व्यापार
DeepSeek से संकट बढ़ा: चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वार का असर
4 Feb, 2025 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने गद्दी संभालने के कुछ हफ्तों के भीतर ही एक्शन लेना शुरू कर दिया है. ट्रंप ने पिछले हफ्ते एक के बाद एक टैरिफ आदेशों पर हस्ताक्षर किए. अपने वादे के मुताबिक, ट्रंप ने मेक्सिको (Mexico) और कनाडा (Canada) से आयात पर 25 फीसदी, जबकि चीन से आयात पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया है. इस बीच कनाडा से एनर्जी रिसोर्सेज के आयात पर 10 फीसदी कम टैरिफ लगेगा. ट्रंप के इस कदम से ट्रेड वॉर की संभावनाएं बढ़ गई हैं क्योंकि इस अमेरिकी फैसले पर जवाबी कार्रवाई करते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने उसी दिन 155 बिलियन डॉलर के अमेरिकी सामानों पर 25% का टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है|
मार्केट में दिखा असर
डॉनाल्ड ट्रंप की अचानक टैरिफ घोषणाओं के चलते अमेरिकी बाजारों में शुक्रवार को गिरावट आई. इस दौरान एसएंडपी 500 में 0.50 फीसदी, डाउ जोन्स (Dow Jones) इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.75% और नैस्डैक (Nasdaq) कंपोजिट में 0.28 फीसदी की गिरावट आई. हालांकि, जनवरी में तीनों इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए थे. इसके बावजूद सोमवार की सुबह शेयर फ्यूचर्स में गिरावट आई. हालांकि, पैन-यूरोपियन स्टॉक्स 600 इंडेक्स में 0.13% की बढ़ोतरी हुई. इसने जनवरी में 6% की बढ़त दर्ज की थी, जो एसएंडपी 500 की 3% की बढ़ोतरी से ज्यादा थी|
स्थिर थी महंगाई
वॉल स्ट्रीट ने 2024 को उच्च स्तर पर समाप्त किया, लेकिन अमेरिका में महंगाई की स्थिति भी कुछ ऐसी ही बनी रही. यूएस कॉमर्स डिपार्टमेंट के अनुसार, दिसंबर में पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर प्राइस इंडेक्स में एनुअल बेसिस पर 2.6% की बढ़ोतरी हुई. यह नवंबर से 0.2 परसेंटेज पॉइंट ऊपर है और डॉव जोन्स के अनुमान के अनुसार है. कोर पीसीई पिछले महीने से 2.8% पर स्थिर रहा, जो उम्मीदों के अनुसार है. इसमें फूड और एनर्जी की कीमतें शामिल नहीं हैं|
Gold Rate 2025: गोल्ड के दामों में बदलाव, निवेशकों के लिए क्या है जरूरी?
4 Feb, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
old Rate Today 4 February 2025: पिछले हफ्ते 24 कैरेट सोने की कीमत में -3.04 फीसदी गिरावट दर्ज किया गया है, जबकि पिछले महीने यह बदलाव -6.84 फीसदी रहा है. 4 फरवरी 2025 को देश में 24 Carat Gold की कीमत 8421.3 रुपए प्रति ग्राम और 22 Carat Gold की कीमत 7721.3 रुपए प्रति ग्राम है. MCX पर 4 अप्रैल 2025 की डिलीवरी वाला गोल्ड 0.18 फीसदी नीचे 83,134 रुपए प्रति 10 ग्राम और 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 0.05 फीसदी गिरकर 94,210 रुपए प्रति किलो हो गई है.
BMC Budget 2025: मुंबई में पहली बार नए टैक्स का प्रस्ताव, नागरिकों को होगा क्या असर?
4 Feb, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महानगरपालिका (BMC): जिसे मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (Municipal Corporation of Greater Mumbai - MCGM) भी कहा जाता है, मुंबई शहर की स्थानीय सरकार है. यह भारत का सबसे अमीर नगर निगम है और मुंबई के प्रशासन व विकास की ज़िम्मेदारी संभालता है|
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने 4 फरवरी 2025 को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹74,366 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 14.19% अधिक है|
टाटा ग्रुप का एक अहम बिजनस विदेशी हाथों में, RBI ने दी डील को हरी झंडी
4 Feb, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप ने एटीएम बिजनस से पूरी तरह किनारा कर लिया है। ग्रुप ने अपना यह बिजनस एक विदेशी कंपनी को बेच दिया है। RBI ने टाटा कम्युनिकेशंस ने टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस (TCPSL) में 100% हिस्सेदारी ऑस्ट्रेलियाई फिनटेक कंपनी Findi की भारत में सहायक कंपनी ट्रांजेक्शन सॉल्यूशंस इंटरनेशनल (TSI) को बेचने की अनुमति दे दी है। नवंबर 2024 में घोषित इस सौदे का मूल्य 330 करोड़ रुपये है। इसमें इंटरचेंज रेट एडजस्टमेंट के आधार पर अतिरिक्त 75 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इस अधिग्रहण से भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र में मौजूदगी बढ़ेगी। कंपनी का कहना है कि वह देश में उन लोगों को सर्विस देना चाहती है जो बैंकिंग सर्विसेज से दूर हैं। कंपनी अभी एटीएम ऑपरेशन और डिजिटल पेमेंट में है। उसकी योजना पूर्ण भुगतान बैंक में बदलने की है। टाटा के एटीएम बिजनस का अधिग्रहण उसकी इसी नीति के अनुरूप है। TSI भारत में 7,500 से अधिक 'ब्राउन लेबल' एटीएम ऑपरेट करती है। कंपनी की 12 बैंकों के साथ पार्टनरशिप है जिनमें SBI, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, PNB और HDFC शामिल हैं।
क्या होगा फायदा
साथ ही कंपनी 10,000 से अधिक 'व्हाइट लेबल' एटीएम के लिए बैक-एंड ऑपरेशन को मैनेज करती है। इतना ही नहीं कंपनी FindiPay ब्रांड के तहत 50,000 से अधिक मर्चेंट्स के जरिए डिजिटल भुगतान की सुविधा भी देती है। इस अधिग्रहण के साथ Findi 4,600 से अधिक एटीएम ऑपरेट करने वाले इंडिकैश एटीएम को इंटिग्रेट करेगा और लगभग 3,000 अतिरिक्त एटीएम तक एक्सेस हासिल करेगा। इससे कंपनी का कुल नेटवर्क विभिन्न श्रेणियों में 12,000 एटीएम से आगे निकल जाएगा और वह एशिया के सबसे बड़े एटीएम ऑपरेटरों में से एक बन जाएगा।
यह 2025 में Findi का दूसरा बड़ा अधिग्रहण है। इससे पहले जनवरी में TSI ने 129,000 से ज्यादा मर्चेंट टचपॉइंट्स के साथ डिजिटल भुगतान प्रदाता BankIT का अधिग्रहण किया था। इससे उसका कुल मर्चेंट बेस 180,000 से अधिक हो गया। साल 2008 में स्थापित TCPSL ने ATM पैठ बढ़ाने के RBI की नीतियों के मुताबिक 2013 में भारत का पहला व्हाइट-लेबल ATM नेटवर्क इंडिकैश लॉन्च किया था। TCPSL भारत में सबसे बड़े व्हाइट-लेबल ATM ऑपरेटरों में से एक है।
कंपनी की निवेश योजना: भविष्य की वृद्धि को लेकर कंपनी की रणनीति
इस अधिग्रहण से Findi को व्हाइट-लेबल ATM प्लेटफॉर्म, WLA लाइसेंस, पेमेंट स्विच और एक्सटेंडेड 3,000-ATM नेटवर्क तक पहुंच मिलेगी। टीएसआई ने इन एटीएम को अपने 180,000 फाइंडीपे और बैंकआईटी मर्चेंट आउटलेट्स पर स्थापित करने की योजना बनाई है। साथ ही कंपनी की योजना इन्हें मौजूदा इंडिकैश फ्रेंचाइजी में इंटिग्रेट करके अपनी वित्तीय पहुंच को और मजबूत करने की है।
ट्रंप टैरिफ टलने से रुपये की स्थिरता बढ़ी, क्या रहेगा इसका असर आगे?
4 Feb, 2025 12:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय रुपया सोमवार को पहली बार डॉलर के मुकाबले 87 के पार चला गया था। लेकिन आज इसमें मजबूती आई है। रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 13 पैसे की बढ़त के साथ 86.98 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मेक्सिको और कनाडा पर टैरिफ बढ़ोतरी को लागू करने की प्रक्रिया को एक महीने टालने के बाद भारतीय मुद्रा पर कुछ दबाव कम हुआ है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक जो 109.88 के स्तर को पार कर गया था, ट्रंप की शुल्क पर अस्थायी रोक की घोषणा के बाद 108.74 पर आ गया।अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 86.98 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 13 पैसे की बढ़त दर्शाता है। रुपया सोमवार को 49 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.11 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 108.74 पर रहा।
शेयर बाजार का हाल
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75.54 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। इस बीच, घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 716.50 अंक की बढ़त के साथ 77,903.24 अंक पर, जबकि निफ्टी 199.15 अंक चढ़कर 23,560.20 अंक पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 3,958.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
कैसे ब्रोकरेज की अपसाइड प्रेडिक्शन निवेशकों को आकर्षित कर रही है?
4 Feb, 2025 12:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शेयर मार्केट: मंगलवार को खरीदारी देखी जा रही है. ट्रेड टैरिफ को 30 दिन के लिए स्थगित करने की खबर ने एशियाई बाज़ारों को मंगलवार को बूस्ट दिया. भारतीय बाज़ारों में भी बड़ी गैप अप ओपनिंग हुई. इस बीच कुछ स्टॉक भी फोकस में रहे.
ऑइल एंड गैस सेक्टर के लार्जकैप पीएसयू स्टॉक Oil and Natural Gas Corporation Ltd के शेयर प्राइस में उछाल देखने को मिल रहा है. ब्रोकरेज हाउस के बड़े टारगेट के बाद मंगलवार को ओएनजीसी के शेयरों में 3% तक के तेज़ी देखी गई और यह 257 रुपए के लेवल पर ट्रेड करने लगा. कंपनी का मार्केट कैप 253.75 लाख करोड़ रुपए है|
क्या जेफरीज का 50% अपसाइड टारगेट इन स्टॉक्स को बना सकता है लार्ज-कैप विजेता?
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन याने ONGC पर ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अच्छा रिस्क-रिवॉर्ड रेशो बताया है और स्टॉक पर अपनी बाय रेटिंग दोहराई है. ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर 375 रुपये का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है, जो कि मौजूदा स्टॉक प्राइस से 50.5% का अपसाइड टारगेट है. ब्रोकरेज के इस व्यू के बाद ONGC के शेयर BSE पर 3.2% बढ़कर 257.15 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए. ब्रोकरेज फर्म ने अगले कुछ वित्तीय वर्षों (वित्त वर्ष 25-28) में मजबूत प्रोडक्शन ग्रोथ का भी हवाला दिया. जेफरीज ने वित्त वर्ष 26 और वित्त वर्ष 27 के लिए अपने स्टैंडअलोन अर्निंग अनुमानों को क्रमशः 2% और 4% तक संशोधित किया है, जो कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है. ब्रोकरेज ने नोट किया कि हाल की रेगुलेटरी एक्शन से ओएनजीसी की लाभप्रदता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है.
ओएनजीसी पर जेफरीज के पॉज़िटिव व्यू को रिस्क-रिवॉर्ड परिदृश्य द्वारा और मजबूत किया गया है, जो यह सुझाव देता है कि मौजूदा शेयर मूल्य कथित नेगेटिव रिस्क के सापेक्ष आकर्षक अपसाइड क्षमता प्रदान करता है|
ओएनजीसी के शेयर की कीमतों में ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव
पिछले एक साल में ONGC के शेयरों में 1.67% की मामूली गिरावट देखी गई है. हालांकि, इसने 6.73% का सकारात्मक वर्ष-दर-वर्ष (YTD) रिटर्न दिखाया है. छोटे टाइम फ्रेम को देखते हुए एसेट क्लास ने पिछले महीने में 2.24% की गिरावट, पिछले तीन महीनों में 6.95% की कमी और पिछले छह महीनों में 23.38% की पर्याप्त गिरावट के साथ नकारात्मक प्रदर्शन देखा है.यह एक हाई डिविडेंड यील्ड पीएसयू स्टॉक है, जिसकी डिविडेंड यील्ड 4.93 है|
डेली चार्ट पर ओएनजीसी ने 50डी ईएमए से सपोर्ट लिया है जो 244 रुपए के लेवल पर है. मोमेंटम इंडिकेटर आरएसआई भी 50 की ओर जा रहा है, जो बता रहा है कि स्टॉक ओवर सोल्ड ज़ोन से बाहर निकल रहा है.
OpenAI का 'Deep Research' टूल लॉन्च, ChatGPT के साथ अब गहरी रिसर्च पर मिलेगा ध्यान
3 Feb, 2025 02:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
AI के सेक्टर में बड़ी हलचल मच गई है। अमेरिका की टेक कंपनी Open AI ने सोमवार को अपना नया Chat GPT टूल “Deep Research” लॉन्च किया। यह लॉन्च टोक्यो में होने वाली हाई-लेवल मीटिंग्स से पहले किया गया है। इस बीच, चीन का नया AI चैटबॉट Deep Seek भी जबरदस्त चर्चा में है और सिलिकॉन वैली में तेज़ी लाने के दबाव बढ़ा रहा है।
Deep Seek ने मचाया हड़कंप, कम लागत में हाई परफॉर्मेंस
चीन के Deep Seek ने अपनी तेज़ स्पीड और किफायती मॉडल से अमेरिकी AI डेवलपर्स को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई AI तकनीक ने Open AI जैसे बड़े खिलाड़ियों को और तेज़ी से इनोवेशन करने के लिए प्रेरित किया है।
Open AI का दावा: घंटों का काम मिनटों में
Open AI, जिसने 2022 में अपने Chat GPT के जरिए जनरेटिव AI को ग्लोबल लेवल पर पॉपुलर बनाया था, अब “Deep Research” के साथ एक कदम आगे बढ़ चुका है। कंपनी के मुताबिक, ये टूल वो काम मिनटों में कर सकता है, जिसे करने में इंसानों को घंटों लग जाते हैं।
Open AI ने अपने बयान में कहा, “Deep Research Open AI का अगला बड़ा एजेंट है, जो आपके दिए गए प्रॉम्प्ट पर काम करते हुए वेब से सैकड़ों सोर्सेस की जानकारी जुटाएगा, उन्हें एनालाइज करेगा और एक रिसर्च एनालिस्ट के लेवल की रिपोर्ट तैयार करेगा।”
Open AI का नया AI एजेंट ‘Deep Research’: क्या है इसकी खासियत?
Open AI ने हाल ही में एक नया AI एजेंट Deep Research लॉन्च किया है, जो इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न सोर्सेज से जानकारी जुटाकर एक डीटेल रिपोर्ट तैयार कर सकता है। ये AI एजेंट किसी भी विषय पर यूजर द्वारा दिए गए इनपुट को लेकर गहराई से रिसर्च करता है और सटीक नतीजे देता है।
AI एजेंट्स को ऐसे एडवांस सिस्टम्स माना जाता है, जो बिना ज्यादा मैन्युअल गाइडेंस के मल्टी-स्टेप टास्क पूरे कर सकते हैं। Deep Research सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि इमेज, ऑडियो और अन्य फॉर्मेट्स से भी डेटा कलेक्ट करता है, ताकि हर एंगल से पूरी और भरोसेमंद जानकारी दी जा सके। इसका उपयोग यूजर्स के लिए उन जटिल विषयों पर भी आसान रिपोर्ट बनाने में मदद करेगा, जिनके लिए आमतौर पर गहराई से अध्ययन की जरूरत होती है।
हालांकि, ये Open AI का पहला AI एजेंट नहीं है। इससे पहले कंपनी ने Operator एजेंट लॉन्च किया था, जो फ्लाइट टिकट बुकिंग, ग्रॉसरी ऑर्डर जैसी वेब-बेस्ड टास्क्स को हैंडल करता है। वहीं, Google भी अपने AI चैटबॉट Gemini के लिए एक “Deep Research” टूल ऑफर करता है, जो यूजर्स की ओर से वेब पर जानकारी को एनालाइज करता है।
कैसे काम करता है Deep Research?
Open AI का Deep Research एजेंट अपकमिंग Open AI o3 मॉडल पर बेस्ड है, जिसे खासतौर पर वेब ब्राउजिंग और डेटा एनालिसिस के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है। ये एजेंट टेक्स्ट, इमेजेस और PDFs को इंटरनेट से खोजने, समझने और एनालाइज करने की क्षमता रखता है।
यूजर्स Chat GPT के मैसेज कंपोजर में ‘deep research’ ऑप्शन को सिलेक्ट करके अपनी क्वेरी डाल सकते हैं। वे जरूरत के अनुसार फाइल्स या स्प्रेडशीट भी अटैच कर सकते हैं ताकि एजेंट को बैकग्राउंड जानकारी मिल सके। जैसे ही रिसर्च प्रोसेस शुरू होता है, स्क्रीन पर एक साइडबार खुलता है जिसमें स्टेप्स और सोर्सेज की समरी दिखाई देती है। Open AI का कहना है कि रिसर्च की जटिलता के आधार पर ये प्रोसेस 5 से 30 मिनट तक का समय ले सकता है।
मैन्युफैक्चरिंग PMI 6 महीने के टॉप पर, जनवरी में एक्सपोर्ट और नए ऑर्डर का प्रभाव
3 Feb, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PMI: जनवरी में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दमदार शुरुआत की है। दिसंबर में थोड़ी सुस्ती के बाद अब एक्सपोर्ट्स में करीब 14 साल की सबसे तेज बढ़त देखने को मिली है। नए ऑर्डर्स भी जुलाई के बाद सबसे तेज रफ्तार से बढ़े हैं। इस वजह से जनवरी का मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) छह महीने के टॉप लेवल पर पहुंच गया है।
HSBC और S&P Global द्वारा जारी किए गए डेटा के अनुसार, जनवरी में PMI 57.7 रहा, जबकि दिसंबर में यह 56.4 था। बता दें कि PMI का 50 से ऊपर होना सेक्टर में ग्रोथ को दर्शाता है, जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा गिरावट को दिखाता है।
जबरदस्त एक्सपोर्ट्स और ऑर्डर्स की इस तेजी से भारतीय प्रोड्यूसर्स ने नए साल की मजबूत शुरुआत की है, जो आगे भी इकोनॉमी के लिए पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है।
सर्वे के मुताबिक, कॉस्ट प्रेशर 11 महीनों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, लेकिन मांग में तेजी के चलते कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाए। इसके साथ ही बिजनेस कॉन्फिडेंस भी मजबूत हुआ है। खरीदारी में बढ़ोतरी और रिकॉर्ड लेवल पर रोजगार सृजन देखने को मिला है। नए ऑर्डर्स में उछाल की वजह बेहतर घरेलू मांग और इंटरनेशनल सेल्स में बढ़ोतरी रही। खास बात यह रही कि भारतीय प्रोडक्ट्स की अंतरराष्ट्रीय मांग में 14 साल की सबसे तेज रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की गई।
HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा, “डोमेस्टिक और एक्सपोर्ट डिमांड दोनों मजबूत बनी हुई हैं, जिससे नए ऑर्डर्स में ग्रोथ देखने को मिल रही है।” उन्होंने आगे बताया कि एम्प्लॉयमेंट PMI ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूत जॉब क्रिएशन का संकेत दिया है। यह इंडेक्स अपने लॉन्च के बाद से अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।
सर्वे में यह भी बताया गया कि इनपुट कॉस्ट में दूसरी बार गिरावट दर्ज हुई है, जिससे कंपनियों पर फाइनल प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने का दबाव कम हुआ है।
इसके साथ ही कंपनियां भविष्य को लेकर भी ज्यादा आशावादी हो गई हैं। लगभग 32% कंपनियों ने कहा कि वे ग्रोथ की उम्मीद कर रही हैं, जबकि सिर्फ 1% कंपनियों ने प्रोडक्शन में कमी की आशंका जताई है।
नए सर्वे के मुताबिक, भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ के संकेत बेहद मजबूत हैं। पैनल मेंबर्स का कहना है कि डिमांड में तेजी, ग्राहकों के साथ बेहतर संबंध, अनुकूल आर्थिक परिस्थितियां और मार्केटिंग के प्रयास इस ग्रोथ को और बढ़ावा देंगे।
सर्वे के अनुसार, मजबूत बिक्री और सकारात्मक भविष्यवाणी के चलते कंपनियों ने वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही की शुरुआत में नए कर्मचारियों की भारी संख्या में भर्तियां कीं। रोजगार में यह बढ़त पिछले 20 वर्षों में सबसे तेज रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक्टिविटी अपने चरम पर है।
जनवरी में भारतीय कंपनियों ने इनपुट्स की खरीदारी में तेजी दिखाई, जो पिछले तीन महीनों में सबसे तेज रही। इन्वेंटरी बढ़ाने की कोशिशों में कंपनियां कामयाब रहीं क्योंकि सप्लायर्स ने समय पर डिलीवरी की। सर्वे के मुताबिक, वेंडर परफॉर्मेंस बीते आठ महीनों में सबसे बेहतर रही, जबकि इनपुट स्टॉक्स का जमाव अक्टूबर 2024 के बाद सबसे तेज स्तर पर पहुंच गया।
AKI इंडिया लिमिटेड के शेयरों में बजट के बाद लगातार अपर सर्किट, कीमतों में हो रही बढ़ोतरी
3 Feb, 2025 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेनी स्टॉक: AKI इंडिया लिमिटेड के शेयरों में 1 फरवरी, 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के बाद से लगातार अपर सर्किट लग रहा है। इसका मतलब है कि कंपनी के शेयरों की कीमत में इतनी तेजी से वृद्धि हो रही है कि स्टॉक एक्सचेंज ने उसे एक सीमा तक बढ़ने से रोक दिया है, जो "अपर सर्किट" के रूप में जाना जाता है।
अपर सर्किट तब लगता है जब किसी स्टॉक की कीमत निर्धारित सीमा से अधिक बढ़ जाती है, जिससे बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोका जा सके और निवेशकों को नुकसान से बचाया जा सके। 1 फरवरी को बजट भाषण के बाद AKI इंडिया लिमिटेड के शेयरों में अचानक वृद्धि देखी गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि किसी खास घोषणा या उम्मीद ने इस कंपनी के शेयरों को बाजार में आकर्षित किया है।
यह वृद्धि उन निवेशकों को आकर्षित कर सकती है, जो संभावित लाभ की तलाश में हैं, खासकर तब जब सरकार की नीतियों से संबंधित सकारात्मक समाचार या लाभ की उम्मीद होती है। यह भी संभव है कि कंपनी के बिजनेस मॉडल या भविष्य की योजनाओं को लेकर कुछ नई जानकारी सामने आई हो, जो निवेशकों के बीच सकारात्मक भावना का कारण बनी हो।
कुल मिलाकर, बजट के दिन से शुरू हुई यह तेजी कंपनी के शेयरों में एक महत्वपूर्ण इंटरेस्ट और निवेशकों की दिलचस्पी को दर्शाती है, जो उनके लिए एक अच्छा संकेत हो सकता है, लेकिन इस तरह की उतार-चढ़ाव वाली स्टॉक्स में निवेश करने से पहले जोखिम का सही मूल्यांकन करना जरूरी होता है।
3 फरवरी 2025: दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने का रेट 84,663 रुपये, चांदी 1,02,600 रुपये
3 Feb, 2025 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेट: 3 फरवरी 2025 को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि देखी गई है। इस दिन सोने का रेट 84,663 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि चांदी का भाव 1,02,600 रुपये प्रति किलोग्राम है।
यह वृद्धि पिछले कुछ दिनों के मुकाबले सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव को दर्शाती है। सोने की कीमतें वैश्विक आर्थिक स्थिति, महंगाई, और निवेशकों की मांग के आधार पर ऊपर-नीचे होती रहती हैं। चांदी की कीमत में भी परिवर्तन हुआ है, जो कल के रेट 1,01,700 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक है।
ऐसी कीमतों में वृद्धि से निवेशक और खरीदार दोनों प्रभावित होते हैं, क्योंकि यह उनके निवेश फैसलों और खरीदारी की क्षमता को प्रभावित करता है। इस समय सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बढ़ोतरी से यह संकेत मिलता है कि सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि चांदी भी धीरे-धीरे महंगी हो रही है।
एप्पल आईफोन की बिक्री में 23 प्रतिशत का बड़ा उछाल
2 Feb, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सालाना आधार पर भारत में 2024 में एप्पल आईफोन की बिक्री में 23 प्रतिशत का जबर्दस्त उछाल दिखाई दिया। इतना ही नहीं, आईपैड की बिक्री में भी 44 प्रतिशत की मजबूत बढ़त हुई है। साइबर मीडिया रिसर्च (सीएमआर) द्वारा जानकारी में बताया गया कि 2024 में भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में एप्पल आईफोन की हिस्सेदारी बढ़कर 7 प्रतिशत हो गई है। इसकी वजह स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ना और छोटे शहरों में प्रीमियमाइजेशन का बढ़ता चलन है। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के वीपी (इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप), प्रभु राम ने कहा, कैलेंडर वर्ष 2024 में एप्पल के आईफोन और आईपैड में दोहरे अंक में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। इसकी वजह स्मार्टफोन में प्रीमियमाइजेशन बढ़ना है। इसके साथ ही एप्पल को घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने और रिटेल सेगमेंट के विस्तार का फायदा मिल रहा है।भारत मध्यम वर्ग तेजी से प्रीमियम डिवाइस की तरफ आकर्षित हो रहा है। इसकी वजह केवल लाइफस्टाइल में बदलाव होना ही नहीं, बल्कि एडवांस टेक्नोलॉजी को जल्द अपनाने की आकांक्षा होना भी है। उन्होंने आगे कहा, आईफोन और आईपैड की अपील एप्पल के लिए बाजार वृद्धि का एक प्रमुख चालक बनी हुई है। वर्ष 2025 और उसके बाद भी वृद्धि के लिए पर्याप्त गुंजाइश है। भारत में एप्पल के लिए अभी भी शुरुआती दिन हैं। 2024 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में एप्पल की एंट्री भारत के शीर्ष पांच मोबाइल ब्रांड में हो गई थी।
राम के मुताबिक, आने वाले वर्ष में भारत में एप्पल की वृद्धि मजबूत गति के साथ जारी रहने की उम्मीद है, जो आक्रामक खुदरा विस्तार, टारगेटेड विपणन रणनीतियों और महत्वाकांक्षी भारतीय बाजार में गहरी पैठ से प्रेरित है। उन्होंने आगे बताया कि भारत में एप्पल के लेटेस्ट के साथ पुराने मॉडल्स की मजबूत मांग बनी हुई है। वॉल्यूम के हिसाब से कंपनी का मार्केट शेयर करीब 10 प्रतिशत पर पहुंच गया था। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के कारण कंपनी ने घरेलू बिक्री के साथ निर्यात में भी रिकॉर्ड बनाया है। 2024 में एप्पल इंडिया द्वारा 1.1 करोड़ से ज्यादा शिपमेंट की गई है।
निर्मला सीतारमण के बजट के आते ही क्यों भागने लगे स्विगी-जोमैटो के शेयर
2 Feb, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। सैलरी वाला झुनझुने से निराश चल रहा था। जब नया टैक्स रिजीम आया, तब गजब कन्फ्यूजन था। शाम तक समझ आया कि नहीं ये नया टैक्स रिजीम है, इसमें कोई 80-सी, हाउस रेंट वाली छूट नहीं है। तब सारा उत्साह फुस्स हो गया। फिर धीरे-धीरे न्यू टैक्स रिजीम को चमकाने का काम शुरू हुआ। देखते ही देखते सात लाख तक की इनकम टैक्स फ्री हो गई। फिर 72 प्रतिशत टैक्स देने वाले उस ओर चले गए। शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सात लाख की लिमिट को 12 लाख कर दिया। अब 80 प्रतिशत से ज्यादा सैलरी वाले इसी में आ जाएंगे। 75000 रुपए स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़ने पर 12.75 लाख रुपए की सालाना इनकम टैक्स फ्री होगी। फिर हिसाब लगाया तब पता चला ओल्ड टैक्स रिजीम अभी भी फायदेमंद है। हां, नए न्यू टैक्स रिजीम में जाने पर टैक्स सेविंग की कठिन प्रक्रिया से छुटकारा मिलेगा। इसमें कोई शक नहीं कि 80 प्रतिशत टैक्स देने वाले फायदे में रहने वाले है। स्विगी-जोमैटो के शेयर इसीलिए भागे।
इस लिहाज से वित्त मंत्री का आठवां बजट खपत बढ़ाने वाला है। मध्यम वर्ग का ध्यान सालों बाद रखा गया है। लेकिन वित्त मंत्री ने बुनियाद नहीं छोड़ी। मोदी सरकार अगले साल भी 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा रेल, रोड, बंदरगाह, एनर्जी जैसे सेक्टर्स पर खर्च करेगी। इनकम टैक्स छूट से एक लाख करोड़ रुपए सरकारी खजाने में कम जमा होने हैं, लेकिन सरकारी खर्चे में कोई कमी नहीं होगी। इतिहास बताता है कि टैक्स में छूट देने पर टैक्स देने वाले बढ़ते जाते हैं। इसके बाद हो सकता हैं कि अगले साल टैक्स देने वालों की संख्या 10 करोड़ पहुंच जाए।
इस बल्ले-बल्ले के बीच एक खाई बहुत चौड़ी होती हुई दिख रही है। टैक्स देने वालों और न देने वालों के बीच की। 140 करोड़ की आबादी में सिर्फ 8 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं। यानी कुल आबादी के सात प्रतिशत से भी कम लोग रिटर्न फाइल करते है। इसमें भी पांच करोड़ जीरो टैक्स देने वाले हैं। मतलब सिर्फ रिटर्न फाइल करते हैं क्योंकि ऐसा करना लोन लेने सहित कई और बातों के लिए जरूरी है।
अब एक और आंकड़ा देखिए। हमारे देश की प्रति व्यक्ति आय करीब एक लाख 72 हजार रुपए सालाना है। इसका मतलब प्रति व्यक्ति आय का सात गुना कमाने वाला भी टैक्स के दायरे से बाहर रहेगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। दिक्कत टैक्स नेट से है। 12 लाख 75 हजार रुपए से ज्यादा कमाने वाले सारे लोगों को इनकम टैक्स के दायरे में लाना चाहिए। अभी ये साफ लग रहा है कि 12.75 लाख रुपए से ज्यादा वाले कमर कस लें। ओल्ड रिजीम छोड़ दें और कुछ ज्यादा टैक्स देकर नए रिजीम में आ जाएं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज मिल रहा है। 2024 से 2029 जनवरी तक मिलता रहेगा। मोदी सरकार इस पर 11.80 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी। लगभग उतना ही जितना 2025-26 में सरकार के पूंजीगत खर्चों का बजट है। दो लाख करोड़ रुपए हर साल का खर्च इस योजना पर हो रहा है। अगर हमें इस तरह की ऐतिहासिक योजनाओं को जारी रखना है, तब टैक्स नेट बढ़ाने पर फोकस करना ही होगा।
गर्व की बात, भारत में बनी जिम्नी 5 डोर जापान में हुई लांच
2 Feb, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । मारुति सुजुकी जिम्नी 5 डोर इंडिया की दूसरी कार बन गई है, जो कि जापान में लांच हुई है। इसके पहले मारुति सुजुकी फ्रोंक्स को भी जापान में लांच किया गया था। खास बात ये है कि ये दोनों कारें मेड इन इंडिया है। यानी इनकी मैन्युफैक्चरिंग भारत में की गई है और बाद में इन्हें एक्पोर्ट करके जापान के बाजार में भेजा गया है।
इसके पहले अभी तक जापान में इस सब-कॉम्पैक्ट ऑफ रोडर की 3 डोर वर्जन की ही ब्रिकी होती थी। अब जापान में भी अब 5 डोर मॉडल लांच होने के बाद वहां के बाजार में भी 5 डोर मॉडल सेल होगा। मेड इन इंडिया कारों का जापान जैसे बड़े और विकसित बाजार में लांच होना भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए अच्छी खबर है। लांच से पहले ही जापान में जिम्नी 5 डोर की इमेज भी ऑनलाइन लीक हो गई थी जिससे कार के लिए बज क्रिएट हो गया था। जापान में 5 डोर जिम्नी का तस्वीर सामने आने के बाद से ही बाजार में इस कार के लिए काफी एक्साइटमेंट था। जापान में इस मॉडल को सिजलिंग रेज एंड ब्लैक ड्यूल टोन पेंट स्कीम के साथ देखा गया था।
बुकिंग्स शुरू, 25 हजार का टोकन अमाउंट देकर बुक करें ई-विटारा
2 Feb, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने बीते दिनों ऑटो एक्सपो में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार पेश की थी। तभी कंपनी ने मारुति सुजुकी ई-विटारा से पर्दा उठाया था। इसके बाद से ही ग्राहकों को इसके लांच का इंतजार है। लेकिन इस कार की अधिकारिक बुकिंग्स शुरू हो चुकी है।
25,000 रुपये का टोकन अमाउंट देकर आप अपनी कार यूनिट बुक कर सकते हैं। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अब इसका लांच करीब है। हालांकि कंपनी ने अभी तक इस कार की कीमत की घोषणा नहीं की है। ई विटारा के लांच के बाद हमें सेम प्लेटफॉर्म पर टोयोटा की इलेक्ट्रिक कार की लॉन्चिंग भी देखने को मिलेगी जिसका नाम अर्बन क्रूजर ईवी होगा। ग्रैंड विटारा के समान, ई विटारा के तीन वेरिएंट पेश किए जा सकते हैं डेल्टा, ज़ेटा और अल्फा है। बेस वेरिएंट में 49-किलोवॉट बैटरी पैक मिल सकता है, जबकि टॉप वेरिएंट 61-किलोवाट बैटरी पैक से लैस होगा। बड़े बैटरी पैक के साथ दावा की गई रेंज 500 किमी है।
ई विटारा के हाइ एंड बैटरी पैक में 120 लिथियम-आयन आधारित सेल शामिल हैं। इन्हें -30°डिग्री से 60°डिग्री के अत्यधिक तापमान में भी काम करने के लिए टेस्ट किया गया है। ईविटारा के बैटरी पैक एक अडवांस्ड थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम से लैस हैं जिसमें लो-आयन कूलेंट शामिल है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ई विटारा रियल वर्ल्ड की स्थितियों के तनाव को संभाल सकती है, कंपनी ने इसे कई अलग अलग तरह की परिस्थितियों में टेस्ट किया है। मारुति ईविटारा में इको, नॉर्मल और स्पोर्ट ड्राइविंग मोड हैं। मारुति की इस इलेक्ट्रिक कार में 10.1 इंच टचस्क्रीन इंफोटेंटमेंट सिस्टम, 10.25 इंच मल्टि-इंफोर्मेशन डिस्प्ले, फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, वायरलेस चार्जर के साथ हरमन का साउंड सिस्टम मिलता है।
बजट के बाद शेयर बाजार में उथल-पुथल, निर्मला सीतारमण के भाषण से उछलने के बाद गिरावट
1 Feb, 2025 04:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साल 2025-26 के बजट भाषण की शुरूआत करते ही सबसे पहले शेयर बाजार ने पहले तो उछलकर सलाम भेजा. फिर जल्दी ही सेंसेक्स और निफ्टी गोता लगाने लगे. बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स तो 136.44 अंक चढ़कर 77,637.01 अंक पर पहुंच गया था. एनएसई बेंचमार्क निफ्टी भी 20.2 अंक चढ़कर 23,528.60 अंक पर पहुंचा. बाद में सेंसेक्स 300 अंक गिरा और निफ्टी फिसलकर 23,450 के नीचे चला गया.
आईटीसी, महिंद्रा, अल्ट्राटेक दोपहर तक फायदे में रहे
बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार की उठापटक में आईटीसी होटल्स, इंडसइंड बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट और एनटीपीसी दोपहर तक फायदे में रहे. टाइटन, कोटक महिन्द्रा बैंक, नेस्ले, एशियन पेंट्स, एचसीएल टेक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर दोपहर बाद तक लगातार पिछड़ रहे थे.
क्या बाजार को नहीं मिला बूस्टर डोज
बजट का शुरूआत में स्वागत करते हुए भी शेयर बाजार की ओर से दिखाई गई मायूसी आखिर क्या कहती है. बाजार की ओर से दिखाई गई इस मायूसी का राज आखिर क्या है. जानकारों का मानना है कि जितनी उम्मीद थी, उतनी पूरी नहीं हुई है. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार कहते हैं कि बाजार विकास को बढ़ावा देने वाले उपायों की तलाश करेगा, न कि पूंजीगत लाभ और कर में बदलाव जैसे राहतों पर खुश होगा. विकास और आय में सुधार के रुझान मध्यम से लंबी अवधि में बाजार की चाल को तय करेंगे.
शुरू में अडानी पावर चार फीसदी, अडानी ग्रीन तीन फीसदी चढ़े
बजट की शुरूआत के साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूती देने के सरकार के संकल्प को देखते हुए निवेशकों ने अडानी पावर के शेयरों का जोरदार स्वागत किया. इस कारण अडानी पावर के शेयर शुरू में चार फीसदी ऊपर चढ़ गए. अडानी ग्रीन के शेयरों को भी शुरूआत में खूब फायदा हुआ. शुरूआती दौर में ही अडानी ग्रीन के शेयर 3.52 फीसदी तक उछाल पर थे. इसी तरह अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर भी दोपहर तक 2.46 फीसदी अधिक पर कारोबार कर रहे थे.
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