मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में मानसून का जोर, 40 से अधिक शहरों में बारिश का यलो अलर्ट
30 Jun, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के जिन जिलों में मानसून दस्तक दे चुका है, वहां झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार (30 जून) को छिंदवाड़ा, बैतूल, पांढुर्णा, बालाघाट और सिवनी में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून आज एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और सक्रिय होगा, जिससे राज्य के बाकी हिस्सों में भी जल्द ही अच्छी बारिश देखने को मिलेगी।
पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम का हाल
पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के सभी 10 संभागों में बारिश दर्ज की गई। राज्य में सबसे ज्यादा 76 मिमी बारिश मंदसौर में रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा सुवासरा में 66 मिमी, राघौगढ़ में 64 मिमी, पांढुर्णा में 56 मिमी और मोहगांव में 55.3 मिमी पानी गिरा। बारिश के चलते भोपाल, उज्जैन और शहडोल संभाग में तापमान सामान्य से 2.5 से 3 डिग्री तक नीचे गिर गया है।
पचमढ़ी रहा सबसे ठंडा, नौगांव में रही सबसे ज्यादा तपिश
नर्मदापुरम जिले का मशहूर हिल स्टेशन पचमढ़ी मध्य प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह धार में 20.7 डिग्री, खंडवा में 21 डिग्री और खरगोन में 21.4 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। दूसरी ओर, छतरपुर जिले का नौगांव राज्य में सबसे गर्म रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जानिए आपके जिले के लिए कैसा है मौसम का अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट: मौसम विभाग ने डिंडोरी और मंडला जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
तेज हवा की चेतावनी: बैतूल, धार और सिवनी जिलों में बारिश के साथ ही 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
यलो अलर्ट: भोपाल, विदिशा, रायसेन, हरदा, बुरहानपुर, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, कटनी और जबलपुर समेत 40 से ज्यादा शहरों में हल्की से मध्यम बारिश का यलो अलर्ट है।
लू (Heatwave) का अलर्ट: इन सब के बीच दमोह में मौसम का मिजाज अलग रहेगा, यहाँ विभाग ने लू चलने की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आएगी जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
हरित विकास, निवेश और रोजगार... इसी दिशा में आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
29 Jun, 2026 09:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल| स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्यप्रदेश ने सोमवार को हरित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी के साथ नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क तथा 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री श्री जोशी ने 1,553.98 करोड़ रुपये की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का भी भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 550 मेगावॉट क्षमता वाला आगर सोलर पार्क भी निर्माणाधीन है, जिसकी इकाइयों के लिए 2.44 और 2.45 रुपये प्रति यूनिट की दरें प्राप्त हुई हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद मध्यप्रदेश देश के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का हरित विकास हमारा लक्ष्य है। हरित विकास के जरिए प्रदेश में अधिकाधिक मात्रा में निवेश लाने और इसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अब स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा से इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित हो रहे हैं। नीमच न केवल मध्यप्रदेश का, बल्कि ग्रीन पॉवर सेक्टर का ग्लोबल कैपिटल बन रहा है। उन्होंने बताया कि यहां देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज बन रहा है। नीमच जिले में कुल 675 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं कार्यशील हैं और लगभग 1 हजार 952 से अधिक मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं।
नीमच के नए सोलर पार्क से मिलेगी 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली, यह देश में सबसे सस्ती
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीमच में नए सोलर पार्क का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इससे देश में सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। नीमच की धरती ने प्रदेश को दो मुख्यमंत्री दिए। नीमच ने अफीम उत्पादन और नेत्रदान अभियान में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संत कबीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में सूर्य देवता ऊर्जा के स्त्रोत हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत 19 मार्च से 30 जून तक कुंए, बावड़ी, नदी, तालाब और अन्य सभी जल स्त्रोतों के संरक्षण के उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। राज्य सरकार ने 3 महीने में 10 हजार करोड़ की राशि खर्च कर प्रदेशभर में 2 लाख से अधिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया है। जल गंगा संरक्षण अभियान में नीमच ने देश में 10वां और प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. के बोर्ड परीक्षा परिणामों में टॉप 10 में स्थान बनाने वाले नीमच के विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में आज 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है। कुल 2080 करोड़ की लागत से नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 करोड़ मेगावॉट के सोलर पार्क की सौगात मिली है। साथ ही नीमच में 1553.98 करोड़ की 38 औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी हुआ है। नीमच के नए सोलर पार्क से 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिलेगी, जो देश में सबसे सस्ती दर है। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से रोजगार देने वाला राज्य है। प्रदेश में फूड पार्क, पीएम मित्र पार्क तैयार किए जा रहे हैं। नीमच में 1200 करोड़ से अधिक लागत का सोलर ग्लास तैयार करने वाले प्लांट का भूमि-पूजन हुआ है। नीमच को बहुत जल्द जावरा-उज्जैन होकर भोपाल राजमार्ग की सौगात मिलने वाली है। मंदसौर से भोपाल तक नया हाई-वे भी बनाया जाएगा। नीमच में गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का नया घर बन चुका है। बहुत जल्द यहां दो और चीते मुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़े जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदा गया है। किसानों को गेहूं के लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल कीमत का भुगतान किया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदा है। गेहूं के उत्पादन और खरीदी में मध्यप्रदेश ने पंजाब जैसे राज्य को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध करा रही है। किसान कल्याण वर्ष में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश के किसानों को शून्य ब्याज दर पर आवश्यक लोन मिल रहा है और इसे चुकाने के लिए भी 31 मार्च की बाध्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस तारीख से लोन लेंगे, उसके अगले 12 माह की अवधि में किसी भी तारीख पर लोन चुकाने की सुविधा मिलेगी। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का बराबर सम्मान है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए की राशि दी जा रही है। राज्य सरकार ने गरीब-जरूरतमंदों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पीएमश्री एयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। राहवीर योजना में भी सड़क हादसों के घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। प्रदेश में श्रीराम गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। राज्य में भव्य सांदीपनि विद्यालय और प्रत्येक नगरीय निकायों में गीता भवन तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक के एक गांव को वृंदावन गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार दूध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। डॉ. भीमराम अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत 40 लाख लागत की गोशाला शुरू करने पर राज्य सरकार 10 लाख रुपए का अनुदान दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नीमच में भादवा माता मंदिर परिसर में विकास कार्यों के लिए 17 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में अव्वल रहे नीमच जिले की पंचायतों को जल संचयन कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सम्मानित भी किया।
निवेश के लिए विशेष मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 33 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। करीब 10 लाख करोड़ के प्रस्ताव जमीन पर उतरे। पिछले ढाई वर्षों में वैश्विक कंपनियों का 9 हजार 200 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मध्यप्रदेश की धरती पर उतर रहा है, जिससे 4,200 से अधिक नौकरियां सृजित हो रही हैं। मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य, जहां लेबर केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू है। उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन, पानी और बिजली उपलब्ध है।
नवकरणीय ऊर्जा में आगे बढ़ता एमपी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, औषधीय संपदा और उद्यमशीलता के लिए प्रसिद्ध नीमच अब विनिर्माण, ग्रीन एनर्जी, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों का भी केंद्र बनने जा रहा है। आज 1 हज़ार 481 करोड़ रुपये की लागत से 30 औद्योगिक इकाइयों की सौगात नीमच क्षेत्र को मिल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की विद्युत क्षमता में 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। राज्य ने 12 हज़ार 18 मेगावाट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित कर ली है। जलूद में 271 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 60 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र का लोकार्पण किया गया। मक्सी में जैक्सन इंटीग्रेटेड सोलर लिमिटेड द्वारा 6 गीगावाट क्षमता की अत्याधुनिक सोलर विनिर्माण इकाई स्थापित की जा रही है, जो भारत की सबसे बड़ी ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक होगी। रीवा का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क और ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट देश में उदाहरण स्थापित कर रहे हैं।
अभ्युदय म.प्र. के घोष के साथ प्रदेश में हो रहा विकास का सूर्योदय : केन्द्रीय मंत्री श्री जोशी
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह मां वाग्देवी (सरस्वती) की भूमि है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में राजाभोज की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार ने अभ्युदय मध्यप्रदेश के घोष वाक्य के साथ विकास का सूरज उदय करने का संकल्प लिया है। आज प्रदेश के नीमच और शाजापुर को नए सोलर प्रोजेक्ट की सौगात मिली है। दुनिया में सोलर एनर्जी का सबसे कम टैरिफ 2.14 पैसे प्रति यूनिट मध्यप्रदेश में उपलब्ध है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। विश्व में स्विट्जरलैंड के बाद भारत दूसरा देश है, जहां रेलवे का शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है। मध्यप्रदेश भारतीय रेलवे को बिजली उपलब्ध करा रहा है। मुरैना में 440 मेगावॉट सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार है। इससे सूर्यास्त के बाद भी 2.70 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिल पा रही है। दूसरी ओर, नीमच में गांधी सागर पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट भारत का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। जो ताप विद्युत के मुकाबले आधी लागत में बिजली उत्पादन करेगा।
केंद्रीय मंत्री श्री जोशी ने कहा कि डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और पीएम कुसुम जैसी योजनाएं किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोल रही हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी जनकल्याण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, पीएम जन-मन जैसी योजनाओं में समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में 5960 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसका लाभ मध्यप्रदेश को भी मिलेगा। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के अंतर्गत विकास कार्यों को गति देने में अव्वल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के गांव-गांव को रोड नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में हवाई नेटवर्क का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है। उज्जैन में नए एयरपोर्ट बनाने की योजना और पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा की शुरुआत एक अभूतपूर्व पहल है।
केंद्रीय मंत्री श्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में 18 नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत हो रही है। मध्यप्रदेश भारत में ग्रीन एनर्जी का पावरहाउस बन रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का मध्यप्रदेश पर विशेष आशीर्वाद है। बहुत जल्द प्रदेश को पीएम कुसुम 2 योजना के अंतर्गत बड़ा लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को और बढ़ाने की आवश्यकता है। आज देश के कुल बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। मध्यप्रदेश, पवन ऊर्जा से बिजली उत्पादन को 2 वर्ष में 10 गीगावॉट बढ़ाने का लक्ष्य रखे। इससे बिजली उत्पादन की लागत और घट जाएगी। भारत ग्रीन हाइड्रोजन, चिप मेकिंग में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। देश में वर्ष 2014 में सोलर एनर्जी प्रोडक्शन मात्र 2.6 गीगावॉट था, जो अब बढ़कर 157 गीगावॉट तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने SUN की शक्ति को पहचाना, जबकि विपक्षी दल सिर्फ अपने एक SON को आगे बढ़ाने में लगा है। मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी सेक्टर और विकसित मध्यप्रदेश की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश वर्ष 2023 के बाद हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आगामी वर्ष में प्रदेश के सभी शासकीय भवनों को सौर ऊर्जा से लैस किया जाएगा। प्रदेश में सोलर और विंड एनर्जी क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं।
पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण कार्यों की सौगात नीमच को दी है। उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझते हुए नीमच एयर स्ट्रिप को कमर्शियल करने का निर्णय लिया है।
विधायक श्री दिलीप सिंह परिहार ने महाराणा प्रताप जयंती पर प्रदेश में अवकाश घोषित करने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में नीमच को पहले मेडिकल कॉलेज और आज अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली है। नीमच में औद्योगिक इकाइयों का संचालन शुरू होने से 3000 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। जावद-मनासा सिंचाई परियोजना से नीमच के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिल रहा है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं नीमच जिले की प्रभारी सुश्री निर्मला भूरिया, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, राज्य सभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, विधायक मनासा श्री अनिरूद्ध माधव मारू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सज्जनसिंह चौहान, जिला अध्यक्ष श्रीमती वंदना खण्डेलवाल, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, प्रबंध संचालक म.प्र. राज्य ऊर्जा विकास निगम श्री अमित तोमर सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
वनकर्मियों पर हमले के बाद प्रशासन अलर्ट, अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज
29 Jun, 2026 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के अमाखुजरी वन परिक्षेत्र में सोमवार सुबह से ही प्रशासन ने बड़े पैमाने पर बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण विरोधी मुहिम शुरू कर दी है। यह सख्त कदम रविवार को करीब 150 अतिक्रमणकारियों द्वारा वन विभाग की गश्ती टीम पर किए गए जानलेवा हमले के बाद उठाया गया है, जिसमें पांच वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए लगभग 90 हेक्टेयर की बेशकीमती वन भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से आजाद कराने का अभियान छेड़ा है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर 600 से अधिक सशस्त्र बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं।
25 जेसीबी मशीनों से ध्वस्त किए गए अवैध निर्माण
खंडवा के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) राकेश डामोर ने बताया कि अमाखुजरी क्षेत्र में लगभग 80 से 90 हेक्टेयर वन भूमि पर अवैध कब्जा जमाया गया था, जिसे दोपहर तक पूरी तरह नेस्तनाबूद करने का लक्ष्य रखा गया है। इस महाभियान में 25 जेसीबी और बुलडोजर मशीनों को लगाया गया है। इसके साथ ही मौके पर मौजूद लोडिंग वाहनों के जरिए अतिक्रमणकारियों द्वारा बनाई गई झोपड़ियों के मलबे और वहां रखे सामान को जब्त करने की प्रक्रिया की जा रही है। इस दौरान राजस्व, स्वास्थ्य और जिला प्रशासन का अमला भी सुरक्षाबलों के साथ मुस्तैद रहा।
बाहरी जिलों से आकर जंगल काटने का कूटनीतिक नेटवर्क
डीएफओ के अनुसार, वन भूमि पर कब्जा करने वाले ये अतिक्रमणकारी मुख्य रूप से सेंधवा, बड़वानी और बुरहानपुर जैसे सीमावर्ती जिलों से योजनाबद्ध तरीके से पलायन कर खंडवा पहुंचते हैं। ये लोग घने जंगलों को काटकर वहां अवैध बस्तियां बसाने और खेती करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रविवार को गश्ती दल पर हमला करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
डेढ़ साल में 2,130 हेक्टेयर वन भूमि कराई गई मुक्त
विकासात्मक आंकड़ों को साझा करते हुए वन विभाग ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष के भीतर खंडवा जिले में प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 2,130 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। प्रशासन केवल कब्जा हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि खाली कराई गई इस जमीन पर दोबारा सघन वन विकसित करने (वृक्षारोपण) का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। नहार माल और कुमठा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की लगभग 1,800 हेक्टेयर भूमि पर सुरक्षा के लिहाज से परमानेंट वॉच टावर और वन चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं, जो सुचारू रूप से काम कर रही हैं।
सुरक्षा के लिए बनेंगे वॉच टावर, एसएएफ की होगी तैनाती
भविष्य की सुरक्षा रणनीति पर बात करते हुए डीएफओ राकेश डामोर ने कहा कि वन विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुक्त कराई गई जमीन पर दोबारा कभी माफिया हावी न हो सकें। इसी दूरगामी योजना के तहत अमाखुजरी क्षेत्र में भी नए वॉच टावर और हाई-टेक वन चौकियां बनाई जाएंगी। इन चौकियों पर विशेष सशस्त्र बल (SAF) और वन विभाग की संयुक्त टीमें तैनात रहेंगी, जो आधुनिक हथियारों और वाहनों से नियमित गश्त करेंगी ताकि वनों की सुरक्षा को अभेद्य बनाया जा सके।
भोपाल में शिक्षक वर्ग-2 और 3 का बड़ा प्रदर्शन निरस्त, अनुमति नहीं मिलने पर विवाद
29 Jun, 2026 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में सोमवार को शिक्षक वर्ग 2 और 3 के संगठनों द्वारा आयोजित होने वाले प्रस्तावित महाआंदोलन को ऐन वक्त पर स्थगित करना पड़ा। शिक्षक संघ का आरोप है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार कर रहे थे, लेकिन अंतिम समय पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने उन्हें अनुमति देने से साफ मना कर दिया। इस प्रशासनिक रोक के बाद कानून-व्यवस्था का सम्मान करते हुए संघ ने कार्यक्रम को रोकने का फैसला किया, जिससे प्रदेश भर से आए शिक्षकों में भारी निराशा देखी गई।
प्रशासनिक रवैये से भड़का आक्रोश, आवाज दबाने का आरोप
शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनोज दंडोतिया ने इस प्रशासनिक निर्णय पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वर्ग 2 और 3 के शिक्षक लंबे समय से वेतन विसंगति, रुकी हुई पदोन्नति और अत्यधिक कार्यभार जैसे गंभीर मुद्दों से जूझ रहे हैं। सरकार को बार-बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तब जाकर शिक्षकों को लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरने का फैसला लेना पड़ा। दंडोतिया ने तंज कसते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन अनुमति न देकर शिक्षकों की न्यायसंगत आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देकर रोकी अनुमति
सूत्रों के मुताबिक, यह प्रदर्शन भोपाल के एक प्रमुख और संवेदनशील चौराहे पर होना तय हुआ था, जिसमें हजारों की संख्या में शिक्षकों के जुटने की संभावना थी। दूसरी तरफ, भोपाल पुलिस प्रशासन ने अपने निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि इतनी बड़ी तादाद में लोगों के एकत्रित होने से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती थी। पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का हवाला देते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हालांकि, शिक्षक संगठनों का आरोप है कि इस आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव का इस्तेमाल किया गया है।
आंदोलन में बाहरी तत्वों के शामिल होने की कूटनीतिक चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम में एक नया मोड़ तब आया, जब खुफिया इनपुट और सोशल मीडिया पर यह बात सामने आई कि इस शिक्षक आंदोलन की आड़ में "कॉकरोच जनता पार्टी" (संभवतः किसी स्थानीय राजनीतिक धड़े या भ्रामक नाम से प्रेरित) के कार्यकर्ताओं के शामिल होने की योजना थी। इस इनपुट के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इस आयोजन को और अधिक संवेदनशील माना और अनुमति खारिज कर दी। इस नाम को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की चर्चाएं और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
संघ की चेतावनी: कानूनी दायरे में जारी रहेगा संघर्ष
अचानक आंदोलन स्थगित होने से भले ही आयोजन स्थल पर सन्नाटा पसर गया हो, लेकिन शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा से शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा है। अब वे इस दमनकारी नीति के खिलाफ अपनी आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी लंबित मांगों को मनवाने के लिए आने वाले दिनों में सरकार से दोबारा बातचीत करेंगे और जरूरत पड़ने पर कानूनी व संवैधानिक दायरे में रहकर अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा, भारी DJ बॉक्स गिरने से बच्चे की मौत
29 Jun, 2026 03:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली शहर अंतर्गत आने वाले अंबेडकर वार्ड में रविवार रात एक हृदय विदारक दुर्घटना सामने आई है। यहां बुखार की दवा खाकर घर के सामने दहलान में सो रहे साढ़े चार वर्ष के मासूम देवांश ठाकुर के सिर पर डीजे का एक भारी-भरकम साउंड बॉक्स गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए बच्चे ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और पूरे करेली क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
सामान व्यवस्थित करने के दौरान बिगड़ा संतुलन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब घर के भीतर रखे डीजे के भारी उपकरणों को हटाकर व्यवस्थित करने का काम चल रहा था। रविवार रात राहुल लोधी, राजा रजक, नीलेश ठाकुर और संदीप कुशवाहा सहित कुछ अन्य लोग अभिषेक नामक व्यक्ति के डीजे का सामान उठा रहे थे। इसी दौरान अचानक हाथ से संतुलन बिगड़ने के कारण एक विशाल साउंड बॉक्स सीधे उस जगह जा गिरा, जहां मासूम देवांश अपनी मां के पास सो रहा था। हादसा इतना अप्रत्याशित था कि वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति को बच्चे को बचाने का अवसर नहीं मिल सका।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही मासूम ने तोड़ा दम
साउंड बॉक्स गिरते ही बच्चे के सिर में गंभीर चोट आई और अत्यधिक खून बहने लगा। घर में मची अफरा-तफरी के बीच परिजन और स्थानीय लोग तुरंत मासूम को उठाकर बाइक से करेली अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल नरसिंहपुर के लिए रेफर कर दिया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था और जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में मासूम की सांसें थम गईं। अस्पताल लाते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच शुरू, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलने पर सोमवार सुबह अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसका पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने मृतक बच्चे की मां अनिल कुमारी के बयानों के आधार पर मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह घटना महज एक हादसा थी या सामान उठाने और रखने में कोई बड़ी लापरवाही बरती गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारी उपकरणों के रख-रखाव में सावधानी की जरूरत
इस दुखद घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों और घरों में भारी व्यावसायिक उपकरणों को रखने व उनके रख-रखाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन का मानना है कि डीजे, जनरेटर या अन्य भारी मशीनों को संभालते समय, खासकर बच्चों की मौजूदगी में, अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाए जाने बेहद जरूरी हैं। जरा सी भी असावधानी किसी बड़े परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल सकती है।
पुलिस कार्रवाई पर भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन के बीच SDOP के व्यवहार पर उठे सवाल
29 Jun, 2026 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में नेशनल हाईवे-934 पर सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस कार्यप्रणाली के विरोध में चक्काजाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस उग्र प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि पुलिस ने रिश्वत लेकर चोरी के एक मुख्य आरोपी को छोड़ दिया है। वहीं, मौके पर स्थिति संभालने पहुंचे अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) द्वारा ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर अभद्रता और धक्का-मुक्की करने का मामला भी सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
रिश्वत लेकर चोरी के आरोपी को छोड़ने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद छतरपुर के गुलगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घिनौची गांव से शुरू हुआ। यहां बीते दिनों दिनदहाड़े चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था। ग्रामीणों की शिकायत और पहचान के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध आरोपी को हिरासत में भी ले लिया था, लेकिन बाद में उसे बिना किसी ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया। जैसे ही यह बात ग्रामीणों तक पहुंची, उनका आक्रोश भड़क उठा। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस पर लेन-देन कर अपराधी को संरक्षण देने के आरोप लगाए।
कड़ाके की धूप में नेशनल हाईवे पर चक्काजाम
पुलिसिया कार्रवाई से असंतुष्ट और न्याय की मांग को लेकर उद्वेलित ग्रामीण भारी संख्या में एनएच-934 पर जमा हो गए और मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीण सड़क पर ही डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। चक्काजाम के कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय पुलिस बल ने शुरुआती स्तर पर ग्रामीणों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे।
एसडीओपी की तल्खी और धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल
तनाव बढ़ता देख बड़ा मलहरा के एसडीओपी (SDOP) रोहित अलावा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से बेहद तल्ख लहजे में बात की और उन्हें तुरंत सड़क खाली करने की चेतावनी दी। जब ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे, तो अधिकारी ने कथित तौर पर बल प्रयोग और पुलिसिया रौब दिखाना शुरू कर दिया। आरोप है कि एसडीओपी खुद ग्रामीणों से भिड़ गए और उनके साथ धक्का-मुक्की करने लगे। अधिकारी को ऐसा करते देख अन्य पुलिसकर्मियों ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसकी आम जनता और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा तीखी निंदा की जा रही है।
बनवारा और बटेश्वरा घाट पर रेत माफिया सक्रिय, प्रशासन के दावे साबित हुए खोखले
29 Jun, 2026 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना| मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में चंबल नदी के बनवारा और बटेश्वरा घाट को पूरी तरह बंद करने के प्रशासनिक दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जब धरातल पर स्थिति देखी गई, तो बनवारा घाट पर कामकाज पूरी तरह चालू पाया गया, जहाँ से रेत से ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली एक-एक कर बेखौफ गुजरते नजर आए। प्रशासन ने इन घाटों पर पूरी तरह नकेल कसने की बात कही थी, लेकिन धरातल पर सच इसके बिल्कुल उलट है।
बेखौफ रेत माफिया और उठते सवाल
घाटों से अवैध रूप से रेत निकालने और उसे सप्लाई करने का खेल खुलेआम चल रहा है, जिससे रेत माफियाओं के हौसले आसमान पर हैं। स्थानीय निवासियों का साफ कहना है कि अगर कागजों में इन घाटों को प्रतिबंधित कर दिया गया है, तो फिर इतनी बड़ी तादाद में रेत से लदे वाहन किसकी शह पर बाहर आ रहे हैं? इस स्थिति ने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी और उनकी मॉनिटरिंग व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। चंबल के इस संवेदनशील इलाके में अवैध माइनिंग को रोकने के लिए समय-समय पर कड़े कानून और निर्देश लागू किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनदेखी
सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के सख्त आदेशों के बाद चंबल नदी से अवैध रेत निकालने पर पाबंदी लगाने के लिए पुलिस और वन विभाग की टीमें लगातार गश्त और कार्रवाई का दावा करती हैं। इसके बावजूद, सबलगढ़ के बटेश्वरा घाट पर अवैध खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है। बटेश्वरा घाट पर लगातार सक्रिय माफियाओं ने सरकारी अमले की कार्रवाई के असर पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
रात के अंधेरे में चलता है पूरा खेल
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रेत माफियाओं ने अब अपना तरीका बदल लिया है। वे रात के लगभग 12 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक चंबल नदी में भारी मशीनों के साथ उतरते हैं और बड़े पैमाने पर रेत निकालते हैं। दिन के समय पकड़े जाने या कार्रवाई होने के डर से वे रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हैं और सुबह होने से पहले रेत का अवैध परिवहन कर उसे गंतव्य तक पहुंचा देते हैं।
भोपाल में इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट, कृष्णा गौर ने की करोड़ों की योजनाओं की घोषणा
29 Jun, 2026 09:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल| भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट के अंतर्गत अमृत मिशन-2 योजना के तहत लगभग 120 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस राशि से क्षेत्र में एक अत्याधुनिक सीवेज सिस्टम विकसित किया जाएगा, जो निजी कॉलोनियों समेत कई रिहायशी इलाकों की सालों पुरानी सीवेज ड्रेनेज की समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर देगा। इसके अलावा, यातायात को सुगम बनाने के लिए मिसरोद से अयोध्या बायपास होते हुए हवाई अड्डे तक और बावड़ियाकला से दानिश नगर तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
विकास कार्यों की घोषणा और क्षेत्र का सम्मान
इस महत्वपूर्ण विकास कार्य की जानकारी पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने वार्ड क्रमांक-53 स्थित स्टर्लिंग ग्लोब ग्रैंड परिसर के एप्रोच रोड के उद्घाटन और सम्मान समारोह के दौरान दी। राज्यमंत्री ने इस अवसर पर स्टर्लिंग ग्लोब ग्रैंड परिसर में एक ओपन जिम बनाने, डुप्लेक्स परिसर में शेड का निर्माण करने और स्थानीय पार्क के सौंदर्यीकरण की बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि जनता के अटूट भरोसे और समर्थन की बदौलत ही गोविंदपुरा क्षेत्र भाजपा का मजबूत किला बना हुआ है, जिसने उन्हें पिछले चुनाव में राज्य की दूसरी सबसे बड़ी जीत दिलाई।
बेहतर अधोसंरचना और सुरक्षित माहौल
राज्यमंत्री ने आगे कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल और निरंतर हो रहे विकास कार्यों की वजह से यहाँ का इंफ्रास्ट्रक्चर अन्य इलाकों की तुलना में काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने इस प्रगति का श्रेय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व को दिया।
नर्मदापुरम रोड की सर्विस लेन का सुदृढ़ीकरण
समारोह के दौरान क्षेत्रीय पार्षद प्रताप वारे ने वार्ड में चल रहे और आने वाले समय में होने वाले विकास कार्यों का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम रोड के दोनों तरफ की सर्विस लेन की मरम्मत और अन्य बुनियादी ढांचागत सुधार का काम तेजी से जारी है।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्टर्लिंग ग्लोब ग्रैंड रहवासी रखरखाव सहकारी संस्था के सदस्य सतीश नारायण शुक्ला, बीएस राजपूत, सीबी गांधी, मंगेश भार्गव, सुरेंद्र पाल खुराना, सबलोक सलूजा, अजय बवेजा, महेश कुमार, शैलेश तिवारी, महेंद्र चौहान तथा महिला विंग से मीना श्रीवास्तव, ज्योति अवस्थी, मंजरी चौहान, सोनिया अरोरा, किरण गांधी, वीणा बवेजा, सीमा सबलोक, पूर्वा भार्गव, शिल्पा अरोड़ा, कृति गोयल, भावना गांधी, पूजा तिवारी, केसी पटेल, रानी कामरा, सपना खत्री, रजनी अहिरवार, गायत्री विक्रम, वीणा तोमर, श्रीमती विक्टर और मोना सैनी ने मुख्य अतिथि श्रीमती गौर समेत अन्य गणमान्य अतिथियों का शाल और श्रीफल भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया।
अब दुनिया में चमकेगा एमपी का नाम, चार पारंपरिक कृषि उत्पादों को मिला GI टैग
29 Jun, 2026 08:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल| मध्य प्रदेश के किसानों के लिए एक शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य की कृषि विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली है, जहाँ यहाँ के अन्नदाताओं द्वारा उपजाई जाने वाली 4 विशेष फसलों को भौगोलिक संकेतक (जीआई टैग) प्रदान किया गया है। इस प्रतिष्ठित टैग के मिलने से अब इन उत्पादों को न सिर्फ कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि वैश्विक बाजारों में इनकी मांग और ब्रांड वैल्यू भी काफी बढ़ जाएगी। इसे प्रदेश के कृषि इतिहास में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
इन अनोखी फसलों को मिला विशेष दर्जा
राज्य की जिन चार चुनिंदा कृषि उपजों को जीआई टैग से नवाजा गया है, उनमें सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैंगनी अरहर और छत्रिय धान शामिल हैं। इस बड़ी सफलता का सीधा और सबसे ज्यादा फायदा महाकौशल तथा आदिवासी बाहुल्य इलाकों के हजारों किसानों को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दर्जे के बाद देश-विदेश के बाजारों में इन पारंपरिक अनाजों की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिससे किसानों की आमदनी में सुधार होगा और कृषि आधारित प्रोसेसिंग व निर्यात को नई रफ़्तार मिलेगी।
किसानों की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध सरकार: मुख्यमंत्री
इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, 'हमारी सरकार राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। कृषि कल्याण वर्ष के तहत जैविक, प्राकृतिक और हमारी पारंपरिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर काम किया जा रहा है। जीआई टैग मिलने से इन उपजों की साख बढ़ेगी और किसानों को उनकी कड़ी मेहनत का सही और बेहतर दाम मिल सकेगा।'
पूर्व में भी मिल चुके हैं कई गौरव
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब प्रदेश की किसी उपज को यह गौरव मिला हो। इससे पहले भी सीहोर के प्रसिद्ध शरबती गेहूं और रीवा के मशहूर सुंदरजा आम को जीआई टैग मिल चुका है। इन विशिष्ट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने और जीआई टैग दिलाने में किसान कल्याण विभाग तथा मंडी बोर्ड ने बेहद सराहनीय भूमिका निभाई है।
मानसून फिर हुआ एक्टिव! एमपी में तीन वेदर सिस्टम का असर, जानें आज कहां होगी बारिश
29 Jun, 2026 07:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल| मध्य प्रदेश में मानसून का आगमन तो हो गया है, लेकिन इसका व्यापक असर अभी तक सभी क्षेत्रों में दिखाई नहीं दे रहा है। राज्य के कई जिलों को अभी भी झमाझम बारिश का इंतजार है। पिछले रविवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा, हालांकि रतलाम में इस दौरान मध्यम दर्जे की फुहारें पड़ीं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय मानसून के साथ-साथ तीन अन्य चक्रवाती प्रणालियां (वेदर सिस्टम) भी एक्टिव हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में राज्य में मध्यम से लेकर भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ बौछारें पड़ने के आसार
आगामी दिनों में वर्षा के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की भी आशंका है। मौसम केंद्र ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के समय खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के तारों व खंभों के नीचे शरण न लें। आज भोपाल, इंदौर, उज्जेन, जबलपुर, बैतूल, सागर, सीधी, शहडोल, रीवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी समेत आसपास के इलाकों में तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है।
तापमान का हाल और अन्नदाताओं के लिए जरूरी सलाह
हालिया आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सबसे अधिक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस अमरिया में मापा गया, जबकि सबसे कम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस खंडवा में दर्ज हुआ। दूसरी ओर, कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने का प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम न करने की हिदायत दी गई है। इस बार मानसून के विलंब से आने के कारण खरीफ की मुख्य फसलों— जैसे सोयाबीन, धान, मक्का और कपास की बोनी के प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।
पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन, जेल एवं फॉरेंसिक सभी पाँच स्तंभों के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर आए
28 Jun, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB), पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा दिनांक 28 जून 2026 (रविवार) को “ICJS Implementation and Digital Integration” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का भव्य एवं सफल आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार (मिंटो हॉल), भोपाल में किया गया। यह कार्यशाला अपने स्वरूप और उद्देश्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय आयोजन साबित हुई, जिसमें Interoperable Criminal Justice System (ICJS) के अंतर्गत समस्त स्तंभ – पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक एवं स्वास्थ्य –एक ही मंच पर एकत्रित हुए। कार्यशाला में इन विभिन्न स्तंभो के प्रतिनिधियों ने आपसी अनुभवों, व्यावहारिक चुनौतियों तथा समाधान-आधारित विचारों को साझा करते हुए ICJS के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समन्वित रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया।
उक्त कार्यशाला का आयोजन माननीय न्यायमूर्ति संजीव एस. कालगांवकर , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य आतिथ्य एवं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, SCRB जयदीप प्रसाद के नेतृत्व तथा पुलिस महानिरीक्षक हरिनारायणचारी मिश्र के समन्वय में किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति संजीव एस. कालगांवकर, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय, म.प्र., पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा एवं मंचासीन अतिथि गणों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य ICJS के अंतर्गत पुलिस, अभियोजन, न्यायालय, जेल, फॉरेंसिक व स्वास्थ्य विभागों के मध्य डिजिटल समन्वय को सशक्त बनाना तथा क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों और कमियों पर संवाद कर उनके समाधान की रूपरेखा तैयार करना था।
कार्यशाला में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, जिला न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक और स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
स्वागत उद्बोधन में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, SCRB जयदीप प्रसाद ने कहा कि ICJS केवल एक सॉफ्टवेयर परियोजना नहीं, बल्कि देश की संपूर्ण आपराधिक न्याय प्रणाली को डिजिटल रूप से जोड़ने वाला राष्ट्रीय मिशन है। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक एवं स्वास्थ्य विभागों के बीच निर्बाध डिजिटल समन्वय स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों, राज्य की वर्तमान प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी
मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति संजीव एस. कालगांवकर ने कहा कि इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) केवल एक तकनीकी मंच नहीं, बल्कि पुलिस, न्यायपालिका, अभियोजन, फॉरेंसिक एवं अन्य विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने वाला एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में तकनीक को विधिक मान्यता दी गई है और भविष्य की न्याय व्यवस्था डिजिटल साक्ष्यों, रियल-टाइम सूचना आदान-प्रदान तथा तकनीक आधारित प्रक्रियाओं पर आधारित होगी। मध्यप्रदेश द्वारा ई-समन, ई-वारंट, CCTNS आधारित समन्वय एवं डिजिटल संचार जैसी पहलों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था की सफलता का वास्तविक पैमाना आम नागरिक को मिलने वाला लाभ है। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों के सुरक्षित प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण डेटा, तकनीकी नवाचारों के उपयोग तथा सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया। उन्होंने कहा कि CCTNS 2.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी, त्वरित एवं स्मार्ट बनाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीक का दुरुपयोग करने वाले अपराधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाना होगा। उन्होंने ई-कोर्ट, ई-पेमेंट, भूमि अभिलेखों के एकीकरण तथा ऑनलाइन न्यायिक सेवाओं जैसी डिजिटल पहलों की सराहना करते हुए डिजिटल चार्जशीट, सुरक्षित डिजिटल स्टोरेज, दस्तावेजों की सुव्यवस्थित इंडेक्सिंग एवं विभिन्न एजेंसियों के बीच निर्बाध डेटा साझा करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही आरोपियों एवं गवाहों के डिजिटल संपर्क विवरणों का अद्यतन रिकॉर्ड तैयार कर ई-समन सेवा तथा पुलिस, न्यायालय एवं जेल प्रणालियों के बेहतर एकीकरण को भविष्य की आवश्यकता बताया।
अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय शुक्ला ने कहा कि प्रशासनिक सुधार तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के उपयोग में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त की हैं, जबकि ऑपरेशनल एफिशिएंसी, विभागों के बीच डिजिटल इंटीग्रेशन एवं ऑनलाइन प्रक्रियाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने सभी संबंधित विभागों के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है तथा भारत सरकार, NIC एवं अन्य एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि तकनीकी चुनौतियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने उपस्थित विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य केवल रैंकिंग में सुधार करना नहीं, बल्कि नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराना है। आवश्यकता पड़ने पर राज्य शासन प्रत्येक स्तर पर संसाधन, बजट एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, संगठित अपराध एवं वित्तीय धोखाधड़ी जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तकनीक आधारित पुलिसिंग एवं ICJS समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन में डिजिटल इंटीग्रेशन, वैज्ञानिक विवेचना एवं विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डीजीपी ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस डिजिटल पुलिसिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। विवेचना अधिकारियों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं तथा e-Sakshya, NAFIS, CCTNS एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विवेचना को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों से डेटा की गुणवत्ता बनाए रखने, तकनीकी दक्षता बढ़ाने तथा समन्वय को और मजबूत करने का आह्वान किया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि ICJS 2.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड एनालिटिक्स एवं रियल-टाइम डिजिटल इंटीग्रेशन भविष्य की पुलिसिंग को नई दिशा देंगे और नागरिकों को अधिक प्रभावी न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराएंगे।
कार्यशाला के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा वर्ष जून 2025 से मई 2026 की अवधि में CCTNS डेटा गुणवत्ता एवं डेटा एंट्री के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को "बेस्ट परफॉर्मर अवार्ड" प्रदान किए गए। CCTNS डेटा रैंकिंग में रतलाम जिले ने प्रथम, अशोकनगर एवं गुना ने संयुक्त रूप से द्वितीय तथा राजगढ़ जिले ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त फिंगरप्रिंट प्रबंधन एवं पहचान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु भोपाल कमिश्नरेट, देवास एवं इंदौर को भी सम्मानित किया गया।
तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में देशभर के विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।
एनसीआरबी, नई दिल्ली के उप निदेशक प्रसून गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) एवं CCTNS के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस के तकनीकी नवाचारों एवं डिजिटल पुलिसिंग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एनसीआरबी का लक्ष्य "वन कंट्री, वन डेटा, वन एंट्री" के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली के सभी स्तंभों के बीच निर्बाध डिजिटल समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि ICJS 2.0 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड एनालिटिक्स, पेपरलेस डेटा शेयरिंग एवं रियल-टाइम इंटीग्रेशन जैसी आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से आपराधिक न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जाएगा।
मुंबई के डॉ. सैयद शफीक महदी रिजवी ने Digital Forensics एवं Electronic Evidence के महत्व तथा न्यायिक उपयोगिता पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया।
व्यावहारिक सत्र में साझा हुई सफलता की कहानियां
दोपहर बाद आयोजित प्रायोगिक सत्र में ICJS Road Map 2026-27 प्रस्तुत किया गया। इंदौर कमिश्नरेट, देवास एवं रतलाम जिला पुलिस टीमों ने ICJS डिजिटल इंटीग्रेशन के अंतर्गत अपने उत्कृष्ट नवाचार, सफलता की कहानियां तथा व्यावहारिक अनुभव साझा किए। प्रत्येक प्रस्तुति के पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने व्यावहारिक समस्याओं एवं समाधान पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यशाला के समापन सत्र में प्रतिनिधियों के साथ समूह चर्चा (Group Discussion) आयोजित कर ICJS के क्रियान्वन को लेकर ठोस सुझाव एकत्रित किए गए। उक्त कार्यशाला में संकलित सुझाव ICJS के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। कार्यशाला में विभिन्न पिलर्स के Experts के द्वारा दिया गया मार्गदर्शन ICJS के सशक्त क्रियान्वयन हेतु ठोस दिशा प्रदान करते हुए, इस पहल को एक निर्णायक उपलब्धि की ओर अग्रसर करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 135 वें संस्करण का प्रसारण
28 Jun, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम "मन की बात" के 135वें संस्करण का रविवार को रेडियो से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही के विधायक महेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के लिए रविवार को तब गौरव और सम्मान क्षण रहा, जब प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में ब्यावरा में चल रहे 'प्लास्टिक मुक्त अभियान' का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्यावरा की बहनों एवं पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अनुकरणीय प्रयास के लिए मुक्त कंठ से सभी की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने अभियान को 'जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन' और 'वेस्ट टू वेल्थ' का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' में कहा कि उन्हें राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ बहनों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने किसी और के साथ देने और किसी बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया। देखते ही देखते यह पहल एक जन-आंदोलन बन गई। एकत्रित प्लास्टिक्स का पुनर्चक्रण (रि-सायकिल) कर उसका उपयोग शहर के सार्वजनिक स्थानों को और भी सुंदर बनाने में किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों के दौरान यहां सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है , जो प्लास्टिक कभी शहर में प्रदूषण फैलाता था, वही आज इन बहनों के प्रयासों से शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्यावरा की सभी बहनों तथा इस अभियान से जुड़े सभी साथियों को उनके सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री द्वारा 'मन की बात' जैसे राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा में चल रहे अभियान का उल्लेख पूरे राजगढ़ जिले और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि जब समाज स्वयं परिवर्तन का संकल्प लेता है, तब एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की उन सभी बहनों की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को Recycle कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। यह सराहनीय पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी गणेश महोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह भी किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी और सशक्त हो।
आखिर क्या है यह अभियान
ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संस्था के संयोजक अनिल कुशवाहा के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से नगर में घर-घर से निकलने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक एवं पॉलीथीन को एकत्र कर इको ब्रिक्स तैयार किए जा रहे हैं। इन इको ब्रिक्स से पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों के लिए बेंच, सजावटी संरचनाएं, गार्डन फर्नीचर तथा अन्य उपयोगी सामग्री निर्मित की जा रही है। यह पहल 'वेस्ट टू वैल्यू' की अवधारणा को साकार कर 'प्लास्टिक कचरे को बहुपयोगी संसाधन' में बदल रही है। उन्होंने बताया कि अभियान की सबसे बड़ी ताकत जन सहभागिता है। यहां शहर की सभी गृहिणियां अपने घरों से निकलने वाली पॉलीथीन अलग से एकत्र कर रही हैं, व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों का प्लास्टिक इस संस्था को सौंप रहे हैं और शहर के युवा समय निकालकर प्रतिदिन पर्यावरण संरक्षण के इस मिशन से जुड़ रहे हैं। संस्था द्वारा नगर में प्लास्टिक बैंक एवं बोतल बैंक स्थापित किए गए हैं, जहां नागरिक आसानी से प्लास्टिक्स जमा करा सकते हैं। शहर के विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम करके नई पीढ़ी को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
संस्था के सदस्य तरुण सेन बताते हैं कि वर्तमान में 40 से 50 युवाओं एवं महिलाओं की टीम रोजाना स्वैच्छिक रूप से अभियान में काम कर रही है। अब तक 2 क्विंटल से अधिक प्लास्टिक को इको ब्रिक्स में बदल कर नगर के विभिन्न स्थानों में इनका उपयोग किया जा चुका है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग भी दिनों-दिन बढ़ रहा है, इससे अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन बनता जा रहा है।
नगरपालिका ब्यावरा ने भी इस अभिनव पहल से जुड़कर भविष्य में इको ब्रिक्स से निर्मित उत्पादों का सार्वजनिक स्थलों पर अधिकाधिक उपयोग करने की मंशा जाहिर की है।
झाबुआ से देश को पोलियो मुक्त रखने का संकल्प
28 Jun, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के राष्ट्रीय संकल्प के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने रविवार को झाबुआ जिले में तीन दिवसीय 'राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान' का शुभारंभ किया। जिला चिकित्सालय झाबुआ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंत्री भूरिया ने फीता काटकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान के जिला स्तरीय चरण की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं बच्चों को पोलियो रोधक दवा की दो बूंद पिलाकर आम जनता को जागरूकता का संदेश दिया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री भूरिया ने पोलियो उन्मूलन की दिशा में भारत की ऐतिहासिक सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन की दिशा में हमारे देश ने दुनिया के सामने एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम की है, लेकिन इस बड़ी सफलता और सुरक्षा चक्र को बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि हर पीढ़ी के प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो रोधक दवा की खुराक मिले। मंत्री भूरिया ने बल देकर कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य और उनका सुरक्षित भविष्य हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी नागरिकों और अभिभावकों से भावुक अपील की कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा अवश्य पिलवाएं और इस जनहितकारी अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।
मंत्री भूरिया द्वारा शुरू किए गए इस अभियान के तहत झाबुआ जिले में 0 से 5 वर्ष तक के कुल 2,13,504 बच्चों को दवा पिलाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) श्री एम.एल. चोपड़ा ने बताया कि जमीनी स्तर पर एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसके तहत जिले में कुल 1,185 टीमें मुस्तैद की गई हैं। इन टीमों में निर्धारित केंद्रों पर दवा पिलाने के लिए 424 बूथ टीमें, छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए 610 घर-घर भ्रमण करने वाली टीमें, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं मुख्य चौराहों पर सक्रिय रहने वाली 44 ट्रांजिट टीमें तथा सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों के लिए 07 मोबाइल टीमें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पूरे अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए विशेष सुपरवाइजरी टीमों का भी गठन किया गया है।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू पर्यटन का बनेगा प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री डॉ यादव
28 Jun, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू को प्रदेश के बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि कुकरू में पर्यटन विकास के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से कुकरू, चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट को जोड़ते हुए एकीकृत टूरिज्म सर्किट विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल के पर्यटन स्थल कुकरू के भ्रमण के दौरान यह बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकुरू के रेस्ट हाउस परिसर में योगाभ्यास कर दिन की शुरूआत की। उन्होंने योग कर प्रदेशवासियों को अपनी दैनिक जीवनशैली में योग को शामिल करने का संदेश दिया। प्राकृतिक वादियों के बीच आयोजित योग सत्र में मुख्यमंत्री ने योग साधक की भांति विभिन्न योगासन कर सभी को नियमित योग के प्रति प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगाभ्यास के दौरान मयूरासन, शीर्षासन सहित अन्य आसनों का भी सहजता एवं पारंगत रूप से प्रदर्शन किया। उन्होंने ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, भुजंगासन एवं शलभासन सहित अनेक योगासनों का स्थानीय ग्रामीणों के साथ सामूहिक अभ्यास किया। साथ ही नाड़ी शोधन, तितली एवं भ्रामरी प्राणायाम भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू से पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। साथ ही कुकरू में पर्यटन विकास की कार्ययोजना का प्रेजेंटेशन भी देखा।
ईको टूरिज्म, सनराइज-सनसेट प्वाइंट और पर्यटन सुविधाओं का होगा विकास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू में ईको टूरिज्म, सनराइज एवं सनसेट प्वाइंट सहित अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थलों का विकास किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त ईको रिसोर्ट एवं अन्य पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जाएगी। साथ ही ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां प्रारंभ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर कुकरू के पर्यटन विकास के लिए बजट में और वृद्धि भी की जाएगी।
जनजातीय समूहों के लिए बनेंगे होमस्टे, एमपी टूरिज्म करेगा बुकिंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इन होमस्टे का संचालन मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीटी) के होटलों की तर्ज पर व्यवस्थित रूप से किया जाएगा तथा इनकी बुकिंग की व्यवस्था मध्यप्रदेश टूरिज्म द्वारा की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
'कुकरू नेचुरल' के तहत होगा स्थानीय उत्पादों का विपणन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ-साथ कोदो कुटकी, आंवला, हनी, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली, भिलवा एवं अन्य प्राकृतिक उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है। इन उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं तथा वन विभाग के सहयोग से "कुकरू नेचुर" के नाम से इकाइयां स्थापित की जाएंगी। साथ ही इन उत्पादों के विपणन के लिए वन विभाग द्वारा शहरों में आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।
दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र होंगे स्थापित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कुकरू क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा, दही सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के विक्रय केंद्र भी वन विभाग द्वारा स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन संबंधी रोजगार से जोड़ने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग एवं होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कुकरू में रोबुस्टा एवं अरेबिका कॉफी के ग्रोइंग, कल्टीवेशन एवं प्रोसेसिंग उत्पादन के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्थापित की जाएगी। कॉफी बोर्ड एवं वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को कॉफी उत्पादन के लिए तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
पशुपालन और जल संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम कुकरू में पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने तथा पशु शेड निर्माण की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान और पर्यटन विकास को गति देने के लिए 5 करोड़ रुपये की लागत से तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसी प्रकार ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे कराया जाएगा। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और आधारभूत अधोसंरचना का विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक अधोसंरचनात्मक कार्यों की भी घोषणा की। इनमें आयुष विभाग अंतर्गत वेलनेस सेंटर की स्थापना, ग्राम जामुखेड़ा में 70 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम लोकलदरी में 40 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण, ग्राम कसई से भोडियाकुंड तक 85 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण, ग्राम कसई फाटा से भोडियाकुंड तक 65 लाख रुपये तथा जामुखेड़ा से इमलीढाना तक 65 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम खामला में 1.20 करोड़ रुपये की लागत से बालिका छात्रावास तथा ग्राम कसई में 25 लाख रुपये की लागत से शासकीय उचित मूल्य दुकान का निर्माण भी किया जाएगा। अन्य विकास संभावनाओं के संबंध में विस्तृत सर्वे भी कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में खेत में चलाया हल, किसानों का किया उत्साहवर्धन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू के प्रसिद्ध हिल स्टेशन में ग्रामीण जीवन और कृषि संस्कृति से आत्मीय जुड़ाव का परिचय दिया। मुख्यमंत्री ने किसान सहादेव गायनी के खेत में पहुंचकर स्वयं हल चलाया और मक्का की बोवनी कर किसानों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसान सहादेव गायनी ने बताया कि उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वर्तमान में मक्का की बोवनी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने खेती-किसानी की जानकारी लेते हुए कृषि कार्यों में रुचि दिखाई तथा किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने खरीफ की बुवाई और उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह सहज और आत्मीय अंदाज ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। खेत में हल चलाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं के परिश्रम का सम्मान किया और कृषि को राज्य की समृद्धि का आधार बताया। इसी दौरान ग्राम के 21 वर्षीय युवक हेमंत गायनी ने मुख्यमंत्री के समक्ष पारंपरिक लाठी घुमाने की कला का प्रदर्शन किया। युवक की प्रतिभा से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने उसकी सराहना की तथा स्वयं भी लाठी घुमाकर उसका उत्साहवर्धन किया।
ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती नीता धाड़से ने बताया कि वे कृषि सखी के रूप में कार्य करते हुए जैविक खेती को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से प्राप्त ऋण सहायता से वे विभिन्न गतिविधियों के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। समूह की सदस्य श्रीमती मैना दामजे ने बताया कि पहले वे छोटे स्तर पर मावा और रबड़ी बनाने का कार्य करती थीं, लेकिन स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी आय बड़ी है। ग्राम खामला की स्व-सहायता समूह सदस्य श्रीमती अर्चना विनोद ने बताया कि सीएलएफ के माध्यम से उनके समूह को 72 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ है, जिससे समूह की महिलाएं कृषि सखी, डेयरी एवं अन्य गतिविधियों से जुड़कर आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ग्रामीण शेषराव बरसाकर ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने तीन वर्षों के अनुभव और उससे प्राप्त लाभों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए सभी ग्रामीणों से प्राकृतिक खेती को अपनाने और उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया। इस दौरान ग्रामीणों की वन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों से कहा कि कुकरू एवं आसपास का क्षेत्र वनभूमि क्षेत्र है, जहां कॉफी उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने आम जैसे फलदार वृक्षों के साथ कॉफी पौधों का रोपण कर आय बढ़ाने की बात कही। साथ ही पशुपालन एवं डेयरी उत्पादों के निर्माण की संभावनाओं पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में होम-स्टे विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों को आचार्य विद्यासागर योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय के लिए 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही 33 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज प्रतिपूर्ति भी सरकार द्वारा की जाती है।
'बैतूल दर्शन' पुस्तिका का विमोचन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में बैतूल पर्यटन पर केंद्रित 'बैतूल दर्शन' पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस पुस्तिका में जिले के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी संकलित की गई है। यह पुस्तिका पर्यटकों को बैतूल की समृद्ध पर्यटन विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं और नागरिकों को वितरित किए हेलमेट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं नागरिकों को हेलमेट वितरित किए। उन्होंने श्रीमती वंदना सावे, श्रीमती सविता आठोले, श्रीमती संतोषी बेलकर, धर्मेंद्र सावे, सायबू आठोले तथा अशोक बेतकर को हेलमेट प्रदान किए।
वन रक्षक भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति-पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन रक्षक भर्ती परीक्षा में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग से चयनित 45 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने राजू बेगा, प्रमोद ठकरिया, अजय सहरिया, कुमारी रानूबाई बैगा तथा कु. ज्योति मिल्थरे को नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए
स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़े
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुकरू स्थित कॉफी बागान का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कॉफी बागान के इतिहास, भू-गर्भीय परिस्थितियों एवं यहां उपलब्ध प्राकृतिक वातावरण की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉफी की खेती की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए स्थानीय किसानों को कॉफी उत्पादन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉफी उत्पादन क्षेत्र के ग्रामीणों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉफी प्रोसेसिंग का कार्य कर रही ल-वॉन कंपनी के प्रतिनिधियों से चर्चा कर कॉफी प्रोसेसिंग, विपणन एवं क्षेत्र में कॉफी उत्पादन के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। उल्लेखनीय है कि कुकरू में वर्ष 1944 में ब्रिटिश महिला फ्लोरेंस हेंड्रिक्स द्वारा कॉफी बागान की स्थापना की गई थी। यह कॉफी बागान लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और वर्तमान में क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं कृषि धरोहर के रूप में पहचान रखता है।
इस दौरान केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, वन मंडलाधिकारी लक्ष्मीकांत वासनिक, आयुष विभाग के योग प्रशिक्षक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
धरती आबा और जनमन योजना, जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान : राज्यपाल पटेल
28 Jun, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि "धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना" और "प्रधानमंत्री जनमन योजना" जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होaने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकलसेल बीमारी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए मरीजों के उपचार के साथ-साथ जन-जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है।
राज्यपाल पटेल रविवार ने यह बात खरगोन के झिरन्या में आयोजित सिकलसेल शिविर कार्यक्रम में कहीं। इस दौरान ब्लड बैंक का शुभारंभ किया तथा दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत कुमारी आस्था को पोलियोरोधी दवाई पिलाई। उन्होंने सिकलसेल प्रमाण पत्र प्रदान किये। उन्होंने क्षय रोगियों को फूड बास्केट भेंट की। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर ग्रामीणों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम को भी सुना।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकलसेल रोग अनुवांशिक रोग है। इसकी जांच गर्भावस्था में भी संभव है। बच्चों के गर्भावस्था के दौरान भी सिकल सेल रोग का उपचार प्रारंभ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि "सिकलसेल मित्र" मरीजों की मदद में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथिक पद्धति के साथ-साथ आयुर्वेद में भी सिकलसेल रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। अब टीबी रोग का बेहतर उपचार उपलब्ध है। मरीज यदि 6 माह तक नियमित रूप से दवाई ले, तो टीबी रोग ठीक किया जा सकता है।
राज्यपाल पटेल ने इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा विकास योजनाओं के प्रदर्शन के लिए लगाए गए स्टाल पर जाकर उपस्थित अधिकारियों से विभागीय गतिविधियों की जानकारी ली।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी मे विकास और गरीबों के कल्याण के काम तेजी से हो रहे हैं। झिरन्या में 1500 करोड़ रुपए लागत की उदवहन सिंचाई योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी।
राज्यपाल पटेल ने मारूगढ़ निवासी कालू के पीएम आवास में किया भोजन
राज्यपाल पटेल ने रविवार को खरगोन जिले के झिरन्या विकासखंड की ग्राम पंचायत शाहपुर के ग्राम मारूगढ़ निवासी कालू पिता रतन के प्रधानमंत्री आवास में भोजन किया। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दी और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विधायक श्रीमती छाया मोरे, खरगोन के विधायक बालकृष्ण पाटीदार, महेश्वर के विधायक राजकुमार मेव, जिला भाजपा अध्यक्ष श्रीमती नंदा ब्राह्मणे एवं कलेक्टर श्रीमती भव्या मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।
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