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आग ने निगल लिया परिवार: चार मंजिला भवन में सात मृतक, तीन बच्चे भी शामिल
18 Mar, 2026 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के साध नगर में बुधवार सुबह एक इमारत में भीषण आग लगने से तीन बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग लगने के समय एक ही परिवार के नौ सदस्य घर के अंदर फंसे हुए थे। अधिकारी ने कहा, “आग एक ऐसी इमारत में लगी जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार मंजिलें थीं, तथा छत पर टिन का अस्थाई शेड बना हुआ था। बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल पर कपड़े और कॉस्मेटिक्स रखे गए थे, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल का उपयोग रहने के लिए किया जाता था।”
अधिकारी ने पुष्टि किया कि इस घटना में तीन बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि दो लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिन्हें घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारी ने यह भी बताया कि अभी कूलिंग और तलाश अभियान जारी है। स्थानीय पुलिस थाने की टीम भी अग्निशमन विभाग की मदद कर रही है।
देश को मिलेगा एक और बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
18 Mar, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ|उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आगामी 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के प्रस्तावित लोकार्पण को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया. मुख्यमंत्री के इस वक्तव्य के पश्चात जनपद गौतमबुद्ध नगर में एयरपोर्ट लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं|
सभी विभागों को दिए गए निर्देश
इसी क्रम में, दिनांक 17 मार्च 2026 को नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट सभागार में जनपद के सभी संबंधित विभागों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और विभिन्न जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई. सभी विभागों को अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए|
‘उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय’
इस अवसर पर जेवर विधायक ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण न केवल जेवर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के लोकार्पण कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ग्राम स्तर पर लोगों को जोड़ने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे यह आयोजन जन-उत्सव का रूप ले सके|
उन्होंने आगे कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा और रोजगार, निवेश तथा आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा|
UAE से भारी माल, 81 हजार टन कच्चा तेल भारत पहुंचा ‘जग लाडकी’ के जरिए
18 Mar, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से करीब 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर एक भारतीय टैंकर ‘जग लाडकी’ बुधवार को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा। बंदरगाह की संचालक कंपनी अडानी पोर्ट्स ने बताया कि 274.19 मीटर की लंबाई वाले और 50.04 मीटर चौड़े हल वाले इस टैंकर में 80,886 टन कच्चा तेल लाया गया है। यह यूएई के फुजैरा बंदरगाह से तेल भरकर रवाना हुआ था।
अडानी पोर्ट्स ने कहा है कि इस खेप से बड़ी तेल शोधन कंपनियों को आपूर्ति जारी रखने में मदद मिलेगी जो पश्चिम एशिया में जारी व्यवधान के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में मुंद्रा बंदरगाह की भूमिका को उजागर करता है। उल्लेखनीय है कि ईरान के खिलाफ अमरीका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई तथा ईरान द्वारा जवाबी हमले से पश्चिम एशिया से और पश्चिम एशिया के रास्ते आने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में कच्चे तेल की और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों की हरेक खेप का महत्व बढ़ गया है।
कपास MSP योजना में बड़ी राहत, सरकार ने CCI को 1,718.56 करोड़ रुपये जारी करने को मंजूरी दी
18 Mar, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने कपास सीजन 2023-24 के लिए कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) को 1,718.56 करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी दी है। इस फंड का उद्देश्य देशभर के कपास किसानों को प्रत्यक्ष मूल्य समर्थन प्रदान करना है। 2023-24 के कपास सीजन के दौरान, अनुमानित कपास की खेती का क्षेत्रफल 114.47 लाख हेक्टेयर था, और उत्पादन 325.22 लाख गांठ रहने का अनुमान था, जो वैश्विक कपास उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत है।सरकार कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर कपास के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित करती है। सीसीईए के अनुसार, एमएसपी को कपास किसानों के हितों की रक्षा के लिए निर्धारित किया जाता है, विशेष रूप से उन अवधियों के दौरान जब बाजार मूल्य एमएसपी से नीचे गिर जाते हैं। आधिकारिक बयान में कहा गया, “ये उपाय कपास की कीमतों को स्थिर करने, मजबूरी में बिक्री रोकने और किसानों को लाभकारी प्रतिफल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कृषि बाजारों में समावेशिता बढ़ाकर, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के संचालन से कपास उत्पादक समुदायों की आर्थिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।” बयान में आगे कहा गया है कि कपास भारत की सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक है, जो लगभग 6 लाख किसानों की आजीविका का आधार है और प्रसंस्करण, व्यापार और वस्त्र उद्योग सहित संबंधित गतिविधियों में लगे 400-500 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करती है। कपास में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) संचालन के लिए सीसीआई को केंद्रीय नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है। बाजार मूल्य एमएसपी स्तर से नीचे गिरने पर यह एजेंसी किसानों से उचित औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) वाली सभी कपास की खरीद बिना किसी मात्रा सीमा के करती है, जिससे किसानों को एक सुनिश्चित सुरक्षा कवच मिलता है। अपनी तैयारियों के तहत, सीसीआई ने कपास उत्पादक सभी 11 प्रमुख राज्यों में एक मजबूत खरीद नेटवर्क स्थापित किया है, जिसमें 152 जिलों में 508 से अधिक खरीद केंद्र कार्यरत हैं, जो किसानों के लिए सुगम और सुलभ खरीद सुनिश्चित करते हैं।
‘पार्टी में कोई विवाद नहीं’— गोगोई ने साफ किया रुख
18 Mar, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली।सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे को लेकर असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बुधवार को प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, किसी भी पार्टी के अंदर मतभेद होते हैं। हम सभी ने मतभेदों का सामना किया है और अपनी मजबूत राय रखी है। मुझे नहीं लगता कि एक सीट को लेकर मतभेद किसी पार्टी को छोड़कर विरोधी दल में जाने की वजह हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा, दो दिन पहले ही मैं लखीमपुर जिले में था, जहां भूपेन बोरा इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से टिकट मांग रहे हैं। मैंने कांग्रेस पार्टी की लोकप्रियता में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी है, साथ ही संगठन की ताकत भी बढ़ी है। इसकी वजह यह है कि कांग्रेस पार्टी असम के लोगों के विचार और इच्छा के साथ खड़ी है। कांग्रेस पार्टी अगली सरकार बनाएगी।
इशारों-इशारों में नीतीश ने दिया संकेत, इस नेता पर जताया भरोसा
18 Mar, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। चुनाव आयोग द्वारा भले ही देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया हो लेकिन इस समय अगर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है तो वो है बिहार की राजनीति की. पूर्व सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे और उनके राज्यसभा जाने के पहले से ही सीएम पद को लेकर जनता के मन में सवाल उमड़ रहा था कि आखिर अब इस राज्य की बागडोर किसके हाथों में जाएगी. हालांकि नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव जीत चुके हैं लेकिन भाजपा की तरफ से अभी सीएम फेस रिवील नहीं किया गया है. लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
बयान से चढ़ गया सियासी पारा
दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमुई दौरे के दौरान ऐसा बयान दिया जिससे सियासी पारा चढ गया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा-“अब यही सब काम करेंगे.” नीतीश कुमार के इस बयान के कई राजनीतिक मायने निकालें जा रहे हैं. नीतीश के इस बयान के बाद से ही अटकलों का दौर शुरू हो गया है कि क्या बिहार में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई बड़ा संकेत दिया गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह बयान सामान्य नहीं है।
जिम्मेदारियों के बंटवारे का बड़ा संकेत
इसे भविष्य की राजनीति और जिम्मेदारियों के बंटवारे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. कुछ जानकार इसे सम्राट चौधरी की बढ़ती भूमिका के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे सत्ता में संभावित बदलाव की भूमिका मान रहे हैं।
सम्राट को मंच पर आगे लेकर आते हैं नीतीश
गौरतलब है कि दरअसल नीतीश कुमार ने मधेपुरा, किशनगंज, कटिहार, बेगूसराय समेत तमाम जिलों में बार-बार सम्राट चौधरी को मंच पर आगे लेकर आते हैं और लोगों से कहते हैं कि जैसे हमको सहयोग किए इनको भी मदद करिए. यही नहीं सहरसा में तो नीतीश कुमार ने यहां तक कह दिया कि अब इनलोगों को सब देखना है।
भागलपर जनसभा का किस्सा
नीतीश कुमार की भागलपुर वाली सभा की बात करें तो संबोधन के बाद नीतीश कुमार ने मंच से कहा कि अच्छा रुकिए उनको भी लेकर आते हैं, यह कहते ही नीतीश कुमार सम्राट चौधरी के पास पहुंचते हैं और उनका हाथ पकड़कर उनको आगे करते हुए मुस्कुराते हैं. यहां पर सम्राट चौधरी मंच से हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन करते है जबकि बाकि नेता हाथ ऊपर उठाकर जनता को संबोधित करते हैं।
STF की कार्रवाई में कुख्यात बदमाश का अंत, एक जवान शहीद
18 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी|बिहार पुलिस ने खुलेआम पुलिस को चुनौती देने वाले कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है. कुंदन ठाकुर ने एनकाउंटर से पहले ऑडियो के माध्यम से मोतिहारी जिले के चकिया के अपर थानाध्यक्ष को सीधी चुनौती दी थी. जिसमें कहा कि जहां मन करे जगह और समय तय कर लीजिए. 10 से 15 पुलिस वालों की लाशें गिरेगी और आप मुझे पकड़ भी नहीं पाएंगे. इस ऑडियो के बाद बिहार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे. हालांकि, पुलिस ने चुनौती देने वाले कुख्यात अपराधी को ढेर कर दिया, लेकिन इस दौरान एक दुख भरी खबर सामने आई. मुठभेड़ में एक STF जवान शहीद हो गए|
दरअसल, यह मामला बिहार के मोतिहारी जिले का है. मोतिहारी के रहने वाले कुंदन ठाकुर ने पुलिस को खुलेआम चुनौती दी थी. ऑडियो में साफ सुनाई दे रहा है, कि कैसे बेखौफ कुंदन ठाकुर ने पुलिस को धमकी दी है. ऑडियो के अनुसार, मोतिहारी जिले के ही चकिया अपर थानाध्यक्ष को फोन कर कहा, जहां मन करे जगह और समय अपने हिसाब से तय कर लीजिए. मैं वहां पर पहले से मौजूद रहूंगा. 10 से 15 पुलिसवालों की लाशें गिरेंगी, इसके बाद भी आप लोग मुझे पकड़ नहीं पाओगे|
धमकी नहीं सलाह दे रहें- कुंदन ठाकुर ने दी थी धमकी
इस दौरान कुंदन ने परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पुलिस ने उसके परिवार को परेशान करने की कोशिश की, तो वह भी पुलिसवालों के परिवार को नहीं छोड़ेगा. इस दौरान जब कुंदन धमकी दे रहा था तो उसकी आवाज में बिल्कुल भी डर और झिझक नाम की चीज नहीं थी. वह एक बार नहीं, बल्कि कई बार कहा कि वह भागने वालों में से नहीं है. अगर मुठभेड़ होगा तो हम भागेंगे नहीं, बल्कि सामने से सामना करेंगे. पुलिस के धमकी वाले सवाल पर कहा कि हम आपको धमकी नहीं, सलाह दे रहे हैं|
कौन था कुंदन ठाकुर?
पुलिस के मुताबिक, कुंदन ठाकुर कुख्यात बदमाश था, जो काफी लंबे से रडार पर था. जब उसकी सटीक जानकारी मिली, कि वह एक घर के अंदर छुपा हुआ है, तो पुलिस की टीम ने नाकेबंदी कर मौके पर पहुंच गई. इस दौरान कुंदन ठाकुर और उसके सहयोगियों ने फायरिंग करना शुरू कर दिया. अचानक हुई फायरिंग में एक गोली STF जवान को लगी, जिसमें जवान घायल हो गए और अस्पताल में दम तोड़ दिया. इस दौरान पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कुंदर ठाकुर और उसके एक सहयोगी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया. फिलहाल, आसपास के इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है"|
नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती, 13 साल की छात्रा पर स्कूल से लौटते समय एसिड हमला
18 Mar, 2026 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहिल्यानगर (महाराष्ट्र): संगमनेर तालुका के एक गांव में एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है. एक अज्ञात हमलावर ने 13 साल की स्कूली छात्रा पर एसिड अटैक कर दिया. फिलहाल आरोपी फरार है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है. इस घटना से पूरे इलाके में गुस्से और डर का माहौल बन गया है.
जानकारी के मुताबिक, यह हमला गांव के बाहरी इलाके में खुले खेत के पास मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच हुआ. उस समय बच्ची स्कूल से घर लौट रही थी, तभी अचानक एक अज्ञात व्यक्ति ने उस पर तेजाब फेंक दिया. हमले में बच्ची बुरी तरह झुलस गई और गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना के तुरंत बाद उसे लोन स्थित प्रवरा मेडिकल ट्रस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. संगमनेर पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है. डिप्टी एसपी डॉ. कुनाल सोनवणे, लोकल क्राइम ब्रांच की टीम और पुलिस इंस्पेक्टर प्रवीण सालुंखे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है.
इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. हर तरफ से आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और उसे कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग उठ रही है. यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष डॉ. जयश्री थोरात ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि स्कूल से लौट रही एक मासूम बच्ची पर एसिड अटैक करना बेहद निंदनीय और दुखद है. उन्होंने सरकार से महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की.
डॉ. थोरात अस्पताल पहुंचीं और पीड़िता के परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. उन्होंने बताया कि बच्ची के पिता का पहले ही निधन हो चुका है और उसकी मां बेहद गरीब है. बच्ची अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी. उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध में राजनीति, जाति और धर्म से ऊपर उठकर आरोपी को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा दी जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि आरोपी की तलाश में प्रशासन का सहयोग करें.
सनातन धर्म में चार धाम यात्रा पर नया नियम: आस्था का एफिडेविट अनिवार्य
18 Mar, 2026 10:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब इन धामों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी आस्था साबित करनी होगी, जिसके लिए एफिडेविट देना होगा। इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा चर्चा बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान को लेकर हो रही है।
इस पर बद्री-केदार मंदिर कमेटी के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने कहा कि अगर सारा अली खान भी केदारनाथ धाम दर्शन के लिए आती हैं, तो उन्हें भी सनातन धर्म में अपनी आस्था का एफिडेविट देना होगा। इसके बाद ही उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिल सकेगी। दरअसल, बद्री-केदार मंदिर समिति की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया, जिसमें यह तय किया गया कि केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत कई मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश को वर्जित किया जाएगा। इस फैसले को लेकर हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न हो, सनातन धर्म में अपनी आस्था व्यक्त करता है और इसके लिए शपथ पत्र देता है, तो उसे मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जा सकती है।
इसके आगे उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर सारा अली खान जैसी हस्ती भी केदारनाथ आती हैं, सनातन में अपनी आस्था जताती हैं और एफिडेविट देती हैं, तो उन्हें दर्शन से नहीं रोका जाएगा।
गौरतलब है कि सारा अली खान का केदारनाथ से खास जुड़ाव माना जाता है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म केदारनाथ से की थी, जिसकी शूटिंग भी इसी क्षेत्र में हुई थी। इसके बाद से वह समय-समय पर केदारनाथ आती रहती हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए उनकी कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
सारा अली खान के अलावा, जैकलीन फर्नांडिस भी केदारनाथ दर्शन कर चुकी हैं। वह साल 2023 में केदारनाथ आई थीं। वहीं, 2024 में फिल्म अभिनेत्री नुसरत भरुचा भी केदारनाथ पहुंची थीं। टीवी स्टार हिना खान भी केदारनाथ का दौरा कर चुकी हैं।
सड़क हादसा: मां की मौत, बेटे सहित परिवार के चार लोग घायल
18 Mar, 2026 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हजारीबाग।बड़कागांव थाना क्षेत्र के बड़कागांव-केरेडारी भाया टंडवा रोड स्थित महटिकरा चौक में फाइबर ब्लॉक लदे टर्बो के चपेट में आने से 50 वर्षीय महिला तेतरी देवी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।इस घटना में चार घायल हो गए। घायलों का इलाज बड़कागांव अस्पताल में चल रहा है।ग्रामीणों के अनुसार तेतरी देवी अपने पुत्र के मोटरसाइकिल में बैठकर अपनी पुत्री से मिलने हजारीबाग जा रही थी।जबकि दूसरे मोटरसाइकिल
से अफसा रजा अपने बड़ी मां एवं बहन को मोटरसाइकिल में बैठाकर बड़कागांव से बेलतू जा रहे थे।इसी दरमियान दोनों मोटरसाइकिल में टक्कर हो गई।जिस कारण पांच लोग सड़क पर ही गिर गए।उसी दौरान हजारीबाग से बड़कागांव के सीकरी एनटीपीसी टाउन शिप की ओर जा रहे टर्बो ने गिरी हुई महिला को कुचल दिया।टर्बो इतनी स्पीड में थी कि महिला को 15 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। महिला का शरीर छत बिछत हो गया।जिस कारण उसकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई।घायलों को स्थानीय ग्रामीणों ने बड़कागांव अस्पताल पहुंचाया एवं टर्बो के चालक प्रवीण यादव एवं मोटरसाइकिल चालक अफसर रजा को बड़कागांव पुलिस के हवाले कर दिया गया। टर्बो पुलिस की देखरेख में घटनास्थल पर ही लगी हुई हैं।मृतिका केरेडारी के ग्राम सलगा निवासी फूलचंद महतो की पत्नी के रूप में पहचान की गई है।जबकि घायलों की पहचान मृतिका के पुत्र वीरेंद्र कुमार एवं बेलतू निवासी मो अफसर राजा एवं उसकी बड़ी मां रवीना खातून, बहन चाहत परवीन के रूप में हुई है।घटना के विरोध में ग्रामीणों ने महटिकरा चौक एवं चमगढ़ा चौक में रोड जाम कर दिया है।इसके अलावा कई अन्य छोटी मार्गों को भी खुटा व लेवारी से ब्लॉक कर दिया है।इस कारण टंडवा एवं हजारीबाग जाने वाले यात्री बस का परिचालन ठप हो गया है।यात्री परेशान दिखे। जाम में मोटरसाइकिल को भी पार होने नहीं दिया जा रहा है।घटना का सूचना पाकर थाना प्रभारी दीपक सिंह के नेतृत्व में पुलिस जमी हुई।मृतक के परिजनों ने₹ पांच लाख मुआवजा की मांग किया है एवं घायल व्यक्ति के इलाज की खर्च की मांग की गई है।
अमेरिका निर्मित शक्तिशाली बम की पहचान, सुवर्णरेखा नदी तट पर भीड़ जमा
18 Mar, 2026 09:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्वी सिंहभूम। पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में स्थित सुवर्णरेखा नदी तट पर बालू-मिट्टी के अंदर दबा एक संदिग्ध बम मिलने से मंगलवार को इलाके में हड़कंप मच गया। बरामद बम पर अंग्रेजी में अमेरिका मेड, यूएसओ लिखा हुआ है, जिससे यह आशंका जतायी जा रही है कि यह अमेरिका में बना करीब 500 पाउंड (लगभग 227 किलो) का शक्तिशाली बम है जो अब तक फटा नहीं है और बेहद खतरनाक स्थिति में है। इधर ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका के युद्ध के बीच यहां नदी तट पर मिट्टी और रेत के अंदर दबे बम मिलने से कई तरह की आशंका लोगों में गहरा गयी है।बम बरामदी की जानकारी मिलते ही आस पास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सिलेंडर के आकर के बरामद बम को देखने के लिए भीड़ जुट गयी। नदी किनारे लोगों की भीड़ समय के साथ बढ़ती गयी और हर कोई इस रहस्यमयी वस्तु को देखने के लिए उत्सुक नजर आया। हालांकि स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि या कोई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आयी है।वहीं विशेषज्ञों के अनुसार यूएक्सओ यानी ऐसा बम या गोला-बारूद जो गिरा तो था, लेकिन फटा नहीं, अत्यंत खतरनाक होता है और कभी भी विस्फोट कर सकता है. ऐसे में इस तरह की वस्तु के पास जाना या उसे छेड़ना जानलेवा साबित हो सकता है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बम निरोधक दस्ता भेजकर इस विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से हटाने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार बुजुर्गों से मिली जानकारी के आधार पर यह बताया जा रहा है कि वर्ष 1971 के युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में हवाई गतिविधियां हुई थीं। लोगों का कहना है कि उस समय युद्ध के दौरान विमान द्वारा हथियार और गोला-बारूद ले जाया जा रहा था। किसी कारणवश विमान को हल्का करने के लिए कुछ सामान नीचे गिरा दिया गया था। बाद में प्रशासनिक बलों ने आकर कुछ विस्फोटकों को हटाया या निष्क्रिय किया था लेकिन यह बम उसी समय से यहां मिट्टी और नदी के रेत के अंदर दबा रह गया, ऐसा लोग मान रहे हैं।बहरागोड़ा के थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि 2018 में एक बार कलाईकुंडा एयरबेस का एक लड़ाकू विमान बहरागोड़ा के महुलडांगरी के आस पास क्रैश हुआ था। जहां आज बम की तरह वस्तु बरामद हुआ है संभवत: उसी लड़ाकू विमान से गिरने की आशंका हो सकती है। जो नदी के रेत और मिट्टी में दब गया हो सकता है।अब नदी के बहाव से रेत और मिट्टी के हटने से वह बाहर निकला है। इसकी जानकारी ग्रामीण एसपी को दी दे दी गयी है।लोगों को छेड़छाड़ करने से मना किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने तय किया, गोद लेने वाली महिलाओं को भी मिलेगा मातृत्व अवकाश
18 Mar, 2026 08:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि अपनाया हुआ बच्चा भी प्रजनन स्वतंत्रता का हिस्सा है, इसलिए कोई भी महिला चाहे वह बच्चा कितने महीने की उम्र का अपनाए, उसे 12 हफ्ते की मातृत्व अवकाश मिलनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि 2020 के सोशल सिक्योरिटी कोड की धारा 60(4) जिसमें कहा गया था कि सिर्फ तीन महीने से छोटे बच्चे को अपनाने पर ही मातृत्व अवकाश मिलेगा, यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के खिलाफ है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी कहा कि पितृत्व अवकाश को भी सामाजिक सुरक्षा का हिस्सा मानने वाला प्रावधान बनाया जाए। यह फैसला उस याचिका पर आया जिसमें अधिवक्ता हंसानंदिनी नंदूरी ने चुनौती दी थी। वे कह रही थीं कि धारा 60(4) में तीन महीने की उम्र की शर्त अन्यायपूर्ण और असमानता पैदा करने वाली है।
भारत के तट पर आया नंदा देवी जहाज, LP गैस लदान के साथ सुरक्षित पहुंच
17 Mar, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से शिवालिक के बाद, एक और एलपीजी टैंकर नंदा देवी भारत पहुंचा। नंदा देवी होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करते हुए वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है। इस जहाज में 47 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस भरा है। मिडिल ईस्ट में गहराते संकट के बीच, होर्मुज़ से गुज़रने वाला यह भारत का दूसरा जहाज है।
एक दिन पहले दूसरा एलपीजी टैंकर शिवालिक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा एलपीजी लेकर पहुंचा था। इसमें घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के करीब 32.4 लाख स्टैंडर्ड घरेलू सिलेंडरों के बराबर एलपीजी थी। अधिकारियों का अनुमान था कि यह अकेला जहाज भारत की कुल एलपीजी आयात की जरूरत का करीब एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को जहाजरानी मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि शिवालिक और नंदा देवी के 16 मार्च और 17 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा था कि फारसी खाड़ी इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। फारसी खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद थे। इनमें से दो जहाज़ शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित रूप से आ गए हैं।
कांग्रेस का सख्त रुख, क्रॉस वोटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई
17 Mar, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्यसभा चुनाव। में क्रास वोटिंग को लेकर कांग्रेस ने सख्त एक्शन लिया है। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (ओपीसीसी) ने दल-विरोधी गतिविधियों के आरोप में अपने तीन विधायकों को निलंबित कर दिया है। कांग्रेस ने रमेश जेना, दशरथी गमंगो और सोफिया फिरदौस के खिलाफ सख्त एक्शन लिया है। ओपीसीसी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तीनों विधायकों को भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करके पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने और पार्टी की विचारधारा के विरुद्ध कार्य करने का दोषी पाया गया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी 3 विधायक किए निलंबित
कांग्रेस ने कहा कि ऐसे कार्यों से न केवल दलीय अनुशासन का उल्लंघन हुआ है, बल्कि पार्टी के हितों को भी ठेस पहुंची है। इस दुर्व्यवहार का गंभीर संज्ञान लेते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विधायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्णय लिया है। पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के अध्यक्ष सुजीत पाधी ने मंगलवार को जारी एक प्रेस बयान में तीन नेताओं के निलंबन की जानकारी दी।
11 विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग
राज्यसभा चुनाव के दौरान विपक्षी विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी, जिससे एनडीए ने ओडिशा में भी दो सीटें जीत ली। यह चुनाव काफी कड़ा माना जा रहा था लेकिन क्रॉस वोटिंग की वजह से एनडीए को फायदा हो गया। बीजद के आठ और कांग्रेस के तीन सहित कुल 11 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जिसकी वजह से दिलीप राय जीत गए।
बिहार में जीती सभी सीटें
कुछ ऐसा ही हाल बिहार में भी देखने को मिला। भाजपा ने बिहार में पांच की पांचों सीट जीत ली। चार सीटों पर भाजपा की जीत पक्की मानी जा रही थी, पांचवीं सीट जीतने की चुनौती मानी जा रही थी, लेकिन क्रॉस वोटिंग की वजह से भाजपा ने पांचवीं सीट भी जीत ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा चुनाव में एनडीए के शानदार प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने एनडीए के विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा था कि बिहार के लोग एनडीए के नेतृत्व में आगे बढ़ने को तैयार हैं।
तीव्र बर्फबारी के कारण प्रभावित हुए पर्यटन स्थल
17 Mar, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिमाचल। सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बर्फबारी इस बार आफत बन गई। मनाली-लेह मार्ग पर भारी हिमपात से वाहन 3 दिनों तक थम गए। लगभग 48 घंटे अफरा-तफरी का माहौल रहा, जबकि 3 दिन लगातार बर्फबारी जारी रही। हालात बिगड़ते देख मनाली व लाहुल प्रशासन, पुलिस और बीआरओ मौके पर जुट गए, लेकिन भारी बर्फबारी में कोई कार्य काम नहीं आए। प्रशासन, पुलिस और बीआरओ ने रविवार दोपहर 3 बजे रेस्क्यू शुरू किया, जो 48 घंटे चला। इस दौरान 2,000 वाहनों सहित 10,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। बर्फ में फंसे पर्यटकों को कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ा। अधिकांश ने रात गाड़ियों में ही बिताई, तो कुछ लाहुल के होटलों-ढाबों में शरण लिए। 3 दिन बाद वे मनाली पहुंचे। थाना प्रभारी सिस्सू मुकेश राठौर ने कहा कि पिछले तीन दिनों से पुलिस जवान दिन-रात रेस्क्यू में जुटे रहे। वहीं, डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि हिमपात से सिस्सू में अटकी गाड़ियों को सड़क बहाली के बाद प्राथमिकता से मनाली लाया गया। सभी पर्यटकों को रेस्क्यू कर लिया गया है। उधर, एसडीएम मनाली रमण कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस, प्रशासन और बीआरओ ने संयुक्त अभियान चलाया। 48 घंटों में 2,000 पर्यटन वाहन निकाले गए। बीआरओ अधिकारी मेजर एमएस परमार तीन दिन टीम के साथ मौके पर डटे रहे। मनाली-केलंग मार्ग बहाल होने के बाद शिंकुला मार्ग पर काम शुरू होगा।
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