बढ़ रही है. ऐसे में परमाणु ऊर्जा एक भरोसेमंद, टिकाऊ और दीर्घकालिक विकल्प है.
जानें SMR, कैसे बदलेगा बिहार?
SMR यानी स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर, आधुनिक तकनीक से तैयार छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर होते हैं जिन्हें पारंपरिक रिएक्टरों की तुलना में कम समय, कम लागत और ज्यादा सुरक्षा के साथ लगाया जा सकता है. SMR को कम आबादी वाले क्षेत्रों या मध्यम ऊर्जा खपत वाले इलाकों में भी आसानी से लगाया जा सकता है. इनका रखरखाव आसान होता है और यह ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन का एक मजबूत विकल्प हैं. बिहार में SMR की स्थापना से राज्य को स्थायी ऊर्जा स्रोत, तकनीकी निवेश, हजारों रोजगार और उद्योगों को नई ऊर्जा मिलने की संभावना है.
बिहार के लिए ऐतिहासिक अवसर
राजधानी पटना में आयोजत ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन बिहार के लिए ऐतिहासिक रहा. यह पहली बार होगा जब बिहार में कोई परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित होगा. इसे राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है. अब सभी की निगाहें बिहार सरकार पर हैं कि वह इस प्रस्ताव को कैसे और कितनी जल्दी अमलीजामा पहनाती है.
बिगुल बजने वाला है! बिहार चुनाव की तैयारी में जुटा चुनाव आयोग,जानें क्या है 'रोडमैप'
25 Jun, 2025 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसको लेकर सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गए हैं. चुनाव के मद्देनजर बुधवार (25 जून) से सूबे में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा. भारत निर्वाचन आयोग ने इसको लेकर निर्देश जारी किया है, जिसके तहत अयोग्य नामों को हटाते हुए सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जा सकेगा. गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे.
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार 25 जून से अगले महीने की 26 जुलाई तक बीएलओ (BLO) घरों में जाकर मतदाताओं का नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित किए जाने से संबंधित आवेदन पत्रों को स्वीकार करेंगे. अगस्त में इसके आधार पर वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित होगा. उसके बाद 1 अगस्त से 1 सिंतबर तक दावा-आपत्तियां ली जाएंगी. इनका निपटाना करने के बाद 30 सितंबर को आखिरी वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी.
चुनाव आयोग का कैलेंडर
25 जून से 27 जुलाई तक- बीएलओ को वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई जाएगी. इसके आधार पर बीएलओ घर-घर जाकर नए नाम जोड़ने, हटाने, संशोधित करने संबंधित आवेदन स्वीकार करेंगे. इस दौरान 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण भी सुनिश्चित कर लिया जाएगा. 27 जुलाई से 31 जुलाई तक – प्राप्त हुए फॉर्म के आधार पर वोटर लिस्ट का अपडेशन किया जाएगा. 1 अगस्त 2025- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी. 1 अगस्त से 1 सितंबर तक – ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के आधार पर दावा-आपत्तियां ली जाएंगी. 25 सितंबर तक- निर्वाची निबंधक पदाधिकारियों के द्वारा दावा-आपत्तियों का निष्पादन किया जाएगा. 27 सितंबर तक- केंद्रीय निर्वाचन आयोग से अंतिम प्रकाशन की अनुमति ली जाएगा. 30 सितंबर- वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन होगा.
गहन पुनरीक्षण अभियान का मकसद
निर्वाचन आयोग के मुताबिक मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो ता कि वो अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें. साथ ही कोई भी अपात्र शख्स वोटर लिस्ट में शामिल न साथ ही लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रहे. निर्वाचन आयोग पर बीजेपी की मदद के लिए मतदाताओं के आंकड़ों में हेराफेरी करने के आरोपों के बीच इस प्रक्रिया से मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता आएगी.
बिहार में अंतिम गहनपुनरीक्षण2003 में किया गया था. निर्वाचन आयोग का कहना है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण, लगातार पलायन, युवाओं का मतदान के लिए पात्र होना, मौत हो जाने वाले व्यक्तियों की सूचना न देना और घुसपैठियों के नाम सूची में शामिल होने जैसे कई कारणों से मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की जरूरत है.
बिहार में 'सुरक्षित कौन?' BJP विधायक मुरारी प्रसाद गौतम के घर चोरी, CM आवास के पास से उड़ाया सामान
25 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वह आम जगहों के साथ-साथ VIP एरिया में भी घरों को निशाना बना रहे हैं. अब सचिवालय थाना क्षेत्र के 12, सर्कुलर रोड से चोरी का मामला सामने आया है, जहां चोरों ने एक मंत्री के आवास पर चोरी की. चोरों ने मंत्री के घर से पंखा, कूलर और घर पर लगी नल की टोटी चुरा ली.
महागठबंधन सरकार में कांग्रेस कोटे से मंत्री रहे मुरारी प्रसाद गौतम के सरकारी आवास में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है. मुरारी प्रसाद गौतम का आवास हाई प्रोफाइल और हाई सिक्योरिटी इलाके में है. गौतम के आवास के सामने सीएम नीतीश कुमार का सरकारी आवास है, जबकि बगल में पूर्व सीएम राबड़ी देवी का सरकारी आवास है. मुरारी प्रसाद गौतम ने सत्ता बदलने के बाद एनडीए को समर्थन दिया था और बाद में बीजेपी में वह शामिल हो गए थे. अब वह विधायक हैं.
नल की टोटी, बैड और फैन की चोरी
पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम के सरकारी आवास में घुसे चोरों ने पंखा-कूलर की तो चोरी की ही, साथ ही घर से नल की टोटी तक को भी उखाड़कर ले गए. इस बारे में पूर्व मंत्री ने बताया कि 22 जून को मुझे चोरी की जानकारी मिली. जैसे ही मैं घर आया तो देखा कि क्या-क्या चोरी हुई है. नल की टोटी, बैड और फैन भी चोरी हुआ है. ऐसा लग रहा है कि नशा करने वालों ने घटना को अंजाम दिया है.
झुग्गी झोपड़ी के लोगों पर लगाया आरोप
उन्होंने आगे कहा कि अब इस चोरी की घटना की लिखित शिकायत थाने में दी गई है. थाने के पदाधिकारी आए थे. वो निरीक्षण करके गए हैं. मामले की जांच की जाएगी. पूर्व मंत्री मुरारी गौतम ने कहा कि आसपास में कुछ असामाजिक तत्व के लोग रहते हैं. मैं चाहता हूं कि उन पर कार्रवाई हो. मैंने पहले भी कार्रवाई के लिए मांग की थी. लेकिन कुछ राजनीतिक दलों द्वारा प्रेशर बनाया जाता है कि झुग्गी झोपड़ी वाले कहां जाएंगे? निश्चित तौर पर झुग्गी झोपड़ी वाले ही चोरी करते हैं.
भाभी जी' के नाम से कुख्यात महिला, बिहार से झारखंड तक फैलाया ड्रग्स का जाल
25 Jun, 2025 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड की राजधानी रांची में एक महिला ड्रग तस्कर ने सरेंडर कर दिया है. ड्रग पेडलर इस महिला को ‘भाभी जी’ बुलाते हैं. वैसे इस महिला का असली नाम रूबी देवी है. पुलिस के अनुसार, रूबी बिहार के सासाराम की रहने वाली है. हाल के दिनों में पुलिस ने जिन ड्रग तस्करों को अरेस्ट किया है, उनमें से कई ने ‘भाभी जी’ का नाम लिया है.
पुलिस के मुताबिक, रांची में अरेस्ट किए गए अधिकांश ड्रग्स तस्करों ने इस बात को स्वीकार किया है कि वे सासाराम से ‘भाभी जी’ के जरिए ब्राउन शुगर प्राप्त करते थे और उसे रांची में लाकर अलग-अलग जगहों पर बेचते थे. कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोए ने बताया कि रिमांड के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिससे रांची और सासाराम के बीच फैले ड्रग्स नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं.
कोर्ट में ‘भाभी जी’ ने किया सरेंडर
डीएसपी के अनुसार, रांची पुलिस काफी समय से ‘भाभी जी’ की तलाश कर रही थी. जब उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, तो पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे रिमांड पर लिया. पूछताछ के दौरान रूबी देवी ने कई ऐसे नाम उजागर किए जो सासाराम से ड्रग्स लाकर रांची में बेचते थे. इन जानकारियों के आधार पर अब पुलिस ड्रग्स पेडलर्स के पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध तस्करी में केवल रूबी देवी ही नहीं, बल्कि उनका पूरा परिवार शामिल है. डीएसपी ने जानकारी दी कि उसके भाई पिंटू सहाय को पहले ही सासाराम से गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके अलावा उसका दूसरा भाई प्रिंस भी इस गोरखधंधे में सक्रिय भूमिका निभा रहा है. भाभी जी के खिलाफ अब तक सुखदेव नगर थाने में छह मामले दर्ज हो चुके हैं, और पुलिस अन्य थानों से भी उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी एकत्र कर रही है. भाभी जी तस्करों की डिमांड पर तुरंत ड्रग उपलब्ध करा देती थी.
सासाराम से खरीदते थे ड्रग्स
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि रांची से कई लोग नियमित रूप से सासाराम जाकर ड्रग्स खरीदते थे और शहर में बेचते थे. अब पुलिस उन सभी की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही है. डीएसपी प्रकाश सोए ने बताया कि इस नेटवर्क के जरिए न केवल मादक पदार्थों का कारोबार फल-फूल रहा था, बल्कि युवाओं का भविष्य भी बर्बाद हो रहा था. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस रैकेट को जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. इस पूरे मामले में पुलिस की सतर्कता और कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि रांची में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी सफलता मिलेगी.
जन्मदिन मनाने निकले तीन दोस्तों की बाइक को ट्रक ने रौंदा, मौके पर मौत
25 Jun, 2025 12:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के गुमला और सिमडेगा की सीमा पर कोलेबिरा थाना क्षेत्र के जामटोली के पास भीषण सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई. तीनों युवक एक दोस्त की बर्थडे पार्टी से बाइक पर सवार होकर वापस लौट रहे थे. तभी उनकी बाइक को तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मारकर उड़ा दिया. इस हादसे में दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. कोलेबिरा थाना की पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों की पहचान कोलेबिरा थाना के पहन टोली के रहने वाले मोनू टेटे, कोबाकेरा के रहने वाले सूरज बाघवार और अमृत बाघवार के रूप में की है. स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक तीनों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर बर्थडे पार्टी मनाने के लिए सिमडेगा से गुमला जिला के तपकरा डैम गए थे.
बाइक को मारी जोरदार टक्कर
तीनों दोस्तों ने डैम पर बर्थडे पार्टी की. पार्टी करने के बाद देर शाम वह तीनों एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने घर लौट रहे थे. तभी कोलेबिरा और गुमला के बीच एनएच 143 पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सूरज बाघवार और अमृत बाघवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक मोनू टेटे गंभीर रूप से घायल हो गया था. उसे स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया. लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया. इस तरह जन्मदिन का दिन ही इन्हीं में एक युवक का आखिरी दिन बन गया.
ट्रक चालक की तलाश में जुटी पुलिस
तीनों मृतक दोस्तों के शव को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ट्रक चालक की तलाश में जुट गई है. शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को तीनों का शव सौंप दिया गया और पार्टी करने गए तीनों युवकों के शव घर पहुंचे. सिमडेगा की इस घटना से पहले रांची के नामकुम थाना क्षेत्र के दुर्गा सोरेन चौक पर एक तेज रफ्तार कार ने रांची सिविल कोर्ट के पेशकार प्रवीर हांसदा और धनबाद में शिक्षक सोम सिन्हा को रौंद डाला था. इस घटना में भी दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. दोनों को टक्कर मारने के बाद जब कार चालक भाग रहा था. तभी उसकी कार का बैलेंस बिगड़ गया था और कार भी हादसे का शिकार हो गई थी, जिसमें कार चालक की भी मौत हो गई थी.
बिहार में 2003 के बाद फिर होगा सबसे बड़ा मतदाता सूची सुधार
24 Jun, 2025 07:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत चुनाव आयोग ने मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद वोटर लिस्ट में कई अहम सुधार करना है।
बिहार में इसी साल विधानसभा के चुनाव होने है। इसके लिए राज्य में सियासी गर्माहट अपने चरम पर है। कारण है कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी पहले से अधिक तेज कर दी है। इसी बीच भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने इस प्रक्रिया के लिए तय दिशा-निर्देशों और कार्यक्रम के अनुसार काम करने को कहा है। चुनाव आयोग की तरफ से इस विशेष पुनरीक्षण का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) में शामिल हों ताकि वे चुनाव में मतदान कर सकें। वहीं कोई भी अपात्र व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल न हो इसके साथ-साथ मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।
2003 के बाद हो रहा गहन पुनरीक्षण
बता दें कि बिहार में आखिरी बार ऐसा गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 में किया गया था। अब लगभग दो दशक बाद फिर से यह अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग का मानना है कि इससे राज्य में स्वच्छ और सटीक वोटर लिस्ट तैयार होगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी और हर योग्य नागरिक को मतदान का अधिकार मिलेगा।
मुखिया, सरपंच और वार्ड पार्षदों को अब मिलेगा बढ़ा हुआ भत्ता
24 Jun, 2025 07:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई. कैबिनेट की बैठक में कुल 46 एजेंडों पर मुहर लगी. कैबिनेट में कई बड़े प्रस्ताव पास हुए हैं, जिसमें मुख्य रूप से सबसे बड़ा निर्णय है कि गांव की गरीब बेटी के लिए सभी पंचायत मे विवाह भवन राज्य सरकार बनाएगी. यह मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत किया जाएगा.
जीविका दीदियों का मानदेय अब दोगुना
इसका संचालन जीविका दीदियों के माध्यम से होगा. जीविका दीदियों का मानदेय अब दोगुना कर दिया गया है. इसकी कैबिनेट में मंजूरी मिली है, अब इसके लिए करीब 700 करोड़ का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को करना होगा. जीविका दीदियों के जरिए संचालित की गई दीदी की रसोई पहले बड़े शहरों में चल रही थी. अब प्रखंड स्तर के सभी कार्यालय में जीविका दीदी ही खाना बनाएंगी, इसके लिए कैबिनेट में मंजूरी मिली है, प्रखंड स्तर तक दीदी की रसोई संचालित होगी.
अब मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब 20 थाली मिलेगी खाना, इसकोको संचालित भी जीविका दीदी ही करेगी. इसकी आज राज्य सरकार से मंजूरी मिल गई है यह एक जुलाई से लागू हो जाएगा. पंचायत प्रतिनिधियों को मृत्यु के बाद 500000 रुपये राज्य सरकार देगी, इसकी स्वीकृति आज कैबिनेट में मिल गई है, जो पंचायत प्रतिनिधि कार्यरत रहेंगे और कार्यरत के दौरान मृत्यु होगी उन्हें ही इसका लाभ मिलेगा.
वहीं पंचायत प्रतिनिधियों का मासिक भत्ता बढ़ाया गया है. जिला पार्षद, मुखिया, प्रमुख, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड पार्षद सभी का मासिक भत्ता 30 से 35% की बढ़ोतरी की गई है. इसमें जिला परिषद अध्यक्ष को पहले 12000 मिलते थे. उन्हें अब 18000 प्रति महीने मिलेंगे. जिला परिषद उपाध्यक्ष को 10000 से बढ़कर 15000 किया गया है. पंचायत समिति प्रमुख को 10000 से बढ़कर 15000, पंचायत समिति उप प्रमुख को 5000 से बढ़कर 7500, पंचायत के मुखिया को पहले 5000 था अब उसे 7500 हजार कर दिया जाएगा.
गांव के प्रतिनिधियों के भी बढ़ाए भत्ते
उपमुखिया का भत्ता 2500 से बढ़कर 3750 किया गया है. सरपंच का 5000 था जिसे बढ़ाकर 75000 हजार किया गया है. उपसरपंच का 2500से बढ़कर 3750 किया गया है. जिला परिषद सदस्य ढाई हजार से बढ़कर 3750 किया गया है .पंचायत समिति सदस्य का1000 था मासिक भत्ता था, जिसे बढ़ाकर डेढ़ हजार किया गया है. ग्राम पंचायत सदस्य यानी वार्ड पार्षद का मासिक भत्ता 800 था, जिसे बढ़ाकर 1200 किया गया है. ग्राम कचहरी पंच का भ 800 था जिसे बढ़ाकर 1200 किया गया है. परिवहन विभाग में अंतरराष्ट्रीय मार्गो पर बस के संचालन के लिए 75 एसी बसों को खरीदने के लिए 74 लाख रुपये का अनुमानित दर और 68 लाख रुपये प्रति बस की अनुमानित दर से 74 नन एसी बसों के खड़ीदने के लिए आज कैबिनेट में मंजूरी मिली.
25 करोड़ के गबन की बनाई थी योजना, अब चुकाने पड़ेंगे 150 करोड़
24 Jun, 2025 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में राजस्व संग्रह के लिए नित नए उपाय कर रही सरकार के लिए कुछ लापरवाह अधिकारी परेशानी खड़ी कर रहे हैं। इससे सरकारी खजाने को झटका लग सकता है और गलत तरीके से काम करने के बाद पैसा क्लेम करने वालों को मोटी रकम चुकानी पड़ सकती है।
मामला वर्ष 2011 में हुए सिकिदिरी हाइडल घोटाले से जुड़ा है। तत्कालीन झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड (जेएसईबी) और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के कुछ अधिकारियों ने मिलकर सिकिदिरी परियोजना की मरम्मत और जीर्णोद्धार के नाम पर घोटाले की योजना बनाई थी।
इसमें विद्युत बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन एसएन वर्मा, तत्कालीन सदस्य (वित्त) आलोक शरण, भेल के तीन वरिष्ठ अधिकारी और नॉर्दर्न पावर इरेक्टर के अधिकारी शामिल थे। इसमें फिलहाल सीबीआइ जांच चल रही है।
बता दें कि साजिश के तहत परियोजना के जीर्णोद्धार को दो चरणों में बांटा गया था। पहले चरण में छोटे-मोटे काम तत्काल करने थे और बंद परियोजना से बिजली उत्पादन शुरू करना था, जिसकी लागत 50 लाख से एक करोड़ रुपये थी।
यह काम उस समय के बिजली संकट का फायदा उठाने के लिए किया गया, जब झारखंड को महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही थी। दूसरे चरण में मशीन के फटे रोटर की मरम्मत जैसे बड़े काम शामिल थे, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
योजना यह थी कि पहले चरण का काम पूरा कर दूसरे चरण का काम शुरू नहीं कर शेष राशि का गबन कर लिया जाए। गबन उजागर होने के बाद जब भुगतान रोक दिया गया, तो कंपनी ने 20 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने अपने स्तर पर पूरी लापरवाही बरती। इसका नतीजा यह हुआ कि कोर्ट ने 20 करोड़ रुपये की राशि का आकलन ब्याज सहित करते हुए 150 करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।
इसकी जानकारी मिलने के बाद ऊर्जा निगम में हड़कंप है। ऊर्जा निगम ने कोर्ट में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखा और यह नहीं बताया कि उसने दूसरे चरण का काम नहीं किया है।
नतीजतन कोर्ट ने उत्पादन निगम द्वारा जारी कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र के आधार पर भेल के पक्ष में फैसला दे दिया। कोर्ट के विपरीत निर्णय आने के बाद ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने 11 माह तक अपील दायर नहीं की, जिससे मामला कालातीत हो गया। इसके बाद भेल ने निष्पादन केस दायर किया, ताकि ऊर्जा निगम से धनराशि वसूल कर नॉर्दर्न पावर इरेक्टर को दी जा सके और उसका हिस्सा बांटा जा सके।
ऊर्जा निगम ने पूछा तो बताया गया कि कोई केस नहीं है, अब जांच कमेटी बनाई है जानकारी के अनुसार ऊर्जा विकास निगम ने ऊर्जा उत्पादन निगम से पूछा था कि क्या कोई कोर्ट केस लंबित है, तो उत्पादन निगम के अधिकारियों ने गलत जानकारी देते हुए कहा कि कोई केस नहीं है।
यह पूरा मामला गुपचुप तरीके से चल रहा था, जब तक यह ऊर्जा निगम के एमडी और सीएमडी के संज्ञान में नहीं आया। तब तक घाटा बहुत बड़ा हो चुका था। निदेशक मंडल ने इस मामले में शासन को अवगत कराने और जांच कमेटी बनाने का निर्णय लिया।
जांच समिति में देवाशीष महापात्रा जीएम आंतरिक लेखा परीक्षा, सुरेश सिन्हा प्रत्यक्ष विद्युत वितरण निगम और सुनील दत्त खाखा जीएम (एचआर) ऊर्जा निगम शामिल हैं।
कामाख्या मंदिर के अंबुबाची मेले के लिए चलेंगी दो ट्रेन
24 Jun, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कटिहार। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कामाख्या मंदिर में आयोजित अंबुबाची मेला के श्रद्धालुओं को सौगात दी है। दो जोड़ी विशेष अनारक्षित ट्रेनों का परिचालन किया गया है।
ट्रेन संख्या 05672 गुवाहाटी-अलीपुरद्वार जंक्शन-गुवाहाटी 22 से 26 जून तक प्रतिदिन गुवाहाटी से 07.25 बजे चलेगी और अगले दिन अलीपुरद्वार जंक्शन 04.00 बजे पहुंचेगी।
वापसी में ट्रेन संख्या 05671 23 से 27 जून तक प्रतिदिन अलीपुरद्वार जंक्शन से 08.00 बजे चलकर उसी दिन गुवाहाटी 04.20 बजे पहुंचेगी। इसके अतिरिक्त गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी-गुवाहाटी अनारक्षित विशेष ट्रेन संख्या 05698/05697 का संचालन 26 जून से चलेगी।
26 जून गुरुवार को ट्रेन संख्या 05698 गुवाहाटी से रात 11.55 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 08.15 बजे न्यू जलपाईगुड़ी पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 05697 (न्यू जलपाईगुड़ी-गुवाहाटी) 27 जून शुक्रवार को न्यू जलपाईगुड़ी से सुबह 11.15 बजे चलकर उसी दिन गुवाहाटी शाम 05.30 बजे पहुंचेगी।
आरामदायक होगी यात्रा
इसके साथ ही तीर्थयात्रियों की सुगम और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रबंध भी किए हैं। एनएफ रेलवे ने कामाख्या और गुवाहाटी स्टेशनों पर विशेष टिकट काउंटर स्थापित किए हैं। ये अतिरिक्त काउंटर चौबीस घंटे चालू रहेंगे।
इससे तीर्थयात्रियों को त्वरित और बिना किसी व्यवधान के टिकट मिल सकेगा। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे महिला कल्याण संगठन (एनएफआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ) की अध्यक्ष शालिनी श्रीवास्तव की अगुवाई में कामाख्या स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में भोजन और पेयजल का प्रबंधन किया गया है।
एनएफ रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, व्यवस्था बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण में सहायता के लिए अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल, सरकारी रेलवे पुलिस, वाणिज्यिक और तकनीकी कर्मियों को तैनात किया गया है। यात्रियों को जानकारी और आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए हेल्प डेस्क और पूछताछ बूथ भी बनाए गए हैं।
कटिहार के इस मंदिर से बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां चोरी
24 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कटिहार। कोढ़ा नगर पंचायत के गेड़ाबरही बस्ती वार्ड नंबर 4 स्थित ऐतिहासिक ठाकुर बाड़ी मंदिर से बीती रात चोरों ने अष्टधातु से बनी राम, जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी की बेशकीमती मूर्तियां चुरा लीं। इस मंदिर की स्थापना करीब 150 वर्ष पूर्व चमन सिंह ने की थी और तब से लेकर आज तक इस मंदिर की सेवा सिंह परिवार के द्वारा सात पीढ़ियों से की जा रही है।
घटना की जानकारी तब हुई जब मंगलवार की सुबह मंदिर के सेवादार सुभाष सिंह मंदिर का गेट खोलने पहुंचे। उन्होंने देखा कि मंदिर का ताला टूटा हुआ है और सभी मूर्तियां अपने स्थान से गायब हैं। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना अपने परिजनों और कोइरा थाना प्रभारी सुजीत कुमार को दी।
बताया जाता है कि सोमवार की शाम मंदिर परिसर में आरती की गई थी जिसमें सभी मूर्तियां अपने स्थान पर मौजूद थीं। लेकिन बीती रात चोर भारी संख्या में आए और इस चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ये मूर्तियां अष्टधातु से बनी थीं और इनकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ से डेढ़ करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है। मंदिर के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को लेकर पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि चमन सिंह, हरि सिंह, हेमनारायण सिंह, महेंद्र नारायण सिंह, श्याम नारायण सिंह, किशन सिंह और केशव सिंह जैसे परिवार के लोग पीढ़ियों से इस मंदिर के सेवादार रहे हैं।
आज भी उनके वंशज इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। इस घटना को लेकर महेंद्र नारायण सिंह, विजय सिंह, धीरेंद्र प्रसाद सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, मनोरंजन सिंह, सोनू सिंह, चंदन सिंह, किशन सिंह, छोटू सिंह, मोनू सिंह समेत कई ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी गई मूर्तियों को जल्द बरामद किया जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कोढ़ा पुलिस ने सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। नगर पंचायत क्षेत्र में सीसीटीवी की निगरानी के बावजूद इतनी बड़ी चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है।
पुलिस की टीम लगातार जांच कर रही है और कहा जा रहा है कि चोरों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ग्रामीणों ने की अपील
स्थानीय ग्रामीणों ने धार्मिक भावनाओं से जुड़ी इस घटना को लेकर कोडरमा प्रशासन से सख्त और तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि मंदिर की प्रतिष्ठा बहाल हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पटना में जमीन की खोदाई किए जाने से कई मकानों के गिरने का खतरा
24 Jun, 2025 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बोरिंग रोड स्थित जमीन की खोदाई किए जाने से कई मकानों के गिरने का खतरा मंडरा रहा है। एनडीआरएफ की टीम सुरक्षात्मक कार्य में जुटी रही। गड्ढे को बालू से भरा जा रहा है। मकानों की नींव के नीचे की खाली जमीन भी भरी जा रही है। इधर, आपदा प्रबंधन के अधिकारी समेत अभियंता वहां मुस्तैद रहे। एक अधिकारी के मुताबिक, अभी उन मकानों में रहना खतरनाक है। अभी वर्षा का मौसम है। ऐसे में ये मकान तत्काल तो रहने के योग्य नहीं हैं। मंगलवार को फिर जिन मकानों की नींव हिली हैं उनका सुरक्षा आडिट किया जाएगा, उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में बिल्डर के खिलाफ रेरा को भी लिखा जाएगा।
विस्थापित हैं कई परिवार
मकानों की नींव डगमगाने के बाद से उनमें रहने वाले कई परिवार विस्थापित हैं। उन्हें दूसरे स्थानों पर शरण लेना पड़ रहा है। कुछ अपने रिश्तेदारों के यहां तो कुछ अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के अनुसार रह रहे हैं। जिलाधिकारी डा. त्यागराजन एसएम ने कहा कि वहां की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जांच टीम की रिपोर्ट आने पर बिल्डर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रेरा को भी लिखा जाएगा। मंगलवार को इंजीनियर, अधिकारी उन मकानों का निरीक्षण करेंगे, उसके बाद ही उनमें रहने के लिए जरूरी निर्णय लिया जाएगा।
एनडीआरएफ की टीम कर रही सुरक्षात्मक उपाय
तीन ओर से मकानों, अपार्टमेंट से घिरे भूखंड पर निर्माण के लिए खोदाई कराई गई। मकानों से सटाकर गड्ढा खोदे जाने से नींव के नीचे की जमीन खिसक गई। इसके बाद हड़कंप मच गया। लोगों ने जिलाधिकारी को घटना की सूचना दी। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्होंने आपदा प्रबंधन एडीएम के साथ एनडीआरएफ की टीम को भेजा। रविवार सुबह जिलाधिकारी स्वयं भी पहुंचे। मकानों को खाली कराया गया। जरूरी सामान के साथ लोग वहां से निकले। इसके बाद सुरक्षात्मक कार्रवाई शुरू की गई।
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई, CM हाउस के बाहर तनाव
बालाकोट-नोटबंदी पर राहुल का तंज, संसद में हंगामा
