पंजाब
पटियाला के चहल गांव में पंचायत ने प्रवासी मजदूरों को गांव छोड़ने का फरमान सुनाया
2 Apr, 2025 09:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के पटियाला जिले में प्रवासी मजदूरों को गांव छोड़ने का फरमान जारी किया गया है. गांव के लोगों ने पंचायत कर यह फैसला लिया है. जिले के नाभा ब्लॉक के गांव चहल में पंचायत ने गांव में किराए पर रह रहे 4 से 5 हजार प्रवासी मजदूरों को निकालने का आदेश सुनाया है. यह फरमान बीते रविवार को गांव की पंचायत द्वारा जारी किया गया. फरमान के बाद कई प्रवासी मजदूर अपने किराए के घरों को छोड़कर चले गए हैं.
गांव के दो निवासी सुखराज सिंह नोनी और शमशेर सिंह ने बताया कि गांव में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रह रहे थे, जिससे अपराध और अन्य घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. इसी कारण पंचायत ने यह फैसला लिया. दूसरी ओर पुलिस ने बताया कि उन्होंने स्थिति को शांत कर दिया है.
एक अप्रैल तक का दिया था समय
पंजाब में प्रवासी मजदूर कृषि और उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. लेकिन हाल ही में कुछ गांवों में प्रवासी मजदूरों को निकालने की घटनाएं बढ़ी हैं. इसी कड़ी में नाभा ब्लॉक के चहल गांव में पंचायत ने यह निर्णय लिया है. आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रवासी मजदूर उपद्रव करते हैं और अपराध बढ़ा रहे हैं. पंचायत ने उन्हें 1 अप्रैल तक गांव छोड़ने का समय दिया था, जिसके चलते कई मजदूर पहले ही निकल चुके हैं. उनके छोड़े हुए किराए के मकानों पर लगे ताले इस बात की गवाही दे रहे हैं.
पुलिस ने किया पांच पर केस
हालांकि, जब इस मुद्दे पर पंचायत सरपंच और अन्य सदस्यों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से इनकार कर दिया. लेकिन गांव के दो व्यक्तियों ने आगे आकर कहा कि वे प्रवासी मजदूरों को गांव में रहने नहीं देंगे। वहीं, कुछ लोग इस फैसले का विरोध भी कर रहे हैं, लेकिन वे भी सार्वजनिक रूप से कुछ बोलने से बच रहे हैं. पुलिस ने गांव के पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है ताकि माहौल खराब न हो.
पूरे गांव के लोगों ने लिया फैसला
गांव चहल के निवासी सुखराज सिंह नोनी और शमशेर सिंह ने बताया कि गांव के पास स्थित फैक्ट्री में लगभग 7 हजार प्रवासी मजदूर काम कर रहे हैं. उनके आने के बाद से चोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं. पंचायत बनने से पहले ही यह शर्त रखी गई थी कि प्रवासी मजदूरों को गांव से निकाला जाएगा. पंचायत ने पूरे गांव की सहमति से यह फरमान जारी किया था. हालांकि, कुछ स्थानीय लोग, जो इन मजदूरों को किराए पर रखते थे, इसका विरोध कर रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं.
पुलिस ने दी चेतावनी
उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल उनके गांव का फरमान नहीं है, बल्कि आसपास के करीब 10 गांवों की पंचायतों ने भी ऐसा ही आदेश जारी किया है. लेकिन पुलिस ने केवल उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है और उन्हें धमकाया जा रहा है. पंचायत के लोग इस वजह से कैमरे के सामने आने से कतरा रहे हैं. पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि अगर वे कोई बयानबाजी या प्रदर्शन करेंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
गांव के कुछ लोग समर्थन में
नाभा की तहसील थाना सदर भादसों के इंचार्ज जसप्रीत सिंह ने बताया कि गांव में किराए पर रह रहे प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. उन्हें गांववासियों की तरफ से एक लिखित शिकायत मिली थी कि मजदूरों को न निकाला जाए. इसके अलावा पांच शरारती तत्वों के खिलाफ अस्थायी रूप से मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति शांत है, और दोनों पक्षों को समझा दिया गया है.
पंजाब के गांव में विवाद, बाहरी लोगों से घर खाली करने की मांग, स्थानीय लोगों का विरोध
2 Apr, 2025 09:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के पटियाला जिले में प्रवासी मजदूरों को गांव छोड़ने का फरमान जारी किया गया है. गांव के लोगों ने पंचायत कर यह फैसला लिया है. जिले के नाभा ब्लॉक के गांव चहल में पंचायत ने गांव में किराए पर रह रहे 4 से 5 हजार प्रवासी मजदूरों को निकालने का आदेश सुनाया है. यह फरमान बीते रविवार को गांव की पंचायत द्वारा जारी किया गया. फरमान के बाद कई प्रवासी मजदूर अपने किराए के घरों को छोड़कर चले गए हैं.
गांव के दो निवासी सुखराज सिंह नोनी और शमशेर सिंह ने बताया कि गांव में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रह रहे थे, जिससे अपराध और अन्य घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. इसी कारण पंचायत ने यह फैसला लिया. दूसरी ओर पुलिस ने बताया कि उन्होंने स्थिति को शांत कर दिया है.
एक अप्रैल तक का दिया था समय
पंजाब में प्रवासी मजदूर कृषि और उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. लेकिन हाल ही में कुछ गांवों में प्रवासी मजदूरों को निकालने की घटनाएं बढ़ी हैं. इसी कड़ी में नाभा ब्लॉक के चहल गांव में पंचायत ने यह निर्णय लिया है. आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रवासी मजदूर उपद्रव करते हैं और अपराध बढ़ा रहे हैं. पंचायत ने उन्हें 1 अप्रैल तक गांव छोड़ने का समय दिया था, जिसके चलते कई मजदूर पहले ही निकल चुके हैं. उनके छोड़े हुए किराए के मकानों पर लगे ताले इस बात की गवाही दे रहे हैं.
पुलिस ने किया पांच पर केस
हालांकि, जब इस मुद्दे पर पंचायत सरपंच और अन्य सदस्यों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से इनकार कर दिया. लेकिन गांव के दो व्यक्तियों ने आगे आकर कहा कि वे प्रवासी मजदूरों को गांव में रहने नहीं देंगे। वहीं, कुछ लोग इस फैसले का विरोध भी कर रहे हैं, लेकिन वे भी सार्वजनिक रूप से कुछ बोलने से बच रहे हैं. पुलिस ने गांव के पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है ताकि माहौल खराब न हो.
पूरे गांव के लोगों ने लिया फैसला
गांव चहल के निवासी सुखराज सिंह नोनी और शमशेर सिंह ने बताया कि गांव के पास स्थित फैक्ट्री में लगभग 7 हजार प्रवासी मजदूर काम कर रहे हैं. उनके आने के बाद से चोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं. पंचायत बनने से पहले ही यह शर्त रखी गई थी कि प्रवासी मजदूरों को गांव से निकाला जाएगा. पंचायत ने पूरे गांव की सहमति से यह फरमान जारी किया था. हालांकि, कुछ स्थानीय लोग, जो इन मजदूरों को किराए पर रखते थे, इसका विरोध कर रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं.
पुलिस ने दी चेतावनी
उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल उनके गांव का फरमान नहीं है, बल्कि आसपास के करीब 10 गांवों की पंचायतों ने भी ऐसा ही आदेश जारी किया है. लेकिन पुलिस ने केवल उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है और उन्हें धमकाया जा रहा है. पंचायत के लोग इस वजह से कैमरे के सामने आने से कतरा रहे हैं. पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि अगर वे कोई बयानबाजी या प्रदर्शन करेंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
गांव के कुछ लोग समर्थन में
नाभा की तहसील थाना सदर भादसों के इंचार्ज जसप्रीत सिंह ने बताया कि गांव में किराए पर रह रहे प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. उन्हें गांववासियों की तरफ से एक लिखित शिकायत मिली थी कि मजदूरों को न निकाला जाए. इसके अलावा पांच शरारती तत्वों के खिलाफ अस्थायी रूप से मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति शांत है, और दोनों पक्षों को समझा दिया गया है.
मनीष सिसोदिया ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान की सराहना की
2 Apr, 2025 09:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेता और पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने नशे के खिलाफ पंजाब सरकार के अभियान ‘युद्ध नशयां विरूद्ध’ की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में हम पंजाब से नशे का सफाया कर देंगे. लुधियाना में आप पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा के साथ मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया.
उन्होंने नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की 360⁰ रणनीति बताई और कहा कि आज अरविंद केजरीवाल और संगठन के नेताओं के साथ मीटिंग में यह तय हुआ कि अब पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी का संगठन मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चलाएगी, ताकि हम पंजाब से नशा को जल्द से जल्द पूरी तरह खत्म कर सकें.
आम लोगों की जरूरतों पर चर्चा
मनीष सिसोदिया ने कहा कि दूसरी पार्टियों के संगठन की मीटिंग में सत्ता कैसे हासिल की जाए, इसकी चर्चा होती है. आम आदमी पार्टी की मीटिंग में लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है. कांग्रेस भाजपा और अकाली दल पर आरोप लगाते हुए सिसोदिया ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा नशा तस्करों को राजनीतिक संरक्षण देने के से पंजाब में नशा फैला. वहीं आप सरकार नशे से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई कर रही है और तस्करों को पकड़कर जेल भेज रही है.
लुधियाना में मनीष सिसोदिया ने कहा कि पिछली सरकारें पंजाब पुलिस का इस्तेमाल नशा तस्करों को बचाने के लिए करती थी. जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार पुलिस के माध्यम से नशे का खात्मा कर रही है. पिछले एक महीने में नशा तस्करों के खिलाफ करीब 2500 मामले दर्ज हो चुके हैं और करीब 4500 लोग पकड़े जा चुके हैं. वहीं 54 नशा तस्करों के घर गिराए गए.श और 51 एनकाउंटर किए गए.
नशा तस्करों को दी चेतावनी
इसके अलावा करीब 65 लाख ड्रग मनी और 7 लाख नशीली कैप्सूल एवं भारी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि आप सरकार नशे को लेकर कितना गंभीर है. उन्होंने नशा तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि नशे से जुड़े लोगों को अब अपना धंधा बंद करना होगा नहीं तो जेल जाने के लिए तैयार रहना पड़ेगा. आप सरकार में नशा एक भी नशा तस्कर बख्शे नहीं जाएंगे.
बच्चे कल लुधियाना की सड़कों पर उतरेंगे
सिसोदिया ने बताया कि बुधवार को लुधियाना से नशे के खिलाफ एक और अभियान की शुरूआत हो रही है. कल एनसीसी और एनएसएस के हजारों बच्चें शपथ लेंगे कि वे नशा नहीं करेंगे और अपने आस-पास के लोगों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करेंगे.
सिसोदिया ने कहा कि ये बच्चे कल लुधियाना की सड़कों पर उतरकर दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी नशा न करने की शपथ दिलाएंगे और पूरे शहर में नशे के खिलाफ प्रचार करेंगे. इसके अलावा कल से आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ता भी अपने अपने क्षेत्रों में घूमकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे.
शिरोमणि अकाली दल ने वक्फ विधेयक का विरोध किया, बिल पेश करने के तरीके पर जताई हैरानी
2 Apr, 2025 09:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्र सरकार बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश करेगी. विपक्ष और मुस्लिम संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं. इस खेमे में शिरोमणि अकाली दल भी शामिल है. पार्टी की कहना है कि वोटिंग के मुद्दे पर हरसिमरत कौर बादल संसद में ही स्टैंड क्लियर करेंगी. शिरोमणि अकाली दल का कहना है कि जिस तरह से मुस्लिम समुदाय से चर्चा किए बिना संसद में वक्फ बिल पेश किया जा रहा है, वो हैरान करने वाला है. शिरोमणि अकाली दल इस बिल में वक्फ बोर्ड के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर उन्हें सरकारी नियंत्रण में लेने के अलावा गैर मुस्लिमों को भी सदस्य नियुक्त करने का प्रस्ताव है, ये सही नहीं है. इससे पहले अकाली दल ने तख्त श्री हजूर साहिब और श्री पटना साहिब कमेटियों में सरकारी प्रतिनिधियों को शामिल करने का विरोध किया था. पार्टी का कहना है कि अगर वक्फ बिल लाया भी जा रहा है तो इससे पहले मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत करके आम राय बनाने चाहिए थी.
सरकार वक्फ बोर्ड पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रही
ताकि ये संदेश ना जाए कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड पर सरकारी नियंत्रण करने का प्रयास कर रही है. मुस्लिम समुदाय को हक है कि वो अपने धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी राय दें. शिरोमणि अकाली दल ने वक्फ बिल को सिखों के तख्त श्री पटना साहिब और श्री नांदेड़ साहिब के मैनेजमेंट में राज्य सरकारों के नुमाइंदे शामिल किए जाने के विवाद से जोड़ा. हालांकि शिरोमणि अकाली दल की पंजाब लीडरशिप ने लोकसभा में वोटिंग के मुद्दे पर अपने पत्ते फिलहाल नहीं खोले हैं. लोकसभा में पार्टी की इकलौती सांसद हरसिमरत कौर बादल मौके पर फैसला करेंगी कि वो बिल के खिलाफ वोट करेंगी या वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहेंगी. उधर,ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भाजपा के सहयोगी दलों समेत सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से अपील की कि वो वक्फ विधेयक का विरोध करें.
वक्फ विधेयक पर AAP का कड़ा विरोध, सीएम भगवंत मान ने कहा- हम हर हाल में मुसलमानों के पक्ष में खड़े हैं
1 Apr, 2025 10:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले वक्फ विधेयक का पूरी ताकत से विरोध करेगी. भगवंत मान ने ईद के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद कहा कि मुस्लिम भाई इस विधेयक का पुरजोर विरोध कर रहे हैं और इस घड़ी में आप उनके साथ खड़ी है.
उन्होंने कहा कि मुसलमानों के हितों की रक्षा के लिए आप संसद और पंजाब विधानसभा दोनों में वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करेगी.
हर तबके की भलाई के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार समाज के हर तबके की भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. वक्फ विधेयक पर 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति की 655 पन्नों की रिपोर्ट 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी गई थी. संसद की संयुक्त समिति ने 15-11 के बहुमत से सत्तारूढ़ बीजेपी के सदस्यों द्वारा सुझाए गए बदलावों वाली रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था. इस कदम के बाद विपक्ष ने इस कवायद को वक्फ बोर्ड को नष्ट करने का प्रयास करार दिया.
बता दें कि विपक्षी दल इस विधेयक का कड़ा विरोध कर रहे हैं और इसे असंवैधानिक तथा मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बता रहे हैं. कई प्रमुख मुस्लिम संगठन इस विधेयक के खिलाफ समर्थन जुटा रहे हैं. इस विधेयक की संसद की संयुक्त समिति ने पड़ताल की थी तथा कई संशोधनों के साथ इसे मंजूरी दी थी.
सरकार वक्फ विधेयक पेश करने को तैयार
अल्पसंख्यक और संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने सोमवार को कहा कि सरकार संशोधित वक्फ विधेयक को संसद में पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों पर समाज में अशांति फैलाने तथा इसके प्रावधानों को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया. वीकेंड और ईद की छुट्टी के बाद आज संसद की बैठक फिर शुरू होगी.
निचले सदन में पेश किए जाने की संभावना
रीजीजू ने कहा कि विधेयक को पेश करने का समय संसद की बैठक के बाद विचार-विमर्श के पश्चात तय किया जाएगा, लेकिन वह चाहते हैं कि इसे यथाशीघ्र पारित किया जाए. संसद का चालू बजट सत्र चार अप्रैल को खत्म होना है और इस विधेयक को कानून बनाने के लिए लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों में पारित कराना होगा. सरकार ने संकेत दिया है कि वह आज को विभिन्न दलों के नेताओं के साथ विधेयक पेश करने के समय पर चर्चा करेगी. इसे सबसे पहले, संभवतः बुधवार को निचले सदन में पेश किए जाने की संभावना है.
केजरीवाल की पदयात्रा ने पंजाब में नशे के खिलाफ नए जोश का संचार किया, युवाओं ने दिया समर्थन
1 Apr, 2025 10:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार ने राज्य में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चला रखा है. जिसके तहत नशा तस्करों पर शिकंजा कसा जा रहा है. वहीं अब नशे के विरुद्ध इस महायुद्ध में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी उतर गए हैं. 2 अप्रैल से अरविंद केजरीवाल नशे के विरुद्ध सड़कों पर उतरेंगे.
इसकी शुरुआत 2 अप्रैल को लुधियाना शहर से होगी. जहां अरविंद केजरीवाल शहर में स्कूल और कॉलेज के बच्चों के साथ पद यात्रा करेंगे. इस पद यात्रा का उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरुक करना है. और पंजाब को नशा मुक्त बनाकर फिर से रंगला पंजाब बनाना है.
नशे के खिलाफ गांवों में जाएंगे-केजरीवाल
इसकी जानकारी खुद अरविंद केजरीवाल ने दी. उन्होंने कहा कि मैंने दस दिन पहले कहा था कि नशे खिलाफ हम हर गांव में जाकर लोगों को जागरुक करेंगे. एक अप्रेल से हम हर गांव में जाना चालू करेंगे, मैं भी जाऊंगा, सीएम मान भी जाएंगे इसके साथ ही हर एमएलए, हर मंत्री, डीसी, SSP, एसपी, डीएसपी पूरा प्रशासन हर गांव में जाएगा.
2 अप्रैल से शहरों के अंदर कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से किसानों की फसलों की कटाई शुरू हो गई है. ऐसे में किसान मंडियों में फसल लेकर आएंगे. तो गांव में कोई नहीं मिलेगा. जिसके चलते इस कार्यक्रम को एक महीने के लिए पोस्टपोनड कर दिया है. लेकिन 2 अप्रैल से शहरों के अंदर यह कार्यक्रम होगा. और स्कलों और कॉलेज के बच्चे संकल्प लेंगे ना खुद नशा करेंगे, ना किसी को पंजाब में नशा बेचने देंगे.
अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील है कि वे बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करें. केजरीवाल ने कहा कि पंजाब को नशे से दूर करना हम सबकी जिम्मेदारी है. यदि हम ऐसा करते हैं तो इससे अच्छा और पुण्य का काम कोई नहीं है.
मोहाली अदालत का फैसला: पादरी बजिंदर सिंह को बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा
1 Apr, 2025 05:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के जालंधर के ताजपुर चर्च के स्वयंभू ईसाई पादरी बजिंदर सिंह को मोहाली की जिला अदालत ने 2018 के बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यह फैसला मंगलवार, 1 अप्रैल 2025 को आया. अदालत ने 28 मार्च को ही उन्हें दोषी ठहराया था. पीड़ित महिला ने खुशी जताते हुए कहा कि पिछले सात सालों से वह न्याय के लिए कोर्ट और पुलिस के चक्कर काट रही थी. उसने यह भी बताया कि बजिंदर सिंह ने न सिर्फ उसका, बल्कि कई अन्य महिलाओं का भी शोषण किया था.
मामला 2018 का है, जब एक 35 साल की महिला ने बजिंदर सिंह पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. पीड़िता का कहना था कि सिंह ने उसे विदेश ले जाने का लालच देकर मोहाली के अपने घर बुलाया. वहां उसने महिला के साथ बलात्कार किया और घटना को रिकॉर्ड करके उसे ब्लैकमेल करने की धमकी दी. अप्रैल 2018 में महिला ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत की. इसके बाद सिंह फरार हो गए, लेकिन दिल्ली हवाई अड्डे से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह लंदन भागने की कोशिश कर रहे थे.
महिला ने कहा, “वह धर्म के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाता था. मुझे और दूसरी महिलाओं को उसने अपने जाल में फंसाया. सात साल बाद आखिरकार मुझे इंसाफ मिला.” हाल ही में जालंधर की एक 22 साल की युवती ने भी सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसकी जांच चल रही है. इसके अलावा, एक वायरल वीडियो में सिंह को अपने ऑफिस में एक महिला और कर्मचारियों के साथ मारपीट करते देखा गया था. इस घटना के बाद मोहाली पुलिस ने उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए, जिनमें यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और शारीरिक हमला शामिल हैं.
असलियत सामने आई
बजिंदर सिंह ‘चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ नाम से जालंधर के ताजपुर और मोहाली के माजरी में चर्च चलाते हैं. वह अपने चमत्कारी दावों और धार्मिक सभाओं के लिए मशहूर थे. लेकिन उनके खिलाफ कई शिकायतों ने उनकी असलियत सामने ला दी. पंजाब राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है. एनसीडब्ल्यू ने पंजाब पुलिस से तेज कार्रवाई और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है. हाल ही में कुछ पीड़ित महिलाओं ने पंजाब हाई कोर्ट में भी अपनी सुरक्षा की मांग की है.
सिंह के समर्थकों का कहना है कि यह उनके खिलाफ साजिश है और वह निर्दोष हैं. वहीं, आलोचकों का मानना है कि वह अंधविश्वास फैलाकर लोगों का फायदा उठाते थे. कोर्ट के इस फैसले से पीड़िताओं को राहत मिली है, लेकिन कई सवाल अभी भी बाकी हैं कि क्या सिंह के खिलाफ सभी मामले सामने आ पाएंगे. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही अन्य मामलों में भी कार्रवाई होगी.
मनीष सिसोदिया ने पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की सराहना की, CM मान का बयान- IAS-IPS बनेंगे मार्गदर्शक
31 Mar, 2025 10:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के मार्गदर्शक बनेंगे, ताकि जीवन में ऊंचाइयों को छूने के लिए उनका मार्गदर्शन किया जा सके. स्कूल ऑफ एमिनेंस में आयोजित पीटीएम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि अधिकारी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करेंगे और शिक्षकों को उनके कौशल को निखारने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह प्रयास छात्रों को अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए पंख देगा, ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकें. भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये आईएएस और आईपीएस अधिकारी छात्रों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे, जिससे वे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में सफल होकर सिविल सेवाओं में शामिल हो सकें.
पंजाब की शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव- सिसोदिया
इससे पहले दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने संबोधन में पंजाब की शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार की सराहना की. उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान के शिक्षा मॉडल ने आश्चर्यजनक काम किया है क्योंकि शहरों के छात्र अब गांवों में स्थित सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए कतार लगा रहे हैं. मनीष सिसोदिया ने कहा कि साल 2022 की विधानसभा चुनावों से पहले जब वे राज्य का दौरा कर रहे थे, तब स्थिति पूरी तरह अलग थी और अब पिछले तीन सालों में राज्य में उल्लेखनीय बदलाव देखे जा रहे हैं.
आप नेता ने कहा कि पिछले 75 सालों की तुलना में पिछले तीन सालों में बहुत बेहतरीन काम किया गया है. उन्होंने कहा कि रंगला पंजाब केवल शिक्षा के माध्यम से ही बनाया जा सकता है. मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने 2022 से पहले राज्य के 50 से अधिक कस्बों, शहरों और गांवों के सरकारी स्कूलों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया था, जिनकी स्थिति खराब थी. हालांकि, उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि आज राज्य के स्कूलों का चेहरा पूरी तरह बदल गया है, जो राज्य में शिक्षा क्रांति का प्रतीक है.
पंजाब में पिछली सरकारों ने कुछ नहीं किया- मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े-लिखे राजनीतिक नेताओं ने कभी भी राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र कारण यह था कि उन्हें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने की कोई चिंता नहीं थी, लेकिन उनकी सरकार ने शिक्षा में यह ऐतिहासिक बदलाव लाया है. भगवंत सिंह मान ने छात्रों को जीवन में ऊंचाइयों को छूने के लिए पारंपरिक पार्टियों के नेताओं की तरह पैराशूट वाला रास्ता अपनाने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने का आह्वान किया.मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले वे लोग होते हैं जो पूरी दुनिया को जीतने के लिए जमीन से उठते हैं. उन्होंने कहा कि इन मेहनती लोगों के लिए कोई सीमा नहीं होती. भगवंत सिंह मान ने कहा कि दूसरी ओर पैराशूट से आने वाले लोग सीधे आकाश से उतरते हैं और बाद में या जल्द ही जमीन पर गिरने के लिए तैयार रहते हैं. उन्होंने कहा कि छात्र का ध्यान जीवन में शीर्ष स्थान हासिल करने पर होना चाहिए, जिसके लिए राज्य सरकार हर आवश्यक मदद प्रदान करेगी.
पूरे पंजाब में हर क्षेत्र में कई अनूठी पहल – CM मान
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आम आदमी की भलाई के लिए हर क्षेत्र में कई अनूठी पहल की हैं. उन्होंने कहा कि राज्य भर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां तीन करोड़ से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज हुआ है. इसी तरह, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने योग्यता के आधार पर 52,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अक्टूबर महीने में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण किसानों को अपनी धान की फसल बेचने में आने वाली मुश्किलों से बचाने के लिए धान की बुवाई का समय पहले करते हुए राज्य सरकार ने इस साल एक जून से धान की बुवाई का सीजन शुरू करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में धान की फसल की जोन-स्तर पर खेती की जाएगी, जिसके लिए पंजाब सरकार द्वारा आवश्यक योजना और प्रबंध किए जा रहे हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार नकली बीजों की बिक्री को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और इस घृणित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की पहल प्रशंसनीय-सिसोदिया
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी स्कूलों को बर्बाद कर दिया था क्योंकि नेता चाहते थे कि उनके चहेतों के निजी स्कूल अस्तित्व में रहें. उन्होंने कहा कि अब ध्यान राज्य भर के सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और सुधारने पर है, जो वास्तव में प्रशंसनीय है क्योंकि यह राज्य को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सुनिश्चित कर रहा है. मनीष सिसोदिया ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी स्कूल के हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके.
AG गुरमिंदर सिंह गैरी का इस्तीफा,AAP सरकार के कार्यकाल में चौथा इस्तीफा
31 Mar, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह गैरी ने इस्तीफा दे दिया है. उनका कार्यकाल 31 मार्च तक था. ये भी पंजाब में पहली बार हो रहा है कि एक ही सरकार में तीन एडवोकेट जनरल पहले हटाए जा चुके हैं और चौथे एडवोकेट जनरल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले उन्हें इस्तीफा देकर जाना पड़ रहा है.
एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह गैरी ने इस पद पर नियुक्त होने के 18 महीने बाद इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले विनोद घई ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया था. इसी के बाद 6 अक्टूबर, 2023 को गुरमिंदर सिंह को एजी के रूप में नियुक्त किया गया था.
कौन हैं एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह?
गुरमिंदर सिंह ने चंडीगढ़ में मौजूद पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ में ग्रेजुएशन की. उन्होंने 1989 में अपनी प्रैक्टिस शुरू की थी और 2014 में उन्हें वरिष्ठ वकील नामित किया गया था. वो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया, यूनियन सर्विस पब्लिक कमीशन, पंजाब विधानसभा और राज्य के अन्य बोर्डों और निगमों के लिए स्थायी वकील बने रहे. वो सेवा मुकदमेबाजी, संवैधानिक और आपराधिक मामलों में विशेषज्ञ हैं और चंडीगढ़, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में हाईकोर्ट के अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी पेश हुए हैं.
तीन AG हटाए गए
मार्च 2022 में जब आम आदमी पार्टी ने राज्य की कमान संभाली थी तब डीएस पटवालिया एजी के पद पर कायम थे. नई सरकार के कार्यभार संभालने के दो दिन के अंदर ही पटवालिया ने एजी पद से इस्तीफा दे दिया था. सरकार ने तब अनमोल रतन सिद्धू को एजी नियुक्त किया था. हालांकि, सिद्धू ने सिर्फ चार महीने बाद 30 जुलाई, 2022 को अपना इस्तीफा सौंप दिया था. उसी दिन, सरकार ने विनोद घई को इस पद के लिए नियुक्त किया था, जो 5 अक्टूबर, 2023 तक कार्यालय में रहे. इसी के बाद 6 अक्टूबर को, सरकार ने गुरमिंदर सिंह को एजी नियुक्त किया था. हालांकि, अब उन्होंने भी इस पद से इस्तीफा दे दिया है.
आई.ए.एस. अधिकारी मालविंदर सिंह जग्गी 33 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त
31 Mar, 2025 05:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सचिव और पंजाब कैडर के 2005 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी मालविंदर सिंह जग्गी, 33 वर्षों की सेवाओं के उपरांत 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो गये. पटियाला में शिक्षित और बौद्धिक परिवार में जन्मे जग्गी के पिता डॉ. रतन सिंह जग्गी प्रसिद्ध सिख विद्वान हैं. डॉ. जग्गी को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए भारत सरकार द्वारा देश के चौथे सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. घर के प्रेरणादायक और साहित्यिक माहौल ने मालविंदर सिंह जग्गी को बचपन से ही अच्छे गुण और प्रतिबद्धता की सीख दी. प्रारंभिक शिक्षा पटियाला से प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने समय के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज जी.एन.ई. लुधियाना से इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा प्राप्त की.
1992 में राज्य की शीर्ष सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर मालविंदर सिंह जग्गी पी.सी.एस. अधिकारी बने. सिविल अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करते हुए, वे 2005 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी के रूप में पदोन्नत हुए. अपने तीन दशकों के शानदार करियर के दौरान उन्होंने फील्ड में लुधियाना के एस.डी.एम., फतेहगढ़ साहिब, मानसा और पठानकोट के ए.डी.सी., नगर निगम लुधियाना और अमृतसर के कमिश्नर तथा फरीदकोट जिले के डिप्टी कमिश्नर के रूप में सेवाएं दीं. इन पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने जनता की आवश्यकताओं को समझकर अपनी कुशल सेवाओं के कारण लोकप्रियता प्राप्त की.
प्रशासनिक दक्षता से लक्ष्य हासिल
फील्ड पोस्टिंग के अलावा, मालविंदर सिंह जग्गी ने विभिन्न विभागों में मुख्यालय में सेवाएँ देते हुए अपनी प्रशासनिक दक्षता से कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को हासिल किया. पहले पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर वर्षभर आयोजित भव्य कार्यक्रमों के दौरान, उन्होंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में इन समारोहों के प्रबंधन की निगरानी की. सुल्तानपुर लोधी और डेरा बाबा नानक के अलावा पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों की उन्होंने व्यक्तिगत रूप से निगरानी की और इन सभी धार्मिक एवं ऐतिहासिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई.
विभिन्न विभागों में प्रमुख रहे जग्गी
मालविंदर सिंह जग्गी ने निदेशक के रूप में विभिन्न विभागों जैसे कि परिवहन, सामाजिक सुरक्षा एवं न्याय, संस्कृति और पर्यटन विभागों की सेवा करने के अलावा पंजाब जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पुडा के मुख्य प्रशासक के रूप में भी कार्य किया. जग्गी ने सचिव के रूप में सूचना एवं लोक संपर्क, नागरिक उड्डयन, लोक निर्माण विभाग, संस्कृति और पर्यटन, पशुपालन और कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिव के रूप में सेवाएँ देते हुए अपनी गहरी छाप छोड़ी. इस दौरान उन्होंने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के चेयरमैन के रूप में भी कार्य किया और राज्य के नियोजित शहरी विकास के लिए इस महत्वपूर्ण संस्था का नेतृत्व किया.
मालविंदर सिंह जग्गी वर्तमान में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत हैं और आज 31 मार्च को 33 वर्षों की शानदार सिविल प्रशासनिक सेवाओं के पश्चात सेवानिवृत्त हो गए हैं.
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के शो में पंजाब यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना, 1 की मौत, 3 घायल
29 Mar, 2025 05:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शुक्रवार की रात पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में हुई चाकूबाजी में एक युवक की मौत हो गई है. यूनिवर्सिटी में एबीवीपी की ओर से स्किट्रोन कार्यक्रम के तहत स्टार नाइट का आयोजन किया गया था, जहां हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा बुलाया गया था. इस दौरान शो देखने आए 2 गुटों के छात्रों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई है. जिसके बाद एक गुट छात्र ने दूसरे गुट के छात्रों पर चाकू हमला कर दिया था. इस हमले में चार लोगों को चाकू लगी थी, जिसमें एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में शुक्रवार को एबीवीपी ने स्किट्रोन कार्यक्रम रखा था. इसमें परफॉर्मेंस के लिए हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा को बुलाया गया था. हंसी-खुशी यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम चल रहा था. हजारों की संख्या में छात्र कार्यक्रम में पहुंचे थे, लेकिन इसी बीच दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई. जिसने देखते ही देखते खूनी रूप ले लिया. एक गुट के छात्र ने दूसरे गुट के छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया था.
एक छात्र की मौत
इस हमले में चार छात्र बुरी तरह से घायल हो गए थे, जिसमें से एक छात्र की मौत हो गई है. मृतक छात्र की पहचान आदित्य ठाकुर के तौर पर हुई है, जो हिमाचल प्रदेश का रहने वाला था. घायल आदित्य को इलाज के लिए तुरंत पीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि यह घटना स्टेज के पीछे ही हुई थी और म्यूजिक के शोर की वजह से बहुत देर तक लोगों को इस बात का पता ही नहीं चल पाया था.
तीन छात्र घायल
आदित्य पंजाब यूनिवर्सिटी में टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स कर रहा था वह सेकंड ईयर का छात्र था. इसके अलावा तीन अन्य छात्र भी इस हमले में घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है. दो घायल छात्रों की पहचान अनिरुद्ध और अर्जुन के तौर पर हुई हैं. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायल छात्रों को पीजीआई में भर्ती कराया है. पुलिस ने मृतक छात्र के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
सीएम भगवंत मान ने किसान आंदोलन पर की बड़ी बात, कहा- मैं किसानों के साथ हूं
29 Mar, 2025 05:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसान आंदोलन और बुल्डोजर एक्शन को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने साफ कहा कि वह किसानों के साथ हैं. शंभू बॉर्डर और खन्नौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन को लेकर सीएम मान ने कहा कि धरना देना उनका हक है. अपनी हकों के लिए लड़ना प्रजातांत्रिक अधिकार है, लेकिन किसानों के आंदोलन से बॉर्डर बंद हो गया. पंजाब ब्लॉक हो गया. अभी भी चार मई को केंद्र के साथ मीटिंग है. कई मीटिंग पहले भी हो चुकी थी. चार मई की मीटिंग में खुद किसानों को साथ लेकर जाऊंगा.
उन्होंने कहा कि बात केंद्र सरकार से है और आपने ब्लॉक कर दी है हाइवे. बिल्कुल ब्लॉक हो गया. कोई डंडा या पानी की बौछार नहीं चली है. प्यार से बोला. रास्ता खोलना है. बसें खड़ी हैं. बैठ जाइए. हमें बॉर्डर खोलना है. पंजाब का लॉस हो रहा है. लोगों को आगे-जाने में दिक्कत हो रही है. मांगें तो केंद्र से हैं, तो पंजाब के लोगों को परेशानी क्यों हो रही है?
सीएम मान का कांग्रेस पर तंज… हारने का बनाया रिकॉर्ड
कांग्रेस की आलोचना पर सीएम मान ने कहा कि निशाना अभी भी बीजेपी पर है. कांग्रेस तो है ही नहीं बीच में. कांग्रेस कहां है? वो तो दिल्ली में मां बेटे को छोटी स्टोरी सुना सकती है… एक थी कांंग्रेस. दिल्ली में कांग्रेस तीसरी बार जीरो है. हम तो विपक्ष में आ गए पर सीटें तो हैं. 1885 की पार्टी है. अभी भी जीरो है. हारने का रिकॉर्ड बना रखा है.
सीएम मान ने कहा कि मैं बॉर्डर खुलवाया है, लेकिन किसानों की मांगों के साथ अभी भी हूं. अन्नदाता हैं. परसों प्रह्लाद जोशी से मिलकर गया हूं. किसानों को उनका प्राइस दे दो. किसानों की आय दुगनी करेंगे. ये जुमले चल रहे हैं.
पंजाब में बुल्डोजर एक्शन पर सीएम मान ने कही ये बात
सीएम मान ने कहा कि जो नशे खिलाफ पंजाब में युद्ध शुरू किया है. ज्यादतर वे शरहद पार से आता है. अगर उस बंदे ने कितने घर बर्बाद कर दिए. नशा बेचकर जो पैसा कमाया. उससे बिल्डिंग खड़ी कर ली. कानून के अनुसार जो ड्रग्स के पैसे से बना है. उसे हम तोड़ सकते हैं. उस पर बुल्डोजर चल सकता है. उन्होंने कहा कि आप उनके घरों में जाकर देखें कि अकेले बेटा था और ड्रग्स के कारण मर गया. यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.
यह पूछे जाने पर कि अदालत में फैसला होगा.. सीएम ने कहा कि कितने साल केस चलते हैं. अगली पीढ़ी आ जाती है. एक मैसेज तो देना होगा. उन्होंने कहा कि फैसला सरकार भी करेगा और अदालत भी करेगा. उन्होंने कहा कि कोई पंजाब में जाए कोर्ट में जाए और कहे कि गलत ढंग से बुल्डोज कर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार फैसला करेगी. लोकतंत्र में इलेक्टेड चलते हैं, सेलेक्टेड नहीं चलते हैं. न्यायपालिका जिस दिन ऑर्डर कर देगी उसे हम मान लेंगे.
पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान में सीएम मान को मिला राज्यपाल का साथ
28 Mar, 2025 08:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को नशे के विरूद्ध अभियान में अब राज्यपाल का भी साथ मिल गया है. राज्य में बढ़ती नशे की लत को देखते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया एक पदयात्रा निकालने वाले हैं. यह यात्रा अगले महीने निकाली जानी है. जो 3 अप्रैल से शुरू होकर 8 अप्रैल तक निकाली जाएगी. ये पदयात्रा डेरा बाबा नानक से शुरू होकर अमृतसर में जलियांवाला बाग पर होगी खत्म.
पंजाब में सरकार की तरफ से चलाए जा रहे अभियान “युद्ध नशे विरुद्ध” के बाद अब राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया भी करेंगे पंजाब को नशा मुक्त करने के मकसद से पद यात्रा करने वाले हैं. इस यात्रा को लेकर उन्होंने विधायकों और नेताओं से बातचीत की है.
राज्यपाल ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी
राज्यपाल की ओर से पंजाब विधानसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर ये कहा गया कि नशे के खात्मे के लिए पंजाब सरकार भी काफी गंभीर है, और केंद्र सरकार भी इसके लिए कोशिश कर रही है. चिट्ठी में राज्यपाल में लिखा कि मैंने सभी विधायकों, मंत्रियों, सांसदों और यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलरों के साथ मीटिंग की और इस ड्रग्स के बारे में जानकारी ली. इसी को लेकर मैं एक पद यात्रा शुरू करने जा रहा हूं. राज्यपाल की और से लिखी गई चिट्ठी में बाकायदा इस पूरे पदयात्रा का शेड्यूल भी भेजा गया है.
राज्य सरकार के अभियान पर क्या बोले राज्यपाल?
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से चलाए जा रहे अभियान के ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं, और अब पंजाब के हर जागरूक नागरिक के लिए मौका है कि वह इस लड़ाई में सरकार का साथ दें. पंजाब की धरती को नशा मुक्त बनाएं. उन्होंने कहा कि जब कोई कार्य सामाजिक रूप से किया जाता है तो सफलता अवश्य मिलती है.
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से अपने स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के तहत एन डी पी एस एक्ट के तहत सबसे अधिक सजा भी पंजाब में ही निर्धारित की गई है. नशे के खिलाफ इस पैदल मार्च में शहर के विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों के अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी शामिल हुए.
मोहाली कोर्ट ने पादरी बजिंदर सिंह को दोषी ठहराया, रेप केस में सुनाया अहम फैसला
28 Mar, 2025 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली जिला न्यायालय ने एक ऐतिहासिक फैसले में पादरी बजिंदर सिंह को लगभग 8 साल पुराने बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया है. उन पर एक महिला के साथ बलात्कार का आरोप लगाया गया था. जिनके बारे में यह मामला चल रहा था. इस मामले में कोर्ट एक अप्रैल को अपना फैसला सुनाएगी. इस बीच कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में ले लिया.
बता दें कि कुछ दिन पहले बजिंदर सिंह का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह एक महिला को थप्पड़ मारते नजर आ रहे थे. जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
अदालत ने बजिंदर सिंह के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उसे दोषी पाया, जबकि मामले में शामिल अन्य 5 आरोपियों को बरी कर दिया. अदालत का फैसला आते ही पीड़ितों में खुशी की लहर दौड़ गई. पीड़ितों ने कहा कि आज उन्हें न्याय मिला है. हालाँकि, आज तक उन्हें इस लड़ाई को लड़ने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है.
सजा की घोषणा 1 अप्रैल को की जाएगी
हालांकि मोहाली कोर्ट ने आज बरजिंदर की सजा का ऐलान नहीं किया है. इसके लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की गई है. पीड़िता के परिवार ने पादरी बजिंदर के लिए सख्त सजा की मांग की है.
उधर, फैसले के ऐलान से पीड़ित पक्ष में खुशी का माहौल है, जो अदालत के फैसले से खुश हैं. साल 2018 के इस दुष्कर्म मामले की पीड़िता के पति ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आरोपी पादरी लगातार बीमार होने और अन्य बहाने बनाकर अदालत में पेश होने से बचता रहा था. वह अदालत को गुमराह करते हुए विदेश घूमता रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.
पीड़िता के परिवार से कड़ी सजा की मांग की
उन्होंने कहा कि हालांकि, इस मामले की सुनवाई के दौरान उन पर कई तरह के दबाव डाले गए. हमें धमकाया गया. वह स्वयं 6 महीने जेल में बिता चुके हैं, लेकिनसरकार और जनता के सहयोग से हमें अंततः न्याय मिला है. उन्होंने कहा कि भगवान ने पादरी को उसके कुकर्मों की सजा दी है. अब हम यही चाहते हैं कि उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि वह भविष्य में ऐसा पाप करने की कोशिश न करे.
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया करेंगे पंजाब में 'नशा मुक्त' अभियान के तहत पदयात्रा
28 Mar, 2025 05:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को नशे के विरूद्ध अभियान में अब राज्यपाल का भी साथ मिल गया है. राज्य में बढ़ती नशे की लत को देखते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया एक पदयात्रा निकालने वाले हैं. यह यात्रा अगले महीने निकाली जानी है. जो 3 अप्रैल से शुरू होकर 8 अप्रैल तक निकाली जाएगी. ये पदयात्रा डेरा बाबा नानक से शुरू होकर अमृतसर में जलियांवाला बाग पर होगी खत्म.
पंजाब में सरकार की तरफ से चलाए जा रहे अभियान “युद्ध नशे विरुद्ध” के बाद अब राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया भी करेंगे पंजाब को नशा मुक्त करने के मकसद से पद यात्रा करने वाले हैं. इस यात्रा को लेकर उन्होंने विधायकों और नेताओं से बातचीत की है.
राज्यपाल ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी
राज्यपाल की ओर से पंजाब विधानसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर ये कहा गया कि नशे के खात्मे के लिए पंजाब सरकार भी काफी गंभीर है, और केंद्र सरकार भी इसके लिए कोशिश कर रही है. चिट्ठी में राज्यपाल में लिखा कि मैंने सभी विधायकों, मंत्रियों, सांसदों और यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलरों के साथ मीटिंग की और इस ड्रग्स के बारे में जानकारी ली. इसी को लेकर मैं एक पद यात्रा शुरू करने जा रहा हूं. राज्यपाल की और से लिखी गई चिट्ठी में बाकायदा इस पूरे पदयात्रा का शेड्यूल भी भेजा गया है.
राज्य सरकार के अभियान पर क्या बोले राज्यपाल?
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से चलाए जा रहे अभियान के ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं, और अब पंजाब के हर जागरूक नागरिक के लिए मौका है कि वह इस लड़ाई में सरकार का साथ दें. पंजाब की धरती को नशा मुक्त बनाएं. उन्होंने कहा कि जब कोई कार्य सामाजिक रूप से किया जाता है तो सफलता अवश्य मिलती है.
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से अपने स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के तहत एन डी पी एस एक्ट के तहत सबसे अधिक सजा भी पंजाब में ही निर्धारित की गई है. नशे के खिलाफ इस पैदल मार्च में शहर के विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संगठनों के अलावा बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी शामिल हुए.
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