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कांग्रेस का स्टैंड तय: सोनिया गांधी का साफ संदेश, अब राहुल गांधी क्या कहेंगे?
16 Apr, 2026 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक और प्रस्तावित परिसीमन बिल को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुकी है, मुझे इसमें कुछ और जोड़ना नहीं है।लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए, जिनको लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इन प्रस्तावित विधेयकों को असंवैधानिक करार देते हुए कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और अमित ने ये विधेयक पेश किए।
कांग्रेस महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करती है
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को इसे लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का पूरी तरह समर्थन करती है और यह विधेयक 2023 में संसद से सर्वसम्मति से पारित होकर संविधान का हिस्सा बन चुका है।
मौजूदा प्रस्ताव को लेकर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का मौजूदा प्रस्ताव महिला आरक्षण से जुड़ा नहीं है, बल्कि परिसीमन और गेरीमैंडरिंग के जरिए सत्ता हासिल करने की कोशिश है। गेरीमैंडरिंग का अर्थ है किसी विशेष राजनीतिक दल या समूह को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं को जानबूझकर बदलना।
जातिगत जनगणना के आंकड़ों को किया गया नजरअंदाज- राहुल
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों के हिस्से में किसी भी तरह की हिस्सेदारी की चोरी नहीं होने देगी और जातिगत जनगणना के आंकड़ों को नजरअंदाज करने का विरोध करेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि दक्षिण, पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रस्तावित विधेयक में क्या?
प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक की जा सकती है, ताकि महिला आरक्षण को लागू किया जा सके। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीटों में बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है। विधेयक में यह भी कहा गया है कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर तय की जाएंगी।
सियासत गरमाई: अखिलेश बोले- धोखे से लागू हो रहा आरक्षण, शाह का तीखा जवाब
16 Apr, 2026 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | महिला आरक्षण विधेयक और प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर संसद में सियासी टकराव तेज हो गया है। इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। गुरुवार से शुरू हुए संसद के विस्तारित सत्र में इस पर जोरदार बहस देखने को मिल रही है। सता नेता अखिलेश यादव ने कहा कि महिला विधेयक के पक्ष में हैं हम। आपको जल्दीबाजी क्यों है? आप जनगणना क्यों नहीं कराना चाहते? सेंसस ये इसलिए नहीं करना चाहते हैं कि जैसे ही जनगणना होगी, हम सब लोग जाति गणना मांगेंगे, जाति की गिनती के बाद हम आरक्षण मांगेंगे। इसलिए धोखा देकर लाना चाहते हैं।
सपा का बस चले तो घरों की जाती तय कर दे- शाह
वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं देश की जनता को बताना चाहता हूं कि देश में जनगणना का काम जारी है। सरकार जाति गणना का निर्णय भी ले चुकी है... अभी घरों की गिनती हो रही है। घरों की कोई जाति नहीं होती। समाजवादी पार्टी की चले तो घरों की भी जाति तय कर दे। जब नागरिकों की जनगणना होगी तब उसमें जाति का कॉलम रखा है। ये मेरा विभाग है। मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये जनगणना जाति के साथ ही होने वाली है।
तीन विधेयक हुए पेश
लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े तीन विधेयक पेश किए गए, जिनको लेकर सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इन प्रस्तावित विधेयकों को असंवैधानिक करार देते हुए कड़ा विरोध जताया। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और अमित ने ये विधेयक पेश किए।
क्या है यह विधेयक?
प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले परिसीमन के बाद लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक की जा सकती है, ताकि महिला आरक्षण को लागू किया जा सके। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीटों में बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है। विधेयक में यह भी कहा गया है कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर तय की जाएंगी।इस बीच, कई विपक्षी दलों ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे परिसीमन से जुड़े प्रावधानों का संयुक्त रूप से विरोध करेंगे, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे विधायी निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने के खिलाफ नहीं हैं।
नतीजों से पहले सियासी हलचल: केरल में कांग्रेस के भीतर सीएम पद को लेकर चर्चा तेज
16 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम | केरल में मतगणना शुरू होने से पहले ही कांग्रेस पार्टी एक जानी-पहचानी समस्या आंतरिक कलह से जूझ रही है। 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान 9 अप्रैल को समाप्त हो गया और परिणाम 4 मई को आएगी। ऐसे में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की संभावित जीत को लेकर बढ़ती आशाओं ने अगले मुख्यमंत्री के चयन को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है।
समर्थक अपने पसंदीदा नेता के लिए एकजुट
पार्टी के भीतर दबी आवाजों के रूप में शुरू हुई बात अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म प्रमुख दावेदारों के समर्थन में चलाए जा रहे अभियानों से भरे पड़े हैं, जबकि टेलीविजन चैनलों ने इस कहानी को और भी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है, जिससे यह एक पूर्ण विकसित राजनीतिक तमाशा बन गया है। कांग्रेस कार्यकर्ता भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। खुले तौर पर अपने पसंदीदा नेताओं के साथ एकजुटता दिखा रहे हैं। असामान्य आक्रामकता के साथ एक-दूसरे के खिलाफ दावे पेश कर रहे हैं।
किन नेताओं के लिए बहस
इस बहस के केंद्र में वी.डी. सतीशान, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला जैसे नेता हैं, जिनमें से प्रत्येक को पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों का समर्थन प्राप्त है। वेणुगोपाल के समर्थक राहुल गांधी से उनकी निकटता और राष्ट्रीय स्तर की रणनीतियों को आकार देने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालते हैं, और उन्हें एक सर्वसम्मत नेता के रूप में प्रस्तुत करते हैं। दूसरी ओर, सतीशान को एक युवा, अधिक आक्रामक नेतृत्व के चेहरे के रूप में पेश किया जा रहा है, जिन्हें वामपंथी सरकार के खिलाफ यूडीएफ के अभियान को ऊर्जा प्रदान करने का श्रेय दिया जाता है। चेन्निथला का खेमा वरिष्ठता और अनुभव पर जोर दे रहा है। यह तर्क देते हुए कि यदि पार्टी सत्ता में वापस आती है तो वह स्वाभाविक पसंद बने रहेंगे। हालांकि, इस खुलेआम खींचतान ने पार्टी के भीतर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
चुनाव से पहले एलान करने से परहेज
चुनाव प्रचार के दौरान, कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को पेश करने से सावधानीपूर्वक परहेज किया था। यह कहते हुए कि यह निर्णय उच्च कमान पर निर्भर करेगा। इसका उद्देश्य गुटबाजी को चुनावी संभावनाओं को कमजोर करने से रोकना था। मतदान के दिन के बाद वह संयम तेजी से खत्म होता दिख रहा है। अब खबरों से पता चलता है कि दिल्ली में पार्टी नेतृत्व आंतरिक मतभेदों के सार्वजनिक होने से नाखुश है।ऐसा समझा जा रहा है कि उच्च कमान ने दोहराया है कि अंतिम निर्णय स्थापित प्रक्रियाओं द्वारा निर्धारित किया जाएगा। न कि सोशल मीडिया अभियानों या सार्वजनिक बयानबाजी द्वारा। इस बात को लेकर भी चिंता है कि चल रही खींचतान मतदाताओं को भ्रमित करने वाले संकेत दे सकती है और एकता के उस संदेश को कमजोर कर सकती है जिसे यूडीएफ ने चुनाव अभियान के दौरान पेश करने की कोशिश की थी। इसलिए, आने वाले सप्ताह आंतरिक अपेक्षाओं को प्रबंधित करने के साथ-साथ चुनावी परिणाम की प्रतीक्षा करने के बारे में भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। यदि कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को जीत मिलती है, तो नेतृत्व को गुटबाजी के दबावों को शीघ्रता से नियंत्रित करना होगा और एक एकजुट मोर्चा पेश करना होगा।
सभी को शांत रहना चाहिए
फिलहाल, केरल के सर्वोच्च पद के लिए लड़ाई मतों की गिनती से पहले ही शुरू हो चुकी है। यह पूरी तरह से जनता के सामने चल रही है। चार बार कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे के. करुणाकरण के बेटे के. मुरलीधरन, जिन्होंने पार्टी में अपने पिता और एंटनी के बीच गहरे विभाजन को करीब से देखा है। उन्होंने गुरुवार सुबह स्पष्ट शब्दों में कहा, ' यूडीएफ को वोट देने वालों के लिए इस तरह की अनावश्यक और बेमतलब की चर्चाओं को देखना अनुचित है और सभी को शांत रहना चाहिए।'राज्य कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने गुरुवार को कहा कि पार्टी में एक स्वीकृत प्रक्रिया है जो मुख्यमंत्री के चयन के समय से शुरू होती है। उन्होंने कहा, 'हमने पाया है कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फर्जी खातों का इस्तेमाल करके ऐसा कर रहे हैं। इसके अलावा, एक समय आएगा जब विधायक इस विषय पर उचित मंच पर अपने विचार व्यक्त करेंगे, और तब तक किसी को भी अति नहीं करनी चाहिए।'
रिश्तों को झकझोरने वाली घटना: बेंगलुरु में बेटे ने मां की हत्या की
16 Apr, 2026 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | बंगलूरू में एक सनसनीखेज घटना में 42 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी 75 वर्षीय लकवाग्रस्त मां को चार मंजिला इमारत की छत से धक्का देकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी मां को छत पर ले गया और वहां से उन्हें नीचे धक्का दे दिया, जिससे बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शुरुआती जांच और आरोपी के कथित इकबालिया बयान के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी एक सेल्स एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करता था और आरआर नगर के बीईएमएल लेआउट में किराए के मकान में अपने परिवार और मां के साथ रहता था। उसकी मां पिछले चार-पांच वर्षों से लकवे से पीड़ित थीं और बिस्तर पर ही थींपुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि वह अपनी मां की हालत और उनकी देखभाल का बोझ सहन नहीं कर पा रहा था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस घटना में किसी अन्य की भूमिका तो नहीं है।
CRPF मूवमेंट में बड़ी चूक: 200 गाड़ियां गलत रूट पर, फोन कॉल से हुआ डायवर्जन
16 Apr, 2026 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में मतदाता बिना किसी भय के वोट डाल सकें, इसके लिए वहां पर सीआरपीएफ के लगभग दो सौ मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं। लोगों को यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा। हालांकि ये बुलेटप्रूफ बख्तरबंद गाड़ियां चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। इन्हें लेकर यह सवाल किया जा रहा है कि आखिर ये गाड़ियां, बंगाल में कैसे पहुंच गई। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से आए एक फोन 'कॉल' ने सीआरपीएफ की 200 बुलेटप्रूफ बख्तरबंद गाड़ियों का रूट बदल दिया। पिछले दिनों इन गाड़ियों को जम्मू-कश्मीर से मणिपुर जाने के लिए रवाना किया गया था, लेकिन बीच राह में इन्हें 'पश्चिम बंगाल' में टर्न करने का आदेश मिला।
पहले तैयार होती है 'मानक संचालन प्रक्रिया' ...
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में इस तरह की मूवमेंट के लिए बाकायदा लिखित आदेश/सिग्नल जारी होते हैं। कई महीने पहले से ही ऐसे मूवमेंट पर काम शुरु हो जाता है। कितनी गाड़ियां जाएंगी, ड्राइवर कौन होगा, कमांड किसकी रहेगी, बीच में गाड़ियों का ठहराव कहां पर रहेगा और साथ में 'रोड ओपनिंग पार्टी' जाएगी या नहीं, आदि बातों को लेकर एक 'मानक संचालन प्रक्रिया' (एसओपी) तैयार होती है। इसके बाद तय समय पर गाड़ियों को रवाना किया जाता है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया विवादित बयान ...
जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में तैनात मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहनों को 'मणिपुर' के लिए रवाना किया गया था। ये सभी वाहन अयोध्या में भी ठहरे थे। तब भी इन वाहनों का आखिरी ठहराव मणिपुर बताया गया था। तभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक विवादित बयान सामने आया। उन्होंने नदिया की एक रैली में कहा, अयोध्या से सीआरपीएफ की 200 बुलेटप्रूफ गाड़ियां पश्चिम बंगाल में आ रही हैं। वे आप पर हमला करने आ रही हैं। बनर्जी ने कहा, ये भाजपा का 15-25 दिन का अस्थायी 'खेल' है। उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील की। बनर्जी के इस बयान की भाजपा नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी।
क्या एक फोन कॉल से बदल गया रूट ...
सूत्रों का कहना है कि मणिपुर जा रहे वाहनों को बंगाल जाना है, इस तरह का कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया था। दिल्ली से एक शीर्ष अधिकारी द्वारा सीआरपीएफ के उच्च अधिकारी से फोन पर गाड़ियों का रूट, मणिपुर की बजाए पश्चिम बंगाल करने के लिए कहा गया। आनन-फानन में वह एसओपी तैयार की गई, जिसके आधार पर इन गाड़ियों को बंगाल के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया गया। बंगाल में तैनात सीआरपीएफ अधिकारी से कहा गया कि सिलीगुड़ी में खड़े बख्तरबंद वाहनों को ले जाएं। चुनाव में उनका इस्तेमाल करें।
लोगों में विश्वास पैदा करने में सफल रहे ...
मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहनों को बंगाल की सड़कों पर देखा जा सकता है। सुरक्षा कर्मी, लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे बिना किसी भय के मतदान में हिस्सा लें। असामाजिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा। इस बाबत सीआरपीएफ के एक अधिकारी का कहना है कि केंद्रीय बलों की तैनाती से मतदाताओं में विश्वास पनपा है। हमारा मकसद एक ही है कि बंगाल में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हो।
ये है मार्क्समैन बुलेटप्रूफ वाहन की खासियत ...
आतंकियों के हथियारों और ग्रेनेड हमलों से सुरक्षा
पहला स्वदेशी, कैप्सूल-आधारित हल्का बुलेटप्रूफ वाहन
आतंकवाद विरोधी अभियानों में छह जवान वाहन में बैठ सकते हैं
दंगा नियंत्रण और वीआईपी सुरक्षा के लिए इस्तेमाल
बुलेटप्रूफ वाहन बी6 लेवल की सुरक्षा प्रदान करता है
एके 47, इनसास, एसएलआर के फायर का असर नहीं
चारों तरफ से फायरिंग करने के लिए सात फायरिंग पोर्ट्स
वाहन में रियर-व्यू कैमरा और रन-फ्लैट टायर लगे हैं
CRPF: एक फोन कॉल ने बदला 200 बुलेटप्रूफ बख्तरबंद गाड़ियों का रूट, जेएंडके टू मणिपुर वाहनों का बंगाल टर्न
कुरनूल हादसा: तीर्थयात्रियों से भरी बोलेरो ट्रक से टकराई, 8 की मौत, कई घायल
16 Apr, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमरावती | आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां मंत्रालयम मंडल के चिलकलदोना के पास एक बोलेरो गाड़ी और लॉरी के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में आठ लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर हडकंप मच गया और कई यात्री गाड़ी के भीतर ही फंस गए।
हादसे में आठ की मौंत
अधिकारियों ने बताया कि हादसे में कुल आठ लोगों की मौत हुई है। इनमें से पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। तीन अन्य लोगों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। इस दुर्घटना में करीब 10 से 12 लोग घायल हुए हैं। घायलों को एम्मिगनूर अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।शुरुआती जानकारी के मुताबिक सभी मृतक लोग कर्नाटक के रहने वाले थे। ये सभी श्रद्धालु मंत्रालयम मंदिर के दर्शन करके वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। मामले में पुलिस की टीमों ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद उन्होंने घायलों को बाहर निकाला और सड़क से मलबे को साफ कराया। पुलिस ने इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। हादसे की असली वजह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी जानकारियां सामने आएंगी।
पहले भी हुई थी घटना
इससे पहले पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में भी एक बस हादसा हुआ था। उस हादसे में भी छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। मंगलवार को आनंदपुर साहिब से लौटते समय श्रद्धालुओं से भरी बस पलट गई थी। उस बस में करीब 40 लोग सवार थे। बैसाखी के मौके पर दर्शन करके लौटते समय बस में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे वह दुर्घटना का शिकार हो गई। उस हादसे में करीब 20 लोग घायल हुए थे, जिनका इलाज चल रहा है।
बाल शोषण मामले में अमरावती पुलिस अलर्ट, चार गिरफ्त में, बाकी की तलाश तेज
16 Apr, 2026 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमरावती | महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा में नाबालिगों के साथ कथित शोषण और ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद सिंगुरी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया गया है। इस एसआईटी में कुल 11 अधिकारी और करीब 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिनमें दो महिला अधिकारी भी हैं। इसके अलावा लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) और साइबर सेल के अधिकारी भी इस टीम का हिस्सा हैं।पुलिस के अनुसार, अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, चार अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस ने पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पीड़ितों की पहचान गुप्त रखने की अपील
एसपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी हालत में पीड़ितों की पहचान उजागर न करें। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों से कहा है कि वे नियुक्त महिला अधिकारियों से गोपनीय तरीके से संपर्क करें और अपनी सुविधा के अनुसार बयान दर्ज कराएं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सभी बयान पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखे जाएंगे।
सख्त कार्रवाई की मांग
दूसरी ओर इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल खराब नहीं किया जाना चाहिए और पुलिस को निष्पक्ष जांच करने दी जानी चाहिए।
आरोपी के घर पर कार्रवाई
बता दें कि इससे पहले मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने उसके घर के अवैध हिस्सों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच और तेज कर दी गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यौन उत्पीड़न केस में सख्त कदम: अमरावती में आरोपी के घर पर बुलडोजर, कई एंगल पर जांच
16 Apr, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमरावती/मुंबई। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में लड़कियों को झांसा देकर उनका यौन उत्पीड़न करने और अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर अहमद (19) के घर पर बुलडोजर चला दिया।मुख्य आरोपी परतवाड़ा निवासी अयान अहमद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। पुलिस ने अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें कोर्ट ने 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने आईपीएस डॉ शुभम कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस में 11 पुलिस अधिकारी और 36 कांस्टेबल शामिल हैं।
लव जिहाद और ब्लैकमेलिंग का शक :
भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ अनिल बोंडे ने इस मामले को उजागर करते हुए इसमें किसी बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई है। उन्होंने दावा किया कि यह नेटवर्क नागपुर समेत अन्य शहरों तक फैला हो सकता है। जांच के केंद्र में अब संगठित शारीरिक शोषण गिरोह, ब्लैकमेलिंग, लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण जैसे गंभीर पहलू भी शामिल हैं। अमरावती के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस ने पीड़ितों को आश्वासन दिया है कि उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आरोपियों के मोबाइल में मिले 18 वीडियो और 39 तस्वीरें
मामले में 180 से अधिक लड़कियों के यौन शोषण और 350 से अधिक आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो वायरल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने एक संगठित समूह बनाकर ट्यूशन और कोचिंग कक्षाओं के बाहर लड़कियों को अपने प्रेमजाल में फंसाया। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की पहचान उजेर इकबाल खान, तबरेज खान तसलीम खान और मोहम्मद साद मोहम्मद साबिर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं, जिनसे अब तक 18 वीडियो और 39 तस्वीरें बरामद की जा चुकी हैं।
सम्राट चौधरी को गृह समेत 29 विभागों की जिम्मेदारी
15 Apr, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद आज यानी 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है. बिहार की राजनीति में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई चेहरा सीएम बना है. चौधरी के साथ-साथ जेडीयू खेमे के दो नेताओं ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. इसके अलावा अभी मंत्रिमंडल विस्तार का ऐलान नहीं किया गया है. ऐसे में सभी मंत्रालय तीनों मंत्री ही संभालेंगे। बिहार में अभी मंत्रिमंडल का ऐलान नहीं किया गया है. यही वजह है कि मंत्रियों के सभी विभाग और प्रभार फिलहाल सीएम सम्राट चौधरी और दोनों डिप्टी सीएम के पास ही रहने वाले हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कुल मिलाकर 29 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं, इनमें सबसे खास गृह विभाग है, जो नीतीश सरकार में भी सम्राट चौधरी के पास ही। डिप्टी सीएम विजय चौधरी को 10 विभागों की कमान सौंपी गई है. तो वहीं बिजेंद्र यादव को 8 विभाग दिए गए हैं. जब तक राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होता है. पूरे प्रदेश को यही तीन नेता चलाने वाले हैं. विभागों से जुड़े आदेश भी उन्हीं की तरफ से दिए जाएंगे।
किसे कौन सा मिला विभाग?
सीएम सम्राट चौधीर को सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू-तत्व, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग समेत कुल 29 प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी मिली है. वहीं विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जन-सम्पर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन, उच्च शिक्षा विभाग सौंपे गए हैं. बिजेंद्र यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, ग्रामीण कार्य विभागों का काम सौंपा गया है।
कार्यभार संभालते ही एक्शन में चौधरी
बिहार की कमान अब सम्राट चौधरी के हाथों में आ चुकी है. शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ एक बैठक भी ली है. जिसमें उन्होंने कड़े निर्देश जारी किए हैं। बैठक में सम्राट चौधरी ने आदेश दिया है कि जो भी काम चल रहे हैं उन्हें दोगुनी स्पीड से किया जाए. इसके साथ ही समस्या का तेजी से निराकरण किया जाना चाहिए।
अधिकारियों को आदेश दिया कि राज्य से भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर भी काम किया जाए. इसके लिए टॉलरेंस नीति पालन कठोरता से किया जाना चाहिए.
सम्राट चौधरी ने आदेश दिया कि चाहे सीएम लेवल काम हो या फिर उसके नीचे काम हो. हर हाल में उसको पूरा करना ही हमारी जिम्मेदारी है. किसी भी काम को बीच में नहीं लटकाना है.
मुख्यमंत्री ने अपनी पहली बैठक में कहा कि आम जनता को किसी भी तरह की सुविधा नहीं होनी चाहिए. इसके लिए प्रचांड से लेकर थाने में आम जनता की हर संभव मदद की जानी चाहिए.
बिहार को विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने के लिए एकजुट होकर अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ काम करें. मतलब साफ है कि लापरवाही किसी भी हालत में नहीं चलेगी.
जल्द होगा बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार
बिहार में नई सरकार का गठन हो चुका है. अब ऐसा माना जा रहा है कि अगले एक से दो दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया जा सकता है. सबकी निगाहें इस बार होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी रहने वाली हैं. देखना होगा कि नीतीश कुमार के जाने के बाद अब सरकार में उनके कितने विधायकों को मंत्री बनाया जाता है. हालांकि दो डिप्टी सीएम बनाकर नीतीश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भी किसी से कम नहीं हैं।
विदेश यात्राओं का ब्योरा साझा करने की दी खुली चुनौती
15 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने उनके पासपोर्ट और विदेश दौरों को लेकर सवाल उठाए हैं। सरमा ने कहा कि जो दूसरों पर आरोप लगाते हैं, उन्हें खुद भी पारदर्शिता दिखानी चाहिए। सरमा ने कहा कि वह अपने और अपने परिवार के पासपोर्ट सार्वजनिक करने को तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि वो भी अपने पासपोर्ट और विदेश यात्राओं का पूरा ब्योरा सामने रखें। तब पता चलेगा कि राहुल गांधी कहां-कहां गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में लगाए गए आरोपों पर राहुल गांधी को खुलकर जवाब देना चाहिए।
पासपोर्ट विवाद से बढ़ा राजनीतिक टकराव
यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। सरमा ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने दावा किया कि यह एक सोची-समझी साजिश है।
तीन पासपोर्ट के आरोपों पर क्या जवाब दिया?
सरमा ने अपनी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर लगे तीन पासपोर्ट के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह आरोप फर्जी और AI से तैयार दस्तावेजों पर आधारित हैं। सरमा ने साफ किया कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी किया जिक्र
सरमा ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि असम सरकार इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर गई थी और अदालत ने अपना फैसला दिया है।
महिला आरक्षण बिल पर दिया समर्थन
सरमा ने संसद में चर्चा में आए महिला आरक्षण बिल का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए और सभी दलों को इस बिल का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से भी अपील की कि वह इस कानून के पक्ष में खड़ी हो। सरमा ने बिहार में बनी नई सरकार को भाजपा नहीं बल्कि एनडीए की सरकार बताया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन की सरकार है, जिसमें सभी सहयोगी दलों की भूमिका है।
पटना में बड़ा हादसा टला, CM मीटिंग से पहले BJP विधायक की कार दुर्घटनाग्रस्त, सुरक्षित बचे
15 Apr, 2026 05:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में सियासी सरगर्मी (Political activity in Bihar) के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कुम्हरार से भाजपा विधायक संजय गुप्ता (Sanjay Gupta) मंगलवार तड़के सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए, जब वे पश्चिम बंगाल से लौटकर पटना आ रहे थे।
तेज टक्कर के बाद कई बार पलटी कार
हादसा बेगूसराय के जीरो माइल थाना क्षेत्र के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार हवा में उछलकर दो-तीन बार पलटी खाते हुए सड़क किनारे जा गिरी।
एयरबैग बना ‘रक्षक’
बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब अचानक ट्रक का टायर सामने आ गया और संतुलन बिगड़ गया। हालांकि, कार के एयरबैग समय पर खुल गए, जिससे विधायक, उनकी पत्नी और बेटी की जान बच गई।
अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता अमरेंद्र कुमार अमर मौके पर पहुंचे और घायलों को बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें पटना रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक विधायक के सीने में चोट है, लेकिन सभी की हालत स्थिर और खतरे से बाहर है।
हादसे की वजह क्या?
प्रारंभिक जांच में ट्रक की तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि सड़क पर पहले से गिरी ट्रक की स्टेपनी के कारण चालक का संतुलन बिगड़ गया।
अहम समय पर हुआ हादसा
यह दुर्घटना ऐसे वक्त हुई जब बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन चल रहा है और सभी विधायकों को पटना बुलाया गया था। ऐसे में इस हादसे ने सियासी हलकों में भी चिंता बढ़ा दी। समय रहते एयरबैग खुलने से एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि घटना ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
सबरीमाला मंदिर विवाद पर नया मोड़: कुछ लोगों का हक पूरे समाज से ऊपर नहीं – मंदिर प्रशासन
15 Apr, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मंदिर का मैनेजमेंट देखने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के वकील एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, किसी धर्म की प्रथा सही है या नहीं, यह तय होगा उसी समुदाय की आस्था के आधार पर। जज खुद यह तय नहीं करेंगे कि धर्म के लिए क्या सही है, क्या गलत।'
उन्होंने कहा कि धर्म एक समूह या समुदाय की आस्था से जुड़ा है। इसलिए कुछ लोगों (महिलाओं की एंट्री) के अधिकार को पूरे समुदाय के अधिकारों पर हावी नहीं होने दिया जा सकता।
इससे पहले 7 से 9 अप्रैल तक 3 दिन सुनवाई के दौरान भी महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखी गईं। केंद्र सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
केरल हाईकोर्ट ने 1991 में सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पर बैन लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए बैन हटा दिया। इसके बाद दायर पुनर्विचार याचिकाओं के आधार पर 7 महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न तय किए गए हैं, जिन पर अब बहस हो रही है।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर मोदी-ट्रंप की चर्चा, वैश्विक मुद्दों पर बनी सहमति
15 Apr, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ईरान के साथ जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते बवाल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर लगभग 40 मिनट तक विस्तृत बातचीत हुई। नई दिल्ली में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस उच्चस्तरीय वार्ता की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की गंभीर स्थिति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गहन चर्चा हुई। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति विशेष सम्मान व्यक्त करते हुए द्विपक्षीय संबंधों की प्रगाढ़ता पर जोर दिया।
यह महत्वपूर्ण संवाद ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों पर नौसैनिक नाकेबंदी (नेवल ब्लॉकेड) का फैसला लिया है। इस कदम से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी कॉरिडोर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस की आवाजाही बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि भारत ने इस जलमार्ग को खुला और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया है, क्योंकि विश्व की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर पैदा की गई बाधाओं के कारण वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर भारत, कतर, यूएई और कुवैत जैसे देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है।
राजनयिक स्तर पर इस कॉल को भारत-अमेरिका संबंधों के पुनरुद्धार के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय में व्यापारिक शुल्कों (टैरिफ) को लेकर पैदा हुए तनाव को पीछे छोड़ते हुए दोनों नेताओं ने व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में कुछ बड़े समझौतों (बिग-टिकट डील्स) की घोषणा की जा सकती है। इस बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी लगातार संपर्क में हैं। रुबियो के अगले महीने भारत दौरे की संभावना है, जहां क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और मोदी के बीच यह संवाद केवल तात्कालिक संकट को हल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलती वैश्विक परिस्थितियों में एक स्थिर और मजबूत साझेदारी का नया रोडमैप तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह साझा रुख न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को संतुलित करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।
फुल मैराथन में सैनिक सावन का कमाल, 48 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
15 Apr, 2026 03:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय सेना के जवान ‘सावन बरवाल’ ने 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर देश का नाम रोशन किया है। हवलदार सावन बरवाल, जो प्रतिष्ठित 501 एफएसई ग्रुप (बंगाल इंजीनियर ग्रुप) का हिस्सा हैं, जिसे फाइल जीरो वन द ऑनली वन के नाम से जाना जाता है ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 12 अप्रैल 2026 को नीदरलैंड्स में आयोजित फुल मैराथन (42.195 किमी) को मात्र 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड में पूरा कर लिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने 1978 में महान एथलीट ‘शिवनाथ सिंह’ द्वारा बनाए गए 2:12:00 के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह रिकॉर्ड पूरे 17,486 दिनों तक कायम रहा, जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास का सबसे लंबा चलने वाला रिकॉर्ड था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सावन बरवाल की यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना, खासकर बंगाल सैपर्स और 501 एफएसई ग्रुप के अनुशासन, मेहनत और जज्बे का प्रतीक है। बंगाल सैपर्स सेंटर में मिली कठोर ट्रेनिंग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया, जहां उन्होंने यह साबित कर दिया कि सेना के जवान न सिर्फ सीमा पर, बल्कि खेल के मैदान में भी देश का नाम ऊंचा कर सकते हैं। उनका यह रिकॉर्ड भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक मील का पत्थर है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
सावन बरवाल की सफलता के पीछे एक लंबी और मेहनत भरी यात्रा रही है। सावन बरवाल पहली बार 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए, जब उन्होंने 2022 में 10000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता। उसी साल उन्होंने गुजरात में आयोजित 5000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका पहला पदक 2023 में आया, जब उन्होंने दुबई में आयोजित 2023 दुबई में ब्रॉन्ज मेडल जीता। साल 2024 में सावन बरवाल ने फेडरेशन कप 2024 में 5000 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर अपना पहला राष्ट्रीय खिताब हासिल किया था।
2025 उनके करियर का सबसे शानदार साल साबित हुआ। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित नेशनल गेम्स 2025 में 5000 मीटर और 10000 मीटर दोनों में गोल्ड मेडल जीते। इसके अलावा, उन्होंने फेडरेशन कप 2025 में 10000 मीटर में गोल्ड हासिल किया। इसी साल उन्होंने भुवनेश्वर में 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। सावन बरवाल की यह लगातार मेहनत और उपलब्धियां दिखाती हैं कि उन्होंने धीरे-धीरे खुद को लंबी दूरी के एक मजबूत धावक के रूप में स्थापित किया है, और अब वे भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के बड़े सितारों में गिने जा रहे हैं।
ED की बड़ी कार्रवाई: सांसद अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर रेड, जांच तेज
15 Apr, 2026 02:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। पंजाब से आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के करीब नौ ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापे मारे हैं। ईडी के टीमों जालंधर में बुधवार सुबह नौ बजे राज्यसभा सांसद मित्तल के घर, यूनिवर्सिटी समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचीं। जांच चल रही है। उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात की गई है। अशोक मित्तल इस वक्त अपने जालंधर स्थित घर में मौजूद हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग 12 दिन पहले आप ने सांसद राघव चड्डा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था। इसके बाद श्री मित्तल को उपनेता बनाया गया। श्री मित्तल पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर हैं। वह 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे।
जानकारी के मुताबिक ईडी की दिल्ली टीम ने जालंधर और फगवाड़ा में लवली ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघनों से जुड़े मामले में की जा रही है। छापेमारी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, लवली ऑटोज, लवली स्वीट्स और लवली डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर समेत कई स्थानों पर चल रही है। इसके अलावा, मित्तल के परिवार से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर भी जांच की जा रही है, जिनमें उनके भाई रमेश मित्तल और नरेश मित्तल के ठिकाने शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू… आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ईडी की रेड.. टिपिकल मोदी स्टाइल..। हम वो पत्ते नहीं, जो शाख से टूट कर गिर जाएँगे, आंधियो को कह दो अपनी औक़ात में रहें।”
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