उत्तर प्रदेश
आधी रात हुए ट्रिपल मर्डर से दहला इलाका, नाबालिग आरोपी हिरासत में
22 Jun, 2026 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोरखपुर। जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में रविवार देर रात एक बेहद रूहकँपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ महज 16 साल के एक किशोर ने घरेलू कलह के चलते कथित तौर पर अपने सगे बड़े भाई, भाभी और केवल तीन वर्ष के मासूम भतीजे पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। एक ही घर में तीन लोगों की निर्मम हत्या की खबर फैलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और कई आला अधिकारी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की तफ्तीश शुरू की।
कमरे में सो रहा था परिवार, रात के सन्नाटे में उतारा मौत के घाट
पुलिस नियंत्रण कक्ष से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड में मारे गए लोगों की पहचान अमित गुप्ता, उनकी पत्नी रंजना गुप्ता और उनके 3 वर्षीय मासूम बेटे रेयान गुप्ता के रूप में हुई है।
परिजनों ने बताया कि रविवार की रात रोज की तरह पूरा परिवार खाना खाकर अपने कमरे में सो रहा था। इसी दौरान देर रात करीब तीन बजे आरोपी छोटा भाई धारदार हथियार लेकर कमरे में दाखिल हुआ और सोते हुए भाई-भाभी सहित भतीजे पर बेरहमी से वार करना शुरू कर दिया। हमले की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तीनों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और अत्यधिक खून बह जाने के कारण तीनों की बिस्तर पर ही तड़प-तड़प कर मौके पर ही मौत हो गई।
बदहवास पिता ने पुलिस को दी सूचना, आरोपी भाई हथियार सहित हिरासत में
रात में चीख-पुकार और अजीब आवाजें सुनकर जब मृतक के पिता कमरे की ओर भागे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों क्षत-विक्षत शवों को अपने कब्जे में लेकर विधिक पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भागने की फिराक में लगे 16 वर्षीय मुख्य आरोपी किशोर को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया खून से सना हुआ धारदार हथियार भी बरामद कर लिया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
वारदात के पीछे पारिवारिक कलह की आशंका, गांव में पसरा सन्नाटा
मामले की जानकारी देते हुए एसपी दक्षिणी दिनेश पुरी ने बताया कि पुलिस को देर रात लगभग तीन बजे इस तिहरे हत्याकांड की सूचना मिली थी। प्रारंभिक फोरेंसिक जांच और साक्ष्यों से साफ है कि आरोपी ने पूरी योजना के साथ सोते समय इस खूनी खेल को अंजाम दिया।
अधिकारी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में घटना के पीछे गहरा पारिवारिक विवाद और जमीनी या आपसी कलह की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस हर छोटे-बड़े पहलू और एंगल की गहनता से वैज्ञानिक जांच कर रही है ताकि हत्या की वास्तविक और सटीक वजह का पता लगाया जा सके।
गाँव में तनाव और आक्रोश, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
सोमवार की सुबह जैसे ही इस वीभत्स हत्याकांड की खबर पूरे इलाके में फैली, समूचे ग्रामीण अंचल में सन्नाटा पसर गया और चारों तरफ मातम छा गया। पीड़ित के घर के बाहर बड़ी संख्या में आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोग इस बात से हैरान और गुस्से में हैं कि एक नाबालिग लड़का अपने ही परिवार के प्रति इतना हिंसक कैसे हो सकता है।
बांसगांव थाना पुलिस ने मृतक अमित गुप्ता के पिता द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ हत्या की संगीन और सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस ने कहा कि चूंकि आरोपी नाबालिग (किशोर) है, इसलिए किशोर न्याय बोर्ड के नियमों के तहत विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ रहे मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह के डरावने अंजाम को उजागर किया है।
ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर मायावती का बड़ा बयान, विपक्ष पर साधा निशाना
22 Jun, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार तेज होती जा रही हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि सूबे में ब्राह्मण समाज और अगड़ी जाति (अपर कास्ट) के लोगों का झुकाव अब तेजी से बसपा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के इस बदलते मिजाज ने विरोधी खेमों की नींद उड़ा दी है। बसपा प्रमुख के अनुसार, जिस प्रकार साल 2007 के विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण समाज के ऐतिहासिक और पूर्ण सहयोग से बसपा ने राज्य में पूर्ण बहुमत की मजबूत सरकार बनाई थी, ठीक उसी तरह के स्पष्ट राजनीतिक संकेत अब धरातल पर दोबारा नजर आने लगे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर साझा किए गए अपने आधिकारिक बयान में मायावती ने बताया कि आगामी चुनावों के मद्देनजर बसपा ने विभिन्न वर्गों के जिताऊ और कर्मठ कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाने की जमीनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि ब्राह्मण समाज के प्रबुद्ध जनों के पार्टी से जुड़ने के कारण विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर गहरी बेचैनी और घबराहट देखी जा सकती है।
'सर्वजन हिताय' के सिद्धांत से ही सुरक्षित है हर वर्ग का भविष्य
बसपा प्रमुख ने उत्तर प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के अपरकास्ट समाज और विशेष रूप से ब्राह्मण वर्ग का वास्तविक हित, सम्मान और सुरक्षा केवल बहुजन समाज पार्टी की नीतियों में ही निहित है। उन्होंने अपने शासनकाल का हवाला देते हुए दावा किया कि उनकी पार्टी ने हमेशा ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के मूल सिद्धांत को न केवल संगठन के स्तर पर लागू किया, बल्कि सरकार में रहते हुए भी शासन-प्रशासन के शीर्ष पदों पर हर वर्ग को यथोचित सम्मान और सत्ता में बराबर की भागीदारी सुनिश्चित की थी।
विपक्षियों के राज में खुद को ठगा महसूस कर रहा था प्रबुद्ध वर्ग
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने विपक्षी दलों की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि गैर-बसपा सरकारों के कार्यकाल में ब्राह्मण समाज के लोगों को लंबे समय तक उपेक्षा, असुरक्षा और प्रशासनिक पक्षपात का दंश झेलना पड़ा है। अन्य राजनीतिक दलों के राज में यह वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा था, यही वजह है कि अब यह चेतनाशील समाज बड़ी संख्या में पुनः बसपा के मंच पर लामबंद हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी चुनाव के बाद राज्य में बसपा की सरकार बनने पर ब्राह्मण समाज को पूर्ववर्ती बसपा सरकारों की भांति ही पूरा मान-सम्मान, सुरक्षा और सत्ता में महत्वपूर्ण भागीदारी दी जाएगी।
क्षत्रिय, वैश्य सहित सभी समाजों को योग्यता के आधार पर मिलेगा टिकट
बसपा सुप्रीमो ने चुनावी रणनीति को स्पष्ट करते हुए साफ किया कि पार्टी किसी एक वर्ग विशेष तक सीमित नहीं है। आगामी विधानसभा चुनाव में केवल ब्राह्मण ही नहीं, बल्कि क्षत्रिय (राजपूत), वैश्य और अन्य सभी समाजों के सक्रिय व समर्पित लोगों को उनकी जमीनी तैयारी, निष्ठा और सामाजिक योगदान के पुख्ता आधार पर प्रत्याशी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व लगातार चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहा है और प्रदेश के सभी वर्गों को एक सूत्र में पिरोकर आगे बढ़ने की सर्वसमावेशी रणनीति पर तेजी से काम किया जा रहा है।
सात हत्याओं के आरोपी लल्लन सिंह पर चला STF का शिकंजा, मुठभेड़ में मौत
22 Jun, 2026 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने रविवार देर रात एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले सवा लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह मुठभेड़ सहारनपुर जिले के सरसावा-नकुर मार्ग पर हुई। इस क्रॉस-फायरिंग के दौरान लल्लन का एक मुख्य मददगार अंधेरे और घने पेड़ों का लाभ उठाकर घटना स्थल से भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
वाराणसी और चंदौली पुलिस ने घोषित किया था इनाम
एसटीएफ मुख्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मारे गए अपराधी ललन सिंह (पुत्र शिव शंकर सिंह) का लंबा और खौफनाक आपराधिक इतिहास रहा है। वह पिछले काफी समय से उत्तर प्रदेश और बिहार के कई संगीन और जघन्य मामलों में वांछित (वांटेड) चल रहा था। उसकी लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की ओर से एक लाख रुपये और चंदौली जिला पुलिस की तरफ से 25 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था। लल्लन मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिला अंतर्गत मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव का निवासी था, जिसने पूर्वांचल और पश्चिम यूपी में अपना नेटवर्क फैला रखा था।
घेराबंदी करने पर एसटीएफ टीम पर झोंक दी थी गोलियां
घटनाक्रम के मुताबिक, 21 जून की रात एसटीएफ की विशेष टीम सहारनपुर के सरसावा-नकुर मार्ग पर संदिग्ध वाहनों और अंतरराज्यीय अपराधियों की धरपकड़ के लिए सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान गुप्तचरों से टीम को इलाके में कुछ हथियारों से लैस बदमाशों की मौजूदगी का सटीक इनपुट मिला।
सूचना के आधार पर जब एसटीएफ ने घेराबंदी शुरू की, तो खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में ललन सिंह उर्फ लल्लन गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी गोलियां चलाते हुए मौके से भाग निकला।
सुरक्षा बल घायल बदमाश को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सरसावा लेकर गए, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने सघन परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
7 हत्याओं और बैंक डकैती सहित कई बड़ी वारदातों को दे चुका था अंजाम
पुलिसिया रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि ललन सिंह अपने सगे भाइयों और गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट चला रहा था। उसके ऊपर सात निर्दोष लोगों की बेरहमी से हत्या, कई बैंक डकैती, एटीएम कैश-वैन लूट और पुलिसकर्मियों से सरकारी हथियार लूटने जैसे दर्जनों संगीन मुकदमे दर्ज थे। लल्लन के हाथों मारे गए लोगों में दो जांबाज सब-इंस्पेक्टर (उपनिरीक्षक), एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे।
विशिष्ट मामलों की बात करें तो लल्लन पर 8 नवंबर 2022 को वाराणसी में तैनाती के दौरान एक सब-इंस्पेक्टर को सरेआम गोली मारकर उनकी सरकारी सर्विस पिस्तौल लूटने का मुख्य आरोप था। इसके अतिरिक्त, 1 नवंबर 2022 को चंदौली जिले में हुई एक भीषण गोलीबारी और रंगदारी-लूट की घटना में भी पुलिस को उसकी सरगर्मी से तलाश थी। पुलिस प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और फरार आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
झारखंड में बारिश की एंट्री, मौसम विभाग ने 27 जून तक जारी किया येलो अलर्ट
22 Jun, 2026 07:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कदम आगे बढ़ाने के लिए मौसमी परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, सूबे के ज्यादातर इलाकों में आगामी कुछ दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही झोंकेेदार हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे लेकर 27 जून तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। दरअसल, वर्तमान में पंजाब से लेकर बिहार तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है, जबकि झारखंड से होकर तटीय आंध्र प्रदेश तक एक अन्य ट्रफ भी गुजर रही है। इन दोनों प्रणालियों के असर से राज्य के वायुमंडल में लगातार नमी आ रही है, जिससे 23 जून के आस-पास मॉनसून के झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ और नए क्षेत्रों में प्रवेश करने की उम्मीद है।
तापमान में उतार-चढ़ाव और बादलों की आवाजाही का अनुमान
मौसम केंद्र के मुताबिक, 25 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ फुहारें गिरने का सिलसिला जारी रहेगा। इस मौसमी बदलाव के कारण 22 और 23 जून के दौरान सूबे के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, इसके बाद के दिनों में पारे में दोबारा दो से तीन डिग्री की आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना भी जताई गई है।
गुमला के चैनपुर में दर्ज की गई सबसे भीषण वर्षा
बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई अंचलों में हल्की से मध्यम दर्जे की मानसूनी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सबसे ज्यादा बारिश गुमला जिले के चैनपुर इलाके में हुई, जहां 40.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा प्रांतीय राजधानी रांची में 35.6 मिलीमीटर, बोकारो में 35.5 मिलीमीटर और नामकुम के ग्रामीण क्षेत्रों में 23.5 मिलीमीटर पानी बरसा, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया है।
तेज अंधड़ और आकाशीय बिजली को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने 22 जून को विशेष रूप से दक्षिणी भाग यानी कोल्हान प्रमंडल और उससे सटे मध्य जिलों (रांची व आस-पास के क्षेत्र) में तेज हवाओं के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की गंभीर चेतावनी दी है। इसके बाद, 23 से 27 जून के दौरान पूरे राज्य में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने तथा बिजली कड़कने की आशंका है, जिसको देखते हुए नागरिकों को खराब मौसम में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
भोजपुर एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, बढ़ते जनाक्रोश के बीच बिहार सरकार का बड़ा फैसला
21 Jun, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। बढ़ते जनाक्रोश और पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बीच बिहार सरकार ने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच पटना उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाएगी, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की सच्चाई सामने आ सके। इस एनकाउंटर को लेकर सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि विपक्ष से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि मामला कई गंभीर संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि केवल चार पुलिसकर्मियों का निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे घटनाक्रम की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पुलिसकर्मी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ भी उतनी ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जितनी किसी अपराधी के खिलाफ की जाती है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था और वह निहत्था था, तो फिर उस पर गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने मामले की सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की गूंज अब बिहार से निकलकर झारखंड तक पहुंच गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी सरकार को घेरते हुए पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना की और मृतक भरत तिवारी की तुलना शहीद भगत सिंह से कर दी। बहरहाल न्यायिक जांच की घोषणा के बाद अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस जांच से एनकाउंटर से जुड़े विवादों और आरोप-प्रत्यारोपों पर से पर्दा उठ सकता है।
पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी, कलेक्ट्रेट में किसानों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र
21 Jun, 2026 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाथरस। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी होने के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया, जिसमें योजना की नई किस्त जारी करने के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने की। इस अवसर पर सदर विधायक अंजुला माहौर, सिकंद्राराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, सादाबाद विधायक प्रदीप सिंह (गुड्डू), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण योजना है, जिससे देश के करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों से सरकार की विभिन्न कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने किसानों को 23वीं किस्त जारी होने पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी 10 किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि, ब्लॉक प्रमुख, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
बिहार में दूध उत्पादन ने बनाई नई ऊंचाई, एक साल में 4 लाख लीटर प्रतिदिन की बढ़ोतरी
21 Jun, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में डेयरी क्षेत्र से जुड़ी एक सकारात्मक खबर सामने आई है। राज्य में इस वर्ष दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार बिहार में अब प्रतिदिन करीब 26 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा लगभग 22 लाख लीटर प्रतिदिन था। इस तरह एक साल के भीतर दूध उत्पादन में करीब 4 लाख लीटर प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वृद्धि के पीछे हरे चारे की बेहतर उपलब्धता, अनुकूल मौसम और दुधारु पशुओं में बड़ी संक्रामक बीमारियों का नहीं फैलना प्रमुख कारण हैं। सामान्य तौर पर गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन में गिरावट देखी जाती है, लेकिन इस बार समय-समय पर हुई बारिश और अपेक्षाकृत बेहतर मौसम ने पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव डाला। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गायों और भैंसों में कोई बड़ी संक्रामक बीमारी नहीं फैली, जिससे पशुपालकों को नुकसान नहीं हुआ और दूध उत्पादन लगातार बना रहा। बेहतर पशु स्वास्थ्य के कारण डेयरी क्षेत्र को भी मजबूती मिली है। हालांकि, राज्य में पशुधन की संख्या में कुछ कमी दर्ज की गई है। 20वीं पशुधन गणना 2019 के अनुसार बिहार में लगभग 1 करोड़ 53 लाख गाय और 77 लाख भैंस थीं। वहीं, मार्च 2025 के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक गायों की संख्या घटकर करीब 1 करोड़ 48 लाख रह गई है। भैंसों की संख्या में भी कमी देखी गई है। इसके अलावा राज्य में पोल्ट्री पक्षियों की संख्या 2.25 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, हालांकि वर्ष 2025 की पशुधन गणना की अंतिम रिपोर्ट अभी जारी नहीं की गई है। विभाग का मानना है कि पशुपालकों द्वारा अपनाए जा रहे बेहतर पशु प्रबंधन, संतुलित आहार और हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता ने दूध उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे न केवल डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य के लाखों पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पशुपालन और डेयरी विकास की योजनाओं को इसी तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाता रहा, तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
एक लाख रुपये के विवाद में समधन की गोली मारकर हत्या, आरोपी समधी परिवार समेत फरार
21 Jun, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राजधानी पटना के फतुहा थाना क्षेत्र के खरफर गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। महज एक लाख रुपये के विवाद में एक व्यक्ति ने अपनी समधन की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी समधी अपने परिवार के साथ फरार हो गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। मृतका की पहचान 45 वर्षीय रानी देवी के रूप में हुई है। मृतका के पति संजय पासवान और पुत्र सोनू कुमार ने आरोप लगाया है कि आरोपी वीरू पासवान अपने दो साथियों के साथ उनके घर पहुंचा था। बकाया रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने हथियार निकालकर गोली चला दी। परिजनों का कहना है कि गोली संजय पासवान को निशाना बनाकर चलाई गई थी, लेकिन वह रानी देवी को लग गई। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- भैंस खरीदने के लेन-देन से शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच और परिजनों के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले भैंस खरीदने को लेकर ढाई लाख रुपये का लेन-देन हुआ था। इसमें से डेढ़ लाख रुपये वापस किए जा चुके थे, जबकि लगभग एक लाख रुपये बकाया था। इसी रकम को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों ने बताया कि बकाया राशि लौटाने के लिए 30 जून तक का समय तय किया गया था, लेकिन आरोपी लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहा था। इतना ही नहीं, हत्या से करीब 15 दिन पहले भी आरोपी पक्ष द्वारा धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
- पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी
मृतका के बेटे सोनू कुमार ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले आरोपी के बड़े भाई ने घर पहुंचकर गाली-गलौज की थी और गोली मारने की धमकी भी दी थी। हालांकि परिवार ने उस धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। गुरुवार रात वही धमकी हकीकत में बदल गई।गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थ ल पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि रानी देवी घर के अंदर खून से लथपथ पड़ी थीं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
- एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही पचरुखिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से खोखा समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। वहीं, एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की और नमूने एकत्र किए। सदर डीएसपी-2 रंजन कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि आरोपी वीरू पासवान और उसके साथियों की तलाश जारी है तथा उन्हें जल्द गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
बरेली में मुठभेड़ में चार डकैत गिरफ्तार, दो के पैर में लगी गोली
21 Jun, 2026 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बरेली । पुलिस ने चुरेली नहर पुलिया के पास देर रात दो महिलाओं से कुंडल लूटने वाले चार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जबकि उनके दो साथी मौके से फरार हो गए। देवरनिया के कनमन गांव निवासी चंद्रपाल ने अपनी पत्नी व सलहज के साथ लौटते समय हुई कुंडल लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सर्विलांस व एसओजी टीम की मदद से जांच में छह बदमाशों की संलिप्तता पाई। देर रात पुलिस टीम पचपेड़ा चौराहे पर चेकिंग कर रही थी, तभी दो बाइक पर सवार छह संदिग्ध युवक आते दिखे। पुलिस को देख वे भागे, पीछा करने पर उनकी बाइक फिसलकर गिर गई। इसके बाद चार बदमाश खेतों की ओर भागे और पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में विकास और सौरभ के पैर में गोली लगी। पुलिस ने विकास, सौरभ, ललित और सचिन नामक चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया, जो नवाबगंज के पड़री गांव निवासी हैं। आरोपितों के पास से लूटे गए कुंडल, तमंचे व कारतूस बरामद हुए हैं। घटना में शामिल उनके दो साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहे।
बिहार में हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
21 Jun, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
औरंगाबाद। बिहार में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजिला हथियार तस्करी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस, बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तस्कर कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई करने का काम करते थे। उनकी गिरफ्तारी से हथियार तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपहारा थाना क्षेत्र के झाड़ी गांव निवासी रोहित कुमार उर्फ बिल्लू सिंह उर्फ बिल्टा, हसपुरा थाना क्षेत्र के टनकुप्पी गांव निवासी गणेश कुमार उर्फ विक्रम, गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर निवासी मो. सोहेल उर्फ बलिस्टर आलम उर्फ बली तथा इश्तेखार आलम के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और भोजपुर समेत कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर 19 जून को गोह थाना पुलिस के सहयोग से विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने गोह-रफीगंज मुख्य मार्ग पर डिहुरी बाजार के समीप घेराबंदी कर तीन बाइक पर सवार चार संदिग्ध युवकों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तीन लोडेड पिस्टल, दो देशी कार्बाइन, दो कट्टा, एक खराब कट्टा, 159 जिंदा कारतूस, सात मैगजीन, तीन बाइक, चार मोबाइल फोन और दो खोखा बरामद किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने अवैध हथियारों की तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर गांव में छापेमारी की गई, जहां से अतिरिक्त हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से हथियारों की खरीद-बिक्री में सक्रिय था और कई जिलों में इसका नेटवर्क फैला हुआ था। एसटीएफ डीआईजी संजय कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनकी निशानदेही पर आगे की कार्रवाई जारी है। सभी आरोपियों को गोह थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की खेप कहां से लाई जा रही थी और किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
उत्पाद विभाग की छापेमारी, अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा; दो लोग गिरफ्तार
20 Jun, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त और उत्पाद अधीक्षक के कड़े दिशा-निर्देशों के आलोक में जिले के भीतर अवैध मदिरा के निर्माण और उसकी तस्करी के खिलाफ एक व्यापक धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने गोईलकेरा तथा सोनुआ थाना क्षेत्रों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संयुक्त दलबल ने गोईलकेरा के हाट बाजार और क्रिश्चियन टोली जैसे संवेदनशील इलाकों में दबिश देकर अवैध रूप से महुआ शराब बेचते हुए एक धंधेबाज को रंगे हाथों दबोच लिया, जबकि बाजार के पीछे सुनसान इलाके में शराब बनाने के उद्देश्य से छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में जावा-महुआ मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
सोनुआ के बालजोरी में दबिश और भारी मात्रा में जावा-महुआ नष्ट
कार्रवाई के दूसरे चरण में संयुक्त टीम ने सोनुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बालजोरी गांव में अवैध शराब की बिक्री की पुख्ता सूचना पर घेराबंदी की। पुलिस ने यहां से भी अवैध धंधे में संलिप्त एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। दोनों ही थाना क्षेत्रों में की गई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कुल 25 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई, जबकि शराब बनाने के काम आने वाला करीब 300 किलो जावा-महुआ मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया गया। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकारी मदिरा दुकान का औचक निरीक्षण और तय दामों पर बिक्री के निर्देश
अवैध अड्डों को ध्वस्त करने के बाद प्रशासनिक टीम ने उपायुक्त के आदेशानुसार लाइसेंसी शराब दुकानों की जांच का अभियान चलाया, जिसके तहत सोनुआ नंबर-2 स्थित कंपोजिट सरकारी शराब दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने दुकान के स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और बारकोड की सघन जांच की। दुकान संचालकों को कड़े शब्दों में हिदायत दी गई कि वे आबकारी नियमों का अक्षरशः पालन करें और किसी भी सूरत में ग्राहकों से निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से एक भी रुपया अतिरिक्त न वसूलें।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी और आम जनता से सहयोग की अपील
उत्पाद विभाग ने इस सफल कार्रवाई के बाद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध और जहरीली शराब के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए ऐसे औचक छापे आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस काले कारोबार को संरक्षण देने वाले या इसमें शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाले शराब के अवैध निर्माण, भंडारण या उसकी बिक्री से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समाज को इस लत से सुरक्षित रखा जा सके।
सुरक्षा पर सवाल! SSP कार्यालय से चंद कदम दूर चली गोली, खोखा मिला
20 Jun, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमशेदपुर। औद्योगिक नगरी में बेखौफ अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और कानून व्यवस्था का डर जैसे पूरी तरह काफूर हो चुका है। इसका सबसे ताजा और सनसनीखेज उदाहरण शुक्रवार की रात उस समय देखने को मिला, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित व्यस्त जुबिली रोड गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। एक दुस्साहसी युवक, जिसने पीली टी-शर्ट और काली टोपी पहन रखी थी, ने अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इस व्यावसायिक क्षेत्र में सरेआम फायरिंग कर पुलिस की चौकसी को खुली चुनौती दे डाली।
भीड़ के बीच अचानक हवाई फायरिंग से मची भगदड़
यह वारदात शुक्रवार रात करीब 9:20 बजे की बताई जा रही है। जुबिली रोड पर स्थित 'अभिषेक जुबिली' नामक प्रतिष्ठान के समीप अचानक हुई इस गोलाबारी से पूरा इलाका दहल उठा। जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया, उस समय दुकान के इर्द-गिर्द करीब 40 से 50 लोगों की मौजूदगी थी, जो रोजमर्रा की तरह वहां चाय-नाश्ते और आपसी गुफ्तगू में मग्न थे। इसी दौरान एक युवक सामान्य रूप से पैदल चलता हुआ दुकान के पास पहुंचा और कमर से कट्टा निकालकर हवा में गोली दाग दी। अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद नागरिकों में अपनी जान बचाने के लिए चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
दहशत में सिमटा बाजार और सीसीटीवी में कैद हुआ हमलावर
फायरिंग की आवाज से इलाके के व्यापारियों और राहगीरों में इस कदर खौफ फैल गया कि आसपास के चाय दुकानदारों और अन्य ठेला संचालकों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं। इधर वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बिना किसी हड़बड़ाहट के बेहद इत्मीनान से पैदल चलते हुए सड़क के पार गया। उसने पहले से ही सड़क के दूसरी ओर एक सुरक्षित दूरी पर अपनी गाड़ी खड़ी कर रखी थी, ताकि भागने में आसानी हो। वह उसी वाहन में सवार होकर रफूचक्कर हो गया। सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और घटना स्थल से एक खाली खोखा बरामद कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, जिसमें आरोपी का सुराग मिला है।
एसएसपी दफ्तर के पास वारदात से सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल
जिला पुलिस मुख्यालय यानी एसएसपी कार्यालय और साकची थाने के इतने करीब हुए इस दुस्साहसिक कृत्य ने शहर की रात्रि गश्ती और सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि जब अपराधी पुलिस के सबसे बड़े दफ्तर के नाक के नीचे ऐसी वारदात करने से नहीं हिचक रहे हैं, तो आम गलियों और मोहल्लों की सुरक्षा का भगवान ही मालिक है। पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साकची थाना पुलिस को फुटेज के आधार पर शूटर की पहचान कर उसकी अविलंब गिरफ्तारी के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
भीषण सड़क हादसे में दो भाई-बहनों की मौत, एक की हालत गंभीर
20 Jun, 2026 12:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा-गुमला मुख्य मार्ग पर स्थित मिशन चौक के समीप शुक्रवार की देर रात एक अत्यंत दर्दनाक और हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। इस भीषण हादसे में स्कूटी पर सवार होकर जा रही दो सगी बहनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद सगा भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गया। दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही घायल भाई ने भी दम तोड़ दिया। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया।
शादी समारोह की खुशियां मातम में बदलीं
प्राप्त विवरण के अनुसार, लोहरदगा शहरी क्षेत्र के बरवाटोली के रहने वाले स्वर्गीय मुकेश साहू के तीन बच्चे- रोहित कुमार साहू अपनी दोनों बहनों सपना कुमारी और सृष्टि कुमारी के साथ स्कूटी पर सवार होकर सेन्हा रोड स्थित तेली धर्मशाला में आयोजित एक विवाह उत्सव में सम्मिलित होने के लिए निकले थे। जैसे ही उनकी स्कूटी मिशन चौक के पास पहुंची, तभी सेन्हा की दिशा से बेहद लापरवाही और तेज गति से आ रहे एक बॉक्साइट लदे भारी ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय निवासियों द्वारा रेस्क्यू और अस्पताल में दम तोड़ना
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों भाई-बहन वाहन सहित ट्रक के नीचे फंस गए, जबकि दुर्घटना को अंजाम देने के बाद चालक मौके पर ही ट्रक छोड़कर फरार हो गया। घटना स्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और तीनों को ट्रक के नीचे से निकालकर आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने दोनों बहनों सपना और सृष्टि को मृत घोषित कर दिया, वहीं तड़प रहे रोहित को गंभीर हालत में रिम्स (रांची) रेफर किया गया, परंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही उसकी भी सांसें थम गईं।
पुलिसिया कार्रवाई और समूचे क्षेत्र में पसरा सन्नाटा
आकस्मिक हादसे की भनक लगते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची और दुर्घटनाकारित ट्रक को अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक ही घर के तीन चिरागों के इस तरह असमय बुझ जाने से बरवाटोली मोहल्ले सहित पूरे लोहरदगा शहर में गहरा शोक व्याप्त है। शादी वाले घर में जहां कुछ समय पहले तक शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां इस मनहूस खबर के पहुंचते ही कोहराम मच गया और पुलिस आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
Agra: शिकायतों के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे लोग, डीएम की गैरहाजिरी से हुए मायूस
20 Jun, 2026 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगरा। जिले की सदर तहसील में शनिवार को जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 'संपूर्ण समाधान दिवस' का आयोजन किया गया था। इस प्रशासनिक शिविर में जिला कलेक्टर (डीएम) के व्यक्तिगत रूप से पहुंचने की सूचना पाकर दूर-दराज के गांवों से भारी संख्या में पीड़ित अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। हालांकि, दोपहर 11:30 बजे तक भी जिलाधिकारी के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीणों को मायूस होना पड़ा। डीएम की अनुपस्थिति में फरियादियों ने वहां मौजूद उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान ज्यादातर मामले सरकारी भूमियों पर भू-माफियाओं के अवैध कब्जों, नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों और राजस्व रिकॉर्ड व खतौनी में की गई गंभीर धांधलियों से जुड़े रहे।
एसडीएम ने दिया 7 दिनों का अल्टीमेटम
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सचिन राजपूत ने सभी विभागों के मैदानी अधिकारियों को कड़े लहजे में हिदायत दी है। उन्होंने साफ कहा है कि समाधान दिवस में प्राप्त हुई सभी जायज शिकायतों का हर हाल में अगले 7 दिनों के भीतर धरातल पर पारदर्शी निस्तारण किया जाए। लापरवाही बरतने वाले या समय सीमा का उल्लंघन करने वाले लापरवाह कर्मचारियों और पटवारियों के खिलाफ सख्त विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ई-रजिस्ट्री प्रणाली के खिलाफ तनातनी, जमीनों की खरीद-फरोख्त पूरी तरह ठप
दूसरी ओर, आगरा सदर तहसील परिसर में प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ कानूनी व्यवस्थाओं को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है। नई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील के तमाम अधिवक्ता (वकील), दस्तावेज लेखक (कातिब) और स्टांप वेंडर शनिवार को लगातार पांचवें दिन भी अपनी पूर्ण हड़ताल पर अड़े रहे। इस कार्य बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन के कारण स्थानीय निबंधन भवन (रजिस्ट्री कार्यालय) में सन्नाटा पसरा हुआ है। पिछले पांच दिनों से जमीनों, मकानों और व्यावसायिक भूखंडों की खरीद-फरोख्त व बैनामा से जुड़ा सरकारी काम पूरी तरह से ठप पड़ा है, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और शासन को मिलने वाले राजस्व को भी बड़ा झटका लगा है।
चुनावी रण की तैयारी शुरू, भाजपा का फोकस बूथ मैनेजमेंट और जनसंपर्क पर
20 Jun, 2026 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बारे में अक्सर यह कहा जाता है कि वह चौबीसों घंटे और बारह महीने चुनावी मुद्रा में रहने वाला संगठन है। इसी रणनीति के तहत, राज्य में साल 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में भले ही अभी लंबा वक्त बचा हो, लेकिन मेरठ जिले में पार्टी आलाकमान ने अपनी चुनावी मशीनरी और संगठन को पूरी तरह से गतिशील कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे देशव्यापी जनसंपर्क अभियान को पार्टी ने जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार और बूथ कमेटियों को मजबूत करने का जरिया बना लिया है। इसके तहत भाजपा के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता अब हर घर तक अपनी सीधी पैठ बना रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस अहम गढ़ में नेताओं की आमद बढ़ गई है, जमीनी कार्यकर्ताओं को रीचार्ज किया जा रहा है और जनता की नब्ज टटोलने के लिए हर स्तर से चुनावी फीडबैक जुटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो मेरठ के संगठन को लगातार चुनावी मोड में रखने के लिए अन्य जिलों और प्रदेश स्तर के रसूखदार नेताओं के दौरों का सिलसिला बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही, जिले के नवनियुक्त प्रभारी मंत्री असीम अरुण को भी संगठन ने दो टूक निर्देश दिए हैं कि वे क्षेत्र में अपनी विजिबिलिटी और दौरों की संख्या में इजाफा करें। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का स्पष्ट मानना है कि चुनावी शंखनाद से पहले जमीनी ढांचा जितना ज्यादा चुस्त-दुरुस्त रहेगा, मतदान के दिन पोलिंग बूथों पर उसका उतना ही बंपर लाभ देखने को मिलेगा।
पार्टी द्वारा 5 जून से 21 जून तक एक विशेष महा-जनसंपर्क अभियान संचालित किया जा रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू हुआ यह व्यापक जन-अभियान आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक निरंतर जारी रहेगा। इस मुहिम के तहत पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता और पदाधिकारी सुदूर गांवों से लेकर शहरी वार्डों के घर-घर जाकर केंद्र सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और ऐतिहासिक फैसलों का ब्योरा जनता के सामने रख रहे हैं।
नेताओं के साथ टिकट के संभावित दावेदारों ने भी झोंकी ताकत
इस महा-अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले समाज के प्रबुद्ध और प्रभावशाली मतदाताओं (ओपिनियन मेकर्स) से व्यक्तिगत रूप से संपर्क साधा जा रहा है और सरकार के कामकाज को लेकर उनका फीडबैक रजिस्टर किया जा रहा है। मेरठ में चल रही इस सांगठनिक कवायद में स्थानीय सांसद अरुण गोविल, प्रभारी मंत्री असीम अरुण, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, सुनील भराला और कैंट क्षेत्र के विधायक अमित अग्रवाल लगातार पसीना बहा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि पार्टी के वर्तमान जनप्रतिनिधियों के कंधों से कंधा मिलाकर, आने वाले चुनाव में टिकट की चाह रखने वाले संभावित दावेदार भी अपनी जमीन मजबूत करने के लिए इस जनसंपर्क अभियान में पूरी ताकत से जुट गए हैं।
'बूथ जीता, चुनाव जीता' की रणनीति पर फोकस
भाजपा की इस पूरी चुनावी बिसात का सबसे अहम और रणनीतिक हिस्सा 'बूथ स्तर' पर किलेबंदी को अभेद्य बनाना है। इसके लिए मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारी लगातार पन्ना प्रमुखों और बूथ अध्यक्षों के साथ मैराथन बैठकें कर रहे हैं और धरातल से आ रहे व्यावहारिक सुझावों पर अमल कर रहे हैं। इसके अलावा, आधी आबादी (महिला विंग) और युवा मतदाताओं को नए सदस्य के रूप में संगठन से जोड़ने के लिए विशेष विंग को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही कार्यकर्ताओं का एक अभेद्य और अजेय नेटवर्क तैयार हो सके।
आगामी एमएलसी चुनावों को लेकर भी कड़े निर्देश
साल 2027 के सेमीफाइनल के रूप में देखे जा रहे इसी वर्ष होने वाले स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव भी भाजपा की शीर्ष प्राथमिकताओं में ऊपर चल रहे हैं। पार्टी ने इस बार भी मेरठ-सहारनपुर शिक्षक सीट से अपने वर्तमान एमएलसी श्रीचंद शर्मा पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा चुनावी समर में उतारा है। इन चुनावों की तैयारियों को धार देने के लिए नियुक्त किए गए प्रभारी लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। इस क्रम में मेरठ महानगर के प्रभारी व प्रदेश मंत्री विजय शिवहरे और मेरठ जिला प्रभारी मान सिंह गोस्वामी लगातार सांगठनिक बैठकों और दौरों के माध्यम से पार्टी की चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं।
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