पंजाब
सोशल मीडिया पर मची हलचल, वन्नू दी ग्रेट ने यूट्यूबर मनी मिराज को कहा अपना पति; 3 मिलियन फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर सुर्ख़ियों में
17 Sep, 2025 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: वन्नू दी ग्रेट नाम से मशहूर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर इन दिनों सुर्खियों में हैं। उन्होंने अपने पेज पर कई वीडियो जारी कर बिहार के यूट्यूबर मनी मिराज पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वन्नू का आरोप है कि मिराज ने उसके शादी की और बाद में उसे धोखा दिया। उसने आरोप लगाया है कि शादी के बाद वो उसे छोड़कर चला गया है। अब वन्नू को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर कई लोग उसके समर्थन में आ गए हैं। अब आप सब के मन में ये सवाल आ रहा होगा कि ये वन्नू द ग्रेट और उसने जिस मनि मिराज पर आरोप लगाए हैं वो कौन हैं? आइए जानते हैं दोनों के बारे में...
कौन हैं वन्नू द ग्रेट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वन्नू द ग्रेट पंजाब के लुधियाना की रहने वाली है। वन्नू एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं। वन्नू भोजपुर इंडस्ट्री का भी जाना माना नाम हैं। सोशल मीडिया की बात करें तो वन्नू के इंस्टाग्राम पर 3 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वहीं फेसबुक भी उसे 56 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। अपने फेसबुक प्रोफाइल में उसने खुद को भोजपुरी एक्ट्रेस, कंटेंट क्रिएटर और पूर्व टिकटॉकर बताया है। वन्नू ने मनी मिराज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वन्नू ने दावा किया है कि वो मिराज की वाइफ हैं। लेकिन शादी के बाद उन्हें धोखा मिला। उसका पति उसे छोड़कर भाग गया है।
कौन हैं मनी मिराज
मनी मिराज की कहानी संघर्ष से सफलता तक की मिसाल है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंस्टाग्राम रील्स से की और धीरे-धीरे यूट्यूब वीडियो बनाकर पहचान बनाई। सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के बाद उन्हें भोजपुरी इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिला। आज मनी मिराज अपनी एक्टिंग और गानों से इंडस्ट्री में खास पहचान बना चुके हैं। लेकिन उनकी यह सफलता आसान नहीं थी। कभी वह चिकन बेचकर अपना गुजारा करते थे और साधारण जिंदगी जीते थे। भोजपुरी सिनेमा में कदम रखने के बाद उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने अपनी जिंदगी को नई दिशा दी। लेकिन अब मिराज पर जो आरोप लगे इससे आने वाले समय में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
हिंदू रक्षा दल ने बताया लव जिहाद का मामल
हिंदू रक्षा दल भी इस मामले में कूद पड़ा है। इस दल के अध्यक्ष पिंकी भैया ने एक्स पर लिखा है कि ये लव जिहाद ट्रैप मामला यूट्यूबर वन्नू डी ग्रेट का है। वो मुस्लिम यूट्यूबर मणि मेराज (Mani Meraj) के साथ रिलेशनशिप में थीं हिन्दू बनकर मुझे मिला फिर शारीरिक रूप से शोषित किया, इस्लाम में कन्वर्ट कराया, गुप्त शादी की और फिर छोड़ दिया। ये बेटियाँ आज मेरे पास हिंदू रक्षा दल @hrd_official_ के ऑफिस पर आई आज वीडियो में वो सारी सचाई बताई अब अफसोस जता रही है संगठन अब मदद करेगा और बिटिया को इंसाफ दिलाना है।
कोर्ट ने AAP विधायक को दोषी करार दिया, 4 साल कैद की सजा, दलित महिला के साथ हिंसा और छेड़छाड़ मामले में न्याय हुआ
13 Sep, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तरनतारन: पंजाब के तरनतारन जिले की एक अदालत ने खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को 12 साल पुराने एक मामले में चार साल की सजा सुनाई है। यह मामला एक दलित महिला के साथ मारपीट और छेड़छाड़ से जुड़ा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रेम कुमार की अदालत ने शुक्रवार को सजा का ऐलान किया। अदालत ने लालपुरा सहित सात आरोपियों को चार-चार साल कैद की सजा सुनाई, जबकि तीन अन्य आरोपियों को एक-एक साल की कैद हुई। अदालत ने सभी दोषियों पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और पीड़िता को कानून अनुसार मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया। सजा सुनाए जाने के बाद पीड़िता ने कहा कि लंबे समय बाद उसे न्याय मिला है। उसने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में 12 साल लग गए, लेकिन आखिरकार दोषियों को उनके अपराध की सजा मिली है। देरी से मिला न्याय भी राहत देने वाला है।
11 लोगों को दोषी ठहराया
इससे पहले बुधवार को अदालत ने 11 लोगों को दोषी ठहराया था, जिनमें छह पुलिसकर्मी भी शामिल थे। हालांकि, एक आरोपी परामजीत सिंह की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं, एक अन्य आरोपी हरविंदर सिंह, जो इस समय तिहाड़ जेल में बंद है, शुक्रवार को अदालत में पेश नहीं हो सका। उसकी सजा का ऐलान 16 सितंबर को होगा। बता दें कि यह घटना 4 सितंबर 2013 की है, जब पीड़िता और उसका परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहीं पर एक टैक्सी ड्राइवर और कुछ अन्य लोगों ने 19 वर्षीय युवती के साथ मारपीट और छेड़छाड़ की। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने भी युवती से दुर्व्यवहार किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
इस वारदात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा देने के आदेश जारी किए थे। मनजिंदर सिंह लालपुरा उस समय टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे। इसी दौरान वे आम आदमी पार्टी से जुड़े और पार्टी के जिला अध्यक्ष और युवा विंग के प्रमुख बने। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तरनतारण जिले की खडूर साहिब सीट से चुनाव लड़ा और दो बार के कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिकी को हराकर विधानसभा पहुंचे।
गलती पुलिसकर्मी की और फंस गया आम आदमी! पंजाब में कार ड्राइवर से वसूले 60 हज़ार, मामला सुर्खियों में
12 Sep, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर: पंजाब के जालंधर जिले में स्कूटी सवार को रोकने के चक्कर में एक लेडी कांस्टेबल को पीछे से आ रही कार ने टक्कर मार दी। कार की टक्कर लगने से लेडी कांस्टेबल बुरी तरह से घायल हो गई। हालांकि इसमें कार चालक की कोई गलती नहीं थी। उसकी कार के सामने अचानक लेडी कांस्टेबल आ गई जिस वजह से ये हादसा हो गया। लेकिन पुलिस ने फिर भी चालक पर कार्रवाई करते हुए उसकी कार को जब्त कर लिया है। अब कार चालक ने पुलिस पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया है। कार चालक ने बताया कि वो लुधियाना से किसी काम के लिए मॉडल टाउन आया था। जैसे ही वो बुधवार शाम 6.30 बजे के करीब मॉडल टाउन मार्केट के पास से गुजर रहा था तभी ट्रैफिक पुलिस की लेडी कांस्टेबल सिमरनजीत कौर उनकी कार से टकरा गई।
कार चालक लेकर गया अस्पताल
चालक ने आगे बताया कि लेडी कांस्टेबल एक एक्टिवा सवार को रोक रही थी। एक दम से वो उनके कार के आगे आ गई, जिससे ये हादसा हुआ। उन्होंनेआरोप लगाया कि उसपर महिला कर्मचारी का इलाज करवाने के लिए दबाव बनाया गया जबकि उसकी कोई गलती भी नहीं थी। हादसे के बाद वह महिला कर्मी को केजीएम बोन अस्पताल ले गए। वहां ओपीडी की 700 रुपए की पर्ची कटवाई फिर 1000 रुपए एक्सरे के लिए भी दिए। दविंदर ने आरोप लगाया कि इतना सब करने के बावजूद उससे महिला कर्मी ने 60 हजार भी मांगे।
पुलिस बोली- नहीं मांगे कोई पैसे
चालक ने बताया कि उन्होंने खुद को बेकसूर साबित करने के लिए घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी की फुटेज भी निकलवाई। पुलिस ने फिलहाल चालक दविंदर की कार जब्त कर ली है। वहीं इस मामले की जांच कर रहे एएसआई कुलदीप सिंह ने कहा कि लेडी कांस्टेबल का एक्सीडेंट हो गया था। उसका इलाज करवाया जा रहा है। किसी ने पैसे की मांग नहीं की है। जबकि वह चाहते हैं कि इलाज सही हो जाए और लेडी कांस्टेबल ठीक हो जाए।
किसान ने बाढ़ में खोई फसल की व्यथा बयां की, अपना पैन देकर प्रधानमंत्री से मांगी तुरंत राहत पैकेज की घोषणा
10 Sep, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरदासपुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब गुरदासपुर के तिब्बड़ी कैंट में बाढ़ पीड़ित किसानों की दर्द भरी आपबीती सुन रहे थे तो इस दौरान एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। इस विशेष मुलाकात के दौरान जिले के अलग-अलग प्रभावित गांवों के 19 किसान, मजदूर के अलावा बाढ़ पीड़ित महिलाएं मौजूद थीं। जब प्रधानमंत्री किसानों की समस्याएं सुन रहे थे तो उस समय का माहौल काफी भावुक था। बाढ़ के पानी से हुई त्रासदी को बताते हुए कई किसानों की आंखों में पानी आ गया। गांव मचराल के बाढ़ पीड़ित लजवंत सिंह मचराल ने बताया कि इस बाढ़ की मार ने उनकी कमर तोड़कर रख दी है। पूरी फसल तबाह हो गई है। कई पशु मर गए हैं। इस संकट की घड़ी में आपसे बड़ी उम्मीदें हैं। अपनी बात कहते लजवंत सिंह ने अपनी जेब में से पैन निकाल कर प्रधानमंत्री को दिया और कहा कि हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री जी आप दिल खोलकर इस पैन से राहत पैकेज लिखें। इसी तरह किसान रछपाल सिंह खोखर राजपूता, जतिंदर कुमार जंडी, अमर सिंह कमालपुर जट्टां, गुरभेज सिंह घोनेवाल, राजबीर सिंह गांव तलवंडी हिंदुआ, बख्शीश सिंह ठेठरके, पलविंदर सिंह आदि ने भी पूरे विस्तार से प्रधानमंत्री को बाढ़ के संकट के बारे में बताया।
धुस्सी बांध टूटने से मची भारी तबाही
इस दौरान किसानों ने प्रधानमंत्री से यह भी मांग कर दी कि वह जो भी राहत राशि देकर जाएं, वह सीधा उनके बैंक खातों में डाली जाए, क्योंकि 2023 के बाढ़ का मुआवजा अभी तक उन्हें नहीं मिला। कुछ अन्य किसानों ने बताया कि दरिया के साथ लगते धुस्सी बांध टूटने से भारी तबाही मची है। इसे मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि धुस्सी बांध तो मजबूत किए ही जाएंगे, बल्कि उनकी पहल होगी कि ऐसी नीतियां बना दी जाएं ताकि भविष्य में बाढ़ की ऐसी स्थिति से बचा जा सके। इसके अलावा दरियाओं के पास बसे लोगों को फिर से ऐसी मार न झेलनी पड़ी। पीएम ने मिलाया हाथ तो गदगद हुए किसान प्रधानमंत्री जब बैठक हाल में पहुंचे तो उस समय अपनी आपबीती सुनाने आए बाढ़ पीड़ित काफी दूर-दूर बैठे हुए थे। प्रधानमंत्री ने आते ही सभी को अपने पास कुर्सियां लाने के लिए कहा। अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि वे पूरे दिल से बाढ़ से प्रभावित लोगों की मुश्किलें सुनने आए हैं और वे इस संकट की घड़ी में पूरी तरह से उनके साथ है प्रधानमंत्री ने अपने प्रोटोकोल की परवाह न करते हुए मुलाकात करने आए प्रत्येक बाढ़ पीड़ित से हाथ मिलाया। तकरीबन हर व्यक्ति ने दो-ढाई मिनट तक अपनी व्यथा सुनाई और प्रधानमंत्री ने भी पूरे ध्यानपूर्वक सुना।
किसान बोले--कभी सोचा नहीं था पीएम सामने बिठा समस्याएं सुनेंगे
प्रधानमंत्री के साथ किसानों की मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। इस मुलाकात के बाद बाहर आए किसान लजवंत सिंह और राजबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे प्रधानमंत्री के साथ बैठकर अपनी समस्याएं बताएंगे। वह किसी राजनीतिक पार्टी से संबंधित नहीं है और आम लोग है। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ जिले के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल और नोडल अधिकारी परमिंदर सिंह सैनी के सहयोग से संभव हो सका है।
केंद्र की राहत राशि पर नाराजगी जताई ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने, 1600 करोड़ की मदद को बताया अपर्याप्त
10 Sep, 2025 03:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के बागी गुट के प्रधान एवं पूर्व जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में आई भीषण बाढ़ से हजारों गांव प्रभावित हुए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये की राहत राशि राज्य के लिए नाकाफी है। इस अवसर पर बीबी जागीर कौर, रतन सिंह अजनाला, सुरजीत सिंह रखड़ा, गोबिंद सिंह लोंगोवाल सहित कई वरिष्ठ अकाली नेता भी मौजूद रहे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि केंद्र की ओर से दी गई राहत केवल दिखावा है।
घोषित राशि का बड़ा हिस्सा विज्ञापन और औपचारिकताओं में खर्च हो जाएगा, जबकि असल सहायता प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंचेगी। उन्होंने मांग की कि राहत सीधे पीड़ितों के खातों में डाली जाए। उन्होंने कहा कि अकेले फसल का मुआवजा ही 2200 करोड़ रुपये से अधिक बनता है। इसके अलावा घरों, पशुओं और बुनियादी ढांचे का नुकसान अलग से है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि यह मजाक करने के लिए पंजाब आने की जरूरत नहीं थी, दिल्ली बैठकर भी किया जा सकता था। इस मौके अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा ने ऐलान किया कि वे स्वयं 10 करोड़ रुपये की सहायता बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी राहत शिविरों के माध्यम से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद कर रही है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने हिमाचल प्रदेश में अवैध निर्माण और पहाड़ काटने की गतिविधियों को भी पंजाब की बाढ़ का बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में पंजाब को इस तरह की आपदाओं का सामना न करना पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, इसलिए यहां पर विशेष राहत एवं पुनर्वास नीति लागू की जानी चाहिए। अंत में अकाली दल प्रधान ने कहा कि पार्टी हर पीड़ित तक पहुंचने का प्रयास करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल ने गुरबाणी से अपार धन कमाया है और अब जो पैसा राहत के नाम पर बांटा जा रहा है, वह असल में जनता का ही है।
जालंधर में डेरा सत्संग ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया निरीक्षण, राहत कार्यों का लिया जायजा
10 Sep, 2025 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। पंजाब के जालंधर में आज डेरा सत्संग ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह पहुंचें। इस दौरान उन्होंने पहले जालंधर के गांव रहमतपुर स्थित सत्संग घर में संगत को दर्शन दिए। इसके उपरांत वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए शाहकोट की तरफ रवाना हो गए। डेरा मुखी बाबा गुरिंदर सिंह सत्संग घर में 10:15 के करीब पहुंचे, जहां पर करीब 20 मिनट रुकने के बाद रवाना हो गए। बाबा गुरिंदर सिंह के सत्संग घर में आने की सूचना मिलते ही गांव में संगत जुटनी शुरू हो गई। इस दौरान बाबा गुरिंदर सिंह ने इस प्रकृति आपदा में मानवता की सेवा के लिए सभी को आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में जरूरतमंदों की सेवा सभी को करनी चाहिए। इसके बाद वह शाहकोट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की तरफ रवाना हुए।
गैंगस्टरों की हिट लिस्ट में आए पंजाब पुलिस के जांबाज DSP बिक्रमजीत सिंह बराड़, जानिए कौन हैं ये बहादुर अफसर
10 Sep, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के अधिकारी और डेराबस्सी के डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़ को एक बार फिर गैंगस्टरों ने जान से मारने की धमकी दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुद को विदेश में बैठे कुख्यात मन घनश्यामपुरिया गैंग का सदस्य बताने वाले युवकों ने यह धमकी दी है। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि डीएसपी बराड़ फर्जी एनकाउंटर करते हैं। गैंग के सदस्यों ने कहा कि वे 2018 में हुए कुख्यात गैंगस्टर विक्की गौंडर और उसके साथियों के एनकाउंटर का बदला लेंगे। धमकी देने वालों का दावा है कि मन घनश्यामपुरिया जल्द ही पंजाब लौटेगा और हिसाब चुकता करेगा।
कौन है डीएसपी बिक्रमजीत सिंह बराड़
डीएसपी बराड़ पंजाब पुलिस का एक जाना माना नाम है। उन्होंने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर किए हैं। इनमें सबसे चर्चित एनकाउंटर विकी गोंडर का था, जो 2016 के नाभा जेलब्रेक मामले में फरार हुआ था। बराड़ की कड़ी कार्रवाई और ऑपरेशनों की वजह से संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क लगातार उन पर गुस्सा निकालते रहे हैं। डीएसपी बराड़ को उनकी बहादुरी के लिए पांच बार राष्ट्रपति वीरता पदक मिल चुका है। इसके बावजूद वे लगातार गैंगस्टरों के निशाने पर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि यह धमकी गैंगस्टर नेटवर्क की बौखलाहट को दर्शाती है क्योंकि पुलिस की लगातार कार्रवाई से उनका नेटवर्क कमजोर हो रहा है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब डीएसपी बराड़ गैंगस्टरों के निशाने पर आए हों। इससे पहले भी उन्हें कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। हाल ही में कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ की उनसे हुई फोन कॉल भी सामने आई थी। उस बातचीत में भी डीएसपी बराड़ ने साफ कहा था कि वे किसी से डरते नहीं और कानून के दायरे में रहकर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे। ताजा धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएसपी बिक्र्रमजीत सिंह बराड़ ने कहा कि मैंने भी यह वीडियो देखा है। गैंगस्टर अक्सर इस तरह की बातें करते रहते हैं, लेकिन हम उनसे डरने वाले नहीं। कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पहले भी उन्हें ऐसी धमकियां मिलती रही हैं, लेकिन पंजाब पुलिस संगठित अपराध नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की धमकी उन्हें रोक नहीं सकती।
वन विभाग के कीमती पेड़ों की चोरी पर गुरदासपुर में हड़कंप, अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ी असंतोष
9 Sep, 2025 03:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काहनूवान (गुरदासपुर)। ब्लॉक काहनूवान में वन विभाग के पेड़ों की चोरी का सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन विभाग को इसकी कोई परवाह नहीं है। जानकारी के अनुसार काहनूवान ब्लॉक में लकड़ी चोरों का एक गिरोह लगातार वन विभाग के पेड़ चोरी कर रहा है। सड़कों और नहरों के किनारों से टाहली, कीकर और अन्य पेड़ों की कटाई हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि चक्क शरीफ से तुगलवाल जाने वाली सड़क पर जगह-जगह कीमती कीकर के पेड़ काटे जा रहे हैं। इस पूरी सड़क के आसपास बड़े पैमाने पर वन विभाग के पेड़ लगे हुए हैं।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से दोपहर के समय सड़कों के किनारे से पेड़ काटे जा रहे हैं और उन्हें दिनदहाड़े ट्रालियों पर लादकर बेचा जा रहा है। इस बारे में वन विभाग के अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, पेड़ों को पहले बड़ी पोकलेन मशीन से धक्का देकर तोड़ा जाता है और फिर इलेक्ट्रिक आरी से मिनटों में काटकर पेड़ों को मौके से साफ करके ले जाया जाता है। इस संबंध में जब वन विभाग के डीएफओ अटल महाजन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विभाग किसी भी तरह की कटाई नहीं कर रहा है और अगर कोई वन विभाग के पेड़ों को काट रहा है, तो वह इसकी जांच करेंगे और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राहत का नया अध्याय: पंजाब फ्लड में दो भाइयों ने अपने दम पर तैयार कीं 70 नावें, बने लोगों की उम्मीद
9 Sep, 2025 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कपूरथला: रेल कोच फैक्ट्री के लिए पुर्जे बनाने वाली हंसपाल ट्रेडर्स की कंपनी के दो भाइयों प्रितपाल सिंह और दविंदरपाल सिंह हंसपाल की इन दिनों पंजाब में जमकर तारीफ हो रही है। बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिए ये दोनों भाई खेवनहार बनकर सामने आए हैं। दोनों भाई बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों और उनके पशुओं को सुरक्षित निकालने के लिए नावें बना रहे हैं। अब तक उन्होंने लगभग 70 नावें तैयार कर के अजनाला, हरिके पत्तन, मंड बाऊपुर, पटियाला और बठिंडा जैसे बाढ़ग्रस्त इलाकों में भेजी हैं। दोनों भाइयों उनका लक्ष्य 100 नावें तैयार करना है। हंसपाल भाइयों ने नाव बनाने की तकनीक और डिज़ाइन सार्वजनिक कर दी है ताकि कृषि उपकरण और कंबाइन हार्वेस्टर बनाने वाली कंपनियां भी अपनी नावें तैयार कर लोगों की मदद कर सकें।
बताई नावों की विशेषताएं
कंपनी के मालिक भाई प्रीतपाल सिंह हंसपाल और देविंदर पाल सिंह हंसपाल ने बताया कि उनकी नावें 10 लोगों को आसानी से ले जा सकती हैं। वहीं विशेष रूप से डिज़ाइन की गई बड़ी नाव यानी ‘बेरा’ में 20 टन क्षमता है। इस बड़े बेरा का इस्तेमाल किसान अपने पशु या कृषि उपकरणों को सुरक्षित निकालने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 2023 की सुलतानपुर लोधी बाढ़ के दौरान स्वतंत्र विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह ने इनसे नाव बनाने का आग्रह किया था। इस साल बाढ़ फिर से राज्य के कई हिस्सों को प्रभावित करने लगी तो प्रीतपाल और देविंदर को राज्य के विभिन्न हिस्सों से कॉल आने लगे, जिनमें सरकारी अधिकारियों के संदेश भी शामिल थे।
विधायक ने बनवाई 12 नावें
विधायक ने बताया कि उन्होंने इस साल कंपनी से 12 नावें बनवाईं, जबकि 2023 में उन्होंने 15 नावें ऑर्डर की थीं। उन्होंने कहा कि पहले हमने 20 टन क्षमता वाला बड़ा बेरा तैयार करवाया। हम सभी संसाधनों का उपयोग कर फंसे लोगों, उनके पशु और उपकरणों को सुरक्षित निकाल रहे हैं और राहत सामग्री वहां पहुंचा रहे हैं। वहीं दोनों भाइयों ने बताया कि इस बार उन्होंने अपनी नावों के डिज़ाइन और तकनीक सार्वजनिक कर दी हैं, ताकि अन्य निर्माता, जैसे कृषि उपकरण या कॉम्बाइन हार्वेस्टर बनाने वाले, भी इस काम में सहयोग कर सकें। प्रीतपाल सिंह ने कहा कि हम यह मुनाफा कमाने के लिए नहीं कर रहे हैं, बल्कि लोगों की मदद के लिए कर रहे हैं। जो लोग पहले से उपकरण बनाने में सक्षम हैं, वे आसानी से यह नावें तैयार कर सकते हैं।
जेल में रहकर भी सांसद करेंगे उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट? एक नेता को 5 दिन की जमानत से मिली राहत
9 Sep, 2025 02:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर इस बार एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिल रही है। कई सांसद जो फिलहाल जेल में बंद हैं, उन्हें मतदान के लिए विशेष अनुमति दी गई है। इनमें से एक नेता को तो अदालत से पांच दिन की जमानत भी मिल गई है, ताकि वह चुनाव में भाग ले सके। राजमपेट से वाईएसआरसीपी सांसद पीवी मिधुन रेड्डी को हाल ही में उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के लिए पांच दिन की अंतरिम ज़मानत मिली है।
रेड्डी को 6 सितंबर से 11 सितंबर तक की अंतरिम ज़मानत मिली है। आंध्र प्रदेश पुलिस ने रेड्डी को 19 जुलाई को पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी शासन के दौरान हुए कथित 3,200 करोड़ रुपये के आबकारी अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया था। वहीं जेल में बंद लोकसभा सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद को उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली की तिहाड़ जेल से संसद भवन लाया जाएगा। उनकी पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) के नेताओं ने सोमवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत असम के डिब्रूगढ़ स्थित केंद्रीय कारागार में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह डाक मतपत्र के ज़रिए मतदान करेंगे।
राशिद को कस्टडी परोल पर रिहा करने का निर्देश
दिल्ली की एक अदालत के आदेश के अनुसार, जेल अधिकारियों को 9 सितंबर को मतदान के लिए राशिद को कस्टडी परोल पर रिहा करने का निर्देश दिया गया है। आदेश में जेल अधिकारियों को सदन के महासचिव से संपर्क करके एक उपयुक्त समय निर्धारित करने का निर्देश दिया गया है जब जेल में बंद सांसद को अपना वोट डालने के लिए संसद पहुंचना होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि सांसद को संसद के द्वार पर मार्शल को सौंप दिया जाएगा और बाद में बिना किसी देरी के जेल परिसर में वापस लाया जाएगा। हालांकि उन्हें संसद परिसर में अन्य सांसदों और कर्मचारियों से बातचीत करने की अनुमति है, लेकिन उन्हें प्रेस से बात करने, साक्षात्कार देने या फ़ोन कॉल करने से मना किया गया है।
तिहाड़ जेल के अधिकारियों को दिए गए निर्देश
अदालत ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब तक दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा मामले का फैसला नहीं हो जाता, तब तक वे राशिद से यात्रा के लिए वाहन शुल्क न लें। उच्च न्यायालय ने 18 अगस्त को राशिद की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसमें मानसून सत्र में भाग लेने के लिए संसद आने-जाने के लिए प्रति यात्रा लगभग 4 लाख रुपये जमा करने के आदेश में संशोधन की मांग की गई थी। उनके बेटे अबरार ने पुष्टि की कि बारामूला के सांसद मतदान के लिए जेल से संसद जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरे पिता चुनाव प्रक्रिया में भाग लेंगे और कड़ी सुरक्षा के बीच संसद जाएंगे। हमें उम्मीद है कि उच्च न्यायालय हमें अनुकूल निर्णय देगा और जेल अधिकारियों द्वारा उनसे ली जा रही अत्यधिक फीस को खारिज कर देगा।
अमृतपाल कैसे करेगा मतदान
इस बीच, अलगाववादी समर्थक नेता और वारिस दे पंजाब के प्रमुख अमृतपाल सिंह डाक मतपत्र के ज़रिए मतदान करेंगे। वारिस दे पंजाब के प्रवक्ता और अमृतपाल के वकील, एडवोकेट ईमान सिंह खारा ने बताया कि पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने सूचित किया है कि भारत के चुनाव आयोग ने जेल में बंद पंजाब के सांसद के लिए मतदान सुविधा के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने असम के मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि उन्हें समय पर दिया गया डाक मतपत्र, 9 सितंबर को शाम लगभग 6 बजे मतगणना से पहले रिटर्निंग ऑफिसर को प्राप्त हो जाए।
पंजाब की महिला IAS साक्षी साहनी बनीं युवराज सिंह की पसंद, क्रिकेटर ने जताई मिलने की इच्छा
8 Sep, 2025 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़/अमृतसर: पंजाब की महिला आईएएस अधिकारी साक्षी साहनी इन दिनों सुर्खियों में हैं। हाल ही में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान राहत और बचाव कार्यों में उनकी सक्रियता और त्वरित फैसलों ने न केवल आम लोगों का दिल जीता बल्कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह भी उनके प्रशंसक बन गए हैं। युवराज ने साक्षी सहनी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने मुश्किल हालात में जिस तरह लोगों की मदद की, वह काबिल-ए-तारीफ है। युवराज सिंह जल्द ही साक्षी साहनी से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज है और लोग साक्षी की कार्यशैली की खुलकर सराहना कर रहे हैं।
युवराज सिंह एक्स पर पोस्ट लिख की तारीफ
युवराज सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पंजाब एक कठिन दौर से गुज़रा है। और ऐसे समय में, आईएएस साक्षी साहनी जैसे लोग ही हमें शक्ति प्रदान करते हैं। अमृतसर की पहली महिला उपायुक्त के रूप में, उन्होंने बाढ़ के दौरान सबसे आगे रहकर नेतृत्व किया। वो सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में मौजूद रहीं, लोगों की बात सुनी, उनके साथ काम किया और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहीं। जब संकट आता है, तो सच्चे नेता आराम से पहले अपने कर्तव्य को और खुद से पहले राष्ट्र को प्राथमिकता देते हैं। मैं उन्हें और देश भर के उन अनगिनत नायकों को, जो हर दिन इसी भावना को साकार करते हैं, सम्मान और आभार व्यक्त करता हूँ। राज्य के कल्याण के लिए काम करते रहने के लिए उन्हें और शक्ति मिले। मैं उनसे जल्द ही मिलने की आशा करता हूं। पंजाब हमेशा से और मज़बूत होकर उभरता रहा है और आगे भी मज़बूत होता रहेगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था आईएएस साक्षी का ये वीडियो
सोशल मीडिया पर साक्षी साहनी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वो बाढ़ग्रस्त गांव में राहत कार्यों का जायजा लेते हुए दिखाई दे रहे थी। इस दौरान वे एक बुज़ुर्ग को समझा रहे हैं, जो किसी भी हाल में अपना घर छोड़ने को तैयार नहीं थे। वीडियो में आईएएस अधिकारी साक्षी बेहद प्यार और सम्मान के साथ बुज़ुर्ग को संबोधित करते हुए कहती हैं कि बाबा जी, चलिए… आपकी जान सबसे कीमती है। बुज़ुर्ग की आंखों में अपने घर को छोड़ने का दर्द साफ झलक रहा था, लेकिन अधिकारी की संवेदनशीलता और उसने समझाने के बाद आखिरकार उन्होंने घर खाली करने पर सहमति जताई।
रेल कोच फैक्ट्री में रिकॉर्ड रूम में लगी आग, महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं के दस्तावेज भी जलकर नष्ट
6 Sep, 2025 05:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कपूरथला। रेल कोच फैक्ट्री की शैल वर्कशॉप के रिकॉर्ड रूम में बीती रात अचानक आग लग गई। जिससे रिकॉर्ड रूम में पड़े सभी दस्तावेज तथा अलमारियां जलकर राख हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची आरसीएफ की फायर ब्रिगेड टीम ने एक घंटा तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, आरसीएफ की वर्कशॉप के अंदर शैलशॉप में बने रिकार्ड रूम में बीती रात अचानक आग लग गई। जिसको गश्त कर रही टीम ने देखा और जिसकी सूचना मिलने के बाद आरसीएफ की फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर पहुंचकर एक घंटा तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर आग पर काबू पाया। इस आगजनी में रिकार्ड रूम में रखीं अलमारियां और उनमें रखे सभी दस्तावेज पूरी तरह से जल गए हैं। प्राथमिक जांच में अनुमान है कि यह आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी है। आरसीएफ के सीपीआरओ अनुज कुमार ने बताया कि शैल शॉप के स्टॉक का सारा रिकॉर्ड कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर में भी सुरक्षित है। यह दस्तावेज भी सॉफ्टवेयर के रिकॉर्ड से संबंधित हैं। फिलहाल सिक्योरिटी टीम मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यह घटना बारिश के चलते दीवारों में आई सीलन के बाद शॉर्ट सर्किट से स्पार्किंग होने से घटी है।
गुरदासपुर में बाढ़ से हज़ारों परिवार बेघर, फसलें चौपट, सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुनर्वास की
6 Sep, 2025 05:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरदासपुर ( पंजाब )। बाढ़ को आए बेशक दस दिन से अधिक गुजर चुके हैं।, मगर अभी भी कुछ गांवों में तथा घरों में भी बाढ़ का पानी खड़ा है। बटाला से डेरा बाबा नानक रोड पर जाते दाएं तरफ देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे जहां कोई घर, गांव यां खेत नहीं बल्कि बहुत बड़ा दरिया हो। बाढ़ की त्रासदी इन गांवों के परिवारों से बातचीत करने से साफ तथा स्पष्ट देखने को मिल रही है। दैनिक जागरण की तरफ से बाढ़ प्रभावित गांवों के अंदर जाकर लोगों के साथ बातचीत कर उनके हालात जाने गए। कस्बा डेरा बाबा नानक के गांव मान, जोड़ीयां, धर्मकोट रंधावा, झंगीयां, ठेठरके आदि गांव में जाकर बाढ़ की मार से हुई त्रासदी की तस्वीरें ली गई तथा पीड़ितों से बातचीत की गई। कस्बा डेरा बाबा नानक के नजदीक गांव मालवा के लोगों के बहुत बुरे हालात देखें गए।
बाढ़ ने छीन लिया लोगों का आशियाना
गांव मान के निवासी निम्मा मसीह पुत्र नाजर मसीह ने बताया कि उसकी पत्नी सरबजीत की आंखों की रोशनी कुछ समय पहले जा चुकी है। निम्मा मसीह ने बताया कि उनके घर के सिर्फ दो छोटे छोटे कमरे हैं। जो की बाढ़ के पानी के बाद बद से बदतर हो चुके हैं। निम्मा मसीह के परिवार में उनसे अतिरिक्त उनकी पत्नी, बेटा, बहू तथा एक छोटा पोता है। उन्होंने बताया कि उसके घर के घरेलू सामान के अतिरिक्त फ्रिज, टीवी पूरी तरह खराब हो चुके हैं। उन्होंने बताया की बाढ़ का पानी निकलने के पश्चात उनके घर के कमरों के अंदर डेढ़ से दो फुट तक गार जमा हो चुकी है तथा दोनों कमरे रहने के योग्य नहीं रह गए। वह कमरे में जाने से भी डर रहे हैं कि किसी समय भी कमरे की छत गिर सकती है।
इसी तरह इसी गांव की विधवा माता मिंदो उर्फ भोली (75) के परिवार की भी दास्तान दिल को झिंझोड़ देने वाली है। बाढ़ की मार में आने की वजह से माता के कच्चे घर की छत के दोनों कमरे ध्वस्त हो चुके हैं। माता मिंदो उर्फ भोली की त्रासदी यह है कि उसका पति भी गुजर चुका है। दूसरा उसके तीन बच्चे थे जिनमें दो लड़के व एक लड़की थी। जो कि अब तीनों ही उस भगवान को प्यार हो चुके हैं तथा उसकी दोनों बहुएं घर छोड़कर जा चुकी हैं तथा वह अपने सिर्फ एक चार साल के पोते अरमान के साथ जिंदगी के दिन मुश्किल काट रही है। माता ने बताया कि बाढ़ का पानी आने की वजह से उसके रहने की छत, खाने पीने का सामान तथा कपड़े तक बेकार हो चुके हैं। वह तथा उसका पोता गांव में ही किसी दूसरे के घर रात को सोने जाते है। इसी गांव के जरनैल सिंह पुत्र अमर सिंह के घर का हाल भी बयान करते रोंगटे खड़े होते हैं। नां तो कोई कपड़ा पहनने को तथा ना ही ऊपर ओड़ने को रह गया है।
'भगवान ऐसे दिन किसी को भी ना दिखाए'
एक और पीड़ित ने कहा कि उसके घर का सारा सामान बारिश तथा बाढ़ की भेंट चढ़ चुका है। यहां यह भी बताने योग्य है कि इस गांव की फसल भी पूरी तरह डूबी हुई है तथा बिल्कुल ही खराब हो चुकी है। जब गांव का दौरा किया गया तो करीब-करीब पूरा गांव ही अपने-अपने घर के बाहर आकर कहने लगे की सरकार तक हमारी आवाज पहुंचाई जाए कि उनकी पूरी तरह आर्थिक मदद की जाए। उन्होंने कहा कि इस बाढ़ ने उनका सब कुछ छीन लिया है।
गांव के ज्यादातर घरों की छत्तें कच्ची होने की वजह से कई स्थान से टूटी हुई थी। गांव के एक तरफ तो बाढ़ का पानी 6 से 8 फीट तक आ चुका था। लोग अपने घर की छत पर रहने के लिए मजबूर थे जो कि अब भी कई लोग घरों की छत्तों के ऊपर डेरा जमाए हुए हैं। ज्यादातर घरों का घरेलू सामान खराब हो चुका है। घरों की करीब करीब सभी रजाइयां, कंबल, दरियां, चादरें सहित अनेको कपड़े बाढ़ के पानी से खराब होने की वजह से सूखने के लिए दीवारों पर डाले हुए थे तथा गली में भी अलमारियां, पलंग भी उन्होंने रखे हुए थे। ताकि शायद सूखने के बाद वह कुछ काम आ सके। गांव निवासियों ने बताया कि इस बाढ़ ने उनका सब कुछ छीन लिया है। उनके गांव की करीब सारी फसल अभी भी पानी में डूबी हुई है। जो की पूरी तरह सड़ चुकी है। गांव निवासियों ने पंजाब सरकार से गुहार लगाई है कि उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए उनकी मदद की जाए।
पहले रोज 100 से ज्यादा चालान, अब सिर्फ 45, DGP के आदेश ने बदल दी चंडीगढ़ में ट्रैफिक पुलिस की रफ्तार
6 Sep, 2025 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: सिटी ब्युटीफुल के नाम से फेमस चंडीगढ़ की पुलिस पर अक्सर बाहर की गाड़ियों के चालान करने के आरोप लगते रहे हैं। कई ऐसे वीडियो भी सामने आए थे जिसमें पुलिस कर्मी पैसे लेकर वाहन चालकों के चालान नहीं करते थे। लेकिन हाल ही में चंडीगढ़ के नए डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने आदेश दिए था कि सड़कों पर अब पुलिस कर्मचारी केवल ट्रैफिक मैनेज करेंगे और चालान के लिए गाड़ियों को नहीं रोकेंगे। इसी वजह से अब चालान केवल उन्हीं मामलों में किया जा रहा है जहां साफ और गंभीर उल्लंघन नजर आए। डीजीपी के इस आदेश के बाद मैन्युअल यानी मौके पर काटे जाने वाले चालानों की संख्या में भारी कमी आई है। पहले जहां रोजाना औसतन सैकड़ों चालान ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके पर काटते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर सिर्फ 45 चालान प्रतिदिन रह गई है।
आरटीआई में हुआ खुलासा
आरटीआई के जरिए मिली जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई से 20 अगस्त के बीच चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने कुल 1,02,222 चालान जारी किए। इनमें से 84,204 चालान सीसीटीवी कैमरों के जरिए और सिर्फ 18,018 चालान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों द्वारा मौके पर काटे गए। सिर्फ जुलाई महीने की बात करें तो कुल 71,655 चालान जारी हुए, जिनमें से 54,857 चालान सीसीटीवी से और 16,798 चालान मैन्युअली जारी किए गए। वहीं अगस्त के पहले 20 दिनों में मात्र 1,220 चालान मैन्युअल काटे गए, जबकि 29,347 चालान सीसीटीवी कैमरों के जरिए किए गए।
प्रति घंटे 96 चालान
सामाजिक कार्यकर्ता आर.के. गर्ग ने बताया कि जुलाई और अगस्त के दौरान चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने सीसीटीवी और मैन्युअल दोनों तरीकों से मिलाकर औसतन प्रति घंटे 96 चालान जारी किए। यानी प्रतिदिन करीब 2,300 चालान काटे जा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश सीसीटीवी पर आधारित होते हैं। बता दें कि चंडीगढ़ में पहले से ही 2,000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे विभिन्न ट्रैफिक जंक्शनों पर लगाए जा चुके हैं। ये कैमरे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जुड़े हैं, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 27 मार्च 2022 को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किया था।
पाकिस्तान बॉर्डर पर बाढ़ का असर, BSF ने एक किलोमीटर पीछे हटकर छतों से दी निगरानी, जवानों का डटकर सुरक्षा अभियान
6 Sep, 2025 04:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब में बाढ़ से जनजीवन अस्तव्यस्त है। इसका असर पाकिस्तान बॉर्डर से लगते इलाकों में भी हो रहा है। सबसे गंभीर स्थिति फिरोजपुर और गुरदासपुर इलाकों की है। जहां भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर आठ से 10 फुट तक पानी जमा हो गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि यहां तैनात बीएसएफ के जवानों को अपनी बीओपी यानी बॉर्डर आउटपोस्ट से एक किलोमीटर तक पीछे हटना पड़ गया है। क्योंकि, करीब 100 चौकियां जलमग्न हो गई हैं। बॉर्डर पर लगी कुछ फ्लड लाइट भी डैमेज हुई हैं। इनमें से कुछ चौकियों की छतों पर चढ़कर बीएसएफ के जवान देश की सुरक्षा कर रहे हैं। लेकिन कुछ बीओपी की तरफ बाढ़ का पानी इतना अधिक भर गया है कि वहां बीओपी की छतों पर भी नहीं ठहरा जा सकता। ऐसे में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ पोस्ट छोड़कर जवानों को पीछे हटकर एक और 'डिफेंस लाइन' बनानी पड़ी है।
पाकिस्तानी सीमा की तरफ भी पानी जमा
बीएसएफ अधिकारियों ने बताया कि अमृतसर इलाके में पाकिस्तानी सीमा की तरफ भी पानी जमा है, लेकिन अधिक नुकसान गुरदासपुर और फिरोजपुर में हुआ है। यहां 1988 में आई बाढ़ से भी अधिक नुकसान हुआ है। पानी उतरने के बाद इसका सही से आकलन किया जाएगा। तभी पता लगेगा कि कितना नुकसान हुआ है। क्योंकि, 100 किलोमीटर से अधिक दूरी में बॉर्डर पर लगी फेंसिंग भी डैमेज हुई है। यह बाढ़ कहीं गिर गई तो कहीं टूट गई है। कहीं पाकिस्तान की तरफ से कोई घुसपैठ ना कर ले। इसके लिए बीएसएफ के जवान चौकस होकर ड्रोन से सर्विलांस कर रहे हैं। साथ ही रात के अंधेरे को चीरकर भी देखने में माहिर इन्फ्रारेड इलुमिनेटर (IR) से लैस दुरबीनों से भी निगरानी की जा रही है। बीएसएफ बोट से भी निगरानी कर रही है।
बीएसएफ के अधिकारियों ने क्या कहा
अधिकारियों का कहना है आईबी इलाके में अधिक पानी भरने की वजह से वहां से कुछ चौकियों से पीछे हटना पड़ा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि निगरानी में कहीं कोई कमी की गई है। बीएसएफ ने पानी के पीछे अपनी एक और डिफेंस लाइन बना ली है। ताकि बाढ़ का फायदा उठाकर पाकिस्तान की तरफ से कोई घुसपैठ ना करने पाए। हालांकि, बीएसएफ अधिकारी इसे काफी मुश्किल बता रहे हैं, क्योंकि बाढ़ से हालात पाकिस्तान की तरफ भी गंभीर हैं। लेकिन फिर भी किसी भी तरह की घुसपैठ की आशंका को खत्म करने के लिए निगरानी रखी जा रही है।
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