उत्तर प्रदेश
आत्मनिर्भर बिजली की ओर कदम, शहर में तेजी से बढ़ रहा सोलर ट्रेंड
29 Apr, 2026 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई मिसाल, छतों से पैदा हो रही 20% बिजली
लखनऊ: कभी भारी-भरकम बिजली बिलों से परेशान रहने वाले राजधानी के निवासी अब खुद बिजली उत्पादक बन रहे हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लखनऊ के घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहे हैं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, जिले की कुल 1500 मेगावाट की दैनिक मांग का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा अब सीधे लोगों की छतों से उत्पादित हो रहा है।
तीन वर्षों में आया क्रांतिकारी बदलाव
यूपीनेडा (UPNEDA) के अनुसार, लखनऊ में सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में पिछले तीन वर्षों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है:
2024-25: 8,346 नए संयंत्र लगे।
2025-26: यह संख्या बढ़कर 24,461 हुई।
2026-27: 81,242 लोगों ने योजना का लाभ उठाया।
वर्तमान स्थिति: जिले के लिए निर्धारित 99,082 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 92,049 प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे कुल 328.276 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है।
सब्सिडी और वित्तीय लाभ का गणित
योजना को आकर्षक बनाने के लिए सरकार द्वारा भारी अनुदान और आसान किस्तों की सुविधा दी जा रही है:
प्लांट क्षमता
सरकारी सब्सिडी (अनुदान)
1 किलोवाट
₹45,000
2 किलोवाट
₹90,000
3 से 5 किलोवाट
₹1.08 लाख तक
3 किलोवाट के प्लांट के लिए बैंक से मात्र 7% ब्याज पर लोन उपलब्ध है, जिसकी ईएमआई लगभग ₹1800 आती है। इस संयंत्र का लाभ उपभोक्ताओं को अगले 25 वर्षों तक मिलता रहेगा।
लखनऊ: पीएम सूर्य घर योजना - मुख्य आंकड़े
कुल आवेदन: 1,29,256
वेंडर चयन करने वाले: 1,27,154
सब्सिडी प्राप्त उपभोक्ता: 87,038
लागत: प्रति किलोवाट अनुमानित लागत ₹60,000 (सब्सिडी सीधे खाते में डीबीटी के जरिए)।
किसानों को भी मिल रही राहत
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, पीएम कुसुम योजना के तहत लखनऊ के 1825 किसान अब सौर ऊर्जा से सिंचाई कर रहे हैं। इन्हें 60 प्रतिशत अनुदान पर 2 से 10 हॉर्सपॉवर के सोलर पंप दिए गए हैं। भविष्य में इन पंपों को ग्रिड से जोड़ने की भी योजना है, जिससे किसान अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई भी कर सकेंगे।
यूपीनेडा के अधिकारी टीकाराम ने बताया कि इस योजना से उपभोक्ताओं को हर महीने लगभग 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे उनके घरेलू बजट में बड़ी राहत देखी जा रही है।
LDA का बड़ा फैसला: पुनर्विकास नीति से बदलेगा शहर का चेहरा
29 Apr, 2026 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: LDA की बड़ी योजना, जर्जर इमारतों को तोड़कर 'शहरी पुनर्विकास नीति' के तहत बनेंगे नए कॉम्प्लेक्स
लखनऊ: वजीर हसन रोड की तर्ज पर अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) शहर के पुराने, बदहाल और अवैध कब्जों का शिकार हो चुके कॉम्प्लेक्सों का कायाकल्प करने जा रहा है। 'उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026' के अंतर्गत इन इमारतों को ध्वस्त कर नए सिरे से आधुनिक बिल्डिंग्स बनाई जाएंगी। इस योजना को लेकर एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आर्किटेक्ट्स के साथ प्रारंभिक बैठक कर रणनीति तैयार की है।
पुनर्विकास के लिए क्या हैं नियम?
इस नीति के तहत किसी भी इमारत के पुनर्विकास के लिए वहां के 60 प्रतिशत आवंटियों की सहमति अनिवार्य है। सहमति प्राप्त करने और डिजाइन तय करने के लिए जल्द ही विस्तृत सर्वे शुरू किया जाएगा। सालों से अवैध कब्जों और जर्जर हालत से जूझ रही इन इमारतों के लिए पहले कोई स्पष्ट नीति नहीं थी, लेकिन नई नीति आने से अब कानूनी अड़चनें दूर हो गई हैं।
इन प्रमुख क्षेत्रों और इमारतों का होगा कायाकल्प
गोमतीनगर: विवेक खंड स्थित स्थानीय मार्केट का सर्वे कर इसे एकल व्यावसायिक भूखंड के रूप में विकसित किया जाएगा।
कानपुर रोड: सेक्टर-जी स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) भवन और अवध चौराहा स्थित कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स।
अलीगंज: सेक्टर-जी स्थित पुराना कॉम्प्लेक्स।
हुसैनगंज: विकास दीप कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स।
अयोध्या रोड: कैलाश कुंज कॉम्प्लेक्स।
तालकाटोरा रोड: नंदखेड़ा कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स।
आगामी कार्ययोजना: 7 मई को होगी बड़ी बैठक
योजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्राधिकरण ने निम्नलिखित कदम उठाने का निर्णय लिया है:
सहमति पत्र: सभी चिन्हित योजनाओं के आवंटियों से औपचारिक सहमति ली जाएगी।
कैंप का आयोजन: अयोध्या रोड स्थित कैलाश कुंज में विशेष कैंप लगाकर आवंटियों को योजना के प्रति जागरूक किया जाएगा।
निरीक्षण: तिलक नगर, कंचन मार्केट और पेपर मिल कॉलोनी का उपाध्यक्ष स्वयं निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद आगे का निर्णय होगा।
धनराशि वापसी: नंदा खेड़ा कॉम्प्लेक्स के मामले में इसे एकल भूखंड बनाने के लिए पुराने आवंटियों के पैसे वापस किए जाएंगे।
एलडीए वीसी का बयान: उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि जो भवन जर्जर हो चुके हैं या जहाँ भारी अतिक्रमण है, उन्हें नई नीति के तहत आधुनिक रूप दिया जाएगा। इससे वहाँ रह रहे निवासियों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे बना रोजगार का हब, स्थानीय युवाओं को मिलेगा फायदा
29 Apr, 2026 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्राउंड रिपोर्ट: गंगा एक्सप्रेसवे – तकनीक, सुरक्षा और रोजगार का महामार्ग
लखनऊ| सुबह के 9:00 बजे: गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण खंड (पैकेज) पर सूरज की नर्म रोशनी के साथ हलचल तेज हो चुकी है। दूर तक फैली नवनिर्मित डामर की सड़क पर सफेद पट्टियां चमक रही हैं। हर किलोमीटर पर स्थापित आधुनिक कैमरे इस बात का प्रमाण हैं कि इस एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने से पूर्व, इस एक्सप्रेसवे की जमीनी हकीकत का जायजा लेने पर सुरक्षा, तकनीक और रोजगार के मोर्चों पर एक बदलती हुई तस्वीर दिखाई देती है।
एआई (AI) कैमरों से लैस 'स्मार्ट' निगरानी
पूरे 594 किलोमीटर के सफर में हर एक किलोमीटर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरे लगाए गए हैं। साइट इंजीनियरों के अनुसार:
ये कैमरे न केवल वाहन की गति (Speed) मापेंगे, बल्कि सीट बेल्ट, लेन अनुशासन और खतरनाक ड्राइविंग पर भी पैनी नजर रखेंगे।
यह सिस्टम सीधे कंट्रोल रूम और परिवहन विभाग से जुड़ा है, जिससे नियमों के उल्लंघन पर तत्काल ई-चालान जेनरेट होगा और वाहन स्वामी के मोबाइल पर संदेश पहुंच जाएगा।
अत्याधुनिक स्विस तकनीक: सड़क की 'डायनामिक टेस्टिंग'
सड़क की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रखने के लिए प्रदेश सरकार ने पहली बार स्विस तकनीक का उपयोग किया है।
सेंसर आधारित जांच: निर्माण के दौरान ही 'ईटीएच ज्यूरिख' और 'आरटीडीटी लैबोरेटरीज एजी' द्वारा विकसित एआई मॉड्यूल और सात हाई-प्रिसिजन सेंसरों का उपयोग किया गया।
सटीक डेटा: चार सेंसर सड़क की सतह की एकरूपता जांचते हैं, जबकि तीन सेंसर वाहन के कंपन और यात्रियों के आराम (Comfort) का डेटा एकत्र करते हैं।
तुरंत सुधार: चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर महावीर के अनुसार, इसे 'डायनामिक टेस्टिंग' कहा जाता है, जहाँ लैब के बजाय सीधे सड़क पर वाहन चलाकर कमियों को चिह्नित और दुरुस्त किया गया है।
रोजगार और आर्थिक प्रभाव
गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि रोजगार का एक बड़ा जरिया बनकर उभरा है:
518 गांवों के 5700 युवाओं को इस प्रोजेक्ट के माध्यम से सीधा काम मिला है।
इसमें से 1200 लोग टोल संचालन में, 2500 श्रम कार्यों में और लगभग 2000 लोग अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
मंत्री का संदेश: औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज के व्यापार, सेवा क्षेत्र और संगम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। यह नए उत्तर प्रदेश की सशक्त सोच का प्रतीक है।
बिना रुके कटेगा टोल (स्मार्ट टोलिंग)
एक्सप्रेसवे पर पारंपरिक बाधाओं को खत्म करने के लिए फास्टैग के साथ-साथ ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) तकनीक लगाई गई है। भविष्य में इसे जीपीएस-आधारित टोलिंग से जोड़ा जाएगा, ताकि वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकना न पड़े।
यातायात डायवर्जन और मार्ग निर्देश
सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए भारी वाहनों के लिए निम्नलिखित रूट तय किए गए हैं:
कानपुर/कन्नौज से सीतापुर-लखनऊ: भारी वाहन कन्नौज बक्सीपुरवा से बिल्हौर होते हुए बांगरमऊ कट (आगरा एक्सप्रेसवे किमी 238) का उपयोग करेंगे।
फतेहगढ़ से सीतापुर-लखनऊ: भारी वाहनों को हुल्लापुर चौराहे से शाहजहांपुर की ओर मोड़ा जाएगा।
NEET काउंसिलिंग विवाद में बड़ा फैसला, दोषियों पर गिरी गाज
29 Apr, 2026 09:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नीट काउंसिलिंग: ₹3.8 अरब की सिक्योरिटी मनी न लौटाने पर बड़ी कार्रवाई, प्रोफेसर और स्टेनो निलंबित
लखनऊ| उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नीट काउंसिलिंग में शामिल हजारों अभ्यर्थियों की सिक्योरिटी मनी वापस न करने के मामले में कड़ा कदम उठाया है। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने इस गंभीर लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारी प्रोफेसर डॉ. राहुल कुमार और आशुलिपिक (स्टेनो) मोहम्मद इरफान अंसारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रमुख कार्रवाई और निर्देश
बैंक खाते फ्रीज: एसबीआई (SBI) और आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक के संबंधित खातों को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
धनराशि की वापसी: सभी प्रभावित अभ्यर्थियों की सुरक्षा राशि (Security Money) जल्द से जल्द वापस करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
अनुशासनात्मक जांच: दोषी पाए गए अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध भी कड़ी विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पिछले वर्ष की एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग के दौरान करीब 30,000 अभ्यर्थियों ने सुरक्षा राशि के रूप में कुल 3.8 अरब रुपये जमा किए थे। नियमों के मुताबिक, काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि वापस की जानी थी, लेकिन लंबे समय बाद भी अभ्यर्थियों को उनके पैसे नहीं मिले।
महानिदेशालय की कार्यप्रणाली पर सवाल
चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय की भूमिका पहले भी कई विवादों में रही है। उप निदेशकों की नियुक्ति से लेकर नर्सिंग भर्ती और उपकरणों की खरीद में अनियमितताओं की शिकायतें आती रही हैं। वर्तमान में महानिदेशक के अवकाश पर होने के कारण अपर मुख्य सचिव स्वयं कार्यभार संभाल रहे हैं, जिन्होंने विभाग में फैली अव्यवस्थाओं पर सख्त नाराजगी जताई है।
आगे की कार्रवाई: कई और अधिकारियों पर लटकी तलवार
महानिदेशालय के कामकाज में सुधार के लिए अपर मुख्य सचिव ने अन्य संदिग्ध मामलों की फाइलें भी फिर से खोल दी हैं:
लिपिकों की वापसी: विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध किए गए लिपिकों को उनके मूल पदों पर वापस भेजने और उनमें से दोषियों को निलंबित करने की तैयारी है।
दोषियों की पहचान: अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध रिपोर्ट तलब की गई है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
पुरानी फाइलों की जांच: विभाग में अटकी पुरानी फाइलों की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाहियों को रोका जा सके।
एक झटके में उजड़ गया घर, इकलौते बेटे की मौत से परिजन बेहाल
29 Apr, 2026 08:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मखदुमपुर प्रखंड के भाने बीघा गांव के एक होनहार युवक विवेक राज की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस असामयिक हादसे ने न केवल एक परिवार का इकलौता चिराग बुझा दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।
बारात से लौटते समय हुआ हादसा
विवेक राज एक शादी समारोह (बारात) से वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में उनकी बाइक दुर्घटना का शिकार हो गई। इस हादसे में उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव भाने बीघा पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
संघर्षपूर्ण जीवन और पहचान
विवेक का जीवन काफी संघर्षों भरा रहा था, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से समाज में एक अलग पहचान बनाई थी:
पारिवारिक पृष्ठभूमि: विवेक के सिर से माता-पिता का साया बचपन में ही उठ गया था। उनकी माता का निधन 2003 और पिता योगेंद्र कुमार गौतम का देहांत 2007 में हुआ था।
इकलौता सहारा: माता-पिता की मृत्यु के बाद विवेक ही परिवार के एकमात्र वारिस और आशा की किरण थे। वे काको में अपनी नानी के घर रहकर अपना जीवनयापन कर रहे थे।
व्यवसाय: स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद विवेक पिछले चार वर्षों से काको में ‘रूट फिटनेस’ नाम से एक जिम का संचालन कर रहे थे। अपने मिलनसार और शांत स्वभाव के कारण वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे।
गांव में मातम और अंतिम विदाई
विवेक की मृत्यु से गांव का हर व्यक्ति स्तब्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार का आखिरी सहारा भी अब छिन गया है। उनके चचेरे भाई चिरंजीव कुमार गौतम ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।
भागलपुर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई, BAS अफसर का आरोपी ढेर
29 Apr, 2026 08:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में सुल्तानगंज के चर्चित गोलीकांड के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। यह कार्रवाई सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के महज 12 घंटों के भीतर की गई। इस एनकाउंटर में पुलिस के तीन जवान भी जख्मी हुए हैं।
मुठभेड़ की स्थिति
भागलपुर पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रामधनी यादव को वारदात में प्रयुक्त हथियार और साक्ष्य बरामद करने के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान, आरोपी ने अपने साथियों की मदद से पुलिस दल पर हमला कर दिया और अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई: पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें रामधनी यादव गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल में मौत: उसे और घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने रामधनी को मृत घोषित कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा: एनकाउंटर की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों का हाल जाना और स्थिति का जायजा लिया।
एसएसपी का आधिकारिक बयान
वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि अपराधी को हथियार बरामदगी के लिए चिन्हित स्थान पर ले जाया जा रहा था, तभी उसने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को जवाबी फायरिंग करनी पड़ी। फिलहाल घायल जवानों का उपचार जारी है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
घटना की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला 28 अप्रैल को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुई सनसनीखेज वारदात से जुड़ा है:
दिनदहाड़े हमला: बाइक सवार तीन अपराधियों ने नगर परिषद कार्यालय में घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं।
अधिकारी की मौत: इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की जान चली गई।
सभापति घायल: नगर परिषद सभापति राजकुमार गुड्डू भी इस गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनका उपचार चल रहा है।
रफ्तार का कहर: बाइक सवार दरोगा को ट्रक ने मारी टक्कर, मौत
29 Apr, 2026 07:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर। एनएच-28 पर सकरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंगलवार की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बिहार पुलिस के सब-इंस्पेक्टर (SI) की जान चली गई। अनियंत्रित ट्रक की टक्कर से हुई इस दुर्घटना ने एक पुलिस अधिकारी के परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है।
घर से महज कुछ दूरी पर हुआ हादसा
मृतक एसआई की पहचान ओम प्रकाश मिश्रा के रूप में हुई है, जो सकरा प्रखंड के जगदीशपुर बघनगरी गांव के निवासी थे। वर्तमान में उनकी तैनाती मधुबनी जिले में थी। बताया जा रहा है कि वे किसी कार्यवश मुजफ्फरपुर आए थे और रात को बाइक से वापस अपने घर लौट रहे थे। घर से मात्र 3 किलोमीटर पहले मारकन चौक के समीप एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
पहचान और कार्रवाई
हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई थी। तलाशी के दौरान उनके पास से मिले बिहार पुलिस के पहचान पत्र (ID Card) से उनकी शिनाख्त हो सकी।
फरार चालक: दुर्घटना के तुरंत बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से भागने में सफल रहा।
पुलिस जांच: सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार ट्रक और चालक की तलाश जारी है।
अगले साल होने वाले थे सेवानिवृत्त
एसआई ओम प्रकाश मिश्रा के निधन की खबर से उनके गांव में मातम पसरा है। वे अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिजनों ने बताया कि वे अगले साल ही पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
गंगा एक्सप्रेसवे खुलते ही सफर हुआ आसान, 12 जिलों को मिला सीधा फायदा
29 Apr, 2026 07:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गंगा एक्सप्रेसवे: टोल दरों की घोषणा और उद्घाटन की तैयारी
लखनऊ| उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए टोल शुल्क का निर्धारण कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई दरें जारी की हैं। इन दरों को दिसंबर 2025 के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर प्रति किलोमीटर तय किया गया है।
वाहन श्रेणी के अनुसार निर्धारित टोल दरें (प्रति किमी)
वाहन का प्रकार
दर (₹ प्रति किलोमीटर)
दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर
1.28
कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहन (LMV)
2.55
हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV) और मिनीबस
4.05
बस और ट्रक (भारी वाहन)
8.20
मल्टी-एक्सल वाहन (3 से 6 एक्सल)
12.60
ओवरसाइज्ड वाहन (7 या अधिक एक्सल)
16.10
यूपीडा के अनुसार, ये दरें एक्सप्रेसवे के बेहतर रखरखाव और संचालन के लिए तय की गई हैं, जिनमें भविष्य में महंगाई के आधार पर बदलाव किया जा सकता है।
12 जिलों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक कुल 12 जिलों (हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़) को आपस में जोड़ेगा। इसके शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच की दूरी घंटों के बजाय मिनटों में सिमट जाएगी, जिससे न केवल समय बचेगा बल्कि व्यापार और माल ढुलाई की लागत में भी कमी आएगी।
प्रधानमंत्री करेंगे भव्य शुभारंभ
प्रधानमंत्री इस ऐतिहासिक परियोजना का उद्घाटन करने के लिए सुबह 11:15 बजे हरदोई पहुंचेंगे। अपने प्रवास के दौरान वे:
गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे।
यूपीडा द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
पौधरोपण करेंगे और एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
आधुनिक तकनीक और भविष्य का विस्तार
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पीपीपी (DBFOT) मॉडल पर किया गया है।
डिजाइन स्पीड: 120 किमी प्रति घंटा।
क्षमता: वर्तमान में 6 लेन, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
सुरक्षा: इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानक और चौड़े 'राइट ऑफ वे' (ROW) का उपयोग किया गया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, कॉल सेंटर की लापरवाही बनी वजह
29 Apr, 2026 06:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कानपुर: एंबुलेंस की देरी और पारिवारिक कलह ने उजाड़ा घर, माँ और दो बेटियों की मौत
कानपुर (उत्तर प्रदेश): स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और लचर एंबुलेंस सेवा ने कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में एक बार फिर तीन जिंदगियां लील लीं। नजफगढ़ गांव में जहरीला पदार्थ खाने से अचेत हुई चांदनी और उसकी दो मासूम बेटियों, पायल और ब्यूटी, को समय पर अस्पताल पहुँचाने के लिए परिजनों ने बार-बार 108 सेवा को कॉल किया, लेकिन मदद नहीं पहुँची।
समय पर इलाज न मिलने से टूटी सांसें
परिजनों का आरोप है कि निजी वाहन का इंतजाम कर उन्हें सीएचसी सरसौल और फिर वहां से हैलट अस्पताल (कानपुर) पहुँचाने में करीब ढाई घंटे बर्बाद हो गए।
हैलट के डॉक्टरों का बयान: डॉक्टरों ने बताया कि अगर तीनों को एक घंटा पहले भी अस्पताल लाया जाता, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
पूर्व की लापरवाही: इससे पहले 23 अप्रैल को भी इसी क्षेत्र में एक मजदूर को 45 मिनट तक एंबुलेंस नहीं मिली थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
बदहाल सिस्टम: जब डॉक्टरों की मिन्नत भी काम न आई
चांदनी के भाइयों ने बताया कि सुबह 7:30 बजे से ही वे एंबुलेंस के लिए गुहार लगाते रहे। गाड़ी न आने पर वे खुद की कार से सीएचसी पहुँचे। वहाँ डॉक्टर ने गंभीर हालत देख हैलट रेफर कर दिया। आरोप है कि अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस के चालक को डॉक्टर ने फोन किया, लेकिन वह भी नहीं पहुँचा। अंततः निजी वाहन से सुबह 9:45 बजे वे हैलट पहुँचे, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने महाराजपुर थाना प्रभारी को इस लापरवाही की जांच के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने कहा कि एंबुलेंस का कंट्रोल रूम लखनऊ में है, देरी के कारणों की रिपोर्ट मांगी जा रही है।
घरेलू तनाव और अलगाव की दुखद दास्तां
चांदनी पिछले काफी समय से अपने पति राकेश से अलग मायके में रह रही थी।
शराब और मारपीट: परिजनों के अनुसार पति शराब का लती था। एक बार नशे में उसने छोटी बेटी को छत से फेंकने की कोशिश की थी, जिसके बाद चांदनी ने रिश्ता तोड़ लिया था।
मासूमों का साथ: घटना वाले दिन दोनों बेटियों ने यह कहकर स्कूल जाने से मना कर दिया कि वे घर के काम में अपनी माँ की मदद करेंगी। किसी को अंदाजा नहीं था कि वे ऐसा कदम उठाने वाली हैं।
मासूम कब तक चुकाएंगे कलह की कीमत?
यह घटना कानपुर में बढ़ते घरेलू तनाव और उसके बच्चों पर पड़ने वाले घातक असर की एक कड़ी है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं:
जनवरी 2026 (घाटमपुर): खाना न बनने पर पिता ने पत्नी और बेटे की हत्या की।
19 अप्रैल (किदवईनगर): शशिरंजन तिवारी ने अपनी जुड़वां बेटियों की हत्या की।
दिसंबर 2021 (इंदिरानगर): डॉ. सुशील ने पत्नी और तीन बच्चों को खत्म कर दिया था।
खाकी का मानवीय चेहरा
आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण जब परिजन शवों को पोस्टमॉर्टम भेजने के लिए वाहन का प्रबंध नहीं कर सके, तो सुनहला चौकी इंचार्ज प्रवीण कुमार ने अपनी निजी कार से बच्चों के शवों को भिजवाया।
दिल्ली में हुई घटना को लेकर सरकार पर निशाना
28 Apr, 2026 01:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेजस्वी यादव का तीखा प्रहार: "भाजपा बिहारियों के लिए काल"
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि खगड़िया के 23 वर्षीय पांडव कुमार की दिल्ली में सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि वह एक बिहारी था। उन्होंने बताया कि इसी 'बिहारी होने की सजा' उसका दोस्त कृष्ण भी भुगत रहा है, जो फिलहाल अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
सत्ता पर साधा निशाना: तेजस्वी ने सत्तासीन गठबंधन को घेरते हुए कहा कि जहां यह घटना हुई, वहां पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री तक भाजपा के हैं। उन्होंने कहा:
"वहां का विधायक, सांसद, उपराज्यपाल और गृहमंत्री सभी भाजपा से हैं।"
"बिहार के मुख्यमंत्री भी भाजपा के साथ हैं, फिर भी बिहारी सुरक्षित नहीं हैं।"
पलायन और प्रताड़ना पर उठाए सवाल
राजद नेता ने बिहार की मौजूदा सरकार की पिछले 21 वर्षों की नीतियों को इस पलायन का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा:
मजबूर पलायन: राज्य में रोजगार और सही नीतियों के अभाव में बिहार के लोगों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है।
नफरत का शिकार: दूसरे राज्यों की प्रशासन और सरकारें मेहनतकश बिहारियों को सम्मान देने के बजाय शक और नफरत की निगाह से देखती हैं।
पुलिस की भूमिका: तेजस्वी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस, जो गृह मंत्रालय के अधीन है, उसने युवक को 'बिहारी' होने के कारण अपराधी मानकर गोली मार दी।
एनडीए नेताओं की चुप्पी पर तंज
तेजस्वी यादव ने एनडीए के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को 'डबल इंजन' सरकार कहने वाले नेता इस संवेदनशील मुद्दे पर "बिल में छिपे हुए हैं।" उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी भाजपा नेता में इतनी हिम्मत है कि उस दोषी पुलिसकर्मी को सजा दिलवा सके जिसने एक गरीब बिहारी की जान ली?
मुख्य मांगें:
दोषियों पर कार्रवाई: मामले की उच्च स्तरीय और गहन जांच की जाए।
सख्त सजा: बिहारी प्रवासियों को प्रताड़ित करने वाले और हत्या के जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
सुरक्षा की गारंटी: अन्य राज्यों में काम कर रहे बिहार के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
स्कूल परिसर में शिक्षकों के चिकन भोज का मामला सामने आया
28 Apr, 2026 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। आदापुर प्रखंड के UMS उचीडीह विद्यालय का एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें शिक्षक स्कूल के भीतर ही दावत (चिकन पार्टी) उड़ाते दिखाई दे रहे हैं।
शिक्षा के मंदिर में 'चिकन पार्टी' का आयोजन
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि स्कूल के शिक्षक क्लासरूम को ही रसोई घर बनाकर वहां मांसाहारी भोजन तैयार कर रहे हैं। शिक्षकों का यह समूह आपस में हंसी-मजाक करते हुए भोजन का आनंद लेता नजर आ रहा है।
शराबबंदी कानून के उल्लंघन की आशंका
वायरल वीडियो ने न केवल अनुशासन पर सवाल उठाए हैं, बल्कि एक बड़ा विवाद भी खड़ा कर दिया है। आरोपों के मुताबिक, वीडियो में शिक्षकों के बीच शराब को लेकर भी कुछ संदिग्ध चर्चा सुनाई दे रही है। यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह बिहार में लागू सख्त शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाने जैसा संगीन मामला होगा।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और स्थानीय विरोध
ग्रामीणों का गुस्सा: इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर बच्चों का भविष्य गढ़ा जाता है, वहां इस तरह की गतिविधियां शिक्षकों की कार्यशैली और नैतिकता पर बड़ा धब्बा हैं।
हेडमास्टर का बयान: विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए ऐसी किसी भी घटना की जानकारी होने से साफ इनकार किया है।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई का इंतज़ार
वीडियो के वायरल होने के बाद मामला अब शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के संज्ञान में है। क्षेत्र में चर्चा है कि स्कूल के भीतर नियमों को ताक पर रखकर इस तरह की 'पार्टी' आयोजित करने वाले दोषियों पर गाज गिरना तय है। अब सबकी नजरें विभाग की जांच रिपोर्ट और आगामी अनुशासनात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं।
रनवे और पार्किंग स्लॉट न मिलने से देरी की स्थिति
28 Apr, 2026 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा एयरपोर्ट: पार्किंग की कमी से आसमान में अटकी यात्रियों की जान, आधे घंटे तक हवा में मंडराता रहा विमान
बिहार के दरभंगा एयरपोर्ट पर बुनियादी सुविधाओं और विमान पार्किंग (Apron) की सीमित जगह अब यात्रियों के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। जगह की कमी के कारण विमानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें ईंधन खत्म होने के जोखिम के बीच हवा में ही चक्कर काटना पड़ता है।
ताजा घटना: स्पाइसजेट की फ्लाइट के साथ हुआ वाकया
सोमवार को मुंबई से दरभंगा आ रही स्पाइसजेट की फ्लाइट (SG-115) को लैंडिंग से पहले करीब 30 मिनट तक हवा में ही घूमना पड़ा।
कारण: रनवे पर पहले से ही विमान मौजूद थे, जिसके चलते तीसरे विमान के उतरने की जगह नहीं बची थी।
लैंडिंग: जब दरभंगा से दिल्ली के लिए अकासा एयर के विमान ने उड़ान भरी, तब जाकर रनवे खाली हुआ और स्पाइसजेट के विमान को उतरने का संकेत मिला। विमान के सुरक्षित लैंड होते ही यात्रियों ने चैन की सांस ली।
लगातार हो रही हैं ऐसी घटनाएं
दरभंगा एयरपोर्ट पर यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य समस्या बन चुकी है:
25 दिसंबर 2025: हैदराबाद से आई इंडिगो की फ्लाइट को एक घंटे तक हवा में रहना पड़ा क्योंकि पार्किंग में पहले से ही दो विमान खड़े थे।
13 जनवरी: इंडिगो की फ्लाइट (6E-537) को करीब डेढ़ घंटे तक आसमान में चक्कर लगाना पड़ा। अंततः ईंधन की कमी के कारण विमान को रांची एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
राजस्व अधिक पर बुनियादी ढांचा कमजोर
हैरानी की बात यह है कि दरभंगा एयरपोर्ट 'उड़ान योजना' के तहत देश को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले हवाई अड्डों में शुमार है, लेकिन सुविधाओं के मामले में यह काफी पीछे है।
पार्किंग की सीमा: वर्तमान में यहाँ एक साथ अधिक विमानों को पार्क करने की क्षमता नहीं है।
लैंडिंग का दबाव: कम अंतराल पर आने वाली फ्लाइट्स के कारण अक्सर ऐसी 'ट्रैफिक जाम' की स्थिति पैदा हो जाती है।
वारदात को अंजाम देने के लिए मुंबई से मंगवाए गए हथियार
28 Apr, 2026 10:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज ज्वेलर्स हत्याकांड: गुजरात के होटल में रची गई थी खूनी साजिश, मुंबई से आए थे हथियार
बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना अंतर्गत दीपक ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज लूट और हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। गिरफ्तार अपराधी के कबूलनामे से यह स्पष्ट हो गया है कि इस वारदात के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं।
साजिश का केंद्र: गुजरात का होटल 'दर्शन'
पकड़े गए अपराधी सुमित सिंह उर्फ रोहित ने पूछताछ में बताया कि इस पूरी वारदात की रूपरेखा बिहार में नहीं, बल्कि गुजरात में तैयार की गई थी।
प्लानिंग: करीब 20 दिन पहले गुजरात के उमरगांव स्थित 'होटल दर्शन' में गिरोह की बैठक हुई थी।
मास्टरमाइंड: कुख्यात अपराधी मनिंदर मिश्रा (बड़का भैया) और गोलू मिश्रा ने इस डकैती का पूरा खाका खींचा था।
10-10 लाख का लालच और मुंबई के सपने
अपराधियों को लालच दिया गया था कि दुकान में करोड़ों के जेवरात हैं। गिरोह के प्रत्येक सदस्य से वादा किया गया था कि काम सफल होने पर उन्हें 10-10 लाख रुपये नकद दिए जाएंगे, जिससे वे मुंबई में अपनी नई और ऐशो-आराम की जिंदगी शुरू कर सकेंगे।
मुंबई से पहुंचा हथियारों का जखीरा
वारदात को अंजाम देने के लिए आधुनिक हथियारों का इंतजाम किया गया था:
गोलू मिश्रा स्वयं हथियारों के लिए मुंबई गया था।
वहां से 7 पिस्टल और 200 जिंदा कारतूसों का इंतजाम किया गया।
सुमित और विशाल यादव को मुंबई बुलाकर हथियारों से भरा बैग सौंपा गया, जिसे लेकर वे ट्रेन के जरिए वलसाड से गोरखपुर और फिर गोपालगंज पहुंचे।
'विरोध हो तो गोली मार दो' – खूनी निर्देश
पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराधियों को ऊपर से सख्त निर्देश थे कि लूट के दौरान कोई भी बाधा आए या विरोध हो, तो सीधे गोली चला दी जाए। इसी क्रूरता के कारण दुकान में घुसते ही अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। वारदात में शामिल अन्य अपराधियों की पहचान विशाल यादव, शत्रुघ्न राम, रोहित राम, फरमान और गोल्डन के रूप में हुई है, जो बोलेरो और बाइकों पर सवार होकर आए थे।
झाड़ियों से मिला लूटा हुआ माल
गिरफ्तार सुमित की निशानदेही पर पुलिस ने करमासी गांव के एक बगीचे की झाड़ियों से लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण और हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद कर ली है। सुमित ने बताया कि भीड़ द्वारा पीछा किए जाने पर उसने घबराहट में यह सामान वहां छिपा दिया था।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी, लोगों में दहशत
28 Apr, 2026 10:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहटा में अनियंत्रित कार ने कई लोगों को रौंदा, वाहन से पिस्टल और कारतूस बरामद
बिहार की राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार का कहर देखने को मिला। राघोपुर गांव के पास एक अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे खड़े कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया।
हादसे के बाद ग्रामीणों का हंगामा
जैसे ही कार ने लोगों को टक्कर मारी, स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए। भीड़ ने भागने की कोशिश कर रही कार को घेर लिया और उस पर जमकर पथराव किया। घटना के बाद मौके पर काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलते ही बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
कार से भारी मात्रा में हथियार बरामद
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दुर्घटना करने वाली कार का पीछा किया और उसे जब्त कर लिया। हालांकि, अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाकर कार सवार मौके से फरार होने में सफल रहे। जब पुलिस ने जब्त वाहन की तलाशी ली, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। कार के भीतर से निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई:
दो पिस्टल
15 जिंदा कारतूस
तीन मैगजीन
हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस अब इस मामले को आपराधिक साजिश के कोण से भी देख रही है।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अलर्ट पर थी पुलिस
हैरानी की बात यह है कि यह घटना तब हुई जब मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर जिले में सुरक्षा व्यवस्था सख्त थी और पुलिस जगह-जगह सघन जांच अभियान (चेकिंग) चला रही थी।
वर्तमान स्थिति और कार्रवाई
घायलों का हाल: दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों को इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस की जांच: थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि वाहन को कब्जे में ले लिया गया है और बरामद हथियारों की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लुधियाना-आजमगढ़ रूट पर हादसा, तेज रफ्तार बस ने खोया संतुलन
28 Apr, 2026 09:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुल्तानपुर: पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। धनपतगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत चतुरी का पुरवा (किलोमीटर संख्या 108) के पास लुधियाना से आजमगढ़ की ओर जा रही एक लग्जरी बस अचानक बेकाबू होकर पलट गई। इस दुर्घटना में बस में सवार 30 से अधिक यात्री घायल हो गए हैं, जिनमें से 10 लोगों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
सुबह साढ़े छह बजे हुआ हादसा
यह घटना सुबह करीब 6:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस पलटते ही चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचित किया। बताया जा रहा है कि हादसे के तुरंत बाद बस चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा
सूचना मिलते ही एसडीएम बल्दीराय, क्षेत्राधिकारी और धनपतगंज थाना प्रभारी अंजू मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज, सुल्तानपुर में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों ने जाना घायलों का हाल
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। अधिकारियों ने डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सभी पीड़ितों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
थाना प्रभारी अंजू मिश्रा के मुताबिक, राहत और बचाव कार्य समय पर पूरा कर लिया गया था और अब पुलिस हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है। एक्सप्रेस-वे पर यातायात को सामान्य कर दिया गया है।
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