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Share Market Turmoil: छह दिनों की गिरावट से मार्केट में भूचाल, निवेशकों के 18 लाख करोड़ रुपये स्वाहा
13 Feb, 2025 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Share Market Crash: पिछले छह कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर मार्केट में भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों के करीब 18 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं. वैश्विक अनिश्चितताओं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आर्थिक चिंताओं के चलते मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव जारी है. इस गिरावट के कारण बीएसई सेंसेक्स 3.07% कमजोर हो चुका है|
सेंसेक्स 76,000 के करीब, आखिरी घंटे में दिखी रिकवरी
बुधवार को सेंसेक्स कारोबार के दौरान 905 अंक तक टूट गया, लेकिन आखिरी घंटे में बैंकिंग शेयरों में सुधार से कुछ रिकवरी देखने को मिली. इसके बावजूद, इंडेक्स 122.52 अंक यानी 0.16% गिरकर 76,171.08 पर बंद हुआ|
छह दिनों में सेंसेक्स में 2,400 अंकों की गिरावट
अगर पिछले छह दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सेंसेक्स 2,412.73 अंक टूट चुका है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है. इस गिरावट का सीधा असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी पड़ा है, जिससे मार्केट में दहशत का माहौल बना हुआ है|
आगे क्या? निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट निवेशकों के लिए एक मौका भी हो सकता है. लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को घबराने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स में खरीदारी करनी चाहिए. हालांकि, मार्केट में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है,गौरतलब है कि भारतीय शेयर मार्केट में जारी गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है. हालांकि, मार्केट में उतार-चढ़ाव एक सामान्य प्रक्रिया है, और लंबी अवधि में मजबूत आर्थिक संकेतकों के चलते रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है|
फार्मा स्टॉक तिमाही नतीजों के बाद हुआ बुरी तरह लुढ़का
13 Feb, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फार्मा| सेक्टर की कंपनी नाटको फार्मा के शेयर गुरुवार को इंट्राडे ट्रेड में 19% तक लुढ़क गए। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट दिसंबर तिमाही के कमजोर नतीजों के चलते आई है।नाटको फार्मा ने बुधवार को अपने दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में उसका मुनाफा सालाना आधार पर 37.75% घटकर 132.4 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले की इसी तिमाही में यह 212.7 करोड़ रुपये था।नाटको फार्मा का ऑपरेशंस से कंसॉलिडेटिड रेवेन्यू दिसंबर तिमाही में 37.4% की गिरावट के साथ 474.8 करोड़ रुपये पर आ गया। एक साल पहले की इसी तिमाही में यह 758.6 करोड़ रुपये था।
नाटको फार्मा के मुनाफे में कमी की वजह?
कमाई में गिरावट के पीछे एक प्रमुख कारक निर्यात फॉर्मूलेशन बिजनेस में गिरावट है। यह कंपनी का सबसे अधिक रेवेन्यू पैदा करने वाला सेगमेंट हैं।दिसंबर तिमाही में निर्यात फॉर्मूलेशन से रेवेन्यू लगभग आधा होकर ₹285.8 करोड़ हो गया। यह एक साल पहले की इसी तिमाही में 605.6 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी का घरेलू फॉर्मूलेशन रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही में ₹994 करोड़ के मुकाबले ₹961 करोड़ पर काफी हद तक स्थिर था।
19% तक लुढ़का नाटको फार्मा का स्टॉक
दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद बीएसई पर नैटको फार्मा का शेयर 18.95% गिरकर ₹986 प्रति शेयर पर आ गया। स्टॉक में गुरुवार को लगातार पांचवें ट्रेडिंग में गिरावट दर्ज की गई। पिछले एक हफ्ते में स्टॉक 24.79% गिर चुका है। हालांकि, पिछले एक साल में शेयर 16.45% चढ़ा है।
नाटको ने डिविडेंड का किया ऐलान
NATCO फार्मा के बोर्ड ने दिसंबर तिमाही के नतीजों के साथ FY25 के लिए ₹2 प्रत्येक के इक्विटी शेयर पर ₹1.50 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। NATCO फार्मा ने एक फाइलिंग में कहा, “तीसरे अंतरिम डिविडेंड के भुगतान के उद्देश्य से अपने शेयरधारकों को रिकॉर्ड पर लेने की तारीख, यानी रिकॉर्ड डेट, मंगलवार, 18 फरवरी 2025 तय की गई है। अंतरिम डिविडेंड का भुगतान 28 फरवरी 2025 से शुरू होगा।”
सोने ने बनाया नया रिकॉर्ड, 86 हजार के करीब पहुंचा भाव
13 Feb, 2025 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोने में इनवेस्ट एक शानदार ऑप्शन है, क्योंकि यह आपको रिस्क फ्री रिटर्न देता है। सोने में इनवेस्टमेंट करना फायदेमंद हो सकता है।फरवरी को सोने के दाम में तेजी आई है। 24 कैरेट सोने की 100 ग्राम की कीमत में 2380 रुपये की तेजी आई है।फरवरी को 24 कैरेट सोने की कीमत 85 हजार 903 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 10 फरवरी 2024 की तुलना में सोने के भाव में आज 238 रुपये की तेजी आई है।
चांदी के भाव में कमी देखी गई है। चांदी का भाव 94 हजार 410 रुपये प्रति किलो हो गया है। राष्ट्रीय स्तर पर 999 शुद्धता वाले चांदी के भाव में 10 फरवरी से 1123 रुपये की कमी आई है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स के अनुसार 10 फरवरी की शाम को 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 85665 रुपये थी। 11 फरवरी को 999 वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 85903 रुपये हो गई है।
10 फरवरी की शाम को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 95533 रुपये थी। 11 फरवरी को 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत 94410 रुपये हो गई है।
10 फरवरी को 995 शुद्धता वाले सोने की कीमत 85559 रुपये हो गई है। 916 शुद्धता वाले सोने की कीमत 78687 रुपये हो गई है। 750 शुद्धता वाले सोने की कीमत 64427 रुपये हो गई है। 585 शुद्धता वाले सोने की कीमत 50253 रुपये हो गई है।
6500 करोड़ रुपये के बिटकॉइन वाले कचरे को खरीदने का ऐतिहासिक कदम उठाने वाला शख्स
12 Feb, 2025 01:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ब्रिटेन: के एक शख्स के करीब 6500 करोड़ रुपये के बिटकॉइन कचरे के ढेर में गुम हैं। ये बिटकॉइन इस ढेर में 12 साल से हैं, लेकिन उसे अभी तक मिले नहीं हैं। ये बिटकॉइन एक हार्ड ड्राइव में हैं। वह कचरे में उस हार्ड ड्राइव को काफी तलाश कर चुका है, लेकिन अभी तक उसे सफलता नहीं मिली है। अब उस शख्स ने उस पूरी जगह को खरीदने का प्लान बनाया है, जहां यह कचरा पड़ा है और उसमें हार्ड ड्राइव दबी है।ब्रिटेन के आईटी एम्प्लॉई जेम्स हॉवेल्स की हार्ड ड्राइव में 6500 करोड़ रुपये के बिटकॉइन थे। साल 2013 में 39 वर्षीय हॉवेल्स ने खुलासा किया था कि उन्होंने गलती से अपने बिटकॉइन वाला हार्ड ड्राइव खो दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बिटकॉइन वॉलेट वाला हार्ड ड्राइव एक काले बैग में रखकर अपने घर के हॉल में छोड़ दिया था। उनकी तत्कालीन पार्टनर ने उस बैग को कचरा समझकर कूड़ेदान में फेंक दिया था। तब से यह हार्ड ड्राइव कथित तौर पर कचरे के ढेर में गुम है।
हर प्रयास रहा विफल
हॉवेल्स उस हार्ड ड्राइव को तलाशने की कई कोशिश कर चुके हैं, लेकिन हर बार असफल रहे हैं। अब वह न्यू पोर्ट सिटी काउंसिल से हार्ड ड्राइव को वापस पाने में मदद करने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने इसके लिए काउंसिल को पैसे देने की पेशकश भी की है।
हालांकि काउंसिल ने उनकी हर कोशिश को अस्वीकार किया है। उनका कहना है कि हार्ड ड्राइव और उसमें मौजूद बिटकॉइन लैंडफिल पहुंचने पर उनकी संपत्ति बन गए थे। पिछले महीने हॉवेल्स से एक केस जीतने के बाद काउंसिल ने लैंडफिल को बंद करने और ढकने की योजना की घोषणा की। काउंसिल लैंडफिल की जमीन के एक हिस्से पर सोलर फार्म बनाने की योजना बना रही है।
लैंडफिल खरीदने की योजना
हॉवेल्स अब उस लैंडफिल को खरीदने की योजना बना रहे हैं। हॉवेल्स ने कहा, 'अगर न्यू पोर्ट सिटी काउंसिल तैयार होती है तो मैं लैंडफिल साइट को जैसी है वैसी ही खरीद सकता हूं। मैंने इस विकल्प पर निवेशकों के साथ चर्चा की है।'
कितनी है बिटकॉइन की कीमत?
अभी बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी की कीमत करीब 83 लाख रुपये है। पिछले 24 घंटे में इसमें 2 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। एक महीने में इसका रिटर्न 3 फीसदी से कुछ ऊपर रहा है। हालांकि एक साल में इसने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। एक साल में इसका रिटर्न करीब 108 फीसदी रहा है।
L&T चेयरमैन SN Subrahmanyan का विवादित बयान, 'मजदूर काम करने के लिए तैयार नहीं'
12 Feb, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
L&T Chairman SN Subrahmanyan Controversial Statement: लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन (S. N. Subrahmanyan) एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने मजदूरों के काम पर जाने की अनिच्छा पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के कारण मजदूर अपने गांवों से बाहर जाकर काम करने को तैयार नहीं हैं. यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनके 90 घंटे के वर्क वीक वाले बयान को लेकर पहले से ही बहस चल रही थी|
एसएन सुब्रह्मण्यन ने क्या कहा
मंगलवार को चेन्नई में CII मिस्टिक साउथ ग्लोबल लिंकएज समिट 2025 में बोलते हुए सुब्रह्मण्यन ने कहा कि निर्माण उद्योग को मजदूर मिलने में कठिनाई हो रही है, क्योंकि लोग काम के लिए घर छोड़ने के इच्छुक नहीं हैं. उन्होंने मनरेगा (MGNREGA), डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और जन धन खातों जैसी सरकारी योजनाओं को इसका संभावित कारण बताया.सुब्रह्मण्यन के अनुसार, भारत में प्रवास (माइग्रेशन) की एक अलग तरह की समस्या है. उन्होंने बताया कि L&T को 4 लाख मजदूरों की जरूरत होती है, लेकिन 16 लाख लोगों की भर्ती करनी पड़ती है, क्योंकि भारी संख्या में लोग बीच में ही काम छोड़ देते हैं. उन्होंने मजदूरों की सैलरी को महंगाई के अनुसार बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि भारत के मजदूर गल्फ देशों में काम करने को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि वहां उन्हें भारतीय मजदूरी से 3 से 3.5 गुना अधिक वेतन मिलता है|
रविवार को काम करने की अपील से उठे थे सवाल
पिछले महीने एसएन सुब्रह्मण्यन ने रविवार को भी काम करने की वकालत की थी. उन्होंने कहा था, "घर पर बैठकर आप क्या करेंगे? कितनी देर तक अपनी पत्नी को देख सकते हैं? आओ, ऑफिस आकर काम करो." उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद रविवार को भी काम करते हैं.उनके इस बयान पर कई उद्योगपतियों ने प्रतिक्रिया दी थी. आदर पूनावाला, आनंद महिंद्रा और आईटीसी के संजीव पुरी जैसे उद्योग जगत के दिग्गजों ने वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया था|
संसद तक पहुंचा था मामला, सरकार का बयान
यह बहस संसद तक पहुंची थी, जहां सरकार ने साफ कर दिया था कि अधिकतम कार्य घंटे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है. सरकार ने कहा कि 70 से 90 घंटे प्रति सप्ताह का कार्य समय लागू करने की कोई योजना नहीं है.पिछले हफ्ते आए आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में कहा गया कि 60 घंटे से अधिक कार्य करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. सर्वे में बताया गया कि जो लोग 12 घंटे या उससे अधिक लगातार डेस्क पर बैठकर काम करते हैं, उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित होती है. सर्वेक्षण में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बहुत ज्यादा काम करने से तनाव और मानसिक अस्वस्थता बढ़ सकती है, जिससे लंबी अवधि में प्रोडक्टिविटी प्रभावित हो सकती है|
अडानी के लिए सौभाग्य: ट्रंप ने खत्म किया यह कानून, निवेश में आएगी तेजी
12 Feb, 2025 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के एक बड़े फैसले ने भारत के प्रमुख उद्योगपति गौतम अडानी के लिए राहत का रास्ता खोल दिया है. ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर साइन किए, जिसके तहत अमेरिकी न्याय विभाग को उन अमेरिकियों के खिलाफ मुकदमे रोकने का निर्देश दिया गया है, जो विदेशों में व्यापार करने के दौरान विदेशी अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोपी थे. इस फैसले ने 1977 में लागू किए गए विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम के प्रभाव को निलंबित कर दिया, जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी अधिकारियों को रिश्वत देने से रोकता था.यह कदम खासतौर से भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनके खिलाफ पिछली बाइडेन सरकार ने FCPA के तहत कार्रवाई शुरू की थी. अडानी ग्रुप पर आरोप था कि उसके अधिकारियों ने भारत में सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए 250 मिलियन (लगभग 2,000 करोड़ रुपये) की रिश्वत दी थी, हालांकि अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को कड़े शब्दों में खारिज कर दिया था|
ट्रंप ने क्या कहा
राष्ट्रपति ट्रंप ने FCPA को "भयानक" और "आपदा" बताते हुए कहा कि यह कानून कागज पर अच्छा लगता है, लेकिन वास्तविकता में यह अमेरिकी कंपनियों के लिए व्यापार को मुश्किल बना देता है. उनका मानना था कि इस कानून के कारण अमेरिकी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपटीशन में भारी नुकसान होता है. ट्रंप ने इसे "जिम्मी कार्टर कॉन्सेप्ट" करार देते हुए कहा कि इससे कोई भी अमेरिकी कंपनी विदेशी बाजारों में व्यापार करने में हिचकिचाती है, क्योंकि उन्हें हमेशा जांच और अभियोग का डर बना रहता है|
व्हाइट हाउस का तर्क और प्रभाव
व्हाइट हाउस का कहना था कि FCPA के अत्यधिक प्रवर्तन से अमेरिकी कंपनियों की वैश्विक कंपटीशन कमजोर हो रही थी. उनका मानना था कि FCPA के कठोर प्रावधान अमेरिकी व्यवसायों को अंतरराष्ट्रीय कंपीटीटर्स के मुकाबले असमान स्थिति में डाल रहे थे. ट्रंप प्रशासन ने इस फैसले से अमेरिकी कंपनियों को अपने प्रतिस्पर्धी देशों के समान व्यापारिक अवसरों का लाभ उठाने का रास्ता खोला है|
अडानी ग्रुप को मिली राहत
ट्रंप के इस फैसले से अडानी ग्रुप के लिए बड़ी राहत मिली है. FCPA के तहत आरोपों से न केवल अडानी ग्रुप को न्याय की संभावना मिली है, बल्कि उनके शेयरों में भी उछाल आया है. मंगलवार को अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 4.28 फीसदी की तेजी देखी गई की गई, जबकि अडानी पावर के शेयर 4.17 फीसदी बढ़कर 511.90 रुपये पर पहुंच गए. अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में भी बढ़ोतरी हुई है|
अमेरिकी सांसदों का रुख
इस फैसले पर अमेरिकी सांसदों की प्रतिक्रिया भी मिली-जुली रही. कुछ सांसदों ने बाइडेन प्रशासन की कार्रवाई की आलोचना की और इसे अमेरिका-भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिए हानिकारक बताया. उन्होंने इसे "गलत निर्णय" करार दिया और कहा कि यह केवल भारत के आंतरिक मामलों से जुड़ा था, जबकि अमेरिका को इससे कोई सीधा नुकसान नहीं था|
आज जारी होंगे जनवरी की महंगाई दर के आंकड़े, गिरावट की संभावना
12 Feb, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
12 फरवरी को जनवरी महीने के रिटेल महंगाई दर के आंकडे जारी होंगे। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस महीने महंगाई में गिरावट देखने को मिल सकती है। इससे पहले दिसंबर में महंगाई घटकर 5.22% हो गई थी। वहीं नवंबर में महंगाई दर 5.48% पर थी।
कैसे प्रभावित करती है? महंगाई का सीधा संबंध पर्चेजिंग पावर से है। उदाहरण के लिए यदि महंगाई दर 6% है, तो अर्जित किए गए 100 रुपए का मूल्य सिर्फ 94 रुपए होगा। इसलिए महंगाई को देखते हुए ही निवेश करना चाहिए। नहीं तो आपके पैसे की वैल्यू कम हो जाएगी।
महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना और घटना प्रोडक्ट की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। ज्यादा चीजें खरीदने से चीजों की डिमांड बढ़ेगी और डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं होने पर इन चीजों की कीमत बढ़ेगी।इस तरह बाजार महंगाई की चपेट में आ जाता है। सीधे शब्दों में कहें तो बाजार में पैसों का अत्यधिक बहाव या चीजों की शॉर्टेज महंगाई का कारण बनता है। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।
CPI से तय होती है महंगाई एक ग्राहक के तौर पर आप और हम रिटेल मार्केट से सामान खरीदते हैं। इससे जुड़ी कीमतों में हुए बदलाव को दिखाने का काम कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI करता है। हम सामान और सर्विसेज के लिए जो औसत मूल्य चुकाते हैं, CPI उसी को मापता है।कच्चे तेल, कमोडिटी की कीमतों, मेन्युफैक्चर्ड कॉस्ट के अलावा कई अन्य चीजें भी होती हैं, जिनकी रिटेल महंगाई दर तय करने में अहम भूमिका होती है। करीब 300 सामान ऐसे हैं, जिनकी कीमतों के आधार पर रिटेल महंगाई का रेट तय होता है।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, 7 दिन बाद निवेशकों को मिली राहत
12 Feb, 2025 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सोने की कीमतों में सात दिन के बाद गिरावट आई है। वैश्विक बाजारों में मंदी और स्टॉकिस्टों की बिकवाली के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 200 रुपये घटकर 88,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। 24 कैरेट गोल्ड भी 200 रुपये घटकर 87,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 88,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 900 रुपये घटकर 96,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 25 कैरेट गोल्ड सोमवार को 2,430 रुपये बढ़कर 88,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। पिछले सात कारोबारी सत्रों में सोना 5,660 रुपये या 6.8 फीसदी चढ़ा था। वहीं, इस साल पीली धातु 8,910 रुपये या 11.22 फीसदी बढ़ी है।
सोने की कीमतों पर एक्सपर्ट की राय
शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स में सोने में उछाल आया, क्योंकि टैरिफ संबंधी चिंताओं ने घबराहट में खरीदारी को बढ़ावा दिया। साथ ही केंद्रीय बैंकों ने सोना खरीदना जारी रखा। हालांकि, मजबूत रुपये ने एमसीएक्स में बढ़त को सीमित कर दिया, जिससे शाम के सत्र से पहले यह 85,450 रुपये पर पहुंच गया, जो लगातार अस्थिरता को दर्शाता है।"
शेयर बाजार में गिरावट के कारण निवेशकों को भारी घाटा, 6.40 लाख करोड़ रुपये की हानि
12 Feb, 2025 12:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार इस हफ्ते लगातार तीसरे दिन तेज गिरावट के साथ खुला है। एफएमसीजी, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों में तेज गिरावट के चलते दोनों ही एक्सचेंज के प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट है। आज लगातार तीसरे दिन मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में कोहराम देखा जा रहा है। केवल आईटी शेयरों में भी तेजी देखी जा रही है। निवेशकों की तेज बिकवाली के चलते बीएसई सेंसेक्स 481 अंकों की गिरावट के साथ 75813 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 141 अंकों की गिरावट के साथ 22925 अंकों पर कारोबार कर रहा है।सेंसेक्स 76000 के नीचे और निफ्टी 23000 अंकों के नीचे कारोबार कर रहा है। इस हफ्ते की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टील एल्यूमिनियम के इंपोर्ट पर टैरिफ लगाने का फैसला लिया तभी से बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है।
नुकसान में कारोबार कर रहे हैं 24 स्टॉक्स
बाजार में भारी बिकवाली के चलते सेंसेक्स के 30 शेयरों में 24 स्टॉक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे और केवल 6 स्टॉक्स में तेजी है। बीएसई पर लिस्टेड स्टॉक्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन 402.12 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है जो पिछले सत्र में 408.52 लाख करोड़ रुपये पर रहा था। यानी आज के ट्रेड में निवेशकों को 6.40 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
इन कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी
आज के सत्र में महिंद्रा एंड महिंद्रा 3.96 फीसदी, जोमैटो 3.37 फीसदी, रिलायंस 3.01 फीसदी, इंडसइंड बैंक 2.26 फीसदी, आईटीसी 2.02 फीसदी, एक्सिस बैंक 1.97 फीसदी, पावर ग्रिड 1.84 फीसदी, अडानी पोर्ट्स 1.76 फीसदी, एशियन पेंट्स 1.54 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। तेजी वाले शेयरों में टीसीएस 1.01 फीसदी, टेक महिंद्रा 0.92 फीसदी, इंफोसिस 0.49 फीसदी, सन फार्मा 0.10 फीसदी की तेजी के कारोबार कर रहा है।
हर सेक्टर का हाल
आज के ट्रेड में एक बार फिर निफ्टी का मिडकैप इंडेक्स 1200 अंक या 2.37 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने बिकवाली में 50000 के लेवल को तोड़ते हुए 49582 के लेवल पर आ गया है। यही हाल स्मॉल कैप इंडेक्स का है। निफ्टी का स्मॉल कैप इंडेक्स 500 अंक या 3.20 फीसदी की गिरावट के साथ 15558 अंकों पर कारोबार कर रहा है।
निफ्टी के गिरने से निवेशकों में चिंता, रियल्टी सेक्टर सबसे प्रभावित
11 Feb, 2025 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेंसेक्स आज यानी 11 फरवरी को 1150 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 76,150 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 360 अंक की गिरावट है, ये 23,010 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 30 में गिरावट और 5 में तेजी है। निफ्टी के 50 शेयरों में से 48 में गिरावट और 2 में तेजी है। NSE सेक्टोरल इंडेक्स में रियल्टी सेक्टर 3.85% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।
मार्केट में गिरावट के तीन कारण
अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के स्टील और एल्युमीनियम आयात पर टैरिफ बढ़ाने के कदम के बाद बाजार में लगातार गिरावट आ रही है। ट्रम्प के इस कदम से दुनिया भर में ट्रेड वॉर की आशंका फिर से पैदा हो गई है। ट्रम्प ने एल्यूमीनियम टैरिफ को 10% से बढ़ाकर 25% कर दिया है और स्टील आयात पर 25% टैरिफ को बहाल कर दिया, जो पहले अमेरिका में ड्यूटी फ्री था।
रुपए की कमजोरी रुपए की लगातार कमजोरी ने मार्केट सेंटीमेंट कमजोरी हो रहे हैं। सोमवार को इंट्राडे में रुपए रुपए 88 प्रति अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, आज यानी, मंगलवार को रुपया 21 पैसे मजबूत हुआ है। जब रुपया कमजोर होता है, तो विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बिकवाली तेज कर देते हैं क्योंकि उनका वास्तविक रिटर्न कम हो जाता है।
कमजोर तिमाही नतीजे कमजोर Q3 आय ने भी निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर किया है। रिजल्ट के बाद आज आयशर मोटर्स के शेयरों में 7% की गिरावट आई। कंपनी का Q3FY25 में नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 17.5% बढ़कर 1,170.5 करोड़ रुपए हो गया, लेकिन ये अनुमान से कम है। उच्च लागत और उच्च-मार्जिन वाली मोटरसाइकिलों की बिक्री में गिरावट से प्रॉफिट कम हुआ है।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार
एशियाई बाजार में कोरिया के कोस्पी में 0.46% और ताइवान के ताइवान कैपिटलाइज़ेशन वेटेड स्टॉक इंडेक्स में 0.64% की तेजी है। चीन का शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स 0.16% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।NSE के डेटा के अनुसार, 10 फरवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 2,463.72 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 1,515.52 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।10 फरवरी को अमेरिका का डाओ जोंस 0.38% की तेजी के साथ 44,470 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 0.67% चढ़कर 6,066 पर बंद हुआ। नैस्डैक इंडेक्स में 0.98% की तेजी रही।
कल गिरावट के साथ बंद हुआ था बाजार
इससे पहले कल यानी 10 फरवरी को सेंसेक्स 548 अंक की गिरावट के साथ 77,311 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 178 अंक की गिरावट थी, ये 23,381 के स्तर पर बंद हुआ था।सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 में गिरावट और 6 में तेजी थी। एनर्जी, IT और मेटल शेयर्स में ज्यादा गिरावट थी। टाटा स्टील और पावरग्रिड के शेयर में 3% से ज्यादा की गिरावट थी।
ट्विटर के मालिक मस्क ने OpenAI को खरीदने की पेशकश की
11 Feb, 2025 02:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टेस्ला: मालिक इलॉन मस्क ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Open AI को 9.74 बिलियन डॉलर (करीब 84 हजार 600 करोड़ रुपए) में खरीदने का ऑफर दिया है। मस्क की AI कंपनी AI के साथ-साथ वेलोर इक्विटी पार्टनर्स, बैरन कैपिटल जैसे इन्वेस्टर्स ने ये ऑफर दिया है।मस्क के ऑफर को ठुकराते हुए Open AI CEO सैम ऑल्टमैन ने X पोस्ट में कहा- नो थैंक्यू, अगर आप (मस्क) चाहें तो हम ट्विटर (अब X) को 9.74 बिलियन डॉलर (करीब 84 हजार 600 करोड़ रुपए) में खरीद लेंगे। इसके जवाब में मस्क ने ऑल्टमैन को "स्कैम ऑल्टमैन" कहा।
ओपनएआई को नॉन-प्रॉफिट रिसर्च लैब बनाना चाहते हैं मस्क
मस्क ने कहा, ओपनएआई के लिए ओपन-सोर्स, सेफ्टी-फोकस्ड फोर्स पर लौटने का समय आ गया है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ऐसा हो। मस्क इस अधिग्रहण के जरिए ओपनएआई को फिर से एक नॉन-प्रॉफिट रिसर्च लैब बनाना चाहते हैं।द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ये ऑफर मस्क के वकील मार्क टोबेरॉफ के जरिए सोमवार को ओपनएआई के बोर्ड को दिया गया है।
ऑल्टमैन ने इलॉन मस्क के साथ मिलकर शुरू किया था Open AI
2015 में इलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन ने 9 अन्य लोगों के साथ मिलकर ओपनएआई की स्थापना की थी, लेकिन 2018 में मस्क इससे अलग हो गए। 2023 में मस्क ने ओपनएआई के कॉम्पिटिटर AI स्टार्टअप AI की शुरुआत की।2024 में, मस्क ने ओपनएआई और कुछ अधिकारियों पर अनुबंध उल्लंघन का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया। कहा- Open AI ने अपने नॉन-प्रॉफिट सिद्धांतों को छोड़ दिया है और अब एक कॉमर्शियल वेंचर की तरह काम कर रही है।
ओपनएआई अब ‘कैप्ड प्रॉफिट’ मॉडल पर काम करता है, जिसमें निवेशक केवल सीमित मुनाफा ही कमा सकते हैं। सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार सॉफ्टबैंक 260 बिलियन डॉलर (करीब 22 लाख करोड़ रुपए) के वैल्यूएशन पर Open AI में 40 बिलियन डॉलर (करीब 3.4 लाख करोड़ रुपए) का निवेश कर रहा है।
Open AI पॉपुलर AI चैटबॉट Chat GPT की पेरेंट कंपनी Open AI ने नवंबर 2022 में दुनिया के लिए Chat GPT किया था। इस AI टूल ने तेजी से लोकप्रियता हासिल की है। म्यूजिक और पोएट्री लिखने से लेकर निबंध लिखने तक, Chat GPT बहुत सारे काम कर सकता है। यह एक कन्वर्सेशनल AI है। एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो आपको इंसानों की तरह जवाब देता है।
मस्क ने 44 बिलियन डॉलर में खरीदा था ट्विटर इलॉन मस्क ने 27 अक्टूबर 2022 को माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा होती है। तब से लेकर अब तक प्लेटफॉर्म में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। मस्क को 'एवरीथिंग ऐप' बनाना चाहते हैं।27 अक्टूबर 2022 को ट्विटर खरीदने के बाद मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स को निकाला था। इनमें CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट शामिल थे। जब मस्क ने एक्स की कमान संभाली थी तो उसमे करीब 7500 एम्प्लॉई थे, लेकिन अब 2500 के करीब ही बचे हैं।
500 अरब डॉलर के स्टारगेट प्रोजेक्ट पर आमने-सामने हैं मस्क-ऑल्टमैन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रपोज्ड 500 अरब डॉलर के स्टारगेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर टेस्ला के मालिक इलॉन मस्क और Open AI के सीईओ सैम ऑल्टमैन आमने-सामने आ गए हैं। इलॉन मस्क ने सॉफ्टबैंक की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सैम ऑल्टमैन ने मस्क के आकलन को गलत बताते हुए स्टारगेट का बचाव किया था। सैम ऑल्टमैन, इस प्रोजेक्ट में साझेदार हैं, जबकि इलॉन मस्क, ट्रम्प प्रशासन का अहम हिस्सा हैं।
भारतीय बाजार में सोने की चमत्कारी बढ़त, चांदी पर दबाव
11 Feb, 2025 02:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोना आज यानी 11 फरवरी को ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 238 रुपए बढ़कर 85,903 रुपए हो गया है। इससे पहले बीते दिन सोना 85,665 रुपए प्रति दस ग्राम के ऑलटाइम हाई पर था।वहीं, चांदी का दाम 1123 रुपए घटकर 94,410 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया। एक दिन पहले कल यानी 10 फरवरी को चांदी 95,533 रुपए पर थी। चांदी ने 23 अक्टूबर 2024 को अपना ऑल टाइम हाई बनाया था, तब ये 99,151 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई थी।
1 जनवरी से अब तक सोना ₹9,741 महंगा हुआ
इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 9,741 रुपए बढ़कर 85,903 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 9,516 रुपए बढ़कर 95,533 रुपए पर पहुंच गया है।
4 महानगरों और भोपाल में सोने की कीमत
दिल्ली : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 80,750 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 88,080 रुपए है।
मुंबई : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 80,600 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 87,930 रुपए है।
कोलकाता : 10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 80,600 रुपए और 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत 87,930 रुपए है।
चेन्नई : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 80,600 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 87,930 रुपए है।
भोपाल : 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 80,600 रुपए और 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 88,080 रुपए है।
2024 में गोल्ड ने 20% और सिल्वर ने 17% का रिटर्न दिया
बीते साल सोने का भाव 20.22% बढ़ा। वहीं, चांदी की कीमत में 17.19% की बढ़ोतरी हुई। 1 जनवरी 2024 को सोना 63,352 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो 31 दिसंबर 2024 को 76,162 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं इस दौरान, एक किलो चांदी की कीमत 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86,017 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
इस साल 90 हजार रुपए तक जा सकता है सोना
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि एक बड़ी रैली के बाद सोने में गिरावट आनी थी, वह आ चुकी है। अमेरिका के बाद UK ने ब्याज दरों में कटौती और जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है। वहीं गोल्ड ETF में निवेश भी बढ़ रहा है। इससे भी गोल्ड की डिमांड बढ़ रही है। ऐसे में इस साल सोना 90 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड रहता है। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह होता है
इस साल 90 हजार रुपए तक जा सकता है सोना
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि एक बड़ी रैली के बाद सोने में गिरावट आनी थी, वह आ चुकी है। अमेरिका के बाद UK ने ब्याज दरों में कटौती और जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है। वहीं गोल्ड ETF में निवेश भी बढ़ रहा है। इससे भी गोल्ड की डिमांड बढ़ रही है। ऐसे में इस साल सोना 90 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड रहता है। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह होता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।
बाइडेन प्रशासन पर जांच की मांग, सांसदों ने कहा – यह निर्णय था बेवकूफी भरा
11 Feb, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में 6 सांसदों ने सोमवार को बाइडेन सरकार के जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा अडाणी ग्रुप के खिलाफ की गई कार्रवाई की जांच की मांग की है। इसे लेकर नए अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को लेटर लिखा है। इन सांसदों ने भारत को अहम साझेदार बताते हुए कहा कि बाइडेन के जस्टिस डिपार्टमेंट की कार्रवाई से अमेरिका को नुकसान पहुंचा है।सांसद लांस गुडेन, पैट फॉलन, माइक हरिडोपोलोस, ब्रैंडन गिल, विलियम आर टिम्मन्स और ब्रायन बेबिन ने कहा कि जस्टिस डिपार्टमेंट की कार्रवाई एक बेवकूफीभरा फैसला था, जिससे भारत जैसे अहम साझेदार से रिश्ते बिगड़ने का डर था। इन्होंने इस पूरी कार्रवाई को एक भटकाने करने वाला कैंपेन बताया था।दरअसल, पिछले साल अमेरिका में उद्योगपति गौतम अडाणी समेत 8 लोगों पर अरबों रुपए की धोखाधड़ी के आरोप लगे थे। आरोप पत्र के मुताबिक अडाणी की कंपनी ने भारत में रिन्यूएबल एनर्जी के प्रोजेक्ट गलत तरीके से हासिल किए। इसके लिए सरकारी अधिकारियों को 250 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,029 करोड़ रुपए रिश्वत देने की योजना बनाई।इसके अलावा आरोपियों ने अमेरिकी इन्वेस्टर्स और बैंकों से झूठ बोलकर पैसा इकट्ठा किया। यह पूरा मामला अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और एक अन्य फर्म से जुड़ा हुआ था। 24 अक्टूबर 2024 को न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में यह केस दर्ज हुआ था।
कहीं भी रिश्वत देने की बात नहीं कही गई आरोप पत्र के मुताबिक यह अमेरिका के फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेस एक्ट (FCPA) का उल्लंघन है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि अमेरिकी न्याय विभाग के डॉक्यूमेंट में रिश्वत ऑफर करने और प्लानिंग की बात कही गई। रिश्वत दी गई, ऐसा नहीं कहा गया है।
20 नवंबर 2024 को कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई और ये मामला सबसे सामने आया।
अमेरिका के हितों को चोट पहुंची है
उन्होंने कहा- हम आपसे (पाम बॉन्डी) बाइडेन सरकार के जस्टिस डिपार्टमेंट की जांच करने का अनुरोध करते हैं। इस विभाग ने सिर्फ चुनिंदा मामलों में ही कार्रवाई को आगे बढ़ाया, जबकि कई को छोड़ दिया। इससे भारत से सहयोगी से हमारे रिश्ते खतरे में पड़ गए थे।
चीन को ग्लोबल सप्लाई चेन पर कंट्रोल करने का मौका मिलेगा सांसदों ने कहा कि अमेरिका और भारत एक दूसरे लिए सम्मान भरा नजरिया रखते हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने हमेशा अमेरिका और भारत जैसी दो आर्थिक और सैन्य शक्तियों के बीच मजबूत रिश्तों को तवज्जो दी है।इस तरह की कार्रवाई से न सिर्फ भारत से संबंध बिगड़ते हैं, बल्कि चीन जैसे देशों को अमेरिकी अर्थव्यवस्था को खत्म करने और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के जरिए ग्लोबल सप्लाई चेन पर कंट्रोल करने का मौका मिलता है।
अडाणी ग्रुप ने सभी आरोपों आधारहीन बताया था अडाणी ग्रुप सभी आरोपों को आधारहीन बताया था। 21 नवंबर को जारी बयान में ग्रुप ने कहा था- 'अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के डायरेक्टर्स के खिलाफ यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस और यूनाइटेड स्टेट्स सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं। हम उनका खंडन करते हैं।'
अडाणी की नेटवर्थ में 1 लाख करोड़ की गिरावट आई थी इस खबर के आने के बाद अडाणी की नेटवर्थ में 1.02 लाख करोड़ रुपए की कमी आई थी। वहीं केन्या ने अडाणी ग्रुप के साथ बिजली ट्रांसमिशन और एयरपोर्ट विस्तार की डील रद्द कर दी। दोनों डील 21,422 करोड़ रुपए की थीं।
भारत के लिए ऊर्जा के अगले दो दशक – पीएम मोदी ने बताया
11 Feb, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंडिया एनर्जी वीक को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अगले दो दशक विकसित भारत के लिए बहुत जरूरी हैं। दुनिया का हर एक्सपर्ट कह रहा है कि 21वीं सदी भारत की होगी। भारत न केवल अपनी ग्रोथ को ड्राइव कर रहा है बल्कि ग्लोबल ग्रोथ में भी अहम भूमिका निभा रहा है। इसमें हमारे एनर्जी सेक्टर की अहम भूमिका है। भारत के एनर्जी गोल पांच स्तंभों पर आधारित हैं। इनमें संसाधन, प्रतिभा, आर्थिक मजबूती, राजनीतिक स्थिरता, रणनीतिक लोकेशन और ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी के लिए प्रतिबद्धता शामिल है।
मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए अगले दो दशक बेहद अहम है और हम अगले पांच साल में काफी कुछ हासिल करने वाले हैं। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए भारत को बैटरी और स्टोरेज फैसिलिटीज पर काम करने की जरूरत है। आने वाले वर्षों में नेचुलर गैस का यूज बढ़ने वाला है। भारत के पास हाइड्रोकार्बन का बड़ा भंडार है। इनमें से कई भंडार खोजे जा चुके हैं जबकि दूसरे भंडारों को अभी खोजा जाना बाकी है। भारत आज 19 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग के साथ काफी विदेशी मुद्रा बचा रहा है। साथ ही सोलर पावर में भारत आज दुनिया में तीसरा बड़ा प्रॉड्यूसर है।
मैसूर कैंपस से निकाले गए कर्मचारियों का कहना बाहर किया गया
11 Feb, 2025 11:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने अपने मैसूरु कैंपस से 300 से ज्यादा ट्रेनी कर्मचारियों को निकाल दिया है। ये कर्मचारी कंपनी के अंदरूनी आकलन में बार-बार फेल हो गए थे। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक निकाले गए इन ट्रेनी कर्मचारियों को उसी दिन कैंपस छोड़ने को कह दिया गया। यहां तक कि रात को रुकने की उनकी गुहार को भी कंपनी ने ठुकरा दिया। कंपनी से निकाले गए एक ट्रेनी ने बताया कि उनकी एक महिला सहकर्मी ने रात को कैंपस में रुकने की गुहार लगाई थी लेकिन कंपनी ने उसके अनुरोध को नहीं माना।
रिपोर्ट के मुताबिक निकाली गई महिला ट्रेन ने कंपनी मैनेजमेंट से रात को रुकने का अनुरोध किया था। 7 फरवरी को उसने कहा, 'कृपया मुझे रात में रुकने दें। मैं कल चली जाऊंगी। अभी मैं कहां जाऊंगी?' लेकिन इन्फोसिस के अधिकारियों ने कथित तौर पर जवाब दिया, 'हमें नहीं पता। अब आप कंपनी का हिस्सा नहीं हैं। शाम 6 बजे तक परिसर खाली कर दें।' PTI के मुताबिक निकाले गए ट्रेनी कर्मचारियों ने मैसूरु कैंपस में शुरुआती प्रशिक्षण लिया था, लेकिन तीन प्रयासों के बाद भी वे आंतरिक मूल्यांकन पास नहीं कर पाए। इन्फोसिस ने कहा कि सभी नए लोगों को कंपनी में बने रहने के लिए ये आकलन पास करने जरूरी हैं।
कंपनी ने क्या कहा
कंपनी ने कहा, 'इन्फोसिस में हमारी भर्ती प्रक्रिया बहुत कड़ी है। हमारे मैसूरु कैंपस में व्यापक बुनियादी प्रशिक्षण के बाद सभी नए लोगों से आंतरिक मूल्यांकन पास करने की उम्मीद की जाती है। सभी नए लोगों को मूल्यांकन पास करने के लिए तीन मौके मिलते हैं, अगर वो इसमें असफल रहते हैं तो वे कंपनी के साथ नहीं रह पाएंगे। यह शर्त उनके अनुबंध में भी लिखी है।' निकाले गए कई ट्रेनी कर्मचारियों को इन्फोसिस जॉइन करने के लिए ऑफर लेटर मिलने के बाद दो साल से ज्यादा इंतजार करना पड़ा था। लेकिन नौकरी शुरू करने के कुछ महीनों के अंदर ही उन्हें निकाल दिया गया।
आईटी कर्मचारी संघ NITES ने दावा किया है कि इन्फोसिस से निकाले गएनए कर्मचारियों की संख्या बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा है। संघ ने श्रम और रोजगार मंत्रालय में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने की धमकी दी है। NITES ने सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ET.com ने इस बारे में इन्फोसिस से जवाब मांगा है।
लिपुलेख दर्रा खुलने से सीमा व्यापार में लौटेगी रौनक, स्थानीय कारोबारियों में उत्साह
CM शुभेंदु अधिकारी ने महिलाओं को दिया बड़ा तोहफा, मुफ्त बस सेवा शुरू
