पंजाब
दोस्ती में धोखा, ₹2 हजार और मोबाइल के लालच में ले ली 19 साल के युवक की जान
20 Jul, 2026 04:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संगरूर:पंजाब के संगरूर जिले से ताल्लुक रखने वाले लहरागागा इलाके में बीते दो हफ्तों से लापता 19 साल के युवक की हत्या का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की विशेष टीम ने आधुनिक तकनीकी जांच और कड़े सबूतों को आपस में जोड़ते हुए तीन शातिर आरोपियों को दबोच लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर स्थानीय जल आपूर्ति केंद्र के पास झाड़ियों के पीछे से युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद कर लिया गया है। इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह जानकर हर कोई हैरान है, जहां महज एक मोबाइल फोन और दो हजार रुपये की नकद रकम हासिल करने के लिए बेदर्दी से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
अस्पताल से दवा लेने निकला था मासूम हरमनदीप
थाना सदर लहरागागा के प्रभारी निरीक्षक मनप्रीत सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान नजदीकी गांव रामगढ़ संधुआं के रहने वाले हरमनदीप सिंह उर्फ हरमन के रूप में की गई है। इस दुखद घटना को लेकर मृतक के पिता बलकार सिंह ने पुलिस के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनका बेटा बीती पांच जुलाई की दोपहर को गांव के पास स्थित सरकारी अस्पताल से दवा लेने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन जब वह देर रात तक वापस नहीं आया तो परिवार में हड़कंप मच गया।
फोन बंद मिलने पर परिजनों ने दर्ज कराई थी शिकायत
बेटे के घर न लौटने पर परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभावित जगह और रिश्तेदारों के यहां तलाश शुरू कर दी थी। काफी खोजबीन के बाद भी जब हरमनदीप का कोई सुराग नहीं लगा और उसका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ आता रहा, तो परिवार की चिंता और गहरा गई। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए परिजनों ने बिना देरी किए मामले की आधिकारिक सूचना पुलिस को दी।
तकनीकी तफ्तीश के दम पर हत्यारों तक पहुंची पुलिस
शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गहन छानबीन शुरू की। कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों को खंगालने के बाद पुलिस का शक आरोपियों पर गहराया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर सख्त पूछताछ की गई। आरोपियों ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि उन्होंने मामूली सामान और पैसों की नीयत से युवक को मौत के घाट उतार दिया था। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पंजाब में बदमाशों का आतंक, रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी को बनाया निशाना
20 Jul, 2026 02:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बटाला: पंजाब के बटाला जिले अंतर्गत थाना सेखवां क्षेत्र के लोह चप्प गांव में सोमवार सुबह लगभग 11 बजे उस समय भारी अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब फॉर्च्यूनर सवार हथियारबंद बदमाशों ने थार गाड़ी से जा रहे एक स्थानीय कारोबारी का पीछा करते हुए उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। जान बचाने के उद्देश्य से कारोबारी ने तेजी से वाहन भगाकर अपने ही राइस शेलर के परिसर में शरण ली। शेलर के भीतर से भी जवाबी गोलीबारी किए जाने के बाद हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहे। पीड़ित कारोबारी परिवार का आरोप है कि हाल ही में उनसे मांगी गई 1 करोड़ रुपये की रंगदारी न देने के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया है।
रंगदारी न देने पर फॉर्च्यूनर सवार बदमाशों का खूनी हमला
पीड़ित कारोबारी के अनुसार वे सोमवार सुबह अपनी थार गाड़ी में सवार होकर जा रहे थे, तभी फॉर्च्यूनर गाड़ी में आए अज्ञात सशस्त्र बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। रंगदारी की भारी रकम न चुकाए जाने से आक्रोशित हमलावरों ने सरेआम गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। कारोबारी ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत अपने वाहन को पास स्थित अपने शेलर के भीतर मोड़ लिया, जिससे वे शुरुआती हमले में बाल-बाल बच गए।
शेलर परिसर में दोनों ओर से हुई गोलीबारी और भगदड़
कारोबारी के शेलर के भीतर प्रवेश करते ही हमलावर भी पीछे-पीछे पहुँच गए और अंधाधुंध फायरिंग जारी रखी। खुद को घिरता देख शेलर के अंदर मौजूद सुरक्षात्मक तंत्र और सहयोगियों द्वारा बचाव में जवाबी गोलियां चलाई गईं। दोनों ओर से हुई इस अचानक गोलीबारी से आसपास के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया और दहशत का माहौल बन गया। शेलर की ओर से कड़ी चुनौती मिलने पर हमलावर अपनी गाड़ी में सवार होकर तेज गति से भाग निकले।
एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की बात आई सामने
घटना के उपरांत पीड़ित कारोबारी परिवार ने पुलिस अधिकारियों को दिए बयान में बताया कि उन्हें पिछले कुछ समय से आपराधिक तत्वों द्वारा 1 करोड़ रुपये की रंगदारी देने की धमकियां मिल रही थीं। परिवार द्वारा यह भारी रकम देने से साफ इनकार करने के कारण ही बौखलाए बदमाशों ने जानलेवा हमले की इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस प्रशासन का घटना स्थल पर मुआयना और जांच शुरू
दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही थाना सेखवां की पुलिस टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वहां से खाली कारतूस और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों के भागने के मार्ग और उनकी गाड़ियों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों को शीघ्र दबोच लिया जाएगा।
हाईटेक नकल गैंग का पर्दाफाश, परीक्षा केंद्र से बाहर भेजे गए प्रश्नपत्र
20 Jul, 2026 11:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित 454 फार्मेसी अधिकारी पदों की सीधी भर्ती परीक्षा के दौरान एक बड़े और अत्याधुनिक हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पंजाब पुलिस की मुस्तैदी से इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के 7 मुख्य सरगनाओं और 28 अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 27 अत्याधुनिक बैटरी संचालित वायरलेस इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह फरीदकोट, फिरोजपुर और कोटकपूरा स्थित परीक्षा केंद्रों में दर्जनों अभ्यर्थियों को ऑनलाइन तकनीक के जरिए रियल टाइम में नकल करवा रहा था। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह घटना परीक्षा प्रारंभ होने के बाद की है और प्रश्नपत्र लीक होने अथवा किसी प्रशासनिक अधिकारी की मिलीभगत की पुष्टि नहीं हुई है।
पेन कैमरे और ब्लूटूथ वायरलेस तकनीक से नकल का पूरा नेटवर्क
जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों के अनुसार परीक्षा प्रारंभ होने के तुरंत बाद फिरोजपुर के एक परीक्षा केंद्र में मौजूद अभ्यर्थी ने पेन कैमरे की मदद से प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचकर व्हाट्सएप के जरिए दूसरे राज्य में बैठे अपने साथी को भेजीं। इसके बाद प्रश्नपत्र राजस्थान स्थित साल्वर्स तक पहुँचा जहाँ विशेषज्ञों द्वारा तुरंत उत्तर तैयार किए गए। गिरोह ने फरीदकोट के एक मकान में बाकायदा अस्थायी कंट्रोल रूम स्थापित कर रखा था, जहाँ से मंजीत सिंह और उसके साथियों ने उत्तरों को रिकॉर्ड कर परीक्षा केंद्रों में छिपे सूक्ष्म ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से अभ्यर्थियों तक सीधे पहुँचाया। खुफिया इनपुट मिलने के उपरांत पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नियंत्रण कक्ष पर छापा मारा और पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया।
लाखों रुपये में सौदा और परीक्षा पास कराने की गारंटी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि यह शातिर गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से परीक्षा उत्तीर्ण कराने के बदले साढ़े तीन लाख रुपये से लेकर 13 लाख रुपये तक की भारी-भरकम राशि वसूलता था। आरोपियों ने अभ्यर्थियों से अग्रिम राशि के साथ-साथ कई पोस्ट डेटेड चेक भी सुरक्षा गारंटी के रूप में हासिल किए थे। गिरोह का मुख्य सूत्रधार फाजिल्का स्थित एक पॉलिटेक्निक कॉलेज का कर्मचारी बताया जा रहा है जो पूर्व में भी इस तरह के अपराधों में सक्रिय रहा है। पुलिस ने हरियाणा और राजस्थान से जुड़े अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लिया है और फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
विश्वविद्यालय ने सौंपी अभ्यर्थियों की सूची और कानूनी कार्रवाई
संबंधित विश्वविद्यालय और परीक्षा संचालन एजेंसी ने संदिग्ध अभ्यर्थियों की विस्तृत सूची पुलिस प्रशासन को सौंप दी है, जिसके आधार पर सभी की व्यक्तिगत भूमिका की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज करने की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में शामिल 14 अन्य अभ्यर्थियों को भी चिन्हित कर लिया गया है, जिन्हें शीघ्र ही जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
भविष्य की परीक्षाओं हेतु सुरक्षा व्यवस्था होगी और कड़ी
इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा ऑडिट और कड़े प्रशासनिक इंतजाम करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोहराया है कि किसी भी योग्य उम्मीदवार के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। भविष्य में आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में जैमर तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विचार किया जा रहा है ताकि पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
मोहाली सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, तेज रफ्तार Thar बनी वजह
18 Jul, 2026 01:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली: शहर के व्यस्ततम जुबली वॉक क्षेत्र के समीप शनिवार की देर रात एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है। एक तेज रफ्तार थार गाड़ी ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। यह सड़क दुर्घटना इतनी भयावह थी कि दोपहिया वाहन पर सवार एक युवक ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से चोटिल हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर पार्क में घुसी थार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के समय थार की गति इतनी अधिक थी कि मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में लेने के बाद भी वाहन पर काबू नहीं पाया जा सका। बाइक को कुचलने के बाद अनियंत्रित हुई थार सड़क के किनारे सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की मजबूत ग्रिल को कंक्रीट समेत उखाड़ती हुई सीधे पास में स्थित एक सार्वजनिक पार्क के भीतर जा घुसी। इस जबरदस्त टक्कर के कारण थार गाड़ी का अगला हिस्सा भी पूरी तरह चकनाचूर हो गया और देर रात इलाके में तेज आवाज के कारण अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
वारदात के बाद वाहन में सवार दो युवतियां मौके से फरार
हादसे के शिकार हुए चौपहिया वाहन के भीतर चालक सहित कुल चार लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि वहां आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन इसी बीच थार में मौजूद दो युवतियां स्थिति की गंभीरता को देखते हुए और कानूनी कार्रवाई के डर से रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से तुरंत रफूचक्कर हो गईं। पुलिस अब घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर फरार हुई दोनों युवतियों की पहचान करने और उनके सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है।
अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा दूसरा युवक
इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले युवक के शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोहाली के सिविल अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया है और उसके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर मौजूद दूसरे घायल युवक की स्थिति पर डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार निगरानी रख रही है। अत्यधिक खून बह जाने और सिर में गंभीर चोट आने के कारण उसकी स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है, जिससे पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच और कानूनी कार्रवाई की शुरू
स्थानीय पुलिस थाना प्रभारी ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटनाग्रस्त थार और मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर पुलिस ने अपनी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। थार चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने, तेज गति और गैर-इरादतन हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि थार मालिक के दस्तावेजों की जांच की जा रही है और जल्द ही गाड़ी में सवार अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए शामिल कर सख्त वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कोर्ट परिसर में हत्या की साजिश का खुलासा, हाईकोर्ट ने आरोपी को दी राहत नहीं
18 Jul, 2026 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के इशारे पर न्यायालय परिसर के भीतर एक सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने की साजिश रचने के मुख्य आरोपी की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। उच्च न्यायालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे देश की न्याय व्यवस्था और स्थापित कानून के शासन पर एक सीधा और सीधा प्रहार करार दिया है। गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के कड़े प्रावधानों के तहत सुनाए गए इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक परिसरों की सुरक्षा और गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
न्यायिक परिसर की सुरक्षा और समाज में खौफ का माहौल
उच्च न्यायालय ने अपने कड़े रुख में स्पष्ट किया कि अदालत परिसर जैसी अति-सुरक्षित और पवित्र जगह पर किसी की हत्या की साजिश रचना महज किसी एक व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं माना जा सकता, बल्कि यह देश की पूरी न्यायिक प्रणाली को दी गई एक खुली चुनौती है। ऐसी साजिशें और घटनाएं समाज के आम नागरिकों के मन में गहरा खौफ और आतंक का माहौल पैदा करती हैं, जिसके कारण प्रथम दृष्टया ऐसे संवेदनशील मामलों को किसी भी स्तर पर हल्के में नहीं लिया जा सकता। हालांकि, आरोपी के कानूनी प्रतिनिधि ने यह तर्क देने का प्रयास किया था कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है, आरोपपत्र (चार्जशीट) भी अदालत में दाखिल की जा चुकी है और वह लंबे समय से जेल की सलाखों के पीछे है, इसलिए उसे जमानत का लाभ मिलना चाहिए।
अभियोजन पक्ष की दलीलें और गवाहों की सुरक्षा का संकट
दूसरी तरफ, राज्य सरकार और अभियोजन पक्ष ने आरोपी की जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध करते हुए अदालत के समक्ष कई पुख्ता सबूत पेश किए। सरकारी वकील ने दलील दी कि आरोपी एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय संगठित आपराधिक और आतंकी सिंडिकेट का बेहद सक्रिय हिस्सा है, जिसके सीधे तार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नेटवर्क से जुड़े होने के डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने यह आशंका भी मजबूती से उठाई कि यदि इस चरण पर आरोपी को जेल से रिहा किया जाता है, तो वह बाहर आकर मामले से जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों को डरा-धमका सकता है या सबूतों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ कर सकता है।
कड़े कानूनी प्रावधान और जमानत खारिज करने के मुख्य आधार
उच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद केस डायरी और रिकॉर्ड पर उपलब्ध तमाम सामग्रियों का गहनता से अवलोकन किया। अदालत ने अपने आदेश में यूएपीए (UAPA) की धारा 43-डी(5) का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस अधिनियम के तहत किसी भी आरोपी को जमानत देने से पहले अदालत को यह पूर्ण संतुष्टि होनी चाहिए कि उस पर लगे आरोप पहली नजर में पूरी तरह बेबुनियाद या गलत हैं, जबकि इस मामले में ऐसा बिल्कुल नहीं है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि इस मोड़ पर आरोपी को किसी भी प्रकार की राहत देने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता है और सभी साक्ष्यों का अंतिम व विस्तृत परीक्षण निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) की सुनवाई के दौरान ही मुकम्मल किया जाएगा।
न्यायिक संस्थाओं की साख और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संतुलन
अपने विस्तृत फैसले के अंतिम भाग में हाईकोर्ट ने रेखांकित किया कि न्यायालय परिसरों में इस प्रकार की हिंसक और आत्मघाती साजिशें न्याय प्रणाली में आम जनता के अटूट विश्वास को कमजोर करती हैं। यदि इस तरह की जघन्य वारदातों की योजना बनाने वाले अपराधियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी या सहानुभूति बरती जाएगी, तो इससे अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे और कानून के शासन पर इसका बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अदालत ने कहा कि ऐसे राष्ट्रविरोधी और समाजविरोधी मामलों में किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की तुलना में पूरे समाज की सामूहिक सुरक्षा और देश की न्यायिक साख को सर्वोपरि रखकर संतुलन बनाना बेहद अनिवार्य हो जाता है।
चार करोड़ की रंगदारी कांड में पूर्व थाना प्रभारी गिरफ्तार, जांच तेज
18 Jul, 2026 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर: पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए टांडा कोतवाली के पूर्व थाना प्रभारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा को अपनी हिरासत में ले लिया है। पूर्व पुलिस अधिकारी पर करीब चार करोड़ रुपये (चार लाख अमेरिकी डॉलर) की रंगदारी वसूलने और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगे हैं। यह बड़ी कार्रवाई अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई (FBI) द्वारा चलाए गए विशेष 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' के तहत पुख्ता इनपुट और साक्ष्य साझा किए जाने के बाद अमल में लाई गई है, जिसने पुलिस महकमे के भीतर तक अपराधियों की पहुंच को उजागर कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट से सांठगांठ का खुलासा
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार पूर्व थाना प्रभारी नागरा पर कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े सदस्यों के साथ गुप्त रूप से हाथ मिलाने का आरोप है। इस सिंडिकेट ने मिलकर संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) में रह रहे एक भारतीय मूल के परिवार को कानूनी पचड़ों में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम राशि की मांग की थी। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला के सख्त निर्देशों के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले की सघन जांच की गई, जिसके बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
हत्याकांड की आड़ में रची गई थी वसूली की साजिश
इस पूरे मामले के तार इस साल 15 जनवरी 2026 को टांडा के मियाणी गांव में हुई आम आदमी पार्टी (AAP) के सक्रिय कार्यकर्ता और स्थानीय व्यवसायी बलविंदर सिंह सतकरतार की सनसनीखेज हत्या से जुड़े हुए हैं। स्थानीय पुलिस ने शुरुआत में इस मर्डर केस में अमेरिका में रह रहे एक सेवानिवृत्त एएसआई चरनजीत सिंह को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नामजद किया था। हालांकि, बाद में अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इस पर बड़ा हस्तक्षेप करते हुए खुलासा किया कि इसी केस में राहत देने और नाम हटाने के एवज में रिटायर्ड एएसआई के परिवार से सुनियोजित तरीके से 4 लाख डॉलर की रंगदारी मांगी जा रही थी।
विदेशी एजेंसियों के दावों ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें
अमेरिकी अधिकारियों और खुफिया इनपुट के दावों ने पंजाब पुलिस के भीतर मौजूद काली भेड़ों की पोल खोल कर रख दी है। विदेशी एजेंसियों का स्पष्ट कहना है कि इस अंतरराष्ट्रीय रंगदारी रैकेट को सफलतापूर्वक चलाने में कुछ भारतीय पुलिस अधिकारियों की सक्रिय भूमिका थी, जिनमें तत्कालीन थाना प्रभारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम मुख्य कड़ी के रूप में सामने आया। जांच के दौरान यह पाया गया कि नागरा अपराधियों को कानूनी संरक्षण देने और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने के लिए अपने आधिकारिक पद का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में जांच प्रक्रिया तेज
इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी कमान जालंधर के एसपी (इन्वेस्टिगेशन) वनीत अहलावत को सौंपी गई है। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि गुरिंदरजीत सिंह नागरा की औपचारिक गिरफ्तारी के बाद अब इस केस से जुड़े अन्य संदिग्ध पुलिसकर्मियों और स्थानीय गैंगस्टरों की तलाश तेज कर दी गई है। जांच टीम अब आरोपी के बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और विदेशी संपर्कों को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वसूली गई रकम का कितना हिस्सा गैंगस्टरों तक पहुंचा और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं।
मांवां-धीयां सत्कार योजना में स्कैम, आंगनवाड़ी वर्कर और बेटा नामजद
17 Jul, 2026 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तरनतारन। पंजाब में पहली जुलाई से शुरू हुई मांवां धीयां सत्कार योजना के पंजीकरण के दौरान तरनतारन जिले के चोहला साहिब ब्लाक में एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सरकारी दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि खडूर साहिब हलके की 62 अलग-अलग महिलाओं के पंजीकरण फॉर्म में एक ही बैंक खाता संख्या दर्ज की गई थी। गहराई से की गई जांच में यह बात सामने आई कि यह बैंक खाता किसी भी महिला लाभार्थी का नहीं था, बल्कि इसे संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के बेटे के नाम पर खोला गया था ताकि सरकारी राशि का सीधे गबन किया जा सके।
योजना के पंजीकरण में गंभीर धांधली
इस बड़े फर्जीवाड़े की खबर सामने आते ही संबंधित विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी किए, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और उसके बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती विवरण के अनुसार, गांव भैल ढाए वाला में तैनात आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जतिंदर कौर की ड्यूटी अन्य विभागीय कर्मचारियों की तरह ही इस योजना के अंतर्गत योग्य महिलाओं का ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए लगाई गई थी, जिसका उसने गलत फायदा उठाया।
एक ही बैंक खाते का खेल
इस पूरी साजिश को बहुत ही शातिराना ढंग से अंजाम दिया गया था, जहां दर्जनों जरूरतमंद महिलाओं के हक को मारकर सरकारी पैसे को एक ही जगह ट्रांसफर करने की योजना थी। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने अपनी ड्यूटी का दुरुपयोग करते हुए सभी पात्र महिलाओं के दस्तावेजों के साथ चालाकी से अपने ही बेटे का बैंक अकाउंट नंबर लिंक कर दिया ताकि सरकार की तरफ से मिलने वाली वित्तीय सहायता सीधे उनके निजी खाते में पहुंच सके। हालांकि, विभाग की मुस्तैद वेरिफिकेशन टीम ने समय रहते इस विसंगति को पकड़ लिया और पैसे ट्रांसफर होने से पहले ही इस पूरे खेल को बिगाड़ दिया।
प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई
इस घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि योजना के तहत अब तक हुए सभी पंजीकरणों की दोबारा से बारीकी से जांच की जाए। पुलिस ने आरोपी मां और बेटे के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसते हुए मामले की तफ्तीश तेज कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले में विभाग का कोई अन्य कर्मचारी तो शामिल नहीं था। प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं में इस तरह की धोखाधड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
भारत-ब्रिटेन व्यापार संबंधों को मजबूती, अमृतसर एयरपोर्ट से पहली रेडीमेड गारमेंट खेप रवाना
17 Jul, 2026 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर: भारत और यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के बीच लागू हुए ऐतिहासिक व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते के अंतर्गत अमृतसर के श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से व्यापार जगत के लिए एक नया अध्याय शुरू हुआ है। इस समझौते के तहत रेडीमेड परिधानों (तैयार कपड़ों) की पहली निर्यात खेप को सीधे ब्रिटेन के लिए रवाना किया गया। यह कदम न केवल दोनों देशों के आपसी व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देगा, बल्कि पंजाब के औद्योगिक परिदृश्य और निर्यात क्षेत्र के विकास में भी एक क्रांतिकारी मोड़ साबित होगा।
ब्रिटेन के बाजारों में भारतीय परिधानों की सीधी पहुंच
इस व्यापार समझौते के प्रभावी होने के बाद यह पहला मौका है जब अमृतसर हवाई अड्डे से रेडीमेड कपड़ों की खेप सीधे ब्रिटिश बाजार के लिए रवाना की गई है। इस सीधी पहुंच से पंजाब के कपड़ा उद्योग और स्थानीय निर्यातकों के लिए अवसरों के नए द्वार खुल गए हैं। समझौते के तहत कई भारतीय उत्पादों को आयात शुल्क में बड़ी राहत मिली है, जिससे अब हमारे घरेलू उत्पाद ब्रिटेन के बाजारों में अन्य देशों के मुकाबले काफी किफायती और प्रतिस्पर्धी साबित होंगे।
लागत और समय की बचत से निर्यातकों को बड़ा फायदा
क्षेत्र के निर्यातकों का मानना है कि अमृतसर हवाई अड्डे से एयर कार्गो के जरिए सीधे माल भेजे जाने से परिवहन में लगने वाला समय और लॉजिस्टिक्स की लागत दोनों में भारी कमी आएगी। इस बड़ी सुविधा का लाभ न केवल पंजाब बल्कि पड़ोसी राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के निर्यातकों को भी मिलेगा। अब इन क्षेत्रों के व्यापारियों को अपने पार्सल भेजने के लिए दिल्ली या देश के अन्य बड़े हवाई अड्डों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।
अमृतसर कार्गो प्रबंधन की देखरेख में ऐतिहासिक शुरुआत
इस बेहद खास और गौरवपूर्ण अवसर पर अमृतसर कार्गो के स्टेशन प्रभारी आजाद सिंह तथा आयात-निर्यात कार्यकारी ऋषभ विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पहली खेप की रवानगी की सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से पूरा कराया। कार्गो विभाग की इस सक्रियता और बेहतर तालमेल से आने वाले समय में हवाई अड्डे से होने वाले निर्यात को और अधिक गति मिलने की पूरी उम्मीद है।
वैश्विक निर्यात हब के रूप में उभरेगा अमृतसर एयरपोर्ट
व्यापारिक विश्लेषकों के अनुसार, यह उपलब्धि अमृतसर हवाई अड्डे को उत्तर भारत के एक प्रमुख कार्गो और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी। यह पहल भारत-ब्रिटेन व्यापार को सुदृढ़ करने के साथ-साथ 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय विजन को भी धरातल पर उतारेगी। भविष्य में परिधानों के अलावा इस मार्ग से कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, हस्तशिल्प और अन्य औद्योगिक सामानों के निर्यात में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी जाएगी।
जॉम्बी ड्रग की आशंका से हड़कंप, लुधियाना में सड़क किनारे मिले युवक-युवती बेहोश
17 Jul, 2026 10:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना: पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना से नशीले पदार्थों के जानलेवा चंगुल में फंसी युवा पीढ़ी की बेहद दर्दनाक और विचलित करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे दो अलग-अलग वीडियो ने शहर के सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इन वीडियो में एक युवक और एक युवती नशे की अत्यधिक ओवरडोज के कारण अपने शरीर पर से पूरी तरह नियंत्रण खो चुके हैं और बेहद अस्वाभाविक शारीरिक मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं। इस भयावह स्थिति को देखकर लोग गहरे सदमे और चिंता में हैं।
उठने का प्रयास करते ही बार-बार गिरता दिखा युवक
नशे की इस खौफनाक स्थिति को उजागर करने वाला पहला वीडियो शहर के चंडीगढ़ रोड स्थित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के समीप बने एक जर्जर और वीरान मकान का बताया जा रहा है। वीडियो में काले रंग के कपड़े पहने एक बेबस युवक नशे के गहरे सुरूर में दीवार का सहारा लेकर किसी तरह सीधे खड़े होने की नाकाम कोशिश करता नजर आ रहा है। वह बार-बार खुद को संभालने की जद्दोजहद करता है लेकिन शरीर साथ नहीं देता और वह जमीन पर गिर जाता है। वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने इस खौफनाक मंजर को अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
व्यस्त समराला चौक के बीच सड़क पर बेसुध बैठी रही युवती
दूसरा बेहद चौंकाने वाला वीडियो शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार समराला चौक का है। इस वीडियो में एक युवती सड़क के बीचों-बीच घुटनों के बल बैठी हुई दिखाई दे रही है। नशे के तीव्र प्रभाव के कारण जैसे ही वह उठने का प्रयास करती है, उसका शारीरिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता है और वह बेहद अजीब तरीके से आगे की ओर झुक जाती है। हैरानी की बात यह है कि आसपास लोगों की भारी भीड़ और लगातार गुजरते वाहनों के शोर के बीच भी वह अपनी सुध-बुध खोकर वहीं असहाय पड़ी रही।
सोशल मीडिया पर खतरनाक जॉम्बी ड्रग के दावों की चर्चा तेज
इन दोनों ही वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नेटिजन्स द्वारा तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कई यूजर्स इन युवाओं की शारीरिक हरकतों और अस्वाभाविक मुद्राओं को विदेशों में तबाही मचाने वाली खतरनाक सिंथेटिक ड्रग यानी 'जॉम्बी ड्रग' से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इन वीडियो में जॉम्बी ड्रग जैसी किसी भी घातक सिंथेटिक दवा के इस्तेमाल की कोई आधिकारिक पुष्टि या घोषणा नहीं की है।
कमिश्नरेट पुलिस ने जारी की अपील और जांच में जुटी टीमें
इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी इन दोनों युवक-युवती को पहचानता हो, तो उनकी पहचान गुप्त रखते हुए तुरंत पुलिस को सूचित करे ताकि समय रहते उन्हें उचित चिकित्सा और नशा मुक्ति केंद्र में उपचार दिलाया जा सके। इसके साथ ही पुलिस की विशेष टीमें उस नशा तस्कर नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई हैं, जो शहर के युवाओं को इस मौत के मुंह में धकेल रहा है।
DGP गौरव यादव ने संभाली कमान, जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर कड़ी सुरक्षा
16 Jul, 2026 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को होने वाले प्रस्तावित दौरे को लेकर पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है। प्रधानमंत्री अपने इस दौरे के दौरान पुनर्निर्मित जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का भव्य उद्घाटन करने जा रहे हैं। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए पंजाब पुलिस ने रेलवे स्टेशन, मुख्य कार्यक्रम स्थल और उसके आस-पास के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के अभूतपूर्व और कड़े बंदोबस्त किए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश न रहे।
डीजीपी ने स्वयं संभाली कमान और सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई कमी न रहे, इसके लिए पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने खुद जालंधर पहुंचकर कमान संभाल ली है। उन्होंने कैंट रेलवे स्टेशन और कार्यक्रम स्थल का बारीकी से दौरा कर सुरक्षा तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान उनके साथ जालंधर के पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह सहित कई पड़ोसी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। डीजीपी ने ऑन-ड्यूटी तैनात सभी अधिकारियों को प्रधानमंत्री के रूट और कार्यक्रम स्थल के चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्जन और यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और जगह-जगह की जा रही नाकाबंदी के कारण रेलवे स्टेशन और उससे सटे इलाकों में आने-जाने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है। विशेष डीजीपी (कानून व्यवस्था) प्रवीण कुमार सिन्हा ने जनता के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि 17 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और पठानकोट को आपस में जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर अनावश्यक यात्रा करने से बचें। जो लोग बेहद जरूरी काम से निकल रहे हैं, वे निर्धारित समय से पहले या बाद में अपनी यात्रा प्लान करें।
सुरक्षा पाबंदियों के चलते सड़कों पर रेंगते वाहन और लगा जाम
प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर शहर के भीतर और बाहरी रास्तों पर किए गए भारी ट्रैफिक डायवर्जन का असर सड़कों पर साफ देखने को मिला। सुरक्षा कारणों से कई प्रमुख मार्गों को बंद किए जाने से शहर के विभिन्न चौराहों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण जाम की स्थिति बन गई। इस दौरान मुकेरियां से एक गंभीर मरीज को लेकर लुधियाना के डीएमसी अस्पताल जा रही एक एंबुलेंस भी भारी ट्रैफिक जाम के बीच फंस गई, जिसके चालक शेर सिंह ने बताया कि रूट बदले होने और गाड़ियों के अत्यधिक दबाव के कारण उन्हें निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आम जनता की सुविधा और न्यूनतम प्रतिबंधों का भरोसा
ट्रैफिक जाम की समस्याओं के बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि प्रधानमंत्री करीब दोपहर 3:40 बजे जालंधर पहुंचेंगे और लगभग डेढ़ घंटे तक शहर में रुकेंगे। विशेष डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन का मकसद आम नागरिकों की आवाजाही को पूरी तरह से ठप करना बिल्कुल नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी संभव होगा, वाहनों को वैकल्पिक और डाइवर्टेड मार्गों से सुरक्षित निकाला जाएगा और ट्रैफिक प्रतिबंधों को कम से कम समय के लिए ही प्रभावी रखा जाएगा ताकि स्थानीय लोगों और यात्रियों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।
रेलवे अलर्ट: पंजाब में 15 ट्रेनें प्रभावित, सफर से पहले चेक करें अपडेट
16 Jul, 2026 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर:जालंधर कैंट स्टेशन पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग बेहद सतर्क हो गया है। वीवीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत प्रधानमंत्री की सेहत और आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के लिए व्यापक और कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए विशेष रूप से चार उच्च स्तरीय चिकित्सा टीमों का गठन किया है, जो किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात रहेंगी।
एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात
गठित की गई प्रत्येक वीवीआईपी मेडिकल टीम में अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिसमें प्रमुख मेडिकल स्पेशलिस्ट, आर्थोपेडिक्स या जनरल सर्जन, एंस्थीसिया विशेषज्ञ, पैथोलाजिस्ट और फार्मासिस्ट शामिल हैं। यह सभी टीमें आधुनिक तकनीक से लैस एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के साथ मौके पर मुस्तैद रहेंगी। इन एंबुलेंसों में आपातकालीन जीवन रक्षक दवाएं, पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और प्रधानमंत्री के ब्लड ग्रुप से मेल खाते चार यूनिट सुरक्षित रक्त की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सिविल अस्पताल, पीएपी अस्पताल, सैन्य अस्पताल और दो बड़े निजी अस्पतालों को आपातकालीन अलर्ट पर रखा गया है।
सुरक्षा ब्लॉक के कारण 15 महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों के पहिये थमने के आसार
प्रधानमंत्री के दौरे और सुरक्षा कारणों के मद्देनजर रेलवे प्रशासन द्वारा भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। कैंट स्टेशन पर सुरक्षा प्रबंधों को पुख्ता करने के लिए 17 जुलाई को दोपहर दो बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक विशेष सुरक्षा ब्लॉक लिए जाने की संभावना है। यदि यह ब्लॉक प्रभावी होता है, तो इस समयावधि के दौरान रूट पर संचालित होने वाली करीब 15 प्रमुख रेलगाड़ियों का आवागमन सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है। इनमें से सात ऐसी महत्वपूर्ण ट्रेनें हैं जिनका जालंधर कैंट स्टेशन पर नियमित ठहराव है, और यदि ब्लॉक का समय दोपहर दो बजे से पहले किया जाता है, तो प्रभावित ट्रेनों की यह संख्या दोगुनी भी हो सकती है।
जम्मू रूट की ट्रेनों के लिए डायवर्जन प्लान, अंतिम निर्णय पर टिकी निगाहें
रेलवे ऑपरेशंस के अनुसार, सबसे अधिक परिचालन संबंधी चुनौती जम्मू की ओर से आने वाली रेलगाड़ियों के संचालन को लेकर खड़ी हो सकती है। यदि इन ट्रेनों को बीच के स्टेशनों पर रोकना संभव नहीं हुआ, तो रेलवे प्रशासन वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकता है, जिसके तहत ट्रेनों को जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन से मोड़कर नकोदर रेललाइन के रास्ते लुधियाना के लिए रवाना किया जाएगा। इस पूरे अस्थायी रूट डायवर्जन और ब्लॉक के सटीक समय को लेकर रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की उच्च स्तरीय बैठक के बाद अंतिम रूपरेखा पूरी तरह साफ हो पाएगी।
खेत में काम करने गए पूर्व सरपंच पर कुत्तों का हमला, 15 दिन में दूसरी मौत
16 Jul, 2026 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगराओं:पंजाब के जगराओं क्षेत्र में आवारा कुत्तों का जानलेवा आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे आम जनता का जीवन पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। यहाँ के समीपवर्ती गांव पब्बियां में आधी रात को खूंखार आवारा कुत्तों के एक झुंड ने अस्सी वर्षीय पूर्व सरपंच जगदीश सिंह पर उस समय जानलेवा हमला बोल दिया, जब वे अपने ही खेत में बनी मोटर (डेरे) पर मौजूद थे। कुत्तों के इस हिंसक झुंड ने बुजुर्ग पर इतनी बेरहमी से हमला किया कि उन्हें संभलने या शोर मचाने का मौका तक नहीं मिला। अत्यधिक खून बह जाने और शरीर पर गहरे जख्म होने के कारण पूर्व सरपंच ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इस रूह कंपा देने वाली दर्दनाक घटना के बाद पूरे ग्रामीण क्षेत्र में भारी दहशत और गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है।
खेत की मोटर पर बाथरूम के लिए उठे थे बुजुर्ग, खुद का बचाव करने में रहे असमर्थ
प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच जगदीश सिंह रात के समय खेतों की रखवाली के लिए अपनी मोटर पर सो रहे थे। देर रात जब वे बाथरूम जाने के लिए अपनी खाट से उठे, तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे खूंखार कुत्तों के झुंड ने उन पर अचानक हमला कर दिया। अधिक उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण बुजुर्ग पूर्व सरपंच इन हिंसक जानवरों के सामने अपना बचाव करने में पूरी तरह असमर्थ रहे। कुत्तों ने उन पर इस कदर वहशियाना हमला किया कि उनके शरीर के अंगों को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया। सुबह जब परिजन और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो वहां का खौफनाक मंजर देखकर सभी की आंखें नम हो गईं और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।
पंद्रह दिन के भीतर दूसरी मौत से सहमे ग्रामीण, शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर
गांव पब्बियां में आवारा कुत्तों के कारण मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। महज पंद्रह दिन पहले ही इसी गांव में कुत्तों के इसी हिंसक झुंड ने बिहार के रहने वाले एक बेकसूर प्रवासी मजदूर को घेरकर उसे भी मौत के घाट उतार दिया था। आधे महीने के भीतर लगातार दो लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके के निवासियों के मन में गहरा खौफ पैदा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अब लोग रात के समय तो दूर, दिन के उजाले में भी अकेले खेतों की तरफ जाने या सुनसान रास्तों से गुजरने में थर-थर कांप रहे हैं। स्थिति यह हो गई है कि सूरज ढलते ही पूरा गांव एक अघोषित कर्फ्यू की तरह सन्नाटे में डूब जाता है और लोग खुद को घरों के भीतर बंद कर लेते हैं।
प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ फूटा गुस्सा, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
इस भयावह स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने नगर परिषद सहित जिला प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले खुद जगराओं शहर में भी महज एक हफ्ते के भीतर अठारह से अधिक राहगीरों को आवारा कुत्तों ने काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इन आदमखोर हो चुके कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी के लिए तुरंत एक विशेष अभियान चलाया जाए। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार और स्थानीय प्रशासन ने समय रहते इस जानलेवा समस्या का कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला, तो वे मुख्य मार्गों को जाम कर प्रशासन के खिलाफ एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
छात्रों के लिए खुशखबरी, पंजाब सरकार दे रही पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का लाभ
15 Jul, 2026 06:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संगरूर। पंजाब सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के होनहार और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शैक्षणिक सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया को आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। इसके लिए विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन पोर्टल को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि योग्य छात्र बिना किसी परेशानी के अपना पंजीकरण करा सकें। जिला प्रशासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपने आवेदन फॉर्म जमा करें, ताकि प्रक्रिया में कोई तकनीकी अड़चन न आए और वे इस कल्याणकारी योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
आवेदन प्रक्रिया और समय-सीमा का निर्धारण
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए इस छात्रवृत्ति योजना का विशेष ऑनलाइन पोर्टल एक जुलाई से पूरी तरह खोल दिया गया है। छात्रवृत्ति के लिए पात्र उम्मीदवार आगामी 15 नवंबर तक अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि 15 नवंबर के बाद किसी भी परिस्थिति में पोर्टल पर आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए छात्र अपने सभी आवश्यक दस्तावेज, जैसे जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और शैक्षणिक दस्तावेज पहले से ही तैयार रखें ताकि तय समय-सीमा के भीतर आसानी से ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भरा जा सके।
आर्थिक तंगी से पढ़ाई छोड़ने की मजबूरी होगी खत्म
इस योजना के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उपायुक्त पूनमदीप कौर ने बताया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के उस वर्ग तक शिक्षा की पहुंच आसान बनाना है जो आर्थिक रूप से कमजोर है। कई बार देखा जाता है कि बेहद प्रतिभावान और पढ़ाई में अच्छे होने के बावजूद कई मेधावी छात्र पैसों की कमी या भारी फीस के कारण अपनी उच्च शिक्षा को आगे जारी नहीं रख पाते और उन्हें बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। यह छात्रवृत्ति योजना ऐसे सभी विद्यार्थियों के लिए एक संबल का काम करेगी और उनके भविष्य को उज्जवल बनाने में मददगार साबित होगी।
जिला प्रशासन की पात्र विद्यार्थियों से विशेष अपील
जिला स्तर पर इस योजना को पूरी तरह से सफल बनाने और हर जरूरतमंद छात्र तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई है। अधिकारियों का कहना है कि अक्सर छात्र अंतिम दिनों में आवेदन करने का प्रयास करते हैं जिससे सर्वर पर लोड बढ़ने के कारण वेबसाइट धीमी हो जाती है और कई छात्र आवेदन करने से वंचित रह जाते हैं। इसी समस्या से बचने के लिए विद्यार्थियों को शुरूआती दिनों में ही आवेदन करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर छात्रों को जागरूक करें।
उच्च शिक्षा और सुनहरे भविष्य की नई राह
यह योजना न केवल अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी बल्कि उन्हें देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए भी प्रेरित करेगी। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति मिलने से छात्रों के परिवारों पर पढ़ाई के खर्च का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और छात्र बिना किसी मानसिक तनाव के अपनी पसंद के तकनीकी या व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे। सरकार की इस पहल से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वंचित वर्ग की भागीदारी बढ़ेगी और समाज में समानता के साथ-साथ शिक्षा के स्तर में भी एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
पंजाब SIR विवाद: भाजपा का दावा- नियमों से बाहर मांगी जा रही जानकारी
15 Jul, 2026 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान की पारदर्शिता पर गंभीर आशंकाएं व्यक्त की हैं। पार्टी ने इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग और पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक औपचारिक पत्र लिखकर इस पूरी प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि प्रदेश के कई हिस्सों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगे कुछ प्रशासनिक अधिकारी निर्वाचन आयोग द्वारा जारी तय नियमों और दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन कर रहे हैं।
मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर भाजपा के गंभीर आरोप
पंजाब भाजपा ने इस अभियान की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मतदाता सूची को दुरुस्त करने की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की जा रही है। पार्टी के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया की शुचिता को बनाए रखना बेहद जरूरी है, लेकिन वर्तमान में जमीनी स्तर पर जो गतिविधियां देखी जा रही हैं, वे संदेह पैदा करती हैं। इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं कि जिम्मेदार अधिकारी अपने तय दायित्वों से अलग हटकर काम कर रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता खतरे में पड़ गई है।
निर्वाचन आयोग से तुरंत हस्तक्षेप और जांच की मांग
पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ बताते हुए केंद्रीय निर्वाचन आयोग से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। भाजपा की ओर से भेजे गए शिकायत पत्र में मांग की गई है कि चुनावी निष्पक्षता को बरकरार रखने के लिए इन आरोपों की तुरंत उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषी अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में मतदान प्रक्रिया की शुचिता पर कोई आंच न आए।
सरकारी योजनाओं का डेटा जुटाने का सनसनीखेज दावा
शिकायत में सबसे बड़ा और गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगे कुछ अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं से पंजाब सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारियां एकत्र कर रहे हैं। भाजपा का दावा है कि मतदाता सूची की समीक्षा के बहाने इस तरह का डेटा जुटाना पूरी तरह से अवैध है और यह सीधे तौर पर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है, जो निर्वाचन आयोग के तय मानदंडों के खिलाफ है।
निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के लिए प्रशासनिक पारदर्शिता जरूरी
भाजपा नेताओं का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची का पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन होना सबसे बुनियादी आवश्यकता है। यदि इस सूची को तैयार करने वाले प्रशासनिक अधिकारी ही किसी राजनीतिक प्रभाव या निर्धारित नियमों से परे जाकर काम करेंगे, तो निष्पक्ष चुनाव की कल्पना अधूरी रह जाएगी। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले में त्वरित प्रशासनिक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे इस विषय को लेकर हर स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे।
पंजाब कांग्रेस में नई नियुक्ति पर सस्पेंस बरकरार, हाईकमान लेगा अंतिम फैसला
15 Jul, 2026 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और राजनीतिक बयानबाजी के बीच पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने एक बड़ा बयान देकर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम लगा दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पार्टी के बड़े नेताओं के साथ हुई एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व में तत्काल किसी भी तरह के बदलाव की कोई योजना नहीं है। इस मुद्दे पर मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने कड़े तेवर दिखाए और कहा कि पार्टी का प्रदेश नेतृत्व बदलना कोई "गुड्डा-गुड़िया का खेल" नहीं है कि जब चाहा तब बदल दिया।
दिल्ली में हुई पंजाब संकट पर बड़ी बैठक
कांग्रेस संगठन के उच्च स्तर पर पंजाब के मौजूदा हालातों को लेकर दिल्ली में एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल के साथ पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य और संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के तुरंत बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ किया कि उन्होंने पंजाब के पूरे राजनीतिक घटनाक्रम और जमीनी हकीकत को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट वेणुगोपाल को सौंप दी है, और अब इस पर कोई भी अंतिम निर्णय केवल कांग्रेस हाईकमान द्वारा ही लिया जाएगा।
वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली दौड़ और सीएम पद की होड़
पंजाब कांग्रेस में मचे इस सियासी घमासान के बीच दिल्ली का राजनीतिक तापमान भी बढ़ गया है, जहां तमाम गुटों के दिग्गज नेता अपनी बात आलाकमान के सामने रखने के लिए डेरा डाले हुए हैं। इसी कड़ी में पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी बुधवार को अचानक केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करने उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी के अलग-अलग धड़ों में सांगठनिक वर्चस्व और भविष्य में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर अंदरूनी खींचतान काफी तेज हो गई है।
चन्नी बनाम राजा वड़िंग की तकरार और चुनावी चुनौतियां
दरअसल, पंजाब कांग्रेस में यह पूरा विवाद प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के गुट और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों के बीच शुरू हुआ है। चन्नी समर्थक गुट लगातार प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव की मांग कर रहा है, जबकि आलाकमान इस नाजुक मोड़ पर किसी भी तरह के बड़े फेरबदल से बचना चाहता है। अनुशासन बनाए रखने की हिदायत देते हुए पार्टी नेतृत्व ने सभी नेताओं को अंदरूनी मामलों पर सार्वजनिक बयानबाजी न करने की चेतावनी दी है ताकि आगामी चुनावों के मद्देनजर पार्टी की एकजुटता को कोई नुकसान न पहुंचे।
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