पंजाब
रास्ते में छीने गए पैसे, तीनों बच्चों को पुलिस ने किया बरामद
14 Apr, 2026 09:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। बटाला क्षेत्र से बिना बताए घर से निकले तीन नाबालिग बच्चे अमृतसर में संदिग्ध हालत में घूमते मिले। सूचना मिलने पर पुलिस 112 की रिस्पांस टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। पुलिस के अनुसार तीनों बच्चे बहुत ज्यादा डरे ओर घबराए हुए थे। पहले तो पूछताछ में वे कुछ भी बताने से हिचकिचा रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने बताया कि वे घर से बिना किसी को बताए निकल आए थे और उनके पास करीब एक हजार रुपये थे। रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे पैसे छीन लिए, जिसके बाद वे और अधिक घबरा गए और भटकते हुए अमृतसर पहुंच गए। तुरंत कार्रवाई करते हुए इन बच्चों के परिवार का पता लगाया गया ओर बटाला पुलिस से संपर्क कर परिवारों को सूचना दी गई। काफी समय के बाद परिवार से संपर्क हो पाया ओर बच्चों को सुरक्षित उनके हवाले कर दिया गया। अपने बच्चों के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत जताई। पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों पर निगरानी रखें और उन्हें बिना बताए घर से बाहर जाने से रोकने के लिए जागरूक करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
21 साल बाद कर्मचारी को मिला न्याय, कोर्ट का अहम आदेश
14 Apr, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम और नजीर कायम करने वाला फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी विभाग में जूनियर कर्मचारी को नियमित किया जाता है तो सीनियर कर्मचारी को उससे वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने करीब 21 साल पुरानी कानूनी लड़ाई में पीआरटीसी कर्मचारी गुरमेल सिंह के पक्ष में फैसला देते हुए उनकी सेवा नियमित करने और सभी बकाया लाभ देने के आदेश दिए हैं। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ ने 19 मई 2004 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत याची को नियमितीकरण से वंचित रखा गया था। कोर्ट ने इसे स्पष्ट भेदभाव करार दिया। गुरमेल सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि विभाग ने उनसे जूनियर कर्मचारियों को पहले ही नियमित कर दिया, जबकि उन्हें नजरअंदाज किया गया। याची पक्ष ने दलील दी थी कि वे भी लाभ पाने वाले कर्मियों के समान सभी मानकों पर खरा उतरते थे लेकिन बिना किसी ठोस कारण के याची पक्ष का दावा खारिज किया गया था। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि यह कदम सेवा कानून के मूल सिद्धांत समानता का उल्लंघन है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में निर्देश दिए कि याची की सेवाएं उनके जूनियर्स की नियमितीकरण तिथि से ही नियमित मानी जाएं। यह तिथि 26 जून 1997 या 28 फरवरी 1998 (जो पहले हो) तय की जाए। याची को सीनियरिटी, वेतन निर्धारण, बकाया वेतन, पेंशन लाभ व बकाया राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिया जाए। कोर्ट ने पूरा भुगतान तीन महीने के भीतर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक अधिकारों से वंचित रखने पर ब्याज सहित भुगतान का आदेश सरकारी संस्थाओं के लिए चेतावनी है।
नए बिल की पेचिदगियों से बाहर निकलकर 2027 चुनाव पर नजर
14 Apr, 2026 07:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त संशोधन विधेयक लाकर आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने पंथक एजेंडे को सियासी मजबूती दी है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है जिससे आप ने पंथक राजनीति में बढ़त हासिल करने की कोशिश की है।
कांग्रेस का बिल राष्ट्रपति के पास लंबित
2018 में कांग्रेस सरकार का बिल अब भी राष्ट्रपति के पास लंबित है जबकि जुलाई 2025 में आप सरकार का पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराध निवारण अधिनियम-2025 सिलेक्ट कमेटी में अटका हुआ है। इस नए बिल में सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों, प्राण प्रतिष्ठित मूर्तियों और महानुभावों की प्रतिमाओं को शामिल करने का प्रस्ताव था लेकिन इसमें कई कानूनी पेचिदगियां सामने आईं। ऐसे में आप सरकार ने रणनीति बदलते हुए 18 साल पुराने कानून में संशोधन कर केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब पर केंद्रित सख्त प्रावधानों वाला विधेयक सदन में पारित करा लिया। इसे खालसा पंथ के सृजन दिवस 13 अप्रैल को पेश किया गया जो राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि इस संशोधित स्टेट एक्ट को दोबारा सदन में लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इसे राज्यपाल की मंजूरी मिल जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कदम सिख मतदाताओं को साधने की बड़ी कवायद और आप सरकार का मास्टर स्ट्रोक साबित हो सकता है।
सभी धर्मों के ग्रंथों की बेअदबी पर भी सख्त कानून जरूरी
पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून की मांग लंबे समय से थी और सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं इसलिए कड़ा कानून जरूरी है। साथ ही उन्होंने सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों और प्रतीकों की बेअदबी को भी असहनीय बताते हुए इस पर समान रूप से सख्त कानून बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
बेअदबी पर सख्त कानून, उम्रकैद और 20 लाख जुर्माने का प्रावधान
13 Apr, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा ने सोमवार को जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026 को पास कर दिया है। अब इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इससे पहले सोमवार को सत्र शुरू होने पर सबसे पहले विधानसभा में गायिका आशा भोंसले को श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही वृंदावन में हुए नाव हादसे में मारे गए लोगों को भी सदन की तरफ से श्रद्धांजलि दी गई और दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि जीरो ऑवर होना चाहिए। यह विधायकों का हक है। प्रदेश में कानून व्यवस्था और ड्रग का मुद्दा है, उस पर चर्चा नहीं करते हैं। एक दो दिन के लिए सत्र बढ़ाया जाना चाहिए। इस पर सीएम मान ने कहा कि जब हम सत्र बुलाते हैं तो आप वॉकआउट कर जाते हैं और वैसे सत्र की बढ़ाने की मांग करते हैं। आज का सत्र सिर्फ बेअदबी के खिलाफ बिल को लेकर ही समर्पित होना चाहिए।
बिल पर चर्चा शुरू
बिल पर चर्चा शुरू हुई। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पहली भी सरकारों को मौका मिला है लेकिन आज तक उन्होंने इसके प्रयास नहीं किए, बल्कि वे खुद बेअदबी के आरोपी हैं। श्री अकाल तख्त के समक्ष उन्होंने अपनी गलती मानी है। बैंस ने कहा कि गजटेड ऑफिसर से नीचे का कोई अधिकारी इस मामले में जांच नहीं करेगा। विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने कहा कि काफी समय से इस बिल की मांग थी। पहले अपराधी छूट जाते थे, क्योंकि सख्त सजा का प्रावधान नहीं था। अब अपराधी छूट नहीं पाएंगे। इस बिल को मेरा समर्थन है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि बिल पर सांविधानिक विशेषज्ञों की राय ली गई है या नहीं, इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। सेलेक्ट कमेटी में जो एसजीपीसी के अलावा अन्य संगठनों ने जो सुझाव दिए। वो भी बताए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आप प्रमुख केजरीवाल ने वादा किया था कि सभी आरोपियों को कटघरे में खड़े करेंगे। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। विधायक कुंवर विजय प्रताप के जरिय करवाई तेज करने की बात कही थी लेकिन आज वो खुद ही पार्टी से बाहर है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह आज करने वाली बात नहीं है। आपका पूर्व सीएम आज दूसरी पार्टी में नहीं है। आपका प्रधान आज दूसरी पार्टी में है। आपका पूर्व वित्त मंत्री आज दूसरी पार्टी में है। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने अपनी गलतियां मानी है। अब कह रहे हैं कि माफी के लिए हमें मजबूर किया गया और लोगों को आज गुमराह कर रहे हैं। चीमा ने कहा कि आज जिस कानून में संशोधन कर रहे हैं, उसे राज्यपाल ने 2008 में पहले ही मंजूरी दी हुई है, इसलिए इसे राष्ट्रपति को भेजने की जरूरत नहीं है। विपक्ष की तरफ से जानबूझकर तरफ से गुमराह किया गया था। हमने विशेषज्ञों की राय ली गई है जिसके बाद ही कानून में संशोधन के लिए लेकर आए हैं। विपक्ष की डिले करने की मंशा है।
सीएम मान ने दिया जवाब
वहीं सीएम भगवंत मान ने कहा कि कैसे लोग होंगे वो जो बेअदबी करते हैं। हमारी सरकार ने पालकी साहिब के साथ ही सभी धर्मों के ग्रंथों को लेने जाने वाले वाहनों का टैक्स माफ कर दिया है। मान ने कहा कि 26 जनवरी की परेड इस बार पंजाब की झांकी की बारी नहीं थी। हमने गृह मंत्री को पत्र लिखा और कहा कि अगली बार हमारी बारी काट लेना लेकिन इस बार हमारी श्री तेग बहादुर जी से संबंधित झांकी शामिल करें। मान ने कहा कि अकाली दल के विधायक आए नहीं हैं। फख्र ए कौम वापस देने की मांग कर रहे हैं लेकिन इन लोगों पर किस बात का फख्र करें। इनकी सरकारों में बेअदबी हुई है और आरोपियों को माफी दिलाई।
मान ने कहा कि विपक्ष कह रहा है कि चौथी बार बिल ला रहे हैं। विपक्ष ये आरोप लगा रहा है कि हर बार अटका रहता है, लेकिन मैं आज दावा करता हूं कि पांचवी बार बिल आ रहा है और इसके बाद नहीं आएगा। मान ने कहा कि बेअदबी के 90 प्रतिशत केसों में कह दिया जाता है कि मानसिक रोगी है। ऐसा है तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब ही क्यों दिखता है। ऐसे लोगों के घर वालों पर पर्चा करेंगे। मान ने कहा कि इसमें जांच तय अवधि में पूरी करनी होगी। उम्रकैद का मतलब है कि इसमें मृत्यु तक जेल में रहना होगा। सभी कानूनों माहिरों और संत समाज से राय ली गई है। सिर्फ धार्मिक नहीं और कानूनी पक्ष से भी उनको राय देने के लिए कहा गया था। मान ने कहा कि यह स्टेट एक्ट है और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी की जरूरत नहीं है। राज्यपाल के साइन की जरूरत है। वैसे भी राज्यपाल के पास शिकायत लेकर जाते हो तो इसकी मंजूरी के लिए भी मेरे साथ चलना ताकि जल्दी यह एक्ट लागू हो सके। अगर कानून के तहत एक आरोपी को सख्त सजा मिल गई तो दोबारा कोई यह अपराध करने की कोशिश नहीं करेगा।
शेरपुरा रोड पर हुआ ऋषभ शर्मा का अंतिम संस्कार
13 Apr, 2026 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगरांव। वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले ऋषभ शर्मा का आज शेरपुरा रोड पर अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई ने बड़े भाई को अंतिम विदाई दी।
जगरांव में पसरा मातम
मथुरा में नाव हादसे में जगरांव के 6 लोगों की मौत हुई है। जगरांव से वृंदावन की ओर निकली भक्ति यात्रा किसी ने सोचा भी नहीं था कि इतनी दर्दनाक याद बन जाएगी । जिन श्रद्धालुओं के होंठों पर “राधे-राधे” का नाम था, जिनकी आंखों में बांके बिहारी के दर्शन की आस थी, वही श्रद्धालु कुछ ही घंटों में मौत की लहरों में समा गए। वृंदावन में यमुना नदी में हुए नाव हादसे ने पंजाब के जगरांव शहर को गहरे सदमे में डाल दिया। इस हादसे में 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें उस क्लब के संस्थापकों में से एक भाई भी शामिल था, जिसने लोगों को भक्ति के रास्ते से जोड़ने का सपना देखा था।
बांके बिहारी क्लब से जुड़ी कहानी
यह पूरी कहानी जगरांव के बांके बिहारी क्लब से जुड़ी है, जो करीब 9 साल पहले तीन युवकों ने मिलकर बनाया था। मंदिरों के संकीर्तन से शुरू हुई कहानी जगरांव के रहने वाले यशु बजाज और लवी बहल ने करीब 16-17 साल की उम्र में मंदिरों में संकीर्तन करना शुरू किया था। उस समय उनके पास न कोई बड़ा मंच था और न ही कोई संस्था, सिर्फ भक्ति का जज़्बा था। धीरे-धीरे उनके साथ लवी बहल का भाई मधुर बहल भी जुड़ गया। तीनों ने मिलकर मंदिरों के साथ-साथ लोगों के घरों में भी संकीर्तन करना शुरू कर दिया। यशु और लवी भजन गाते थे, जबकि उनके साथ 5-6 साथी वाद्य यंत्र बजाकर मंडली को पूरा करते थे। भक्ति की इस छोटी-सी शुरुआत ने धीरे-धीरे पूरे इलाके में पहचान बना ली।
9 साल पहले बना “बांके बिहारी क्लब”
करीब 9 साल पहले तीनों दोस्तों ने मिलकर “बांके बिहारी क्लब” बनाया। इस क्लब का कोई औपचारिक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया गया था, क्योंकि इसे व्यवसाय नहीं बल्कि भक्ति सेवा के रूप में चलाया जा रहा था। क्लब के सदस्य घर-घर जाकर संकीर्तन करते और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते। जो भी व्यक्ति इन संकीर्तनों में आता, वह धीरे-धीरे इस मंडली से जुड़ता चला जाता। सोशल मीडिया के जरिए भी इस मंडली का प्रचार हुआ और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई।
पांच साल पहले शुरू हुई वृंदावन यात्रा
करीब पांच साल पहले क्लब ने श्रद्धालुओं को वृंदावन की धार्मिक यात्रा करवानी शुरू की। हर साल जगरांव और आसपास के लोग इनके साथ भक्ति यात्रा पर जाते थे। यात्रा का पूरा खर्च श्रद्धालुओं से लिया जाता था और उसी से बसों का किराया रास्ते में भोजन वृंदावन में होटल या धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था चार दिनों का खाना-पीना सब कुछ क्लब की तरफ से कराया जाता था। इस बार 130 श्रद्धालु गए थे यात्रा पर इस साल 9 अप्रैल को जगरांव से दो बसों में 130 श्रद्धालु वृंदावन के लिए रवाना हुए।
झगड़े में बीच-बचाव करना पड़ा भारी, मजदूर को गंवानी पड़ी जान
13 Apr, 2026 09:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खडूर साहिब। तरनतारन जिले के सीमांत गांव चीमा खुर्द में खजान सिंह (50) नामक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। खजान सिंह ने दो गुटों के झगड़े में बीच-बचाव किया था। इसी रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई। वारदात से गुस्साए लोगों ने थाना सराय अमानत खां का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस ने 14 हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चीमा खुर्द निवासी वरिंदर सिंह उर्फ राजा ने बताया कि उसके पिता खजान सिंह मजदूरी करते थे। उनके गांव के दो गुट किसी बात को लेकर आपस में उलझ गए थे। राजा ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे उसके पिता खजान सिंह अपने घर के बाहर मौजूद थे। तब कुछ लोगों ने लोहे के कड़े से सुखमन सिंह व जोबनजीत सिंह पर हमला कर दिया। इससे वे दोनों लहूलुहान हो गए। उसके पिता ने आरोपियों को ऐसा करने से मना किया। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए।
कुछ देर बाद हुसनप्रीत सिंह उर्फ हुसन, भलिंदर सिंह भीखी, यादू चीमा, तोता सिंह व 11 अज्ञात लोग दोबारा हथियारों से लैस होकर आए। दो युवकों ने पिस्टल से गोलियां चलानी शुरू कर दीं। एक गोली उसे पिता खजान सिंह के सिर पर लगी जिससे उनकी मौत हो गई। खजान सिंह के परिवार वालों ने उक्त गुंडागर्दी के खिलाफ थाना सराय अमानत खां के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जिसमें कांग्रेस के हलका इंचार्ज करनबीर सिंह बुर्ज, ब्लाॅक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गुरपाल सिंह जगतपुर, सरपंच गुरचरन सिंह खैरदीनके, मलकीत सिंह, गुरभेज सिंह चीमा, कुलजीत सिंह, गुरसेवक सिंह भी शामिल हुए। एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि खजान सिंह के बेटे के बयान पर मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
शोक में डूबा पूरा इलाका, सिसकियों के बीच मृतकों को दी गई अंतिम विदाई
11 Apr, 2026 12:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना। मथुरा में नाव हादसे में मारे गए पांच लोगों के शव जगरांव लाए गए हैं। हादसे में जगरांव के ईशान कटारिया, कपूर काॅलोनी कच्चा मलक रोड, मधुर बहल व मां कविता रानी, गीता काॅलोनी, चरनजीत सिंह काला और उनकी पत्नी शामिल हैं। मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है। वहीं नाव हादसे में डूबने से लुधियाना की मीनू की माैत हुई थी। आज उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दाैरान धार्मिक, सामाजिक संगठनों के लोग माैजूद रहे। सभी ने नम आंखों से मीनू को अंतिम विदाई दी।
गुरुवार शाम को रवाना हुए थे 120 लोेग
श्री बांके बिहारी क्लब द्वारा हर माह की तरह वीरवार शाम को डिस्पोजल रोड से वृंदावन के लिए रवाना हुई दो लग्जरी बसों में कुल 120 लोग सवार थे जो शुक्रवार सुबह 10 बजे सकुशल वृंदावन पहचे।
इस दौरान ज्यादातर श्रद्धालु धर्मशाला में ही आराम करने अपने-अपने कमरों में रुक गए जबकि वहां से 30 के करीब श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर में माथा टेकने के बाद यमुना नदी में चले गए। इस दौरान उनकी स्टीमर नाव दरिया के अंदर ही बना रहे टेंपरेरी पीपा पुल से टकराने के बाद वहीं यमुना में ही डूब गई। उधर, लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन का कहना है कि मथुरा में हुए नाव हादसे में ज्यादातर लोग जगरांव के हैं। इस संबंध में प्रशासन पीड़ितों के परिजनों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर रहा है। इसके अलावा प्रशासन मथुरा के जिला प्रशासन के साथ संपर्क से हैं। वहां के डीएम से भी बात की गई है। साथ ही प्रशासन पीड़ित परिवारों से संपर्क साधने का प्रयास कर रहे हैं। जिंदा बाहर निकाले गए श्रद्धालुओं में जगरांव के रहने वाले सुनील कुमार की पत्नी, यशु पुत्र रमेश बजाज और लवेश के नाम सामने आए हैं, जिनकी फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं है परंतु उन्हें वहां के रामकृष्ण मिशन अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इसके अलावा मोगा और लुधियाना के दुगरी का एक श्रद्धालु भी अस्पताल में ही है। जानकारी के मुताबिक 9 अप्रैल को जगरांव के श्री बांके बिहारी क्लब की तरफ से दो बसों में पर्यटकों को ले जाया गया था। वृंदावन की 4 दिन की यात्रा थी, जिनका 4500 रुपया किराया लिया गया था। बस में जगरांव के ज्यादातर श्रद्धालु थे इसके अलावा लुधियाना मोगा और मुक्तसर के कुछ लोग भी बसों में सवार थे। इस हादसे की सूचना मिलते ही जगरांव में मातम छा गया। पीड़ित परिवारों के परिजन यह खबर सुनते ही मथुरा के लिए रवाना हो गए।
श्रद्धालुओं में शामिल मल्होत्रा मोबाइल के शोरूम में काम करते श्वेत जैन ने मथुरा से बताया कि यमुना में पीपों का पुल बनाया गया था। जलस्तर बढ़ने के बाद इन्हें खोल दिया गया। इसके बाद यह पुल यमुना में बहने लगे। इनसे टकराकर ही स्टीमर पलटा। श्वेत जैन के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ जो श्री बांके बिहार मंदिर से ढाई किमी की दूरी पर है। उन्होंने बताया कि जब किश्ती डूबी तो आसपास के किश्ती वालों ने कईयों को बचा कर अपनी किश्ती में बिठा लिया। 6 से 7 लोगों के शव तो वह यहां पर अस्पताल में देख चुके हैं। उन्होंने बताया कि जगरांव के ज्यादातर श्रद्धालु वृंदावन में फोगला आश्रम के पास रुके हैं। श्वेत ने बताया कि नाविक को कहा कि रोक लो। श्वेत जैन के मुताबिक हमारा स्टीमर जब पीपा पुल के पास पहुंचा तो हम लोगों ने नाविक से कहा कि पुल आने वाला है, रोक लीजिए लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार स्टीमर टकराने से बचा। तीसरी बार में टक्कर हो गई। पास में कुछ गोताखोर थे जिन्होंने हमें बचाया है। श्रद्धालुओं के साथ ही वृंदावन गई जगरांव के सीनियर एडवोकेट संदीप गुप्ता की पत्नी सीमा गुप्ता ने बताया कि बताया कि आश्रम में से 120 लोगों में से 25 से 30 लोग ही यमुना देखने और मंदिर में माथा टेकने गए थे जिन में ज्यादातर नौजवान श्रद्धालु ही शामिल थे। उन्होंने कहा कि दोपहर 3:00 बजे हुए हादसे के बाद जैसे ही आश्रम में बैठकर बाकी श्रद्धालुओं को इस बाबत जानकारी मिली तो सभी का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।
वीडियो भेजकर कहा था सब ठीक है, कुछ देर बाद आई हादसे की खबर
आत्मनगर के दुगरी इलाके में शुक्रवार रात उस वक्त गहरा शोक छा गया, जब वृंदावन में हुए एक दर्दनाक नाव हादसे की खबर यहां पहुंची। हादसे में इस इलाके के अंजू और रिकेश गुलाटी सहित मीनू की मौत हो गई जबकि राजिंदर कौर गंभीर हालत में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं। इसके अलावा, इलाके के कुछ लोग अभी तक लापता हैं और उनके परिवारों का तनाव और बढ़ गया है। इस घटना के बाद, विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू ने दुगरी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सरकार और प्रशासन हर तरह से पीड़ितों के साथ खड़े हैं और सभी आवश्यक मदद दी जाएगी। घटना की खबर सुनते ही गुलाटी परिवार के बेटे और बेटी, जो क्रमशः पूना और बंगलूरू में रहते हैं, लुधियाना के लिए रवाना हो गए। वहीं मीनू के परिजन भी वृंदावन के लिए निकल पड़े। मोहल्ले में चर्चाओं का दौर जारी है, जहां लोग इस हादसे की सच्चाई जानने के लिए बेताब हैं। दुर्घटना के बाद से कई मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं और परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा। एक रिश्तेदार ने बताया कि हम नहीं जान पा रहे कि हमारे अपने जीवित हैं या नहीं, बस इंतजार कर रहे हैं।
मोहल्ले के लोगों के अनुसार इस इलाके से करीब दस लोग एक साथ वृंदावन गए थे। शुक्रवार को दिन में करीब एक बजे तक सभी ने वीडियो भेजकर अपने सुरक्षित होने की जानकारी दी थी लेकिन इसके कुछ ही समय बाद फोन आया कि नाव हादसा हो गया है। इसके बाद से पूरे इलाके में चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा हुआ है। दुगरी में लोगों का जमावड़ा लगा है लेकिन कोई भी बोलने की स्थिति में नहीं है। हर आंख नम है और हर कोई अपनों की सलामती की दुआ कर रहा है। अंजू और रिकेश गुलाटी को पड़ोसी बेहद मिलनसार बताते हैं। उनके अचानक चले जाने से पूरे मोहल्ले में गहरा शोक है।
मोगा की महिला ने भी गंवाई जान, आज अंतिम संस्कार
वृंदावन में शुक्रवार को हुए नाव हादसे में मोगा के एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जानकारी के अनुसार, जगरांव से मोगा का हंस परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ 9 अप्रैल को घूमने के लिए वृंदावन गया हुआ था। 10 अप्रैल को 12 बजे वृंदावन पहुंचे थे बताया जा रहा है कि हादसे के समय परिवार के सदस्य दो अलग-अलग नावों में सवार थे। एक नाव में सपना हंस, रीमा हंस और सरोज रानी सवार थीं, जबकि दूसरी नाव में अनिल हंस और उनकी भतीजी नेहा हंस अन्य लोगों के साथ मौजूद थे। हादसे का शिकार बनी नाव में सवार सपना हंस (50) की मौत हो गई। वहीं रीमा हंस और सरोज रानी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी नाव में सवार अनिल हंस और नेहा हंस पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं। परिवार के लिए यह हादसा और भी दर्दनाक इसलिए बन गया क्योंकि 8 अप्रैल को ही सपना हंस और अनिल हंस की शादी की सालगिरह थी, और खुशियों के बीच दो दिन बाद ही यह हादसा हो गया। परिवार के सदस्य डैड बॉडी लेने वृंदावन पहुंचे हैं।
सपना हंस के पड़ोसी जितेंद्र कुमार जोनी ने बताया कि यह परिवार बहुत ही अच्छा और धार्मिक स्वभाव का है। 8 अप्रैल को परिवार के 5 सदस्य जगरांव से वृंदावन बस यात्रा में शामिल हुए थे, जिसमें करीब 130 श्रद्धालु थे। सभी श्रद्धालुओं के साथ यह परिवार भी वृंदावन गया था। वहां शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब नाव पलट गई। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें मोगा की सपना हंस भी शामिल थीं। हालांकि, परिवार के बाकी 4 सदस्य सुरक्षित हैं। जितेंद्र कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले ही यह परिवार उनके साथ खाटू श्याम जी के दर्शन करने गया था। उन्होंने कहा कि यह परिवार बहुत नेक और मिलनसार है और हर धार्मिक कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता है। मौके पर पहुंचे तहसीलदार लखविंदर सिंह ने बताया कि प्रशासन की ड्यूटी लगाई गई है और सरकार की ओर से परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
पुलिस पर खुद सबूत रखने का आरोप, नीला ड्रम घर में रखकर की गई कार्रवाई
11 Apr, 2026 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। के कस्बा शाहकोट थाने में नाै अप्रैल को केस नंबर-90 दर्ज किया गया था। जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस और एक्साइज टीम ने दावा किया था कि गांव दौलतपुर ढड्डा निवासी अकरम के घर रेड कर 35 लीटर लाहन बरामद की गई। लेकिन अब सामने आई सीसीटीवी फुटेज पुलिस की कहानी पर गंभीर सवाल उठा रही है।
फुटेज में दिखाई देता है कि एक सिल्वर रंग की इकोस्पोर्ट गाड़ी से पुलिसकर्मी खुद नीला ड्रम उतारकर घर के अंदर ले जा रहे हैं। ड्रम खाली नहीं था, क्योंकि उसे दो लोग मिलकर उठा रहे थे। कुल 7 पुलिसकर्मी 4 वर्दी में और 3 सादे कपड़ों में कैमरे में कैद हुए। महज 13 मिनट के भीतर कार्रवाई दिखाकर ड्रम को सील कर वापस गाड़ी में रख लिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस समय रेड हुई, उस वक्त आरोपी अकरम घर पर मौजूद नहीं था।
दर्ज केस में उल्लेख है कि एक्साइज स्टाफ के एएसआई की सूचना पर टीम ने तूड़ी वाले कमरे से 35 लीटर लाहन बरामद की और आबकारी एक्ट की धारा-61 के तहत केस दर्ज किया। वहीं, गांव वालों का कहना है कि अकरम एक मजदूर और सियासी कार्यकर्ता है, जिस पर पहले भी दो मामले दर्ज हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद डीआईजी नवीन सिंगला ने कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित पुलिस टीम पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और एसएसपी से रिपोर्ट तलब की जाएगी।
धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा के लिए नया कानून पास, तुरंत लागू करने का प्रावधान
11 Apr, 2026 09:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब सरकार 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी रोकने से संबंधित संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश करेगी। इस पर चर्चा के बाद इसका निर्विरोध पारित होना तय माना जा रहा है। यह विधेयक पूरी तरह राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए जरूरी औपचारिकताओं के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजने की जरूरत नहीं होगी और पारित होते ही लागू कर दिया जाएगा।
प्रदेश में लगातार सामने आ रहे बेअदबी के मामलों के चलते लंबे समय से सख्त कानून की मांग उठ रही थी। आम आदमी पार्टी सरकार ने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया हुआ है। जुलाई 2025 में सरकार ने इस संबंध में एक मसौदा विधानसभा में पेश किया था लेकिन विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के सुझाव लेने के लिए इसे विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर की अध्यक्षता वाली सिलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था। बाद में कमेटी को दो महीने का अतिरिक्त समय भी दिया गया। अब खालसा पंथ के सृजन दिवस 13 अप्रैल को सरकार इस अहम विधेयक को सदन में लाने जा रही है। यह संवेदनशील और पंथक मुद्दा होने के कारण किसी भी राजनीतिक दल द्वारा विरोध की संभावना कम मानी जा रही है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल भी नहीं होगा। इस संबंध में स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने नोटिस जारी कर दिया है।
सख्त होगा सजा का प्रावधान : मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि दि जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा। इस एक्ट के तहत एसजीपीसी को ग्रंथ की छपाई और प्रकाशन का अधिकार है और छपने के बाद इसे गुरु साहिब का स्वरूप माना जाता है। उन्होंने कहा कि संशोधन के बाद बेअदबी के मामलों में 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और लाखों रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया जाएगा। सुरक्षा के लिए बार कोड और क्यूआर कोड जैसे उपाय भी लागू किए जाएंगे।
सावर्जनिक हो सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट : जाखड़
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट और विधेयक का मसौदा सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों को विश्वास में लिया जाना जरूरी है।
बीच सड़क पर रोके जाने से बढ़ी महिला की परेशानी
10 Apr, 2026 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। में एपीजे कॉलेज के बाहर नाके पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब पुलिस मुलाजिमों और एक टैक्सी चालक युवक के बीच तीखी बहस हो गई। युवक का आरोप है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल ले जा रहा था, तभी पुलिस ने उसकी कार रोक ली। युवक के मुताबिक पुलिस ने सीट बेल्ट न लगाने का हवाला देते हुए गाड़ी रोकी। उसने कथित तौर पर पुलिस से अनुरोध किया कि चालान काट लिया जाए, लेकिन उसे तुरंत जाने दिया जाए क्योंकि उसकी पत्नी दर्द से कराह रही थी। युवक का कहना है कि उसने मेडिकल रिपोर्ट भी दिखाईं, फिर भी पुलिस दस्तावेज चेक करने पर अड़ी रही। युवक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों से शराब की बदबू आ रही थी। जब उसने वीडियो बनाना शुरू किया तो वहां मौजूद ट्रैफिक अधिकारी ने एक मुलाजिम को वहां से हटा दिया और बाद में ट्रैफिक बूथ को ताला लगाकर चले गए। घटना के दौरान युवक भावुक हो गया और रोते हुए कहा कि यदि उसकी पत्नी को कुछ हुआ तो वह जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा। फिलहाल मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Vaisakhi पर्व पर ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत
10 Apr, 2026 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। वैसाखी और खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 1763 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना किया गया।
“जो बोले सो निहाल” के जयकारों के बीच रवाना हुए इस जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। जानकारी के अनुसार, देशभर से करीब 2800 सिख श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हो रहे हैं। यह जत्था अगले 10 दिनों के दौरान ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब, करतारपुर साहिब और सच्चा सौदा सहित विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन करेगा। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पहली बार इन गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे हैं और यह उनकी लंबे समय से इच्छा थी। उन्होंने वाहेगुरु से प्रार्थना की कि हर संगत को इस पवित्र अवसर का लाभ मिले। एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि संगत की अरदासों के फलस्वरूप यह अवसर मिलता है, जिससे श्रद्धालु गुरु नानक देव जी से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन कर पाते हैं। उन्होंने यात्रा की सफलता और सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए अरदास की। इस दौरान करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पूरी तरह से खोलने की मांग भी दोहराई गई। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर सिख संगत की भावनाओं से जुड़ा है और इसे जल्द से जल्द पूरी तरह खोलना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें। जत्थे के टीम लीडर सुरजीत सिंह तुगलवाला ने कहा कि वह पहली बार इस यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं और एसजीपीसी हर साल यात्रियों के लिए बेहतर प्रबंध करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी यात्रा सुचारू रूप से संपन्न होगी।
अश्लील वीडियो पोस्ट करने के विवाद में युवक की हत्या का आरोप
10 Apr, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा। पिछले साल बठिंडा में हुए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमल कौर भाभी हत्याकांड मामले में वांटेड अमृतपाल मेहरो को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। मेहरो को दुबई की अथॉरिटी ने डिपोर्ट किया तो भारतीय जांच एजेंसी के अधिकारी उसे दुबई लेने चले गए थे। यह सूचना मिलते ही बठिंडा से डीएसपी सिटी 2 और एक पुलिस टीम दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच गई थी। शुक्रवार सुबह जांच एजेंसी ने मेहरो को पंजाब पुलिस की टीम के हवाले कर दिया। सूत्र बताते है कि कागजी कानूनी प्रकिया पूरी करने के बाद डीएसपी सिटी अपनी पुलिस टीम समेत आरोपी मेहरो को दिल्ली एयरपोर्ट से लेकर बठिंडा के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने आरोपी के दोनों फोन भी बरामद कर लिए हैं।
जून में कार में मिला था शव
सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल भाभी की बठिंडा में पिछले साल जून में हत्या कर दी गई थी। चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल की पार्किंग में खड़ी गाड़ी से उनका शव मिला था। कंचन कुमारी का इंस्टाग्राम पर कमल काैर भाभी नाम से अकाउंट था। कंचन कुमारी लक्ष्मण बस्ती, लुधियाना की रहने वाली थी। वह नाै जून को अपनी मां को कहकर निकली थी कि वह बठिंडा में प्रमोशनल इवेंट के लिए जा रही है।
तीन माह की रेकी के बाद की थी हत्या
मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है कि कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर की हत्या के लिए तीन माह से अमृतपाल महरों और उसके साथी रेकी कर रहे थे। कुछ दिन अमृतपाल अपने साथियों समेत कंचन के घर पास एक होटल में भी रुका रहा था। इतना ही नहीं अमृतपाल दो बार कंचन के घर भी गया था, लेकिन वो घर पर नहीं मिली थी। जब ऐसे बात न बनी तो फिर अमृतपाल ने 8 जून को कंचन से संपर्क करके कहा कि उसे कार की प्रमोशन करने के लिए बठिंडा आना है। इसके बाद कंचन उर्फ कमल कौर 9 जून को लुधियाना से अपनी कार से बठिंडा पहुंची। जहां पर अमृतपाल महरों, जसप्रीत सिंह और निमरजीत सिंह तीनों कंचन को मिले और उसकी गाड़ी में बैठ गए। पहले तीनों आरोपियों ने भुच्चो के समीप एक गैरेज से कंचन की गाड़ी रात के साढ़े 12 बजे तक ठीक करवाई और फिर अपनी स्कॉर्पियो को एक पेट्रोल पंप पर खड़ा करके कंचन को साथ लेकर उसी की गाड़ी में चारों सवार हो गए। आरोपियों द्वारा किए खुलासे के अनुसार अमृतपाल महरों कंचन की गाड़ी चला रहा था। जसप्रीत और निमरतजीत कंचन के साथ कार की पिछली सीट पर बैठे थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अमृतपाल के कहने पर सबसे पहले उन्होंने कंचन के दोनों मोबाइल ले लिए और उससे पासवर्ड मांगा जब उसने पासवर्ड नहीं बताया तो अमृतपाल के कहने पर कंचन से दोनों ने मारपीट की। इसके बाद कमर कस्सी से दोनों ने एक सुनसान जगह पर गाड़ी में ही कंचन का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
मां बोली-अब इंसाफ की उम्मीद
कंचन कुमारी की मां ने कहा कि अब उनको इंसाफ की उम्मीद जग गई है। उन्होंने मांग की कि उनकी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। उन्होंने बताया कि उनकी तीन बेटियां थीं, एक की शादी हुई थी। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी मेरा बहुत ख्याल रखती थी।
पंजाब में हड़कंप: 15 स्कूलों को धमकी, बच्चों को घर भेजा गया
9 Apr, 2026 02:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पटियाला के 12 स्कूलों को गुरुवार सुबह मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट मोड में आ गई और टीमों को संबंधित स्कूलों के लिए रवाना किया। बच्चों को घर भेज कर स्कूलों को खाली करवा लिया गया है और स्कूलों की चेकिंग की जा रही है। जिन स्कूलों को धमकी मिली है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के परिवार के यादविंदरा पब्लिक स्कूल के अलावा अपोलो पब्लिक स्कूल, केवी पटियाला और माउंट लिटरला स्कूल शामिल हैं। डीएसपी सतनाम सिंह ने बताया कि मेल की जांच की जा रही है।
मोगा के तीन निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी
मोगा के तीन निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जानकारी के अनुसार मोगा के नारायणा ई-टेक्नो स्कूल, एसएफसी स्कूल वेस्ट प्वाइंट स्कूल को धमकी भरी ईमेल प्राप्त हुई, जिसमें स्कूलों को दोपहर 1.10 मिनट पर स्कूल को बम से उड़ाने की बात कही गई। रायणा ई-टेक्नो स्कूल की प्रिंसिपल नीना सिंह ने बताया कि स्कूल में सुबह 8.20 बजे असेंबली के बाद जब हमने ऑफिस आकर मेल चेके की तो धमकी भरा ईमेल देख स्कूल मैनेजमेंट और जिला प्रशासन को सूचित किया गया। साथ ही स्कूल के करीब 330 बच्चों को घर भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बम निरोधक टीमों को मौके पर भेज कर स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की और स्कूल को सेफ घोषित किया। उन्होंने बताया कि मोगा में तीन स्कूल को एक ही ईमेल से मैसेज आया है। ईमेल में यह भी लिखा गया था कि बम के जरिए स्कूल को उड़ाया जाएगा और इसमें खालिस्तान से जुड़ा संदर्भ भी दिया गया था। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
अमृतसर पहुंचे ईरानी प्रतिनिधि का बयान, अमेरिका को दी बड़ी चेतावनी
9 Apr, 2026 08:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद उनका प्रतिनिधिमंडल दिल्ली से अमृतसर पहुंचा और श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेका। प्रतिनिधिमंडल ने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी को दिल्ली में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। यह कार्यक्रम रविवार को होगा और खामेनेई की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। इजरायल हमले में उनकी मौत के बाद भारत समेत कई स्थानों पर शोक सभाएं हो चुकी हैं।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और भारत में ईरान के सुप्रीम नेता के प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद हुसैन जियानिया ने कहा कि मौजूदा युद्धविराम केवल अस्थायी है जबकि ईरान स्थायी शांति चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में ईरान के बच्चों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाया गया। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि जो व्यक्ति दिन में ईरान को खत्म करने की बात करता है वही रात में युद्ध रोकने की अपील करता है। जियानिया ने स्पष्ट किया कि ईरान ने अमेरिका को अपनी दस शर्तें मानने के लिए 10 दिन का समय दिया है। यदि इस अवधि में शर्तें नहीं मानी गईं और नुकसान की भरपाई नहीं हुई तो 11वें दिन अमेरिका और इजराइल पर पहले से 100 गुना अधिक मिसाइलों से हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद की ठोस गारंटी के बिना ईरान किसी भी युद्धविराम पर भरोसा नहीं करेगा।
उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल को दिल्ली स्थित ईरान कल्चर हाउस में खामेनेई की शहादत के 40वें दिन का विशेष समागम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख धर्म और इस्लाम में शहादत की भावना समान रूप से गहरी है और दोनों ही शहीदों को अमर मानते हैं। उन्होंने पंजाब विधानसभा द्वारा ईरान के समर्थन में पारित प्रस्ताव की सराहना की और भारत-ईरान के 5000 साल पुराने संबंधों का उल्लेख किया।
लखनऊ में हो चुकी है श्रद्धांजलि सभा
इससे पहले 7 अप्रैल को लखनऊ के ऐतिहासिक इमामबाड़ा में खामेनेई की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई थी जिसमें अब्दुल मजीद हकीम सहित कई धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदर्शनी, मेडिकल कैंप और रक्तदान शिविर के माध्यम से सामाजिक सेवा का संदेश भी दिया गया। दिल्ली में भी इसी तरह का आयोजन प्रस्तावित है।
कोटकपूरा गोलीकांड केस में नया मोड़, अब चंडीगढ़ में चलेगी सुनवाई
9 Apr, 2026 02:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फरीदकोट। साल 2015 के बहुचर्चित कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने केस की सुनवाई फरीदकोट अदालत से चंडीगढ़ की जिला अदालत में स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश हाई कोर्ट के जस्टिस त्रिभुवन दहिया की अदालत द्वारा सुनाया गया। इस मामले में केस के आरोपी तत्कालीन आईजी परमराज सिंह उमरानंगल और तत्कालीन एसएसपी मोगा चरनजीत सिंह शर्मा ने याचिका दाखिल कर सुनवाई को पंजाब से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की हुई थी। याचिका में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए केस को अन्य स्थान पर ट्रांसफर करने की अपील की गई थी।
इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कोटकपूरा गोलीकांड से जुड़ी एफआईआर नंबर 129 और 192 को चंडीगढ़ जिला अदालत में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया। कोटकपूरा गोलीकांड 2015 में उस समय हुआ था जब बरगाड़ी बेअदबी की घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने फायरिंग की थी। इस घटना में कई लोग घायल हुए थे और यह मामला लंबे समय से पंजाब की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी वर्ष 2015 के बरगाड़ी बेअदबी केस से जुड़े तीन अन्य मामलों तथा बहिबल गोलीकांड केस की सुनवाई भी चंडीगढ़ जिला अदालत में स्थानांतरित की जा चुकी है। कोटकपूरा गोलीकांड केस में एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधिकारियों के साथ साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस में उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल समेत तमाम पुलिस अधिकारियों को जमानत मिली हुई है।
इस फैसले की पुष्टि करते हुए फरीदकोट में बचाव पक्ष के वकील अमित गुप्ता ने बताया कि अब कोटकपूरा गोलीकांड से जुड़े मामलों की सुनवाई भी बेअदबी व बहिबल गोलीकांड मामलों की तरह
चंडीगढ़ की जिला अदालत में ही होगी, जिससे इन मामलों की आगे की कार्रवाई एक ही स्थान पर केंद्रित हो जाएगी। चूंकि सभी घटनाएं एक दूसरे से जुड़ी हुई है और गवाह भी सेम है, इससे सुनवाई प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है और न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो सकेगी।
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