उत्तर प्रदेश
हिंदी लेखन में झारखंड का जलवा: डॉ. मेघा रानी ने दुनिया में बनाई नई पहचान
3 Jul, 2026 01:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के नाम आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हो गई है। यहां की खेल और कला प्रतिभाओं के बाद अब साहित्य के क्षेत्र में भी रांची ने वैश्विक मंच पर अपना परचम लहराया है। शहर की जानी-मानी हिंदी लेखिका, समाजसेविका और साहित्य साधिका डॉ. मेघा रानी ने एक ऐसा अभूतपूर्व इतिहास रच दिया है, जिसने हर झारखंडवासी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
2 घंटे में रचे 120 मौलिक पन्ने, बनीं दुनिया की सबसे तेज लेखिका
डॉ. मेघा रानी ने अपनी असाधारण प्रतिभा और एकाग्रता का परिचय देते हुए महज 120 मिनट (2 घंटे) के भीतर पूरे 120 मौलिक (ओरिजिनल) पन्ने हाथ से लिखकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही वे आधिकारिक तौर पर दुनिया की सबसे तेज गति से हिंदी में हस्तलेखन (हैंडराइटिंग) करने वाली महिला बन गई हैं। उनके इस रिकॉर्ड को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी गई है।
कठिन परीक्षा और अटूट संकल्प से हासिल किया मुकाम
इस विश्व रिकॉर्ड की सबसे खास बात यह रही कि डॉ. मेघा रानी ने ये पन्ने कहीं से देखकर या कॉपी करके नहीं लिखे, बल्कि ये उनकी अपनी मौलिक रचनाएं थीं। लगातार दो घंटे तक बिना रुके, पूरी शुद्धता और तेज गति के साथ साहित्य सृजन करना अपने आप में एक बेहद कठिन चुनौती थी। डॉ. मेघा रानी ने साबित कर दिया कि झारखंड की प्रतिभाएं केवल सपने नहीं देखतीं, बल्कि अपनी कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और साधना से उन्हें विश्व पटल पर हकीकत में बदल देती हैं।
बधाइयों का तांता, साहित्य जगत में खुशी की लहर
इस शानदार वैश्विक रिकॉर्ड की घोषणा के बाद से ही डॉ. मेघा रानी को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। राज्य के प्रबुद्ध नागरिकों, साहित्यकारों और सामाजिक संगठनों ने इसे झारखंड के लिए एक युगांतकारी पल बताया है। जानकारों का कहना है कि हिंदी भाषा और हस्तलेखन के क्षेत्र में यह रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ी के युवाओं और उभरते हुए लेखकों के लिए एक महान प्रेरणा का काम करेगा।
खान सर को राहत का इंतजार: अग्रिम जमानत पर फैसला टला, अगली सुनवाई तय
3 Jul, 2026 12:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। 'खान ग्लोबल स्टडीज' के डायरेक्टर और मशहूर शिक्षक फैजल खान (खान सर) की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। जिला जज के अवकाश (छुट्टी) पर होने के कारण खान सर और इस मामले के अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई। अब अदालत इस मामले पर आगामी 7 जुलाई को सुनवाई करेगी, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिए थे हथियारों के दस्तावेज सौंपने के निर्देश
इससे पहले बीते 30 जून को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े हथियारों के दस्तावेज जमा करने के आदेश दिए थे। उस दिन लोक अभियोजक (सरकारी वकील) ने कोर्ट के सामने दलील दी थी कि फैजल खान के दोनों सुरक्षाकर्मियों (गार्ड्स) के पास जो हथियार थे, वे अवैध थे। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कोर्ट ने दस्तावेजों की मांग की थी।
लाइसेंसी हथियार या अवैध? बचाव पक्ष और पुलिस के अपने-अपने दावे
मामले में बचाव पक्ष के वकील अरविंद मौआर ने सरकारी वकील के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि दोनों गार्ड्स के हथियार पूरी तरह लाइसेंसी हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इन हथियारों के मूल दस्तावेज पुलिस पहले ही अपने कब्जे में ले चुकी है। गौरतलब है कि 2 जून की रात को कथित तौर पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग किए जाने का आरोप है, जिसके बाद कोर्ट ने 3 जुलाई की तारीख तय की थी जो अब जज की अनुपस्थिति के कारण आगे बढ़ा दी गई है।
कोचिंग सेंटर पर पथराव के बाद हुई थी फायरिंग, FIR में जुड़ा नाम
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि 2 जून की रात को 'खान ग्लोबल स्टडीज' कोचिंग सेंटर पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव और मारपीट की गई थी। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने या डराने के लिए गार्ड्स की तरफ से चार राउंड गोलियां चलाई गईं। आरोप है कि गार्ड्स ने यह फायरिंग फैजल खान (खान सर) के कहने पर ही की थी। इसी आधार पर पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी (FIR) में बाद में खान सर का नाम भी बतौर आरोपी शामिल किया था।
मामले में अन्य कोचिंग संचालकों पर भी हो चुकी है कार्रवाई
इस पूरे विवाद और झड़प के मामले में पुलिस पहले भी सख्त कार्रवाई कर चुकी है। खान सर से पहले 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर आ चुके हैं। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में 7 जुलाई को होने वाली सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है।
झारखंड के लिए बड़ी खुशखबरी! बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से जल्द विदेश यात्रा होगी आसान
3 Jul, 2026 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड के निवासियों का अपने राज्य से सीधे विदेश उड़ान भरने का पुराना सपना अब साकार होने के बेहद करीब पहुंच गया है। राजधानी रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के अनुकूल बनाने की कवायद काफी तेज हो चुकी है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने एयरपोर्ट पर मौजूद जरूरी बुनियादी ढांचों और सुविधाओं का बारीकी से सर्वे करने के बाद अपनी फाइनल रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी है।
सुरक्षा और संसाधनों का हुआ मूल्यांकन
इस विस्तृत रिपोर्ट में हवाई अड्डे पर फिलहाल उपलब्ध संसाधनों, सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए आवश्यक अन्य जरूरी पैमानों का पूरा ब्यौरा दिया गया है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार को अंतिम निर्णय लेना है।
क्यों बढ़ रही है अंतरराष्ट्रीय उड़ान की मांग?
अगर कागजी और तकनीकी औपचारिकताएं वक्त पर पूरी हो जाती हैं, तो आने वाले समय में रांची भी देश के उन खास शहरों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगा जहां से घरेलू के साथ-साथ सीधे इंटरनेशनल फ्लाइट्स की सुविधा मिलेगी। रांची एयरपोर्ट को यह नया दर्जा मिलने की सबसे बड़ी वजह यहां से सफर करने वाले मुसाफिरों की लगातार बढ़ती तादाद और झारखंड से सीधे विदेश यात्रा करने वाले लोगों की भारी मांग है।
रांची में चोरों की मौज, सूने घर बने निशाना; बैटरी चोर की गिरफ्तारी
3 Jul, 2026 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में चोरी की बढ़ती वारदातें आम जनता के लिए बड़ी चिंता का सबब बनती जा रही हैं। शहर के डोरंडा इलाके में चोरों ने दो बंद पड़े मकानों को अपना निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के कैश, जेवर और कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान पर हाथ साफ कर दिया। वहीं, दूसरी ओर हरमू हाउसिंग कॉलोनी में स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से एक शातिर चोर पकड़ा गया, जो दोबारा चोरी की नीयत से वहां पहुंचा था। एक ही दिन में सामने आईं इन घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डोरंडा में बंद घरों को बनाया निशाना, लाखों का माल पार
डोरंडा थाना क्षेत्र में शातिर चोरों ने सूने पड़े दो अलग-अलग मकानों के ताले तोड़कर बड़ी चोरी को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों ही मामलों में केस दर्ज कर लिया है:
बिरसा चौक (बंधुनगर): पहली घटना यहां की रहने वाली बिमला बड़ाईक के घर हुई। बिमला 19 जून को किसी काम से दिल्ली गई थीं। जब वह 30 जून को वापस लौटीं, तो घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। अंदर पूरा सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने घर से 3 गैस सिलेंडर, पीतल व कांसे के कीमती बर्तन और अलमारी में रखे करीब 50 हजार रुपये नकद उड़ा लिए।
श्यामली कॉलोनी: दूसरी वारदात यहां के एक वीआईपी बंगले में हुई। शिकायतकर्ता समरजीत जाधक के अनुसार, 31 मई से 6 जून के बीच जब बंगला बंद था, तब अज्ञात चोरों ने धावा बोला। चोर वहां से चांदी के आभूषण, एक सिल्वर बॉक्स, दो महंगे मोबाइल फोन और एक आईपैड (iPad) चुराकर फरार हो गए।
हरमू कॉलोनी: सीसीटीवी में कैद हुआ चोर, दोबारा आया तो लोगों ने दबोचा
चोरी की तीसरी घटना अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू हाउसिंग कॉलोनी से सामने आई। यहां के निवासी अभिषेक कुमार श्रीवास्तव के घर से बीते 29 जून को एक्साइड कंपनी की एक बड़ी बैटरी चोरी हो गई थी। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर घरवाले चोर को पहचान चुके थे।
1 जुलाई को वही संदिग्ध चोर उसी इलाके में दोबारा किसी दूसरी वारदात को अंजाम देने या रेकी करने पहुंचा। तभी स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ गई। लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए घेराबंदी की और उसे रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
सुरक्षा पर उठे सवाल, पुलिस जांच में जुटी
लगातार हो रही इन चोरियों से स्थानीय निवासियों में डर और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि पुलिस को रात के समय गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ानी चाहिए। फिलहाल डोरंडा और अरगोड़ा दोनों ही थानों की पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर मामले दर्ज कर लिए हैं और पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ के साथ-साथ अन्य मामलों के आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
घर से निकले, लेकिन लौटे नहीं... सुबह नाले किनारे मिली लाश, पोस्टमार्टम से खुलेगा राज
3 Jul, 2026 10:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहारशरीफ (नालंदा)। बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक बुजुर्ग का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बुजुर्ग का शव पुरानी थाना के पास एक नए बने नाले के किनारे पड़ा हुआ मिला। मृतक की पहचान दीपनगर बाजार के रहने वाले जीतन महतो (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय गनौरी महतो के पुत्र थे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सुबह नाले के पास मिला शव, चेहरे पर चोट के निशान
शुक्रवार सुबह जब आस-पास के लोग वहां से गुजरे, तो उन्होंने नाले के किनारे एक व्यक्ति को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत उनके परिवार को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने मृतक की पहचान जीतन महतो के रूप में की। मृतक के भतीजे रविशंकर ने बताया कि उनके चाचा का शव घर से महज 500 मीटर की दूरी पर मिला है। परिजनों का दावा है कि शव का चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था और मुंह से खून बह रहा था, जिससे साफ जाहिर होता है कि उनकी हत्या की गई है।
बहू से चल रहा था पारिवारिक विवाद, मिली थी जान से मारने की धमकी
परिजनों ने इस पूरी घटना के पीछे गहरे पारिवारिक विवाद का आरोप लगाया है। भतीजे के मुताबिक, पिछले दो दिनों से जीतन महतो और उनकी बहू स्वाति कुमारी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस चल रही थी। विवाद का कारण परिवार की ही एक महिला सदस्य का घर आना था, जिसका बहू लगातार विरोध कर रही थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि इस मामले में बीच-बचाव करने आए कुछ लोगों और बहू के पिता ने जीतन महतो को जान से मारने की धमकी दी थी। मृतक गुरुवार रात करीब 8 बजे से ही घर से लापता थे।
वैज्ञानिक जांच के लिए बुलाई गई FSL की टीम
वारदात की गंभीरता को देखते हुए दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार और विधि-व्यवस्था डीएसपी राम दुलार प्रसाद भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौके से वैज्ञानिक और पुख्ता सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
डीएसपी राम दुलार प्रसाद ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस हर एंगल से इस घटना की जांच कर रही है। परिजनों ने घरेलू कलह के कारण हत्या की आशंका जताई है। पुलिस को अभी परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत (आवेदन) मिलने का इंतजार है। डीएसपी ने साफ किया कि शव को बिहारशरीफ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
ग्रामीण युवाओं के लिए सुनहरा मौका, 'प्रोजेक्ट गंगा' से महीने में 1 लाख तक की कमाई
3 Jul, 2026 10:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल क्रांति लाने के उद्देश्य से 'प्रोजेक्ट गंगा' (गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट) की शुरुआत की गई है। इस मुहिम के जरिए गांवों में हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। योजना के तहत अब तक 700 से अधिक ग्रामीण युवाओं का चयन डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (DSP) बनने के लिए किया जा चुका है, जिन्हें 7 दिनों की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ये युवा अपने ही गांव में डिजिटल सेवा केंद्र खोल सकेंगे। सरकार का लक्ष्य न्याय पंचायत स्तर पर करीब 8,000 से 10,000 डीएसपी तैयार करना है। युवाओं की मदद के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज का लोन भी दिया जाएगा। शुरुआती तौर पर इन युवाओं की हर महीने करीब 20 हजार रुपये की कमाई होगी, जो ग्राहकों की संख्या बढ़ने पर 1 लाख रुपये महीना तक जा सकती है।
परियोजना के मुख्य लाभ और उद्देश्य
गांवों में मिलेंगी शहरी सुविधाएं: इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से ग्रामीणों को टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-गवर्नेंस, डिजिटल भुगतान और स्मार्ट कृषि जैसी सुविधाएं घर बैठे मिलेंगी। अब प्रमाण पत्र और बैंकिंग जैसे कामों के लिए उन्हें शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
महिलाओं की 50% भागीदारी: इस विशेष मुहिम में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 50 फीसदी हिस्सेदारी तय की गई है।
21 जिलों से शुरुआत: पहले चरण में नेपाल सीमा से सटे पिछड़े जिलों जैसे श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर सहित कुल 21 जिलों को प्राथमिकता दी गई है। अगले 2 से 3 सालों में इस योजना को राज्य की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और करीब 20 लाख परिवारों तक विस्तार दिया जाएगा।
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट गंगा राज्य सरकार की एक बेहद अहम योजना है। यह प्रोजेक्ट ग्रामीण इलाकों को शहरों की तरह हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़कर गांवों के विकास में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।
रिहंद बांध में पानी घटने से बिजली उत्पादन पर खतरा, सोनभद्र में बढ़ी चिंता
3 Jul, 2026 10:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनभद्र: सोनभद्र जिले के कैचमेंट एरिया में इस बार उम्मीद के मुताबिक पानी नहीं बरसने की वजह से रिहंद बांध का जलस्तर बीते तीन महीनों के भीतर 12.7 फीट नीचे चला गया है। इस साल जुलाई महीने में बांध का पानी 842.8 फीट दर्ज किया गया, जबकि बीते वर्ष इसी समय यह आंकड़ा 846 फीट पर था। पिछले दो सालों के दौरान जून के आखिर तक अच्छी मानसूनी बारिश होने से जलाशय का जलस्तर काफी बेहतर हो गया था, लेकिन इस बार जून सूखा निकल जाने से चिंताएं बढ़ गई हैं। अगर आने वाले समय में भी मॉनसून कमजोर रहा, तो इसका सीधा असर इलाके के पावर प्लांटों में बिजली उत्पादन पर पड़ सकता है।तपते मौसम में बिजली की भारी डिमांड के कारण ऊर्जांचल के बिजली घरों पर तय क्षमता के मुताबिक उत्पादन करने का भारी दबाव देखा गया। उत्तर प्रदेश में मई के महीने में पहली बार बिजली की मांग ने 30 हजार मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर को पार किया था। इस भारी मांग की आपूर्ति के लिए रिहंद जलाशय से लगातार पानी का इस्तेमाल किया गया, जिससे इसका वाटर लेवल लगातार गिरता चला गया।सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल की शुरुआत में रिहंद का जलस्तर 855.4 फीट था, जो मई की शुरुआत में 852.5 फीट, जून में 848.1 फीट और जुलाई की शुरुआत होते-होते घटकर 842.8 फीट पर आ गया। यानी बीते तीन महीनों में पानी का स्तर 12.7 फीट कम हुआ है। रिहंद बांध के अधिशासी अभियंता इंजीनियर शशिकांत राय ने जानकारी दी कि पिछले दो सालों में जून के दौरान अच्छी वर्षा से बांध की स्थिति मजबूत थी, मगर इस साल जून में बादल न बरसने से जलस्तर तेजी से टूटा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि कल रात कैचमेंट एरिया में हुई अच्छी बारिश से जलस्तर में करीब तीन इंच का सुधार हुआ है।
सोनभद्र: कनहर बांध का जलस्तर बढ़ने से खोले गए तीन फाटक
सोनभद्र के नजदीकी राज्य छत्तीसगढ़ के कैचमेंट इलाके में हो रही लगातार मानसूनी बारिश का असर अब कनहर बांध में साफ देखने को मिल रहा है। बांध में पानी की तेज आवक होने की वजह से बृहस्पतिवार की शाम तक इसका जलस्तर बढ़कर 260.500 मीटर तक पहुंच गया। सिंचाई विभाग ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बांध के तीन फाटकों को खोल दिया है, ताकि फालतू पानी को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके और बांध के ढांचे पर कोई दबाव न बने।अवर अभियंता नंदलाल यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जारी भारी बारिश के कारण कनहर नदी उफान पर है, जिससे बांध में पानी लगातार बढ़ रहा है। तीन गेट खोले जाने के बाद से नदी का बहाव काफी तेज हो गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ और उसके आस-पास के हिस्सों में और भी अच्छी बारिश हो सकती है।
दर्दनाक मंजर: बस में धक्का लगा रहे यात्रियों को कंटेनर ने कुचला, एटा में चार की मौत
3 Jul, 2026 08:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एटा| गुरुवार की देर रात फर्रुखाबाद मार्ग पर एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहां एक अनियंत्रित कंटेनर ने खराब खड़ी रोडवेज बस को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
एटा: प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एटा डिपो की एक बस फर्रुखाबाद से आ रही थी। रात करीब 11 बजे बागवाला थाना क्षेत्र के कीलरमऊ गांव के समीप अचानक बस में तकनीकी खराबी आ गई। चालक ने वाहन को किनारे रोक दिया। इसके बाद बस को दोबारा चालू करने के लिए लगभग दस यात्री पीछे से धक्का लगाने लगे, जबकि कुछ अन्य लोग आगे की तरफ खड़े थे।
एटा: इसी बीच पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने खड़ी बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि धक्का लगा रहे यात्री दोनों वाहनों के बीच में बुरी तरह कुचल गए और आगे खड़े लोग भी इसकी चपेट में आ गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय निवासियों और पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और सभी हताहतों को नजदीकी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
एटा: अस्पताल के डॉक्टरों ने चार मृतकों की शिनाख्त राजेश (34, निवासी दौलतपुर, फर्रुखाबाद), सुखराम (निवासी पिलखना, फर्रुखाबाद), शैलेश कुमार (निवासी उम्मरपुर, फर्रुखाबाद) और सत्येंद्र (निवासी भरी, बुलंदशहर) के रूप में की है। एक अन्य मृतक की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
एटा: इस हादसे में रवि, विक्रांत, आनंद सिंह और दक्ष सहित कई यात्री गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है और फरार कंटेनर चालक की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
वियतनाम के होटल में हनीमून पर विवाद, पत्नी की शिकायत के बाद पति और परिवार पर FIR
3 Jul, 2026 06:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ: रेलवे रोड थाना इलाके की रहने वाली सलोनी अरोड़ा ने अपने पति आशीष पसरीचा, सास उषा पसरीचा, ससुर सोमी पसरीचा और शालू गुप्ता समेत एक अन्य व्यक्ति पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और वियतनाम ले जाकर जान से मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। एसएसपी अविनाश पांडे के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है।दिल्ली रोड के देवपुरी की निवासी सलोनी ने बताया कि उसकी शादी 4 जून 2025 को देहली गेट के शक्तिनगर के रहने वाले आशीष पसरीचा के साथ हुई थी। सलोनी का आरोप है कि शादी के महज एक महीने बाद से ही पति और ससुराल वालों ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। जब भी उसने इस बर्ताव का विरोध किया, उसके साथ मारपीट की गई।
वियतनाम में जानलेवा हमला और प्रताड़ना की पूरी कहानी
घर में गला दबाने की कोशिश: पीड़िता के मुताबिक, 16 अक्टूबर को जब उसके माता-पिता और दादा मामले को सुलझाने और समझौते के लिए ससुराल गए, तो ससुराल वालों ने उनके साथ बदतमीजी की। इसी दौरान सलोनी का गला दबाकर उसे जान से मारने का प्रयास भी किया गया।
हनीमून के नाम पर विदेश में टॉर्चर: सलोनी ने आरोप लगाया कि जून 2026 में उसका पति उसे हनीमून के बहाने वियतनाम ले गया। वहां होटल के कमरे में बेल्ट से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, गला घोंटा गया और किसी भारी चीज से हमला किया गया। इसके बाद पति उसे गंभीर हालत में तड़पता हुआ छोड़कर चला गया। होटल के स्टाफ ने किसी तरह उसकी मदद की, जिसके बाद उसे वियतनाम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भारत लौटने पर भी नहीं थमा जुल्म
भारत वापस आने के बाद भी सलोनी को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी, जिसके चलते 18 जून को नई दिल्ली के एक अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। इसके बाद जब वह वापस अपने ससुराल पहुंची, तो उसका मोबाइल फोन छीनकर उसे एक कमरे में कैद कर दिया गया।सलोनी ने किसी तरह डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और मायके वालों ने उसे वहां से निकाला। पीड़िता का कहना है कि उसने पहले भी पुलिस में शिकायतें दी थीं, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। मामले पर एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने कहा कि मुकदमा द
'ट्रिपल टी' का जिक्र कर सम्राट चौधरी ने अपराधियों को दी खुली चेतावनी
2 Jul, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए एक बेहद कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य में जो भी व्यक्ति गलत और अनैतिक रास्तों को अपनाकर रातों-रात अमीर बनने का प्रयास करेगा, उसके लिए जेल के दरवाजे खुले हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने वालों के विरुद्ध कानून के तहत सबसे कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कानून के दायरे में सब, सतर्कता के लिए महाअभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सत्ता के किसी भी गलियारे या प्रशासनिक तंत्र में बैठा कोई भी व्यक्ति कानून से बड़ा नहीं है, चाहे वह कोई बड़ा नेता हो, मंत्री हो, विधायक हो या फिर वरिष्ठ अधिकारी। वह राजधानी में आयोजित बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस विशेष अवसर पर उन्होंने राज्य के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रहे 'बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह' का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। पूरे प्रदेश में सात दिनों तक चलने वाले इस व्यापक अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता के आठ दशकों बाद भ्रष्टाचार के उन्मूलन हेतु जन-जन तक जागरूकता फैलाना है।
केंद्र की तर्ज पर बिहार में पारदर्शी शासन का संकल्प
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में एक पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह शासन व्यवस्था को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की इसी पारदर्शी सोच और नीति को आगे बढ़ाते हुए बिहार सरकार भी राज्य के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा कर रही है। सरकार का मानना है कि जब तक आम नागरिक इस मुहिम से पूरी तरह नहीं जुड़ेगा, तब तक इस सामाजिक और प्रशासनिक बुराई को पूरी तरह जड़ से खत्म करना संभव नहीं होगा।
प्रशासनिक व्यवस्था का मुख्य आधार बनेगा ट्रिपल-टी सिद्धांत
शासन को और अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नए प्रशासनिक फॉर्मूले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार अब टेक्नोलॉजी (तकनीक), ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) और ट्रस्ट (जन-विश्वास) के 'ट्रिपल-टी' सिद्धांत पर पूरी व्यवस्था को संचालित करेगी। सरकारी कामकाज में आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, जिससे सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचेगा और व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
आंतरिक जांच एजेंसियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने सतर्कता विभाग और उसकी सहयोगी इकाइयों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस मुहिम को और अधिक तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बिहार के पास वर्तमान में विजिलेंस, स्पेशल विजिलेंस यूनिट और आर्थिक अपराध इकाई जैसी बेहद सक्षम और विशेषज्ञ जांच एजेंसियां मौजूद हैं। राज्य सरकार इन आंतरिक एजेंसियों को ढांचागत और तकनीकी रूप से इतना सुदृढ़ और प्रभावी बनाएगी कि भविष्य में किसी भी मामले की जांच के लिए बाहरी या केंद्रीय जांच एजेंसियों के हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता ही न पड़े।
पटना मेट्रो चली तो छिड़ी मजेदार नोकझोंक, नेताओं की हंसी ने बांधा समां
2 Jul, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की प्रशासनिक और राजनीतिक राजधानी पटना के इतिहास में गुरुवार का दिन एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ, जब शहर के ट्रैक पर पहली बार मेट्रो ट्रेन का संचालन किया गया। मलाही पकड़ी स्टेशन पर आयोजित एक विशेष उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोनों उपमुख्यमंत्रियों विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ ट्रेन के विशेष कोच में सवार हुए। उनके साथ कैबिनेट मंत्री नीतीश मिश्रा और प्रशासन के कई वरिष्ठ आला अधिकारी भी इस ऐतिहासिक यात्रा के गवाह बने। तीन किलोमीटर का यह पहला सफर पूरी तरह से औपचारिक न रहकर बेहद खुशनुमा, हंसी-मजाक और आत्मीय ठहाकों से सराबोर रहा, जिसका समापन भूतनाथ स्टेशन पर हुआ।
सरकारी औपचारिकता से परे दिखा आपसी सौहार्द का माहौल
आमतौर पर किसी भी बड़ी सरकारी परियोजना के निरीक्षण या उद्घाटन दौरों में अत्यधिक औपचारिकता और गंभीरता का माहौल देखने को मिलता है, लेकिन पटना मेट्रो की इस पहली बोगी का नजारा इससे बिल्कुल जुदा था। सफर के दौरान बोगी की एक तरफ मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री बैठे थे, तो ठीक सामने की सीट पर सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और परियोजना के विशेष अधिकारी दीपक कुमार सहित अन्य तकनीकी टीम मौजूद थी। यात्रा के दौरान जहाँ एक ओर प्रशासनिक अधिकारी मेट्रो की बारीकियों और तकनीकी प्रगति की जानकारी दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर राजनेताओं की सहज बातचीत ने पूरे माहौल को बेहद जीवंत और हल्का-फुल्का बनाए रखा। इस सुखद यात्रा की कुछ झलकियां मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी साझा की हैं।
जिलों के जिक्र के बीच सुपौल को लेकर हुई मजेदार ठिठोली
सफर जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, बोगी के भीतर राजनीतिक और क्षेत्रीय चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया। बातचीत के सिलसिले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विभिन्न क्षेत्रों जैसे दरभंगा, खगड़िया, शिवहर और सिवान का विशेष उल्लेख करते हुए कुछ पुराने राजनीतिक किस्सों की तरफ इशारा किया। इसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने माहौल को और मजेदार बनाते हुए मुस्कुराकर टिप्पणी की कि कोई व्यक्ति चाहे किसी भी जिले का क्यों न हो, लेकिन बिना सुपौल के राज्य का काम नहीं चल सकता क्योंकि असली दिमाग तो वहीं है। उनका यह इशारा सीधे तौर पर सुपौल क्षेत्र से आने वाले वरिष्ठ उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की तरफ था, जिसे सुनते ही पूरी बोगी ठहाकों से गूंज उठी और स्वयं बिजेंद्र यादव भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
किशनगंज और सिलीगुड़ी तक जा पहुंची बोगी की चर्चा
मेट्रो की रफ्तार के साथ ही बोगी के भीतर चल रही बातचीत का दायरा भी बिहार की सीमाओं को लांघकर नेपाल बॉर्डर और पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार तक जा पहुंचा। सफर के आखिरी चरण में जब विकास कार्यों के संदर्भ में किसी अधिकारी ने महज ढाई घंटे के भीतर सिलीगुड़ी पहुंचने की भौगोलिक कनेक्टिविटी का जिक्र छेड़ा, तो विजय कुमार चौधरी ने एक बार फिर अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में चुटकी ली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आप अब सुपौल की बात छोड़कर सीधे किशनगंज की चर्चा कर लीजिए, क्योंकि आप शायद इनके प्रभाव और राजनीतिक सूझबूझ से अभी पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। इस हल्के-फुल्के संवाद के साथ ही पटना मेट्रो का यह पहला सफल और ऐतिहासिक सफर आनंदमय वातावरण में संपन्न हो गया।
बिहार की चर्चित बांकीपुर सीट पर चुनावी बिगुल, नामांकन प्रक्रिया 6 जुलाई से
2 Jul, 2026 02:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की हाई-प्रोफाइल 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का आधिकारिक एलान हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। यह सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होने के साथ ही इस राजधानी की सबसे चर्चित सीट पर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।
6 जुलाई से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया और चुनावी कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 6 जुलाई को जारी की जाएगी और इसी दिन से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया की शुरुआत हो जाएगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जिसकी जांच 14 जुलाई को स्क्रूटनी के दौरान की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों को नाम वापसी के लिए 16 जुलाई तक का समय दिया जाएगा। नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद चुनाव प्रचार पूरी तरह से रफ्तार पकड़ेगा। अंततः 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा और 3 अगस्त को मतों की गणना के साथ ही परिणाम सबके सामने आ जाएंगे।
भाजपा और राजद की साख दांव पर, अभी नहीं खुले पत्ते
उपचुनाव के बिगुल बजने के बावजूद प्रमुख राजनीतिक दलों ने फिलहाल अपने उम्मीदवारों के नाम का औपचारिक एलान नहीं किया है। भारतीय जनता पार्टी के सामने अपने इस पारंपरिक गढ़ और मजबूत सीट को बचाए रखने की बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से पार्टी का मुख्य आधार रहा है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल इस सीट पर बड़ी जीत दर्ज कर सूबे की राजनीति में एक नया और मजबूत संदेश देने की कोशिश में है। दोनों ही खेमे फूक-फूंक कर कदम रख रहे हैं और सही समय पर अपने पत्ते खोलने की रणनीति बना रहे हैं।
तेज प्रताप यादव ने वीणा मानवी को उतारा, मुकाबला हुआ दिलचस्प
मुख्य दलों की सस्पेंस के बीच राजद से अलग राह पकड़ चुके तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की ओर से वीणा मानवी को उम्मीदवार घोषित कर सबसे पहले बाजी मार ली है। उनके इस कदम ने बांकीपुर के चुनावी दंगल को और भी ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घोषणा के बाद चुनावी मुकाबले में नए समीकरण उभर सकते हैं, जो मुख्य मुकाबले में त्रिकोणीय स्थिति पैदा करने का माद्दा रखते हैं।
प्रशांत किशोर की जन सुराज ने झोंकी ताकत, जमीन पर बढ़ी सक्रियता
इन सबके बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी बांकीपुर उपचुनाव को लेकर पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुके हैं। वह लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं, गलियों में लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं और जनता से भाजपा के खिलाफ बदलाव के लिए मतदान करने की अपील कर रहे हैं। जन सुराज की इस जमीनी सक्रियता और आक्रामक अभियान ने पारंपरिक राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं और बांकीपुर की जंग को इस समय बिहार की सबसे हॉट सीट बना दिया है।
छात्रों को मिली राहत, शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें; 65 कॉलेजों का मामला गरमाया
2 Jul, 2026 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड सरकार द्वारा महाविद्यालयों में संचालित इंटरमीडिएट की पढ़ाई को चरणबद्ध तरीके से प्लस-टू विद्यालयों में स्थानांतरित किए जाने के बाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सरकार के इस नीतिगत फैसले के बाद राज्य के 65 अंगीभूत महाविद्यालयों (Constituent Colleges) में कार्यरत शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी इस समय गंभीर आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। एक तरफ जहां छात्रों का नामांकन नए प्रारूप के तहत प्लस-टू स्कूलों में किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इन कॉलेजों में वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शिक्षा नीति में बदलाव और उपजा नया संकट
राज्य सरकार ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से कॉलेजों से इंटरमीडिएट की पढ़ाई हटाकर उसे प्लस-टू विद्यालयों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया था। इस फैसले के कार्यान्वयन के बाद शैक्षणिक सत्रों में बदलाव तो आ गया, लेकिन इसके पीछे की जमीनी हकीकत काफी पेचीदा हो गई है। अंगीभूत कॉलेजों से इंटर के छात्रों का आधार खत्म होने के कारण वहां के पूरे ढांचे पर इसका सीधा असर पड़ा है, जिससे एक सुचारू रूप से चल रही व्यवस्था अचानक प्रभावित हो गई है।
कर्मचारियों के सामने गहराया गंभीर आर्थिक संकट
इस स्थानांतरण का सबसे बड़ा और सीधा प्रहार महाविद्यालयों के संविदा, तदर्थ और अन्य श्रेणी के शिक्षकों सहित गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों पर पड़ा है। छात्रों की संख्या घटने और इंटरमीडिएट सेक्शन के धीरे-धीरे बंद होने से इन कर्मचारियों के मानदेय और वेतन पर तलवार लटक गई है। कई परिवारों के सामने अचानक आजीविका का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि उनके आय का एकमात्र स्रोत यही महाविद्यालय थे।
समायोजन पर अब तक नहीं बन सकी कोई ठोस नीति
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे इन अनुभवी शिक्षकों और कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अब तक कोई ठोस नीतिगत निर्णय नहीं लिया जा सका है। उन्हें विभाग या अन्य सरकारी प्लस-टू विद्यालयों में किस प्रकार समायोजित (Adjust) किया जाएगा, इस पर प्रशासनिक स्तर पर केवल चर्चाएं ही चल रही हैं। किसी स्पष्ट नियमावली या सरकारी आदेश के अभाव में इन कर्मियों का भविष्य पूरी तरह से अधर में लटका हुआ दिखाई दे रहा है।
गांवों में रोजगार बढ़ाने की बड़ी पहल, बिहार सरकार ने लागू की VB G RAM G योजना
2 Jul, 2026 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना:देशभर में ग्रामीण आजीविका और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई और महत्वाकांक्षी योजना का औपचारिक आगाज हो गया है। 'विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम ग्रामीण' (VB G RAM G) योजना भव्य शुभारंभ के साथ गुरुवार को विधिवत रूप से पूरे देश में लागू कर दी गई। राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की गई इस नई और ऐतिहासिक योजना की शुरुआत बिहार की राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में की गई, जहां राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस नई योजना के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
योजना के वित्तीय ढांचे में बड़ा बदलाव और बिहार का शेयर
योजना के शुभारंभ के अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इसके वित्तीय पहलुओं और राज्यों की बदलती जिम्मेदारी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि इस नए अधिनियम के तहत अब राज्यों को भी वित्तीय भागीदारी निभानी होगी। नई व्यवस्था के अनुसार, योजना में श्रमिकों की मजदूरी मद के लिए बिहार सरकार को अपने कोटे से लगभग 45 सौ करोड़ रुपये का योगदान (शेयर) देना होगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इससे पहले की व्यवस्था में राज्य सरकार को मजदूरी मद में एक भी रुपया शेयर के रूप में नहीं देना पड़ता था, क्योंकि वह पूरी तरह केंद्रीय अनुदान पर निर्भर था। इस बड़े वित्तीय बदलाव को देखते हुए राज्य सरकार ने अपने बजट में पहले ही आवश्यक प्रावधान कर लिए हैं।
डिजिटल माध्यम से केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति और कंपेडियम का विमोचन
अधिवेशन भवन में आयोजित इस गरिमामयी समारोह की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दी। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आंध्र प्रदेश के तिरुपति से ऑनलाइन माध्यम के जरिए इस शुभारंभ समारोह में सम्मिलित हुए और योजना को लेकर केंद्र सरकार के विजन को साझा किया। केंद्रीय मंत्री की वर्चुअल मौजूदगी के बीच, पटना के मुख्य मंच पर बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने योजना के सुचारू संचालन और इसके दिशा-निर्देशों से संबंधित एक विस्तृत कंपेडियम (संग्रह) का विमोचन भी किया। यह कंपेडियम योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में काम करेगा।
बिहार के लिए 6 हजार 715 करोड़ का अंतरिम बजट
योजना को राज्य में पूरी ताकत के साथ लागू करने और इसके सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर बजटीय आवंटन किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि बिहार जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य की जरूरतों और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से 6 हजार 715 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अंतरिम बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य बजट में अकुशल मजदूरी मद के लिए किए गए भारी प्रावधान और केंद्र से मिले इस अंतरिम बजट की मदद से बिहार के ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंद श्रमिकों को ससमय रोजगार मुहैया कराया जा सकेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।
दर्दनाक हादसा: बरसाती नाले में बह गईं मां-बेटी, 8 माह की मासूम का शव मिला
2 Jul, 2026 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनभद्र: अनपरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले औड़ीमोड़ इलाके में बुधवार की रात एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा सामने आया है। यहाँ अचानक आए बरसाती नाले के तेज बहाव की चपेट में आने से एक मां और उनकी आठ महीने की मासूम बेटी बह गईं। प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा की गई भारी मशक्कत के बाद मासूम बच्ची का शव तो बरामद कर लिया गया है, लेकिन मां का देर रात तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार महिला की तलाश में जुटी हुई है।
शौच के लिए गई थीं मां-बेटी, अचानक आई आफत
मिली जानकारी के मुताबिक, औड़ीमोड़ स्थित एमटीसी (MTC) कार्यालय के पीछे रहने वाली 25 वर्षीय सविता देवी (पत्नी राकेश कुमार) बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे अपनी आठ माह की बेटी को गोद में लेकर घर के पीछे बने बरसाती नाले के पास गई थीं। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई और नाले में पानी का जलस्तर व बहाव इतनी तेजी से बढ़ा कि दोनों संभल नहीं पाईं और तेज धारा में बह गईं।
पति के घर लौटने पर खुला राज, मची चीख-पुकार
हादसे का घटनाक्रम: देर रात जब सविता का पति राकेश कुमार काम से घर लौटा और पत्नी के बारे में पूछा, तो परिजनों ने बताया कि वह काफी समय पहले पीछे की तरफ गई थीं और तब से नहीं लौटी हैं। अनहोनी की आशंका होने पर परिजनों ने तुरंत तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर नाले के पास महिला की साड़ी झाड़ियों में फंसी मिली।
नाले में लकड़ी के सहारे अटका मिला मासूम का शव
परिजनों द्वारा खोजबीन जारी रखने के बीच अनपरा तापीय परियोजना के गेस्ट हाउस के पीछे नाले में आठ महीने की बच्ची का शव एक लकड़ी में कपड़ों के सहारे फंसा हुआ दिखाई दिया। घटना की सूचना तुरंत डायल 112 पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने रोते-बिलखते परिजनों के सामने बच्ची के शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। लापता महिला सविता देवी की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे परिवार और इलाके में मातम पसरा हुआ है।
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