मध्य प्रदेश
एक तरफ ईंधन बचाने की अपील, दूसरी तरफ 700 गाड़ियों का शक्ति प्रदर्शन
12 May, 2026 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए की गई अपील और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सख्त हिदायतों के बीच मध्य प्रदेश की राजनीति से एक विरोधाभासी तस्वीर सामने आई है। प्रदेश में एक ओर जहां सरकार जनता से संसाधन बचाने का आग्रह कर रही है, वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल के नेता ही इन अपीलों को नजरअंदाज करते दिख रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर के पदभार ग्रहण समारोह से जुड़ा है।
PM और CM की अपील के उलट 'शक्ति प्रदर्शन'
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 24 घंटों में दो बार देशवासियों से ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने का आह्वान किया है। इसी क्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को निर्देश दिए थे कि वे जनता को 'वर्क फ्रॉम होम', 'वर्चुअल मीटिंग' और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रेरित करें। लेकिन इन अपीलों का असर भाजपा नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर पर दिखाई नहीं दिया। वे उज्जैन से भोपाल तक 700 से ज्यादा गाड़ियों का विशाल काफिला लेकर पहुंचे, जिसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मितव्ययिता की अपील की अनदेखी के रूप में देखा जा रहा है।
भोपाल की सड़कों पर घंटों लगा रहा जाम
700 से अधिक वाहनों के इस काफिले ने राजधानी भोपाल की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। आलम यह था कि काफिले की गाड़ियां आपस में ही टकरा गईं और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बोर्ड ऑफिस से लेकर अरेरा हिल्स और प्रदेश भाजपा कार्यालय तक के इलाके भीषण जाम की चपेट में रहे। इस 'शक्ति प्रदर्शन' के कारण आम जनता को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा। काम पर जाने वाले लोग और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन इस वीआईपी कल्चर के चलते फंसे रहे।
प्रदेश कार्यालय में हुआ भव्य स्वागत
विशाल काफिले के साथ प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुंचे सौभाग्य सिंह ठाकुर का वहां भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पदभार ग्रहण करने से पूर्व ठाकुर ने पार्टी कार्यालय परिसर में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। हालांकि, इस पूरे आयोजन के बाद अब राजनीतिक गलियारों और जनता के बीच सरकार की अपील और नेताओं के आचरण को लेकर नई चर्चा छिड़ गई है।
मध्यप्रदेश में “हर घर योग अभियान” का आगाज, लाइव सत्रों के जरिए होगा योग प्रचार
12 May, 2026 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश में आज से स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती की एक नई लहर शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘हर घर योग अभियान’ का शंखनाद किया है। यह विशेष अभियान आज से शुरू होकर आगामी 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेशवासियों के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का एक सुनहरा अवसर बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को दुनिया भर में निरोगी जीवन के सबसे प्रभावी उपाय के रूप में स्थापित किया है।
योग बनेगा जन-जन का आंदोलन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभियान की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं है, बल्कि यह मन, बुद्धि और आत्मिक ऊर्जा को संतुलित करने का सर्वोत्तम माध्यम है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को योग से जोड़ना और उनके भीतर छिपी हुई क्षमताओं को जागृत करना है। उन्होंने अपील की है कि प्रदेश का हर व्यक्ति अपने घर में योग की शुरुआत करें ताकि ‘स्वस्थ मध्यप्रदेश’ का संकल्प साकार हो सके।
योग-सखी और योग-दूत संभालेंगे कमान
मध्यप्रदेश आयुष विभाग द्वारा इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि घर-घर तक योग का संदेश पहुँचाने के लिए ‘योग-सखी’ और ‘योग-दूत’ की टीमें तैयार की गई हैं। ये टीमें मोहल्लों और गलियों में जाकर लोगों को योगाभ्यास के प्रति न केवल जागरूक करेंगी, बल्कि उन्हें अभ्यास करने के लिए प्रेरित भी करेंगी।
घर बैठे लाइव सत्र और केंद्रों पर प्रशिक्षण
अभियान को आधुनिक और सुलभ बनाने के लिए भोपाल के पंडित खुशीलाल आयुर्वेदिक कॉलेज के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा स्टूडियो से 45 मिनट के लाइव योग सत्रों का प्रसारण किया जाएगा। इससे लोग अपने घरों में रहकर भी सही विधि से योग सीख सकेंगे। इसके अलावा, प्रदेश भर के 800 स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) और अस्पतालों में योग शिक्षकों की तैनाती की गई है। यहां 10 से 15 लोगों के छोटे समूहों में व्यक्तिगत रूप से योगाभ्यास सिखाया जाएगा, ताकि हर नागरिक योग की बारीकियों को समझ सके और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सके।
महिलाओं से छेड़छाड़ पर वाटर पार्क में बवाल, देखते ही देखते हुआ खूनी संघर्ष
12 May, 2026 10:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी और इसके आसपास के इलाकों में गर्मियों के दौरान वॉटर पार्क और पूल पार्टी का चलन युवाओं और परिवारों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। विशेष रूप से नर्मदापुरम रोड और इंदौर हाईवे पर बने ये मनोरंजन केंद्र लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। लेकिन हाल ही में भोपाल के एक प्रमुख वॉटर पार्क से सामने आई घटना ने यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा के दावों के बीच ये स्थान अब असुरक्षित होते जा रहे हैं। मौज-मस्ती के लिए पहुंचे परिवारों के लिए रविवार का दिन एक खौफनाक अनुभव में बदल गया, जहां मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया।
महिलाओं से छेड़छाड़ और खूनी संघर्ष
रविवार को वीकेंड मनाने पहुंचे भोपाल के कुछ संभ्रांत परिवारों के साथ यहां बेहद शर्मनाक वाकया हुआ। वॉटर पार्क में मौजूद कुछ युवकों ने वहां आई महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। जब पीड़ित परिवारों ने इस बदतमीजी का विरोध किया, तो दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि वहां मारपीट शुरू हो गई। इस स्थिति को संभालने के बजाय वॉटर पार्क प्रबंधन की भूमिका भी संदिग्ध रही। बताया जा रहा है कि मैनेजमेंट ने झगड़ा शांत कराने के बजाय ग्रामीण क्षेत्र के बाउंसरों और सुरक्षा गार्डों को बुला लिया, जिन्होंने विवाद सुलझाने के बदले लोगों के साथ जमकर मारपीट की, जिससे पूरा माहौल खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही
नर्मदापुरम रोड और इंदौर हाईवे पर संचालित होने वाले ये वॉटर पार्क अक्सर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे हैं। विशेष तौर पर महिला सुरक्षा को लेकर यहां कोई पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे हैं। रविवार की इस घटना ने साफ कर दिया है कि इन मनोरंजन केंद्रों पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। भीड़भाड़ वाले दिनों में प्रबंधन का ध्यान केवल कमाई पर होता है, जबकि सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए उनके पास कोई ठोस कार्ययोजना नहीं होती। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की ढिलाई के कारण इन संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
पुराने हादसों से भी नहीं लिया सबक
यह पहली बार नहीं है जब इस विशेष वॉटर पार्क में कोई गंभीर घटना हुई हो। गौरतलब है कि ठीक दो साल पहले भी इसी स्थान पर रविवार के दिन एक दर्दनाक हादसा हुआ था, जिसमें 9 साल के मासूम बच्चे आरुष की डूबने से मौत हो गई थी। भोपाल निवासी गौरव राजपूत का परिवार आज भी उस हादसे के सदमे से उबर नहीं पाया है। उस समय भी सुरक्षा मानकों और लाइफगार्ड्स की तैनाती को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। बावजूद इसके, प्रबंधन ने पुरानी गलतियों से कोई सबक नहीं लिया और अब ताजा मारपीट और छेड़छाड़ की घटना ने एक बार फिर इन वॉटर पार्कों की साख और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
मध्यप्रदेश की बेटियों का सटीक निशाना : राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश का गौरव बढ़ाया
11 May, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल में आयोजित “24वीं कुमार सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप (राइफल इवेंट्स)” के अंतर्गत आज 50 मीटर राइफल प्रोन (वुमेन) स्पर्धाओं का सफल एवं रोमांचक आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से आई महिला निशानेबाजों ने उच्च स्तरीय प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा, एकाग्रता एवं तकनीकी दक्षता का शानदार परिचय दिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश को गौरवान्वित किया। अकादमी की युवा निशानेबाजों ने अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सटीक निशानेबाजी का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
जूनियर महिला वर्ग में प्रथा राठौड़ ने साधा कांस्य पदक पर निशाना
50 मीटर राइफल प्रोन जूनियर महिला वर्ग में म.प्र. राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी कु. प्रथा राठौड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अर्जित किया। प्रथा ने प्रतियोगिता में 617.6 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया। पूरे मुकाबले के दौरान उन्होंने निरंतर संतुलित एवं प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपनी तकनीकी दक्षता और मानसिक मजबूती का परिचय दिया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल अकादमी बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है।
सीनियर महिला टीम स्पर्धा में मध्यप्रदेश ने जीता रजत पदक
50 मीटर राइफल प्रोन सीनियर महिला टीम स्पर्धा में मध्यप्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। प्रदेश की टीम ने कुल 1853.1 अंक अर्जित कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। टीम में एशियन गेम्स पदक विजेता आशी चौकसे, अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता सुनिधि चौहान एवं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी नूपुर कुमरावत शामिल रहीं। प्रतियोगिता में नूपुर कुमरावत ने व्यक्तिगत स्पर्धा में 624.3 अंक अर्जित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया तथा शीर्ष खिलाड़ियों में स्थान बनाया। खिलाड़ियों के समन्वय, अनुभव एवं निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन ने मध्यप्रदेश को टीम स्पर्धा में गौरवपूर्ण सफलता दिलाई।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया उच्च स्तरीय कौशल
प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों, रेलवे, सेना, अर्धसैनिक बलों एवं अन्य संस्थानों के खिलाड़ियों ने सहभागिता करते हुए उत्कृष्ट प्रतिस्पर्धात्मक भावना का प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ युवाओं में शूटिंग खेल के प्रति रुचि एवं अनुशासन को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य शूटिंग अकादमी लगातार खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ एवं उत्कृष्ट मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार कर रही है।
खिलाड़ियों का सम्मान
इस अवसर पर नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव राजीव भाटिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की तथा खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ खिलाड़ियों को अपने कौशल को निखारने एवं बड़े मंचों के लिए तैयार होने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती हैं।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने दी बधाई एवं शुभकामनाएँ
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा खेल अधोसंरचना एवं अकादमियों को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के पुत्र- पुत्रवधू को दिया सुखद दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद
11 May, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के सुपुत्र केसरी नंदन और पुत्रवधू प्रेरणा के परिणय सूत्र में बंधने पर उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य तथा सुख-शांति और समृद्धि से परिपूर्ण जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैवाहिक कार्यक्रम में सागर के निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होकर नव-दंपति को आर्शीवाद प्रदान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और उनके परिजन से भेंट कर खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भी आत्मीय चर्चा की। इस अवसर पर खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, विधायक एवं पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव, विधायक शैलेंद्र जैन, प्रदीप लारिया, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं परिजन उपस्थित थे।
प्रदेश ने चीतों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराकर बनाया परिवार का हिस्सा : मुख्यमंत्री डॉ.यादव
11 May, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराकर , उन्हें पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। आज देश में चीता पुनर्स्थापना का यह प्रोजेक्ट सफलता के साथ में आयामों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। यह बात उन्होंने श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में 2 मादा चीतों को खुले जंगल में विमुक्त करते हुए कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो नदी के किनारे स्थित चीता रिलीज साइट पर सीसीवी -2, सीसीवी -3 चीतों को खुले जंगल में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही हैं और आज प्रदेश ने देशभर में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में है।
इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, मध्यप्रदेश वन विकास निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत, सहरिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष गुड्डी बाई आदिवासी, शशांक भूषण, राघवेन्द्र जाट, सुमित सिंघल, शुभम मुदगल, बाबू सिंह यादव, कौशल गोयल आदि जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पीसीसीएफ समिता राजौरा , डीआईजी संजय कुमार जैन, कलेक्टर सुशीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल, डीएफओ कुनो आर थिरूकुराल, सामान्य केएस रंधा, सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद, एडीएम रूपेश उपाध्याय, एडिशनल एसपी प्रवीण भूरिया सहित अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित थे।
प्रदेश पुलिस ने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर बनाई विशेष पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
11 May, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। पुलिस सुशासन के मार्ग पर चलने में सरकार का अहम हिस्सा है। राज्य की शांति और सुरक्षा व्यवस्था देशभक्ति और जनसेवा में समर्पित पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को सम्मानित कर मैं स्वयं गर्व का अनुभव कर रहा हूँ। यह पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की दक्षता, योग्यता और क्षमता का ही परिणाम है कि उन्हें के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने जिस प्रकार से धाक और साख बनाई है वह निश्चित ही प्रशंसनीय है। पुलिस विभाग में जो भी नवाचार किया जाना है, राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग उसके साथ है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए असधारण कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को वर्ष 2019-2020 और 2020-2021 के लिए रवीन्द्र भवन में आयोजित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सम्मानित होने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिजन उपस्थित थे।
पुलिसकर्मियों को उनके जिले में आवास उपलब्ध कराये जायेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 2 वर्ष के पुरस्कार एक साथ दिये जा रहे है। कर्तव्यनिष्ठा और असाधारण कार्य के लिए प्रोत्साहन स्वरूप दिये जाने वाले यह पुरस्कार आगामी वर्षों में प्रति वर्ष प्रदान किये जायें। यह सुनिश्चित किया जाये कि पुरस्कार वितरण में भविष्य में विलंब न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों की राशि बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजी) स्तर पर पहले 25 हजार रूपये तक के पुरस्कार दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 50 हजार रूपये कर दिया गया है, जिससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का और अधिक उत्साहवर्धन हो सके। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिसकर्मियों को उनके जिले में पात्रता अनुसार आवास उपलब्ध कराने के लिए हाउसिंग बोर्ड एवं संबंधित प्राधिकरणों से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहते हैं, इसलिए उनके कल्याण का ध्यान रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिसकर्मियों की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके समर्पण के लिये मेरे मन में विशेष स्नेह और सम्मान का भाव है।
वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होते ही अगले वर्ष की प्रक्रिया होगी आरंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस सेवा में भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक युवा पुलिस बल से जुड़कर जन-कल्याण, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें। वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होते ही अगले वर्ष की भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जिला बल में पुलिस बैंड के लिये भी भर्ती प्रक्रिया आरंभ की गई है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नया दौर देख रहा है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक देश से नक्सली उन्मूलन का संकल्प लिया था। हमने वह लक्ष्य डेडलाइन से पहले ही पूरा कर लिया। पुलिस का प्रत्येक जवान इसकी बधाई का पात्र है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति के बलबूते पर ही देश नक्सली समस्या से मुक्त हो पाया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नया दौर देख रहा है और केन्द्रीय गृह मंत्री शाह के प्रयासों से हम देश में सकारात्मक बदलाव का अनुभव कर रहे हैं।
पद्मविभूषण के.एफ. रुस्तमजी पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा पुंज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी पद्मविभूषण के.एफ. रुस्तमजी का स्मरण करते हुए कहा कि वे पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा पुंज रहेंगे। प्रदेश में चम्बल के बीहड़ों से डाकुओं के गिरोहों का सफाया कर जनता को भयमुक्त करने का अभूतपूर्व कार्य किया। उन्होंने हर चुनौती का बखूबी सामना किया। रुस्तमजी के मार्गदर्शन में ही सीमा सुरक्षा बल की नींव रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की सुरक्षा में प्राण प्रण से जुटे 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ठ सेवाओं के लिए के.एफ रुस्तम पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। यह पुरस्कार उन वीरों को मिल रहे है, जिन्होंने दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियानों और साम्प्रदायिक सदभाव बनाये रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सायबर क्राइम की चुनौती से भी प्रभावी तौर पर निपटेगी मध्यप्रदेश पुलिस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में सायबर क्राइम के रूप में अपराध का एक नया चेहरा हमारे सामने है, जिसमें अपराधी सॉफ्टवेयर से हमला कर रहे है। सायबर क्राइम की इस चुनौती का सामना करने के लिए हमें बौद्धिक और तकनीकी श्रेष्ठता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश पुलिस अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए, दृढ़ इच्छा शक्ति और संकल्प के आधार पर साइबर क्राइम की चुनौती से भी प्रभावी तौर पर निपटेगी और अपनी प्रतिष्ठा को बनाये रखेगी।
परम विशिष्ट-अतिविशिष्ट तथा विशिष्ट श्रेणी में दिये गये पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रुस्तमजी पुरस्कार के अंतर्गत परम विशिष्ट श्रेणी में सम्मानित अधिकारियों को सम्मान स्वरूप 5-5 लाख रुपये अथवा रिवॉल्वर/गन तथा अतिविशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत्2-2 लाख रुपये अथवा रिवॉल्वर/गन प्रदान की जा रही है। विशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत 50 हजार रुपये और प्रमाण-पत्र प्रदान किये जा रहे है।
वर्तमान समय में कम्युनिटी पुलिसिंग निभा रही है अहम भूमिका
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। अब तक 418 पुलिस अधिकारियों को यह पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। दस्यु उन्मूलन, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण सहित अन्य कार्यों के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है।
पुलिस महानिदेशक मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारा पुलिस बल प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में अहम योगदान दे रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इसमें 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराना और डायल 112 सेवा का क्रियान्वयन शामिल है। पिछले साल कुल साढ़े 8 हजार पदों पर पुलिस भर्ती की स्वीकृति प्राप्त हुई है। कॉन्स्टेबल भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और सिपाहियों को ज्वाइनिंग दी जा रही है। सिंहस्थ-2028 एक बड़ा आयोजन होगा, इसके लिए पुलिस बल को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर तैनात करना बहुत आवश्यक है, इसके लिए तैयारियां जारी हैं। वर्तमान समय में कम्युनिटी पुलिसिंग अहम भूमिका निभा रही है, जनभागीदारी से म.प्र. पुलिस ने पिछले साल "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान का सफल क्रियान्वयन किया, लाखों की संख्या में प्रदेशवासी इस अभियान का हिस्सा बने। अगले 3 वर्षों में प्रदेश को नारकोटिक ड्रग्स से पूर्णत: मुक्त करने का लक्ष्य है। वर्तमान दौर में प्रदेश पुलिस नई तकनीक से लैस हो रही है। सायबर अपराध से निपटने के लिए ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत की गई है। हमारे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपराध नियंत्रण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
वर्ष 2019-20 के रुस्तमजी पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2019-20 का के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार परम विशिष्ट श्रेणी में तत्कालीन जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, जिला इन्दौर हाल पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त इन्दौर राजेश सहाय, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला नरसिंहपुर हाल सेवानिवृत्त महिला सुरक्षा, जबलपुर राजेश तिवारी, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना मझगवां, जिला सतना ओम प्रकाश चौंगडे हाल कार्यवाहक निरीक्षक जिला बडवानी को पुरस्कार प्रदान किया गया है। अति विशिष्ट श्रेणी में मनोज शर्मा, निरीक्षक, अनुभाग 3, विशेष शाखा, मुख्यालय भोपाल, सुज्योति तिवारी, तत्कालीन महिला आरक्षक, अ.अ.वि. (विशेष किशोर इकाई), जिला सागर हाल कार्यवाहक प्रधान आरक्षक जिला सागर को प्रदान किया गया। विशिष्ट श्रेणी में शालिनी दीक्षित, तत्कालीन सहायक पुलिस महानिरीक्षक, महिला अपराध शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल हाल अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-3 नगरीय पुलिस भोपाल, संदेश कुमार जैन, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सायबर क्राईम, जिला पुलिस बल, भोपाल हाल पुलिस अधीक्षक, रेडियो भोपाल हाल प्रतिनियुक्ति AIIMS भोपाल, विनय प्रकाश पॉल सहायक पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल, विक्रम सिंह. तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बीना, जिला सागर हाल जिला मउगंज, ममतेश कुमार माली, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल हाल पुलिस अधीक्षक, पी.टी.एस. (एम.टी.) भोपाल सहित कुल 43 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किये गये।
वर्ष 2020-21 के रूस्तमजी पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2021-22 के के.एफ. रूस्तमजी पुरस्कार, परम विशिष्ट श्रेणी में अपूर्व भलावी, तत्का. अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), परसवाड़ा, जिला बालाघाट हाल लखनादौन सिवनी, पंकज कर्मा, तत्का, निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन हाल एटीएस इकाई, खण्डवा, मनीष जारवाल, निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन, विजय वास्कले, तत्का. उप निरीक्षक, थाना प्रभारी, टाण्डा, जिला धार हाल कार्यवाहक निरीक्षक, जिला अलीराजपुर को तथा अति विशिष्ट श्रेणी में गोपाल प्रसाद खाण्डेल, तत्का. अति. पु.अ. शहर, जिला जबलपुर हाल सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक, पीटीएस सागर, वैभव श्रीवास्तव, तत्कालीन अतिरिक्त पु.अ., राज्य सायबर, पुलिस मुख्यालय भोपाल हाल सहायक पुलिस महानिरीक्षक, एटीएस मुख्यालय भोपाल, भावना मरावी, तत्कालीन अनु. अधिकारी (पुलिस), सीहोरा, जिला जबलपुर हाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर,अवधेश सिंह भदौरिया, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना विरसा, जिला बालाघाट हाल कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी हनुमानगंज भोपाल,सुनील मिश्रा, तत्का. आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल हाल कार्यवाहक प्रधान आरक्षक एटीएस मुख्यालय, भोपाल अनिल रावत, आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल को प्रदान किये गये। विशिष्ट श्रेणी गीता चौहान, तत्का. उपुअ पीटीसी, इन्दौर हाल अति. पुलिस अधीक्षक, पीटीसी इन्दौर, दुर्गेश आर्मी, तत्का. उ.पु.अ. लांजी, जिला बालाघाट हाल नगर पुलिस अधीक्षक, जावरा रतलाम, रामशंकर सिलावट उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस इकाई, इन्दौर, अभिनव कुमार बारंगे, तत्का. अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) भितरवार, जिला ग्वालियर हाल नगर पुलिस अधीक्षक, जिला खण्डवा सहित कुल 39 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 मई को नरसिंहपुर से 1835 करोड़ की राशि का अंतरण
11 May, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मई को मध्यप्रदेश की करोड़ों महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान के लिये नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की 36वीं किश्त जारी करेंगे। प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1,835 करोड़ 67 लाख 29 हजार 250 रूपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जाएगी।
लाड़ली बहना योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का आधार बन चुकी है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं की परिवार के निर्णयों में भागीदारी बढ़ी है, पोषण एवं स्वास्थ्य स्तर में सुधार हुआ है और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भूमिका मजबूत हुई है।
योजना की शुरुआत से अब तक सशक्तिकरण की यात्रा निरंतर जारी
वर्ष 2023 जून में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना में अप्रैल 2026 तक 35 मासिक किस्तों का सफलतापूर्वक अंतरण किया जा चुका है। मई 2026 में जारी की जा रही राशि योजना की 36वीं किश्त जारी होगी। जून 2023 से अप्रैल 2026 तक महिलाओं के खातों में कुल 55,926.51 करोड़ रूपये की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से जमा की जा चुकी है।
राशि में क्रमिक वृद्धि: 1,000 से बढ़कर 1,500 रूपये प्रतिमाह
योजना के प्रारंभ में प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रूपये प्रतिमाह प्रदान किए जाते थे। अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 1,250 रूपये प्रतिमाह किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः वृद्धि कर इसे 1,500 रूपये प्रतिमाह कर दिया गया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कम राशि प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी इस योजना के माध्यम से अतिरिक्त सहायता देकर कुल देय राशि सुनिश्चित की जा रही है।
महिला कल्याण के लिए वित्तीय प्रतिबद्धता
लाड़ली बहना योजना पर राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14,726.05 करोड़ रूपये, वर्ष 2024-25 में 19,051.39 करोड़ रूपये तथा वर्ष 2025-26 में 20,318.53 करोड़ रूपये की राशि व्यय की गई। वर्ष 2026-27 में अप्रैल 2026 तक 1830.54 करोड़ रूपये की राशि की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाडली बहना योजना में 23,882.81 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है, जो महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
करोड़ों महिलाओं के जीवन में आया व्यापक परिवर्तन
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना ने मध्यप्रदेश में महिला कल्याण के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित की है। यह केवल आर्थिक सहायता योजना नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बन गई है। योजना से प्रदेश की महिलाओं के जीवन में व्यापक और सकरात्मक परिवर्तन आए है। नियमित आर्थिक सहायता ने महिलाओं को घरेलू खर्चों के प्रबंधन ने अधिक आत्मनिर्भर बनाया है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक प्रभावी ढंग से खर्च कर पा रही है। योजना से प्राप्त राशि ने अनेक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों, लघु उद्योगों और स्व-रोजगार गतिविधियों से जुड़ने के लिये प्रेरित किया है। इससे उनकी आय के अतिरिक्त स्त्रोत विकसित हुए है। आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ महिलाओं के परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में भागीदारी बढ़ी है और उनकी राय को अधिक महत्व मिलने लगा है। बैंक खातों में सीधे राशि अंतरण की व्यवस्था ने महिलाओं को औपचारिक बैंकिग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ा है। इससे उनमें वित्तीय साक्षरता और आर्थिक आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ग्रामीण और शहरी महिलाओं के लिए समान रूप से उपयोगी
योजना का लाभ ग्रामीण, आदिवासी, शहरी, कल्याणी, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं सहित व्यापक वर्ग को मिल रहा है। पात्र महिलाओं के सक्रिय और आधार-लिंक्ड बैंक खातों में राशि सीधे जमा होने से प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित बनी है। राज्य सरकार ने विभिन्न विशेष अवसरों और त्योहारों पर अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर महिलाओं के जीवन में उत्साह और खुशियों का संचार किया है। इससे योजना केवल नियमित सहायता तक सीमित न रहकर भावनात्मक संबल का भी माध्यम बनी है।
प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण के लिए 29 हजार 540 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति
11 May, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुईं। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। प्रदेश में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों एवं योजनाओं के परीक्षण और अनुमोदन के लिए 15 हजार 598 करोड़ रुपये और शहरी व नगरीय मार्गों के कायाकल्प तथा सुदृढ़ीकरण के लिए 6,900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिये गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6 हजार 116 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त चिकित्सा क्षेत्र के विस्तार के लिए बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। साथ ही जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति के साथ ही राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया हैं। इसके साथ ही सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन और MPRDC अंतर्गत EPC तथा HAM परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन की भी स्वीकृति दी गई है।
लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण के लिए 15 हजार 598 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने वित्त विभाग अंतर्गत लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया से संबंधित योजना को 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) तक योजनाओं के संचालन की निरंतरता के लिए कुल 15,598.27 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।
स्वीकृति अनुसार कोषालयों की स्थापना के लिए 683.50 करोड़ रूपये, लंबित देनदारियों के भुगतान से सम्बंधित योजना के लिए 13,818.32 करोड़ रूपये के साथ लेखा प्रशिक्षण शालाओं की स्थापना, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, म.प्र. आंतरिक लेखा परीक्षण प्रकोष्ठ, निर्देशन एवं प्रशासन, संभागीय कार्यालयों की स्थापना और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी परियोजनाएँ एवं कार्य के लिए 1,096.45 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।
शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 6 हजार 900 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग अंतर्गत शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और उन्नयन सहित सड़कों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजनाओं को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2031) तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 900 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और उन्नयन के लिए 2,100 करोड़ रूपये और सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए 4,800 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन के लिए
6115.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एन.एस.ए.पी.) अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6115.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना 15 अगस्त 1995 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। योजनान्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को उनकी पात्रतानुसार 600 रूपये प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है।
बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा सीहोर के बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 714.91 करोड़ रूपये के स्थान पर 763.40 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार बुदनी में 100 एम.बी.बी.एस. सीट प्रवेश क्षमता के नवीन चिकित्सा महाविद्यालय तथा 500 सीटर संबद्ध अस्पताल स्थापित किया जाएगा। साथ ही नर्सिग पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के नर्सिंग महाविद्यालय और पैरामेडिकल पाठ्क्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना भी की जायेगी।
नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रूपये की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय (ठिकरिया तालाब) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए लागत राशि 163.95 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इससे नीमच की नीमच तहसील के 22 ग्रामों की कुल 5,200 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
राज्य मंत्रियों व्दारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रूपये किए जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य मंत्रियों व्दारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की राशि में किसी एक प्रकरण के लिए वर्तमान में निर्धारित सीमा राशि 16,000 रूपये को बढ़ाकर 25,000 रुपये किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
उच्च न्यायालय के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के निर्माण की लागत राशि को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा उच्च न्यायालय, म.प्र. जबलपुर में गेट क्रमांक 4 और 5 के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग ब्लाक कम बार ऑफिस के निर्माण की लागत राशि 94 करोड़ 16 लाख रूपये की योजना के प्रस्ताव को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।
10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन और MPRDC अंतर्गत EPC तथा HAM परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन को स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये से कम लागत वाले डामरीकृत मार्गों के निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों के अनुबंधों में अब मूल्य समायोजन का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए एक विशिष्ट फॉर्मूला [V = Q(W_f - W_o)] निर्धारित किया गया है, जिससे डामर की बढ़ी हुई दरों का बोझ संविदाकारों पर नहीं पड़ेगा। इससे छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों को बड़ी राहत मिलेगी और कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो सकेंगे। वैश्विक स्तर पर डामर (बिटुमेन) की कीमतों में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को मूल्य समायोजन का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इसके अतिरिक्त मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत संचालित EPC (Engineering, Procurement, and Construction) और HAM (Hybrid Annuity Model) परियोजनाओं में 'Schedule-G' और 'Schedule-H' के तहत मूल्य समायोजन की गणना त्रैमासिक के स्थान पर भारत सरकार के MoRTH (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय) के नियमों के अनुसार मासिक आधार पर करने की स्वीकृति दी है।
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे डामर की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस कारण कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई यह राहत 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि में क्रय किए गए बिटुमेन (डामर) के लिए लागू होगी।
कैबिनेट बैठक में बड़ा निर्णय, 973 सड़कों के निर्माण को हरी झंडी
11 May, 2026 06:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹1763 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इसके अंतर्गत 2117 किलोमीटर लंबी कुल 973 सड़कों का निर्माण और सुधार किया जाएगा। विशेष रूप से 'प्रधानमंत्री जनमन योजना' के तहत आदिवासी अंचलों के छोटे टोलों और गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
गेहूं खरीदी में अव्वल और किसानों को भारी बोनस
कृषि क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धि साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश 10 लाख किसानों से गेहूं खरीदकर देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के ऊपर ₹11,622 करोड़ का अतिरिक्त बोनस प्रदान करेगी। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी की समय सीमा भी बढ़ाकर 23 मई कर दी गई है। इसके अलावा, नीमच जिले की सिंचाई परियोजना के विस्तार को मंजूरी दी गई है, जिससे हजारों किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य: बुधनी में बनेगा नया मेडिकल कॉलेज
चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के संकल्प को दोहराते हुए कैबिनेट ने बुधनी में 100 सीटों वाले एमबीबीएस मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए ₹763 करोड़ के बजट को स्वीकृति दी है। साथ ही, वन्यजीव पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए गांधी सागर क्षेत्र में चीतों के स्थानांतरण की जानकारी दी गई। सरकार का मानना है कि पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के इन प्रयासों से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रशासनिक सुधार और जलगंगा अभियान
बैठक में मंत्रियों के स्वेच्छा अनुदान की सीमा को ₹16,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने का निर्णय लिया गया। वहीं, सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए बढ़ती कीमतों के आधार पर 'प्राइस एडजस्टमेंट' को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे 'जलगंगा अभियान' को एक जन आंदोलन बनाने की अपील करते हुए नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
बिजली कनेक्शन से लेकर भवन निर्माण तक अब होगी एकीकृत प्रक्रिया
11 May, 2026 05:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। अब नया मकान बनाने या बिजली-पानी का कनेक्शन लेने के लिए नागरिकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार जल्द ही "सिंगल एजेंसी क्लियरेंस सिस्टम" लागू करने जा रही है, जिसके तहत केवल एक ऑनलाइन आवेदन के जरिए नगर निगम से लेकर बिजली विभाग तक की तमाम मंजूरियां एक ही जगह मिल जाएंगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना का खाका तैयार कर लिया है।
डिजिटल पोर्टल से खत्म होगी एनओसी की भागदौड़
नया सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा, जिससे बिल्डिंग परमिशन की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। अब तक लोगों को फायर ब्रिगेड, पर्यावरण विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और जल विभाग से अलग-अलग एनओसी (NOC) लेनी पड़ती थी। नए पोर्टल के आने से आवेदकों को इन विभागों के चक्कर लगाने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। सारा काम एक ही "कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म" के जरिए पूरा होगा, जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत होगी।
संयुक्त टीम करेगी साइट विजिट, 21 दिन में मिलेगी मंजूरी
इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब अलग-अलग विभागों के अधिकारी बार-बार जांच के लिए साइट पर नहीं आएंगे। इसके बजाय, सभी संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी, जो एक ही बार में मौके का निरीक्षण कर डेटा एकत्र करेगी। जो काम पहले पूरा होने में 30 से 90 दिन का समय लेते थे, वे अब महज 7 से 21 दिनों के भीतर पूरे हो सकेंगे। साथ ही, स्वीकृत नक्शा और 'ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट' डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ऑनलाइन ही प्राप्त हो जाएंगे।
जवाबदेही होगी तय और फाइलों को ट्रैक करना होगा आसान
नए पोर्टल के माध्यम से आवेदक अपनी फाइल की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि आवेदन किस अधिकारी के पास लंबित है। इस व्यवस्था में नगर निगम नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा। यदि कोई संबंधित विभाग तय समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट या जानकारी नहीं देता है, तो उसे "डीम्ड अप्रूवल" मान लिया जाएगा, यानी अनुमति स्वतः ही स्वीकृत मान ली जाएगी। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।
दमोह में भ्रष्टाचार पर वार, रिश्वत लेते पंचायत सचिव पर गिरी गाज
11 May, 2026 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सागर लोकायुक्त टीम ने एक हफ्ते के भीतर दूसरी बड़ी स्ट्राइक की है। शिक्षा विभाग के बाद अब लोकायुक्त के निशाने पर पंचायत विभाग आया है। सोमवार को टीम ने तेजगढ़ ग्राम पंचायत के सचिव जुगराज सिंह लोधी को एक ग्रामीण से 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। जिले में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
प्रधानमंत्री आवास के नाम पर मांगी थी घूस
पूरा मामला प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा है। पीड़ित हितग्राही महेंद्र कोष्ठी ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर स्वीकृत हुए आवास की अगली किस्तों को जारी करने के बदले सचिव जुगराज सिंह ने पैसों की मांग की थी। सचिव ने किस्तों के भुगतान और मजदूरी बिल पास करने के एवज में कुल 15 हजार रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में 10 हजार रुपये में तय किया गया। हितग्राही पहले ही 4 हजार रुपये की पहली किस्त सचिव को दे चुका था।
परेशान होकर पीड़ित ने लोकायुक्त से की शिकायत
हितग्राही महेंद्र के अनुसार, पहली किस्त देने के बाद भी जब अगली राशि खाते में नहीं आई, तो सचिव ने बकाया पैसों के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। सचिव की प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित ने सागर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन किया और सोमवार को जाल बिछाकर सचिव को पकड़ने की योजना बनाई।
रंगे हाथों पकड़े गए सचिव, कार्रवाई जारी
योजना के मुताबिक, जैसे ही हितग्राही ने बाकी बचे 6 हजार रुपये सचिव जुगराज सिंह लोधी को थमाए, वैसे ही वहां सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त टीम ने उन्हें धर दबोचा। सचिव के हाथ धुलवाए जाने पर वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत है। फिलहाल आरोपी सचिव को तेजगढ़ थाने लाया गया है, जहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
एक हफ्ते में लोकायुक्त की दूसरी स्ट्राइक
गौरतलब है कि दमोह जिले में लोकायुक्त पुलिस काफी सक्रिय नजर आ रही है। कुछ दिन पहले ही टीम ने जबलपुर नाका चौकी क्षेत्र में शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारियों को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उस बड़ी कार्रवाई की चर्चा अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब पंचायत सचिव का यह मामला सामने आ गया है।
नरसिंहपुर से CM मोहन यादव करेंगे लाड़ली बहना योजना की राशि जारी
11 May, 2026 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त का इंतजार खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आगामी 13 मई को नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुंगवानी से एक सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक बहनों के बैंक खातों में सहायता राशि का हस्तांतरण करेंगे। इस कार्यक्रम की पुष्टि गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश ने की है।
प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज, मुंगवानी में जुटे अधिकारी
मुख्यमंत्री के आगमन और राज्य स्तरीय कार्यक्रम को लेकर मुंगवानी में तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। शनिवार को विधायक महेंद्र नागेश, कलेक्टर रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने कार्यक्रम स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सभा स्थल, हेलीपैड निर्माण, यातायात प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए सुरक्षा संबंधी पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाओं को मिल रहा सीधा लाभ
लाड़ली बहना योजना वर्तमान में मध्य प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 29 लाख महिलाओं के लिए संबल बनी हुई है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से अब तक लगभग 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।
ऑनलाइन ऐसे चेक करें अपनी किस्त का स्टेटस
योजना की राशि खाते में आई है या नहीं, इसे लाभार्थी घर बैठे चेक कर सकते हैं। इसके लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' विकल्प को चुनना होगा। यहाँ अपनी समग्र आईडी या पंजीकरण संख्या दर्ज करने के बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से भुगतान का पूरा विवरण स्क्रीन पर दिखाई दे जाएगा।
योजना के लिए निर्धारित पात्रता और शर्तें
इस योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश की मूल निवासी महिलाओं को ही मिलता है जिनकी आयु 21 से 60 वर्ष के बीच हो। पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और घर में कोई सरकारी कर्मचारी या चारपहिया वाहन नहीं होना चाहिए। योजना के दायरे में विवाहित, विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा सभी श्रेणियों की पात्र महिलाओं को शामिल किया गया है।
चीता प्रोजेक्ट को मिली नई उड़ान, कूनो में गूंजी खुशखबरी
11 May, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 'चीता प्रोजेक्ट' को आज एक और बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह बोत्सवाना से लाए गए 9 चीतों में से दो मादा चीतों, 'सीसडी-2' और 'सीसीड़ी-3', को पिंजरे से आजाद कर खुले जंगल में छोड़ दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने पिंजरे के दरवाजे खोले, दोनों मादा चीतों ने फुर्ती के साथ प्राकृतिक रहवास की ओर दौड़ लगा दी। इस ऐतिहासिक पल के दौरान प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, रामनिवास रावत और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित वन विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
पीएम मोदी का विजन और एमपी की नई पहचान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत शुरू हुआ ‘प्रोजेक्ट चीता’ अब वैश्विक स्तर पर संरक्षण की मिसाल बन चुका है। उन्होंने गर्व से कहा कि मध्य प्रदेश की धरती ने इन विदेशी मेहमानों को पूरी तरह अपना लिया है। अब प्रदेश को केवल 'टाइगर स्टेट' ही नहीं, बल्कि "चीता स्टेट" के रूप में भी पूरी दुनिया में नई पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग और मेडिकल टीम की मेहनत की सराहना करते हुए इसे जैव विविधता की बड़ी जीत बताया।
देश में चीतों का कुनबा बढ़कर हुआ 57
मुख्यमंत्री ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से आए चीते भारतीय जलवायु में अच्छी तरह ढल चुके हैं। वर्तमान में भारत में कुल चीतों की संख्या 57 तक पहुंच गई है। इनमें से 54 चीते श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में और 3 चीते गांधी सागर अभ्यारण्य में स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। चीतों का यह बढ़ता दायरा अब राजस्थान की सीमाओं और चंबल अंचल के अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है।
बोत्सवाना के चीतों से बढ़ेगी जेनेटिक विविधता
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 9 नए चीते (6 मादा और 3 नर) लाए गए थे। क्वारंटीन की अवधि और स्थानीय वातावरण के अनुकूल होने के बाद अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से खुले जंगल में छोड़ा जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना से आए इन चीतों के कारण कूनो में जेनेटिक विविधता (आनुवंशिक विविधता) बढ़ेगी, जिससे भविष्य में चीतों की एक स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में बड़ी मदद मिलेगी।
ऑनलाइन दोस्ती पड़ी भारी, लंदन की महिला बताकर साइबर ठगों ने उड़ाए पैसे
11 May, 2026 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना ग्वालियर के एक ठेकेदार को काफी भारी पड़ गया। फेसबुक पर एक विदेशी महिला ने पहले दोस्ती की, फिर भारत आने और महंगे गिफ्ट देने का लालच देकर ठगी का ऐसा जाल बुना कि ठेकेदार कमलकांत यादव ने अपने 1.23 लाख रुपये गंवा दिए। जब और पैसों की मांग की गई, तब उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
ब्रिटिश पाउंड और महंगे गिफ्ट का दिया लालच
हरिशंकरपुरम के रहने वाले ठेकेदार कमलकांत यादव की दोस्ती फेसबुक पर 'लूसी आर चार्ल्स' नाम की महिला से हुई थी। बातचीत के दौरान महिला ने खुद को लंदन की डॉक्टर बताया और कहा कि वह भारत घूमने आना चाहती है। उसने दावा किया कि वह अपने साथ करीब 1.22 करोड़ रुपये (95 हजार ब्रिटिश पाउंड) लेकर आएगी। महिला ने कमलकांत से इन पैसों को भारतीय करंसी में बदलने में मदद मांगी और बदले में भारी कमीशन और कीमती तोहफे देने का वादा किया।
कस्टम अधिकारी बनकर दूसरी महिला ने फंसाया
ठगी के इस खेल में 27 अप्रैल को एक नया मोड़ आया, जब कमलकांत के पास मुंबई एयरपोर्ट की एक कथित महिला अधिकारी का फोन आया। उस महिला ने कहा कि लंदन से आए विदेशी करंसी और गिफ्ट्स को रिलीज करने के लिए 'कस्टम क्लीयरेंस' और 'रजिस्ट्रेशन फीस' भरनी होगी। कमलकांत ने उस पर भरोसा कर लिया और पहली बार में 38,500 रुपये बताए गए अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए।
कई किस्तों में लूटे पैसे, पुलिस ने दर्ज की FIR
ठगों ने इसके बाद अलग-अलग प्रोसेसिंग फीस और चार्ज के नाम पर कमलकांत को अपनी बातों में उलझाए रखा और कई बैंक खातों में कुल 1.23 लाख रुपये जमा करवा लिए। जब जालसाजों ने फिर से 70 हजार रुपये की मांग की, तब कमलकांत को शक हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हो रही है। झांसी रोड पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस इन बैंक खातों व कॉल डिटेल्स की बारीकी से जांच कर रही है।
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