मध्य प्रदेश
सबलगढ़ में कानून-व्यवस्था पर सवाल, कुछ ही घंटों में लूट और छेड़छाड़ की घटनाएं
2 Jul, 2026 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सबलगढ़:मध्य प्रदेश के सबलगढ़ कस्बे में बुधवार की रात महज दो घंटे के भीतर लूट, छेड़छाड़ और सरेराह मारपीट की दो सनसनीखेज वारदातों से पूरा इलाका दहल उठा है। इन बैक-टू-बैक घटनाओं ने स्थानीय कानून-व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने दूसरी वारदात को सीधे सबलगढ़ थाने के ठीक सामने अंजाम दिया। बदमाशों ने बीच सड़क पर एक दंपती को रोककर महिला के साथ अभद्रता की, विरोध करने पर पति को लहूलुहान कर दिया और जेवरात लेकर चंपत हो गए। हालांकि, वारदात के दौरान गिरे अपने मोबाइल को वापस लेने आए एक आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। इन दोनों घटनाओं के बाद से स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है।
जन्मदिन की पार्टी में जा रही महिला और देवर से पहली लूट
क्राइम ग्राफ की शुरुआत बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे हुई, जब एक महिला अपने देवर के साथ एक पारिवारिक जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने जा रही थी। रास्ते में घात लगाए बैठे सात से आठ नकाबपोश बदमाशों ने अचानक उनकी मोटरसाइकिल को घेर लिया। इससे पहले कि दोनों कुछ समझ पाते, आरोपियों ने लाठी-डंडों से देवर पर हमला बोल दिया और उसे बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने महिला को हथियारों के बल पर डराकर उसके गले से सोने की चेन, मंगलसूत्र, कान की बालियां और पर्स में रखे करीब बीस हजार रुपये नकद लूट लिए और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।
सबलगढ़ थाने के ठीक सामने दंपती से बर्बरता और छेड़छाड़
पहली वारदात के बाद जब पुलिस इलाके में गश्त का दावा कर रही थी, ठीक उसी के डेढ़ घंटे बाद यानी रात करीब नौ बजे अपराधियों ने सीधे पुलिस को चुनौती दे डाली। सबलगढ़ थाने के मुख्य गेट के सामने से गुजर रहे एक अन्य दंपती को पांच से अधिक बदमाशों ने जबरन रोक लिया। आरोपियों ने महिला के साथ सरेआम छेड़छाड़ और बेहद अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। जब पति ने अपनी पत्नी की अस्मत बचाने के लिए बदमाशों का कड़ा विरोध किया, तो उन्होंने उसे घेरकर लात-घूंसों और डंडों से जमकर पीटा। इसके बाद बदमाश महिला का मंगलसूत्र व नकदी छीनकर वहां से फरार हो गए।
मोबाइल लेने लौटे आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिसिया तफ्तीश
थाने के सामने हुई इस वारदात के दौरान आपाधापी में एक बदमाश का मोबाइल फोन वहीं जमीन पर गिर गया, जिसे पीड़ित महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत उठाकर अपने पास सुरक्षित रख लिया। वारदात को अंजाम देकर भागने के कुछ ही देर बाद जब एक आरोपी अपना कीमती मोबाइल फोन वापस ढूंढने के लिए घटना स्थल पर लौटा, तो वहां पहले से मौजूद पीड़ित परिवार और पुलिस कर्मियों ने उसे पहचान कर रंगे हाथों दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी से पुलिस फिलहाल कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि उसके फरार साथियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके।
कस्बे में दहशत का माहौल और सुरक्षा पर उठते सवाल
महज दो घंटे के भीतर एक ही ढर्रे पर हुई इन दोनों बड़ी वारदातों से पूरे सबलगढ़ कस्बे के नागरिक सहमे हुए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को आशंका है कि दोनों ही घटनाओं के पीछे किसी एक ही शातिर और स्थानीय गिरोह का हाथ है, जो योजनाबद्ध तरीके से राहगीरों को निशाना बना रहा है। स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों का साफ तौर पर कहना है कि जब सुरक्षित माने जाने वाले पुलिस थाने के ठीक सामने ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और सरेआम डकैती पड़ रही है, तो शहर के बाकी सुदूर इलाकों में आम नागरिकों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें रवाना कर दी हैं।
डिंडोरी में मिसाल बने गांववाले, अपने दम पर खड़ा कर रहे बच्चों का स्कूल
2 Jul, 2026 11:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डिंडोरी (मध्य प्रदेश):मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल डिंडोरी जिले के समनापुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाला शिकारीटोला गांव इन दिनों अपनी एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहाँ के ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकारी व्यवस्था का लंबा इंतजार छोड़ते हुए अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य की जिम्मेदारी अब पूरी तरह अपने कंधों पर उठा ली है। हर घर से 500 रुपये की आर्थिक मदद (चंदा) जुटाने और आपसी श्रमदान के जरिए गांव के लोग मिलकर खुद ही एक नए स्कूल भवन का निर्माण कर रहे हैं। यह कहानी सिर्फ एक पाठशाला के निर्माण की नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों के मजबूत संकल्प और आत्मनिर्भरता की एक जीती-जागती मिसाल है।
जर्जर भवन टूटने के बाद मकान में पढ़ाई की मजबूरी
समनापुर विकासखंड के शिकारीटोला गांव की शासकीय प्राथमिक शाला का पुराना भवन समय के साथ पूरी तरह जर्जर और खंडहर में तब्दील हो चुका था। नौनिहालों के सिर पर मंडराते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कुछ समय पहले उस पुराने भवन को जमींदोज तो कर दिया, लेकिन उसके स्थान पर नए भवन की स्वीकृति या निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया। इस प्रशासनिक ढिलाई के कारण पिछले कुछ वर्षों से गांव के ही एक नागरिक के छोटे से निजी मकान में स्कूल का संचालन किया जा रहा है, जहां वर्तमान में 52 मासूम बच्चे बेहद तंग जगह में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
आश्वासनों से थककर ग्रामीणों ने खुद उठाया फावड़ा
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों की इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तक गुहार लगाई और नए स्कूल भवन के निर्माण की मांग की। हालांकि, हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही हाथ लगे और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, व्यवस्था की इस घोर लापरवाही और लेत-लतीफी से तंग आकर गांव वालों ने सामूहिक रूप से यह बड़ा फैसला लिया कि वे अब अपने बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य को व्यवस्था की भेंट नहीं चढ़ने देंगे। इसके बाद पूरे गांव ने एकजुट होकर खुद ही फावड़ा और तसला उठा लिया।
हर घर से सहयोग और सामूहिक श्रमदान की मिसाल
बच्चों को एक सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल देने की इस मुहिम में गांव का हर एक व्यक्ति बढ़-चढ़कर अपना योगदान दे रहा है। अपनी सीमित आर्थिक स्थिति के बावजूद बच्चों के भविष्य को सर्वोपरि रखते हुए गांव के प्रत्येक परिवार ने स्वेच्छा से 500-500 रुपये की राशि एकत्रित की है। इस राशि से निर्माण सामग्री खरीदी जा रही है, जबकि मजदूरी के खर्च को बचाने के लिए गांव की महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी मिलकर सुबह से शाम तक निर्माण कार्य में हाथ बंटा रहे हैं। ग्रामीणों का केवल एक ही साझा लक्ष्य है कि बारिश और धूप से बचकर उनके बच्चे एक सुरक्षित छत के नीचे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
भोपाल-नोएडा एयर कनेक्टिविटी को मिली नई उड़ान, देखें किराया और उड़ान का समय
2 Jul, 2026 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी के हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से नोएडा के नवनिर्मित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए सीधी और नियमित उड़ान सेवा बुधवार से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। इस नई हवाई सेवा के शुरू होने से न केवल नोएडा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर (NCR) के अंतर्गत आने वाले गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, मेरठ और बुलंदशहर जैसे कई प्रमुख शहरों की यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। माना जा रहा है कि इस रूट के चालू होने से दिल्ली के मुख्य हवाई अड्डे (IGI) पर भी एयर ट्रैफिक का दबाव कुछ कम होगा। हालांकि, शुरुआत के पहले दिन पैसेंजर्स की संख्या थोड़ी कम रही; नोएडा से केवल 9 यात्री भोपाल पहुंचे, जबकि भोपाल से 36 यात्रियों ने नोएडा के लिए उड़ान भरी।
राजा भोज एयरपोर्ट पर वाटर सैल्यूट से हुआ भव्य स्वागत
इस रूट पर सीधी और नियमित उड़ान सेवा की शुरुआत निजी विमानन कंपनी इंडिगो एयरलाइंस (Indigo Airlines) द्वारा की गई है। बुधवार को इंडिगो की पहली फ्लाइट (उड़ान संख्या 6E-7653) अपने निर्धारित समय शाम 6:50 बजे जैसे ही भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर लैंड हुई, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने दोनों शहरों के बीच नए हवाई कनेक्शन के जश्न में विमान का 'वाटर सैल्यूट' (Water Salute) देकर भव्य स्वागत किया। एयरलाइंस द्वारा वर्तमान में इस मार्ग पर 72 सीटों वाला एटीआर (ATR) विमान संचालित किया जा रहा है।
फ्लाइट का समय और उड़ानों का शेड्यूल
यात्रियों की सुविधा के लिए इस नियमित फ्लाइट का समय शाम और रात के स्लॉट में रखा गया है। तय शेड्यूल के मुताबिक:
यह विमान प्रतिदिन शाम 5:20 बजे नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरेगा और शाम 6:50 बजे भोपाल पहुंचेगा।
इसके बाद, यही विमान शाम 7:10 बजे भोपाल से वापस नोएडा के लिए रवाना होगा और रात 9:25 बजे जेवर एयरपोर्ट पर लैंड करेगा।
शुरुआती किराया और टिकट की दरें
विभिन्न ट्रैवल पोर्टल्स और ऑनलाइन बुकिंग वेबसाइटों के अनुसार, भोपाल से जेवर (नोएडा) के लिए शुरुआती वन-वे हवाई टिकट की कीमत लगभग ₹9,168 तय की गई है। हालांकि, विमानन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यह बेस फेयर है और इसमें यात्रा की तारीख, सीटों की उपलब्धता तथा बुकिंग के समय (एडवांस बुकिंग) के आधार पर बदलाव देखने को मिल सकता है।
पुलिस एस्कॉर्ट के बीच फरार हुए आरोपी बाप-बेटा, मंदसौर में मचा हड़कंप
2 Jul, 2026 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मंदसौर:मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से कानून-व्यवस्था और पुलिस अभिरक्षा को ठेंगा दिखाने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ हरियाणा के गुरुग्राम जिले की पुलिस टीम को चकमा देकर धोखाधड़ी के दो शातिर आरोपी पुलिस की ही गाड़ी लेकर रफूचक्कर हो गए। यह सनसनीखेज वारदात जिले के गरोठ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक पेट्रोल पंप पर उस समय हुई, जब गुरुग्राम पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कार से हरियाणा ले जा रही थी। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पुलिस की कस्टडी से फरार होने वाले ये दोनों शातिर आरोपी रिश्ते में बाप-बेटे हैं। इस दुस्साहसिक घटना के बाद मध्य प्रदेश और हरियाणा पुलिस के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया है और दोनों राज्यों की पुलिस हाई अलर्ट पर है।
पेट्रोल पंप पर मौका पाकर गाड़ी सहित हुए रफूचक्कर
गरोठ थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम पुलिस की एक टीम मध्य प्रदेश के सागर जिले से धोखाधड़ी (चीटिंग) के एक मामले में आरोपी पिता और पुत्र को गिरफ्तार करके लौट रही थी। पुलिस टीम गरोठ-उज्जैन फोरलेन मार्ग से होते हुए आगे बढ़ रही थी और उन्हें दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रास्ते गुरुग्राम जाना था। इसी सफर के दौरान ईंधन कम होने पर पुलिसकर्मियों ने गरोठ रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर अपनी निजी कार को रोका। पेट्रोल पंप पर गाड़ी खड़ी होते ही पुलिसकर्मी नीचे उतरे, तभी कार के भीतर बैठे आरोपियों ने मौका ताड़ा। पलक झपकते ही एक आरोपी तेजी से ड्राइवर की सीट पर आ बैठा और उसने गाड़ी स्टार्ट कर दी। इससे पहले कि बाहर खड़े पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, आरोपी कार की रफ्तार बढ़ाते हुए वहां से फरार हो गए।
नाकेबंदी के डर से कार छोड़ पैदल भागे आरोपी
पेट्रोल पंप से अचानक पुलिस की गाड़ी लेकर कैदियों के भागने के बाद वहां मौजूद स्टाफ और पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। मौके पर काफी देर तक चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। गुरुग्राम पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इस पूरे घटनाक्रम की लिखित और मौखिक सूचना स्थानीय गरोठ थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही गरोठ थाना पुलिस ने तत्परता दिखाई और जिले के सभी थानों को अलर्ट करते हुए चारों तरफ सघन नाकेबंदी कर दी। पुलिस को अपने पीछे आते देख और पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने खड़ावदा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बारामासी फंटे (चौराहे) के पास पुलिस की कार को लावारिस हालत में छोड़ दिया और वहां से खेतों के रास्ते पैदल ही जंगलों की तरफ भाग निकले।
सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट से खोजबीन जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए गरोठ थाना प्रभारी बलबीर यादव के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस की कई टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। पुलिस ने बारामासी फंटे से उस कार को बरामद कर लिया है जिससे आरोपी भागे थे। इसके साथ ही, गरोठ रोड से लेकर खड़ावदा क्षेत्र तक के पूरे मार्केट एरिया और टोल प्लाजा पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि आरोपियों के भागने की सही दिशा का अनुमान लगाया जा सके। पुलिस की टीमें स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों से भी पूछताछ कर रही हैं और संदेहास्पद ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
गुरुग्राम पुलिस की कार्यप्रणाली और लापरवाही पर उठे सवाल
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद गुरुग्राम पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि दो-दो आरोपियों को चार पहिया वाहन में ले जाते समय पुलिसकर्मियों को अत्यधिक सतर्क रहना चाहिए था। इस तरह की बेपरवाही बेहद चौंकाने वाली है, जहां पुलिस की मौजूदगी में ही अपराधी उन्हीं की गाड़ी लेकर भागने में सफल हो गए। फिलहाल स्थानीय प्रशासन का पूरा ध्यान आरोपियों को दोबारा सलाखों के पीछे भेजने पर केंद्रित है, जिसके बाद लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी विभागीय गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
'लड्डू गोपाल' की तलाश बना मिशन, ग्वालियर पुलिस ने झोंकी पूरी ताकत
2 Jul, 2026 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर:मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में इन दिनों स्थानीय पुलिस एक बेहद अनोखे और संवेदनशील मिशन पर काम कर रही है। अमूमन पुलिस का काम चोर, उचक्कों और खूंखार अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना होता है, लेकिन इस समय ग्वालियर पुलिस जगत के पालनहार भगवान 'लड्डू गोपाल' को खोजने में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब पुलिस किसी शातिर अपराधी को नहीं, बल्कि पिछले पांच महीनों से लापता भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप का पता लगाने में जुटी हुई है। इस अनोखे खोजी अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए तीन अलग-अलग थानों के पुलिसकर्मियों को मिलाकर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन किया गया है।
नानी की आखिरी निशानी और अटूट आस्था
इस पूरे मामले की शुरुआत सिटी सेंटर स्थित अल्कापुरी की रहने वाली विजया शर्मा और उनके परिवार की अगाध कृष्ण भक्ति से जुड़ी है। विजया हमेशा अपने साथ लड्डू गोपाल के बाल स्वरूप को लेकर चलती थीं, जो उन्हें उनकी नानी ने एक अनमोल उपहार और आशीर्वाद के रूप में दिए थे। बीते 29 जनवरी को वह अपनी बहन के साथ खरीदारी करने के लिए बाजार निकली थीं। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छापाखाना के समीप स्थित सब्जी मंडी में जब वह सब्जी खरीद रही थीं, उसी आपाधापी में लड्डू गोपाल की प्रतिमा कहीं गुम हो गई। इस घटना के बाद से ही विजया और उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
आराध्य को वापस पाने के लिए आईजी से गुहार
विजया और उनके परिजनों के लिए यह केवल धातु की कोई सामान्य प्रतिमा नहीं है, बल्कि वे उन्हें अपने परिवार का सबसे छोटा, लाड़ला और जीवित सदस्य मानते हैं। अपने आराध्य को वापस पाने के लिए विजया ने पिछले कई महीनों में स्थानीय थानों के अनगिनत चक्कर काटे, लेकिन जब कोई सफलता नहीं मिली तो वह अपनी आंखों में आंसू लिए ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद सक्सेना के दफ्तर पहुंच गईं। युवती की निश्छल भक्ति और रोते हुए अपनी व्यथा सुनाने के अंदाज ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को भी भावुक कर दिया। उन्होंने इसे महज एक खोई हुई वस्तु का मामला न मानकर जनभावना और अटूट आस्था से जुड़ा विषय समझा और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
तीन थानों की संयुक्त एसआईटी करेगी तलाश
आईजी के कड़े निर्देशों के बाद सीएसपी किरण अहिरवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। इस एसआईटी की कमान कोतवाली थाना प्रभारी को सौंपी गई है, जिसके अंतर्गत कोतवाली, जनकगंज और माधोगंज थाने के छह चुनिंदा और अनुभवी पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। पुलिस की यह संयुक्त टीम अब उस सब्जी मंडी के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और घटना के दिन वहां मौजूद रहे दुकानदारों व रेहड़ी पटरी वालों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि विजया के लाड़ले लड्डू गोपाल को सकुशल ढूंढकर उनके परिवार को वापस सौंपा जा सके।
ई-बसों से बदलेगी भोपाल की तस्वीर, 10 रूट पर मिलेगी पर्यावरण अनुकूल यात्रा
2 Jul, 2026 08:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी के सार्वजनिक परिवहन में एक बड़ा और पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) सुधार होने जा रहा है। भोपालवासियों के लिए राहत की खबर है कि आगामी 15 जुलाई से शहर के 10 अलग-अलग मार्गों पर 20 नई इलेक्ट्रिक बसों (E-Buses) का संचालन शुरू होने जा रहा है। परिवहन विभाग के अनुसार, 4 जुलाई तक सभी बसें भोपाल पहुंच जाएंगी। इस नई सेवा से रोजाना लाखों यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। खास बात यह है कि इन ई-बसों का दायरा केवल नगर निगम क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इन्हें भोपाल के बाहरी इलाकों जैसे मंडीदीप, सीहोर और औबेदुल्लागंज तक भी संचालित किया जाएगा।
मात्र 2 रुपये से सफर की शुरुआत, 'चलो' ऐप से मिलेगी लाइव लोकेशन
सफर को आम जनता की जेब के अनुकूल रखने के लिए इसका शुरुआती किराया बेहद किफायती तय किया गया है। यात्रियों को शुरुआती 1.5 किलोमीटर के सफर के लिए मात्र 2 रुपये देने होंगे। डिजिटल यात्रा को बढ़ावा देने के लिए यात्री ‘चलो’ (Chalo) मोबाइल ऐप के जरिए अपनी टिकट ऑनलाइन बुक कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, इस ऐप पर बसों की लाइव लोकेशन (Live Tracking) भी देखी जा सकेगी, जिससे यात्रियों को बस स्टॉप पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रशासन की योजना के मुताबिक, इस साल के अंत तक बसों की संख्या बढ़ाकर 100 की जाएगी, जबकि अगले साल तक बेड़े में 140 और नई ई-बसें शामिल की जाएंगी।
इन प्रमुख 10 रूट्स पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें
शुरुआती चरण में जिन लंबे और ग्रामीण-शहरी संपर्क मार्गों को चुना गया है, वे इस प्रकार हैं:
फंदा से मंडीदीप (65 किमी)
बिलखिरिया से सीहोर (61 किमी)
परवलिया सड़क से औबेदुल्लागंज (56 किमी)
सीहोर से कटारा बायपास (53 किमी)
अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय से बगरोदा (50 किमी)
सूखी सेवनिया से भोजपुर (49 किमी)
अचारपुरा से बिलकिसगंज (41 किमी)
निशातपुरा कोच फैक्ट्री से औबेदुल्लागंज (41 किमी)
ये होंगे सबसे लंबे और सबसे छोटे रूट
इस नए परिवहन प्रोजेक्ट के तहत सीहोर से रातापानी के बीच सबसे लंबा रूट तैयार किया गया है, जिसकी कुल लंबाई 68.5 किलोमीटर है। यह बस फंदा, चिरायु अस्पताल, हमीदिया हॉस्पिटल, बैरागढ़, कलेक्ट्रेट, रोशनपुरा, चूना भट्टी, मंदाकिनी और बीमा कुंज जैसे व्यस्ततम इलाकों से होते हुए रातापानी तक का सफर तय करेगी। वहीं, सबसे छोटा रूट आचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया से बीडीए (BDA) कॉलोनी के बीच निर्धारित किया गया है, जिसकी कुल दूरी 32 किलोमीटर होगी।
मानसून हुआ एक्टिव, 13 जिलों में भारी बारिश के आसार; 50 KMPH की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
2 Jul, 2026 07:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। 1 जुलाई को मानसून ने भोपाल और सागर संभाग के कई जिलों में अपनी दस्तक दे दी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों के भीतर मानसून के प्रदेश के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। अनुमान है कि गुरुवार को मानसून उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों को भी अपने दायरे में ले लेगा। मानसून की इस सक्रियता के चलते पूरे प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, देवास के खातेगांव में सबसे ज्यादा पानी गिरा
मौसम विभाग ने 2 जुलाई को राज्य के 13 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 42 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है। इससे पहले बुधवार को प्रदेश के दो दर्जन से अधिक जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। इस दौरान सबसे अधिक वर्षा देवास जिले के खातेगांव में 115 मिमी, सीहोर के आष्टा में 109 मिमी और नर्मदापुरम के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी में 88.4 मिमी दर्ज की गई।
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, धार-बड़वानी और खरगोन में 'रेड अलर्ट'
मौसम केंद्र के अनुसार, आज (गुरुवार) से राज्य में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) भी सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 5-6 जुलाई तक पूरे मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा। मौसम विभाग ने आगामी 3 जुलाई को धार और बड़वानी जिलों के लिए तथा 4 जुलाई को खरगोन जिले के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जहां अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। आंकड़ों की बात करें तो 1 जून से 1 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 28% कम वर्षा हुई है। इस अवधि में जहां औसतन 150 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं अब तक केवल 100.2 मिमी ही दर्ज की गई है। इसमें पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 57% और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 1% कम पानी गिरा है।
गुरुवार के लिए जिलों के अनुसार मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए तीन श्रेणियों में अलर्ट जारी किया है, जो इस प्रकार है:
अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट): रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में 4 से 8 इंच तक भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
भारी बारिश (यलो अलर्ट): बैतूल, खंडवा, देवास, अशोकनगर, डिंडोरी, मंडला और सागर जिलों में तेज हवाओं (50 किमी/घंटा) के साथ भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
हल्की से मध्यम बारिश: भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकला, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
ओडिशा के मंत्री नाइक ने मुगलिया हाट गांव में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था का किया अवलोकन
1 Jul, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ओडिशा के पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नाइक ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुगलिया हाट गांव पहुंचकर ग्रामीण पेयजल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने गांव में संचालित पेयजल आपूर्ति प्रणाली, जल गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था तथा पंचायत की कार्यप्रणाली का विस्तार से अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने में सामुदायिक भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है और मुगलिया हाट में इसका प्रभावी उदाहरण देखने को मिला।
भ्रमण के दौरान मंत्री नाइक ने ग्राम सरपंच, फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) से जुड़ी महिला सदस्यों तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (वीडब्ल्यूएससी) के सदस्यों से संवाद कर जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी, पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव तथा ग्रामीण समुदाय की सहभागिता के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा निभाई जा रही जिम्मेदारियों और पंचायत की सक्रिय भूमिका की सराहना की।
प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर पीडीपी पोर्टल के माध्यम से पेयजल योजनाओं की मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन व्यवस्था को भी देखा। इसके साथ ही ग्रामीण जल प्रदाय प्रणाली के विभिन्न तकनीकी घटकों का निरीक्षण कर उनके संचालन की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को योजनाओं के संचालन, रखरखाव तथा पारदर्शी निगरानी तंत्र से अवगत कराया।
भ्रमण के दौरान मंत्री नाइक एवं प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। प्रतिनिधिमंडल ने मुगलिया हाट ग्राम पंचायत द्वारा पेयजल योजनाओं के सुव्यवस्थित संचालन, बेहतर रखरखाव, जल गुणवत्ता निगरानी में जनभागीदारी तथा पंचायत की सक्रिय कार्यशैली की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदार पंचायत व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सेवाओं को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
1 Jul, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी सहित निमाड़ की धरती संतों, संस्कृति और लोक परंपराओं से समृद्ध रही है। भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सही दिशा दिखाई है, उनके मार्गदर्शन से समाज में सद्भाव, संयम और सेवा की भावना विकसित होती है। गरीबों, जरूरतमंदों और पीड़ितों की सेवा ही सच्ची भक्ति है, समाज तभी आगे बढ़ता है जब धर्म और सेवा साथ चलते हैं, यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। बड़वानी के समीप तलून में बनने वाला खाटू श्याम मंदिर इस गौरवशाली विरासत को मजबूत करेगा और आने वाली पीढ़ियां भी इस धरोहर से जुड़ेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलून में खाटू श्याम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और 21 कुंडीय महायज्ञ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।
बाबा श्री खाटू श्याम ने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए किया त्याग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का अवसर केवल मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। बाबा श्री खाटू श्याम की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे। बाबा खाटू श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के दु:ख हरने वाले देवता माने जाते हैं। बाबा खाटू श्याम को बर्बरीक का स्वरूप माना जाता है। महाभारत में उन्होंने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए अपना शीश भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर दिया था। उनका यह अद्वितीय त्याग भारतीय संस्कृति में वीरता, विनम्रता और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। मां नर्मदा माँ की परिक्रमा के बाद महंत श्री शशि गिरि जी महाराज के मन में खाटू श्याम मंदिर बनाने का विचार आया और शहर के भक्तों के सहयोग से मंदिर का सपना साकार हुआ।
राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। यह मंदिर भी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा श्री खाटू श्याम से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य तथा प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में सांसद श्री गजेन्द्र पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बड़वानी श्री बलवंत पटेल, महंत महामण्डलेश्वर श्री हरि सुरेन्द्र गिरी जी महाराज, अध्यक्ष खाटू श्याम मंदिर बड़वानी श्री शशि गिरि जी महाराज तथा अन्य संतगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
जनसहभागिता से ही क्षेत्र का सर्वांगीण और चहुंमुखी विकास संभव : राज्यमंत्री कृष्णा गौर
1 Jul, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक और सर्वांगीण विकास केवल शासकीय प्रयासों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता के पावन संकल्प से ही संभव है। जनता का प्रेम, अटूट विश्वास और निरंतर मिलने वाला स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है, जो उन्हें संपूर्ण ऊर्जा, निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। इसी सेवाभावी संकल्प के साथ गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र में निरंतर विकास कार्यों को नई गति और विस्तार दिया जा रहा है। राज्यमंत्री गौर भोपाल के वार्ड क्रमांक 61 के अवधपुरी मंडल में 46 लाख रुपये की अनुमानित लागत से होने वाले विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों के भूमि- पूजन समारोह को संबोधित कर रही थीं।
राज्यमंत्री गौर ने क्रिस्टल कैंपस, अवधपुरी स्थित कृष्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर में 6 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले शेड एवं प्लेटफॉर्म निर्माण कार्य तथा तुलसी नगर फेज-एक में फ्लोरिंग कार्य का विधिवत भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल समाज की सांस्कृतिक चेतना के केंद्र होते हैं। मंदिर परिसर में इस शेड और प्लेटफॉर्म के निर्माण से श्रद्धालुओं को सुगमता होगी और यह स्थल धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक गतिविधियों के सुचारू संचालन में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इस सौगात के लिए स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने राज्यमंत्री के प्रति आत्मीय आभार व्यक्त किया।
क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए लवकुश नगर में मकान नंबर 16 के सम्मुख 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सी.सी. रोड, नाली एवं रोड क्रॉस निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को सुगम आवागमन के साथ ही जल निकासी की उत्कृष्ट सुविधा प्राप्त होगी। इसी श्रृंखला में, अभिनव रिगल होम्स में 10 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सी.सी. सड़क निर्माण कार्य और शिव लोक फेज-4 में सार्वजनिक उपयोग के लिये शेड निर्माण कार्य का भूमि-पूजन हुआ। ये निर्माण कार्य न केवल कॉलोनी के निवासियों के आवागमन को सुगम बनाएंगे, बल्कि क्षेत्र की अधोसंरचना को भी एक नया स्थायित्व प्रदान करेंगे।
राज्यमंत्री गौर ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए कि जनसुविधा से जुड़े इन समस्त कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को शीघ्र अति शीघ्र इसका लाभ मिल सके। उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि जनता द्वारा प्रस्तुत की गई प्रत्येक मांग और आवश्यकता को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से पूरा किया जाएगा।
भूमि-पूजन कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद मधु शिवनानी, बी. शक्तिराव, गणेश राम नागर, संजय शिवनानी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जन आंदोलन बन कर 7 करोड़ परिवारों तक पहुंचा जल गंगा संवर्धन अभियान
1 Jul, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के मुख्य उद्देश्यों के साथ संचालित 'जल गंगा संवर्धन अभियान' ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के साथ देश और विदेश के लगभग 7 करोड़ परिवारों तक अपनी पहुंच बनाकर जनभागीदारी का एक नया इतिहास रच दिया है। आगामी मानसून में कम वर्षा की संभावना को देखते हुए पानी की प्रत्येक बूंद को सहेजने के दूरदर्शी उद्देश्य से शुरू हुआ यह महा अभियान 30 जून 2026 को भव्यता के साथ संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दृढ़ संकल्प से यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक विराट वैश्विक जन आंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है।
इस महाअभियान को सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिला। ट्विटर (एक्स), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सरकार के आधिकारिक माध्यमों द्वारा प्रतिदिन जागरूकता पोस्टर, लघु फिल्में और इन्फोग्राफिक्स साझा किए गए। #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान, #जल_है_तो_कल_है, #WaterConservation और #SaveWater जैसे हैशटैग्स के माध्यम से प्रदेश और देश के कोने-कोने तक जल संरक्षण का संदेश फैला, जिससे कुल 6 करोड़ 95 लाख 74 हजार 820 से अधिक लोगों तक इस अभियान की डिजिटल पहुंच सुनिश्चित हो सकी और लोग जल स्रोतों को सहेजने की मुहिम से सीधे जुड़े।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सतत मॉनिटरिंग और विशेष डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से अभियान में पूरे राज्य में रिकॉर्ड स्तर पर कार्य किए गए। प्रदेश भर में 10,514 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 63 हजार से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण और जीर्णोद्धार के कार्य पूर्ण किए गए। भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए रिकॉर्ड समय में 67,708 खेत-तालाब, 225 अमृत सरोवर और 97,614 कूप रिचार्ज संरचनाएं तैयार की गईं। इसके अलावा 10,000 से अधिक कुओं, नदियों और प्राचीन बावड़ियों की सफाई व सौंदर्यीकरण कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इन प्रामाणिक कार्यों की बदौलत मध्यप्रदेश जल संरक्षण में देश का अग्रणी राज्य बना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर श्रमदान किया और समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया। 19 मार्च 2026 को इंदौर से इसके तीसरे चरण की शुरुआत करने से लेकर धार में देवी सागर तालाब के गहरीकरण, उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा, भोपाल के 'सदानीरा समागम' और राजगढ़ में आयोजित समापन समारोह तक उन्होंने सक्रिय सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प दोहराया कि 'जल है तो कल है' और सरकार इसे सहेजने के लिए पूरी तरह कृत संकल्पित है, इसलिए जल संरक्षण के कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। अभियान के समापन के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए "एक पेड़ माँ के नाम" पौधरोपण अभियान और 1 जुलाई से "विकसित भारत–ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन" का भी भव्य शुभारंभ किया गया।
जल संरक्षण और जनभागीदारी के इस अभियान ने मध्यप्रदेश को देश में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है। जल गंगा संवर्धन अभियान ने यह साबित कर दिया कि जब सरकार और समाज साथ आते हैं, तो जल संरक्षण केवल एक योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सशक्त जन आंदोलन बन जाता है।
जी.एस.टी. एक राष्ट्र-संकल्प-उत्तरदायित्व का जीवंत प्रतीक : राज्यपाल पटेल
1 Jul, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि जी.एस.टी. को लागू करना 'एक-राष्ट्र, एक-कर, एक-बाजार' की अवधारणा तक सीमित नहीं होकर, 'एक-राष्ट्र, एक-संकल्प और एक-साझा उत्तरदायित्व' का जीवंत प्रतीक है। जी.एस.टी. की नौ वर्षों की इस यात्रा से देश को दशकों पुराने इंस्पेक्टर राज और जटिल कर तरीकों के जाल से मुक्ति मिली है। यह ऐतिहासिक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि जब केंद्र और राज्य एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो आर्थिक सुधार केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रह जाते, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले लेते हैं।
राज्यपाल पटेल बुधवार को जी.एस.टी. के नौवें वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन सी.जी.एस.टी. और सेंट्रल एक्साईज भोपाल द्वारा “सुगम कर–सशक्त भारत” थीम पर रविन्द्र भवन में किया गया। राज्यपाल पटेल ने प्रदेश के उत्कृष्ट करदाता और संस्थाओं को सम्मानित किया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर व्यवस्था को सरल तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बना कर देश के छोटे, मझोले और बड़े उद्यमियों को व्यापार के एक समान और सुरक्षित अवसर प्रदान किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की सहभागिता के लिए सी.जी.एस.टी. विभाग को उनके मूल मंत्र “सबका साथ-सबका विकास” का सतत रूप से पालन करना चाहिए। उन्होंने करदाता आधार के विस्तार, राजस्व संग्रह, टेक्नोलॉजी आधारित अनुपालन और पारदर्शी प्रशासन में नए मान दंड स्थापित करने की दिशा में सी.जी.एस.टी. भोपाल ज़ोन के प्रयासों की सराहना की।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि यह आप सब की बड़ी ज़िम्मेदारी है कि “सुगम कर व्यवस्था-सशक्त भारत" के सिद्धांत, विभागीय नीतियों और प्रशासनिक कार्यों में दिखाई दे। ऐसा व्यापक टैक्स आधार तैयार करें, जिसमें व्यवसायों के लिए समान अवसर के साथ ही स्वैच्छिक अनुपालन की संस्कृति को भी मजबूती मिले। टैक्स चोरी करने वालों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। किन्तु किसी भी ईमानदार करदाता को परेशानी अथवा उत्पीड़न का सामना नहीं करना पड़े। याद रहे कि कर दाताओं के पास नीति-निर्माताओं से सीधे संपर्क का माध्यम नहीं है, आप ही अपने ज़ोन में कर दाताओं के लिए सरकार का चेहरा हैं।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि जी.एस.टी. दिवस पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने कार्यों में कार्य कुशलता, पारदर्शिता और उत्कृष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। सहकारी संघवाद की भावना को और मजबूत करेंगे। एक ऐसे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे जो आर्थिक रूप से अधिक सक्षम, अधिक एकीकृत और अधिक समृद्ध हो। उन्होंने सभी कर अधिकारियों से लोकसेवा में सत्य निष्ठा, ईमानदारी और नैतिक आचरण के सर्वोच्च मानकों के पालन की अपील की।
राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उनका केन्द्रीय जी.एस.टी., कस्टम और आबकारी, भोपाल जोन के मुख्य आयुक्त मानस रंजन मोहंती ने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। मोहंती ने सुगम कर व्यवस्था से सशक्त भारत के निर्माण के लिए केन्द्र सरकार के प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आम आदमी के लिए टैक्स राहत और व्यापार सुगमता की दिशा में किए जा रहे सरकार के नवाचारों से अवगत किया। केन्द्रीय जी.एस.टी. की प्रधान आयुक्त श्रीमती एन. पद्मने जी.एस.टी. के 9 साल के क्रियान्वयन, परिवर्तन और उपलब्धियों की जानकारी दी। आभार अतिरिक्त महानिदेशक राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर और नार्कोटिक्स अकादमी लोकेश लिल्हारे ने व्यक्त किया। समारोह में केन्द्रीय जी.एस.टी. आयुक्त धीरेन्द्र मणि त्रिपाठी, विभाग के पूर्व चीफ कमिश्नर नवनीत गोयल, अपीलेट अथॉरिटी के पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी उनके परिजन और कर दाता मौजूद थे।
धान की फसल पर भी देंगे भावांतर योजना का लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
1 Jul, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे हलधर किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, इस धरा के वास्तविक शुभंकर है। वे अपने अथक परिश्रम से पूरे समाज का उदर-पोषण करते हैं। किसानों की खुशहाली ही हमारी सरकार का संकल्प हैं क्योंकि किसान समृद्ध होगा, तभी हमारा प्रदेश और देश समृद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकौशल की धरती धान उत्पादन के लिए जग प्रसिद्ध है। शेर की दहाड़ और सतपुड़ा के पहाड़ और अब यहां की छत्रिय धान इस क्षेत्र की बड़ी पहचान है। छत्रिय धान को अब भौगोलिक संकेतक टैग (जीआई टैग) मिल गया है। यह हमारी देशज और पारंपरिक कृषि का वैश्विक सम्मान है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के धान उत्पादक किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब धान की फसल पर भी भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों को एमएसपी और बाजार मूल्य के बीच के अंतर की राशि का भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी योजना (मनरेगा का नया स्वरूप) के तहत प्रदेश में विभिन्न श्रेणी के कार्यम लगातार चलायें जाएंगे। किसानों और रोजगार के जरूरतमंदों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सिवनी जिला मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय धान महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत प्रदेश के 3 हजार 941 किसानों को 1 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से कोदो-कुटकी के बोनस के रूप में 2 करोड़ 84 लाख रुपए किसानों के खातों में अंतरित किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार श्रीअन्न उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ बोनस भी दे रही है। हमने प्रदेश में पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो कुटकी खरीदने के लिए अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना अंतर्गत प्रदेश के 16 हजार 754 से अधिक श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। साथ ही 494 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 629 विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण कर सिवनी जिले को बड़ी सौगात दी। इसमें 349.33 करोड़ रुपये की लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण और 144.83 करोड़ रुपए की लागत के 43 विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट से सिवनी तक फोरलेन रोड निर्माण कार्य की घोषणा करते हुए कहा कि जिले के छपारा ब्लॉक के ग्राम चमारी में शासकीय महाविद्यालय खोला जाएगा। ग्राम सागर से खटकर तक पक्की रोड का निर्माण किया जाएगा। ग्राम छिड़िया पलारी में नगर वन स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी जिले के हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक मिनी स्टेडियम का निर्माण कराने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 1 से 15 जुलाई तक स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। सभी अपने बच्चों को स्कूलों में प्रवेश कराएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' के ध्येय को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इसी माह प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बंधुओं को यूसीसी के दायरे से पृथक रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक लोगों ने राज्य सरकार के यूसीसी प्रस्ताव का समर्थन किया है। हम तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का को गरीबों की फसल कहा जाता था। उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीअन्न को प्रोत्साहित करने के लिये योजना शुरू कर देश-दुनिया में इसका मान बढ़ाया। श्रीअन्न में मौजूद तत्व सबसे जल्दी पचता है। राज्य सरकार ने पिछले साल से श्रीअन्न खरीदने की शुरुआत की है। इस वर्ष मानसून पर अलनीनो का प्रभाव नजर आ रहा है। अगर बारिश कम होती है तो किसानों को तैयार रहना चाहिए कि वे कोदो कुटकी सहित सभी फसलों को तैयार कर लें। प्रदेशभर में जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत लाखों काम हुए हैं। सभी प्रदेशवासी पानी की महत्ता को समझें। वी-बी-जी रामजी अधिनियम देश में लागू हो चुका है। इसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में बहुतायत में अमृत सरोवरों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि दे रही है। किसानों को किसान सम्मान निधि मिल रही है। राज्य में दीपावली के बाद भव्यता के साथ गोवर्धन जयंती मनाई जाएगी। मध्यप्रदेश में दूध-दही की नदियां बहती हैं। सरकार दूध उत्पादन और मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। युवाओं को नए कॉलेज और प्रशिक्षण की सौगात मिल रही है। मध्यप्रदेश सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने ही गरीब-जरूरतमंदों को संबल योजना का लाभ दिया। संबल योजना में सरकार द्वारा दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख और शारीरिक अपंगता आने पर 1 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाती है। श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। राज्य सरकार हर वर्ग के गरीब, वंचित और अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे सभी पात्र लोगों को आवास देने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष में गेहूं खरीद का नया रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश के 13 लाख 46 हजार से अधिक किसानों से कुल 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर उन्हें 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से फसल राशि भुगतान की गई है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना के माध्यम से लाभ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश हमारी सरकार खेत से लेकर बाजार तक हर क्षेत्र में मूल्य संवर्धन पर काम कर रही है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलवाने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है। किसानों को आपदा से हुए नुकसान के लिए 2106 करोड़ का मुआवजा दिया गया है। एग्रीटेक सिस्टम से खाद वितरण में हो रही गड़बड़ियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जा रहा है। सभी जिला कलेक्टर को खाद वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। किसान कल्याण वर्ष में किसान भाई मात्र 5 रुपए में बिजली का कनेक्शन ले सकते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने रानी दुर्गावती के सम्मान में पहली कैबिनेट जबलपुर में आयोजित की थी। उनके नाम से रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना की शुरुआत भी की। आज प्रदेश के 3941 किसानों को उनके खातों में बोनस राशि अंतरित गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कोटो कुटकी के ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए भी काम जारी हैं। मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी और बैंगनी अरहर को भी जीआई टैग मिला है। किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार अन्नदाता को विभिन्न स्थानों पर कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दे रही है। प्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी सभी वर्गों के लिए काम किए जा रहे हैं। प्रदेश में अनेक सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण हो रहा है। ये विद्यालय हमें गोपाल कृष्ण और सुदामा की मित्रता की गहराई का स्मरण कराते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धूमा में सांदीपनि विद्यालय, लखनादौन में मिनी स्टेडियम का भी भूमि-पूजन आज हो गया है। उन्होंने कहा वर्षाकाल के बाद प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क हादसे के घायलों को राहवीर योजना शुरू होने से त्वरित रूप से लाभ मिल रहा है। सहायता करने वालों को भी 25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। गरीब-जरूरतमंदों को पीएमएयर एंबुलेंस के माध्यम से कठिन समय में मदद पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु परंपरा की महिमा को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने कुलपति के लिए कुलगुरु संबोधन के उपयोग की शुरुआत की है। सिंहस्थ के भव्य आयोजन के लिए सभी तरह के विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी धार्मिक स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। भगवान श्रीराम के धाम चित्रकूट में भव्य तीर्थ बन रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे किसानों के घर धन-धान्य से सदैव भरे रहें, यही हमारी सफलता है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि अब हमें सिर्फ पारंपरिक खेती के भरोसे नहीं बैठे रहना है। खेत में धान लगाइए, गेहूं उगाइए, लेकिन उसके साथ-साथ फसल विविधिकरण, पशुपालन और मछली पालन जैसे नए क्षेत्रों को भी अपनाइए। जब आप खेती के साथ-साथ इन कामों में हाथ आगे बढ़ाएंगे, तो आपकी जेब भरने के लिये हर महीने कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की मदद के लिए हमारी सरकार हर कदम पर साथ खड़ी है।
श्रीअन्न उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने श्रीअन्न (मिलेट) उत्पादक किसानों के हित में रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना को लागू करने का फैसला लिया है। वैल्यू चेन का निर्माण कर किसानों को मार्केट एक्सेस प्रदान किया जा रहा है। कोदो-कुटकी के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की व्यवस्था विकसित की जा रही है। 'नर्मदा मिलेट्स' ब्रांड के माध्यम से मध्यप्रदेश के श्रीअन्न को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 1 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश के 15 प्रमुख उत्पादक जिलों में लगभग 4 हजार किसानों से लगभग 3 हजार मीट्रिक टन कोदो-कुटकी का उपार्जन किया गया। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 40 हजार मीट्रिक टन कोदो-कुटकी उपार्जन का लक्ष्य रखा है। सरकार द्वारा डिंडौरी में 'मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र' की स्थापना की जा रही है। कुछ दिन पहले ही डिंडौरी की सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी और बैंगानी अरहर को भी जीआई वैश्विक पहचान मिली है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़कर कहा कि मुख्यमंत्री संबल योजना हमारी ग्रामीण आबादी के लिए एक वरदान की तरह है। योजना अंतर्गत अब तक प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इन्हें 8 हजार 325 करोड़ रुपए से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है। आज राशि वितरण के नौंवे चरण में 1 लाख 46 हजार से अधिक लोगों को 365 करोड़ से अधिक लाभ दिया जा रहा है। संबल योजना असमय मृत्यु, दुर्घटना और अपंगता के समय जरूरतमंदों की मदद करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबल सहित सभी योजनाओं का बैकलॉग खत्म किया है।
सासंद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के किसानों को अनेक सौगातें दी हैं। सिवनी जिले के पिछड़े किसानों के लिए स्पेशल पैकेज की व्यवस्था करने से यहां और भी समृद्धि आएगी।
सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी जिले को मेडिकल हॉस्पिटल की सौगात दी है। राज्य में समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए शिद्दत से चिंता करने वाली सरकार है। प्रदेश में सभी तरह उद्योगों का जाल बिछने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। सिवनी जिले में नवीन कलेक्टर भवन का निर्माण कार्य जारी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेत में उतरकर रोपा धान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सिवनी में किसान के खेत में धान रोपकर धान महोत्सव का शुभारंभ किया। मिट्टी और पानी से भरे खेत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ महिलाओं ने भी धान रोपाई की। उन्होंने रोपाई के पारंपरिक गीत "चंदन राजा को परहा गढ़ से, रानी सरुपा सकारी उठ से" गाकर पूरा वातावरण भक्तिमय और संगीतमय बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा धान रोपने से किसान और समस्त ग्रामीण उत्साह से भर उठे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेरे क्षेत्र में मुख्य रूप से सोयाबीन की खेती होती है, धान रोपने का यह मेरा पहला अनुभव है, इस अनुभव ने मुझे असीम प्रसन्नता मिली। उन्होंने कहा कि अगली बार मैं अपनी धर्मपत्नी को साथ लेकर आऊंगा जिससे वह भी इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बन सकें।
सिदोरी का स्वाद चखा और किसान से किया संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धान रोपने के बाद बरघाट के ग्राम लोहारा से आए किसान दौलतराम बिसेन ने अपने घर से लाई गई 'सिदोरी' (खेत में खाया जाने वाला पारंपरिक भोजन) खाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान के इस आत्मीय आग्रह को सहर्ष स्वीकार किया और बड़े चाव से उसे ग्रहण किया। उन्होंने किसान के घर से आई रोटी, गुड़ और अचार का आनंद लेते हुए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धान रोपाई के बाद प्रकृति, देवी-देवताओं और गौ-माता का पूजन कर खेत की मेड़ पर आम का पौधा रोपा।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री एवं सिवनी जिले के प्रभारी करण सिंह वर्मा, बालाघाट सांसद श्रीमती भारती पारधी, बरघाट विधायक कमल मर्सकोले, केवलारी विधायक रजनीश सिंह ठाकुर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डहेरिया, जनप्रतिनिधि सहित अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान बंधु उपस्थित थे।
रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा! बेटे ने पिता की हत्या कर 11 महीने तक बक्से में छिपाई लाश
1 Jul, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दतिया| मध्य प्रदेश के दतिया जिले से पारिवारिक रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। लगभग 11 महीने पहले हुए एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए बड़ौनी थाना पुलिस ने मृतक के सगे बेटे नितिन सिंह बुन्देला और उसके ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह बुन्देला को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। मामले का पर्दाफाश होने के महज एक घंटे के भीतर ही पुलिस की विशेष टीम ने दोनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। इस पूरे अंधे कत्ल का आधिकारिक खुलासा दतिया के पुलिस अधीक्षक (SP) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए किया।
पुलिस की कड़ाई के आगे फेल हुई आरोपी की मनगढ़ंत कहानी
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, ग्राम छता के रहने वाले शिवसिंह ने बीती 28 जून को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके भाई उदयभान सिंह पिछले 11 महीनों से रहस्यमयी ढंग से लापता हैं। पुलिस ने जब गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की, तो मृतक के बेटे नितिन के बयानों में विरोधाभास मिला, जिससे उस पर शक गहरा गया।
शुरुआती पूछताछ में शातिर आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी बनाई। उसने दावा किया कि खेत में काम करते समय ट्रैक्टर के कल्टीवेटर का फाल अचानक सिर पर गिर जाने से उसके पिता की मौत हो गई थी और वह इस हादसे से इतना डर गया कि उसने शव को घर के भीतर एक बक्से में बंद कर दिया। हालांकि, पुलिस ने जब सामली नदी से बरामद कंकाल की हड्डियों, कपड़ों और घटनास्थल से मिले अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) से जांच कराई, तो रिपोर्ट ने आरोपी के इस झूठे दावे की पूरी तरह पोल खोल दी। इसके बाद जब पुलिस ने सख्ती दिखाई, तो कलयुगी बेटा टूट गया और उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया।
महज 40 हजार रुपये के लिए सोते समय कुल्हाड़ी से उतारा मौत के घाट
आरोपी नितिन ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसके पिता उदयभान ने उसे ट्रैक्टर की मासिक किस्त बैंक में जमा करने के लिए ₹40,000 नकद दिए थे। नितिन ने वह रकम कहीं और खर्च कर दी। जब उसके पिता लगातार उन पैसों का हिसाब और रसीद मांगने लगे, तो इस विवाद से बचने के लिए उसने अगस्त 2025 की एक रात को सोते समय अपने पिता के सिर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
वारदात के तुरंत बाद उसने लाश को घर के एक बड़े बक्से में छिपा दिया और पूरे गांव व रिश्तेदारों में यह अफवाह फैला दी कि उसके पिता मजदूरी और काम के सिलसिले में मुंबई (महाराष्ट्र) चले गए हैं। करीब छह महीने तक लाश बक्से में सड़ती रही। इसके बाद उसने अपने सगे ताऊ कल्ली उर्फ अस्पेन्द्र सिंह को इस खूनी राज की बात बताई। कानून के शिकंजे से बचने के लिए दोनों ने मिलकर शव के अवशेषों को एक भारी कथरी (गुदड़ी) में लपेटा और आधी रात को ले जाकर सामली नदी में फेंक दिया, ताकि हत्या का कोई भी नामोनिशान बाकी न रहे।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपी गिरफ्तार
बड़ौनी थाना पुलिस ने बेहतरीन मैन्युअल इंटेलिजेंस और फॉरेंसिक साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ते हुए इस जघन्य हत्याकांड का पूरी तरह पटाक्षेप कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नदी से मृतक की हड्डियां, घटना में इस्तेमाल खाट, खून से सने कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर कोर्ट के समक्ष पेश करने के लिए जब्त कर लिए हैं। पुलिस दोनों हत्यारोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की कानूनी और वैधानिक कार्रवाई पूरी कर रही है।
एमपी नगर में ट्राले की टक्कर से कार के उड़े परखच्चे, 2 घायल
1 Jul, 2026 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राजधानी के एमपी नगर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक तेज रफ्तार ट्राले ने कार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार सड़क पर ही पलट गई। इस भीषण हादसे में कार सवार दो युवक बाल-बाल बच गए और उन्हें मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद आरोपी ट्राला चालक अपने वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
व्यापम चौराहे के पास मोड़ पर हुआ हादसा
एमपी नगर पुलिस के अनुसार, पिपलानी निवासी 22 वर्षीय लक्ष्मण गौड़ (पिता महेंद्र गौड़) अपने दोस्त अनिमेष यादव के साथ किसी निजी काम से कोलार की तरफ जा रहे थे। व्यापम चौराहे से 6 नंबर स्टॉप की ओर अपनी कार मोड़ते समय पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राले (क्रमांक RJ 01 GC 0893) के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उनकी कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
वाहन छोड़कर भागा ड्राइवर, पुलिस ने किया जब्त
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कार में सवार दोनों युवकों को गंभीर चोटें नहीं आईं। हादसे के तुरंत बाद आरोपी ट्राला ड्राइवर पकड़े जाने के डर से वाहन को रास्ते पर ही छोड़कर मौके से भाग निकला। घटना की सूचना मिलते ही एमपी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार दिलाया। पुलिस ने दुर्घटनाकारित ट्राले को कब्जे में लेकर जब्त कर लिया है। कार चालक लक्ष्मण गौड़ की शिकायत पर पुलिस ने फरार ट्राला ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
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