पंजाब
हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, पंजाब के सभी शिक्षण संस्थानों में फायर सेफ्टी जांच शुरू
14 Jul, 2026 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब के सभी सरकारी, निजी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों में पढ़ रहे लाखों बच्चों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने एक बेहद बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सूबे के तमाम शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) मानकों की व्यापक समीक्षा और सघन चेकिंग का दौर शुरू कर दिया गया है। इस औचक निरीक्षण के तहत राज्य सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को आगामी १० अगस्त तक सभी संस्थानों की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं पर एक विस्तृत और पारदर्शी स्थिति रिपोर्ट तैयार करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस औचक ऑडिट से उन निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों में हड़कंप मच गया है, जो अब तक सुरक्षा मानकों में ढिलाई बरत रहे थे।
माननीय उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद शुरू हुआ महा-ऑडिट अभियान
पंजाब के शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा की इस पूरी व्यवस्था को खंगालने का काम माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद शुरू हुआ है। बीते दिनों अदालत ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य के सभी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों का विस्तृत सेफ्टी ऑडिट करवाने के सख्त आदेश जारी किए थे। अदालत के इसी हंटर के बाद हरकत में आए प्रशासनिक अमले ने आनन-फानन में विशेष कमेटियों का गठन किया है, जो जमीनी स्तर पर जाकर संस्थानों में मौजूद आग बुझाने के यंत्रों और आपातकालीन रास्तों की बारीकी से जांच कर रही हैं।
सरकारी और निजी संस्थानों में उपलब्ध सुरक्षा इंतजामों का हो रहा आकलन
इस व्यापक जांच अभियान के अंतर्गत किसी भी प्रकार का भेदभाव न करते हुए सभी प्रकार के शिक्षण संस्थानों को दायरे में लिया गया है। जांच टीमें इस बात का विशेष रूप से आकलन कर रही हैं कि किसी भी आपातकालीन स्थिति या शॉर्ट सर्किट की घटना के दौरान क्या संस्थानों के पास आग पर तुरंत काबू पाने के आधुनिक साधन मौजूद हैं या नहीं। इसके साथ ही, संकरी गलियों में चल रहे कोचिंग सेंटरों और बहुमंजिला स्कूल भवनों में छात्रों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए बनाए गए 'एग्जिट गेट' और वेंटिलेशन की व्यवस्था को भी कड़े पैमानों पर परखा जा रहा है।
बिजली निगम की टीमें भी शॉर्ट सर्किट और लोड क्षमता की कर रहीं जांच
इस महा-ऑडिट अभियान में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अधिकांश आगजनी की घटनाएं बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण ही होती हैं। बिजली निगम के तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियरों की टीमें स्कूलों और कोचिंग सेंटरों में लगे ट्रांसफार्मर, मुख्य बिजली के पैनल, वायरिंग की गुणवत्ता और स्वीकृत लोड क्षमता की सघन जांच कर रही हैं। यदि किसी संस्थान में क्षमता से अधिक एयर कंडीशनर या अन्य उपकरण चलते पाए गए या बिजली की तारें जर्जर हालत में मिलीं, तो उनके खिलाफ तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
१० अगस्त तक रिपोर्ट सौंपने की समय सीमा और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने इस पूरे ऑडिट कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए १० अगस्त की अंतिम समय सीमा निर्धारित की है। इस तारीख तक सभी जिलों की कंपाइल रिपोर्ट उच्च न्यायालय के समक्ष पेश की जानी है, जिसके आधार पर कोर्ट भविष्य के लिए कड़े नियम तय कर सकता है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर जिन संस्थानों की रिपोर्ट असंतोषजनक पाई जाएगी या जो सुरक्षा मानकों को पूरा करने में नाकाम साबित होंगे, उनके खिलाफ भारी जुर्माने के साथ-साथ मान्यता रद्द करने और संस्थान को तुरंत सील करने जैसी कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मोहाली रियल एस्टेट विवाद: खरीदारों की जीत, बिल्डर को पैसे वापस करने के निर्देश
14 Jul, 2026 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली। पंजाब के डेराबस्सी में स्थित एटीएस गोल्फ मेडोज-2 आवासीय परियोजना में ग्राहकों से एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) के नाम पर की गई अतिरिक्त वसूली के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उपभोक्ता फोरम ने इस अनुचित व्यापार व्यवहार को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए पीड़ित खरीदारों के पक्ष में निर्णय दिया है। आयोग ने बिल्डर प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों से अनुचित रूप से वसूली गई पूरी रकम को ब्याज समेत जल्द से जल्द वापस लौटाएं। इस फैसले से क्षेत्र के तमाम फ्लैट और प्लॉट खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।
उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर पर लगाया भारी जुर्माना और ब्याज समेत रिफंड का आदेश
जिला उपभोक्ता आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और एटीएस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ सख्त दंडात्मक आदेश पारित किया है। आयोग ने दोनों बिल्डर कंपनियों को आदेश दिया है कि वे शिकायतकर्ताओं से रोकी गई कुल १,६५,९४३ रुपये की राशि को २४ जून २०२२ से भुगतान की तिथि तक ९ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर के साथ वापस करें। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को हुई अत्यधिक मानसिक प्रताड़ना, असुविधा और मुकदमेबाजी में हुए खर्च की भरपाई के रूप में अतिरिक्त २०,००० रुपये का मुआवजा भी प्रदान करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
पुनर्विक्रय के तहत खरीदे गए प्लॉट में ईडीसी को लेकर हुआ था विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब शिकायतकर्ता शशि भूषण मित्तल और रेणु मित्तल ने वर्ष २०२१ के दौरान डेराबस्सी स्थित इस नामी परियोजना में पुनर्विक्रय (रीसेल) के माध्यम से ३५० वर्ग गज का एक प्लॉट अपने नाम ट्रांसफर करवाया था। इस सौदे के बाद उन्हें बिल्डर द्वारा ईडीसी के नाम पर ली गई रकम में बड़ी हेराफेरी का पता चला। इसके बाद उन्होंने बिल्डर प्रबंधन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन वहां से कोई उचित समाधान न मिलने पर उन्होंने उपभोक्ता फोरम की शरण ली, जिसके बाद इस पूरे वित्तीय घालमेल की परतें खुलीं।
नगर परिषद की तय सीमा से कहीं अधिक वसूली गई थी डेवलपमेंट राशि
पीड़ित दंपत्ति द्वारा उपभोक्ता अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, इस प्लॉट के मूल आवंटियों से बिल्डर ने ईडीसी मद के नाम पर ४.३७ लाख रुपये की भारी-भरकम राशि अवैध रूप से वसूल की थी। इसके विपरीत, जब स्थानीय प्रशासन यानी नगर परिषद डेराबस्सी से इस संबंध में जानकारी जुटाई गई, तो पता चला कि परिषद ने इस वर्ग के प्लॉट के लिए वास्तविक ईडीसी केवल २,४२,३८२ रुपये ही निर्धारित की थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि विरोध करने पर बिल्डर ने आंशिक राशि तो वापस कर दी, लेकिन १,६५,९४३ रुपये की मोटी रकम बिना किसी ठोस आधार के अपने पास ही दबाकर रख ली थी।
बिल्डर की दलीलों को खारिज कर आयोग ने उपभोक्ता अधिकारों को सर्वोपरि माना
सुनवाई के दौरान विपक्षी बिल्डर कंपनियों ने अपने बचाव में कई दलीलें पेश कीं और इस अतिरिक्त वसूली को जायज ठहराने की कोशिश की। हालांकि, आयोग ने दोनों पक्षों की जिरह और दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद बिल्डर की सभी दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि नगर परिषद द्वारा निर्धारित राशि से एक भी रुपया अधिक वसूलना या उसे अपने पास रोके रखना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का खुला उल्लंघन है और इस प्रकार की मनमानी पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है।
हाई प्रोफाइल दौरे से पहले सिटी अलर्ट, SPG और 1200 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था
14 Jul, 2026 11:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को होने वाले प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पूरी राजधानी को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। प्रधानमंत्री के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) और पीजीआई में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रमों के मद्देनजर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान पूरी तरह अपने हाथों में ले ली है। सुरक्षा चक्र को अभेद्य बनाने के लिए केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस के हजारों जवानों को तैनात किया जा रहा है, ताकि चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा सके।
एसपीजी की पैनी नजर और बहुस्तरीय सुरक्षा का खाका
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के जिम्मेदार वीवीआईपी दस्ते यानी एसपीजी के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों कार्यक्रम स्थलों का बारीकी से निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया है। इस दौरान प्रवेश और निकास द्वारों, वीवीआईपी रूट, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और सुरक्षा घेरे की गहन समीक्षा की गई। इसके साथ ही प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा तैयारियों, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर अंतिम रणनीति तैयार की गई है। पूरे शहर में बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, क्विक रिस्पांस टीम और स्नाइपर्स की तैनाती की जा रही है, जबकि सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आतंकी हमले से निपटने की मॉक ड्रिल
संभावित खतरों और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक विशाल मल्टी एजेंसी मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया। इस अभ्यास के दौरान एयरपोर्ट पर आतंकी हमले जैसी काल्पनिक स्थिति बनाई गई, ताकि सभी सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी तालमेल को परखा जा सके। इस बेहद महत्वपूर्ण ड्रिल में सीआईएसएफ, भारतीय सेना, पंजाब पुलिस, कस्टम विभाग और एयरपोर्ट पब्लिक हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया और अपनी मुस्तैदी का परिचय दिया।
करोड़ों की स्वास्थ्य परियोजनाओं की सौगात और शिलान्यास
अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीजीआई को करीब 1250 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। वे यहां एडवांस मैटरनल चाइल्ड केयर सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइन सेंटर का विधिवत उद्घाटन करेंगे, जिनमें से प्रत्येक सेंटर में 300 बेड की क्षमता होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री 150 बेड वाले एक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी करेंगे। इन नए केंद्रों में मरीजों के लिए अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, वेंटिलेटर और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं और आम जनता के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी
पीजीआई प्रबंधन के अनुसार इन नए सेंटरों में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं आगामी कुछ महीनों के भीतर पूरी तरह से सुचारू रूप से काम करने लगेंगी, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विशेष रूप से आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली मुफ्त किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं में अब वेटिंग लिस्ट पूरी तरह खत्म हो गई है। वहीं दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान शहरवासियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन जल्द ही एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करने जा रहा है, जिसमें कई प्रमुख मार्गों के रूट बदले जाएंगे।
कर्जदार किसान पर मेहरबान हुई किस्मत, 50 लाख की लॉटरी ने बदली जिंदगी
13 Jul, 2026 03:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोगा। पंजाब के मोगा जिले के रहने वाले एक साधारण किसान चरणजीत सिंह की तकदीर ने रातों-रात ऐसी पलटी मारी है कि हर कोई हैरान है। आर्थिक तंगी और भारी-भरकम कर्ज के बोझ तले दबे 65 वर्षीय इस बुजुर्ग किसान ने एक ही दिन के भीतर एक नहीं, बल्कि दो-दो लॉटरी जीतकर इतिहास रच दिया है। सालों के कड़े संघर्ष और विपरीत परिस्थितियों के बाद मिली इस अप्रत्याशित सफलता ने उनके पूरे परिवार की जिंदगी को खुशियों से सराबोर कर दिया है।
वाणी दोष और तेरह लाख के कर्ज के बावजूद किसान ने नहीं हारी हिम्मत
मोगा शहर के रहने वाले चरणजीत सिंह एक बेहद छोटे किसान हैं, जो कम जमीन पर खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बचपन से ही उन्हें बोलने में काफी कठिनाई होती है, लेकिन शारीरिक दिव्यांगता और कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्होंने कभी परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके। पिछले 17 वर्षों से वे इस अटूट उम्मीद के साथ लगातार लॉटरी की टिकट खरीद रहे थे कि एक न एक दिन उनकी किस्मत का ताला जरूर खुलेगा, और आखिरकार उनका यह अटूट धैर्य रंग लाया।
लॉटरी एजेंट की सलाह पर खरीदी आखिरी टिकट ने बदला भाग्य
इस चमत्कारिक घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब चरणजीत सिंह को पहले एक छोटी लॉटरी में 20 हजार रुपये का इनाम मिला। इस जीती हुई राशि को लेने के लिए जब वे अपने स्थानीय लॉटरी एजेंट के पास पहुंचे, तो एजेंट ने उन्हें पंजाब स्टेट डियर बम्पर की बची हुई आखिरी टिकट खरीदने का सुझाव दिया। बिना ज्यादा नफा-नुकसान सोचे उन्होंने 1000 रुपये देकर वह आखिरी टिकट खरीद ली, और यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ क्योंकि इसी टिकट ने उन्हें सीधे 50 लाख रुपये का महाविजेता बना दिया।
चार बच्चों के पिता और ईमानदार इंसान के जीवन में आई खुशियों की बहार
चरणजीत सिंह के चचेरे भाई शमशेर सिंह मट्टू जोहल ने बताया कि उनका भाई स्वभाव से बेहद नेक, सीधा और ईमानदार इंसान है। उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनकी परवरिश उन्होंने बेहद तंगी के दौर में की है। खेती में लगातार हो रहे नुकसान और घरेलू जरूरतों के कारण चरणजीत सिंह पर करीब 13 लाख रुपये का कर्ज चढ़ गया था, जिससे वे काफी समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे, लेकिन अब इस बड़ी जीत ने उनकी सारी चिंताओं को एक झटके में मिटा दिया है।
सत्रह साल का लंबा इंतजार खत्म और अब कर्जमुक्त जीवन जीने की तैयारी
इस ऐतिहासिक जीत के बाद लखपति बने चरणजीत सिंह और उनके पूरे परिवार में जश्न का माहौल है। बुजुर्ग किसान ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा कि पौने दो दशक के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद आखिरकार ईश्वर ने उनकी सुन ली है। वे सबसे पहले इस पुरस्कार राशि से अपने सिर पर चढ़ा 13 लाख रुपये का पूरा कर्ज चुकता करेंगे और इसके बाद बचे हुए पैसों को अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य तथा खेती को आधुनिक बनाने में निवेश करेंगे ताकि आगे का जीवन सम्मान और खुशहाली के साथ जिया जा सके।
धमकी भरे ई-मेल से कई स्कूलों में अफरा-तफरी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
13 Jul, 2026 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में सोमवार सुबह उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब चार नामचीन निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी मिली। स्कूल प्रशासनों को जैसे ही यह धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए, पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस गंभीर इनपुट के मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हाई अलर्ट पर आ गईं और आनन-फानन में भारी पुलिस बल मौके के लिए रवाना किया गया।
चार शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी से मचा हड़कंप
शरारती तत्वों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए शहर के चार प्रमुख निजी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। इस संवेदनशील सूचना के मिलते ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की विशेष टीमें तुरंत सभी चिन्हित स्कूलों में दाखिल हुईं। किसी भी संभावित खतरे और अप्रिय स्थिति से बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए एहतियात के तौर पर स्कूलों में तुरंत छुट्टी की घोषणा कर दी गई और सभी सहमे हुए बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ सुरक्षित घरों की ओर रवाना किया गया।
डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने खंगाला चप्पा-चप्पा
मासूम बच्चों के सुरक्षित बाहर निकलते ही सुरक्षा बलों ने पूरे स्कूल परिसरों को अपने नियंत्रण में ले लिया। बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों की मदद से स्कूलों की मुख्य इमारतों, क्लासरूम, खेल के मैदानों और प्रशासनिक कार्यालयों के साथ-साथ आसपास के पूरे रास्तों की बेहद बारीकी से सघन तलाशी ली गई। हालांकि शुरुआती जांच और घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद परिसरों के भीतर से कोई भी संदिग्ध या विस्फोटक वस्तु बरामद नहीं हुई है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
पंजाब में लगातार मिल रही धमकियों से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
चिंता की बात यह है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान पंजाब के अलग-अलग जिलों में शैक्षणिक संस्थानों, न्यायिक परिसरों और महत्वपूर्ण सरकारी व निजी प्रतिष्ठानों को लगातार ऐसे धमकी भरे ई-मेल मिल रहे हैं। भले ही अब तक की जांच में अधिकतर मामले महज अफवाह या डराने के मकसद से की गई शरारत साबित हुए हैं, लेकिन राज्य की सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती सूबे की संवेदनशीलता को देखते हुए हर एक कॉल और मेल को बेहद गंभीरता से ले रही हैं और सुरक्षा ग्रिड को मजबूत किया जा रहा है।
साइबर विशेषज्ञों की मदद से ई-मेल के मूल स्रोत की तलाश जारी
इस कायराना हरकत को अंजाम देने वाले असली चेहरों को बेनकाब करने के लिए पुलिस की साइबर सेल को काम पर लगा दिया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ ई-मेल के इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस और उसके मूल स्रोत को खंगालने में जुटे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मेल देश से भेजा गया है या इसके पीछे कोई विदेशी कनेक्शन है। पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों और आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की अफवाह पर बिल्कुल ध्यान न दें और पैनिक होने के बजाय केवल आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा रखें।
मस्ती बनी हादसा: भाखड़ा में नहाने उतरे पांच दोस्त, तीन बचाए गए, दो की तलाश जारी
13 Jul, 2026 10:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटियाला। पंजाब के पटियाला जिले में नाभा रोड पर स्थित मुख्य भाखड़ा नहर में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए नहाने गए पांच दोस्त पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। दोस्तों के बीच लगी एक मामूली सी शर्त खेल ही खेल में बड़ी त्रासदी में बदल गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसर गया है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नहर को तैरकर पार करने की शर्त बनी काल
भीषण चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने की चाहत में पांचों दोस्त नाभा रोड के पास भाखड़ा नहर के किनारे पहुंचे थे। नहाते समय अचानक उनके बीच नहर को तैरकर पार करने की चुनौती और शर्त लग गई। जोश में आकर पांचों युवकों ने गहरे पानी में छलांग तो लगा दी, लेकिन वे भाखड़ा नहर के अप्रत्याशित और बेहद तेज बहाव का अंदाजा नहीं लगा पाए। कुछ ही पलों में पानी की लहरों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और वे खुद को संभालने में नाकाम रहकर गहरे पानी में डूबने लगे।
गोताखोरों की सूझबूझ से बची तीन दोस्तों की जान
नहर के बीच जिंदगी और मौत से जूझ रहे युवकों की चीख-पुकार सुनकर किनारे पर मौजूद स्थानीय लोग और प्रशासन की गोताखोर टीम तुरंत हरकत में आई। गोताखोरों ने बिना वक्त गंवाए उफनती नहर के पानी में छलांग लगा दी और बेहद सूझबूझ व कड़ी मशक्कत के बाद तीन युवकों को डूबने से ठीक पहले सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पानी से बाहर निकाले गए तीनों युवकों को प्राथमिक उपचार दिया गया है, जिनकी जान अब पूरी तरह खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इकलौते बेटे और मजदूर परिवार के चिराग के लापता होने से पसरा सन्नाटा
इस दर्दनाक हादसे के बाद दो युवक अब भी पानी के तेज बहाव में लापता हैं, जिनकी पहचान करमजीत उर्फ करमा और सिमरनजीत सिंह उर्फ सीमा के रूप में हुई है। लापता करमजीत अपने घर का इकलौता चिराग था, जिसके पिता की मौत सालभर पहले हो चुकी थी और दो शादीशुदा बहनों के बाद वही अपनी बुजुर्ग मां का एकमात्र सहारा था। वहीं दूसरा लापता युवक सिमरनजीत सिंह मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता था, जिसके अचानक लापता होने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
लापता युवकों की तलाश में जुटा प्रशासन और गोताखोरों का दल
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। भाखड़ा नहर के बहाव वाले पूरे रूट पर स्थानीय गोताखोरों और रेस्क्यू टीमों द्वारा सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है। पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी प्रशासन की टीमें दोनों लापता युवकों को जल्द से जल्द ढूंढ निकालने के लिए लगातार जाल डालकर और नावों के जरिए नहर के कोने-कोने को खंगाल रही हैं।
बघेल की बैठक में पहुंचे बाजवा-रंधावा, चन्नी खेमे की सक्रियता से पंजाब कांग्रेस में नई चर्चा
11 Jul, 2026 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब की सियासत में पिछले दस दिनों से जारी भारी हलचल और आंतरिक खींचतान के बीच शनिवार को कांग्रेस खेमे से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। सूबे के राजनीतिक समीकरणों को साधने और आंतरिक गतिरोध को दूर करने के लिए आज प्रदेश कांग्रेस की एक बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक होने जा रही है। इस उच्च स्तरीय मंथन में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व के दूत और राज्य के वरिष्ठ दिग्गज एक मंच पर आकर भावी रणनीतियों को अंतिम रूप देने की तैयारी में हैं।
पंजाब कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी कलह को सुलझाने की बड़ी कवायद
पार्टी के शीर्ष सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस के मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल विशेष रूप से इस बैठक की कमान संभाल रहे हैं। वह कुछ ही समय में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा समेत सूबे के तमाम आला नेताओं के साथ आमने-सामने बैठकर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा पिछले कुछ दिनों से मीडिया की सुर्खियों में बने आंतरिक मतभेदों को पूरी तरह समाप्त कर संगठन में अनुशासन कायम करना है।
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और नए नेतृत्व ढांचे पर होगा मंथन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रहे वर्तमान नेतृत्व विवाद और आने वाले विधानसभा चुनावों की रूपरेखा के लिहाज से यह बैठक मील का पत्थर साबित हो सकती है। बैठक में न केवल संगठन की गुटबाजी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, बल्कि चुनावी रण में उतरने के लिए एक मजबूत और एकजुट ब्लूप्रिंट भी तैयार किया जाएगा। आलाकमान की कोशिश है कि चुनाव से ठीक पहले पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के असंतोष को पनपने न दिया जाए और सभी बड़े चेहरों को एक साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।
चंडीगढ़ के सेक्टर चार में दिग्गज कांग्रेसी नेता के आवास पर सजी सियासी महफिल
इस महामंथन के लिए चंडीगढ़ के वीआईपी इलाके सेक्टर चार स्थित कांग्रेस के कद्दावर विधायक राणा गुरजीत सिंह के निजी आवास को चुना गया है, जहां बैठक के मद्देनजर सुरक्षा और गोपनीयता के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शनिवार सुबह से ही इस आलीशान बंगले पर प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं और उनके समर्थकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। प्रभारी भूपेश बघेल के आगमन को लेकर सियासी गलियारों में उत्सुकता चरम पर है और कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बंद कमरे की बैठक से पंजाब की राजनीति को एक नया मोड़ मिलेगा।
हाईकमान के कड़े संदेश के साथ गुटबाजी खत्म करने की आखिरी कोशिश
पार्टी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व इस बार राज्य इकाई की अनुशासनहीनता को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रहा है। प्रभारी के माध्यम से सभी गुटों को साफ संदेश दिया जाएगा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर पार्टी का हित सर्वोपरि है। बैठक के समापन के बाद यह स्पष्ट होने की पूरी संभावना है कि आने वाले समय में पंजाब कांग्रेस की कमान किस तरह आगे बढ़ेगी और टिकट वितरण से लेकर सांगठनिक फेरबदल तक में किन नेताओं की राय को तवज्जो दी जाएगी।
5900 रुपये की मशीन 30 हजार में खरीदी, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सायरन खरीद पर विवाद
11 Jul, 2026 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिरसा। भारत-पाकिस्तान सीमा पर आपातकालीन परिस्थितियों में ग्रामीणों को सचेत करने के लिए की गई सायरन खरीद में एक बड़े वित्तीय घोटाले का मामला प्रकाश में आया है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई इस सरकारी खरीद में भारी अनियमितताओं की बू आ रही है। इस पूरे संदिग्ध सौदे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है, जिसमें शुरुआती स्तर पर ही चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे हैं।
सायरन खरीद में सामने आई वित्तीय हेराफेरी और कीमतों का बड़ा अंतर
उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) स्तर पर चल रही इस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि एक ही प्रकार और समान क्षमता के उपकरणों के लिए दो अलग-अलग सरकारी निकायों द्वारा अलग-अलग कीमतें चुकाई गईं। जहां सिरसा जिले की मीरपुर ग्राम पंचायत ने पूरी पारदर्शिता बरतते हुए एक सायरन माल एवं सेवा कर (जीएसटी) समेत महज उनसठ सौ रुपये में हासिल कर लिया, वहीं इसके विपरीत बड़ागुढ़ा पंचायत समिति ने इसी प्रकार के सायरन के लिए सरकारी खजाने से प्रति सायरन तीस हजार रुपये की भारी-भरकम राशि का भुगतान कर दिया।
दिल्ली की फर्म को किया गया लाखों रुपये का संदिग्ध भुगतान
जांच के दायरे में आई बड़ागुढ़ा पंचायत समिति ने इन सायरनों की आपूर्ति के लिए दिल्ली की एक निजी व्यापारिक फर्म का चयन किया था। रिकॉर्ड के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल अड़तालीस सायरनों की खरीद दिखाई गई, जिसके एवज में सरकारी कोष से जीएसटी सहित लगभग सत्रह लाख रुपये की मोटी रकम संबंधित फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर की गई इस संदिग्ध खरीदारी ने पूरी टेंडर प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दर्जनों ग्राम सचिवों ने लिखित में दी सायरन न मिलने की गवाही
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब धरातल पर सामान की आपूर्ति की जांच की गई। पंचायत विभाग की पड़ताल के दौरान क्षेत्र के बयालीस ग्राम सचिवों ने आधिकारिक तौर पर लिखित प्रमाण देते हुए यह सनसनीखेज खुलासा किया कि वर्ष 2025-26 के दौरान उनकी संबंधित ग्राम पंचायतों को पंचायत समिति की तरफ से एक भी सायरन भौतिक रूप से प्राप्त नहीं हुआ है। कागजों पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीन पर सुरक्षा उपकरणों का गायब होना एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है।
प्रशासनिक स्तर पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी
कागजी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में इतना बड़ा फासला मिलने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। जांच अधिकारी अब उन सभी फाइलों और बिलों को खंगाल रहे हैं जिनके आधार पर इस पूरी राशि का भुगतान किया गया था। पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील अभियान के बजट में सेंध लगाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार फर्म के खिलाफ जालसाजी और गबन का मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Punjab Rain Alert: अगले तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट
11 Jul, 2026 08:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब में मानसून की सक्रियता: जालंधर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश, मौसम विभाग का यलो अलर्ट
पंजाब के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी हवाओं के चलते मेघ बरसने का सिलसिला लगातार जारी है। जालंधर में सुबह की शुरुआत मूसलाधार बारिश के साथ हुई, जबकि राज्य के अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम फुहारें पड़ीं। इस मौसमी बदलाव के कारण रात के पारे में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
आगामी दो दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, राज्य में आज और आने वाले अगले दो दिनों तक भारी बरसात की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। अनुमान है कि आगामी दिनों में भी तापमान में गिरावट का यह दौर बना रहेगा। हालांकि, पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी देखी गई, जो सामान्य के आसपास ही है। राज्य में सबसे ज्यादा तपिश बठिंडा में रही, जहाँ पारा 39.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अमृतसर और पटियाला में दिन का तापमान सामान्य से कम मापा गया।
विभिन्न क्षेत्रों का तापमान विवरण
पंजाब के प्रमुख शहरों में दिन और रात का तापमान कुछ इस प्रकार दर्ज किया गया:
दिन का अधिकतम तापमान:
अमृतसर: 35.0 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.1 डिग्री कम)
लुधियाना: 34.0 डिग्री सेल्सियस
पटियाला: 32.0 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.4 डिग्री कम)
पठानकोट: 34.9 डिग्री सेल्सियस
फाजिल्का: 38.1 डिग्री सेल्सियस
फिरोजपुर: 35.3 डिग्री सेल्सियस
होशियारपुर: 33.8 डिग्री सेल्सियस
रूपनगर: 35.7 डिग्री सेल्सियस
रात का न्यूनतम तापमान: राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में दर्ज किया गया। इसके अलावा अन्य शहरों की स्थिति इस प्रकार रही:
अमृतसर: 26.6 डिग्री सेल्सियस
लुधियाना: 25.0 डिग्री सेल्सियस
पटियाला: 23.8 डिग्री सेल्सियस
पठानकोट: 26.5 डिग्री सेल्सियस
बठिंडा: 28.3 डिग्री सेल्सियस
फाजिल्का: 27.7 डिग्री सेल्सियस
फिरोजपुर: 26.4 डिग्री सेल्सियस
रूपनगर: 23.9 डिग्री सेल्सियस
कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान तेज, चन्नी और रंधावा संग बघेल की अहम बैठक
10 Jul, 2026 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़:पंजाब कांग्रेस के भीतर लंबे समय से जारी अंदरूनी सियासी घमासान अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। पार्टी के भीतर असंतोष को दूर करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा अब सूबे के नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के साथ आमने-सामने की वार्ता के लिए राजी हो गए हैं। शुक्रवार को होने वाली इस संभावित और हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक के नतीजों से राज्य इकाई में चल रही गुटबाजी और कलह को शांत करने में मदद मिल सकती है।
बैठक के लिए पूर्व मुख्यमंत्री की बड़ी शर्तें
भूपेश बघेल के साथ मुलाकात पर सहमति बनने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस बैठक को लेकर कुछ बेहद कड़ी और रणनीतिक शर्तें सामने रख दी हैं। अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चन्नी ने साफ कर दिया है कि इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान पंजाब कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मौजूद नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी शर्त रखी है कि इस बातचीत का आयोजन आधिकारिक कांग्रेस भवन के बजाय किसी अन्य निष्पक्ष या निजी स्थान पर किया जाए, ताकि बिना किसी दबाव के अपनी बात रखी जा सके।
विधायक के आवास पर चन्नी गुट की गुप्त बैठक
प्रभारी से मिलने के इस बड़े फैसले से ठीक पहले चंडीगढ़ में कांग्रेस के दिग्गज विधायक राणा गुरजीत सिंह के निजी आवास पर चन्नी समर्थकों की एक गोपनीय और बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। करीब दो घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में चन्नी समर्थक सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक परगट सिंह, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, पूर्व विधायक भारत भूषण आशु और बरिंदर ढिल्लों सहित लगभग दस प्रमुख नेता एकजुट हुए। इस दौरान सभी नेताओं ने वर्तमान संगठन की कार्यप्रणाली और आगामी सांगठनिक फैसलों को लेकर विस्तार से चर्चा की।
चुनाव समिति की सूची और मतभेदों पर खुलकर चर्चा
विधायक आवास पर हुई इस बैठक के समाप्त होने के बाद सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मीडिया को जानकारी दी कि सभी नेताओं ने सर्वसम्मति से अपनी चिंताओं को सीधे केंद्रीय आलाकमान के प्रतिनिधि भूपेश बघेल के समक्ष उठाने का निर्णय लिया है, जिसकी पुष्टि स्वयं प्रभारी ने भी की है। इस मुलाकात के दौरान चन्नी और रंधावा मुख्य रूप से हाल ही में जारी हुई चुनाव समिति की सूची में मनमाने बदलावों और उपेक्षा को लेकर अपनी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराएंगे। वहीं विधायक परगट सिंह ने भी माना कि संगठन में कुछ बुनियादी मुद्दों पर गहरे मतभेद हैं, जिन्हें प्रभारी के सामने रखना बेहद जरूरी हो गया था।
पंजाब कांग्रेस के भविष्य पर आलाकमान की नजर
इस पूरी कवायद को पंजाब में पार्टी के अस्तित्व और एकजुटता को बचाए रखने के अंतिम प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल के लिए इन दिग्गज और नाराज नेताओं को संतुष्ट करना एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि एक तरफ प्रदेश अध्यक्ष की अगुवाई वाला गुट है और दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री का मजबूत धड़ा खड़ा है।
खालड़ा थाने के एडिशनल एसएचओ पर बड़ा एक्शन, हेरोइन के साथ दबोचा गया
10 Jul, 2026 09:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तरनतारन। भारत-पाकिस्तान सीमा के समीपवर्ती इलाके में कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का काला चेहरा सामने आया है। नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच खुद खाकी वर्दीधारी ही अवैध धंधे में संलिप्त पाया गया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
एडिशनल एसएचओ महिला सहयोगी के साथ भारी मात्रा में मादक पदार्थ सहित गिरफ्तार
सीमावर्ती क्षेत्र के खालड़ा थाने में अतिरिक्त थाना प्रभारी (एडिशनल एसएचओ) के रूप में तैनात सब इंस्पेक्टर साहिब सिंह को पुलिस ने उसकी एक महिला साथी के साथ रंगे हाथों दबोच लिया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान दोनों के पास से करीब 300 ग्राम हेरोइन, एक लाख सत्ताइस हजार रुपये की संदिग्ध ड्रग मनी और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से दोनों को हिरासत में लेकर अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है।
स्थानीय लोगों की गुप्त शिकायतों के बाद तैयार किया गया था पुलिस का जाल
पकड़ा गया आरोपी अधिकारी मूल रूप से मज्जूपुर गांव का निवासी है और पिछले करीब साढ़े तीन साल से इसी सीमावर्ती इलाके में अपनी सेवाएं दे रहा था। पिछले काफी समय से स्थानीय नागरिकों द्वारा उच्चाधिकारियों को यह शिकायतें मिल रही थीं कि उक्त अधिकारी के संबंध इलाके के बड़े नशा सौदागरों के साथ हैं। जब यह पुख्ता जानकारी मिली कि वह झब्बाल क्षेत्र की एक कोठी से माड़ी उधोके गांव की रहने वाली किंदर कौर नामक महिला के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार को चला रहा है, तब डीएसपी के नेतृत्व में बाबा जल्लन कॉलोनी के पास घेराबंदी करके इस धरपकड़ को अंजाम दिया गया।
मामला दर्ज कर कोर्ट में किया पेश और आरोपी सब इंस्पेक्टर तत्काल निलंबित
इस गंभीर मामले को लेकर झब्बाल पुलिस थाने में एनडीपीएस कानून की सख्त धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद दोनों आरोपियों को जिला अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय ने उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश जारी किए हैं। वहीं दूसरी ओर, इस घिनौने कृत्य और अनुशासनहीनता को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दागी सब इंस्पेक्टर साहिब सिंह को नौकरी से सस्पेंड कर दिया है।
बॉर्डर बेल्ट के नशा तस्करी नेटवर्क और बड़े सुराग खंगालने में जुटी एजेंसियां
जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि सीमा से सटे खालड़ा और खेमकरण जैसे संवेदनशील थानों में इतने लंबे समय तक तैनाती के दौरान इस अधिकारी के तार किन-किन अंतरराष्ट्रीय या स्थानीय तस्करों से जुड़े थे। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान होने वाली कड़ी पूछताछ में सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की सप्लाई और इस रैकेट में शामिल अन्य सफेदपोशों या मददगारों के नामों का बड़ा खुलासा हो सकता है।
पंजाब पर मेहरबान मानसून, किसानों के लिए राहत की बारिश; दो दिन अलर्ट जारी
10 Jul, 2026 08:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब के आसमान पर मानसून के बादलों ने अपनी मजबूत दस्तक दे दी है, जिससे पूरे सूबे में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। गुरुवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। कई इलाकों में रिमझिम तो कहीं मध्यम दर्जे की बौछारें पड़ने से फिजां में ठंडक घुल गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों के लिए अपनी चौकसी बढ़ा दी है और जनता को मौसम के बदलते रुख के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है।
आगामी दिनों में मूसलाधार आफत की आशंका, यलो अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के मौजूदा हालातों को देखते हुए आने वाले दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक शुक्रवार को प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में मेघ बरसेंगे, जबकि वीकेंड यानी शनिवार और रविवार को स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। सप्ताहांत के लिए मौसम विभाग ने भारी बारिश का 'यलो अलर्ट' जारी किया है, जिसमें पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली जैसे जिलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में कुछ जगहों पर अत्यंत तीव्र गति से मूसलाधार बारिश होने का अनुमान जताया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन को भी मुस्तैद रहने को कहा गया है।
राजपुरा में जलभराव से बढ़ीं मुश्किलें, तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव
शुक्रवार के तड़के सुबह राजपुरा और उसके आस-पास के इलाकों में हुई जोरदार बरसात ने जहां एक तरफ मौसम सुहाना किया, वहीं दूसरी तरफ शहरी ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी। सुबह-सुबह हुई इस तेज बारिश के बाद सड़कों और निचले इलाकों में भारी जलजमाव देखने को मिला, जिसके चलते दफ्तर और जरूरी कामों के लिए निकले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच मोहाली, लुधियाना, रूपनगर और पटियाला सहित कई अन्य जिलों में भी बारिश का आंकड़ा दर्ज किया गया। वर्षा के बावजूद अधिकतम पारे में आंशिक बढ़त दर्ज की गई, हालांकि यह अब भी सामान्य स्तर से काफी नीचे बना हुआ है, जबकि फरीदकोट का इलाका सबसे गर्म दर्ज किया गया।
जून-जुलाई के कोटे में बड़ी गिरावट, मानसून की बेरुखी अब भी बरकरार
भले ही मौजूदा समय में बारिश की फुहारें राहत दे रही हैं, लेकिन चालू सीजन के आंकड़े अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। मौसम विशेषज्ञों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि जुलाई के शुरुआती सप्ताह में पंजाब को जितनी बारिश मिलनी चाहिए थी, धरातल पर उसकी आधी मात्रा भी नसीब नहीं हुई है। इस समयावधि के दौरान राज्य में सामान्य के मुकाबले बेहद कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो कि तय कोटे से लगभग साठ प्रतिशत कम है। मानसून के इस असंतुलित रवैये ने पर्यावरणविदों और नीति निर्माताओं की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि शुरुआती कमी की भरपाई के लिए आने वाले दिनों में लगातार और अच्छी बारिश होना बेहद जरूरी है।
खरीफ फसलों को मिला नया जीवनदान, भूजल स्तर गिरने का बढ़ा खतरा
कृषि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में हो रही यह मानसूनी बारिश धान सहित अन्य खरीफ फसलों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। इस प्राकृतिक वर्षा से खेतों की मिट्टी में जरूरी नमी वापस लौटेगी, जिससे पौधों के विकास को गति मिलेगी और किसानों की सिंचाई की लागत भी कम होगी। हालांकि, विशेषज्ञों ने एक बड़ा नीतिगत अलर्ट भी जारी किया है। उनका कहना है कि यदि पूरे मानसूनी सीजन के दौरान बारिश का ग्राफ इसी तरह सामान्य से नीचे बना रहता है, तो फसलों को बचाने के लिए किसानों को ट्यूबवेलों पर निर्भर होना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में धरती के नीचे का जलस्तर (ग्राउंड वॉटर) और अधिक तेजी से नीचे खिसक सकता है, जो भविष्य के लिए एक बड़ा संकट साबित होगा।
पंजाब कांग्रेस में एकजुटता का संदेश, चन्नी ने खत्म किए सियासी कयास
9 Jul, 2026 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और बगावत के सुरों पर केंद्रीय हाईकमान के कड़े रुख के बाद नाराज नेताओं का गुट अब बैकफुट पर आता दिखाई दे रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस को एकजुट रखकर आगे बढ़ना ही उनका मुख्य मकसद है और हाईकमान द्वारा तय की गई रणनीति पर सभी मिलकर काम करेंगे। इसी सिलसिले में चन्नी ने चंडीगढ़ में अपने समर्थक नेताओं और विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसके बाद पार्टी के भीतर मचे घमासान के शांत होने के संकेत मिल रहे हैं।
केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता और चन्नी गुट से बातचीत का असर
इस पूरे सियासी घटनाक्रम में कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता के बाद ही बड़ा मोड़ आया। चंडीगढ़ में समर्थकों की बैठक बुलाने से ठीक पहले पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से फोन पर लंबी बातचीत की थी। इसके साथ ही, पंजाब के नवनियुक्त प्रभारी भूपेश बघेल खुद पूर्व मंत्री ब्रह्म महेंद्र को मनाने उनके आवास पर पहुंचे। प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ शब्दों में दावा किया कि हाईकमान अपने फैसलों को तो नहीं बदलेगा, लेकिन सभी नाराज नेताओं को जल्द ही एक मंच पर लाकर एकजुट कर लिया जाएगा।
पार्टी नियुक्तियों पर तंज और विपक्षी दलों को रोकने का बड़ा लक्ष्य
चन्नी गुट के प्रमुख सहयोगी और विधायक परगट सिंह ने बैठक के बाद खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने हाल ही में हाईकमान द्वारा नियुक्त किए गए तीन नए कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्षों की ओर इशारा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस नाजुक समय में पंजाब के भीतर किसी भी प्रकार का नया प्रयोग (एक्सपेरिमेंट) नहीं कर सकती। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में मुद्दों पर वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन इस समय पंजाब में आम आदमी पार्टी और भाजपा की रणनीतियों को ध्वस्त करना और सूबे में कानून-व्यवस्था के गिरते स्तर को संभालना ही सभी कांग्रेसियों का साझा और अंतिम लक्ष्य है।
कानून व्यवस्था और राज्य की छवि को लेकर सरकार पर तीखा हमला
बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं ने वर्तमान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि आज पंजाब की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की छवि धूमिल हो रही है। परगट सिंह ने स्पष्ट किया कि आपसी मतभेदों के बावजूद कांग्रेस का एकमात्र उद्देश्य पंजाब के हितों की रक्षा करना और आम आदमी पार्टी की सरकार को रोकना है। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी नाराज नेताओं की बातें आलाकमान तक मजबूती से पहुंचा दी गई हैं और अब सभी मिलकर पार्टी को मजबूत करेंगे।
भाजपा का तीखा पलटवार और कांग्रेस के इतिहास पर साधा निशाना
पंजाब कांग्रेस के इस अंतर्कलह पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी तीखा सियासी हमला बोला है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने तंज कसते हुए कहा कि भूपेश बघेल का बयान कांग्रेस की आंतरिक तानाशाही, वंशवादी सोच और चापलूसी की राजनीति का जीता-जागता उदाहरण है। चुघ ने आरोप लगाया कि गांधी-नेहरू परिवार पिछले सात दशकों से पंजाब को एक खिलौने की तरह इस्तेमाल करता रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे पंजाबी सूबा का मुद्दा हो, 1984 के सिख दंगे हों, पानी का बंटवारा हो या चंडीगढ़ का विषय, कांग्रेस ने हमेशा पंजाब की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
88 हजार के बकाया बिल पर कटी बिजली, सेवा केंद्र को चलाने के लिए लेना पड़ा जनरेटर का सहारा
9 Jul, 2026 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुनाम। पंजाब सरकार द्वारा राज्य के नागरिकों को कॉर्पोरेट की तर्ज पर तेज और आधुनिक प्रशासनिक सुविधाएं देने के दावों को एक बड़ा झटका लगा है। सूबे में सेवा केंद्रों का संचालन संभाल रही एक निजी कंपनी की गंभीर लापरवाही का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के अपने ही गृह क्षेत्र सुनाम का मुख्य सेवा केंद्र आज पूरी तरह से अंधेरे के साये में आ गया है। कंपनी द्वारा समय पर बिजली बिल का भुगतान न किए जाने के चलते विभाग के ऑटो-प्रोसेस सिस्टम ने इस महत्वपूर्ण केंद्र का बिजली कनेक्शन पूरी तरह से काट दिया है।
हजारों रुपये का बिजली बिल बकाया होने पर हुआ ऑटो-कट
इस पूरे विवाद की मुख्य वजह निजी कंपनी द्वारा बिजली बिलों के भुगतान में बरती गई भारी कोताही है। जानकारी के मुताबिक, इस मुख्य सेवा केंद्र पर फरवरी 2026 तक का 86,921 रुपये का बिजली बिल लंबे समय से बकाया चल रहा था, जिसे चुकाने की पूरी जिम्मेदारी केंद्र का ठेका लेने वाली कंपनी की थी। इसी दौरान पावरकॉम विभाग ने 1 जून 2026 से सभी सरकारी कार्यालयों और इमारतों के लिए 'प्रीपेड मीटर योजना' को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया। पुराना बकाया और नया चालू खर्च जुड़ने के बाद यह कुल राशि बढ़कर 88,741 रुपये तक पहुंच गई। चूंकि कंपनी ने एडवांस में मीटर को रिचार्ज नहीं कराया, इसलिए प्रीपेड नियमों के तहत बुधवार को ऑटो-कट सिस्टम से केंद्र की बत्ती गुल हो गई।
अधिकारियों ने की पुष्टि और लगातार भेजे जा रहे हैं रिमाइंडर
बिजली कनेक्शन काटे जाने के इस गंभीर मामले की पुष्टि बिजली विभाग (पावरकॉम) के आला अधिकारियों ने भी की है। विभाग के एसडीओ चमकौर सिंह और आरए अश्विनी कुमार ने स्पष्ट किया है कि नई डिजिटल प्रीपेड प्रणाली के तहत खाते में बैलेंस शून्य (जीरो) होने के कारण ऑटो-प्रोसेस के जरिए यह कनेक्शन स्वतः ही कट गया है। उन्होंने आगे बताया कि विभाग की ओर से इस संबंध में लापरवाही बरतने वाली निजी कंपनी और संबंधित उच्चाधिकारियों को पूरी बकाया राशि तुरंत जमा कराने के लिए लगातार लिखित रिमाइंडर और चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं।
जेनरेटर के सहारे चल रहा काम और 'डीजल पंजाब' का लगा ठप्पा
मुख्य सेवा केंद्र की बिजली गुल होने के बाद वहां अपनी जरूरी सरकारी फाइलें और दस्तावेज बनवाने आ रही आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, लोगों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए केंद्र प्रबंधन ने अस्थाई व्यवस्था के तौर पर जेनरेटर का सहारा लिया है। सेवा केंद्र में कार्यरत कर्मचारी अमनदीप कौर ने बताया कि बुधवार को कनेक्शन कटने के बाद से जेनरेटर चलाकर काम को किसी तरह सुचारू रखने का प्रयास किया जा रहा है। इस अव्यवस्था पर वहां आए नागरिकों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
लापरवाह निजी कंपनी के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
इस पूरी घटना के बाद स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों में निजी कंपनी की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सेवा केंद्र पर आने वाले लोगों ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि ऐसी गैर-जिम्मेदार और लापरवाह कंपनियों के खिलाफ तुरंत सख्त प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि जो कंपनियां समय पर मामूली बिलों का भुगतान नहीं कर सकतीं, वे सरकार के आधुनिक और प्रगतिशील 'डिजिटल पंजाब' के बड़े दावों को महज 'डीजल पंजाब' में बदलने का काम कर रही हैं।
नशा कारोबार का विरोध पड़ा भारी, मंदिर में हथियारों के साथ घुसे हमलावर
9 Jul, 2026 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। ताजपुर रोड स्थित ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में कथित नशा तस्करों और स्थानीय निवासियों के बीच चल रहा विवाद अचानक एक भीषण और हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। आरोप है कि करीब 20 से 25 हथियारबंद हमलावरों ने एक मंदिर को निशाना बनाते हुए जमकर पथराव किया और परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की। इस हमले के दौरान उपद्रवियों ने हथियारों के बल पर इलाके में भारी उत्पात मचाया, जिसमें गौरव नामक एक 20 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर पर गहरी चोटें आई हैं और एक हाथ टूट जाने के कारण उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ से भड़का आक्रोश और थाने पर प्रदर्शन
इस सनसनीखेज वारदात के बाद स्थानीय निवासियों और वाल्मीकि समाज के लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। देर रात बड़ी संख्या में आक्रोशित लोग थाना डिवीजन नंबर-7 के बाहर जमा हो गए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी को लेकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में साधारण धाराओं के बजाय धार्मिक स्थल की बेअदबी और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे सरकार की नशामुक्त मुहिम का समर्थन कर रहे थे, लेकिन शिकायत के बावजूद शुरुआती स्तर पर पुलिस द्वारा ढिलाई बरतने के कारण ही अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हुए।
युवाओं को नशे से रोकने की रंजिश में महिलाओं-बुजुर्गों पर हमला
स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके के कुछ असामाजिक तत्व लंबे समय से वहां अवैध रूप से नशा बेचने का काला कारोबार कर रहे थे। मोहल्ला सुधार समिति के पदाधिकारियों और बुजुर्गों ने कई बार इन तस्करों को टोकते हुए युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने से मना किया था। आरोप है कि इसी रंजिश को मन में पाले हुए 6 जुलाई को आरोपियों ने पूरी योजना के साथ कॉलोनी पर धावा बोल दिया। हमलावरों ने न केवल मंदिर के शीशे तोड़े, बल्कि बीच-बचाव करने आई महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की। फिलहाल पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर करीब 25 से 30 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
मुखबिरी के शक में गांव चौंता में पथराव और दो पक्षों पर एफआईआर
नशे के इसी जाल से जुड़ा एक दूसरा मामला लुधियाना के ही गांव चौंता से सामने आया है, जहां नशा तस्करों की पुलिस से मुखबिरी करने के शक में दो गुट आपस में भिड़ गए। कुछ दिनों पहले पुलिस की सीआईए स्टाफ और स्थानीय टीम ने गांव में सरपंच की मौजूदगी में कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई से बौखलाए एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर पुलिस को गुप्त सूचना देने का आरोप लगाते हुए उनके घर पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते दोनों ओर से भारी ईंट-पत्थर चलने लगे, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और राहगीरों व बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।
निहंग जत्थेबंदियों की एंट्री और 27 लोगों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई
गांव में बढ़ते तनाव और पुलिस की सुस्त कार्रवाई का आरोप लगाते हुए पीड़ित पक्ष ने निहंग जत्थेबंदियों से संपर्क साधा, जिसके बाद निहंग सिंह भी गांव पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से इस अवैध धंधे पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की। उधर, गश्त के दौरान झगड़े की सूचना पाकर मौके पर पहुंची कूमकलां थाना पुलिस ने स्थिति को संभाला। जांच अधिकारी एएसआई विजय कुमार के मुताबिक, घटनास्थल और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो फुटेज को साक्ष्य बनाते हुए दोनों पक्षों के कुल 27 लोगों के खिलाफ उपद्रव, पथराव और शांति भंग करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में नशा तस्करी के नेटवर्क को लेकर भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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