पंजाब
पंजाब बाढ़ के पीड़ितों के लिए बड़ी खुशखबरी, सांसद अशोक मित्तल ने कहा – हर मृतक के परिवार को मिलेगी नौकरी
6 Sep, 2025 04:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब में आई बाढ़ ने कई परिवारों की ज़िंदगी छीन ली। किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने पिता, तो किसी ने घर का अकेला सहारा। लेकिन इस संकट की घड़ी में एक पहल ऐसी हुई है जिसने लोगों को सिर्फ राहत नहीं, बल्कि भविष्य की उम्मीद दी है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने एलान किया है कि बाढ़ में जान गंवाने वाले हर परिवार से एक सदस्य को LPU यूनिवर्सिटी में स्थायी नौकरी दी जाएगी। यह कोई औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए एक जीवन की नई शुरुआत का भरोसा है। आम आदमी पार्टी सांसद अशोक मित्तल ने साफ शब्दों में कहा कि ये 43 जानें सिर्फ आँकड़े नहीं हैं, ये इस त्रासदी के शहीद हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जो हमेशा देश के हर संकट में सबसे पहले आगे खड़ा होता है। आज जब खुद पंजाब संकट में है, तो हमें भी उसी एकजुटता से यहां के लोगों के साथ खड़ा होना चाहिए।
मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख रुपये का योगदान
उन्होंने सिर्फ आर्थिक सहायता की बात नहीं की, बल्कि मुख्यमंत्री राहत कोष में 20 लाख रुपये का योगदान देकर मित्तल ने सरकार के काम में भी सहयोग जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों की खुले दिल से सराहना की, खासतौर पर 196 राहत कैंपों की स्थापना और 20,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालने जैसे कदमों को। मित्तल ने यह साफ किया कि LPU की टीम हर परिवार से खुद संपर्क करेगी, लेकिन जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है, वो खुद सामने आएं ताकि मदद तुरंत मिल सके।
43 परिवारों को सहारा मिलेगा
यह कहानी सिर्फ एक नेता के एलान की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो संकट के समय स्थायी समाधान, स्थानीय रोजगार और सामाजिक ज़िम्मेदारी की बात करती है। जब देश के कई हिस्सों में लोग सिर्फ बयानबाज़ी में लगे हैं, पंजाब में एक सांसद अपने संसाधन और संस्थान को आम लोगों के लिए खोल रहे हैं। इस पहल से न सिर्फ 43 परिवारों को सहारा मिलेगा, बल्कि पूरे पंजाब को एक संदेश जाएगा कि आम आदमी पार्टी सिर्फ चुनावी वादे नहीं, ज़मीन से जुड़ी राहत और रोज़गार की सच्ची राजनीति करती है।
लुधियाना में सेना की तैनाती – बाढ़ग्रस्त इलाक़ों में लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर चल रहा राहत कार्य
5 Sep, 2025 03:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब में बाढ़ महाविनाश का कारण बन रही है। पानी की वजह से अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। 23 जिलों के 1902 से अधिक गांव पानी की चपेट में हैं, जिससे 3.84 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। गांवों में बाढ़ग्रस्त लोगों और प्रशासन के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रभावित गांवों में एक-एक गजटेड अफसर नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। प्रभावित लोग इन अधिकारियों के साथ अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे।
भाखड़ा डैम का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र एक फीट नीचे
हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही जोरदार बारिश व बादल फटने की घटनाओं के चलते भाखड़ा डैम के जल स्तर में तेजी से होती वृद्धि को देखते हुए बीबीएमबी मैनेजमेंट से चारों फ्लड गेट 9-9 फीट तक खोल दिए। मिली जानकारी के अनुसार एक लाख से भी अधिक पानी की आमद के साथ भाखड़ा डैम का जलस्तर 1679 फीट पर पहुंच गया था। इस दौरान ट्रबाइनों व फ्लड गेटों के माध्यम से कुल 85 हजार क्यूसेक पानी की निकासी कर सतलुज दरिया के किनारे बसे निचले ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत मचा दी हालांकि डीसी रूपनगर वर्जित वालिया और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सुबह ही लोगों से अपने अपने घर छोड़ सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाने को कह दिया था। भाखड़ा डैम से छोड़े गए 85 हजार क्यूसेक पानी में से नंगल डैम से निकलने वाली नंगल हाइडल व श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 9-9 हजार जबकि सतलुज दरिया में 67 हजार क्यूसेक पानी जा रहा है जिससे हर्षा बेला, पत्ती दुचली, पत्ती टेक सिंह,सैंसोंवाल,एलगरंा, बेला ध्यानी, बेला ध्यानी लोअर, बेला राम गढ़, शिव सिंह बेला, प्लासी, सिंघपुरा, जोहल, तर्फ मजारी, भलाण, कलित्रा, दड़ोली लोअर व दबखेड़ा में खतरा बढ़ गया है।
लुधियाना में कमजोर पड़ा बांध
पानी ने लुधियाना में भी असर दिखाना शुरू कर दिया। पहले शनिगांव डूबने के बाद अब सतलुज दरिया के किनारे बसे ससराली कॉलोनी इलाके में बांध कमजोर हो गया है। बांध कमजोर होने का पता चलते ही कैबीनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी सरकार को दी और सेना को बुलाना पड़ा। शुक्रवार की सुबह से पानी आने से पूरे गांव और आसपास के एरिया को खाली करवा दिया गया है। बांध कमजोर होने की सूचना मिलते ही सेना ने ससराली काॅलोनी इलाके में मोर्चा संभाल लिया है। उनके साथ एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। जो बांध को पक्का करने का काम जारी कर दिया है। इसके साथ साथ प्रशासन किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी कर ली है और लोगों को किसी ऊंचे स्थान पर जाने को कह दिया है ताकि कोई अनहोनी न हो। इसी तरह धुस्सी बांध का भी डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने दौरा किया। फिलहाल लुधियाना में अभी किसी बड़े इलाके में पानी नहीं आया है लेकिन दरिया के आस-पास के गांवों में रहने वाले लोगों को प्रशासन ने अलर्ट किया हुआ है।
युद्धस्तर पर जारी बचाव-राहत कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। हालांकि तबीयत खराब होने की वजह से वो अरविंद केजरीवाल के साथ बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने नहीं जा पाए। उनकी जगह आप के प्रदेश अध्यक्ष व मंत्री अमन अरोड़ा ने केजरीवाल को पंजाब में बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया। विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल व मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि 2 हजार करोड़ के राहत पैकेज संबंधी पंजाब के मांगपत्र पर केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने सकारात्मक विचार का समर्थन दिया है। सरकार ने केंद्र से बकाया 60 हजार करोड़ रुपये भी जारी करने की मांग की है।
पठानकोट में दरके पहाड़, रास्ते हुए बंद
पठानकोट में पहाड़ों का दरकना लगातार जारी है। शाहपुरकंडी डैम साइड जुगियाल-धारकलां रोड पर बारिश की वजह से एक केरू पहाड़ का मलबा गिरने से यातायात ठप हो गया है। वहीं, चक्की खड्ड के पास भी एक पहाड़ दरक खड्ड में गिरा है। चक्की खड्ड में कटाव की वजह से पहाड़ गिरने लगे है। दूसरा डैम साइड रोड पर पहाड़ का भारी मलबा गिरने से रोड बंद होने से लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
पानी में उतरे केंद्रीय कृषि मंत्री
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि पंजाब के पांच जिलों में बाढ़ के कारण हुई क्षति को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है। इसी लिए प्रधानमंत्री नरेेन्द्र मोदी ने क्षति का जायजा लेने के लिए उन को पंजाब भेजा है। वीरवार को अमृतसर पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरान किया। उन्होंने रावी दरिया से अजनाला के गांव घोनेवाला में हुई क्षति का जायजा लिया। वे बाढ़ पीड़ित लोगों से भी मिले। इस दौरान कृषि मंत्री ने पानी में उतरकर स्थिति का जायजा लिया।
चार लाख एकड़ रकबा डूबा, केंद्र से तत्काल आर्थिक राहत की मांग
देश का अन्न भंडार पंजाब बाढ़ के कारण कठिन दौर से गुजर रहा है। इसके लिए राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से तत्काल वित्तीय राहत और बड़ा विशेष वित्तीय पैकेज देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ की मार झेल रहे चार लाख एकड़ कृषि भूमि के लिए किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे में वृद्धि की भी मांग की। खुड्डियां ने केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ अमृतसर, गुरदासपुर और कपूरथला जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और इस प्राकृतिक आपदा के कृषि क्षेत्र पर पड़े गंभीर असर को उजागर किया।
पंजाब की बाढ़ से प्रधानमंत्री चिंतित
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चाैहान ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दाैरा करने के बाद कहा कि पंजाब में बाढ़ की जो परिस्थितियां हैं, उससे प्रधानमंत्री अत्यंत चिंतित हैं। उन्हीं के निर्देश पर मैं हालात समझने पंजाब गया था। पंजाब में जलप्रलय की स्थिति है। फसलें तबाह और बर्बाद हो गई हैं। संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ खड़ी है। अब बाढ़ग्रस्त इलाकों के पुनर्निमाण के लिए हमें योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। पंजाब को इस संकट से बाहर निकालने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनानी होंगी।
मैं प्रधानमंत्री को पंजाब के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौंपूंगा। संकट बड़ा है, लेकिन इस संकट से निकलने के लिए केंद्र सरकार कोई भी कसर नहीं छोड़ेगी। साथ ही राज्य सरकार को भी पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर काम करना होगा। जब पानी उतरेगा तो बीमारी फैलने का खतरा सामने होगा। मरे हुए पशुओं का सुरक्षित तरीके से निस्तारण करना होगा, जिससे बीमारी न फैले। खेतों में सिल्ट जमा हो गई है, उसे हटाने की योजना बनानी होगी, ताकि अगली फसल पर संकट न रहे। अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे और प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री, तब फसलों को बाढ़ से बचाने के लिए सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों के किनारों पर बांध मजबूत और ऊंचे किए गए। अवैध खनन के कारण वे कमजोर हो गए और गांवों में पानी आ गया। अब जरूरी है कि उन संरचनाओं को मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से पंजाब को बचाया जा सके। चाैहान ने लिखा कि संकट की इस घड़ी में मैंने पंजाब में पीड़ितों की सेवा करने की मिसाल देखी। अपने-अपने गांव से ट्रैक्टर्स में भोजन, कपड़े, दवाईयां लेकर हजारों समाजसेवी निकल पड़े और गांव-गांव में सेवा कर रहे हैं। मैं पंजाब के इस सेवा भाव को प्रणाम करता हूं। पीड़ित मानवता की सेवा ही भगवान की पूजा है। इस आपदा की घड़ी में न सिर्फ पंजाब, बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं। एकता और सेवा का यही भाव हमें बड़े से बड़े संकट से भी बाहर निकलने की शक्ति देता है। हम इस संकट से भी पंजाब की जनता को पार ले जाएंगे।
बाढ़ ने बनाया घरों को जेल – सुल्तानपुर लोधी के लोग दरवाज़े पर पानी और बाहर रास्ता बंद होने से परेशान
5 Sep, 2025 03:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुल्तानपुर लोधी\कपूरथला। ‘पिछले 20-22 दिनां तों एद्दां दे हालात बने होए ने कि घर तों बार पैर नी रख सकदे। 11 अगस्त नूं पिंड विच पानी आना शुरू होया सी। 50 किले विच लगाई फसल डुब गई। की करिए... 88 तों बाद हर दो-तिन साल बाद एद्दां ही चली जांदा जी। हले तां लोकी मदद कर रहे। हड़ दा पानी निकल जाण तों बाद असली परेशानी होवेगी।’
यह बात चारों तरफ से सात से आठ फीट पानी में डूबे गांव सांगर की 75 वर्षीय दलवीर कौर ने कही। वह इस बात को लेकर चिंतित हैं कि बाढ़ का पानी निकलने के बाद जो परेशानी होगी इसका सामना कैसे करेंगे। परिवार का हाल जानने और मदद के लिए किश्ती से उनके घर पहुंचे लोगों से वे आंखों में उम्मीद और चेहरे पर हल्की सी मुस्कान लिए मिलती हैं। परिवार के बाकी लोग और बच्चे भी आंगन में इकट्ठा हो जाते हैं। मुसीबत से घिरे होने के बावजूद मेहमानों को दलवीर कौर बिना चाय के नहीं भेजना चाहती।
बात करते हुए आंखें थोड़ी नम और आवाज भारी हो जाती है। कहती हैं, ‘वर्ष 1988 के बाद कुछ साल बाढ़ नहीं आई, लेकिन उसके बाद तो हर दो-तीन साल बाद पानी आ जाता है। इतना पानी तो कई साल के बाद आया, जो आंगन की दहलीज तक पहुंच गया। तीनों भाइयों के घर एक साथ हैं। घर में बच्चे, बहुएं, बुजुर्ग और करीब 20 पशुधन हैं। दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है, लेकिन रात नहीं कटती। रात को उठ-उठ कर पानी का स्तर देखना पड़ता है। अगर अचानक पानी बढ़ गया तो क्या करेंगे। घर में तीन ट्रैक्टर हैं, लेकिन वे इतने पानी में किसी काम नहीं आ सकते।रात को लाइट की व्यवस्था के लिए घर में जनरेटर भी है। बच्चों की आनलाइन कक्षाएं लगती हैं, उनके मोबाइल आदि चार्ज हो जाते हैं। हालांकि गांव के बाकी घरों में इतनी व्यवस्था नहीं है। वे कहती हैं कि असली परीक्षा तो बाढ़ का पानी निकल जाने के बाद शुरू होगी, जब चारों ओर गाद भरी होगी।
फसल तो बर्बाद हो ही चुकी है। अगली फसल के लिए खेत नए सिरे से तैयार करने पड़ेंगे। गाद के कारण रास्तों का पता नहीं चलेगा। इसमें चलना भी मुश्किल होगा। पानी में मरे जानवरों और बदबू की समस्या परेशान करेगी। पशुओं के लिए कुछ महीने चारा नहीं मिल पाएगा। उस समय यह सब खुद करना होगा। गांव खीजरपुर, लख बरेया, बऊपुर, सांगर सहित करीब दस किलीमीटर में आने वाले 15 गांवों में ऐसी ही स्थिति है। किमी क्षेत्र में बाढ़ के पानी के कारण 15 गांवों के लोग घर से बाहर नहीं जा पा रहे घर के बाहर पानी भरा है, छत भी टपकने लगी गांव बऊपुर की लखबीर कौर बेटी वीरपाल कौर व पति के साथ बाढ़ आने के बाद से घर पर ही हैं। तीन दिन पहले पानी बढ़ा तो साथ के घर में रहने वाले देवर बलविंदर सिंह पत्नी अमनदीप को लेकर चले गए। पानी कमरों में पहुंच गया। लखबीर कौर कहती हैं कि वह घर छोड़कर कहां जा सकते हैं। पशुओं का क्या होगा। अभी सूखे चारे से गुजारा चल रहा है। वर्षा इतनी हो रही है कि छत भी टपकने लगी है। फसल डूब गई है। बाद में क्या होगा सबसे बड़ी चिंता यही है। बेटी 12वीं कक्षा में टिब्बा स्कूल में पढ़ती है। एक महीने से स्कूल नहीं जा पाई। बिजली नहीं है। रात अंधेरे में डर के साए में गुजरती है। अभी पता नहीं कितने दिन ये और चलेगा।
पानी निकलने पर मदद को आएं लोग गांव लख बरेया से बऊपुर की ओर जाने पर बीच में पुल है। पुल का आगे का हिस्सा डूब गया है। आगे सिर्फ पानी ही पानी दिखता है। धुस्सी बांध से लेकर पुल के दूसरे छोर तक राहत सामग्री लेकर गाड़ियां खड़ी हैं। किसी ने लंगर लगाया है तो कोई पानी की बोतलें लेकर पहुंचा है। कुछ संस्थाओं ने डाक्टरों की टीम और एंबुलेंस भेज रखी हैं। लोग बड़ी संख्या में राहत सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं। संस्थाएं सामान लेकर पहुंच रहे लोगों से कह रही हैं कि उनके पास अभी खाने-पीने की बहुत सामग्री है। मदद की जरूरत तब पड़ेगी जब पानी यहां से निकल जाएगा। तब हालात बहुत खराब होंगे। उस समय मदद लेकर आएं। किश्ती की आवाज सुन बाहर निकलते हैं लोग सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र के बाढ़ में डूबे करीब 15 गांवों के लोगों के लिए किश्ती ही सबसे बड़ा सहारा है। जब भी कोई किश्ती घर के आसपास से गुजरती है तो लोग कमरों से बाहर निकलकर आंगन या छत पर पहुंच जाते हैं। आंखें उम्मीद से किश्ती की तरफ देखती हैं कि शायद कोई मदद के लिए आया है। पानी के घिरे होने पर भी लोगों में इतना जज्बा है कि कुछ लोग छत पर चढ़कर या आंगन में खड़े होकर हाथ हिलाकर यह भी बताते हैं कि सब ठीक है।
रिश्वतखोरी का छोटा सौदा, बड़ा अंजाम – 5 हज़ार रुपये लेते ही CBI ने दबोचा चंडीगढ़ का जूनियर इंजीनियर
5 Sep, 2025 02:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पांच हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के जेई भुवन चंद के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में मुकदमा चलेगा। वीरवार को इस मामले की अदालत में सुनवाई थी। अदालत ने भुवन चंद के खिलाफ प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट के तहत आरोप तय कर दिए हैं। अब उसके खिलाफ तीन दिसंबर से केस की कार्रवाई शुरू होगी।
पांच नवंबर 2024 को सीबीआई ने भुवन चंद को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई रामदरबार के रहने वाले विकास कुमार की शिकायत पर की गई थी। विकास ने बताया था कि उन्होंने वाट्सएप के जरिये अपने पड़ाेसी के मकान में अवैध निर्माण की शिकायत दी थी। पड़ोसी पर कार्रवाई करने के बजाय जेई उन्हीं के पास आ गया और विकास से कहने लगा कि आपके खिलाफ शिकायत आई है। आपके मकान में अवैध निर्माण हुआ है।
जेई ने कहा कि अगर उसे अपना मकान बचाना है तो अपनी शिकायत वापस लेनी होगी और उसे पांच हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। ऐसे में विकास ने उसके खिलाफ सीबीआइ को शिकायत दे दी। सीबीआइ ने शिकायत के आधार पर आरोपित को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया और उउसे गिरफ्तार कर लिया।
तेज़ बारिश और उफनती नदियों से जूझ रहे पंजाब में केजरीवाल ने लिया प्रशासनिक तैयारियों का अपडेट, पीड़ितों को दी हरसंभव मदद का भरोसा
5 Sep, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। पिछले कई दिनों से सीएम भगवंत मान बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे थे। इस बीच गुरुवार को उन्हें वायरल बुखार हो गया, जिसकी वजह से वो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा नहीं कर सके। ऐसे में आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कमान संभाली। केजरीवाल ने सुल्तानपुर लोधी का दौरा कर हालात का जायजा लिया और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। केजरीवार के साथ आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा भी मौजूद रहे।
क्या बोले अरविंद केजरीवाल
सुल्तानपुर लोधी में बाढ़ प्रभावितों से मिलने के बाद केजरीवाल ने कहा कि यह संकट बहुत बड़ा है, लेकिन उससे भी बड़ी है पंजाबियों की हिम्मत और एक-दूसरे की मदद करने की भावना। यही जज्बा हमें इस आपदा से जल्द बाहर निकालेगा। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। केजरीवाल का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि मान सरकार ने बाढ़ संकट को संभालने में देरी की और लोगों की पीड़ा को समय रहते दूर नहीं किया।
शिवराज सिंह चौहान ने भी किया दौरा
बता दें कि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी गुरुवार को अमृतसर और गुरदासपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अमृतसर के घोनवाल गांव में चौहान खुद पानी से भरे खेतों में उतरे और फसलों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वहां किसानों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी आपदा है। मेरे पैरों के नीचे मिट्टी नहीं बल्कि गाद महसूस हो रही है। फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और अगली फसल भी खतरे में है। लेकिन पंजाब अकेला नहीं है, पूरा देश और केंद्र सरकार किसानों के साथ खड़े हैं। हरसंभव मदद दी जाएगी।
तेज़ बारिश और बांधों से छोड़े पानी ने बनाया रावी को खतरनाक, बाढ़ का पानी गांवों व खेतों के साथ बॉर्डर तक पहुंचा
5 Sep, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में रावी नदी के उफान ने जमकर तबाही मचाई है। रावी की तेज धारा ने भारत-पाक सीमा पर लगी लगभग 30 किलोमीटर लोहे की फेंसिंग बहा दी और कई जगह बांध भी तोड़ दिए। इसके चलते सीमा सुरक्षा बल को दर्जनों चौकियां खाली करनी पड़ीं। अधिकारियों के अनुसार, गुरदासपुर, अमृतसर और पठानकोट जिलों में अब तक 50 से अधिक सुरक्षात्मक बांधों में दरारें आ चुकी हैं। बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के डीआईजी ए.के. विद्यार्थी ने स्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि गुरदासपुर में हमारी लगभग 30 से 40 चौकियां पानी में डूब गईं। सभी जवानों और उपकरणों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अमृतसर, गुरदासपुर और फिरोज़पुर सेक्टर में लगभग 30 किलोमीटर बॉर्डर फेंसिंग को नुकसान हुआ है।
पाकिस्तान रेंजर्स ने भी अपनी चौकियां खाली की
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में अमृतसर के शहज़ादा गांव का एक परिवार बीएसएफ की कमलपुर चौकी में शरण लेता दिखा, जिसे जवानों ने पानी बढ़ने के कारण खाली किया था। इतना ही नहीं, करतारपुर कॉरिडोर के पास स्थित प्रतिष्ठित बीएसएफ पोस्ट भी पानी में डूब गया, जिसके बाद जवानों ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा डेरा बाबा नानक साहिब में शरण ली। एक अधिकारी ने बताया कि रावी नदी ने ज़ीरो लाइन के दोनों ओर बाढ़ ला दी है। यहां तक कि पाकिस्तान रेंजर्स ने भी अपनी चौकियां खाली कर दी हैं।
गुरदासपुर में 28 जगह बांध टूटे
गुरदासपुर सिंचाई विभाग ने पुष्टि की है कि जिले में 28 जगह बांध टूट चुके हैं। अमृतसर में 10–12 दरारें आई हैं, जबकि पठानकोट में एक दो किलोमीटर लंबा बांध पूरी तरह बह गया है। कुछ जगहों पर पानी से बने गैप 500 से 1000 फीट तक चौड़े हैं, जिनमें करतारपुर साहिब के पास का इलाका भी शामिल है। बाढ़ के बावजूद बीएसएफ गश्त जारी है। प्रवक्ता ने बताया कि इस अफरातफरी का फायदा उठाने की कोशिश में एक तस्कर को पकड़ा गया। वहीं, बीएसएफ के जवान राहत कार्यों में भी जुटे हैं। फिरोज़पुर में 1,500 लोगों और अबोहर में एक हजार से ज्यादा ग्रामीणों और उनके मवेशियों को सुरक्षित निकाला गया। मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर रोज़ाना चलाए जा रहे हैं ताकि बीमारियों का खतरा कम किया जा सके।
बांधों से देर से पानी छोड़े जाने और ड्रेनेज सिस्टम की खराबी ने बढ़ाई मुश्किलें, गांव-गांव में राहत कैंप बने
5 Sep, 2025 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब में इन दिनों भीषण बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो ने गंभीर हालात के बीच लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया है। इस वीडियो में एक शख्स पत्रकार से इंग्लिश में बातचीत करता हुआ दिखाई दे रहा है। वो बाढ़ के बारे में अपने विचार साझा कर रहा है। उसकी टूटी-फूटी अंग्रेजी में कही गई बात समझ से परे है। इसके बावजूद इस वीडियो में उसका आत्मविश्वास देखने लायक है।
वायरल वीडियो में क्या
वायरल वीडियो में अंग्रेजी में जवाब देते हुए शख्स हिमालय, चीन और यहां तक कि विश्व युद्ध का जिक्र करता है। उसके वाक्यों में टूटी-फूटी अंग्रेज़ी और अटपटी संरचना है, जिससे उसके बयान का अर्थ निकालना लगभग असंभव हो जाता है। वह अंग्रेजी में कहता है, 'Flood is the Himalaya province of very rainfall' और 'You have been underestimated the intercourse'... हालांकि वो क्या कहना चाहता है ये तो किसी को समझ नहीं आता लेकिन लोग उसके आत्मविश्वास की सराहना भी कर रहे है और हंस भी रहे हैं।
लोगों ने दिए मजेदार रिएक्शन
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक यूजर ने मजाक करते हुए लिखा कि जियोपॉलिटिक्स और वेदर एक्टिविज्म इस शख्स से बेहतर कोई नहीं कर सकता। सलाम है! वहीं एक अन्य ने लिखा कि पत्रकार की धैर्य की भी दाद देनी पड़ेगी। कुछ ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अंग्रेजों को इस व्यक्ति की इंग्लिश सुनकर उसे अपने म्यूजियम में रखना चाहिए। वहीं, एक यूजर ने लिखा कि किसी को इतना कॉन्फिडेंस दे दो, भले ही इंग्लिश समझ न आए। कुछ लोगों ने कहा कि भले ही शख्स का भाषण समझ से परे है, लेकिन उसके भीतर वास्तविक चिंता साफ झलकती है।
पंजाब के कई जिलों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, प्रशासन ने कहा- और तेज़ किया जाएगा बचाव अभियान
30 Aug, 2025 06:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब। पंजाब के बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस और सेना का ऑपरेशन जारी है। पिछले 24 घंटे में कुल 4711 लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें फिरोजपुर के 812, गुरदासपुर के 2571, मोगा के 4, तरनतारन के 60, बरनाला के 25 और फाजिल्का के 1239 निवासी शामिल हैं।
सूबे में अब तक कुल 1018 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और साथ ही 61273 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार 9 बाढ़ प्रभावित जिलों से अब तक 11,330 लोगों को बाढ़ के पानी से बचाया गया है। इनमें फिरोजपुर के सबसे अधिक 2819 लोग शामिल हैं, क्योंकि काफी संख्या में गांव बाढ़ से प्रभावित है। इसी तरह होशियारपुर के अब तक 1052, कपूरथला के 240, गुरदासपुर के 4771, मोगा के 24, पठानकोट के 1100, तरनतारन के 60, बरनाला के 25 और फाजिल्का के 1239 लोग शामिल हैं।सभी जिलों में कुल 87 राहत शिविरों में से इस समय 77 पूरी तरह संचालित हैं। इनमें कुल 4729 लोग रह रहे हैं।
कपूरथला में बनाए गए 4 राहत शिविरों में 110 लोग, फिरोजपुर के 8 शिविरों में 3450 और होशियारपुर के 20 शिविरों में 478 लोग ठहरे हुए हैं। गुरदासपुर के 22 राहत शिविरों में से 12 चालू हैं, जहां 255 लोग रह रहे हैं। पठानकोट के 14 शिविरों में 411 और बरनाला के 1 शिविर में 25 बाढ़ प्रभावित लोग रह रहे हैं। फाजिल्का में 11, मोगा में 5 और अमृतसर में 2 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
इन जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस और सेना सक्रिय ने मोर्चा संभाल रखा है।
गुरदासपुर में एनडीआरएफ की 7 टीमें, फाजिल्का व फिरोजपुर में 1-1 टीम और पठानकोट में 2 टीमें काम कर रही हैं। इसी तरह कपूरथला में एसडीआरएफ की 2 टीमें सक्रिय हैं। कपूरथला, गुरदासपुर, फिरोजपुर और पठानकोट में सेना, बीएसएफ और एयरफोर्स ने भी मोर्चा संभाला हुआ है।
पठानकोट में सबसे अधिक 81 गांव प्रभावित
पठानकोट में सबसे अधिक 81 गांव बाढ़ से प्रभावित है। इसके अलावा फाजिल्का के 52, तरनतारन के 45, श्री मुक्तसर साहिब के 64, संगरूर के 22, फिरोजपुर के 101, कपूरथला के 107, गुरदासपुर के 323, होशियारपुर के 85 और मोगा के 35 गांव शामिल हैं।
फसलों का भी हुआ भारी नुकसान
बाढ़ के कारण पंजाब को भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा है। फसलों की बर्बादी के साथ ही पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। फाजिल्का जिले में 16,632 हेक्टेयर भूमि बाढ़ की चपेट में आई है। इसके अलावा फिरोजपुर में 10,806 हेक्टेयर, कपूरथला में 11,620, पठानकोट में 7,000, तरन तारन में 9928 और होशियारपुर में 5287 हेक्टेयर में फसलों को नुकसान पहुंचा है।
पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में दफनाए जाने वाले महान कोष पर विवाद गहराया, अकाल तख्त साहिब ने सख्ती दिखाते हुए बनाई जांच कमेटी
29 Aug, 2025 06:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटियाला (पंजाब)। पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी में महान कोष की प्रतियों को मिट्टी में दबाकर नष्ट करने पर विरोध शुरू हो गया है। वीरवार को यूनिवर्सिटी में पांच-पांच फुट के गड्ढे खोद कर इनमें महान कोष की प्रतियां फेंकी देखकर विद्यार्थी गुस्से में आ गए और उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस मामले में श्री अकाल तख्त की ओर से जांच कमेटी गठित कर दी गई है। मौके पर मौजूद विद्यार्थी नेताओं यादविंदर सिंह यादू व अन्य ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से महान कोष को मिट्टी में दबाने की तैयारी की जा रही है। यह सीधे तौर पर बेअदबी है। मामला गंभीर होता देखकर यूनिवर्सिटी अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों को समझा-बुझाकर माहौल शांत करने का प्रयास किया। लेकिन विद्यार्थी अड़े हुए हैं। गौरतलब है कि पंजाबी यूनिवर्सिटी की ओर से महान कोष के बारे में हाल ही में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के साथ बैठक हुई थी। महान कोष में त्रुटियां होने पर यूनिवर्सिटी ने इसे 15 दिनों के अंदर नष्ट करने का भरोसा दिलाया था।
बताने योग्य है कि सिख विद्वान भाई काहन सिंह नाभा ने 1930 में पंजाबी के करीब 80 हजार शब्दों के अर्थों वाला एक महान कोष तैयार किया था। जिसकी कुछ साल पहले ही पंजाबी यूनिवर्सिटी ने दोबारा छपाई कराई थी। लेकिन छपाई के दौरान काफी गलतियां हो गई थीं। जिसके बाद पंजाबी विद्वानों की ओर से महान कोष की इन प्रतियों को नष्ट करने का मुद्दा उठाया जा रहा था। विद्यार्थी नेताओं ने बताया कि इस महान कोष में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बाणी भी दर्ज है। इसलिए महान कोष की प्रतियों को नष्ट करने का यह तरीका सही नहीं है। इसलिए इसका डटकर विरोध किया जाएगा।
जम्मू में बाढ़ से बिगड़े हालात, यात्रियों की मदद को रेलवे आगे आया, स्पेशल ट्रेनें और खाने-पीने का इंतजाम कर दी बड़ी राहत
29 Aug, 2025 06:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फिरोजपुर (पंजाब)। भारी बारिश की वजह से जम्मू और पंजाब में बाढ़ के हालात हैं। खास तौर पर बाढ़ प्रभावित जम्मू क्षेत्र में फंसे यात्रियों के लिए फिरोजपुर रेलवे मंडल ने खास पहल करते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। जम्मू क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ के चलते रेल यातायात प्रभावित है, इसलिए विभिन्न स्टेशनों पर फंसे रेलयात्रियों की सुविधा और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने दो स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं। अधिकारियों के मुताबिक रेलयात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए 28 अगस्त को जम्मूतवी से दो विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। इनमें पहली विशेष ट्रेन द्वारा जम्मूतवी से लगभग 1400 रेलयात्रियों को लेकर वाराणसी और दूसरी विशेष ट्रेन द्वारा जम्मूतवी से लगभग 1200 रेलयात्रियों को लेकर नई दिल्ली रवाना हुई।
फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि रेल प्रशासन हमेशा अपने सम्मानित रेलयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि मानता है और आपदा की स्थिति में भी उनको हरसंभव सहयोग प्रदान करता रहेगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनों क संचालन किया जाएगा। इन विशेष ट्रेनों में यात्रा के दौरान फिरोजपुर मंडल के जालंधर कैंट और लुधियाना रेलवे स्टेशनों पर वाणिज्य निरीक्षक, उप स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य), टिकट चेकिंग स्टाफ तथा कैटरिंग स्टाफ के सहयोग से खानपान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई, ताकि रेलयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि विशेष व्यवस्था के अंतर्गत रेलयात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
पंजाब में युवक की संदिग्ध मौत: गुरुद्वारा दर्शन को जा रहे युवक को दोस्तों ने रास्ते से ले लिया संग, लौटकर आई केवल दर्दनाक खबर
29 Aug, 2025 06:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगरांव (पंजाब)। पंजाब के फिरोजपुर के गांव मुदकी का यादविंदर सिंह गुरुद्वारा नानकसर में माथा टेकने जा रहा था। रास्ते में उसका दोस्त सुखप्रीत उसे अपनी बाइक पर बिठाकर ले गया। आरोपियों ने जगरांव के गांव चक्कर में एक सुनसान जगह पर युवक को जहरीला पदार्थ खिला दिया। घटना वीरवार रात की है। युवक की हालत बिगड़ने पर आरोपी उसे गांव के एक डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने गांव के सरपंच को फोन कर मामले की जानकारी दी और मरीज को रेफर कर दिया। रात करीब 1:30 बजे अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो गई। थाना हठूर पुलिस ने मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में गांव डगरू का सुखप्रीत सिंह, गांव चक्कर का गुरसिमरन सिंह और बबन सिंह शामिल हैं। एक आरोपी अभी अज्ञात है।
मृतक के पिता सतनाम सिंह ने बताया कि उनका बेटा ट्रैक्टर-ट्रॉली में अन्य ग्रामीणों के साथ गुरुद्वारा जा रहा था। मोगा के गांव अजीतवाल के पास सुखप्रीत मिला और उसे अपनी बाइक पर ले गया। रात 11:30 बजे सरपंच सोहन सिंह का फोन आया कि उनके बेटे को बेहोशी की हालत में गांव के एक डॉक्टर के पास लाया गया है। परिवार ने उसे निजी अस्पताल मुदकी ले जाने को कहा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना हठूर के इंचार्ज कुलजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वही फरार चल रहे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आरोपी सुखप्रीत को गिरफ्तार कर लिया है। उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
CM भगवंत मान के निर्देश पर आप मंत्री-विधायक मैदान में, बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने में जुटे
29 Aug, 2025 06:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूरी कैबिनेट और आम आदमी पार्टी (आप) के सभी विधायकों के साथ मिलकर प्रदेश में बाढ़ राहत कार्यों के लिए अपना एक महीने का वेतन देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति के कहर के कारण पंजाब को काफी नुकसान हुआ है और यह ऐसा समय है, जब सभी पंजाबियों को एक-दूसरे का हाथ थामने के लिए आगे आना चाहिए। सीएम मान ने कहा कि वे अपने मंत्रियों और आप के विधायकों के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए एक महीने के वेतन का योगदान दे रहे हैं। राज्य सरकार और प्रशासन इस संकट की घड़ी में लोगों को बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके अलावा पंजाब में बाढ़ की मुश्किल घड़ी में राहत कार्य जारी कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध के आह्वान पर खन्ना के कैटल फीड से जुड़े उद्योगपतियों ने राहत सामग्री में योगदान दिया है। फाजिल्का के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए राहत सामग्री रवाना पहुंचाने के लिए मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध खुद पहुंचे।
नुकसान की पूरी भरपाई करेगी सरकार : मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जा चुके हैं। भारी बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा कि वे स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और विभिन्न जिलों के प्रशासन से पानी के स्तर और राहत कार्यों के बारे में पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में लोगों की मदद करना अपना कर्तव्य समझती है और इस नेक कार्य के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों के दूर-दराज के इलाकों में प्रत्येक व्यक्ति तक मदद पहुंचाई जा रही है।
डीसी-एसएसपी को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
विशेष रूप से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। मान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। सभी कैबिनेट मंत्री, विधायक और अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में इस मुश्किल घड़ी में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए पहुंच रहे हैं। पानी के बढ़ते स्तर से लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था की गई है। इन जिलों के डिप्टी कमिश्नरों और एसएसपी को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को मदद मिल सके।
सीएम मान ने बाढ़ प्रबंधन के लिए बनाई फ्लड मैनेजमेंट कमेटी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ प्रबंधन के लिए फ्लड मैनेजमेंट कमेटी बना दी है, ताकि लोगों को रेस्क्यू करने के साथ ही जरूरी मदद पहुंचाने के लिए तुरंत कार्रवाई की जा सके। कमेटी में कैबिनेट मंत्री बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुड्डियां और बरिंदर कुमार गोयल पूरे पंजाब में बाढ़ के हालात पर नजर रखेंगे। इसी तरह कपूरथला के लिए मंत्री मोहिंदर भगत और हरदीप सिंह मुंडिया को दी जिम्मेदारी दी गई है। तरनतारन के लिए लालजीत सिंह भुल्लर और हरभजन सिंह ईटीओ हालात पर नजर रखेंगे। वहीं फाजिल्का के लिए डॉ. बलजीत कौर और तरुणप्रीत सिंह सौंध को प्रभारी लगाया गया है। सरकार ने इससे पहले जालंधर में फ्लड कंट्रोल रूम भी बनाया था, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से आने वाली शिकायतों की निगरानी की जा सके। पंजाब सरकार बचाव क्षमताओं को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी तालमेल कर रही है। प्रभावित आबादी को चिकित्सकीय सहायता, भोजन और आश्रय प्रदान करने के प्रयासों को प्राथमिकता दी जा रही है।
महिलाओं को दी जा रही भोजन, सेनेटरी पैड्स समेत चिकित्सा सुविधाएं : डॉ. अमनदीप कौर
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष और विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं को भोजन, सेनेटरी पैड्स समेत चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। विधायक अमनदीप ने कहा कि पार्टी की महिला विंग स्वास्थ्य और महिला कल्याण विभाग के सहयोग से बाढ़ प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर लगा रही है। राहत शिविरों में प्रसव भी सफलतापूर्वक संपन्न हुए, जिससे महिलाओं और शिशुओं को उचित चिकित्सा सुविधा संभव हो सकी। बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए हेल्पलाइन नंबर 0181-2240064 भी जारी किया है। यह उन लोगों के लिए है जिन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है।
वाघा बॉर्डर का वायरल वीडियो: पाकिस्तान के परेड ग्राउंड में घुटनों तक भरा पानी, पड़ोसी मुल्क ने ठहराया भारत को जिम्मेदार
29 Aug, 2025 05:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर: वाघा बॉर्डर पर हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने पाकिस्तान को शर्मिंदा कर दिया है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पाकिस्तान की ओर परेड ग्राउंड बारिश के पानी से पूरी तरह जलमग्न है और पाक रेंजर्स घुटनों तक पानी में खड़े हैं। वहीं भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) का क्षेत्र साफ-सुथरा और लगभग पानी रहित दिख रहा है। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय पक्ष पर ग्रैंड ट्रंक रोड (GT रोड) की ऊंचाई बढ़ा दी गई है, जिसकी वजह से पानी पाकिस्तान की ओर जमा हो रहा है।
सच्चाई तो कुछ और है
हकीकत यह है कि भारत ने पहले ही वाघा-अटारी बॉर्डर पर वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) और जल निकासी प्रणाली को बेहतर कर लिया है। इस कारण भारतीय क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति नहीं बनती। वहीं पाकिस्तान लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बाढ़ से जूझ रहा है। परेड स्थल पर पाकिस्तानी क्षेत्र की हालत इतनी खराब हो गई कि वहां जगह-जगह कीचड़ और घुटनों तक पानी जमा हो गया। हालात से निपटने के लिए पाक रेंजर्स ने रेत की बोरियां लगाकर पानी रोकने की कोशिश की।
पाकिस्तानियों की खुल गई पोल
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारियों से GT रोड की ऊंचाई को लेकर शिकायत भी की है। जल्दबाजी में पाकिस्तानी पक्ष ने जल निकासी के लिए कुछ नाले बनाए और सड़क का एक हिस्सा ऊंचा कर पानी बहाने की कोशिश की। लेकिन लगातार भारी बारिश ने पाकिस्तान की सभी तैयारियों की पोल खोल दी।
पाकिस्तान के आरोप पर भारत का जवाब
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के आईजी अतुल फुलज़ेले ने कहा कि 8-9 अगस्त को पंजाब क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। संभव है कि वायरल वीडियो उसी दौरान का हो। उन्होंने साफ किया कि वाघा-अटारी, हुसैनीवाला और सादकी—तीनों स्थानों पर होने वाले झंडा उतारने के समारोह स्थल पर किसी भी तरह की जलभराव की स्थिति नहीं हुई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब फ्रंटियर के कई बॉर्डर आउटपोस्ट (BoPs) भारी बारिश के चलते जलमग्न हो गए थे। कुछ चौकियों को खाली भी कराना पड़ा। विशेषकर वे चौकियां, जो रावी नदी के पार भारत की ओर की एनक्लेव्स में स्थित हैं और अंतरराष्ट्रीय सीमा से पहले आती हैं, वहां बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
बाढ़ से जूझ रहा पाकिस्तान
पाकिस्तान के कई हिस्से इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। वाघा बॉर्डर पर वायरल हुआ यह दृश्य केवल उस बड़ी त्रासदी की एक झलक है। लगातार हो रही बरसात ने पाकिस्तान के बुनियादी ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। वहीं भारतीय पक्ष की साफ और व्यवस्थित परेड ग्राउंड ने एक बार फिर दोनों देशों के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन क्षमता का अंतर दुनिया के सामने रख दिया है।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में अमेरिकी ब्रांड्स को बाय-बाय, AAP सांसद की अपील बनी वजह
28 Aug, 2025 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के विरोध में पंजाब की लवली प्राेफेशनल यूनिवर्सिटी ने बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी ने कैंपस में अमेरिकी ड्रिंक्स पर पाबंदी लगा दी है। इस फैसला का ऐलान खुद यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति और राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने की है। उन्होंने कहा है कि यूनिवर्सिटी और तमाम छात्रों ने 15 अगस्त को यह निर्णय लिया था कि अगर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 27 अगस्त से टैरिफ लगाते हैं तो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में अमेरिकी ड्रिंक्स को बैन किया जाएगा। मित्तल ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया। उन्होंने इससे जुड़ा वीडियो अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है। एलपीयू में 40 हजार से अधिक स्टूडेंट हैं। ये देश की सबसे बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटी है।
ट्रंप प्रशासन दोहरी नीति और दबाव बनाने की राजनीति की राजनीति कर रहा है। अमेरिका और उसके यूरोपीय साथी आज भी रूस से तेल खरीद रहे हैं, लेकिन भारत को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दे रहा है।
डॉ. अशोक कुमार मित्तल, राज्यसभा सांसद, एलपीयू के संस्थापक
मोदी ने की थी स्वदेशी की अपील
गौरतलब हो कि भारत और अमेरिकी के बीच टैरिफ वॉर से संबंधों में तनाव आया है। पीएम मोदी ने गुजरात दौरे में लोगों से अपील की थी कि वे फेस्टिवल से पर भारत में बनी हुई चीजें ही खरीदें। उपहार भी भारतीय ही खरीदें। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक मित्तल ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में अमेरिकन ड्रिंक्स पर बैन का ऐलान करके बड़ी लकीर खींच दी है, हालांकि उन्होंने से यूनिवर्सिटी का सर्वसम्मति से लिया गया फैसला बताया है। डॉ. मित्तल ने 1905 के स्वदेशी आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाल गंगाधर तिलक ने गणेश चतुर्थी के मौके को स्वदेशी से जोड़ दिया था।
क्या बोले आप के सांसद?
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल के अनुसार ऐसा करने से लोगों का रुझान स्वदेशी की तरफ बढ़ेगी। भारत के रूस से तेल खरीदने और अमेरिका के मनमुताबिक ट्रेड डील नहीं करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। देश में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने टैरिफ के खिलाफ विरोध में यह निर्णय लिया है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी पंजाब के फगवाड़ा में स्थित है। यह एक निजी यूनिवर्सिटी है लेकिन यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक गुणवत्ता रखते हुए अपनी काफी अच्छी साख निजी यूनिवर्सिटी में बनाई है।
पंजाब में बाढ़ के बीच पाकिस्तान सीमा तक बह गए युवक, पेड़ बना सहारा, NDRF ने रच दिया रेस्क्यू ऑपरेशन का इतिहास
28 Aug, 2025 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ : पंजाब में बाढ़ से हाहाकार मचा है। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर गांव के गांव डूब गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बुधवार को एक बड़ा बचाव अभियान चलाया गया। इस दौरान NDRF की टीम ने चार युवाओं को बचाया। ये सभी बाढ़ के पानी में एक यूकेलिप्टस के पेड़ से चिपके हुए थे। यह पेड़ पाकिस्तान बॉर्डर पर है। रेस्क्यू टीम ने बताया कि अगर युवक पेड़ से चिपककर न रुकते तो बहकर पाकिस्तान चले गए होते। जिन लड़कों को रेक्स्यू किया गया है, उनमें एक 16 साल का लड़का भी शामिल था। वह लड़का फाजिल्का के तेजा रोहेल्ला गांव का रहने वाला है और बाढ़ के पानी में बह गया था। यह गांव जीरो लाइन पर स्थित है।
फंसे लड़के को बचाने उतरे थे युवक
एनडीआरएफ टीम ने बताया कि 16 साल के फंसे लड़के को बचाने के लिए तीन युवा आए। वे उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे कि अचानक तेज बहाव में वे भी उसके साथ बह गए। लेकिन वे चारों भी पानी में बह गए। वे बहकर पाकिस्तान में चले जाते। लेकिन एक यूकेलिप्टस के पेड़ ने उन्हें बचा लिया। वे सभी अपनी जान बचाने के लिए उस पेड़ से कसकर चिपक गए।
एनडीआरएफ की टीम ने किया रेस्क्यू
वे वहीं चिपके रहे और मदद का इंतजार करते रहे। काफी देर बाद जब टीम वहां पहुंची तो उन्होंने चारों से वहां से निकाला। यह पेड़ पाकिस्तान बॉर्डर पर ही है। युवक उस पेड़ की दूसरी तरफ निकल जाते तो पानी के साथ सीधा बहकर पाकिस्तान जाते। उनकी जान को भी खतरा था लेकिन भगवान ने उनकी जान बचा ली। कुछ दिन पहले, ग्रामीणों ने मिलकर एक नाव को पाकिस्तान में बहने से बचाया था।
गुरदासपुर के आवासीय स्कूल में फंसे छात्र और कर्मचारी
बॉर्डर पर बचाव कार्य चल ही रहा था। तभी गुरदासपुर से खबर आई कि एक आवासीय स्कूल में लगभग 400 छात्र और 40 कर्मचारी बाढ़ में फंस गए हैं। स्कूल के ग्राउंड फ्लोर में पानी भर गया था। बिल्डिंग का ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह भर गया था। पानी पहली मंजिल तक पहुंचने लगा था। सारे लोग पहली मंजिल पर ते। वे डर रहे थे क्योंकि पानी का लेवल लगातार बढ़ रहा है। सेना और NDRF की टीमें तुरंत नावों से स्कूल पहुंचीं। उन्होंने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
30 अगस्त तक पंजाब में स्कूल बंद
भारी बारिश और बांध से पानी छोड़े जाने के कारण जवाहर नवोदय विद्यालय डबूरी में भी पानी भर गया। पंजाब सरकार ने बाढ़ को देखते हुए पंजाब के सारे स्कूलों को 30 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया है। लेकिन बोर्डिंग स्कूलों के छात्रों को कैंपस में ही रहने को कहा गया है।
पंजाब में भारी बारिश
भारी बारिश ने पंजाब में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। खासकर अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर और तरनतारन जैसे बॉर्डर वाले जिलों में तबाही मची है। पंजाब में 24 घंटे में 243% ज्यादा बारिश हुई है। सामान्य तौर पर 4.2mm बारिश होती है, इस बार 14.4mm बारिश हुई है। पंजाब के CM भगवंत मान ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए अपना सरकारी हेलीकॉप्टर दे दिया है।
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