पंजाब
पंजाब के सीमावर्ती जिलों में एहतियातन स्कूल बंद, ब्लैकआउट भी लागू
12 May, 2025 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान की सीमा से सटे पंजाब के छह जिलों और संगरूर में स्कूल आज बंद रहेंगे. अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर होशियारपुर में रविवार देर रात ब्लैकआउट लागू कर दिया गया था. उन्होंने बताया कि राज्य के बाकी हिस्सों में शैक्षणिक संस्थान सोमवार से फिर खुलेंगे.
लेकिन पाकिस्तान की सीमा से सटे फाजिल्का, पठानकोट, अमृतसर, फिरोजपुर, गुरदासपुर और तरनतारन जिलों में अधिकारियों ने विद्यालयों को बंद रखने का आदेश जारी किया है. पंजाब की पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो इन जिलों तक फैली हुई है.
परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि अगर किसी यूनिवर्सिटी ने पहले ही अपने परीक्षा कार्यक्रम में संशोधन कर लिया है, तो वे परीक्षाएं संशोधित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी. सीमावर्ती जिलों के उपायुक्तों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर स्कूल खोलने या बंद करने के बारे में निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया है.
सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन
हरजोत सिंह बैंस ने शैक्षणिक संस्थानों को सरकार के सुरक्षा प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का भी निर्देश दिया. इस बीच, फिरोजपुर, गुरदासपुर, पठानकोट और मोगा में अधिकारियों ने परामर्श जारी किया, जिसमें लोगों से रविवार शाम को स्वेच्छा से घर की लाइटें बंद करने और जब तक आवश्यक न हो, बाहर निकलने से बचने का आग्रह किया गया था.
सीमावर्ती इलाकों में शांति
भारत और पाकिस्तान के बीच जमीन, हवा और समुद्र पर सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकने के लिए हुए समझौते के बाद पंजाब, खासकर सीमावर्ती इलाकों में रविवार को शांति बनी रही. जिला प्रशासन द्वारा साझा किए गए एक संदेश के अनुसार, अमृतसर में स्कूली शिक्षक ऑनलाइन कक्षाएं ले सकते हैं. जिले के कॉलेज और यूनिवर्सिटी भी बंद रहेंगे.
कॉलेज और यूनिवर्सिटी आज बंद रहेंगे
पठानकोट और गुरदासपुर में कॉलेज और यूनिवर्सिटी आज बंद रहेंगे. गुरदासपुर के अधिकारियों द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यूनिवर्सिटी और कॉलेज के शिक्षक ऑनलाइन कक्षाएं ले सकते हैं. संगरूर में अधिकारियों ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है. इससे पहले बैंस ने कहा था कि पूरे पंजाब में सभी शैक्षणिक संस्थान, स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी सोमवार को फिर से खुलेंगे.
पंजाब में रेड अलर्ट: बठिंडा, अमृतसर और फाजिल्का में विशेष सुरक्षा इंतजाम
10 May, 2025 02:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरदासपुर: भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पंजाब में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ऐसे में कई जिलों के लिए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। (Red Alert in Punjab) वहीं, फाजिल्का में व्यापारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे दुकानें बंद रखें।
पाकिस्तान ने वीरवार की तरह शुक्रवार को भी रात्रि होते ही भारत पर ड्रोन हमले शुरू कर दिए। रात साढ़े 8:30 बजे भारत के सीमावर्ती जिलों फिरोजपुर, अमृतसर और पठानकोट में धमाकों की आवाजें सुनाई देने लगीं। शनिवार सुबह भी पाकिस्तान ने अपनी नापाक हरकतों को जारी रखा। जिसका भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच पंजाब के हालात जानने और इससे जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए जुड़े रहें।
शिक्षा मंत्री ने जारी किए निर्देश
मौजूदा स्थिति को देखते हुए राज्य भर के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा, परिवहन या व्यक्तिगत कारणों से असमर्थ या अनिच्छुक होने पर किसी भी छात्र को परिसर छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
संस्थानों को अंतिम छात्र के रहने तक भोजन, आश्रय और देखभाल प्रदान करनी चाहिए। परीक्षाएं रोकने के लिए मजबूर करने का कारण नहीं होनी चाहिए। घर लौटने वालों के लिए कोई शैक्षणिक दंड नहीं होना चाहिए - पुनर्निर्धारण या विकल्प प्रदान किए जाने चाहिए।
श्री मुक्तसर साहिब में ब्लैक आउट
श्री मुक्तसर साहिब में भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने रात आठ बजे से दुकानें बंद करके ब्लैक आउट के निर्देश दे दिए हैं। हालांकि, पहले शाम साढ़े सात बजे दुकानें बंद करने का नोटिफिकेशन जारी हुआ था। लेकिन अब आधा घंटा एक्सटेंड कर दिया गया है।
पंजाब के लोगों के लिए एडवाइजरी
1 जितना संभव हो घर से बाहर कम निकलें। केवल तभी बाहर जाएं जब अत्यंत आवश्यक हो।
2 भीड़ इकट्ठा नहीं होनी चाहिए।
3 ऊंची इमारतों/टॉवरों में जाने से बचें।
4 कपूरथला शहर और फगवाड़ा शहर के बाजार बंद करने के आदेश जारी।
5 कपूरथला में में आज मॉल और ऊंची व्यावसायिक इमारतें बंद रहेंगी।
6 शांत रहें, घबराएं नहीं।
7 निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर विश्वास न करें।
8 मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे।
सभी दुकानें बंद रखने की अपील
गुरदासपुर और दीनानगर में भारत पाक युद्ध की आपातकाल स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी दुकानें बंद करने की अपील की जा रही है। लोगों को बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने को कहा गया है। फाजिल्का प्रशासन ने कहा कि अगले आदेश तक जिले के सभी लोग अपने घरों में रहें। जो लोग बाजार में हैं, वे नजदीकी दुकान में शरण लें। अगले आदेश की प्रतीक्षा करें।
पंजाब के गुरदासपुर में धमाका
पंजाब के गुरदासपुर जिले के गांव छिछरा में सुबह पौने पांच बजे बड़ा धमाका हुआ। गांव के खाली खेत में 40 फीट लंबा 15 फीट गहरा गड्डा बन गया। गांव के लोक इस धमाके की आवाज के बाद सहम गए और तीन से चार किलोमीटर एरिया में लोगों के घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गये। गांव छिछरा में रात को चार धमाकों की आवाज सुनी गई।
पंजाब में ड्रोन धमाका: कांगनीवाल गांव में घरों के शीशे टूटे, कारें क्षतिग्रस्त
10 May, 2025 02:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत से तनाव के बीच पाकिस्तान अपनी नापाक हरकत से बाज नही आ रहा है. वहीं पाकिस्तान के ड्रोन अटैक को लेकर ग्राउंड रिपोर्ट भी सामने आ रही है. पंजाब के जालंधर के ओल्ड होशियारपुर रोड पर कांगनीवाल गांव के बीचों-बीच धमाका हुआ है. इस धमाके में लोगों के घरों के शीशे और दरवाजे टूट गए हैं और गली में खड़ी कार भी क्षतिग्रस्त हो गई है. यही नहीं एक प्रवासी व्यक्ति भी इस धमाके के कारण बुरी तरह से जख्मी हुआ है, जिसे हॉस्पिटल इलाज के लिए दाखिल करवाया गया है.
ग्रामीणों ने बताया कि 1.30 और 1.45 के बीच में यह धमाका हुआ है और इसमें 5 से 6 घरों का नुकसान हो गया है. वहीं एक कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है और एक व्यक्ति बुरी तरह से घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. लोगों का कहना है कि धमाके के बाद पुलिस यहां पर आई थी और वह पूरा घटनाक्रम देखकर गई है. पुलिस अधिकारी ने कहा है कि सुबह आकर इस मामले की पूरी तरह से जांच की जाएगी. गांव वालों के चेहरे पर डर का माहौल भी साफ दिखाई दे रहा था.
जालंधर में हुए ड्रोन धमाके
इसके अलावा जालंधर में भी ड्रोन के जरिए धमाके होने की सूचना मिली है. इस सूचना को लेकर दमकल विभाग के अधिकारी ने कहा है कि उन्होंने ड्रोन जाते हुए देखे हैं और 5 से 6 धमाकों की आवाज सुनी है. वहीं लोग इन धमाकों की आवाज सुनकर रोड पर निकल आए. लोगों ने बताया कि उन्होंने भी धमाकों की आवाज सुनी है, लेकिन कहां धमाके हुए हैं उनके बारे में उन्हें भी कुछ मालूम नहीं है.
कई धमाकों की आवाज
दमकल विभाग के अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि 1 बजकर 45 मिनट पर उन्होंने ड्रोन जाते हुए देखे हैं. इन्होंने कहां जाकर धमाका किया है, इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगा कि धमाके कहीं नजदीक ही हुए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें 5 से 6 धमाकों की आवाज आई थी, जिसके बाद लोग इधर उधर भागने लगे थे. उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें कोई सूचना तो नहीं आई है, लेकिन उन्होंने ड्रोन उड़ते हुए देखे और धमाकों की आवाज सुनी है.
ड्रोन जैसी चीज को देखने का दावा
वहीं स्थानीय लोगों ने कहा कि उन्होंने भी धमाकों की आवाज सुनी. स्थानीय निवासी अर्जुन कुमार ने कहा कि उन्होंने ड्रोन जैसी चीज जाते हुए देखी है और धमाके की आवाज भी उन्होंने सुनी है. हरविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने भी धमाकों की आवाज सुनी है और ऐसा लग रहा था कि नजदीक ही कहीं यह धमाके हुए हैं, जिनकी आवाज बहुत तेज से आई थी.
चंडीगढ़-अमृतसर में ब्लैकआउट का ऐलान, एयर अटैक अलर्ट से बढ़ा तनाव
9 May, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है, लेकिन पाकिस्तान अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहा है. जम्मू से लेकर राजस्थान और पंजाब तक पाकिस्तान ने अपनी नापाक साजिश को अंजाम दिया है. इसी के चलते चंडीगढ़ से लेकर अमृतसर तक एयर अटैक अलर्ट के सायरन बजाए जा रहे हैं और ब्लैकआउट किया गया है.
इसी बीच पंजाब सरकार हालात से निपटने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री मान के मंत्री आज सीमावर्ती जिलों में आपातकालीन सेवाओं की रिव्यू करेंगे. अस्पतालों, फायर स्टेशनों का निरीक्षण करेंगे, राशन की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं का निरीक्षण करेंगे.
बॉर्डर वाले इलाकों में जाएंगे कैबिनेट मंत्री
पंजाब में हालात न बिगड़ जाए इसी के चलते पहले से ही तैयारियां की गई है. पंजाब सीएमओ ने जानकारी दी है कि कैबिनेट मंत्री सीमावर्ती जिलों में पहुंचेंगे, कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद 10 मंत्री सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए रवाना होंगे. मंत्री लाल चंद कटारूचक्क और डॉ. रवजोत सिंह गुरदासपुर जाएंगे. मंत्री कुलदीप धालीवाल और मोहिंदर भगत अमृतसर का कार्यभार संभालेंगे.
पंजाब के हमले पर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, मैं पाकिस्तान को उचित जवाब देने के लिए सभी सेना अधिकारियों को सलाम करता हूं. हम इस दुश्मन देश को नहीं छोड़ेंगे. मुझे उम्मीद है कि उन्होंने अपना सबक सीख लिया है और आगे कुछ भी ऐसी कोशिश नहीं करेंगे. नागरिक प्रशासन, पुलिस प्रशासन, राजनीतिक समूहों और खुफिया विभाग के सभी लोग हमारी जमीन पर हैं. हमारे सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.
उन्होंने आगे कहा, हमारे स्वास्थ्य विभाग को मजबूत किया गया है. उन दिनों के लिए स्कूल बंद कर दिए गए हैं. किसी को भी घबराने या डरने की जरूरत नहीं है. हमने सभी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है. साथ ही उन्होंने कहा, (राशन की) कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
भारत ने PAK के हमले को किया नाकाम
भारत के अटैक के बाद पाकिस्तान तिलमिला गया है. इसी के बाद देश ने गुरुवार को भारत के 15 इलाकों में अटैक करने की नाकाम कोशिश की. पाकिस्तान ने जम्मू और राजस्थान के साथ पंजाब में भी हमला करने की कोशिश की. पंजाब में, सशस्त्र बलों ने गुरुवार रात पठानकोट, जालंधर, अमृतसर और भटिंडा सहित कुछ स्थानों को निशाना बनाने के पाकिस्तान के कई प्रयासों को विफल कर दिया है. इसी के बाद अमृतसर में ब्लैकआउट किया गया है और एयर अटैक के अलर्ट के सायरन बजाए जा रहे हैं.
पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करने वाला पंजाब हाई अलर्ट पर है. इसी के चलते किसी भी इमरजेंसी का सामने करने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई है.
होशियारपुर में ग्रामीणों को मिली मिसाइल, जांच में निकली नष्टशुदा
9 May, 2025 07:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान ने भारत के कई इलाकों में ड्रोन से हमले किए, जिसको हवा में ही इंडियन एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ने मार गिराया. वहीं, राजस्थान के जैसलमेर में 2 जिंदा बम और पंजाब के होशियारपुर में मिसाइल मिली है. जिस मिसाइल को ग्रामीणों ने देखा है वो नष्ट की गई मिसाइल है. दरअसल, पाकिस्तान के हमले के बाद भारत ने भी करारा जवाब दिया और उसके कई शहरों में तबाही मचाई है.
जैसलमेर के किशनघाट इलाके में पहला जिंदा बम मिला है. बम नर्सरी के सामने जोगियों की बस्ती में पड़ा हुआ था. इसकी सूचना प्रत्यक्षदर्शी अर्जुन नाथ ने किशनघाट सरपंच प्रतिनिधि कल्याणराम को दी. कल्याण राम ने कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस को जानकारी मुहैया करवाई. इसके बाद शुक्रवार सुबह मौके पर पुलिस व एयरफोर्स की टीम पहुंची. दोनों टीमों ने बम मिले स्थान को सीज कर दिया है.
जिले में दूसरा बम गजरूप सागर क्षेत्र में मिला. सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस और सेना की टीम पहुंची. बम को डिफ्यूज करने प्रयास किया गया है. ये बम शहरी क्षेत्र से करीब 3 किलोमीटर दूर अर्जुननाथ के घर के पास गिरा. उन्होंने बताया कि बम गिरने पर रेत का गुबार उठा तो सभी डर के मारे भाग गए थे.
होशियारपुर में मिसाइल मिलने से दहशत
इधर, होशियारपुर के पहाड़ी क्षेत्र कमाही देवी में मिसाइल मिलने से दहशत फैल गई. मौके पर स्थानीय पुलिस पहुंची और ऑफिशियल तौर पर अभी किसी ने भी जानकारी नहीं दी गई है. मिली जानकारी के मुताबिक, यह मिसाइल कमाही देवी रामपुर गांव में गिरी है, इस मिसाइल के गिरने से किसी तरह का भी कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि होशियारपुर के ऊंची वासी आर्मी कैंप ने अपने रडार से पाकिस्तानी हमले को नाकाम किया है, जिसके नतीजे यह मिसाइल नष्ट होकर पहाड़ी क्षेत्र के खेतों में गिर गई.
पंजाब के मंत्री सीमावर्ती जिलों का करेंगे दौरा
वहीं, पाकिस्तान के हमले के बाद पंजाब सरकार हालात से निपटने की तैयारी कर रही है. आज मंत्री सीमावर्ती जिलों में आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा करेंगे. वे अस्पतालों, दमकल केंद्रों, राशन और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता का निरीक्षण करेंगे. कैबिनेट मंत्री सीमावर्ती जिलों में पहुंचेंगे. मंत्री लाल चंद कटारूचक्क और डॉ. रवजोत सिंह गुरदासपुर जाएंगे. मंत्री कुलदीप धालीवाल और मोहिंदर भगत अमृतसर का प्रभार संभालेंगे.
उत्तराखंड के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
इसके अलावा उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है. अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के बाद उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर राज्य को सभी अस्पतालों में 12000 बेड चिह्नित करने और सभी आईसीयू व वेंटिलेटर तैयार रखने के निर्देश दिए हैं.
SYL नहर मुद्दे पर SC का अल्टीमेटम, केंद्र के साथ मिलकर निकालो हल
6 May, 2025 07:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को पंजाब और हरियाणा सरकारों को सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद को सुलझाने में केंद्र के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया. कोर्ट का यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने से इनकार करते हुए कहा कि अब पहले वाली बात नहीं, हमारे पास फालतू नहीं है.
केंद्र ने सुनवाई के दौरान जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच को बताया कि उसकी ओर से इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए पहले ही प्रभावी कदम उठाए गए हैं. इस पर बेंच ने कहा, “हम दोनों राज्यों को पानी बंटवारे को लेकर सौहार्दपूर्ण समाधान पर पहुंचने में केंद्र के साथ सहयोग करने का निर्देश देते हैं.”
SC ने दी दोनों राज्यों को मोहलत
अपने फैसले में बेंच ने यह भी कहा कि यदि 13 अगस्त तक मामला नहीं सुलझता है तो वह इस पर सुनवाई करेगी. केंद्र की ओर से कोर्ट में पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बेंच से कहा, “हमने मध्यस्थता की कोशिश की है, लेकिन राज्यों को भी अपनी बात पर अमल करना होगा.”
एसवाईएल नहर की परिकल्पना रावी और ब्यास नदियों से पानी के बंटवारे को लेकर की गई थी. इस प्रोजेक्ट के जरिए 214 किलोमीटर लंबी नहर बनाने की योजना बनाई गई थी, जिसमें से 122 किलोमीटर नहर पंजाब में तो 92 किलोमीटर हरियाणा में बनाई जानी थी.
1996 में SC ने सुनाया था हरियाणा के पक्ष में फैसला
हरियाणा ने अपने क्षेत्र में यह प्रोजेक्ट पूरी कर ली है, जबकि पंजाब ने 1982 में इससे जुड़ा निर्माण कार्य शुरू किया था लेकिन बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. पानी के बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद दशकों से जारी है.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी, 2002 को हरियाणा की ओर से साल 1996 में दाखिल एक वाद में उसके पक्ष में फैसला सुनाया था और पंजाब सरकार को एसवाईएल नहर के अपने हिस्से का निर्माण करने का निर्देश दिया था.
हरियाणा के साथ जल बंटवारे को लेकर फिर से उठे विवाद के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि कोई विवाद नहीं है. उन्होंने दावा किया कि आंकड़े पंजाब के पक्ष में हैं, लेकिन हरियाणा अपने हिस्से से ज्यादा पानी मांग रहा है. जबकि उसे फीसदी पानी देने की बात हुई थी, जिसे वो खर्च कर चुके हैं. अब उन्हें पानी नहीं दिया जाएगा.
सीमा पर लापरवाही या साजिश? पाक से आई आग ने 150 एकड़ फसल कर दी खाक
6 May, 2025 07:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के फिरोजपुर के ममदोट में कई किसानों के खेत में आग लगती रही और वह बस देखते रह गए, लेकिन कुछ नहीं कर पाए. क्योंकि उनके खेत पंजाब की सीमा पर बॉर्डर फेंसिंग के पार हैं. ऐसे में जब पाकिस्तान के किसानों ने अपने खेतों में काम करना शुरू किया और पाकिस्तानी खेतों में आग लगी तो ये आग भारतीय किसानों के खेतों तक पहुंच गई. फिर भारतीय किसानों के खेत जलते रहे, लेकिन किसान बेबस होकर देखते रहे. ये घटना सोमवार की बताई जा रही है, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है.
दरअसल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत सरकार काफी सख्त नजर आ रही है और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव भी देखने को मिल रहा है. ऐसे में हमले के बाद से BSF के जवानों ने फेंसिंग पर लगे गेट बंद कर दिए हैं. ऐसे में जिन भारतीय किसानों के खेत फेंसिंग के गेट के उस पार है. उन किसानों की पाकिस्तानी खेतों से आई आग ने 150 एकड़ नाड़ जलाकर राख कर दी.
पाकिस्तानी किसानों की शरारत
गेट के उस पार खेतों में आग लग रही थी, लेकिन किसान गेट के इस पार थे. इसलिए वह कुछ नहीं कर पाए. क्योंकि BSF ने किसानों के उस पर जाने पर पाबंदी लगा दी थी. किसनों ने बताया कि सोमवार को दोपहर के समय पाकिस्तानी खेतों से आग आई और भारतीय किसानों की 150 एकड़ में तूड़ी बनाने के लिए पड़ी नाड़ जलाकर राख कर दी. भारतीय किसानों ने इसे पाकिस्तानी किसानों की शरारत बताई.
किसानों को 20 लाख नुकसान हुआ
150 एकड़ नाड़ जलने से किसानों को भारी नुकसान हुआ. उन्होंने बताया कि खेत में 9 ट्यूबवेल पड़ी थी. 9 ट्यूबवेल जलने से तकरीबन 20 लाख रुपये का नुकसान भारतीय किसानों को हुआ. इसके साथ ही खेत में बिजली की तारें भी थीं. वह भी जल गईं, जिस समय ये आग खेतों में लगी. उस समय तेज हवा चल रही थी, जिस वजह से ये आग तेजी से खेतों में फैलती चली गई और किसान फेंसिंग पर लगे गेट के इस पार खड़े बेबस और लाचार होकर देखते रह गए. इससे उन्हें लाखों का नुकसान भी झेलना पड़ा.
कल से पंजाब में किसानों का आंदोलन तेज, प्रशासन अलर्ट
5 May, 2025 08:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब में किसान एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं. किसानों ने इसके लिए कल यानी मंगलवार का दिन तय किया है. उन्होंने कल से शंभू बॉर्डर पर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है. हालांकि इससे पहले कई किसान नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद किया जा रहा है. अब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस प्रदर्शन के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी, साथ ही कहा कि अगर लोगों को परेशान किया गया तो सख्त कार्रवाई करेंगे.
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट मोड में आ गई है. उसने कई किसान नेताओं के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है. उन्हें नजरबंद भी किया जा रहा है. कुछ समय पहले शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन को जबरदस्ती खत्म कराने और कई किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉलियों के चोरी के विरोध यह धरना किया जाना था.
प्रदर्शन से पहले ही एक्शन में पुलिस
लेकिन इससे पहले ही पंजाब पुलिस एक्शन मोड में आ गई और उसने उससे प्रदर्शन से पहले कई किसानों के घरों में दबिश डाल दी. किसान नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद किया जा रहा है. पंजाब पुलिस ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर समेत कई किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की है. किसानों ने इस धरपकड़ पर राज्य की भगवंत मान सरकार की निंदा की है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर शंभू पुलिस थाने के बाहर धरना- प्रदर्शन करने वाले किसान संगठनों को अपने सख्त अंदाज में चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, “पंजाब में कोई भी ऐसी घोषणा, विरोध या हड़ताल जो सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए हों या ट्रेनों को रोकने के लिए, या फिर आम लोगों को परेशान कर रही हो और पंजाब के लोगों और व्यापारियों की दैनिक गतिविधियों को बाधित कर रही है. यह सब जनता के खिलाफ मानी जाएगी.”
सख्त कार्रवाई के लिए रहें तैयारः CM मान
उन्होंने कहा, “सभी संगठन, संस्थाएं और यूनियनें ध्यान दें. विरोध करने के और भी तरीके हैं सिर्फ लोगों को परेशान करना ठीक नहीं है. ऐसा करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. पंजाब के मेहनतकश लोगों के हित में जारी.”
इस बीच शंभू थाने के घेराव का ऐलान से पहले पंजाब पुलिस ने सोमवार को किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को उनके ही घर में नजरबंद कर दिया है. पुलिस के कुछ अफसर सोमवार तड़के चार बजे ही फरीदकोट स्थित उनके घर पहुंच गए. किसान नेता ने खुद सोशल मीडिया पर लाइव आकर इस बारे में जानकारी देते हुए बताया, “सभी को मालूम है कि मैं ज्यादा घूम-फिर नहीं सकता. फिर भी सरकार डरी हुई है, मुझे घर में ही नजरबंद कर दिया गया है.”
शंभू पुलिस स्टेशन के बाहर धरने का ऐलान
किसान मोर्चा नेता सुखदेव सिंह भोजराज का दावा है कि शंभू थाने के घेराव को ध्यान में रखते हुए पंजाब पुलिस की ओर से किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने या फिर गिरफ्तार करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया है. बॉर्डर के पास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) की ओर से मंगलवार (6 मई) को शंभू पुलिस स्टेशन के बाहर बड़े स्तर पर धरना करने का ऐलान किया गया है. इन किसान संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार ने बलपूर्वक किसान आंदोलन को दबाया, धोखे से उनके किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया.
विधानसभा में ऐलान: पंजाब ने ठुकराया हरियाणा का पानी दावा
5 May, 2025 08:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब और हरियाणा के बीच पानी को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी के मद्देनजर आज सोमवार को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया. इसमें बीबीएमबी के पुनर्गठन और हरियाणा को पानी न दिए जाने के संबंध में सर्वसम्मति से 6 प्रस्ताव पारित किए गए. राज्य के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सत्र के दौरान भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त 8,500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के फैसले का कड़ा विरोध किया गया.
गोयल ने साफ कहा कि हरियाणा को अतिरिक्त पानी की एक भी बूंद’ नहीं छोड़ी जाएगी. उन्होंने बीबीएमबी पर बीजेपी की कठपुतली के रूप में काम करने और असंवैधानिक तरीकों से पंजाब के जल अधिकारों को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पंजाब ने मानवीय आधार पर हरियाणा को 4,000 क्यूसेक पानी दिया है, लेकिन अपने हिस्से से कोई अतिरिक्त पानी नहीं छोड़ेगा.
इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
1- पंजाब अपने हिस्से से एक बूंद भी पानी हरियाणा को नहीं देगा. मानवता के आधार पर 4 हजार क्यूसेक पानी दे रहे, इसे जारी रखा जाएगा.
2- भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) केंद्र सरकार की कठपुतली बनकर रह गया है. उनके द्वारा बुलाई जा रही मीटिंग्स में ना पंजाब सरकार की बात सुनी जा रही और ना ही पंजाब के हकों का ध्यान रखा जा रहा. बोर्ड का पुनर्गठन किया जाए.
3- सतलुज, ब्यास और रावी नदियां केवल पंजाब से बहती हैं. 1981 में जो जल समझौता हुआ, तब इसमें जितना पानी था, अब नहीं है. ऐसे में इन नदियों से पानी के बंटवारे के लिए नई संधि बनाई जाए.
4- BBMB के मीटिंग बुलाने के लिए नियम तय है, लेकिन बोर्ड कानून का पालन नहीं कर रहा. गैरकानूनी तरीके से रात को मीटिंग बुलाई जा रही है. सदन निर्देश देता है कि BBMB नियमों का पालन करे.
5- भाखड़ा डैम से किस राज्य को कितना पानी दिया जाना है, ये 1981 की जल संधि में लिखा गया है. BBMB को इसे बदलने का अधिकार नहीं है. अगर BBMB कोई फैसला लेता है तो ये असंवैधानिक है. BBMB ऐसे फैसले लेने से खुद को रोके.
6- डैम सेफ्टी एक्ट- 2021 के प्रस्ताव को केंद्र सरकार वापस ले. यह कानून केंद्र सरकार को राज्यों के बांधों और नदियों पर पूर्ण नियंत्रण देता है, भले ही बांध पूरी तरह से राज्य की सीमा में हो. पंजाब सरकार को यह एक्ट स्वीकार नहीं है.
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आप सरकार ने पंजाब के हर खेत तक नहर का पानी पहुंचाने का प्रयास किया है. नहरों और जलमार्गों का बड़े पैमाने पर नेटवर्क बनाया गया है. 2021 तक पंजाब के केवल 22% खेतों को नहर का पानी मिलता था, लेकिन अब 60% को कवर किया जा रहा है. यही कारण है कि पंजाब के पानी की एक-एक बूंद कीमती हो गई है और उसके पास अब किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है.
पंजाब पुलिस और गैंगस्टर के बीच मुठभेड़, एक गोली पुलिसकर्मी की पगड़ी में लगी
3 May, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांव बग्गे कलां में शनिवार की सुबह गोपी लाहोरिया गिरोह के सदस्य के साथ लुधियाना पुलिस की मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान एक गोली गैंगस्टर के पांव में जा लगी, वहीं एक गोली पुलिस कर्मचारी की पगड़ी में लगी। लेकिन पुलिस कर्मचारी बाल-बाल बच गया, जबकि गोली उसकी पगड़ी से आर पार हो गई।
पुलिस टीम पर चलाई गोली
पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने बताया कि घायल गैंगस्टर की पहचान सूरज शूटर के रूप में हुई है। वह गोपी लाहोरिया गैंग का सदस्य है। बीते दिनों उसने टिब्बा रोड के इलाके में एक बर्थडे पार्टी पर गोलियां चलाई थी। जिस संबंध में उसे पुलिस ने अदालत में पेश कर उसका रिमांड हासिल किया हुआ था। पुलिस उससे हथियारों की बरामदगी करवाने के लिए गांव बग्गे क्लां लेकर पहुंची। यहां उसने पुलिस टीम पर गोली चला दी।
पुलिस की गोली लगना से हुआ घायल
जवाबी फायरिंग में पुलिस टीम ने उस पर गोली चलाई, जिस दौरान एक गोली उसके पैर में जा लगी और वह घायल होकर नीचे गिर गया पुलिस ने उसे तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया।
पुलिस टीम के सदस्य की पगड़ी के आर पार हुई गोली, बाल-बाल बचा
वहीं फायरिंग में एक गोली स्पेशल सेल की टीम के मुलाजिम एकम के गोली पगड़ी में लगने से आरपार हो गई। गौरतलब है कि इससे 2 दिन पहले वीरवार की सुबह भी लुधियाना पुलिस और लंडा गैंग के गुर्गे में मुठभेड़ हुई थी। जिस दौरान लंडा गैंग का गुर्गा सुमित घायल हुआ था। जिसे पुलिस ने सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया हुआ है।
पंजाब पुलिस का ऑपरेशन क्लीन, ड्रग माफिया के खिलाफ बड़ा एक्शन
3 May, 2025 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी व अवैध हथियार सप्लाई करने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट फरीदकोट जेल से चलाया जा रहा था। पुलिस ने जेल में बैठे दो कैदियों सहित 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों दो युवतियां भी शामिल हैं।
एसएसपी डॉ ज्योति यादव ने बताया कि 25 अप्रैल को हेडों चौकी के पास फार्च्यूनर में सवार जगप्रीत सिंह उर्फ जग्गा, गुरसेवक सिंह, जगरूप सिंह और जज सिंह को 10 ग्राम हेरोइन सहित पकड़ा गया था। चारों मोगा व फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं। बाद में जगप्रीत सिंह की निशानदेही पर पिस्तौल और एक मैगजीन बरामद हुई थी। आरोपित जेल में बंद अपराधियों के संपर्क में थे। इनके बीच वाट्सएप के माध्यम से हथियारों डिलीवरी तय होती थी।
पूछताछ में हुए कई खुलासे
पूछताछ में जगप्रीत सिंह ने बताया कि वह नशे की सप्लाई के लिए अवैध हथियार खरीदता था और हेरोइन की तस्करी करता था। हरदीप सिंह उर्फ दीपा निवासी फिरोजपुर व गुरलाल सिंह निवासी करनाल (हरियाणा) भी इस काम में संलिप्त थे। हरदीप व गुरलाल फरीदकोट जेल में बंद हैं जिन्हें पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाई है।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया कि प्रकाश गुप्ता निवासी खरड़, मोहम्मद यासीन निवासी संभल (उत्तर प्रदेश), वंशिका ठाकुर उर्फ महक निवासी खरड़, तनु निवासी धर्मकोट, लवप्रीत सिंह निवासी घरिंडा (अमृतसर) भी इस रैकेट में शामिल हैं। सभी मोहाली के खरड़ क्षेत्र में किराये के फ्लैटों में रहते थे। फ्लैटों का किराया जगप्रीत सिंह ही देता था। यह गिरोह विदेशी नंबरों और वाट्सएप के माध्यम से आपस में संपर्क करता था।
लोकेशन के जरिए साझा की जाती था सप्लाई की सूचना
सप्लाई की सूचना लोकेशन के जरिए साझा की जाती थी और नशे की खेप पहुंचाने के बाद गूगल-पे से पैसे ट्रांसफर किए जाते थे। बैंक खातों की जांच से पता चला है कि आरोपितों के खाते में हर माह 3 से 9 लाख रुपये तक की लेन-देन होता थी।
फिरोजपुर हवाई पट्टी मामला: हाई कोर्ट की सख्ती, जांच रिपोर्ट तलब
2 May, 2025 07:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: भारतीय सेना ने 1962, 1965 व 1971 के युद्ध में फिरोजपुर के फत्तूवाला गांव स्थित जिस हवाई पट्टी का इस्तेमाल किया था, उसे धोखाधड़ी कर बेच दिया गया। इस पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
हाई कोर्ट ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक को निर्देश दिया है कि वे स्वयं इसकी जांच करें और आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक कार्रवाई करें। यह निर्देश हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त कानूनगो निशान सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
भारतीय सेना के नियंत्रण में थी जमीन
याचिका में मामले की सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई थी। याचिका में कहा था कि फत्तूवाला गांव की जमीन का अधिग्रहण वर्ष 1937-38 में किया गया था और अब तक भारतीय सेना के नियंत्रण में थी। इस जमीन 1997 में राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर बेच दी गई।
हाई कोर्ट को बताया गया कि इस जमीन के असली मालिक मदन मोहन लाल की मृत्यु वर्ष 1991 में हो गई थी, लेकिन वर्षों बाद निजी व्यक्तियों के नाम 2009-10 के राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए गए। इस दौरान भारतीय सेना ने कभी भी इस जमीन का कब्जा किसी अन्य को नहीं सौंपा। मामले की अगली सुनवाई तीन जुलाई को निर्धारित की गई है।
कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी
मामले में फिरोजपुर के डीसी की ढिलाई अक्षम्य जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ ने फिरोजपुर के डिप्टी कमिश्नर की निष्क्रियता पर तीखी टिप्पणी की। कहा कि राष्ट्र की रक्षा से जुड़ी भूमि के मामले में फिरोजपुर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा दिखाई गई चौंकाने वाली ढिलाई अक्षम्य है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की संप्रभुता की रक्षा में तैनात सेना को राज्यपाल तक को गुहार लगानी पड़ी है। कोर्ट 21 दिसंबर, 2023 को आदेश दे चुका था कि छह सप्ताह में जांच पूरी की जाए, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
हरियाणा को नहीं मिलेगा पानी! पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, सर्वदलीय बैठक बुलाई
2 May, 2025 06:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भाखड़ा नहर के जल बंटवारे को लेकर हरियाणा और पंजाब सरकार के बीच विवाद बढ़ गया है. पंजाब सरकार ने नांगल में भाखड़ा बांध के चारों ओर पुलिस की घेराबंदी कर दी है. पंजाब पुलिस ने बांध के रूम की कैबियां भी अपने कब्जे में ले ली हैं. इस मुद्दे पर पंजाब सरकार की ओर से शुक्रवार सुबह 10 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है और सोमवार को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया गया है.
इस बीच, आम आदमी पार्टी ने इस संबंध में चंडीगढ़ में बैठक की. जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी मौजूद हैं. मीटिंग के बाद आप पंजाब प्रमुख अमन अरोड़ा ने मीडिया से बात की.
जल बंटवारे पर शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक
मीडिया से बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में शामिल होने जा रही है. शुक्रवार को यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस पार्टी का रुख क्या है? सोमवार को पानी के मुद्दे पर विशेष सत्र भी बुलाया जा रहा है.
इसके बाद बोर्ड में पंजाब कोटे से जल निगम के निदेशक इंजीनियर आकाशदीप को हटा दिया गया और उनकी जगह हरियाणा कोटे से इंजीनियर संजीव कुमार को नियुक्त किया गया. इसके कुछ समय बाद ही बोर्ड के हरियाणा कोटे के सचिव सुरिंदर मिर्जा को हटा दिया गया. उनके स्थान पर पंजाब कोटे से बलवीर सिंह को नियुक्त किया गया.
बुधवार देर शाम भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) की आपात बैठक हुई. इस बैठक में यह फैसला किया गया है कि हरियाणा को पहले 4 हजार क्यूसेक पानी दिया जाता था, लेकिन अब 8.5 हजार क्यूसेक पानी दिया जाएगा, लेकिन पंजाब सरकार ने इस आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया.
मुख्यमंत्री मान ने बांध की स्थिति की समीक्षा की
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस को बांध की स्थिति का पता लगाने के लिए वहां तैनात किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि पंजाब के बांध अपनी क्षमता से नीचे बह रहे हैं. यहां धान का मौसम शुरू होने वाला है.
उन्होंने कहा कि हमारे पास पानी नहीं है. हरियाणा को हमसे कोई उम्मीद नहीं करनी चाहिए. पंजाब का पानी पंजाबियों का है, हम इसे किसी और को नहीं देंगे. बीबीएमबी में पंजाब की दुकानें 60 प्रतिशत हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और राजस्थान में भाजपा की सरकार है.
अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तान की शर्मनाक हरकत, गेट खोलने से किया इनकार!
1 May, 2025 09:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान से तनाव के बीच अटारी बॉर्डर पर भारत सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को वापस लौट जाने की अनुमति दी गई है. इसके बावजूद पाकिस्तान की तरफ से सुबह से ही गेट नहीं खोले गए हैं.पाकिस्तान द्वारा ना तो अपने नागरिकों को वापस लिया जा रहा है और ना ही पाकिस्तान में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस भारत की ओर आने दिया जा रहा है.भारतीय इमिग्रेशन काउंटर पर इमिग्रेशन अधिकारी पाकिस्तान द्वारा गेट खोले जाने का इंतजार कर रहे हैं.
अटारी बॉर्डर पर सुबह से आए पाकिस्तानी नागरिक अभी भी गाड़ियों में बैठे पाकिस्तान जाने का इंतजार कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से अभी गेट नहीं खोले गए हैं. भारत सरकार के नए आदेश को रिव्यू किया जा रहा है. पाकिस्तान की तरफ से गेट खोले जाने के बाद बीएसएफ डॉक्यूमेंट्स चेक करके पाकिस्तानियों को बॉर्डर क्रॉस करने देगी. फिर इमिग्रेशन चेक करके पाकिस्तानी वापस जा पाएंगे. सुबह से एक भी पाकिस्तानी नागरिक ने अभी तक बार्डर क्रॉस नहीं किया है.
पाकिस्तानी महिलाओं का दर्द
बॉर्डर पर पाकिस्तान की तरफ के गेट नहीं खोले गए. इसके बाद अटारी बॉर्डर से भारत से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पाक नागरिकों को बैरंग ही वापिस लौटना पड़ा.इस दौरान कुछ महिलाएं रोती हुई दिखाई दीं और उन्होंने बीएसएफ के अधिकारियों से निवेदन किया कि उन्हें आगे पाकिस्तान की तरफ जाने दें, वो पाकिस्तान इमिग्रेशन से निवेदन करके गेट खुलवा लेंगी.
हालांकि, उन्हें बीएसएफ द्वारा बताया गया कि प्रोटोकॉल के हिसाब से दोनों देशों के इमिग्रेशन काउंटर खुले होने चाहिए तभी कोई पाक नागरिक कागजी कार्रवाई पूरी करके दूसरी तरफ जा सकता है. फिलहाल पाकिस्तान इमिग्रेशन की तरफ से पाकिस्तान नागरिकों को लेने को लेकर कोई सूचना नहीं है.कई परेशान पाकिस्तानी यात्री वापस अमृतसर की ओर मुड़ गए. उन्होंने कहा कि रात में होटल में रहेंगे और सुबह अटारी बॉर्डर से फिर पाकिस्तान जाने का प्रयास करेंगे.
चार बार पाकिस्तान से कही गई ये बात
सूत्रों का कहना है कि भारतीय इमिग्रेशन की तरफ से आज चार बार पाकिस्तान को गेट खोलकर अपने नागरिकों को वापस लेने के लिए कहा गया. पाकिस्तान इमिग्रेशन और अथॉरिटीज को बताया गया कि दूसरी तरफ भारत की सीमा में पाकिस्तान आने के लिए उनके नागरिक परेशान हो रहे हैं. चारों बार पाकिस्तान की तरफ से टाल-मटोल का रवैया अपनाया गया और अफसरों से परमिशन लेने की बात कहकर टाल दिया गया. इसके बाद करीब 4 बजे भारतीय इमिग्रेशन की तरफ से भी भारतीय गेट बंद किए गए.
क्या है भारत सरकार का नया आदेश?
अटारी इंटरनेशनल बॉर्डर बंद करने के फैसले पर भारत सरकार ने 1 मई को पाकिस्तान के नागरिकों को बड़ी राहत दी. भारत सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि एक मई को अटारी इंटरनेशनल बॉर्डर से तमाम आवाजाही बंद किए जाने और व्यापार को पूरी तरह से बंद किए जाने के आदेश के बावजूद पाकिस्तानी नागरिकों को अभी भी बॉर्डर क्रॉस करने की राहत जाएगी. अगले आदेश तक भारत में मौजूद पाकिस्तान के नागरिक अटारी बॉर्डर से वापिस अपने वतन लौट सकते हैं.
वैलिड ट्रेवल वीजा, तमाम दस्तावेज दिखाने और किसी कारण से भारत में फंसे नागरिकों को अभी भी बॉर्डर क्रॉस करने की अनुमति दी जाएगी. इससे पहले भारत सरकार ने 1 मई को अटारी बॉर्डर से तमाम नागरिक आवाजाही और व्यापार ऑपरेशंस पूरी तरह से बंद करने के आदेश जारी किए थे. मगर, अब पाकिस्तानी नागरिकों को भारत सरकार से बड़ी राहत मिली है.
भारत में रह रहे पाक नागरिकों पर सख्ती, निर्वासन प्रक्रिया तेज
30 Apr, 2025 07:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत में दुबक कर बैठे पाकिस्तानी नागरिकों के निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब हर पाकिस्तानी पासपोर्ट धारक नागरिक को भारत छोड़ना होगा। बुधवार को देश के अलग-अलग भागों से पाक नागरिकों को लेकर पुलिस अटारी सीमा पर पहुंची। इनमें जम्मू-कश्मीर से ही 25 नागरिक शामिल थे। दरअसल, पहलगाम नरसंहार के बाद जहां पाकिस्तान में घबराहट बनी हुई है, वहीं भारत में आए पाकिस्तानी नागरिकों के मुल्क वापस जाने का क्रम जारी है।
2008 में भारत आया था ओसामा
अटारी सीमा के मार्ग से पाकिस्तान जाने वाले पाकिस्तानी नागरिक ओसामा ने दावा किया है कि वह 2008 में भारत आया था। पहलगाम घटना के बाद मुझे भी पाकिस्तान जाने को कहा गया है। मेरा आधार कार्ड, राशन कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र भारत का है। मेरी शिक्षा भी यहीं हुई है। अब पाकिस्तान जाकर क्या करेंगे।
ओसामा ने कहा कि वह बीएड की पढ़ाई कर रहा है। इसके साथ ही नौकरी के लिए भी आवेदन किया है। मैं मूल रूप से भारतीय हूं, क्योंकि मेरे पास सभी दस्तावेज भारत के हैं। जो परिवार दशकों से यहां रह रहे हैं उन्हें तो पाकिस्तान न भेजा जाए।
65 वर्षीय महिला को भी जाना होगा पाकिस्तान
65 वर्षीय महिला अजरबी भट्टी को भी पाकिस्तान जाना होगा। अजरबी का 45 वर्ष पूर्व जम्मू-कश्मीर के राजौरी निवासी मोहम्मद दीन से विवाह हुआ था। मेरे सभी दस्तावेज भारत के हैं। अब 45 वर्ष बाद उन्हें पाकिस्तान भेजा जा रहा है।
अटारी सीमा पर पहुंची अजरबी ने कहा कि वह पाकिस्तान जाकर क्या करेगी। मेरा सारा परिवार भारत में है। वहां तो उनका कोई रिश्तेदार भी नहीं बचा। उन्होंने सरकार से अपील की कि उन्हें भारत में ही रहने दिया जाए, पाकिस्तान में मेरा कोई नहीं है। किसके पास रहूंगी। परिवार के बिना नहीं रह पाउंगी।
उन्होंने कहा कि आतंकियों ने जो किया वह बहुत दुखदायी है। इनकी वजह से हमें अपना भारत छोड़ना पड़ रहा है। सरकार के आदेश के कारण पुलिस उन्हें अटारी सीमा पर लेकर आई और पाकिस्तान भेज दिया गया।
गर्भवती समरीन को भी वतन लौटाया
गर्भवती समरीन को भी वतन लौटाया गया। उसकी शादी भारतीय पति रिजवान से हुई थी। समरी गर्भवती है। शहबाज ने बताया कि आतंकियों ने बहुत गलत किया है। इससे आम जनता प्रभावित हुई। मेरी पत्नी गर्भवती है और पाकिस्तान भेजी गई। अब वह वापस कैसे आएगी, इस प्रश्न का उत्तर किसी के पास नहीं है।
8 साल के बच्चे को छोड़ जाना पड़ा पाकिस्तान
दिल्ली में दस वर्ष से अपने पति शहबाज के साथ रह रही पाकिस्तानी महिला हेरम को भी देश छोड़ने को कहा गया। अटारी सीमा पर पहुंची रेशमा ने कहा कि पति और आठ वर्ष के बच्चे को छोड़कर जाना पड़ रहा है। कराची की रहने वाली रेशमा के अनुसार उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था, पर इसके बाद कोरोना काल आ गया।
उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद बीते सोमवार को पुलिस घर आई थी और संदेश दिया कि उन्हें पाकिस्तान जाना होगा। पहलगाम में जो हुआ वह गलत था। आतंकियों की करतूत के कारण हमें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार सभी महिलाओं को वीजा जारी करें, ताकि वह भारत में ही रह सकें।
'हमें यहीं रहने दिया जाए'
जम्मू-कश्मीर से आई मुफसाला नामक महिला ने बताया कि वह पाकिस्तानी नागरिक है। तीन वर्ष पूर्व बारामूला में उनका विवाह मोहम्मद कासिम से हुआ था। दो छोटी बेटियां हैं। वे भारतीय नागरिक हैं। दुधमुंही बच्ची को साथ लेकर अटारी पहुंची हूं। मेरे दादा-दादी भी बारामूला के हैं। विभाजन के बाद दादा-दादी पाकिस्तान आ गए थे। मेरा जन्म पाकिस्तान में हुआ था। 2021 में मेरा विवाह हुआ।
यहां आने के सात वर्ष बाद भारतीय नागरिकता मिल सकती है। मेरे पास पाकिस्तानी पासपोर्ट है, इसलिए मुझे भेजा जा रहा है। मेरी सास परवीन को भी डिपोर्ट किया गया है। परवीन ने बताया कि मैं चालीस वर्ष से यहां रह रही हूं। मुझे भारतीय नागरिकता नहीं मिली। हम आतंकी हमले की निंद करते हैं। यह बहुत ही भयानक था। जो मारे गए वो निर्दोष और मासूम थे, हम भी बेकसूर हैं। हमें यहीं रहने दिया जाए।
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