पंजाब
कालाझाड़ पुलिस ने नशे के खिलाफ मुहिम में 3 क्विंटल भुक्की की बड़ी खेप पकड़ी
3 Mar, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब सरकार द्वारा राज्य को पूर्ण रूप से नशा मुक्त बनाने के लिए शुरू की गई युद्ध नशे के विरुद्ध मुहिम के तहत स्थानीय पुलिस को उस समय बड़ी सफलता हासिल हुई जब पुलिस चेक पोस्ट कालाझाड़ की पुलिस पार्टी ने गांव चन्नों में एक खेत से लावारिस हालत में खड़ी एक कार और पास में पड़े 21 थैलों में से 3 क्विंटल 78 किलो भुक्की बरामद कर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस चेकपोस्ट कालाझाड़ के प्रभारी ने बताया
इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस चेकपोस्ट कालाझाड़ के प्रभारी सब इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह ने बताया कि जब वह अपनी पुलिस पार्टी सहित गश्त के दौरान गांव चन्नों में मौजूद थे तो उन्हें गांव चन्नों के सरपंच गुरप्रीत सिंह ने सूचना दी कि गांव के एक किसान ने उन्हें सूचना दी है कि उसके खेत में एक कार खड़ी है तथा कार के पास काले रंग के प्लास्टिक के थैले भी पड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर वह तुरंत उक्त खेत में गए और जब उन्होंने थैलों की जांच की तो उनमें भुक्की चूरा पोस्त बरामद हुआ। उन्होंने बताया कि पुलिस ने यहां खेत में कार के पास से 21 थैलों से 3 क्विंटल 78 किलोग्राम भुक्की चूरा पोस्त बरामद किया। पुलिस ने कार व भुक्की को कब्जे में लेकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में भुक्की और कार यहां खेतों में कैसे आए।
पीड़िता का आरोप: पास्टर बजिंदर सिंह ने यौन उत्पीड़न और पीछा किया
3 Mar, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पास्टर बजिंदर सिंह के विरुद्ध कपूरथला में छेड़छाड़ का केस दर्ज हुआ है. महिला ने पास्टर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पादरी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 ए (यौन उत्पीड़न), 354 डी (पीछा करना) और 506 के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. कपूरथला निवासी महिला ने बताया कि पास्टर बजिंदर सिंह जालंधर के गांव ताजपुर में द चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विस्डम नाम से मसीही सत्संग करता है. पीड़िता ने आरोप लगाया कि बजिंदर सिंह उसे गलत तरह से छूते थे और उल्टे सीधे मैसेज करते थे.
जान से मारने की धमकी देता था बजिंदर-पीड़िता
पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि जब वह 17 साल की थी तब से बजिंदर सिंह उसका शोषण कर रहे हैं. पास्टर बजिंदर सिंह पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. 2018 में एक रेप केस के दौरान सिंह की गिरफ्तारी भी हुई थी.
महिला ने बताया कि उसके बाद 2022 में उसने मुझे रविवार के दिन चर्च के केबिन में अकेले बिठाना शुरू कर दिया. आरोपी केबिन में आकर उसे गलत तरीके से छूता था, जिससे वह बुरी तरह से डरी हुई है. उसने अंदेशा जताया कि ये उसे और उसके परिवार को जान से मरवा देगा.
पहले भी जेल जा चुका है बजिंदर
पादरी बजिंदर सिंह जालंधर में एक चर्च चलाते हैं. उन पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. साल 2018 में उन पर रेप का केस दर्ज हुआ था. वह मरे हुए लोगों को जिंदा करने और कैंसर का इलाज करने का दावा करते हैं. साल 2018 में पादरी बजिंदर सिंह पर रेप का केस दर्ज हुआ था. बजिंदर के वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होते रहते हैं, पादरी के कार्यक्रम में कई नामचीन हस्तियां भी पहुंचती हैं. बजिंदर की वेबसाइट के अनुसार उसके देश के अलावा विदेशों में भी उसके चर्च हैं.
पंजाब में लिव इन रिलेशन के मामले बढ़े, समाज पर हो रहे हैं गंभीर प्रभाव
1 Mar, 2025 05:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ: पंजाब में लिव इन रिलेशन का ग्राफ बढ़ रहा है। सिर्फ अविवाहित पुरुष और लड़कियां ही नहीं बल्कि विवाहित पुरुष और विवाहित महिलाएं भी लिव इन रिलेशन का सहारा लेकर समाज के बनाए पारिवारिक बंधनों को तोड़ रहे हैं। लिव इन रिलेशन को मिले कानूनी कवच ने सामाजिक रिश्तों को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। महिलाएं अपने पतियों को लिव इन रिलेशन के जाल से बाहर नहीं निकाल पा रही हैं, तो कहीं पुरुष अपनी पत्नी के ऐसे चलन से परेशान हैं। लिव इन रिलेशन से संबंधित शिकायतें पंजाब राज्य महिला आयोग के कार्यालय में पहुंच रही हैं। अब आयोग ने लिव इन रिलेशन की वजह से समाज में बढ़ रही चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को मामले पर कानून में संशोधन के लिए लिखने का फैसला किया है। पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली गिल ने शुक्रवार को लिव-इन रिलेशन के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई।
पटियाला की पुलिस लाइन्स में महिलाओं की समस्याओं की सुनवाई के लिए आयोजित लोक अदालत में राज लाली गिल ने कहा कि युवक-युवतियों और यहां तक कि कई विवाहित पुरुष और महिलाएं भी लिव-इन रिलेशन की इस बुराई की ओर धकेले जा रहे हैं, जो हमारे समाज को घुन की तरह खा रही है, जिससे बचने की आवश्यकता है। अध्यक्ष राज लाली गिल ने इस लोक अदालत में लगभग 35 मामलों की सुनवाई करते हुए कई मामलों में पुलिस के जांच अधिकारियों को फिर से जांच के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कुछ नए केस भी सुने। उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य महिला आयोग का यह सिद्धांत है कि हर पीड़ित महिला की पूरी सुनवाई हो और उसे समयबद्ध तरीके से तर्कसंगत न्याय प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि कई पीड़ित महिलाएं मोहाली नहीं जा सकतीं, जिसके लिए आयोग द्वारा हर जिले में ऐसी लोक अदालतें लगाई जा रही हैं।
पंजाब में स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने की घोषणाएं
28 Feb, 2025 03:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भगवंत सिंह: पंजाब में पिछले दो साल में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं. पूरे पंजाब में इसका बड़े पैमाने पर असर दिख रहा है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का मानना है कि पंजाब के सरकारी खजाने में जमा हर एक पैसा जनता है. इसलिए इस पैसे का खर्च पंजाब की तरक्की और जनकल्याण पर हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है.
आम आदमी क्लीनिक ने कीर्तिमान
पंजाब में बीते दो साल में अस्पतालों की हालत बदल चुकी है. अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खूब काम हुए हैं. पंजाब में लोगों को अस्पतालों में इलाज और दवाई की अच्छी सुविधा मिल रही है. इलाज और दवाई के लिए पैसा ना देना पड़े इसके लिए बीमा योजना भी चलाई जा रही है. कैशलेस इलाज की सुविधा
पंजाब में मान सरकार जनकल्याण का ध्यान रखते हुए हर किसी को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रही है. इसी के तहत मान सरकार द्वारा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज कराने की सुविधा दी जा रही है. इस योजना के तहत कैशलेस ट्रीटमेंट, डे केयर प्रोसीजर कवर सहित अन्य सुविधाएं मिल रही हैं.
ई-कार्ड सेआ सान हुआ इलाज
इस योजना का लाभ उठाने के लिए एक ई- कार्ड या आयुष्मान कार्ड बनवाना होता है. यह कार्ड ऑनलाइन बनाया जा रहा है. कार्ड को बनवाना बेहद आसान है, इसे आप घर बैठे ऑनलाइन भी बनवा सकते हैं. इस योजना के तहत पंजाब में 35.59 लाख से अधिक ई-कार्ड बनाए गए हैं. पंजाब में मुख्यमंत्री सरबत सेहत योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इलाज का बड़ा जरिया बन रही है. इससे लोगों को लाभ मिल रहा. जनहित की दिशा में यह योजना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है.
पंजाब सरकार का फैसला, बीयर के दामों में लाएगी सस्ती और पारदर्शी नीति
27 Feb, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब में आज मुख्यमंत्री भगवंत के नेतृत्व में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें बड़े फैसलों को मंजूरी मिली है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह ने प्रैस कांफ्रेंस के जरिए बताया कि बैठक में नई एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई है। साल 2025 में सरकार ने एक्साइज पॉलिसी से 11 हजार 200 करोड़ का टारगेट रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि जन्म-मृत्यु के सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन में बदलाव किया गया है, जिसमें अब जन्म के एक साल तक बच्चे का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाने पर परिवार वालों को अदालत में जाकर आदेश पास नहीं करवाना पड़ेगा। क्योंकि अब ये काम डिप्टी कमिश्न के पास ही होगा। मृत्यु सर्टिफिकेट में डॉक्टरों को मौत का कारण लिखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा शराब तस्करी को रोकने के लिए नए एक्साइज थाने बनेंगे, जिसके लिए कमेटी बताएगी की यह थाने कहां खुलेंगे।
वित्त मंत्री ने आगे बताया कि इस बार देसी शराब का कोटा 3 प्रतिशत बढ़ाया गया है। पंजाब के पूर्व सैनिकों के लिए थोक लाइसेंस फीस 5 लाख रुपए थी, उसे घटाकर 2.5 लाख रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा, पहले फर्मों में शराब रखने के लिए 12 बोतल रखने की अनुमति थी, जिसे बढ़ाकर 36 बोतल कर दिया गया है। बीयर की दुकानों के लिए सीमा 2 लाख रुपए प्रति दुकान से घटाकर 25 हजार रुपए कर दी गई है। इसके साथ ही एक नया बॉटलिंग प्लांट लगाने को भी मंजूरी दे दी गई है। गौ कल्याण उपकर को 1 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 1.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। पहले गौ कल्याण शुल्क के रूप में 16 करोड़ रुपए एकत्र किए जाते थे, जबकि अब 24 करोड़ रुपए एकत्र किए जाएंगे।
1984 सिख दंगे: जरनैल सिंह ने बीजेपी से भी दोषियों को सजा दिलवाने की मांग की
26 Feb, 2025 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जरनैल सिंह: 1984 के सिख दंगे एक बार फिर सुर्खियों में है. आम आदमी पार्टी के नेता और तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि 1984 के सिख दंगे के प्रमुख आरोपी सज्जन कुमार को 41 साल बाद उम्रकैद की सजा मिली है, लेकिन BJP को अपनी पीठ थपथपाने के बजाय उन नेताओं को भी सजा दिलवानी चाहिए जो दंगे में शामिल रहे हैं. 25 फरवरी को प्रेस वार्ता में जरनैल सिंह ने कहा कि कांग्रेस से BJP में आए कैप्टन अमरिंदर सिंह और जंगपुरा से BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह भी यह मांग कर चुके हैं कि सिख दंगे में शामिल BJP और RSS के लोगों को भी कड़ी सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि इस घटना में शामिल हर व्यक्ति को सख्त सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से संबंध रखता हो.
उम्रकैद नहीं, बल्कि फांसी मिले- जरनैल सिंह
उन्होंने कहा कि आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख कत्लेआम के प्रमुख आरोपी सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है. न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है, और 41 साल बाद यह फैसला आया है, जब सज्जन कुमार की उम्र लगभग 80 साल हो चुकी है. पीड़ितों को उम्मीद थी कि हजारों सिखों की हत्या के आरोपी को उम्रकैद नहीं, बल्कि फांसी की सजा दी जानी चाहिए थी.
SIT गठन के जांच का श्रेय ले रही है BJP- जरनैल सिंह
जरनैल सिंह ने BJP नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इस फैसले का श्रेय ले रहे हैं कि उनकी बनाई SIT ने जांच की, लेकिन अगर जांच किया तो उसे सभी दोषियों को सजा दिलवानी चाहिए, चाहे वे कांग्रेस के हों या BJP और RSS के हों. उन्होंने बताया कि 1993 में दर्ज FIR संख्या 446/93 में BJP और RSS के कई नेताओं के नाम शामिल हैं, जिनमें राम कुमार जैन, प्रीतम सिंह, रामचंद्र गुप्ता, रत्न लाल, ज्ञानलाल, चंद्रसेन, प्रदीप कुमार, हंसराज, बाबूलाल, वेद महिपाल शर्मा, पदम कुमार और सुरेश चंद शामिल हैं. इनमें से एक दोषी BJP के बड़े नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव एजेंट भी रह चुके हैं.
कैप्टन अमरिंदर सिंह भी सजा मिलने की बात कह चुके हैं
जरनैल सिंह ने यह भी कहा कि जंगपुरा के BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने खुद इन नामों का खुलासा किया था. कैप्टन अमरिंदर सिंह, जो पहले कांग्रेस में थे और अब BJP में हैं, उन्होंने भी स्पष्ट रूप से कहा था कि 1984 के दंगे में शामिल BJP और RSS नेताओं को सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने न्यायपालिका से अपील की कि 41 साल बहुत लंबा समय होता है. अगर न्यायपालिका को अपनी साख बचानी है, तो सभी दोषियों को, चाहे वे किसी भी दल से संबंध रखते हों, जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसे जघन्य अपराधों का सही मायने में न्याय हो सके.
लुधियाना वेस्ट उप-चुनाव में AAP उम्मीदवार का ऐलान, क्या केजरीवाल राज्यसभा जाएंगे?
26 Feb, 2025 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संजीव अरोड़ा: आम आदमी पार्टी (AAP) ने लुधियाना वेस्ट विधानसभा उप-चुनाव में राज्यसभा सांसद और उद्योगपति संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाया है. लुधियाना वेस्ट से पार्टी विधायक रहे गुरप्रीत सिंह गोगी की 10 जनवरी की मौत हो गई थी. गोगी की रात में अचानक पिस्टल चलने से गोली लगने से मौत हो गई थी.
क्या राज्यसभा जाएंगे अरविंद केजरीवाल?
संजीव अरोड़ा को उप-चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने से इस बात की चर्चा और तेज हो गई है कि क्या आम आदमी पार्टी उनकी जगह अरविंद केजरीवाल को पंजाब से राज्यसभा भेजेगी? हालांकि पार्टी ने इन अटकलों को खारिज किया है.
संजीव अरोड़ा का कार्यकाल 2028 तक है. दिलचस्प है कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में संजीव अरोड़ा को पंडारा पार्क में आवंटित सांसद आवास में ही रह रहे हैं.
पंजाब में नशे की चपेट से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा अभियान
25 Feb, 2025 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भगवंत सिंह मान : पंजाब को नशे की चपेट से मुक्त कराने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर अभियान चलाने का फैसला किया है. इस बीच वार ऑन ड्रग्स के तहत सरकार ने सोमवार (24 फरवरी) की देर रात लुधियाना के तलवंडी गांव में ड्रग माफिया के अवैध निर्माण पर भगवंत मान सरकार ने बुलडोजर चलवाया. ड्रग माफिया सोनू तीन साल से ड्रग तस्करी में शामिल है और उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं.
पंजाब के मुख्य सचिव ने सारे जिलों के उपायुक्तों को चिट्ठी लिखकर कहा है कि आने वाले दिनों में सरकार नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी मुहिम चलाएगी. मुहिम की वजह से नशे के आदी लोगों को समस्या आ सकती है, इसलिए पुनर्वास केंद्रों में तमाम इंतजाम सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं. इन केंद्रों में हर तरह की दवाईयां, टेस्टिंग किट और इक्विपमेंट्स होने चाहिए.
डीसी सुनिश्चित करेंगे सुविधाएं
इन केंद्रों पर सुविधाएं सुनिश्चित करना डीसी की जिम्मेदारी होगी और किसी भी तरह की कोताही के लिए अनुशासनात्मक कार्यवाई की जाएगी. मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नरों को दो दिनों के भीतर अपने जिलों के नशा मुक्ति केंद्रों को पूरी तरह से सुसज्जित करना होगा. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए अपनी मंशा साफ कर दी है.
सरकार न केवल ड्रग तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी, बल्कि नशे के आदी लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए पुनर्वास केंद्रों को भी पूरी तरह से तैयार करेगी. राज्य के सभी जिलों में यह अभियान एक साथ चलाया जाएगा और इसकी निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी. सरकार का कहना है कि यह केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
लुधियाना पुलिस ने महिला हत्या मामले में पति समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया
25 Feb, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना पुलिस ने महिला की हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए महिला के पति समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 1 आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है. पुलिस कमिश्नर ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि पति अम्लोक मित्तल ने ही यह साजिश रची थी. उन्होंने बताया कि आरोपी की प्रेमिका को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि कल मृतक के शव को डीएमसी में रखकर जिस तरह से कुछ लोगों ने पूरा माहौल बनाया.
उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने बड़ी मेहनत से इस रहस्य को सुलझाया है. पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी ने अपनी पत्नी को ढाई लाख रुपये में सुपारी दी थी. 50 हजार पहले दे दिए थे और 2 लाख रुपये और देने थे. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को कुछ लोगों ने हाईलाइट किया और कहा कि ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका सीधा असर जांच पर पड़ता है.
प्रेम संबंध होने पर दिया हत्या को अंजाम
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वह पहले भी दो बार अपनी पत्नी को मारने की योजना बना चुका था. कुलदीप चहल ने कहा कि किसी और महिला से प्रेम संबंध होने पर ही इस हत्या को अंजाम दिया गया. उसने बताया कि पत्नी को उसके प्रेम संबंधों के बारे में जानकारी मिल गई थी जिसके बाद वह उसे मारने की योजना बना रहा था. आरोपी जिस कार में आए थे उसे भी पुलिस ने बरामद कर लिया है.
गहन जांच जारी
उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना के लिए उनके पति ही मास्टरमाइंड था. हालांकि घटना स्थल पर आरोपी की प्रेमिका उसके साथ नहीं थी, लेकिन वह भी इस साजिश में शामिल थी. इस संबंध में और गहन जांच की जा रही है, गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ साहनेवाल और कुछ ढंडारी के रहने वाले हैं. पुलिस उनके पुराने कागजात की भी जांच कर रही है. बता दें कि घटना वाली रात आरोपी पहले पत्नी को लेकर शहर से दूर रेस्त्रां में खाना खिलाने के लिए लेकर गया फिर वहाँ उसने खाना खाने के बाद डी जे पर पत्नी के साथ डांस किया जिसकी उसने वीडियो भी बनाई फिर वापसी पर रास्ते में इस घटना को अंजाम दे दिया.
श्री अकाल तख्त ने शिअद बादल को दो दिसंबर के आदेशों के पालन की सख्त चेतावनी दी
24 Feb, 2025 01:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने कहा कि शिअद नेतृत्व को दो दिसंबर को जारी आदेशों को मानना ही होगा। सिख संगत को स्पष्ट हो जाना चाहिए कि अकाली दल बादल का नेतृत्व श्री अकाल तख्त साहिब के साथ टकराव की नीतियां अपना रहा है।
अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह का कड़ा बयान
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के साथ चल रहे विवाद के बीच एक बार फिर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का नेतृत्व श्री अकाल तख्त साहिब से टकराव की नीति अपना रहा है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि दो दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी हुक्मनामा पूरी तरह लागू होगा। शिअद नेतृत्व को इन आदेशों को मानना ही होगा। सिख संगत को स्पष्ट हो जाना चाहिए कि अकाली दल बादल का नेतृत्व श्री अकाल तख्त साहिब के साथ टकराव की नीतियां अपना रहा है।
हम आदेशों पर कायम
ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि शिअद के पुनर्गठन व भर्ती प्रक्रिया के लिए गठित सात सदस्यीय कमेटी के पांच सदस्यों की ओर से ही अब दो दिसंबर के आदेशों के अनुसार सौंपे गए काम को आगे बढ़ाया जाएगा। वह दो दिसंबर के आदेशों को लागू करवाने के अपने स्टैंड पर कायम हैं। कमेटी का वजूद अब भी कायम है।
कमेटी सदस्यों मनप्रीत सिंह सियाली, बीबी सतवंत कौर, संता सिंह, गुरप्रताप सिंह वडाला ने बताया है कि शिरोमणि अकाली दल बादल की वर्किंग कमेटी सहयोग नहीं कर रही है। इस कारण भर्ती प्रक्रिया सही ढंग से नहीं चल पा रही है। कमेटी अपने स्तर पर काम करने में असमर्थ है। उल्लेखनीय है कि सदस्यों में से कमेटी के प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी व किपाल सिंह बडूंगर इस्तीफा दे चुके हैं। दोनों अकाली नेताओं की गैर मौजूदगी में बीते शुक्रवार को हुई पांच सदस्यीय कमेटी की बैठक की रिपोर्ट जत्थेदार को सौंपी गई थी।
पंजाब-हरियाणा के किसान MSP कानून और बिजली बिल संशोधन के लिए संघर्ष कर रहे हैं
24 Feb, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब हरियाणा के बॉर्डर पर बैठे किसान लंबे समय से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून बनाने, बिजली बिल में संशोधन और अन्य मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार से छह दाैर की वार्ता बेनतीजा रह चुकी है।
किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने 25 फरवरी को दिल्ली कूच टालने की घोषणा की
दिल्ली कूच को लेकर किसान नेताओं की रविवार को शंभू बॉर्डर पर हुई बैठक के बाद सोमवार सुबह एक बार फिर दोनों पक्षों के नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि फिलहाल 25 फरवरी को दिल्ली कूच का फैसला टाल दिया गया है। पंधेर ने कहा कि केंद्र सरकार से पहले दो मीटिंग हो चुकी हैं। अब 19 मार्च को फिर मीटिंग है। अगर उस मीटिंग में भी कोई हल नहीं निकलता तो 25 मार्च को 101 किसानों का जत्था दिल्ली कूच करेगा। यह फैसला किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के नेताओं की बैठक में लिया गया।
किसान नेताओं का अनशन जारी, शिवराज सिंह चौहान और अन्य मंत्रियों ने की अपील
फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के प्रतिनिधिमंडल और केंद्र सरकार के बीच शनिवार को चंडीगढ़ में हुई छठे दौर की बैठक भी बेनतीजा रही थी। बैठक करीब ढाई घंटे चली थी, लेकिन इसमें कोई समाधान नहीं निकला। अब अगली बैठक 19 मार्च को होगी। बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बैठक अच्छे माहौल में हुई। कुछ आंकड़े मांगे गए हैं। किसानों के पास अपने आंकड़े हैं और केंद्र सरकार के पास अपना डेटा है। दोनों आंकड़ों को मिलाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रह्लाद जोशी और पीयूष गोयल ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से अनशन खत्म करने की अपील की। डल्लेवाल ने उनसे कहा कि जब तक सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी नहीं मिलती अनशन खत्म नहीं होगा। डल्लेवाल खनौरी बॉर्डर से एंबुलेंस में पहुंचे थे।
पंजाब सरकार की तरफ से कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां, वित्त मंत्री हरपाल चीमा और लाल चंद कटारूचक्क मौजूद थे। किसानों की तरफ से संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के प्रमुख जगजीत सिंह डल्लेवाल व किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर की अगुआई में 28 किसान नेता शामिल हुए।
ईडी ने मोहाली में सिमरन प्रीत पनेसर के घर पर की रेड, कनाडा की सबसे बड़ी चोरी का आरोपी फरार
22 Feb, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रवर्तन निदेशालय ED ने मोहाली में 32 साल के सिमरन प्रीत पनेसर के घर छापेमारी की है. पनेसर कनाडा के अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी का मास्टरमाइंड है. वह सोने की सबसे बड़ी लूट में शामिल 9 संदिग्धों में एक है. उस पर आरोप है कि वह कनाडा से 400 किलो सोना और करोड़ों की फॉरेन करेंसी लेकर फरार हो गया. इस मामले में ईडी ने शुक्रवार को उसके मोहाली स्थित घर पर रेड की. ईडी के अधिकारियों ने सुबह करीब सात बजे पनेसर के सेक्टर-79 मोहाली स्थित घर पर छापेमारी शुरू की. नौ घंटे की रेड के बाद पनेसर और उनकी पत्नी प्रीति से चंडीगढ़ ईडी ऑफिस में पूछताछ की गई. दोनों से क्या पूछताछ की गई फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है. पनेसर कनाडा के इतिहास में हुई सोने की सबसे बड़ी चोरी के मामले में भगोड़ा घोषित है.
ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने परिसर की तलाशी ली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को जब्त कर लिया, जिनका विश्लेषण/मूल्यांकन किया जा रहा है. होशियारपुर में उनके ससुर के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी तलाशी ली गई.
2023 में हुई थी सोने की सबसे बड़ी चोरी
कनाडा के इतिहास में सोने की इतनी बड़ी चोरी अप्रैल 2023 में हुई थी. सोने की इतनी बड़ी लूट टोरंटो के पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर की गई थी. एयरपोर्ट के कार्गो कांप्लेक्स से 6600 सोने की छड़ें और 25 लाख डॉलर की विदेशी मुद्रा चोरी की गई थी. जिस समय यह चोरी की गई थी, उस समय पनेसर एयर कनाडा के ऑपरेशन कंट्रोल डिपार्टमेंट में एक्टिंग सुपरवाइजर था.
दरअसल, यह घटना उस समय घटी थी जब ज्यूरिख से आई एक फ्लाइट से सामान उतारा जा रहा था. सिमरनप्रीत पनेसर उस समय कनाडा के ब्रैम्पटन में रह रहा था. लूट के बाद वह कनाडा छोड़कर भारत आ गया था.
सीसीटीवी और फोन कॉल्स की जांच से हुआ खुलासा
कनाडा में जांच अधिकारियों ने बताया कि चोरी के बाद उसने सीसीटीवी, फोन कॉल्स, मैसेज सबकी जांच की. पनेसर सिस्टम में सर्च कर रहा था कि कौन सी फ्लाइट आने वाली है, जिसमें गोल्ड हो. उनसे सारी गतिविधि को ट्रैक किया था. विमान के उतरने के बाद उसने सोना वाले कंटेनर पर नजर रखना शुरू कर दिया. उसने कार्गो सिस्टम में भी हेरफेर किया. उसके दोस्तों के साथ 772 कॉल्स भी ट्रैक किए गए.
पंजाब सरकार का हैरान करने वाला नोटिफिकेशन, प्रशासनिक सुधार मंत्रालय का अस्तित्व नहीं
22 Feb, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब सरकार की और से एक हैरान करने वाला नोटिफिकेशन जारी किया गया है. नोटिफिकेशन के मुताबिक पंजाब सरकार का डिपार्मेंट यानी प्रशासनिक सुधार मंत्रालय ऐसा कोई विभाग ही नहीं है. पंजाब सरकार ने जिस मंत्रालय को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है, मंत्रालय की कमान कुलदीप सिंह धालीवाल के पास थी. वे पिछले 20 महीनों से विभाग का कामकाज देख रहे थे. धालीवाल से अब तक कुल तीन विभाग वापिस लिए जा चुके हैं. इससे पहले ग्रामीण विकास एवं पंचायत और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भी उनसे वापिस लिया गया था.
कुलदीप सिंह धालीवाल के पास NRI मामलों के साथ प्रशासनिक सुधार मंत्रालय भी था, लेकिन अब करीब 20 महीने बाद पंजाब सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया है कि ये विभाग Exist ही नहीं करता है. सरकार ने आधिकारिक तौर पर ये मान लिया है कि इस तरीके के किसी विभाग का कोई अस्तित्व ही नहीं था.
सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
पंजाब सरकार ने इसके लिए सरकारी गजट अधिसूचना को भी जारी किया है. जिसके अनुसार, प्रशासनिक सुधार विभाग अब अस्तित्व में नहीं है, जिसके चलते मुख्यमंत्री की सलाह पर पंजाब के राज्यपाल ने यह बदलाव 7 फरवरी 2025 से प्रभावी कर दिया है.
पहले किए थे 21 अफसरों के ट्रांसफर
विभाग खत्म होने की नोटिफिकेशन से पहले शुक्रवार की शाम पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया. फैसला में उन्होंने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया. पंजाब की सरकार ने बड़ा फेरबदल करते हुए 21 अफसरों का ट्रांसफर कर दिया. पंजाब सरकार ने जिस विभाग को खत्म किया है वह केवल कागजों पर ही था. मतलब पिछले 20 महीने से यह विभाग केवल कागजों पर ही चल रहा था.
NRI मामलों के मंत्रालय को संभालेंगे धालीवाल
सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन की माने तो कुलदीप सिंह धालीवाल अब सिर्फ NRI मामलों के मंत्रालय का प्रभार संभालेंगे. प्रशासनिक सुधार विभाग के हटने से उनके कार्यक्षेत्र में अब सिर्फ एनआरआई मामलों पर ही ध्यान केंद्रित रहेगा. ऐसे में सवाल उठता है कि मंत्री आखिर 20 महीनों से किस विभाग के नाम पर आदेश और फैसले जारी करते रहे. पंजाब के राज्यपाल ने सीएम भगवंत मान की सलाह पर गजट नोटिफिकेशन जारी किया.
कौन हैं कुलदीप सिंंह धालीवाल
कुलदीप सिंह धालीवाल कॉलेज के दिनों से ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी के समर्थक थे. वे 1990 में कांग्रेस में शामिल हुए, लेकिन उसके बाद कुछ सालों के लिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी. वापस आने पर वे फिर से कांग्रेस में शामिल हो गए. यहां वे दोबारा ज्याद टिक नहीं पाए. अंततः आम आदमी पार्टी से हाथ मिला लिया. धालीवाल ने 2019 में पहली बार और 2024 में दूसरी आप की तरफ से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे. पंजाब सरकार में मंत्री कुलदीप अजनाला विधानसभा सीट से लगातार 2 बार चुनाव जीत चुके हैं.
अमृतपाल सिंह की जेल से रिहाई की मांग, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में नई याचिका दायर
21 Feb, 2025 02:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सांसद अमृतपाल: असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद पंजाब के खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल जेल से बाहर आना चाहता है। अमृतपाल सिंह ने एक बार फिर से पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट से गुहार लगाई है।
अमृतपाल सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट का बड़ा सवाल
खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह ने जेल से बाहर आने और संसद सत्र में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या उनकी सीट को रिक्त घोषित करने के लिए किसी कमेटी का गठन किया गया है या नहीं। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने किसी भी अंतरिम आदेश को जारी करने से इनकार कर दिया है.
हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा- क्या कमेटी बनाई गई?
अमृतपाल सिंह ने याचिका में कहा है कि असम में नजरबंदी के कारण वह संसद की कार्यवाही में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उन्हें जबरन अनुपस्थित रखा जा रहा है। इसका मकसद उनके संसदीय क्षेत्र को प्रतिनिधित्व से वंचित करना और 60 दिनों की अनुपस्थिति पूरी होने के बाद उनकी सीट को रिक्त घोषित कराना है। इससे न केवल उनके लिए बल्कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के लिए भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसके साथ ही अमृतपाल ने केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ बैठक करने की अनुमति भी मांगी है, ताकि वे अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं और विकास के मुद्दों पर चर्चा कर सकें। उनका कहना है कि वे एक निर्वाचित सांसद हैं और इस नाते उन्हें अपने क्षेत्र के विकास के लिए सरकार के विभिन्न विभागों के साथ संवाद करने का पूरा अधिकार है।
याचिका में आगे कहा गया है कि संसद की कार्यवाही से 60 दिनों तक अनुपस्थित रहने के बाद उनकी सीट रिक्त घोषित कर दी जाएगी और नए चुनाव कराए जाएंगे। जबकि वास्तविकता यह है कि उन्हें जबरन हिरासत में रखा गया है और संसद की कार्यवाही में भाग लेने से रोका जा रहा है। ऐसे में इसे अनुपस्थिति नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह प्रशासन द्वारा जबरदस्ती उठाया गया एक कदम है, जिससे याचिकाकर्ता को संसद से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने अपनी दलील में यह भी कहा है कि इस तरह की कार्रवाई संसद की अवमानना के दायरे में आती है।
पंजाब कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की, 60-70 नए चेहरों पर लगाएगी दांव
21 Feb, 2025 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमरिंदर सिंह: पंजाब कांग्रेस ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से ही शुरू कर दी है. 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी कम से कम 60-70 नए चेहरों पर दांव लगाएगी. प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने यह बात कही है. पंजाब युवा कांग्रेस की राज्य कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए वडिंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में कम से कम 60-70 नए चेहरों को मौका देगी. यह हमारे राजनीतिक नेतृत्व को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा.
वडिंग ने युवाओं से खुद को साबित करने की अपील की
उन्होंने कहा कि ये नये चेहरे न केवल बदलाव के प्रतीक होंगे बल्कि युवाओं और पंजाब के आम लोगों के विश्वास और उम्मीदों पर भी खरे उतरेंगे. वडिंग ने युवा कांग्रेस के सदस्यों से इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि उनके प्रयास भविष्य में अधिक मजबूत, अधिक समावेशी और एकजुट पंजाब की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. वहीं कांग्रेस ने वडिंग के हवाले से कहा कि यह आपके लिए खुद को साबित करने और पंजाब के लोगों को यह दिखाने का मौका है कि हम वास्तविक और सार्थक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
2022 में AAP ने सबको चौंकाया था
पंजाब में इस समय आम आदमी पार्टी की सरकार है. भगवंत मान राज्य के सीएम हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था. कांग्रेस को केवल 18 सीटों से संतोष करना पड़ा. शिरोमणि अकाली दल को 3, बीजेपी के खाते में 2 और बसपा को एक सीट पर जीत हासिल हुई थी. 2017 के चुनाव में कांग्रेस 77 सीटें जीतकर दस साल के बाद सत्ता में लौटी थी.
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