उत्तर प्रदेश
पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक मोड़, कई लोग चोटिल
13 May, 2026 10:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विवाद के बाद ससुराल में बवाल, मारपीट में दामाद और ससुर लहूलुहान
आगरा: ताजनगरी के मंटोला थाना इलाके में एक घरेलू झगड़े ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। विवाहिता के मायके वालों ने उसके ससुराल पहुंचकर जबरदस्त हंगामा किया और पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। इस हिंसक झड़प में दामाद और उसके ससुर को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
सदर भट्टी के रहने वाले मोहम्मद आमिर का आरोप है कि उसकी पत्नी के परिवार के करीब 25 से 30 लोगों ने घर में घुसकर हमला किया। आमिर के मुताबिक, उसकी शादी 5 साल पहले नालबंद चौराहा निवासी शिरीन से हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले रुपयों के लिए दबाव बना रहे थे। आमिर का कहना है कि एक महीने पहले उसके ससुर अफजाल ने साले के व्यापार के लिए 5 लाख रुपये मांगे थे, लेकिन असमर्थता जताने पर वे लोग रंजिश रखने लगे।
पीड़ित आमिर ने बताया कि मंगलवार रात करीब 11 बजे ससुर, साला और अन्य लोग पुलिस को साथ लेकर उसके घर पहुंचे। वहां गाली-गलौज के बाद ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। इस हमले में आमिर और उसके पिता बुरी तरह घायल हो गए। पिता की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल से दिल्ली गेट स्थित निजी अस्पताल रेफर किया गया है। संघर्ष के दौरान कीमती सामान और मोबाइल भी गुम होने की बात कही गई है। दूसरी ओर, युवती के परिवार ने ससुराल पक्ष पर बेटी के उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
एक हाथ से बचाता रहा जिंदगी, दूसरे में रह गई मौत की टीस
13 May, 2026 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुना के पार्वती घाट पर बचाव कार्य: गोताखोर बबलू और टीटू ने बचाई कई जिंदगियां
आगरा| आगरा के पार्वती घाट पर एक दर्दनाक हादसा होते-होते बचा, जब वहां दुकान चलाने वाले स्थानीय गोताखोर बबलू और उनके साथी टीटू ने तत्परता दिखाते हुए डूब रहे भाई-बहनों की मदद की। बबलू ने मौके पर पहुँचकर तुरंत दो लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, हालांकि चार अन्य लोगों की तलाश में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे के बाद बबलू भावुक दिखे; उनका कहना था कि अगर उन्होंने मदद मांगते उस किशोर को कुछ पल पहले देख लिया होता, तो शायद सभी को सुरक्षित बचा लेते।
कैसे हुआ बचाव कार्य?
गीता नगर निवासी बबलू के अनुसार, जब वह अपनी दुकान पर थे, तब उन्होंने नदी की तलहटी में एक लड़के को हाथ हिलाकर मदद मांगते देखा। बिना समय गंवाए वह नाव लेकर मौके पर पहुँचे। लड़के ने रोते हुए बताया कि उसके भाई-बहन डूब रहे हैं।
चुनौती: जिस जगह हादसा हुआ, वहां पानी बहुत गहरा था।
सफलता: बबलू और टीटू ने पानी में 5-6 बार गोते लगाए और एक-एक कर युवतियों को बाहर निकाला। किनारे लाकर उनका प्राथमिक उपचार (पेट से पानी निकालना) किया गया।
परिणाम: अथक प्रयासों के बाद कई लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि चौथे बालक को निकालने में पांच घंटे का समय लगा।
हादसे का मुख्य कारण: अवैध खनन और गहरे गड्ढे
बबलू ने बताया कि लोग अक्सर कम पानी समझकर नहाने उतर जाते हैं, लेकिन उन्हें गहराई का अंदाजा नहीं होता।
खनन का असर: लगभग 10 साल पहले हुए बुलडोजर खनन के कारण यमुना की तलहटी में गहरे और खतरनाक गड्ढे बन गए हैं।
बदली भौगोलिक स्थिति: पिछले साल आई बाढ़ से महालक्ष्मी मंदिर की दीवार तक गिर गई थी। गर्मियों में पानी कम होने पर लोग नदी के बीच तक चले जाते हैं, जहाँ ये छिपे हुए गड्ढे जानलेवा साबित होते हैं।
दलदल और झाड़ियाँ: जहाँ बच्चे डूबे, वहां गहराई 15 से 20 फीट है। साथ ही, वहां कीचड़, दलदल और बबूल की कंटीली झाड़ियाँ उगी हुई हैं, जिनमें व्यक्ति फंस जाता है।
25 वर्षों का सेवा भाव
पिछले 25 सालों से घाट पर रह रहे बबलू अब तक 200 से अधिक लोगों की जान बचा चुके हैं। निस्वार्थ सेवा करने वाले बबलू किसी से कोई पैसा नहीं लेते। उनकी विशेषज्ञता के कारण स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी संकट के समय उन्हें ही याद करता है। उनका बस एक ही मलाल है कि कभी-कभी सूचना मिलने में देरी होने के कारण वह चाहकर भी किसी की जान नहीं बचा पाते।
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर फिटनेस और बिजनेस से जुड़े थे
13 May, 2026 10:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के संरक्षक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार को देहांत हो गया। 38 वर्षीय प्रतीक के निधन की सूचना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6 बजे प्रतीक यादव को लखनऊ के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया था। हालांकि, अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडे ने बताया कि उन्हें सुबह 5:55 बजे मृत अवस्था में ही लाया गया था। फिलहाल मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है, इसलिए पुलिस कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। दुखद बात यह है कि जिस समय यह घटना हुई, उनकी पत्नी अपर्णा यादव शहर में मौजूद नहीं थीं।
फिटनेस और बिजनेस में थी रुचि राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले प्रतीक यादव एक सफल व्यवसायी थे। उन्होंने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से शिक्षा प्राप्त की थी और लखनऊ में 'फिटनेस प्लैनेट' नाम से जिम चलाते थे। इसके अलावा वह रियल एस्टेट और 'जीव आश्रय' नामक एनजीओ के माध्यम से समाज सेवा से भी जुड़े थे। प्रतीक और अपर्णा का विवाह साल 2011 में सैफई में एक बड़े समारोह में हुआ था। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं।
नेताओं ने जताया शोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: मुख्यमंत्री ने प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
अखिलेश यादव: सपा प्रमुख और प्रतीक के बड़े भाई अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर दुख साझा करते हुए लिखा, "प्रतीक यादव जी का निधन अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।" उन्होंने याद किया कि प्रतीक हमेशा अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक रहते थे।
अन्य नेता: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान समेत कई दिग्गज नेताओं ने उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
समाजवादी पार्टी के आधिकारिक हैंडल से भी ट्वीट कर इसे अपूरणीय क्षति बताया गया है। पूरा यादव परिवार और उनके समर्थक इस समय शोक में डूबे हुए हैं।
मां की गोद से बच्ची को छीनकर की बेरहमी की हद पार
13 May, 2026 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इटावा: कलयुगी पिता की हैवानियत, साढ़े चार महीने की मासूम को जमीन पर पटक कर मार डाला
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जसवंतनगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बिहारीपुरा गांव में एक शराबी पिता ने अपनी ही साढ़े चार माह की मासूम बेटी की जान ले ली। नशे में धुत पिता ने अपनी पत्नी की गोद से बच्ची को छीनकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शराब के नशे में शुरू किया विवाद जानकारी के अनुसार, आरोपी नारायन सोमवार देर रात नशे की हालत में घर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। जब उसकी पत्नी मोहनी ने विरोध किया, तो उसने पहले अपने 3 साल के बेटे शिवांश की पिटाई की और फिर गोद में खेल रही नन्हीं दिव्यांशी को बेरहमी से जमीन पर दे मारा। खून से लथपथ बच्ची को लेकर बदहवास मां सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दुखों से भरा है मां का जीवन मृतका मोहनी की जिंदगी पहले ही काफी संघर्षपूर्ण रही है। दो साल पहले एक ट्रेन हादसे में उसके पहले पति सतीश की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिवार ने उसकी शादी देवर नारायन से करा दी थी। ग्रामीणों के मुताबिक, नारायन अक्सर शराब पीकर मारपीट करता था, जिससे तंग आकर मोहनी मायके चली गई थी। वह महज 15 दिन पहले ही ससुराल लौटी थी।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस घटना के बाद मंगलवार को जब मोहनी बच्ची का शव लेकर अपने मायके नेवरपुर पहुंची, तब पुलिस को मामले की सूचना मिली। थानाध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि बच्ची के सिर में गंभीर चोट आने के कारण उसकी जान गई है। पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
पटना पुलिस का एनकाउंटर, दो कुख्यात अपराधी घायल, शहर में दहशत
13 May, 2026 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी से सटे बिहटा इलाके में मंगलवार की देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो कुख्यात बदमाशों को दबोच लिया गया। आनंदपुर बांध के समीप हुई इस कार्रवाई में एसटीएफ और अपराधियों के बीच कई राउंड गोलियां चलीं, जिसमें विदेशी राय और पप्पू राय नामक दो इनामी अपराधी घायल हो गए। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ये बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं, जिसके बाद की गई घेराबंदी में दोनों के पैरों में गोलियां लगीं और उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
एसटीएफ की घेराबंदी और आधी रात का एनकाउंटर
पटना एसटीएफ को सटीक इनपुट मिला था कि कुख्यात विदेशी राय और पप्पू राय बिहटा के आनंदपुर बांध क्षेत्र में छिपे हुए हैं, जिसके बाद विशेष टीम ने इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया। खुद को घिरा देख अपराधियों ने पुलिस बल पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से हुई गोलीबारी के बीच अपराधियों के भागने के मंसूबे नाकाम हो गए और वे पुलिस की गोली का शिकार होकर जमीन पर गिर पड़े।
कुख्यात शूटरों की गिरफ्तारी और गंभीर आपराधिक इतिहास
पकड़े गए दोनों अपराधियों का रिकॉर्ड बेहद खौफनाक रहा है और वे पटना सहित आसपास के जिलों में सुपारी किलर के रूप में सक्रिय थे। इन बदमाशों पर हत्या, लूट, डकैती और रंगदारी के दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं, जिसके कारण पुलिस लंबे समय से इनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। विदेशी राय और पप्पू राय की गिरफ्तारी को पुलिस प्रशासन एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है क्योंकि इनके बाहर रहने से क्षेत्र में व्यापारियों और आम लोगों के बीच दहशत का माहौल बना हुआ था।
घायल अपराधियों का उपचार और पुलिस की सख्त निगरानी
मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में दोनों बदमाशों को तत्काल बिहटा के स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें पटना एम्स रेफर कर दिया गया। फिलहाल अस्पताल के वार्ड को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि उपचार के दौरान सुरक्षा में कोई चूक न हो। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और आरोपियों के स्वास्थ्य में सुधार होते ही उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।
अपराध मुक्त अभियान और भविष्य की कार्रवाई
इस सफल एनकाउंटर के बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए हैं ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ मजबूत पैरवी की जा सके। प्रशासन का कहना है कि राजधानी और उसके सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय गिरोहों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से स्थानीय जनता ने राहत की सांस ली है और पुलिस अब इनके अन्य साथियों और हथियारों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
सांसद की सुरक्षा में बड़ी चूक, हमलावरों ने पीए और ड्राइवर को मारा
13 May, 2026 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद जिले में मंगलवार की देर शाम राजद सांसद अभय कुमार सिन्हा उर्फ अभय कुशवाहा के वाहन पर जानलेवा हमला और तोड़फोड़ की घटना से सनसनी फैल गई। यह घटना मदनपुर थाना अंतर्गत हसनबार गांव के समीप तब घटित हुई जब सांसद के कर्मचारी एक विवाह समारोह से वापस लौट रहे थे। हमलावरों ने न केवल सांसद की गाड़ी के शीशे चकनाचूर कर दिए, बल्कि उनके निजी सहायक और चालक के साथ भी जमकर मारपीट की। सौभाग्यवश घटना के समय सांसद वाहन में सवार नहीं थे, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
संकरी सड़क पर साइड देने के विवाद में उपजा भारी बवाल
विवाद की शुरुआत सड़क पर वाहनों को रास्ता देने जैसी मामूली बात को लेकर हुई, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया। बताया जा रहा है कि सांसद के निजी सहायक संजय कुमार एक शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी सामने से आ रहे दूल्हा पक्ष के वाहनों के साथ रास्ते को लेकर कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सांसद के चालक ने गाड़ी पीछे कर रास्ता देने का प्रयास भी किया, लेकिन विपक्षी पक्ष के लोगों ने जानबूझकर वाहन को सामने खड़ा कर दिया और विवाद को मारपीट की दहलीज तक खींच लिया।
वाहन चालक के साथ बर्बरता और पीए से धक्का-मुक्की
हमले के दौरान उपद्रवियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए सांसद के चालक नौलेश यादव उर्फ रौशन की बेहरमी से पिटाई की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। बीच-बचाव करने उतरे सांसद के निजी सहायक को भी उपद्रवियों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा। हमलावरों ने वाहन पर लगे सांसद के बोर्ड और उसकी गरिमा को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए पत्थरबाजी की और वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आरोपियों की शिनाख्त और पुलिस की सक्रियता
वारदात की सूचना मिलते ही मदनपुर पुलिस और सदर एसडीपीओ-2 चंदन कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, हालांकि पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही नामजद आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पीड़ित पक्ष ने हमले में शामिल हसनबार गांव के तीन स्थानीय युवकों की पहचान करने का दावा किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में विवाद का कारण बारात के दौरान वाहन साइड करने को लेकर हुई नोकझोंक सामने आई है और लिखित शिकायत मिलते ही दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सांसद अभय कुशवाहा का कड़ा रुख और न्याय की मांग
इस हिंसक घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद अभय कुशवाहा ने इसे लोकतंत्र और जनप्रतिनिधि की सुरक्षा पर हमला करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह उस समय पटना में थे, लेकिन उनकी गाड़ी पर सांसद का बोर्ड होने के बावजूद इस तरह का दुस्साहस करना कानून व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है। सांसद ने जिले के पुलिस कप्तान अंबरीश राहुल से दूरभाष पर वार्ता कर हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी और इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाले बादल बनने की चेतावनी
13 May, 2026 07:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश मौसम अपडेट: कहीं आंधी-बारिश की राहत, तो कहीं जेठ की तपिश का कहर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मौसम में इन दिनों बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में आंधी और बारिश ने पारे को नीचे गिराया है, वहीं बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में भीषण गर्मी का दौर फिर शुरू हो गया है।
बांदा रहा प्रदेश में सबसे गर्म राज्य के बुंदेलखंड इलाके में सूरज के तेवर काफी तल्ख रहे। बांदा जिला मंगलवार को 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। इसके अलावा झांसी में 43 डिग्री, प्रयागराज में 42 डिग्री और वाराणसी में तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।
इन जिलों में झमाझम बरसे बादल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। मुरादाबाद में 12.8 मिमी और बरेली में 11.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। आगरा और पीलीभीत जैसे क्षेत्रों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने लोगों को गर्मी से राहत दी।
लखनऊ में बढ़ने लगी उमस राजधानी लखनऊ में मंगलवार को तेज धूप के साथ उमस ने लोगों को बेहाल किया। यहाँ अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले एक हफ्ते के भीतर लखनऊ के पारे में 6 डिग्री तक का उछाल आ सकता है, जिससे गर्मी और बढ़ेगी।
आगामी चेतावनी और पूर्वानुमान आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार:
बुधवार के लिए अलर्ट: देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती और गोंडा समेत पूर्वी तराई के 11 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
बढ़ती गर्मी: बृहस्पतिवार से पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने लगेगा, जिसके बाद पूरे प्रदेश में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और जेठ की लू अपना असर दिखाएगी।
तीन जिलों में पकड़े गए जालसाज, NEET परीक्षा पर बुरा असर
12 May, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बिहार सहित देशभर में 3 मई को आयोजित की गई नीट (NEET) परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। पिछले कई दिनों से पेपर लीक और धांधली की शिकायतों के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। अब इस पूरे प्रकरण की कमान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। जल्द ही परीक्षा की नई तिथियां घोषित की जाएंगी।
बिहार में सक्रिय सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़
नीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली करने वाले एक गिरोह का खुलासा बिहार के नालंदा जिले से हुआ। पुलिस ने राजगीर में वाहन चेकिंग के दौरान पावापुरी विम्स (VIMS) के एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार को उसके साथियों के साथ दबोचा था। अवधेश के मोबाइल से मिले सुरागों ने इस पूरे नेक्सस की पोल खोल दी, जिसके बाद औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर कई फर्जी अभ्यर्थियों और स्कॉलर्स को गिरफ्तार किया गया।
45 लाख रुपये में नीट पास कराने की डील
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गिरोह के मुख्य सरगनाओं उज्ज्वल राज, अवधेश और अमन सिंह के साथ अभ्यर्थियों की डील 45 लाख रुपये में तय हुई थी। इसमें से 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस के तौर पर पहले ही लिए जा चुके थे। योजना यह थी कि असली अभ्यर्थियों की जगह विशेषज्ञ सॉल्वर को परीक्षा में बैठाकर उन्हें पास कराया जाए, लेकिन समय रहते पुलिस की कार्रवाई ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
सीबीआई करेगी गिरोह के तार खंगालने की जांच
एनटीए द्वारा परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अब इस मामले की परतें सीबीआई खोलेगी। सीबीआई की एक विशेष टीम जल्द ही बिहार पहुंचकर जेल में बंद सातों आरोपियों से पूछताछ करेगी। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि पेपर लीक के तार कहां तक जुड़े हैं और इस अवैध उगाही गिरोह में और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान
इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल सात लोगों को सलाखों के पीछे भेजा है। पकड़े गए आरोपियों में सीतामढ़ी निवासी हर्षराज, मुजफ्फरपुर के मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार जैसे नाम शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और मोबाइल रिकॉर्ड बरामद किए हैं, जो इस बड़े परीक्षा घोटाले की पुष्टि करते हैं। इस कार्रवाई के बाद से फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।
ट्रेन में हिंसा, पोरबंदर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मची अफरा-तफरी
12 May, 2026 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेतिया: पश्चिम चंपारण जिले में सोमवार शाम मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस (19270) में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्लीपर कोच में सवार यात्रियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। ट्रेन के भीतर हुई इस मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें यात्री एक-दूसरे के साथ हाथापाई करते और महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं।
बेतिया स्टेशन से शुरू हुई कहासुनी
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत पोरबंदर एक्सप्रेस के कोच संख्या S2 में हुई। जैसे ही ट्रेन बेतिया स्टेशन से आगे बढ़ी, किसी बात को लेकर यात्रियों के दो गुटों में तीखी बहस छिड़ गई। यह मामूली विवाद कुछ ही पलों में इतना उग्र हो गया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलावर हो गए, जिससे पूरे डिब्बे में दहशत का माहौल बन गया।
मारपीट में युवक के सिर पर आई गंभीर चोट
हाथापाई के दौरान कोच में चीख-पुकार मच गई। वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक के सिर से खून निकलता भी दिखाई दे रहा है, जिससे संघर्ष की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, घायल युवक की स्थिति और पहचान को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। घटना के दौरान सहमे हुए अन्य यात्रियों ने इसकी सूचना तुरंत रेल प्रशासन को दी।
पुलिस की कार्रवाई और सोशल मीडिया पर चर्चा
मामले की जानकारी मिलते ही नरकटियागंज रेल पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। रेल पुलिस ने ट्रेन में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की है। इस बीच, किसी यात्री द्वारा बनाए गए वीडियो ने इंटरनेट पर तूल पकड़ लिया है, जिसे लेकर लोग रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं।
25 बूथों पर चल रहा मतदान, एलएलसी उपचुनाव में सियासी टकराव
12 May, 2026 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा/बक्सर: भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की रिक्त पड़ी विधान परिषद (MLC) सीट के लिए आज सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शाम 4 बजे तक चलने वाले इस मतदान में जनप्रतिनिधि अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए दोनों जिलों में भारी पुलिस बल तैनात किया है। इस उपचुनाव का परिणाम 14 मई को घोषित किया जाएगा।
1. 6086 मतदाता तय करेंगे उम्मीदवारों का भविष्य
इस उपचुनाव में कुल 6086 मतदाता अपने वोट की ताकत से प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। मतदान के लिए भोजपुर और बक्सर जिलों में कुल 25 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इस चुनाव की खास बात यह है कि इसमें आम जनता की जगह त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि (मुखिया, वार्ड सदस्य, बीडीसी, जिला परिषद सदस्य) और नगर निकायों के पार्षद सहित क्षेत्र के विधायक व सांसद वोट डालते हैं।
2. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कांटे की टक्कर
चुनावी मैदान में मुख्य मुकाबला जदयू और राजद के बीच माना जा रहा है। नीतीश कुमार की पार्टी (जदयू) ने कन्हैया प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है, वहीं राजद की ओर से सोनू कुमार राय चुनौती पेश कर रहे हैं। इनके अलावा मैदान में मनोज उपाध्याय, लालू प्रसाद यादव, कन्हैया प्रसाद (द्वितीय) और निरंजन कुमार राय भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यह सीट जदयू के पूर्व नेता राधाचरण सेठ के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
3. चुनाव प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
निर्वाचन आयोग ने खरमास खत्म होने के बाद 16 अप्रैल को इस सीट के लिए अधिसूचना जारी की थी। नामांकन और जांच की प्रक्रिया अप्रैल के अंत तक पूरी कर ली गई थी। आज 12 मई को हो रहे मतदान के बाद, सभी की निगाहें 14 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना होगी और यह साफ हो जाएगा कि भोजपुर-बक्सर की इस महत्वपूर्ण सीट पर किसका कब्जा होगा।
बिहार को बड़ी सौगात, Purnia से Delhi पहुंचना होगा तेज
12 May, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेलवे ट्रैक के सुदृढ़ीकरण से कम होगा सफर का समय
पूर्णिया:समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योतिष प्रकाश मिश्रा ने पूर्णिया कोर्ट स्टेशन के निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि पूर्णिया-सहरसा रेलखंड पर ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए ट्रैक के आधुनिकीकरण का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। वर्तमान में इस मार्ग पर ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिसे जल्द ही बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा किया जाएगा। इस बदलाव से न केवल लंबी दूरी की ट्रेनों के समय में भारी बचत होगी, बल्कि यात्रियों को एक सुरक्षित और आधुनिक सफर का अनुभव भी मिलेगा।
15 मई से नई समय सारणी और टिकट सेवाओं में विस्तार
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 15 मई 2026 से पूर्णिया और सहरसा से दिल्ली जाने वाली विशेष ट्रेनों के समय में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन अपने निर्धारित समय से ढाई घंटे पहले गंतव्य तक पहुँचेगी। इसके साथ ही, स्थानीय स्टेशनों पर टिकट बुकिंग की समस्या को दूर करने के लिए यूटीएस (UTS) और पीआरएस (PRS) सेवाओं को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। इससे यात्रियों को रिजर्वेशन के लिए अन्य स्टेशनों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे आसानी से अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।
स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा का जायजा
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने जानकीनगर और पूर्णिया कोर्ट स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्भया योजना के अंतर्गत सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की जांच की और निर्माणाधीन प्रतीक्षालयों (वेटिंग रूम) को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। रेलवे के इस समग्र विकास कार्यों से मधेपुरा, सहरसा और पूर्णिया के लाखों निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
भूमि मापी के बदले रिश्वतखोरी, 3 लाख मांगने वाला अमीन गिरफ्तार
12 May, 2026 11:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमीन मापी के नाम पर वसूली जा रही थी मोटी रकम
हाजीपुर: वैशाली जिले के लालगंज अंचल में भ्रष्टाचार के विरुद्ध विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने अंचल अमीन सुजीत कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सराय और लालगंज निवासी दो व्यक्तियों की शिकायत पर की गई है। पीड़ितों का आरोप था कि जमीन की मापी और परिमार्जन (डिजिटल रिकॉर्ड सुधार) के काम के बदले अमीन द्वारा लाखों रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता पप्पू कुमार से 3 लाख और आनंद कुमार से 60 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसके बाद मामले की सूचना पटना स्थित निगरानी कार्यालय को दी गई।
जाल बिछाकर निगरानी टीम ने आरोपी को घेरा
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक चंद्रभूषण के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। सोमवार को जैसे ही अमीन सुजीत कुमार ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये लिए, पहले से मुस्तैद निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। टीम आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद देर रात आरोपी को लेकर पटना रवाना हो गई।
लालगंज प्रखंड में भ्रष्टाचार की पुरानी जड़ें
लालगंज में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जून 2025 में भी निगरानी विभाग ने यहाँ बड़ी कार्रवाई की थी, जब तत्कालीन बीडीओ नीलम कुमारी और उनके ड्राइवर को प्रधानमंत्री आवास योजना के बदले घूस लेते गिरफ्तार किया गया था। बार-बार हो रही इन गिरफ्तारियों ने अंचल और प्रखंड कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों में सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भारी रोष है। फिलहाल, गिरफ्तार अमीन से पूछताछ जारी है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
मायावती बोलीं- आर्थिक संकट गहराएगा, गरीबों को राहत दे सरकार
12 May, 2026 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में देश की जनता से 'सोने की खरीद टालने' और 'पेट्रोलियम पदार्थों का संयमित उपयोग' करने की अपील पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जारी एक बयान में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों को नसीहत देते हुए कहा कि केवल जनता से संयम की अपील करना काफी नहीं है, सरकारों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
आर्थिक संकट की ओर इशारा
मायावती ने कहा कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की अनिश्चितता के कारण ऊर्जा संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री की यह अपील इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश केवल ईंधन की कमी का ही नहीं, बल्कि एक बड़े आर्थिक संकट का सामना करने जा रहा है। बसपा सुप्रीमो के अनुसार, इस स्थिति का सीधा असर करोड़ों देशवासियों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है और आने वाले समय में इसके और गहराने की आशंका है।
जनता के पास खोने को कुछ नहीं
देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए मायावती ने कहा कि कोरोना काल के बाद से देश की लगभग 100 करोड़ जनता पहले से ही रोजी-रोटी के गंभीर संकट से जूझ रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि आम आदमी के पास अब संयम बरतने या खोने के लिए कुछ खास बचा ही नहीं है। मध्यम और गरीब वर्ग पहले ही महंगाई की मार झेल रहा है।
सरकारों को दी नसीहत
मायावती ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों से मांग की है कि ऐसे कठिन समय में वे गरीब और मेहनतकश परिवारों के लिए सहारा बनें। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल नसीहत देने के बजाय आम जनता को आर्थिक राहत देने वाले कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि संकट के इस दौर में जनहित और देशहित इसी में है कि सरकारें नागरिकों को महंगाई और बेरोजगारी से राहत दिलाएं।
महोबा में सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी पर पुलिस कार्रवाई
12 May, 2026 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महोबा| बुंदेलखंड की हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी सीट से समाजवादी पार्टी के नवनिर्वाचित सांसद अजेंद्र सिंह लोधी अपने एक विवादित बयान के कारण कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। पुलिस ने इस मामले में सांसद के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
कलेक्ट्रेट प्रदर्शन के दौरान बिगड़े बोल
सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट में समाजवादी पार्टी द्वारा विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने मर्यादा की सीमाएं पार कर दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें 'देशविरोधी' करार दिया। सांसद के इस बयान को भाजपा ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
आल्हा चौक पर पुतला दहन और नारेबाजी
सांसद के बिगड़े बोल की खबर फैलते ही भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। शहर के प्रसिद्ध आल्हा चौक पर भाजपा समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सांसद का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी टिप्पणी करने वाले नेता पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
ईवीएम और जनहित के मुद्दों पर भी घेरा
प्रदर्शन के दौरान सांसद केवल व्यक्तिगत टिप्पणी तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने सरकार की नीतियों पर भी कड़े प्रहार किए। उन्होंने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें जनता की जेब काटने वाला बताया। साथ ही, जिले में फसल बीमा घोटाले और बंद हो रहे विद्यालयों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने ईवीएम की निष्पक्षता पर भी संदेह जताया। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों में जनता सपा को सत्ता सौंपेगी।
सांसद के तेवर अब भी बरकरार
मुकदमा दर्ज होने और भारी विरोध के बावजूद सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि वे सच्चाई बोलने से नहीं डरते। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि भाजपा चाहे जितने मुकदमे दर्ज करा ले, वे जनता की आवाज उठाते रहेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
महोबा में बढ़ते राजनीतिक तनाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दोनों पक्षों के बीच किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी मामले की वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।
नशीले इंजेक्शन और अज्ञात कारणों से युवक की मौत, पुलिस जांच में जुटी
12 May, 2026 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला कारपेंटर का शव
नालंदा:बिहार के नालंदा जिले में दीपनगर थाना अंतर्गत डीटीओ ऑफिस के पीछे सोमवार की देर रात एक 20 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की शिनाख्त सोहसराय थाना क्षेत्र के मंसूरनगर निवासी राजीव कुमार के रूप में हुई है। राजीव पेशे से कारपेंटर था और वर्तमान में देवीसराय स्थित अपने ननिहाल में रहकर एक आरा मिल में काम करता था। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने इस मामले में हत्या की गहरी साजिश की आशंका जताते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, प्रेम विवाह का दावा भी आया सामने
मृतक के भाई और अन्य सगे-संबंधियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि राजीव की पीट-पीटकर हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि राजीव के शरीर पर चोट के निशान थे और कान से खून बह रहा था। इसी बीच मामले में एक नया मोड़ तब आया जब सोनी देवी नामक युवती ने सामने आकर खुद को राजीव की पत्नी बताया। युवती का दावा है कि उन्होंने साल 2021 में मंदिर में प्रेम विवाह किया था। युवती के अनुसार, घटना की शाम वे दोनों साथ थे, लेकिन बाद में राजीव ने फोन कर घबराहट होने की बात कही और अंततः वह खेत में बेसुध हालत में मिला।
पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
दूसरी तरफ, पुलिस इस पूरे मामले को अलग नजरिए से देख रही है। दीपनगर थाना अध्यक्ष सुमन कुमार के मुताबिक, जिस स्थान पर शव मिला, वहां से नशे के इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाओं के खाली रैपर बरामद हुए हैं। शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इसे ड्रग्स के ओवरडोज का मामला मान रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी कि यह हत्या है या दुर्घटना। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
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