पंजाब
कक्षा 8 के बच्चे ने फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दर्दनाक दास्तां
28 Jul, 2025 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुधियाना (पंजाब)। लुधियाना में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 13 साल के छात्र ने स्कूल में टीचर्स की मारपीट और लगातार परेशान करने से तंग आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शहर के थाना डिवीजन छह क्षेत्र में हुई।
जानकारी के मुताबिक, बच्चा घर की छत पर गया और वहां टीन में लगे पाइप के सहारे अपनी मां की चुन्नी से फंदा लगाकर झूल गया। कुछ देर तक बच्चा नीचे नहीं आया तो परिजन उसे ढूंढते हुए छत पर पहुंचे। वहां बच्चे का शव लटका देख परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन छह की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। जांच के दौरान बच्चे के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने अपने स्कूल की दो टीचर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट में छात्र ने लिखा कि स्कूल की टीचर्स उसे लगातार मारती-पीटती थीं और मानसिक रूप से परेशान कर रही थीं। बच्चा इस यातना से तंग आकर अपनी जान दे रहा है।पुलिस ने बच्चे के परिवार की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर एक स्कूल टीचर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी टीचर्स की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सच्चाई सामने आने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सैनिकों के हक में बड़ा फैसला: साथी की गोली से मरे जवान के परिवार को मिलेगा मुआवजा
26 Jul, 2025 06:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। सैन्य अभियान के दौरान अपने ही साथी की गोली का शिकार होने वाले जवान के आश्रितों को भी वही लाभ मिलने चाहिए जो किसी ऑपरेशन के दौरान शहीद होने वालों के आश्रितों को मिलते हैं। अपने ही साथी ही गोली का शिकार होने वालों को इस लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।
भारत सरकार ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के 22 फरवरी, 2022 के आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश के तहत रुक्मणी देवी के उदारीकृत पारिवारिक पेंशन के दावे पर विचार करने का निर्देश दिया गया था। उनके बेटे भारतीय सेना के जवान थे और जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक में ड्यूटी पर थे। इस दौरान 21 अक्टूबर, 1991 को एक साथी सैनिक द्वारा चलाई गई गोली से उसकी मृत्यु हो गई थी।
दावा दायर करने में 25 साल की देरी सहित कई आधारों पर देवी को पेंशन देने से इनकार करने की केंद्र की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट है कि किसी सैन्य अभियान में तैनात किसी सैनिक को, उसके साथी सैनिक द्वारा गोली मारे जाने पर, किसी भी तरह से उन लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता जो युद्ध में शहीद होने वाले सैनिकों को मिलते हैं।
उदारीकृत पारिवारिक पेंशन, सामान्य पारिवारिक पेंशन की तुलना में अधिक लाभ प्रदान करती है। यह भी प्रस्तुत किया गया कि 2018 में दावा दायर करने में 25 वर्षों से अधिक की अत्यधिक देरी हुई थी क्योंकि देवी के बेटे की मृत्यु 1991 में हो गई थी। कोर्ट ने कहा कि इसे युद्ध हताहत माना जाना चाहिए, क्योंकि मृत्यु उक्त ऑपरेशन के दौरान हुई थी और इसमें कोई विवाद नहीं है कि प्रतिवादी (रुक्मणी देवी) का बेटा वास्तव में अपनी मृत्यु के समय ऑपरेशन रक्षक में तैनात था। अदालत ने कहा कि निर्देशों में कहा गया है कि सरकार द्वारा अधिसूचित ऑपरेशन के दौरान होने वाली सभी विकलांगताएं, चोटें, दुर्घटनाएं और मौतें उक्त निर्देशों के पैरा 4.1 की श्रेणी ई के अंतर्गत आती हैं। हाईकोर्ट ने उपरोक्त के आलोक में केंद्र सरकार की याचिका को खारिज कर दिया।
मोगा हादसा: डूबने के चार दिन बाद नाले में तैरता मिला युवक का शव
26 Jul, 2025 03:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोगा। मोगा के गांव बुगीपुरा-मैहना लिंक रोड पर बुधवार सुबह करीब 10 बजे सेम नाले में स्कोडा कार डूब गई थी। हादसे में लापता हुए युवक करण बाबा का शव शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे बरामद किया गया। शव घटनास्थल से करीब 400 मीटर की दूरी पर सेम नाले से मिला है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को फिरोजपुर जिले के जीरा तहसील के निवासी करण बाबा (उम्र 25 वर्ष) और उसका साथी वीरा स्कोडा कार में लुधियाना जा रहे थे। गांव बुगीपुरा-मैहना लिंक रोड से जाते समय भारी बारिश के कारण सड़क पर पानी जमा होने से कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सेम नाले में गिर गई। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने वीरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन करण बाबा पानी में डूब गया था।
हादसे के बाद से एसडीआरएफ टीम, मोगा समाजसेवा सोसाइटी के सदस्य और गांव के लोग लगातार राहत व खोज अभियान में जुटे थे। नाले में पानी और तेज बहाव के कारण खोज कार्य में मुश्किलें आ रही थीं। शनिवार को जलस्तर में थोड़ी कमी आने के बाद, युवक का शव कार गिरने की जगह से लगभग 400 मीटर दूर बरामद हुआ।
करण बाबा की जेब से मोबाइल फोन, हेडफोन और पर्स भी बरामद किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोगा सिविल अस्पताल भेजा गया। जानकारी के मुताबिक मृतक की 5 साल पहले शादी हुई थी और उसकी तीन साल की बेटी है। थाना मैहना पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयानों के आधार पर 194 बीएनएस के तहत कार्रवाई करके शव को परिजनों को सौंप दिया है।
पंजाब पुलिस की कांस्टेबल अमनदीप कौर को झटका, कोर्ट ने कहा- नहीं मिलेगी बेल
26 Jul, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब की पुलिस बर्खास्त महिला हेड कांस्टेबल अमनदीप कौर को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट भ्रष्टाचार के एक मामले में सोशल मीडिया पर 'इंस्टाग्राम क्वीन' और ' थार वाली कांस्टेबल ' के नाम से चर्चित पूर्व महिला कांस्टेबल अमनदीप कौर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। न्यायमूर्ति मंजरी नेहरू कौल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बतौर पुलिस अधिकारी यह विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि यह एक सार्वजनिक विश्वास के पद से जुड़ा मामला है। यह स्पष्ट है कि इस स्तर पर जमानत दिए जाने से जांच प्रभावित हो सकती है।
कैसे बढ़ी संपत्ति
कोर्ट के समक्ष पेश की गई एफआईआर और वित्तीय विश्लेषण चार्ट में इस बात के पर्याप्त संकेत मिले हैं कि जांच अवधि के दौरान अमनदीप कौर की संपत्ति में अत्यधिक और कथित रूप से अनुचित वृद्धि हुई है। यह जांच अवधि 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2025 तक की है। अमनदीप कौर के वकील ने यह दलील दी थी कि उनकी आय का स्रोत सोशल मीडिया से होने वाली कमाई और ब्रांड एंडोर्समेंट है, लेकिन कोर्ट ने इसे न तो प्रमाणित माना और न ही किसी विश्वसनीय दस्तावेज़ से सिद्ध। कोर्ट ने कहा कि वैध आय का कोई विश्वसनीय साक्ष्य पेश नहीं किया गया।
जानें क्या है मामला
कोर्ट ने यह भी माना कि अमनदीप कौर के खिलाफ दो अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत है। यह बात भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गंभीरता को और बढ़ाती है। बता दें कि अमनदीप कौर के खिलाफ 26 मई को बठिंडा स्थित विजिलेंस ब्यूरो पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की, जो उनकी वैध आय से मेल नहीं खाती। अमनदीप कौर सोशल मीडिया पर बेहद ग्लैमरस और महंगी जीवनशैली दिखती रही है। उनके पास लग्जरी कारें भी हैं। इसी कारण उन्हें 'थार वाली कांस्टेबल' की उपाधि मिली। लेकिन अब यही लाइफस्टाइल उनके खिलाफ भ्रष्टाचार जांच का मुख्य केंद्र बन गया है।
मौत सामने खड़ी थी, फिर भी नहीं डगमगाए कदम; पढ़ें जांबाजी का किस्सा
26 Jul, 2025 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कारगिल युद्ध में दुश्मन केरन सेक्टर में बने भारतीय सेना के बेस कैंप को उड़ाना चाहते थे, क्योंकि उन्हें मालूम था कि यहीं सेना के रसद, हथियार, दवाएं व एविएशन ऑयल (विमानन तेल) के भंडार हैं। सेना का हेलिपैड भी इसी सेक्टर में माैजूद था। दुश्मन की सोच थी कि यदि इस बेस कैंप को तबाह कर दिया जाए तो कारगिल युद्ध में सेना की बड़ी सप्लाई चेन को रोक दिया जाएगा मगर भारतीय जवानों ने अपने पराक्रम से दुश्मन के इस नापाक मंसूबे को पूरा नहीं होने दिया।
युद्ध में वीरता दिखाने वाले राष्ट्रपति से सेना मेडल प्राप्त फरीदकोट निवासी 22 सिख रेजिमेंट के हवलदार नछतर सिंह ने इस घटना को साझा करते हुए बताया कि सेना को सूचना मिली थी कि कुछ घुसपैठिये बेस कैंप को उड़ाने के इरादे से पहुंच चुके हैं। सूबेदार मोहन सिंह के साथ उन्होंने मोर्चा संभाला और घुसपैठियों से लोहा लेने निकल पड़े। फौज ने रणनीतिक ढंग से घुसपैठियों की घेराबंदी कर ली थी। उसके बाद राकेट लांचर से एयर ब्रस्ट किया गया। इस दौरान तीन घुसपैठिये घायल हो गए जबकि दो ने अपनी लोकेशन बदल ली।
नछत्तर बताते हैं कि काफी देर तक जब दुश्मन खेमे में कोई हलचल नहीं हुई तो उन्होंने आगे बढ़कर देखा, तभी छिपे हुए घुसपैठियों ने उनकी ओर ग्रेनेड फेंक दिया। उन्होंने फुर्ती दिखाकर फटने से पहले दुश्मन के ग्रेनेड को उठाकर उन्हीं की ओर वापस फेंक दिया। इस हमले में तीन और घुसपैठिये घायल हो गए, तभी उन्होंने अपनी एके-47 से तीनों को छलनी कर उन्हें मार दिया। अभी वे संभले ही थे कि वहां छिपे अन्य घुसपैठियों ने उनपर राइफल ग्रेनेड फायर कर दिया। इसके छर्रों से वे जख्मी हो गए। उसके बाद तो उन्होंने और उनके साथियों ने ठान लिया था कि अब मरेंगे या मारेंगे। इसी सोच के साथ उन्होंने दुश्मनों पर जबरदस्त फायर खोलते हुए उन्हें माैत की नींद सुला दिया।
स्ट्रैचर नहीं था, लकड़ी पर लिटाकर पगड़ी से बांध नीचे लाए थे साथी
बेंस कैंप को बचाने के लिए दुश्मनों से आमने-सामने की इस लड़ाई में कोई भारतीय जवान शहीद नहीं हुआ केवल हवलदार नछत्तर सिंह ही घायल हुए थे। वे खून से लथपथ जख्मी पड़े थे और वहां स्ट्रैचर की भी व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। ऐसे में उनके साथियों ने पेड़ की लकड़ी के एक टुकड़े पर उन्हें लिटाया और उनकी ही पगड़ी से उन्हें बांधकर नीचे ले आए। वहां से उन्हें पहले श्रीनगर और फिर चंडीमंदिर कमांड अस्पताल लाया गया। नछत्तर कहते हैं कि देश की रक्षा के लिए उनकी जान भी चली जाती तो भी गम नहीं था। उनका बेटा सिमरनजीत सिह बराड़ भी यूएस आर्मी में है।
आसपास बिखरे थे शव, फिर आंख की चिंता क्या करते : सुखजीवन
कारगिल युद्ध के दाैरान टाइगर हिल को फतेह करना सबसे मुश्किल टास्क था, क्योंकि यहां दुश्मन सबसे अच्छी पोजिशन पर तैनात था। इस चोटी को जीतने के लिए भारतीय सेना की ओर से तीन तरफ से दुश्मन की घेराबंदी की गई थी। दरअसल, सेना इस चोटी के उस रास्ते को कब्जाना चाहती थी, जहां से पाकिस्तानियों को राशन और गोला-बारूद की सप्लाई हो रही थी। इसी टास्क को पूरा करने वाली टीम में 8 सिख रेजिमेंट का सुखजीवन भी शामिल था।
गुरदासपुर के रहने वाले नायक सुखजीवन सिंह ने बताया कि यहां दुश्मनों की गोलाबारी से भारतीय सेना को काफी नुकसान हुआ, क्योंकि वे ऊंचाई पर अच्छी पोजिशन पर बैठे थे। आमने-सामने की लड़ाई हुई और आखिरकार दुश्मन को हराकर टाइगर हिल पर तिरंगा लहराया गया। इसी हमले में एक गोली ने उनकी आंख छलनी कर दी थी मगर उस वक्त मुंह से शहीद बाबा दीप सिंह जी व जो बोले सो निहाल... के जयकारे ही छूट रहे थे। आसपास कई जवानों के शव पड़े थे, ऐसे में आंख की चिंता क्या करते, बस जयकारे छोड़ते हुए फायरिंग किए जा रहे थे। उसके बाद उन्हें श्रीनगर अस्पताल लाया गया। आज उनकी एक आंख नहीं है मगर उस पल को याद कर सीना गर्व से चाैड़ा हाे जाता है।
चलती कार में हैवानियत: सैलून कर्मी किशोरी का अपहरण, पूरी रात चला खौफनाक खेल
26 Jul, 2025 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली(पंजाब)। पंजाब के मोहाली के जीरकपुर में एक किशोरी का अपहरण कर उसके साथ चलती कार में हैवानियत करने का मामला सामने आया है। कार सवार आरोपियों ने मेट्रो मॉल के पास से उसका अपहरण किया। इसके बाद उसको चंडीगढ़ और मोहाली ले गए। रात को दुष्कर्म करने के बाद उसको सूनसान जगह छोड़कर भाग गए। पुलिस ने किशोरी की मां की शिकायत पर अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है।
जीरकपुर निवासी एक महिला ने बताया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी एक सैलून में काम करती है। 22 जुलाई को सुबह वह सैलून गई थी, लेकिन शाम को घर नहीं लौटी। 23 जुलाई को जब वह घर लौटी तो उसने बताया कि वह डेराबस्सी निवासी अपने दोस्त से मिलने नाडा साहिब गई थी। यह युवक को एक माह से जानती है। वह उसका अच्छा दोस्त है। 22 जुलाई की शाम करीब साढ़े चार बजे वह अपने दोस्त से मिलकर नाडा साहब से ऑटो में बैठकर डेराबस्सी पहुंची। शाम 6 बजे उसी ऑटो से जीरकपुर मेट्रो मॉल के पास पहुंची।
युवकों ने पता पूछने के बहाने कार में खींचा
ऑटो से उतरने के बाद वह पैदल घर की तरफ आ रही थी। तभी एक काले रंग की कार उसके पास आकर रुकी। एक युवक ने उससे रास्ता पूछा तभी दूसरे युवक ने खींचकर उसको गाड़ी में डाल लिया। इसके बाद वे उसको चंडीगढ़ ट्रिब्यून चौक से फेज-11 के जंगलों की तरफ ले गए।
चलती कार में की हैवानियत
उन युवकों ने चलती कार में उसके साथ दुष्कर्म किया। रात को उसको सूनसान जगह छोड़कर भाग गए। पुलिस ने मां के बयान पर दो युवकों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उन रास्तों के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है, जिन रास्तों से युवक उसे जीरकपुर से चंडीगढ़ और लेकर गए थे। नाबालिग ने बताया कि अज्ञात युवकों ने किडनैप के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। - सतिंदर सिंह, एसएचओ, थाना जीरकपुर
महिला डॉक्टर सस्पेंड, स्वास्थ्य मंत्री ने उठाया बड़ा कदम, खन्ना अस्पताल में मचा हड़कंप
25 Jul, 2025 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खन्ना (पंजाब)। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ने ड्यूटी से कोताही बरतने पर महिला डॉक्टर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य डॉ. मंत्री बलबीर सिंह खन्ना के सिविल अस्पताल पहुंचे थे। मंत्री ने सिविल अस्पताल की गायनी डॉ. कविता को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड करने के आदेश दिए। जानकारी अनुसार कुछ दिन पहले सिविल अस्पताल में एक गर्भवती महिला मनदीप कौर इलाज के लिए आई थी। महिला दर्द से तड़प रही थी, लेकिन लेडी डॉक्टर को जब इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने फोन किया तो डॉक्टर कविता शर्मा ने कहा कि आप इसे रेफर कर दीजिए मैं नहीं आ सकती। इससे विवाद काफी बढ़ गया था।
गर्भवती महिला की सास चरण कौर ने बताया कि वे अमनदीप कौर को 7:30 के करीब लेकर बजे सरकारी अस्पताल पहुंचे थे, उन्होंने कहा कि हमें उसी दिन लेडी डॉक्टर ने सुबह आने को कहा था कि नॉर्मल डिलीवरी होगी आप शाम को आ जाना। जब उन्होंने रेफर करने की बात कही तो हमने कहा पिछले 9 महीने से लेडी डॉक्टर कविता शर्मा के पास इलाज चल रहा था, हम कहीं नहीं जाएंगे। डॉक्टर को बुलाए जाने के बाद भी महिला चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं आई। इसके बाद परिवार वालों ने सरकारी अस्पताल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस बात का पता जब खन्ना अकाली दल के इंचार्ज यादवेंद्र सिंह याद को पता चला तो वह भी अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और सरकार के और अस्पताल के खिलाफ खिलाफ रोष व्यक्त किया।
मामला बढ़ता देख सरकारी अस्पताल के सीएमओ डॉक्टर मनजिंदर सिंह भसीन अस्पताल पहुंचे जो वह खुद एक सर्जन भी हैं उन्होंने पहुंचकर मनदीप कौर की सर्जरी की। इलाज के दौरान महिला को तो बचा लिया गया था लेकिन रेफर करने के दौरान नवजात की मौत हो गई। वहीं परिवार वालों का कहना है कि अगर एसएमओ द्वारा सर्जरी पहले की गई होती तो बच्चे की जान बच सकती थी। एसएमओ भी उस वक्त अस्पताल पहुंचे जब मामला बढ़ गया था। इसलिए नवजात की मौत के लिए अस्पताल के डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहराया गया।
215 करोड़ खर्च हुए... लेकिन हवा नहीं हुई साफ! पंजाब के चार शहर अब भी प्रदूषणग्रस्त
25 Jul, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत प्रदूषण के स्तर में सुधार करने के लिए 215 करोड़ रुपये खर्च कर दिए लेकिन फिर भी प्रदेश के चार शहर यलो जोन में बने हुए हैं। खन्ना, लुधियाना, अमृतसर व गोबिंदगढ़ के प्रदूषण के स्तर में सुधार जरूर हुआ है लेकिन अभी भी इन शहरों की हवा खराब बनी हुई है। प्रदेश के सिर्फ दो शहर जालंधर और अमृतसर में ही राज्य सरकार वायु प्रदूषण के पीएम10 स्तर को 40 प्रतिशत कम कर पाई है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
मंत्रालय ने देश के सभी शहरों में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए वर्ष 2019 में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम की शुरुआत की थी। कार्यक्रम का मकसद 130 शहरों में वर्ष 2024 तक वायु प्रदूषण को कम करना था। केंद्र सरकार ने सभी शहरों को वर्ष 2017 के मुकाबले 2024 तक 20 से 30 प्रतिशत वायु प्रदूषण को कम करने का लक्ष्य दिया था। इस लक्ष्य को बाद में बढ़ाकर वर्ष 2025-26 तक 40 प्रतिशत कर दिया गया था।
सूबे के सात शहरों में प्रदूषण के स्तर में थोड़ा बहुत सुधार जरूर हुआ है लेकिन डेराबस्सी में कम होने की जगह उलटा प्रदूषण बढ़ गया है। वर्ष 2017-18 में डेराबस्सी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 88 था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 98 हो गया है। इस तरह प्रदूषण का स्तर 11.4 प्रतिशत और बढ़ गया है। वायु प्रदूषण कम करने के लिए राज्यों को विशेष फंड भी जारी किया जा रहा है, जिसका उपयोग राज्यों की तरफ से अलग-अलग परियोजनाओं में किया जाता है। पंजाब को अब तक इस योजना के तहत 325.77 करोड़ रुपये फंड मिल चुका है, जिसमें से 215.46 करोड़ खर्च भी किए जा चुके हैं।
सभी जिलों में प्रदूषण के स्तर में सुधार
जिला वर्ष 2017-18 2024-25 सुधार का प्रतिशत
जालंधर 178 99 44.4
अमृतसर 189 112 40.7
खन्ना 142 101 28.9
डेरा बाबा नानक 79 58 26.6
लुधियाना 168 129 23.2
मंडी गोबिंदगढ़ 148 124 16.2
पटियाला 106 91 14.2
डेराबस्सी 88 98 -11.4
प्रदेश को 9 शहरों को गैर-प्राप्ति शहरों की सूची में किया था शामिल
इससे पहले केंद्र ने प्रदेश के 9 शहरों को गैर प्राप्ति शहरों की सूची में शामिल किया था। गैर-प्राप्ति उन शहरों को घोषित किया जाता है, जो 5 साल की अवधि में लगातार वायु गुणवत्ता स्तर पीएम-10 के लिए राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक को पूरा नहीं करते हैं। इन शहरों में डेराबस्सी, गोबिंदगढ़, जालंधर, खन्ना, लुधियाना, नया नंगल, पठानकोट, पटियाला और अमृतसर को शामिल किया गया था। पीएम10 वायु प्रदूषण का एक स्तर है, जो सभी के स्वास्थ्य को बहुत नुकसान पहुंचाता है। जब प्रदूषण कणों का स्तर वायु में बढ़ जाता है तो सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन आदि होने लगती है।
पुलिसकर्मी की करतूत: खाट पर बैठकर चिट्टा पीता नजर आया जवान, कार्रवाई की मांग
25 Jul, 2025 02:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब के पुलिसकर्मी का फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस फोटो में एक पुलिसकर्मी का नशा करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी एक खाट पर बैठा दिखाई दे रहा है। इस दौरान वो चिट्टे का सेवन कर रहा है। इस दौरान वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति ने उसका फोटो खींच लिया। पुलिसकर्मी की पहचान होशियारपुर में एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता के गनमैन प्रवीण कुमार के रूप में की गई है।
क्या बोले अधिकारी
होशियारपुर के विशेष पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने बताया कि प्रवीण कुमार को तुरंत सुरक्षा ड्यूटी से हटाकर पुलिस लाइन में ट्रांसफर कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हम वीडियो की गहराई से जांच कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसके परिवार ने उसे पहले ही एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।
दो दशकों से नशे के खिलाफ लड़ाई चल रही
बता दें कि पंजाब में पिछले दो दशकों से नशे के खिलाफ लड़ाई चल रही है। इस दौरान राज्य की सत्ता में लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दल रह चुके हैं, लेकिन नशा रुकने का नाम नहीं ले रहा। अक्सर ये दल एक-दूसरे पर नशा फैलने का दोष मढ़ते रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत 1 मार्च से अब तक कुल 13,665 एफआईआर दर्ज, 18,424 गिरफ्तारियां, और 900 किलोग्राम हेरोइन, 332 किलो अफीम, 13 किलो चरस, 6 किलो क्रिस्टल मेथ (आइस) और 11.5 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई है।
सरकार का नशा खत्म करने पर फोकस
हाल के वर्षों में सरकार का फोकस नशा करने वाले पीड़ितों को जेल भेजने की बजाय नशा मुक्ति केंद्रों में भेजने पर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 10,000 से अधिक नशा करने वालों को पुनर्वास केंद्रों या OOAT (आउट पेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट) क्लीनिकों में रजिस्टर कराया गया है। OOAT क्लीनिक में नशा करने वालों को दवाइयां दी जाती हैं ताकि वे नशे की लत से छुटकारा पा सकें। सरकार नशा करने वालों को सामान्य जीवन में वापस लाने की कोशिश कर रही है।
पंजाब सरकार की कैबिनेट बैठक आज, युवाओं को मिल सकती है नई नौकरियों की सौगात
25 Jul, 2025 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई है। यह बैठक चंडीगढ़ स्थित सीएम आवास पर होगी। बैठक में नई भर्ती, लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर किसानों की ओर से भेजे जा रहे सुझावों पर और राज्य में उद्योगों के विकास को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
सूत्रों की मानें तो एजेंडा में एक अहम प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। मानसून के चलते पंजाब के कई इलाकों में बाढ़ की वजह से नुकसान हुआ है। बाढ़ के कारण फसली के नुकसान, ढांचागत नुकसान और बेअदबी पर कानून बनाने को लेकर गठित की गई सिलेक्ट कमेटी को भेजे गए प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। मंत्रिमंडल की बैठक शुक्रवार दोपहर 12 बजे सीएम आवास पर होगी। बैठक में करीब 7 मुख्य एजेंडा लाए जा रहे हैं, जिन पर चर्चा की जाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. पूजा सिंह आप में शामिल
प्रसिद्ध उद्यमी और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. पूजा सिंह वीरवार को आधिकारिक रूप से आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गईं। आप पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने उनका पार्टी में स्वागत किया। अरोड़ा ने बताया कि डॉ. पूजा कई राज्यों में 70 से अधिक प्रशिक्षण संस्थान चलाती हैं। उनके संस्थानों ने रोजगार प्रशिक्षण और कॅरिअर निर्माण के अवसर प्रदान करके हजारों महिलाओं के जीवन को बदलने में मदद की है। इस दौरान डॉ. पूजा सिंह ने कहा कि राजनीति हमें लाखों लोगों के जीवन को बदलने का अवसर देती है। आम लोग भी राजनीति में सार्थक भूमिका निभा सकते हैं। पार्टी में शामिल होने के बाद अब मेरा मुख्य ध्यान महिला सुरक्षा और महिलाओं के कौशल विकास पर रहेगा, ताकि हर महिला आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सशक्त बन सके।
जालंधर में सीवरेज बना संकट, घरों में घुसा गंदा पानी, लोग बेचने लगे मकान
25 Jul, 2025 12:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर (पंजाब)। महानगर जालंधर के गाजी गुल्ला, प्रभात नगर के निवासी कई वर्षों से सीवरेज जाम और गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। अब मोहल्ले के हालात यह हो गए हैं कि लोगों के घरों के अंदर रसोई घर में सीवरेज का गंदा पानी भरने लगा है। इससे लोगों को घरों में खाना बनाना भी मुश्किल हो गया। नलों से गंदे पानी की सप्लाई आ रही है।
इसके अलावा लोगों को बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। चमड़ी रोग फैलने लगा है। गंदा पानी पीने से मोहल्ले में डायरिया, पीलिया और चमड़ी रोग के मरीज बढ़ रहे हैं। इलाके की कई लोग अपने घर छोड़कर जा चुके हैं। तकरीबन 50 से 60 घर ऐसे हैं जिनके फर्श ऊंचे किए गए हैं। अब तो न कोई अपना पुराना घर बेच पा रहा है और न ही कोई बाहर से आकर नई जगह खरीद रहा। इलाका निवासी कई बार मेयर के पास भी जा, चुके कमिश्नर से भी मिल चुके हैं पर इस गंदे पानी और सीवरेज जाम की समस्या से कोई हल नहीं मिला।
मोहल्ला निवासी केवल कृष्ण, ओम प्रकाश शर्मा, राकेश कुमार, चन्नी, पिंटू, बॉबी, नंदलाल, राम प्रकाश, हरीश कुमार, संजय पंडित, आदित्य पंडित, रूबी, राज कुमारी, मेषा, रितु, रानी, ने बताया कि कुछ दिन पहले सभी लोग इकट्ठा होकर आम आदमी पार्टी के काउंसलर हर सिमरन कौर वार्ड नंबर 69 के घर गए तो पार्षद के पति दविंदर सिंह रोनी कहते हैं कि मेरे घर इकट्ठे होकर आने की कोई जरूरत नहीं। मोहल्ले की समस्या वहीं सुनी जाएगी दोबारा यहां इकट्ठे होकर नहीं आना।
मोहल्ला निवासियों का कहना है कि अगर हमारा जिताया हुआ पार्षद ही नहीं हमारी सुनता तो अब हमारे पास संघर्ष के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा। बुधवार तक इसका पक्का हल नहीं हुआ तो गाजी गुल्ला चौक और चंदन नगर अंडर ब्रिज बंद कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
कार में छिपाकर ला रहा था 15 किलो चिट्टा, फिरोजपुर पुलिस ने दबोचा
25 Jul, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब के फिरोजपुर में पुलिस ने नशे की बड़े खेप पकड़ी है। पुलिस ने कार सवार नशा तस्कर को 15 किलो चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
फिरोजपुर के थाना घल्लखुर्द पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रमेश कुमार वासी गांव मोहकम खां वाला के तौर पर हुई है। हाल में गोल्डन एन्क्लेव फिरोजपुर में रहता है। आरोपी के पास से 15 किलो 7 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। नशे की यह खेप अलग-अलग पैकेट में पैक की गई थी। आरोपी से कुल 15 पैकेट मिले हैं, जिन्हें पीले रंग के लिफाफों और लाल टेप से बांधा गया था।
घल्लखुर्द थाना की पुलिस पार्टी गश्त कर रही थी। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली की तस्कर रमेश कुमार वह बाहरी राज्यों से हेरोइन की खेप मंगवाकर आगे सप्लाई करता है। सफेद रंग की स्विफ्ट कार सवार नशा तस्कर गांव भंबा लंडा की दाना मंडी में खड़ा है और ग्राहक का इंतजार कर रहा है। पुलिस ने बताई हुई जगह पर दबिश देकर आरोपी को काबू किया और तलाशी लेने पर उसके पास से 15 किलो 7 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है। थाना घल्लखुर्द पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
कुपोषण का खतरा: पंजाब में छोटे बच्चों में दुबलापन बढ़ा, सरकारी रिपोर्ट ने खोली पोल
25 Jul, 2025 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब में पांच साल तक की उम्र के बच्चे कुपोषण का शिकार होते जा रहा हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पोषण ट्रैकर डाटा-जून 2025 के अनुसार पंजाब में 0-5 साल की उम्र के बीच के 17.14 फीसदी बच्चों की लंबाई उनकी उम्र के अनुरूप नहीं है। इसी उम्र के 2.95 फीसदी बच्चे दुबले-पतले और 5.12 फीसदी बच्चों का वजन नहीं बढ़ रहा है। राज्य में बच्चे कुपोषण का शिकार होते जा रहे हैं। इसके पीछे स्वास्थ्य मंत्रालय ने दो अहम वजह बताई है, जिसमें बच्चों के खानपान से पौष्टिक आहार जैसे दूध, दही, दालें, सब्जियों व फल जैसे आहार दूर होते जा रहे हैं। दूसरा अभिभावक अपने बच्चों को फास्ट व जंक फूड की लत डालते जा रहे हैं।
कुपोषण के कारण एक हजार पर 12 बच्चों की 28 दिन में मौत
रिपोर्ट में एक चिंताजनक बात सामने आई है कि पंजाब में कई महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है, जिसके कारण डिलीवरी के बाद कुपोषण के कारण नवजात बच्चों की मौत भी हो रही है। राज्य में हर एक हजार नवजात बच्चों में 12 की महज 28 दिनों में कुपोषण के कारण मौत हो जाती है।
2024 में पंजाब के गांवों में की गई थी स्टडी
अगस्त 2024 में पंजाब के गांवों में कुपोषण को लेकर एक स्टडी की गई थी। इसमें गांव के बच्चे बड़ी संख्या में कुपोषित पाए गए थे। दो से तीन साल की उम्र के 16 फीसदी बच्चों का औसत वजन कम पाया गया था, जबकि 20.4 फीसती बच्चों की लंबाई उनकी उम्र के अनुरूप नहीं थी। इसी तरह 4.8 फीसदी बच्चे ओवर वेट थे।
पंजाब सरकार बनाएगी एक हजार आंगनबाड़ी केंद्र
पंजाब सरकार का राज्य में एक हजार आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र बनाने का लक्ष्य है। इन केंद्रों के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसको लेकर बीते मार्च में महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने घोषणा की थी। इन आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों के समग्र विकास के लिए सरकार ने प्लान तैयार किया था। सरकार का दावा है कि अब तक राज्य में ऐसे 111 आधुनिक आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जा चुके हैं। सरकार इन आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए बाल देखभाल व विकास में सुधार के प्रयास में जुटी है।
पांच साल की उम्र तक के बच्चों का वजन और लंबाई के तय मानक
0 से 5 साल के बच्चों का वजन उनकी उम्र और लिंग के अनुसार अलग-अलग होता है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार 1 साल के लड़के का वजन लगभग 10.2 किलो और लड़की का 9.5 किलो होना चाहिए। 2 से 5 साल के बच्चों के लिए लड़कों का वजन 12.3 किलो से 16 किलो और लड़कियों का 12 किलो से 15 किलो तक हो सकता है। 3 से 5 साल के बच्चों में लड़कों का वजन 14 से 17 किलो और लड़कियों का 14 से 16 किलो तक होना चाहिए। इसी तरह 0 से 5 साल के बच्चों की लंबाई उनकी उम्र, लिंग और आनुवंशिकता के आधार पर अलग-अलग होती है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बच्चों के विकास के लिए कुछ सामान्य दिशानिर्देश दिए गए हैं। एक नवजात शिशु की औसत लंबाई 46-55 सेमी (18-22 इंच) होती है। 1 साल की उम्र तक लंबाई 72-76 सेमी (28-30 इंच) तक बढ़ जाती है। 2 साल की उम्र में यह 82-91 सेमी (32-36 इंच) तक हो सकती है। 5 साल की उम्र तक लंबाई 100-110 सेमी (39-43 इंच) तक होनी चाहिए।
यूट्यूबर की ग्लैमरस लाइफ से सेवा तक: पायल मलिक मंदिर में करती दिखीं श्रमदान
24 Jul, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा के चर्चित यूट्यूबर अरमान मलिक की पत्नी पायल मलिक इन दिनों सुर्खियों में हैं। उनके कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में एक मंदिर में अपने पति के साथ बर्तन धोते हुए दिखाई दे रही है। इसके साथ ही वो मंदिर में माफी मांगती हुई भी दिखाई दे रही हैं। वहीं वो मंदिर में साफ सफाई भी कर रही है। बता दें कि ये वीडियो पंजाब के मोहाली का है। दरअसल मोहाली की काली माता मंदिर समिति ने पायल मलिक को सजा सुनाई है। ये सुजा क्यों सुनाई गई उसके पीछे का कारण हम आपको बताने जा रहे हैं...
दरअसल पायल मलिक पर आरोप है कि उन्होंने अश्लील कपड़े पहनकर मां भद्रकाली का रूप धारण किया। इस बाद उन्होंने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मोहाली के काली माता मंदिर समिति ने पायल मलिक को धार्मिक सजा सुनाई है। इस सजा के तहत पायल मलिक को सात दिनों तक मंदिर की साफ-सफाई का कार्य करना होगा और आठवें दिन वे मंदिर में कंजक पूजन करेंगी।
पायल ने मांगी माफी
पायल मलिक ने इस वीडियो के लिए माफी भी मांगी है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो के लिए मैं खुद भी शर्मिंदा हूं। मैं अपनी उस वीडियो के लिए हाथ जोड़कर सभी लोगों से माफी मांगती हूं। पायल का कहना है कि उनकी बेटी मां काली की भक्त है और इसलिए मैंने अपनी बेटी के लिए काली मां का लुक बनाया था। उन्होंने कहा कि मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। पायल ने कहा कि मुझे जो सजा दी गई है मैं उसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आप कभी ऐसी गलती न करें। मैं आप सभी से हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं।
कौन हैं पायल मलिक
पायल हरियाणा के फेमस यूट्यूबर अरमान मलिक की पहली पत्नी है। अरमान मलिक अपनी दोनों की पत्नियों के साथ रहते हैं। तीनों पति-पत्नी बिग बॉस ओटीटी में भी एक साथ शामिल हुए थे। ये तीनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। पत्नियों और अपने बच्चों के साथ अरमान मलिक व्लॉग्स बनाते हैं। सोशल मीडिया पर उनके काफी फॉलोअर्स हैं। उनका यू-ट्यूबर चैनल का नाम मलिक व्लॉग्स है। इनके यूट्यूब चैनल पर 8 मिलियन से ज्याद सब्सक्राइबर्स हैं।
नशे के खिलाफ सिस्टम फेल? पंजाब में ओवरडोज से दो की मौत, सवाल खड़े
24 Jul, 2025 04:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबोहर(पंजाब)। पंजाब के खडूर साहिब और अबोहर में दो युवकों की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई। खडूर साहिब के गांव तुड़ में 25 वर्षीय युवक चमकौर सिंह की नशे के इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई। पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। परिजनों ने पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि गांव में खुलेआम नशा बिक रहा है। पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी है।
खडूर साहिब विधानसभा क्षेत्र के गांव तुड़ निवासी कुलवंत सिंह ने बताया कि उनका पोता चमकौर सिंह पिछले कुछ समय से बुरी संगत का शिकार था। उसे नशा छुड़ाने के लिए कई बार नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया, लेकिन बुरी संगत ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। चमकौर सिंह के भाई जसविंदर सिंह और पूर्व सरपंच सुलखन सिंह तुड़ ने बताया कि मंगलवार शाम को चमकौर सिंह को किसी का फोन आया, जिसके बाद वह घर से निकल गया। शाम को घर आते ही उसने खुद को नशे के इंजेक्शन लगाया। चमकौर सिंह की तबीयत बिगड़ गई और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई।
पूर्व सरपंच सुलखन सिंह तुड़ ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को लेकर सरकार के दावे पूरी तरह से झूठे साबित हो रहे हैं। करीब एक साल पहले वे खडूर साहिब के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को नशे के संबंध में ज्ञापन देने जाते रहे, लेकिन हर बार विधायक अपने कार्यालय में नहीं मिले। इसके बाद ज्ञापन की एक प्रति कार्यालय में चस्पा दी गई। मृतक के दादा कुलवंत सिंह ने बताया कि नशे ने उनके घर का चिराग बुझा दिया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। मृतक का शाम को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। डीएसपी अतुल सोनी का कहना है कि नशे से मौत बाबत किसी ने भी पुलिस में शिकायत नहीं की, फिर भी अपने स्तर पर जांच करवाई जाएगी।
सार्वजनिक शौचालय में मृत मिला युवक
अबोहर में एक युवक सार्वजनिक शौचालय में संदिग्ध अवस्था में मृत मिला। मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं। आशंका जताई जा रही है कि युवक की नशे के ओवरडोज से मौत हुई है। जानकारी के अनुसार नेहरू पार्क के बाहर बने नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय में करीब 35 वर्षीय युवक पेशाब करने के लिए गया। करीब आधे घंटे तक जब वह बाहर नहीं निकला तो बाहर ड्यूटी पर मौजूद कर्मी ने शौचालय का गेट तोड़कर देखा तो युवक बेसुध पड़ा था। सूचना मिलने पर नर सेवा नारायण सेवा की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत का सही कारण पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से ही पता चलेगा। अंदेशा है कि युवक ने नशे का टीका लगाया होगा। युवक नई आबादी का निवासी बताया जा रहा है।
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