पंजाब
कोलकाता एयरपोर्ट पर पंजाब पुलिस का एक्शन, मलेशिया भाग रहा आतंकी पकड़ा गया
19 Aug, 2025 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर : पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस इकाई ने जालंधर में एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इस दौरान संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक हैंडग्रेनेड भी बरामद किया है। पंजाब पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के दो गुर्गों, रितिक नरोलिया और राजस्थान के एक किशोर को गिरफ्तार किया था। इनके खुलासे के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अन्य आरोपियों, विश्वजीत और जैक्सन, को हिरासत में लिया।
पुलिस ने बताया कि विश्वजीत को कोलकाता से पकड़ा गया है। वह यहां से मलेशिया भागने की फिराक में था, जबकि जैक्सन को नकोदर से गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से एक 86पी हथगोला बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि जो हैंडग्रेनेड बरामद हुआ है, वह चीन का बना हुआ है।
कनाडा में बैठा है आका
पंजाब पुलिस की जांच में पता चला कि सभी आरोपी कनाडा में बैठे बीकेआई के सरगनाओं जीशान अख्तर और अजय गिल के निर्देशों पर काम कर रहे थे। आरोपियों ने खुलासा किया कि इस साल जुलाई के आखिरी सप्ताह में उन्होंने अपने साथियों के जरिए ब्यास से दो हथगोले प्राप्त किए थे। इनमें से एक हथगोले का इस्तेमाल मॉड्यूल के अन्य सदस्यों ने दस दिन पहले एसबीएस नगर में एक शराब की दुकान पर विस्फोट करने के लिए किया था।
आवाज सुनकर लोगों ने की मदद
पंजाब पुलिस ने इस मामले में अमृतसर के राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। वहीं, पुलिस ने बताया कि वो आतंकी गतिविधियों को रोकने, संगठित अपराध को समाप्त करने और राज्य में शांति व जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस ने बताया कि वो राज्य में घट रही हर प्रकार की आतंकी घटनाओं पर कड़ी नजर रख रही है, ताकि किसी भी प्रकार की आतंकी घटनाएं धरातल पर सफल नहीं हो जाए।
एक्शन में पंजाब पुलिस
इससे पहले, CI फिरोजपुर ने भी एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया था। DGP गौरव यादव ने बताया कि यह साजिश पाक-ISI समर्थित आतंकवादी हरविंदर रिंडा रच रहा था। इस मामले में प्रतिबंधित BKI मॉड्यूल के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। इससे दो दिन पहले, पंजाब पुलिस ने राजस्थान के टोंक और जयपुर जिलों से तीन नाबालिगों सहित पांच BKI सदस्यों को गिरफ्तार करके एक और BKI मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। उस ऑपरेशन में, पुलिस ने एक 86P हैंड ग्रेनेड और एक .30 बोर की पिस्तौल बरामद की थी।
पंजाब में रोमांस बना जघन्य अपराध, पति की खौफनाक मौत
18 Aug, 2025 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर (पंजाब)। पंजाब के अमृतसर में महिला ने अपने आशिक के साथ मिलकर अपनी मांग के सिंदूर को उजाड़ दिया। थाना लोपोके के अधीन आते गांव हेतमपुरा के जसपाल सिंह की उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने तेजधार हथियारों से हत्या कर दी। आरोपियों ने शुक्रवार की शाम कोहाली नहर के पास वारदात को अंजाम दिया। शव खुर्द बुर्द करने के लिए उन्होंने जसपाल सिंह का शव झाड़ियों में फेंक दिया। जांच में सामने आया है कि जसपाल सिंह की पत्नी अमनजीत कौर के अपने प्रेमी गांव कोहाली निवासी अजय सिंह के साथ अवैध संबंध हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों के हवाले कर दिया है। आरोपी महिला और और उसका प्रेमी फरार हैं, पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
गांव हेतमपुरा निवासी जोबनजीत सिंह ने लोपोके थाने की पुलिस को बताया कि उसकी मां की मौत हो चुकी है। उसके पिता जसपाल सिंह मजदूरी करते थे। कुछ साल पहले उसके पिता ने अमनजीत कौर के साथ दूसरी शादी की थी। अमनजीत कौर अब उसके पिता जसपाल सिंह के साथ घर में ही रहती थी। इस बीच पिता को पता चला कि अमनजीत कौर के अवैध संबंध उसके पुराने जानकर अजय सिंह के साथ हैं। इसके बाद पिता ने अमनजीत कौर को समझाने का कई बार प्रयास किया था लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही थी। इसे लेकर पिता का अजय सिंह के साथ झगड़ा भी हुआ था।
जोबनजीत सिंह ने बताया कि उसके पिता और अमनजीत कौर ने शुक्रवार को उसे बताया था कि वह किसी काम से शहर जा रहे हैं। दोनों बाइक पर सवार होकर घर से निकल गए लेकिन काफी देर तक घर नहीं लौटे। रात को भी दोनों लौटे नहीं। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने कुछ ही देर में कोहाली नहर की झाड़ियों से उसके पिता का शव बरामद कर लिया। उसके शरीर पर तेजधार हथियारों के कई निशान थे। आरोप है कि अमनजीत कौर ने अपने प्रेमी अजय सिंह के साथ मिलकर उसके पिता की हत्या कर दी और शव छिपाने के लिए यहां फेंक दिया। लोपोके थाने के प्रभारी हिमांशु भगत ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
NRI से शादी का सपना चकनाचूर, 79 लाख का गबन हुआ उजागर
18 Aug, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगरांव (पंजाब)। पंजाब पुलिस की महिलाकर्मी के साथ 79 लाख रुपये की ठगी हुई है। हैरानी की बात यह है कि महिला कर्मचारी को शातिर ने शादी का बहाना बनाकर अपनी बातों में फंसाया और उसके साथ लाखों रुपये की ठगी कर ली। इतनी बड़ी ठगी होने के साथ ही महिला पुलिसकर्मी के शादी के सपने भी चकनाचूर हो गए। लुधियाना के डीआईजी दफ्तर में कार्यरत महिला पुलिसकर्मी के साथ ठगों ने विदेशी नंबर से संपर्क कर एनआरआई के रूप में शादी का प्रस्ताव रखा। इसके बाद कीमती गिफ्ट भेजने के नाम पर 79.17 लाख रुपये ठग लिए।
पीड़ित अमरजीत कौर गांव पमाल की निवासी हैं। वे पंजाब पुलिस के सिविल डिपार्टमेंट में डीआईजी लुधियाना रेंज कार्यालय में कार्यरत हैं। जुलाई में उन्हें विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम विक्की बताया और कहा कि वह इंग्लैंड से बोल रहा है। उसने कहा कि उसे अमरजीत का नंबर एक अखबार के मैट्रीमोनियल विज्ञापन से मिला है। ठग ने महिलाकर्मी को विश्वास दिलाने के लिए अपने साथियों को अपनी मां और बहन बनकर बात करवाई। इससे महिलाकर्मी अमरजीत कौर का विश्वास जीतकर शादी के लिए हामी भर ली।
कुछ दिनों बाद आरोपी ने कहा कि उसने अमरजीत के लिए कीमती गिफ्ट भेजा है, जो कस्टम में फंस गया है। उसने अपने एक अन्य साथी का नंबर देकर कहा कि कस्टम चार्ज भर कर गिफ्ट छुड़वा लेना। आरोपी के साथी को फोन किया तो उसने गिफ्ट ज्यादा कीमती का होने की बात कहकर कस्टम चार्ज के नाम पर उससे 79.17 लाख रुपये ऐंठ लिए। जब गिफ्ट नहीं मिला तो महिला को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद महिलाकर्मी ने अमरजीत कौर ने जगरांव एसएसपी डॉ. अकुर गुप्ता को शिकायत दर्ज करवाई। एसएसपी ने मामले की जांच साइबर क्राइम को सौंप दी। साइबर क्राइम के एएसआई जगरूप सिंह की टीम ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
संदीप विर्क ED की रडार पर, करोड़ों की डील्स और सोशल मीडिया शोहरत का कनेक्शन
14 Aug, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली: इंस्टाग्राम पर 12 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाली एक 'एंटरप्रेन्योर' और एक्ट्रेस संदीपा विर्क को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें शुक्रवार तक ईडीकी हिरासत में भेज दिया गया है। यह गिरफ्तारी 40 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। संदीपा पर आरोप है कि उन्होंने लोगों को झूठे वादे करके और गलत जानकारी देकर ठगा है। ईडी ने उनके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत मामला दर्ज किया है। ईडी ने दिल्ली और मुंबई में कई जगहों पर छापेमारी की है। जांच में पता चला है कि संदीपा विर्क ने धोखाधड़ी से संपत्ति हासिल की है। साथ ही, उनके संबंध रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर अंगराई नटराजन सेथुरमन से भी हैं। सेथुरमन पर भी फंड में हेराफेरी करने का आरोप है।
ये है मामला
बता दें कि संदीपा विर्क पर मोहाली के एक पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआरदर्ज की गई थी। आरोप है कि उन्होंने झूठे वादे करके लोगों से पैसे लिए। ईडी के अनुसार, संदीपा विर्क पर आरोप है कि उन्होंने धोखाधड़ी से अचल संपत्ति हासिल की। उन्होंने खुद को एक वेबसाइट की मालिक बताया। इस वेबसाइट पर FDA-अप्रूव्ड ब्यूटी प्रोडक्ट्स बेचने का दावा किया गया था। लेकिन जांच में पता चला कि प्रोडक्ट्स नकली थे। वेबसाइट पर यूजर रजिस्ट्रेशन की सुविधा नहीं थी। पेमेंट करने में भी दिक्कतें आ रही थीं। सोशल मीडिया पर भी वेबसाइट की मौजूदगी न के बराबर थी। इतना ही नहीं वेबसाइट का व्हाट्सएप नंबर भी बंद था। कंपनी की कोई जानकारी भी नहीं दी गई थी। ईडी का कहना है कि यह सब पैसे को गलत तरीके से इस्तेमाल करने के लिए किया गया था।
सेथुरमन के घर पर भी छापेमारी
ईडी ने सेथुरमन के घर पर भी छापेमारी की। वहां से कुछ ऐसे कागजात मिले हैं जिनसे पता चलता है कि उन्होंने गैरकानूनी तरीके से काम किया और अपने फायदे के लिए फंड का इस्तेमाल किया। ईडी ने कई लोगों के बयान दर्ज किए। इनमें से एक नाम फारुख अली का भी है। बता दें कि संदीपा विर्क को 12 अगस्त को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी ने बताया कि 2018 में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से लगभग 18 करोड़ रुपये सेथुरमन को दिए गए थे। यह पैसा बिना जांच-पड़ताल के दिया गया था। लोन की शर्तें भी बहुत आसान थीं। इसके अलावा, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड ने नियमों को तोड़कर 22 करोड़ रुपये का होम लोन भी दिया था। जांचकर्ताओं का कहना है कि इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा गलत तरीके से निकाला गया और अभी तक चुकाया नहीं गया है। न्यूज़ एजेंसी PTI से बात करते हुए सेथुरमन ने इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने संदीपा विर्क से किसी भी तरह के संबंध या लेनदेन से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं।
15 अगस्त से पहले होने वाले हमले की तैयारी में लगे बब्बर खालसा के 5 सदस्य पकड़े गए
13 Aug, 2025 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बाबर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने राजस्थान के टोंक और जयपुर जिलों से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित बीकेएल ऑपरेटिव हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के निर्देशों पर, विदेश में मौजूद मन्नू अगवान, गोपी नवांशहरिया और ज़ीशान अख्तर के जरिए संचालित हो रहा था। यह गिरोह 7 अगस्त को नवांशहर में एक शराब की दुकान पर ग्रेनेड हमले के लिए जिम्मेदार था और स्वतंत्रता दिवस से पहले कई हमलों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था।
आतंकियों की हुई पहचान
डीजीपी यादव ने कहा कि ज़ीशान और बीकेएल मास्टरमाइंड मन्नू अगवान रिंदा के साथ मिलकर इन आरोपियों को हमलों के निर्देश दे रहे थे। हमारी समय रहते की गई कार्रवाई से बड़े हमलों को टाल दिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जयपुर के दिदावता गांव निवासी रितिक नरोलिया और पंजाब के कपूरथला जिले के काला संघियां गांव निवासी सोनू कुमार उर्फ काली के रूप में हुई है। यह कार्रवाई जालंधर काउंटर-इंटेलिजेंस (CI) और नवांशहर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में की गई।
आतंकियों से क्या क्या मिला
पुलिस ने आरोपियों से एक हैंड ग्रेनेड, .30 कैलिबर की पिस्तौल (प्रतिबंधित बोर) और गोला-बारूद बरामद किया है। सीआई-जालंधर के एआईजी नवजोत महल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सोनू ने पुलिस पार्टी पर गोली चलाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की और वह घायल हो गया। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और इस आतंकी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
होशियारपुर में वकीलों और एएलसी के बीच विवाद, धरना देकर जताया विरोध
12 Aug, 2025 04:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
होशियारपुर (पंजाब)। होशियारपुर में सोमवार को वकीलों और सहायक लेबर कमिश्नर (एएलसी) के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया। विवाद के बाद नाराज़ वकीलों ने एएलसी के रवैये के खिलाफ उनके दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर दिया। यह धरना पिछले ढाई घंटे से जारी है, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
वकीलों का आरोप है कि एएलसी काम के दौरान उनसे सहयोगात्मक व्यवहार नहीं करते और अपने कमरे में किसी को आसानी से प्रवेश नहीं करने देते। उनका कहना है कि यह रवैया न केवल असहयोगपूर्ण है बल्कि वकीलों के कामकाज में भी बाधा डालता है। धरना शुरू होने के बाद से सहायक लेबर कमिश्नर अपने कार्यालय के अंदर ही फंसे हुए हैं। वकीलों ने दफ्तर के बाहर घेराव कर रखा है और वे एएलसी को बाहर निकलने नहीं दे रहे। इस कारण कार्यालय का कामकाज पूरी तरह से ठप हो गया है।
स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी मौके पर तैनात किया गया है ताकि हालात बेकाबू न हों। वकील तब तक धरना जारी रखने पर अड़े हैं जब तक एएलसी के रवैये में बदलाव का आश्वासन नहीं मिलता। वहीं, एएलसी की ओर से इस पूरे मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस विवाद के चलते दफ्तर के कर्मचारियों और आने वाले लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि यह गतिरोध कब और कैसे खत्म होता है।
हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, चंडीगढ़ निगम के लंबे समय से अनुबंध पर काम कर रहे JE होंगे पक्के
12 Aug, 2025 04:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ नगर निगम में वर्ष 2007 से 2010 के बीच अनुबंध आधार पर नियुक्त जूनियर इंजीनियरों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें 6 सप्ताह के भीतर नियमित करने का आदेश दिया है।
जस्टिस जगमोहन बंसल ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति तय प्रक्रिया से, विज्ञापन जारी कर, तय योग्यता और आयु सीमा के आधार पर स्वीकृत पदों पर हुई थी। ऐसे में 15 साल से अधिक समय तक उन्हें संविदा पर रखना न केवल अनुचित है, बल्कि यह शोषण की श्रेणी में आता है।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी याचिकाकर्ताओं को छह सप्ताह के भीतर नियमित किया जाए। यदि निर्धारित समय में आदेश जारी नहीं होता है, तो उन्हें स्वतः नियमित माना जाएगा और वरिष्ठता तथा नियमित वेतनमान का लाभ मिलेगा। याचिकाकर्ता दिलदीप सिंह व अन्य को 2007 से 2010 के बीच नगर निगम ने विज्ञापनों के माध्यम से अनुबंध पर नियुक्त किया था। उस समय अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष और आवश्यक योग्यता डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग थी। चयन प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच और साक्षात्कार शामिल था।
नियुक्ति पत्र में स्पष्ट किया गया था कि यह नियुक्ति संविदा पर होगी और स्थायी नियुक्ति का दावा नहीं किया जा सकेगा। वर्ष 2012 में निगम ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए समिति गठित की, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई। 2014 और 2016 में निगम ने सामान्य सदन में प्रस्ताव पारित कर नियमितीकरण की सिफारिश की और इसे चंडीगढ़ प्रशासन को भेजा, लेकिन प्रशासन ने कोई नीति नहीं होने का हवाला देते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के जैग्गो बनाम भारत संघ (2024) और उमा देवी फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि लम्बे समय तक अस्थायी कर्मचारियों को पद रिक्त रहते हुए संविदा पर रखना अस्वीकार्य है। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता बैकडोर एंट्री से नहीं आए थे, बल्कि खुले विज्ञापन और प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया से नियुक्त हुए थे। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह अनैतिक, असंगत और मनमाना है कि नियमित ग्रुप-डी कर्मचारी इंजीनियरों से अधिक वेतन पा रहे हैं। यह स्थिति प्रशासनिक दृष्टि से भी अव्यावहारिक है और संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है। कोर्ट ने प्रशासन को यह संदेश भी दिया कि सरकारी संस्थानों को मॉडल एम्प्लॉयर की तरह काम करना चाहिए और लम्बे समय तक संविदा या अस्थायी कर्मचारियों का शोषण बंद होना चाहिए।
CM को धमकी देने वाला पन्नू फिर एक्टिव, अमृतसर को बनाया निशाना
7 Aug, 2025 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। खालिस्तानी आतंकी और प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) का सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू एक बार फिर अपने भड़काऊ बयानों और गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में है। पन्नू ने एक नया वीडियो जारी कर अमृतसर में खालसा कॉलेज बस स्टैंड, कचहरी परिसर और एक मंदिर के बाहर 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे लिखवाने का दावा किया है। वीडियो में पन्नू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को खुली धमकी दी है। उसने लैंड पूलिंग नीति का विरोध करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को "बेअंत सिंह की याद" करनी चाहिए। पन्नू ने यह भी चेतावनी दी कि पिछली बार मान फरीदकोट में बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे छिप गए थे, लेकिन इस बार वे "बच नहीं पाएंगे।"
इतना ही नहीं, पन्नू ने 15 अगस्त को खालिस्तान का झंडा फहराने का आह्वान किया और दावा किया कि पंजाब भारत का हिस्सा नहीं है। वीडियो में सिखों के साथ "अत्याचार" किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। इस बयान के बाद पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। जिन इलाकों में दीवारों पर नारे लिखे गए हैं, वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस इन घटनाओं को लेकर गंभीरता से जांच कर रही है। गौरतलब है कि गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत सरकार पहले ही आतंकी घोषित कर चुकी है। उसके खिलाफ देशद्रोह और उकसावे के कई मामले दर्ज हैं। वह अक्सर सोशल मीडिया और वीडियो संदेशों के जरिए भारत विरोधी गतिविधियों को हवा देता है। पृष्ठभूमि में बढ़ते खालिस्तानी खतरे और 15 अगस्त से पहले की गई धमकियों ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं और अधिक बढ़ा दी हैं।
मोहाली इंडस्ट्रियल एरिया में लापरवाही का नतीजा? ब्लास्ट में दो की मौत, पुलिस पर फूटा गुस्सा
6 Aug, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोहाली (पंजाब)। पंजाब के मोहाली जिले के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-9 में प्लॉट नंबर 315-316 पर स्थित हाईटेक कंपनी में मंगलवार को एक ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस विस्फोट में दो लोगों, देवेंद्र और आसिफ, की मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस और फैक्ट्री मालिक के साथ हाथापाई की।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट कंपनी के परिसर में कार्य के दौरान हुआ। ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से कंपनी में भारी नुकसान हुआ और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों का गुस्सा भड़क उठा, जिसके चलते पुलिस और फैक्ट्री मालिक के साथ उनकी हाथापाई हो गई। गुस्साए लोगों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी और हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और सिलेंडर फटने के कारणों की गहन पड़ताल की जा रही है।
मोहाली की एसडीएम दमनदीप कौर का कहना है कि बुधवार सुबह हमें ऑक्सीजन सिलेंडर फटने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि दो लोग हताहत हुए हैं और कुछ घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया जा रहा है। एक ऑक्सीजन सिलेंडर फटने के बाद दूसरा भी फटा है। दो लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। आगे की जांच की जा रही है। ऑक्सीजन सिलेंडर निर्माण संयंत्र में विस्फोट पर एसपी सिटी सिरिवेनेला ने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया के फेज-11में ऑक्सीजन सिलेंडर संयंत्र में सुबह लगभग नौ बजे एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई और 3 घायल हो गए। प्रारंभिक जांच चल रही है और हम अभी भी कारण का पता लगा रहे हैं। अभी भी कुछ रिसाव हो सकता है। आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया गया है।
सीएम के परिवार से निकली विरोध की चिंगारी, लैंड पूलिंग नीति पर गहराया विवाद
5 Aug, 2025 06:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी का विरोध बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दलों और किसान संगठनों के विरोध के बीच अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर से उन्हीं के 'अपने' भी लैंड पूलिंग पॉलिसी के खिलाफ खड़े हो गए हैं और इस नीति पर पुनर्विचार की गुहार लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री के चचेरे भाई से लेकर सीएम मान के विधानसभा हलके धूरी से पार्टी नेता और मान के करीबी भी सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके लैंड पूलिंग नीति को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। उनकी यह पोस्टें खूब वायरल हो रही हैं। मुख्यमंत्री के अपने भी सरकार पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि किसान बाहुल्य क्षेत्र में ग्रामीण परिवेश के ये नेता, ऐसा करके किसान संगठनों को किसान हितैषी होने का संदेश भी देना चाहते हैं। सबसे अहम पहलू यह भी है कि किसान को अपनी खेती जमीन से प्यारा कुछ भी नहीं है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि जिस प्रकार बेअदबी विरोधी कानून की समीक्षा के लिए इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा है उसी प्रकार लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू करने से पहले किसानों की राय ली जाए। ताकि गुरुओं पीरों की धरती तरक्की व खुशहाली की तरफ निरंतर बढ़ती रहे, आबाद रहे।
पार्टी के ब्लॉक प्रधान ने दिया इस्तीफा
मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र धूरी से आप के ब्लॉक अध्यक्ष गुरजीत सिंह कांझला ने अपने पद से इस्तीफा देते लिखा कि लैंड पूलिंग का कड़ा विरोध करता हूं। यह सिर्फ किसानों की नहीं, पूरे पंजाब की लड़ाई है। यह नीति दिल्ली वालों ने निजी लाभ लेने के लिए बनाई है। पंजाब के लोगों ने कभी दिल्ली की नहीं मानी और अब भी नहीं मानेंगे।
किसानों की जमीनें छीनना चाहती है सरकार
मुख्यमंत्री मान के धूरी विस क्षेत्र के पूर्व प्रभारी प्रो ओंकार सिंह ने भी इस नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि आम आदमी पार्टी अब किसानों की जमीनें छीनने की नीतियां लागू कर रही हैं। सुनाम में शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस समारोह में केजरीवाल के भाषण के दौरान लोगों का चले जाना दिल्ली लीडरशिप के खिलाफ रोष का प्रमाण है।
एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे
लैंड पूलिंग नीति को लेकर पंजाब में रोष बढ़ता जा रहा है। सरकार ने इस नीति को तीन जिलों तक सीमित करने का फैसला किया है। लेकिन किसान संगठन आंदोलन की तैयारी में हैं। भाकियू एकता उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि एक इंच जमीन पर कब्जा करने नहीं दिया जाएगा। जमीन से बढ़कर किसान के लिए कुछ नहीं। इस नीति ने आप सरकार के असली चेहरे को उजागर कर दिया है।
87% काम के बाद भी ठप पड़ा प्रोजेक्ट, जानिए क्यों अधूरी रह गई रेल कड़ी
5 Aug, 2025 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब में नांगल डैम से तलवाड़ा तक बन रही रेलवे लाइन पूरे देश में चर्चित है। यह इसलिए क्योंकि यह भारत में रेलवे का वह प्रोजेक्ट है, जो सबसे लंबे समय से पेंडिंग है। इसे पूरा करने में कई परेशानियां हैं। 62 साल के जतिंदरपाल सिंह ने कहा कि वह हर समय सोचते हैं कि यहां ट्रेन कब आएगी? उनकी आवाज़ में निराशा झलकती है, क्योंकि इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जतिंदरपाल का गांव ब्रिंगली है। ब्रिंगली तलवाड़ा में ब्यास नदी के किनारे पर है। यह इलाका चंडीगढ़ से लगभग 200 किमी दूर है। इस गांव में रेल लाइन बिछाने की योजना रेलवे ने लगभग 40 साल पहले बनाई थी।
1985 में शुरू हुआ काम
रेलवे के इस प्रोजेक्ट पर केंद्र ने 1981-82 में काम शुरू किया। 1985 की गर्मियों में इस पर धरातल पर काम शुरू हुआ। यह रेलवे लाइन नांगल डैम से मुकेरियां होते हुए तलवाड़ा तक जानी थी। इस दौरान एक नई ब्रॉड-गेज रेलवे लाइन बिछाई जानी थी। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 2000 करोड़ रुपये खर्च हुए। प्रोजेक्ट का उद्देश्य पंजाब और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बिना रुकावट रेल सर्विस देना था।
87 फीसदी हुआ काम
नांगल डैम से तलवाड़ा रेलवे लाइन का काम शुरू हुआ लेकिन 87 फीसदी काम होने के बाद यह अटक गया। पंजाब में ज़मीन लेने, पर्यावरण की मंजूरी लेने और बिजली-पानी की लाइनों को हटाने जैसी दिक्कतों के चलते काम रुक गया। आज 40 साल बाद भी यह प्रोजेक्ट फिर शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि अब इस प्रोजेक्ट में फिर से जान डालने की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की है और आगे और देरी न करने का आदेश दिया है। फिलहाल, मुकेरियां-तलवाड़ा के बीच खुदाई की इजाज़त न मिलने की वजह से काम रुका हुआ है।
प्रोजेक्ट में क्या अड़चनें
इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पंजाब को लगभग 72 हेक्टेयर जमीन चाहिए। इसके अलावा रेलवे, पंजाब सरकार और पर्यावरण मंत्रालय को राज्य में खुदाई लिए वन विभाग से मंज़ूरी चाहिए। रेलवे मंत्रालय ने यह मुद्दा पर्यावरण मंत्रालय में उठाया है। कागज़ी कार्रवाई जारी है। प्रोजेक्ट इतना धीमा चल रहा है कि एक और पीढ़ी बड़ी हो गई है। लोगों ने यहां अब यह तक कहना शुरू कर दिया है कि यहां अब कभी ट्रेन नहीं आएगी।
बचपन में शुरू हुआ प्रोजेक्ट, बूढ़े हो गए पर पूरा नहीं
जतिंदरपाल ने बताया कि उनका परिवार 300 सालों से ब्रिंगली में रह रहा है। 1976 में जब हिमाचल प्रदेश के दौलतपुर चौक से तलवाड़ा तक एलिवेटेड रेल कॉरिडोर बनाने के लिए जमीन का सर्वे किया गया था तो यहां के लोग बहुत खुश थी। जतिंदरपाल ने बताया कि वह तब बहुत छोटे थे लेकिन सबकी बातें सुनकर यह समझते थे कि गांव में कुछ बहुत अच्छा होने वाला है। गांव में प्रोजेक्ट की टीम आती थी तो आधे से ज्यादा गांव उनके साथ सीमांकन रेखाओं के काम पर जाता था।
कितना हुआ काम और कहां अटका?
जतिंदर ने बताया कि उस समय जमीन की मार्किंग करने के बाद पिलर लगाए गए थे। 1981 में प्रोजेक्ट का नोटिफिकेशन औपचारिक रूप से हुआ। 1985 में प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ। कुछ निर्माण भी शुरू हुआ लेकिन फिर यह अटक गया। नांगल डैम की ओर से सिर्फ 60 किमी का सेक्शन पूरा हुआ है। यह लाइन दौलतपुर चौक तक चालू है। दौलतपुर चौक और तलवाड़ा के बीच बचा हुआ 23.7 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर का काम लगभग 50 फीसदी पूरा हो चुका है। रेलवे मंत्रालय की मानें तो तलवाड़ा के पास 2.5 किमी से 3 किमी का हिस्सा महत्वपूर्ण है, यहां अब भी जमीन अधिग्रहण बाकी है।
मुआवजे पर फंसा पेच
जमीन के मुआवज़े को लेकर लोगों में नाराज़गी है। कई लोगों का आरोप है कि उन्हें उनकी जमीन का कम रेट दिया गया। एक शख्स ने कहा कि हिमाचल में जमीन 1 लाख रुपये प्रति मरला (25.3 वर्ग मीटर) के रेट पर ली गई। वहीं पंजाब में हमें केवल 8500 रुपये प्रति मरला ही दिया जा रहा है। निवासियों ने यह मुआवज़ा लेने से इनकार कर दिया है। मामला कोर्ट में पेंडिंग है। एक किसान ने कहा कि हम प्रोजेक्ट के खिलाफ नहीं हैं लेकिन हमारे साथ न्याय हो। हमें जमीन के बदले जमीन मिले या फिर सही भुगतान।
कौन कर रहा रेल लिंक का निर्माण
रेल लिंक का निर्माण तीन बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियां एनपी जैन कंस्ट्रक्शन कंपनी, आरकेसी कंपनी और एचएमएम इंफ्रास्ट्रक्चर कर रही है। देरी और विवादों के बावजूद अफसरों का दावा है कि रेलवे लाइन 31 दिसंबर 2027 तक पूरी हो जाएगी। वहीं पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बाद लोगों की उम्मीद बढ़ गई है कि अब काम जल्द ही पूरा होगा।
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेसवे का सपना अधूरा, कब मिलेगा सफर में आराम?
4 Aug, 2025 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब में 20 हाईवे परियोजनाओं का काम अधर में है जिसमें दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस व ग्रीनफील्ड हाईवे भी शामिल हैं। साथ ही अमृतसर आईआईएम कैंपस का काम भी पूरा नहीं हुआ है जबकि फिरोजपुर-पत्ती रेलवे परियोजना का काम शुरू नहीं हो पाया है। इनमें से अधिकतर परियोजनाओं के लिए नई डेडलाइन तय की गई है, बावजूद इसके ये पूरी नहीं हो रही हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। प्रदेश में इस समय कुल 39 परियोजनाएं चल रही हैं और इनकी कुल निर्माण लागत 899 करोड़ रुपये बढ़ गई है। पंजाब में भूमि संबंधित विवादों के चलते हाईवे परियोजनाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं, जबकि बाकी परियोजनाएं भी विभागीय मंजूरी व अन्य कारणों के चलते अधर में हैं।
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे लुधियाना मालेरकोटला रोड की मंजूरी दिसंबर 2020 में मिली थी। इस परियोजना की डेडलाइन जनवरी 2024 तय की गई थी, लेकिन धीमी गति से काम आगे बढ़ने के चलते अब मार्च 2025 नई डेडलाइन तय की गई थी। परियोजना का अभी सिर्फ 31 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। इसी तरह दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस-वे फेज-1 पैकेज-12 को फरवरी 2021 में मंजूरी मिली थी जिसे अप्रैल 2024 तक पूरा किया जाना था। अब परियोजना की नई डेडलाइन 1 दिसंबर 2025 तय की गई है। इस परियोजना का भी सिर्फ 20.65 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। उच्च शिक्षा विभाग की अमृतसर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) का स्थायी कैंपस बनाने की परियोजना को अक्तूबर 2019 में मंजूरी मिली थी। इसकी मई 2022 डेडलाइन तय की गई थी, लेकिन अभी तक परियोजना का 91.2 प्रतिशत कम पूरा हुआ है।
केंद्र सरकार ने रद्द कर दी थीं परियोजनाएं
केंद्र सरकार की तरफ से भूमि संबंधित विवादों के चलते चार परियोजनाओं को रद्द भी किया चुका है। इनमें खरड़ तक बनने वाला लुधियाना-रूपनगर हाईवे, सदर्न लुधियाना बाईपास, अमृतसर-घोमान टांडा पैकेज-2 और दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा फेज-1 स्पर-2 शामिल हैं। 134.03 किलोमीटर लंबाई की ये चार परियोजनाओं को 4712.46 करोड़ रुपये में पूरा किया जाना था। केंद्र सरकार चेतावनी दे चुका है कि अगर आगे भी किसी तरह के विवाद सामने आए तो और परियोजनाओं को रद्द किया जा सकता है।
इन परियोजनाओं की भी बदली डेडलाइन
इसके अलावा जिन परियोजनाओं की डेडलाइन बदली है, उनमें दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस (डीएके) लुधियाना-मोगा रोड, डीएके लुधियाना-मालेरकोटला रोड, डीएके मेन एक्सप्रेस व अमृतसर, डीएके फेज-1 पैकेज-12, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे फेज-1 पैकेज-5, सिक्स लेन ग्रीनफील्ड लुधियाना-रूपनगर हाईवे, ग्रीनफील्ड मलोट बाईपास, मोगा से बाजाखाना लम्बावाली फोर लेन, डीएके फेज-1 स्पर-3, फोरलेन अमृतसर बाईपास, अमृतसर एयरपोर्ट जंक्शन रामदास, जोधपुर रोमाणा (बठिंडा) मंडी डबवाली, अमृतसर-बठिंडा ग्रीनफील्ड भगत भाई का भदौड़ रोड पास है। इसके अलावा लुधियाना-बठिंडा ग्रीनफील्ड हाईवे, अमृतसर-बठिंडा ग्रीनफील्ड सेक्शन एनएच-754ए, अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड, बाबा बकाला-डेरा बाबा नानक सेक्शन, फोर लेन ब्यास-मेहता-बटाला-डेरा बाबा नानक, डीएके एक्सप्रेस-वे फेज-1 स्पर-1 और जालंधर-होशियरपुर सेक्शन एनएच-70 भी शामिल हैं।
अमृतपाल सिंह ने दी खुली चुनौती, कहा – असम जेल में हूं, टेस्ट करना है तो आओ
2 Aug, 2025 02:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: वारिस पंजाब दे के प्रमुख और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह एनएसए के तहत डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। अमृतपाल ने डोप टेस्ट करवाने की बात कही है। अमृतपाल के वकील ने बताया कि यह बयान उन आरोपों के जवाब में आया है जो उनके अपने साथियों ने लगाए थे। पंजाब पुलिस ने पिछले महीने अजनाला कोर्ट में एक चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें इन आरोपों का जिक्र था। अमृतपाल पर ड्रग्स लेने के आरोप लगे हैं। उनके वकील ने कहा कि वे डोप टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। अमृतपाल ने यह भी कहा कि जो नेता उन पर आरोप लगा रहे हैं, उनका भी डोप टेस्ट होना चाहिए।
अकाली दल वारिस पंजाब दे के कानूनी सलाहकार और मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट इमान सिंह खारा ने हाल ही में डिब्रूगढ़ जेल में अमृतपाल से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि भाई साहब ( अमृतपाल सिंह ) ने कहा है कि झूठे आरोप लगाने के बजाय, पंजाब पुलिस उनका डोप टेस्ट करवा सकती है। उन्होंने कहा है कि अगर पंजाब पुलिस चाहे तो टेस्ट करवाने के लिए डिब्रूगढ़ आ सकती है। खारा ने आगे कहा कि अमृतपाल ने मांग की है कि एक बार जब वह डोप टेस्ट करवा लेते हैं, तो उन राजनीतिक नेताओं को भी टेस्ट करवाना चाहिए जो उन पर ड्रग्स लेने का आरोप लगा रहे हैं।
पुलिस चार्जशीट में क्या
पुलिस चार्जशीट के अनुसार, अमृतपाल के दो साथियों भगवंत सिंह उर्फ और वरिंदर सिंह फौजी ने पुलिस के सामने दिए अपने बयानों में दावा किया कि अमृतपाल पंजाब में ड्रग्स के आदी थे। असम की डिब्रूगढ़ जेल में भी उनका सेवन करते थे। अमृतपाल के वकीलों ने इन बयानों को खारिज कर दिया है। उन्होंने पुलिस पर अमृतपाल को बदनाम" करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। खारा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। अमृतसर की एक अदालत में पेशी के दौरान भगवंत सिंह 'प्रधान मंत्री बाजेके' ने कहा था कि उन्होंने अमृतपाल के ड्रग्स लेने के बारे में कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पीटा गया और हजारों कागजों पर साइन करवाए गए। 2023 के अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमले के मामले में उन्हें अदालत में लाया गया था। बाजेके ने मीडिया से कहा किहमें पीटा गया और हमसे हजारों कागजों पर साइन करवाए गए और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई.।
वकील ने की थी मुलाकात
खारा ने कहा कि उन्होंने 24 जुलाई को डिब्रूगढ़ जेल में अमृतपाल से मुलाकात की। यह मुलाकात एक रिट याचिका के सिलसिले में थी जिसे हम NSA को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर करेंगे। अमृतपाल को NSA के तहत डिब्रूगढ़ जेल में लगातार तीसरे साल हिरासत में रखा गया है। खारा ने कहा कि मुझे डिब्रूगढ़ जेल से लगभग 25 किलो के दो सूटकेस भरकर दस्तावेज लाने पड़े। इन दस्तावेजों से सुप्रीम कोर्ट में NSA को चुनौती देने के लिए आधार तैयार किया जाएगा।
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल की मां की धमाकेदार बहस, पुलिस अफसर को सुनाई खरी-खरी
1 Aug, 2025 08:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब के अमृतसर जिला अदालत परिसर में उस समय गहमागहमी का मौहाल बन गया जब पुलिस अधिकारी और खालिस्तानी समर्थक व सांसद अमृतपाल सिंह की मां के बीच तीखी बहस हुई। दोनों के बीच हुई बहस का एक वीडियो वायरल हो रहा है। घटना एक दिन पहले यानी वीरवार की है।
अमृतसर कचहरी परिसर में वीरवार की शाम खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की मां और एडीसीपी हरपाल सिंह के बीच काफी बहस हुई। एडीसीपी भरी सुरक्षा के बीच अजनाला थाने पर हुए हमले के 41 आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए लाए थे। इस बीच उक्त आरोपियों में से कइयों के परिजन उनसे मुलाकात करने पहुंचे हुए थे। हालांकि आरोपियों और उनके परिजनों की मुलाकात न्यायिक हिरासत या पुलिस हिरासत में नहीं हो सकती थी। कचहरी परिसर में खालिस्तान समर्थक व खडूर साहिब से सांसद डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह की माता बलविंदर कौर भी पहुंची थी। जैसे ही एडीसीपी हरपाल सिंह रास्ते से निकल रहे थे तो अमृतपाल सिंह की मां ने उन्हें रोक लिया।
हरपाल सिंह ने अमृतपाल सिंह के चाचा हरजीत सिंह से गैर कानूनी ढग से आरोपियों के साथ मुलाकात कराने से इनकार कर दिया। इसको लेकर अमृतपाल की मां बलविंदर कौर ने एडीसीपी हरपाल सिंह के साथ बहस भी की जिस पर एडीसीपी ने कहा कि तेरे बेटे ने सारे पंजाब नू अग्ग लगा दित्ती। इसके बाद दोनों तरफ से बहस शुरू हो गई। अमृतपाल की मां कहती है कि आपका मतलब नहीं है, मुझे इस तरह की बात करने का। महिला कहती है क्या कर दिया मेरे बेटे ने। एडीसीपी कहते हैं पटियाला जाकर मुलाकात करो। इसके बाद एडीसीपी बात खत्म करते हुए कहते हैं श्री गुरु रामदास जी सब देख रहे हैं। अमृपाल की माता बलविंदर कौर धमकी भरे अंदाज में कहती है कभी तुम्हारी आई है तो कभी हमारी बारी भी आएगी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर शुक्रवार को वायरल हो गया जिसके बाद लोगों में इस मुद्दे को लेकर काफी चर्चा रहती है।
बता दें कि अजनाला पुलिस थाने पर हमले के ढाई साल बाद इस केस को अमृतसर जिला अदालत शिफ्ट किया गया है। इसके बाद वीरवार को खालिस्तानी समर्थक व वारिस पंजाब दे के मुखिया अमृतपाल सिंह के सभी 9 साथियों सहित कुल 41 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। अब इन सभी आरोपियों के खिलाफ अजनाला कोर्ट के बजाए अमृतसर की जिला सेशन कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है।
थार की रफ्तार बनी काल, सरपंच के इकलौते बेटे समेत दो युवकों की मौत
1 Aug, 2025 08:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब के होशियारपुर में भयानक हादसा हुआ है। यहां थार दो युवकों के लिए मौत साबित हुई। वीरवार रात माहिलपुर-फगवाड़ा रोड पर गांव पालदी के पास एक थार हादसे का शिकार हो गई। थार में 17 और 18 साल के दो युवक सवार थे और दोनों की ही मौत हो गई। मृतकों में गांव ढाडा खुर्द के सरपंच के इकलौते बेटे समेत दो युवक शामिल हैं। हादसा इतना भयानक था कि थार के परखच्चे उड़ गए। इस घटना के बाद इलाके में मातम छाया हुआ है। मृतकों में गांव ढाडा खुर्द के सरपंच हरदीप सिंह का बेटा हर्षवीर सिंह मान और गांव मुक्खोमजारा निवासी हरसिमरन सिंह है। बताया जा रहा है कि 17-18 साल के ये दोनों युवक माहिलपुर के एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र थे। थाना माहिलपुर की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी सुखविंदर सिंह ने बताया कि हर्षवीर सिंह मान अपने दोस्त हरसिमरन सिंह के साथ थार गाड़ी (पीबी 08 एफसी 0079) पर सवार होकर माहिलपुर से अपने गांव ढाडा खुर्द जा रहा था। जब वे गांव पालदी के पास पहुंचे तो उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिससे दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। लोगों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हर्षवीर सिंह मान को सिविल अस्पताल होशियारपुर लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल हरसिमरन सिंह को सिविल अस्पताल माहिलपुर लाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे होशियारपुर के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। वहां से उसे लुधियाना के डीएससी अस्पताल रेफर कर दिया गया, वहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
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