उत्तर प्रदेश
बारिश बनी चुनौती, गांव वालों ने कंधों पर उठाकर नदी पार कराई और पहुंचाया दूल्हा
20 Jun, 2026 10:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस सीमावर्ती जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत दल्लेगांव से एक ऐसी विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने बुनियादी विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो और तस्वीरों में एक दूल्हा अपनी बारात के साथ उफनती हुई मेची नदी को पार करने के लिए ग्रामीणों के कंधों पर सवार दिखाई दे रहा है। सुदूर इलाके के इस गांव में नदी पर पुल की सुविधा न होने के कारण पूरी बारात को इसी प्रकार जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ी।
कंधों का सहारा लेकर पार हुआ उफनता दरिया
प्राप्त विवरण के अनुसार, दल्लेगांव में एक विवाह समारोह संपन्न होना था, जिसमें शामिल होने आ रही बारात के रास्ते में मेची नदी मुख्य बाधा बनी हुई थी। मानसूनी बारिश के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था और वहां चल रहा पुल का निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध था। नदी पार करने का कोई अन्य सुरक्षित जरिया या नाव उपलब्ध न होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाई और दूल्हे को अपने कंधों पर बिठाकर अत्यंत सावधानी से नदी के दूसरे किनारे तक पहुंचाया। इस अनोखी और लाचारी से भरी विदाई का वीडियो वहां उपस्थित किसी ग्रामीण ने अपने कैमरे में सहेज लिया, जो अब इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
वर्षों से अधर में लटका है सेतु का निर्माण
क्षेत्रीय नागरिकों ने इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए बताया कि दल्लेगांव और उसके समीपवर्ती दर्जनों गांवों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने के उद्देश्य से मेची नदी पर पुल का निर्माण कार्य वर्षों पूर्व स्वीकृत और शुरू किया गया था, परंतु प्रशासनिक ढुलमुल नीति के कारण यह आज तक मुकम्मल नहीं हो पाया। शुष्क मौसम में तो ग्रामीण नदी की उथली धारा को जैसे-तैसे लांघ लेते हैं, किंतु वर्षा ऋतु आते ही पूरा क्षेत्र टापू में तब्दील हो जाता है। पुल न होने का खामियाजा प्रतिदिन स्कूल जाने वाले नौनिहालों, गंभीर मरीजों, अपनी उपज मंडी तक ले जाने वाले किसानों और आम राहगीरों को भुगतना पड़ता है। कई बार चिकित्सा आपातकाल के समय लोग जान हथेली पर रखकर उफनते पानी के बीच से गुजरने को मजबूर होते हैं।
वायरल दृश्यों ने खड़े किए व्यवस्था पर गंभीर सवाल
दूल्हे को कंधों पर बिठाकर नदी पार कराने के इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। जहां एक तरफ लोग विषम परिस्थितियों में ग्रामीणों द्वारा की गई इस आपसी सहायता और अनूठे अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नेटिजन्स और स्थानीय जनता अधूरे पड़े बुनियादी ढांचे को लेकर शासन-प्रशासन तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठा रही है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस महत्वपूर्ण सेतु का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक हजारों की आबादी को प्रतिवर्ष इसी प्रकार की जानलेवा दिक्कतों से दो-चार होना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मॉनसून की गंभीरता को देखते हुए इस दिशा में त्वरित और ठोस कदम उठाने की पुरजोर मांग की है।
अंतरिम संरक्षण बढ़ने से फैजल खान को राहत, विरोधी पक्ष के गंभीर आरोपों से बढ़ी हलचल
20 Jun, 2026 10:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में विख्यात शिक्षक फैजल खान (खान सर) को न्यायपालिका से एक बड़ी राहत मिली है। शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में संपन्न हुई एक महत्वपूर्ण वैधानिक कार्यवाही के दौरान अदालत ने फैजल खान की अग्रिम जमानत अर्जी पर विचार करते हुए उनके अंतरिम राहत के दायरे को आगामी सुनवाई तक के लिए विस्तारित कर दिया है। न्यायालय के इस न्यायिक आदेश के बाद अगली निर्धारित तिथि तक खान सर की संभावित गिरफ्तारी पर स्थगन आदेश प्रभावी रहेगा।
केस डायरी का अवलोकन और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक
शनिवार की अदालती कार्यवाही के दौरान जांच एजेंसी की ओर से मामले की अद्यतन केस डायरी (जांच प्रतिवेदन) न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत की गई। केस डायरी के कानूनी तथ्यों का बारीकी से अध्ययन करने के पश्चात अदालत ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के वकीलों की दलीलों को सुना। न्यायालय ने वर्तमान परिस्थितियों में कोई भी अंतिम निर्णय पारित करने के बजाय मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, अदालत ने फैजल खान और उनके सहयोगियों को दंडात्मक संरक्षण (नो कोर्सिव एक्शन) प्रदान करते हुए पुलिस प्रशासन को किसी भी तरह की दमनकारी या कठोर कार्रवाई न करने की हिदायत दी है।
सुरक्षाकर्मियों की अर्जी पर तीखी कानूनी बहस
इस बहुचर्चित प्रकरण में विधिक प्रक्रिया उस समय और अधिक पेचीदा हो गई, जब मुख्य आरोपी के साथ-साथ उनके दोनों निजी सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिकाएं भी विचारार्थ पटल पर रखी गईं। अदालत कक्ष में एक ओर जहां मुख्य आरोपी फैजल खान को अंतरिम सुरक्षा मिल गई, वहीं दूसरी ओर उनके अंगरक्षकों की विधिक रिहाई के प्रश्न पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के मध्य तीखे वैधानिक तर्क-वितर्क और कानूनी दांव-पेंच देखने को मिले।
विपक्षी खेमे के संगीन दावे और एफआईआर की मांग
इससे पूर्व, विरोधी पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता निरंजन कुमार ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने पीठ के समक्ष यह दलील दी कि इस कथित आपराधिक साजिश और कोचिंग विवाद की पूरी रूपरेखा 'खान ग्लोबल स्टडीज' संस्थान के भीतर ही तैयार की गई थी। उन्होंने न्यायालय को अवगत कराया कि पीड़ित रौशन आनंद द्वारा कदमकुआं थाने में लिखित शिकायत दिए जाने के उपरांत भी अब तक पुलिस द्वारा औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जबकि इसके पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं। विपक्षी वकील ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि पीड़ित पर कारागार के भीतर भी जानलेवा हमले का प्रयास किया गया और उनके भाई प्रिंस के साथ भी अमानवीय कृत्य हुआ है, जिसके कारण इस पूरे नेक्सस की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच अनिवार्य है।
महंगी हो सकती है बिजली! आयोग में आपत्ति प्रस्ताव के बाद बढ़ीं उपभोक्ताओं की चिंताएं
20 Jun, 2026 10:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नोएडा। नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) के अधिशेष (सरप्लस) को 1500.63 करोड़ रुपये से भारी कटौती कर 593.81 करोड़ रुपये करने का आधिकारिक आदेश जारी हो गया है। इस निर्णय के आते ही राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग में एक औपचारिक आपत्ति प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री को एक पत्र प्रेषित कर आग्रह किया है कि राज्य सरकार इस फैसले के विरोध में तुरंत अपीलीय न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) की शरण ले, अन्यथा आने वाले समय में पूरे प्रदेश के आम नागरिकों को महंगी बिजली का झटका लग सकता है।
साढ़े तीन करोड़ उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का संकट
वर्तमान में उत्तर प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का विभिन्न विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) पर लगभग 51 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस बकाया है, जिसके कारण पिछले कुछ सालों से सूबे में बिजली दरों को स्थिर रखने में मदद मिली है। उपभोक्ता परिषद का मानना है कि एनपीसीएल के पक्ष में आए इस फैसले को आधार बनाकर राज्य की अन्य सरकारी बिजली कंपनियां भी अपने सरप्लस के पुनरीक्षण की मांग उठा सकती हैं। यदि ऐसा हुआ, तो समूचे प्रदेश के लगभग साढ़े तीन करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के मासिक बिलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही आयोग को यह भी अवगत कराया गया कि कंपनियां मुकदमों में होने वाले विधिक खर्च का बोझ भी अंततः उपभोक्ताओं पर ही डालती हैं।
नोएडा के ढाई लाख उपभोक्ताओं की सब्सिडी समाप्त होने की आशंका
नियामक आयोग द्वारा शुक्रवार को सुनाए गए इस फैसले का सीधा और तात्कालिक असर नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के तकरीबन ढाई लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं पर पड़ना तय माना जा रहा है। इस आदेश के लागू होने से एनपीसीएल के उपभोक्ताओं को वर्तमान में मिलने वाली 10 प्रतिशत की विशेष छूट या सब्सिडी पूरी तरह समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 से लेकर 2025 तक के पूर्ववर्ती टैरिफ आदेशों के कुछ तकनीकी मानकों को लेकर नोएडा पावर कंपनी ने अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती दी थी, जिसके बाद ट्रिब्यूनल ने इस मामले को दोबारा समीक्षा के लिए आयोग के पास वापस भेजा था।
पुनः परीक्षण में सरप्लस घटने से बढ़ेगा वित्तीय भार
नियामक आयोग ने अपीलीय न्यायाधिकरण के निर्देश पर जब इस मामले का दोबारा तकनीकी परीक्षण किया, तो वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पहले से स्वीकृत करीब 1500.63 करोड़ रुपये के अधिशेष को घटाकर सिर्फ 593.81 करोड़ रुपये मंजूर किया। अब तक इसी बड़े सरप्लस फंड की बदौलत स्थानीय उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में राहत दी जा रही थी। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मत है कि एनपीसीएल के इस वित्तीय फेरबदल के बाद राज्य की अन्य डिस्कॉम भी इसी तर्ज पर रियायतें कम करने का दबाव बनाएंगी, जिससे अंततः प्रदेश के सभी वर्गों के बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ना निश्चित है।
'अब नहीं बचोगे', बेटे के कत्ल के बाद मां का प्रेमी को मैसेज, चैट से हुआ सनसनीखेज खुलासा
20 Jun, 2026 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ। बहसूमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामराज इलाके से छह वर्षीय मासूम अंगदवीर के अपहरण और सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा करते हुए मृतक बच्चे की मां गुरप्रीत कौर को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस तफ्तीश में यह बात प्रमाणित हुई है कि महिला इस पूरी वारदात के पहले और बाद में अपने प्रेमी तथा मुख्य अभियुक्त अर्पित पाराशर के निरंतर संपर्क में बनी हुई थी। पुलिस ने डिलीट किए जा चुके डिजिटल साक्ष्यों को तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से दोबारा हासिल कर महिला की संलिप्तता के पुख्ता प्रमाण जुटाए हैं।
हत्याकांड के तुरंत बाद हुआ था संदेशों का आदान-प्रदान
वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों से यह बात सामने आई है कि वारदात को अंजाम देने के मात्र 10 मिनट के भीतर मुख्य आरोपी अर्पित ने गुरप्रीत को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर कार्य सिद्ध होने की सूचना दी थी, जिसके जवाब में महिला ने किसी के देखने की आशंका जताई थी। बाद में जब पुलिस ने घटनास्थल के समीप लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तब गुरप्रीत ने घबराकर अपने प्रेमी को सचेत किया कि पुलिस के हाथ साक्ष्य लग चुके हैं और अब बचना नामुमकिन है। पकड़े जाने के डर से दोनों ने अपनी पूरी बातचीत (चैट हिस्ट्री) को मिटा दिया था, जिसे पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के लिए सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया है और आरोपी महिला ने भी अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है।
मां ने स्वयं अपने बच्चे को भेजा था मौत के मुंह में
पुलिस पूछताछ में यह बेहद चौंकाने वाला सच उजागर हुआ है कि मंगलवार को गुरप्रीत ने ही योजनाबद्ध तरीके से फोन कर अर्पित को अपने आवास के पास बुलवाया था। गाड़ी खड़ी होने के बाद वह स्वयं अपने मासूम बेटे को लेकर बाहर आई और उसे करीब 100 मीटर की दूरी पर खड़ी कार की तरफ यह कहकर भेज दिया कि अंदर बैठे अंकल उसे नई घड़ी और चॉकलेट दिलाएंगे। मासूम को गाड़ी में बिठाने के तुरंत बाद आरोपी महिला साक्ष्यों और संदेह से बचने के लिए बहाने से अपने मायके नजीबाबाद दवा लेने के लिए रवाना हो गई थी।
अवैध संबंधों का राज खुलने के डर से रची गई खूनी साजिश
इस निर्मम हत्याकांड के पीछे की मुख्य वजह अवैध संबंधों को छुपाने की कोशिश और पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। दरअसल, विगत रविवार को अवकाश के दिन अर्पित जब महिला से मिलने उसके घर आया था, तब सोते हुए मासूम अंगदवीर की अचानक आंख खुल गई और उसने दोनों को साथ देख लिया था। इसके बाद से ही दोनों को यह डर सता रहा था कि बालक यह बात अपने पिता और दादी को बता देगा। इसके अतिरिक्त, महिला अपने पति से मोटी रकम लेकर तलाक चाहती थी, जिसमें वह अपने बेटे को सबसे बड़ी बाधा मानती थी। इसी के चलते बैंक के एरिया मैनेजर पद पर कार्यरत अर्पित ने मासूम की गला रेतकर हत्या कर दी और शव को हस्तिनापुर के जंगलों में छुपा दिया था, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बरामद किया।
22 जून तक सताएगी लू, पटना समेत कई जिलों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी
20 Jun, 2026 07:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के निवासियों को फिलहाल झुलसाने वाली गर्मी और उमस से कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 20 जून से 22 जून तक प्रदेश के पश्चिमी और मध्य इलाकों में भीषण लू (हीट वेव) के साथ-साथ रातें भी बेहद गर्म (वॉर्म नाइट) रहने की प्रबल आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन क्षेत्रों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर दर्ज किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क व गर्म हवाओं के थपेड़े दिन के समय बेचैनी बढ़ाएंगे, जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी ऊंचा रहने से लोग उमस भरी गर्मी से त्रस्त रहेंगे।
अलग-अलग अंचलों में लू का प्रकोप और वज्रपात की चेतावनी
मौसम संबंधी बुलेटिन के मुताबिक, 20 जून को उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जनपदों में लू का असर बना रहेगा, जबकि उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व के हिस्सों में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चल सकती है। वहीं, 21 जून को दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य जिलों में उष्ण लहर का प्रकोप रहने की संभावना है, तो दूसरी तरफ उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई इलाकों में बादलों की गर्जना, आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की चेतावनी दी गई है। आगामी 22 जून को भी दक्षिण-पश्चिम बिहार में लू की स्थिति बनी रहेगी, जबकि अररिया, किशनगंज और पूरे सीमांचल क्षेत्र में मेघ गर्जन के साथ भारी बारिश हो सकती है। कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा और सुपौल में भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
भीषण गर्मी से सेहत को खतरा और खान-पान में सावधानी की सलाह
मौसम विभाग ने आगाह किया है कि इस जानलेवा गर्मी के कारण आम जनमानस में हीट स्ट्रोक (लू लगना), शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और अत्यधिक शारीरिक थकावट जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। इस मौसमी थपेड़े का सबसे घातक असर नवजात बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों और चिलचिलाती धूप में मजदूरी करने वाले श्रमिकों पर पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों को हिदायत दी है कि वे दोपहर के वक्त सीधे धूप में निकलने या भारी शारीरिक श्रम वाले कार्यों को करने से पूरी तरह बचें। इसके साथ ही, शरीर को डिहाइड्रेट करने वाले पेय पदार्थों जैसे चाय, कॉफी, अत्यधिक मीठे कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा प्रोटीन वाले अथवा बासी भोजन के सेवन से परहेज करने को कहा गया है।
हीट स्ट्रोक के आपातकालीन लक्षण और तत्काल चिकित्सीय उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम केंद्र ने आपातकालीन गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति में अत्यधिक तेज बुखार, अचानक चक्कर आना, शरीर में बेतहाशा कमजोरी, उल्टी आना, सिर में तेज दर्द होना, मानसिक भ्रम की स्थिति पैदा होना या बेहोशी छाने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत बिना समय गंवाए धूप से हटाकर किसी हवादार, छायादार और ठंडे स्थान पर ले जाएं। पीड़ित को प्राथमिक उपचार के तौर पर गीले कपड़े से बदन पोंछने और ओआरएस का घोल देने के बाद बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के पास ले जाना सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
शादी की दावत में चला पुलिस का शिकंजा, संदिग्ध मीट मिलने पर मचा हड़कंप
19 Jun, 2026 03:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैराना। स्थानीय पुलिस ने एक मैरिज होम में आयोजित दावत-ए-वलीमा के जश्न के दौरान प्रतिबंधित पशु का मांस परोसे जाने की गुप्त सूचना पर देर रात बड़ी छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई के तहत पुलिस टीम ने मौके से संदिग्ध मांस बरामद करने का दावा किया है। इसके साथ ही, घटना में प्रयुक्त एक नई स्कॉर्पियो-एन एसयूवी कार को अपने कब्जे में लेते हुए पुलिस ने दूल्हे सहित कई संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है।
मुखबिर की सूचना पर यमुना तटीय इलाके में देर रात पुलिस की दबिश
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार की देर रात स्थानीय पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि यमुना नदी के तटीय क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक प्रतिबंधित व संरक्षित पशु का अवैध वध किया गया है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो वहां से पशुओं के अवशेष बरामद हुए। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन सरकारी पशु चिकित्सक को बुलाकर अवशेषों का प्राथमिक परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उन्हें नियमानुसार गड्ढे में दफन कर दिया गया। पुलिस प्रशासन अब इस मामले की विस्तृत वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से मैरिज होम तक पहुंची तफ्तीश की आंच
मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए जब पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, तो एक चौंकाने वाला सुराग हाथ लगा। फुटेज में देखा गया कि प्रतिबंधित स्थल से संदिग्ध मांस को एक काले रंग की नई स्कॉर्पियो-एन गाड़ी में लादकर कैराना कस्बे के भीतर ले जाया गया था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस टीम ने पीछा करते हुए मोहल्ला रेतावाला में स्थित मुगल गार्डन मैरिज होम में अचानक छापा मारा। उस वक्त वहां निकाह के उपलक्ष्य में प्रीतिभोज (वलीमा) का कार्यक्रम बड़े पैमाने पर चल रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आयोजन स्थल से संदिग्ध मांस जब्त किया और परिसर में खड़ी संबंधित गाड़ी को भी जब्त कर लिया।
दूल्हे सहित कई संदिग्ध हिरासत में, रिपोर्ट के बाद होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
समारोह के दौरान हुई इस अचानक छापेमारी से मैरिज होम में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके से ही दूल्हे और उसके कुछ करीबी रिश्तेदारों व सहायकों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने लाकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के उच्चाधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की हर पहलू से बारीकी से तफ्तीश की जा रही है। बरामद किए गए मांस के नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है और वहां से अंतिम परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
सावधान! गढ़वा में हर मौसम में सर्पदंश का खतरा, पांच महीने में 59 मामले
19 Jun, 2026 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गढ़वा। जिले में लगातार बदल रहे पर्यावरण और मौसम के मिजाज ने आम जनता के सामने एक बेहद गंभीर और नई स्वास्थ्य चुनौती ला खड़ी की है। पहले जहां सांपों के डसने का खतरा केवल मानसून या बाढ़ के दिनों तक ही सीमित माना जाता था, वहीं अब यह समस्या पूरे बारह महीने बनी हुई है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, चालू वर्ष 2026 के शुरुआती पांच महीनों (जनवरी से मई) के दौरान ही जिले में सर्पदंश के कुल 59 आधिकारिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। आमतौर पर शांत रहने वाले शीतकाल और वसंत ऋतु में भी सांपों के बिलों से बाहर आने और इंसानों पर हमला करने की इन घटनाओं ने स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है।
असमय बदलते तापमान और इंसानी दखल से बदला सांपों का व्यवहार
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और महामारी विज्ञानियों के अनुसार, पहले सांप काटने की घटनाएं मुख्य रूप से जुलाई से सितंबर के बीच भारी बारिश के समय होती थीं, जब बिलों में पानी भरने से जीव बाहर आते थे। मगर अब जनवरी की तीव्र ठंड और फरवरी-मार्च के महीनों में भी सांपों का खौफ देखा जा रहा है। इसके पीछे तीन बड़े कारण सामने आए हैं; पहला, वैश्विक तापमान में असंतुलन के कारण सर्दियों में भी गर्मी का अहसास होना, जिससे सांपों की शीतकालीन निद्रा बाधित हो रही है। दूसरा, जंगलों की अंधाधुंध कटाई से उनके प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं और वे भोजन की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर भाग रहे हैं। तीसरा, घरों के आसपास जमा कचरा और अनाजों के सही रखरखाव न होने से चूहों की तादाद बढ़ गई है, जो सांपों का पसंदीदा शिकार हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जनवरी में 5, फरवरी में 16, मार्च में 20, अप्रैल में 9 और मई में 9 मामले अस्पतालों में दर्ज किए गए हैं।
जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण ओझा-गुनी के चक्कर में फंस रहे ग्रामीण
इस गंभीर समस्या का दूसरा चिंताजनक पहलू यह है कि सामने आए 59 मामले केवल वे हैं जो पीड़ित समय रहते सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच गए। जिले के सुदूर और ग्रामीण अंचलों में जमीनी हकीकत इससे कहीं अधिक भयावह हो सकती है। आज भी शिक्षा के अभाव और गहरे अंधविश्वास के चलते लोग सांप के काटने पर अस्पताल भागने के बजाय स्थानीय ओझा-गुनी, तांत्रिकों और झाड़-फूंक करने वालों की शरण में चले जाते हैं। इस अंधविश्वास के चक्कर में बहुमूल्य समय नष्ट हो जाता है और जब तक गंभीर हालत में मरीज को सदर अस्पताल लाया जाता है, तब तक विष पूरे शरीर में फैल चुका होता है, जिससे इलाज करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
सभी सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त एंटी-वेनम और जीवन रक्षा के जरूरी उपाय
स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) गौरव कुमार ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि जिले का चिकित्सा तंत्र इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। गढ़वा सदर अस्पताल सहित सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में सांप के जहर को बेअसर करने वाली दवा 'एंटी-स्नेक वेनम' प्रचुर मात्रा में मुफ्त उपलब्ध है। विभाग ने गाइडलाइन जारी कर बताया है कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को शांत और स्थिर रखें, प्रभावित अंग से अंगूठी या तंग कपड़े हटा दें और तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल लाएं। वहीं, घाव पर चीरा लगाने, मुंह से जहर चूसने या किसी भी तरह की घरेलू जड़ी-बूटी देने से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी गई है।
पुलिसिंग में सुधार की पहल, एसपी निधि द्विवेदी ने थानों की कार्यप्रणाली पर दिया जोर
19 Jun, 2026 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में एसपी निधि द्विवेदी की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और हाल के दिनों में बढ़ी सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। जिला पुलिस प्रमुख ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि वे आपसी तालमेल और टीम वर्क के साथ काम करें तथा आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर पुलिसिंग को और अधिक मजबूत व विश्वसनीय बनाएं।
बढ़ते सड़क हादसों पर जताई चिंता और मुहर्रम को लेकर सतर्कता के निर्देश
बैठक के दौरान एसपी निधि द्विवेदी ने जिले के विभिन्न मार्गों पर हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करवाएं और आम जनमानस को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएं। इसके साथ ही, आगामी मुहर्रम त्योहार के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने तथा हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखने का आदेश दिया गया।
लंबित मामलों का त्वरित निपटारा और महिला सुरक्षा पर विशेष बल
पुलिस अधीक्षक ने आपराधिक मामलों की समीक्षा करते हुए कड़ा रुख अख्तियार किया और लंबे समय से वांछित चल रहे अपराधियों तथा वारंटियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से उन्होंने जांच अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर न्यायालय में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करने की हिदायत दी। इसके अलावा, महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों और पॉक्सो (POCSO) एक्ट से जुड़े संवेदनशील मामलों की त्वरित व प्रभावी ढंग से जांच कर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जिला पुलिस बल के इन वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक में जिले के कई आला अधिकारी और थाना प्रभारी रणनीतिक चर्चा के लिए उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों में मुख्य रूप से एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज और एसडीपीओ चांडिल शामिल थे। इनके अतिरिक्त सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार, चौका थाना प्रभारी गौरव कुमार, खरसावां प्रभारी राहुल सिंह, आदित्यपुर प्रभारी अंजनी कुमार, गम्हरिया प्रभारी संजय प्रसाद और चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी सहित जिले के तमाम पुलिस अंचलों के निरीक्षक मौजूद रहे, जिन्हें फील्ड में मुस्तैदी से काम करने के आवश्यक निर्देश दिए गए।
छात्रों के लिए खुशखबरी! एएन कॉलेज से शुरू होगी रात 8 बजे तक क्लास की व्यवस्था
19 Jun, 2026 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के सरकारी कॉलेजों में अब शैक्षणिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाते हुए पढ़ाई का समय रात 8 बजे तक करने का फैसला किया गया है। राज्य सरकार इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा, पुख्ता सुरक्षा प्रबंध, बिजली, अत्याधुनिक पुस्तकालय और अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराएगी। इस अभिनव पहल की शुरुआत राजधानी के प्रतिष्ठित एएन कॉलेज से होने जा रही है, जिसकी प्रक्रिया आगामी जुलाई महीने से शुरू कर दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस योजना के लिए चयनित प्रमुख कॉलेजों की सूची तैयार कर बिहार लोक भवन भेज दी है, ताकि मौजूदा संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिक अवसर दिए जा सकें।
स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
यह महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को एएन कॉलेज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान की। यह आयोजन महान स्वतंत्रता सेनानी अनुग्रह नारायण सिंह की 149वीं जयंती और कॉलेज के 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया गया था। मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में समय बढ़ाने से छात्र-छात्राओं को एक उन्नत और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल मिलेगा। देर शाम तक कक्षाएं और लाइब्रेरी खुली रहने से विद्यार्थी शोध तथा अपनी पढ़ाई को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे, जिससे सूबे की उच्च शिक्षा को एक नई दिशा मिलेगी।
एक वर्ष में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का विक्रमशिला विश्वविद्यालय
समारोह के मंच से मुख्यमंत्री ने राज्य की उच्च शिक्षा के कायाकल्प के लिए कई अन्य ऐतिहासिक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कड़ा संकल्प जताते हुए कहा कि आगामी एक वर्ष के भीतर ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना कर दी जाएगी, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य अगले 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। यह नया विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्कूली शिक्षा में सुधार का जिक्र करते हुए बताया कि बिहार में आधुनिक मॉडल स्कूलों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिनमें इसी जुलाई सत्र से सुव्यवस्थित पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
पटना और मुजफ्फरपुर के इन प्रमुख कॉलेजों में चलेंगी शाम की कक्षाएं
नई नीति के तहत शुरुआती चरण में जिन शीर्ष कॉलेजों को 'इवनिंग कॉलेज' के रूप में संचालित करने के लिए चुना गया है, उनकी सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में मुख्य रूप से पटना साइंस कॉलेज, एएन कॉलेज, बीएन कॉलेज, मगध महिला कॉलेज, कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस और जेडी वीमेंस कॉलेज शामिल हैं। इनके अलावा उत्तर बिहार के प्रमुख संस्थान जैसे एमएस कॉलेज, एलएस कॉलेज, टीएनबी कॉलेज और सीएम साइंस कॉलेज में भी शाम के समय नियमित रूप से क्लास लगाने की मुकम्मल तैयारी की जा रही है, जिससे उच्च शिक्षा में सीटों की किल्लत से भी राहत मिलेगी।
सावधान! 'पेंशन प्लान' के नाम पर साइबर ठगों का बड़ा खेल, खाते से उड़ाए 11 लाख रुपये
19 Jun, 2026 12:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगरा। शहर के प्रतापनगर स्थित माधवकुंज इलाके में एक शातिर साइबर ठग ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया है। जालसाज ने पेंशन योजना का झांसा देकर पीड़ित के मोबाइल पर एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल भेजी, जिस पर क्लिक करते ही उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद अपराधी ने पीड़ित के बैंक खाते में जमा 11 लाख रुपये की फिक्स डिपॉजिट (FD) को पलक झपकते ही दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया। पीड़ित किशनपाल खेत्रपाल की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर क्राइम के डीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि जिस नंबर से कॉल आई थी और जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी सघन जांच की जा रही है और अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
एपीके फाइल का मायाजाल और हैकिंग का खतरनाक खेल
साइबर मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल अपराधी लोगों को ठगने के लिए एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइल का सहारा ले रहे हैं, जो मोबाइल को पूरी तरह रिमोट कंट्रोल पर लेने जैसा है। दरअसल, एपीके फाइल वह डिजिटल फॉर्मेट है जिसके जरिए एंड्रॉइड स्मार्टफोन में सीधे ऐप इंस्टॉल किए जाते हैं। जब कोई यूजर किसी अज्ञात लिंक या मैसेज के माध्यम से आई इस फाइल पर क्लिक करता है, तो उसके फोन में एक बैकग्राउंड (हिडन) ऐप डाउनलोड हो जाती है। यह ऐप यूजर की जानकारी के बिना उसके फोन के मैसेज, कॉल रिकॉर्ड, स्क्रीन एक्टिविटी और बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का पूरा नियंत्रण हैकर को सौंप देती है। इसके बाद ठग घर बैठे ही बैंक से आने वाले ओटीपी (OTP) को पढ़ लेते हैं और खाते से सारा पैसा साफ कर देते हैं।
अज्ञात लिंक और थर्ड पार्टी ऐप से ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
इस तरह के डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी स्थिति में किसी अज्ञात स्रोत या अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल को अपने फोन में डाउनलोड न करें। हमेशा आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही प्रामाणिक एप्लिकेशन इंस्टॉल करें। यदि कोई साधारण सा ऐप आपके फोन के मैसेज, कॉन्टैक्ट्स या गैलरी की अनुमति (एक्सेस) मांगता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक करें। इसके अलावा, अपने स्मार्टफोन की सेटिंग में जाकर 'इंस्टॉल फ्रॉम अननोन सोर्सेज' (Install from Unknown Sources) के विकल्प को हमेशा बंद रखें ताकि कोई भी संदिग्ध सॉफ्टवेयर आपकी मर्जी के बिना फोन में जगह न बना सके।
सुरक्षा उपाय और साइबर हेल्पलाइन 1930 का उपयोग
अपने मोबाइल डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करते रहें और एक भरोसेमंद एंटीवायरस का उपयोग करें। यदि आप या आपके आसपास का कोई व्यक्ति इस प्रकार की किसी धोखाधड़ी या ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए केंद्र सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके अतिरिक्त, तुरंत राहत और त्वरित कार्रवाई के लिए सरकार द्वारा जारी की गई राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते ठगी गई रकम को होल्ड कराया जा सके।
पहले भाई को बेरहमी से मारा, फिर मासूम बनकर रोता रहा आरोपी; प्यार की सनक में वारदात
19 Jun, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगरा। सदर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुरा इलाके में रिश्तों के कत्ल और अवैध संबंधों की एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां एक रेस्तरां में काम करने वाले युवक अमित उर्फ सोमू की बेरहमी से हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके सगे भाई भोलू ने की थी। प्यार के रास्ते में रोड़ा बनने से बौखलाए भोलू ने अपने भाई को पहले भारी पत्थर से कूचकर लहूलुहान किया और फिर गमछे से फंदा लगाकर उसका दम घोंट दिया। इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अब मृतक की पत्नी यानी आरोपी की भाभी खुशी को भी साजिश रचने के जुर्म में सह-आरोपी बनाने की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
खेत में शव मिलने से हुआ सनसनीखेज खुलासा
यह पूरी वारदात बुधवार की सुबह तब प्रकाश में आई जब सुल्तानपुरा के एक सुनसान खेत में 22 वर्षीय अमित का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। मृतक के सिर और चेहरे पर गहरे जख्म थे, जिससे साफ था कि उस पर किसी वजनी चीज से हमला किया गया था। शुरुआत में आरोपी भाई भोलू ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अमित के एक सहकर्मी पर शक जताकर जांच की दिशा बदलने की कोशिश की। मगर पुलिस ने जब घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, तो उसमें अमित के घर से निकलने के बाद भोलू उसका पीछा करता हुआ और बाद में वहां से बदहवास भागता हुआ साफ दिखाई दिया। भाई के अंतिम संस्कार के ठीक बाद पुलिस ने भोलू को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
भाभी से अवैध संबंध और भाई को रास्ते से हटाने की साजिश
गिरफ्तार कातिल भोलू ने पुलिस के सामने जो राज उगले वे बेहद हैरान करने वाले थे। उसने बताया कि करीब चार महीने पहले 19 फरवरी को उसके बड़े भाई अमित की शादी खुशी नामक युवती से हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद ही भोलू और उसकी भाभी खुशी के बीच अवैध संबंध बन गए। दोनों एक-दूसरे के प्यार में इस कदर अंधे हो गए कि उन्होंने अमित को अपने रास्ते से हटाने का मन बना लिया। तीन दिन पहले अमित ने दोनों को बंद कमरे में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद घर में भारी विवाद हुआ था। भाई के पकड़े जाने के बाद भाभी खुशी ने ही भोलू को उकसाया और अमित को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खूनी सलाह दी।
शौच के दौरान हमला और पकड़े जाने के डर से खुदकुशी का ड्रामा
योजना के मुताबिक बुधवार सुबह जब अमित अपने काम के लिए निकला, तो भोलू भी दबे पांव उसके पीछे चल दिया। रास्ते में जब अमित एक खेत में शौच के लिए रुका, तो भोलू ने पीछे से हमला बोल दिया। उसने भारी पत्थर से अमित के सिर पर तब तक वार किए जब तक वह अधमरा नहीं हो गया, और फिर गमछे से गला घोंटकर उसकी जान ले ली। वारदात के बाद उसने सबूत मिटाने के लिए हाथ-कपड़े धोए और घर आकर रोने का ढोंग करने लगा। जब पुलिसिया तफ्तीश की आंच भाभी खुशी तक पहुंची, तो वह बुरी तरह घबरा गई। खुद को कानूनी शिकंजे में फंसता देख खुशी ने लोकलाज और डर के मारे आत्महत्या का प्रयास भी किया, लेकिन पड़ोसियों ने उसे समय रहते बचा लिया।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में राष्ट्रपति का दौरा, आध्यात्मिक संदेश दिया
19 Jun, 2026 12:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खंडवा: मध्य प्रदेश प्रवास के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को खंडवा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन-पूजन किया। राष्ट्रपति ने भगवान शिव के समक्ष माथा टेककर देश की खुशहाली, शांति और विकास की कामना की।
राज्यपाल ने किया स्वागत, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ अभिषेक
ओंकारेश्वर पहुंचने पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आत्मीय स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति सबसे पहले ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने नंदी महाराज को बेलपत्र अर्पित किए। मंदिर के मुख्य पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ विशेष पूजा संपन्न कराई, जिसमें राष्ट्रपति ने पूरे श्रद्धा भाव से भगवान शिव का अभिषेक किया।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
नर्मदा नदी के तट पर बसा ओंकारेश्वर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति के इस दौरे से मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए आम श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी गई थी, लेकिन स्थानीय जनता में राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया।
स्मृति चिन्ह देकर किया गया अभिनंदन
ममलेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा राष्ट्रपति का अभिनंदन किया गया। खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया, जबकि स्थानीय सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने उन्हें नर्मदेश्वर शिवलिंग, शंख और भगवान ओंकारेश्वर का चित्र भेंट किया। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और रात्रि विश्राम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम निगरानी रख रही है। राष्ट्रपति का गुरुवार रात ओंकारेश्वर में ही रात्रि विश्राम का कार्यक्रम तय किया गया है।
नाच कार्यक्रम बना मौत का मंच, पेट में गोली लगने से लौंडा डांसर की मौत
19 Jun, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के कटेया थाना क्षेत्र के पटोहवा गांव में एक विवाह समारोह के दौरान अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए एक पुरुष नर्तक (लौंडा डांसर) की पेट में गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। यह खौफनाक वारदात उस समय हुई जब डांसर ने कुछ मनचलों द्वारा जबरन सुनसान इलाके में ले जाने के प्रयास का कड़ा विरोध किया। गंभीर रूप से जख्मी कलाकार को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद शादी के जश्न का माहौल चीख-पुकार और मातम में तब्दील हो गया, वहीं वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर मौके से भागने में सफल रहे।
मनोरंजन कार्यक्रम के दौरान मनचलों ने की बदसलूकी
जानकारी के मुताबिक, पटोहवा गांव के निवासी महेंद्र कुशवाहा की सुपुत्री के विवाह का कार्यक्रम था, जिसमें उत्तर प्रदेश से बारात आई हुई थी। बारातियों और स्थानीय मेहमानों के मनोरंजन के लिए रामायण यादव की 'नाच ड्रामा पार्टी' को बुक किया गया था। इस मंडली में यूपी के देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र का रहने वाला 32 वर्षीय सोनू गोंड बतौर मुख्य डांसर अपनी प्रस्तुति दे रहा था। ड्रामा पार्टी के संचालक के अनुसार, सोनू स्टेज पर अपना परफॉरमेंस खत्म करने के बाद पास में ही बने टेंट (राउटी) में विश्राम करने गया था, तभी वहां मौजूद कुछ उपद्रवी तत्वों की नजर उस पर पड़ी और वे उसे जबरन खींचकर अंधेरे की तरफ ले जाने लगे।
अपराधियों के चंगुल से छूटने की कोशिश पर चलाई गोली
जब सोनू ने बदमाशों की इस घिनौनी और जबरदस्ती वाली हरकत का विरोध किया तथा खुद को उनके चंगुल से आजाद कराने के लिए संघर्ष किया, तो बौखलाए अपराधियों ने हथियार निकाल लिया। बदमाशों ने बिना किसी खौफ के सीधे सोनू के पेट को निशाना बनाकर गोली दाग दी। गोली चलते ही शादी के पंडाल में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मृतक सोनू पिछले सात वर्षों से विभिन्न नाच मंडलियों में काम करके अपने घर का गुजारा चला रहा था। माता-पिता के देहांत के बाद वही अपने घर का इकलौता सहारा था, जिसकी मौत के बाद उसके तीन मासूम बच्चों और एक छोटे भाई के सिर से साया उठ गया है।
चश्मदीदों के बयान पर पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
सरेआम हुई इस जघन्य हत्या की खबर मिलते ही कटेया थाना पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस वारदात के बाद से स्थानीय कलाकारों और ग्रामीणों में कानून व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पुख्ता पहचान सुनिश्चित करने के लिए मौके पर मौजूद चश्मदीदों और परिवार के लोगों से पूछताछ की जा रही है। फरार हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
घोटाले की जांच में बड़ा एक्शन, दो IAS और रिशुश्री की कंपनी निदेशक के घर पहुंची टीम
19 Jun, 2026 11:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। सरकारी टेंडरों में बड़े पैमाने पर चल रहे कमीशनखोरी के खेल को लेकर स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासनिक हलकों में रसूख रखने वाले मुख्य आरोपी रिशुश्री से पूछताछ के बाद इस सिंडिकेट की परतें खुलने लगी हैं। जांच के दौरान आरोपी द्वारा जिन आला अधिकारियों को अपने करीबियों की तरह संबोधित किया गया था, अब वे सीधे तौर पर जांच के घेरे में आ चुके हैं। इसी कड़ी में सरकार द्वारा पूर्व में निलंबित किए जा चुके आईएएस अधिकारी योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के ठिकानों पर विजिलेंस की टीम ने छापेमारी कर सघन जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, इस घोटाले से जुड़ी कंपनी 'मातृसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' के डायरेक्टर पवन कुमार के घर पर भी दबिश दी गई है।
आईएएस अभिलाषा शर्मा के आवास पर छानबीन और विदेश यात्रा का सच
विशेष सतर्कता इकाई की टीम ने बेली रोड स्थित आईएएस अभिलाषा शर्मा के सरकारी बंगले पर छापा मारा है। जांच एजेंसी मुख्य रूप से अधिकारी के विदेश दौरों और पर्यटन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है, क्योंकि पूर्व में उनके विदेश जाने की खबरें चर्चा में थीं। हालांकि, अब तक एसवीयू को उनके आधिकारिक रूप से विदेश जाने के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं, जिसके चलते उनके पासपोर्ट की भी गहनता से जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा इस बात का पता लगाया जा रहा है कि उनकी इन यात्राओं का पूरा खर्च क्या रिशुश्री द्वारा स्पॉन्सर किया गया था और क्या रिशुश्री की निजी डायरी में लिखे गए महंगे उपहार अभिलाषा शर्मा को ही दिए गए थे।
आईएएस योगेश सागर के ठिकाने पर दो दर्जन सवालों के साथ दबिश
रिशुश्री के मोबाइल चैट और अन्य दस्तावेजों से नाम सामने आने के बाद बिना किसी कारण बताओ नोटिस के सीधे सस्पेंड किए गए आईएएस योगेश सागर के आईएएस कॉलोनी स्थित आवास (मकान नंबर E-2/10) पर भी विजिलेंस ने अपनी जांच बिठा दी है। निलंबन के करीब 20 दिनों बाद हुई इस कार्रवाई में जांच एजेंसी लगभग दो दर्जन से अधिक तीखे सवालों की सूची के साथ पहुंची है। एसवीयू यह जानने का प्रयास कर रही है कि योगेश सागर के कार्यकाल के दौरान उनके विभागों में रिशुश्री का यह सिंडिकेट किस तरह काम कर रहा था और इसके बदले में किस प्रकार के वित्तीय लाभों का आदान-प्रदान किया गया।
मातृस्वा इंफ्रा के निदेशक के घर पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की खोज
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के तत्काल बाद जिस कंपनी के कार्यालयों पर नजर रखी जानी चाहिए थी, वहां काफी देरी से कार्रवाई शुरू हुई। 28 मई को हुई मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के काफी दिनों बाद अब जाकर एसवीयू की टीम बेउर की एसके विहार कॉलोनी में स्थित 'मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन कुमार के निवास स्थान पर पहुंची है। फिलहाल, इस ठिकाने से सरकारी टेंडरों से जुड़े अहम कागजात, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों को इकट्ठा करने के साथ-साथ निदेशक से पूछताछ का सिलसिला जारी है।
आसमान से बरसी राहत! नोवामुंडी में झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना
19 Jun, 2026 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नोवामुंडी। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी में शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। आसमान में अचानक घने और काले बादलों का डेरा जमा हो गया, जिसके तुरंत बाद मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। इस मूसलाधार वर्षा के साथ ही आसमान में लगातार कड़क रही आकाशीय बिजली और बादलों की तीव्र गड़गड़ाहट ने पूरे अंचल को झकझोर कर रख दिया। वज्रपात की चमक इतनी भीषण थी कि कुछ पलों के लिए पूरा दृश्य उजाले से भर जाता था, वहीं बादलों की गूंज इतनी भयानक थी कि स्थानीय लोग खौफजदा हो गए। इस अचानक आए प्राकृतिक बदलाव ने समूचे क्षेत्र में भय और अत्यधिक सावधानी का माहौल बना दिया है।
आकाशीय बिजली की तेज कड़क से सहमे स्कूली बच्चे
इस डरावने मौसमी बदलाव के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी स्कूलों में पढ़ रहे नौनिहालों को उठानी पड़ी। आसमान से आ रही कानों को बहरा कर देने वाली गर्जना और बिजली की चकाचौंध से कक्षाओं में मौजूद बच्चे बुरी तरह सहम गए। डर के मारे कई बच्चे अपनी सीटों पर ही सिमट कर बैठ गए, जिन्हें देखकर शिक्षकों को उन्हें ढांढस बंधाना पड़ा और हौसला देना पड़ा। दूसरी तरफ, घरों पर मौजूद अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरे मानसिक तनाव और चिंता में डूबे नजर आए।
मूसलाधार वर्षा से कई प्रमुख रास्तों पर जलभराव
लगातार जारी भारी बारिश के कारण नोवामुंडी के कई निचले रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। सड़कों और गलियों के जलमग्न हो जाने के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को बेहद धीमी गति से सफर तय करना पड़ा। पानी के भारी जमाव के कारण पैदल चलने वाले लोगों को भी सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जलमग्न हुए परिसर और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हालिया दिनों में तीव्र बारिश, वज्रपात और बादलों के गरजने का ऐसा खौफनाक मंजर एक साथ बहुत कम ही देखने को मिला है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से पीएचसी (PHC) परिसर, स्थानीय रेलवे फाटक के पास, कुम्हार टोली मार्ग, शिशु मंदिर स्कूल रोड और काली मंदिर परिसर सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
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