व्यापार
ब्रोकरेज हाउस ने मल्टीबैगर स्टॉक को किया रीरेट, 30% की बढ़त का अनुमान
15 Feb, 2025 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शेयर: मार्केट में ऊपरी लेवल से करेक्शन आया है और इस दौरान कई स्टॉक अच्छी वैल्यूएशन पर मिल रहे हैं.भारत फोर्ज ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजे घोषित किये जिसके बाद उस पर कुछ बिकवाली का दबाव आया. पिछले कुछ माह में इस स्टॉक में अच्छा खासा करेक्शन हुआ है और ब्रोकरेज हाउस अब इसमें निवेश की संभावना देख रहे हैं|ब्रोकरेज हाउस इनक्रेड बीएसई 100 स्टॉक को लेकर उत्साहित है. इस स्टॉक में साल दर साल 17 प्रतिशत की गिरावट आई है. इसके अलावा यह स्टॉक में पिछले छह महीनों में 31.17 प्रतिशत की गिरावट आई है|
Bharat Forge Ltd के शेयर शुक्रवार को 1,077.65 रुपए के लेवल पर बंद हुए. इस कंपनी का मार्केट कैप 51.49 हज़ार करोड़ रुपए है. पिछले पांच साल में इसका रिटर्न 122% है और यह अब भी मल्टीबैगर स्टॉक है. भारत फोर्ज ने हाल ही में अपने तिमाही नतीजों की घोषणा की है, जिसमें बताया गया है कि उसके EBITDA में मामूली गिरावट आई है|ब्रोकरेज हाउस इनक्रेड को भारत फोर्ज के स्टॉक में 30 प्रतिशत की उछाल की संभावना दिख रही है. इनक्रेड ने 13 फरवरी की अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत फोर्ज का स्टैंडअलोन 3QFY25 EBITDA 8% साल दर साल और 3% qoq घटकर 6 बिलियन रुपये हो गया, जो हमारे अनुमान से 2% कम और ब्लूमबर्ग या बीबी सर्वसम्मति अनुमान से 9% कम है|
ब्रोकरेज हाउस ने कहा कि कंपनी का पीएटी तिमाही दर तिमाही स्थिर रहा और सालाना आधार पर 12% की गिरावट के साथ 3.5 रुपये रहा, जो हमारे अनुमान से 7% कम है. यूरोपीय परिचालन में मौसमी कमजोरी के कारण कंसोलिडेट यूनिट ने पीएटी में सालाना आधार पर 15% और तिमाही दर तिमाही आधार पर 12% की गिरावट दर्ज की, जो 2.1 बिलियन रुपये रहा. इनक्रेड ने कहा कि हम स्टॉक पर अपनी एडीडी रेटिंग दोहराते हैं और डीसीएफ आधारित टारगेट प्राइस 1,407 रुपये (पहले 1,622 रुपये) तय किया है. 1,076 रुपये के वर्तमान प्राइस के साथ ब्रोकरेज का यह अनुमान 30.8 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है|
भारत फोर्ज शेयर प्राइस हिस्ट्री
पिछले बंद के अनुसार भारत फोर्ज के शेयर की कीमत पिछले पांच वर्षों में 122 प्रतिशत बढ़ी है और पिछले दो वर्षों में 23 प्रतिशत का सकारात्मक रिटर्न दिया है. इस बीच पिछले छह महीनों में भारत फोर्ज के शेयरों में 31.17 प्रतिशत की गिरावट आई है. पिछले तीन महीनों में भारत फोर्ज के शेयरों में 18.87 प्रतिशत की गिरावट आई है और पिछले दो हफ्तों में 11 प्रतिशत का सुधार देखा गया है|
17 साल बाद BSNL ने मुनाफे का रुख किया, कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए अच्छी खबर
15 Feb, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
BSNL: मोबाइल और टेलिफोन यूजर्स के बीच अपनी खामियों को लेकर बदनाम BSNL ने 17 साल बाद एक नया करिश्मा कर दिया है। एक समय था जब कहा जाता था कि BSNL अब खत्म हो चुकी है। यह कंपनी लगातार घाटे से जूझ रही थी। कयास यहां तक लगाए जाने लगे थे कि इसका प्राइवेटाइजेशन कर दिया जाएगा। लेकिन, कंपनी ने जारी वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही के जो आंकड़े जारी किए हैं उसने सभी को हैरत में डाल दिया है। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने करीब 17 साल बाद मुनाफा कमाया है। बता दें कि 2007 से ही बीएसएनएल घाटे में चल रही थी। केंद्रीय मंत्री ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी। इसे देश के स्वामित्व वाली दूरसंचार कंपनी के लिए महत्वपूर्ण मोड़ बताया। बीएसएनएल सेवा ऑफर और ग्राहक आधार के विस्तार पर केंद्रित रही है। बीएसएनएल ने कई मामलों में सुधार दर्ज किया है। BSNL ने मोबिलिटी, फाइबर-टू-होम (FTTH) और लीज्ड लाइन सेवाओं में 14-18 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है।
पिछले साल की तुलना में 14-18 फीसदी की बढ़ोतरी
बीएसएनएल के मोबाइल, FTTH और लीज्ड लाइन सेवाओं में पिछले साल की तुलना में 14-18 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। जून में 8.4 करोड़ ग्राहक थे, जो दिसंबर तक बढ़कर 9 करोड़ हो गए। सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि बीएसएनएल ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में पहली बार रिकॉर्ड 262 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है।
कैसे मुनाफे में आई कंपनी?
कंपनी ने पिछले दिनों अपने खर्चों में भी कमी की है। पिछले साल के मुकाबले इस साल घाटा 1,800 करोड़ रुपये से ज्यादा कम हुआ। पिछले चार सालों में कंपनी का EBITDA दोगुना होकर 2,100 करोड़ रुपये हो गया है। EBITDA का मतलब है ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई। यह कंपनी के मुनाफे को मापने का एक तरीका है। वहीं, मोबिलिटी सेवाओं का रेवेन्यू 15% बढ़ा, FTTH सेवाओं का रेवेन्यू 18% बढ़ा और लीज्ड लाइन सेवाओं का रेवेन्यू 14% बढ़ा।
आगे की प्लानिंग पर सिंधिया ने क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस साल पूरे वित्तीय वर्ष के लिए चौथी तिमाही के आखिर में न सिर्फ राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि खर्च और लागत को नियंत्रण में रखा जाएगा और पिछले साल के आंकड़ों से घाटे को काफी कम किया जाएगा। पिछले चार सालों में, बीएसएनएल का EBITDA वित्त वर्ष 23-24 तक 1,100 करोड़ रुपये से दोगुना होकर लगभग 2,100 करोड़ रुपये हो गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तिमाही में प्रॉफिटेबिलिटी पर वापसी बीएसएनएल के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है क्योंकि यह अब देश भर में अपने सभी ग्राहकों को 4 जी सेवाएं प्रदान करने की ओर अग्रसर है। 1 लाख टावरों में से लगभग 75,000 लगाए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 60,000 चालू हो चुके हैं। हमें उम्मीद है कि इस साल जून तक सभी 1 लाख टावर चालू हो जाएंगे।
BSNL के सीएमडी ने क्या कहा?
अलग से तिमाही वित्तीय की घोषणा करते हुए बीएसएनएल के इन प्रयासों से राजस्व वृद्धि में और सुधार होगा, जो वित्तीय वर्ष के अंत तक 20 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, बीएसएनएल ने अपनी वित्तीय लागत और ओवरऑल खर्च को सफलतापूर्वक कम कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले वर्ष की तुलना में घाटे में 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है। ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने नेशनल वाईफाई रोमिंग, बीआईटीवी (सभी मोबाइल ग्राहकों के लिए मुफ्त मनोरंजन) और सभी एफटीटीएच ग्राहकों के लिए आईएफटीवी जैसे नए इनोवेशन पेश किए हैं। सीएमडी ने कहा, ‘हमने सेवा की गुणवत्ता और सेवा का आश्वासन पर निरंतर ध्यान ने ग्राहकों के विश्वास को और मजबूत किया है और भारत में अग्रणी दूरसंचार सेवा प्रदाता के रूप में बीएसएनएल की स्थिति को मजबूत किया है।’
अमेरिकी व्हिस्की निर्माताओं के लिए एक बड़ा अवसर: सीमा शुल्क में कटौती
15 Feb, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत| बॉर्बन व्हिस्की पर आयात शुल्क घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। अमेरिका के साथ व्यापक समझौते पर बातचीत शुरू करने की योजना की घोषणा के बीच यह कदम उठाया गया है।बॉर्बन व्हिस्की पर सीमा शुल्क में कटौती की अधिसूचना 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ वार्ता से ठीक पहले की गई थी।हालांकि, अन्य शराबों के आयात पर मूल सीमा शुल्क में कोई कमी नहीं की गई है। उन पर 100 प्रतिशत शुल्क लगता रहेगा।अमेरिका भारत को बॉर्बन व्हिस्की का प्रमुख निर्यातक है और भारत में आयात की जाने वाली ऐसी सभी शराब का लगभग एक-चौथाई हिस्सा अमेरिका से आता है।राजस्व विभाग ने एक अधिसूचना में कहा कि बॉर्बन व्हिस्की के आयात पर अब 150 प्रतिशत की जगह 50 प्रतिशत तक सीमा शुल्क लगेगा।भारत ने 2023-24 में 25 लाख डॉलर मूल्य की बॉर्बन व्हिस्की का आयात किया था। इसके प्रमुख निर्यातक देशों में अमेरिका, यूएई, सिंगापुर और इटली शामिल हैं।भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने का संकल्प लिया है।
सब्जियों की कीमतों में गिरावट से महंगाई के मोर्चे पर राहत
14 Feb, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
थोक महंगाई दर घटकर हुई 2.31 फीसदी
नई दिल्ली। थोक मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 2.31 प्रतिशत हो गई। खाद्य वस्तुओं खासकर सब्जियों की कीमतों में गिरावट इसकी मुख्य वजह रही। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2024 में 2.37 प्रतिशत और जनवरी 2024 में 0.33 प्रतिशत थी। आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 5.88 प्रतिशत रह गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह 8.47 प्रतिशत थी। सब्जियों की मुद्रास्फीति उल्लेखनीय रूप से घटकर 8.35 प्रतिशत रह गई, जबकि दिसंबर 2024 में यह 28.65 प्रतिशत थी।
आलू की मुद्रास्फीति 74.28 प्रतिशत पर उच्च स्तर पर बनी रही और प्याज की मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 28.33 प्रतिशत हो गई। ईंधन तथा बिजली श्रेणी में जनवरी में मुद्रास्फीति 2.78 प्रतिशत की घटी जबकि दिसंबर में 3.79 प्रतिशत थी। विनिर्मित वस्तुओं में मुद्रास्फीति दिसंबर 2024 के 2.14 प्रतिशत की तुलना में जनवरी 2025 में 2.51 प्रतिशत हो गई। इससे पता चलता है कि उत्पादन लागत में कुछ बढ़ोतरी हुई है, जो संभावित रूप से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
ईंधन एवं बिजली क्षेत्र में गिरावट
ईंधन और बिजली श्रेणी में भी राहत देखने को मिली। इस क्षेत्र में मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 2.78 प्रतिशत रह गई, जबकि दिसंबर में यह 3.79 प्रतिशत थी। इससे ऊर्जा लागत में थोड़ी नरमी आने की संभावना है, जो उद्योगों और आम जनता के लिए राहत भरी खबर हो सकती है।
खुदरा महंगाई भी घटी
खुदरा मुद्रास्फीति के हालिया आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 4.31 प्रतिशत हो गई। यह पिछले पांच महीनों का सबसे निचला स्तर है, जिससे यह संकेत मिलता है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आ रही है।
आसमान छू रहे सोने-चांदी के भाव
14 Feb, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। शुक्रवार को सोने की कीमत अपने नए आॅल टाइम हाई पर पहुंच गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 341 रुपए महंगा होकर 86,089 रुपए पर पहुंच चुका है। जबकि 13 फरवरी को इसकी कीमत 85,748 रुपए थी। इससे पहले, 11 फरवरी को सोने ने 85,903 रुपए का आॅल टाइम हाई बनाया था। वहीं, चांदी की कीमत में भी तेजी आई है। एक किलो चांदी 1,945 रुपए बढ़कर 97,494 रुपए प्रति किलो हो गई, जो कल 95,549 रुपए थी। चांदी ने 23 अक्टूबर 2024 को अपना अब तक का सबसे ऊंचा स्तर 99,151 रुपए प्रति किलो पर बनाया था। 2025 में सोना 90 हजार तक पहुंच सकता है। सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी के कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमे कुछ निम्नलिखित कारण शामिल हो सकते हैं। ट्रम्प के अमेरिका के राष्ट्रपति बनने से जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ गई हैं। डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से सोना महंगा हो रहा है। महंगाई बढ़ने से भी सोने की कीमत को सपोर्ट मिल रहा है । शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से लोग गोल्ड में निवेश बढ़ा रहे हैं।
रुपये के सामने डॉलर को घुटने टेकने पड़े, एशिया में नहीं दिखी ऐसी ताकत पहले कभी"
14 Feb, 2025 05:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय रुपया लगातार तीसरे दिन डॉलर को पटखनी देता हुआ दिखाई दे रहा है. एशिया की दूसरी करेंसीज के मुकाबले में रुपए ने हाल के दिनों के दिनों में डॉलर के सामने ज्यादा मजबूती दिखाई है. मंगलवार से शुरू हुआ ये सिलसिला गुरुवार को भी देखने को मिल रहा है. बुधवार को कारोबारी दिन में ज्यादातर समय रुपए में तेजी देखने को मिली. लेकिन बाजार बंद होने से रुपए में गिरावट भी देखी गई. वो एक अलग बात है. जानकारों का मानना है कि आरबीआई के हस्तक्षेप और भारत में महंगाई के आंकड़ों में कमी आने और अमेरिका में भी महंगाई आंकड़े उम्मीद से ज्यादा होने की वजह से रुपए में डॉलर के मुकाबले में तेजी देखी जा रही है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में ये तेजी जारी रह सकती है.
खास बात तो ये है कि एशिया की दूसरी करेंसी फिर चाहे वो चीन हो या फिर जापान. डॉलर के सामने अभी तक वैसी हिम्मत नहीं दिखा सके हैं, जिस तरह से भारतीय रुपए ने दिखाई है. मंगलवार को भारतीय रुपए में करीब एक फीसदी की तेजी देखने को मिली थी जो दो साल की सबसे लंबी छलांग थी. बुधवार को भी रुपए में डॉलर के मुकाबले में 27 पैसे ज्यादा की मजबूती देखने को मिली थी. गुरुवार को भी रुपए में डॉलर के मुकाबले में 14 पैसे ज्यादा का इजाफा देखने को मिल रहा है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मौजूदा समय में डॉलर के भारतीय रुपया किस लेवल पर कारोबार करता हुआ दिखाई दे रहा है|
रुपए में डॉलर के मुकाबले तेजी जारी
अमेरिकी डॉलर में नरमी और विदेशों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे चढ़कर 86.81 पर पहुंच गया. फॉरेन करेंसी ट्रेडर्स ने कहा कि स्थानीय यूनिट, जो विदेशी फंड की अंतहीन निकासी के कारण दबाव में थी, को बुधवार को सरकार द्वारा जारी उम्मीद से बेहतर महंगाई आंकड़ों के कारण घरेलू इक्विटी बाजारों में कुछ सुधार के कारण समर्थन मिला.
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी में, रुपया 86.82 पर मजबूत खुला और शुरुआती कारोबार के दौरान ग्रीनबैक के मुकाबले पिछले बंद से 14 पैसे की बढ़त के साथ 86.81 पर पहुंच गया. बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपए में 16 पैसे की गिरावट देखने को मिली और 86.95 पर बंद हुआ. मंगलवार को पिछले सत्र में, रुपया 66 पैसे मजबूत हुआ था, जो 3 मार्च, 2023 के बाद से अधिकतम एक दिन की बढ़त दर्ज करते हुए ग्रीनबैक के मुकाबले 86.79 पर बंद हुआ था.
डॉलर की ताकत हो रही है कम
इस बीच, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मूें गिरावट देखने को मिल रही है. डॉलर एक्सचेंज 0.22 फीसदी की गिरावट के साथ 107.59 पर कारोबार कर रहा है. आंकड़ों को देखें तो डॉलर इंडेक्स बीते एक महीने में 1.20 फीसदी की गिरावट देख चुका है.जबकि मौजूदा साल में डॉलर इंडेक्स में 0.77 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है. जबकि एक बरस में डॉलर इंडेक्स में 3.21 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है. जानकारों की मानें तो अभी करेंसी मार्केट काफी अनस्टेबल है. आने वाले दिनों में डॉलर और रुपए के बीच खींचतान जारी रह सकती है. उसका प्रमुख कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्रेड वॉर है. जिसकी वजह से पूरी दुनिया की अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.
डॉलर में क्यों देखी जा रही है गिरावट
विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिकी आंकड़ों में उम्मीद से अधिक महंगाई दर्शाए जाने के बाद डॉलर कमजोर हुआ, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा तत्काल मौद्रिक नरमी की उम्मीदें धूमिल हो गईं. ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 1 प्रतिशत गिरकर 74.43 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. घरेलू इक्विटी बाजार में, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 441 अंकों की तेजी के साथ 76,597.42 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 136 अंकों की तेजी के साथ 23,181.45 अंकों पर दिखाई दी. एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को शुद्ध आधार पर 4,969.30 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची.
31 मार्च ईद-उल-फितर को बैंकों में छुट्टी रद्द
14 Feb, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों की छुट्टी रद्द करने का फैसला किया है, जिसके अनुसार 31 मार्च 2025 को ईद-उल-फितर की छुट्टी नहीं होगी। इस निर्णय का मकसद सरकारी लेन-देन को सही समय पर पूरा करना है ताकि वित्तीय वर्ष 2024-25 की रिपोर्टिंग सुचारू बने। सभी बैंकों को निर्देश दिया गया है कि उन्हें इस दिन कामकाज जारी रखना है और सभी सरकारी लेन-देन को वित्तीय वर्ष में ही दर्ज करना है। 31 मार्च को सरकार के वित्तीय वर्ष की अंतिम तारीख होती है, और इस दिन सभी सरकारी करों का भुगतान होता है, जैसे आयकर, जीएसटी, कस्टम और एक्साइज ड्यूटी। इसके साथ ही, पेंशन भुगतान, सरकारी सब्सिडी ट्रांसफर, और सरकारी वेतन का डिटेल्स का काम भी इस दिन जारी रहेगा। यह निर्णय पूरे देश में बैंक बंद रहने को आने वाली ईद-उल-फितर के चलते आत्मसात करेगा। अब सभी बैंक 31 मार्च को खुले रहेंगे और सरकारी लेन-देन को सुचारू बनाए रखेंगे। रिजर्व बैंक के निर्देश आम जनता के लिए भी एक स्थायी सुविधा प्रदान करेंगे।
डब्ल्यूपीआई और सीपीआई में गिरावट
14 Feb, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारत का थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) जनवरी 2025 में 2.31 प्रतिशत हो गया है, जो दिसंबर 2024 के 2.37 प्रतिशत से घटकर आया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने खाद्य और कपड़ा उत्पादों की कीमतों में वृद्धि को मुख्य कारण बताया है। जनवरी 2025 में डब्ल्यूपीआई खाद्य सूचकांक में 7.47 प्रतिशत की बढ़ोतरी आई है, जबकि सीपीआई आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में 4.31 प्रतिशत पर आ गई है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी की वजह से सीपीआई में गिरावट आयी है। मुद्रास्फीति के चलते ईंधन की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है, जिससे सीपीआई में गिरावट आई है। इस गिरावट के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति समिति की आगामी बैठक में अप्रैल में रेपो दर में और कटौती कर सकता है। खाद्य मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 6.02 प्रतिशत हो गई जबकि दिसंबर में यह 8.39 प्रतिशत थी। इसका मुख्य कारण सब्जियों की कीमतों में गिरावट रही जो दिसंबर में 26.6 प्रतिशत से घटकर जनवरी में 11.35 प्रतिशत रह गई। हालांकि मुद्रास्फीति के आंकड़े सकारात्मक रहे लेकिन औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि धीमी हो गई है। दिसंबर 2024 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 3.21 प्रतिशत बढ़ा जो कि चार महीने का निचला स्तर है। नवंबर 2024 में यह 4.96 प्रतिशत था। इस गिरावट का मुख्य कारण विनिर्माण क्षेत्र में मंदी रही। इसके अलावा, औद्योगिक उत्पादन में धीमी वृद्धि के कारण विनिर्माण क्षेत्र में मंदी दिखाई दे रही है। इससे साफ होता है कि अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के बावजूद औद्योगिक उत्पादन में चुनौतियां हैं।
भारत, अमेरिका का 500 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य
14 Feb, 2025 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । भारत और अमेरिका ने 2030 तक वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की घोषणा की है। इस उद्देश्य को पाने के लिए दोनों देशों ने पहले चरण के रूप में पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को पूरा करने का समझौता किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर जवाबी शुल्क लगाने के लिए चेतावनी दी है। व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मेजबानी के दौरान दोनों नेताओं ने शुल्क से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और 21वीं सदी के लिए यूएस-इंडिया कॉम्पैक्ट शुरू करने का निर्धारित किया। इससे भारत को अमेरिका से अधिक तेल और गैस आयात करने में सुविधा होगी और द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि होगी। मोदी ने घोषणा की कि वे ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेल और गैस व्यापार को मजबूत करेंगे। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए आपसी प्रतिबद्धता जाहिर की और मिशन 500 को शुरू करने की घोषणा की। भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के लिए नए निवेश के अवसरों को बढ़ाने का भी संकल्प जताया गया है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच एक नया दौर आरंभ हुआ है जिससे दोनों की आर्थिक संबंधों में मजबूती आएगी।
अडानी ग्रुप ने श्रीलंका में 3800 करोड़ के विंड पावर प्रोजेक्ट से हाथ खींचा
14 Feb, 2025 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । अडानी ग्रुप ने श्रीलंका में आयोजित होने वाले 3800 करोड़ रुपए के विंड पावर प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिया है। अडानी ग्रुप ने अपने पत्र में सरकार के साथ किसी अनबन की अदालत के आलम बताया है। पहले श्रीलंका सरकार और ग्रुप के बीच बिजली खरीद समझौते में इकरार था, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया था। अब कंपनी ने उस प्रोजेक्ट से हटने का निर्णय लिया है। यहां यह भी उज्ज्वलता मिलती है कि अडानी ग्रुप भविष्य में भी श्रीलंका सरकार के साथ भारतीय उद्यमिता क्षेत्र में विकास के लिए काम करने को तैयार है। इस नए संबंध के साथ, ग्रुप का उद्देश्य है कि वह इस सूचना के अनुसार नराजगी को दूर करेगा और समर्थन के साथ यह फैसला लिया जाएगा। अडानी ग्रुप का ध्यान रखते हुए, यह निर्णय उच्च स्तर की व्यवस्था, स्विच मैनेजमेंट और उत्कृष्ट समर्थन के साथ लिया गया है। यह प्रोजेक्ट को छोड़ने का निर्णय ग्रुप के लिए जोरदार संकेत है कि वह उद्यमिता क्षेत्र में दृढ़ मजबूती के साथ आगे बढ़ने को देख रहा है।
मेहुल चोकसी की 13 संपत्तियां नीलाम करेगा बैंक, कोर्ट से मिली मंजूरी
14 Feb, 2025 10:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी की कंपनी, गीतांजलि जेम्स लिमिटेड की 13 संपत्तियों की नीलामी की अनुमति दे दी। इसमें मुंबई के खासकर्ता इलाके में उनके फ्लैट्स, कमर्शियल यूनिट्स, और दुकान भी शामिल हैं। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से संबंधित मामलों की सुनवाई कर रहे स्पेशल कोर्ट के जस्टिस ने याचिका को स्वीकार करते हुए बताया कि संपत्तियों को बिना मेनटेनेंस के खाली रखने से उनकी मूल्य कम हो सकती है। नीलामी से मिले पैसों से सभी खर्चों को घटाकर वैल्यूएशन/ऑक्शन के लिए फंड जमा किया जाएगा। ईडी के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने शुक्रवार को कहा कि एजेंसी को नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के द्वारा किए गए फर्जी दावों के अभियोग पर कोई आपत्ति नहीं है। यह फ्रॉड भारतीय बैंकों के विदेशी शाखाओं के पक्ष में जारी किए गए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुआ था। कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) ने अप्रैल, 2019 में एक प्रस्ताव के जरिए लिक्विडेशन प्रक्रिया शुरू की थी और लिक्विडेटर के रूप में शांतनु रे को नियुक्त किया गया था। स्पेशल कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में लिक्विडेटर को गीतांजलि जेम्स की संपत्तियों का वैल्यूएशन करने की अनुमति दी थी और अब उन्होंने असुरक्षित संपत्तियों की नीलामी के लिए कोर्ट का समर्थन प्राप्त किया है।
आईआरसीटीसी की हो रही तगड़ी कमाई, साल-दर-साल बढ़ रहा मुनाफा
13 Feb, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के लिए टिकटिंग से लेकर केटरिंग तक की सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनी आईआरसीटीसी ने कारोबारी साल 2025 की दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी की आय ग्रोथ मजबूत रही और मुनाफे में भी सुधार देखने को मिला है। नतीजों में कंपनी द्वारा दी जानकारी से पता चलता है कि आईआरसीटीसी ने तीन महीने में रेल नीर ब्रांड बेच कर करोड़ों की कमाई की है। अक्तूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी को रेल नीर से 96.35 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जबकि पिछले कारोबारी साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा करीब 84.76 करोड़ रुपये था। कारोबारी साल 2025 में दिसंबर तक 9 महीने में कंपनी ने रेल नीर से कुल 298 करोड़ रुपये की कमाई की है। इस दिसंबर तिमाही में रेल नीर से कुल 11.86 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है।
मुनाफे का रेश्यो 40:60 तय किया
दरअसल, रेलवे बोर्ड ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत रेल नीर प्लांट्स के लिए मुनाफे का रेश्यो 40:60 तय किया है। वहीं, डिपार्टमेंट की ओर से चलाए जा रहे प्लांट्स के लिए यह रेश्यो 15:85 है। आईआरसीटीसी ने 2012 के बाद से रेल नीर ब्रांड से बेचे जाने वाले पानी के बोतल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है।
बढ़ गया मुनाफा
वहीं, 11 फरवरी को जारी दिसंबर तिमाही के नतीजे में कंपनी ने बताया है कि साल-दर-साल आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 13.7 प्रतिशत बढ़कर 341 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले कारोबारी साल दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 300 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया था। इस दौरान कंपनी की आय भी साल-दर-साल आधार पर 1,115.5 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत बढ़कर 1,224.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
Vespa का नया 125cc स्कूटर, स्टाइल और प्रदर्शन में दमदार
13 Feb, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वेस्पा| भारत में अपनी 2025 स्कूटर रेंज लॉन्च कर दी है, जिसकी कीमत 1.32 लाख रुपए से शुरू होती है. फिलहाल, ब्रांड ने केवल अपने 125cc मॉडल के लिए कीमतें अनाउंस की हैं, जो चार वेरिएंट में अवेलेबल हैं.इसके बेस वेरिएंट की कीमत 1.32 लाख रुपए है, जबकि टॉप-एंड 'S Tech' वेरिएंट की कीमत 1.96 लाख रुपए है. यानी बेस और टॉप वेरिएंट के बीच 64,000 रुपए का अंतर है.|
वेरिएंट्स और फीचर्स
वेस्पा ने अपने आइकोनिक स्कूटर लाइन-अप के इंजन और फीचर्स को अपडेट किया है. ओवरऑल डिजाइन में भी थोड़े बदलाव किए गए हैं और अब वेरिएंट के आधार पर कस्टमर्स को कई नए कलर का ऑप्शन दिया गया हैं.
वेस्पा 125 का बेस मॉडल 7 कलर में अवेलेबल है, जिसमें वर्डे अमाबिले, रोसो रेड, पर्ल व्हाइट, नीरो ब्लैक एजुरो प्रोवेन्जा, ब्लू और पर्ल व्हाइट, और ऑरेंज और पर्ल व्हाइट शामिल हैं.
Rail Neer की बिक्री से IRCTC ने कमा डाले करोड़ों रुपये, 12 साल से दाम नहीं बढ़े
13 Feb, 2025 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय रेल| टिकटिंग से लेकर केटरिंग तक की सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनी IRCTC ने कारोबारी साल 2025 की दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी की आय ग्रोथ मजबूत रही और मुनाफे में भी सुधार देखने को मिला है. नतीजों को लेकर कंपनी की ओर से दी गई जानकारी से पता चलता है कि IRCTC ने तीन महीने में Rail Neer ब्रांड के तहत केवल पानी की बोतल से कितनी कमाई की है. 11 फरवरी को जारी दिसंबर तिमाही के नतीजे में कंपनी ने बताया है कि साल-दर-साल आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 13.7% बढ़कर 341 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है|
पिछले कारोबारी साल दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 300 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था. इस दौरान कंपनी की आय भी साल-दर-साल आधार पर 1,115.5 करोड़ रुपये से 10% बढ़कर 1,224.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है|
नतीजे के बाद कैसा रहा शेयर?
नतीजे जारी होने के अगले दिन यानी IRCTC शेयर करीब 0.8% की बढ़त के साथ 757.40 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद होने में कामयाब रहा. इस दिन इंट्राडे में इस स्टॉक ने 722.05 रुपये प्रति शेयर का निचला स्तर बनाया. लेकिन, बाजार में निचले स्तरों से रिकवरी के साथ यह भी 765.70 रुपये प्रति शेयर के स्तर तक पहुंचने में कामयाब रहा. IRCTC का 52-हफ्तों का ऊपरी स्तर 1,138.90 रुपये और 52-हफ्तों का निचला स्तर 722.05 रुपये प्रति शेयर पर है|
Rail Neer से IRCTC की कितनी कमाई?
अक्टूबर - दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी को रेल नीर से 96.35 करोड़ रुपये की कमाई हुई है. इसके पिछले कारोबारी साल कि समान तिमाही में यह आंकड़ा करीब 84.76 करोड़ रुपये था. कारोबारी साल 2025 में दिसंबर तक 9 महीने में कंपनी ने रेल नीर से कुल 298 करोड़ रुपये की कमाई की है. IRCTC ने बताया कि इस दिसंबर तिमाही में रेल नीर से कुल 11.86 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है|
शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड भी देगी कंपनी
तीसरी तिमाही के नतीजों के साथ कंपनी ने शेयरहोल्डर्स के लिए दूसरे अंतरिम डिविडेंड का भी एलान किया है. IRCTC ने बोर्ड से 3 रुपये प्रति शेयर के भाव पर अंतरिम डिविडेंड के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. ये अंतरिम डिविडेंड 2 रुपये प्रति शेयर के फेस वैल्यू पर 150% है. इसके लिए 20 फरवरी 2025 को रिकॉर्ड डेट भी तय किया गया है|
सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का एक साल पूरा, 8.46 लाख घरों को मिला फायदा
13 Feb, 2025 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूर्य| घर मुफ्त बिजली योजना को आज एक साल पूरा हो गया है। आज से ठीक 1 साल पहले 13 फरवरी 2024 को इस योजना की शुरुआत हुई थी। इसके तहत 1 करोड़ घरों को 300-300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती है।इस योजना के तहत रूफ टॉप सोलर पैनल लगाने वाले एक करोड़ परिवारों को 15 हजार रुपए की सालाना आमदनी भी होती है। सरकार के अनुसार 27 जनवरी 2025 तक 8.46 लाख घरों को इस योजना का फायदा मिल चुका है।
सोलर प्लांट लगाने में कितना खर्च आएगा? इस योजना में हर परिवार के लिए 2 KW तक के सोलर प्लांट की कॉस्ट का 60% पैसा सब्सिडी के रूप में अकाउंट में आएगा। वहीं अगर कोई 3 KW का प्लांट लगाना चाहता है तो अतिरिक्त एक 1 KW के प्लांट पर 40% सब्सिडी मिलेगी। 3 KW का प्लांट लगाने में करीब 1.45 लाख रुपए की लागत आएगी। उसमें से 78 हजार रुपए की सब्सिडी सरकार देगी। बचे हुए 67,000 रुपए के लिए सस्ते बैंक लोन की व्यवस्था सरकार ने की है। बैंक रेपो रेट से केवल 0.5% ज्यादा ही ब्याज वसूल सकेंगे।
सोलर प्लांट लगाने के लिए क्या करना होगा? योजना के लिए सरकार ने लॉन्च किया है। इसे लगवाने के लिए कंज्यूमर पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यहां आपको अपना कंज्यूमर नंबर, नाम, पता और कितनी कैपेसिटी का प्लांट लगाना है जैसी जानकारियां भरनी होंगी। डिस्कॉम कंपनियां इन डिटेल्स को वेरिफाई करेंगी और प्रोसेस आगे बढ़ाएंगी। पोर्टल पर कई सारे वेंडर पहले से रजिस्टर्ड हैं जो सोलर पैनल लगाते हैं। आप अपने हिसाब से कोई भी वेंडर चुन सकते हैं। पैनल लगने के बाद डिस्कॉम नेट मीटरिंग इंस्टॉल करेगी।
योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
निवास प्रमाणपत्र
बिजली का बिल
आय प्रमाण पत्र
मोबाइल नंबर
बैंक पासबुक
पासपोर्ट साइज फोटो
राशन कार्ड
सोलर प्लांट लगने के बाद सब्सिडी कैसे मिलेगी? जब सोलर प्लांट लग जाएगा और डिस्कॉम नेट मीटरिंग इंस्टॉल कर देगी तो इसका प्रमाण और सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद सरकार कंज्यूमर के अकाउंट में DBT के तहत सब्सिडी की पूरी राशि ट्रांसफर कर देगी।
क्या इस योजना में 300 यूनिट बिजली फ्री मिलेगी? 1 KW का सोलर प्लांट रोजाना करीब 4-5 यूनिट बिजली बनाता है। ऐसे में अगर आप 3 KW का प्लांट लगाते हैं तो रोजाना करीब 15 यूनिट बिजली बनेगी। यानी महीने में 450 यूनिट। आप इस बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं। बची हुई बिजली नेट मीटरिंग के जरिए वापस चली जाएगी और आपको इस बिजली का पैसा भी मिलेगा। सरकार का कहना है कि साल में करीब 15,000 रुपए आप इस बिजली से कमा सकते हैं।
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