धर्म एवं ज्योतिष
महाशिवरात्रि कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, जलाभिषेक समय और महत्व
7 Jan, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाशिवरात्रि का पावन पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होता है. इस दिन लोग व्रत रखकर भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करते हैं. महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है, इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त से ही शिवालयों पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है. इस दिन लोग अपने जीवन में सुख, समृद्धि, उन्नति और ग्रह दोषों से मुक्ति के लिए रुद्राभिषेक कराते हैं. महाशिवरात्रि को फाल्गुन मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है. आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि कब है? महाशिवरात्रि की सही तारीख, मुहूर्त और महत्व क्या है?
महाशिवरात्रि की तारीख
दृक पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी दिन रविवार को शाम 05 बजकर 04 पी एम से शुरू होगी. यह चतुर्दशी तिथि 16 फरवरी दिन सोमवार को शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी. ऐसे में महाशिवरात्रि 15 फरवरी रविवार को मनाई जाएगी. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत रखा जाएगा और भगवान शिव की पूजा विधि विधान से की जाएगी.
महाशिवरात्रि मुहूर्त
15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर ब्रह्म मुहूर्त 05:21 ए एम से 06:12 ए एम तक है. इस समय में आप स्नान करके भगवान शिव का जलाभिषेक करें. उस दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:15 पी एम से 12:59 पी एम तक है. महाशिवरात्रि के दिन का निशिता मुहूर्त देर रात 12:11 ए एम से लेकर मध्य रात्रि 01:02 ए एम तक है.
महाशिवरात्रि जलाभिषेक समय
महाशिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त से लेकर रात तक लोग जलाभिषेक करते हैं. मंदिरों में रात से ही भक्तों की भीड़ लग जाती है. लेकिन जलाभिषेक सुबह में और प्रदोष काल में किया जाना चाहिए. हालांकि शिव पूजा में चार प्रहर के मुहूर्त का भी अपना महत्व है.
सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि
इस बार की महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग में आप जिस भी शुभ मनोकामना से भगवान शिव शंकर की पूजा करेंगे, वह फलीभूत होगा. शिव कृपा से आपके कार्य सफल होंगे. सर्वार्थ सिद्धि योग का समय सुबह में 07:04 ए एम से लेकर शाम को 07:48 पी एम तक है.
उस दिन व्यतीपात योग प्रात:काल से लेकर 16 फरवरी को 02:47 ए एम तक है, उसके बाद वरीयान् योग है. महाशिवरात्रि के दिन उत्तराषाढा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर शाम को 07:48 पी एम तक है, उसके बाद से श्रवण नक्षत्र है.
महाशिवरात्रि पर शिववास
महाशिवरात्रि के दिन शिववास भोजन में प्रात:काल से लेकर शाम को 05:04 पी एम तक है, उसके बाद शिववास श्मशान में है. शिववास होने पर ही रुद्राभिषेक कराया जाता है. हालांकि महाशिवरात्रि पर पूरे दिन ही शिववास होता है, ऐसे में आप किसी भी समय रुद्राभिषेक करा सकते हैं.
महाशिवरात्रि का महत्व
महाशिवरात्रि के दिन व्रत और शिव पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है. महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, रुद्र पूजा, शिव साधना आदि की जाती है. शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का दिन सबसे विशेष होता है. इस दिन शिव मंत्रों का जाप शुभ फलदायी माना जाता है.
माघ माह में भूलकर भी न करें इन चीजों का दान, वरना लग जाएगा राहु और शनि दोष
7 Jan, 2026 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग भी अंग्रेजी कैलेंडर की तरह 12 महीनों में विभाजित होता है लेकिन इसकी गणना चैत्र मास से शुरू होती है. साल 2026 के जनवरी माह में हिंदी पंचांग के अनुसार, माघ मास शुरू हो चूका है. माघ महीने में श्रद्धालु सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं और मां गंगा की आराधना करते हैं. इसके साथ ही भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होने की मान्यता है. माघ महीने को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. यह समय विशेष रूप से स्नान, दान और तपस्या के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, हर दिन हर वार के साथ ही हर माह दान का अलग-अलग महत्व शास्त्रों मे बताया गया है. विशेष दिनों में विशेष चीजों का दान सफलता और सुख-समृद्धि के रास्ते खोलता है लेकिन माघ माह में कई ऐसी चीजें हैं, जिनका दान भूल से भी नहीं करना चाहिए.
कि पद्म पुराण में इसके महत्व का वर्णन करते हुए लिखा गया कि माघ मास में नदियों में स्नान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. भगवान हरि सभी पापों से मुक्ति प्रदान करके जातक पर कृपा बनाए रखते हैं. ऐसी मान्यता है कि माघ मास के दौरान प्रयागराज के संगम में अगर स्नान करते हैं, तो आपको अर्थ, धर्म, काम ओर मोक्ष की प्राप्ति होती है. यहां के स्नान का महत्व इस बात से लगा सकते हैं कि जो व्यक्ति यहां पर स्नान कर लेता है, उसे अकाल मृत्यु की आशंका नहीं रहती है. वह इससे मुक्त हो जाता है.
न करें लोहे का दान
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, माघ महीने में लोहे या इससे बनी वस्तुओं का दान करना उचित नहीं माना गया है. विशेष रूप से मकर संक्रांति, माघ अमावस्या और माघी पूर्णिमा जैसे पावन दिनों पर लोहे के दान से परहेज करने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि इस दौरान लोहे का दान करने से शनि से जुड़े दोष सक्रिय हो सकते हैं, जिसका प्रभाव धन हानि, स्वास्थ्य समस्याओं, मानसिक तनाव और जीवन में बार-बार आने वाली अड़चनों के रूप में देखने को मिल सकता है.
नमक का दान वर्जित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सामान्य तौर पर भी शाम के समय नमक का दान वर्जित माना गया है लेकिन माघ मास में तो इसे विशेष रूप से टालने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि इस अवधि में नमक का दान करने से राहु से संबंधित दोष बढ़ सकता है. इतना ही नहीं, माघ महीने में नमक का दान करने से राहु और शनि दोनों के अशुभ प्रभाव व्यक्ति के जीवन में परेशानियां बढ़ा सकते हैं. माघ महीने में चांदी का दान करना भी उचित नहीं माना जाता. इस दौरान चांदी दान करने से कुंडली में चंद्र ग्रह कमजोर हो सकता है, जिससे शुभ फल में कमी आ जाती है. मान्यता है कि इसका प्रभाव मानसिक अशांति, तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के रूप में देखने को मिल सकता है.
भगवान शिव का परिवार मिटाएगा बाधाएं, माघ मास में दूर होंगे सारे कष्ट!
7 Jan, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धार्मिक ग्रंथो के अनुसार, माघ मास भगवान शिव को समर्पित होता है. जैसे सावन मास में भगवान शिव की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है, वैसे ही माघ मास में भी भगवान शिव के मंत्र, स्तोत्र, व्रत आदि करने का विशेष महत्व होता है. माघ मास के कृष्ण पक्ष में होने वाली चतुर्थी तिथि विशेष फलदायक होती है. इस दिन भगवान शिव के पुत्र गणेश की आराधना और व्रत आदि करने से सभी कार्य बिना किसी बाधा के पूर्ण हो जाते हैं. साल 2026 में माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आगमन होगा. इस दिन शास्त्रों में वर्णित विधि से भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश की पूजा अर्चना करने से कई चमत्कारी लाभ मिलने की मान्यता है. चलिए विस्तार से जानते हैं कि इसका महत्व क्या है.
सभी बाधाओं का होगा नाश
इसकी अधिक जानकारी देते हुए हरिद्वार के विद्वान धर्माचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि माघ मास भगवान शिव को समर्पित है और इस मास में होने वाली चतुर्थी तिथि विशेष फल देने वाली है. चतुर्थी तिथि भगवान शिव के पुत्र गणेश को समर्पित है. इस दिन गणपति के मंत्र से व्रत का संकल्प करें. शाम के समय गणेश भगवान के स्तोत्र, 12 नामों का जाप, मंत्र आदि का पाठ करें. चंद्रमा उदय होने पर गणेश भगवान को तिल के लड्डुओं का भोग लगाने और तांबे के लोटे में जल लेकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. ऐसा करने से सभी कष्टों का निवारण हो जाएगा और कार्यों में आ रही सभी बाधाएं भी खत्म हो जाएंगी.
सभी दुखों से छुटकारा
वह आगे बताते हैं कि माघ मास भगवान शिव को समर्पित है और चतुर्थी तिथि उनके पुत्र गणेश को समर्पित है. शास्त्रों में इस तिथि का विशेष वर्णन किया गया है. सभी दुखों से छुटकारा पाने के लिए इस दिन भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जाप, भगवान शिव की आराधना, स्तोत्र और उनके पुत्र गणेश के स्तोत्र, मंत्र आदि का जाप करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएंगी. भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश की वंदना से मोक्ष प्राप्ति होने की धार्मिक मान्यता बताई गई है. यह पूरा मास भगवान शिव की आराधना करने के लिए विशेष समय होता है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (07 जनवरी 2026)
7 Jan, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- परिश्रम, भय, कष्ट व्यवसाय बाधा, लाभ पारिवारिक, समस्या उलझन भरी रहेगी।
वृष राशि :- राज भय, रोग, स्वजन सुख, शिक्षा व लेखन कार्य में सफलता व प्रगति होगी।
मिथुन राशि :- वाहन भय, हानि व अशान्ति का वातावरण रहेगा, लाभ के अवसर बनेंगे।
कर्क राशि :- सफलता उन्नति, शुभ कार्य विवाद राजकार्य, मामले मुकदमें की स्थिति कष्टप्रद रहेगी।
सिंह राशि :- शरीर कष्ट, व्यय कार्य में सफलता, आर्थिक सुधार होने के कार्य बन जायेंगे,
कन्या राशि :- खर्च विवाद, स्त्री कष्ट, विद्या लाभ में धीरे-धीरे सुधार होगा, सुधार होगा।
तुला राशि :- यात्रा से हर्ष, लाभ, शरीर कष्ट, खर्च की यात्रा बढ़ेगी, आर्थिक कष्ट बढ़ जायेगा।
वृश्चिक राशि :- कार्य वृत्ति से लाभ, यात्रा सम्पत्ति लाभ, व्यापारी गति में सुधार अवश्य होगा।
धनु राशि :- अल्प लाभ चोट और अग्नि शरीर भय, मानसिक परेशानी अवश्य ही बनेगी।
मकर राशि :- शत्रु से हानि, कार्य व्यर्थ, शरीरिक सुख होवे, कुछ कष्ट अवश्य होगा।
कुंभ राशि :- सुख व्यय, संतान सुख, कार्य सफलता होगी। उत्साह की कमी होगी, ध्यान दें।
मीन राशि :- पदोन्नति राजभय, न्याय लाभ हानि, अधिकारियों से मनमुटाव अवश्य बनेगा।
इस दिन से शुरू हो रही है माघ गुप्त नवरात्रि...इन नियमों का पालन नहीं किया तो अधूरी रह जाएगी साधना
6 Jan, 2026 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Magh Gupt Navratri 2026: माघ महीने में आने वाली गुप्त नवरात्रि माता की दस महाविद्याओं को समर्पित होती है. इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दौरान देवी उपासना सामान्य नवरात्रि की तरह सार्वजनिक न होकर एकांत और विधिपूर्वक की जाती है. अघोरी साधकों और तांत्रिक परंपरा से जुड़े लोगों के लिए माघ गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है. वर्ष 2026 में माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी से हो रही है और यह साधना, तप और सिद्धि प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ मानी जा रही है.
कब से शुरू होगी गुप्त नवरात्रि
पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी 2026 को सुबह 1.21 बजे प्रारंभ होगी, जो 20 जनवरी को सुबह 2.14 बजे तक रहेगी. इसी के साथ गुप्त नवरात्रि का आरंभ माना जाएगा, जो 28 जनवरी 2026 तक चलेगी. इन नौ दिनों को विशेष रूप से साधना और आत्मशुद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.
जानिए घटस्थापना का शुभ समय
माघ गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना का शुभ समय सुबह 7.14 बजे से 10.46 बजे तक रहेगा, वहीं अभिजित मुहूर्त में दोपहर 12.11 बजे से 12.53 बजे तक कलश स्थापना की जा सकती है. नवरात्रि के दौरान प्रतिपदा से नवमी तक अलग-अलग तिथियों में देवी की आराधना की जाती है और व्रत का पारण 26 जनवरी को किया जाएगा.
गुप्त नवरात्रि में किन चीजों से रखें खुद को दूर
शास्त्रों के अनुसार गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में विशेष संयम और नियमों का पालन आवश्यक बताया गया है. इस दौरान मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए. सत्य बोलना, क्रोध और अहंकार से बचना तथा बुजुर्गों और महिलाओं का सम्मान करना अनिवार्य माना गया है. आलस्य से बचते हुए नियमित पूजा-पाठ करने की सलाह दी जाती है.
नौ दिनों तक किन बातों का रखें ध्यान
मान्यता है कि इन नौ दिनों में बाल, दाढ़ी और नाखून नहीं काटने चाहिए. जो साधक पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, उन्हें नमक का सेवन नहीं करना चाहिए और घर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. गृहस्थ जीवन जीने वालों के लिए सामान्य और सात्त्विक तरीके से माता की पूजा करना उचित माना गया है. किसी के अहित या तामसिक उद्देश्य से की गई साधना से बचने की चेतावनी भी शास्त्रों में दी गई है, क्योंकि ऐसी पूजा में की गई छोटी सी भूल भी जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है.
सकट चौथ पर 3 शुभ योग, जानें दिनभर के चौघड़िया मुहूर्त, भोग, आज चांद कब निकलेगा?
6 Jan, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला सकट चौथ व्रत संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन माताएं निर्जला व्रत रखकर भगवान गणेश और संकटा माता की पूजा करती हैं।
✨ सकट चौथ पर बन रहे हैं 3 शुभ योग
सकट चौथ के दिन ज्योतिषीय दृष्टि से तीन शुभ योग बन रहे हैं, जिनमें पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना गया है—
लाभ योग – कार्यों में सफलता और धन लाभ का योग
अमृत योग – पूजा, व्रत और शुभ कार्यों के लिए उत्तम
प्रदोष काल योग – गणेश पूजन के लिए श्रेष्ठ समय
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (06 जनवरी 2026)
6 Jan, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- मन में अशांति, किसी परेशानी से बचिये, कुटुम्ब की समस्या में समय बीतेगा।
वृष राशि :- संवेदनशील होने से बचिये नहीं तो अपने किये पर पछताना पड़ेगा, ध्यान रखें।
मिथुन राशि :- मानसिक कार्यों में सफलता से संतोष, धन लाभ, बिगड़े कार्य बनेंगे, ध्यान दें।
कर्क राशि :- विरोधी वर्ग का समर्थन फलप्रद हो तथा शुभ कार्यों के योग अवश्य ही बनेंगे।
सिंह राशि :- व्यवसायिक क्षमता अनुकूल रहे, स्थिति पूर्ण नियंत्रण में रहे, कार्य बनेंगे।
कन्या राशि :- सामाजिक कार्यों में प्रभुत्व वृद्धि होगी, धन लाभ तथा आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा।
तुला राशि :- अधिकारी वर्ग से समर्थन प्राप्त होगा तथा रुके कार्य अवश्य ही बनेंगे, ध्यान दें।
वृश्चिक राशि :- धन लाभ, कार्यकुशलता से संतोष, पराक्रम एवं समृद्धि के योग बनेंगे।
धनु राशि :- स्त्री-शरीर कष्ट, चिन्ता, विवादग्रस्त होने से बचिये, कार्य बनने के योग बनेंगे।
मकर राशि :- मनोबल उत्साहवर्धक होगा, दैनिक कार्यगति में सफलता अवश्य मिलेगी।
कुंभ राशि :- कार्य-व्यवसाय में उत्तेजना, धन का व्यय एवं शक्ति निष्फल अवश्य होगी।
मीन राशि :- समृद्धि के साधन जुटायें, इष्ट-मित्र सुखवर्धक होंगे, समय का ध्यान रखें।
ठंड में नहीं खुलती नींद तो क्या करें? प्रेमानंद महाराज ने महिला के सवाल पर दिया ऐसा जवाब, दूर हो जाएगा सारा आलस्य
5 Jan, 2026 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Premanand Maharaj: देश के लोकप्रिय संत राधारानी और ठाकुर जी के परम भक्त वृंदावन के मशहूर बाबा प्रेमानंद महाराज अक्सर लोगों के जीवन में चल रही समस्याओं और परेशानियों के सरल समाधान बताते हुए नजर आते हैं. हर दिन प्रेमानंद महाराज का कोई न कोई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता है. इस समय कड़ाके की ठंड का दौरा चल रहा है, ऐसे में कई लोगों को सुबह जल्दी उठने में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है जैसे ज्यादा ठंड या आलस आना आदि शामिल होती है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
ठंड में सुबह जल्दी उठने में होने वाली दिक्कतों को लेकर प्रेमानंद महारात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक महिला महाराज जी को अपनी समस्या बताते हुए नजर आ रही है. महिला महाराज जी से कहती है कि सर्दियों में रोज सोचती हूं कि कल से जल्दी उठूंगी, लेकिन ऐसा नहीं होता और मैं उठ नहीं पाती हूं. आलस इतना बढ़ गया है और देर तक सोने के कारण गलत तरह के सपने भी आने लगे हैं.
प्रेमानंद महाराज ने दिया जवाब
महिला की बात सुनकर प्रेमानंद महाराज ने इस सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि ज्यादा सपने उन्हें आते हैं, जो देर तक सोते रहते हैं. उन्होंने कहा, अगर 24 घंटे में केवल 5 घंटे की नींद ली जाए, तो सपने नहीं आते हैं. सुबह नींद से उठते ही अपने ईश्वर का नाम-जप करना चाहिए. इससे मन शुद्ध रहता है और रात में सोते समय आने वाले बुरे सपनों से भी मुक्ति मिलती है.
ब्रह्ममुहूर्त में उठने की आदत बनाए – प्रेमानंद महाराज
प्रेमानंद महाराज ने साफ शब्दों में कहा कि लोग रात को देर से सोते हैं और सुबह तक देर तक सोए रहते हैं, इससे इंसान में मनुष्यता नहीं बल्कि पशुता झलकने लगती है. महाराज जी ने कहा कि इसलिए, हर व्यक्ति को ब्रह्ममुहूर्त में उठने की आदत डालनी चाहिए. जो लोग सुबह देर तक सोते रहते हैं, वे ना तो अध्यात्म को ठीक से जान पाते हैं और न ही धर्म को समझ पाते हैं.
प्रेमानंद महाराज ने बताए जल्दी उठने के फायदे
प्रेमानंद महाराज आगे बताते हैं कि सुबह के समय जल्दी उठकर सबसे पहले टहलते हुए भगवान का नाम जप करना चाहिए. अगर इसका लगातार एक महीने तक अभ्यास किया जाए, तो यह आदत में आ जाएगा. महाराज जी कहते है कि भगवान के नाम-जाप में अपार शक्ति होती है. जो लोग नाम-जप कर रहे हैं, उनके चरित्र का पवित्र होना बहुत जरूरी है.
महाराज जी ने बताया कि रोजाना नाम-जप करने और शुद्ध आचरण से जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति प्राप्त होती है. प्रेमानंद जी महाराज ने आगे कहा कि यदि चरित्र पवित्र नहीं होगा और ना ही नाम-जप किया जाए, तो कितना भी प्रयास कर लो, जीवन में सच्ची उन्नति और सफलता संभव नहीं होगी.
14 या 15 जनवरी? साल 2026 में कब है मकर संक्रांति, कन्फ्यूजन दूर करें और जानें स्नान-दान का सटीक समय
5 Jan, 2026 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति वह दिन है, जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण शुरू होता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान-धर्म करने का विशेष महत्व होता है. हालांकि, इस साल मकर संक्रांति की तिथि को लेकर कन्फ्यूजन है. कुछ लोग इसे 14 जनवरी और कुछ 15 जनवरी बता रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि मकर संक्रांति के सही तिथि के बारे में.
किस दिन है मकर संक्रांति ?
माना जाता है कि मकर संक्रांति से देवताओं का दिन शुरू होता है और इसी दिन से विवाह, गृह प्रवेश जैसी मांगलिक कार्यों पर लगी रोक भी हट जाती है. इस साल मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी को सुबह 8:42 बजे से शुरू होगा. महापुण्यकाल सुबह 8:40 से 9:04 बजे तक रहेगा, जबकि गंगा स्नान का शुभ समय सुबह 9:03 से 10:48 बजे तक है.
क्या है मकर संक्रांति की पूजा विधि
मकर संक्रांति पर सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्योदय से पहले या शुभ समय में गंगाजल और काले तिल मिलाकर स्नान करें. इसके बाद तांबे के पात्र में जल, लाल फूल, अक्षत और तिल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें और ‘ॐ सूर्याय नमः’ या ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें. इसके बाद गरीबों को काले तिल, गुड़, चावल, वस्त्र या धन का दान करें.
मकर संक्रांति के दिन क्या करें ?
मकर संक्रांति के दिन पितरों का तर्पण करना बहुत शुभ माना जाता है.
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ कर सूर्य देव की पूजा करें.
सात्विक और शुद्ध भोजन ग्रहण करें.
मकर संक्रांति के दिन क्या नहीं करना चाहिए ?
मकर संक्रांति के दिन मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करें.
वाद-विवाद, झगड़ा और अनैतिक व्यवहार से बचें.
क्रोध न करें और अपनी वाणी या व्यवहार से किसी का दिल न दुखाएं.
दरवाजे पर आए किसी भी व्यक्ति का अपमान न करें, संभव हो तो उन्हें खाली हाथ न भेजें.
तपोभूमि प्रयागराज में गूंजा 'हर-हर गंगे': माघ मेले का पहला स्नान आज, देखें संगम तट की अद्भुत
3 Jan, 2026 12:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Magh Mela 2026: नए साल के जश्न के साथ ही लोगाें के बीच धार्मिक और ज्योतिषीय उत्साह भी अच्छी तरह से देखने को मिल रहा है. ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक यह साल सूर्य का वर्ष माना जा रहा है और यही कारण है कि इसका असर धर्म, आस्था, तप और अच्छे कर्मों पर खास रूप से रहने वाला है. नए साल के शुभ अवसर के साथ ही सनातन परंपरा का एक बड़ा और विशाल धार्मिक आयोजन माघ मेला आज से शुरू हो गया है.
संगम स्न्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़
प्रयागराज में माघ मेले की शुरूआत के साथ ही संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने काे मिल रही है. देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु, संत और कल्पवासी संगम में पवित्र स्न्नान करने के लिए संगम तट पर आ रहे हैं. इस क्षण में हर तरफ सिर्फ भक्ति और आस्था का ही माहौल देखने को मिल रहा है.
महाशिवरात्रि पर होगा अंतिम स्न्नान
आज पौष पूर्णिमा पर माघ मेले का पहला पवित्र स्न्नान आयोजित किया गया है. इस स्न्नान के बाद ही संगम तट पर कल्पवास की परंपरा की शुरूआत हो गई है, जिसमें श्रद्धालु पूरे माघ महीने संयम और साधना के साथ जीवन बिताएंगे. प्रयागराज में संगम किनारे लगने वाला माघ मेला करीब 40 दिनों से अधिक के समय तक भक्ति और आस्था का केंद्र बना रहेगा. माघ मेला 15 फरवरी महाशिवरात्रि के दिन आखिरी स्न्नान के साथ समाप्त होगा. इस दौरान माघ मेले में देश और विदेश के लाखों श्रद्धालु, संत और कल्पवासी संगम किनारे पहुंचकर पवित्र स्न्नान करेंगे और धर्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेंगे.
जानिए संगम स्न्नाना का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्न्नान को विशेष महत्व दिया गया है. पुराणों के मुताबिक माघ महीने में संगम तट पर स्न्नान करने पर पापो का नाश हाेता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. माघ महीने का समय दान, जप, तप और ध्यान के लिए सबसे सर्वोत्तम माना गया है.
माघ महीने में कल्पवास का महत्व
माघ मेले में कल्पवास की सबसे विशेष और पवित्र परंपरा है. कल्पवासी पूरे माघ महीने संगम तट पर रहकर सादा और संयमित जीवन जीते हैं. इस दौरान कल्पवासी बह्ममुहूर्त में स्न्नान करते हैं, एक समय सात्विक भोजन, भुमि पर शयन, मंत्र जाप, ध्यान और दान करते हैं. वहीं क्रोध, भोग और अहंकार से दूरी बनाए रखते हैं. शास्त्र कहते हैं कि माघ महीने में एक माह का कल्पवास हजारों सालों की तपस्या के समान फल देता है. विशेष रूप से इसका पालन गृहस्थ और उम्रदराज के लोग करते हैं.
प्रयागराज में माघ मेले के दौरान प्रमुख स्नान की तिथियां जो महत्वपूर्ण स्नान पर्व माने जाते हैं.
3 जनवरी – पौष पूर्णिमा (कल्पवास आरंभ)
14 जनवरी – मकर संक्रांति
21 जनवरी – मौनी अमावस्या (राजयोग स्नान)
30 जनवरी – बसंत पंचमी
5 फरवरी – माघी पूर्णिमा
15 फरवरी – महाशिवरात्रि (कल्पवास समापन)
पंचांग : साल की पहली पूर्णिमा पर बना दुर्लभ संयोग...जानें क्यों इस शनिवार को किया गया एक छोटा सा दान बदल सकता है आपकी किस्मत
3 Jan, 2026 07:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार, के दिन माघ महीने की पूर्णिमा तिथि है. इस तिथि के दिन माता लक्ष्मी, सरस्वती और मां पार्वती की पूजा की जाती है. सभी तरह की शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति के लिए यह दिन अच्छा है. शुभ समारोह करने और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह दिन शुभ माना जाता है. इस पूर्णिमा को शाकंभरी पूर्णिमा या पौष पूर्णिमा व्रत के नाम से जाना जाता है.
3 जनवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : माघ
पक्ष : शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
दिन : शनिवार
तिथि : पूर्णिमा
योग : ब्रह्म
नक्षत्र : आर्द्रा
करण : बव
चंद्र राशि : मिथुन
सूर्य राशि : धनु
सूर्योदय : सुबह 07:15 बजे
सूर्यास्त : शाम 05:35 बजे
चंद्रोदय : शाम 005.28 बजे
चंद्रास्त : सूर्यास्त नहीं
राहुकाल : 09:50 से 11:08
यमगंड : 13:43 से 15:00
इस नक्षत्र में यात्रा और खरीदारी से बचें
आज के दिन चंद्रमा मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र मिथुन राशि में 6:40 से लेकर 20:00 डिग्री तक विस्तार लिया हुआ है. इसके अधिष्ठाता देवता रुद्र और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु हैं. दुश्मनों से लड़ने, विष संबंधी काम करने, आत्माओं का आह्वान करने, किसी कार्य से खुद को अलग करने या खंडहर गिराने के अलावा बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद पाने के लिए यह नक्षत्र अच्छा माना जाता है. हालांकि यात्रा और खरीदारी से इस नक्षत्र में बचना चाहिए.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 09:50 से 11:08 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल : शनि देव शनिवार को करेंगे इन राशियों को मालामाल, जानें किन राशियों की तिजोरी में आने वाला है पैसा
3 Jan, 2026 07:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति तीसरे भाव में होगी. विचारों की अस्थिरता आपको उलझनपूर्ण परिस्थिति में रखेगी. नौकरी और व्यवसाय में प्रतियोगी वातावरण रहेगा. नए काम करने के लिए प्रेरित होंगे. किसी छोटी यात्रा की संभावना है. बौद्धिक तथा लेखन कार्य के लिए आज का दिन अच्छा है. आज कोई महत्वपूर्ण निर्णय ना लें. आपको समय पर टारगेट पूरा करने का दबाव रह सकता है. परिजनों के साथ आपके संबंध सामान्य बने रहेंगे, लेकिन जीवनसाथी के साथ विचारों का मतभेद आपको दु:खी भी कर सकता है.
वृषभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दूसरे भाव में होगी. आज आपका दुविधापूर्ण व्यवहार आपको मुश्किल में डाल सकता है. जिद्दी स्वभाव के कारण किसी के साथ सामान्य चर्चा भी विवाद का रूप ले लेगी. यात्रा की योजना आज पूरी नहीं होगी, इसे रद्द करना पड़ सकता है. यह आपके लिए फायदेमंद भी है. आज लेखक, कारीगर और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा. परिवार के साथ कोई छोटा विवाद आगे बड़ा हो सकता है. इस दौरान मौन रहकर विवाद टाल सकेंगे. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय मध्यम फलदायक है.
मिथुन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पहले भाव में होगी. आपका आज का दिन आर्थिक दृष्टि से लाभदायक है. शारीरिक और मानसिक रूप से आप ताजगी और प्रसन्नता का अनुभव करेंगे. स्वादिष्ट भोजन और अच्छे कपड़े पहनने का अवसर मिलेगा. मित्रों तथा परिजनों के साथ आज का दिन आनंद में गुजारेंगे. उनकी तरफ से आपको उपहार मिल सकता है. आर्थिक लाभ होगा. मन में आने वाले नकारात्मक विचारों से आज दूर ही रहें. आज दांपत्यजीवन अच्छा रहेगा.
कर्क- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति बारहवें भाव में होगी. आज आपका मन अस्वस्थ और बेचैन रहेगा. पारिवारिक सदस्यों के साथ मतभेद होने से घर में विपरीत परिस्थिति उत्पन्न हो जाएगी. आपकी निर्णय शक्ति कमजोर रहेगी. बातचीत में ध्यान रखें, अन्यथा किसी के साथ विवाद होने की आशंका रहेगी. तबीयत खराब हो सकती है. अनावश्यक धन खर्च तथा स्वाभिमान को चोट पहुंचने की संभावना रहेगी. गलतफहमी दूर होने से मन हल्का होगा.
सिंह- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति ग्यारहवें भाव में होगी. आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा. फिर भी दुविधापूर्ण मानसिकता के कारण सामने आया हुआ अवसर हाथ से गंवा देंगे. आपका मन कहीं खोया रहेगा. नए काम की शुरुआत आज ना करें. दोपहर के बाद दोस्तों से मुलाकात सुखद रह सकती है. उनसे लाभ भी होगा. दोस्तों के साथ कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा. किसी शॉपिंग के लिए भी जा सकते हैं. व्यापार में लाभ होगा. धन प्राप्ति के योग हैं.
कन्या- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दसवें भाव में होगी. नए काम की शुरुआत करने के लिए बनाई योजनाएं साकार होंगी. पिता से आपको लाभ प्राप्त होगा. व्यापारी और नौकरीपेशा लोगों को अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने का योग है. धन और मान-सम्मान में वृद्धि होगी. सरकार से लाभ होगा. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. गृहस्थजीवन में सुखशांति रहेगी. वसूली या व्यापार के काम से बाहर जाना होगा.
तुला- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति नवें भाव में होगी. आज आप प्रवास या किसी देव स्थान पर जा सकते हैं. जो लोग विदेश जाने के इच्छुक हैं, उनके लिए अनुकूल योग बन सकते हैं. बच्चों की चिंता परेशान करेगी. नौकरी करने वालों को उनके उच्च अधिकारियों का सहयोग नहीं प्राप्त होगा. आप किसी के साथ बहसबाजी ना करें. अचानक खर्च होने की भी संभावना रहेगी. जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मधुर बने रहेंगे.
वृश्चिक- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति आठवें भाव में होगी. वाणी और व्यवहार पर आज संयम रखना आवश्यक है. दैनिक कामों के अतिरिक्त नए काम हाथ में लेना उचित नहीं है. बीमार पड़ सकते हैं आज खान-पान में ध्यान रखें. अचानक धन लाभ होगा. आज चिंता करने की जगह चिंतन करें. आध्यात्मिकता में समय व्यतीत करने से मानसिक शांति मिलेगी. खुद को स्वस्थ रखने के लिए बाहर का खाना-पीना नहीं करें. जीवनसाथी के साथ विचारों का मतभेद हो तो उसे खुद दूर करने की कोशिश करें.
धनु- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति सातवें भाव में होगी. पार्टी, पिकनिक, प्रवास, सुंदर भोजन और वस्त्र परिधान आज के दिन की विशेषता होंगे. मनोरंजन की दुनिया में विहार करेंगे. नए मित्रों के साथ मुलाकात रोमांचक रहेगी. दांपत्यजीवन में उत्तम सुख की प्राप्ति होगी. सार्वजनिक सम्मान और ख्याति मिलेगी. बौद्धिक विचारों का आदान-प्रदान रहेगा. भागीदारी में लाभ होगा. कोई बड़े निवेश की योजना बना सकेंगे. विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा.
मकर- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति छठे भाव में होगी. व्यापार के विकास और आर्थिक आयोजन के लिए आज का दिन अनुकूल है. वसूली या पैसों की लेन-देन में सफलता मिलेगी. आयात- निर्यात में लाभ होगा. परिवार में हर्षोल्लास का वातावरण रहेगा. आर्थिक लाभ हो सकता है. कानूनी उलझनों से सचेत रहें. तंदुरुस्ती अच्छी रहेगी. विरोधियों की चाल निष्फल रहेगी.
कुंभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पांचवें भाव में होगी. आज अपनी बौद्धिक शक्ति से लेखन और सृजनात्मक कार्य अच्छी तरह से पूरे कर सकेंगे. आपका विचार किसी एक बात पर स्थिर नहीं रहेगा तथा उसमें लगातार परिवर्तन होता रहेगा. महिलाएं अपनी वाणी पर काबू रखें. हो सके तो यात्रा को टाल दें. बच्चों को लेकर चिंता रहेगी. आज नए काम की शुरुआत ना करें. आकस्मिक खर्च की तैयारी रखनी पड़ेगी.
मीन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 03 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मिथुन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति चौथे भाव में होगी. मकान और वाहन आदि के दस्तावेजों को अत्यंत संभालकर रखना होगा. पारिवारिक माहौल न बिगड़े, इसके लिए वाद-विवाद टालें. माता का स्वास्थ्य खराब हो सकता है. धन प्रतिष्ठा की हानि हो सकती है. महिलाओं साथ के व्यवहार में सावधानी रखें. ताजगी और स्फूर्ति का अभाव रहेगा. यात्रा टालें. पानी वाली जगहों से बचकर रहें. ज्यादा भावुकता से भी बचें.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (03 जनवरी 2026)
3 Jan, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- स्वभाव में प्रसन्नता, पारिवारिक सफलता मिल सकती है, व्यवसाय मेंं अच्छी उन्नति होगी।
वृष राशि :- कार्यों में सफलता मिले, मान-सम्मान की प्राप्ति होगी, शत्रु कमजोर होंगे।
मिथुन राशि :- सप्ताह उत्तम फलाकरी है, अधिकारियों का पूर्ण सहयोग-समर्थन मिलेगा।
कर्क राशि :- नौकरी मेंं व्यवधान हो सकता है, व्यवसाय ठीक नहीं रहेगा ध्यान दें।
fिसंह राशि :- आप आनंद का अनुभव करेंगे, केतु गृह पीड़ाकारक, आपसी मतभेद से बचकर चलें।
कन्या राशि :- मनोरंजन से अति हर्ष होगा, व्यवसाय में लाभ होगा, रुके कार्य अवश्य ही बनेंगे।
तुला राशि :- पारिवारिक उत्तरदायित्व की वृद्धि होगी, आमोद-प्रमोद में विशेष ध्यान रहेगा।
वृश्चिक राशि :- मानसिक तनाव अकस्मिक बढ़ेगा, स्वजनों से सहानुभूति अवश्य ही बढ़ेगी।
धनु राशि :- व्यवसाय की उन्नति से अर्थिक स्थिति में विशेष सुधार होगा, ध्यान रखें।
मकर राशि :- विलास सामग्री का संचय होगा, अधिकारी वर्ग की कृपा का लाभ अवश्य मिलेगा।
कुंभ राशि :- इष्ट मित्रों से अच्छा योग है, उन्नति एवं लाभ के योग अवश्य ही बनेंगे।
मीन राशि :- गृह-कलह, हीन मनोवृत्ति, शरीर पीड़ा से परेशानी अवश्य ही बन जायेगी।
जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने 2026 का कैलेंडर हटाया: तस्वीर में त्रिमूर्ति को गलत जगह दिखाने से लोग हुए नाराज
2 Jan, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने बीते दिन बुधवार को लोगों से माफी मांगी है. दरअसल 12वीं शताब्दी के इस भव्य मंदिर के अंदर रत्न सिंहासन पर बैठे भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा को गलत स्थिति में दर्शाने वाले कैलेंडर पर रोक लगा दी है. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने कहा कि, साल 2026 के कैलेंडर में प्रकाशित तस्वीरें ओडिशा राज्य संग्रहालय में संरक्षित एक सदी पुरानी ताड़ के पत्तों की पांडुलिपि से प्रेरणा ली गई है. उन्होंने कहा कि, कैलेंडर पर छपी कलाकृति उस काल के चित्रकार की शैली को दर्शाती है और इसका उद्देश्य किसी भी तरह से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है. एसजेटीए ने अपने एक बयान में बताया कि, यह उस वक्त के एक चित्रकार की कला है. उम्मीद करता हूं कि, जगन्नाथ स्वामी के भक्त इसे गलत नहीं लेंगे. जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने 2026 का कैलेंडर हटाया: तस्वीर में त्रिमूर्ति को गलत जगह दिखाने से लोग हुए नाराज
मंदिर के अधिकारियों ने कैलेंडर बिक्री पर लगाई रोक
राज्य में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को मंदिर की परंपराओं के अनुसार न चित्रित करने पर भारी आक्रोश के बाद ये फैसला लिया गया. मंदिर से जुड़े प्रशासकों ने अधिकारियों को कैलेंडर की बिक्री रोकने और प्रशासन द्वारा अनजाने में हुई गलती को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश दिया है. दरअसल मंदिर प्रशासन द्वारा जारी किए गए टेबल, कैलेंडर और वॉल कैलेंडर में गलत तस्वीर छापी गई थी. छवि में भगवान जगन्नाथ के स्थान पर बलभद्र को दर्शाया गया, जो परंपराओं के खिलाफ है. बीजेडी प्रवक्ता मोहंती ने बताया कि, एसजेटीए ने पुरानी कलाकृति का इस्तेमाल करने से पहले जानकारों से सलाह नहीं ली थी.
किन गलतियों के बाद लिया गया फैसला
कैलेंडर में में गलतियों की बात की जाए तो ऐसी कई त्रुटियां हैं, जिसे देखने के बाद इसकी बिक्री पर रोक लग चुकी है. त्रिमूर्ति की छवियों को गलत स्थान पर रखना. इसमें एक पुरानी रथ यत्र का भी चित्र है, जिसमें देवी सुभद्रा का दर्पदलन रथ सबसे पहले खींचा जा रहा है, जबकि उसके बाद भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ और आखिर में बलभद्र का तालध्वज खींचा जा रहा है.
जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने 2026 का कैलेंडर हटाया: तस्वीर में त्रिमूर्ति को गलत जगह दिखाने से लोग हुए नाराज
एक और गलती ये है कि, त्रिमूर्ति की छवियां गलत तरह से प्रकाशित की गई है. भगवान जगन्नाथ की जगह बलभद्र की तस्वीर को दिखाया गया है, और जहां बलभद्र की छवि होनी चाहिए थी वहां भगवान जगन्नाथ की तस्वीर को दर्शाया गया है. इन गलतियों को लेकर मंदिर के सेवक समेत कई लोगों ने इसकी कड़ी आलोचना की है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (02 जनवरी 2026)
2 Jan, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- मान-प्रतिष्ठा बाल-बाल बचे, किन्तु कार्य व्यावसाय गति उत्तम होगी।
वृष राशि :- धन प्राप्त के योग बनेंगे, नवीन मैत्री व मंत्रणा अवश्य प्राप्त होगी।
मिथुन राशि :- इष्ट मित्र सहायक रहे, व्यावसायिक क्षमता में वृद्धि अवश्य होवेगी।
कर्क राशि :- सामाजिक मान प्रतिष्ठा, कार्यकुशलता से संतोष, रुके कार्य अवश्य बनेंगे।
सिंह राशि :- परिश्रम से समय पर सोचे कार्य पूर्ण होंगे तथा व्यावसाय गति मंद हो।
कन्या राशि :- अधिकारियों का समर्थन फलप्रद रहे, कार्य कुशलता से संतोष होगा।
तुला राशि :- दैनिक व्यावसाय गति उत्तम तथा व्यावसायिक चिन्ताएं कम रहेंगीं।
वृश्चिक राशि :- कार्यगति मेंं सुधार होगा, असमंजस तथा सफलता न मिलेगी, ध्यान दें।
धनु राशि :- स्थिति अनियंत्रित रहे किन्तु स्थिति नियंत्रित करना परम आवश्यक होगा।
मकर राशि :- मानसिक खिन्नता एवं भाव में अशांति उद्विघ्नता अवश्य बनेगी।
कुंभ राशि :- योजनाऐं फलीभूत होंगी, विघटनकारी तत्व परेशान अवश्य करेंगे।
मीन राशि :- मनोबल उत्साह वर्धक होगा तथा कार्यकुशलता से संतोष होगा।
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