पंजाब
विदेश में फिर भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल, ईरान में तीन युवकों का अपहरण
29 May, 2025 05:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत से बहुत लोग खाड़ी देशों में रोजगार की तलाश में जाते हैं. जो भारतीय खाड़ी देशों में रोजगार के लिए जाते हैं उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. मामला हमारे देश के तीन युवकों का है. तीनों युवक पंजाब से हैं. युवकों के नाम जसपाल सिंह, हुसनप्रीत सिंह और अमृतपाल सिंह है. जसपाल सिंह लंगरोया (एसबीएस नगर जिला) का रहने वाला है. हुसनप्रीत धूरी (संगरूर) का निवासी है. अमृतपाल सिंह होशियारपुर का है. बाताया जा रहा है कि तीनों ईरान में किडनैप हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, तीनों युवकों को पाकिस्तानी डोंकरों ने किडनैप किया.
परिवारों ने आरोप लगाया कि तीनों को होशियारपुर के एक ट्रैवल एजेंट ने काम के लिए वीजा पर ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने का वादा किया था. होशियारपुर के मॉडल टाउन थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, भागोवाल गांव के 23 वर्षीय अमृतपाल सिंह को इस महीने की शुरुआत में ईरान में किडनैप कर लिया गया. उसे एजेंटों द्वारा तय किए गए मार्ग से ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होने के कुछ ही दिनों बाद अगवा कर लिया गया.
अमृतपाल की मां ने क्या बताया?
अमृतपाल की मां गुरदीप कौर ने बताया कि उनका बेटा 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई करने के बाद यहां एक कारखाने में काम कर रहा था. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को स्थानीय ट्रैवल एजेंट धीरज अटवाल और कमल अटवाल बहलाया- फुसलाया और उससे कहा कि वो उसे काम के लिए ऑस्ट्रेलिया भेजेंगे. साथ ही उन्होंने उससे 18 लाख रुपये देने को कहा. उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने 26 अप्रैल को दिल्ली से सीधे ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ान भरने की बात कही.
बेटे ने रिश्तेदारों की मदद से 18 लाख रुपये जुटाए
अमृतपाल की मां ने बताया कि उनके बेटे ने रिश्तेदारों की मदद से 18 लाख रुपये जुटाए. इसके बाद दिल्ली में उन्हें एजेंट ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया की उड़ान रद्द कर दी गई है, इसलिए अब उनका बेटा अमृतपाल अब ईरान के रास्ते ऑस्ट्रेलिया जाएगा. मां ने बताया कि अमृतपाल और दो अन्य युवक धूरी (संगरूर) का हुसनप्रीत सिंह और लंगरोया (एसबीएस नगर जिला) के जसपाल सिंह उसी दिन ईरान के लिए रवाना हुए.
विदेश मंत्रालय ने ईरान के उच्च अधिकारियों से की बात
अमृतपाल की मां ने बताया कि दो मई को करीब 2.30 बजे अमृतपाल ने फोन करके बताया कि वह सुरक्षित ईरान पहुंच गया है, लेकिन एक घंटे बाद उसने फिर फोन करके बताया कि उसे और दो अन्य युवकों को कुछ लोगों ने किडनैप कर लिया है. उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. वहीं इस मामले में विदेश मंत्रालय ने ईरान के उच्च अधिकारियों से बात की है.
फिरोजपुर का 10 साल का श्रवण बना मिसाल, सेना का बढ़ाया हौसला
29 May, 2025 05:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम अटैक के जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान के तमाम आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया. इस दौरान पाकिस्तान ने जवाब देने की कोशिश की, इसकी वजह से युद्ध जैसे हालात बने थे. इस दौरान पूरा देश अपनी बहादुर फौज के साथ खड़ा था और लोग अलग अलग तरीकों से सेना का हौसला बढ़ा रहे थे. इसी क्रम में पंजाब के फिरोजपुर में रहने वाले 10 साल के बच्चे श्रवण सिंह ने भी भारतीय फौज का खूब साथ दिया.
उसकी मदद से खुश भारतीय सेना ने उसे यंगेस्ट सिविल वॉरियर कहा है. इस बच्चे को जीओसी 7 इन्फेंट्री के मेजर जनरल रणजीत सिंह मनराल ने सम्मानित किया है. उन्होंने श्रवण सिंह की देश भक्ति को सलाम किया है. आइए जानते हैं कि इस बच्चे ने ऐसा क्या कर दिया, जिसकी वजह से वह इन दिनों सुर्खियों में है. श्रवण सिंह पंजाब में फिरोजपुर के कस्बा ममदोट सरहदी गांव तरावाली का रहने वाला है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फौज ने बॉडर से लगते उसके खेतों में अपनी पोस्ट बनाई थी. इस दौरान फौजियों को भीषण गर्मी में पानी की दिक्कत हो रही थी.
कैंप में रूक कर देखता था सेना की एक्टिविटी
ऐसे में श्रवण ने उन्हें पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाई. यही नहीं, वह अपने घर से पानी के अलावा बर्फ, दूध, लस्सी आदि लेकर सेना के ठिकानों में पहुंच जाता था. वहां वह कुछ देर रूककर सेना की एक्टिविटी भी देखता और फिर आकर घर में सेना का बखान करता था. श्रवण सिंह के पिता सोना सिंह ने बताया कि उनकी जमीन पर देश की आर्मी के जवान रुके हुए थे. उनके बेटे को पता चला तो वह पहले ही दिन से फौजियों की सेवा में जुट गया था. उन्होंने भी बेटे को कभी रोका नहीं. बल्कि वह जो चीज भी सेना के कैंप में ले जाने को कहता, वह उसकी व्यवस्था करते थे.
फौज ने किया बच्चे को सलाम
सोना सिंह ने बताया कि बेटे को फौजियों की सेवा करते देख उन्हें खुद काफी खुशी होती थी. दरअसल उनका बेटा भी बड़ा होकर फौज में जाना चाहता है. वह कहता है कि वह फौजी बनकर देश की सेवा करेगा. उन्होंने बताया कि उनके बेटे के इस भाव को देखते हुए सेना के जवानों ने उसे सम्मानित किया है. सेना के मेजर जनरल ने उनके घर आकर बेटे को आइसक्रीम खिलाई और गिफ्ट दिया. बेटे ने उस गिफ्ट को बहुत सुरक्षित रखा है. कहता है कि इससे सुंदर कोई और गिफ्ट नहीं हो सकता.
गर्भवती पाई गई नाबालिग, आरोपी पर POCSO एक्ट में केस दर्ज
28 May, 2025 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
थाना खुईयां सरवर के अंतर्गत आते एक गांव की एक नाबालिग लड़की को पडोस के गांव का एक लडका बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया, जो करीब आठ माह बाद पुलिस के हाथ लगे तो पुलिस ने दोनों को अस्पताल लाकर उनका मेडिकल करवाया जहां लड़की आठ माह की गर्भवती निकली। पुलिस ने इसकी सूचना लड़की के परिजनों को दी। इधर पुलिस ने लड़के को अदालत में पेश कर उसका दो दिनों का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
जानकारी के अनुसार 16 वर्षीय लड़की जो कि आठवीं कक्षा पढने के बाद घर पर ही रहती थी जबकि गिदडांवाली गाव में अपने चाचा के घर रहने वाला मूल रूप से राजस्थान का लड़का आकाश पुत्र पप्पूराम गांव मे एक शादी समाराेह में गया जहां पर उसने नाबालिग को देखा और उस पर मोहित हो गया और कई दिनो तक उसकी रेकी की और कुछ दिन बाद ही लडकी को बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया।
इसके बाद लड़की के परिवार वालों ने काफी जगह तलाश की लेकिन लडकी का कुछ पता नहीं चल सका। खुइयां सरवर पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि लड़का लड़की दोनों राजस्थान की ओर से पैदल आ रहे हैं जिस पर कलरखेडा चौकी के एएसआई भूपेंद्र सिंह व महिला पुलिस कर्मी अनसुईयां व उनकी टीम ने दोनों को काबू कर लिया और इसकी सूचना उनके परिजनों को दी।
इसके बाद पुलिस ने लडकी का मेडिकल करवाया जहां पर डॉक्टरों ने बताया कि लडकी आठ माह की गर्भवती है उसे अल्ट्रासाउंड व गायनोलॉजिकल डॉक्टर के पास फाजिल्का भेजा गया वहीं पुलिस ने लडके को अदालत में पेश कर उसका पुलिस रिमांड हासिल किय है। वहीं पुलिस ने लड़के के खिलाफ पहले दर्ज मामले मे बढ़ोतरी करते हुए अब पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सिद्धू मूसेवाला के पिता का बड़ा फैसला, 2027 में बनेंगे मानसा से उम्मीदवार
28 May, 2025 03:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के मशहूर सिंगर रहे सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने सियासत में उतरने का ऐलान कर दिया है. मंगलवार को मनसा में कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ में बलकौर सिंह ने कहा कि वह अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए 2027 में पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. साथ ही उन्होंने मानसा विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाने की घोषणा भी कर दी है.
मानसा में 29 मई 2022 को सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना ने दुनिया भर के उनके प्रशंसकों, शुभचिंतकों को झकझोर दिया था. सिद्धू मसेवाला की हत्या का असर साफतौर पर पंजाब की सियासत पर दिखाई दिया था. मूसेवाला हत्याकांड के एक महीने के बाद 23 जून, 2022 को संगरूर संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था.
सिद्धू मूसेवाला की तीसरी बरसी से ठीक पहले उनके पिता बलकौर सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव में मानसा सीट से उतरने का ऐलान करके पंजाब की सियासी तपिश को बढ़ा दिया है. मूसेवाला के पिता के चुनाव लड़ने से सिर्फ मानसा ही नहीं बल्कि मालवा बेल्ट में भी सियासी प्रभाव पड़ेगा?
मूसेवाला के पिता ने ठोकी चुनावी ताल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग भी मौजूदगी में बलकौर सिंह ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया, जिसका उन्होंने स्वागत किया. बलकौर सिंह ने कहा कि वह अपने बेटे सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए न्याय की मांग को और मजबूत करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं. बलकौर सिंह ने भगवंत मान के अगुवाई वाली AAP की सरकार पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि पंजाब में हर रोज हत्या, लूट हो रही है. अपराधी बिना किसी डर के घूम रहे हैं.
बलकौर सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है. मूसेवाला की हत्या के कई अन्य आरोपी भी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. बलकौर ने कहा कि मेरा बेटा पंजाब ही नहीं देश का गौरव था, लेकिन उसकी हत्या के बाद हमें न्याय नहीं मिला. उन्होंने आगे कहा कि मैं 2027 में मानसा से चुनाव लड़ूंगा, ताकि सिस्टम में रहकर अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई तेज कर सकूं.
मूसेवाला वाली की सीट से लड़ेंगे चुनाव
पंजाब के 2022 विधानसभा चुनाव में सिद्धू मूसेवाला ने मानसा सीट से कांग्रेस के टिकट पर किस्मत आजमाया था, लेकिन जीत नहीं सके थे. उन्हें आम आदमी पार्टी के नेता विजय सिंगला ने हराया था. हालांकि, सिद्धू मूसेवाला काफी लोकप्रिय थे, लेकिन मृत्यु के बाद उनकी लोकप्रियता और भी बढ़ गई. मूसेवाला की हत्या के बाद 2027 में अगला विधानसभा चुनाव होगा, इससे पहले विधानसभा चुनाव में मूसेवाला फैक्टर ने बहुत असर डाला था.
अब उनके पिता बलकौर सिंह ने भी उसी मानसा सीट से चुनाव लड़ने का दावा ठोका है, जहां से मूसेवाला ने अपनी सियासी पारी का आगाज किया था. बलकौर के चुनाव लड़ने के ऐलान से पंजाब की राजनीति में एक नया मोड़ आ सकता है.
सहानुभूति का मिलेगा सियासी लाभ
सिदधू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने कांग्रेस से चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिसे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने हरी झंडी भी दे दी. मूसेवाला की हत्या का दर्द अब भी युवा वर्ग में है और मूसेवाला के प्रति नौजवानों का लगाव किसी से छिपा नहीं है. मूसेवाला फैक्टर से पंजाब खासकर मालवा की सियासत इस बार भी प्रभावित होगी. कांग्रेस ने संविधान बचाओ रैली में मूसेवाला की हत्या के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और सत्ताधारी पार्टी आम आदमी पार्टी को जमकर घेरा भी. इतना ही नहीं मूसेवाला के पिता ने अपने बेटे के इंसाफ के लिए चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, उससे उन्हें सहानुभूति का लाभ मिलने के साथ-साथ कांग्रेस को लिए मुफीद माना जा रहा है.
बता दें कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के एक महीने बाद 23 जून, 2022 को संगरूर संसदीय सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था. यहां से शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के सिमरनजीत सिंह मान ने जीत हासिल की थी. इसकी सबसे अहम वजह नौजवान वर्ग में मूसेवाला की हत्या को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी मानी गई. इसके बाद 2024 के पंजाब में लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लगा था और कांग्रेस को सियासी लाभ मिला था. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में मूसेवाला के पिता जब खुद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे तो सियासी तस्वीर ही अलग होगी.
मालवा बेल्ट पर पड़ेगा सियासी असर
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो बलकौर सिंह के चुनाव लड़ने से सिद्धू मूसेवाला का मामला एक बार फिर मालवा की सियासत को प्रभावित करेगा. इसकी अहम वजह ये है कि सिद्धू मूसेवाला को लेकर नौजवान वर्ग में जबरदस्त क्रेज बरकरार है और पंजाब के युवा वर्ग अपने गाड़ियों पर मूसेवाला के स्टिकर, पोस्टर और झंडे चिपकाए रहते हैं. इसके अलावा पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने युवाओं को देखा जा सकता है.
मालवा की संगरूर, बठिंडा, फरीदकोट, पटियाला जिले की विधानसभा सीटों पर सिद्धू मूसेवाला की सहानुभूति का लाभ कांग्रेस को मिल सकता है. मालवा क्षेत्र में मूसेवाला का असर भी दिख चुका है. 2024 के लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया पर बलकौर सिंह के अपने बेटे की हत्या और इसकी जांच के बारे में राहुल गांधी से बातचीत करने वाले वीडियो खूब शेयर किए गए थे. अब जब वो खुद ही चुनाव में उतर रहे हैं तो कांग्रेस इसे भुनाने की कोशिश करेगी.
बलकौर सिह ने यह बता दिया है कि भगवंत मान की सरकार में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है और उनके बेटे को अभी तक इंसाफ नहीं मिल सका है, जिसके लिए उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला लिया है. उनका कहना है कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या का इंसाफ तभी मिलेगा, जब कांग्रेस सत्ता में आएगी. वैसे भी चुनाव और मतदान मुद्दों और भावनाओं से जुड़े होते हैं. मूसेवाला अभी भी लोगों
जमीन के लिए जहरीली साजिश: दही में जहर मिलाकर पति को मारने की कोशिश
27 May, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा: अपने पति के नाम वाली जमीन अपने नाम करवाने और सांझे घर में दीवार करवाकर बंटवारा करवाने के लिए एक कल्युगी महिला ने अपने ही पति को दही में जहर देकर उसे जान से मारने की कोशिश की। यह घटना जिले के बलियावाली थाने के अंतर्गत आते गांव दौलतपुरा का है।
दही खाते ही पति की हालत गंभीर हो गई और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे उपचाार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना बालियांवाली पुलिस ने पीड़ित पति का बयान दर्ज कर आरोपित पत्नी पर मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए है। फिलहाल आरोपित पत्नी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
थाना बालियांवाली पुलिस को शिकायत देकर गांव दौलतपुरा निवासी गुरविंदर सिंह ने बताया कि करीब 18 साल पहले उसकी शादी आरोपित महिला किरणजीत कौर के साथ हुई थी और उनका एक बेटा भी है, लेकिन पति-पत्नी में अनबन रहती थी और पत्नी ने पहले तो अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में पंचायत के समझौते के चलते वह अपने ससुराल लौट आई थी। इसके बावजूद दोनों के बीच लड़ाई के चलते वह कभी अपने माता-पिता के पास तो कभी ससुराल चली जाती थी।
पीड़ित गुरविंदर सिंह ने बताया कि बीती 25 मई को जब खेत से काम करके घर लौटा, तो उसकी आरोपित पत्नी किरणजीत कौर ने उसे दही खाने को दिया, जिसमें से उसने थोड़ा दही खाया, लेकिन 5-7 मिनट बाद उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई, जिसके चलते उसके घर में रहते उसके भाई ने उसे भुच्चो मंडी के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पीड़ित के अनुसार आरोपित महिला किरणजीत कौर उसके नाम वाली सारी जमीन अपने नाम पर करवाना चाहती थी और सांझे घर के बीच में एक दीवार करवाकर दोनों भाईयों में बंटवारा करने का उस पर दबाव बना रही थी, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया, तो उसने उसे जहरीला पदार्थ देकर मारने की कोशिश की।
थाना बलियावाली के प्रभारी इंस्पेक्टर बलतेज सिंह ने बताया कि पीड़ित व्यक्ति के बयानों के आधार पर आरोपित पत्नी किरणजीत कौर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जारी है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपित महिला की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी कर रही है।
अमृतसर में बम धमाका, स्लीपर सेल से जुड़े आतंकी की मौत
27 May, 2025 04:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब के अमृतसर में मजीठा रोड बाईपास पर स्थित डिसेंट एवेन्यू के बाहर एक बड़ा बम विस्फोट हुआ, जिसमें एक आतंकी मारा गया है. घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है. इस हादसे में घायल संदिग्ध आतंकी को गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी बचाया नहीं जा सका.
जांच में पता लगा है कि ये व्यक्ति एक आतंकी संगठन के स्लीपर सेल से जुड़ा था और धमाके के लिए भेजे गए विस्फोटक की डिलीवरी लेने आया था, लेकिन इस दौरान इस विस्फोटक में ब्लास्ट हो गया और व्यक्ति की मौत हो गई.
वहीं, घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि घायल व्यक्ति के हाथ में एक बम जैसी वस्तु थी, जो अचानक फट गई. विस्फोट इतना तेज था कि व्यक्ति के दोनों हाथ और पैर उड़ गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि वह व्यक्ति वहां किस उद्देश्य से आया था या क्या कर रहा था? इससे पहले पुलिस अधिकारी ने बताया था, हमें विस्फोट की सूचना मिली और हम तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल था. उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.
कंसाइनमेंट लेने आते हैं यहां: SSP
अमृतसर रूरल के एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया था, “हमें सुबह सूचना मिली कि विस्फोट हुआ है. हमने पुलिस अधिकारियों को भेज दिया है और गंभीर रूप से घायल उस व्यक्ति को गुरु नानकदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया. आमतौर पर ऐसे सुनसान इलाके में हमने पहले भी देखा है कि अपराधी अपने कंसाइनमेंट लेने जाते हैं. हमें संदेह है कि वह उन आरोपियों में से एक है जो कंसाइनमेंट लेने गया था और विस्फोटक को ठीक से न संभाल पाने के कारण स्वयं घायल हो गया. हमारी एफएसएल टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं.”
सुरक्षा एजेंसियों को किया गया अलर्ट
पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है. सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है. पुलिस का कहना हमारी जांच जारी है, हो सकता है ये आदमी किसी आतंकवादी मूवमेंट में शामिल हो या ऐसी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाला हो. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें.
कोविड का नया वैरिएंट पंजाब में सक्रिय, मरीज तेजी से हो रहे रिकवर
26 May, 2025 05:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: राज्य में कोविड-19 के नए मरीज सामने आ रहे हैं। पंजाब में इस वर्ष चार मामले सामने आए हैं। जिसमें से तीन जनवरी माह में तो एक मई माह में सामने आया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना हैं कि जो कोविड वायरस सामने आया हैं, वह बेहद हलका यानी उसका मानव शरीर पर बुरा असर सामने नहीं आ रहा है। अभी तक देश में मात्र 257 केस आए हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं।
सेहत मंत्री डा बलबीर सिंह ने आश्वस्त किया है कि सरकार पूरी तरह से सतर्क है। इससे निपटने के लिए सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार की है। सभी जिलों के सरकारी व निजी अस्पतालों में कोविड टेस्ट की की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सेहत मंत्री ने कहा कि नया वैरिएंट पहले की तरह घातक नहीं है। जो मरीज कोविड पाजिटिव हो रहे है वह जल्दी रिकवर कर रहे है।
जेएन 1 वैरिएंट एक माइल्ड वायरस है और 98 फीसदी मरीजों ने इससे रिकवर कर चुके है। सेहत विभाग ने राज्य के सभी जिलों के सिविल सर्जन को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत उन्हें अस्पतालों में विशेष वार्ड बनाने, आक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता के अलावा अन्य सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के लिए कहा है। लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने और अगर कहीं कोई ऐसा केस आता है तो तुरंत सूचित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ-साथ केंद्र की ओर से राज्य को कहा गया है कि वह डे टू डे रिपोर्ट भेजें। JN.1 वेरिएंट, जो ओमिक्रॉन BA.2.86 से उत्पन्न हुआ है, तेजी से फैलने की क्षमता रखता है और इसमें लगभग 30 म्यूटेशन पाए गए हैं। अस्पतालों को विशेष तैयारियों के निर्देश दिए हैं, जिसमें मेडिकल संसाधनों की उपलब्धता, उपकरणों की कार्यशीलता, स्टाफ की तत्परता और दैनिक रिपोर्टिंग शामिल हैं।
इसके अलावा, स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। लोगों को कहा गया है की भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहने।हाथों की स्वच्छता बनाए रखें और नियमित रूप से हाथ धोएं। सूखी खांसी, बुखार, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, भूख में कमी या डायरिया जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं। उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों (जैसे बुजुर्ग या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले) को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
अमृतसर: नोट बदलने वाले कुलदीप सिंह की लूट के दौरान हत्या, 12 लाख की लूट
26 May, 2025 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले के हाल बाजार में स्थित त्रिमूर्ति कांप्लेक्स में कटे फटे और पुराने नोट बदलने वाले कुलदीप सिंह की सोमवार की दोपहर लूट के दौरान हत्या कर दी गई। बाइक पर सवार दो लुटेरों ने दुकान में घुसकर कुलदीप सिंह और उनके बेटे को बुरी तरह जख्मी कर दिया।
वारदात के समय आरोपित दुकान में रखे 12 लाख रुपये लूट कर फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दीपक को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। घटना के तुरंत बाद बाप-बेटे को किसी तरह अस्पताल ले जाया गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि दीपक अपने पिता कुलदीप के साथ मिलकर हाल बाजार में कटे-फटे नोट बदलने का कारोबार करता है। वह बाजार में टेबल लगाता है और पैसे उन्होंने कुछ साल पहले दुकान लेकर अंदर रखने शुरू कर दिए थे। सोमवार की दोपहर बाइक पर सवार दो युवक नोट बदलवाने के लिए पहुंचे थे।
पैसे ज्यादा होने के कारण बाप बेटा बाइक सवारों की बेसमेंट में बनी अपनी दुकान में ले गए थे। मौका पाते हुए लुटेरों ने दातरों से उन पर हमला कर दिया और वहां रखे 12 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। एसीपी गगनदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
कलयुगी बेटे की हैवानियत: संपत्ति के लिए पिता की हत्या कर जलाया शव
24 May, 2025 04:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बठिंडा: जमीन के लालच में अंधे हुए बेटे ने 70 वर्षीय पिता वरिंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी और अपराध छिपाने के लिए शव को घर के आंगन में जलाकर उसे अंतिम संस्कार का रूप देने का कुत्सित प्रयास किया।
इसकी भनक लगने पर पुलिस ने आरोपित बेटे 49 वर्षीय यादविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने बताया कि गांव सिवियां निवासी यादविंदर बेरोजगार है। घर में यादविंदर के अलावा माता-पिता ही रहते थे। 20 मई दोपहर को उसका अपने पिता वरिंदर से जमीन को लेकर विवाद हो गया।
झगड़े में वरिंदर ने बेटे की पिटाई कर दी। गुस्से में यादविंदर ने अपनी लाइसेंसी राइफल से पिता पर दो गोलियां दाग दीं। वरिंदर की मौके पर ही मौत हो गई।
बेटे की करतूत से सदमे में आई बुजुर्ग मां ने भी चुप्पी साध ली। आरोपित यादविंदर सिंह ने अपने रिश्तेदारों को फोन कर सूचना दी कि उसके पिता की अचानक मौत हो गई है इसलिए वे आ जाएं। रिश्तेदारों के आने से पहले ही आरोपित ने अपने घर के आंगन में लकड़ियों की चिता बनकर पिता का शव उस पर रख दिया और बिना किसी रीति-रिवाज अंतिम संस्कार कर दिया।
वरिंदर सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे रिश्तेदारों को यादविंदर पर संदेह हुआ। उन्होंने यादविंदर से गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार न करने के बारे में पूछताछ की तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद 22 मई को एक रिश्तेदार ने पुलिस को इस संदिग्ध घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से घर के आंगन से वरिंदर के शव की हड्डियां बरामद कीं। खून के निशान भी मिले। पुलिस ने यादविंदर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। हत्या में प्रयुक्त राइफल व गोली का खाली खोल भी बरामद कर लिया गया है। यादविंदर का घर एक ओर स्कूल और दूसरी तरफ सड़क से सटा हुआ है। चूंकि घर काफी बड़ा और दीवारें काफी ऊंची हैं इसलिए हो सकता है कि गांववालों को गोलियां चलने की आवाज नहीं सुनाई दी हो।
पंजाब में लैंड पूल पॉलिसी पर बवाल, विपक्ष और किसान संगठनों का तीखा विरोध
24 May, 2025 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब सरकार की नई लैंड पूल पॉलिसी को लेकर राज्य में सियासी बवाल बचा है और विपक्षी पार्टियों के साथ ही किसान संगठन भी इसके विरोध में उतर आए हैं. ये सारा हंगामा तब शुरू हुआ जब पंजाब के इंडस्ट्रियल सिटी लुधियाना की करीब 24000 एकड़ से भी ज्यादा जमीन को अर्बन एस्टेट में डेवलप करने के लिए एक्वायर करने की पंजाब सरकार ने तैयारी शुरु की. वहीं इसे लेकर पंजाब सरकार एक पॉलिसी लेकर आई.
ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएलएडीए) की भूमि पूलिंग योजना के तहत पंजाब के चार जिलों के 57 गांवों से 24,311 एकड़ भूमि अधिग्रहण करने की पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को लाने की तैयारी है.
विपक्षी दलों ने जताया प्रतिरोध
लेकिन इस योजना को किसान संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों से कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है. गांवों में फैली इस जमीन का ज्यादातर हिस्सा अकेले लुधियाना जिले में है, जबकि बाकी मोगा, फिरोजपुर और नवांशहर ज़िलों में है. GLADA शहरी एस्टेट विकसित करने के लिए इस जमीन को अधिग्रहित करने की योजना बना रहा है, लेकिन किसानों का कहना है कि ये जमीन काफी उपजाऊ है.
लैंड माफिया के खिलाफ सरकार
हालांकि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि ये पॉलिसी भू-माफिया, अवैध कालोनियों और जबरन भूमि अधिग्रहण करने वाले लैंड माफिया के खिलाफ पंजाब सरकार का एक बड़ा कदम है. पंजाब सरकार का कहना है कि इस पॉलिसी का मूल सिद्धांत 100 प्रतिशत स्वैच्छिक भागीदारी है, साथ ही दावा किया कि किसानों को अपनी भूमि निवेश पर 400 प्रतिशत तक का रिटर्न मिलेगा.
स्वैच्छिक भागीदारी को प्राथमिकता
पंजाब सरकार का कहना है कि ये पॉलिसी पिछली सरकारों के तौर-तरीकों से काफी अलग है. इसमें स्वैच्छिक भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है और भूमि मालिक किसानों को राज्य की प्रगति में सक्रिय भागीदार बनने के लिए सशक्त बनाया गया है. नीति का मुख्य सिद्धांत 100 प्रतिशत स्वैच्छिक भागीदारी है. कोई जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा.
पंजाब सरकार का कहना है कि राज्य सरकार की एजेंसियां एकत्रित भूमि का विकास करेंगी, जिससे सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, जल निकासी और बिजली सहित आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रावधान सुनिश्चित होगा. पंजाब सरकार का कहना है कि ऐसा करने से पंजाब में फैली अवैध कॉलोनियों की वजह से जनता को मिलने वाला धोखे से राहत मिलेगी.
100 प्रतिशत का भुगतान
पंजाब सरकार की लैंड पूल पॉलिसी के मुताबिक जमीन देने वाले को जमीन की मार्केट वैल्यू के हिसाब से 100 प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा. और भूमि मालिक को एक एकड़ भूमि के बदले में 1,000 वर्ग गज का विकसित आवासीय क्षेत्र और 200 वर्ग गज का व्यावसायिक क्षेत्र मिलेगा. पंजाब सरकार का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों के लिए 30,000 रुपए प्रति वर्ग गज और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए 60,000 रुपए प्रति वर्ग गज की कीमत मानते हुए, भूमि मालिक को मिलने वाला कुल मूल्य लगभग 4.2 करोड़ रुपए (1000 वर्ग गज x 30,000 रुपए + 200 वर्ग गज x 60,000 रुपए) होगा.
पंजाब सरकार की पॉलिसी
इस मामले पर पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार जो पॉलिसी लेकर आ रही है उससे भू-माफिया पर लगाम लगेगी और अनाधिकृत कॉलोनियों की वजह से आम लोगों के साथ जो धोखा होता है वो भी रुकेगा. हरपाल सीमा ने कहा कि पंजाब सरकार की पॉलिसी में एक बात साफ है कि किसी भी किसान से जबरन कोई भी जमीन नहीं ली जाएगी और कोई भी किसान या ऐसा व्यक्ति जिसकी जमीन है वो अपनी सहमति से ही सरकार को जमीन देगा और उसके बदले में सरकार उसे 400 प्रतिशत तक का रिटर्न देगी और ऐसे में जमीन देने वाले को काफी फायदा होगा.
हरपाल चीमा ने कहा कि कुछ किसान संगठन अभी इस पॉलिसी का विरोध कर रहे हैं लेकिन उन्हें इसको लेकर पूरी जानकारी नहीं है. उन किसान संगठनों को भी पॉलिसी के बारे में समझाया जाएगा और एक बात साफ है कि किसी भी किसान से जबरन उसकी जमीन नहीं ली जाएगी.
केंद्रीय मंत्री ने बोला हमला
केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने लुधियाना के आसपास के गांवों में 24 हजार एकड़ कृषि भूमि अधिग्रहण करने के पंजाब सरकार के फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर तीखा हमला किया है. बिट्टू ने चेतावनी दी है कि इस कदम से किसानों के लिए विनाशकारी परिणाम होंगे. बिट्टू ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर प्रॉपर्टी डीलरों की तरह काम करने का आरोप लगाया.
सभी कृषि भूमि का अधिग्रहण
बिट्टू ने भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव को तत्काल वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि पंजाब के सबसे उपजाऊ और उत्पादक क्षेत्रों में से एक लुधियाना के 10 किलोमीटर के दायरे में लगभग सभी कृषि भूमि का अधिग्रहण करने का निर्णय कृषक समुदाय को तबाह कर देगा. बिट्टू ने आरोप लगाया कि ये योजना दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी नेताओं मनीष सिसोदिया और सतिंदर जैन से प्रभावित है, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया कि वे दोनों पंजाब में डेरा डाले हुए हैं और राज्य के शासन में हस्तक्षेप कर रहे हैं.
खेती पूरी तरह से खत्म हो जाएगी
वहीं जिन गांवों की जमीन एक्वायर होने जा रही है, वहां के ग्रामीणों और किसान संगठनों के नेताओं ने पंजाब सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. इन लोगों ने कहा कि इससे इन इलाकों की खेती पूरी तरह से खत्म हो जाएगी और किसानों के लिए जमीन अधिग्रहण का ये कदम ठीक साबित नहीं होगा. किसान संगठनों ने ऐलान किया है कि वो इस मुद्दे को लेकर जल्द ही बड़ा आंदोलन शुरू कर सकते हैं और आज को इसे लेकर फैसला लिया जाएगा.
किसान संगठनों ने भी जताया विरोध
इतने बड़े स्तर पर पंजाब सरकार के जमीन अधिग्रहण के फैसले को लेकर विपक्षी पार्टियों के साथ ही किसान संगठन भी सवाल खड़े कर रहे हैं. लेकिन पंजाब सरकार की दलील है कि ये सब कुछ पंजाब के विकास और पंजाब में फैले गैर-कानूनी अनधिकृत कॉलोनियों के जाल को रोकने के लिए किया जा रहा है और पंजाब सरकार जो लैंड पूल पॉलिसी लेकर आई है उससे जमीन देने वालों को काफी लाभ होगा.
NIA का एक्शन: KLF से जुड़े आतंकी फंडिंग वाले भगवंत सिंह को अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमले में दबोचा
23 May, 2025 07:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पंजाब के अमृतसर जिले में मार्च 2025 में हुए मंदिर ग्रेनेड हमले के सिलसिले में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) से जुड़े एक और महत्वपूर्ण सहयोगी को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपी की पहचान भगवंत सिंह उर्फ मन्ना भट्टी के रूप में हुई है, जिसे बुधवार को अमृतसर के अकालगढ़ गांव से गिरफ्तार किया गया.
एनआईए के अनुसार, भगवंत सिंह हमले के मुख्य आरोपियों गुरसिदक सिंह और विशाल उर्फ चूची का करीबी सहयोगी था और हमले के बाद उन्हें पनाह देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या अब चार हो गई है.
मंदिर पर हमले में शामिल था केएलएफ
मार्च में अमृतसर के ठाकुर द्वार सनातन मंदिर पर हुए ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) ने ली थी. हमले को अंजाम देने के बाद गुरसिदक सिंह पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जबकि उसका साथी विशाल गिरफ्तार कर लिया गया.
इसके अलावा दीवान सिंह उर्फ सनी और साहिब सिंह उर्फ साबा को भी इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
आतंकियों को दी शरण, छिपाया था हथगोला
एनआईए की जांच में सामने आया है कि भगवंत सिंह ने गुरसिदक और विशाल को हमले की योजना से लेकर उसके बाद तक अपने पास छिपाकर रखा था. इतना ही नहीं, हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड भगवंत के घर के पीछे छिपाया गया था.
जांच में यह भी पाया गया कि भगवंत सिंह को अपने बैंक खाते के जरिए आतंकी फंडिंग भी प्राप्त हुई थी, जो सीधे केएलएफ के नेटवर्क से जुड़ी हुई थी.
एनआईए की जांच जारी
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केएलएफ के भारत में मौजूद नेटवर्क और विदेशों में सक्रिय नोड्स के खिलाफ जारी बड़े अभियान का हिस्सा है। मामले की जांच एनआईए केस संख्या RC-08/2025/NIA/DLI के तहत की जा रही है.
एजेंसी के मुताबिक, आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि केएलएफ के विदेशी हैंडलर्स और स्थानीय संपर्कों के बीच लगातार लिंक स्थापित किए जा रहे हैं.
600 करोड़ के फ्रॉड केस में ED का छापा, बाजवा डेवलपर्स के ठिकानों से नकदी और संपत्ति मिली
23 May, 2025 07:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड, इसके प्रबंध निदेशक जरनैल सिंह बाजवा और उनके सहयोगियों के खिलाफ गुरुवार को मोहाली के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई. इसमें 42 लाख की नकदी, 4 लग्जरी वाहन, कई संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और आपत्तिजनक कागजात मिले हैं.
इसके अलावा, निदेशकों और उनके परिवार से जुड़े कई बैंक खातों को फ्रीज किया गया है जिनमें कथित रूप से अपराध से अर्जित धन जमा था.
ईडी की कार्रवाई उन एफआईआर के आधार पर की गई है, जो पंजाब पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की थीं.
शिकायतों के अनुसार, जरनैल सिंह बाजवा और उनके बेटे सुखदेव सिंह बाजवा ने सनी एन्क्लेव प्रोजेक्ट के तहत प्लॉट की बिक्री के नाम पर सैकड़ों लोगों को कथित तौर पर धोखा दिया. खरीदारों से पैसे लेने के बावजूद न तो उन्हें प्लॉट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए.
धोखाधड़ी से अर्जित धन का दुरुपयोग का आरोप
ईडी की जांच में सामने आया है कि खरीदारों से जुटाई गई राशि को जरनैल सिंह बाजवा ने अपने परिवार द्वारा संचालित अन्य कंपनियों में निवेश किया और इस धन का इस्तेमाल लग्जरी गाड़ियों की खरीद, असुरक्षित ऋण देने और प्रॉपर्टी निवेश में किया गया.
इससे पहले ईडी ने जरनैल सिंह बाजवा की कंपनी की चल संपत्तियों को प्रोविजनल रूप से अटैच किया था, जिसे बाद में PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने पुष्टि दी थी. जरनैल सिंह को 29 अगस्त 2024 को मोहाली पुलिस ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार किया था.
ईडी के एक्शन से हड़कंप
ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग, फंड डायवर्सन और लेयरिंग से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं. एजेंसी ने कहा कि बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है.
ईडी या प्रवर्तन निदेशालय आर्थिक अपराधों और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन की जांच के लिए बनाया गया है. यह विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत काम करता है. ईडी ने वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामलों की भी जांच शुरू कर दी है जो आपराधिक श्रेणी में आते हैं। ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत कार्रवाई करता है.
कलानौर में नाके पर बदमाश ने एसएचओ पर चलाई गोली, मुठभेड़ में हुआ घायल
22 May, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कलानौर: नेशनल हाइवे टी-प्वाइंट कलानौर पर लगाए गए नाके के दौरान वीरवार को मोटरसाइकिल सवार ने थाना कलानौर के एसएचओ साहिल पठानिया पर गोली चला दी।
पुलिस पार्टी ने आरोपित को पीछा कर गांव निक्का शहूर के पास स्थित गाहलड़ी डिस्ट्रिब्यूटरी के पुल के पास घेर लिया। इस दौरान दोनों तरफ से चली गोलियों के दौरान आरोपित जख्मी हो गया।
उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भर्ती कराया गया है। इस दौरान एक गोली पुलिस की गाड़ी पर भी लगी। गुरदासपुर के एसएसपी आदित्य ने बताया कि वीरवार को पुलिस की ओर से रुटीन चेकिंग की जा रही थी।
पुलिस ने नाके पर रुकने के लिए कहा
इस दौरान थाना कलानौर के एसएचओ साहिल पठानिया ने पुलिस पार्टी के साथ टी-प्वाइंट कलानौर पर नाका लगा रखा था। इस बीच एक मोटरसाइकिल सवार को रुकने का इशारा किया गया तो उसने एसएचओ पर गोली चला दी। फायर मिस हो गया और आरोपित मोटरसाइकिल भगाकर ले गया। पुलिस ने वारदात के बाद सभी तरफ नाकाबंदी कर दी।
गांव निक्के शहूर के पास डिस्ट्रिब्यूटी पर पुल के पास बदमाश ने फिर से 38 बोर के रिवाल्वर के साथ दूसरा फायर किया, जो पुलिस की गाड़ी में जा लगा। इस दौरान पुलिस ने भी गोली चलाई, जो आरोपित की टांग में जा लगी।
बदमाश की जसपाल के रूप में हुई पहचान
एसएसपी ने बताया कि आरोपित की पहचान जसपाल जस्सी निवासी बटाला के तौर पर हुई है। उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल गुरदासपुर में दाखिल कराया गया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने आरोपित का मोटरसाइकिलऔर पिस्टल कब्जे में ले लिया है। डीएसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि टी प्वाइंट कलानौर पर नाके पर तैनात एसएचओ साहिल पठानिया और पुलिस की गाड़ी पर गोली चलाने वाले आरोपित के खिलाफ थाना कलानौर में मामला दर्ज कर लिया गया है।
घटनास्थल पर एसएसपी के अलावा एसपी योगराज सिंह, एसपी राजिंदर शर्मा, डीएसपी गुरविंदर सिंह चंदी, एसएचओ साहिल पठानिया और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
हनीट्रैप के जाल में फंसाकर करवाते थे जासूसी, पंजाब पुलिस ने किया पर्दाफाश
21 May, 2025 05:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह आरोपितों की मोबाइल कॉल्स डिटेल व पूछताछ में 30 से अधिक लोगों की पहचान की गई है जो इस जासूसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। पंजाब पुलिस की ओर से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार की गई मलेरकोटला निवासी गजाला से पूछताछ में खुलासा हुआ है पाकिस्तान उच्चायोग का अधिकारी दानिश उर्फ एहसान-उर-रहीम मित्र से बढ़कर संबंध थे।
दानिश के संपर्क में वह तब आई जब पाकिस्तान जाने के लिए उसने वीजा दिलवाने में मदद की। दानिश, जिसे केंद्र की ओर से अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है, भारत में जासूसी का नेटवर्क चला रहा था। दानिश लोगों को पाकिस्तान का वीजा दिलवाने के बहाने लोगों को फंसाता था और फिर उन्हें जासूसी के लिए इस्तेमाल करता था।
गजाला ने बताया कैसे होती थी जासूसी?
गजाला, जो एक विधवा है उससे पूछताछ में पता चला है कि दानिश महिलाओं को हनीट्रैप कर उन्हें जासूसी के लिए तैयार करता था। गजाला बीती 2 फरवरी को पाकिस्तान उच्चायोग गई थी। आरोपित ने अपने, अपनी मौसी नसरीन बानो और दो अन्य रिश्तेदारों के लिए वीजा लेना था वहीं उसकी मुलाकात दानिश से हुई।
आरोपितों में से किसी एक का वीजा खारिज कर दिया गया था जिसके बाद सभी मलेरकोटला लौट आए। लेकिन 27 फरवरी को व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति का संदेश आया, जिसने खुद को पाकिस्तान उच्चायोग का वीजा अधिकारी दानिश बताया। जिस के बाद से वह लगातार उसके संपर्क में रही।
पुलिस जांच में पता चला कि दानिश का नंबर गजाला के फोन में हैप्पीनेस के नाम से सेव था। गजाला ने देखा कि दानिश के मैसेज ऐप सेटिंग्स की वजह से अपने आप डिलीट हो रहे हैं, तो उसने दानिश के साथ हुई कुछ चैट को दूसरे मोबाइल में वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो उसने अपने भाई का बताया। वह मोबाइल भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
2023 में दानिश से मिला था यासीन
मलेरकोटला मामले में दूसरा गिरफ्तार व्यक्ति यासीन मोहम्मद है, जो मलेरकोटला शहर के किला अहमदगढ़ मोहल्ले का निवासी है। उसने भी गजाला के खाते में 10,000 ट्रांसफर किए थे। 33 वर्षीय यासीन, जो कीटनाशक का कारोबार करता था, ने पुलिस को बताया कि वह 2013 में पहली बार पाकिस्तान गया था।
2023 में दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग में वीजा इंटरव्यू के दौरान उसकी मुलाकात दानिश से हुई थी। दानिश ने वीजा और अन्य मदद का आफर दिया। दानिश की मदद से मुझे तीन वीजा ओर मिले। दानिश ने मुझे कहा कि 25,000 प्रत्येक एकाउंट में यूपीआई से ट्रांसफर करूं। हमने वह राशि यूपीआई स्कैनर से जमा की। इस मामले में जल्द ओर खुलासे होंगे।
इंटरनेट मीडिया चैनलों पर पुलिस नजर
सीमा पार से आईएसआई ने इंटरनेट मीडिया इंफलुएंसर्स पर डोरे डाल रहा है। केंद्रीय एजेंसियों ने इनपुट सांझा किया है सांझा जिसके बाद निजी छोटे चैनलों की पुलिस स्कैनिंग कर रही है। पुलिस की ओर से देखा जा रहा है कि यूट्यूब ओर अन्य ब्लॉगर ने कौन कौन सी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर अपलोड की। वीडियो कहां कहां की है। पिछले छह महीने में वह कहां कहां गए। फूड ब्लागर से लेकर स्पान्सरशिप टूरों की जांच भी जा रही है। स्पेशल टेक्निकल एक्सपर्ट की टीम इसकी मानीटरिंग कर रही है।
माफी के बाद ढडरियांवाला को सिख मर्यादा में रहने की सख्त हिदायत
21 May, 2025 05:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर: सिख प्रचारक भाई रणजीत सिंह ढडरियांवाला ने श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होकर पांच सिंह साहिबानों के समक्ष अपना पक्ष रखा। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब तथा गुरु पंथ से लिखित क्षमा मांगी। पांचों सिंह साहिबानों ने उनका पक्ष सुनने के बाद क्षमा याचना स्वीकार कर ली।
ढडरियांवाला को श्री गुरु ग्रंथ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, पंथक परंपराओं और रीति-रिवाजों द्वारा अनुमोदित सिख आचार संहिता के अनुसार ही सिख धर्म का प्रचार करने का आदेश दिया गया है। भाई रणजीत सिंह को यह भी निर्देश दिया गया है कि गुरु के तीर्थस्थान सिख जीवन शैली को आकार देने के स्रोत हैं और गुरु द्वारा स्वयं निर्मित पवित्र सरोवर समस्त मानवता को एकता का संदेश देते हैं, इसलिए सरोवरों के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया जाना चाहिए।
गुरु की बाणी सुनाई जाए
गुरु के प्रति भक्ति की भावना पैदा करने वाली गुरु की बाणी सुनाई जाए। सिख प्रचार मंच के माध्यम से पूरे सिख समुदाय को एकजुट करने का प्रयास किया जाना चाहिए और किसी भी संगठन के खिलाफ कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। इसके साथ ही पांच सिंह साहिबानों ने ढडरियांवाला के समागमों का बहिष्कार करने का आदेश वापस ले लिया गया। फैसला सुनाए जाने के दौरान ढंडरियांवाले हाथ जोड़कर खड़े रहे। उन्होंने बिना शर्त इस फैसले को स्वीकार किया।
बैठक में लिए गए विभिन्न निर्णय
बुधवार को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के नेतृत्व में श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में पांच सिंह साहिबानों की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न मामलों पर विचार करने के बाद महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी राजदीप सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार बाबा टेक सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जोगिंदर सिंह और ग्रंथी ज्ञानी गुरबख्शीश सिंह उपस्थित थे।
बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें हेमिलटन कनाडा स्थित गुरुद्वारा साहिब बाबा बुड्ढा जी की प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरुद्वारा साहिब में रह रहे सिख शहीद डॉ गुरप्रीत सिंह निवासी लुधियाना की पत्नी परमिंदर पाल कौर एवं उनके पारिवारिक सदस्यों को परेशान करने का विषय उठाया गया। श्री अकाल तख्त साहिब में आई शिकायत में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस गुरुद्वारा की प्रबंधक कमेटी के सदस्य पतित हैं। यह श्री अकाल तख्त साहिब के नियमों के विपरीत है।
पांचों सिंह साहिबानों ने निर्णय लिया कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष संत सिंह श्री अकाल तख्त साहिब में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे। प्रबंधक कमेटी के शेष सदस्य कोषाध्यक्ष कुलविंदर सिंह मुल्तानी और सचिव जस सोहल अपनी बात लिखित रूप में श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय को भेजें। जब तक वे अपना पक्ष नहीं रखते, उनकी सेवाएं निलंबित रहेंगी।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यह सुनिश्चित करे कि बीबी परमिंदरपाल कौर को गुरुद्वारा साहिब में ही उचित सेवा एवं आवास उपलब्ध कराया जाए तथा उनके परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रबंधन कमेटी की होगी। कनाडा के सिख समुदाय को श्री अकाल तख्त साहिब के इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।
बैठक में ज्ञानी बलदेव सिंह और गुरदयाल सिंह के मामले पर चर्चा
बैठक में ज्ञानी बलदेव सिंह और ज्ञानी गुरदयाल सिंह के मामले पर चर्चा की गई। श्री अकाल तख्त साहिब जी के आदेशानुसार तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब की प्रबंधक कमेटी को आदेश दिया गया कि वह वहां के अतिरिक्त हेड ग्रंथी भाई बलदेव सिंह में पंज प्यारे नियुक्त करें तथा पांच दिनों के अंदर पांचों बाणियों का मौखिक पाठ सुनकर उसकी वीडियोग्राफी श्री अकाल तख्त साहिब को भेजें। ग्रंथी भाई गुरदयाल सिंह की सेवाएं तख्त श्री पटना साहिब से तत्काल स्थानांतरित करने का भी आदेश जारी किया गया।
तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब की प्रबंधक कमेटी को आदेश दिया गया कि वह कमेटी के अध्यक्ष सहित श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष अपनी स्थिति प्रस्तुत करें। भाई बलदेव सिंह और भाई गुरदयाल सिंह को भी श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया। तब तक उनकी पंथक सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
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‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
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