मध्य प्रदेश
भारत और जर्मनी दो भाईयों की तरह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
3 Jul, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को जर्मनी के 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल में जर्मनी के केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के कार्यकारी बोर्ड की सदस्या एवं बैंक की सीईओ सुक्रिस्टियाने लाईबेक, कंट्री डायरेक्टर वूल्फन मूथ, जर्मन दूतावास के प्रतिनिधि गॉटफ्रीड वॉन और अन्य सदस्य, प्रबंध संचालक म.प्र. औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड चंद्रमौली शुक्ला, विशेष गढ़पाले सहित केन्द्र सरकार के अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यनमंत्री डॉ. यादव ने भारत एवं जर्मनी के बीच दशकों पुरानी मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश भाईयों की तरह हैं। इनमें आपसी साझेदारी को और अधिक प्रबल बनाने में मध्यप्रदेश बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है। सरकार जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों से लगातार सम्पर्क में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा क्षेत्र में केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के सहयोग की सराहना करते हुए आशा जताई कि हमारी साझेदारी दिन-ब-दिन और भी सुदृढ़ होगी। जर्मनी के सहयोग से हमारा मध्ययप्रदेश एक ऊर्जा दक्ष हरित और समृद्ध राज्य बनेगा।
केएफडब्ल्यू बैंक के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया गया कि एनर्जी रिफार्म प्रोग्राम अन्तर्गत वितरण कंपनियों में स्मार्ट मीटर की स्थापना एवं फीडर विभक्तिकरण कार्य के लिए लगभग 1120 करोड़ रूपये का वित्त पोषण किया जा रहा है। बैंक द्वारा इस साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए एनर्जी रिफार्म फेज-2 अंतर्गत प्रदेश में विद्युत वितरण अधोसंरचना निर्माण तथा सौर घंटों में कृषि फीडरों की आपूर्ति के लिये अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों के लिए लगभग 200 मिलियन यूरो के वित्तीय सहयोग पर भी रूचि दिखाई है।
सरकार की नई तैयारी, छोटे प्लॉट पर बड़े घर बनाने का रास्ता होगा साफ
3 Jul, 2026 01:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार शहरी इलाकों में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सस्ते मकानों का सपना आसान बनाने जा रही है। सरकार इसके लिए अपने भूमि विकास नियमों (Land Development Rules) में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। इस नए प्रस्ताव के तहत किफायती आवास (Affordable Housing) की परिभाषा को बदला जाएगा, जिससे अब बड़े क्षेत्रफल (साइज) वाले मकान भी इस योजना के दायरे में आ सकेंगे और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिलेगा। इसके साथ ही, शहरों में बढ़ती आवासीय मांग को पूरा करने के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को भी बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे एक ही प्लॉट पर पहले की तुलना में अधिक निर्माण किया जा सकेगा।
छोटे प्लॉटों पर भी बन सकेंगी ज्यादा मंजिलें
संशोधित नियमों के लागू होने के बाद छोटे आकार के प्लॉट रखने वाले लोगों और बिल्डरों को एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नए नियमों के तहत कम जमीन वाले प्लॉटों पर भी ज्यादा निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) और अधिक मंजिलें बनाने की कानूनी मंजूरी मिल सकेगी। इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि निजी डेवलपर्स और कॉलोनाइजर कम लागत में नए आवासीय प्रोजेक्ट्स तैयार कर सकेंगे, जिससे शहरी क्षेत्रों में किफायती मकानों की संख्या तेजी से बढ़ेगी।
जनता के सुझावों के बाद लिया जाएगा अंतिम निर्णय
सरकार ने भूमि विकास नियमों के इस नए प्रारूप (ड्राफ्ट) को आम जनता के लिए सार्वजनिक कर दिया है और इस पर सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। विभाग को मिलने वाले सभी सुझावों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद ही इन नए नियमों को अंतिम रूप से लागू (अधिसूचित) किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य शहरों का सही तरीके से विकास करना और हर वर्ग तक किफायती आवास पहुंचाना है।
दान पेटी से निकली वायरल चिट्ठी, युवक ने 1 लाख की कमाई तक किया अनोखा संकल्प
3 Jul, 2026 12:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और बेहद प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का एक ऐसा अनोखा रंग देखने को मिला है, जिसने मंदिर प्रबंधन से लेकर आम जनता तक सभी को हैरान कर दिया है। अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटियां जब खोली गईं, तो उनमें से केवल लाखों रुपये का नगद चढ़ावा और सोने-चांदी के आभूषण ही नहीं निकले, बल्कि श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और भावनाओं से ओत-प्रोत दर्जनों मन्नत की पर्चियां भी बाहर आईं। इन सभी पर्चियों के बीच एक अज्ञात युवक का मन्नत पत्र इस समय पूरे शहर में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। इस युवक ने अपनी आर्थिक तरक्की और सफलता के लिए भगवान शिव के चरणों में कुछ ऐसे अनूठे और कठिन संकल्प लिख कर समर्पित किए हैं, जिन्हें पढ़कर दान राशि गिन रहे अधिकारी भी अपनी हंसी और हैरानी नहीं रोक पाए।
अमीर बनने के लिए खुद पर लगाए कड़े प्रतिबंध, 'सुंदर लड़कों' को न देखने का लिया संकल्प
अचलेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट द्वारा जिला प्रशासन और बैंक अधिकारियों की कड़ी निगरानी में जून महीने के चढ़ावे की गणना की जा रही थी। इस दौरान जब नोटों और सिक्कों के ढेर के बीच से श्रद्धालुओं की मन्नतों की पर्चियां अलग की गईं, तो इस अनोखे संकल्प पत्र ने सबका ध्यान खींचा।
इस मन्नत पत्र में युवक ने लिखा कि वह अगले दो से तीन वर्षों के भीतर हर हाल में बहुत अमीर बनना चाहता है और हमेशा खुशहाल जीवन जीना चाहता है। अपने इस सपने को पूरा करने और आत्मअनुशासन (Self-discipline) बनाए रखने के लिए उसने भगवान भोलेनाथ के सामने खुद को पांच कड़े वचनों में बांधा है:
पहला संकल्प: वह जब तक कामयाब नहीं हो जाता, तब तक खुद से फालतू बातें करके अपना समय बर्बाद नहीं करेगा।
दूसरा संकल्प: दिन में बेवजह के ख्याली पुलाव या सपने देखना पूरी तरह बंद कर देगा।
तीसरा संकल्प: बिना किसी ठोस वादे या योजना के कोई भी नया काम हाथ में नहीं लेगा।
चौथा संकल्प: जब तक उसकी मासिक आमदनी (प्रतिमाह की कमाई) न्यूनतम 1 लाख रुपये तक नहीं पहुंच जाती, तब तक वह किसी भी रिश्तेदार या दोस्त के घर मेहमान बनकर नहीं जाएगा।
पांचवां और सबसे अनोखा संकल्प: पर्ची के पीछे युवक ने साफ शब्दों में लिखा कि जब तक वह एक लाख रुपये महीना कमाना शुरू नहीं कर देता, तब तक सड़क पर चलते हुए उसे कितने भी सुंदर लड़के दिखाई दें, वह उनकी तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखेगा।
री-नीट (RE-NEET) में सफलता और सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए भी गुहार
भगवान अचलेश्वर के दरबार में सिर्फ अमीर बनने की ही नहीं, बल्कि देश की वर्तमान परिस्थितियों से जुड़ी युवाओं की चिंताएं भी दान पेटी के रास्ते भगवान तक पहुंची हैं।
नीट परीक्षा की मन्नत: दान पेटी से निकली एक अन्य मुख्य पर्ची में एक मेडिकल छात्र का दर्द और उम्मीद साफ दिखाई दी। छात्र ने देश में चल रहे परीक्षा विवादों के बीच भगवान अचलेश्वर महादेव से प्रार्थना की है कि यदि री-नीट (RE-NEET) परीक्षा आयोजित होती है, तो उसका प्रदर्शन बेहद शानदार रहे।
सरकारी कॉलेज की चाह: छात्र ने मन्नत मांगी है कि उसे महादेव की कृपा से मध्य प्रदेश के ही किसी नामी शासकीय मेडिकल कॉलेज (Government Medical College) में एमबीबीएस (MBBS) की सीट मिल जाए। इसके अलावा अन्य कई पर्चियों में लोगों ने परिवार के उत्तम स्वास्थ्य, बेरोजगारी से मुक्ति, कर्ज के बोझ से छुटकारा, बच्चों की शादियां समय पर होने और घर में सुख-समृद्धि की कामना करते हुए अपनी अर्जियां भगवान के चरणों में लगाई हैं।
20 सेवानिवृत्त अधिकारियों की टीम ने की गणना: मिले लाखों रुपये और चांदी के आभूषण
मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि अचलेश्वर महादेव मंदिर में हर महीने बड़ी संख्या में स्थानीय और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं पर्चियों में लिखकर दान पेटी में डालते हैं। जून माह के चढ़ावे की इस बेहद पारदर्शी गणना प्रक्रिया में डाक विभाग और विभिन्न बैंकों के लगभग 20 सेवानिवृत्त (Retired) अनुभवी कर्मचारियों और अधिकारियों की विशेष टीम शामिल रही।
इस पूरी गिनती के अंत में दान पेटियों से कुल 5 लाख 52 हजार 580 रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई है। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में चांदी के नाग-नागिन के जोड़े, कुछ अत्यंत प्राचीन सिक्के और अन्य कीमती वस्तुएं भी चढ़ावे के रूप में मिली हैं। मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों का कहना है कि ये पर्चियां इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि भक्तों के लिए भगवान सिर्फ एक मूर्ति नहीं, बल्कि उनके सबसे बड़े हमराज हैं, जिनके सामने वे अपने बड़े से बड़े सपने, संघर्ष, कमजोरियां और उम्मीदें बिना किसी डर के खुलकर समर्पित कर देते हैं।
शर्मनाक! 10वीं की छात्रा से छेड़छाड़, टीचर देता था रिलेशनशिप का दबाव
3 Jul, 2026 10:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जिसने गुरु और शिष्या के पवित्र रिश्ते को दागदार कर दिया है। शहर के बहोड़ापुर इलाके में एक निजी ट्यूटर (होम ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक) पर अपनी ही 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करने और उसे प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोपी शिक्षक छात्रा पर अपनी 'गर्लफ्रेंड' बनने का दबाव बना रहा था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
6 साल से पढ़ा रहा था घर आकर
पीड़ित छात्रा बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के तिकोनिया इलाके की रहने वाली है और फिलहाल 10वीं कक्षा में पढ़ रही है। बताया जा रहा है कि जब छात्रा चौथी क्लास में थी, तभी से उसके माता-पिता ने उसकी बेहतर पढ़ाई के लिए ब्रजेश धाकड़ नाम के शिक्षक को होम ट्यूशन के लिए रखा था। ब्रजेश पिछले करीब छह सालों से हर रोज दो घंटे छात्रा को उसके घर पर पढ़ाने आता था। लंबे समय से जुड़े होने के कारण परिवार उस पर पूरा भरोसा करता था, लेकिन पिछले दो महीनों से शिक्षक की नीयत खराब हो गई।
गलत हरकतें और बदनाम करने की धमकी
छात्रा का आरोप है कि पिछले दो महीनों से ब्रजेश धाकड़ उसे पढ़ाने के बहाने गलत तरीके से छूने लगा था। वह पढ़ाई के दौरान उसका हाथ पकड़ता और अश्लील बातें करता था। जब छात्रा इसका विरोध करती, तो आरोपी उसे अपनी गर्लफ्रेंड की तरह रहने और फोन पर बात करने के लिए मजबूर करता था। इतना ही नहीं, आरोपी शिक्षक ने नाबालिग को धमकी दी थी कि अगर उसने यह बात अपने माता-पिता या किसी और को बताई, तो वह उसे समाज में बदनाम कर देगा।
मां के सामने फूट-फूटकर रोई बेटी, तब खुला राज
शिक्षक की इन हरकतों और धमकियों की वजह से 16 साल की छात्रा बुरी तरह डर गई थी। वह गुमसुम और उदास रहने लगी, जिससे उसकी पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ने लगा। बेटी के चेहरे पर लगातार छाई उदासी को देखकर जब मां ने प्यार से उससे इसका कारण पूछा, तो छात्रा फूट-फूटकर रो पड़ी। इसके बाद उसने शिक्षक की छह साल की विवशता और पिछले दो महीने की सारी करतूतें मां के सामने बयां कर दीं।
केस दर्ज, आरोपी की तलाश में पुलिस
इस घिनौनी हरकत की जानकारी मिलते ही पीड़िता के परिजन तुरंत उसे लेकर बहोड़ापुर पुलिस थाने पहुंचे। पुलिस ने छात्रा के बयानों के आधार पर आरोपी शिक्षक ब्रजेश धाकड़ के खिलाफ संबंधित धाराओं (और पोक्सो एक्ट) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। घटना के बाद से ही आरोपी शिक्षक फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
सुहागरात बनी विवाद की वजह, फरार दुल्हन की वापसी पर दूल्हे का बड़ा फैसला
3 Jul, 2026 09:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: बीते कुछ समय में वैवाहिक रिश्तों में तकरार और गंभीर अपराधों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। इंदौर के राजा रघुवंशी और पुणे के केतन अग्रवाल जैसे मामलों ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। इसी बीच मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां शादी के ठीक अगले दिन एक नई-नवेली दुल्हन घर की छत से कूदकर फरार हो गई। बाद में जब उसे वापस लाया गया, तो पति ने सुरक्षा का हवाला देते हुए उसे अपने साथ रखने से साफ मना कर दिया।
शादी की खुशियां पल भर में गायब
यह अजीबोगरीब मामला ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंधिया नगर का है। यहां रहने वाले टेंट कारोबारी जितेंद्र जोशी का विवाह 28 जून को मुरैना (झुंडपुरा) की रहने वाली नम्रता जोशी के साथ हुआ था। दुल्हन के घर आगमन पर पूरा परिवार बेहद खुश था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बहू का भव्य स्वागत किया गया था। देर रात तक पूजा-पाठ और रस्में चलती रहीं, जिसके बाद नवविवाहित जोड़ा अपने कमरे में चला गया।
सुबह खुली नींद, तो उड़ गए होश
हैरानी की बात तब हुई जब अगली सुबह पति जितेंद्र की नींद खुली। उसने देखा कि उसकी पत्नी कमरे में नहीं है। जब पूरे घर में खोजबीन की गई तो पता चला कि घर के मुख्य दरवाजे पर तो ताला लटका हुआ था, लेकिन छत की कुंडी खुली हुई थी।
सीसीटीवी में कैद हुई दुल्हन की 'कूद-फांद'
जब परिवार ने आस-पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, तो सबके होश उड़ गए। फुटेज में नई दुल्हन सुबह-सुबह अकेले ही पड़ोसियों की छतों पर छलांग लगाते हुए भागती नजर आई। इतना ही नहीं, जब घर के लॉकर की जांच की गई तो पता चला कि दुल्हन अपने साथ शादी में मिले सोने-चांदी के कीमती जेवरात भी समेटकर रफूचक्कर हो चुकी थी।
थाने पहुंचा मामला, पति बोला- 'जान प्यारी है'
घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। इसके बाद मायके और ससुराल, दोनों पक्षों ने मिलकर खोजबीन शुरू की और नम्रता को ढूंढ निकाला। जब दोनों पक्ष उसे लेकर पुलिस थाने पहुंचे, तो नम्रता के परिजनों ने अपनी गलती मानते हुए जितेंद्र से उसे अपनाने की गुहार लगाई।
हालांकि, पति जितेंद्र ने सख्त रुख अपनाते हुए दुल्हन को साथ रखने से मना कर दिया। जितेंद्र ने थाने में दो टूक कहा कि आजकल देश और प्रदेश में हत्या कर लाश को नीले ड्रम में छुपाने की आपराधिक घटनाएं बहुत सुनने को मिल रही हैं। उसने कहा कि उसे अपनी जान बहुत प्यारी है और वह इस तरह के खौफ और डर के साए में अपनी जिंदगी नहीं बिता सकता।
मध्य प्रदेश में मौसम का कहर, कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी
3 Jul, 2026 07:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है और इसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। राजधानी भोपाल और उसके आस-पास के इलाकों में बीते दिनों से लगातार बादल छाए हुए हैं, वहीं बीती रात कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। अच्छी बात यह है कि जो जिले अब तक मानसून की पहुंच से दूर थे—जैसे रतलाम, मंदसौर, नीमच, ग्वालियर और चंबल संभाग के इलाके—वे भी अब पूरी तरह से मानसून की जद में आ चुके हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के कारण आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार और तेज होने वाली है।
हरदा और खंडवा में 'रेड अलर्ट', निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र (भोपाल) ने आज राज्य के दो प्रमुख जिलों—हरदा और खंडवा के लिए भारी से अत्यंत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इन जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है, क्योंकि मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नालों के उफान पर आने और निचले रिहायशी इलाकों में पानी भरने (जलभराव) की गंभीर स्थिति बन सकती है।
इन 6 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट', तेज हवाओं के साथ गिर सकती है बिजली
मौसम विभाग ने प्रदेश के 6 अन्य जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जहां 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.5 मिलीमीटर तक अति भारी बारिश होने की आशंका है। ये जिले हैं:
धार
बुरहानपुर
खरगोन
बैतूल
बड़वानी
देवास
मौसम विभाग की चेतावनी: खराब मौसम, तेज आंधी और भारी बारिश के दौरान किसान खेतों में काम करने से बचें और कोई भी व्यक्ति पेड़ों के नीचे शरण न ले। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।
अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच पानी गिरने का अनुमान
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के कई हिस्सों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। राज्य में आगामी 5 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आगामी दिनों की बात करें तो धार और बड़वानी में आज, जबकि खरगोन जिले में कल के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।
राहत के बीच चिंता: अब भी कोटे से 28% कम है बारिश
भले ही जून के पूरे महीने आंधी-बारिश का दौर चला हो और जुलाई की शुरुआत भी दमदार रही हो, लेकिन प्रदेश में अब तक कुल 100.2 मिमी (करीब 4 इंच) ही पानी बरसा है। यह आंकड़ा इस समय तक होने वाली सामान्य बारिश (139.7 मिमी या 5.4 इंच) के मुकाबले अभी भी 28 प्रतिशत कम है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगले 4 दिनों की ये भारी बारिश इस कमी की भरपाई कर देगी।
सरकारी दफ्तर में गरमाया विवाद, कर्मचारी बोला- मिला तो जान से खत्म कर दूंगा
3 Jul, 2026 07:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजगढ़:मध्य प्रदेश का राजगढ़ शहर इस समय एक सनसनीखेज मामले को लेकर चर्चा में है। यहाँ नगर पालिका के ही एक अस्थायी (कर्मचारी) ने नगर पालिका अध्यक्ष को खुलेआम जान से मारने की धमकी दे डाली। हद तो तब हो गई जब आरोपी कर्मचारी ने नगर पालिका के ऑफिशियल वॉट्सऐप ग्रुप पर एक धारदार चाकू की तस्वीर पोस्ट की और लिखा कि "मुझे जेल भिजवा दो, नहीं तो कल कोई एक खत्म हो जाएगा।"
ऑफिशियल ग्रुप पर दी खुली चुनौती
जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका परिषद राजगढ़ के नाम से बने आधिकारिक वॉट्सऐप ग्रुप पर अचानक एक के बाद एक कई विवादित मैसेज आए। यह मैसेज संस्थान के ही एक कर्मचारी के नंबर से भेजे गए थे। आरोपी ने ग्रुप में पहले एक बड़े चाकू की फोटो डाली और फिर नीचे लिखा— "मुझे जेल करवा दो नहीं तो कोई कल एक खत्म हो जाएगा... पक्की बात है... जो ये इतना हवा में है अगर मुझे मिल गया तो पक्का मार दूंगा। ये राजपूत की जुबान है... अगर कल एक को नहीं मारा तो नाम बदल देना।"
फोन और पर्सनल मैसेज पर भी दी धमकी
आरोपी कर्मचारी यहीं नहीं रुका, उसने नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू को व्यक्तिगत रूप से फोन करके और पर्सनल मैसेज भेजकर भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस घटना के बाद नगर पालिका स्टाफ और पार्षदों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ (CMO) ने तुरंत कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया केस, बढ़ सकती हैं धाराएं
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शिकायत के आधार पर आरोपी कर्मचारी राजपाल सिंह परमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कोतवाली थाना प्रभारी (TI) मंजू मखेनिया ने बताया कि आरोपी पहले भी इस तरह की हरकतें कर चुका है। फिलहाल अध्यक्ष को फोन पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में केस दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया और सरकारी ग्रुप पर दी गई धमकी के डिजिटल सबूतों को देखते हुए, पुलिस कानूनी विशेषज्ञों (DPO) से सलाह ले रही है, जिसके बाद इस केस में आईटी एक्ट और अन्य सख्त धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।
"सेफ क्लिक 2.0" के तहत प्रदेश भर के विद्यालयों में गूंजी साइबर सुरक्षा की शपथ
2 Jul, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप एवं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में प्रदेश को साइबर अपराधों से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी "सेफ क्लिक 2.0" साइबर जागरूकता अभियान के अंतर्गत बुधवार को एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता पहल की गई। स्कूल शिक्षा विभाग एवं राज्य साइबर पुलिस के समन्वय से प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों में आयोजित प्रार्थना सभाओं के दौरान लाखों विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शैक्षणिक स्टाफ ने "साइबर शपथ"लेकर सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संकल्प लिया।
प्रदेश भर में एक साथ आयोजित इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। राजधानी भोपाल से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक विद्यालयों में साइबर सुरक्षा का संदेश एक साथ प्रसारित हुआ और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इस पहल में सहभागिता की।
वर्तमान डिजिटल युग में बच्चे एवं युवा इंटरनेट, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग कर रहे हैं। इसी कारण वे साइबर ठगी, ऑनलाइन उत्पीड़न, फर्जी लिंक, फेक न्यूज तथा अन्य साइबर अपराधों के प्रति अधिक संवेदनशील हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में यह जागरूकता विकसित करना है कि डिजिटल दुनिया में प्रत्येक क्लिक सोच-समझकर करना आवश्यक है तथा थोड़ी-सी सावधानी उन्हें बड़ी आर्थिक एवं सामाजिक हानि से बचा सकती है।
साइबर शपथ के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी, जैसे पासवर्ड, ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी तथा निजी विवरण किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने, सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने, भ्रामक एवं अपुष्ट सूचनाएं साझा न करने, ऑनलाइन गेमिंग एवं चैटिंग के दौरान किसी भी प्रकार के लालच अथवा धमकी से प्रभावित न होने तथा किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि अथवा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना देने का संकल्प लिया।
इस राज्यव्यापी कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व से ही सभी जिला शिक्षा अधिकारियों एवं विद्यालयों के प्राचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। विद्यालयों में शिक्षकों ने शपथ के साथ विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग तथा ऑनलाइन सतर्कता के संबंध में भी जानकारी प्रदान की।
मध्यप्रदेश पुलिस का विश्वास है कि समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—विद्यार्थियोंको साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर साइबर अपराधों की रोकथाम की दिशा में दीर्घकालीन एवं प्रभावी परिणाम प्राप्त होंगे। जागरूक विद्यार्थी न केवल स्वयं सुरक्षित रहेंगे, बल्कि अपने परिवार एवं समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मध्यप्रदेश पुलिस एवं स्कूल शिक्षा विभाग ने इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों, शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्कालराष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन1930 अथवा संबंधित पुलिस इकाई को दें।
एमपीसीए इमर्जिंग टीम में विश्वास सारंग क्रिकेट अकादमी के अनिमेष सिंह का चयन
2 Jul, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : विश्वास सारंग क्रिकेट अकादमी के उभरते तेज गेदबाज अनिमेष सिंह का चयन एमपीसीए इमर्जिंग टीम में चयन हुआ है। सिंह 7 से 21 जुलाई 2026 तक मध्यप्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए रणजी ट्राफी विजेता जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम के साथ चार अभ्यास मैच खेलेंगे।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग से अनिमेष सिंह ने उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मंत्री सारंग ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और पूरी निष्ठा एवं आत्मविश्वास के साथ प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित किया।
मंत्री सारंग ने कहा कि “मध्यप्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण लगातार मजबूत हो रहा है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर खेल अधोसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश की खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं और लगातार निखरकर सामने आ रही हैं। हमें विश्वास है कि हमारे युवा खिलाड़ी आने वाले समय में देश और प्रदेश का नाम और ऊंचा करेंगे।” एमपीसीए इमर्जिंग टीम में भोपाल के चार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को स्थान मिला है। इनमें अनिमेष सिंह, पृथ्वीराज सिंह तोमर, तनिष्क यादव और तनमय पांडे शामिल हैं। इन खिलाड़ियों का चयन हाल के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है।
पहले दो अभ्यास मैचों के लिए चयनित खिलाड़ियों को 3 जुलाई को होलकर स्टेडियम, इंदौर में रिपोर्ट करना होगा, जबकि अंतिम दो मैचों के लिए चयनित खिलाड़ियों को 12 जुलाई को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर जैसी मजबूत टीम के खिलाफ होने वाले ये अभ्यास मैच युवा खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर होंगे और आगामी घरेलू क्रिकेट सत्र की तैयारियों में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
मध्यप्रदेश पुलिस में eHRMS ऑनलाइन अवकाश प्रणाली प्रारंभ
2 Jul, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : पुलिस कर्मियों की सेवा प्रबंधन प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, त्वरित एवं सुगम बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशानुसार प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों में 01 जुलाई 2026 से eHRMS (Electronic Human Resource Management System) काई-लीव मॉड्यूललागू कर दिया गया है। इसके माध्यम से अब प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी ऑनलाइन अवकाश आवेदन, स्वीकृति तथा उसकी अद्यतन स्थिति की जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे, जिससे अवकाश प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध हो जाएगी।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिस कर्मियों की पारंपरिक मैनुअल सेवा अभिलेख व्यवस्था को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से जुलाई 2025 से eHRMS ऑनबोर्डिंग का कार्य प्रारंभ किया गया था। इस दौरान सेवा पुस्तिकाओं का स्कैनिंग एवं अनिवार्य सेवा संबंधी विवरणों का डिजिटलीकरण किया गया। मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के माध्यम सेएक लाख से अधिक सेवा पुस्तिकाओं का स्कैनिंग कार्यसंपन्न किया गया तथा वर्तमान में लगभगएक लाख पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी eHRMS पर ऑनबोर्डकिए जा चुके हैं।
पुलिस विभाग में जारी होने वाले सभी महत्वपूर्ण सेवा संबंधी आदेशों को सुरक्षित एवं डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 23 मार्च 2026 से eHRMS काऑर्डर बुक (O.B.) मॉड्यूलभी प्रारंभ किया जा चुका है। इसके माध्यम से सेवा पुस्तिका से संबंधित सभी महत्वपूर्ण आदेश अब eHRMS पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेंगे, जिससे अभिलेखों का संरक्षण एवं उपलब्धता और अधिक सुदृढ़ होगी।
ई लीव मॉड्यूल को विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए इसे प्रारंभिक रूप सेएससीआरबी, कार्मिक शाखा, विशेष शाखा, पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल तथा 25वीं वाहिनी भोपालमें प्रायोगिक रूप से लागू किया गया था। इन इकाइयों से प्राप्त सुझावों एवं फीडबैक के आधार पर मॉड्यूल में आवश्यक सुधार एवं परिष्करण किए गए, जिसके बाद इसे प्रदेश की लगभग 120 पुलिस इकाइयोंमें लागू किया गया है।
अब पुलिस विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी eHRMS पोर्टल (ehrms.mp.gov.in) अथवा eHRMS मोबाइल एपके माध्यम से ऑनलाइन अवकाश आवेदन कर सकेंगे। यह मोबाइल एप Google Play Store तथा Apple App Store दोनों पर उपलब्ध है। पोर्टल पर प्रत्येक कैडर के अनुसार अवकाश के प्रकार, पात्रता एवं उपलब्धता का विवरण पहले से दर्ज किया जा चुका है। कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात संबंधित लीव क्लर्क उसे सक्षम स्वीकृतकर्ता अधिकारी को अग्रेषित करेगा। अधिकारी ऑनलाइन ही अनुशंसा एवं स्वीकृति प्रदान करेंगे तथा कर्मचारी अपनी लॉगिन आईडी पर अपने अवकाश आवेदन की अद्यतन स्थिति देख सकेगा। इससे अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी बनेगी।
उल्लेखनीय है कि eHRMS के ई लीव मॉड्यूल का उपयोग वर्तमान में मध्यप्रदेश शासन के केवल कुछ विभागों द्वारा किया जा रहा है, जिनमें पुलिस विभाग सर्वाधिक उपयोगकर्ता संख्या के साथ अग्रणी है। इसके अंतर्गत लगभग 1,01,928 अधिकारी एवं कर्मचारी इस सुविधा से जुड़े हैं।
टैलेंट सर्च 2026-27 बना खेल प्रतिभाओं का महाअभियान
2 Jul, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश की उभरती खेल प्रतिभाओं की पहचान एवं उन्हें राज्य खेल अकादमियों में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "टैलेंट सर्च 2026-27" का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में चयन ट्रायल्स आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खिलाड़ी उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस महाअभियान के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राज्य खेल अकादमियों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।
विभिन्न खेलों के ट्रायल्स में दिखा खिलाड़ियों का उत्साह
अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में शूटिंग, पुरुष एवं महिला हॉकी, स्लालम, बैडमिंटन, घुड़सवारी, तीरंदाजी, जूडो, रोइंग, कुश्ती एवं फेंसिंग सहित अनेक खेलों के चयन ट्रायल्स सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। प्रत्येक चयन स्थल पर बड़ी संख्या में बालक एवं बालिका खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी तकनीकी दक्षता, फिटनेस एवं खेल कौशल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के साथ अभिभावकों एवं प्रशिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्रदान किया।
विशेषज्ञों की निगरानी में हुई चयन प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप अनुभवी प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञ चयनकर्ताओं की निगरानी में संपन्न की जा रही है। खिलाड़ियों का परीक्षण शारीरिक दक्षता, तकनीकी कौशल तथा खेल विशेष की आवश्यकताओं के आधार पर किया जा रहा है, जिससे योग्य प्रतिभाओं का चयन कर उन्हें राज्य खेल अकादमियों में प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध कराया जा सके।
आगामी दिनों में इन खेलों के होंगे चयन ट्रायल्स
टैलेंट सर्च अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में भी प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर एथलेटिक्स, ट्रायथलॉन, बॉक्सिंग, क्याकिंग एवं केनोइंग, बैडमिंटन, पुरुष एवं महिला हॉकी, तीरंदाजी एवं ताइक्वांडो सहित विभिन्न खेलों के चयन ट्रायल्स निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न जिलों एवं संभागीय केंद्रों पर खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहा है प्रतिभा चयन अभियान
भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, सतना, रीवा, गुना, शिवपुरी, दतिया, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, कटनी, मंदसौर, उज्जैन, सिवनी, बड़वानी, मंडला, झाबुआ, अलीराजपुर, धार सहित प्रदेश के अनेक जिलों में चयन ट्रायल्स का आयोजन किया जा रहा है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को भी राज्य स्तरीय खेल अकादमियों तक पहुंचने का समान अवसर प्राप्त हो रहा है।
खिलाड़ियों से अधिकाधिक भागीदारी की अपील
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने प्रदेश के खिलाड़ियों, अभिभावकों, विद्यालयों एवं खेल संस्थाओं से अपील की है कि जिन खेलों के चयन ट्रायल्स आगामी दिनों में आयोजित होने हैं, उनमें अधिक से अधिक खिलाड़ी निर्धारित तिथि एवं पात्रता के अनुसार भाग लें। टैलेंट सर्च 2026-27 केवल चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की नई खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
देवास के डायल-112 हीरोज
2 Jul, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : देवास जिले के थाना औद्योगिक क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर से निकलकर रास्ता भटक गए 03 वर्षीय बालक को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। समय पर की गई सहायता से मासूम सकुशल अपने परिवार तक पहुँच सका।
01 जुलाई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत अमृत स्वीट्स के पास एक 03 वर्षीय बालक मिला है, जो घर का रास्ता भटक गया है तथा अपने परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है। सूचना प्राप्त होते ही थाना औद्योगिक क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।
डायल-112 स्टाफ आरक्षकश्री सचिन चौहान एवं पायलट श्री देवेंद्र भारती ने मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। इसके उपरांत डायल-112 टीम ने बालक को एफआरव्ही वाहन में साथ लेकर आसपास के क्षेत्रों में उसके परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की, किन्तु कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इसके बाद बालक को सुरक्षित थाने लाया गया।
कुछ समय पश्चात बालक के माता-पिता उसकी तलाश करते हुए थाना पहुँचे। आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत बालक को सुरक्षित उनके सुपुर्द किया गया। अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 सेवा एवं पुलिस जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ हर परिस्थिति में सहायता पहुँचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है।
संभावित अल्प वर्षा से निपटने के लिए सभी विभाग करें समन्वित तैयारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
2 Jul, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर योजना, वैज्ञानिक खेती और समयबद्ध तैयारी के अवसर के रूप में लिया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को समय पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं, जिससे प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में इस वर्ष प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति के मद्देनज़र किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित अन्य संबंधित विभागों की अब तक की पूर्व तैयारियों की गहन समीक्षा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश का प्रत्येक किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच और उचित तैयारी के साथ करे। समय पर सही निर्णय और विभागों के प्रभावी समन्वय से हम संभावित अल्प वर्षा के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। उन्होंने ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर तथा कोदो-कुटकी जैसी मोटे अनाज एवं दलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने के साथ किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को जल्दबाजी में बुआई नहीं करने के लिए भी प्रेरित किया जाए। खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद ही बुआई की जाए तथा नमी संरक्षण के उपाय अपनाए जाएं। साथ ही कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों के सुझावों को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाया जाए, जिससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसल का चयन कर सकें। इसके लिए कृषि विस्तार तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार संभावित अल्प वर्षा की स्थिति पर सतत निगरानी रखे हुए है। सभी संबंधित विभाग पूर्व नियोजित कार्य योजना के अनुसार समन्वित रूप से कार्य करें और किसानों को हर संभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि किसानों का हित सर्वोपरि है और उनकी समृद्धि तथा कृषि उत्पादन को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी।
अगले दो वर्षों की तैयारी
प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में वैकल्पिक स्रोतों का चिन्हांकन एवं टैंकर व्यवस्था की आकस्मिक योजना तैयार कर अमृत 2.0 के अंतर्गत जल प्रदाय योजनाओं का समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित की जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की ग्रामवार समीक्षा, बंद/अपूर्ण नल-जल योजनाओं की मरम्मत का 90 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। "जलाभिषेक 2.0" अंतर्गत प्रदेश में पुराने तालाबों, बावड़ियों, कुओं एवं अन्य जल संरचनाओं का सर्वे एवं जीर्णोद्धार, वीबीपी रामजी अभिसरण से प्रति विकासखंड न्यूनतम 100 जल संरचनाओं का पुनर्जीवन 2 वर्षों में किया जायेगा।
भूजल पुनर्भरण अभियान के तहत सभी विकासखंडों में रिचार्ज शाफ्ट, चेक डैम, स्टॉप डैम एवं खेत-तालाब निर्माण का मिशन मोड कार्यक्रम; "खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में" सिद्धांत पर चलाया जाएगा। नहरों की सफाई मरम्मत रबी से पूर्व पूर्ण, टेल-एंड तक पानी पहुंचाने की जवाबदेही तय की जायेगी।
कम जल मांग वाली फसलों यथा दलहन, तिलहन, श्रीअन्न (मोटे अनाज) प्रोत्साहन एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन, ग्रीष्मकालीन धान/मूंग पर जल उपलब्धता आधारित सलाह, धान क्षेत्रों में सीधी बुवाई एवं वैकल्पिक गीला-सूखा पद्धति एवं प्रत्येक जिले के लिए कंटिन्जेंसी क्रॉप प्लान तैयार किया जा रहा है।
जल विद्युत एवं जलाशय प्रबंधन के तहत सभी प्रमुख जलाशयों (इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर, बाणसागर, गांधीसागर) के लिए रूल कर्व का कड़ाई से पालन; जल उपयोग की प्राथमिकता दी जाएगी। पहले पेयजल, फिर सिंचाई, फिर विद्युत उत्पादन का स्पष्ट प्रोटोकॉल तय किया जा रहा है।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग एवं पूर्व चेतावनी प्रणाली के लिए राज्य स्तरीय जल डैशबोर्ड बनाए जाएंगे।
जन-जागरूकता महाअभियान "जल गंगा संवर्धन" की तर्ज पर जनभागीदारी आधारित सतत् अभियान चलाए जाएंगे।
प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जल संकट आकस्मिक योजना बनाई जाएगी।
आरबीसी 6 (4) अंतर्गत क्षति सर्वे के लिये राजस्व, कृषि एवं पंचायत अमले का संयुक्त प्रशिक्षण अभी से पूर्ण; डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं सैटेलाइट इमेजरी आधारित क्षति आंकलन प्रणाली का सत्यापन कराया जायेगा, जिससे सर्वे 15 दिवस में पूरा हो सके।
फसल बीमा का कवरेज विस्तार एवं दावा तत्परता से हो, इस संबंध में कार्यवाही की जाएगी।
आकस्मिकता की स्थिति से निपटने के लिए राज्य की तैयारियां
राज्य स्तरीय मॉडल आकस्मिक कार्य योजना तैयार कराकर विभागीय पोर्टल पर अपलोड कराई गई हैं।
विभिन्न योजनाओं में फसल प्रदर्शनों, उन्नत फसल किस्मों के बीज वितरण के लक्ष्य जिलों को जारी किये गए हैं।
वर्षा जल संरक्षण के लिये बलराम तालाब अन्तर्गत जिलों को लक्ष्य जारी किये गए ।
सोशल मीडिया का अधिकाधिक उपयोग कर कृषकों को जागरूक करना।
मौसम के पूर्वानुमान, फसलों में मौसम अनुसार किये जाने वाले कार्यों तथा अन्य समसामयिक सलाह कृषकों को उनके मोबाइल संदेश भेजकर उपलब्ध कराई जा रही है।
सभी जिले के कलेक्टर्स को सिंचाई, जल भराव की स्थिति, जीवन रक्षक सिंचाई हेतु विद्युत की उपलब्धता, सूखे की निगरानी व्यवस्था के लिये समस्त विभागों से कार्यवाही की नियमित समीक्षा के लिये निर्देश दिये गए हैं।
26 से 30 जून की अवधि में आयोजित ग्राम सभाओं में आकस्मिक कार्य योजना की चर्चा की गई।
बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, मत्स्य पालन राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, अन्य प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
दतिया उपचुनाव का शेड्यूल जारी, 3 अगस्त को होगा नए विधायक का फैसला
2 Jul, 2026 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दतिया: मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव का बिगुल आधिकारिक तौर पर बज चुका है। चुनाव आयोग ने इस बहुप्रतीक्षित चुनावी दंगल के लिए तारीखों का पूरा कार्यक्रम (शेड्यूल) घोषित कर दिया है। तारीखों के एलान के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 4 अगस्त को मतगणना के अंतिम नतीजों के साथ ही दतिया विधानसभा को उसका नया विधायक मिल जाएगा।
6 जुलाई से शुरू होगी नामांकन की प्रक्रिया
चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का सिलसिला 6 जुलाई से शुरू हो जाएगा। चुनाव लड़ने के इच्छुक तमाम राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपने आधिकारिक नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। इसके अगले दिन यानी 14 जुलाई को जमा किए गए सभी नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (दस्तावेजों की जांच) की जाएगी।
16 जुलाई तक वापस लिए जा सकेंगे नाम
चुनावी प्रक्रिया के मुख्य पड़ाव: नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जो प्रत्याशी अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, उनके लिए अंतिम तारीख 16 जुलाई तय की गई है। इस समयसीमा के बीत जाने के बाद कोई भी उम्मीदवार अपना चुनावी नाम वापस नहीं ले पाएगा और मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
30 जुलाई को वोटिंग और 3 अगस्त को मतगणना
प्रचार अभियान के समाप्त होने के बाद, दतिया विधानसभा क्षेत्र के मतदाता 30 जुलाई को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और प्रत्याशियों की किस्मत को ईवीएम (EVM) में बंद करेंगे। इसके बाद 3 अगस्त को कड़ी सुरक्षा के बीच मतों की गिनती (काउंटिंग) शुरू होगी। 3 अगस्त से शुरू होकर 4 अगस्त की सुबह तक सभी चक्रों की गणना पूरी होने के साथ ही आधिकारिक रूप से विजेताओं की घोषणा कर दी जाएगी।
इस उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस सहित सभी प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। यह चुनाव क्षेत्र के विकास और आने वाले समय के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्वालियर में स्मार्ट मीटर पर सवाल, बढ़े हुए बिजली बिलों से जनता बेहाल
2 Jul, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: शहर में बिजली कंपनी द्वारा लगाए जा रहे नए स्मार्ट मीटर (Smart Meters) अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ने लगे हैं। स्मार्ट मीटर स्थापित होते ही बिजली की खपत और बिलों में अचानक कई गुना की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे मध्यवर्गीय परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह चरमरा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उपभोक्ताओं के घरों में बिजली के उपकरण और लोड पहले जितने ही हैं, इसके बावजूद मीटरों की रफ्तार 'बुलेट ट्रेन' जैसी हो गई है। इस तकनीकी गड़बड़ी को लेकर लोग पिछले एक महीने से बिजली दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
केस 1: आरएस राठौर (सिकंदर कंपू) – 24 घंटे में छलांग मार रही रीडिंग
सिकंदर कंपू के निवासी आरएस राठौर पिछले एक महीने से बिजली कंपनी के चक्कर काट रहे हैं। उनके घर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से रीडिंग पहले के मुकाबले चार गुना तक बढ़ गई है। राठौर द्वारा दर्ज कराया गया तारीखवार ब्योरा स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है:
11 तारीख: 64 रीडिंग
12 तारीख: सीधे 76 रीडिंग (मात्र 24 घंटे के भीतर भारी उछाल)
14 तारीख: मीटर 92 यूनिट पर पहुंचा
16 तारीख: रीडिंग बढ़कर 108 यूनिट हो गई
केस 2: जितेंद्र सिंह भदौरिया (गोवर्धन कॉलोनी) – ₹300 का बिल पहुंचा ₹1900 के पार
ऐसा ही एक अन्य चौंकाने वाला मामला गोवर्धन कॉलोनी का है। यहां के निवासी जितेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि पुराने साधारण मीटर में मई महीने की औसत खपत 64 से 78 यूनिट आती थी, जिससे उनका बिजली बिल महज ₹250 से ₹300 के बीच रहता था। लेकिन जैसे ही नया स्मार्ट मीटर लगाया गया, लोड और उपकरण समान होने के बावजूद मई की रीडिंग सीधे 198 यूनिट पर पहुंच गई। इसके चलते ₹300 आने वाला बिल अब सीधे ₹1700 से ₹1900 के बीच आ रहा है।
तकनीक और सॉफ्टवेयर पर उठे गंभीर सवाल
प्रभावित क्षेत्र के उपभोक्ताओं का सीधा आरोप है कि बिजली कंपनी बिना किसी जमीनी जांच या तकनीकी सत्यापन के मनमाने ढंग से बढ़े हुए बिल थमा रही है। लोगों का कहना है कि यदि उनके घरों में कोई नया उपकरण (जैसे एसी या हैवी मोटर) लगा होता या लोड बढ़ाया गया होता, तो बिल बढ़ना स्वाभाविक था; परंतु सब कुछ यथावत होने पर भी मीटरों की यह जादुई रफ्तार बिजली कंपनी के सॉफ्टवेयर और मीटरों की गुणवत्ता में बड़ी खराबी की ओर इशारा करती है।
अधिकारियों का पक्ष
"नगर संभाग दक्षिण क्षेत्र के विभिन्न जोनों से स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों के निवारण के लिए विभाग द्वारा संबंधित परिसरों में 'चेक मीटर' (Check Meter) लगाकर समानांतर जांच कराई गई है, लेकिन अब तक किसी भी मामले में मीटर के तेज भागने की तकनीकी पुष्टि नहीं हुई है।" — संतोष बिठ्ठल, उपमहाप्रबंधक, नगर संभाग दक्षिण
राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जश्न में फायरिंग पड़ी भारी, बिहार में BJP विधायक को कोर्ट ने सुनाई सजा
गुजरात में पीएम मोदी बोले- सेमीकंडक्टर सेक्टर में दुनिया का भरोसा जीत रहा भारत
चंदौसी: शिक्षिका की मौत के बाद वकील पर FIR, सुसाइड नोट बना अहम सबूत
जनता को जल्द इंसाफ दिलाने की दिशा में बिहार सरकार का अहम निर्णय
जमीन विवाद में गर्भवती महिला पर हमले से दो अजन्मे बच्चों की मौत, इलाके में आक्रोश
बटाला फायरिंग केस: धमकी और गोलियों से दहला इलाका, जांच जारी
कथित चंदा चोरी केस में बड़ा खुलासा: चार्टर्ड प्लेन से सिंडिकेट के आका, ट्रेन से ले जाया गया रामलला का सोना!
मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान: 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा संसद का सत्र
क्या कानून बचा सकता है एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर के आरोपी पति को? सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला
