व्यापार
दिसंबर तिमाही के नुकसान से ओला इलेक्ट्रिक के शेयर गिरे
10 Feb, 2025 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इलेक्ट्रिक: टू व्हीलर इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ रखने वाली ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी के शेयरों में सोमवार के दिन बड़ी गिरावट देखने को मिली है. आज सुबह के कारोबारी सत्र में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर 3.4 फ़ीसदी की गिरावट के साथ 67.61 रुपए के लेवल पर पहुंच गए हैं. बता दे कि पिछले दो कारोबारी सत्र में शेयर का भाव 3.53 फ़ीसदी तक गिर चुका है. बीते शुक्रवार को ओला इलेक्ट्रिक के शेयर 69.97 रुपए के लेवल पर बंद हुए थे.ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी के शेयर में आज आई इस बड़ी गिरावट के पीछे का कारण कंपनी के वित्त वर्ष 2025 की दिसंबर तिमाही रिजल्ट को बताया जा रहा है|दरअसल वित्त वर्ष 2025 की दिसंबर तिमाही में कंपनी का साल दर साल के आधार पर लॉस बढ़कर 564 करोड़ रुपए के लेवल पर रिपोर्ट हुआ है. जो 1 वर्ष पहले वित्त वर्ष 2024 की दिसंबर तिमाही में 376 करोड़ रुपए के लेवल पर रिपोर्ट हुआ था.लॉस बढ़ने के साथ कंपनी के ऑपरेशन से आने वाला रेवेन्यू भी दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 19 फ़ीसदी से गिरकर के 1045 करोड़ रुपए के लेवल पर रिपोर्ट हुआ है. जो वित्त वर्ष 2024 की दिसंबर तिमाही में 1296 करोड़ रुपए के लेवल पर रिपोर्ट हुई थी. रेवेन्यू मे आई इस बड़ी गिरावट के पीछे का कारण कमजोर डिमांड और प्राइसिंग प्रेशर की वजह से माना जा रहा है.आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 की दिसंबर तिमाही के दौरान ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी ने कुल 84029 यूनिट सेल किया है. कंपनी ने पिछली तिमाही यानी वित्त वर्ष 2025 की सितंबर तिमाही में कुल 98619 यूनिट का सेल किया था|
ब्रोकरेज ने यह कहा
दिसंबर तिमाही रिजल्ट आ जाने के बाद वैश्विक ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी के शेयर पर 101 रुपए का टारगेट प्राइस देते हुए खरीदारी करने की रेटिंग को बरकरार रखा है.ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने अपने नोट में कहा है कि ओला इलेक्ट्रिक कंपनी अपने आने वाली जनरेशन 3 पोर्टफोलियो वाली स्कूटर में इन–हाउस कंपोनेंट्स का अधिक इस्तेमाल करेगी इसके अतिरिक्त कंपनी का फोकस इस समय लोअर एवरेज सेलिंग प्राइस प्रोडक्ट पर है|
शेयर परफॉर्मेंस
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी के शेयर परफॉर्मेंस की बात करें तो पिछले 6 महीने में शेयर का भाव 25 फ़ीसदी से अधिक गिर चुका है वहीं पिछले 3 महीने में शेयर का भाव 6 फ़ीसदी तक टूट गया है.लगभग 29993 करोड़ रुपए का बाजार पूंजीकरण रखने वाली ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी के शेयर का 52 का हाई लेवल 157 रुपए है और 52 वीक का लो लेवल 64 रुपए है अर्थात इस समय शेयर अपने 52 वीक के लो लेवल के पास ही कारोबार कर रहा है|
अजाक्स इंजीनियरिंग IPO: ₹1,269 करोड़ जुटाने का लक्ष्य, निवेश के लिए जरूरी जानकारी
10 Feb, 2025 12:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
2025 दूसरे महीनें फरवरी में एक के बाद एक IPO आने का सिलसिला शुरू हो गया है. जनवरी में भी कई IPO आया और उसने मार्केट में जबरदस्त कमाई की.अजाक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड का IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफर आ गया है. इसका सब्सक्रिप्शन आज यानी 10 फरवरी से ओपन हो गया है. बता दें कि यह IPO आज से दो दिन बाद 12 फरवरी को क्लोज हो जाएगा.अगर आप भी अजाक्स इंजीनियरिंग के IPO में पैसा लगाने का प्लान बना रहे हैं तो हम आपको यहां सारी डिटेल्स बता रहे है साथ ही आप इसमें कितना निवेश कर सकते हैं ये भी आपके बताएंगे|
₹1,269 करोड़ जुटाना चाहती है कंपनी
अजाक्स इंजीनियरिंग कंपनी पब्लिक इश्यू के जरिए 2.02 करोड़ शेयर्स बेचकर ₹1,269.35 करोड़ जुटाना चाहती है. यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है. बता दें कि कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड ₹599-₹629 प्रति इक्विटी शेयर तय किया है. कंपनी के शेयरों का अलॉटमेंट 13 फरवरी को होगा. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पर 17 फरवरी को शेयर्स की लिस्टिंग की जाएंगी|
कितना पैसा लगा सकते हैं?
इस IPO के लिए रिटेल निवेशक मिनिमम एक लॉट यानी 23 शेयर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं. यदि आप IPO के अपर प्राइज बैंड ₹629 के हिसाब से 1 लॉट के लिए अप्लाय करते हैं, तो आपको ₹14,467 का इन्वेस्टमेंट करना होगा. वहीं रिटेल इन्वेस्टर्स IPO के मैक्सिमम 13 लॉट यानी 299 शेयर्स के लिए बिडिंग कर सकते हैं और इसके लिए इनवेस्टर्स को मैक्सिमम ₹1,88,071 का इन्वेस्टमेंट करना होगा|
इश्यू का करीब 50% हिस्सा रिजर्व
अजाक्स इंजीनियरिंग के इश्यू का करीब 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व रखा गया है. इसके अलावा करीब 35% हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स और लगभग 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए रिजर्व है|
PM Kisan 19वीं किस्त की तारीख का हुआ ऐलान, लाभार्थी लिस्ट चेक करने का तरीका
10 Feb, 2025 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Kisan Yojana 19th: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जल्द किसानों के खाते में आने वाली है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही बताया था कि पीएम किसान की अगली किस्त फरवरी 2025 के आखिर तक किसानों के बैंक खाते में आ जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को बिहार के दौरे पर होंगे और वहीं से पीएम किसान की 19वीं किस्त डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किसानों के खाते में भेजेंगे।
e-KYC वेरीफिकेशन जरूरी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को सरकार सालाना 6 हजार रुपये की मदद देती है। ये पैसे 2-2 हजार रुपये की किस्त में मिलते हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ई-केवाईसी (e-KYC) कराना जरूरी है। इसका मकसद है कि पीएम किसान योजना का पैसा सही लाभार्थियों तक पहुंचे। इसमें कोई धांधली न हो। e-KYC न कराने वाले किसान 19वीं किस्त से वंचित हो सकते हैं। ऐसे में आपको फौरन e-KYC करा लेनी चाहिए।
e-KYC करने के तीन तरीके
पीएम किसान योजना के लिए तीन तरीकों से ई-केवाईसी की जा सकती है। किसान अपनी सुविधानुसार किसी भी माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं।
ओटीपी-बेस्ड ई-केवाईसी: यह तरीका पीएम किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।
फेस ऑथेंटिकेशन बेस्ड ई-केवाईसी: इसे किसान मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे कर सकते हैं।
बायोमेट्रिक बेस्ड ई-केवाईसी: यह कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) और स्टेट सेवा केंद्र पर उपलब्ध है।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह के मुताबिक, पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त 24 फरवरी 2025 को किसानों की खाते में आएगी। उस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के दौरे पर रहेंगे। वहां कई कृषि कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और राज्य की कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। वहीं से पीएम किसान की 19वीं किस्त भी ट्रांसफर करेंगे
बेनिफिशयरी लिस्ट में कैसे चेक करें नाम
सरकार पीएम किसान योजना के लाभार्थियों की लिस्ट जारी करती है। इससे पता चलता है कि किन किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। लाभार्थी लिस्ट में नाम चेक करने का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस :
पीएम किसान की ऑफिशियल वेबसाइट (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएं।
"Beneficiary Status" के ऑप्शन को सेलेक्ट करें।
आधार नंबर या फिर बैंक अकाउंट नंबर नंबर भरें।
अब "Get Data" को सेलेक्ट करें।
अब आपको स्क्रीन पर अपनी सभी डिटेल्स दिखेंगी। इसके जरिए आप चेक कर सकते हैं कि आपको योजना का लाभ मिलेगा या नहीं। अगर आपका नाम लाभार्थी किसानों की लिस्ट में नहीं है, तो तुरंत सक्षम अधिकारियों के पास शिकायत करें।
MTNL सरकार से राहत पैकेज का असर
10 Feb, 2025 11:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरकार से क्यों मिल रहे हैं पैसे
बताया जाता है कि ये पैसे BSNL के 4G नेटवर्क को फैलाने में मदद करेंगे। BSNL और उसकी सहयोगी कंपनी MTNL को पूंजीगत खर्चों के लिए ये अतिरिक्त राशि दी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, 7 फरवरी को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। BSNL, जो दिल्ली और मुंबई में MTNL का भी काम देखती है, 4G सेवाओं की कमी के कारण ग्राहकों को खो रही है। पिछले साल जुलाई में जब निजी कंपनियों ने अपने दाम बढ़ाए थे, तब BSNL ने कुछ महीनों के लिए नए ग्राहक जोड़े थे। लेकिन अब फिर से ग्राहक कम हो रहे हैं। कंपनी को उम्मीद है कि 4G सेवाएं शुरू होने के बाद ग्राहक फिर से जुड़ेंगे। अधिकारियों के अनुसार, BSNL कुछ जगहों पर 5G सेवाएं भी शुरू करने की योजना बना रही है।
बीएसएनएल ने दिया है आर्डर
BSNL ने साल 2023 में ही एक लाख 4G साइट्स के लिए ₹19,000 करोड़ का अग्रिम खरीद आदेश दिया था। लेकिन जब TCS और ITI को एक्चुअल ऑर्डर दिया गया, तो उसकी कीमत लगभग ₹13,000 करोड़ थी। अब मंजूर हुए ₹6,000 करोड़ से बाकी की रकम पूरी हो जाएगी। अभी तक कंपनी 65,000 4G साइट्स को ऑन कर चुकी है।
लाखों करोड़ का हो चुका है निवेश
सरकार ने 2019 से अब तक BSNL और MTNL के लिए तीन पुनरुद्धार पैकेज के तहत लगभग ₹3.22 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसमें 4G सेवाओं को शुरू करने के लिए भी पैसे शामिल हैं। सरकार के अनुसार, इन पैकेजों की वजह से BSNL-MTNL को वित्तीय वर्ष 2020-21 से लाभ होने लगा है।
स्वदेशी तकनीक वाली 4जी सेवा
सरकार ने BSNL को CDoT-TCS द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीक पर आधारित 4G सेवाएं शुरू करने का आदेश दिया था। कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका विरोध किया था। वे चाहते थे कि कंपनी दुनिया की बड़ी कंपनियों से पहले से परखे हुए उपकरण खरीदे। लेकिन सरकार ने अपनी बात पर अड़ी रही। स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।
मेटा ने छंटनी की प्रक्रिया शुरू की, 3,000 कर्मचारियों को मिलेगा झटका
10 Feb, 2025 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोशल मीडिया: प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सऐप की पेरेंट कंपनी मेटा अपने 3600 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है। मेटा ने परफॉरमेंस बेस्ड जॉब कट पॉलिसी के तहत यह फैसला लिया है।कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग ने बताया कि इससे कंपनी ने लगभग 5% कर्मचारी प्रभावित होंगे। सितंबर 2024 के डेटा के मुताबिक मेटा में करीब 72,000 एम्प्लॉइज काम करते हैं।कंपनी इस फैसले की जानकारी अमेरिका में काम करने वाले कर्मचारियों को 10 फरवरी तक दे सकती है।अमेरिका से बाहर काम करने वाले कर्मचारियों को बाद में इन्फॉर्म किया जाएगा। इससे पहले 2023 में कंपनी ने करीब 10,000 लोगों को जॉब से निकाला था।
रिप्लेस करने का भी प्लान कर रही है कंपनी
कर्मचारियों को भेजे मेमो में बताया कि कंपनी परफॉर्मेंस मैनेजमेंट प्रोसेस में तेजी लाना चाहती है। इंटरनल मैसेज बोर्ड के साथ शेयर किए गए एक नोट में बताया 'मैंने परफॉर्मेंस मैनेजमेंट के बार को बढ़ाने और लो फरफॉर्मर को जल्द से जल्द बाहर निकालने का फैसला किया है। कंपनी पिछले एक साल से अंडरपरफॉर्मेंस का सामना कर रही है। लेकिन अब बड़ी कटौती का समय आ गया है। 'हम आम तौर पर ऐसे लोगों को बाहर निकाल देते हैं जो एक साल के दौरान उम्मीदों पर खरा नहीं उतरते हैं।'छंटनी के साथ-साथ मेटा 2025 में लोगों के रोल भी रिप्लेस करने का प्लान कर रही है ताकि वह फ्यूचर के डेवलपमेंट और इनोवेशन के लिए खुद को तैयार कर सके। आने वाले साल में कंपनी का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्मार्ट ग्लास और विकसित हो रहे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे सेक्टर्स पर होगा।
माइक्रोसॉफ्ट में हो रही छंटनी की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट भी अंडरपरफॉर्मर कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर रहा है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट कितने लोगों को निकालेगा इसकी जानकारी नहीं है।फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा के CEO के गोल्ड प्लेटेड नेकलेस की नीलामी हो रही है। यह चेन सोने के वर्मेल से बना 6.5mm का क्यूबन नेकलेस है। नीलामी में इसके लिए अब तक 40 हजार डॉलर (करीब 34 लाख रुपए) से ज्यादा की बोली लग चुकी है।चेन की नीलामी एक यूनिक फंड रेजिंग स्ट्रैटेजी के तहत किया जा रहा है। इस नीलामी से मिले फंड को इन्फ्लेक्शन ग्रांट्स के अकाउंट में भेजा जाएगा, जो एक परोपकारी पहल है। इस पहले के तहत संस्था मैजिकली वीयर्ड यानी जादुई रूप से अजीब प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले लोगों को 2000 डॉलर का अनुदान देती है। इन अनुदानों का उद्देश्य क्रिएटिविटी को बढ़ावा देना है।
सेंसेक्स की कमजोरी: प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी नुकसान
10 Feb, 2025 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शेयर: बाजार में आज यानी 10 फरवरी को गिरावट। सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 77,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 200 अंक की गिरावट है, ये 23,350 पर कारोबार कर रहा है।शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 शेयरों में गिरावट और 4 में तेजी देखने को मिल रही है। आज एनर्जी, IT और मेटल शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। टाटा स्टील के शेयर में करीब 4% की गिरावट है।
आज से ओपन होगा अजाक्स इंजीनियरिंग का IPO अजाक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफर यानी IPO आज से ओपन हो गया है। निवेशक इस इश्यू के लिए 13 फरवरी तक बिडिंग कर सकेंगे। 17 फरवरी को कंपनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट होंगे|
शुक्रवार को बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले शुक्रवार यानी 7 फरवरी को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 197 अंक की गिरावट के साथ 77,860 के स्तर पर बंद हुआ था। निफ्टी 43 अंक लुढ़ककर 23,559 के स्तर पर बंद हुआ था।
कोल इंडिया का सीएसआर पर खर्च अप्रैल-जनवरी में 36.5 फीसदी बढ़ा
9 Feb, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह (अप्रैल-जनवरी) के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) पर खर्च 36.5 प्रतिशत बढ़कर 497 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी ने सीएसआर पर 364 करोड़ रुपये खर्च किए थे। अधिकारी ने बताया कि घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी सीआईएल अपने सीएसआर कोष का 70 प्रतिशत से अधिक स्वास्थ्य सेवा, पोषण एवं स्वच्छता तथा शिक्षा एवं आजीविका पर खर्च करती है। कंपनी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (सीपीएसई) में वह सीएसआर पर सबसे अधिक खर्च करने वाली कंपनी रही है। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में ही सीएसआर पर 572 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। बयान में कहा गया है कि कंपनी की सीएसआर गतिविधियों से 3.5 करोड़ लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। पिछले दशक के दौरान कोल इंडिया ने सीएसआर गतिविधियों पर 5,570 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
एफपीआई ने फरवरी के पहले सप्ताह में बाजार से 7,342 करोड़ निकाले
9 Feb, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने चालू महीने के पहले सप्ताह में स्थानीय शेयर बाजारों से 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। इससे पहले जनवरी में एफपीआई ने भारतीय बाजारों से 78,027 करोड़ रुपये की निकासी की थी। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर, 2024 में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में 15,446 करोड़ रुपये का निवेश किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे चलकर बाजार की धारणा वैश्विक वृहद आर्थिक घटनाक्रमों, घरेलू नीतिगत उपायों और मुद्रा के उतार-चढ़ाव से तय होगी। आंकड़ों के अनुसार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने सात फरवरी तक भारतीय शेयरों से 7,342 करोड़ रुपये निकाले हैं। बाजार के जानकारों ने कहा कि एफपीआई की निकासी का एक प्रमुख कारण वैश्विक व्यापार तनाव था, क्योंकि अमेरिका ने कनाडा, मेक्सिको और चीन जैसे देशों पर शुल्क लगाया है, जिससे व्यापार युद्ध की संभावना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इस अनिश्चितता की वजह से वैश्विक निवेशकों ने जोखिम न उठाने का विकल्प चुना है। इसके चलते वे भारत जैसे उभरते बाजारों से निकासी कर रहे हैं। भारतीय रुपया भी कमजोर होकर पहली बार 87 प्रति डॉलर से नीचे आ गया है। कमजोर रुपये से विदेशी निवेशकों का प्रतिफल घटता है और उनके लिए भारतीय संपत्तियां कम आकर्षक रह जाती हैं। समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ऋण या बॉन्ड बाजार में शुद्ध लिवाल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बॉन्ड में साधारण सीमा के तहत 1,215 करोड़ रुपये और स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग से 277 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उल्लेखनीय है कि एफपीआई ने 2024 में भारतीय शेयरों में सिर्फ 427 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। इससे पहले 2023 में उन्होंने भारतीय बाजार में 1.71 लाख करोड़ रुपये के शुद्ध निवेश किया था। इसकी तुलना में, 2022 में वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा दरों में आक्रामक वृद्धि के बीच एफपीआई ने 1.21 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी।
विदेशों में आयातित खाद्य तेल महंगे होने से देश के तेल-तिलहन बाजार में सुधार के संकेत
9 Feb, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । विदेशों में आयातित खाद्य तेलों के भाव में बढ़ोतरी होने तथा आने वाले त्योहारों की वजह से आवक कम होने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम सुधार के साथ बंद हुए। डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने तथा विनिमय दर बढ़ाये जाने से भी खाद्य तेलों में सुधार को बल मिला। बाजार सूत्रों ने कहा कि इन सबके अलावा विनिमय दर बढ़ाये जाने से भी खाद्य तेल कीमतों में मजबूती रही। बीते सप्ताह सरसों दाने का थोक भाव 50 रुपये के सुधार के साथ 6,100-6,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल का थोक भाव 150 रुपये के सुधार के साथ 13,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 25-25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,265-2,365 रुपये और 2,265-2,390 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 75-75 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 4,300-4,350 रुपये और 4,000-4,100 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। इसी तरह सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के दाम क्रमश: 500 रुपये, 400 रुपये और 350 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 13,700 रुपये, 13,400 रुपये और 9,600 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए। समीक्षाधीन सप्ताह में अकेले मूंगफली तिलहन का भाव 25 रुपये की गिरावट के साथ 5,275-5,600 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। लेकिन इसके विपरीत, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल का भाव क्रमश: 100 रुपये और 20 रुपये के सुधार के साथ 14,050 रुपये और 2,135-2,435 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए। कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का दाम 650 रुपये सुधरकर 12,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली का भाव 650 रुपये मजबूत होकर 14,350 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 650 रुपये बढ़कर 13,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।मजबूती के आम रुख के अनुरूप समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल 400 रुपये की तेजी के साथ 12,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।
मुद्रास्फीति और अन्य वृहद आर्थिक आंकड़ों से तय होगी शेयर बाजार की दिशा: विश्लेषक
9 Feb, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । इस सप्ताह आने वाले मुद्रास्फीति और अन्य वृहद आर्थिक आंकड़ों से घरेलू शेयर बाजारों की दिशा तय होगी। विश्लेषकों ने कहा है कि इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार पर असर डालेंगी। साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजे और रुपये-डॉलर का रुख भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। बाजार के जानकारों ने कहा कि यह सप्ताह भारतीय और विदेशी बाजारों के लिए गतिविधियों वाला होगा। सप्ताह के दौरान महत्वपूर्ण वृहद आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के तिमाही नतीजे आने हैं। मुद्रास्फीति, औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा को प्रभावित करेंगे। बुधवार को जनवरी के लिए अमेरिकी के मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर सभी का ध्यान रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत के मुद्रास्फीति और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े 12 फरवरी को जारी किए जाएंगे। गुरुवार को ब्रिटेन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के आंकड़े आएंगे। शुक्रवार को अमेरिका के जनवरी माह के खुदरा बिक्री के आंकड़े आएंगे। कंपनियों के तिमाही नतीजे भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। सप्ताह के दौरान आयशर मोटर्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, वोडाफोन आइडिया, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करेंगी। एक मुख्य निवेश रणनीतिकार ने कहा कि अच्छे बजट और मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा रेपो दर में कटौती से बाजार की धारणा में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत से लघु अवधि में बाजार की धारणा पर सकारात्मक असर पड़ेगा। एक अन्य बाजार विशेषज्ञ ने कहा कि आगे चलकर निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों और आगामी वृहद आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। इनमें औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति और थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ें शामिल हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर भी निवेशकों की निगाह रहेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक पॉलिसी के असर पर वित्त मंत्री और गवर्नर करेंगे चर्चा
8 Feb, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वित्त मंत्री: निर्मला सीतारमण की आज रिजर्व बैंक के गवर्नर के साथ बैठक चल रही है. वित्त मंत्री इस दौरान रिजर्व बैंक के सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को संबोधित भी करेंगी. वित्त मंत्री की ये मुलाकात बजट के बाद होने वाली मुलाकात है जिसमें बजट प्रस्तावों उनपर असर को लेकर चर्चा की जा रही है. इसी हफ्ते रिजर्व बैंक की पॉलिसी समीक्षा भी हुई है. बैठक में पॉलिसी को लेकर भी चर्चा की जाएगी. मीटिंग में मॉनिटरी पॉलिसी और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन पर होने वाले असर पर चर्चा होगी. वित्त मंत्री इस कदमों पर बात कर सकती हैं जिससे ग्रोथ को गति दी जाए. वित्त मंत्री कर्ज बांटने की रफ्तार और लिक्विडिटी से जुड़ी चिताओं पर भी चर्चा कर सकती हैं|
इस हफ्ते अर्थव्यवस्था को गति देने और मांग को बढ़ाने के लिए 2 बड़े एलान किए गए हैं. पहली फरवरी को बजट पेश हुआ है और वहीं 7 फरवरी को रिजर्व बैंक ने पॉलिसी समीक्षा का एलान किया है. दोनों ही कदमों में आम लोगों की राहत मिली है. बजट में वित्त मंत्री ने लोगों को टैक्स में राहत दी और 12 लाख तक के टैक्स में छूट प्रदान की है. वहीं रिजर्व बैंक ने शुक्रवार से दरों में कटौती का सिलसिला शुरू कर दिया है और दरों में चौथाई फीसदी की कमी की है. संभावना है कि आज की बैठक में इन फैसलों के असर पर चर्चा हो और साथ ही अर्थव्यवस्था को गति देने के अन्य उपायों पर भी विचार किया जा सकता है|
कंपनी ने कर्मचारियों को दिए शानदार बोनस, 140 लोगों में बांटे 14 करोड़ रुपये
8 Feb, 2025 12:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: तमिलनाडु के एक स्टार्टअप ने अपने कर्मचारियों को मालामाल कर दिया है। कंपनी ने अपने 140 कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का बोनस दिया है। ऐसे में इस कंपनी के कर्मचारियों की 8 महीने पहले ही दिवाली हो गई है। कंपनी ने फाउंडर ने अपने कर्मचारियों से इस बोनस को देने का वादा किया था। अब उन्होंने अपना वादा पूरा कर कर्मचारियों की जेब भर दी है। उन्होंने कर्मचारियों को बोनस के रूप में 16.20 लाख डॉलर (करीब 14.22 करोड़ रुपये) दिए हैं।
इस कंपनी का नाम कोवई है। यह एआई स्टार्टअप है। इस कंपनी की स्थापना साल 2011 में सरवण कुमार ने की थी। वह इस कंपनी के सीईओ भी हैं। यह बोनस उन कर्मचारियों को मिलेगा है जिन्होंने 31 दिसंबर 2022 तक कंपनी में कम से कम तीन साल पूरे किए हैं। इन कर्मचारियों को सालाना सैलरी की आधी रकम बोनस के रूप में मिलेगी। पहले चरण में 80 से अधिक कर्मचारियों को उनकी जनवरी की सैलरी के साथ बोनस मिला है। बाकी कर्मचारियों को अगली सैलरी में बोनस मिल सकता है।
क्यों मिला इतना बोनस?
सरवण कुमार ने खुद बताया है कि उन्होंने बोनस के रूप में इतनी रकम क्यों दी। उन्होंने कहा कि कंपनी के प्रॉफिट में कर्मचारियों का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा से मानता रहा हूं कि कंपनी की सक्सेस और प्रॉफिट में योगदान देने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए।' उन्होंने कर्मचारियों को कैश के रूप में बोनस देने का फैसला लिया ताकि वे इसका इस्तेमाल अपनी इच्छानुसार कर सकें।
क्या करती है कंपनी?
कोवई एक आईटी कंपनी है। इसकी चेन्नई और यूके में भी ऑफिस हैं। कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या 260 है। यह कंपनी बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सास समाधान प्रदान करती है। कंपनी के ग्राहकों की लिस्ट में बीबीसी, बोइंग और शेल जैसी बड़ी कंपनियों का नाम शामिल है।
कोवई पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड कंपनी है। कंपनी ने साल 2023 में 16 मिलियन डॉलर (करीब 140 करोड़ रुपये) का रेवेन्यू हासिल किया था। हाल ही में इसने बेंगलुरु स्थित कंपनी का अधिग्रहण किया है। सरवण कुमार की योजना साल 2030 तक कंपनी का रेवेन्यू 100 मिलियन डॉलर तक पहुंचाने की है।
आरबीआई के दर निर्धारण के बाद सेंसेक्स में भारी गिरावट
8 Feb, 2025 12:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेंसेक्स:घरेलू बाजारों में शुक्रवार सुबह उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ करने के बाद बीएसई सेंसेक्स अपनी गति को आगे नहीं बढ़ा पाया और शुरुआती कारोबार में 87.32 अंक की गिरावट के साथ 77,970.84 पर आ गया। एनएसई निफ्टी 32.6 अंक फिसलकर 23,570.75 पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार में थोड़ी देर की बढ़त के बाद गिरावट दिखी। आरबीआई गवर्नर ने एमपीसी के फैसलों की घोषणा करते हुए रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती का एलान किया। इसके बाद प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक शुरुआत कमजोरी के बाद हरे निशान पर लौटने में सफल तो रहे पर अपनी बढ़त को बरकरार नहीं रख पाए। दोपहर 2 बजकर 58 मिनट पर सेंसेक्स 481.96 (0.61%) गिरावट के साथ 77,576.20 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले सेंसेक्स 550 अंकों तक फिसला। दूसरी ओर, निफ्टी 122.75 (-0.52%) अंक टूटकर 23,480.60 पर पहुंच गया |
इससे पहले, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 87.32 अंक गिरकर 77,970.84 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 32.6 अंक गिरकर 23,570.75 अंक पर आ गया। इसी तरह शुरुआती कारोबार में रुपया अपने सर्वकालिक निम्नतम स्तर से 16 पैसे बढ़कर 87.43 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे और उन्होंने 3,549.95 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
ऐसी रही बाजार की चाल
घरेलू बाजारों में शुक्रवार सुबह उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ करने के बाद बीएसई सेंसेक्स अपनी गति को आगे नहीं बढ़ा पाया और शुरुआती कारोबार में 87.32 अंक की गिरावट के साथ 77,970.84 पर आ गया। एनएसई निफ्टी 32.6 अंक फिसलकर 23,570.75 पर आ गया।
किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से पावरग्रिड, आईटीसी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, नेस्ले, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एशियन पेंट्स के शेयर सबसे अधिक गिरावट में रहे। टाटा स्टील, जोमैटो, अल्ट्राटेक सीमेंट और महिंद्रा एंड महिंद्रा अन्य के शेयर लाभ में रहे।
रुपया निचले स्तर से उबरा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में अपने निचले स्तर से उबरकर 16 पैसे मजबूत होकर 87.43 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 87.57 पर खुला और शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले 87.43 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 16 पैसे की बढ़त दर्शाता है। रुपया गुरुवार को 16 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर 87.59 पर बंद हुआ था।
रेलवे PSU ने ₹210 करोड़ की परियोजना के लिए सबसे कम बोली लगाई, 2 साल में 450% रिटर्न
8 Feb, 2025 11:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेलवे पीएसयू रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने बड़ा अपडेट दिया है। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, दक्षिण पूर्व रेलवे से 210 करोड़ रुपये के ऑर्डर के लिए आरवीएनएल सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी (एल1) बनकर उभरी है। सरकारी रेलवे कंपनी ने शुक्रवार (7 फरवरी) को बाजार बंद होने के बाद यह जानकारी दी है। शुक्रवार को शेयर (रेलवे पीएसयू स्टॉक) 1.89% की गिरावट के साथ 395.35 रुपये पर बंद हुआ।
आरवीएनएल ऑर्डर: ₹210 का ऑर्डर मिला
स्टॉक एक्सचेंज बीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कंपनी दक्षिण पूर्व रेलवे के तहत खड़गपुर-टाटानगर सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन सिस्टम को 1x25 केवी से 2x25 केवी में अपग्रेड करने के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है। यह ऑर्डर 210,78,31,572.19 रुपये का है। कंपनी ने बताया कि यह कॉन्ट्रैक्ट 24 महीने में पूरा किया जाना है।
आपको बता दें कि रेलवे पीएसयू को इस सप्ताह मिला यह दूसरा बड़ा ऑर्डर है। इससे पहले 4 फरवरी को कंपनी को साउथ कोस्ट रेलवे से 404.4 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला था। इस परियोजना में टिकरी और भालुमास्का स्टेशनों के बीच पहुंच मार्ग का निर्माण, सुरक्षा कार्य और अन्य संबंधित कार्य शामिल हैं। आरवीएनएल ने कहा कि परियोजना के 30 महीने की समय सीमा के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
आरवीएनएल शेयर मूल्य
रेलवे पीएसयू के शेयर का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 647 रुपये है, जो इसने 15 जुलाई 2024 को बनाया था। 52-सप्ताह का न्यूनतम स्तर 213 रुपये है। शेयर ने पिछले एक साल में 41 फीसदी, 2 साल में 450 फीसदी और 3 साल में 1034 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। शेयर फिलहाल अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से 39 फीसदी नीचे है।
16.5 लाख तक की सैलरी पर ZERO टैक्स, आखिर क्या है इसके पीछे की कहानी, जाने पूरा कैलकुलेशन
7 Feb, 2025 05:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाल ही में बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स जीरो कर मध्यम वर्ग को बड़ा तोहफा दिया है। इसके तहत अगर आपकी टैक्सेबल इनकम 16.5 लाख रुपये तक है तो आपकी टैक्स देनदारी जीरो हो जाएगी। हालांकि, अगर आप हर निवेश और रीइम्बर्समेंट का अधिकतम सीमा तक इस्तेमाल करते हैं तो संभव है कि आपको 16.5 लाख रुपये तक की सैलरी पर टैक्स छूट मिल सकती है। आइए समझते हैं यह कैसे काम करता है।
साल की शुरुआत में अक्सर सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव का विकल्प होता है। आप खुद तय कर सकते हैं कि आपको रीइम्बर्समेंट में कितना पैसा चाहिए और टैक्सेबल सैलरी के तौर पर कितना पैसा। रीइम्बर्समेंट में कन्वेयंस, एलटीए, फूड-कूपन या एंटरटेनमेंट, इंटरनेट या फोन बिल और पेट्रोल जैसे विकल्प शामिल हैं। टैक्स बचाने में एचआरए अहम भूमिका निभाता है। आइए जानते हैं कि इन सबकी मदद से आप कैसे अपना टैक्स बचा सकते हैं।
लीव ट्रैवल अलाउंस से अपने ट्रैवल खर्च को कम करें
आप 4 साल में दो बार इसका लाभ उठा सकते हैं। इसके तहत आप कहीं घूमने जा सकते हैं और वहां जाने और वापस आने के किराए पर लीव ट्रैवल अलाउंस का लाभ उठा सकते हैं। आमतौर पर कंपनियां बेसिक सैलरी का करीब 10 फीसदी लीव ट्रैवल अलाउंस के तौर पर देती हैं। आम तौर पर कुल CTC का 50 फीसदी बेसिक सैलरी होती है। अगर आपकी कुल सैलरी 16.5 लाख रुपये है तो 8.25 लाख रुपये आपकी बेसिक सैलरी होगी और ऐसे में आपको करीब 82,500 रुपये लीव ट्रैवल अलाउंस मिलेगा।
अगर सालाना आधार पर औसत निकालें तो करीब 41,250 रुपये पर आपको टैक्स छूट मिलेगी। अगर आपकी सैलरी में लीव ट्रैवल अलाउंस शामिल नहीं है तो उसे शामिल करवा लें, ताकि आप इसका फायदा उठा सकें। ध्यान रहे, अगर आप 30 फीसदी स्लैब में आते हैं तो LTA की मदद से आप काफी पैसे बचा सकते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि LTA की मदद से आपकी ट्रैवल टिकट 30 फीसदी सस्ती हो जाएंगी।
रिम्बर्समेंट जरूर लें
कई कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को रिम्बर्समेंट के तौर पर कई चीजें दी जाती हैं। आइए एक-एक करके सभी के बारे में जानते हैं और समझते हैं कि आप कितने पैसे बचा सकते हैं।
कन्वेयंस रिम्बर्समेंट: इसके तहत आमतौर पर कंपनी से आपको 1-1.5 लाख रुपये तक का रिम्बर्समेंट मिल सकता है। मान लीजिए कि आपकी कंपनी आपको 1.5 लाख रुपये का कन्वेयंस रिम्बर्समेंट देती है, तो इतना पैसा आपके लिए नॉन-टैक्सेबल हो जाएगा।
इंटरनेट बिल: आज के समय में लगभग हर बिजनेस को इंटरनेट ब्रॉडबैंड की जरूरत होती है। आपको 700-1000 रुपये महीने में अच्छी स्पीड वाला इंटरनेट ब्रॉडबैंड मिल सकता है। ऐसे में कंपनी भी लगभग इतनी ही रकम रिम्बर्समेंट में देती है। अगर आपकी सैलरी में यह कंपोनेंट नहीं है, तो इसे सैलरी में शामिल करें और टैक्स छूट पाएं। मान लीजिए कि इसके तहत आप 1000 रुपये महीने यानी 12000 रुपये सालाना तक को नॉन-टैक्सेबल बना सकते हैं।
भोजन या मनोरंजन प्रतिपूर्ति: पहले यह प्रतिपूर्ति भोजन कूपन के रूप में दी जाती थी, जिसे अब आप अपने भोजन का बिल दिखाकर बदले में प्राप्त कर सकते हैं। इसके तहत कंपनी आमतौर पर लगभग 2000 रुपये प्रति माह यानी सालाना 24 हजार रुपये आसानी से दे देती है।
यूनिफॉर्म, ईंधन, किताबें और अन्य: अलग-अलग कंपनियां यूनिफॉर्म, ईंधन, किताबें, मैगजीन, पेपर आदि के नाम पर भी कुछ प्रतिपूर्ति देती हैं। अपनी कंपनी के एचआर से एक बार बात करें और पूछें कि क्या ये सुविधाएं वहां उपलब्ध हैं। अगर आपको ये प्रतिपूर्ति मिलती है, तो आप कुछ और पैसों पर टैक्स बचा पाएंगे। आम तौर पर इन सभी को मिलाकर आपको 3-4000 रुपये तक की प्रतिपूर्ति मिल सकती है। मान लें कि आपको 3000 रुपये प्रति माह की प्रतिपूर्ति मिलती है, तो भी आपको सालाना 36,000 रुपये पर टैक्स न देने का लाभ मिलेगा।
कटौतियों का भी लाभ उठाएं
नई कर प्रणाली में आपको आयकर अधिनियम के तहत कुछ कटौती भी मिलती है। आइए जानते हैं इनके बारे में।
1- सबसे पहले तो हर नौकरीपेशा व्यक्ति को 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। यानी आपकी सैलरी चाहे जितनी भी हो, बस बिना आंख बंद किए उसमें से 75,000 रुपये घटा दीजिए।
2- नियोक्ता के जरिए NPS में अंशदान लेकर आप 80CCD(2) के तहत टैक्स छूट पा सकते हैं। नई टैक्स व्यवस्था में निजी और सरकारी कंपनियों के कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 14 फीसदी तक NPS में निवेश कर सकते हैं। इस तरह अगर आपकी बेसिक सैलरी 8.25 लाख रुपये है तो आप इसके 14 फीसदी यानी 1,15,500 रुपये तक पर टैक्स छूट पा सकते हैं।
अब कैलकुलेशन समझिए
इस कैलकुलेशन के कुल 3 भाग हैं। पहला है रीइम्बर्समेंट। अगर आप ऊपर बताए गए सभी रीइम्बर्समेंट को जोड़ दें तो आपको कुल 2.22 लाख रुपये रीइम्बर्समेंट मिल सकता है। दूसरा भाग है डिडक्शन, जिसके तहत आपको कुल 1,90,500 रुपये डिडक्शन मिलेगा। इसके अलावा तीसरा हिस्सा लीव ट्रैवल अलाउंस है, जिसका लाभ आप 4 साल में सिर्फ दो बार ही उठा सकते हैं। तो अगर सालाना आधार पर औसत निकालें तो आपको करीब 41,250 रुपये पर टैक्स छूट मिलेगी। यानी आपकी सैलरी में से कुल 4,53,750 रुपये पर सीधे तौर पर टैक्स नहीं लगेगा।
आपकी सालाना सैलरी 16.5 लाख रुपये थी, जिसमें से 4,53,750 रुपये पर टैक्स नहीं लगेगा। इस तरह आपकी टैक्सेबल सैलरी में 11,96,250 रुपये की बचत हुई। नई टैक्स व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स जीरो है
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