बिहार-झारखण्ड
तेजस्वी यादव का बड़ा दावा: इंडिया गठबंधन में बना नेतृत्व पर सहमति
30 Jun, 2025 06:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनावों से पहले तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपना दावा पेश किया है, जिसमें इंडिया गठबंधन की सहमति का दावा भी किया गया है. साथ ही सरकार बनने पर बिहार को स्कॉटलैंड बनाने का वादा किया. उन्होंने भाजपा नेताओं पर कड़ा हमला बोलते हुए उन्हें "चिंटू" कहा. उन्होंने अपने भाई तेजप्रताप यादव को लेकर भी प्रतिक्रिया दी.
मैं ही हूं मुख्यमंत्री का चेहरा, सरकार बनी तो बिहार को स्कॉटलैंड बना दूंगा: तेजस्वी यादव
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव ही हैं. इसे लेकर इंडिया गठबंधन में सहमति बन गई है.बिहार में हमारी सरकार बनने वाली है. हमारी सरकार बनी तो हम राज्य को स्कॉटलैंड बना देंगे. भाजपा के नेता सब चिंटू हैं. ये लोग नमाजवाद और मौलाना स्क्रिप्ट की बात करते हैं. बिहार में जाति धर्म की राजनीति नहीं होने देंगे.
तेजस्वी यादव ने कहा कि सुधांशु त्रिवेदी अपनी दम पर नेता नहीं बने हैं. तेजस्वी यादव ने अपने भाई तेजप्रताप यादव को लेकर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि तेजप्रताप यादव ने जो किया, वो मुझे पसंद नहीं है.
15 लाख का ग्रांट जीतकर पीयूष राज ने किया बिहार का नाम रोशन, MSME हैकथॉन में दिखाया टैलेंट
30 Jun, 2025 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के लाल ने एकबार फिर कमाल कर दिया है. जमुई के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र पीयूष राज ने ये साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती. पीयूष राज ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) की तरफ से आयोजित आइडिया हैकथॉन 4.0 में 15 लाख रुपए का प्रोडक्ट डेवलपमेंट ग्रांट हासिल कर बिहार के साथ-साथ अपने जिले का भी नाम रौशन किया है.
बिहार के बेटे की ये उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि इस हैकथॉन में देशभर से 29 हजार से अधिक इनोवेटर्स ने भाग लिया था, जिनमें से सिर्फ 488 प्रतिभागियों का चयन इनक्यूबेशन और वित्तीय सहायता के लिए किया गया. जमुई के लाल का विचार इस प्रतियोगिता में न सिर्फ चयनित हुआ बल्कि बिहार से चुने गए 4 विचारों में से एक रहा.
समर्पण और सोच का प्रमाण
पीयूष का चयन उनके समर्पण, नई सोच और तकनीकी कौशल का प्रमाण है. एमएसएमई इनक्यूबेशन प्रोग्राम के तहत अब उन्हें अपने विचार को एक पूर्ण उत्पाद के रूप में विकसित करने का अवसर मिलेगा. यह प्लेटफॉर्म युवा प्रतिभाओं को न सिर्फ तकनीकी सहयोग देता है बल्कि उन्हें उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखने का भी मौका देता है.
जमुई के लिए गौरव का क्षण
पीयूष राज की इस कामयाबी से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है. वहीं, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, जमुई के लिए भी यह एक गौरव का क्षण है. पीयूष की इस ऐतिहासिक कामयाबी ने कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार किया है. कॉलेज प्रशासन ने भी अपने होनहार छात्र की इस अद्भुत सफलता पर खुशी जताई है.
फिलहाल पीयूष राज की इस सफलता ने ये साबित कर दिया कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. अगर उन्हें सही मंच और समर्थन मिले तो वे वैश्विक स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं.
सड़क सुरक्षा में मील का पत्थर: बिहार में 'e-DAR' पोर्टल से 39000 से ज्यादा एक्सीडेंट केसों का हुआ समाधान
30 Jun, 2025 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) डाटाबेस तैयार कर रहा है. ताकि पीड़ितों को समुचित मुआवजा समेत अन्य लाभ समय उपलब्ध कराया जा सके. इसके अंतर्गत आई-आरएडी (एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस) और ई-डीएआर (ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट) पोर्टल पर दुर्घटना के कारण, जांच और अन्य जानकारी को अपलोड किया जा रहा है.
परिवहन विभाग के अनुसार, पिछले तीन सालों में आई-आरएडी वेबसाइट पर सड़क दुर्घटना के कुल 39 हजार 162 मामले दर्ज किए गए हैं. इसमें सबसे अधिक चार हजार 50 मामले पटना और दो हजार 30 मामले मुजफ्फरपुर जिले से दर्ज हुए हैं. अब तक लगभग 18 हजार मामलों को ई-डीएआर पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है, जिनमें से दो हजार मामले फॉर्म सात तक पहुंचे हैं.
क्या है फॉर्म-7?
फॉर्म सात को ट्रिब्यूनल क्लेम पिटीशन माना जाता है. दरअसल, अगर किसी सड़क दुर्घटना पीड़ित की ओर से मुआवजा के लिए आवेदन नहीं किया गया है और ई-डीएआर के माध्यम से मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (मैक्ट) में डीएआर दायर है, तो इसे मुआवजा आवेदन मान कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है.
क्या है IRAD और e-DAR?
ई-डीएआर, आई-आरएडी का डिजिटल वर्जन है, जो सड़क दुर्घटना से संबंधित सभी जानकारी को एक जगह रखता है. सड़क सुरक्षा को बेहतर करने के लिए मोर्थ ने ई-डीएआर पोर्टल विकसित किया है. यह पोर्टल आई-आरएडी से जुड़ा हुआ है, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक जानकारी को सीधे ई-डीएआर पर भेजा जाता है.
डाटाबेस तैयार करने के फायदे
ई-डीएआर पोर्टल पर सड़क दुर्घटना में शामिल वाहन, दुर्घटना की तारीख और एफआईआर की जानकारी दर्ज की जाती है. इससे दुर्घटना दावों के निष्पादन में मदद मिल रही है. इसके साथ ही सड़क दुर्घटना के कारणों और हॉटस्पॉट्स की पहचान कर उनके समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है.
पुलिस की भूमिका
प्रदेश में सड़क दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर ई-डीएआर ऐप के माध्यम से तुरंत रिपोर्ट दर्ज करते हैं. ऐप के माध्यम से फोटो, वीडियो और अन्य जानकारी को अपलोड किया जाता है.
बिहार में खौफनाक वारदात: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट, 'राजा रघुवंशी' जैसा हाल
30 Jun, 2025 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी के हत्याकांड को लोग अभी भी नहीं भूले हैं. ऐसी ही पति-पत्नी के रिश्ते को शर्मशार कर देने वाली घटना बिहार के औरंगाबाद जिले से सामने आई है. सोनम की ही तरह यहां भी एक महिला ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने पति की जान ले ली. ये सनसनीखेज घटना जिले के बंदेया थाना इलाके के अमौना गांव की बताई जा रही है.
यहां 21 जून को बिक्कू नाम के युवक का शव मिला था. जानकरी के अनुसार, शव पर बाहरी चोट के निशान पाए गए थे, जिससे ये स्पष्ट हो गया कि उसको मारा गया है. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ की. पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान लिए और हत्याकांड के अन्य सबूत जुटाए, जिनके आधार पर पुलिस का शक मृतक की पत्नी पर गया.
मृतक की पत्नी को हिरासत में लिया गया
इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी को हिरासत में लिया और उससे गहन पूछताछ की. पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी टूट गई और उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया. उसने पुलिस को पूछताछ में हत्या और उसकी साजिश की सारी कहानी बता दी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक की पत्नी को 25 जून को गिरफ्तार किया गया.
पुलिस को महिला के प्रेमी की तलाश
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान उसने (आरोपी पत्नी) अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या करने की बात कुबूल कर ली. हालांकि पुलिस ने अभी ये नहीं बताया है कि इस हत्याकांड को किस तरह से अंजाम दिया गया. फिलहाल आरोपी महिला पुलिस की कस्टडी में है और पुलिस उसके प्रेमी की तलाश में जुटी हुई है.
मामले की गहनता से जांच
पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस हत्याकांड के दूसरे आरोपी यानी महिला के प्रेमी की भी गिरफ्तारी कर ली जाएगी. घटना की गहनता से जांच की जा रही है. जल्द हत्या की पूरी साजिश और घटनाक्रम के बारे में विस्तार से बताया जाएगा. वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय से पति-पत्नी में तनाव चल रहा था. महिला का गांव के ही एक युवक से प्रेम-प्रसंग चल रहा था. ये घटना उसी का परिणाम थी.
बिहार पुलिस की नई पहल: 22 हजार नवनियुक्त सिपाहियों ने 'शराब मुक्त जीवन' का संकल्प लिया
30 Jun, 2025 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार पुलिस को शनिवार को लगभग 22 हजार नए सिपाही मिले हैं. बिहार में नवनियुक्त लगभग 22 हजार सिपाहियों को आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र सौंपा है. इस मौके पर सभी नवनियुक्त सिपाहियों को शपथ दिलाई गई.
सभी सिपाहियों ने आजीवन शराब का सेवन नहीं करने की शपथ ली. सभी सिपाहियों को बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने में अपनी भूमिका निभाने की भी शपथ दिलाई गई है.
नीतीश कुमार ने सौंपे नियुक्ति पत्र
यह कार्यक्रम राजधानी पटना के बापू सभागार में आयोजित किया गया. बिहार में इस साल चुनाव होने वाले हैं. चुनाव की सियासी हलचल के बीच नीतीश सरकार का नियुक्ति पत्र वितरण समारोह एक बड़ा कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम की जानकारी खुद नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर दी थी.
कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए कदम
नीतीश कुमार ने कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को पोस्ट कर कहा, कल 28 जून 2025 राज्य के युवाओं और बिहार पुलिस के लिए महत्वपूर्ण दिन है. कल बापू सभागार में 21,391 नवनियुक्त सिपाहियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा, प्रदेश में कानून का राज स्थापित है. विधि व्यवस्था सुदृढ़ रहे, यह शुरू से हमारी प्राथमिकता रही है. कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए बिहार में लगातार पुलिसकर्मियों और पुलिस पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है.
सीएम नीतीश कुमार ने पोस्ट में आगे कहा, 24 नवंबर 2005 को नई सरकार बनने के समय बिहार पुलिस में कार्यरत बल की तादाद 42,481 थी. साल 2006 से कानून व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए पुलिस बल की संख्या में लगातार बढ़ोतरी की गई. सरकार ने तय किया है कि पुलिस बल की संख्या को और बढ़ाना है और इसके लिए कुल 2 लाख 29 हजार से भी अधिक पदों का सृजन कर तेजी से पुलिसकर्मियों की बहाली की जा रही है. स्वीकृत बल के अनुरूप सभी पदों को इस साल के अंत तक भर दिया जाएगा. इससे अपराध को काबू करने में मदद मिलेगी, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति बढ़ेगी और आम नागरिकों की बेहतर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी.
पटना में तेजस्वी की रैली में अनहोनी टली: मंच पर पोडियम से टकराया ड्रोन, बाल-बाल बचे नेता
30 Jun, 2025 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना के गांधी मैदान में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक ड्रोन तेजस्वी यादव के पोडियम से टकरा गया. इस दौरान तेजस्वी बाल-बाल बच गए. यह घटना उस समय हुई जब वह ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ’ रैली को संबोधित कर रहे थे. हालांकि, थोड़ी देर के लिए तेजस्वी को अपना भाषण रोकना पड़ा. सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत ड्रोन को कब्जे में किया.
इस घटना ने सुरक्षा को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि यह हादसा था या जानबूझकर किया गया कृत्य. हालांकि इसके पीछे किसी साजिश का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. इस घटना पर पटना की एसपी सेंट्रल दीक्षा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बताया कि हम घटना की जांच कर रहे हैं. यह एक प्रतिबंधित क्षेत्र था और ऐसी कोई वस्तु वहां नहीं आनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि जब रैली हो रही थी, तब पुलिस टीम भीड़ को संभालने में व्यस्त थी. मगर मामले की निश्चित रूप से गहन जांच की जाएगी.
वक्फ कानून को रद्द करके कूड़ेदान में फेंक देंगे- तेजस्वी
‘वक्फ बचाओ, संविधान बचाओ’ सम्मेलन में तेजस्वी ने वक्फ संशोधन कानून का कड़ा विरोध किया. पटना के गांधी मैदान में यह सम्मेलन इमारत-ए-शरिया द्वारा आयोजित किया गया था. तेजस्वी ने सत्तारूढ़ एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा.
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने और मुस्लिम, पिछड़े वर्गों और दलितों के मतदान अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. तेजस्वी ने कहा कि यह देश हम सबका है. उन्होंने यह भी वादा किया कि अगर महागठबंधन की सरकार सत्ता में आई, तो वक्फ कानून को रद्द करके कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा. इस रैली में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया.
IAS अधिकारी के नाम पर फर्जीवाड़ा: झारखंड में साइबर ठगों ने बनाई फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, जिला प्रशासन ने जनता को चेताया
30 Jun, 2025 09:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आधुनिकता के इस दौर में आम जनता की बात छोड़िए अब तो आईएएस-आईपीएस भी साइबर अपराधियों के रडार पर हैं. ऐसा ही कुछ अजीबोगरीब मामला झारखंड की राजधानी रांची से प्रकाश में आया है. जहां रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आईएएस अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री के नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई. और तो और मंजूनाथ भजंत्री की तस्वीर भी इस प्रोफाइल में लगाई गई. इस आईडी से 2000 से ज्यादा लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा गया और फ्रेंड भी बना लिया.
आईएएस अधिकारी की तस्वीर, नाम और डिप्टी कमिश्नर के नाम वाली प्रोफाइल से भेजी गई फ्रेंड रिक्वेस्ट देख आम जनता भ्रमित होकर उसे एक्सेप्ट भी कर रही थी. लोगों को लग रहा था डीसी साहब ने उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी है. आम लोगों को कहां पता था कि यह रांची के डिप्टी कमिश्नर आईएएस अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री नहीं बल्कि उनके नाम से साइबर अपराधियों के द्वारा ठगी और लूट को अंजाम देने के उद्देश्य से बनाई गई फेक प्रोफाइल है जिससे उन्हें रिक्वेस्ट आया है.
रांची के उपायुक्त- सह -जिला दंडाधिकारी आईएएस मंजूनाथ भजंत्री के नाम पर बनी फेक प्रोफाइल की सूचना जैसे ही जिला प्रशासन को लगी हड़कंप मच गया. तत्काल रांची जिला जनसंपर्क कार्यालय के द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची के नाम से बनी फेक फेसबुक आईडी की जानकारी आम लोगों को दी गई है. साथ ही साथ आम लोगो से अपील करते हुए कहा गया है कि फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट ना करें क्योंकि यह साइबर अपराधियों के द्वारा केवल ठगी और धोखाधड़ी के उद्देश्य से बनाया गया है.
अधिसूचना जारी कर दी जानकारी
जिला जनसम्पर्क कार्यालय रांची के द्वारा जारी किए गए अधिसूचना में बताया गया है कि उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी रांची, मंजूनाथ भजंत्री के नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी (https://www.facebook.com/share/1Byb6iUvCy/) बनाई गई है, इस फर्जी आईडी के माध्यम से असामाजिक तत्वों द्वारा आम नागरिकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही हैं, जिसका उद्देश्य लोगों को ठगी और धोखाधड़ी का शिकार बनाना है.
फर्जी प्रोफाइल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
अधिसूचना में कहा गया कि मंजूनाथ भजंत्री का इस फर्जी फेसबुक आईडी से कोई संबंध नहीं है. जिला प्रशासन के द्वारा इस फर्जीवाड़े के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है, और संबंधित साइबर क्राइम यूनिट इस मामले की गहन जांच कर रही है. 2011 बैच के आईएएस अधिकारी मंजूनाथ भजंत्री उस वक्त चर्चा में आए थे जब वो देवघर के उपायक्त थे और उनकी गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के साथ तनातनी बढ़ी थी.
डीजीपी के नाम पर बनी थी फर्जी प्रोफाइल
इससे पूर्व झारखंड के पुलिस कप्तान डीजीपी अनुराग गुप्ता के नाम पर फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई गई थी. और साइबर अपराधियों के द्वारा लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही थी. मामला तब प्रकाश में आया जब डीजीपी अनुराग गुप्ता के नाम से बनी फर्जी फेसबुक प्रोफाइल में उनके नाम की स्पेलिंग ही गलत थी. बाद में उक्त फर्जी अकाउंट के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत करते हुए फर्जी अकाउंट को बंद करने की कार्रवाई की गई थी.
बाल-बाल बचे बच्चे: भारी बारिश के बीच स्कूल में फंसे 162 छात्रों को छत से किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
30 Jun, 2025 08:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में मानसून आगमन के साथ ही कई जगहों पर भारी बारिश देखने को मिल रह है जिसकी वजह से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लगातार हो रही तेज बारिश के कारण झारखंड के अधिकांश जिलों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. अधिकांश निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, चाहे बात राजधानी रांची की हो या लोह नगरी जमशेदपुर की, झारखंड में जून महीने में हुए रिकॉर्ड बारिश से कई इलाके प्रभावित हुए हैं. सड़कें तालाबों में तब्दील हो गईं, नदियां खतरे निशान के करीब पहुंच गई हैं. अब आम लोगों के घरों में भी बारिश का पानी पहुंच रहा है. वहीं जमशेदपुर के एक स्कूल में 162 बच्चे भारी बारिश के बीच फंस गए जिन्हें बचाने के लिए लोगों को घंटों तक जद्दोजहद करनी पड़ी.
झारखंड में हो रही भारी बारिश का एक भयावह मंजर जमशेदपुर के पोटका प्रखंड के कोवली थाना क्षेत्र में देखने को मिला. जहां तेज बारिश के कारण गुदरा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण लव-कुश नामक आवासीय विद्यालय में पानी भर गया. दरअसल शनिवार की रात से हुई रही बारिश के कारण नदी के पास स्थित लव-कुश आवासीय विद्यालय में भी पानी घुस गया. उस समय स्कूल के छात्रावास में लगभग 162 बच्चे और स्टाफ मौजूद था.
स्कूल की छत पर चढ़े बच्चे
देखते ही देखते आवासीय विद्यालय पूरी तरीके से पानी में डूब गया. कई बच्चे जान बचाने के लिए स्कूल की छत पर चढ़ गए. मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. तत्काल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम के निर्देशन में कोवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रस्सी और छोटे नाव के सहारे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. कड़ी मशक्कत के बाद आवासीय विद्यालय में फंसे लगभग 162 बच्चों को विद्यालय की छत से बाहर निकल गया. सभी बच्चों के जलमग्न हुए स्कूल से रेस्क्यू किए जाने के बाद प्रशासन ने भी चैन की सांस ली है.
प्रदेश के कई इलाकों में अलर्ट
बता दें कि झारखंड में लगभग 1 दशक के बाद जून के महीने में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक हर साल 30 जून तक राज्य में 189 मिमी बारिश होती है ,जो सामान्य बारिश मानी जाती है. इस साल 28 जून तक लगभग 306 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि अभी जून महीने में 2 दिन बाकी हैं. जबकि भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग के द्वारा रांची खूंटी पूर्वी- पश्चिमी सिंहभूम के लिए अलर्ट भी जारी किया गया है.
मध्याह्न भोजन बना हादसे की वजह, बच्चों को जबरन खिलाई गई खराब खिचड़ी
28 Jun, 2025 08:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar : खाना खाते ही अचानक स्कूल में अफरातफरी का माहौल हो गया। बच्चों के पेट में दर्द के साथ-साथ उल्टी होने लगी। बच्चों ने विद्यालय के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि भोजन में कीड़ा देखने के बाद भी हमलोगों को जबरन यह भोजन खिलाया गया।
सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत महम्मदगंज पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय शंकरपट्टी में शनिवार को मध्याह्न भोजन खाने से आठ दर्जन से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए। शाम 07 बजे तक इनमें से आठ दर्जन बच्चों को अकेले सीएचसी छातापुर में भर्ती कराया गया है। वही कुछ बच्चों का इलाज निजी क्लीनिक में चल रहा है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में नामांकित 348 में से कुल 148 बच्चे शनिवार को विद्यालय में उपस्थित थे। इनमें से 100 से अधिक बच्चों ने एमडीएम खाया था। लेकिन भोजन के कुछ देर बाद ही पहले 15 से 20 बच्चों में पेट दर्द और उल्टी की शिकायत सामने आई। जिसके बाद विद्यालय में अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि विद्यालय प्रधान और ग्रामीणों के सहयोग से बच्चों को इलाज के लिए सीएचसी ले जाया गया। इस बीच बीमार बच्चों की तादाद बढ़ने लगी और देर शाम तक आंकड़ा आठ दर्जन को पार कर चुका था। जिसकी वजह से विद्यालय और अस्पताल में ग्रामीणों की भीड़ भी बढ़ती चली गई। इधर, सूचना के करीब एक घंटे बाद राजेश्वरी थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस की गाड़ियों से कुछ छात्रों को अस्पताल पहुंचाया गया। बच्चों के लगातार बीमार पड़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
खाना खाने के बाद ही होने लगा पेट दर्द
अभिभावकों ने बताया कि मध्याह्न भोजन में परोसी गई खिचड़ी खाने के कुछ देर बाद ही छात्रों को पेट दर्द और उल्टी होने लगी। वही इस दौरान कई छात्र बेहोश हो गए। इस घटना के बाद कुछ अभिभावकों ने बच्चों को आनन-फानन में निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया। वही प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों को निजी वाहनों से अस्पताल भेजा गया और उसके एक घंटे बाद एक एम्बुलेंस पहुंची। शाम तक बीमार बच्चों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला जारी था। वही देर शाम रसोईया संतोलिया देवी को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मालूम हो कि इससे पहले शुक्रवार को बसंतपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय रानीगंज में भी मध्याह्न भोजन खाने से करीब 35 छात्र-छात्राएं बीमार हो गए थे।
सड़े हुए चावल का हो रहा था एमडीएम में प्रयोग
घटना के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है। वही किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को देखते हुए स्कूल परिसर में देर शाम तक पुलिस बल तैनात दिखी। इधर, अभिभावकों ने इस घटना के लिए विद्यालय प्रबंधन को जिम्मेवार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़े हुए चावल से खिचड़ी बनाई गई थी। छात्रों ने बताया कि खिचड़ी में बड़ी संख्या में पीलू थे, जिसे देखकर कई बच्चों ने खाना नहीं खाया और घर चले गए। वही कुछ बच्चों ने आरोप लगाया कि खाने से इनकार करने पर शिक्षकों ने डांट-फटकार की और जबरन खाना खिलाया।
स्टोर रूम खोलने से हिचक रहे थे प्रधान, खुलने के बाद ग्रामीणों का हंगामा
शनिवार को एमडीएम खाने के बाद जब बीमार बच्चों की तादाद बढ़ने लगी तो आक्रोशित अभिभावकों ने विद्यालय के स्टोर रूम को खुलवाया। जहां रखे चावल में कीड़े की तादाद काफी ज्यादा थी। हालांकि इससे पहले विद्यालय प्रधान हरिश्चंद्र ततमा स्टोर रूम खोलने के लिए तैयार नहीं थे। लिहाजा अंदर के हालात देखने के बाद अभिभावकों ने हंगामा शुरु कर दिया। बाद में राजेश्वरी थाने की पुलिस ने हंगामा शांत कराया। इधर, घटना की सूचना पर बीडीओ डॉ राकेश कुमार गुप्ता और सीओ राकेश कुमार ने सीएचसी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सीएचसी प्रभारी डॉ नवीन कुमार सिंह ने बताया कि 80 से अधिक बच्चे अस्पताल पहुंचे हैं और सभी का इलाज चल रहा है। सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
टीचर की यादगार विदाई: फूलों से सजी गाड़ी में स्कूल स्टाफ ने किया विदा, भावुक क्षणों ने जीता दिल
28 Jun, 2025 07:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के मुजफ्फरपुर में शिक्षिका का ट्रांसफर होने पर भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया. दुल्हन की तरह गाड़ी को सजाया गया और बैंड बाजे के साथ विदाई दी गई. विदाई के दौरान शिक्षिका रो पड़ी. महिला का गला फूलों की हार से लदा हुआ था. स्कूल के स्टाफ के अलावा ग्रामीणों और छात्रों ने विदाई समारोह को भव्य बनाया. शिक्षिका मध्य विद्यालय आरोपुर में सेवा दे रही थी.
दरअसल, आदर्श मध्य विद्यालय आरोपुर सरैया प्रखंड में तैनात शिक्षिका के ट्रांसफर के बाद उनका विदाई समरोह हुआ. सरकारी कर्मी का ट्रांसफर या तबादला एक सामान्य प्रक्रिया है. लेकिन शायद ही कभी ऐसा देखने को मिलता है कि किसी शिक्षिका के तबादले के बाद भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावकों की भीड़ उमड़े और उनके विदाई समारोह को यादगार बना दे. कुछ ऐसी ही तस्वीर मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखण्ड के आदर्श मध्य विद्यालय आरोपुर में देखने को मिला.
शिक्षिका रेखा कुमारी चौधरी के तबादले के बाद लोगों ने धूमधाम से बारात निकाली. शिक्षिका रेखा चौधरी के तबादले के मौके पर उनके गले में फूलों का हार पहनाया गया. उनके गाड़ी को भी दूल्हन की तरह फूलों से सजाया गया था. लोगों ने बैंड बाजे के साथ शिक्षिका रेखा चौधरी को विदा किया.
शिक्षिका का विदाई भाषण
शिक्षिका रेखा चौधरी के विदाई से पहले विद्यालय परिसर में विदाई मंच सजाया गया. छात्र-छात्राओं ने शिक्षिका रेखा चौधरी के सम्मान में विदाई भाषण दिया. इस अवसर पर प्रधानाध्यापक ने उन्हें प्रतीक चिन्ह व शाल भेंट कर सम्मानित किया. शिक्षकों ने उन्हें माला पहनाया स्कूल के बच्चों ने उनके विदाई समारोह पर भाषण देकर यादगार बनाया. बच्चों के भाषण से वह भावविभोर हो गई. इस अवसर पर शिक्षिका रेखा चौधरी मंच पर ही भावुक हो गईं. रेखा चौधरी के आंखों से आंसू टपकने लगे. ग्रामीण और छात्र छात्रा भी भावुक हो गए.
‘मैं अपना परिवार छोड़कर जा रही हूं’
शिक्षिका रेखा चौधरी ने भावुक होकर बताया कि यह विद्यालय मेरे परिवार की तरह था. मैं अपने वेतन का सारा पैसा अपने विद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच कॉपी किताब के लिए बांट देती थी. मैं इस विद्यालय को नहीं इस परिवार को छोड़कर जा रही हूं, इसलिए दुखी हूं. इस स्कूल में 21 वर्षो से कार्यरत थी, अब इस विद्यालय को तबादले के बाद छोड़कर दूसरे विद्यालय जाना पड़ रहा है. इस विद्यालय में मुझे छात्र-छात्राएं अभिभावक एवं शिक्षकों से जो मुझे सम्मान मिला वो मैं कभी नहीं भूल सकती. शिक्षिका पूजा कुमारी ने बताया की डेढ़ साल से स्कूल में कार्यरत हूं. फिर भी इस विद्यालय से गहरा लगाव हो गया. यहां के सर, मैडम और गांव के लोग बहुत अच्छे हैं. मेरा भी यहां से जाने का मन नहीं कर रहा है, लेकिन तबादला हुआ है तो जाना ही पड़ेगा.
ग्रामीणों ने क्या कहा?
वहीं स्कूल की छात्रा शारदा ने बताया कि स्कूल की शिक्षिका रेखा दीदी देवी हैं. दीदी बच्चों को आर्थिक रूप से सहायता करती है. हम लोग गरीब परिवार से हैं, दीदी हर तरीके से मदद करती है. आज दीदी जा रही है तो बहुत बुरा लग रहा है. जैसे मां छोड़कर जाती है, उस तरह से महसूस हो रहा है. इनको अगर शिक्षक कहा जाए तो बहुत गलत है. ये बच्चों को पढ़ाती नहीं थी बल्कि बच्चों को मां की तरह प्यार करती थी. छोटे-छोटे बच्चों को देखिए क्या स्थिति है. स्कूल से जाने के गम में उदास बैठे हुए है. जैसे मां उनको छोड़कर कहीं जा रही है.
रिश्तों का अजब खेल: पति और 3 बच्चों को छोड़ चाची ने की भतीजे से शादी
28 Jun, 2025 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के जमुई में तीन बच्चों की मां को अपने ही भतीजे से प्यार हो गया. दोनों का इश्क इस कदर परवान चढ़ा कि एक रोज महिला भतीजे के साथ भाग गई. दोनों ने एक झोपड़ी में शादी की. इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर किया. वीडियो में चाची और भतीजे ने सुरक्षा की गुहार लगाई है.
यह घटना टाउन थाना क्षेत्र के भाटचक गांव की है. यहां एक 3 बच्चों की मां ने अपने गोतिया में ही भतीजे से दूसरी शादी कर ली. जानकारी के अनुसार गिद्धौर थाना क्षेत्र के मोहाली गढ़ निवासी प्रहलाद साह की बेटी की शादी लगभग 7 साल पहले भाटचक निवासी सावन कुमार उर्फ कमांडो से हुई थी. दोनों के 3 बेटे भी हैं. सब कुछ अच्छा चल रहा था कि तीन साल पहले महिला का अपने भतीजे दीपक कुमार से अफेयर शुरू हो गया.
घर वालों को इस बारे में पता चला तो खूब हंगामा बरपा. दोनों को समझाया गया. पति ने भी पत्नी से कहा- ये तुम क्या कर रही हो? हमारे तीन बच्चे हैं. उनके बारे में तो सोचो. बच्चे पालने की उम्र में तुम किसी गैर मर्द से आशिकी कर रही हो. रोज पति पत्नी में इसे लेकर विवाद होता था. फिर एक रोज महिला घर से भाग गई.
वीडियो में सुरक्षा की लगाई गुहार
गुरुवार को दीपक ने एक झोपड़ीनुमा कमरे में अपनी चाची की मांग में सिंदूर भरकर उससे दूसरी शादी कर ली. उन्होंने इस शादी का वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर सुरक्षा की गुहार लगाई. वायरल वीडियो में दोनों कहते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है और इसमें किसी का कोई दबाव नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए लड़की के माता-पिता जिम्मेदार होंगे.
पत्नी को 8 बार चाकू मारने वाले पति की सास ने खोले राज, 'कई अफेयर और दूसरी शादी'
28 Jun, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के भागलपुर में एक लालची पति ने अपनी ही पत्नी पर चाकू से आठ बार हमला करके घायल कर दिया. आरोपी के एक नहीं 12 एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर हैं. खुद वो निगमकर्मी है, फिर भी पत्नी और उसके घर वालों से कहता- मुझे जिम खोलना है, 5 लाख रुपये दो. पैसा नहीं मिला तो पति ने पत्नी को चाकू घोंप दिया.
मामला जोग्सर थाना क्षेत्र के कोयलाघाट का है. घायल महिला की पहचान प्रेमराज की पत्नी संजुला कुमारी (27) के रूप में हुई है. आरोप है कि संजुला के पति प्रेमराज के कई लड़कियों से अवैध संबंध भी हैं, जिसको लेकर अक्सर घर में विवाद होता था. मायके वालों के पास प्रेम राज और उसकी 12 गर्लफ्रेंड्स के फोटो भी हैं. गुरुवार को जब संजुला अपने बच्चों को स्कूल से लाने गई थी तो प्रेमराज ने बार-बार फोन कर उसे घर बुलाया.
जैसे ही संजुला घर पहुंची वहां ननद ममता कुमारी उससे झगड़ने लगी. इसके बाद संजुला के साथ उसके ससुर रामचंद्र यादव, सास मुक्ति देवी और पति प्रेमराज ने मिलकर कमरे में बंद कर पहले उसकी पिटाई की, बिस्तर पर लेटाकर उसे मारा, और फांसी पर लटकाने का भी प्रयास किया. फिर प्रेमराज ने शरीर के विभिन्न हिस्सों में उसे आठ बार चाकू मारकर घायल कर दिया. साले युवराज यादव ने आरोप लगाया है कि मारपीट के बाद उसकी बहन को फंदे से लटकाने की प्लानिंग थी.
मां बेटी से की ससुरालियों ने मारपीट
घटना की जानकारी संजुला ने अपनी मां मंजू देवी को दी. 5 किलोमीटर दूर मायके से मां मंजू देवी और भाई युवराज यादव मौके पर पहुंचे तो ससुराल वालों ने मंजू देवी के साथ भी मारपीट की. घायल हालत में मां-बेटी जोग्सर थाना पहुंचीं. करीब आधे घंटे इंतजार के बाद संजुला थाने में ही बेहोश हो गई. इसके बाद पुलिस की मदद से उसे मायागंज अस्पताल पहुंचाया गया.
‘जीजा को आपत्तिनक हालक में देखा’
घायल संजुला के भाई युवराज यादव ने बताया- प्रेमराज के कई लड़कियों से अवैध संबंध हैं. वह बार-बार पांच लाख की मांग कर रहा था जिसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ था. सात साल पहले दोनों की शादी हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं. एक कि उम्र 5 साल है तो दूसरा 4 साल का है. बच्चों को स्कूल छोड़ने और लाने का जिम्मा हमेशा संजुला पर ही था. प्रेमराज ने कभी पिता का फर्ज नहीं निभाया. घायल संजुला का ससुराल कोयलाघाट है जबकि, मायके 5KM दूर मानिकपुर है. युवराज ने बताया कि बहन ने बहनोई को कई लड़कियों के साथ आपत्तिजनक तस्वीरों में देखा था.
दूसरी शादी करना चाहता था दामाद
मंजू देवी ने बताया कि दामाद प्रेमराज दूसरी शादी करना चाहता था. वह बेटी से तलाक की मांग कर रहा था और जिम खोलने के नाम पर पांच लाख की मांग कर रहा था. पैसे नहीं देने पर बेटी के साथ लगातार मारपीट करता था. गुरुवार को भी बेटी जब अपने बेटे को स्कूल से ला रही थी उसी दौरान प्रेमराज ने बार-बार फोन कर घर बुलाया और वहां मारपीट शुरू कर दी.
आधे घंटे तक तड़पती रही संजुला
उधर, मायागंज अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं. चाकू से घायल संजुला को ऑपरेशन थिएटर के पास आधे घंटे तक तड़पते रहना पड़ा, क्योंकि वहां लाइट नहीं थी. ऑपरेशन थिएटर में भी अंधेरा था. ट्रॉलीमैन घायल को कभी ऑपरेशन थिएटर ले जा रहे थे तो कभी बाहर ला रहे थे. इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर फिर से सवाल उठने लगे हैं.
सरकारी पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की बहार: बिहार में हजारों युवा बने सफल उद्यमी
28 Jun, 2025 01:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार सरकार युवाओं को स्व-रोजगार मुहैया कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के माध्यम से राज्य के सुदूर गांवों में युवाओं का भविष्य संवारा जा रहा है. परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार योजना के 11वें चरण में जून 2024 से अबतक तीन हजार 500 से अधिक अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के ग्रामीण युवाओं ने वाहन खरीदने के लिए आवेदन किया है. इनमें करीब 900 युवाओं ने वाहनों का क्रय किया है जबकि अन्य लाभार्थियों को अनुदान देने की प्रक्रिया जारी है.
जानकारी के मुताबिक साल 2018 से लागू मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत कुल 55 हजार वाहनों की खरीद का लक्ष्य निर्धारत किया गया है. पिछले सात सालों में लगभग 45 हजार ग्रामीण युवाओं ने वाहन खरीदें हैं जबकि शेष युवाओं के लिए वाहनों की खरीद और उसपर अनुदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है.
ई-रिक्शा की खरीद पर मिल रहा अनुदान
राज्य के प्रति पंचायत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के चार और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के तीन लाभार्थियों को को अनुदान की राशि दी जा रही है. राज्य सरकार अनुमान्य वाहनों के खरीद मूल्य का कुल 50 प्रतिशत या अधिकतम एक लाख रुपये का अनुदान दे रही है. वहीं, ई-रिक्शा और सामान्य सवारी वाहनों की खरीद पर खरीद मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 70 हजार रुपये की अनुदान राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जा रही है. कोविड-19 महामारी के दौरान एम्बुलेंस वाहन की खरीद पर अधिकतम दो लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा था.
ग्रामीण कनेक्टिविटी पर जोर : सचिव
परिवहन विभाग के सचिव डॉ. संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी ने कहा कि यह योजना न सिर्फ ग्रामीणों को प्रखंड और जिला मुख्यालयों से जोड़ रही है बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर भी बनाने में अहम भूमिका निभा रही है. विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर पंचायत में योग्य लाभार्थियों को इसका लाभ मिले.
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम: CM नीतीश कुमार पंचायतों को बनाएंगे महिला केंद्रित
28 Jun, 2025 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुरू से ही राज्य की महिलाओं को सशक्त और सामाजिक बदलाव की अग्रदूत बनाने पर जोर दिया है. उनके इस संकल्प को साकार करने में पंचायती राज विभाग की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है. राज्य सरकार का पंचायती राज विभाग समाज के अंतिम तबके की अंतिम महिला को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत है. राज्य में आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए चयनित 38 ग्राम पंचायतों में से 29 की कमान महिला जन प्रतिनिधि के हाथों में है.
पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने 16 जून 2025 को आयोजित कार्यशाला में स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों के विकास से ही राज्य और देश का समग्र विकास संभव है. इसी दृष्टिकोण से महिला जनप्रतिनिधियों को केवल अधिकार नहीं दिए गए, बल्कि उन्हें सक्षम नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और एक्सपोजर कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं.
सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान का लाभ
उन्होंने बताया कि राज्य में ग्रामीण महिलाओं को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रियाएं और सामाजिक नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षित किया जाता है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के उपलक्ष्य में 4-5 मार्च को नई दिल्ली में “सशक्त पंचायत-नेत्री अभियान” की शुरुआत की गई, जिसमें बिहार की महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
इस अवसर पर सभी राज्यों के सभी जिले में एक ग्राम पंचायत को आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई . इसके बाद राज्य स्तर पर भी 5 मार्च को प्रत्येक जिले से एक ग्राम पंचायत को आदर्श महिला हितैषी ग्राम पंचायत के रूप में चयनित किया गया.
तीन पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार
गौरतलब है 2024 बिहार की ग्राम तीन पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार (राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2024) में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर राष्ट्रपति ने पुरस्कृत किया था. पुरस्कार के लिए चयनित इन तीन ग्राम पंचायतों (जजुआर मिडिल, पुनहाड़ा और परथु) में से दो का नेतृत्व महिला मुखिया (निभा कुमारी, पुनहाड़ा, जहानाबाद और तृप्ति कुमारी, परथु, नालंदा) के हाथ में है.
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2025 के अवसर पर मधुबनी जिले के झंझारपुर प्रखंड के उत्तर लोहना ग्राम पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड की मोतीपुर ग्राम पंचायत को विशेष पंचायत पुरस्कार श्रेणी में “क्लाइमेट एक्शन विशेष पंचायत पुरस्कार-2025” में तृतीय स्थान प्राप्त करने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्मानित किया. इस ग्राम पंचायत का नेतृत्व प्रेमा देवी के हाथ में है.
UAE में फंसे झारखंड के 15 मजदूर: 'न खाना, न पानी, न काम' - वीडियो जारी कर मांगी मदद
28 Jun, 2025 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारत के 15 प्रवासी मजदूर फंसे गए हैं. सभी मजदूर झारखंड के हजारीबाग, गिरिडीह एवं धनबाद जिले के हैं. दुबई में फंसने वाले 15 मजदूरों में हजारीबाग के चुरामन महतो, चंद्रिका महतो, कैलाश महतो, बिशुन महतो, जगन्नाथ सिंह, लखन सिंह, सुखदेव सिंह, अर्जुन महतो, त्रिलोकी महतो, बालेश्वर महतो, वहीं गिरिडीह जिले के बैजनाथ महतो, महेंद्र महतो, सीताराम महतो और मूरत महतो के अलावा धनबाद जिले के तोपचांची अंतर्गत नेरो निवासी संजय कुमार महतो शामिल हैं.
UAE की जिस कंपनी में ये काम करते हैं, उस कंपनी ने उन्हें कई हफ्तों से वेतन नहीं दिया है. इनके पास खाने-पीने और बुनियादी सुविधाओं के लिए भी पैसे नहीं हैं. मकान मालिक ने समय से किराया न चुकाने की स्थित में इन सभी को घर से निकाल देने की धमकी दी है. दरअसल, UAE में फंसे ये मजदूर हजारीबाग, गिरिडीह और धनबाद के प्रवासी श्रमिक हैं, जो UAE के अबू धाबी के बाहरी इलाके में फंसे हुए हैं. इन्हीं में से एक मजदूर चारुमन नाम के श्रमिक ने कहा कि हैदराबाद कि एक कंपनी ने इन्हें बिजली के काम के लिए वहां भेजा था.
सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से मदद की गुहार
दुबई में फंसे सभी मजदूरों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना विडियो बनाकर सरकार से वापसी कराने में मदद करने की गुहार लगाई है. पिछले तीन महीने से कंपनी ने उन्हें भुगतान करना बंद कर दिया है. हालात ऐसी है कि वे पाई-पाई को मोहताज हैं. श्रमिकों ने अब केंद्र और राज्य सरकारों से घर लौटने में के लिए मदद की अपील की है.
ठेकेदार नहीं दे रहा कॉल और मैसेज का जवाब
श्रमिकों ने बताया कि साल 2024 में वे अबू धाबी आए. वे लोग कजाकिस्तान, मलेशिया और सऊदी अरब में कार्य कर चुके हैं. इन्हीं में से एक मजदूर चारुमन ने कहा कि ठेकेदार ने दो साल पहले हमें काम पर रखते समय बताया था कि कंपनी 10 साल से अधिक समय से वहां काम कर रही है और भरोसेमंद है. ठेकेदार ने हमें हर महीने लगभग 1,700 दिरहम (लगभग 40,000 रुपए) देने का वादा किया था, लेकिन पिछले तीन महीनों हमें वेतन नहीं मिला है. कंपनी के ठेकेदार तिरुपति रेड्डी और कंपनी के सुपरवाइजर को कॉल और मैसेज करने पर कोई जवाब नहीं मिल रहा है.
ठेकेदार ने 8 लोगों में बांटने को दिए 600 रुपए
उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा किराया और बिजली बिलों का भुगतान न किए जाने के कारण उनके मकान मालिक ने उनका पानी का कनेक्शन काट दिया है. साथ ही उनके दो कमरों वाले मकान से उन्हें बाहर निकलने की धमकी दी है. 28 वर्षीय अर्जुन महतो ने कहा कि यह एकमात्र काम है, जिसे हम जानते हैं, लेकिन पिछले तीन महीने बेहद मुश्किल भरे रहे हैं. कभी-कभी, ठेकेदार हमें आठ लोगों के बीच बांटने के लिए 600 रुपए देता था. एक अन्य श्रमिक 40 वर्षीय बिष्णु महतो ने कहा यहां की गर्मी असहनीय है. हम बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना कर रहे हैं.
परेशानी के बावजूद विदेश में काम करने को तैयार श्रमिक
इतनी परेशानी सह रहे मजदूर से जब यह पूछा गया कि क्या वह आगे से विदेश में काम की तलाश करेंगे तो चौंकाने वाला जवाब आया. चारुमान ने कहा कि विदेशी कंपनियां आमतौर पर अच्छा भुगतान करती हैं, जिससे हमें बचत करने और घर पैसे भेजने में मदद मिलती है. यही वजह है कि हम आगे भी विदेशों में काम की तलाश करेंगे.
आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई, CM हाउस के बाहर तनाव
