मध्य प्रदेश
स्वास्थ्य क्षेत्र में जनभागीदारी से मध्यप्रदेश बना है अग्रणी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
28 Jun, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी के फलस्वरूप मध्यप्रदेश अग्रणी है। सुमन पंचायत का नवाचार और अच्छे परिणाम लाने में सहयोगी होगा क्योंकि जो पंचायतें ग्रामवासियों को विशेष कर बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए सक्रिय रहेंगी, उन्हें प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वर्तमान में भी मातृ वंदना योजना, सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने और बच्चों को खसरा सहित अन्य रोगों से बचाने के लिए जनभागीदारी से बेहतर कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उच्चतम मापदंड स्थापित करने का कार्य किया है। कोविड जैसे बड़े संकट से निपटने के लिए उन्होंने प्रबल इच्छाशक्ति का परिचय दिया। आज पूरे देश में मातृ और शिशु दर कम करने और रोगों को जागरूकता से नियंत्रित करने की दिशा में सार्थक कार्य हो रहा है। मध्यप्रदेश में अनेक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अच्छे परिणाम दिए हैं। जनकल्याण का यह अभियान जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर प्रदेश की जन स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, जनभागीदारी आधारित अभिनव नवाचारी पहल "सुमन पंचायत" योजना का शुभारंभ और स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। साथ ही स्वास्थ्य पुस्तिकाओं का लोकार्पण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी लघु फिल्में भी दिखाई गईं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी ने भगवान को नहीं देखा लेकिन चिकित्सक द्वारा अपनेपन के साथ की गई देखरेख और दिया गया उपचार रोगी को स्वस्थ बनाता है। इस नाते चिकित्सक ईश्वर का ही रूप है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का एकीकरण किया गया था। मध्यप्रदेश में जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का श्रेष्ठ क्रियान्वयन हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले के कुकरू में रविवार की सुबह राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत तीन बच्चों को पोलियो से बचाव के लिए दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया और प्रशासन अकादमी में हुए विशेष कार्यक्रम में इस तीन दिवसीय विशेष अभियान में प्रतीक स्वरूप पांच बच्चों को दवा पिलाई। अभियान के अंतर्गत 29 और 30 जून को घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के कार्य में पूरे देश में अव्वल है। यह नतीजे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, अधिकारियों, पैरा-मेडिकल स्टॉफ, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जन प्रतिनिधियों और नागरिकों की सामूहिक भूमिका से प्राप्त हुए हैं, जिसके लिए सभी अभिनंदन के पात्र हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एचपीवी टीकाकरण अभियान एवं स्वस्थ यकृत मिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया। इन जिलों में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए राजगढ़, डिंडौरी और मुरैना क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तीसरे स्थान पर रहे हैं। स्वस्थ यकृत मिशन के अंतर्गत किए गए कार्यों में बालाघाट को प्रथम, छिंदवाड़ा को द्वितीय और शाजापुर को तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए सम्मानित किया गया।
उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए मार्गदर्शन दिया है। हमारे देश और प्रदेश को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के पश्चात् सर्वाधिक ध्यान स्वास्थ्य क्षेत्र पर दिया गया है। नागरिकों को अनेक प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं देने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में मध्यप्रदेश आगे है। सिर्फ दो माह की अवधि में आठ लाख से अधिक बेटियों का एचपीवी टीकाकरण करने में सफलता मिली है। ऐसी ही सफलता स्वस्थ यकृत मिशन के कार्य में प्राप्त हुई है। लगभग डेढ़ करोड़ लोगों की लिवर की जांच एक वर्ष से कम समय में कर ली गई। प्रदेश में करीब ढाई हजार नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर रोगी चिन्हित किए गए हैं। मातृ और शिशु दर के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश सुधार की गति बढ़ाने में सफल हुआ है। रोग की शीघ्र पहचान पर भी जोर दिया जा रहा है। सुमन पंचायत योजना के माध्यम से प्रत्येक पंचायत को जागरूक कर हेल्थ सेक्टर में अच्छे नतीजे हासिल किए जाएंगे।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सुमन पंचायत अर्थात (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन) के साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक नवाचार हो रहे हैं। स्वस्थ यकृत का महत्व समझाने के लिए मिशन के अंतर्गत बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है, जिससे ऐसे रोगी सामने आए जो शराब आदि का सेवन नहीं करते लेकिन लिवर में अतिरिक्त वसा जमा हो जाने की समस्या से प्रभावित हैं। दोषपूर्ण जीवनशैली से उत्पन्न होने वाले इस लक्षण को पहचान कर सुधार की ओर बढ़ने के लिए यह स्क्रीनिंग कार्य उपयोगी सिद्ध होगा।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान : 1.07 करोड़ बच्चों को मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा
कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 28 से 30 जून तक 5 वर्ष तक आयु के प्रदेश के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियोरोधी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया। अभियान के सफल संचालन के लिए लगभग 83 हजार पोलियो बूथ, 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। आगामी 29 और 30 जून को घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर 3800 ट्रांजिट बूथ तथा प्रवासी एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए 1400 विशेष मोबाइल टीम को दायित्व दिया गया।
‘सुमन पंचायत’ से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगा बल
प्रदेश में प्रारंभ की गई "सुमन पंचायत" (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना का उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। ऐसी पंचायतें जिनमें एक वर्ष तक मातृ मृत्यु पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु तथा खसरा एवं रूबेला के मामले दर्ज नहीं होंगे, उन्हें एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। यह पहल संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, पोषण तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की समय पर पहचान को प्रोत्साहित करेगी।
एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस नियंत्रण की दिशा में प्रभावी पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस एक्शन प्लान 2.0 का अनावरण किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि एंटीबायोटिक दवाओं के अनुचित उपयोग से उत्पन्न बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता वैश्विक जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। भारत सरकार के राष्ट्रीय एक्शन प्लान के अनुरूप तैयार इस राज्य कार्य योजना में जन जागरूकता, संक्रमण नियंत्रण, प्रयोगशाला क्षमता सुदृढ़ीकरण, एंटीबायोटिक उपयोग का विवेकपूर्ण प्रबंधन, अनुसंधान तथा "वन हेल्थ" दृष्टिकोण पर आधारित बहु-विभागीय समन्वय को प्रमुखता दी गई है।
प्रदेश में 7 लाख 64 हज़ार किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण और 1 करोड़ 49 लाख से अधिक की हुई स्क्रीनिंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम के दौरान एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत प्रदेश की लगभग 8.03 लाख पात्र किशोरियों को लक्षित किया गया, जिनमें से 7.64 लाख से अधिक किशोरियों का टीकाकरण कर राज्य ने लगभग 96 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया है। मप्र ने देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है। स्वस्थ यकृत मिशन में जून 2025 से मार्च 2026 तक प्रदेश में 149.26 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। मिशन के तहत नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज सहित यकृत रोगों की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति व्यापक जन जागरूकता भी विकसित की जा रही है।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अशोक बर्णवाल, स्वास्थ्य आयुक्त धनराजू, एनएचएम की एमडी सलोनी सिडाना और अन्य अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वास्थ्य संचार से जुड़े प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन से हुआ।
5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आज जरूरी है पोलियो की खुराक, अभियान शुरू
28 Jun, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/रायपुर: देशभर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार (28 जून) को पांच साल तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य हर बच्चे को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को पास के पोलियो बूथ पर जरूर ले जाएं। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, दोनों ही जगहों पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
भोपाल में 3.32 लाख बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य
भोपाल जिले में इस बार पांच वर्ष तक के 3.32 लाख से ज्यादा बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्य है। इसके लिए पूरे जिले में 2,710 पोलियो बूथ तैयार किए गए हैं। साथ ही, व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 306 सुपरवाइजर, 121 ट्रांजिट टीमें और 52 मोबाइल टीमें मुस्तैद की गई हैं। ये टीमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और निर्माण स्थलों जैसे संवेदनशील इलाकों में जाकर बच्चों को दवा पिलाएंगी। जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी इला तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पहले ही दिन ज्यादा से ज्यादा बच्चों को कवर किया जाए। इसके अलावा, बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी (संवेदनशील मातृत्व) मामलों की समय पर पहचान करने की भी समीक्षा की गई।
रायपुर में घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इस अभियान को लेकर मजबूत तैयारी है। जिले में कुल 1,381 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां 3,45,373 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जो बच्चे रविवार को किसी कारणवश बूथ तक नहीं आ पाएंगे, उन्हें 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पोलियो की खुराक देंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए हर बच्चे को यह दवा मिलना जरूरी है, इसलिए माता-पिता किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
आज स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगी नई दिशा, CM लॉन्च करेंगे स्टेट AMR 2.0 एक्शन प्लान
28 Jun, 2026 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में आज एक बड़ा और ऐतिहासिक दिन होने जा रहा है। रविवार (28 जून) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी एक अनूठी पहल “सुमन पंचायत” का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र में शानदार काम करने वाले जिलों को सम्मानित भी किया जाएगा। सरकार का मुख्य मकसद सिर्फ मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि जनता को जागरूक कर बीमारियों को पहले ही रोकना है।
एक्शन प्लान 2.0 और एंटीबायोटिक दवाओं पर लगाम
भोपाल की आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी में होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 'स्टेट एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) एक्शन प्लान 2.0' का अनावरण करेंगे। आजकल बिना सोचे-समझे एंटीबायोटिक दवाएं खाने से शरीर में उनके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ रही है, जो पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा है। इससे निपटने के लिए इस प्लान में लोगों को जागरूक करने, संक्रमण रोकने, लैब्स को मजबूत करने और डॉक्टरों की सलाह पर ही सही तरीके से दवाएं देने पर जोर दिया जाएगा।
1.07 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 से 30 जून तक प्रदेश के 5 साल तक की उम्र के लगभग 1.07 करोड़ बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का बड़ा लक्ष्य है। इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिए राज्य में करीब 83 हजार पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां 1.66 लाख वैक्सीनेटर्स और 26 हजार सुपरवाइजर तैनात रहेंगे। पहले दिन जो बच्चे छूट जाएंगे, उन्हें 29 और 30 जून को घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी। इसके अलावा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसी जगहों पर भी 3800 ट्रांजिट बूथ और घुमंतू परिवारों के लिए 1400 मोबाइल टीमें काम करेंगी।
'सुमन पंचायत' योजना से मां और बच्चे रहेंगे सुरक्षित
मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए सरकार "सुमन पंचायत" (सुरक्षित मातृत्व आश्वासन पंचायत) योजना शुरू कर रही है। इसके तहत जिस पंचायत में एक साल के भीतर किसी मां या 5 साल से कम उम्र के बच्चे की मौत नहीं होगी, और जहां खसरा-रूबेला का एक भी केस नहीं आएगा, उस पंचायत को सरकार 1 लाख रुपये का इनाम और प्रशस्ति-पत्र देगी। इस योजना से गांवों में अस्पतालों में डिलीवरी कराने और बच्चों के समय पर टीकाकरण को बढ़ावा मिलेगा।
बेहतर काम करने वाले जिले होंगे सम्मानित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एचपीवी (HPV) टीकाकरण और स्वस्थ यकृत (लिवर) मिशन में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिलों को पुरस्कार देंगे। राज्य ने करीब 8.03 लाख किशोरियों में से 7.64 लाख से ज्यादा लड़कियों को एचपीवी का टीका लगाकर देश में करीब 96% के साथ टॉप राज्यों में जगह बनाई है। वहीं स्वस्थ यकृत मिशन के तहत जून 2025 से मार्च 2026 के बीच 149 लाख से ज्यादा लोगों की लिवर जांच की जा चुकी है, ताकि फैटी लिवर जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज हो सके।
मध्यप्रदेश पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई CSP समेत 65 अफसर बदले
28 Jun, 2026 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के पुलिस विभाग में एक बहुत बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। शनिवार (27 जून) की रात को गृह विभाग द्वारा एक बड़ा आदेश जारी किया गया, जिसके तहत राज्य के 65 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर (तबादला) कर दिया गया है। इन अधिकारियों में डीएसपी, सीएसपी, एसडीओपी और हॉक फोर्स के सहायक सेनानी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अफसर शामिल हैं। इस फेरबदल के तहत जबलपुर, उज्जैन और धार जिले के पीथमपुर में नए सीएसपी की तैनाती की गई है।
हॉक फोर्स और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा ग्रिड को और ज्यादा मजबूत करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इसी कड़ी में बालाघाट जिले में बड़े स्तर पर अफसरों की जिम्मेदारी बदली गई है। विभाग ने हॉक फोर्स के डीएसपी रैंक के 18 अधिकारियों को प्रमोट या ट्रांसफर करते हुए सहायक सेनानी के पद पर तैनात किया है। इन प्रमुख अफसरों में उदित मिश्रा, अभिलाष कुमार भलावी, आकाश अमलकर, रवि सोनेर, उमेश प्रजापति, रितेश कुमार शिव, रविंद्र सिंह राठी, आयुष कुमार अलावा, सचिन पटेल, कुंदन मंडलोई, राहुल कुमार सय्याम, अक्षय चौधरी, अतुल कुमार सोनी, अमन मिश्रा, रोहित राठौर और राकेश आर्य के नाम शामिल हैं।
नए सीएसपी और एसडीओपी की नियुक्तियां
इस नए आदेश के बाद कई शहरों में सुरक्षा की कमान नए अधिकारियों के हाथों में सौंप दी गई है। अतुल सोनी को मुरार (ग्वालियर), गौरव पाटिल को बुरहानपुर, हिना खान को विश्वविद्यालय क्षेत्र (ग्वालियर), रितेश कुमार शिव को कोतवाली (जबलपुर) और रवि सोनेर को पीथमपुर (धार) का नया सीएसपी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले बालाघाट जिले में भी नए अधिकारियों को तैनात किया गया है, जिसमें दीपक तोमर को एसडीओपी लांजी, चंद्रशेखर पांडे को एसडीओपी बैहर और अभिषेक गौतम को एसडीओपी परसवाड़ा की जिम्मेदारी दी गई है।
सावधान! मध्यप्रदेश के 40 से अधिक शहरों में बारिश का यलो अलर्ट
28 Jun, 2026 10:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही लगातार जोरदार बारिश का दौर जारी है। राज्य के 40 से अधिक शहरों में पानी बरस चुका है। इंदौर (आलीराजपुर को छोड़कर), उज्जैन, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभागों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा बरसात धार जिले के पीथमपुर में हुई, जहां 131 मिमी पानी गिरा। इसके अलावा खंडवा के खालवा में 74 मिमी, जबकि हरदा के खिरकिया और कटनी के बिलहरी में 67 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार हो रही इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, जिससे चंबल, शहडोल और सागर संभागों में तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री तक गिर गया है। वहीं, जबलपुर और रीवा में 46 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं भी चलीं।
ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी, खंडवा रहा सबसे ठंडा
मौसम के अलग-अलग रंगों के बीच शनिवार को ग्वालियर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके विपरीत, खंडवा में रातें काफी ठंडी रहीं और यह 20 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रिकॉर्ड हुआ। इसी तरह नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 20.4 डिग्री, खरगौन में 21 डिग्री, दमोह में 21.2 डिग्री और धार में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून फिलहाल एक ही जगह पर ठहरा हुआ है, लेकिन अगले 2 से 3 दिनों में यह आगे बढ़ेगा और आखिर में ग्वालियर-चंबल के इलाके में पहुंचेगा।
आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। डिंडोरी, बालाघाट और छिंदवाड़ा जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जहां बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, खरगौन, बड़वानी, आलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, कटनी, जबलपुर, सिवनी, सीधी, रीवा और मऊगंज समेत 40 से अधिक शहरों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है, यानी इन इलाकों में भी गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
स्कूल वैन पर हमला, चालक घायल; बच्चों में मची अफरा-तफरी
28 Jun, 2026 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई। ओम नगर इलाके में बच्चों से भरी एक स्कूल वैन पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने अचानक हमला कर दिया। बदमाशों ने पहले वैन का रास्ता रोका, उस पर पथराव किया और फिर चालक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस अचानक हुए हमले से वैन के अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई और वे बुरी तरह घबरा गए। घायल चालक की पहचान बैरागढ़ चीचली निवासी अयाज खान के रूप में हुई है, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह रही कि वैन में मौजूद किसी भी बच्चे को कोई शारीरिक चोट नहीं आई है।
पुरानी रंजिश और जमीन विवाद बना वजह
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात निकलकर सामने आई है कि घायल वैन चालक अयाज खान का हमलावरों के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर कोई विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने योजना बनाकर स्कूल वैन को निशाना बनाया। जैसे ही वैन ओम नगर इलाके से गुजरी, बदमाशों ने अपनी बाइक आगे अड़ाकर उसे रोक लिया। पथराव के बाद जब चालक ने स्थिति को संभालने और बच्चों को बचाने की कोशिश की, तो बदमाशों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। स्थानीय लोगों को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी।
हमलावरों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही कोलार थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने हत्या के प्रयास (अटेंप्ट टू मर्डर) सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। सब-इस्पेक्टर जोगेंद्र नेगी के मुताबिक, फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। पुलिस घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और चश्मदीदों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
कुकरू में भक्ति में लीन हुए CM मोहन यादव, ग्रामीणों के साथ गूंजे भजन
28 Jun, 2026 07:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैतूल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने बैतूल जिले के प्रवास के दौरान कुकरू दौरे पर रहे। २७ जून को कुकरू पहुंचे मुख्यमंत्री ने वहां आयोजित विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर ‘रात्रि चौपाल’ का आयोजन किया, जिसमें गांव के हर उम्र और वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे जनता से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली, जिस पर ग्रामीणों द्वारा रखी गई मांगों को उन्होंने सहर्ष अपनी स्वीकृति प्रदान की।
भजन गाते दिखे मुख्यमंत्री
इस विशेष रात्रि चौपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक बेहद अनूठा और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने आम जनमानस के बीच बैठकर श्रद्धा भाव से 'गोविंद बोलो, हरि गोपाल बोलो...' कृष्ण भजन गाया, जिसमें उपस्थित सभी ग्रामीणों ने भी सुर में सुर मिलाया। इसी कार्यक्रम में मारूति नामक एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किए गए राष्ट्रगीत की मुख्यमंत्री ने खुले मन से सराहना की और पूरी चौपाल से तालियां बजवाकर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल और मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर सहित कई गणमान्य जन मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर प्रकट की कृतज्ञता
कुकरू के ग्रामीणों से मिले इस अपार स्नेह और आदर के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि बैतूल जिले की ग्राम पंचायत कुकरू में आयोजित 'रात्रि चौपाल' के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा और आत्मीय संवाद करने का सौभाग्य मिला, साथ ही एक ग्रामीण परिवार के आवास पर अत्यंत स्नेहपूर्ण माहौल में भोजन ग्रहण किया।
जनता का आशीर्वाद ही असली पूंजी
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा कि ग्रामीण अंचल की सादगी, निश्छल आत्मीयता और इस अपार प्रेम ने उनके हृदय को गहराई से छू लिया है। उन्होंने रेखांकित किया कि जनता का यही अटूट विश्वास, अपनापन और मिला हुआ आशीर्वाद ही उनके लिए जनसेवा की सबसे बड़ी पूंजी है, जो उन्हें निरंतर जनहित में आगे बढ़ने की ऊर्जा देती है। उन्होंने इस अभूतपूर्व स्वागत और स्नेह के लिए कुकरू के समस्त ग्रामवासियों का दिल से आभार व्यक्त किया।
AIIMS भोपाल की शानदार उपलब्धि, विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग में दूसरा स्थान पाकर किया गौरवान्वित
27 Jun, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल ने चिकित्सा अनुसंधान (मेडिकल रिसर्च) और विज्ञान के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व और गौरवान्वित करने वाली वैश्विक उपलब्धि अपने नाम की है। प्रतिष्ठित वैश्विक संस्था 'एडी साइंटिफिक इंडेक्स वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में वर्ष 2025 से 2026 के बीच पूरे भारत में सबसे तीव्र गति से प्रगति करने वाले शीर्ष 10 संभ्रांत संस्थानों में एम्स भोपाल को देश भर में दूसरा (2nd) स्थान प्राप्त हुआ है। संस्थान ने अपनी उत्कृष्ट शोध प्रणाली के दम पर वैश्विक पायदान पर 1,235 स्थानों की एक लंबी और ऐतिहासिक छलांग लगाई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान की साख को बेहद मजबूत किया है।
इंडेक्स में चमके एम्स भोपाल के 183 वैज्ञानिक, अनुसंधान और उद्धरणों में एशिया स्तर पर जमाई धाक
एडी साइंटिफिक इंडेक्स द्वारा जारी विस्तृत आंकड़ों के मुताबिक, एम्स भोपाल के कुल 183 मूर्धन्य वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को इस प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में जगह दी गई है। संस्थान के शोध स्तर की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से 2 शीर्ष वैज्ञानिक दुनिया के टॉप 10 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शुमार हैं। इसके अतिरिक्त, 31 वैज्ञानिक शीर्ष 30 प्रतिशत में, 66 वैज्ञानिक शीर्ष 50 प्रतिशत में और 139 वैज्ञानिक दुनिया के शीर्ष 70 प्रतिशत शोधकर्ताओं की विशिष्ट सूची में अपना स्थान बनाने में सफल रहे हैं।
कुल वैज्ञानिक उद्धरणों (साइटेशन्स) के संचयी आधार पर एम्स भोपाल की वैश्विक रैंकिंग 3,591वीं है, जबकि पूरे एशिया महाद्वीप में संस्थान 1,358वें और भारत के सभी वैज्ञानिक संस्थानों में 290वें स्थान पर काबिज है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शुद्ध 'खोज आधारित रैंकिंग' (इन्वेंशन एंड डिस्कवरी ओरिएंटेड इंडेक्स) में एम्स भोपाल ने समूचे भारत में प्रथम स्थान (Rank 1) प्राप्त कर देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों को पीछे छोड़ दिया है।
आम मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ, विकसित होंगी अत्याधुनिक उपचार पद्धतियां
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एम्स भोपाल की यह अकादमिक और वैज्ञानिक सफलता केवल कागजों या प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा और दूरगामी लाभ अस्पताल में आने वाले आम और गंभीर मरीजों को मिलेगा। उच्च स्तरीय शोध के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में नई और कम खर्चीली उपचार पद्धतियां विकसित होंगी। इससे जटिल बीमारियों की प्रारंभिक स्तर पर ही सटीक पहचान (डायग्नोसिस) करना और उनका लक्षित इलाज करना कहीं अधिक प्रभावी और सुलभ हो जाएगा। साथ ही, दुनिया की सबसे आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का सीधा लाभ क्षेत्रीय और गरीब मरीजों तक आसानी से पहुंच सकेगा।
समर्पित टीम, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की सामूहिक लगन का मीठा फल: प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर
संस्थान की इस स्वर्णिम सफलता पर गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने कहा कि यह ऐतिहासिक गौरव संस्थान के समर्पित वैज्ञानिकों, वरिष्ठ शिक्षकों, युवा शोधकर्ताओं और मेधावी विद्यार्थियों के दिन-रात के कड़े परिश्रम, अटूट प्रतिबद्धता और सामूहिक प्रयास का ही सुखद परिणाम है।
उन्होंने संस्थान के विजन को रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि एम्स भोपाल का मुख्य उद्देश्य केवल अकादमिक शोध करना नहीं, बल्कि ऐसे व्यावहारिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है जिसका उपयोग सीधे तौर पर मरीजों के क्लीनिकल इलाज में किया जा सके और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को इसका लाभ मिले। यह वैश्विक सम्मान भविष्य में संस्थान को और अधिक उच्च स्तरीय एवं मानवतावादी अनुसंधान करने के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा देगा।
कृष्ण मंदिर के सामने 37 ताजियों की सलामी, दतिया से देश को मिला एकता और सौहार्द का संदेश
27 Jun, 2026 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया जिले के ऐतिहासिक भांडेर कस्बे से गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की एक बेहद खूबसूरत और दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां मुहर्रम के पवित्र और संवेदनशील अवसर पर सदियों पुरानी एक ऐसी परंपरा निभाई जा रही है, जो आज के दौर में भी देश के लिए सामाजिक समरसता की एक अनूठी मिसाल है। मुहर्रम के जुलूस के दौरान कुल 37 भव्य ताजियों ने शहर के सुप्रसिद्ध और प्राचीन श्री चतुर्भुज नारायण मंदिर के मुख्य द्वार पर रुककर भगवान को पारंपरिक रूप से नमन और सलामी दी। इस पावन मौके पर मंदिर के मुख्य पुजारियों और वहां उपस्थित हिंदू श्रद्धालुओं ने भी आगे बढ़कर अगाध श्रद्धा के साथ ताजियों का स्वागत किया और उन पर फूलमालाएं अर्पित कीं। पिछले दो सौ सालों से निरंतर चली आ रही यह अद्वितीय रीत आज भी दोनों समुदायों के दिलों को जोड़ने का सबसे मजबूत सेतु बनी हुई है।
पारंपरिक मार्ग पर गूंजी सौहार्द की गूंज, श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत
स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भांडेर कस्बे में शुक्रवार की रात जब मुहर्रम का मुख्य मातमी जुलूस अपने तयशुदा पारंपरिक रास्तों से गरिमापूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा था, तभी एक बेहद भावुक कर देने वाला क्षण आया। जैसे ही ढोल-ताशों के साथ जुलूस प्रसिद्ध चतुर्भुज नारायण मंदिर के प्रांगण के सामने पहुंचा, वैसे ही अखाड़े के उस्तादों और ताजीदारों ने अपने कदम रोक दिए।
सभी 37 ताजियों को सम्मानपूर्वक मंदिर के गर्भगृह के ठीक सामने कतारबद्ध किया गया और वहां भगवान चतुर्भुज नारायण को पारंपरिक सलामी (एहतराम) पेश की गई। इस पावन दृश्य को देखने के लिए मंदिर परिसर में भारी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे। मंदिर के पुजारियों ने बिना किसी भेदभाव के पूरी आत्मीयता से जुलूस की अगवानी की और ताजियों पर सादर पुष्पवर्षा की।
दो सदियों का गौरवशाली इतिहास, आस्था और भाईचारे का जीवंत संगम
यह विहंगम दृश्य महज एक औपचारिकता या वार्षिक धार्मिक रस्म नहीं है, बल्कि यह इस क्षेत्र के रग-रग में बसे आपसी प्रेम, अटूट विश्वास और अखंड सामाजिक एकता का सबसे बड़ा और जीवंत संदेश है। यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों के लोग बिना किसी झिझक के एक-दूसरे के धार्मिक त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हैं।
इतिहासकारों और बुजुर्गों के मुताबिक, भांडेर की यह गौरवशाली परंपरा लगभग दो शताब्दियों (200 वर्ष) से भी अधिक पुरानी है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी आज के युवा भी इसे पूरी शिद्दत से निभा रहे हैं।
सोंतलाई तालाब से जुड़ा है मंदिर का इतिहास, मुस्लिम परिवार ने कराई थी स्थापना
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और जानकारों ने बताया कि इस पावन चतुर्भुज नारायण मंदिर की आधारशिला का इतिहास ही पूरी तरह से हिंदू-मुस्लिम एकता की नींव पर टिका हुआ है। लोक मान्यताओं के अनुसार, सैकड़ों वर्ष पहले कस्बे के ऐतिहासिक सोंतलाई तालाब की खुदाई और सफाई के दौरान भगवान चतुर्भुज नारायण की एक अत्यंत चमत्कारी और प्राचीन दिव्य प्रतिमा वहां के एक स्थानीय मुस्लिम 'हजारी परिवार' के पूर्वजों को प्राप्त हुई थी।
मूर्ति मिलने के बाद उस मुस्लिम परिवार ने पूरे आदर और पवित्रता के साथ वैदिक रीति-रिवाज से मंदिर की स्थापना करवाई थी। सिर्फ इतना ही नहीं, मंदिर के दैनिक खर्चों, भोग और सुचारू रखरखाव के लिए हजारी परिवार ने अपनी मर्जी से कई बीघा कीमती कृषि भूमि भी मंदिर ट्रस्ट को दान में दे दी थी, जो आज भी मंदिर के नाम पर दर्ज है।
आजादी के पहले का वो किस्सा, जो आज भी दिलों को जोड़ता है
कस्बे के वयोवृद्ध लोग बताते हैं कि देश की आजादी से पहले का एक नियम था कि जब भी मंदिर से भगवान की कोई भव्य रथयात्रा या धार्मिक जुलूस निकलता था, तो वह रथ तब तक आगे नहीं बढ़ता था, जब तक कि हजारी परिवार का कोई मुखिया या वरिष्ठ सदस्य वहां आकर अपनी उपस्थिति दर्ज न करा दे।
इसी परंपरा से जुड़ा एक बेहद मार्मिक संस्मरण आज भी लोगों की जुबान पर है। एक बार इस हजारी परिवार में केवल एक बुजुर्ग महिला ही शेष बची थीं, जो गंभीर बीमारी के कारण चलने-फिरने में पूरी तरह लाचार थीं और बिस्तर पर थीं। परंपरा टूटने के डर से उस समय पूरे कस्बे के हिंदू भाई एकजुट हुए और उन्होंने उस मुस्लिम बुजुर्ग महिला को पूरे सम्मान के साथ पालकी में बैठाकर मंदिर परिसर तक पहुंचाया। महिला द्वारा भगवान को नमन करने और अपना आशीर्वाद देने के बाद ही वह धार्मिक आयोजन आगे बढ़ सका था। यही कारण है कि आज भी जब मुहर्रम पर ताजिए निकलते हैं, तो वे मंदिर के सामने रुककर उस पुराने कर्ज और फर्ज को सलाम करना नहीं भूलते।
बदबू ने खोला मौत का राज, बंद घर से पति-पत्नी के शव मिलने से सनसनी
27 Jun, 2026 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है, जहां सुदामा नगर स्थित एक रिहायशी मकान से बुजुर्ग पति-पत्नी के शव संदिग्ध अवस्था में बरामद किए गए हैं। इस दोहरे शव मिलने की घटना से समूचे क्षेत्र में दहशत और सन्नाटा पसर गया है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत वैधानिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के निवासियों, करीबियों और रिश्तेदारों से गहन पूछताछ कर जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त थे दोनों बुजुर्ग
यह दर्दनाक वाकया राजधानी के ऐशबाग थाना इलाके का है, जहां हेमंत बारीक (64 वर्ष) अपनी पत्नी शकुंतला बारीक (62 वर्ष) के साथ सुदामा नगर में निवास करते थे। हेमंत बारीक भारतीय रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे, जबकि उनकी पत्नी शकुंतला कस्तूरबा अस्पताल में नर्स के पद से रिटायर हुई थीं। इस वृद्ध दंपती ने अपने मकान का एक हिस्सा छात्रों को किराए पर दे रखा था और दूसरे हिस्से में दोनों अकेले रहते थे, क्योंकि उनका इकलौता बेटा अपने परिवार के साथ सुदूर विदेश में रहता है। पुलिस प्रशासन अब विदेश में रह रहे उनके बेटे से संपर्क साधने की कोशिशों में जुटा है।
कमरे से दुर्गंध आने पर खुला खौफनाक राज
मकान के दूसरे हिस्से में रहने वाले किराएदार छात्रों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पिछले दो दिनों से मकान मालिक बुजुर्ग दंपती को घर से बाहर आते-जाते नहीं देखा था। शुक्रवार की शाम को जब उस बंद हिस्से से अचानक अत्यधिक तेज बदबू आने लगी, तो छात्रों ने अनहोनी की आशंका के चलते तुरंत ऐशबाग थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब घर का मुख्य दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। दोनों बुजुर्गों के शव कमरे के भीतर क्षत-विक्षत होकर सड़ने लगे थे, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मौत दो-तीन दिन पहले ही हो चुकी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिसिया तफ्तीश पर टिकी निगाहें
फॉरेंसिक विशेषज्ञों और पुलिस ने घटना स्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों और समय का सटीक पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी आपराधिक साजिश है। फिलहाल पुलिस हर संभावित कूट और एंगल्स को ध्यान में रखकर मामले की तह तक जाने के लिए करीबियों से लगातार पूछताछ कर रही है।
पत्नी और दो बेटों की हत्या के बाद पति ने की आत्महत्या, मुरैना की घटना से इलाके में शोक
27 Jun, 2026 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना: मध्य प्रदेश के चंबल अंचल के मुरैना जिले से एक दिल दहला देने वाली सामूहिक हत्या और आत्महत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक व्यक्ति ने मानसिक तनाव और आपसी विवाद के चलते हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने अपनी पत्नी और दो सगे मासूम बेटों की कुल्हाड़ी से बेरहमी से काटकर हत्या कर दी। इस तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद भी रेलवे ट्रैक पर जाकर ट्रेन के आगे छलांग लगा दी, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। एक ही परिवार के चार लोगों की इस तरह हुई दर्दनाक मौत से समूचे इलाके में मातम पसर गया है। स्थानीय पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है और मामले की सघन तफ्तीश शुरू कर दी है।
किशनपुर गांव में पसरा सन्नाटा, रेलवे फाटक के पास मिला पति का शव
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह रूह कँपा देने वाली घटना माताबसैया थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किशनपुर की है। गांव के निवासी बलराम सिंह कुशवाहा (उम्र 35 वर्ष) का अपनी पत्नी रविता कुशवाहा (उम्र 32 वर्ष) से किसी बात को लेकर गहरा विवाद चल रहा था। विवाद इस कदर बढ़ा कि बलराम ने घर में रखी कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी रविता और अपने दो मासूम बच्चों, आरव और देबू पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। कुल्हाड़ी के गहरे घाव लगने के कारण तीनों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
अपराध बोध या पकड़े जाने के डर से आरोपी बलराम तुरंत घर से भागा और गांव के ही समीप स्थित शिकारपुर रेलवे फाटक के पास पहुंच गया। वहां जैसे ही एक तेज रफ्तार ट्रेन गुजरी, उसने उसके सामने कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सुबह जब ग्रामीणों को इस सामूहिक मौत की भनक लगी, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
बाहर से बंद था मुख्य दरवाजा, अंदर का नजारा देख कांप उठे ग्रामीण
वारदात की सूचना मिलते ही माताबसैया थाना प्रभारी विवेक तोमर भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक (FSL) विशेषज्ञों की टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। थाना प्रभारी ने बताया कि यह पूरी वारदात घर के अंदरूनी आंगन में अंजाम दी गई है। आरोपी का मकान चारों तरफ से ऊंची बाउंड्रीवॉल से घिरा हुआ है।
शनिवार सुबह जब काफी देर तक घर का मुख्य चैनल गेट बाहर से बंद रहा और भीतर से कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों को किसी अनहोनी की शंका हुई। जब कुछ ग्रामीणों ने दीवार के सहारे अंदर झांककर देखा तो अंदर का मंजर बेहद खौफनाक था। आंगन में रविता और उसके दोनों मासूम बच्चों के शव खून से लथपथ हालत में पड़े हुए थे, जिसके बाद तुरंत पुलिस को आपातकालीन सूचना दी गई।
डांस वीडियो वायरल होने के बाद एक महीने से सुलग रही थी विवाद की आग
पुलिस की शुरुआती और पारिवारिक पूछताछ में इस भयानक कदम के पीछे की जो मुख्य वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले गांव में आयोजित एक भागवत कथा के दौरान पत्नी रविता ने महिलाओं के साथ डांस किया था। वहां मौजूद कुछ स्थानीय लड़कों ने उस मोबाइल पर डांस का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे व्हाट्सएप ग्रुप्स व सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
जब यह वीडियो पति बलराम के पास पहुंचा, तो उसने इसे अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा के खिलाफ माना। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच पिछले एक महीने से लगातार तीखा विवाद और मानसिक तनाव चल रहा था। मनमुटाव बढ़ने पर रविता नाराज होकर अपने मायके चली गई थी। परिजनों की समझाइश के बाद वह महज तीन दिन पहले ही वापस अपने ससुराल किशनपुर लौटी थी, लेकिन बलराम के दिमाग में चल रही सनक शांत नहीं हुई थी और उसने इस खौफनाक सामूहिक हत्याकांड को अंजाम दे डाला। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
मोहर्रम की रात दर्दनाक हादसा, फायर स्टंट के दौरान युवक गंभीर रूप से झुलसा
27 Jun, 2026 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में मोहर्रम की शहर गश्त के दौरान हैरतअंगेज स्टंट दिखाने का प्रयास एक नौजवान के लिए बेहद खतरनाक साबित हुआ। जलती हुई मशाल के आगे मुंह से पेट्रोल की फूंक मारकर आग का गुबार उड़ाने के दौरान अचानक लपटें युवक के मुंह के भीतर तक समा गईं। इस खौफनाक हादसे के होते ही आयोजन स्थल पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। दिल दहला देने वाली इस पूरी घटना का एक वीडियो इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी तेजी से प्रसारित हो रहा है।
गढ़ी मोहल्ला में पारंपरिक गश्त के दौरान हादसा
यह दर्दनाक वाकया जिले के गढ़ी मोहल्ला क्षेत्र में मोहर्रम के जुलूस और पारंपरिक गश्त के दौरान घटित हुआ, जहां प्रदर्शन के लिए एक बड़ी मशाल प्रज्वलित की गई थी। इसी बीच कुछ उत्साही युवक आग के साथ जोखिमभरे स्टंट कर रहे थे, जिसमें एक युवक अपने मुंह में पेट्रोल भरकर मशाल की तरफ तेज फूंक मारते हुए आग उगलने का हुनर दिखा रहा था। उसने दो-तीन बार तो यह सफलतापूर्वक कर दिखाया, किंतु चौथी बार जैसे ही उसने पेट्रोल की फूंक मारी, आग ने उलटी दिशा पकड़ ली और सीधे उसके मुंह के अंदर चली गई, जिससे उसका चेहरा और गला लपटों की चपेट में आ गया।
गंभीर रूप से झुलसे युवक को जबलपुर किया गया रेफर
वहां उपस्थित प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत युवक के शरीर पर लगी बाहरी आग को शांत किया, परंतु मुंह के भीतर पेट्रोल चले जाने के कारण वह अंदरूनी रूप से काफी गंभीर रूप से झुलस गया और असहनीय दर्द से तड़पने लगा। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक चिकित्सा देने के बाद युवक की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे त्वरित और बेहतर इलाज के लिए जबलपुर के उच्च चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित (रेफर) कर दिया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार किया जा रहा है।
हादसे का वीडियो वायरल और स्टंट के खतरों की चेतावनी
जुलूस में शामिल कई लोग इस प्रदर्शन को देख रहे थे और कुछ युवाओं ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और सुरक्षित रहने की अपील कर रहे हैं। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर त्योहारों या सार्वजनिक आयोजनों के दौरान बिना सुरक्षा मानकों के किए जाने वाले ऐसे जानलेवा और अग्नि संबंधी खतरनाक स्टंटों के बड़े जोखिम को लेकर समाज के सामने एक गंभीर चेतावनी पेश की है।
बैतूल दौरे पर सीएम मोहन यादव, कुकरू गांव में रुककर सुनेंगे ग्रामीणों की समस्याएं
27 Jun, 2026 10:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैतूल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे कुकरू पहुंचने के बाद वे सबसे पहले वहां के विख्यात सनसेट पॉइंट का दीदार करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री स्थानीय ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाली रात्रि चौपाल का हिस्सा बनेंगे, जहां वे ग्रामीण जनता से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को सुनेंगे और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद भी लेंगे। मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम भी कुकरू के नैसर्गिक वातावरण में ही तय किया गया है।
सुबह का ध्यान और स्थानीय विकास कार्यों का जायजा
अगले दिन यानी 28 जून की सुबह मुख्यमंत्री सनराइज और बुच पॉइंट पर जाकर योग एवं मेडिटेशन के साथ अपने दिन की शुरुआत करेंगे। इसके बाद वे क्षेत्र के विकास में जुटी स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आत्मनिर्भर गतिविधियों का अवलोकन करेंगे, पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और कुकरू की पहचान माने जाने वाले कॉफी प्लांटेशन (कॉफी के बागानों) का जमीनी निरीक्षण करेंगे।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उच्च स्तरीय मंथन
फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री पर्यटन विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें कुकरू क्षेत्र को एक बड़े पर्यटन हब के रूप में स्थापित करने के लिए होम स्टे योजना, एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म और कॉफी टूरिज्म को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर गहन मंथन होने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले मोटे अनाज कोदो-कुटकी की ब्रांडिंग करने तथा क्षेत्र में पेयजल संकट को दूर करने वाली योजनाओं को लेकर भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों से मुलाकात, मन की बात और प्रशासनिक मुस्तैदी
दोपहर के सत्र में मुख्यमंत्री सुबह 10:00 बजे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भेंट कर क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसके बाद वे पूर्वाह्न 11:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के सामूहिक प्रसारण को सुनेंगे और दोपहर 12:10 बजे राजधानी भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री के इस बेहद खास दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने कुकरू में अस्थाई हेलीपैड का निर्माण कराने सहित चौपाल और अन्य सभा स्थलों पर सुरक्षा एवं स्वागत की सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली हैं।
MD-MS के बाद भी बेरोजगार! MP के 86 डॉक्टरों की डिग्री फंसी, जानिए पूरा मामला
27 Jun, 2026 10:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां राज्य के 86 डॉक्टरों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र और डिग्रियां सरकारी विभागों के पास 'बंधक' बनी हुई हैं। एक तरफ जहां प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के आधे से अधिक पद रिक्त पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ मूल डिग्रियां न मिलने के कारण इन योग्य डॉक्टरों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रशासनिक गतिरोध के चलते किसी को अपना बैंक लोन चुकाने में भारी परेशानी हो रही है, तो किसी का विवाह तक टल गया है।
डॉक्टरों की आपबीती और मूल दस्तावेज अटकने का संकट
सेना की चिकित्सा विंग में अपनी सेवाएं देने के बाद भोपाल वापस आए मेजर डॉ. यश श्रीवास्तव ने अपनी व्यथा साझा की है। उन्होंने बताया कि शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के जरिए सेना में सेवा देने के बाद कुछ पारिवारिक कारणों से उन्हें वापस लौटना पड़ा। उन्होंने दिसंबर 2025 में जनरल सर्जरी में एमएस (मास्टर्स ऑफ सर्जरी) की डिग्री पूरी की थी। नियमानुसार, दाखिले के समय उनसे ग्रामीण क्षेत्रों में अनिवार्य सेवा देने का एक शासकीय बॉन्ड भरवाया गया था, परंतु कोर्स पूरा होने के बाद भी सरकार द्वारा उन्हें कहीं पोस्टिंग नहीं दी गई। विडंबना यह है कि इस बॉन्ड के चक्कर में उनकी 10वीं, 12वीं और एमबीबीएस जैसी पिछली सभी मूल डिग्रियां भी चिकित्सा शिक्षा विभाग के पास जमा हैं, जिसके अभाव में वे मध्य प्रदेश या देश के किसी भी अन्य राज्य में प्रैक्टिस या नौकरी करने में पूरी तरह असमर्थ हैं, क्योंकि इसके लिए चिकित्सा संचालनालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की अनिवार्यता होती है।
लोन की ईएमआई और शादी रुकने की बड़ी परेशानी
पीड़ित डॉक्टरों के अनुसार, इस प्रशासनिक शिथिलता का उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। डॉ. यश ने बताया कि उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के लिए बैंक से एक बड़ा लोन लिया था, लेकिन नौकरी न मिल पाने के कारण अब वे उसकी मासिक किस्त (ईएमआई) चुकाने की स्थिति में भी नहीं हैं। इसके अलावा, मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र पास में न होने से उनके कई सहकर्मियों के वैवाहिक संबंध तक टूट रहे हैं या अटक गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वे देश में जहां कहीं भी रोजगार या निजी अस्पतालों में साक्षात्कार के लिए जाते हैं, वहां सबसे पहले मूल दस्तावेजों की मांग की जाती है, जिन्हें प्रस्तुत न कर पाने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ता है।
विभागों की आपसी खींचतान और अदालती आदेश
इस गंभीर संवेदनशील मामले पर सरकारी महकमों में आपसी तालमेल का घोर अभाव देखने को मिल रहा है। चिकित्सा शिक्षा विभाग का तर्क है कि बॉन्ड और पोस्टिंग से जुड़ा यह पूरा मामला सीधे तौर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस प्रशासनिक खींचतान के बीच सरकार की ओर से अभी तक कोई भी आधिकारिक स्पष्टीकरण या राहत भरा बयान सामने नहीं आया है। अपनी डिग्रियों की वापसी के लिए संघर्ष कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि इस विषय पर उच्च न्यायालय का भी स्पष्ट दिशा-निर्देश है, जिसके तहत यदि किसी डॉक्टर को कोर्स पूरा होने के बाद तीन महीने के भीतर बॉन्ड आधारित सरकारी पोस्टिंग नहीं दी जाती है, तो वह बॉन्ड स्वतः ही निरस्त माना जाएगा। इसके बावजूद अधिकारी डिग्रियां लौटाने में आनाकानी कर रहे हैं।
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, मध्य प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में बारिश की चेतावनी
27 Jun, 2026 07:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने के साथ ही प्रदेश भर में झमाझम बारिश का दौर जारी है। बीते शुक्रवार को राज्य के बालाघाट और विदिशा जिलों में जोरदार बरसात दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त इंदौर संभाग के झाबुआ और आलीराजपुर जिलों को छोड़ दिया जाए, तो उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और जबलपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में बिजली चमकने और बादलों की गर्जना के साथ बौछारें पड़ीं। इस दौरान वारासिवनी क्षेत्र में राज्य की सर्वाधिक 74.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि इंदौर शहर में 44 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से हवाएं चलीं।
बीते 24 घंटों के दौरान मौसम का हाल
पिछले एक दिन के भीतर प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में मानसूनी बादलों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे शहडोल संभाग में पारा सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया। मौसम के आंकड़ों के अनुसार पठारी में 65.6 मिमी, सिरोंज में 53 मिमी, आमला में 48 मिमी, सोनकच्छ में 47 मिमी और नर्मदापुरम में 46.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में छतरपुर का नौगांव कस्बा 41.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि खंडवा में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बना। इसके अलावा पचमढ़ी में 20.6 डिग्री, खरगोन और दमोह में 20.8 डिग्री, सागर में 20.9 डिग्री तथा अनूपपुर के अमरकंटक में रात का पारा 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
आगामी दिनों के लिए मौसम का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसमी परिस्थितियों में कोई बड़ा फेरबदल होने के आसार नहीं हैं। हालांकि, अगले तीन दिनों के दौरान वायुमंडल में बदलाव के कारण दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की आंशिक वृद्धि देखी जा सकती है। मौसम केंद्र ने देवास, डिंडोरी, छिंदवाड़ा और सागर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जहां बादलों की गड़गड़ाहट के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की आशंका है।
विभिन्न जिलों के लिए अलर्ट और शुष्क क्षेत्र
मौसम विभाग ने राज्य के लगभग 40 जिलों में आगामी समय के लिए वर्षा की चेतावनी जारी की है, जिनमें प्रमुख रूप से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, रतलाम, जबलपुर, कटनी, सतना, अनूपपुर, शहडोल, दमोह और पन्ना शामिल हैं। इन क्षेत्रों के निवासियों को आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके विपरीत, चंबल और ग्वालियर संभाग के कुछ हिस्सों जैसे शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में फिलहाल मौसम के शुष्क बने रहने की संभावना जताई गई है, जहां मानसून की सक्रियता अभी थोड़ी धीमी है।
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