पंजाब
नहर में हादसा, मदद में इंसानियत की मिसाल: पुलिसकर्मी ने दिखाई बहादुरी
24 Jul, 2025 03:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोगा/बठिंडा: मुसीबत के समय मदद के लिए आगे आना पंजाबियों की पहचान है। भले ही इसके लिए अपनी जान ही दांव में क्यों न लगानी पड़े। मोगा और बठिंडा में ऐसे ही दो मामलों में यह मिसाल देखने को मिली। मोगा में बारिश में सड़क का हिस्सा बह गया तो दो युवकों ने पानी में बैठकर अपनी पीठ पर 30 स्कूली बच्चों को पार कराया। वहीं, बठिंडा में एक कार नहर में गिर गई, इस पर एक पुलिसकर्मी ने अपनी जान की परवाह किए गए बिना नहर में छलांग लगा दी और 11 लोगों को बचा लिया।
पीठ को बनाया पुल पार कराए 30 स्कूली बच्चे
मोगा जिले के कस्बा निहाल सिंह वाला में बारिश ने भारी तबाही मचाई। गांव मल्लेयाना को जाने वाली मुख्य सड़क का एक हिस्सा पानी में बह गया। जगरांव स्कूल से लौट रहे गांव के करीब 30 बच्चे वहां फंस गए। गांव को जोड़ने वाली इकलौती सड़क के बीच से कट जाने के कारण तेज बहाव को पार करना मुश्किल था। ऐसे में गांव के दो युवकों गगनदीप सिंह और सुखविंदर सिंह ग्रामीणों की मदद से बच्चों को सड़क पार कराने लगे। दोनों कटे हुए हिस्से में तेज बहाव के बीच घुटनों के बल बैठ गए और एक-एक करके तीन बच्चों व स्कूल के स्टाफ को अपनी पीठ के ऊपर से पार कराया। दोनों युवकों की उम्र 30-35 साल के बीच है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गांव की सड़क को तुरंत बहाल किया जाए। बच्चाें के अभिभावकों ने युवकों की सराहना की और कहा कि उनको सम्मानित किया जाए।
नहर में गिरी कार, पुलिसकर्मी ने कूद कर बचाई 11 लोगों जान, इनमें बच्चे भी शामिल
बठिंडा के बहमन पुल के पास बुधवार सुबह कार में सवार एक होंडा अमेज कार बेकाबू होकर नहर में गिर गई। इसमें एक ही परिवार के 11 सदस्य थे जिनमें छह बच्चे और पांच अन्य शामिल थे। उन्हें बचाने के लिए पंजाब पुलिस के जवान जसवंत सिंह ने नहर में छलांग लगा दी और एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जसवंत सिंह ने बताया कि उन्हें अच्छी तरह तैरना भी नहीं आता था। लोग बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे। डूबते हुए बच्चों में मुझे मेरी बेटी दिखाई दी। मैंने बिना कुछ सोचे-समझे नहर में छलांग लगा दी। मेरे दिमाग में चल रहा था कि किसी भी तरह बच्चों को बचाना है। आज ही मेरा जन्मदिन भी था। जन्मदिन पर इससे बड़ा और क्या काम हो सकता है। मुझे वाहेगुरु ने लोगों ने जान बचाने के लिए चुना।
पुलिसकर्मी को सम्मानित करेंगे: एसएसपी
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, नौजवान वेलफेयर सोसायटी के स्वयंसेवक व स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंवे। बाद में क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। बचाए गए लोगों में एक बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार बस्ती नंबर-6, गांव बीड़ तालाब का रहने वाला है। सभी लोग किसी पारिवारिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। एसएसपी अमनीत कौंडल ने बताया कि पुलिसकर्मी जसवंत सिंह काे विशेष तौर पर सम्मानित किया जाएगा।
खन्ना में बड़ा हादसा: टिप्पर की टक्कर से पलटी बस, 15 से ज्यादा महिलाएं घायल
24 Jul, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खन्ना (पंजाब)। खन्ना नेशनल हाईवे पर बीजा के पास बजरी से भरे टिप्पर ने धागा फैक्टरी की महिला कर्मियों से भरी बस को टक्कर मार दी। टक्कर से बस पलट गई और मौके पर अफरातफरी मच गई। हादसे में 15 से ज्यादा महिलाएं घायल हो गई है, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। घायल महिलाएं खन्ना के आसपास के इलाकों, मंडी गोबिंदगढ़ और उसके आसपास के इलाकों की बताई जा रही हैं।
सभी घायलों को खन्ना के सिविल अस्पताल लाया गया है, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। घायल महिला सुनीता, निक्की, बीना देवी, कंचन ने बताया कि वह गोबिंदगढ़ से दोराहा में कौर सेन धागा फैक्टरी में काम के लिए जा रही थी। जैसे ही उनकी बस बीजा के पास पहुंची तो बजरी से भरे टिप्पर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बस बीच रोड पर पलट गई। बस में करीब 20 से 25 महिलाएं सवार थी, जिनमें से ज्यादातर को चोट आई है।
पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि बीजा चौक के पास हादसा हुआ है। तुरंत एसएसएफ टीम मौके पर पहुंची। मौके पर एक एम्बुलेंस को बुला उन्हें सिविल अस्पताल खन्ना में भेजा गया है। हादसे के बाद टिप्पर चालक मौके से फरार हो गया। चौकी कोट के प्रभारी एएसआई सुखविंदर सिंह ने मौके पर पहुंच दोनों वाहनों को साइड पर करवा रास्ता सुचारू करवाया। पुलिस मामले में कानूनी कार्रवाई कर रही है। धागा फैक्टरी कौर सेन कंपनी के सुपरवाइजर अजय सिंह ने बताया कि उनके मुलाजिमों की खड़ी बस को टिप्पर ने टक्कर मारी, जिसमें 20 से 20 महिलाएं घायल हुई है। दो सीरियस है, उनको चंडीगढ़ भेजा गया है।
तापमान-वर्षा में बदलाव से बिगड़ा संतुलन, सब्जी उत्पादन पर संकट
24 Jul, 2025 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जलवायु परिवर्तन के कारण हिमाचल प्रदेश में सब्जी उत्पादन प्रभावित हो रहा है। सब्जियों की पैदावार करने वाले हिमाचल प्रदेश के सदर जैसे कुछ ब्लॉक तापमान और वर्षा में बदलाव की वजह से उच्च जोखिम में हैं। यह खुलासा डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त अध्ययन में हुआ है। इस अध्ययन में डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के सामाजिक विज्ञान विभाग में कार्यरत डॉ. प्रदीप सिंह, इसी विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान विभाग के डॉ. मनोज कुमार वैद्य, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं समाज शास्त्र विभाग के डॉ. अमित गुलेरिया, डॉ. प्रदीप कुमार अढ़ाले समेत कई विद्वानों ने भाग लिया।
इस अध्ययन में हिमाचल प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों के 51 ब्लॉक शामिल किए गए हैं, जो कुल 8.91 लाख हेक्टेयर फसल क्षेत्र को कवर करते हैं। समुद्र स्तर से इन क्षेत्रों की ऊंचाई 651 से 1500 मीटर है। इन ब्लॉकों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में क्रमवार 0.04 और 0.16 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर के साथ बढ़ोतरी का रुझान देखा गया। बारिश में भी 2.89 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ बढ़ोतरी का रुझान पाया गया। इस क्षेत्र में औसत वार्षिक तापमान 15 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। बल्ह, बमसन, भोरंज, बिझड़ी, बिलासपुर सदर जैसे कुछ ब्लॉकों ने तापमान और वर्षा में बदलाव जैसे बाहरी पर्यावरणीय कारकों के कारण उच्च जोखिम संवेदनशीलता को दर्शाया।
बाहरी पर्यावरणीय कारकों के प्रति कम संवेदनशीलता की वजह से चच्योट, सुंदरनगर, द्रंग धर्मपुर, कंडाघाट, कुनिहार, नाहन, पच्छाद, राजगढ़, संगड़ाह, शिलाई और सोलन जैसे ब्लॉक कम जोखिम वाले पाए गए। घुमारवीं और मंडी सदर ने तो उच्च अनुकूलन क्षमता दिखाई, जिसकी वजह संसाधनों की प्रचुरता और यहां की पारिस्थितिकी का लचीलापन है। किसानों ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचने को विभिन्न अनुकूलन रणनीतियों को अपनाया है। इनमें फसल विविधीकरण 76.11 प्रतिशत, पोषक तत्व प्रबंधन 71.11 प्रतिशत, किस्म परिवर्तन 65.56 प्रतिशत, और जल संरक्षण 65.56 प्रतिशत तक अपनाए गए। फूलगोभी को छोड़कर अधिकांश सब्जियों पर नकारात्मक असर फूलगोभी को छोड़कर अधिकांश सब्जियों पर वर्षा का नकारात्मक असर पड़ा, जबकि उच्च तापमान ने मटर को छोड़कर सभी सब्जियों को लाभ पहुंचाया। न्यूनतम तापमान का सब्जी की फसलों से होने वाली आय के साथ सकारात्मक संबंध देखा गया।
देशभक्ति का सम्मान: पंजाब की इस सड़क को मिला शहीद ऊधम सिंह का नाम
24 Jul, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संगरूर/सुनाम। पंजाब सरकार ने देश के महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद सरदार ऊधम सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए भवानीगढ़-सुनाम-कोट कश्मीर सड़क का नाम बदलकर ‘शहीद ऊधम सिंह मार्ग’ रख दिया है। इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने दी। अमन अरोड़ा ने बताया कि यह निर्णय देशभक्ति की भावना और शहीदों के सम्मान को समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह मांग वह स्वयं लंबे समय से पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के समक्ष रखते आ रहे थे, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। उन्होंने आगे बताया कि यह न केवल उनके लिए व्यक्तिगत संतोष की बात है, बल्कि सुनाम क्षेत्र के लोगों, शहीद ऊधम सिंह के परिजनों और कंबोज भाईचारे के लिए भी गर्व का विषय है, जो वर्षों से इस मार्ग का नाम बदलने की मांग कर रहे थे।
अमन अरोड़ा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का आभार जताते हुए कहा, “सरकार का यह निर्णय शहीद ऊधम सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि है और युवाओं को उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का अवसर देगा।” शहीद ऊधम सिंह, जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए लंदन में जनरल डायर के समर्थन में काम कर रहे माइकल ओ'डायर को गोली मारी थी, देश के सबसे सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों में गिने जाते हैं। ऐसे वीर सपूत के नाम पर सड़क का नामकरण भवानीगढ़, सुनाम और कोट कश्मीर जैसे क्षेत्रों को भी गौरवांवित करता है।
भक्ति की आड़ में जहर: नकली देसी घी बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी गई
24 Jul, 2025 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर (पंजाब)। अमृतसर में कान्हा जी के नाम पर नकली देसी घी बनाकर बेचने का मामला सामने आया है। फूड सेफ्टी विभाग और पंजाब पुलिस ने बुधवार देर रात गांव गिलवाली में जीके फूड ट्रेडिंग कंपनी में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कंपनी मालिक बिक्रमजीत सिंह फरार हो गया। लेकिन मौके पर कंपनी के कर्मचारी पंकज कुमार को थाना चाटीविंड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
फूड सेफ्टी विभाग के सहायक कमिश्नर राजिंदर पाल सिंह ने बताया कि संयुक्त कार्रवाई के दौरान 368 किलोग्राम नकली घी, 330 किलो वनस्पति, रिफाइंड तेल और पांच किलो देसी घी का फ्लेवर बरामद किया। उन्होंने बताया कि पिछले 10 बरसों से गांव में नकली घी बनाने का कारोबार चल रहा था और शहर में हर रोज मिलावटी घी सप्लाई होता था। वनस्पति घी में केमिकल डालकर महज 5 से 15 मिनट में देसी घी तैयार किया जाता था।
राजिंदर पाल ने बताया कि चेकिंग के दौरान फैक्टरी से नकली देसी घी के अलावा गैस सिलेंडर, कांटा, टब और पेकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक डिब्बी बरामद की हैं। राजिंदर पाल सिंह ने बताया कि फैक्टरी से देसी घी के दो, रिफाइंड तेल का 1 और वनस्पति का 1 सैंपल लेकर खरड़ लैब में भेज दिया है। नकली घी बनाने के लिए कौन-कौन से केमिकल का इस्तेमाल होता था, इसका पता रिपोर्ट आने के बाद लगेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल फैक्टरी को सील कर दिया गया है।
कमाई के लिए लोगों की सेहत से कर रहे खिलवाड़
राजिंदरपाल ने बताया कि मिलावटी घी बनाने में 60 से 100 रुपये खर्च आता है और यह होलसेल में 180 से 200 रुपये तक में बिकता है। इसे दुकानदार 250 से 350 तक में बेचते हैं। यहां तक कि ब्रांडेड डिब्बा बंद देसी घी की बात करें तो यह 350 से 400 रुपये में मिलता है। वहीं, डेयरी वालों से शुद्ध देसी घी 600 से 750 रुपये प्रति किलो मिलता है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर बाजार में तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। इसलिए दुकानदार ज्यादा कमाई के लालच में आकर मिलावटी चीजों का इस्तेमाल कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे है।
नशे से मुक्ति की राह: खेलों के जरिए युवाओं को नया जीवन देने की पहल
24 Jul, 2025 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब की धरती आज बदलाव के सबसे निर्णायक दौर से गुजर रही है। और इसका श्रेय जाता है पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार को। एक समय था जब गांवों में युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में फंसा नजर आता था, लेकिन अब भगवंत मान सरकार ने ऐसा माहौल खड़ा कर दिया है जहां युवा अब नशे से नहीं, खेलों से पहचान बनाने की तैयारी कर रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने जो किया है वो केवल नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में खेल स्टेडियम की शक्ल में दिखाई दे रहा है। यह सरकार पंजाब के युवाओं को मैदान दे रही है, दिशा दे रही है और सबसे अहम नशे से मुक्ति की ठोस जमीन भी दे रही है। जहां पर सूबे का युवा अब खेलों में उड़ान भरने के लिए तैयारी कर रहा है।
तीन हजार स्टेडियम का काम शुरू
पूरे पंजाब में मान सरकार ने 10,000 लो-कॉस्ट खेल मैदान और 3,000 हाई-वैल्यू वर्ल्ड क्लास खेल स्टेडियम बनाने का ऐलान किया है, जिनमें से पहले चरण में 3,000 हाई-वैल्यू वर्ल्ड क्लास स्टेडियम का काम शुरू हो चुका है। पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने 1184 करोड़ रुपये का भव्य बजट तय किया है। 966 करोड़ रुपये खेल विभाग के सिविल वर्क्स पर, 126 करोड़ रुपये मनरेगा के तहत ग्रासिंग, वॉकिंग ट्रैक और पौधारोपण पर और 102 करोड़ रुपये स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे कि गोल पोस्ट, नेट, झूले और बच्चों के लिए प्ले एरिया पर खर्च होंगे। ये मैदान अब गांवों की नई पहचान बनेंगे। फेंसिंग से सुरक्षित, हरी घास से ढंके, हाई मास्ट लाइटों से रोशन, शुद्ध पानी, साफ-सुथरे टॉयलेट्स और तमाम खेल सुविधाओं से लैस होंगे।
3083 गांवों में जमीन चिन्हित
पंजाब के 3083 गांवों में इन हाई-वैल्यू वर्ल्ड क्लास स्टेडियम के लिए जमीन चिन्हित हो चुकी है और निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार की योजना इतनी पारदर्शी और तेज है कि सभी टेंडर प्रक्रिया महज दो-तीन दिनों में ही पूरी की जा रही है। अब गांवों के युवा सिर्फ टीवी पर क्रिकेट, हॉकी, कबड्डी या कुश्ती नहीं देखेंगे, बल्कि खुद मैदान में उतरेंगे। जो युवा कभी खाली समय में गलत संगत और नशे की लत का शिकार हो जाते थे, वे अब फिटनेस, अनुशासन और खेल भावना की ओर बढ़ रहे हैं। यह योजना केवल युवाओं को सेहतमंद और खेलों में आगे बढ़ने के लिए नहीं है, बल्कि ये एक सामाजिक क्रांति भी है। नशे से जूझते समाज को खेल के माध्यम से पुनर्जीवित करना किसी प्रशासनिक आदेश से नहीं, एक मजबूत इच्छाशक्ति से ही संभव होता है, और वह इच्छाशक्ति आम आदमी पार्टी की सरकार में साफ़ झलकती है।
पंजाब अब बदलेगा, क्योंकि उसका युवा बदल चुका है। वह मैदान चाहता है, मंच चाहता है और अपने दम पर आगे बढ़ने का मौका चाहता है और भगवंत मान की सरकार ने उसे यह सब देना शुरू कर दिया है। आज मैदानों में हंसी है, दौड़ है, मुकाबला है, और सबसे बड़ी बात, अब वहां नशे की कोई जगह नहीं है। ये मैदान उम्मीदों की नई बुनियाद हैं, जहां पंजाब का युवा अब हार नहीं, जीत की आदत डाल रहा है। इसलिए पंजाब अब आगे बढ़ता जा रहा है। और पूरे देश का भी खेलों में मार्गदर्शन कर रहा है।
लैंड पूलिंग पर जनता को दिया भरोसा, CM मान बोले- विकास को नहीं रोकने देंगे
23 Jul, 2025 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी सियासी जमीन मजबूत करने और वोटरों के बीच पैठ बढ़ाने के इरादे से विभिन्न विपक्षी दल जुट गए हैं। इस कड़ी में विरोधी सरकार की कुछ नीतियों के खिलाफ लोगों के बीच मुखर हो रहे हैं। विरोधियों की घेराबंदी तोड़ने के लिए सूबे के अब सीएम भगवंत सिंह मान और उनके मंत्रियों ने कमान संभाल ली है।
सीएम सूबे के विभिन्न हिस्सों में जाकर अलग-अलग मंचों से लोगों को सरकारी नीतियों और मुद्दों पर सकारात्मक पहलुओं को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। आप सरकार के सभी मंत्री, विधायक और नेता भी लोगों को बताने की कोशिश रहे हैं कि सरकारी नीतियां उन्हें कैसे लाभ पहुंचाएंगी। इस वक्त विपक्षी दल मुख्य रूप से लैंड पूलिंग नीति और सहकारी बैंकों की ओर से कर्ज की राशि काटकर फसल का भुगतान करने के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेरने में जुटे हैं। इनके अलावा भी अन्य मसलों पर सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। ऐसे में जिलों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के मंचों से सीएम लोगों को बता रहे हैं कि कुछ विरोधियों ने यह अफवाह फैला दी है कि सरकार के अधीनस्थ कॉरपोरेट बैंक पहले कर्ज की रकम काटेंगे और उसके बाद किसानों की फसल का रुपया उनके खाते में ट्रांसफर करेंगे।
सीएम ने लोगों को स्पष्ट किया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता, क्योंकि किसानों को दिया जाने वाला कर्ज सीसीएल यानी कैश क्रेडिट लोन है। सरकार इसमें से एक रुपया नहीं काट सकती। रही बात कर्जे की तो इस पर सीएम का कहना है कि कर्जा अदायगी के केस हम किसानों के साथ बैठकर निबेड़ लेंगे। ब्याज छोड़ना है तो वो भी छोड़कर मूल-मूल ले लेंगे, लेकिन किसानों को दी जाने वाली फसलों की पेमेंट में से कुछ नहीं काटा जाएगा। इसी तरह सीएम मान सरकार की लैंड पूलिंग पाॅलिसी के बारे में भी लोगों को विस्तार से समझा रहे हैं कि कैसे यह नीति किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी। इसमें किसी से जोर-जबरदस्ती नहीं होगी।
रंगले पंजाब दे दिखाई देण लगे रंग
हमने रंगले पंजाब का सपना देखा है। इसके रंग अब दिखने लगे हैं। पहले पंजाब नशे में नंबर और लीडरां दे लूटन मामलों में नंबर हुआ करता था मगर अब हम अच्छी बातों में भी नंबर वन की ओर बढ़े हैं। पंजाब के सरकारी स्कूलों के 800 से ज्यादा बच्चों ने नीट, 256 बच्चों ने जेईई व 44 बच्चों ने जेईई एडवांस क्लीयर कर लिया है। इसमें पंजाब नाॅर्थ इंडिया में पहले स्थान पर आया है। सरपंच अपने पिंडों को, डीसी जिलों को, एमएलए हलकों को व एमपी संसदीय क्षेत्र को नंबर वन बनाने में जुट हुए हैं। यही तरक्की विरोधियों को रास नहीं आ रही है। हम पारदर्शिता से काम करेंगे। न हमने रेत में, न ठेकों में और न ही ढाबों में हिस्सा पाना है। हमने पंजाब के साढ़े तीन करोड़ लोगों के सुख-दुख में हिस्सा पाना है।
कपूरथला हादसा: देर रात धराशायी हुई पुरानी इमारत, मची अफरा-तफरी
23 Jul, 2025 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कपूरथला (पंजाब)। कपूरथला की पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में मंगलवार देर रात को एक खस्ताहाल इमारत भरभरा कर गिर गई। इमारत के सामने से गुजर रही बिजली की तारों पर मलबा गिरने से तार और आसपास लगे बिजली के खंभे टूट गए। पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप्प हो गई। हालांकि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
सब्जी मंडी में दिन के समय काफी भीड़ होती है। अगर दिन के समय यह हादसा होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। सब्जी मंडी के दुकानदारों से मिली जानकारी के अनुसार यह खस्ताहाल इमारत पिछले 8-9 साल से बंद पड़ी थी। यह इमारत लगभग 100 वर्ष पुरानी बताई जा रही है। इसमें किसी समय बाली समोसे वाले की दुकान हुआ करती थी जिसके देहांत के बाद से यह इमारत बंद पड़ी थी।
मंगलवार से कपूरथला में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद देर रात लगभग 2:30 बजे इमारत अचानक गिर गई। आवाज सुनकर क्षेत्र के लोग बाहर निकल आए। हालांकि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो गई है। इमारत का मलबा बिजली के तारों पर गिरने से आसपास लगे कई बिजली के खंभे टूट गए हैं। पॉवरकॉम विभाग को सूचना दे दी गई है। घटना स्थल पर इमारत के मलबे को हटाने का काम जारी है।
जाह्नवी का जलवा: स्केटिंग में बनाए पांच वर्ल्ड रिकॉर्ड, चंडीगढ़ का नाम रोशन
23 Jul, 2025 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। चंडीगढ़ की स्केटिंग खिलाड़ी जाह्नवी जिंदल (17) स्केटिंग के फ्री स्टाइल इवेंट में पांच गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड में नाम दर्ज करवाने वाली देश की पहली खिलाड़ी बनी हैं।
स्केट पहनकर भंगड़ा भी कर सकती हैं जाह्नवी
पांच रिकाॅर्ड्स बनाने पर जाह्नवी के माता-पिता बेहद खुश हैं। सेक्टर-22 की रहने वाली जाह्नवी गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-16 में 12वीं की छात्रा हैं। जाह्नवी देश और विश्व की पहली ऐसी स्केटर हैं, जिनको स्केट पहनकर भंगड़ा डालने में महारत हासिल है। उपलब्धि पर खुशी जताते हुए जाह्नवी ने कहा कि रिकॉर्ड बनने के बाद उन्होंने अप्लाई किया था। उन्हें दो महीने पहले अवॉर्ड की कन्फर्मेशन हुई। चार दिन पहले बुक ऑफ वर्ल्ड रिकाॅर्ड से सर्टिफिकेट मिले हैं।
बिना कोच के किया अभ्यास
खास बात यह है कि उन्होंने बिना कोच के अभ्यास करते हुए रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। जाह्नवी स्केटिंग में इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स के साथ लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में पहले से अपना नाम दर्ज करवा चुकी हैं। जाह्नवी के पिता मुनीश जिंदल जनरल इंश्योरेंस में कार्यरत और मां दिव्या जिंदल सरकारी स्कूल में हिंदी की टीचर हैं।
जानिए...कब-बन बने रिकॉर्ड
1. 30 सेकेंड में इनलाइन इवेंट में स्केट पर सबसे ज्यादा 360 डिग्री घुमाव करते हुए 27 बार घूमने का रिकॉर्ड (28 जुलाई 2024)
2. दो पहियों पर इनलाइन इवेंट में स्केट पर सबसे तेज स्लैम (20 कोन)- 8.85 सेकंड में। (15 सितंबर, 2024)
3. 30 सेकेंड में सबसे ज्यादा एक-पहिया 360-डिग्री पर 42 घुमाव। (15 सितंबर 2024)
4. एक मिनट में सबसे ज्यादा एक पहिया 360-डिग्री पर 72 बार घुमाव। (15 सितंबर, 2024)
5. लगातार सबसे ज्यादा एक पहिया पर 360 डिग्री पर 22 बार घूमने का रिकॉर्ड। (15 सितंबर, 2024)
युवराज सिंह बना चुके हैं दो रिकॉर्ड
चंडीगढ़ के रहने वाले टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह क्रिकेट में दो रिकाॅर्ड बना चुके है। इनमें 2007 टी-20 विश्व कप में 12 गेंदों में अर्धशतक और एक ओवर में 6 छक्के लगाने का रिकॉर्ड शामिल है।
ऐसे चढ़ी सफलता की सीढ़ी
जाह्नवी के पिता मुनीष ने बताया कि वे भी एडवेंचर को शौक रखते हैं। बेटी को भी कई बार साथ लेकर गए। एडवेंचर में रीवर क्रॉसिंग, ऊंचाई से जंप लगाने के दौरान जाह्नवी की एडवेंचर में रुचि बढ़ती गई। एडवेंचर स्केटिंग के तहत वह घर की सीढ़ियों, पार्क, मार्केट के शोरूमों के रैंप और वहां बनी सीढ़ियों पर स्केटिंग का अभ्यास करने लगी। इसके बाद बेटी ने फ्री स्टाइल स्केटर बनाने के लिए यू ट्यूब और इंटरनेट का सहारा लिया।
जाह्नवी बोलीं- बच्चे इंटरनेट से काफी कुछ सीख सकते हैं
स्केटिंग खिलाड़ी ने जाह्नवी ने बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि इंटरनेट का सही इस्तेमाल कर काफी कुछ सीखा जा सकता है। कड़ी मेहनत करें और एक दिन आप भी जरूर सफल हो जाएंगे।
बेटी को बनाया हवस का शिकार, हाईकोर्ट ने घटाई सजा: फांसी से 30 साल तक पहुंची सजा
23 Jul, 2025 11:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़(पंजाब)। अपनी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने वाले व्यक्ति की माैत की सजा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 30 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया है। कोर्ट ने पिता को दोषी तो माना लेकिन इस मामले को दुर्लभतम में दुर्लभ मानने से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मौत की सजा के लिए यह उपयुक्त मामला नहीं है।
2020 में पीड़िता ने अपने दादा-दादी के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी कि उसकी मां की मृत्यु के बाद उसके पिता ने वर्षों तक उसका यौन शोषण किया जिसके परिणामस्वरूप वह गर्भवती हो गई। आरोपी को तीन अक्तूबर 2020 को गिरफ्तार किया गया और उसने अपना अपराध कबूल किया था। पीड़िता ने बाद में एक बच्चे को जन्म दिया।
पलवल जिला कोर्ट ने 2023 में आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में पहुंचा, जहां दोषी ने दावा किया कि उसे फंसाया गया और पीड़िता से पैदा हुए बच्चे का पिता वह नहीं बल्कि पीड़िता का प्रेमी है। हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष के चिकित्सीय साक्ष्यों और पीड़िता के बयान को मजबूत मानते हुए दोषी की अपील खारिज कर दी।
पीड़िता ने गवाही में स्पष्ट रूप से कहा कि उसके पिता ने चार वर्षों तक उसका यौन शोषण किया। डीएनए साक्ष्य ने भी पुष्टि की कि पीड़िता की सलवार पर मिला वीर्य और बच्चे का डीएनए दोषी से मेल खाता है। हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धारा छह और भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की धारा 506 (II) के तहत दोषी की सजा को बरकरार रखा। हालांकि, मृत्युदंड को 30 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया गया, जिसमें दोषी को समयपूर्व रिहाई का कोई लाभ नहीं मिलेगा। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियुक्त ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ बार-बार यौन शोषण कर गंभीर अपराध किया, जिसके लिए सजा में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
सेवा का दूसरा नाम: रिटायर्ड IPS इंदरजीत सिंह अब चंडीगढ़ में फैलाते हैं स्वच्छता का संदेश
22 Jul, 2025 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ : सुबह 6 बजे, 88 साल के रिटायर्ड आईपीएस अफसर इंदर जीत सिंह सिद्धू का दिन शुरू होता है। ज्यादातर लोग इस उम्र में आराम करना पसंद करते हैं। लेकिन सिद्धू एक ठेला लेते हैं और चंडीगढ़ के सेक्टर 49 में घूम-घूम कर कचरा उठाते हैं। उनके लिए यह एक दैनिक काम बन गया है। वे ऐसा साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखने के लिए करते हैं। 1996 में पंजाब पुलिस से डीआईजी के पद से रिटायर होने के बाद, सिद्धू सेक्टर 49 में आईएएस-आईपीएस ऑफिसर्स कोआपरेटिव सोसाइटी में रहने लगे। उन्होंने देखा कि जगह-जगह कचरा फैला हुआ है। इससे वे बहुत परेशान थे। उन्होंने कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। फिर उन्होंने खुद ही कुछ करने का फैसला किया।
लोगों ने उड़ाया मजाक, पागल भी कहा
इंदरजीत सिद्धू कहते हैं कि सफाई करने में कोई शर्म नहीं है। सफाई भगवान की भक्ति के बराबर है। शुरू में लोगों ने उनका मजाक उड़ाया और उन्हें पागल भी कहा। लेकिन सिद्धू ने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया। वे सफाई कर्मचारियों के खाली ठेलों में कचरा भरकर उसे सही जगह पर फेंकने लगे। धीरे-धीरे उनकी मेहनत का असर दिखने लगा। अब कई स्थानीय लोग उनकी मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं।
चंडीगढ़ की खराब रैंकिंग ने किया परेशान
सिद्धू चंडीगढ़ की 'स्वच्छ सर्वेक्षण' में खराब रैंकिंग से निराश थे। उनका मानना है कि 'सिटी ब्यूटीफुल' कहलाने वाले शहर को सफाई में सबसे ऊपर होना चाहिए। वे कहते हैं कि उनका योगदान भले ही छोटा हो, लेकिन वे अपनी उम्र और ताकत के हिसाब से जितना हो सकता है, उतना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं यह काम किसी पहचान या प्रशंसा के लिए नहीं कर रहा हूं। मैं इसे तब तक करता रहूंगा जब तक मैं जिंदा हूं, ताकि शहर बेहतर बन सके। उन्होंने यह भी बताया कि उनका परिवार भी उनके इस काम में पूरा साथ देता है।
इंदरजीत सिंह बोले- होता है दुख
इंदरजीत सिंह का मानना है कि अगर हर नागरिक अपने तरीके से योगदान दे, तो चंडीगढ़ आसानी से टॉप पर आ सकता है। सिद्धू को यह काम करके बहुत खुशी मिलती है। वे यह भी बताते हैं कि शहर के कुछ हिस्सों में अभी भी कांग्रेस घास फैली हुई है और टूटी हुई शाखाएं पड़ी हैं। इससे शहर की सुंदरता तो खराब होती ही है, साथ ही यह खतरनाक भी है।
स्थानीय लोग अब करते हैं तारीफ
स्थानीय लोग सिद्धू की लगन की तारीफ करते हैं। एक पड़ोसी ने कहा कि उन्होंने किसी को भी इलाके की सफाई के लिए इतना समर्पित नहीं देखा। एक अन्य निवासी ने नगर निगम से सिद्धू के योगदान को सम्मानित करने और उन्हें 'स्वच्छता अभियान' का ब्रांड एंबेसडर बनाने की अपील की। शहर ने 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25' में 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में दूसरा स्थान हासिल किया है। लेकिन सिद्धू जैसे लोग जो चुपचाप मिसाल कायम करते हैं, अक्सर उनकी कोशिशों पर किसी का ध्यान नहीं जाता। इंदर जीत सिंह सिद्धू अपने मजबूत इरादे और नागरिक कर्तव्य की भावना से न केवल अपने पड़ोस को साफ रख रहे हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को भी प्रेरित कर रहे हैं। 'स्वच्छ सर्वेक्षण' एक तरह का सर्वे है। इसमें शहरों को सफाई के आधार पर रैंकिंग दी जाती है। जो शहर सबसे साफ होता है, उसे सबसे अच्छी रैंक मिलती है।
सफाई रखने की अपील
इंजरजीत सिंह सिद्धू का कहना है कि हमें अपने शहर को साफ रखने के लिए खुद भी कुछ करना चाहिए। सिर्फ सरकार के भरोसे नहीं बैठना चाहिए। अगर हर कोई थोड़ा-थोड़ा भी करेगा, तो हमारा शहर अपने आप साफ हो जाएगा। वह यह भी कहते हैं कि हमें अपने आसपास गंदगी नहीं फैलानी चाहिए। कचरा हमेशा कूड़ेदान में ही डालना चाहिए। अगर हम ऐसा करेंगे, तो हमारा शहर सुंदर और स्वस्थ रहेगा।
गुरदासपुर मुठभेड़: रोकने पर गैंगस्टर ने चलाई गोली, पुलिस ने किया ढेर नहीं, जख्मी
22 Jul, 2025 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरदासपुर(पंजाब)। गुरदासपुर पुलिस और एक गैंगस्टर के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में गैंगस्टर की टांग पर गोली लगी। घायल को सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भर्ती करवाया गया है। मुठभेड़ गुरदासपुर के बब्बरी बाईपास और नबीपुर के बीच गंदे नाले के रास्ते पर हुई। पकड़े गए आरोपी की पहचान गुरदासपुर निवासी राहुल के रुप में हुई है।
एसएसपी गुरदासपुर आदित्य ने बताया कि पुलिस टीम को एक संदिग्ध युवक बिना नंबर प्लेट की पल्सर बाइक पर आता दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो उसने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और भागने लगा। पुलिस ने तुरंत उसका पीछा करना शुरू किया और दूसरी टीम ने घेराबंदी कर दी। युवक भागता हुआ बबरी बाईपास और नवीपुर के बीच गंदे नाले के रास्ते पर पहुंचा।
गैंगस्टर ने अचानक पुलिस पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला। वारदात में उक्त गैंगस्टर के पैर पर गोली लग गई। आरोपी को सुरक्षा के बीच इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल आरोपी के ठीक होने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी ताकि उसके अन्य साथियों को भी पकड़ा जा सके।
ईडी का बड़ा खुलासा: ड्रग कारोबार में सरकारी अफसरों की मिलीभगत
22 Jul, 2025 11:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ (पंजाब)। पंजाब में नशा छुड़ाओं केंद्रों से मरीजों को दी जाने वाली दवाइयों ब्यूप्रीनोर्फिन और नलेक्सॉन दवाइयों को गैरकानूनी तरीके से बाहर बेचने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा खुलासा किया है।
ईडी ने बताया कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के चार से पांच ड्रग इंस्पेक्टर लाखों रुपये लेकर इस गैरकानूनी धंधे को ऑपरेट कर रहे हैं। इन दोनों दवाइयों को बनाने वाली रसन फार्मा कंपनी के नशा छुड़ाओं केंद्र और ड्रग इंस्पेक्टरों के साथ लिंक भी सामने आया है। ये सभी ड्रग इंस्पेक्टर ईडी के रडार पर हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर रूपप्रीत कौर रडार पर
रसन फार्मा लिमिटेड ड्रग्स केस में ईडी जालंधर ने ड्रग इंस्पेक्टर रूपप्रीत कौर की बेनामी संपत्तियों को खंगालना भी शुरू कर दिया है। जांच के अनुसार रूपप्रीत कौर ने नशा छुड़ाओं केंद्रों को मिलने वाली दवाइयों की जांच गलत तरीके से कर डॉक्टर अमित बंसल का साथ दिया और लुधियाना, पटियाला, मोहाली व चंडीगढ़ में करोड़ो रुपये की अवैध संपत्ति बनाई। ईडी को इसके सबूत मिले हैं। आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर के बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
जनवरी 2025 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने ड्रग इंस्पेक्टर रूप प्रीत कौर को गिरफ्तार किया था। आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर की कस्टडी से नशीली दवाईयों की खेप और ड्रग मनी बरामद हुई थी। यहां तक कि ड्रग इंस्पेक्टर जिस सेंटर की इंचार्ज थी, वहां 4 हजार दवाईयों की शॉर्टेज तक सामने आई थी।
नोटिस जारी कर मांगा जवाब, रद्द होगा लाइसेंस
ईडी जालंधर के जॉइंट डायरेक्टर स्तर के अधिकारी ने सोमवार को रसन फार्मा लिमिटेड केस में पंजाब के 22 प्राइवेट डी-एडिक्शन सेंटरों से नशीली दवाइयों के मामले में सभी को शोकॉज नोटिस जारी किया है। एक हफ्ते के अंदर इन सेंटरों के संचालकों से लिखित जवाब मांगा है। ईडी ने इन सेंटरों को जो बीएनएक्स दवाईयों की खेप जब्त की थी, उसके आधार पर कंपनी को भी जवाब देने को कहा है। अधिकारी ने बताया कि इन प्राइवेट डी एडिक्शन सेंटरों के खिलाफ ईडी ने लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से दुश्मनों की चाल पर नजर, सेना का खुफिया तंत्र होगा सशक्त
22 Jul, 2025 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ (पंजाब)। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सभी सैन्य व अर्ध सैन्य बल अपने खुफिया तंत्रों को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस ऑपरेशन के बाद यह बात साफ हो गई है कि साइबर और आईटी युग में सैन्य बलों को अब देश की सुरक्षा और सीमा पार के खतरे को भांपने के लिए कई तरह की नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए सेना अब अपनी इंटेलिजेंस विंग को और मजबूत करते हुए डेफ एआई (डिफेंस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से खतरे की खुफिया जानकारियां जुटाएगी। भूमि युद्ध अध्ययन केंद्र इसमें भारतीय सेना की मदद कर रहा है। सैन्य अफसरों का मानना है कि दुश्मनों से खतरे का पूर्वानुमान लगने में एआई आधारित इस सिस्टम से बड़ी मदद मिलेगी। वर्तमान वार फेयर परिदृश्य में सैन्यबलों के समक्ष डीप फेक, लेजर लाइट माड्यूल और क्वांटम खतरे, ये बड़ी चुनौतियां हैं।
डीप फेक एक ऐसा एआई सिस्टम है, जिसका उपयोग विश्वसनीय दिखने वाले फर्जी चित्र, ध्वनी और वीडियो बनाने के लिए किया जा रहा है। यह ऐसे लोगों और घटनाओं का निर्माण करता है जो वास्तव में मौजूद नहीं हैं या घटित ही नहीं हुए हैं। डीपफेक तकनीक का सबसे अधिक उपयोग झूठी जानकारियां या दुष्प्रचार फैलाकर गुमराह करना होता है। इसी तरह लेजर लाइट मॉड्यूल (एलएलएम) विभिन्न प्रकार के लाइट सोर्सिस का उपयोग कर सटीक लक्ष्य प्राप्ति और लक्ष्य को चिह्नित करने में मददगार बनता है। उधर डिजिटल परिदृश्य में क्वांटम खतरा एक गंभीर चिंता का विषय है। इस तकनीक के जरिये सूचनाओं को ऐसे तरीकों से परिवर्तित व डेवलप किया जा सकता है जो कि पारंपरिक कंप्यूटरों से असंभव माने जाते हैं। उक्त तरह की खतरों की पहचान के लिए भारतीय सेना अब डेफएआई की मदद लेगी।
मेलवेयर व फिशिंग हमलों से रखेगा सतर्क
दुश्मन के एआई संचालित हमलों को निष्क्रिय करने में भी डेएफएआई सक्रिय रहेगा। इसके अलावा फिशिंग हमले यानी विभिन्न माध्यमों से संवेदनशील जानकारी चुराने की कोशिश भी सेना के लिए बड़ी चिंता का विषय है। ऐसे हमलों में अधिकतर निशाना सेना के अफसर व जवान ही बनते हैं। डेफएआई का इस्तेमाल इस तरह के हमलों को पहचानने और उन्हें रोकने में किया जाएगा।
फर्जी एआई ईमेल से करेगा सावधान
जवानों और अफसरों को कई बार व्यक्तिगत रूप से एआई जेनरेटेड ऐसी फर्जी ईमेल प्राप्त होती हैं, जो उन्हें अपने सिस्टम का ही हिस्सा प्रतीत होती हैं। इस माध्यम से दुश्मन उनसे गोपनीय व संवदेनशनील जानकारी व डाटा हासिल करने की कोशिश में जुटे रहते हैं। कई बार इन जवानों व अफसरों को ईमेल के जरिये सिस्टम अपडेट करने के लिए भेजे गए लिंक पर क्लिक करने के लिए भी कहा जाता है। लिंक क्लिक करते ही संबंधित ईमेल सर्वर हैक कर लिया जाता है। डेएफएआई ऐसी फर्जी ईमेल को पहचानने, भविष्य में इसी तरह के हमलों को रोकने और इससे सावधान करने के लिए भी काम करेगा।
पाकिस्तान की साजिश को नाकाम करने में जुटी पंजाब पुलिस, ड्रोन तस्करी पर कसा शिकंजा
21 Jul, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब, पंजाब में पाकिस्तान की सरकार की साजिश को भगवंत मान सरकार ने नाकाम कर दिया है. पाकिस्तान अक्सर भारतीय सीमा में ड्रोन के ज़रिए नशा और हथियार भेजने की साजिशें करता रहा है. लेकिन पिछले कुछ सालों में पंजाब पुलिस ने ड्रोन से नशा भेजने के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है. अब सीमा पार से आने वाले ड्रोन की तादाद लगातार कम हो रही है. ड्रोन के ज़रिए नशे की तस्करी को पूरी तरह ख़त्म करने के लिए पंजाब पुलिस एंटी-ड्रोन तकनीक भी तैनात कर रही है.
रिकार्ड के मुताबिक साल 2019 में 2, 2020 में 7, 2021 में 1 ड्रोन पकड़े गए थे लेकिन 2022 में मान सरकार के आने के बाद ड्रोन पकड़ने की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई, 2022 में 28, 2023 में 121, 2024 में रिकॉर्ड 294 और 2025 में 15 जुलाई तक 138 ड्रोन जब्त किए गए.
तीन साल में 591 ड्रोन जब्त
साल 2022 से लेकर 15 जुलाई 2025 तक कुल 591 ड्रोन पंजाब पुलिस ने जब्त किए. इसी दौरान पंजाब पुलिस ने युद्ध नशे विरुद्ध अभियान के तहत 22 हजार से ज़्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया. ये आंकड़े सरकार की सख्त कार्रवाई की गवाही देते हैं. ड्रोन, नशा, हथियार और तस्करों पर एक साथ रोक लगाने का यह पूरा फ्रेमवर्क बताता है कि मान सरकार न केवल सुरक्षा में चौकस है, बल्कि नशे और तस्करी के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश दे रही है.
मान सरकार का कहना है कि अब सीमापार तस्करों की एक नहीं चलेगी. 932 किलो से ज़्यादा हेरोइन, 263 पिस्तौल, 14 AK-47 राइफल, 66 हैंड ग्रेनेड और करीब 15 किलो RDX बरामद किया गया है. इससे पहले किसी भी सरकार ने इतने बड़े नेटवर्क का ऐसा पर्दाफाश नहीं किया था. यह पहली बार हुआ है कि मान सरकार ने सीमाओं से लेकर गांवों तक एक ऐसा सुरक्षा जाल बिछाया है जहां नशा तस्करों और आतंकियों की भी एक नहीं चल पा रही है.
एंटी ड्रोन सिस्टम ने किया कमाल
इसका पूरा श्रेय जाता है एंटी ड्रोन सिस्टम को, जो पंजाब सरकार का एक अनोखा और प्रभावशाली मॉडल बन चुका है. किसी दूसरे राज्य में ऐसा मॉडल आज भी नहीं है. 596 सीमावर्ती गांवों में स्थानीय लोगों, रिटायर्ड सैनिकों और पुलिसकर्मियों को मिलाकर एक ऐसा सिस्टम तैयार किया गया है जो रात-दिन सीमा की निगरानी करता है. कोई भी संदिग्ध गतिविधि अब बर्दाश्त नहीं की जाती है. सूचना तुरंत पहुंचती है और कार्रवाई तुरंत होती है.
हर गांव को तीन श्रेणियों में बांटकर उनके रोड नेटवर्क, संदिग्ध लोगों की सूची और सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से डिजिटल डाटा तैयार किया गया है, ताकि हर छोटी से छोटी हरकत पर भी नजर रखी जा सके. पुलिस ऑफिसर अब बीट बुक के ज़रिए हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखते हैं और सभी रक्षक टीमों को व्हाट्सएप के ज़रिए जोड़ा गया है. यानी अब सुरक्षा सिर्फ पुलिस थानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि गांव-गांव में मौजूद है.
BSF और पंजाब पुलिस की कार्रवाई
इतना ही नहीं, पंजाब सरकार 51 करोड़ की लागत से अब 9 अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदकर सीमा पर तैनात कर रही है. BSF और पंजाब पुलिस मिलकर टेक्नोलॉजी, फोरेंसिक जांच और संचार विश्लेषण के ज़रिए हर ड्रोन का हिसाब रख रही है.आज गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे जिले, जो कभी ड्रोन तस्करी के लिए बदनाम थे, अब सुरक्षा व्यवस्था की मिसाल बन चुके हैं. खेमकरण, खलड़ा, अजनाला जैसे गांव अब सिर्फ खबरों में नहीं, देश की सुरक्षा रणनीति में चर्चा का विषय बन चुके हैं.
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने साफ कर दिया है कि ड्रोन, नशा, आतंक या तस्करी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. यह केवल राज्य की नहीं, देश की सुरक्षा का सवाल है. यह नया पंजाब है, चौकस, संगठित और समझदार. यहां अब नशा नहीं, सुरक्षा की रणनीति उड़ान भर रही है. पंजाब सरकार की यही पहल न सिर्फ राज्य की सुरक्षा के लिए, बल्कि पूरे देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने की दिशा में एक मिसाल बन रही है.
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