मध्य प्रदेश
नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 28 जून को
26 Jun, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भारत सरकार द्वारा लागू नवीन आपराधिक कानूनों —भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita - BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita - BNSS), एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 (Bharatiya Sakshya Adhiniyam - BSA) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं आपराधिक न्याय प्रणाली के विभिन्न स्तंभों (पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन, कारागार एवं फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) के मध्य डिजिटल समन्वय को सुदृढ़ करने हेतु Interoperable Criminal Justice System (ICJS) के अंतर्गत एक राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन रविवार, 28 जून को प्रात: 9.30 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार (मिंटो हॉल), भोपाल में किया जा रहा है।
इस कार्यशाला में सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा विभिन्न जिलों के माननीय न्यायाधीश, मेडीकल आफिसर्स, अभियोजन, कारागार तथा फोरेंसिक साइंस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहभागिता करेंगे। इस कार्यशाला का उद्देश्य नवीन आपराधिक कानूनों की डिजिटल रूप से प्रभावी क्रियान्वयन रणनीतियों पर विमर्श करना एवं सभी स्तंभों के बीच समन्वय स्थापित करना है।
पुलिस सैलरी पैकेज योजना कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा
26 Jun, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कल्याण हेतु संचालित योजनाएं कठिन परिस्थितियों में पुलिस परिवारों के लिए सशक्त सहारा बनकर सामने आ रही हैं। इसी क्रम में मंडला में दिवंगत पुलिसकर्मी के परिजन को भारतीय स्टेट बैंक की पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक करोड़ रुपए की बीमा सहायता राशि प्रदान की गई है।
35वीं वाहिनी मंडला में पदस्थ स्वर्गीय कार्यवाहक प्रधान आरक्षक मुकेश बंसकार का सर्पदंश के कारण निधन हो जाने पर उनका वेतन खाता भारतीय स्टेट बैंक शाखा मंडला में पुलिस सैलरी पैकेज योजना से संबद्ध होने के कारण उनके नामांकित उत्तराधिकारी उनकी पत्नी रजनी बंसकार को दुर्घटनावश मृत्यु बीमा के रूप में 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। सेनानी 35वीं वाहिनी मंडला राजेश रघुवंशी द्वारा परिजनों को उक्त राशि का चेक सौंपा गया।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को पुलिस वेतन पैकेज खाता के जरिए अनेक वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का आकस्मिक मृत्यु बीमा, होम लोन पर विशेष ब्याज दरें, मुफ्त डेबिट कार्ड और बीमा परिवार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुरक्षा कवच शामिल हैं।
सशक्त लोकतंत्र ही हमारी पहचान, हम लोकतंत्र सेनानियों का ऋण कभी नहीं चुका पाएंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
26 Jun, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्र हित से बढ़कर कुछ भी नहीं है। राष्ट्र हित में ही सबका हित निहित है। सशक्त लोकतंत्र ही भारत राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है, जिसने देश को वैश्विक पटल पर एक विशिष्ट और सम्मानजनक पहचान दिलाई है। लोकतंत्र सेनानियों ने देश में लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए अपना खून-पसीना बहाया, अमानवीय अत्याचार सहे और अनेक लोगों ने अपने प्राणों की आहुति तक दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा हम सभी भारतवासी इन लोकतंत्र सेनानियों का ऋण कभी नहीं चुका पाएंगे। आज देश की एकता, विविधता, अखंडता और अक्षुण्णता इन्हीं साहसी, समर्पित एवं राष्ट्रनिष्ठ कर्मवीरों की ही देन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को लोकतंत्र सेनानी स्मृति दिवस के अवसर पर रवीन्द्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के प्रादेशिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए कठिन से कठिन यातनाएं सहने वाले वीर लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अमूल्य स्रोत है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जावरा, जिला रतलाम निवासी 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मी नारायण पाटीदार और 95 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी शांतिलाल संघवी सहित आपातकाल के दौरान प्रमुख भूमिका में रहे पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का शील्ड प्रदान कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रादेशिक सम्मेलन में आए सभी लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प-वर्षा कर उनका स्वागत-सम्मान किया। सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। सम्मेलन में देश में आपातकाल पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपातकाल पर केंद्रित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
लोकतंत्र सेनानियों के हित में की घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में घोषणा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में लोकतंत्र सेनानियों के लिए स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था कर उन्हें तीर्थ दर्शन कराया जायेगा। इनके लिए शासकीय रेस्ट हाउस में 2 दिन तक रूकने की व्यवस्था भी की जाएगी। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर शिलालेख लिखवाये जायेंगे एवं उनके गांव, कस्बे, नगर या निवास क्षेत्र के समीप मौजूद सार्वजनिक भवनों, पार्क एवं रोड आदि का नाम भी इनके नाम पर रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि लोकतंत्र सेनानियों के इलाज का सारा खर्चा अब सरकार उठाएगी। किसी लोकतंत्र सेनानी के बीमार पड़ने पर उन्हें उत्कृष्ट और बड़े स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए पीएमएयर एंबुलेंस की नि:शुल्क सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र दिया जाएगा। लोकतंत्र सेनानियों द्वारा अपने निवास के पते पर बदलाव होने पर उन्हें दी जा रही सम्मान निधि से संबंधित बैंक या शाखा बदलने की सुविधा भी दी जाएगी। किसी भी शासकीय कार्यालय में लोकतंत्र सेनानियों के पहुंचने पर संबंधित अधिकारी पूरे सम्मान और प्राथमिकता के साथ इनकी बात सुनेंगे तथा इनके सुझाव भी माने जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की थी, उसी प्रकार आपातकाल के उस काले दौर में लोकतंत्र सेनानियों ने अनेक कष्ट सहकर मातृभूमि के मूल "लोकतंत्र" की रक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि लोकतंत्र सेनानी अपने लक्ष्य से अडिग, अटूट और दृढ़ संकल्पी न होते, तो भारत इतना मजबूत लोकतंत्र न होता। लोकतंत्र सेनानियों के अथक संघर्ष से ही हमारा लोकतंत्र सुरक्षित भी है और समृद्ध भी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल के दौर में लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और समर्पण से ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति को प्रधानमंत्री पद मिलता है। हमारे आपके जैसे सामान्य परिवार के कई लोगों को भी राज्यों में जनसेवा का अवसर मिल रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमें अपने देश में लोकतंत्र की मिसाल बनाए रखना है। लोकतंत्र में जनता का शासन, जनता के द्वारा, जनता के लिए होना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल के समय किसी को भी जेल में डाल दिया जाता था। एक प्रकार से देशभर में भय का वातावरण था। उन्होंने बताया कि उनके पिता भी 19 महीने तक जेल में रहे। तब लोकतंत्र सेनानियों पर जेलों में अनेकों अत्याचार किए गए। तत्कालीन सत्ताधीश चाहते थे कि जो लोग उनकी पार्टी में शामिल हो जाएंगे, उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा। आपातकाल लगाने वाले सत्ताधीशों ने एक ही परिवार को आगे बढ़ाने के लिए लोकतंत्र को कुचला था।
भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 है, जो अमेरिका और चीन से अधिक
पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्यप्रदेश में आज लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपए आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने मीसाबंदियों के त्याग को समझा और दिल से उनका सम्मान समारोह कराने की शुरुआत की है। अब बंगाल के लोकतंत्र सेनानी और स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मान मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकतंत्र सेनानियों को प्रमाण-पत्र जारी कर कई प्रकार की सुविधाएं दी हैं। देशभर के लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा मिले और उन्हें मिलने वाली 30 हजार की राशि को आयकर मुक्त कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था वृद्धि के मामले में भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत है, जो अमेरिका और चीन से भी अधिक है। सोलंकी ने कहा कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव में अनैतिकता को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी थी। उन्होंने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन इस्तीफा नहीं दिया। उन्होंने 25 जून 1975 की रात लोकतंत्र की हत्या कर देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। हजारों स्वयं सेवकों को जेलों में डाल दिया गया। आज लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और समर्पण के कारण ही सामान्य परिवार से आने वाले डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री के पद पर आसीन हैं।
भारत की दूसरी आजादी के आंदोलन की तरह था आपातकाल का संघर्ष
लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि आज आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण हो गये हैं। लोकतंत्र सेनानी जब मिलते हैं तो ऊर्जा का संचार होता है। एक राष्ट्रीय राजनैतिक शख्सियत ने अपनी जिद के लिए लोकतंत्र को खत्म कर उनके फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले नागरिकों को जेलों में डाला। तत्कालीन समय में 25 जून की रात हुए काले कारनामों को देशवासियों को स्मरण कराने के लिए 'संविधान हत्या दिवस' या 'काला दिवस' मनाने की शुरुआत की गई। आपातकाल के दौर में अभिव्यक्ति की आजादी छीन ली गई। मीडिया हाउसों पर ताले लगा दिए गए। करीब 25 से 30 बड़े पत्रकारों और संपादकों को जेलों में डाल दिया गया। लोकतंत्र को पुन: स्थापित करने के लिए देश में लंबा संघर्ष चला। आपातकाल का संघर्ष एक प्रकार से देश की दूसरी आजादी का आंदोलन था। सभी लोकतंत्र सेनानी लोकशाही के संवाहक हैं, संविधान के संरक्षक हैं। सोनी ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण देश में लोकतंत्र की मिसाल थे। कांग्रेस सरकारों ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोहों पर पाबंदियां लगाईं। लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी कोई आस्था नहीं थी। आज भारत दुनिया में खुली हवा में सांस ले पा रहा है और दुनिया के 4 सबसे शक्तिशाली देशों में शामिल हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश परमाणु शक्ति संपन्न बना। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन जैसी अनेक योजनाएं पहले की तरह संचालित हैं।
विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश का भी सपना होगा साकार
वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि आपातकाल के 51 वर्ष पूरे हुए हैं। ब्रिटिश शासन के दौर में देशवासियों ने आजादी के लिए संघर्ष किया। स्वतंत्र भारत में भी इस प्रकार से लोकतंत्र की हत्या की जाएगी, किसी ने सोचा नहीं था। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने गुजरात की धरती से आपातकाल के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया था। फिर बिहार के गांधी मैदान से नारा दिया कि 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है'। तत्कालीन सत्ताधीश इससे बुरी तरह घबरा गये। आपातकाल के समय लोकतंत्र सेनानियों पर जेलों में अनेक अत्याचार किये गये। लोकतंत्र सेनानियों के त्याग के बल पर ही आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम विकसित भारत @ 2047 का सपना देख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक शक्ति के रूप में बहुत जल्द तीसरे स्थान पर पहुंचेगा और विश्व गुरु बनेगा। विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश का भी सपना साकार होगा।
लोकतंत्र सेनानी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है, यह हमारा सौभाग्य है
लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में आज 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान जेल में रहे लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान हो रहा है। प्रदेश में बीते 10 साल से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की सुखद परंपरा चली आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पिता स्वयं लोकतंत्र सेनानी रहे। उन्होंने सेनानियों की पीड़ा को करीब से देखा है। यह हम सबका सौभाग्य है कि आज एक लोकतंत्र सेनानी का बेटा मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री है।
कार्यक्रम में उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवान दास सबनानी, पूर्व मंत्री एवं मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय संरक्षक मेघराज जैन, लोकतंत्र सेनानी अशोक पांडे, लोकतंत्र सेनानी माखन सिंह चौहान, समाजसेवी राहुल कोठारी, रवीन्द्र यति, शिक्षाविद् सुधीर अग्रवाल सहित अनेक जन प्रतिनिधि, प्रदेश भर से आए लोकतंत्र सेनानी एवं आमजन उपस्थित थे। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन लोकतंत्र सेनानी सुरेन्द्र द्विवेदी ने किया।
विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग : राज्यपाल पटेल
26 Jun, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत की विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दूध में शक्कर घुल जाती है, उसी तरह से मध्यप्रदेश में बंगाल के मूल निवासी घुल मिल गये हैं। हमारी अनेकता में एकता की आत्मीयता और साम्यता को राज्य स्थापना दिवस के आयोजन साकार करते है। आयोजन के मंच पर हमारी वेशभूषा, गीत, नृत्य में समाई हमारी सांस्कृतिक विविधता में एकता की झलक मिलती है। पश्चिम बंगाल की प्रस्तुतियों में उन्हें गुजरात के गरबा नृत्य और वेशभूषा में असम राज्य की झलक दिखाई दी।
राज्यपाल पटेल आज लोकभवन में आयोजित पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के प्रसंग में आयोजित समारोह में सम्मिलित भोपालवासी बंगाली मूल के लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डा. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में भोपाल के विभिन्न कालीबाड़ियों के सदस्य उपस्थित थे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र प्रथम की भावना को सुदृढ़, राष्ट्रीय एकात्मकता को नई शक्ति प्रदाय करने और राज्यों के मध्य परस्पर सांस्कृतिक संवाद, आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के प्रयास अद्भुत है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने गत वर्ष लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर एक नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व का ऐतिहासिक आयोजन कराया था। पर्व में सभी राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक दलों और बच्चों की सहभागिता से एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को मंच प्रदान किया गया था। कार्यक्रम में 300 बच्चों ने कार्यक्रम में सहभागिता की थी। उन्होंने कहा कि भारत की गौरवशाली विरासत को समृद्ध बनाने में बंगाल राज्य का योगदान अतुलनीय है। प्रधानमंत्री मोदी स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर विगत वर्षों से देश की युवाओं की आकांक्षाओं के अनुसार विकसित भारत निर्माण के लिए युवाओं के साथ संवाद करते हैं। लोक भवन के आयोजन में 7 से 60 साल के कलाकारों की सहभागिता और महिलाओं की बहुलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बदलते भारत की झलक और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम में सपना गुहा ने स्वागत उद्बोधन में बंगाल की समृद्ध परम्पराओं, सांस्कृतिक विरासत के साथ ग्रामीण जन जीवन की सरलता और सांस्कृतिक छटा की रुपरेखा प्रस्तुत की सांस्कृतिक आयोजन की सूत्रधार महुआ चटर्जी ने “हमारा बंगाल रे” की थीम पर बंगाल के लोकगीत, नृत्य और जन जीवन को बाउल, झूमर, धमाइल, भटयाली लोक संगीत की प्रस्तुति के द्वारा सभागार में पश्चिम बंगाल के जन जीवन को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि का स्थापना दिवस का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक वैभव और आधुनिक विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अंत में मध्यप्रदेश के विकास और वैभव से परिचित कराने वाली लघु फिल्म का प्रसारण किया गया।
राज्यपाल का कार्यक्रम में बंगाली समाज के सचिव सर्वसलिल चटर्जी, निलॉय घोष ने अभिनन्दन किया। आभार प्रदर्शन डा. एन. बनर्जी ने किया। संचालन सहायक सत्कार अधिकारी सुसृष्टि श्रीवास्तव ने किया।
भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
26 Jun, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय हॉकी टीम में मध्यप्रदेश का बढ़ता प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे। मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को पूरा प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने निवास पर भेंट के लिए आये अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी एशिया कप-2026 में पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। टूर्नामेंट का आयोजन जापान के काकामिगाहारा शहर में 29 मई से 06 जून 2026 तक किया गया था। पदक विजेता पुरूष और महिला खिलाड़ियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन पर मध्यप्रदेश सरकार ने प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सिवनी और बड़वानी के खिलाड़ियों में से कुछ खिलाड़ी बहुत साधारण परिवार से हैं। अपनी प्रतिभा के दम पर इन खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण और 4 कांस्य पदक प्राप्त किए हैं। निश्चित ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले एशियाई खेलों में इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जो कभी हॉकी में कई ओलम्पियन दे चुका हैं, कुछ वर्ष इस खेल में पीछे रहा, लेकिन अब हरियाणा जैसे राज्यों के समान अग्रणी हो रहा हैं।
खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जापान में हुए टूर्नामेंट के लिए समीर दाद जैसे कोच खिलाड़ियों को दक्ष बनाने में लगे थे। अंडर-18 की श्रेणी में 6 पुरुष खिलाड़ियों ने 6 स्वर्ण पदक और 4 महिला खिलाड़ियों ने 4 कांस्य पदक जीते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक विजेता खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया। इस अवसर पर आयुक्त खेल एवं युवक कल्याण संजीव कुमार सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
टूर्नामेंट से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य
अंडर-18 बालिका/महिला हॉकी एशिया कप में पुरूष वर्ग में एशिया के 9 देश (भारत, कोरिया, जापान, चीनी- ताइपे, कजाकिस्तान, मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन) एवं महिला वर्ग में एशिया के 8 देश (भारत, कोरिया, मलेशिया, सिंगापुर, चीन, जापान, चीनी ताइपे, बांग्लादेश) ने भाग लिया।
प्रतियोगिता में भारत की 18 सदस्यीय बालक / बालिका हॉकी टीम ने भाग लिया।
भारतीय बालक हॉकी टीम में म.प्र. राज्य पुरूष हॉकी अकादमी, भोपाल के 06 बालक खिलाड़ी सदस्य रहे तथा स्वर्ण पदक अर्जित किया।
भारतीय बालिका हॉकी टीम में म.प्र. राज्य महिला हॉकी अकादमी, ग्वालियर की 04 बालिका खिलाड़ी सदस्य रही तथा कांस्य पदक अर्जित किया।
म.प्र. राज्य महिला हॉकी अकादमी की खिलाड़ी सुनौसीन नाज ने प्रतियोगिता में 12 गोल कर टूर्नामेन्ट की 'टॉप स्कोरर' बनने का गौरव प्राप्त किया।
म.प्र. राज्य पुरूष हॉकी अकादमी के खिलाड़ी आयुष रजक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 'बेस्ट गोलकीपर अवार्ड' प्राप्त किया ।
मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ग बालक के हॉकी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को 3 लाख प्रति खिलाड़ी एवं बालिका वर्ग के हॉकी कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को एक लाख प्रति खिलाड़ी प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है।
इन खिलाड़ियों ने किया प्रतिनिधित्व
पुरुष खिलाड़ी :-
आयुष रजक, पिता स्व. अनिल रजक, जिला जबलपुर, स्वर्ण पदक। अंश बहुत्रा, पिता नीरज बहुत्रा, जिला नर्मदापुरम, स्वर्ण पदक। करन गौतम, पिता मनोज गौतम, जिला उमरिया, स्वर्ण पदक। अवि माणिपुरी पिता जितेन्द्र माणिपुरी, जिला भोपाल, स्वर्ण पदक। सिद्धार्थ बेन, पिता लेखराम बेन, जिला जबलपुर, स्वर्ण पदक। गाजी खान, पिता महबूब खान, जिला नर्मदापुरम, स्वर्ण पदक।
महिला खिलाड़ी:-
सुनौसीन नाज, पिता अहफाज खान, जिला सिवनी, कांस्य पदक। सुमहक परिहार, पिता महरवान सिंह परिहार, कांस्य पदक। सुस्नेहा दावड़े पिता राजेश दावड़े , जिला बड़वानी, कांस्य पदक। सुनम्मी गीताश्री, पिता नम्मी ताताराव, तिम्मापुरम, विशाखपट्टनम (आन्ध्रप्रदेश), कांस्य पदक।
पेपर लीक के बाद किताबों पर घमासान, NCERT सर्कुलर को लेकर विपक्ष का विरोध
26 Jun, 2026 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रपति भवन तक पहुँची अभिभावकों की गुहार
सिर्फ सर्कुलर जारी कर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती केंद्र सरकार — विवेक त्रिपाठी
शिक्षा माफियाओ के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने शुरू किया छात्रो की गूंज अभियान
अभिभावकों की माँग पेपर बेचने वालो को मृत्यदंड और ख़रीदने वाले को आजीवन कारावास की सजा मिले
भोपाल, 26 जून 2026 | कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने एनसीईआरटी द्वारा जारी उस चेतावनी पत्र को लेकर महामहिम राष्ट्रपति महोदया को विस्तृत पत्र भेजा है, जिसमें अभिभावकों और विद्यार्थियों को नकली एवं पायरेटेड एनसीईआरटी पुस्तकों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। त्रिपाठी ने कहा कि इस सर्कुलर ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।कांग्रेस ने देश की गिरती हुई शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए की कैसे केंद्र सरकार पर शिक्षा माफिया हावी हो चुका है,इस विवाद की शुरुआत एनसीईआरटी के उस सर्कुलर से हुई जिसे जारी कर NCRT ने देश के अभिभावकाओ को नक़ली किताबों से सावधान रहने की नसीहत दी,पत्र को ले कर अभिभावकों में नारजगी नज़र आई उनका कहना है कि उन्होंने कहा कि एक ओर नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए महीनों बीत चुके हैं, वहीं दूसरी ओर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामग्री उपलब्ध कराने का दावा करने वाली एनसीईआरटी मांग के अनुरूप मूल पुस्तकें उपलब्ध कराने में विफल रही है।इस स्थिति ने शिक्षा माफियाओं, नकली प्रकाशकों और कालाबाजारी करने वाले गिरोहों को खुला अवसर प्रदान किया है, जिसका खामियाजा देश के करोड़ों अभिभावकों और विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है शिक्षा माफिया को अवसर मिला और माता पिता ठगे गए।विवेक त्रिपाठी ने कहा कि जब देश की सबसे बड़ी शैक्षणिक संस्था एनसीईआरटी को स्वयं अपनी पुस्तकों की पायरेसी को लेकर चेतावनी जारी करनी पड़ रही है,तो देश की शिक्षा व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।त्रिपाठी ने कहा कि आज देश में अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी फीस, निर्धारित दुकानों से किताबें और ड्रेस खरीदने की मजबूरी तथा शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण का दंश झेल रहे हैं।इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार जनआंदोलन और विरोध प्रदर्शन कर रही है।अब पेपर लीक के बाद किताबों के लीक होने की घटनाएं यह साबित करती हैं कि भाजपा राज में शिक्षा व्यवस्था पर माफियाओं का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है।जिसके ख़िलाफ़ कांग्रेस ने राष्ट्रव्यापी अभियान छात्रो की गूंज की शुरुआत की है।विवेक त्रिपाठी ने कहा कि छात्रो की गूंज अभियान उन छात्रो और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए है जिसे देश की सब से प्रतिष्ठ नीट परीक्षा सहित अनेक महत्वपूर्ण परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों ने मानसिक पीड़ा दी है जिसके चलते कई छात्रों ने अपनी जान गवाई है।कई परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।इस विषम परिस्थितियों में जनमानस का लामबंद होना आवश्यक है वरना सरकार सिर्फ सर्कुलर निकाल कर खानापूर्ति करती रहेगी।राष्ट्रपति महोदया से कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने अपील करते हुए कहा कि देश के करोड़ों विद्यार्थी और उनके अभिभावक आशा भरी निगाहों से आपकी ओर देख रहे हैं। शिक्षा माफियाओं, पेपर लीक गिरोहों और नकली किताबों के कारोबारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर देश की शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।उन्होंने मांग की कि महमाहिम इस पूरे मामले हस्तक्षेप कर सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायधीश की कमेटी से स्वतंत्र जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की कृपा करे साथ ही शिक्षा व्यवस्था को माफियाओं और भ्रष्ट तंत्र के चंगुल से मुक्त कराने के लिए ठोस राष्ट्रीय नीति और सक्त कानून बनाये जाए पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओ को मृत्य दंड और पेपर खरीदने वालो को आजीवन कारावास की सजा के प्रावधान हो।विवेक त्रिपाठी ने कहा कि देश के अभिभावक यह जानना चाहते हैं कि जब केंद्र सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि नकली और पायरेटेड किताबें बाजार में बिक रही हैं, तो इन शिक्षा माफियाओं के खिलाफ क्यो बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।केवल चेतावनी जारी कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल सलाह देने की नहीं, बल्कि शिक्षा माफियाओं की कमर तोड़ने और उन्हें कानून के कठघरे में खड़ा करने की है। देश के विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी कीमत पर मुनाफाखोर गिरोहों और भ्रष्ट तंत्र के हवाले नहीं छोड़ा जा सकता।साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति महोदया से अनुरोध किया है कि इस विषय पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने हेतु कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल को भेंट करने का समय प्रदान किया जाए।
उमस से बेहाल ग्वालियर, 28 जून के बाद मानसून दे सकता है दस्तक
26 Jun, 2026 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के कई जिलों में मानसून की झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन ग्वालियर-चंबल अंचल को अभी भी मानसून का इंतजार है। यहाँ के लोग पहली अच्छी बारिश की बेसब्री से राह देख रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, ग्वालियर में 28 जून के बाद कभी भी मानसून दस्तक दे सकता है, जिसके बाद ही लोगों को इस तपिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
भीषण उमस और पसीने से लोग बेहाल
ग्वालियर अंचल में इन दिनों तापमान से ज्यादा लोग भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी से परेशान हैं। शुक्रवार को सुबह से ही हवा में नमी (आर्द्रता) बहुत ज्यादा होने के कारण लोग बेहाल दिखे। सुबह-सुबह खिली तेज धूप और उमस ने लोगों को जमकर पसीना छुड़ाया। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 5:30 बजे ही पारा 30°C दर्ज किया गया, जिससे यह साफ है कि अब लोगों को रात के समय भी गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
क्यों बढ़ रही है इतनी घुटन?
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि अरब सागर से लगातार आ रही नमी और पश्चिमी दिशा से चल रही हवाओं के कारण हवा में आर्द्रता बहुत ज्यादा बढ़ गई है। यही वजह है कि तापमान बहुत ज्यादा न होने के बावजूद गर्मी और घुटन का अहसास कहीं अधिक हो रहा है। इस चिपचिपी गर्मी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और दफ्तर आने-जाने वाले कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दो दिन बादलों की आवाजाही, 28 के बाद बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस पांडेय के अनुसार, फिलहाल मानसून की रफ्तार सामान्य है। अगर मौसम की परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल बनी रहीं, तो 28 जून के बाद ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून एंट्री कर लेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी रहेगी, लेकिन झमाझम और व्यापक बारिश 28 जून के बाद ही शुरू होगी। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और हल्के सूती कपड़े पहनें।
ग्वालियर में महिला की संदिग्ध मौत, वीडियो ने खोले कई सवाल
26 Jun, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: ग्वालियर के एक अस्पताल में भर्ती 26 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। महिला ने अपनी मौत से ठीक पहले अस्पताल के बेड से एक वीडियो रिकॉर्ड किया है, जिसमें उसने अपने पति पर बेरहमी से मारपीट करने और जबरन तेजाब पिलाने का रोंगटे खड़े कर देने वाला आरोप लगाया है। पुलिस अब इस वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है।
अस्पताल में तोड़ा दम, वीडियो में बयां किया दर्द
बीते 22 जून को थाटीपुर थाना क्षेत्र की न्यू मेहर कॉलोनी में रहने वाली निशा राठौर को बेहद गंभीर हालत में जयारोग्य अस्पताल (JAH) में भर्ती कराया गया था, जहाँ बुधवार शाम को उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत से पहले सामने आए वीडियो में निशा की हालत बेहद नाजुक दिख रही है। वीडियो में वह कह रही हैं कि उनके पति गजेंद्र राठौर पिछले तीन-चार दिनों से उनके साथ लगातार मारपीट कर रहे थे और जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो पति ने उन्हें जबरन तेजाब (एसिड) पिला दिया।
दो महीने की गर्भवती थीं निशा, पूर्व में भी की थी शिकायत
निशा के मायके वालों के मुताबिक, वह दो महीने की गर्भवती थीं और उन्होंने इस बात की जानकारी अपनी मां सुनीता राठौर को भी दी थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि गर्भावस्था की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
जांच में यह भी पता चला है कि निशा और गजेंद्र की शादी 1 मई 2022 को हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद चल रहा था। निशा ने करीब ढाई साल पहले (31 दिसंबर 2023) भी थाटीपुर थाने में पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय पति गजेंद्र ने थाने में लिखित समझौता किया था कि वह भविष्य में कभी पत्नी को परेशान नहीं करेगा और यदि उसने ऐसा किया, तो पुलिस उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
मर्ग कायम, हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
इस मामले में ग्वालियर के सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि महिला की मौत के बाद फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने साफ किया कि निशा द्वारा बनाए गए वीडियो, परिजनों के बयानों और डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पति के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।
मुहर्रम पर ग्वालियर में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब, शांतिपूर्वक निकले ताजिए
26 Jun, 2026 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: ग्वालियर में मुहर्रम के अवसर पर गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक ताजियों ने ऐतिहासिक महाराज बाड़ा में गश्त की। बाड़े पर रात 10:30 बजे से ही ताजियों का पहुंचना शुरू हो गया था, जहाँ मातमी धुनों के बीच ऊंचे और भव्य ताजिए लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से रात 10 बजे के बाद बाड़े पर बड़े वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई थी। शुक्रवार दोपहर से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के ताजियों को सागरताल स्थित कर्बला में नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक (दफन) और विसर्जित किया जा रहा है। शाम को कर्बला परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों और कमेटी की मौजूदगी में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
पहली बार बिना डीजे (DJ) के निकले ताजिए
प्रशासन की सख्त चेतावनी के बाद इस साल मुहर्रम के जुलूसों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। ग्वालियर की सड़कों पर इस बार पहली बार डीजे (DJ) नजर नहीं आए। ताजियेदारों ने डीजे की जगह ढोल-नगाड़े और ताशे जैसे परंपरागत वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया। इन पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मातमी धुनों का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। अलग-अलग इमामबाड़ों से उठे ताजियों के महाराज बाड़ा पहुंचने पर अखाड़ेदारों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन भी किए। इस बार शंकरपुर, आपागंज, पिछोरो की पहाड़िया और रामाजी के पुरा के ताजिए विशेष रूप से चर्चा में रहे।
ड्रोन और एक हजार जवानों से निगरानी
जुलूस के दौरान शहर का माहौल न बिगड़े, इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सड़कों पर पुलिस के एक हजार जवानों को तैनात किया गया है, जो किसी भी शरारत पर तुरंत एक्शन लेंगे। इसके साथ ही पूरे रास्ते पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और आसमान से ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस कप्तान धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। थाना प्रभारियों समेत जवान सड़कों पर मुस्तैद हैं जो भीड़ में बदमाशों और जेबकतरों पर भी नजर रख रहे हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए साइबर सेल की टीम को भी एक्टिव किया गया है।
इन 9 रास्तों पर ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट
मुहर्रम और विसर्जन को देखते हुए यातायात पुलिस ने शुक्रवार (26 जून) को शहर के 9 प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया है। एएसपी शियाज केएम ने आम जनता से असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है:
चार शहर का नाका से सागरताल: इस तरफ जाने वाले वाहन मल्लगढ़ा से जलालपुर-अटलद्वार होकर निकल सकेंगे।
बहोड़ापुर से सागरताल/जलालपुर: इस मार्ग पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। मुरैना जाने वाले वाहन शिंदे की छावनी, फूलबाग और गोले का मंदिर मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।
अटलद्वार से शिवपुरी: यहाँ जाने वाले वाहन मोतीझील से शंकरपुर और गोल पहाड़िया होकर जा सकेंगे।
सागरताल से रेलवे क्रॉसिंग/मोतीझील: इस तरफ जाने वाले वाहनों पर पूरा प्रतिबंध रहेगा।
अटलद्वार से बहोड़ापुर (मोतीझील होकर): सभी वाहन जलालपुर चौराहा और पड़ाव से शिंदे की छावनी होकर जा सकेंगे।
सिकंदर कंपू से बहोड़ापुर (बाड़ा होकर): वाहन रॉक्सी पुल के नीचे से हुजरात पुल और शिंदे की छावनी से रामदास घाटी मार्ग का इस्तेमाल करेंगे।
बहोड़ापुर से सिकंदर कंपू (महाराज बाड़ा होकर): यह ट्रैफिक शिंदे की छावनी की तरफ मोड़ा गया है।
गोल पहाड़िया/गिरवाई मार्ग: यहाँ से वाहन नाका चंद्रवदनी, बेटी बचाओ तिराहा और अचलेश्वर होकर निकल सकेंगे।
फूलबाग/सिटी सेंटर से गिरवाई: इस ओर जाने वाले वाहन चेतकपुरी और बेटी बचाओ तिराहा से होते हुए वीरपुर बांध की तरफ जा सकेंगे।
मुरैना थाने में महिला से कथित मारपीट, पाइप से पीटने के आरोप के बाद कार्रवाई
26 Jun, 2026 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। यहाँ नूराबाद थाना क्षेत्र में अपनी गायब बेटी की शिकायत लेकर पुलिस के पास भटक रही एक असहाय महिला की हेड कांस्टेबल ने प्लास्टिक के पाइप से बर्बरतापूर्वक पिटाई कर दी। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने आरोपी हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
'बेटी के लापता होने पर बालिग बताकर पल्ला झाड़ती रही पुलिस'
यह पूरा मामला नूराबाद थाना इलाके के खरगपुर गांव का है। पीड़ित महिला उषा जाटव ने बताया कि गांव के ही दो दबंग युवक उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गए थे। इस बात की शिकायत उन्होंने पहले गुड़गांव में भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस यह तर्क देकर टालमटोल करती रही कि लड़की बालिग (वयस्क) है, इसलिए वे कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। बाद में जब मां को सूचना मिली कि उसकी बेटी को वापस गांव में ही लाकर छिपाया गया है, तो वह अपने पति के साथ नूराबाद थाने के चक्कर काटने लगी, लेकिन वहाँ भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
घर में घुसकर की बदसलूकी, विरोध करने पर पाइप से किया हमला
पीड़िता का आरोप है कि उचित कार्रवाई करने के बजाय कुछ दिन पहले पुलिसकर्मी अचानक उसके घर आ धमके और उसे जबरन थाने चलने के लिए दबाव बनाने लगे। जब महिला ने बिना किसी वारंट या ठोस वजह के थाने जाने से इनकार किया और अपनी शिकायत पर कार्रवाई का सवाल पूछा, तो पुलिसकर्मी भड़क गए। उन्होंने महिला के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। इसी बीच एक पुलिसकर्मी ने मर्यादा की सारी हदें लांघते हुए घर के अंदर ही महिला पर प्लास्टिक के मोटे पाइप से हमला कर दिया। इस पिटाई का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया।
एसपी ने वीडियो देखकर लिया त्वरित निर्णय, विभागीय जांच शुरू
इस खौफनाक घटना के बाद सहमा हुआ पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर सीधे मुरैना के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचा। इंटरनेट पर वायरल वीडियो के साक्ष्यों और पीड़ित महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की। उन्होंने महिला से मारपीट और अनुशासनहीनता के दोषी आरोपी हेड कांस्टेबल विक्रम राठौर को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता, विशेषकर महिलाओं के साथ इस तरह का अमर्यादित और हिंसक व्यवहार करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
हॉकी में चमकी ग्वालियर की कृष्णा शर्मा, राष्ट्रीय टीम में चयन से बढ़ा प्रदेश का सम्मान
26 Jun, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर की प्रतिभावान हॉकी खिलाड़ी कृष्ण शर्मा ने अपनी असाधारण प्रतिभा, कड़े परिश्रम और बेहतरीन खेल के बदौलत भारतीय अंडर-21 महिला हॉकी टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। कृष्ण शर्मा के इस अंतरराष्ट्रीय चयन से न सिर्फ ग्वालियर बल्कि पूरे मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ा है। हॉकी इंडिया द्वारा यूनाइटेड किंगडम (यूके) के आगामी दौरे के लिए घोषित की गई राष्ट्रीय टीम में कृष्ण को शामिल किया गया है। तमाम चुनौतियों और सामाजिक बंधनों को पार कर देश की मुख्य टीम तक पहुंचने वाली कृष्ण की यह प्रेरक कहानी आज देश की हर बेटी के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुकी है।
यूके दौरे पर चार देशों की मजबूत टीमों से भिड़ेगी टीम इंडिया
हॉकी इंडिया की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम आगामी 5 जुलाई से स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के महत्वपूर्ण दौरे पर रवाना होने जा रही है। इस दौरे के दौरान भारतीय टीम स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका (यूएसए) और बेल्जियम जैसी दुनिया की मजबूत जूनियर महिला टीमों के खिलाफ द्विपक्षीय टेस्ट मैच श्रृंखला खेलेगी। ग्वालियर की कृष्ण शर्मा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीली जर्सी पहनकर देश का प्रतिनिधित्व करती और मैदान पर विरोधियों को शिकस्त देती नजर आएंगी।
स्कर्ट पहनने पर मिले समाज के ताने, पिता बने सपनों के सारथी
कृष्ण शर्मा का भारतीय टीम की जर्सी तक पहुंचने का रास्ता कांटों भरा रहा है। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली कृष्ण को शुरुआती दिनों में मैदान पर हॉकी किट और स्कर्ट पहनकर खेलने को लेकर रूढ़िवादी समाज के कड़े तानों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने इन सब बातों की परवाह किए बिना अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखा। इस कठिन सफर में उनके पिता सुनील शर्मा, जो एक निजी सिक्योरिटी सर्विस कंपनी चलाते हैं, अपनी बेटी के सबसे बड़े मददगार बने। आर्थिक और सामाजिक तंगहाली के बावजूद पिता ने कभी कृष्ण के हौसले को कम नहीं होने दिया और हर कदम पर उसके सपनों को नई उड़ान दी।
अकादमी से शुरू हुआ सफर, साल 2023 में भी खेल चुकी हैं विदेश में मैच
कृष्ण शर्मा के सुनहरे करियर की शुरुआत साल 2019 में मध्य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी से हुई थी। यहाँ के अनुभवी प्रशिक्षकों (कोचों) के कुशल मार्गदर्शन और खुद की दिन-रात की कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने बहुत जल्द राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा ली। इससे पहले साल 2023 में भी कृष्ण को भारतीय अंडर-18 सब जूनियर टीम की तरफ से नीदरलैंड और बेल्जियम के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलने का गौरव प्राप्त हो चुका है। लगातार मिल रही सफलताओं के बाद अब वे भारतीय अंडर-21 टीम की मुख्य रीढ़ बनकर उभर रही हैं।
'जो प्रदर्शन कर जेल जाते हैं, उन्हें जगह नहीं'—पीसी शर्मा के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
26 Jun, 2026 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिला कांग्रेस कार्यकारिणी के एलान के बाद से ही पार्टी के भीतर आंतरिक कलह और भारी नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) जीतू पटवारी द्वारा 52 सदस्यीय भोपाल जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी। लेकिन इस सूची के सार्वजनिक होते ही स्थानीय नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष का माहौल बन गया है। अब इस विवाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी कूद पड़े हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जो नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर पार्टी के लिए लाठियां खाते हैं, प्रदर्शन करते हैं और जेल जाते हैं, उन्हें इस नई टीम में जगह नहीं दी गई है।
'सक्षम और जुझारू कार्यकर्ताओं को छोड़ना पार्टी के लिए ब्लैक स्पॉट'
शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने नई कार्यकारिणी के गठन पर तीखा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "जब से इस जिला कार्यकारिणी की सूची सामने आई है, मेरे पास लगातार व्यथित कार्यकर्ताओं के फोन आ रहे हैं। लोग बेहद आक्रोशित हैं। जो कार्यकर्ता पार्टी के झंडे को बुलंद रखने के लिए रोजाना संघर्ष करते हैं, थानों और जेलों के चक्कर काटते हैं, शीर्ष नेतृत्व ने उनकी पूरी तरह अनदेखी कर दी है। इससे जमीनी स्तर का कार्यकर्ता पूरी तरह मायूस हो चुका है। जो लोग सक्षम और जुझारू थे, उन्हें छोड़ दिया गया है। पार्टी को तत्काल इन कर्मठ लोगों को समायोजित (एडजस्ट) करना चाहिए, वरना मेरा मानना है कि यह फैसला संगठन के इतिहास पर एक 'ब्लैक स्पॉट' (काला धब्बा) साबित होगा।"
निर्मला सप्रे मामले में विधानसभा अध्यक्ष के पाले में गेंद
पार्टी के आंतरिक मामले के अलावा पीसी शर्मा ने दलबदल करने वाली विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता के मुद्दे पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "इस मामले में न तो चुनाव आयोग ध्यान दे रहा है, न सरकार और न ही अदालत। सप्रे खुलेआम भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की बैठकों में शामिल हो रही हैं, इसके लिए अब और किस सबूत की जरूरत है? यह पूरा मामला अब विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है। वे एक बेहद बुद्धिमान और सुलझे हुए अध्यक्ष हैं, उन्हें तुरंत इस सीट पर दोबारा चुनाव कराने का निर्णय लेना चाहिए। अगर वे ऐसा करते हैं, तो आम जनता को यह भरोसा होगा कि देश में अभी भी कानून और लोकतांत्रिक व्यवस्था बची हुई है।"
प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, पुलिस सिर्फ चालान काटने में व्यस्त
पूर्व मंत्री ने सूबे की कानून व्यवस्था पर भी तीखे सवाल उठाए और उज्जैन में मोहर्रम के दौरान एक कार में हुए संदिग्ध धमाके का जिक्र किया। पीसी शर्मा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "पूरे मध्य प्रदेश में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है। कहीं अशोकनगर में युवक-युवती की संदिग्ध मौत हो रही है, तो कहीं उज्जैन जैसे धार्मिक शहर में कार ब्लास्ट जैसी घटनाएं हो रही हैं। आखिर ऐसी नौबत ही क्यों आई? सांप्रदायिक तनाव या कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पुलिस को पहले से ही मुस्तैद और सतर्क रहना चाहिए था। हकीकत यह है कि जमीनी सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गई है। पुलिस का काम सड़कों पर सिर्फ हेलमेट चेक करना, चालान काटना या फिर अन्य तरीकों से जनता से वसूली करना रह गया है, अपराधियों पर कोई लगाम नहीं है।"
भोपाल में टाइगर की दस्तक, दंपती ने बताया आंखों-देखा खौफनाक मंजर
26 Jun, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: राजधानी भोपाल के चंदनपुरा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने एक टाइगर (बाघ) को बेहद करीब से देखा। सुबह करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच हुई इस घटना में एक दंपती तो बाघ के बिल्कुल आमने-सामने आ गया था। महिला के सूझबूझ दिखाते हुए शोर मचाने पर बाघ झाड़ियों की तरफ भाग गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद सुबह करीब 9:00 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्चिंग अभियान शुरू कर दिया है।
दंपती के करीब पहुंचा बाघ, मचा हड़कंप
मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला ने बताया कि वह अपने पति के साथ टहल रही थी, तभी उसके पास से एक जानवर गुजरा। शुरुआत में उसे लगा कि वह कोई कुत्ता है, लेकिन ध्यान से देखने पर पता चला कि वह साक्षात बाघ था। महिला ने तुरंत चिल्लाकर कुछ दूरी पर चल रहे अपने पति को आवाज दी, जिसके बाद बाघ झाड़ियों में ओझल हो गया। इस दौरान वहां मौजूद अन्य लोगों ने भी बाघ को देखा और उसकी दहाड़ सुनी, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने सुरक्षित दूरी से बाघ का वीडियो भी बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाद में बाघ चंदनपुरा के ही एक निजी फार्महाउस की बाउंड्री के अंदर चला गया।
सुरक्षा जाली का खुला हिस्सा और बढ़ती इंसानी दखल
वन्यजीव एक्सपर्ट राशिद नूर ने बताया कि इस क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी जाली लगाई गई है, लेकिन उसका एक हिस्सा खुला हुआ है। आशंका है कि बाघ उसी खुले रास्ते से रिहायशी इलाके की तरफ आ गया। एक्सपर्ट्स के अनुसार, चंदनपुरा क्षेत्र बाघों के प्राकृतिक कॉरिडोर (रास्ते) के बेहद नजदीक है, जहां लंबे समय से बाघों का मूवमेंट रहा है। लेकिन अब इस इलाके में लगातार हो रहे निर्माण कार्यों, भूमि विकास और लोगों की बढ़ती आवाजाही के कारण बाघों के प्राकृतिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं, जिससे मानव-बाघ संघर्ष का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
इलाके में स्थायी चौकी नहीं, वन विभाग की अपील
विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए कहा है कि इस संवेदनशील इलाके में वन विभाग की कोई स्थायी चौकी नहीं है, जिससे वन्यजीवों की निगरानी प्रभावित होती है। यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। फिलहाल, वन विभाग की टीम लगातार बाघ की लोकेशन ट्रेस करने और उसे वापस जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास में जुटी हुई है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और मॉर्निंग वॉकर्स से अपील की है कि जब तक सर्चिंग ऑपरेशन पूरा नहीं हो जाता, तब तक वे चंदनपुरा और जंगल से लगे इलाकों में जाने से पूरी तरह बचें।
अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर मुख्यमंत्री का बड़ा संदेश, नशे से दूर रहने की अपील
26 Jun, 2026 09:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: आज 26 जून को देश और दुनिया भर में 'अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस' मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रदेशवासियों से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से जुड़ने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें नशे के घातक दुष्प्रभावों के प्रति हमेशा सजग रहने की प्रेरणा देता है। सीएम ने आह्वान किया कि हर नागरिक नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दे, ताकि एक स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत के संकल्प को साकार किया जा सके।
संयुक्त राष्ट्र ने 1987 में की थी शुरुआत
इस दिन का इतिहास काफी महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 1987 में पारित किए गए एक विशेष प्रस्ताव के बाद हुई थी। तब से लेकर आज तक हर साल 26 जून को यह दिवस वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन और उनकी अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना है, ताकि सरकारों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को एक मंच पर लाकर नशे से प्रभावित लोगों के इलाज और उनके पुनर्वास को बढ़ावा दिया जा सके।
नशे के दुष्प्रभाव और समाज पर इसका असर
स्वास्थ्य और सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार, नशा केवल एक व्यक्ति के शरीर को ही नष्ट नहीं करता, बल्कि उसके पूरे परिवार, समाज और देश की तरक्की को भी पूरी तरह बर्बाद कर देता है। मादक पदार्थों का लगातार सेवन करने से दिल, लिवर, फेफड़ों और दिमाग पर बेहद गंभीर और जानलेवा असर पड़ता है। इसके कारण मानसिक तनाव, अवसाद (Depression), चिंता और हिंसक प्रवृत्तियां तेजी से बढ़ती हैं। इतना ही नहीं, इससे युवाओं की शिक्षा, करियर और आर्थिक स्थिति खराब होती है, जिससे समाज में अपराध और सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ती हैं।
जागरूकता और एकजुटता ही है एकमात्र समाधान
इस वैश्विक अभियान का मूल संदेश यही है कि केवल कड़े कानून, सही शिक्षा, परिवार के अटूट सहयोग और समय पर उचित इलाज के जरिए ही नशे की इस भयानक चुनौती का सामना किया जा सकता है। यह दिन महज एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को नशे के खिलाफ एकजुट करने का एक बड़ा आंदोलन है। सभी की सक्रिय भागीदारी से ही एक नशामुक्त, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव है।
कांग्रेस ने जारी की भोपाल शहर जिला कार्यकारिणी, देखें किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
26 Jun, 2026 08:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: आगामी चुनावों को देखते हुए और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भोपाल जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार (25 जून 2026) को 52 पदाधिकारियों के नामों वाली नई लिस्ट जारी की गई है। इस नई टीम में प्रवीण सक्सेना को भोपाल जिला कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि अभिषेक शर्मा को संगठन महासचिव और महेंद्र जाधव को कोषाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वरिष्ठ टीम में उपाध्यक्ष और महासचिवों की तैनाती
संगठन में संतुलन बनाने के लिए अनुभवी और युवा चेहरों को शामिल किया गया है। नई कार्यकारिणी में मनीष यादव, वात्सायन जैन (सोनू भाभा), नवीन चौबे, दुली चंद पटेल, अनस उर रहमान, नईम खान, मोहम्मद नफीस, रमीज राजा, महमूद खान और राकेश सुशील शर्मा को उपाध्यक्ष पद की कमान मिली है। वहीं, राम राज तिवारी, भानु प्रकाश सिसौदिया, बाबर खान, फिरोज खान, मेवालाल, अमजद अंजुम, कमाल पाशा, अनिल जाधव, दान सिंह दानी ठाकुर, राकेश कुरेले, राहुल टांक (दाहिया), सादिया खान, दानिश शब्बीर, योगेश सराठे और गोपिल कोटवाल को महासचिव बनाया गया है।
सचिव, प्रवक्ता और सोशल मीडिया विंग को मिली जिम्मेदारी
संगठन के कामकाज में तेजी लाने के लिए सचिवों और प्रवक्ताओं की भी बड़ी टीम उतारी गई है। चेतन साहू, तुफेल अहमद सिद्दीकी, मोहम्मद फैसल कुरैशी, मोहम्मद रिजवान, भंवर लाल प्रजापति, अब्दुल जावेद, इफ्तिखार बेग, नुसरत खान, गिरीश साहू, रेखा रघुवंशी, लीलाधर पंवार, दिनेश मारन, रजनी दुबे, रोशन यादव, उमेश बाथम, विष्णु मारन, मोहम्मद साजिद खान, नादिर शरीफ, रतनलाल, पिंकी सागोडे और पूनम राय को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, प्रशांत कुमार गुरुदेव और आनंद सबधानी को प्रवक्ता नियुक्त किया गया है, जबकि आज के दौर में डिजिटल मोर्चे को संभालने के लिए राहुल बबेले और मानवेंद्र शर्मा को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया है।
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