बिहार-झारखण्ड
वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साजिश का आरोप: तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग को घेरा
27 Jun, 2025 06:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. महागठबंधन ने शुक्रवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महागठबंधन के प्रमुख घटक दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सुनियोजित तरीके से गरीब और वंचित तबकों के मताधिकार को खत्म करने की कोशिश कर रही है. तेजस्वी यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग जाएगा और इस बाबत ज्ञापन देगा.
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में चुनाव आयोग 8 करोड़ मतदाताओं की मौजूदा वोटर लिस्ट को हटाकर एक नई लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में जुटा है. उन्होंने कहा, यह बेहद खतरनाक साजिश है. भाजपा को बिहार में अपनी हार साफ दिख रही है, इसलिए वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को ही कमजोर करने में लगी है. गरीबों, मजदूरों और दलितों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिश की जा रही है.
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, पीएम मोदी डरे हुए हैं. नीतीश कुमार बार-बार दिल्ली जा रहे हैं और बिहार में लोकतंत्र को खत्म करने की तैयारी हो रही है. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है ताकि विपक्षी वोट बैंक को कमजोर किया जा सके.
चुनाव आयोग का फरमान, लोकतंत्र की हत्या… दीपंकर
सीपीआई (एमएल) के नेता दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि जब मतदाताओं की जांच की जाएगी, तो पहले चुनाव आयोग ने पहले क्यों नहीं कहा. यदि पहले से प्लानिंग थी और उसे छिपा कर रखा गया. उन्होंने कहा कि 1952 से देश में चुनाव हो रहे हैं. बिहार को प्रयोगशाला बनाया जा रहा है. यह किसी पार्टी का सवाल नहीं है. हर नागरिक का सवाल है. इसे नोटबंदी की तरह ही वोटरबंदी कह सकते हैं.
दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा किइस समय में नए सिरे से मतदाता सूची से कोई मतलब नहीं है. इसमें पहले मतदाता का पहले चुनाव किया जाएगा. यह मतदाता का चुनने का काम चुनाव आयोग का नहीं है. चुनाव आयोग का काम है कि 18 साल से ऊपर का कोई मतदाता नहीं रह जाए. उन्होंने कहा कि इससे बड़ा संविधान की हत्या क्या हो सकता है? संविधान हत्या का सबसे बड़ा कदम चुनाव आयोग के जरिए उठाया जा रहा है.
चुनाव से पहले वोटर लिस्ट का मुद्दा गरमाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महागठबंधन के अन्य नेताओं ने भी एक स्वर में भाजपा और चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि यदि मौजूदा वोटर लिस्ट को हटाकर नई लिस्ट बनाई जाती है, तो इससे लाखों लोगों के नाम कट सकते हैं, जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संभव नहीं होगा.
महागठबंधन ने चेतावनी दी कि यदि आयोग ने इस दिशा में कोई कदम उठाया तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा। नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की कि वह इस प्रक्रिया को तुरंत रोके और पारदर्शिता सुनिश्चित करे.
पार्टी से लौटे छात्र को अगवा कर मारा डाला, नाखून उखाड़े और तेजाब से चेहरा जलाया; पूरे बिहार में हड़कंप
27 Jun, 2025 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक छात्र की हत्या कर चेहरा तेजाब से जला दिया गया. अहियापुर के जीरोमाइल से दो दिनों से गायब छात्र अभिषेक कुमार (21) का शव बुधवार को मोतीपुर में बूढ़ी गंडक से मिला था. मृतक के हाथ पांव बंधे थे और नाखून उखाड़ लिए गए थे. अहियापुर पुलिस ने मोतीपुर पुलिस के सहयोग से मोरसंडी गांव के समीप कोदरिया घाट से शव के बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया है.
बताया जा रहा है कि मृतक के एक दोस्त ने उससे पांच लाख रुपए उधार लिया था. अहियापुर पुलिस ने बताया कि दो दिन पहले छात्र गायब हुआ था. उसके पिता ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी. बताया कि अभिषेक के दोनों हाथ और पैर पीछे की तरफ करके रस्सी से बंधे हुए थे. पैर के नाखून उखाड़ लिए गए थे और गले में गहरे जख्म के निशान थे.
हत्या के बाद शव को नदी में फेंका
आशंका है कि हत्या के बाद उसे शव को नदी में फेंका गया है. अहियापुर थानेदार रोहन कुमार ने बताया शव की पहचान न हो सके इसके लिए हत्यारों ने चेहरे को तेजाब छिड़ककर जला दिया था. मामले में अभिषेक के पिता पूर्वी चंपारण के राजेपुर निवासी विनोद राय ने मंगलवार को FIR दर्ज करवाई है.
12 लोगों पर करवाई FIR दर्ज
पिता ने अभिषेक के दोस्त और उसके घर वालों समेत 12 लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है. अभिषेक के पिता विनोद राय ने बताया कि मेरा छोटा लड़का अभिषेक अहियापुर में रह कर पढ़ाई करता था. 23 जून की रात उससे बात हुई थी. अगले दिन सुबह में बात नहीं हुई. मोबाइल बंद था. उसके बाद नीतीश को कॉल किया. तब नीतीश ने बताया कि रात में आयुष उसे पार्टी में लेकर गया था. फिर लौटकर नहीं आया.
पांच लाख रुपये लिए थे उधार
इसके बाद 24 जून को थाने में केस दर्ज कराया. बताया कि आयुष ने उससे पांच लाख रुपए होटल खोलने के लिए उधार लिए थे. पैसा लौटाने के प्रेशर देने पर आयुष हत्या के नियत से बेटे को साथ ले गया पहले उसे होटल में ले जाकर खाना खिलाया फिर अपने सहयोगी के साथ मिलकर फोर व्हीलर से ले जाकर निर्मम तरीके से हत्या कर सब को नदी में फेंक दिया.
गले में भी गहरे जख्म के निशान
शव बरामद होने की खबर मिलते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई. अहियापुर पुलिस ने बताया कि दो दिन पहले छात्र गायब हुआ था. उसके पिता ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी. बताया कि अभिषेक के दोनों हाथ व पैर पीछे की तरफ करके रस्सी से बंध हुए थे. पैर के नाखून उखाड़ लिए गए थे और गले में गहरे जख्म के निशान थे. इधर नगर डीएससी-2 विनीता सिन्हा ने बताया कि एक छात्रा के निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है. पुलिस पिता के आवेदन और परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई कर रही है. पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी है जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा.
बिहार में 13 करोड़ लोगों को मिलेगी अत्याधुनिक लैब की सुविधा, स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव!
27 Jun, 2025 11:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में अहम पहल की गई है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने पटना में अगमकुआं स्थित जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान, एनएमसीएम में 30 करोड़ रुपये की लागत से औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया. यह प्रयोगशाला अत्याधुनिक सुविधा से लैस है. इस प्रयोगशाला में अब राज्य में ही दवाओं और खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच की जा सकेगी.
अब तक दवाओं और खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल कोलकाता जैसे शहरों को भेजे जाते थे. मगर अब इस जांच के लिए बिहार को दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. पहले भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने में कई महीने लग जाते थे. मगर अब समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर पाना आसान होगा.
अत्याधुनिक तकनीक से लैस
इस प्रयोगशाला में 28 आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनके जरिए दवाओं और खाद्य पदार्थों की सूक्ष्म स्तर पर जांच संभव हो सकेगी. यह सुविधा राज्य को स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी और तकनीकी रूप से भी स्वास्थ्य विभाग को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाएगी.
13 करोड़ जनता की सुरक्षा गारंटी
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा, “यह प्रयोगशाला बिहार की 13 करोड़ जनता के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत गारंटी है. अब सरकार न केवल इलाज की बेहतर सुविधा दे रही है, बल्कि यह सुनिश्चित कर रही है कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं ही उपलब्ध कराई जाएं.” उन्होंने कहा कि इस पहल से जनता का स्वास्थ्य अधिकार और अधिक सुरक्षित होगा और यह केंद्र सरकार की “सुरक्षित भारत, स्वस्थ भारत” की परिकल्पना को भी मजबूती देगा. इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नन्द किशोर यादव, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य प्रत्यय अमृत, बीएमएसआईसीएल के एमडी दिवेश रामचन्द्र देवरे सहित अन्य अधिकारी और नेता मौजूद रहे.
प्रयोगशाला की प्रमुख बातें:
प्रयोगशाला की लागत: ₹30 करोड़
कुल उपकरण: 28 अत्याधुनिक मशीनें
प्रमुख उद्देश्य: दवाओं और खाद्य पदार्थों की जांच
पुरानी व्यवस्था: कोलकाता भेजे जाते थे सैंपल
लाभ: समय की बचत, नकली दवाओं पर रोक, स्थानीय आत्मनिर्भरता
सुल्तानगंज अब 'अजगैबीनाथ धाम': कांवड़ियों की आस्था का केंद्र, नाम बदलने की कवायद तेज
27 Jun, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के सुल्तानगंज का नाम बदलकर बाबा अजगैबीनाथ धाम करने की मांग तेज हो गई है. इस दिशा में पहल भी की जा चुकी है. नगर परिषद ने नाम बदलने का प्रस्ताव पास कर राज्य सरकार को भेजा था, जिसे अब केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी हो रही है. प्रस्ताव पारित होने के बाद जल्द ही इस शहर का नाम अजगैबीनाथ धाम हो सकता है. अब महज कागजी कार्रवाई पूरी होने की देर है, फिर सुल्तानगंज का नाम बदल जाएगा, जहां तक की सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की कवायद में भी 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.
इस क्षेत्र का नाम अजगैबीनाथ धाम करने की मांग इस वजह से भी है, क्योंकि यहां उत्तर वाहिनी गंगा अजगैबीनाथ मंदिर के करीब से गुजरती है और इसी क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला भी लगता है. सावन के महीने में कांवड़िया यहां से जल भरकर 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर देवघर जाते हैं.
मुगलों ने बदला था नाम
कहा जाता है कि मुगल काल से पहले सुल्तानगंज क्षेत्र हिरण्य पुरी या अजगैबीनाथ धाम के नाम से जाना जाता था. यहां बौद्ध विहार हुआ करते थे, लेकिन मुगल शासकों ने इसका नाम बदलकर सुल्तानगंज कर दिया था. 2007 में इस पौराणिक स्थल का नाम बदलने को लेकर जूना अखाड़ा भी प्रयासरत था. स्थानीय लोग और पंडा समाज भी चाहते थे कि इस स्थान को अजगैबीनाथ धाम के नाम से जाना जाए. यहां के सरकारी कार्यालय, कागजातों, रेलवे स्टेशन का भी नाम बदलकर अजगैबीनाथ धाम कर दिया जाए, लेकिन उस वक्त बात नहीं बनी. अब बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस क्षेत्र का नाम बदलने को लेकर पहल की है. राज्य और केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर मुहर लगने का इंतजार है.
नाम बदलने को लेकर रेल मंत्री का आश्वासन
इस मुद्दे को लेकर सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति राजकुमार गुड्डू ने बताया कि नगर परिषद की सामान्य बोर्ड की बैठक में बहुमत से सुल्तानगंज का नाम बदलकर अजगैबीनाथ धाम करने का प्रस्ताव पारित किया गया. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसकी घोषणा की. वहीं नगर विकास मंत्री ने भी इसको लेकर आश्वासन दिया है और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भी पत्र के माध्यम से सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का मांग की. उन्होंने भी इसको लेकर आश्वासन दिया है. रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत योजना का काम पूर्ण होते ही सुल्तानगंज स्टेशन का नाम अजगैबीनाथ धाम करा दिया जाएगा.
मंदिर के पुजारी का क्या है कहना?
अजगैबीनाथ धाम मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने कहा कि हम लोग भी बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना करते हैं कि जल्द से जल्द सुल्तानगंज का नाम अजगैबीनाथ धाम हो जाए. इसके लिए प्रशासन के लोग और सरकार के भी सभी मंत्री लगे हुए हैं. इस क्षेत्र में 50 प्रतिशत काम हो चुका है. बाकी बाबा अजगैबीनाथ की कृपा होगी तो जल्द हो जाएगा. स्थानीय लोगों की मांग है कि इस बार श्रावणी मेला के उद्घाटन के दिन ही सुल्तानगंज का नाम अजगैबीनाथ धाम करने की घोषणा कर दी जाए.
दहशत में गांव: बच्चे की मौत का लंगूर ने लिया खूनी बदला, 20 को किया घायल, एक की जान गई
27 Jun, 2025 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के भागलपुर में एक लंगूर ने एक ट्रैक्टर चालक को काट लिया, जिसके बाद युवक की मौत हो गई. ये मामला भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड की परशुरामपुर पंचायत के अठनिया गांव से सामने आया है, जहां एक लंगूर पिछले कुछ हफ्ते से गांव के लिए काल बनकर घूम रहा है. लंगूर के बच्चे की मौत वाहन की टक्कर लगने से हो गई थी, जिसके बाद से सभी वाहन चालक उसके लिए दुश्मन बन गए हैं. वह लगातार सड़कों पर वाहन चालकों को निशाना बना रहा है. अब तक वह कई चालकों पर हमला कर चुका है.
ग्रामीणों के मुताबिक लंगूर अपने बच्चे की मौत के बाद से बेहद हिंसक हो गया है और राहगीरों पर अचानक हमला कर देता है. बुधवार को भी लंगूर ने गांव के ही ट्रैक्टर चालक अमन कुमार यादव को काटकर घायल कर दिया. आनन-फानन में उसे अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिर वहां से उसे मायागंज भागलपुर रेफर किया गया. लेकिन इस दौरान उसकी मौत हो गई.
20 दिन पहले ही हुई थी शादी
परिजनों ने बताया कि अमन बहियार से ट्रैक्टर लेकर लौट रहा था. तभी रास्ते में लंगूर ने उस पर हमला कर दिया. उसे पहले अस्पताल ले जाया गया, जहां से मायागंज अस्पताल रेफर किया गया. लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. मृतक अमन की शादी महज 20 दिन पहले ही हुई थी. ग्रामीणों ने बताया कि लंगूर अब ढेर दर्जन से ज्यादा लोगों को काट कर घायल कर चुका है, जिसमें गांव के ही जितेंद्र यादव, शोभाकांत यादव, भूषण कुमार यादव, राजकुमार मंडल, मनीष कुमार यादव, मनु यादव, विजय यादव, विजय मंडल समेत 20 से ज्यादा लोग शामिल हैं. ज्यादातर हमले ट्रैक्टर, बाइक और सवारी गाड़ियों पर सवार लोगों पर हुए हैं.
गांव में बना डर का माहौल
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले एक वाहन की टक्कर से लंगूर के बच्चे की मौत हो गई थी. इसके बाद से ही वह हमलावर हो गया है और लगातार ग्रामीणों पर हमला कर रहा है. गांव में भय का माहौल बना हुआ है और लोग शाम होते ही घरों में सिमट जाते हैं. हालांकि वन विभाग अब तक उसे पकड़ने में असफल है. गांव के मुखिया पवन यादव ने बुधवार सुबह एसडीपीओ अर्जुन गुप्ता, बीडीओ अभिमन्यु कुमार और थानाध्यक्ष नीरज कुमार को मामले की जानकारी दी. इसके बाद वन विभाग की एक टीम गांव पहुंची. लेकिन लंगूर को पकड़ने में नाकाम रही. ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई और जल्द कार्रवाई करने की मांग की.
बिहार पंचायत चुनाव के बाद सुरक्षा पर सवाल: मुखिया-सरपंचों को बंदूक का लाइसेंस देने पर नीतीश सरकार का विचार
27 Jun, 2025 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में अगले कुछ महीने में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. हालांकि चुनाव से पहले राज्य में हो रही फायरिंग और सुरक्षा को लेकर नीतीश कुमार सरकार खासी चिंतित है. सरकार ने इसके लिए एक अहम कदम उठाया और राज्यभर में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का फैसला किया है.
सरकार की ओर से यह फैसला पंचायत प्रतिनिधियों, खासतौर पर मुखियाओं (पंचायत प्रमुख) पर ताबड़तोड़ हुए कई हिंसक हमलों के बाद लिया गया है. राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्वाचित पंचायत सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों पर कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है.
बिना देरी के पूरी हो सत्यापन प्रक्रिया
हालांकि, निर्देश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए. सरकार ने अपने आदेश में कहा कि सत्यापन प्रक्रिया (verification process) को बिना किसी अनावश्यक देरी के तुरंत पूरा किया जाना चाहिए.
पंचायती राज विभाग द्वारा शुरू किए गए इस प्रस्ताव को मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल गई. बैठक के दौरान सीएम नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने और पंचायत प्रतिनिधियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया.
हाल के दिनों फायरिंग की घटनाएं बढ़ीं
सरकार की ओर से यह कदम हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मद्देनजर उठाया गया है. पिछले हफ्ते ही लखीसराय जिले में एक मुखिया और उसके सहयोगी की एक समारोह से घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इससे पहले फरवरी में गया जिले के चिरैला पंचायत के उप मुखिया और जेडीयू के ब्लॉक सचिव महेश मिश्रा की हत्या कर दी गई थी.
इसी तरह हत्या की कोशिश और धमकियों की ढेरों घटनाएं कई अन्य जिलों समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, भोजपुर, जमुई और नवादा में भी सामने आई हैं. लगातार हमलों और खराब होती सुरक्षा को लेकर चिंतित पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की थी.
चुनाव से पहले लुभाने की कवायद
यह उपाय इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों का समर्थन पाने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों में से एक है. इससे पहले पंचायत सदस्यों के भत्ते बढ़ा दिए गए थे.
एक अन्य अहम फैसले में, बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाली महिलाओं की शादी के लिए हर पंचायत में मैरिज हॉल बनाने को लेकर अपनी मंजूरी दे दी है. इस योजना के लिए 4,026 करोड़ रुपये का बजट मंजूर भी किया गया है, इसे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ‘जीविका दीदियों’ के जरिए लागू किया जाएगा.
झारखंड में पीएम आवास योजना 2.0 का आगाज: बेघर लोगों को मिलेगा अपना आशियाना, जानें आवेदन प्रक्रिया
27 Jun, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में अब बेघर लोगों का अपना घर का सपना साकार हो सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की शुरुआत कर दी है, जिसका लक्ष्य 2026 तक "सभी के लिए आवास" सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत पात्र लोग ऑनलाइन या अपने नगर निकाय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं:
आवेदक शहरी क्षेत्र में रहने वाला बेघर व्यक्ति या परिवार होना चाहिए।
ऐसे परिवार जो कच्चे या अर्द्ध-पक्के मकानों में रह रहे हैं और जिनके पास खुद का पक्का घर नहीं है।
आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए ₹3 लाख तक और निम्न आय समूह (LIG) के लिए ₹3 लाख से ₹6 लाख तक होनी चाहिए।
महिला, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग आदि को प्राथमिकता दी जाती है।
आवेदन करने वाले या परिवार के किसी सदस्य के पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
जिस जमीन पर मकान बनना है, वह संबंधित नगर निगम/नगर परिषद क्षेत्र में आती हो।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करते समय आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज की आवश्यकता होगी:
आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य)
परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड
राशन कार्ड
बैंक पासबुक (आधार से लिंक सक्रिय बैंक खाता)
आय प्रमाण पत्र (अंचलाधिकारी या सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत)
पासपोर्ट साइज फोटो
भूमि दस्तावेज (यदि स्वयं की जमीन है)
स्वयं घोषणा पत्र और शपथ पत्र
जाति/समुदाय प्रमाण पत्र (यदि SC, ST या OBC श्रेणी से हैं)
ऐसे करें अप्लाई
पीएम आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए आप ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं:
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:
सबसे पहले आपको आधिकारिक वेबसाइट pmaymis.gov.in पर जाना होगा।
होमपेज पर "Citizen Assessment" विकल्प पर क्लिक करें।
इसके बाद "Apply Online" पर क्लिक करें।
अपना आधार नंबर दर्ज करें और OTP के माध्यम से सत्यापन करें।
एक आवेदन फॉर्म खुलेगा जिसमें आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी (नाम, पता, आय, परिवार का विवरण आदि) सही-सही भरनी होगी।
सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें (सुनिश्चित करें कि आय और जाति प्रमाण पत्र जैसी फाइलें PDF प्रारूप में 200kb से अधिक न हों)।
फॉर्म को सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन की रसीद डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:
आप अपने निकटतम नगर निकाय कार्यालय (जैसे रांची नगर निगम या मानगो नगर निगम) में स्थित पीएमएवाई सहायता केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
कुछ मामलों में ग्राम पंचायत या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।
सरकार लगातार इस योजना को लेकर जागरूकता अभियान भी चला रही है, जिसमें नुक्कड़ नाटक और पंपलेट वितरण शामिल हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
हजाारों शहरी बेघरों को मिले पक्के आवास
बता दें कि झारखंड में इन 10 सालों में राज्य के नगर निकायों के हजाारों शहरी बेघरों को पक्के आवास मिले हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के चोथे घटक “लाभार्थी आधारिक व्यक्तिगत आवास निर्माण” के क्रियान्वयन में झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में से एक है.
हागठबंधन में दिखी दरार! JMM-कांग्रेस आमने-सामने
26 Jun, 2025 08:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 56 सीटों के साथ महागठबंधन की सरकार चल रही है, लेकिन ऐसा लग रहा है जैसे महागठबंधन में शामिल पार्टियों के बीच तालमेल की कमी है. गठबंधन में शामिल दलों के नेताओं के द्वारा लगातार कई बयान एक दूसरे के विरोध में आ रहे है. इस बीच झारखंड के प्रमुख सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि जब तक कांग्रेस पार्टी हमारे साथ है, तब तक झारखंड का संथाल परगना कांग्रेस पार्टी के साथ है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस का राजनीतिक वजूद ,झारखंड मुक्ति मोर्चा के भरोसे पर टिका है.
दरअसल सुप्रियो भट्टाचार्य से सवाल किया गया था कि झारखंड की राजनीति इन दोनों संथाल परगना के इर्द-गिर्द टिक गई है क्योंकि 30 जून को हूल दिवस है और बीजेपी के भी दिग्गज नेता संथाल परगना में अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं. इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि संथाल की धरती ऐतिहासिक है और संथाल के लोग गुरुजी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड मुक्ति मोर्चा को प्यार करते हैं. उन्होंने कहा कि बाकी की पार्टी वहां के लोगों को छलने का काम करती है , लेकिन संथाल के लोग को छल नहीं पाती है. तभी तो संथाल के 18 में से 17 सीटों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का कब्जा है.
JMM के भरोसे संथाल में कांग्रेस की राजनीति!
उन्होंने कहा कि संथाल के लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा गुरुजी और हेमंत बाबू को प्यार करते हैं, और जो भी पार्टी हमारे साथ है उनके साथ है, संथाल उसके साथ भी है. एक तरह से उन्होंने कह दिया कि कांग्रेस पार्टी इसलिए संथाल में चुनाव जीत पाई क्योंकि वह JMM के साथ है और जब तक कांग्रेस पार्टी हमारे साथ है, तब तक संथाल परगना भी कांग्रेस के साथ है. यानी JMM के भरोसे संथाल में कांग्रेस की राजनीति टिकी हुई है.
JMM की टिप्पणी पर कांग्रेस का पलटवार
वहीं JMM की टिप्पणी पर झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी सह प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा का कहना है कि हम दोनों गठबंधन में हैं और सिक्के के दो पहलू हैं. एक भी पहलू निकल गया तो फिर सिक्का खोटा हो जाएगा. उन्होंने यह दावा करते हुए कहा कि संथाल परगना में हमारा वजूद है, हमारी पार्टी के द्वारा कई सीटों पर जीत दर्ज की गई है. उन्होंने JMM के नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि ऐसे बयानों से बचना चाहिए, यह महागठबंधन की एकता के लिए सही नहीं है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन इसीलिए जीता ,क्योंकि कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राजद और अन्य दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था.
महागठबंधन बीजेपी ने ली चुटकी
झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के नेताओं के एक दूसरे पर की जा रही लगातार टिप्पणियों को लेकर बीजेपी ने चुटकी ली है. झारखण्ड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि महागठबंधन का गठन ही नेगेटिव माइंडसेट के साथ हुआ है, इस गठबंधन का फॉर्मेशन ही लूट और सत्ता की मलाई खाने के लिए बना है. उन्होंने कहा कि गठबंधन में पूरी तरह कॉर्डिनेशन की कमी है. कमिशनखोरी के चक्कर मे दोनों दलों के नेता एक दूसरे पर बयानबाजी कर रहे है. उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि पांच साल से पहले ही इनके बीच की दरार बढ़ जाए और गठबंधन टूट जाए.
2024 विधानसभा चुनाव में किसे कितनी सीट मिलीं
विधानसभा चुनाव 2024 में संथाल परगना के कुल 18 सीटों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद ने मिलकर चुनाव लड़ा था और बड़ी सफलता हासिल करते हुए 18 में से 17 सीटों पर जीत दर्ज की. जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अकेले 11 सीटों पर, जबकि चार सीटों पर कांग्रेस और दो सीटों पर राजद ने जीत दर्ज की थी. जिसमें हॉट सीट बरहेट भी शामिल है जहां से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं . केवल जरमुंडी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देवेंद्र कुंवर पार्टी का खाता खोल सके थे. ऐसे भी कहा जाता है कि झारखंड की सत्ता संथाल के रास्ते आती है, शायद यही कारण है कि इन दिनों झारखंड की राजनीति संथाल के इर्द-गिर्द घूम रही है.
बिहार में पुल गिरने से पहले ही सुधरेंगे! सरकार ने लॉन्च किया नया 'मेंटेनेंस प्लान'
26 Jun, 2025 01:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में आए दिन पुलों के गिरने की खबरें सुर्खियां बनती रहती हैं. इन घटनाओं की वजह से आम लोगों को तो परेशानी होती ही है. साथ ही सरकार की भी किरकिरी होती है. अब इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने नया तरीका खोज निकाला है. दरअसल, बिहार सरकार की तरफ से बिहार में पुलों की उम्र बढ़ाने के लिए आईआईटी पटना और आईआईटी दिल्ली के साथ एक करार किया गया है. इस करार के तहत बिहार के पुलों का ऑडिट किया जाएगा. साथ ही ब्रिज इंफॉर्मेशन एंड मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जाएगा.
आईआईटी पटना और आईआईटी दिल्ली का ये करार बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के साथ हुआ है. इस करार के पहले चरण में कुल 85 पुलों का सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा. इसमें वो पुल शामिल होंगे जिनकी लंबाई 250 मीटर से अधिक है. यानी पहले चरण में आईआईटी पटना 45 पुलों के लिए सेफ्टी ऑडिट तैयार करेगा, जबकि आईआईटी दिल्ली 40 पुलों का सेफ्टी ऑडिट करेगा. इसके आधार पर उन पुलों के रख-रखाव के लिए टेंडर जारी किया जाएगा.
पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले 85 महत्वपूर्ण पुलों की ब्रिज सेफ्टी ऑडिट कराए जाने की स्वीकृति दी गई है. पथ निर्माण विभाग ने इसके लिए 17 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी है. इस दौरान सबसे पहले पुलों की फिजिकली जांच की जाएगी. इसमें ड्रोन कैमरे और सेंसर का भी इस्तेमाल किया जाएगा.
क्या है सरकार का प्लान?
पथ निर्माण मंत्री नीतिन नवीन ने इस करार के बारे में बताया कि इस साझेदारी से हम पुलों की स्थिति का आकलन, पुल संरचना में गंभीर कमियों की पहचान, रखरखाव और मरम्मत समेत अन्य अहम कार्यों पर एक साथ में काम कर सकेंगे.
उन्होंने कहा कि यह समझौता पुलों के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ये हमारे राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण होगा. इस नीति को ब्रिज मेन्टेनेन्स प्रावधानों के अनुरूप तैयार किया गया है.
कैसे होगा काम?
इस करार के तहत सबसे पहले पुल की तस्वीरों और वीडियो के माध्यम से जांच की जाएगी. इसके बाद नॉन डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग, सेंसर टेक्नोलॉजी और ड्रोन कैमरा जैसे तकनीकों के माध्यम से प्रत्येक पुल की संरचनात्मक गुणवत्ता को जांचा जाएगा.
इसके लिए ब्रिज हेल्थ इंडेक्स और मेंटेनेंस प्रायोरोटी इंडेक्स तैयार किया जाएगा. इस डाटा के आधार पर पुल का हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा, जिससे समय से पुल का रख-रखाव संभव हो सकेगा. बिहार राज्य की पुल प्रबंधन नीति-2025 भारत के किसी राज्य द्वारा लागू की गई इस तरह की पहली पॉलिसी है.
ट्रेन के टॉयलेट से 'अजब' चोरी: यात्री ने रेल मंत्रालय तक पहुंचाई शिकायत, मचा हड़कंप
26 Jun, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने की वजह से रेलवे समर स्पेशल ट्रेनें संचालित कर रहा है, लेकन समर स्पेशल ट्रेनों में जो कोच हैं उनकी स्थिति दिनों दिन बिगड़ने की खबरें आ रही हैं. समर स्पेशल ट्रेनों की बोगियों में बने शौचालय के नल तक चुरा लिए जा रहे हैं. रेल प्रशासन को इस बात से जरा सा भी फर्क नहीं पड़ रहा है, इसलिए वो मामले का संज्ञान भी नहीं ले रहा है.
हुब्बल्ली से मुजफ्फरपुर आ रही समर स्पेशल ट्रेन की बोगी के शोचालय से नल चुराने का ऐसा ही एक मामला सामने आया है. बताया जाा रहा है कि गांंड़ी संख्या 07315 हुब्बल्ली से मुजफ्फरपुर आ रही थी. हुब्बल्ली से मुजफ्फरपुर आ रही ये समर स्पेशल ट्रेन आठ घंटे की देरी से चल रही थी. ट्रेन बुधवार को पंडित दिनदयाल उपाध्याय स्टेशन पर दोपहर पौने तीन बजे पहुंची.
ट्रेन के शौचालयों के सारे नल खोल ले गए
ट्रेन स्टेशन पर कुछ देर स्टेशन पर रुकी. इसी दौरान कोई ट्रेन की एस-2 स्लीपर बोगी एक तरफ से दोनों शौचालयों के सारे नल खोलकर ले गया. नल खोलने के चलते बोगी में तेजी से पानी भरने लगा. जो यात्री समर स्पेशल ट्रेन की एस-2 स्लीपर बोगी में सफर कर रहे थे, वो तेज पानी बहता देख हकबका गए और उल्टे पांव वापस चले गए.
शुरू की गई मामले की जांच
इसके बाद ट्रेन की एस-2 स्लीपर बोगी में सफर कर रहे एक यात्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शौचालयों से बहते हुए पानी का वीडियो डाला. साथ ही रेल मदद से इस बात की शिकायत की. इस बात की जानकारी रेलवे के सुरक्षा बलों को भी दी गई. फिर इस पूरे मामले की जांंच शुरू की गई है. हालांकि ट्रेन में चोरी की ये कोई पहली घटना नहीं है. पहले भी ट्रेनों से नल, मिरर, साबुन केस चोरी हुए हैं.
इंस्टाग्राम पर दोस्ती पड़ी भारी: लड़की को होटल बुलाकर गैंगरेप, 4 नाबालिग गिरफ्तार
26 Jun, 2025 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार की राजधानी पटना से हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहां एक नाबालिग लड़की को सोशल मीडिया पर एक लड़के से दोस्ती करना भारी पड़ गया. जानकारी के अनुसार, चार लड़कों ने मिलकर लड़की का रेप किया. जिसके बाद घटना की शिकायत पुलिस से की गई. हालांकि लड़के और लड़की सभी नाबालिग बताए जा रहे हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है. पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
जानकारी के अनुसार, राजधानी के कोतवाली थाना अंतर्गत होटल वाली गली में एक नाबालिग के साथ गैंग रेप की घटना सामने आई. घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपी नाबालिग हैं, आठवीं और 10वीं क्लास के छात्र हैं. इन आरोपियों ने पूछताछ में यह भी जानकारी दी कि इनके ग्रुप के एक लड़के का इंस्टाग्राम के जरिए पहले एक लड़की से संपर्क हुआ, फिर ये संपर्क दोस्ती में बदल गई. लड़की बाद में धीरे धीरे ग्रुप के सभी दोस्तों से जुड़ गई और इन सबके बीच नजदीकियां भी बढ़ती चली गई.
होटल में किया रेप
करीब एक महीने पहले लड़की राजधानी के दीपनगर इलाके में स्थित एक आरोपी के घर पर पहुंचीं थी, जहां पर इन दोनों ने शारीरिक संबंध बनाएं. इसके बाद लड़की ग्रुप के अन्य तीन दोस्तों के साथ राजधानी के ही बाईपास से सटे एक होटल में गई, जहां तीनों ने बारी बारी से रेप किया.
पीड़िता ने परिजनों को दी जानकारी
लड़की ने पुलिस पूछताछ में बताया कि मंगलवार के दिन कोतवाली इलाके के एक होटल में ये लड़के उसे बुलाकर लाए और वहां रेप किया. लड़की ने होटल से निकलने के बाद अपने परिजन को इस बारे में जानकारी दी. इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी. जिस आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. नाबालिग लड़के इस मामले में पकड़े गए हैं, जिनसे पुलिस ने पूछताछ की है. कोतवाली थाने की महिला पुलिसकर्मी शोभा कुमारी और एएसआई राजीव रंजन ने कोर्ट में लड़की का बयान दर्ज करा लिया है.
चारों आरोपी अरेस्ट
वहीं इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए राजधानी के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि इस आरोप में चारों आरोपितों को पटना पुलिस के द्वारा कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया गया है. मामले की जांच महिला पुलिस अधिकारी के द्वारा की जा रही है
पारिवारिक कलह: साढू के स्टेटस पर पत्नी की फोटो से बवाल, जीजा ने कर दी पति की पिटाई
26 Jun, 2025 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के बेगूसराय में अपनी पत्नी का फोटो अपने साढू के व्हाट्सएप स्टेट्स में देखकर पति भड़क गया. पति ने जब पत्नी से पूछताछ की तो पत्नी ने अपने भाई और जीजा से पति को पिटवा दिया. घायल पति का बेगूसराय सदर अस्पताल में ईलाज करा रहा है. घायल पति का आरोप है कि उसकी पत्नी का उसके साढू से गलत संबंध हैं, जिसके कारण ही उसकी पत्नी उसे अक्सर धमकाती है. इतना ही नहीं इसके विरोध करने पर साढू और साले ने उसको पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया.
घटना शहर के नागदह मोहल्ले का है. घायल पति की पहचान बेगूसराय के नागदह वार्ड नंबर ग्यारह के रहने वाले स्वर्गीय ब्रह्मदेव महतो के पुत्र अशोक महतो के रूप में हुई है. घायल सुनील महतो ने बताया की उसकी पत्नी अक्सर अपने जीजा से व्हाट्सएप कॉल पर बात किया करती है. इतना ही नहीं उनका साढू अपने व्हाट्सएप पर उसकी पत्नी का फोटो लगा रखा है, जिसका विरोध उसने किया था.
पत्नी का है अवैध संबंध
इस मामले में घायल पति ने यह भी बताया कि आज से डेढ़ महीना पहले उसकी पत्नी उसके साढू से व्हाट्सएप पर बात कर रही थी, जिसको देखने के बाद उसने इसका विरोध जताया था. विरोध करने पार नाराज साढू ने अपने दो हजार बकाया रुपया मांगे, फिर इसी का बहाना बनाकर उसकी पिटाई कर दी.
पति ने किया विरोध तो जीजा- भाई से पिटवाया
पीड़ित ने बताया कि जब उसके साढू से मारपीट हुई तो उसके साले भी उसकी पिटाई कर दी. घायल पति अशोक महतो का आरोप है कि उसकी पत्नी का उसके जीजा से अवैध संबंध है. उसके जीजा का घर भी पास में ही है. कोई भी बात पर वह अपने जीजा के घर भाग जाती है. पत्नी को कुछ भी बोलने पर साढू मारपीट करने और धमकाने के लिए सीधे उसके घर आ जाता है. इसी वजह से उसकी पत्नी का भी मनोबल बढ़ा हुआ है और वह भी धमकी देती रहती है. वहीं आज एक बार फिर दोनों ने बीच मारपीट हुई है.
दुल्हन के दोस्त की धमकी से मचा बवाल: 'लड़की छोड़ दो वरना...', शादी टूटी, दूल्हे ने लौटाया एडवांस
26 Jun, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लड़की की शादी तय हो चुकी थी. कुछ महीनों में घर पर शहनाई बजने वाली थी, लेकिन लड़की के एक दोस्त ने कुछ ऐसा कर दिया जिससे एक झटके में शादी टूट गई और होने वाले दूल्हे ने शगुन का एक लाख एडवांस भी लौटा दिया. अब लड़की की मां थाने से लेकर साइबर थाना तक में कार्रवाई की मांग को लेकर दौड़ रही है. ये मामला बिहार के भागलपुर के लोदीपुर थाना क्षेत्र के जिच्छो गांव का है.
यहां लड़की के एक दोस्त ने उसके होने वाले दूल्हे को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी दे दी. साथ ही लड़की के संग अपनी एक तस्वीर भी भेज दी. लड़की के दोस्त के द्वारा की गई इस हरकत के बाद शादी टूट गई. विवाह के बंधन में बंधने से पहले ही रिश्ता बिखर गया. आरोपी दोस्त ने लड़की के होने वाले दूल्हे से सोशल मीडिया पर संपर्क किया और वहां उसे धमकी दी.
लड़के ने डर के मारे शादी से किया इनकार
आरोपी दोस्त ने लड़की के होने वाले दूल्हे को धमकी देते हुए कहा कि लड़की को छोड़ दो मैंने उससे पहले ही शादी कर ली है. अगर तुमने शादी का सोचा भी तो तुमको गोली मार देंगे. फिर डर से लड़के ने शादी से इनकार कर दिया. लड़की पक्ष द्वारा दिए गए 1 लाख एडवांस को भी उसने लौटाते हुए कहा कि हम यह रिश्ता नहीं कर सकते. अब लड़की का परिवार थाना और पुलिस पदाधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है.
पीड़िता की मां ने क्या बताया?
पीड़िता की मां के मुताबिक, आरोपी लड़का नवगछिया का रहने वाला है. वह लड़की के साथ पढ़ाई करता था. मां ने बताया कि उस लड़के ने ही होने वाले दामाद को एक फोटो भेजकर जान से मारने की धमकी दी है. मैंने बड़ी मुश्किल से बेटी की शादी तय की थी, लेकिन उस लड़के की वजह से रिश्ता टूट गया. बेटी के साथ पढ़ाई करने के दौरान उसने कोई तस्वीर खींची थी उसी के माध्यम से वह ब्लैकमेल कर रहा है.
पीड़िता की मां ने कहा कि मैंने पहले नजदीकी थाना लोदीपुर में शिकायत की, लेकिन वहां से मुझे साइबर थाना भागलपुर भेज दिया गया. हालांकि अब तक आरोपी लड़के का कुछ पता नहीं चल पाया है.
बिहार शिक्षा विभाग का 'तुगलकी फरमान': सभी टीचरों का ट्रांसफर, प्रिंसिपल ने पकड़ा माथा
26 Jun, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में शिक्षा विभाग टीचर्स की लंबी समय से की जा रही मांग को देखकर ट्रांसफर कर रहा है. स्कूलों और जिले के हिसाब से अलग-अलग श्रेणी भी तय की गई है. अलग-अलग श्रेणियां के अनुसार टीचर्स का ट्रांसफर किया जा रहा है. इसी बीच में जमुई जिले से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक प्रिंसिपल ने गुहार लगाई है कि उनके स्कूल के सारे टीचर्स का ट्रांसफर कर दिया गया है. ऐसी स्थिति में पढ़ाई नहीं हो सकेगी. इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए.
जमुई जिले के चकाई अंचल के नवसृजित प्राइमरी स्कूल, मोरियाडीह की प्रिंसिपल वंदना कुमारी ने अपने ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर को एक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने यह जानकारी दी है कि वह इस स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत है. इस स्कूल के सभी टीचर्स का ट्रांसफर हो गया है. यहां तक की उनका भी ट्रांसफर भागलपुर के मध्य विद्यालय नयागांव में हो गया है. वह 26 जून को अपने नए स्कूल में ज्वाइन करने जा रही है.
‘स्कूल में नहीं अब कोई भी टीचर्स’
प्रिंसिपल वंदना ने जानकारी दी है कि उनके साथ सभी टीचर्स का ट्रांसफर हो जाने के कारण स्कूल में अब कोई भी टीचर नहीं है. इससे स्कूल में पढ़ाई का कार्य नहीं हो सकेगा. इसलिए स्कूल में पढ़ाई और अन्य कार्य का संचालन हो सके, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए. प्रिंसिपल का यह लेटर अब वायरल हो गया है. बता दें कि राज्य में बड़े पैमाने पर टीचर्स का ट्रांसफर शिक्षा विभाग के द्वारा किया जा रहा है.
लंबे समय हो रही थी ट्रांसफर की मांग
इस मांग को लेकर के टीचर्स लंबे समय से विभाग से गुहार लगा रहे थे. हालांकि, यह भी खबर सामने आ रही है कि विभागीय स्तर पर किए गए इन ट्रांसफर में कई विसंगतियां भी है. कई शिक्षक नेताओं का यह भी कहना है कि टीचर्स का ट्रांसफर उनकी सुविधा के लिए किया जा रहा था, लेकिन विसंगतियां ऐसी आ गई है कि इसका सीधा असर अब स्कूलों में पढ़ाई पर भी पड़ सकता है. ऐसे में विभाग अपने स्तर पर इसे जल्द से जल्द दुरुस्त करने की कवायत करें.
आरा में पवन सिंह के घर बड़ी वारदात: गहने-नकद के साथ राइफल की 30 गोलियां गायब, सनसनी
26 Jun, 2025 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोजपुरी सिनेमा में पावर स्टार के नाम से चर्चित एक्टर और सिंगर पवन सिंह के घर में चोरी का मामला सामने आया है. बिहार में आरा जिले के न्यू मारुति नगर में पावर स्टार पावन सिंह का घर है. उनके इसी घर में चोरों ने वारदात को अंजाम दिया है. चोर घर की खिड़की को उखाड़कर घर में घुसे और लगभग 15 लाख रुपए के जेवर, 15 हजार कैश और लाइसेंसी राइफल की 30 गोलियां लेकर फरार हो गए. यही नहीं, चोर अपने साथ कुछ महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट भी ले गए.
घटना के समय पवन सिंह के बडे़ भाई रानू सिंह के सास-ससुर घर में ही थे. मंगलवार को जब वे सोकर उठे तो उन्हें चोरी के बारे में मालूम हुआ. इसके बाद रानू सिंह ने मामले की जानकारी पुलिस को दी. चोरी की ये वारदात आरा नगर थाना क्षेत्र के न्यू मारुति नगर इलाके में स्थित पवन सिंह के निजी आवास पर हुई. ये चोर देर रात घर में घुसे.
कैसे घुसे अंदर?
चोरों ने अंदर जाने के लिए दिमाग लगाया और खिड़की को उसकी जगह से हटाने के लिए उसे काटना शुरू किया. उन्होंने उसे काटा और फिर उखाड़कर अलग कर दिया. इसके बाद उन्होंने घर के अंदर रखी अलमारी और लॉकर को निशाना बनाया.
कयास लगाया जा रहा है कि यह चोरी पहले से प्लान की गई थी. चोरों को घर के भीतर की जानकारी पहले से थी. घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया. पुलिस मामले को लेकर लोगों से पूछताछ कर रही है. साथ ही आस-पास में लगे CCTV कैमरों को भी खंगाल रही है.
शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि जिस तरह से, इतनी सफाई से चोरी की गई है यह किसी पेशेवर गिरोह का काम लग रहा है. नगर थाना प्रभारी देवराज राय ने बताया कि हमें चोरी की सूचना मिली थी. मौके पर हमारी टीम ने पहुंचकर छानबीन शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा. हम मामले की जांच कर रहे हैं. जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा.
मामले की जानकारी होने पर आस-पास के लोगों में चिंता का माहौल है. उनका कहना है कि जब सेलिब्रिटी का घर सुरक्षित नहीं है तो आम लोगों का क्या ही होगा?
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई, CM हाउस के बाहर तनाव
बालाकोट-नोटबंदी पर राहुल का तंज, संसद में हंगामा
