पंजाब
लुधियाना में भारत भूषण को कांग्रेस का टिकट, पार्टी का हिंदू चेहरे पर जोर
5 Apr, 2025 07:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब में भले ही विधानसभा उपचुनावों का ऐलान न हुआ हो, इससे पहले ही यहां राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चली है. यही कारण है कि आम आदमी पार्टी के बाद अब कांग्रेस ने भी लुधियाना पश्चिम सीट पर अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए भारत भूषण आशु को पार्टी उम्मीदवार घोषित किया है. उम्मीदवारों के ऐलान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों का ऐलान कर सकता है. आइये जानते हैं कांग्रेस ने जिसे अपना उम्मीदवार बनाया है, वो कौन है और क्या राजनीतिक बैकग्राउंड रहा है. लुधियाना पश्चिम सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी का निधन हो गया था. गोगी की उनके घर पर लाइसेंसी बंदूक से गलती से गोली चलने के कारण मौत हो गई थी. इसके बाद लुधियाना पश्चिम सीट खाली हो गई थी. यही कारण है कि यहां उपचुनाव होने वाले हैं. इस सीट पर आम आदमी पार्टी ने पहले ही राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाया है.
कौन हैं भारत भूषण आशु?
भारत भूषण आशु का जन्म 20 मार्च, 1971 को हुआ था. वह पंजाब में कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते हैं. वह पंजाब के लुधियाना पश्चिम सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं. कांग्रेस में खासी पकड़ मानी जाती है. भारत भूषण पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, उस समय उनके पास खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले का प्रभार था.
कैसा रहा राजनीतिक सफर?
भारत भूषण आशु का राजनीतिक सफर पंजाब के लुधियाना शहर के वार्ड नंबर 48 से वर्ष 1997 में शुरू हुआ था, जब वह यहां से पार्षद चुने गए. वह लगातार 2002, 2007 में भी पार्षद बने. लगातार तीन बार पार्षद चुने जाने के कारण उनका नाम एकाएक चर्चा में आ गया. यही कारण है कि इस चर्चा का पूरा फायदा आशु ने उठाया और वार्ड से सीधे विधानसभा की तैयारी शुरू कर दी.
भारत भूषण आशु ने पार्षद रहते हुए ही विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी की थी. इस मेहनत का फल ही उन्हें मिला. साल 2012 में कांग्रेस ने उन्हें लुधियाना (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिला और वो पंजाब विधानसभा में डिप्टी सीएलपी नेता बने. 2017 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल जा चुके आशु
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले में टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने भारत भूषण और उनके करीबी सहयोगी राजदीप सिंह नागरा को 1 अगस्त 2024 और 4 सितंबर 2024 को पीएमएलए 2002 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उस समय उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए 22.78 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी.
विवादों से रहा आशु का नाता
भारत भूषण आशु जितना प्रदेश की राजनीति में चर्चित चेहरा हैं, उससे कहीं ज्यादा उनका नाम विवादों में जुड़ा रहता है. जनवरी 2019 में, भारत भूषण आशु को एक सार्वजनिक समारोह में महिला अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करते हुए सार्वजनिक रूप से देखा गया. तब वह विवादों में आ गए थे. इसके अलावा धमकी वाला वीडियो भी वायरल हुआ था. अक्टूबर 2019 में भारत भूषण आशु ने उप-चुनाव की तैयारियों के दौरान अपनी ही पार्टी के वॉलनटिअर को पीटा था. इसके अलावा कई और ऐसे मामले हैं जिन्होंने आशु को चर्चाओं में बनाए रखा.
पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाजी: हाईकमान के प्रयासों के बावजूद क्या हालात सुधरेंगे?
5 Apr, 2025 07:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के लुधियाना (पश्चिम) में उपचुनाव आने वाले दिनों में होने जा रहा है. यहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर होने के आसार हैं. वहीं कांग्रेस ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. पंजाब कांग्रेस ने ‘जोड़ेगा ब्लॉक जीतेगी कांग्रेस’ अभियान शुरू किया है.
इस अभियान के तहत आज सुल्तानपुर लोधी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैली की गई, जिसमें पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए.
दूसरी तरफ एक और रैली हुई. यह रैली कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह के बेटे राणा इंद्र प्रताप सिंह ने की. इन्होंने 2022 के चुनाव में सुल्तानपुर लोधी से आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे थे.
सामने आई कांग्रेस की फूट
हाल ही में राणा गुरजीत और अन्य कांग्रेस नेताओं ने मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ आवाज उठाई थी. इसके बाद मामला हाईकमान तक पहुंचा था. हालांकि, पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने भी मीडिया में सफाई देते हुए कहा था कि अध्यक्ष के खिलाफ कोई बगावत नहीं है, बल्कि पंजाब कांग्रेस एकजुट है. उन्होंने अगले चुनाव में जीत का दावा भी किया था.
2022 में भी हुई थी बगावत
विधानसभा चुनाव के दौरान राणा गुरजीत सिंह चाहते थे कि उनका बेटा सुल्तानपुर लोधी से चुनाव लड़े, जबकि कांग्रेस ने एक परिवार, एक टिकट की नीति अपनाई. इसके तहत राणा गुरजीत को तो टिकट मिल गया, लेकिन उनके बेटे राणा इंद्र प्रताप को टिकट नहीं मिला.
राणा इंदर ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और सुलतानपुर लोधी से कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर विधानसभा पहुंचे. आज की रैली को भी बगावत के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, इस रैली में राणा गुरजीत सिंह की तस्वीर नहीं लगाई गई, लेकिन एक ही शहर में एक ही समय पर दो रैलियां होना कहीं ना कहीं कांग्रेस के अंदर चल रही उथल-पुथल को उजागर करता है.
गर्लफ्रेंड से स्पा सेंटर की नौकरी छोड़वाना चाहता था बॉयफ्रेंड, मना करने पर हुआ हैरान कर देने वाला कदम
4 Apr, 2025 10:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के लुधियाना में एक युवक ने स्पा सेंटर में घुसकर अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड का कत्ल कर दिया. बीचबचाव करने आए शख्स पर भी उसने जानलेवा हमला किया. मामला दुगरी के हिम्मत सिंह नगर इलाके का है. आरोपी की सनक इस कदर सिर पर हावी थी कि वो खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद भी वहीं बैठा रहा.
मृतका की पहचान डेहलों के गांव बुल निवासी अकविंदर कौर उर्फ कक्की के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपी सिमरनजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. सिमरनजीत मलेरकोटला का रहने वाला है.
जानकारी के मुताबिक, अकविंदर कौर हिम्मत सिंह नगर स्थित रिलीफ स्पा सेंटर में नौकरी करती थी. कुछ साल पहले उसकी शादी कोहड़ा में हुई थी और उसके दो बच्चे एक बेटा और दूसरी बेटी है. करीब डेढ़ साल से उसका अपने पति के साथ विवाद चल रहा था. इस कारण वो अपने पति से अलग बच्चों के साथ रह रही थी. तब उसकी जिंदगी में सिमरनजीत की एंट्री हुई. वो अकविंदर से शादी करने का दबाव बना रहा था. लेकिन ये भी चाहता था कि सिमरन स्पा सेंटर की नौकरी छोड़ दे.
अकविंदर से की थी मारपीट
सिमरन ने कहा था- मैं अपने परिवार से तभी तुम्हें मिलवा सकता हूं, जब तुम नौकरी छोड़ दोगी. मगर अकविंदर ने नौकरी छोड़ने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वो अपने दोनों बच्चों का पालन पोषण यहीं से कर रही थी. इसी को लेकर उनका विवाद चल रहा था. इसे लेकर आरोपित सिमरनजीत ने अकविंदर से मारपीट भी की थी. जिसकी शिकायत अकविंदर ने थाना डेहलों में दी थी. दो दिन पहले उक्त शिकायत में समझौता हो गया था. आरोपी ने लिखित में कहा था कि वो दोबारा अकविंदर कौर को परेशान नहीं करेगा.
प्रेमिका का चाकू से रेता गर्दन
गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे अकविंदर स्पा सेंटर में काम कर रही थी. इस दौरान आरोपित आकर उसके साथ बहस करने लगा. अकविंदर ने उसे बाहर जाने को कहा, तभी सिमरन ने चाकू निकाला, जोकि प्लानिंग के तहत पहले लेकर आया था. उक्त चाकू से अकविंदर की गर्दन रेत दिया. बताया जा रहा है कि तब वहां एक लड़का मौजूद था, जिसने अकविंदर को बचाने की कोशिश की. आरोपी ने उसके हाथ पर भी चाकू से वार कर दिया और वो पीछे हट गया.
फूट-फूटकर रोने लगा सिमरन
इसके बाद सिमरन वहीं बैठकर फूट-फूटकर रोने लगा. शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर आकर अकविंदर को उठाकर दीप अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मृतका के परिजनों के बयानों पर आरोपित सिमरनजीत पर केस दर्ज किया है. आरोपी फिलहाल जेल में बंद है. उसके खिलाफ आगामी कार्रवाई जारी है.
रिटायर्ड कर्नल का डिजिटल अरेस्ट, सेना की छवि को ठेस पहुंचाने के आरोप में 3.41 करोड़ रुपये की ठगी
3 Apr, 2025 09:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ में एक 82 साल के रिटायर्ड कर्नल और उनकी पत्नी से करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है. ठगों ने दंपति को 9 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके कुल 3.41 करोड़ रुपए की ठगी की. पीड़ित दंपति ने थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. कर्नल दिलीप सिंह बाजवा और उनकी पत्नी रणविंदर कौर बाजवा चंडीगढ़ सेक्टर-2 में रह रहे हैं.
18 मार्च को इंटरनेशनल नंबर से उन्हें एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने दंपति से पूछा कि क्या आप नरेश गोयल को जानते हैं? इस पर दंपति ने जवाब दिया कि हम नहीं जानते. इसके बाद दंपति से कहा गया कि नरेश गोयल मनी लांड्रिंग मामले में जेल में बंद है. उसके घर से 247 एटीएम कार्ड मिले हैं. उसमें एक कार्ड में आपका नाम भी है, जिसमें 20 लाख रुपए आए हैं. कुल 2 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है. ये देश से जुड़ा मामला है. आपको अरेस्ट किया जा सकता है.
फर्जी कोर्ट रूम में किया पेश
इसके बाद 19 मार्च को एक बार फिर इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया. इस बार उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का फर्जी लेटर भेजा, जहां अरेस्ट करने वाली टीम आ रही थी. दंपति को डराते हुए उनसे जुड़ी हर एक जानकारी ले ली गई. इसमें बैंक बैलेंस, घर में पड़ा सोना, प्रॉपर्टी के कागजात सब जानकारी दंपति से ले ली गई और दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया. डिजिटल अरेस्ट के दौरान वीडियो के जरिए दंपति को कोर्ट रूम दिखाया गया.
पीड़ित कर्नल दिलीप ने बताया कि मुझे नौ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया. 27 मार्च को मुझे वीडियो कॉल पर कोर्ट रूम दिखाया गया, जहां जज, पुलिस ऑफिसर और दो आरोपी नजर आ रहे थे. इस दौरान जज ने मुझे कहा कि आपकी बेल गारंटीड है, लेकिन 2 करोड़ का बेल वारंट भरना होगा. इस पर कर्नल ने जवाब दिया कि हमारे पास अब पैसे नहीं बचे हैं. तब जज ने मुझे किसी भी तरह पैसों का इंतजाम करने के लिए कहा. सुप्रीम कोर्ट का डर दिखाया.
3.41 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवाए
डिजिटल अरेस्ट के दौरान दंपति को सुप्रीम कोर्ट का डर दिखाते हुए ₹800000 अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए गए. कुल पांच अलग-अलग खातों में कुल 3.41 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवाए गए. डिजिटल अरेस्ट के दौरान पीड़ित को ठगों ने किसी को भी कुछ भी न बताने की धमकी दी. ठगों ने दंपति को नकली कोर्ट, नकली पुलिस और जज वीडियो कॉल में दिखाए और लगातार दंपति को धमकाते रहे.
कर्नल को कहा गया कि अगर वो अरेस्ट हुए तो सेना के नाम पर भी धब्बा लग जाएगा. साथ भी उन्हें देशद्रोह का डर भी दिखाया गया. पैसों की भरपाई करने के लिए कर्नल दिलीप बाजवा ने अपने कुछ रिश्तेदारों से पैसे उधार लेने की कोशिश की. इस पर रिश्तेदारों ने कर्नल को डिजिटल ठगी की बात कही. इसके बाद उन्होंने कुछ वकीलों से संपर्क किया. इसके बाद ठगी का अहसास होने पर दंपति ने 28 मार्च को थाने में शिकायत दर्ज कराई.
अब तक साढ़े 6 लाख रुपए फ्रीज
मामला रिटायर्ड कर्नल के साथ धोखाधड़ी से जुड़ा है तो चंडीगढ़ पुलिस ने भी तुरंत ही एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी, लेकिन अब तक जो ट्रांजैक्शन कर्नल के खातों से हुए हैं, उसमें से सिर्फ साढ़े 6 लाख रुपए ही चंडीगढ़ पुलिस द्वारा फ्रीज किया जा सका है, जबकि बाकी पैसा फ्रॉड करने वालों ने चेक के माध्यम से देश के अलग-अलग बैंकों से निकाल लिया है.
पुलिस के मुताबिक, ठगों को पता था कि दिलीप सिंह सेना के रिटायर्ड कर्नल हैं और सीनियर सिटीजन हैं. इसी वजह से उनको सेना का नाम खराब होने के नाम पर भी ब्लैकमेल किया गया और देशद्रोह का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया. साथ ही ठगों को दिलीप सिंह के बारे में कई पुख्ता जानकारियां पता थीं. इसी वजह से दिलीप सिंह उनके झांसे में आ गए.
एसपी गीतांजलि खंडेलवाल ने की ये खास अपील
चंडीगढ़ पुलिस की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल ने आम जनता से अपील की है कि वो इस तरह के झांसे में न आएं और डिजिटल अरेस्ट नाम का कोई प्रावधान कानून में नहीं है और न ही जो नए आपराधिक कानून आए हैं, उसमें भी डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान रखा गया है. इसलिए लोग इस तरह से ठगों के झांसे में न आएं और अगर ऐसी कोई भी कॉल आती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें और पुलिस से जानकारी लें.
पुलिस और देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा लगातार आम जनता को डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों को लेकर अवेयर भी किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग इस तरह की ठगी की चपेट में आ रहे हैं और अपनी लाखों-करोड़ों की कमाई गंवा रहे हैं. चंडीगढ़ में रिटायर्ड कर्नल के साथ डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हुई ठगी इसी का एक जीता जागता उदाहरण है.
सतनाम संधू ने सीमा क्षेत्रों के विकास के लिए बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी को सशक्त बनाने की मांग की
3 Apr, 2025 09:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्यसभा सांसद सतनाम संधू ने संसद में पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास का मुद्दा उठाया. उन्होंने बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी को और अधिक मजबूत करने की मांग की. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले किसानों, युवाओं और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए. सांसद संधू ने शून्यकाल में कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम शामिल है. इस कार्यक्रम के तहत 1 हजार करोड़ रुपये के बजट से 19 सीमावर्ती इलाकों के 3 हजार गांवों का विकास किया जा रहा है. 2025 के केंद्रीय बजट में सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए 87% की बढ़ोतरी की गई है.
राज्यसभा सांसद सतनाम संधू ने पंजाब के सीमावर्ती जिलों (फिरोजपुर, गुरदासपुर, फाजिल्का, अमृतसर और तरनतारन) के लोगों को देश की ‘प्रथम रक्षा पंक्ति’ करार देते हुए कहा कि यहां के नागरिक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ, नशा तस्करी और गोलीबारी जैसी चुनौतियों का जिक्र किया, जिससे यहां खेती करना कठिन हो गया है.
सांसद संधू ने कहा कि किसानों को सिंचाई की समस्याओं, कृषि संसाधनों की कमी और फसल बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उनकी रसद लागत बढ़ जाती है, जिससे उन्हें अपनी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पाता. उन्होंने कहा, सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार आवश्यक है.
युवाओं को रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिलें
सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक गांवों को कवर करे, मेगा फूड पार्क परियोजनाओं को लागू करे. युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएं. उन्होंने युवाओं के कौशल विकास और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए नशामुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने और हर जिले में अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की मांग की. उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता फैलानी चाहिए. नीति आयोग के सहयोग से सीमावर्ती कॉलेजों में इनक्यूबेशन सेंटर खोलने चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिलें.
सीमावर्ती अर्थव्यवस्था को गति देने की अपील
सांसद संधू ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि सीमावर्ती जिलों में मेगा फूड पार्क परियोजनाओं को लागू किया जाए. ताकि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले. उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, जन शिक्षण संस्थान योजना और राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना को सीमावर्ती जिलों में विस्तारित करने की मांग की.
सीमावर्ती इलाकों को मिले ‘भारत का पहला गांव’ का दर्जा
सांसद संधू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों को अब ‘भारत का अंतिम गांव’ नहीं, बल्कि ‘भारत का पहला गांव’ कहा जाता है. उन्होंने सरकार द्वारा आधुनिक निगरानी प्रणाली और एंटी-ड्रोन तकनीक की स्थापना के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया, जिससे घुसपैठ और नशीली दवाओं की तस्करी पर नियंत्रण हुआ है. सांसद ने केंद्र सरकार से सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे नागरिकों की बेहतरी के लिए ठोस कदम उठाने और इन क्षेत्रों को सामाजिक-आर्थिक विकास की मुख्यधारा में शामिल करने की अपील की.
ये लोग देश के नागरिक ही नहीं, बॉर्डर वारियर भी हैं
सांसद संधू ने कहा, सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले पंजाबी भारत की पहली डिफेन्स लाइन हैं, जो हमारी सेनाओं के साथ मिलकर देश के लिए लड़ते रहे हैं. पंजाब की पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है, जो राज्य के फिरोजपुर, गुरदासपुर, फाजिल्का, अमृतसर और तरनतारन जिलों में फैली हुई है. इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा, नशीले पदार्थों की तस्करी, भूमिहीनता, माइग्रेशन और किसानों और यहां रहने वाले लोगों की कुछ गंभीर समस्याएं हैं. इन सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग न केवल देश के नागरिक हैं, बल्कि वो बॉर्डर वारियर हैं. पंजाब के निवासियों ने 1965 और 1971 के युद्धों में बेजोड़ बहादुरी दिखाई है.
बठिंडा में करोड़ों की कोठी, पंजाब पुलिस की महिला कर्मी पर भ्रष्टाचार का आरोप
3 Apr, 2025 06:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के बठिंडा में महिला पुलिस कर्मी ड्रग्स के साथ पकड़ी गई है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने महिला कर्मी को बुधवार को थार में नशे के साथ पकड़ा था। महिला पुलिस कर्मी अमनदीप कौर को वीरवार अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। एसटीएफ ने अमनदीप कौर को 17 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। थाना केनाल में आरोपी महिला पुलिस कर्मी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
ऐसे में अब आरोपी महिला कर्मी को नौकरी से बर्खास्त करने की कवायद भी शुरू हो गई है। डीआईजी हरजीत सिंह ने कहा कि आरोपी महिला पुलिस कर्मी को डिसमिस करने के लिए आलाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। इसके अवाला पुलिस कर्मियों के वार्षिक मेडिकल में डोप टेस्ट को लेकर डीआईजी ने कहा कि नियमों को चेक करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे। बठिंडा रेंज के कितने मुलाजिम नशे के आदी हैं, इसके बारे में भी पता करवाएंगे।
महिला ने आरोपी पुलिस कर्मी पर लगाए गंभीर आरोप
महिला पुलिस कर्मी अमनदीप कौर की गिरफ्तारी के बाद मामले में नया मोड़ आया है। मामले में गुरमीत कौर नाम की एक महिला ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर आरोप लगाया कि उक्त महिला कर्मी अमनदीप कौर और उसका पति पिछले लंबे समय से नशा करते हैं और नशा बेचते थे। इसके बारे में उसने कई बार पुलिस के बड़े अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री भगवंत मान तक मामला उजागर किया था। लेकिन आरोपी महिला कर्मी के बड़े पुलिस अफसरों व राजनीतिक लोगों के साथ संबंध होने के चलते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ड्रग्स के रुपयों से खरीदी महंगी गाड़ियां
महिला गुरमीत कौर ने आरोप लगाया कि उक्त महिला पुलिस कर्मी ने नशे की तस्करी से ही थार, वरना, ऑडी और एक स्कूटी समेत करोडों रुपये की कोठी बनाई है। आरोपी महिला कर्मी की कोठी बठिंडा की विराट ग्रीन कॉलोनी में है। इसके अलावा उक्त महिला कर्मी ने नशा तस्करी के पैसों से सोने के गहने और घडियां खरीदी हैं। महिला ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि उक्त महिला पुलिस कर्मी और उसके साथ रह रहे बलविंदर सिंह की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जाए तो बड़ा खुलासा हो सकता है। इनके मोबाइल फोन की जांच की जाए तो नशे को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
आरोपी महिला कर्मी ने एक बड़े पुलिस अफसर से जताई थी बात करने की इच्छा
सूत्र बतातें है कि जब उक्त महिला पुलिस कर्मी को पुलिस टीम ने ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया तो उसने एक बड़े पुलिस अधिकारी का नाम लेकर कहा था, कि उसकी बात करवाई जाए। लेकिन उस समय पुलिस ने एक नहीं सुनी। जिला पुलिस के ओएएसआई विभाग की तरफ से आरोपी महिला अमनदीप कौर की ड्यूटी अन्य महिला कर्मियों के मुकाबले कम लगाई गई थी। जो जांच का विषय है।
पटियाला के चहल गांव में पंचायत ने प्रवासी मजदूरों को गांव छोड़ने का फरमान सुनाया
2 Apr, 2025 09:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के पटियाला जिले में प्रवासी मजदूरों को गांव छोड़ने का फरमान जारी किया गया है. गांव के लोगों ने पंचायत कर यह फैसला लिया है. जिले के नाभा ब्लॉक के गांव चहल में पंचायत ने गांव में किराए पर रह रहे 4 से 5 हजार प्रवासी मजदूरों को निकालने का आदेश सुनाया है. यह फरमान बीते रविवार को गांव की पंचायत द्वारा जारी किया गया. फरमान के बाद कई प्रवासी मजदूर अपने किराए के घरों को छोड़कर चले गए हैं.
गांव के दो निवासी सुखराज सिंह नोनी और शमशेर सिंह ने बताया कि गांव में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रह रहे थे, जिससे अपराध और अन्य घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. इसी कारण पंचायत ने यह फैसला लिया. दूसरी ओर पुलिस ने बताया कि उन्होंने स्थिति को शांत कर दिया है.
एक अप्रैल तक का दिया था समय
पंजाब में प्रवासी मजदूर कृषि और उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. लेकिन हाल ही में कुछ गांवों में प्रवासी मजदूरों को निकालने की घटनाएं बढ़ी हैं. इसी कड़ी में नाभा ब्लॉक के चहल गांव में पंचायत ने यह निर्णय लिया है. आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रवासी मजदूर उपद्रव करते हैं और अपराध बढ़ा रहे हैं. पंचायत ने उन्हें 1 अप्रैल तक गांव छोड़ने का समय दिया था, जिसके चलते कई मजदूर पहले ही निकल चुके हैं. उनके छोड़े हुए किराए के मकानों पर लगे ताले इस बात की गवाही दे रहे हैं.
पुलिस ने किया पांच पर केस
हालांकि, जब इस मुद्दे पर पंचायत सरपंच और अन्य सदस्यों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से इनकार कर दिया. लेकिन गांव के दो व्यक्तियों ने आगे आकर कहा कि वे प्रवासी मजदूरों को गांव में रहने नहीं देंगे। वहीं, कुछ लोग इस फैसले का विरोध भी कर रहे हैं, लेकिन वे भी सार्वजनिक रूप से कुछ बोलने से बच रहे हैं. पुलिस ने गांव के पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है ताकि माहौल खराब न हो.
पूरे गांव के लोगों ने लिया फैसला
गांव चहल के निवासी सुखराज सिंह नोनी और शमशेर सिंह ने बताया कि गांव के पास स्थित फैक्ट्री में लगभग 7 हजार प्रवासी मजदूर काम कर रहे हैं. उनके आने के बाद से चोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं. पंचायत बनने से पहले ही यह शर्त रखी गई थी कि प्रवासी मजदूरों को गांव से निकाला जाएगा. पंचायत ने पूरे गांव की सहमति से यह फरमान जारी किया था. हालांकि, कुछ स्थानीय लोग, जो इन मजदूरों को किराए पर रखते थे, इसका विरोध कर रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं.
पुलिस ने दी चेतावनी
उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल उनके गांव का फरमान नहीं है, बल्कि आसपास के करीब 10 गांवों की पंचायतों ने भी ऐसा ही आदेश जारी किया है. लेकिन पुलिस ने केवल उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है और उन्हें धमकाया जा रहा है. पंचायत के लोग इस वजह से कैमरे के सामने आने से कतरा रहे हैं. पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि अगर वे कोई बयानबाजी या प्रदर्शन करेंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
गांव के कुछ लोग समर्थन में
नाभा की तहसील थाना सदर भादसों के इंचार्ज जसप्रीत सिंह ने बताया कि गांव में किराए पर रह रहे प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. उन्हें गांववासियों की तरफ से एक लिखित शिकायत मिली थी कि मजदूरों को न निकाला जाए. इसके अलावा पांच शरारती तत्वों के खिलाफ अस्थायी रूप से मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति शांत है, और दोनों पक्षों को समझा दिया गया है.
पंजाब के गांव में विवाद, बाहरी लोगों से घर खाली करने की मांग, स्थानीय लोगों का विरोध
2 Apr, 2025 09:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के पटियाला जिले में प्रवासी मजदूरों को गांव छोड़ने का फरमान जारी किया गया है. गांव के लोगों ने पंचायत कर यह फैसला लिया है. जिले के नाभा ब्लॉक के गांव चहल में पंचायत ने गांव में किराए पर रह रहे 4 से 5 हजार प्रवासी मजदूरों को निकालने का आदेश सुनाया है. यह फरमान बीते रविवार को गांव की पंचायत द्वारा जारी किया गया. फरमान के बाद कई प्रवासी मजदूर अपने किराए के घरों को छोड़कर चले गए हैं.
गांव के दो निवासी सुखराज सिंह नोनी और शमशेर सिंह ने बताया कि गांव में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रह रहे थे, जिससे अपराध और अन्य घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है. इसी कारण पंचायत ने यह फैसला लिया. दूसरी ओर पुलिस ने बताया कि उन्होंने स्थिति को शांत कर दिया है.
एक अप्रैल तक का दिया था समय
पंजाब में प्रवासी मजदूर कृषि और उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. लेकिन हाल ही में कुछ गांवों में प्रवासी मजदूरों को निकालने की घटनाएं बढ़ी हैं. इसी कड़ी में नाभा ब्लॉक के चहल गांव में पंचायत ने यह निर्णय लिया है. आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रवासी मजदूर उपद्रव करते हैं और अपराध बढ़ा रहे हैं. पंचायत ने उन्हें 1 अप्रैल तक गांव छोड़ने का समय दिया था, जिसके चलते कई मजदूर पहले ही निकल चुके हैं. उनके छोड़े हुए किराए के मकानों पर लगे ताले इस बात की गवाही दे रहे हैं.
पुलिस ने किया पांच पर केस
हालांकि, जब इस मुद्दे पर पंचायत सरपंच और अन्य सदस्यों से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कैमरे के सामने आने से इनकार कर दिया. लेकिन गांव के दो व्यक्तियों ने आगे आकर कहा कि वे प्रवासी मजदूरों को गांव में रहने नहीं देंगे। वहीं, कुछ लोग इस फैसले का विरोध भी कर रहे हैं, लेकिन वे भी सार्वजनिक रूप से कुछ बोलने से बच रहे हैं. पुलिस ने गांव के पांच व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है ताकि माहौल खराब न हो.
पूरे गांव के लोगों ने लिया फैसला
गांव चहल के निवासी सुखराज सिंह नोनी और शमशेर सिंह ने बताया कि गांव के पास स्थित फैक्ट्री में लगभग 7 हजार प्रवासी मजदूर काम कर रहे हैं. उनके आने के बाद से चोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ गई हैं. पंचायत बनने से पहले ही यह शर्त रखी गई थी कि प्रवासी मजदूरों को गांव से निकाला जाएगा. पंचायत ने पूरे गांव की सहमति से यह फरमान जारी किया था. हालांकि, कुछ स्थानीय लोग, जो इन मजदूरों को किराए पर रखते थे, इसका विरोध कर रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं.
पुलिस ने दी चेतावनी
उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल उनके गांव का फरमान नहीं है, बल्कि आसपास के करीब 10 गांवों की पंचायतों ने भी ऐसा ही आदेश जारी किया है. लेकिन पुलिस ने केवल उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है और उन्हें धमकाया जा रहा है. पंचायत के लोग इस वजह से कैमरे के सामने आने से कतरा रहे हैं. पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी है कि अगर वे कोई बयानबाजी या प्रदर्शन करेंगे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
गांव के कुछ लोग समर्थन में
नाभा की तहसील थाना सदर भादसों के इंचार्ज जसप्रीत सिंह ने बताया कि गांव में किराए पर रह रहे प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए दबाव बनाया जा रहा था. उन्हें गांववासियों की तरफ से एक लिखित शिकायत मिली थी कि मजदूरों को न निकाला जाए. इसके अलावा पांच शरारती तत्वों के खिलाफ अस्थायी रूप से मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति शांत है, और दोनों पक्षों को समझा दिया गया है.
मनीष सिसोदिया ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान की सराहना की
2 Apr, 2025 09:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय नेता और पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने नशे के खिलाफ पंजाब सरकार के अभियान ‘युद्ध नशयां विरूद्ध’ की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में हम पंजाब से नशे का सफाया कर देंगे. लुधियाना में आप पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा के साथ मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया.
उन्होंने नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की 360⁰ रणनीति बताई और कहा कि आज अरविंद केजरीवाल और संगठन के नेताओं के साथ मीटिंग में यह तय हुआ कि अब पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी का संगठन मिलकर नशे के खिलाफ अभियान चलाएगी, ताकि हम पंजाब से नशा को जल्द से जल्द पूरी तरह खत्म कर सकें.
आम लोगों की जरूरतों पर चर्चा
मनीष सिसोदिया ने कहा कि दूसरी पार्टियों के संगठन की मीटिंग में सत्ता कैसे हासिल की जाए, इसकी चर्चा होती है. आम आदमी पार्टी की मीटिंग में लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है. कांग्रेस भाजपा और अकाली दल पर आरोप लगाते हुए सिसोदिया ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा नशा तस्करों को राजनीतिक संरक्षण देने के से पंजाब में नशा फैला. वहीं आप सरकार नशे से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई कर रही है और तस्करों को पकड़कर जेल भेज रही है.
लुधियाना में मनीष सिसोदिया ने कहा कि पिछली सरकारें पंजाब पुलिस का इस्तेमाल नशा तस्करों को बचाने के लिए करती थी. जबकि आम आदमी पार्टी की सरकार पुलिस के माध्यम से नशे का खात्मा कर रही है. पिछले एक महीने में नशा तस्करों के खिलाफ करीब 2500 मामले दर्ज हो चुके हैं और करीब 4500 लोग पकड़े जा चुके हैं. वहीं 54 नशा तस्करों के घर गिराए गए.श और 51 एनकाउंटर किए गए.
नशा तस्करों को दी चेतावनी
इसके अलावा करीब 65 लाख ड्रग मनी और 7 लाख नशीली कैप्सूल एवं भारी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं. ये आंकड़े बताते हैं कि आप सरकार नशे को लेकर कितना गंभीर है. उन्होंने नशा तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा कि नशे से जुड़े लोगों को अब अपना धंधा बंद करना होगा नहीं तो जेल जाने के लिए तैयार रहना पड़ेगा. आप सरकार में नशा एक भी नशा तस्कर बख्शे नहीं जाएंगे.
बच्चे कल लुधियाना की सड़कों पर उतरेंगे
सिसोदिया ने बताया कि बुधवार को लुधियाना से नशे के खिलाफ एक और अभियान की शुरूआत हो रही है. कल एनसीसी और एनएसएस के हजारों बच्चें शपथ लेंगे कि वे नशा नहीं करेंगे और अपने आस-पास के लोगों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करेंगे.
सिसोदिया ने कहा कि ये बच्चे कल लुधियाना की सड़कों पर उतरकर दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय लोगों को भी नशा न करने की शपथ दिलाएंगे और पूरे शहर में नशे के खिलाफ प्रचार करेंगे. इसके अलावा कल से आम आदमी पार्टी के सभी कार्यकर्ता भी अपने अपने क्षेत्रों में घूमकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे.
शिरोमणि अकाली दल ने वक्फ विधेयक का विरोध किया, बिल पेश करने के तरीके पर जताई हैरानी
2 Apr, 2025 09:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्र सरकार बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश करेगी. विपक्ष और मुस्लिम संगठन इस बिल का विरोध कर रहे हैं. इस खेमे में शिरोमणि अकाली दल भी शामिल है. पार्टी की कहना है कि वोटिंग के मुद्दे पर हरसिमरत कौर बादल संसद में ही स्टैंड क्लियर करेंगी. शिरोमणि अकाली दल का कहना है कि जिस तरह से मुस्लिम समुदाय से चर्चा किए बिना संसद में वक्फ बिल पेश किया जा रहा है, वो हैरान करने वाला है. शिरोमणि अकाली दल इस बिल में वक्फ बोर्ड के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर उन्हें सरकारी नियंत्रण में लेने के अलावा गैर मुस्लिमों को भी सदस्य नियुक्त करने का प्रस्ताव है, ये सही नहीं है. इससे पहले अकाली दल ने तख्त श्री हजूर साहिब और श्री पटना साहिब कमेटियों में सरकारी प्रतिनिधियों को शामिल करने का विरोध किया था. पार्टी का कहना है कि अगर वक्फ बिल लाया भी जा रहा है तो इससे पहले मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत करके आम राय बनाने चाहिए थी.
सरकार वक्फ बोर्ड पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रही
ताकि ये संदेश ना जाए कि केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड पर सरकारी नियंत्रण करने का प्रयास कर रही है. मुस्लिम समुदाय को हक है कि वो अपने धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी राय दें. शिरोमणि अकाली दल ने वक्फ बिल को सिखों के तख्त श्री पटना साहिब और श्री नांदेड़ साहिब के मैनेजमेंट में राज्य सरकारों के नुमाइंदे शामिल किए जाने के विवाद से जोड़ा. हालांकि शिरोमणि अकाली दल की पंजाब लीडरशिप ने लोकसभा में वोटिंग के मुद्दे पर अपने पत्ते फिलहाल नहीं खोले हैं. लोकसभा में पार्टी की इकलौती सांसद हरसिमरत कौर बादल मौके पर फैसला करेंगी कि वो बिल के खिलाफ वोट करेंगी या वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहेंगी. उधर,ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भाजपा के सहयोगी दलों समेत सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से अपील की कि वो वक्फ विधेयक का विरोध करें.
वक्फ विधेयक पर AAP का कड़ा विरोध, सीएम भगवंत मान ने कहा- हम हर हाल में मुसलमानों के पक्ष में खड़े हैं
1 Apr, 2025 10:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले वक्फ विधेयक का पूरी ताकत से विरोध करेगी. भगवंत मान ने ईद के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद कहा कि मुस्लिम भाई इस विधेयक का पुरजोर विरोध कर रहे हैं और इस घड़ी में आप उनके साथ खड़ी है.
उन्होंने कहा कि मुसलमानों के हितों की रक्षा के लिए आप संसद और पंजाब विधानसभा दोनों में वक्फ (संशोधन) विधेयक का विरोध करेगी.
हर तबके की भलाई के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार समाज के हर तबके की भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. वक्फ विधेयक पर 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति की 655 पन्नों की रिपोर्ट 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी गई थी. संसद की संयुक्त समिति ने 15-11 के बहुमत से सत्तारूढ़ बीजेपी के सदस्यों द्वारा सुझाए गए बदलावों वाली रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था. इस कदम के बाद विपक्ष ने इस कवायद को वक्फ बोर्ड को नष्ट करने का प्रयास करार दिया.
बता दें कि विपक्षी दल इस विधेयक का कड़ा विरोध कर रहे हैं और इसे असंवैधानिक तथा मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ बता रहे हैं. कई प्रमुख मुस्लिम संगठन इस विधेयक के खिलाफ समर्थन जुटा रहे हैं. इस विधेयक की संसद की संयुक्त समिति ने पड़ताल की थी तथा कई संशोधनों के साथ इसे मंजूरी दी थी.
सरकार वक्फ विधेयक पेश करने को तैयार
अल्पसंख्यक और संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने सोमवार को कहा कि सरकार संशोधित वक्फ विधेयक को संसद में पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों पर समाज में अशांति फैलाने तथा इसके प्रावधानों को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया. वीकेंड और ईद की छुट्टी के बाद आज संसद की बैठक फिर शुरू होगी.
निचले सदन में पेश किए जाने की संभावना
रीजीजू ने कहा कि विधेयक को पेश करने का समय संसद की बैठक के बाद विचार-विमर्श के पश्चात तय किया जाएगा, लेकिन वह चाहते हैं कि इसे यथाशीघ्र पारित किया जाए. संसद का चालू बजट सत्र चार अप्रैल को खत्म होना है और इस विधेयक को कानून बनाने के लिए लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों में पारित कराना होगा. सरकार ने संकेत दिया है कि वह आज को विभिन्न दलों के नेताओं के साथ विधेयक पेश करने के समय पर चर्चा करेगी. इसे सबसे पहले, संभवतः बुधवार को निचले सदन में पेश किए जाने की संभावना है.
केजरीवाल की पदयात्रा ने पंजाब में नशे के खिलाफ नए जोश का संचार किया, युवाओं ने दिया समर्थन
1 Apr, 2025 10:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार ने राज्य में युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चला रखा है. जिसके तहत नशा तस्करों पर शिकंजा कसा जा रहा है. वहीं अब नशे के विरुद्ध इस महायुद्ध में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी उतर गए हैं. 2 अप्रैल से अरविंद केजरीवाल नशे के विरुद्ध सड़कों पर उतरेंगे.
इसकी शुरुआत 2 अप्रैल को लुधियाना शहर से होगी. जहां अरविंद केजरीवाल शहर में स्कूल और कॉलेज के बच्चों के साथ पद यात्रा करेंगे. इस पद यात्रा का उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरुक करना है. और पंजाब को नशा मुक्त बनाकर फिर से रंगला पंजाब बनाना है.
नशे के खिलाफ गांवों में जाएंगे-केजरीवाल
इसकी जानकारी खुद अरविंद केजरीवाल ने दी. उन्होंने कहा कि मैंने दस दिन पहले कहा था कि नशे खिलाफ हम हर गांव में जाकर लोगों को जागरुक करेंगे. एक अप्रेल से हम हर गांव में जाना चालू करेंगे, मैं भी जाऊंगा, सीएम मान भी जाएंगे इसके साथ ही हर एमएलए, हर मंत्री, डीसी, SSP, एसपी, डीएसपी पूरा प्रशासन हर गांव में जाएगा.
2 अप्रैल से शहरों के अंदर कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से किसानों की फसलों की कटाई शुरू हो गई है. ऐसे में किसान मंडियों में फसल लेकर आएंगे. तो गांव में कोई नहीं मिलेगा. जिसके चलते इस कार्यक्रम को एक महीने के लिए पोस्टपोनड कर दिया है. लेकिन 2 अप्रैल से शहरों के अंदर यह कार्यक्रम होगा. और स्कलों और कॉलेज के बच्चे संकल्प लेंगे ना खुद नशा करेंगे, ना किसी को पंजाब में नशा बेचने देंगे.
अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील है कि वे बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करें. केजरीवाल ने कहा कि पंजाब को नशे से दूर करना हम सबकी जिम्मेदारी है. यदि हम ऐसा करते हैं तो इससे अच्छा और पुण्य का काम कोई नहीं है.
मोहाली अदालत का फैसला: पादरी बजिंदर सिंह को बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा
1 Apr, 2025 05:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के जालंधर के ताजपुर चर्च के स्वयंभू ईसाई पादरी बजिंदर सिंह को मोहाली की जिला अदालत ने 2018 के बलात्कार मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यह फैसला मंगलवार, 1 अप्रैल 2025 को आया. अदालत ने 28 मार्च को ही उन्हें दोषी ठहराया था. पीड़ित महिला ने खुशी जताते हुए कहा कि पिछले सात सालों से वह न्याय के लिए कोर्ट और पुलिस के चक्कर काट रही थी. उसने यह भी बताया कि बजिंदर सिंह ने न सिर्फ उसका, बल्कि कई अन्य महिलाओं का भी शोषण किया था.
मामला 2018 का है, जब एक 35 साल की महिला ने बजिंदर सिंह पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. पीड़िता का कहना था कि सिंह ने उसे विदेश ले जाने का लालच देकर मोहाली के अपने घर बुलाया. वहां उसने महिला के साथ बलात्कार किया और घटना को रिकॉर्ड करके उसे ब्लैकमेल करने की धमकी दी. अप्रैल 2018 में महिला ने हिम्मत जुटाकर पुलिस में शिकायत की. इसके बाद सिंह फरार हो गए, लेकिन दिल्ली हवाई अड्डे से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह लंदन भागने की कोशिश कर रहे थे.
महिला ने कहा, “वह धर्म के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाता था. मुझे और दूसरी महिलाओं को उसने अपने जाल में फंसाया. सात साल बाद आखिरकार मुझे इंसाफ मिला.” हाल ही में जालंधर की एक 22 साल की युवती ने भी सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसकी जांच चल रही है. इसके अलावा, एक वायरल वीडियो में सिंह को अपने ऑफिस में एक महिला और कर्मचारियों के साथ मारपीट करते देखा गया था. इस घटना के बाद मोहाली पुलिस ने उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए, जिनमें यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और शारीरिक हमला शामिल हैं.
असलियत सामने आई
बजिंदर सिंह ‘चर्च ऑफ ग्लोरी एंड विजडम’ नाम से जालंधर के ताजपुर और मोहाली के माजरी में चर्च चलाते हैं. वह अपने चमत्कारी दावों और धार्मिक सभाओं के लिए मशहूर थे. लेकिन उनके खिलाफ कई शिकायतों ने उनकी असलियत सामने ला दी. पंजाब राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है. एनसीडब्ल्यू ने पंजाब पुलिस से तेज कार्रवाई और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है. हाल ही में कुछ पीड़ित महिलाओं ने पंजाब हाई कोर्ट में भी अपनी सुरक्षा की मांग की है.
सिंह के समर्थकों का कहना है कि यह उनके खिलाफ साजिश है और वह निर्दोष हैं. वहीं, आलोचकों का मानना है कि वह अंधविश्वास फैलाकर लोगों का फायदा उठाते थे. कोर्ट के इस फैसले से पीड़िताओं को राहत मिली है, लेकिन कई सवाल अभी भी बाकी हैं कि क्या सिंह के खिलाफ सभी मामले सामने आ पाएंगे. पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही अन्य मामलों में भी कार्रवाई होगी.
मनीष सिसोदिया ने पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव की सराहना की, CM मान का बयान- IAS-IPS बनेंगे मार्गदर्शक
31 Mar, 2025 10:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के मार्गदर्शक बनेंगे, ताकि जीवन में ऊंचाइयों को छूने के लिए उनका मार्गदर्शन किया जा सके. स्कूल ऑफ एमिनेंस में आयोजित पीटीएम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि अधिकारी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करेंगे और शिक्षकों को उनके कौशल को निखारने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण सुनिश्चित करेंगे.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह प्रयास छात्रों को अपने सपनों की उड़ान भरने के लिए पंख देगा, ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकें. भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये आईएएस और आईपीएस अधिकारी छात्रों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे, जिससे वे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में सफल होकर सिविल सेवाओं में शामिल हो सकें.
पंजाब की शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव- सिसोदिया
इससे पहले दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने संबोधन में पंजाब की शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए राज्य सरकार की सराहना की. उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान के शिक्षा मॉडल ने आश्चर्यजनक काम किया है क्योंकि शहरों के छात्र अब गांवों में स्थित सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए कतार लगा रहे हैं. मनीष सिसोदिया ने कहा कि साल 2022 की विधानसभा चुनावों से पहले जब वे राज्य का दौरा कर रहे थे, तब स्थिति पूरी तरह अलग थी और अब पिछले तीन सालों में राज्य में उल्लेखनीय बदलाव देखे जा रहे हैं.
आप नेता ने कहा कि पिछले 75 सालों की तुलना में पिछले तीन सालों में बहुत बेहतरीन काम किया गया है. उन्होंने कहा कि रंगला पंजाब केवल शिक्षा के माध्यम से ही बनाया जा सकता है. मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने 2022 से पहले राज्य के 50 से अधिक कस्बों, शहरों और गांवों के सरकारी स्कूलों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया था, जिनकी स्थिति खराब थी. हालांकि, उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि आज राज्य के स्कूलों का चेहरा पूरी तरह बदल गया है, जो राज्य में शिक्षा क्रांति का प्रतीक है.
पंजाब में पिछली सरकारों ने कुछ नहीं किया- मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े-लिखे राजनीतिक नेताओं ने कभी भी राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि इसका एकमात्र कारण यह था कि उन्हें राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने की कोई चिंता नहीं थी, लेकिन उनकी सरकार ने शिक्षा में यह ऐतिहासिक बदलाव लाया है. भगवंत सिंह मान ने छात्रों को जीवन में ऊंचाइयों को छूने के लिए पारंपरिक पार्टियों के नेताओं की तरह पैराशूट वाला रास्ता अपनाने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने का आह्वान किया.मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले वे लोग होते हैं जो पूरी दुनिया को जीतने के लिए जमीन से उठते हैं. उन्होंने कहा कि इन मेहनती लोगों के लिए कोई सीमा नहीं होती. भगवंत सिंह मान ने कहा कि दूसरी ओर पैराशूट से आने वाले लोग सीधे आकाश से उतरते हैं और बाद में या जल्द ही जमीन पर गिरने के लिए तैयार रहते हैं. उन्होंने कहा कि छात्र का ध्यान जीवन में शीर्ष स्थान हासिल करने पर होना चाहिए, जिसके लिए राज्य सरकार हर आवश्यक मदद प्रदान करेगी.
पूरे पंजाब में हर क्षेत्र में कई अनूठी पहल – CM मान
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आम आदमी की भलाई के लिए हर क्षेत्र में कई अनूठी पहल की हैं. उन्होंने कहा कि राज्य भर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां तीन करोड़ से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज हुआ है. इसी तरह, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने योग्यता के आधार पर 52,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अक्टूबर महीने में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण किसानों को अपनी धान की फसल बेचने में आने वाली मुश्किलों से बचाने के लिए धान की बुवाई का समय पहले करते हुए राज्य सरकार ने इस साल एक जून से धान की बुवाई का सीजन शुरू करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि राज्य में धान की फसल की जोन-स्तर पर खेती की जाएगी, जिसके लिए पंजाब सरकार द्वारा आवश्यक योजना और प्रबंध किए जा रहे हैं. भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार नकली बीजों की बिक्री को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और इस घृणित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की पहल प्रशंसनीय-सिसोदिया
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने सरकारी स्कूलों को बर्बाद कर दिया था क्योंकि नेता चाहते थे कि उनके चहेतों के निजी स्कूल अस्तित्व में रहें. उन्होंने कहा कि अब ध्यान राज्य भर के सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और सुधारने पर है, जो वास्तव में प्रशंसनीय है क्योंकि यह राज्य को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सुनिश्चित कर रहा है. मनीष सिसोदिया ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी स्कूल के हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके.
AG गुरमिंदर सिंह गैरी का इस्तीफा,AAP सरकार के कार्यकाल में चौथा इस्तीफा
31 Mar, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह गैरी ने इस्तीफा दे दिया है. उनका कार्यकाल 31 मार्च तक था. ये भी पंजाब में पहली बार हो रहा है कि एक ही सरकार में तीन एडवोकेट जनरल पहले हटाए जा चुके हैं और चौथे एडवोकेट जनरल का कार्यकाल पूरा होने से ठीक पहले उन्हें इस्तीफा देकर जाना पड़ रहा है.
एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह गैरी ने इस पद पर नियुक्त होने के 18 महीने बाद इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले विनोद घई ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया था. इसी के बाद 6 अक्टूबर, 2023 को गुरमिंदर सिंह को एजी के रूप में नियुक्त किया गया था.
कौन हैं एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह?
गुरमिंदर सिंह ने चंडीगढ़ में मौजूद पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ में ग्रेजुएशन की. उन्होंने 1989 में अपनी प्रैक्टिस शुरू की थी और 2014 में उन्हें वरिष्ठ वकील नामित किया गया था. वो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया, यूनियन सर्विस पब्लिक कमीशन, पंजाब विधानसभा और राज्य के अन्य बोर्डों और निगमों के लिए स्थायी वकील बने रहे. वो सेवा मुकदमेबाजी, संवैधानिक और आपराधिक मामलों में विशेषज्ञ हैं और चंडीगढ़, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में हाईकोर्ट के अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी पेश हुए हैं.
तीन AG हटाए गए
मार्च 2022 में जब आम आदमी पार्टी ने राज्य की कमान संभाली थी तब डीएस पटवालिया एजी के पद पर कायम थे. नई सरकार के कार्यभार संभालने के दो दिन के अंदर ही पटवालिया ने एजी पद से इस्तीफा दे दिया था. सरकार ने तब अनमोल रतन सिद्धू को एजी नियुक्त किया था. हालांकि, सिद्धू ने सिर्फ चार महीने बाद 30 जुलाई, 2022 को अपना इस्तीफा सौंप दिया था. उसी दिन, सरकार ने विनोद घई को इस पद के लिए नियुक्त किया था, जो 5 अक्टूबर, 2023 तक कार्यालय में रहे. इसी के बाद 6 अक्टूबर को, सरकार ने गुरमिंदर सिंह को एजी नियुक्त किया था. हालांकि, अब उन्होंने भी इस पद से इस्तीफा दे दिया है.
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