व्यापार
बाजार की हलचल में भी सोलर कंपनी की हुई बल्ले-बल्ले, शेयर में 5% से ज्यादा उछाल
7 Feb, 2025 04:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी जेनसोल इंजीनियरिंग ने बड़ा अपडेट दिया है। शेयर बाजार को दी गई जानकारी में सोलर कंपनी ने बताया कि उसे गुजरात के प्रतिष्ठित खावड़ा आरई पावर पार्क में 245 मेगावाट की सोलर पीवी परियोजना के विकास के लिए एक प्रसिद्ध सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम से अनुबंध मिला है। इस परियोजना की लागत 967.98 करोड़ रुपये है। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच शेयर (जेनसोल इंजीनियरिंग शेयर) 5.3 फीसदी की बढ़त के साथ 751.45 रुपये पर पहुंच गया।
इस महीने की शुरुआत में भी मिला था बड़ा ऑर्डर
एक्सचेंज फाइलिंग में सोलर कंपनी ने कहा कि यह कम समय में खावड़ा सोलर पार्क में जेनसोल की दूसरी बड़ी परियोजना जीत है, जो कंपनी की मजबूत बाजार उपस्थिति और कार्यान्वयन क्षमताओं को रेखांकित करती है। इस महीने की शुरुआत में कंपनी ने 275 मेगावाट के सोलर एनर्जी प्लांट के लिए 1062.97 करोड़ रुपये का ईपीसी अनुबंध हासिल किया था। इन दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ, जेनसोल अब खावड़ा सोलर पार्क में 520 मेगावाट की सौर पीवी क्षमता विकसित करेगा, जो दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड अक्षय ऊर्जा पार्क बनने वाला है।
जेनसोल इंजीनियरिंग के एमडी और चेयरमैन अनमोल सिंह जग्गी ने कहा, "खावड़ा सोलर पार्क में ये लगातार ऑर्डर उच्च गुणवत्ता वाले, टिकाऊ ऊर्जा समाधान देने के लिए जेनसोल की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। भारत ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में एक उल्लेखनीय यात्रा पर है और अक्षय ऊर्जा इस परिवर्तन में सबसे आगे है। जेनसोल को इस राष्ट्रीय प्रयास में एक प्रमुख योगदानकर्ता होने पर गर्व है।"
जेनसोल इंजीनियरिंग
सोलर कंपनी के शेयर का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर 1,377.10 रुपये और न्यूनतम स्तर 634.45 रुपये रहा है। बाजार में गिरावट का असर शेयर पर देखा गया है। पिछले 3 महीनों में इसमें 11%, 6 महीनों में 21% और पिछले एक साल में 35% से अधिक की गिरावट आई है। हालाँकि, पिछले 2 वर्षों में इस शेयर ने 122% से अधिक का रिटर्न दिया है।
मार्केट क्लोजिंग अपडेट: निफ्टी 23,600 के नीचे बंद; मेटल और ऑटो शेयरों में भारी खरीदारी, RBI पॉलिसी पर बाजार में बना उतार-चढ़ाव
7 Feb, 2025 04:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शेयर बाजार: केंद्रीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के दिन शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती की है। इसके बाद बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाद में बेंचमार्क इंडेक्स निचले स्तरों से संभलता नजर आया। लेकिन क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। निफ्टी 43 अंक नीचे 22,559 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 197 अंक नीचे 77,860 और निफ्टी बैंक 223 अंक नीचे 50,158 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 150 अंकों की बढ़त के साथ 53,651 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 44 अंकों की गिरावट के साथ 17014 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी पर ONGC -3%, ITC -2.5%, SBI -2% और ADANI PORTS -2% की गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी पर टाटा स्टील +4%, भारती एयरटेल +3.5%, ट्रेंट +3% और हिंडाल्को +2% की बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई पर गॉडफ्रे फिलिप्स +20%, जेडएफ कमर्शियल +9%, चंबल फर्टिलाइजर्स +7% और वेलपसन कॉर्प +7% की बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, जुब्लैंट फार्मा -5%, लेमन ट्री -5%, बीईएमएल -4% और केपीआर मिल्स -3.5% की गिरावट के साथ बंद हुए।
सुबह सेंसेक्स 61 अंक बढ़कर 78,119 पर खुला। निफ्टी 46 अंक बढ़कर 23,649 और बैंक निफ्टी 102 अंक बढ़कर 50,484 पर खुला। सेंसेक्स कुछ देर के लिए 200 अंक ऊपर चला गया था, लेकिन फिर बाद में इसमें करीब 100 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। करेंसी मार्केट में रुपया 11 पैसे मजबूत होकर 87.45 डॉलर पर खुला।
निफ्टी पर भारती एयरटेल, ब्रिटानिया, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, जेएसडब्ल्यू स्टील सबसे ज्यादा लाभ में रहे। पावर ग्रिड, एसबीआई, ओएनजीसी, आईटीसी, टीसीएस में गिरावट रही।
आरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर सकते हैं। जी बिजनेस के पोल में 80 फीसदी एक्सपर्ट्स ने चौथाई फीसदी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद जताई है। कल वीकली एक्सपायरी पर एफआईआई ने कैश, इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर समेत 11200 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली की, जबकि घरेलू फंड्स ने 2700 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
ग्लोबल मार्केट्स से अपडेट
मजबूत शुरुआत के बाद उतार-चढ़ाव के बीच अमेरिकी बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। डाउ 125 अंक गिरा, जबकि नैस्डैक लगातार तीसरे दिन 100 अंक चढ़कर दिन के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। गिफ्ट निफ्टी 23700 के नीचे सपाट बंद हुआ। जनवरी के रोजगार आंकड़ों से पहले, डाउ वायदा सुस्त था और निक्केई 100 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। जीवन के उच्चतम स्तर पर मुनाफावसूली के कारण सोना 10 डॉलर गिरकर 2880 डॉलर के करीब और चांदी 33 डॉलर के नीचे सपाट रही। घरेलू बाजार में सोना 100 रुपये गिरकर 84500 के नीचे और चांदी 400 रुपये फिसलकर 95500 पर बंद हुई। कच्चा तेल 74 डॉलर के करीब सुस्त रहा। आरबीआई के फैसले से पहले कमजोर विकास के बीच बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दर 25 आधार अंकों की कटौती कर साढ़े चार फीसदी कर दी है। बढ़ती महंगाई और व्यापार युद्ध के खतरों को लेकर चिंता जताई गई।
तीसरी तिमाही के नतीजे अपडेट
भारती एयरटेल, ब्रिटानिया और हीरो मोटो ने मजबूत नतीजे पेश किए जबकि आईटीसी, अपोलो टायर्स और ऑरो फार्मा का प्रदर्शन मिलाजुला रहा। बीएसई, रैमको सीमेंट्स, पीआई इंडस्ट्रीज और एनसीसी के नतीजे कमजोर रहे। आज निफ्टी में M&M के नतीजे जारी होंगे। F&O में एल्केम, LIC और ऑयल इंडिया समेत 6 नतीजों पर बाजार की नजर रहेगी।
RBI MPC Meet: इनकम टैक्स छूट के बाद महंगे लोन पर राहत मिलने की संभावना
6 Feb, 2025 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरबीआई : मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक बुधवार को मुंबई में शुरू हुई। इसमें लिए गए फैसलों की जानकारी शुक्रवार को मिलेगी। माना जा रहा है कि ब्याज दरों में पांच साल में पहली बार कटौती हो सकती है। आखिरी बार मई 2020 में ब्याज दरों में कमी की गई थी। तब RBI ने रेपो रेट को 4% कर दिया था। कोविड लॉकडाउन के दौरान इकॉनमी को सहारा देने के लिए यह कदम उठाया गया था। यूक्रेन युद्ध, सप्लाई चेन में रुकावट और वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई बढ़ी। इसके बाद RBI ने ब्याज दरों में सात बार बढ़ोतरी की और इसे 6.5% तक पहुंचा दिया। फरवरी 2023 से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि 25 बेसिस पॉइंट (bps) की कटौती हो सकती है। लेकिन कुछ इकनॉमिस्ट्स का कहना है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ को लेकर ऐसे ही धमकियां देते रहे तो रेपो रेट में कटौती जल्दबाजी होगी। इससे वित्तीय बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। कम ब्याज दरों से रुपये पर भी दबाव पड़ सकता है। विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी डेट ज्यादा आकर्षक हो सकता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
बैंक ऑफ बड़ौदा कहा कि अनिश्चितता ग्रोथ में जोखिम है। यह RBI को दरों में कटौती शुरू करने के लिए प्रेरित कर सकता है। दूसरी अर्थव्यवस्थाओं के लिए, दरों में कटौती पहले शुरू हो गई थी, जिससे उन्हें 'वेट एंड वॉच' अप्रोच के लिए समय मिल गया। उन्होंने कहा कि मैक्रो और जियो-पॉलिटिकल कारकों को संतुलित करते रेपो रेट में 25 बीपीएस की कटौती की गुंजाइश है।
इस नीतिगत बैठक में RBI के दो नए सदस्य गवर्नर संजय मल्होत्रा और डिप्टी गवर्नर एम. राजेश्वर राव शामिल हैं। मल्होत्रा ने हाल ही में 1.5 लाख करोड़ रुपये की नकदी डालने के उपायों की घोषणा की। इसे दरों में बदलाव का रास्ता साफ करने वाला कदम माना जा रहा है। दरों में कटौती के बावजूद नकदी की कमी से उधार लेने की लागत अधिक रह सकती है। सरकार ने ब्याज दरों में कटौती का समर्थन किया है। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। इसमें कमी होने से बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है। इसका असर आम लोगों के लोन पर भी पड़ता है। लोन की EMI कम हो सकती है।
Railway PSU Stocks में गिरावट, एक्सपर्ट्स ने IRFC और IRCTC को लेकर दी राय
6 Feb, 2025 01:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बजट 2025: घोषणाओं के बाद बाज़ार में निराशा रही, जिसका सबसे अधिक सामना रेलवे स्टॉक ने किया. रेलवे स्टॉक पिछले कई दिनों से स्ट्रगल फेज़ में हैं और कुछ नामी रेलवे स्टॉक तो 40% तक की गिरावट में हैं. IRFC, RVNL और IRCTC जैसे प्रमुख रेलवे स्टॉक में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई.शेयर बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले एक साल में उल्लेखनीय तेजी के बाद निवेशक रेलवे स्टॉक में मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे शेयर की कीमतों में गिरावट आई है. मुनाफावसूली के अलावा, बढ़े हुए मूल्यांकन ने भी चिंता बढ़ा दी है| रेलवे सेक्टर में रिटेल इन्वेस्टर्स के पसंदीदा स्टॉक लेवल से क्रमशः 40 प्रतिशत और 37 प्रतिशत तक गिर चुके हैं. आईआरसीटीसी के शेयर भी हाई लेवल से 30 प्रतिशत नीचे हैं|रेलवे स्टॉक में जब रिकवरी आएगी तो कौन सा स्टॉक सबसे अधिक तेज़ी से रिकवर करेगा? इसके अलावा निवेशक यह भी सोच रहे हैं कि IRFC, RVNL और IRCTC में अगर पहले से पोज़ीशन है तो क्या करना चाहिए?
Rail Vikas Nigam Ltd
शेयरों में रुझान नकारात्मक है क्योंकि इस रेलवे स्टॉक में बजट के बाद भारी बिकवाली देखी जा रही है| बाजार विशेषज्ञ ने कहा कि क शेयरों में रुझान तभी बदलेगा जब यह 460 रुपये के स्तर को पार कर जाएगा, लेकिन यह स्तर मौजूदा कीमत से बहुत दूर है. फिलहाल यह 406 रुपए के लेवल पर ट्रेड कर रहा है.
Indian Railway Finance Corp Ltd
शेयरों में 229 रुपये के हाईएस्ट लेवल से तेज गिरावट देखी गई| बाजार विशेषज्ञ ने कहा कि IRFC के शेयर अब 130 रुपये से 140 रुपये के बीच कंसोलिडेट हो रहे हैं और इसका आधार 127 रुपये के आसपास है. IRFC के शेयर पर सलाह है कि इसे 125 रुपये के स्टॉप लॉस के साथ होल्ड करें|उन्होंने कहा कि शॉर्ट-टर्म के लिए IRFC के शेयर का टारगेट 150 रुपये है. एक बार जब IRFC के शेयर की कीमत 150 रुपये के स्तर को पार करती है तो नए खरीद की गति के साथ रैली जारी रहेगी. IRFC के शेयर के लिए अगला लक्ष्य मूल्य 165 रुपये और 170 रुपये हो सकता है.
Indian Railway Ctrng nd Trsm Corp Ltd
IRCTC के शेयरों पर बाजार IRCTC के शेयरों को तेजी जारी रखने के लिए 800 रुपये का स्तर छूना होगा. IRCTC के शेयर की कीमत 800 रुपये के स्तर को पार करते ही रेलवे के शेयरों में खरीदारी की गति वापस आ जाएगी और शेयर में बहुत तेजी आएगी.
Cognizant Q4 रिजल्ट्स: नेट इनकम में 2.1% बढ़ोतरी, भविष्य में मजबूती की उम्मीद
6 Feb, 2025 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Cognizant Q4 Results: नैस्डेक पर लिस्टेड दिग्गज IT सर्विस प्रोवाइडर Cognizant ने साल 2024 की चौथी तिमाही के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस को हासिल किया है। कंपनी ने 2025 के लिए 3.5% से 6% की रेवेन्यू ग्रोथ (कांस्टेंट करेंसी पर) का अनुमान लगाया है, जो 2024 की तुलना में मजबूत है और बेहतर बाजार स्थिति का संकेत है। कॉग्निजेंट जनवरी-दिसंबर का वित्त वर्ष फालो करता है।कंपनी की नेट इनकम 2.1 फीसदी बढ़कर 558 मिलियन डॉलर हो गई, जबकि 2023 की इसी तिमाही में यह 546 मिलियन डॉलर थी। जबकि इससे पिछली तिमाही 4.1 फीसदी कम थी।कंपनी के सीईओ रवि कुमार एस का कहना है, “मैं अपने कर्मचारियों के प्रति हमारी रणनीतिक प्राथमिकताओं और बेहतर एग्जीक्यूशन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए बहुत आभारी हूँ, जिसने चौथी तिमाही में रेवेन्यू ग्रोथ को हमारे अपर गाइडेंस रेंज तक पहुंचाया। हमने साल को मोमेंटम के साथ समाप्त किया। साल के दौरान कंपनी ने रिकॉर्ड 29 बड़ी डील की।
चौथी तिमाही में बुकिंग्स में साल-दर-साल 11% की वृद्धि हुई। पिछले 12 महीनों के आधार पर, बुकिंग में साल-दर-साल 3% की बढ़ोतर रही और यह $27.1 बिलियन हो गई, जो लगभग 1.4 गुना का बुक-टू-बिल दर्शाता है। तिमाही के दौरान, कॉग्निजेंट ने दस बड़े सौदे किए, जिनकी कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू $100 मिलियन या उससे ज्यादा रही।कंपनी की CFO जतिन दलाल का कहना है, “हमारीप्रोग्राम के जरिए कॉस्ट स्ट्रक्चर में सुधार हुआ है, जो स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स के साथ प्रॉफिटेबल ग्रोथ में मदद करेगा। 2025 के लिए हमारी शुरुआती गाइडेंस में 3.5% से 6% की रेवेन्यू ग्रोथ और 20-40 bps ऑपरेटिंग मार्जिन एक्सपेंशन शामिल है।”Q4 FY25 में कर्मचारियों की संख्या Q3 FY24 की तुलना में 3,300 घटकर 336,800 रही। Q3 में भी 6,500 की कमी दर्ज की गई थी। उनका कहना है, “हमने 2024 में AI-प्लेटफॉर्म्स और नई क्षमताओं में भारी निवेश किया, जिनमें Thirdera और Belcan का अधिग्रहण शामिल है। हमारा ध्यान ग्राहक-केंद्रितता, तेजी और इनोवेशन पर है, जिससे हम एंटरप्राइज-ग्रेड जनरेटिव एआई को अपनाने में अग्रणी हैं।”
किस रीजन में कैसी रही पर परफॉर्मेंस
उत्तर अमेरिका: 8.4% (YoY) ग्रोथ
यूरोप: 1.3% (YoY) ग्रोथ
बाकी विश्व: (YoY) ग्रोथ
अलग-अलग वर्टिकल की कैसी रही चाल
हेल्थ साइंसेज: 10.4% (YoY) ग्रोथ
फाइनेंशियल सर्विसेज: 2.8% (YoY) ग्रोथ
कम्युनिकेशन, मीडिया और टेक्नोलॉजी: 0.4% (YoY) ग्रोथ
प्रोडक्ट्स और रिसोर्सेज: 11.3% (YoY) ग्रोथ
टाटा ग्रुप के स्टॉक में निवेश का अवसर, टाइटन पर 20% का टारगेट
6 Feb, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Tata Group Stock: टाटा ग्रुप की ‘जेम्स’ कही जाने वाली टाइटन कंपनी के स्टॉक में आगे अच्छा मूवमेंट देखने को मिल सकता है। दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद ज्यादातर ब्रोकरेज फर्म स्टॉक पर बुलिश हैं। उनका कहना है कि ज्वेलरी सेगमेंट से अच्छी ग्रोथ रही। हालांकि मार्जिन स्टेबल रहा है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट स्थिर रहा। जबकि, रेवेन्यू में 25.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार (6 फरवरी) के कारोबार में टाइटन के शेयर में शुरुआती कारोबार में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
Titan: 20% तक अपसाइड के टारगेट
ब्रोकरेज फर्म एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग (Antique Stock Broking) ने टाइटन पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि टारगेट प्राइस 4,598 रुपये से घटाकर 4,184 रुपये कर दिया है। 5 फरवरी 2025 को शेयर 3490 पर बंद हुआ था। इस तरह मौजूदा भाव से स्टॉक आगे करीब 20 फीसदी का अपसाइड दिखा सकता है। एंटिक का कहना है कि Titan का 3QFY25 प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप रहा। जिसमें ज्वेलरी रेवेन्यू में 26% (YoY) और EBIT में 15% (YoY) की बढ़ोतरी हुई। एडजस्टेड मार्जिन 11.2% रहा, जो 100 bps (YoY) नीचे था।
कस्टम ड्यूटी के चलते ज्वेलरी EBIT मार्जिन 272 bps (YoY) घटकर 9.5 फीसदी रहा। ज्वेलरी बिक्री में त्योहारी और वेडिंग सीजन में मजबूत मांग और सोने की बढ़ती कीमतों के चलते इजाफा हुआ। वेडिंग सीजन की बढ़ती डिमांड और ऊंची सोने की कीमतों से आने वाले समय में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है। हालांकि, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और स्टडेड ज्वेलरी पर दबाव से मार्जिन में सुधार लिमिटेड रहा सकता है। एंटिक ने FY26-27E के लिए इनकम अनुमानों में 9%-10% की कटौती की गई है, जबकि FY25 के अनुमानों को बरकरार रखा गया है। ब्रोकरेज ने FY27 के आउटलुक पर 60x PER पर स्टॉक का वैल्यूएशन दिया है।नुवामा ने टाइटन पर खरीदारी की सलाह बनाए रखी है। हालांकि टारगेट प्राइस 4,182 रुपये से घटाकर 4,115 रुपये प्रति शेयर किया है।
ब्रोकरेज का कहना है कि Titan ने Q3FY25 में मजबूत वृद्धि दर्ज की। यह खासकर वेडिंग स्पेंडिंग और 22% सेम-स्टोर सेल्स ग्रेथ के चलते रही। EBIT मार्जिन में गिरावट रही। सोने की बढ़ती कीमतों, प्रोडक्ट मिक्स और प्रतिस्पर्धा से मार्जिन पर दबाव पड़ा। हालांकि, स्टडेड ज्वेलरी के अनुपात में कमी के बावजूद कोर-ज्वेलरी EBIT मार्जिन में मामूली गिरावट पॉजिटिव है।
नुवामा ने FY25E/26E के लिए रेवेन्यू अनुमान +0.2%/-9.1% जताया है। जबकि इसी अवधि में नेट प्रॉफिट का अनुमान -0.5%/+0.3% रखा है।मोतीलाल ओसवाल ने टाइटन पर 4,000 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि टाइटन की तीसरी तिमाही तिमाही की परफॉर्मेंस स्टेबल रही है।
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, Titan अपने सोर्सिंग, स्टडेड ज्वेलरी रेश्यो, युवा-केंद्रित रणनीति और रीइन्वेस्टमेंट स्कीम में बेहतरीन प्रतिस्पर्धी स्थिति के चलते अन्य ब्रांडेड प्लेयर से आगे निकलता जा रहा है। ब्रांड रिकॉल और बिजनेस मॉडल दमदार है। इससे कंपनी को प्रतिस्पर्धात्मक में फायदा होता है। दिसंबर 2024 तक 3,240 स्टोर तक पहुंच गया। FY25 में लो स्टडेड ज्वेलरी मिक्स के चलते मार्जिन में कमी आई है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन आउटलुक पर नजर रखना अहम होगा।ब्रोकरेज का कहना है कि हालांकि TTAN का वैल्यूएशन महंगा है, लेकिन इसका लंबी अवधि के लिए ग्रोथ ट्रैक और शानदार एक्जीक्यूशन रिकॉर्ड इसे एक आकर्षक निवेश ऑप्शन बनाता है।सेंट्रम ब्रोकिंग (Centrum Broking) ने भी टाइटन कंपनी पर 4,026 रुपये के टारगेट के साथ खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि टाइटन की परफॉर्मेंस अनुमान के मुताबिक रही। गोल्ड क्वाइन की बिक्री और लो स्टडेड मिक्स के चलते मार्जिन पर असर हुआ।
Titan: कैसी है शेयर की चाल
टाइटन कंपनी के शेयर में गुरुवार को हरे निशान में 3495 पर कारोबार शुरू हुआ। हालांकि, थोड़ी देर में ही शेयर में बिकवाली हुई और यह करीब 2 फीसदी तक टूट गया। टाइटन की लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस देखें तो बीते 5 साल का रिटर्न 170 फीसदी है। जबकि बीते 2 साल में 38 फीसदी की तेजी दिखाई है। सालभर का रिटर्न सपाट रहा है। BSE पर स्टॉक का 52 हफ्ते का हाई 3,866 और लो 3,059 है। कंपनी का मार्केट कैप 3.04 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
Titan: कैसे रहे Q3 नतीजे
सीमा शुल्क में कटौती के चलते टाइटन कंपनी का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान शुद्ध लाभ लगभग स्थिर रहा। इस तिमाही में इसका परिचालन राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में 25.2 फीसदी बढ़कर 17,740 करोड़ रुपये हो गया जबकि शुद्ध लाभ 1,047 करोड़ रुपये रहा। तिमाही आधार पर इसके शुद्ध लाभ में 48.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ जबकि राजस्व 22.1 प्रतिशत बढ़ा।
दिसंबर में समाप्त तिमाही के दौरान पिछले साल के मुकाबले 5.9 फीसदी बढ़कर 1,802 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान तनिष्क की मालिक की आभूषण कारोबार से आय पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में एकल आधार पर 26 फीसदी बढ़कर 14,697 करोड़ रुपये हो गई।
अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही के दौरान कंपनी के भारतीय कारोबार में 25 फीसदी की वृद्धि हुई। घड़ियों और वियरेबल वस्तुओं के कारोबार में उसने 1,128 करोड़ रुपये की आय दर्ज की जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान घरेलू कारोबार में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
शेयर बाजार में बढ़त, चौथे दिन सेंसेक्स 242 अंकों की बढ़त के साथ खुला
6 Feb, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: आज गुरुवार, 6 फरवरी को घरेलू शेयर बाजार लगातार चौथे दिन हरे निशान पर खुला है। BSE सेंसेक्स 242.08 अंक यानी 0.31% की बढ़त के साथ 78,513.36 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। वहीं, NSE निफ्टी-50 भी 65.65 अंक यानी 0.28% की तेजी के साथ 23,761.95 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। शेयर मार्कट में लगातार चौथी दिन जारी तेजी के पीछे एक कारण यह भी है कि इंवेस्टर्स इस समय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। RBI कल यानी की शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। उम्मीद की जा रही है कि इस बार आरबीआई ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर सकता है।
वहीं, आज रुपया शुरुआती कारोबार में 12 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर 87.55 पर पहुंच गया। बीते दिन यानी बुधवार के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार नुकसान के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 312 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 78,271 और निफ्टी 42 अंक या 0.18 प्रतिशत गिरकर 23,696 पर बंद हुआ था।
हाइब्रिड कारों के 5 बड़े फायदे जान गए, तो पेट्रोल-डीजल लगेंगी बेकार
5 Feb, 2025 06:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Hybrid cars पेट्रोल और डीजल वाहनों से बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच हाइब्रिड कारें ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन रही हैं। ये वाहन पारंपरिक ईंधन और इलेक्ट्रिक पावर दोनों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे न केवल माइलेज बेहतर होती है बल्कि पर्यावरण को भी कम नुकसान होता है।
यहां हम आपको हाइब्रिड कारों की पांच बड़ी खूबियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें जानने के बाद आपका पेट्रोल और डीजल कारों से मोहभंग हो जाएगा।
ईंधन की बचत और ज्यादा माइलेज
हाइब्रिड कारों में पारंपरिक पेट्रोल-डीजल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर का भी इस्तेमाल होता है। कम स्पीड पर हाइब्रिड कारें इलेक्ट्रिक मोटर पर चलती हैं, जिससे ईंधन की खपत कम होती है और माइलेज बढ़ता है। आमतौर पर हाइब्रिड कार पेट्रोल से चलने वाली कार से 20-30% ज्यादा माइलेज दे सकती है।
कम उत्सर्जन और पर्यावरण के अनुकूल
चूंकि हाइब्रिड वाहन इंजन के साथ इलेक्ट्रिक पावरट्रेन का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए वे पारंपरिक कारों की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जित करते हैं। इससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होता है और ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक समस्याओं से निपटने में भी मदद मिलती है।
आसान ड्राइविंग अनुभव
इलेक्ट्रिक मोटर की वजह से हाइब्रिड कारें बेहद आसान और शांत ड्राइविंग अनुभव देती हैं। इसमें इंजन का शोर कम होता है, जिससे यात्रा अधिक आरामदायक होती है।
ऑटोमैटिक रीजेनरेटिव ब्रेकिंग
हाइब्रिड कारों में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम होता है, जो ब्रेक लगाने पर बैटरी को चार्ज करता है। यह तकनीक कार की ऊर्जा बचाने में मदद करती है और बैटरी की लाइफ बढ़ाती है।
कम रखरखाव और लंबी लाइफ
हाइब्रिड कारों में इंजन का कार्यभार कम होने के कारण इनका रखरखाव पारंपरिक वाहनों की तुलना में कम होता है। इससे इनके पार्ट्स की लाइफ भी बढ़ जाती है।
भारत में हाइब्रिड कारों का भविष्य क्या है?
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ ही सरकार हाइब्रिड कारों को भी एक अच्छे विकल्प के तौर पर देख रही है। हाल ही में कई ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भारत में हाइब्रिड मॉडल लॉन्च किए हैं, जिससे ग्राहकों के लिए और भी विकल्प उपलब्ध हो गए हैं। अगर क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जाता है तो आने वाले सालों में हाइब्रिड कारों की मांग और बढ़ेगी।
नया इनकम टैक्स कानून करदाताओं की जिंदगी आसाना बनाएगा : अग्रवाल
5 Feb, 2025 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में नया इनकम टैक्स कानून लाने की बात कही थी। इस घोषणा के बाद से ही टैक्सपेयर्स के बीच यह कयास शुरू हुआ है कि आखिर नया इनकम टैक्स कानून कैसा होगा और इसका उन पर क्या असर होगा। टैक्सपेयर्स की दुविधा और शंका को शांत कर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने बताया कि नया इनकम टैक्स कानून प्रत्यक्ष कर को काफी आसान करेगा और करदाता की जिंदगी भी आसान होगी।
रिपोर्ट के अनुसार सीबीडीटी चेयरमैन ने बताया कि यह बहुत संतोष की बात है कि इस बार बजट को इतनी सकारात्मकता से लिया गया है और इतना ही नहीं हमारे करोड़ करदाता खुश हैं। टैक्स में दिया गया पूरा लाभ करीब 1 लाख करोड़ रुपये का है और इस साल का बजट लक्ष्य 22.37 लाख करोड़ रुपये है, तब यह कुल करों का 5 प्रतिशत बनता है। लोगों के हाथ में यह 1 लाख करोड़ रुपये होने का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव दिखेगा। व्यापार विकसित होगा।
सीबीडीटी चेयरमैन अग्रवाल के मुताबिक, टैक्स छूट के रूप में हमारी ओर से दिया गया पैसा वापस लौटेगा। यह कंपनियों के माध्यम से आएगा, यह व्यापार आय के माध्यम से आएगा, यह वेतन के माध्यम से भी आ सकता है, क्योंकि अगर कंपनियां बढ़ती हैं, तब वेतन भी बढ़ेगा। इस 1 लाख करोड़ रुपये की राहत का सकारात्मक प्रभाव देश की इकानामी पर दिखाई देगा। हम इस साल 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं, क्योंकि इस राहत के कारण बजट लक्ष्य 12.46 प्रतिशत रखा गया है।
सीबीडीटी अध्यक्ष ने कहा कि इसका फायदा उठाने के लिए दो चीजें हैं। एक करदाता को रिटर्न फाइल करना होगा और फिर अगर रिफंड बनता है, तब वह व्यक्ति रिफंड ले सकता है। रिटर्न की संख्या लगभग वहीं रहेगी। यह लगभग 9 करोड़ होगी। पहले 7 लाख रुपये तक की आय पर छूट मिलती थी, अब यह 12 लाख रुपये तक हो गई है। इस बजट में डेढ़ करोड़ करदाताओं के लिए, जो इस श्रेणी (7 से 12 लाख रुपये) में थे, उनकी टैक्स देनदारी शून्य होगी। लाभ पाने वाले वास्तविक करदाताओं की संख्या करीब 3 करोड़ होगी।
मर्सिडीज की 1954 मॉडल रेसिंग कार ने बनाया रिकॉर्ड, नीलामी में 460 करोड़ में बिकी
5 Feb, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वर्लिन । मर्सिडीज की 1954 मॉडल रेसिंग कार ने नीलामी में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह ऐतिहासिक ग्रां प्री कार 460 करोड़ में नीलाम हुई, जिससे यह अब तक की सबसे महंगी बिकने वाली रेसिंग कार बनी है। क्यों खास है यह मर्सिडीज रेसिंग कार? नीलामी में बनाया रिकॉर्ड यह कार एक अज्ञात खरीदार ने खरीदी, जिसकी पहचान उजागर नहीं की गई है। इसके पहले 2013 में एफ1 कार मॅकलारेन एमपी 4/4 करीब 140 करोड़ में बिकी थी, लेकिन अब इस मर्सिडीज ने नया रिकॉर्ड बनाया है। मर्सिडीज-बेंज डब्ल्यू 196 को 1954-55 में ग्रां प्री रेसिंग के लिए बनाया गया था। इस कार ने जर्मनी, स्विट्जरलैंड और इटली जैसी प्रतिष्ठित रेसों में जीत दर्ज की थी। यह मर्सिडीज के लिए उस दौर में एक नई तकनीकी क्रांति लेकर आई थी। इस ऐतिहासिक नीलामी से साफ है कि विंटेज रेसिंग कारों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और ये ऑटोमोबाइल प्रेमियों के लिए बेहद कीमती धरोहर बनती जा रही हैं।
गिरते बाजार में भी बना सोना HERO, निवेशकों को दे रहा है जबरदस्त रिटर्न
5 Feb, 2025 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
GOLD सोने में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। शेयर बाजार और वैश्विक बाजार में जब अनिश्चितता का माहौल है, तब सोना सबसे बड़ी सुरक्षित संपत्ति बनकर उभरा है और इसकी तेजी से बढ़ती कीमतें सीधे तौर पर यह साबित कर रही हैं। घरेलू वायदा बाजार में ही नहीं, सर्राफा बाजार में भी सोने की खुदरा कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं।
सोने ने कितना रिटर्न दिया?
वायदा बाजार की बात करें तो आज अप्रैल वायदा सोना 84,000 रुपये के पार पहुंच गया। सोने में लगातार रिकॉर्ड बन रहे हैं। MCX पर सोने ने 84,154 का नया रिकॉर्ड बनाया है। वैश्विक बाजार में भी सोने ने 2,884 डॉलर का रिकॉर्ड बनाया है। अगर रिटर्न की बात करें तो 7 दिनों में 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है। 1 महीने में 8 फीसदी से ज्यादा की जोरदार तेजी देखने को मिली है और एक साल में सोना 33 फीसदी से ज्यादा उछला है। एमसीएक्स पर आज सुबह अप्रैल अनुबंध वाला सोना करीब 400 रुपये की तेजी के साथ 84,187 पर कारोबार कर रहा था। वहीं फरवरी अनुबंध वाला सोना 813 रुपये की जोरदार तेजी के साथ 84,400 के स्तर पर पहुंच गया था। मंगलवार को यह 83,586 पर बंद हुआ था। इस दौरान मार्च अनुबंध वाली चांदी 96 रुपये की तेजी के साथ 95,805 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी, जो कल 95,709 के स्तर पर बंद हुई थी।
सराफा बाजार में भी सोना नई ऊंचाई पर
ज्वैलर्स और रिटेलर्स की मजबूत मांग के बीच मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में लगातार पांचवें सत्र में तेजी जारी रही और यह 500 रुपये की तेजी के साथ 85,800 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। पिछले सत्र में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 85,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इस साल सोना 1 जनवरी के 79,390 रुपये प्रति 10 ग्राम से 6,410 रुपये या 8.07 प्रतिशत बढ़कर 85,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।
99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने में भी लगातार पांचवें सत्र में तेजी रही और मंगलवार को यह 500 रुपये उछलकर 85,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया। हालांकि, चांदी की कीमतों में पांच दिन की तेजी टूट गई और यह 500 रुपये गिरकर 95,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि सोमवार को चांदी 96,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
क्यों महंगा हो रहा है सोना?
अबंस होल्डिंग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी CEO चिंतन मेहता के अनुसार, वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंकाओं के बीच सोमवार को सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों को सुरक्षित विकल्प माने जाने वाले इस धातु की ओर अधिक प्रीमियम पर रुख करना पड़ा। मेहता ने कहा, "भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती जा रही है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने सीमा पर सख्त कार्रवाई पर बातचीत के बाद कनाडा और मैक्सिको पर टैरिफ को एक महीने के लिए रोक दिया है।" उन्होंने कहा, "इस बीच, चीन के केंद्रीय बैंक ने दिसंबर में लगातार दूसरे महीने अपने स्वर्ण भंडार में वृद्धि की है।"
FMCG Stocks लुढ़के: लाल निशान में बंद हुए बाजार, मझोले शेयरों में खरीदारी
5 Feb, 2025 03:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शेयर बाजार: बुधवार (5 फरवरी) को घरेलू शेयर बाजारों में सुस्ती देखने को मिली। पूरे दिन बाजार मामूली गिरावट के साथ कारोबार करते रहे और फिर गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 42 अंक गिरकर 23,696 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 312 अंक फिसलकर 78,271 और बैंक निफ्टी 185 अंक उछलकर 50,343 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 458 अंकों की बढ़त के साथ 54,279 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉल कैप 317 अंकों की बढ़त के साथ 17,115 पर बंद हुआ।
निफ्टी पर रियल्टी और एफएमसीजी इंडेक्स आज के लूजर रहे। वहीं, पीएसई, एनर्जी, सीपीएसई, मेटल इंडेक्स में तेजी रही। निफ्टी पर हिंडाल्को, आईटीसी होटल्स, ओएनजीसी, अपोलो हॉस्पिटल, बीपीसीएल में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। वहीं, एशियन पेंट, टाइटन, नेस्ले, ब्रिटानिया, टाटा कंज्यूमर में गिरावट रही। एरिस लाइफसाइंसेज +13%, जुबिलेंट फार्मा +11%, ग्लोबल हेल्थ +10.5% और मोतीलाल ओसवाल फिन +9% बीएसई पर सबसे ज्यादा लाभ में रहे। थर्मैक्स -5.5%, फाइन ऑर्गेनिक्स -5%, सोभा लिमिटेड -4.5% और फीनिक्स मिल्स -4% सबसे ज्यादा नुकसान में रहे।
सुबह के कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स 78,735 के उच्चतम स्तर पर गया। लेकिन इसके बाद थोड़ा मिलाजुला सत्र देखने को मिला। निफ्टी 23,807 के उच्चतम स्तर पर गया, लेकिन इसके बाद यह भी 23,771 के आसपास कारोबार करता नजर आया। बैंक निफ्टी में अच्छी तेजी देखने को मिली। और यह 50,410 के उच्चतम स्तर पर गया।
वैश्विक बाजारों से अपडेट
व्यापार युद्ध की चिंताओं में कमी और अच्छे नतीजों के साथ ही अमेरिकी बाजारों में 2 दिनों के बाद अच्छी तेजी लौटी। डाउ करीब 150 अंक चढ़ा, जबकि नैस्डैक 250 अंक से ज्यादा उछलकर दिन के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। सुबह गिफ्ट निफ्टी 70 अंक की बढ़त के साथ 23850 के करीब था। डाउ वायदा सपाट रहा, जबकि निक्केई 75 अंक ऊपर रहा। कल की भारी तेजी में एफआईआई ने नकद, इंडेक्स और स्टॉक वायदा मिलाकर 13600 करोड़ रुपये से ज्यादा खरीदे। 2 जनवरी के बाद पहली बार एफआईआई ने नकद में खरीदारी की, जबकि घरेलू फंडों ने लगातार 35 कारोबारी सत्रों की खरीदारी के बाद कल 400 करोड़ रुपये की छोटी रकम बेची। कमोडिटी बाजार की बात करें तो अप्रैल वायदा अनुबंध में सोने ने घरेलू बाजार में 84000 रुपये से ऊपर और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2875 डॉलर से ऊपर नया लाइफ हाई बनाया। चांदी 1500 रुपये उछलकर 95750 पर बंद हुई। कच्चा तेल 76 डॉलर पर सपाट देखा गया।
दालों में आत्मनिर्भर बनेगा भारत, 2029 तक आयात खत्म करने के लिए 1 हजार करोड़ होंगे खर्च
5 Feb, 2025 03:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत को दालों की आपूर्ती के लिए किसी देश की तरफ नहीं देखना पड़ेगा। 2029 तक दालों के मामले में भारत आत्म निर्भर हो जाएगा। इसके लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक हजार करोड़ का प्रावधान किया है। निर्मला सीतारमण ने कहा, हमारी सरकार अब दलहन में आत्मनिर्भरता के लिए छह साल का मिशन शुरू करेगी। जिसमें तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की दाल की पैदावार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारत मुख्य रूप से कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, म्यांमार, मोजाम्बिक, तंजानिया, सूडान और मलावी से दालों का आयात करता है। इसके लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य यह है कि साल 2029 तक देश में दालों की मांग को पूरा करने के लिए आयात पर भारत की निर्भरता को खत्म करना है। 2025-26 के केंद्रीय बजट में इस योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस पैसे से तीन दलहन फसलों के संबंध में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) आधारित खरीद और भंडारण की सुविधा प्रदान की जाएगी।
पिछले साल 4 जनवरी को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य घोषित किया था कि भारत 2028-29 तक दालों का आयात बंद कर देगा। अमित शाह ने नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) द्वारा तुअर (अरहर) खरीदने के कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा था, “दिसंबर 2027 तक देश को दालों के मामले में आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करनी चाहिए। हम जनवरी 2028 से एक किलो दाल भी आयात नहीं करेंगे।” पिछले साल अल नीनो मौसमी पैटर्न के कारण दालों की कीमतें बढ़ गईं, जो अधिकांश भारतीयों के लिए प्रोटीन का एक सामान्य सोर्स है। जबकि 2015-16 के बाद से कुल घरेलू उत्पादन में 37 फीसदी की वृद्धि हुई है, जिससे भारत को पहले ही आयात में कटौती करने में मदद मिली है। फिर भी, दालों में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया है, जिससे कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। प्रोटीन आधारित दालों की कीमतों में तेजी इंफ्लेशन और घरेलू खर्च बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। पिछले साल दालों में इंफ्लेशन लगभग 17 फीसदी बढ़ी, जिसका मुख्य कारण लगातार दो सालों से खराब मौसम और खराब मानसून के कारण कम उत्पादन था।
अब एटीएम से बार-बार कैश निकालने वालों को देनी होगी ज्यादा फीस
5 Feb, 2025 02:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) एटीएम से कैश निकालने वाले लोगों के लिए बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। अब एटीएम से कैश निकालना महंगा हो सकता है क्योंकि आरबीआई एटीएम इंटरचेंज फीस और मुफ्त निकासी की सीमा के बाद लगने वाले चार्ज बढ़ाने पर विचार कर रहा है। रिजर्व बैंक मौजूदा समय में महीने में 5 कैश विथड्रावल फ्री देता था लेकिन अब आरबीआई इन 5 लेनदेन की लिमिट से ज्यादा पर लगने वाले चार्ज और एटीएम इंटरचेंज फीस को बढ़ाने की प्लानिंग कर रहा है।
एक रिपोर्ट में जानकारी रखने वाले लोगों का हवाला देते हुए बताया गया कि एनपीसीआई ने पांच बार फ्री लिमिट पूरी होने के बाद कैश निकालने के चार्ज को मौजूदा चार्ज 21 रुपए से बढ़ाकर 22 रुपए करने की सिफारिश की है। इसके अलावा एनपीसीआई ने कैश लेनदेन के लिए एटीएम इंटरचेंज फीस को 17 रुपए से बढ़ाकर 19 रुपए करने की भी सिफारिश की गई है। इंटरचेंज फीस दूसरे बैंक के एटीएम से एक लिमिट के बाद पैसे निकालने पर लगाई जाती है यानी कि यह एटीएम सर्विस इस्तेमाल करने के बदले एक बैंक की तरफ से दूसरे बैंक को दी जाने वाली फीस है।
रिपोर्ट के मुताबिक बैंक और व्हाइट-लेबल एटीएम ऑपरेटर मेट्रो और नॉन-मेट्रो शहरों में फीस बढ़ाने की एनपीसीआई की सिफारिश से सहमत हैं लेकिन अभी इस मामले में भारतीय रिजर्व बैंक और एनपीसीआई ने कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ती महंगाई और पिछले दो सालों में 1.5-2 फीसदी की दर से बढ़ते उधार लागत, ट्रांसपोर्टेशन पर ज्यादा खर्च, कैश रीप्लेनिशमेंट और लागत के कारण नॉन-मेट्रो शहरों में एटीएम चलाने का खर्चा तेजी से बढ़ रहा है।
8वें वेतन आयोग लागू होते ही चपरासी से अधिकारी तक की होगी बल्ले-बल्ले
5 Feb, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगी। इसके बाद देशभर के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी हो जाएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की सैलरी में 2.86 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बढ़ सकती है।
जैसे चपरासी और सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है। 2.86 फिटमेंट फैक्टर से इनकी सैलरी बढ़कर 51,480 रुपए हो जाएगी, जो कि 33,480 रुपए की बढ़ोतरी होगी। वहीं लोअर डिविजन क्लर्क की सैलरी 19,900 रुपए है। इनकी सैलरी 56,914 रुपए हो जाएगी, जिसमें 37,014 रुपए की बढ़ोतरी होगी। पुलिस कॉन्स्टेबल और स्किल स्टाफ की मौजूदा सैलरी 21,700 रुपए है। 8वें वेतन आयोग के बाद इनकी सैलरी 62,062 रुपए हो जाएगी, जो कि 40,362 रुपए बढ़ेगी। पुलिस स्टेनोग्राफर और जूनियर क्लर्क की सैलरी 25,500 रुपए है। इनकी सैलरी बढ़कर 72,930 रुपए हो जाएगी, जो कि 47,430 रुपए की वृद्धि होगी।
सीनियर क्लर्क और हाई लेवल टेक्निकल ऑफिसर की मौजूदा सैलरी 29,200 रुपए है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद इनकी सैलरी 83,512 रुपए हो जाएगी, जिसमें 54,312 रुपए की बढ़ोतरी होगी। इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर की सैलरी 35,400 रुपए है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर इनकी सैलरी 1,01,244 रुपए हो जाएगी, जो कि 65,844 रुपए बढ़ेगी।
वहीं सुपरिटेंडेंट, सेक्शन ऑफिसर और असिस्टेंट इंजीनियर की मौजूदा सैलरी 44,900 रुपए है। इनकी सैलरी 1,28,414 रुपए हो जाएगी, जिसमें 83,514 रुपए की बढ़ोतरी होगी। सेक्शन ऑफिसर और असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर की सैलरी 47,600 रुपए है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद इनकी सैलरी 1,36,136 रुपए हो जाएगी, जो कि 88,536 रुपए की बढ़ोतरी होगी। डिप्टी सुपरिटेंडेंट और अकाउंट ऑफिसर की सैलरी 53,100 रुपए है। इनकी सैलरी बढ़कर 1,51,866 रुपए हो जाएगी, जिसमें 98,766 रुपए की बढ़ोतरी हो जाएगी। सिविल सर्विस के अधिकारी और ग्रुप-ए के अधिकारियों की मौजूदा सैलरी 56,100 रुपए है। 8वें वेतन आयोग लागू होने पर इनकी सैलरी 1,60,446 रुपए हो जाएगी, जो कि 1,04,346 रुपए की बढ़ोतरी होगी। इस प्रकार, 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में भारी वृद्धि होगी, जिससे कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
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