पंजाब
मिड-डे मील में सुधार की पहल, पंजाब में शुरू होंगी कुकिंग प्रतियोगिताएं
26 Apr, 2025 06:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटियाला: स्टूडेंट्स के स्वास्थ्य के मद्देनजर अब हर वर्ष सरकारी स्कूलों को मिड डे मील का सैंपल टेस्ट करवाना होगा। यह टेस्ट जिला की एक्रीडिएटेड लैब या एफएसएसएआई से हर वर्ष पहले तीन महीनों में करवाना जरूरी होगा।
कुकिंग प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी
इसके साथ ही ब्लॉक स्तर कुकिंग प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी, जिसमें विजयी रहने वाले कुक वर्कर को एक हजार रुपये से तीन हजार रुपये की इनामी राशी भी दी जाएगी। इसका मकसद मिड-डे-मील की गुणवत्ता में सुधार करने के साथ-साथ नई डिश बनाकर बच्चों स्वाद के अनुसार रोचक बनाना है, ताकि बच्चे एक ही तरह का खाना खा-खा कर बोर न हों।
इस संबंधी पंजाब स्टेट मिड-डे-मील सोसाइटी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है। आदेशों में कहा गया है पीएम पोषण स्कीम की प्लानिंग अप्रूवल बोर्ड की मीटिंग अनुसार फैसला किया गया है कि मिड-डे-मील खाने के सैंपल टेस्ट करवाना लाजमी है।
इसके तहत जिला की एक्रीडिएटेड लैब या एफएसएसएआई से हर वर्ष पहले तीन महीनों में करवाना जरूरी होगा। जबकि इस पर आने वाला सारा खर्च मिड-डे-मील साेसाइटी की तरफ से दिया जाएगा।
कुकिंग कंपीटिशन में नई डिश तैयार करेंगे वर्कर
हर ब्लॉक में कुक कम हेल्परों की कुकिंग प्रतियोगिता करवाई जाएगी, ब्लॉक स्तर पर जीतने वाले कुक कम हेल्परों का जिला स्तर पर मुकाबला करवाया जाएगा और जिला स्तर पर जीतने वाले कुक कम हेल्पर का राज्य स्तर पर मुकाबला करवाया जाएगा। ये मुकाबला मौजूदा मिड-डे-मील मीनू के मुताबिक ही करवाया जाएगा।
जैसे कि चावल या गेहूं से विद्यार्थियों की सेहत के मद्देनजर कोई भी बढ़िया डिश तैयार की जाए। इसके साथ ही उस डिश को उच्च अधिकारियों से प्रवान करवाकर स्कूल में लागू किया जाएगा। इसके अलावा प्रतियोगिता में विजयी रहने कुक कम हेल्पर को इनाम के तौर पर एक हजार रुपये, 500 रुपए, 300 रुपये बतौर सम्मान के तौर पर दिया जाएगा।
भोजन पर गणमान्यों को किया जाएगा आमंत्रित
इसके तहत अध्यापक किसी भी विशेष समारोह, विशेष दिन या त्योहार पर गांव के सरपंच, दानी सज्जनों या अन्य गणमान्यों को आमंत्रित किया जाएगा। जिन्हें कोई स्पेशल भेजन, फल या कोई मिठाई आदि विद्यार्थियों को दोपहर के भोजन में परोसा जाएगा। ताकि गांव वासी भी खाने की गुणवत्ता को चेक करें और उनका इसके प्रति विश्वास बढ़े।
सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ेगा विश्वास: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी संजीव शर्मा ने कहा इससे एक तो खाने की गुणवत्ता में सुधार होगा, दूसरा गांव निवासियों का मिड-डे-मील और सरकारी स्कूल के प्रति विश्वास बढ़ेगा। नए आदेशों संबंधी स्कूलों को अवगत करवा दिया गया है।
पहलगाम हमले के बाद भी करतारपुर साहिब में नहीं रुकी श्रद्धा की राह
25 Apr, 2025 02:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरदासपुर: हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले और भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद, करतारपुर कॉरिडोर श्रद्धालुओं के लिए पाकिस्तान में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने के लिए खुला है, जबकि अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट बंद है।
एक श्रद्धालु ने हमले पर अपनी असहमति व्यक्त की और कहा कि एक बार हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों को पकड़ लिया जाए, तो स्थिति साफ हो जाएगी।
श्रद्धालु ने कहा कि जो हुआ (आतंकवादी हमला) वास्तव में गलत था... मैं करतारपुर साहिब गुरुद्वारा में मत्था टेकने जा रहा हूं..उन्होंने (आतंकवादियों ने) नफरत फैलाने के लिए हिंदू भाइयों को निशाना बनाया। एक बार जब आतंकवादी पकड़े जाएंगे, तो सब कुछ साफ हो जाएगा।
पाकिस्तान के गुरुद्वारे को जोड़ता है करतारपुर कॉरिडोर
करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब को जोड़ता है, जो सिख धर्म के संस्थापक, गुरु नानक देव का अंतिम विश्राम स्थल है। यह कॉरिडोर पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक मंदिर को जोड़ता है। वीजा-मुक्त 4.7 किलोमीटर लंबा गलियारा भारतीय सीमा को पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब से कनेक्ट करता है। इसे 2019 में चालू किया गया था।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद क्या हुए फैसले
आतंकी हमले के बाद, केंद्र सरकार ने कई कूटनीतिक उपायों की घोषणा की, जैसे अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) को बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए SAARC वीजा छूट योजना (SVES) को निलंबित करना, उन्हें अपने देश लौटने के लिए 40 घंटे का समय देना और दोनों तरफ के उच्चायोगों में अधिकारियों की संख्या कम करना। भारत ने पहलगाम हमले के मद्देनजर 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भी रोक दिया।
सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान के बीच नौ साल की बातचीत के बाद 1960 में हस्ताक्षर किए गए थे। इस संधि में विश्व बैंक की मदद ली गई थी। विश्व बैंक के पूर्व अध्यक्ष यूजीन ब्लैक ने वार्ता की पहल की थी। इसे सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय संधियों में से एक माना जाता है।
नदियों के पानी का हुआ था बंटवारा
इस संधि ने संघर्ष सहित कई बार तनावों को झेला है। इसने आधी सदी से भी अधिक समय तक सिंचाई और जलविद्युत विकास के लिए एक रूपरेखा प्रदान की है। संधि पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) को पाकिस्तान और पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) को भारत को आवंटित करती है।
इसके साथ ही, संधि प्रत्येक देश को दूसरे को आवंटित नदियों के कुछ निश्चित उपयोग की अनुमति देती है। संधि सिंधु नदी प्रणाली से भारत को 20 प्रतिशत पानी आवंटित करती है, जबकि शेष 80 प्रतिशत पाकिस्तान को आवंटित किया जाता है।
ड्रग केस में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, बिक्रम मजीठिया को लगाई फटकार
25 Apr, 2025 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से एक और झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया केस की सुनवाई के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह एसआईटी की जांच में न सिर्फ पूरा सहयोग करें, बल्कि जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश से दूर रहें।
कोर्ट ने दो टूक कहा है कि मजीठिया एसआईटी के किसी सदस्य पर कोई भी सार्वजनिक टिप्पणी नहीं कर सकते। मीडिया में बयानबाज़ी पर सीधा प्रतिबंध लगाया गया है।
जमानत रद करने के सिवा और कोई विकल्प नहीं रहेगा
गौरतलब है कि हर पेशी के बाद बिक्रम मजीठिया एसआईटी पर ही आरोप लगाते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि मजीठिया ने एसआईटी के साथ सहयोग नहीं किया, या निर्देशों का उल्लंघन किया, तो कोर्ट के पास उनकी ज़मानत रद्द करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
2021 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
मजीठिया पर पंजाब में ड्रग माफिया के साथ साठगांठ के गंभीर आरोप लग चुके हैं। 2021 में उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। ईडी और पंजाब पुलिस की जांचों में मजीठिया के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा- खालिस्तान समर्थकों ने मेरी जान लेने की कोशिश की थी
23 Apr, 2025 08:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने हाल ही में अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाले वारिस पंजाब दे संगठन पर गंभीर आरोप लगाए. मंत्री बिट्टू ने रविवार को आरोप लगाया कि ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़े कुछ खालिस्तान समर्थक – जिसका प्रमुख अमृतपाल सिंह है, उनकी और पंजाब के अन्य राजनीतिक नेताओं की हत्या की साजिश रच रहे थे.
मंत्री ने दावा किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चैट के लीक हुए स्क्रीनशॉट से साजिश का ‘पर्दाफाश’ हुआ. बिट्टू ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने भी ‘वारिस पंजाब दे’ नेताओं के जरिए रची गई साजिश को गंभीरता से लिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे समूहों की गतिविधियां राज्य को उसके काले अतीत की याद दिलाते हुए अस्थिरता की तरफ धकेल रही हैं.
मंत्री ने क्या दावा किया?
मंत्री का दावा है कि व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट से पता लगता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की हिरासत को एक और साल के लिए बढ़ाए जाने को लेकर बिट्टू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाने के इरादों के बारे में पता लगता है.
पंजाब सरकार ने अमृतपाल की हिरासत को एक साल और बढ़ा दिया है. अमृतपाल (32) फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है. 23 अप्रैल, 2023 को गिरफ्तार होने के बाद उन्हें एनएसए के तहत हिरासत में रखा गया है. अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह ने रविवार को एनएसए के तहत अपने बेटे की हिरासत की अवधि बढ़ाने के लिए आप सरकार की आलोचना की. अमृतपाल को एक महीने से अधिक लंबी तलाशी के बाद 23 अप्रैल, 2023 को मोगा के रोडे गांव में गिरफ्तार किया गया था.
AAP को किया टारगेट
मंत्री बिट्टू ने आम आदमी पार्टी को भी टारगेट किया है. उन्होंने कहा, केंद्र राष्ट्रविरोधी ताकतों को पंजाब को अस्थिर करने की अनुमति नहीं देगा. शांति और एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, बिट्टू ने अपने परिवार की बलिदान की विरासत को याद दिलाया.
उन्होंने कहा, “मेरे दादा (बेअंत सिंह) ने पंजाब में शांति के लिए अपनी जान दे दी. मैं शहीदों के परिवार से आता हूं और मैं चरमपंथी धमकियों से नहीं डरता. मैं पंजाब को फिर से अंधेरे में नहीं जाने दूंगा. इस साजिश के पीछे जो लोग हैं, उन्हें परिणाम भुगतना होगा.
अमृतपाल का क्या है केस
अमृतपाल सिंह को एक महीने से ज्यादा लंबी तलाशी के बाद 23 अप्रैल, 2023 को मोगा के रोडे गांव में गिरफ्तार किया गया था. अमृतपाल और उसके साथियों पर एक्शन की वजह 23 फरवरी, 2023 को अमृतसर के अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुआ हिंसक हमला था. अपहरण के मामले में हिरासत में लिए गए अमृतपाल के करीबी सहयोगी लवप्रीत सिंह तूफान की रिहाई की मांग करने के लिए उनके हजारों समर्थकों ने तलवारों और बंदूकों से लैस होकर स्टेशन पर हमला कर दिया था. भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए थे, अधिकारियों के साथ झड़प की.
इस घटना के बाद, पंजाब पुलिस ने 18 मार्च, 2023 को अमृतपाल के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया था. वो एक महीने से ज्यादा समय तक गिरफ्तारी से बचता रहा, जिसके बाद हाई-प्रोफाइल तलाशी अभियान चलाया गया था. अमृतपाल सिंह को 23 अप्रैल, 2023 को मोगा जिले के रोडे गांव में एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया गया था.
12 से ज्यादा ग्रेनेड हमलों के पीछे था हैप्पी पासिया, पंजाब पुलिस ने किया गिरफ्तार
19 Apr, 2025 02:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब में पिछले कुछ दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिसने सबको परेशान कर दिया. यहां कई जगहों पर ग्रेनेड हमले किए गए थे. पुलिस इस मामले में काफी बारीकी से जांच कर रही थी. पंजाब में अलग-अलग जगहों पर 12 से ज्यादा हमले हुए थे. ये हमला अमेरिका में बैठा आतंकी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया करवा रहा था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके बाद कई खुलासे हुए हैं. पुलिस को पासिया ने बताया कि वो हरविंदर सिंह सिंधु उर्फ रिंदा के इशारों पर काम करता था. उसके कहने पर ही हमला किया जाता था.
कौन है हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा?
हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला था. बहुत छोटी उम्र में ही रिंदा ने जुर्म की दुनिया में कदम रख लिया था. पहला मामला पर उस पर महज 18 साल की उम्र में दर्ज किया गया था. उस समय उसने अपने करीबी रिश्तेदार को मौत के घाट उतारा था. तभी से उसकी क्राइम में एंट्री हुई.
अपने पहले मर्डर के बाद से लोग इससे डरने लगे थे. यही कारण है कि इसका फायदा उठाते हुए उसने व्यापारियों को धमकाकर वसूली करनी शुरू कर दी. इस दौरान उसने 2 और मर्डर किए थे. पुलिस ने रिंदा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
रिंदा के जेल में रहने के दौरान उसके परिवार वालों ने उसे पंजाब ट्रांसफर करने की अपील की थी. इसके पीछे की वजह ये थी कि वो पंजाब में ज्यादा सुरक्षित था. 2016 में दो और मामले दर्ज किए गए. इसके बाद उसे हिट लिस्ट में शामिल किया गया.
छात्र राजनीति में जमाई अपनी धाक
रिंदा जेल से बाहर आने के बाद राजनीति में उतर गया और उसने पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) कैंपस को चुना. इस दौरान रिंदा ने अपनी धाक जमाने के लिए वहां छात्र नेताओं पर गोलियां बरसांई और एक इंस्पेक्टर के मर्डर की साजिश रची. इसके लिए उसने धमाके भी किए थे. 2017 में दोबारा उसने 2 लोगों का मर्डर किया. इसके अलावा भी उस पर कई अन्य मामले भी दर्ज हैं. यही कारण है कि उसने इन अपराधों की मदद से क्राइम की दुनिया में अपना नाम बना लिया.
इतने मामले दर्ज होने के बाद पुलिस उसे तलाश कर रही थी. इस दौरान वो नेपाल के रास्ते पाकिस्तान चला गया. जहां से अब वो अपने पूरे ऑपरेशन को अंजाम देता है. इसके साथ ही वो खालिस्तान संगठनों के साथ भी जुड़ा हुआ है. पंजाब में हाल ही में हुए ग्रेनेड हमलों के पीछे रिंदा ही था. जिसके इशारों पर पासिया और अन्य लोग मिलकर अंजाम दे रहे थे.
डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल की हिरासत बढ़ी, NSA के तहत रहेंगे कैद
19 Apr, 2025 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह पिछले 2 साल से नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है. हालांकि, अब अमृतपाल सिंह के डिटेंशन के समय को 1 साल और बढ़ा दिया गया है.
23 अप्रैल को अमृतपाल की डिटेंशन के 2 साल पूरे हो रहे हैं. पंजाब पुलिस की एक टीम ने अमृतपाल को पंजाब में लाने के लिए असम जाने की पूरी तैयारी भी कर ली थी, लेकिन ऐन मौके पर राज्य और केंद्र सरकार की सुरक्षा एजेंसियों ने आपसी विचार-विमर्श के बाद अमृतपाल को एक साल के लिए और एनएसए के तहत डिटेंशन में रखने का फैसला लिया है.
सहयोगियों को लाया गया था पंजाब
अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिश पर राज्य के गृह विभाग ने एक साल की हिरासत अवधि को और बढ़ाया है. एनएसए के अलावा अमृतपाल पर UAPA के तहत भी केस दर्ज है. अमृतपाल के नौ सहयोगियों को इस महीने की शुरुआत में पंजाब वापस लाया गया है और अब वे पंजाब पुलिस की हिरासत में हैं. पपलप्रीत के अलावा, जो अमृतपाल और उनके मीडिया सलाहकार का प्रमुख सहयोगी है और हाल ही में पंजाब वापस लाया गया था, अन्य आठ सहयोगी हैं – कुलवंत सिंह राउके, हरजीत सिंह चाचा, गुरिंदर पाल सिंह उर्फ गुरी, गुरुमीत सिंह बुकनवाला, भगवंत सिंह, दलजीत सिंह कलसी, बसंत सिंह और वरिंदर सिंह उर्फ फौजी. यह सभी आरोपी अब पंजाब की अलग-अलग जेलों में बंद हैं.
क्या है मामला?
अमृतपाल सिंह को एक महीने से अधिक लंबी तलाशी के बाद 23 अप्रैल, 2023 को मोगा के रोडे गांव में गिरफ्तार किया गया था. अमृतपाल और उसके साथियों पर कार्रवाई की वजह 23 फरवरी, 2023 को अमृतसर के अजनाला पुलिस स्टेशन पर हुआ हिंसक हमला था. अपहरण के मामले में हिरासत में लिए गए अमृतपाल के करीबी सहयोगी लवप्रीत सिंह तूफान की रिहाई की मांग करने के लिए उनके हजारों समर्थकों ने तलवारों और बंदूकों से लैस होकर स्टेशन पर धावा बोल दिया. भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए, अधिकारियों के साथ झड़प की और तूफान की रिहाई सुनिश्चित कर ली.
इस घटना के बाद, पंजाब पुलिस ने 18 मार्च, 2023 को अमृतपाल के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया. वो एक महीने से अधिक समय तक गिरफ्तारी से बचता रहा, जिसके बाद हाई-प्रोफाइल तलाशी अभियान चलाया गया. इस दौरान पंजाब में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं.
बाद की जांच के बाद अमृतपाल और उसके कई सहयोगियों के खिलाफ एनएसए लागू किया गया था. 20 और 21 मार्च, 2023 को अमृतपाल के पांच सहयोगियों एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया और डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया. अमृतपाल सिंह को 23 अप्रैल, 2023 को मोगा जिले के रोडे गांव में एक गुरुद्वारे से गिरफ्तार किया गया था. मार्च में जारी किए गए एनएसए वारंट को निष्पादित किया गया और उन्हें डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया.
लुधियाना में हाईवे बना रील स्टूडियो, युवतियों के डांस से लगा ट्रैफिक जाम
18 Apr, 2025 07:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में कुछ लड़कियों ने हाईवे पर डांस करके रील बनाई, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया। लड़कियों का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। ये वीडियो लुधियाना के ग्यासपुरा चौक का है। यहां दो लड़कियां बीच सड़क रील बना रही थीं और उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि इससे ट्रैफिक जाम हो जाएगा। आस-पास से गुजरने वाले लोग उनकी वीडियो बना रहे थे। ये लड़कियां करीब 5 मिनट तक डांस करती रहीं। इस वजह से सड़क पर गाड़ियाँ रुक गईं और लंबा जाम लग गया। लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस अभी तक यह पता नहीं लगा पाई है कि रील बनाने वाली ये लड़कियां कौन हैं। वे वीडियो के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही हैं। वीडियो में दिख रहा है कि लड़कियां फ्लाईओवर के नीचे डांस कर रही हैं। एक लड़की ने वेस्टर्न ड्रेस पहनी है, तो दूसरी ने इंडियन ड्रेस। वे अपने बालों को झटक-झटक कर डांस कर रही हैं। वीडियो लगभग 26 सेकंड का है। इसमें लड़कियां कभी उछलती हैं, तो कभी अपने बालों को झटकती हैं। आस-पास के लोगों का कहना है कि ये लड़कियां लगभग 5 मिनट तक डांस करती रहीं।
एक ने पहनी थी छोटी ड्रेस तो दूसरी ने सूट
राहगीरों ने इस घटना को अपने कैमरे में कैद कर लिया। फ्लाईओवर पर लड़कियों को छोटे कपड़ों में नाचता देखकर ट्रैफिक रुक गया। लोग उनकी वीडियो बनाने लगे। कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह अश्लील हरकत है। लोगों ने कहा कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। रील बनाने के लिए सार्वजनिक जगहों पर इस तरह की हरकतें करना गलत है। कुछ महिलाओं ने भी इस पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए।
चंडीगढ़ में भी सामने आया था इसी तरह का मामला
इस मामले पर ACP ट्रैफिक गुरप्रीत सिंह ने कहा कि सड़क पर रील बनाना ट्रैफिक नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि वीडियो की जाँच करवाकर लड़कियों की पहचान की जाएगी और मामले की जांच की जाएगी। उनका कहना है कि बीच सड़क रील बनाना ट्रैफिक नियमों के विपरीत है। बता दें कि इसी तरह का एक मामला चंडीगढ़ में भी सामने आया था। वहां एक पुलिसकर्मी की पत्नी ने सड़क पर डांस करके रील बनाई थी। इससे भी ट्रैफिक जाम हो गया था। चंडीगढ़ सेक्टर-20 गुरुद्वारा चौक पर एक महिला जेबरा क्रॉसिंग पर हरियाणवी गाने पर डांस कर रही थी। पता चला कि वह महिला चंडीगढ़ पुलिस के एक मुलाजिम की पत्नी है।
अमृतपाल सिंह पर से हट सकता है NSA, 22 अप्रैल को खत्म हो रही मियाद
18 Apr, 2025 03:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) 22 अप्रैल को खत्म हो सकता है. पंजाब पुलिस की टीम अमृतपाल को लेने असम निकल चुकी है. 2023 में अजनाला थाने पर हमले के मामले में वो असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है. जेल में रहते हुए अमृतपाल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब से निर्दलीय जीत दर्ज की थी.
पिछले महीने 21 मार्च को अमृतपाल के सात सहयोगियों को डिब्रूगढ़ से पंजाब लाया गया था. हाल ही में अमृतपाल के सहयोगी पपलप्रीत के ऊपर से NSA हटाया जा चुका है. अब देखना है कब तक पुलिस अमृतपाल को असम से पंजाब लेकर पहुंचेगी. इसके बाद अजनाला कोर्ट में पेश किया जाएगा.
किस मामले में बंद है अमृतपाल?
23 फरवरी 2023 को लगभग 150-200 लोगों ने अजनाला पुलिस स्टेशन हमला किया था. हमले का उद्देश्य थाने में बंद अपने एक सहयोगी को छुड़ाना था. भीड़ की अगुवाई अमृतपाल सिंह ने की थी. इस हमले में छह पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिसके बाद पुलिस ने अमृतपाल और उसके कई सहयोगियों को हिरासत में लिया था और उनके ऊपर NSA लगाया. कानूनी कार्रवाई के बाद सभी को असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में भेज दिया था. तभी से अमृतपाल असम के डिब्रूगढ़ जेल में बंद है.
अमृतपाल को लेने असम रवाना हुई पंजाब पुलिस
22 अप्रैल को अमृतपाल पर लगे NSA की अवधि खत्म हो जाएगी, जिसके चलते अमृतसर पंजाब की टीम डिब्रूगढ़ के लिए हुए रवाना हो गई है. अमृतपाल को पंजाब लाया जाएगा. इसके बाद उसे अजनाला कोर्ट में पेश किया जाएगा. कुछ दिन पहले साथी पपलप्रीत पर लगे NSA को खत्म कर दिया गया. उसे अजनाला कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया था. अमृतपाल के सभी साथियों के ऊपर से पहले ही NSA हटाया जा चुका है. अब देखना होगा कि NSA अमृतपाल के ऊपर से हटता है या बरकरार रहता है.
CM उम्मीदवार बना अमृतपाल
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने रविवार अमृतपाल को अगला सीएम उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है. तलवंडी साबों में आयोजित बैसाखी कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी ने यह घोषणा की.फरीदकोट सांसद सरबजीत सिंह खाजूसा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अगले डेढ़ साल तक अमृतपाल सिंह का प्रचार करने की अपील की है.
फिरौती के मामलों पर सख्ती, पंजाब पुलिस ने अपनाया एनकाउंटर मॉडल
17 Apr, 2025 04:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: राज्य में बढ़ते अपराध को रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने पिछले तीन माह में 41 एनकाउंटर किए। जबकि पिछले साल कुल 64 एनकाउंटर किए गए थे। इसके बावजूद राज्य पुलिस फिरौती की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है। जबकि हरेक दो दिन में एक पुलिस मुकाबला हो रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, 45 से ज्यादा गैंगस्टरों की टांग में गोली लगी है। इस साल दो गैंगस्टर की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो चुकी है। जबकि 18 जगहों का बम धमाके हो चुके हैं।
पंजाब में पिछले कुछ समय से अपराधियों, खासकर गैंगस्टरों के साथ पुलिस मुठभेड़ में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से 31 मार्च तक कुल 41 पुलिस एनकाउंटर हुए है।
परिजनों ने नहीं उठाए एनकाउंटर पर सवाल
हालांकि, अभी तक किसी भी पीड़ित के परिवार ने सार्वजनिक रूप से इन एनकाउंटरों पर सवाल नहीं उठाए हैं और न ही उन्हें फर्जी बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस का उद्देश्य किसी अपराधी को शारीरिक नुकसान पहुंचाना नहीं है।
लेकिन जब पुलिस पर हथियारबंद संदिग्ध फायरिंग करते हैं तो जवाब देना जरूरी हो जाता है। हाल के एनकाउंटरों में अपराधियों ने पहले गोली चलाई है। फिर भी पुलिस टीमों ने संयम बरता और उन्होंने केवल पैरों को निशाना बनाया ताकि वे फरार न हो सकें।
शीर्ष अधिकारियों का भी मिल रहा समर्थन
हर दो दिन में हो रहे इन एनकाउंटरों से यह स्पष्ट है कि पुलिस को राज्य सरकार और शीर्ष अधिकारियों का पूरा समर्थन मिल रहा है। अमृतसर में हत्या के आरोपित और पटियाला में एक अपहरणकर्ता की पुलिस गोलीबारी में मौत हो चुकी है।
इसके अलावा, करीब 45 अपराधियों जिनमें गैंगस्टर, नशा तस्कर और हत्यारे शामिल हैं को पुलिस मुठभेड़ों में गोली लगी है। इन घटनाओं से यह संदेश जरूर गया है कि पंजाब पुलिस अपराध के खिलाफ आक्रामक रुख अपना चुकी है, लेकिन इसके साथ ही पुलिस के अधिकारों के दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ गई है।
पटियाला में कर्नल के साथ मारपीट का मामला भी चर्चा में
हाल ही में पटियाला में एक कर्नल और उसके बेटे की पुलिस की ओर से की गई कथित पिटाई ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि यही पुलिसकर्मी कुछ समय पहले एक सात साल के बच्चे को अपहरणकर्ता से छुड़वाने में अहम भूमिका निभा चुके थे।
इसके बावजूद अब उनके खिलाफ कार्रवाई की संभावनाएं जताई जा रही हैं, जिससे उनके करियर और सम्मान पर असर पड़ा है। मानवाधिकार कार्यकर्ता ऋषि ने पुलिस को दी गई विशेष शक्तियों पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि इससे कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है और पंजाब, जहां फर्जी मुठभेड़ का इतिहास रहा है, फिर उसी दिशा में जा सकता है। यह लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए एक गंभीर खतरा है।
तरनतारन: 8 साल के बच्चे की हत्या का खुलासा, 12 वर्षीय चचेरे भाई ने दी वारदात को अंजाम
17 Apr, 2025 04:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तरनतारन: थाना भिखीविंड के गांव माड़ी गौड़ सिंह में नाले से बरामद हुए आठ वर्षीय बच्चे की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस वारदात के पीछे कोई और नहीं बल्कि मृतक गुरप्यार सिंह पुत्र गुरमुख सिंह का 12 वर्षीय चचेरा भाई ही था।
पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, नाबालिग होने के कारण आरोपित का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। घर में साइकिल चलाते समय साइकिल की टक्कर लगने से गुरप्यार सिंह बेहोश हो गया था और डर के कारण उसके चचेरे भाई ने उसको घसीटकर नाले में फेंक दिया।
दो अप्रैल को लापता हुआ था बच्चा
एसपी (आई) अजयराज सिंह ने बताया कि माड़ी गौड़ सिंह निवासी गुरप्यार सिंह दो अप्रैल को लापता हो गया था। तीन बहनों के भाई गुरप्यार के लापता होने पर पिता गुरमुख सिंह ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई।
तब अज्ञात लोगों के खिलाफ अगवा करने का केस इसलिए दर्ज किया गया कि गांव की एक महिला ने दावा किया था कि बाइक पर सवार दो लोग गुरप्यार को अपने साथ ले गए थे।
बच्चे की मां सर्बजीत कौर, दादी कश्मीर कौर, पिता गुरमुख सिंह ने उस समय संदेह जताया था कि बच्चे का कहीं जानी नुकसान न हो जाए। चार अप्रैल को घर से महज 600 मीटर की दूरी पर निकासी नाले से बच्चे का शव बरामद किया गया। सब डिविजन भिखीविंड के डीएसपी प्रीतइंद्र सिंह की अगुआई में थाना भिखीविंड के प्रभारी मनोज कुमार ने जांच शुरू की।
साइकिल चला रहा था तो लगी टक्कर
टेक्निकल माहिरों की मदद लेने पर सामने आया कि गुरप्यार के चचेरे भाई ने ही घटना को अंजाम दिया। इसके बाद नाबालिग को पूछताछ के लिए स्वजन के साथ थाना भिखीविंड में बुलाया गया। यहां पर नाबालिग चचेरे भाई ने बताया कि दो अप्रैल को करीब साढ़े 12 बजे वह गली में साइकिल चला रहा था।
इस दौरान साइकिल की टक्कर से गुरप्यार सिंह बेहोश हो गया। डर के कारण आरोपित ने उसको घसीटकर नाले में फेंक दिया। एसपी ने बताया कि आरोपित के नाबालिग होने के कारण उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। आरोपित को अदालत में पेश कर अगली कार्रवाई की जा रही है।
प्रताप सिंह बाजवा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक
16 Apr, 2025 06:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार को पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा (Pratap Singh Bajwa Statement) को उनके 'पंजाब में 50 बम पहुंच चुके हैं' वाले बयान के संबंध में अगली सुनवाई की तारीख 22 अप्रैल तक गिरफ्तार न किया जाए।
बाजवा ने अपने बयान को लेकर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
बाजवा के खिलाफ कई गंभीर आरोपों के तहत दर्ज किया गया मामला
कांग्रेस नेता के वकील एपीएस देओल ने सुनवाई के बाद संवाददाताओं को बताया कि अदालत ने पंजाब को अगली सुनवाई की तारीख 22 अप्रैल तक बाजवा को गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता बाजवा पर देश की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाली भ्रामक जानकारी सहित कई आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उनसे उनके 'पंजाब में 50 बम पहुंच चुके हैं' के दावों पर पूछताछ की गई। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 197(1)(डी) (देश की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाली झूठी और भ्रामक जानकारी) और 353(2) (शत्रुता और घृणा या दुर्भावना पैदा करने के इरादे से झूठे बयान) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
FIR रद्द करवाने की मांग करते हुए दायर की थी याचिका
बाजवा ने अपने वकील के माध्यम से अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की है। देओल ने कहा कि हमने एफआईआर को चुनौती दी है और राज्य से धाराओं की स्थिरता पर याचिका का जवाब देने को कहा गया है। वकील ने यह भी कहा कि बाजवा को मामले के संबंध में सार्वजनिक बयान न देने के लिए भी कहा गया है।
देओल ने कहा कि मंगलवार को पूछताछ के दौरान बाजवा ने पुलिस के साथ सहयोग किया। बाजवा के खिलाफ मोहाली के साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज किया गया है।
ये है पूरा मामला
दरअसल,बाजवा ने दावा किया था कि उन्हें पता चला है कि पंजाब में 50 बम पहुंच चुके हैं। इनमें से 18 फट चुके हैं, 32 अभी फटने बाकी हैं। मंगलवार को मोहाली में पुलिस के सामने पेश हुए बाजवा से पुलिस ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के सिलसिले में करीब छह घंटे तक पूछताछ की।
उन्होंने अपनी पूछताछ को 'निरंतर पूछताछ' करार दिया और कहा कि राज्य की आप सरकार द्वारा उन्हें निशाना बनाना 'राजनीतिक प्रतिशोध' है।
धार्मिक स्थल के पास शराब ठेका खुला तो भड़के लोग, फरीदकोट में तनाव
16 Apr, 2025 05:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
स्थानीय रेलवे स्टेशन के बाहर एक मंदिर से मात्र 20 से 25 मीटर की दूरी पर शराब का ठेका खोले जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा शिवसेना के जिला अध्यक्ष जगसीर सिंह को धमकियां देने का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
मंदिर के बिल्कुल नजदीक खुली है दुकान
जानकारी के अनुसार स्थानीय रेलवे स्टेशन के बाहर एक मंदिर के बिल्कुल नजदीक शराब की दुकान खोली गई है। इस संबंध में शिवसेना के जिला अध्यक्ष जगसीर सिंह द्वारा आबकारी व पुलिस विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर मांग की गई थी कि लोगों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए ठेके को मंदिर से दूर स्थानांतरित किया जाए।
जिसके पश्चात शिवसेना नेता जगसीर सिंह को शराब ठेकेदारों के कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर फोन पर धमकी दी गई। जिसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने आबकारी विभाग को जांच करने को कहा
उधर इस संबंध में डीएसपी त्रिलोचन सिंह ने बताया कि यह ऑडियो उनके संज्ञान में भी आया है। जिसके संबंध में पुलिस ने आबकारी विभाग को इस ठेके की जांच करने को कहा है। उनसे यह भी कहा गया कि यदि इससे से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं तो शराब के ठेके को मंदिर के नजदीक से हटा दिया जाना चाहिए।
साधु सिंह धर्मसोत को सुप्रीम राहत — मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली ज़मानत
15 Apr, 2025 08:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है. जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस विनोद चंद्रन की बेंच ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हिरासत में लिए जाने के एक साल से अधिक समय के बाद कांग्रेस नेता को राहत दी है. इसके बाद उन्हें आज (बुधवार) को नाभा स्थित जेल से रिहा किया जा सकता है.
धर्मसोत को साल 2022 में रिश्वत के एक मामले में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने नामजद किया था. इसके बाद उन्हें 15 जनवरी 2024 को गिरफ्तार कर लिया गया था. मई 2024 में उन्हें पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी थी, ताकि वह लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार कर सकें. कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत दी थी. जमानत के लिए उन्हें 50 हजार रुपए का बांड भरने के साथ ही बिना कोर्ट की अनुमति के उन्हें विदेश नहीं जाने को कहा था. इसके साथ ही केस के गवाहों से भी मिलने से मना किया गया था. हालांकि उनकी नियमित जमानत याचिका सितंबर 2024 में हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी.
कांग्रेस सरकार में मंत्री थे साधु सिंह धर्मसोत
पंजाब में कांग्रेस सरकार के दौरान साधु सिंह धर्मसोत 1 मार्च 2016 से 31 मार्च 2022 तक सरकार में वन मंत्री रहे थे. धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी की जांच के दौरान पाया गया कि पूर्व मंत्री धर्मसोत ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है. इस मामले पर प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि पूर्व मंत्री और उनके बेटों की आय बताए गए स्रोतों से मेल नहीं खाती. इसी कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई.
ईडी ने कांग्रेस नेता को किया था गिरफ्तार
पिछले साल 15 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को गिरफ्तार किया था. धर्मसोत को ईडी की जालंधर इकाई ने वन घोटाले और आय से अधिक संपत्ति मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था. जवाब से असंतुष्ट होकर ईडी ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद से ही वो जेल में बंद थे.
बाजवा के मुद्दे पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने खोला मान सरकार के खिलाफ मोर्चा
15 Apr, 2025 08:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ती नजर आ रही है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के समर्थन में कांग्रेस आलाकमान उतर आया है. दरअसल बाजवा ने राज्य में 50 बम पहुंचने से संबंधी एक बयान दिया था, जिसके बाद से राज्य में सियासत गरमा गई है. सूबे के मुख्यमंत्री ने बीते दिन उन पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. वहीं अब कांग्रेस उनके साथ खड़ी दिखाई दे रही. पार्टी का कहना है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और मुख्यमंत्री भगवंत मान नाकाम साबित हुए हैं.
सूत्रों के मुताबिक आलाकमान ने राज्य और केंद्र के नेताओं को निर्देश दिया है कि सभी लोग खुलकर बाजवा का समर्थन करें. केंद्रीय नेतृत्व का कहना है कि पंजाब की आप सरकार भृष्ट है ऐसे में उसके खिलाफ मोर्चा खोलना चाहिए. इससे पहले हाल ही में डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के खिलाफ इंडिया गठबंधन की बैठक में कांग्रेस ने AAP से सम्पर्क नहीं किया था. बीते काफी समय से दोनों ही पार्टियों के खिलाफ दूरियां बढ़ती नजर आ रही हैं.
कांग्रेस और AAP में बढ़ी तल्खी !
एक तरफ जहां कांग्रेस AAP के खिलाफ नजर आ रही है तो वहीं दूसरी तरफ AAP प्रवक्ता ने नेशनल हेराल्ड केस में किसी की गिरफ्तारी नहीं होने को कांग्रेस बीजेपी की मिलीभगत बताया है. पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ का कहना है कि बीजेपी पिछले 10 सालों से चुनाव के आसपास नेशनल हेराल्ड का मुद्दा उठाती है, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं होती. ऐसा क्यों है? क्योंकि ये दोनों पार्टियां (कांग्रेस और बीजेपी) मिली हुई हैं. उन्होंने कहा कि जब फर्जी मामला बनाकर अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया जा सकता है तो राहुल गांधी को क्यों नहीं किया गया.
लॉरेंस गैंग की धमकी: 'जीशान और शहजाद को जान से मार देंगे, सोशल मीडिया पर दी चेतावनी
14 Apr, 2025 08:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के जालंधर में बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया के घर ग्रेनेड से हमला करने के मामले में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और जीशान अख्तर का नाम सामने आया है. यह दोनों लॉरेन्स बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जाते रहे हैं. अब इनको लेकर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी की है, जिसमें उन्होंने दोनों से अपने संबंधों को नकारा है. जबकि, पंजाब पुलिस ने दावा किया था कि जीशान अख्तर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ा हुआ है. वह बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में वांटेड है.
लॉरेंस बिश्नोई ने फेसबुक पर ‘जय श्री राम’ नाम के पेज से पोस्ट किया है. लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप ने पोस्ट में जीशान अख्तर और शहजाद भट्टी के साथ अपने संबंधों को नकारा है. पोस्ट में कहा गया है कि वह जीशान अख्तर को नहीं जानते हैं. कहा गया है कि जीशान अख्तर और शहजाद भट्टी दोनों मिलकर देशविरोधी गतिविधियां कर रहे हैं. उन दोनों मारने की धमकी दी है.
पोस्ट में लिखा- हम इन दोनों को मारेंगे
फेसबुक पर की गई पोस्ट में लिखा गया है “राम राम सभी भाइयों को, जो यह जीशान अख्तर है, न तो हम इसे जानते हैं और न ही कभी इससे हमारी कोई बात हुई है. यह शायद हमारे किसी भाई को जानता था और उससे कभी बात हुई होगी. उसी बात का फायदा उठाकर यह हमारा नाम इस्तेमाल कर रहा है और लोगों को कॉल करके पैसे मांग रहा है.” पोस्ट में आगे लिखा है, “जीशान अख्तर और शहजाद भट्टी दोनों मिलकर देशविरोधी गतिविधियां कर रहे हैं. हम इन दोनों को मारेंगे. सभी भाइयों को सतर्क कर रहे हैं कि कोई भी इनसे बात न करे. अगर कोई भी हमारे नाम से कॉल करे तो पहले पुष्टि कर लें कि वह कौन है और कौन नहीं.
‘ऐसे लोगों से हमारा कोई वास्ता नहीं’
पोस्ट में लिखा है, “जो देश के खिलाफ कोई भी गतिविधि करते हैं, ऐसे लोगों से हमारा कोई लेना-देना नहीं है और न ही हम कभी देशविरोधी काम करेंगे.जो यह शहजाद भट्टी एडिट करके वीडियो डाल रहा है और कुछ मीडिया पर बोल रहा है कि मेरे भाई हैं, ऐसे लोगों से हमारा कोई वास्ता नहीं है.और जो यह आशु राणा उर्फ भानु राणा है, जो इन्हीं के साथ मिला हुआ है, इससे भी हमारा कोई संबंध नहीं है, जो हाल इनका होगा, वही इसका भी किया जाएगा.”
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