मध्य प्रदेश
मोहन कैबिनेट में आज बड़े मुद्दों पर चर्चा संभव, प्रशासनिक फैसलों पर नजर
11 May, 2026 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 4 बजे मंत्रालय में कैबिनेट की एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस मीटिंग में राज्य के विकास और जनता की सुविधाओं से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी। चुनावी गहमागहमी और प्रशासनिक सुधारों के बीच होने वाली इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मुख्य फोकस उन योजनाओं और प्रस्तावों पर है, जिनका सीधा असर आम जनता और राज्य की व्यवस्था पर पड़ता है।
राज्यमंत्रियों का 'स्वेच्छा अनुदान' बढ़ने के आसार
इस कैबिनेट बैठक में मंत्रियों के विवेकाधीन कोष (Discretionary Fund) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया जा सकता है। प्रस्ताव है कि राज्यमंत्रियों के स्वेच्छा अनुदान को 18 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया जाए। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो राज्यमंत्री अपने क्षेत्र के लोगों की मदद और विकास कार्यों के लिए ज्यादा राशि खर्च कर सकेंगे। यह कदम क्षेत्रीय विकास और जनहित के कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
नई तबादला नीति (Transfer Policy) पर रहेगी नजर
सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी आज की बैठक बहुत खास होने वाली है। मुख्यमंत्री ने पिछली मीटिंग में ही अधिकारियों को नई 'तबादला नीति' तैयार कर पेश करने के निर्देश दिए थे। आज कैबिनेट में इस नीति का मसौदा (Draft) रखा जा सकता है। अगर कैबिनेट इस पर मुहर लगाती है, तो प्रदेश में काफी समय से रुके हुए तबादलों का रास्ता साफ हो जाएगा और प्रशासनिक फेरबदल के लिए नए नियम लागू होंगे।
जनहित और विकास के प्रस्तावों पर मंथन
कैबिनेट की इस बैठक में केवल तबादले या अनुदान ही नहीं, बल्कि राज्य के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और विकास से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती है। मुख्यमंत्री जनहित के मुद्दों पर मंत्रियों के साथ गहन मंथन करेंगे। माना जा रहा है कि खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ नई योजनाओं या पुराने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए फंड जारी करने पर भी फैसला हो सकता है। शाम को बैठक खत्म होने के बाद सरकार की ओर से इन फैसलों की आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
जीतू पटवारी आज पन्ना में, जनसभा और संगठन समीक्षा कार्यक्रम तय
11 May, 2026 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पन्ना: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी आज पन्ना जिले के एक दिवसीय (One Day) दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा मुख्य रूप से केन-बेतवा लिंक परियोजना और स्थानीय बांध परियोजनाओं से प्रभावित किसानों की समस्याओं पर केंद्रित रहेगा। पटवारी का कार्यक्रम काफी व्यस्त है, जिसमें वे जेल में बंद प्रदर्शनकारियों से मिलने के साथ-साथ सीधे उन गांवों तक भी जाएंगे जहाँ ग्रामीण विस्थापन और जमीन के मुद्दों से जूझ रहे हैं।
जेल में मुलाकात और किसानों का समर्थन
पन्ना पहुंचते ही जीतू पटवारी सबसे पहले जिला जेल जाएंगे। यहाँ वे समाजसेवी अमित भटनागर, कांग्रेस नेता भरतमिलन पांडेय और उन किसानों से मुलाकात करेंगे जिन्हें केन-बेतवा लिंक परियोजना, रुंझ और मझगांय डैम के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जेल में बंद किया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष की इस मुलाकात को उन लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है जो लंबे समय से जल परियोजनाओं के कारण अपनी जमीन और हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
ग्राउंड जीरो पर जाकर सुनेंगे ग्रामीणों का दर्द
जेल में मुलाकात के बाद जीतू पटवारी सीधे उन क्षेत्रों का दौरा करेंगे जो रुंझ डैम, मझगांय डैम और केन-बेतवा परियोजना की वजह से प्रभावित हुए हैं। वे इन इलाकों में किसानों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे और यह समझने की कोशिश करेंगे कि सरकारी प्रोजेक्ट्स की वजह से उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पटवारी का उद्देश्य इन किसानों की मांगों को प्रदेश स्तर पर उठाकर सरकार को घेरना है।
विस्थापित ग्रामीणों की समस्याएं और भविष्य की रणनीति
दोपहर के बाद जीतू पटवारी ग्राम कूड़न गहदरा पहुंचेंगे, जहाँ वे विस्थापित किए गए ग्रामीणों से संवाद करेंगे। इन ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या पुनर्वास और मुआवजे को लेकर है, जिसे पटवारी गंभीरता से सुनेंगे। इस दौरे के जरिए कांग्रेस यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह किसानों और आदिवासियों के हितों के साथ खड़ी है। इस दौरे के बाद पटवारी शाम को वापस रवाना होंगे, लेकिन उनके इस दौरे से जिले की राजनीति में हलचल तेज होना तय माना जा रहा है।
शिवराज सिंह चौहान ने खोला ‘मामा कोचिंग’ सेंटर, शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
11 May, 2026 09:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदिशा : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में ‘मामा कोचिंग’ का उद्घाटन किया। जैसा कि बच्चे उन्हें प्यार से 'मामा' कहते हैं, उन्होंने उन्हीं के भविष्य को संवारने के लिए इस विशेष कोचिंग संस्थान की शुरुआत की है। इस मौके पर उनकी पत्नी साधना सिंह, बेटे कार्तिकेय और कई स्थानीय विधायक व समाजसेवी मौजूद रहे।
क्यों खास है 'मामा कोचिंग'?
शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कई बार होनहार बच्चे सिर्फ इसलिए पीछे रह जाते हैं क्योंकि उनके पास महंगी कोचिंग की फीस भरने के पैसे नहीं होते। 'मामा कोचिंग' का मुख्य उद्देश्य ऐसे ही टैलेंटेड बच्चों को सही रास्ता दिखाना और उन्हें MPPSC (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) जैसी बड़ी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।
सिर्फ कोचिंग नहीं, करियर काउंसलिंग भी मिलेगी
मंत्री ने बताया कि इस संस्थान को आने वाले समय में एक 'करियर काउंसलिंग सेंटर' के रूप में डेवलप किया जाएगा। यहाँ युवाओं को न केवल पढ़ाई कराई जाएगी, बल्कि उन्हें सरकारी नौकरी, स्वरोजगार (Self-employment) और बिजनेस शुरू करने वाली योजनाओं की पूरी जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि आर्थिक तंगी की वजह से मेरा कोई भी भांजा-भांजी पीछे न रहे।"
अभिभावकों और छात्रों में खुशी की लहर
कोचिंग के शुरू होने से स्थानीय लोग काफी उत्साहित हैं। एक अभिभावक सपना जैन ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उनकी बेटी रिद्धि जैन का चयन इस कोचिंग के लिए हुआ है। रिद्धि पहले दिल्ली या भोपाल जाकर तैयारी करने का सोच रही थी, लेकिन अब वह अपने शहर में ही बेहतर मार्गदर्शन पा सकेगी। सपना जैन ने भावुक होकर कहा, "मां ने पंख दिए और मामा ने आसमान, अब बेटी अपनी पहचान खुद बनाएगी।"
युवाओं को मिलेगा सही मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने छात्रों से सीधा संवाद (Dialogue) किया और उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हर युवा को सही उम्र में सही दिशा मिलना बहुत जरूरी है। 'मामा कोचिंग' के माध्यम से युवाओं को न केवल किताबी ज्ञान मिलेगा, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार किया जाएगा। फिलहाल इस पहल को विदिशा के युवाओं के लिए एक बड़े तोहफे के रूप में देखा जा रहा है।
सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए खुशखबरी, अब स्कूल में ही होगी NEET-JEE तैयारी
11 May, 2026 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देख रहे मध्य प्रदेश के छात्रों के लिए राज्य सरकार एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। अब NEET और JEE जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को महंगी कोचिंग फीस नहीं भरनी होगी। सरकार ने राज्य के 799 पीएमश्री (PM Shri) और 274 सांदीपनि स्कूलों में इन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी मुफ्त में कराने का फैसला किया है। इस 'अभिनव पहल' का मकसद गांव और छोटे शहरों के होनहार बच्चों को सही मार्गदर्शन देना है ताकि वे बिना किसी आर्थिक बोझ के बड़े एग्जाम्स क्रैक कर सकें।
9वीं क्लास से ही मजबूत होगी नींव: 'फाउंडेशन मॉडल' पर फोकस
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि तैयारी 11वीं या 12वीं से नहीं, बल्कि कक्षा 9वीं से ही शुरू कर दी जाएगी। सरकार इसे पारंपरिक कोचिंग के बजाय ‘कॉम्पिटेटिव अवेयरनेस और फाउंडेशन मॉडल’ के रूप में चलाएगी। इसके तहत पहले चरण में 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को कवर किया जाएगा और आने वाले समय में 8वीं कक्षा को भी इसमें जोड़ा जाएगा। शुरुआत में गणित और एप्टीट्यूड टेस्ट के जरिए बच्चों का इंटरेस्ट समझा जाएगा, ताकि उन्हें सही करियर काउंसलिंग मिल सके।
स्मार्ट क्लास और प्रशिक्षित शिक्षक: ऐसे काम करेगी योजना
पढ़ाई को प्रभावी बनाने के लिए उन स्कूलों को चुना गया है जहाँ स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर और साइंस लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। हर स्कूल के दो शिक्षकों को विशेष रूप से ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे बच्चों को कॉम्पिटिटिव लेवल पर पढ़ा सकें। पढ़ाई का पैटर्न पूरी तरह NCERT पर आधारित होगा। साथ ही, बच्चों के कॉन्सेप्ट क्लियर करने के लिए रेगुलर मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन (MCQ) टेस्ट लिए जाएंगे, जिससे उन्हें एग्जाम के प्रेशर और फॉर्मेट की आदत हो सके।
जुलाई से शुरू होगा चयन: 11वीं-12वीं में होगी 'टारगेटेड' पढ़ाई
इस योजना के तहत छात्रों का चुनाव जुलाई से सितंबर के बीच काउंसलिंग प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। जहाँ 9वीं और 10वीं में बेसिक्स पर ध्यान दिया जाएगा, वहीं 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ाई पूरी तरह परीक्षा (Exam Centric) पर आधारित होगी। इससे छात्रों को स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ नीट और जेईई की तैयारी के लिए अलग से समय निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार के इस कदम से राज्य में शिक्षा का स्तर सुधरने और मध्यम व निम्न वर्ग के परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने की उम्मीद है।
प्रशासनिक फेरबदल: 3 आईपीएस अधिकारियों को मिला नया पदभार
11 May, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। राज्यपाल के आदेशानुसार गृह विभाग की सचिव शिल्पा गुप्ता द्वारा 10 मई को जारी की गई अधिसूचना के तहत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और सभी अधिकारियों को अविलंब अपना नया पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल को राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट से जोड़कर देखा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभार में परिवर्तन
इस स्थानांतरण सूची में 2010 बैच के अनुभवी आईपीएस अधिकारी राकेश सगर का नाम प्रमुख है। श्री सगर, जो अब तक ग्वालियर में 'दूसरी वाहिनी विसबल' के सेनानी और उप पुलिस महानिरीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे, उन्हें अब पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल में उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) के महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया गया है। उनकी इस नियुक्ति से मुख्यालय स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
बुरहानपुर को मिले नए एसपी और ग्वालियर में नई नियुक्ति
जिलेवार नियुक्तियों की बात करें तो 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी आशुतोष बागड़ी को बुरहानपुर जिले का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है। श्री बागड़ी इससे पहले 17वीं वाहिनी विसबल में सेनानी के पद पर कार्यरत थे। वहीं, ग्वालियर जिले में भी जिम्मेदारी का बदलाव देखा गया है, जहाँ अपर पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत विदिता डागर को अब दूसरी वाहिनी ग्वालियर में सेनानी के पद पर नई पदस्थापना दी गई है।
लगातार हो रहे तबादलों से प्रशासनिक फेरबदल जारी
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से पुलिस महकमे में निरंतर बदलाव का दौर चल रहा है। इस हालिया आदेश से पहले 5 मई को भी राज्य शासन ने पुलिस मुख्यालय में तैनात 11 आईपीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले थे। उस दौरान रामशरण प्रजापति, अवधेश गोस्वामी और रियाज इकबाल जैसे अधिकारियों को चयन, भर्ती, कल्याण और प्रशासन जैसे विभागों में नई कमान सौंपी गई थी। सरकार के इन कदमों को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
मध्य प्रदेश में मौसम का डबल अटैक, कई जिलों में बारिश और तेज धूप साथ-साथ
11 May, 2026 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। रविवार को प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में मौसम ने करवट ली, जहाँ जबलपुर, विदिशा और रायसेन समेत कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। सागर में तो हवाओं की रफ्तार 74 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई, जबकि बैतूल और राजगढ़ में ओलावृष्टि (Hailstorm) ने लोगों को हैरान कर दिया। अनूपपुर के पुष्पराजगढ़ में सबसे ज्यादा 14.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
रतलाम में भीषण गर्मी, 44 डिग्री तक पहुंचा पारा
एक तरफ जहाँ कई जिले बारिश से भीग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मालवा क्षेत्र में सूरज के तेवर तीखे बने हुए हैं। रविवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहाँ तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा धार, उज्जैन, बड़वानी और इंदौर में भी पारा 42 डिग्री के पार रहा। वहीं, कटनी के करौंदी में सबसे कम तापमान (न्यूनतम) 18.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, ग्वालियर, रीवा और जबलपुर संभागों में फिलहाल तापमान सामान्य से थोड़ा कम बना हुआ है।
क्यों बदल रहा है बार-बार मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे दो बड़े सिस्टम काम कर रहे हैं। राजस्थान और एमपी के दक्षिणी हिस्से में एक 'साइक्लोनिक सर्कुलेशन' एक्टिव है, वहीं प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से से एक 'ट्रफ लाइन' गुजर रही है। इन दोनों सिस्टमों के मेल की वजह से ही कहीं तेज धूप निकल रही है तो कहीं अचानक बादल छा रहे हैं और बारिश हो रही है। आने वाले 4 दिनों में गर्मी और बढ़ने के आसार हैं क्योंकि अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
अगले 24 घंटे: इन जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी
मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, खंडवा, जबलपुर, छिंदवाड़ा और सागर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि, प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क (Dry) रहने की संभावना है, जिससे वहां गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा।
गांवों की जीवन धारा बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 May, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विकास की प्रबल इच्छा-शक्ति हो, तो एक योजना ही पूरे देश के ग्रामीण इलाकों की तकदीर बदल सकती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने यह संभव कर दिखाया है। इस योजना से बनीं सड़कें गांवों की जीवन धारा बन चुकी हैं। ग्रामीण भारत की तकदीर और तस्वीर बदलने में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का योगदान अतुलनीय है। देश-प्रदेश के छोटे-बड़े कस्बों, गांव-देहात, टोले-मजरों की अंतिम सीमा तक पक्की सड़कों की पहुंच हो गई है। अब ग्रामीण क्षेत्रों तक आवागमन बेहद आसान हो गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम विकास कार्यक्रमों और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल में उतारकर समावेशी विकास की लक्ष्य पूर्ति में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से नई रफ्तार मिली है। ग्राम्य भारत का पूरा परिदृश्य ही बदल देने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 साल पूरे होने पर आज मध्यप्रदेश इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बन रहा है। इस योजना का रजत जयंती समारोह वास्तव में ग्रामीण विकास के एक नए युग का उद्घोष है। पीएमजीएसवाय-फोर और पीएम जन-मन का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ देश के गांवों को मजबूत, टिकाऊ और सर्वकालिक सड़क सम्पर्क से जोड़ने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को सीहोर जिले के भैरुंदा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 एवं प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जन-मन) के कार्यों के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर राज्य स्तरीय समारोह का विधिवत् शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पीएमजीएसवाय की 25 वर्षों की यात्रा पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी के मामले में देश में पहले स्थान पर है। प्रदेश में बीते कुछ सालों में 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण कर 17 हजार 540 से अधिक बसाहटों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया है। पिछले 25 सालों में सड़कों से मंडियों तक किसानों की पहुंच आसान हुई है। बच्चों की शिक्षा नियमित हुई और स्वास्थ्य सेवाओं में भी व्यापक सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समारोह के जरिए मध्यप्रदेश को 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सौगातें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की बात पर हम सभी साथ हैं। गरीब का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए हम केन्द्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गांव-देहात की सड़क एक रास्ता भर नहीं होती, यह विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सम्मानजनक जीवन की आधार रेखा होती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने देश के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। पीएमजीएसवाय-फोर ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रामीण अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश हमेशा ही इस राष्ट्रीय अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सुदूरवर्ती गांवों तक सड़क बनने से किसानों को बाजार तक पहुंचने, विद्यार्थियों को शिक्षा, मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बुधनी क्षेत्र से आज प्रदेश को विकास की बड़ी सौगातें मिली हैं। उन्होंने कहा कि स्व. अटल जी ने 25 साल पहले ग्रामीण सड़कों के निर्माण की शुरुआत की थी, जिसे भारत सरकार के सहयोग से राज्य सरकार आगे बढ़ा रही है। आज प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कें, प्रधानमंत्री आवास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए राशि मिली है। सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए मध्यप्रदेश को अलग-अलग कैटेगरी में तीन पुरस्कार मिले हैं। ग्रामीण सड़कों के निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा मांगे गए सभी विकास कार्यों एवं मांगों पर सहमति देते हुए इनकी पूर्ण मंजूरी की घोषणा की।
केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने पीएमजीएसवाय-फोर एवं पीएम-जन-मन योजनाओं के स्वीकृति आदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे। केन्द्रीय मंत्री चौहान ने मध्यप्रदेश को वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित निधि का 830 करोड़ रुपये सांकेतिक आवंटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। कार्यक्रम के दौरान देश के अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को डिजिटल माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए पीएमजीएसवाय से संबंधित निधि 18 हजार 907 करोड़ रुपये का सांकेतिक वित्तीय आवंटन जारी किया गया। इसमें से 830 करोड़ रुपये मध्यप्रदेश में होने वाले विकास कार्यों के लिए आरक्षित हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 2 हजार 55 करोड़ रुपये की मदर सैंक्शन जारी कर इसका स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा। केन्द्र सरकार का यह बजट आवंटन ग्रामीण क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास और आवासीय सुविधाओं को नई गति देगा। केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री चौहान ने भारत सरकार द्वारा मूंग एवं सरसों की फसल समर्थन मूल्य में खरीदे जाने का स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव सौंपा।
रजत जयंती समारोह के दौरान ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इसके लिए लम्बाई, बसाहटों को जोड़ना, तकनीक के उत्कृष्ट प्रदर्शन, रखरखाव एवं गारंटी पीरियड के बाद भी बेहतर रख-रखाव के मानक की कुल पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इन श्रेणियों में से सर्वाधिक लम्बाई वाली पीएमजीएसवाय सड़क निर्माण में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है। मध्यप्रदेश में कुल 90 हजार 150 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है। पीएमजीएसवाय सड़कों से ग्रामीण बसाहटों को जोडने की श्रेणी में बिहार राज्य को पहला स्थान प्राप्त हुआ। दूसरा स्थान मध्यप्रदेश को मिला। मध्यप्रदेश में कुल 17 हजार 793 ग्रामीण बसाहटों को पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा गया है। गारंटी पीरियड के बाद भी सड़कों को बेहतर रख-रखाव के मामले में मध्यप्रदेश को पहला स्थान मिला है।
बताया गया कि केन्द्र सरकार द्वारा देश के ग्रामीण सम्पर्क, अधोसंरचना और समावेशी विकास से जुड़ी भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इनसे मध्यप्रदेश को विशेष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर पीएमजीएसवाय-फोर के अंतर्गत मध्यप्रदेश को 1 हजार 763 करोड़ रुपये की लागत से 2 हज़ार 117 किमी लंबाई वाली 973 नई सड़कों की बड़ी सौगात मिली। इन सड़कों से 987 ग्रामीण बसाहटों को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पीएम जन-मन के तहत 261 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 384 किमी लंबाई वाली सड़क परियोजनाओं की भी इस मौके पर मंजूरी मिली। इन सड़कों के बनने से 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को सीधा लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार की यह पहल प्रदेश के जनजातीय, दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास की नई रौशनी लेकर आएगी।
केन्द्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव संकल्प के धनी हैं। प्रदेश के विकास में वे कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में विकास का महायज्ञ चल रहा है। प्रदेश में 973 सड़कों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश का कोई गांव पक्की सड़कों ने वंचित नहीं रहेगा। पीएम जनमन के अंतर्गत भी पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 261 करोड़ लागत की नई सड़कों की सौगात मिली है। प्रदेश का कोई गरीब बिना छत के नहीं रहेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2055 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपा है। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के निर्माण में नंबर 1 है। इसके लिए राज्य सरकार और अधिकारी बधाई के पात्र हैं। आज देश के विभिन्न राज्यों को सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए 18 हजार 907 करोड़ रुपए की राशि का आवंटन किया। इसमें से 830 करोड़ रुपए मध्यप्रदेश को मिले हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व गांवों तक पक्की सड़कें बन रही हैं। पहले मध्यप्रदेश में सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी थी। अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों को दिन में भी बिजली मिल रही है। स्व. अटल जी की प्रेरणा से ग्रामीण सड़कों का निर्माण जारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नए सिरे से सर्वे कराया गया है सबको पक्का मकान मिलेगा। केंद्र सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदी तैयार करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब प्रधानमंत्री जी ने इस लक्ष्य को बढ़ाकर 6 करोड़ करने की बात कही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित और शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है।
केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांव और शहर की दूरी कम हुई है। आज किसान अपना अनाज शहर की मंडियों में बेच रहा है। गर्भवती महिलाएं समय पर अस्पताल और बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय फील्ड में जाकर बेहतर कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री ने देश में तीन करोड़ दीदियों को लखपति बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि बीते एक साल में ही 2 करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी हैं। गांवों में बसने वाली देश की आधी आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की 25वीं वर्षगांठ पर सभी को बधाई दीं।
केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्पासानी ने कहा कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर 25 दिसंबर 2000 को भारत के गांवों को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उपहार मिला। अटल जी का अटूट विश्वास था ग्रामीण सड़कें देश के विकास का मजबूत आधार हैं। उनका लक्ष्य साफ था कि देश के हर गांव तक पक्की सड़क पहुंचाना है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 8 लाख 25 हजार किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों को मंजूरी मिली और इनका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। देशभर में 1 लाख 7 हजार से अधिक ग्रामीण बस्तियों को मुख्य सड़क से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केन्द्र सरकार की योजनाओं को अक्षरश: लागू करने के साथ इनका लक्ष्य भी हासिल करता है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना-4 में हम देश में 2500 किलोमीटर की नई सड़कें बनाएंगे और बस्तियों से सम्पर्क सुधारेंगे। हमारी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों का कायाकल्प कर रही है। जल जीवन मिशन से हर घर को पानी दिया जा रहा है। विकसित भारत 2047 की यात्रा में गांव और किसान का विकास भी जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्व. अटल जी के 25 साल पहले लिए संकल्पों को आगे बढ़ाया है।
बुधनी विधायक रमाशंकर भार्गव ने कहा कि भैरुंदा में हो रहे इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम के जरिए आज प्रदेश को कई नयी पक्की सड़कों की सौगात मिल रही है। प्रदेश में 1763 करोड़ रुपये लागत से 2117 कि.मी. लंबी 963 सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
समारोह में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, विधायक सीहोर सुदेश राय, विधायक आष्टा गोपाल सिंह इंजीनियर, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती रचना सुरेन्द्र मेवाड़ा, केन्द्रीय संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय सुअदिति सिंह, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन में अहम भूमिका निभाई है। देश में लाखों किमी सड़कों के निर्माण ने गांवों को शहरों से जोड़ा है। कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी। मध्यप्रदेश में भी इस योजना के जरिए हजारों गांवों तक बारहमासी सड़क सम्पर्क स्थापित हुआ। इस राष्ट्रीय आयोजन में बीते दौर की उपलब्धियों के प्रदर्शन के साथ ही ग्रामीण भारत का भावी विजन भी प्रस्तुत किया गया। पीएमजीएसवाय- फोर और पीएम जन-मन जैसी योजनाएं भविष्य में गांवों को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का बेहतरीन जरिया बनेंगी। देश-प्रदेशों की राजधानी के बारहमासी ग्रामीण सम्पर्क का यह नया अध्याय विकसित भारत के संकल्प को और भी मजबूत करेगा।
एमपी ट्रांसको ने सेमरी हरचंद सब स्टेशन पर किया तीसरा पॉवर ट्रांसफार्मर ऊर्जीकृत : ऊर्जा मंत्री तोमर
10 May, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने नर्मदापुरम जिले की विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए 132 केवी सब स्टेशन सेमरी हरचंद में तीसरे पॉवर ट्रांसफार्मर को सफलतापूर्वक स्थापित कर ऊर्जीकृत कर दिया है। तोमर ने बताया कि इस पॉवर ट्रांसफार्मर के चालू होने से विश्व प्रसिद्ध मड़ई वाइल्डलाइफ अभयारण्य सहित सेमरी हरचंद सबस्टेशन से जुड़े अनेक ग्रामीण एवं कृषि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और मानक वोल्टेज पर अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति हो सकेगी।
नर्मदापुरम जिले की पारेषण क्षमता हुई 2000 के पार
एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश शांडिल्य ने बताया कि इस क्षमता वृद्धि के बाद सेमरी हरचंद सब स्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 100 एमवीए हो गई है। साथ ही नर्मदापुरम जिले की कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढकर 2000 एमवीए के पार हो गई है। साथ ही 2015 एमवीए क्षमता के साथ जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनेगी।
एमपी ट्रांसको द्वारा नर्मदापुरम जिले में 220 केवी के तीन प्रमुख सब स्टेशन नर्मदापुरम, इटारसी, एवं पिपरिया तथा 132 केवी के छह सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण किया जा रहा है। इनमें सेमरीहरचंद के अलावा पिपरिया, बनखेड़ी, सोहागपुर, मोहासा बाबई,एवं सिवनी मालवा सब स्टेशन शामिल हैं।
खादी आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का सशक्त आधार: तीन साल में 194 बुनकरों को 268.5 लाख का ऋण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 May, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की गौरवशाली पहचान और आत्मनिर्भर भारत का पथप्रदर्शक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खादी को "नए भारत की नई खादी" के रूप में नई पहचान मिली है, जिससे पूरे देश में खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, युवाओं का सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। म.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से खादी और ग्रामोद्योग राज्य की प्रगति का सशक्त स्तंभ बन रहे हैं। बुनकर मुद्रा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों 2023-24 से 2025-26 में कुल 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया है। वर्ष 2023-24 में 44 बुनकरों को 21.40 लाख, 2024-25 में 147 बुनकरों को 231.80 लाख और 2025-26 में 3 बुनकरों को 15.30 लाख रुपये का ऋण दिया गया। उन्होंने कहा कि गांधीजी के ‘ग्राम स्वराज’ और ‘गाँव की ओर जाओ’ संदेश को साकार करते हुए बोर्ड ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, परंपरागत कारीगरी को आधुनिक नवाचार से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "आत्मनिर्भर भारत, भारत में बनाओ, स्वदेशी के लिए मुखर, स्टार्टअप इंडिया" जैसे अभियानों और "सबका साथ, सबका विकास" मंत्र ने खादी एवं ग्रामोद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई है। "स्थानीय से वैश्विक" का दृष्टिकोण कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ रहा है।
राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 50 हजार से 5 लाख तक की ऋण सुविधा व्यक्तिगत बुनकर, उद्यमी, स्व-सहायता समूह, हथकरघा संगठन और सहकारी समितियों को दी जा रही है। बुनकरों की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में तीन वर्षों में 616 बुनकर और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 840 बुनकर बीमित किए गए। प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में 436 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का जीवन बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में मात्र 20 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का दुर्घटना बीमा मिल रहा है।
राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि म.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड सूती, ऊनी, रेशमी एवं पॉलीवस्त्र खादी के साथ मसाले, साबुन, जड़ी-बूटी उत्पाद एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं को बढ़ावा दे रहा है। विपणन के लिए "विन्ध्या वैली" और "कबीरा" जैसे नाम स्थापित किए गए हैं जो गुणवत्ता और परंपरा के प्रतीक हैं। "अपना हाथ – अपना साथ" के मार्गदर्शन में महिला स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और उद्यमियों को तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।
प्रबंध संचालक माल सिंह भयड़िया ने बताया कि महात्मा गांधी जी के "गाँव की ओर चलो" आह्वान से प्रेरित होकर मंडल ने ग्रामोद्योग को आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन बनाया है। सुव्यवस्थित योजनाओं से ग्रामीण कारीगरों के उत्पादों को उचित बाजार मिल रहा है। बोर्ड की नई अंतरजाल साइट कारीगरों, उद्यमियों एवं समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रदर्शनियाँ प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित कर रही हैं।
तीन वर्षों की प्रगति एक नजर में
बुनकर मुद्रा योजना: 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित
प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना: 616 बुनकर बीमित
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 840 बुनकर बीमित
ऊर्जा मंत्री तोमर ने रात में किया सिविल अस्पताल हजीरा, बिरला नगर सहित विद्युत केन्द्रों का औचक निरीक्षण
10 May, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर शनिवार देर रात अचानक निरीक्षण के लिए निकल पड़े। विद्युत उपकेन्द्र मोतीझील और बहोड़ापुर पहुंचे जहां उन्होंने विद्युत वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मेंटेनेंस, विद्युत सप्लाई और शिकायतों के संबंध में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपकेंद्र कार्यालय का निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों से बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हालात सुधार लें अन्यथा अगली बार सिर्फ चेतावनी नहीं दूंगा, सीधे कार्यवाही होगी।
ऊर्जा मंत्री तोमर रात में ही अचानक सिविल अस्पताल हजीरा पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में गर्मी के बीच एसी बंद मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अस्पताल प्रबंधन को एसी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। मंत्री तोमर ने दो टूक कहा कि अति-संवेदनशील वार्डों में इस तरह की लापरवाही ठीक नहीं है। उन्होंने मौके से ही अस्पताल प्रभारी डा. प्रशांत नायक को फोन लगाकर तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मंत्री तोमर ने केवल मशीनों का ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन का भी जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर से सवाल किया कि रात के समय अस्पताल में कितना स्टाफ तैनात रहता है। इमरजेंसी में बैकअप की क्या तैयारी है। क्या सभी जरूरी जीवन रक्षक दवाएं स्टाक में उपलब्ध हैं। ऊर्जा मंत्री तोमर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऊर्जा मंत्री ने सिविल अस्पताल एवं प्रसूति गृह बिरला नगर का भी औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और उपस्थित चिकित्सकों व स्टाफ से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने वार्डों में जाकर उपचाराधीन मरीजों एवं उनके परिजनों से आत्मीय भेंट की। उनकी कुशलक्षेम और अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं के संबंध में जमीनी हकीकत को जाना। साथ ही ऊर्जा मंत्री ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करने और मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिये संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता की सेवा और उनके स्वास्थ्य के प्रति हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
बिरला नगर प्रसूति गृह से ऊर्जा मंत्री मनोरंजनालय पार्क पहुँचे यहाँ की विद्युत, लाइटिंग एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए रात्रिकालीन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
ऊर्जा मंत्री ने आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क तथा शील नगर (बहोड़ापुर) स्थित डॉ. बी.आर. अम्बेडकर पार्क का निरीक्षण कर रात्रिकालीन व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पार्क में प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के नाते आपके इस सेवक का यह दायित्व है कि हमारे सार्वजनिक स्थल न केवल सुंदर हों, बल्कि सुरक्षित भी हों। शनिवार रात अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अधिकारी और कर्मचारियों की कार्य के प्रति लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर, युवाओं के लिए रोजगार प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 May, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की स्थापना के फलस्वरूप 4 मिलीयन टन सीमेंट उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुना जिले में अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन विकास कार्यों से गुना जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रदेश का ग्वालियर और चंबल अंचल कभी डकैतों की गोलियों से गूंजता था, अब यहां विकास का परचम लहरा रहा है। अब यहां दस्युओं के स्थान पर प्रगति पहचान का माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। सरकार जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुना अंचल के लिए आज होली और दीपावली के त्यौहारों की तरह उल्लास का वातावरण है। इस क्षेत्र में सिंचाई, पानी, बिजली के साथ सभी नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंधिया परिवार द्वारा पहल की गई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया द्वारा दिए गए सुझावों को मानते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए 80 करोड़ 22 लाख राशि का प्रस्ताव भारत सरकार की जल शक्ति योजना में भेजने, लक्ष्मण कोपरा से राम नगर टकोदिया तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पार्वती नदी पर 42 करोड़ रुपए की लागत से ब्रिज निर्माण और गुना शहर के भुजारिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा शामिल है।
उद्योग खुलने से युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना होगा : केंद्रीय मंत्री सिंधिया
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डा. यादव परिश्रम और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। गुना के विकास के लिए नई दीप माला प्रज्ज्वलित हो रही है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि गुना क्षेत्र में सीमेंट इकाई की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह कार्य बहुप्रतिक्षित था। उन्होंने लगभग सौ वर्ष पूर्व सिंधिया परिवार द्वारा इस क्षेत्र में किए गए औद्योगीकरण के प्रयासों का उल्लेख भी किया। सिंधिया ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे गुना के युवाओं को अन्य प्रांतों में रोजगार तलाशने नहीं जाना पड़ेगा। बहनों को भी लखपति दीदी बनाकर समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि कोटा-बीना लाइन के दोहरीकरण, तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की पहल, जल प्रदाय योजना और सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, गुना से देवास राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा बनाने के लिए 5 हजार करोड़ के व्यय, गुना के लिए 15 किलोमीटर लंबाई के बायपास जैसे कार्य आमजन को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में गुना -चाचौड़ा- राघोगढ़ क्षेत्र के किसान पंजाब की तरह पहचान बना रहे हैं।
मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र हो रहा सशक्त : प्रणव अदाणी
उद्योगपति प्रणव अदाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से विकास को नई रफ्तार मिली है। अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं से मध्यप्रदेश में उद्योग क्षेत्र की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। पीएम गति शक्ति मिशन से औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण सशक्त हो रहा है। गत वर्ष भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी समूह के चेयरमेन गौतम अदाणी ने एक लाख हजार करोड़ से अधिक निवेश का संकल्प व्यक्त किया था, जिसे साकार करने के लिए सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी जा रही है। प्रथम चरण में एक हजार 60 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो आगामी चरणों में तीन गुना से अधिक होगा। अदाणी ने मध्यप्रदेश में कटनी, कैमोर सहित अन्य क्षेत्रों में सीमेंट और अन्य इकाइयों की स्थापना की पहल की गई। समूह द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट अमल में लाए जाएंगे।
खाद्य,नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण एवं गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रदेश में विकास का पहिया तीव्र गति से घूम रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग वर्ष के बाद कृषि वर्ष में प्रदेश में समृद्धि के प्रयास तेज किए हैं। परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की भूमि ली जाएगी उन्हें चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में भारत सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद 78 लाख मीट्रिक टन के स्थान पर 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। किसानों को उनकी मेहनत की पूरी कीमत दी जा रही है। कार्यक्रम में जिले के विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
रोड शो में हुआ भव्य स्वागत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया के गुना आगमन पर रोड-शो में नागरिकों ने पुष्पहारों से भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय नागरिक जिनमें युवा, व्यापारी वर्ग, महिला समाज, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों का अभिवादन किया।
इंतजार खत्म! लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त की तारीख तय, मिलेगा 1500-1500 रुपए
10 May, 2026 09:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्य प्रदेश की सवा करोड़ से ज्यादा महिलाओं के लिए खुशियों भरा संदेश आया है क्योंकि राज्य सरकार ने लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त की तारीख तय कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव आगामी 13 मई 2026 को प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में योजना की 36वीं किस्त का पैसा ट्रांसफर करेंगे।
नरसिंहपुर के मुंगवानी से होगा राशि का वितरण
इस बार मुख्य कार्यक्रम नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मुंगवानी में आयोजित किया जाएगा, जहाँ से मुख्यमंत्री प्रदेश भर की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1500-1500 रुपये की राशि एक सिंगल क्लिक के जरिए भेजेंगे। गौरतलब है कि इससे पिछला कार्यक्रम सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित हुआ था, जहाँ 12 अप्रैल को 35वीं किस्त के रूप में 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांटी गई थी।
योजना की पात्रता और लाभ की शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला का मध्य प्रदेश का स्थानीय निवासी होना जरूरी है और उसकी आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसमें विवाहित महिलाओं के साथ-साथ विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं, बशर्ते उनका अपना बैंक खाता आधार से लिंक हो और उसमें DBT की सुविधा सक्रिय हो। जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें इस योजना के माध्यम से प्रति माह 900 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक मदद प्रदान की जाती है।
किन कारणों से रुक सकता है योजना का लाभ
योजना के नियमों के अनुसार कुछ विशेष परिस्थितियों में महिलाएं इस लाभ से वंचित रह सकती हैं जैसे कि यदि परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है या परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता है। इसके अलावा जिन परिवारों के पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक खेती की जमीन है या जिनके पास ट्रैक्टर को छोड़कर कोई अन्य चार पहिया वाहन है, वे इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं। सरकारी नौकरी करने वाले या सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन पाने वाले परिवारों को भी इस योजना का पात्र नहीं माना गया है।
पोर्टल के माध्यम से भुगतान की स्थिति जानने की प्रक्रिया
लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर कोई भी महिला अपने आवेदन और भुगतान की वर्तमान स्थिति की जांच बहुत आसानी से कर सकती है। इसके लिए पोर्टल के मुख्य पृष्ठ पर दिए गए "आवेदन एवं भुगतान की स्थिति" वाले विकल्प का चयन करना होता है, जिसके बाद अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी दर्ज करनी पड़ती है। सुरक्षा के लिए मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी को वेरिफाई करने के बाद सिस्टम तुरंत भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देता है।
गुना में विकास कार्यों की बरसात, मुख्यमंत्री करेंगे भूमि-पूजन और लोकार्पण
10 May, 2026 08:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | आज, 10 मई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के गुना जिले में विकास की नई इबारत लिखने जा रहे हैं। वे जिले को 1189 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का तोहफा देंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
अडानी ग्रुप की अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री का आगाज
इस दौरे का सबसे प्रमुख आकर्षण मावन में स्थापित होने वाली अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री है। लगभग 1059 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस यूनिट का मुख्यमंत्री शिलान्यास करेंगे। यह फैक्ट्री गुना शहर से महज 5 किलोमीटर दूर 32 हेक्टेयर भूमि पर बनाई जा रही है। इसकी उत्पादन क्षमता सालाना 40 लाख टन (2x2 मिलियन टन) होगी, जो औद्योगिक क्षेत्र में गुना की पहचान को और बढ़ाएगी।
रोजगार और राजस्व के खुलेंगे नए द्वार
इस बड़ी परियोजना से क्षेत्र में रोजगार की कमी दूर होने की उम्मीद है। सीमेंट प्रोजेक्ट शुरू होने से लगभग 500 लोगों को सीधे तौर पर और 1000 लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलेगा। इसके अलावा, इस फैक्ट्री से राज्य सरकार को हर साल लगभग 160 करोड़ रुपये का जीएसटी (GST) मिलने का अनुमान है, जिससे सरकारी खजाने में भी इजाफा होगा।
सैकड़ों विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन
सीमेंट फैक्ट्री के अलावा मुख्यमंत्री लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत वाले 144 अन्य विकास कार्यों की शुरुआत भी करेंगे। इन कार्यों में कई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा और कइयों की नींव रखी जाएगी। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से जिले में परिवहन, व्यापार और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिसका सीधा फायदा आम जनता को बेहतर सेवाओं के रूप में मिलेगा।
प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
गुना में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और कई अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। यह आयोजन न केवल गुना बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
शुभेंदु अधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए बोले CM मोहन यादव- अब बदलेगा बंगाल
9 May, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल में भाजपा युग का उदय: शुभेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, परेड ग्राउंड में जुटे दिग्गज
भोपाल/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में भव्य समारोह में शपथ ग्रहण की। कोलकाता के ऐतिहासिक परेड ब्रिगेड ग्राउंड पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सहित कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विकास और सुशासन के नवयुग का आगाज: डॉ. मोहन यादव
शपथ ग्रहण समारोह के उपरांत मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुभेंदु अधिकारी और उनके नवनियुक्त मंत्रिमंडल को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन बंगाल के लिए 'सुशासन, सुरक्षा और प्रगति' के एक नए युग की शुरुआत है। सीएम यादव ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब पश्चिम बंगाल निवेश और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय भाजपा के समर्पित कार्यकर्ताओं और राज्य की जागरूक जनता को दिया।
पिछली सरकारों की नीतियों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस, कम्युनिस्ट और टीएमसी की सरकारों ने अपने शासनकाल में बंगाल को विकास की दौड़ में बहुत पीछे धकेल दिया था। उन्होंने कहा, "आज जब पूरा देश तरक्की कर रहा है, तब बंगाल पुरानी और नकारात्मक राजनीति के कारण पिछड़ गया था। लेकिन अब यहाँ 'डबल इंजन' की सरकार बन गई है। अब बंगाल के युवाओं, महिलाओं, किसानों और व्यापारियों के सपने साकार होंगे और राज्य अन्य विकसित राज्यों की तरह तेज रफ्तार से प्रगति करेगा।"
नए मंत्रिमंडल को दीं शुभकामनाएँ
मुख्यमंत्री ने शुभेंदु अधिकारी के साथ शपथ लेने वाले अन्य मंत्रियों को भी बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने वक्तव्य के माध्यम से दिलीप घोष, श्रीमती अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने पर उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भरोसा जताया कि यह नई टीम बंगाल की विकास यात्रा को एक नई ऊर्जा और शक्ति प्रदान करेगी।
कोलकाता की सड़कों पर आज उत्सव जैसा माहौल रहा, जहाँ समर्थकों ने नई सरकार के गठन पर आतिशबाजी और नारों के साथ अपनी खुशी जाहिर की।
स्वास्थ्य क्षेत्र में MP का शानदार प्रदर्शन, एनीमिया नियंत्रण में देश में पहला स्थान
9 May, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | मध्य प्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 'एनीमिया मुक्त भारत (ABM) इंडेक्स 2025-26' की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश 92.1 अंक हासिल कर देश में पहले स्थान पर पहुँच गया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ एमपी ने पिछले साल के शीर्ष राज्य, आंध्र प्रदेश, को पीछे छोड़ दिया है। राज्य की इस सफलता पर उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित मध्य प्रदेश की असली ताकत हैं।
सतत निगरानी और शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग का कमाल
राज्य को शीर्ष पर पहुँचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका प्रभावी रिपोर्टिंग और वितरण प्रणाली की रही। प्रदेश के सभी जिलों में स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर साल भर फोलिक एसिड वितरण की 'फुल रिपोर्टिंग' सुनिश्चित की गई। आंकड़ों के अनुसार, 6 से 59 महीने के बच्चों में आयरन फोलिक एसिड (IFA) कवरेज 80% से अधिक रहा, वहीं गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के मामले में राज्य ने 95% के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया।
जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य योद्धाओं का समर्पण
इस मिशन की सफलता का श्रेय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी स्टाफ को जाता है। स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर बच्चों, किशोरियों और महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड की गोलियां और सिरप वितरित किए। जहाँ आंध्र प्रदेश रैंकिंग में फिसलकर दूसरे और तेलंगाना तीसरे स्थान पर रहा, वहीं मध्य प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य बनकर उभरा जिसने वितरण और डेटा प्रबंधन में निरंतरता बनाए रखी। अन्य राज्यों की बात करें तो तमिलनाडु चौथे और छत्तीसगढ़ पांचवें स्थान पर स्थिर बना हुआ है।
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