व्यापार
16 पैसे कमजोर हुआ रुपया, निवेशकों के लिए बना चुनौतीपूर्ण, डॉलर मजबूत
17 Feb, 2025 06:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे की गिरावट के साथ 86.87 पर बंद हुआ, जो भारी विदेशी पूंजी निकासी और डॉलर इंडेक्स में सुधार का नतीजा था। पिछले कुछ दिनों से रुपया नकारात्मक रुख में था और इसका मुख्य कारण वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और विदेशी बैंकों द्वारा डॉलर की मांग थी।
विदेशी बैंकों का दबाव
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, विदेशी बैंकों द्वारा डॉलर की खरीद बढ़ी है, जिससे रुपये पर दबाव पड़ा है। इसके साथ ही आयातक भी डॉलर को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें आने वाले समय में रुपये के और कमजोर होने का डर सता रहा है। इस बढ़ती अनिश्चितता के बीच रुपये में कमजोरी का रुख देखने को मिल रहा है।
शेयर बाजार का असर
रुपये की कमजोरी का एक बड़ा कारण घरेलू शेयर बाजारों में गिरावट भी है। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार में अतिरिक्त दबाव बन रहा है। पिछले शुक्रवार को एफआईआई ने 4,294.69 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो रुपये की कमजोरी का एक और कारण साबित हुआ।
डॉलर इंडेक्स में सुधार
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में भी सुधार हुआ, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाता है। यह 0.14 फीसदी बढ़कर 106.85 पर पहुंच गया। डॉलर की मजबूती का असर भारतीय रुपये पर पड़ा और नतीजतन रुपया 86.87 पर बंद हुआ।
तेल की कीमतों में पहले गिरावट
हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का रुपये पर असर सीमित रहा। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.12 फीसदी बढ़कर 74.83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। इसके बावजूद रुपये की गिरावट को पूरी तरह से रोका नहीं जा सका।
आगे की राह
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में और गिरावट या भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से रुपये को निचले स्तरों पर सहारा मिल सकता है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण रुपये पर दबाव बना रह सकता है।
Vivo V50 स्मार्टफोन ₹40,000 से कम में, 50 MP कैमरा और स्मार्ट AI फीचर्स के साथ
17 Feb, 2025 05:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Vivo V50 Launch, Price, Features: चाइनीज स्मार्टफोन कंपनी वीवो ने अपना नया स्मार्टफोन, Vivo V50, भारत में लॉन्च कर दिया है. यह वीवो V40 का नया वर्जन है, जो सिर्फ पांच हीने पहले आया था. नए फोन में पुराने मॉडल जैसे कई फीचर्स हैं, लेकिन कुछ सुधार भी किए गए हैं. इस स्मार्टफोन का डिजाइन V40 जैसा ही है, लेकिन नए कलर वेरिएंट-टाइटेनियम ग्रे, रोज रेड और स्टारी नाईट में मिलेगा. स्मार्टफोन की प्री-ऑर्डर बुकिंग शुरू हो चुकी है, और पहली सेल 25 फरवरी को होगी. आप इसे फ्लिपकार्ट, वीवो स्टोर्स और दूसरी दुकानों से खरीद सकते हैं.
6.78 इंच डिस्प्ले, स्नैपड्रैगन 7 जेन 3 प्रोसेसर से लैस
Vivo V50 की स्क्रीन 6.78 इंच की है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आती है. स्मार्टफोन में डायमंड शील्ड ग्लास प्रोटेक्शन से लैस क्वाड कर्व्ड डिस्प्ले मिलता है. पानी से बचाव के लिए IP68 और IP69 रेटिंग भी है. Vivo का ये नया स्मार्टफोन स्नैपड्रैगन 7 जेन 3 प्रोसेसर से लैस है. साथ ही ये लेटेस्ट Android 15 पर आधारित Funtoch 15 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है. इसमें 6,000mAh की बैटरी है, जो 90W चार्जिंग को सपोर्ट करती है.
50 MP रियर और 50 MP सेल्फी कैमरा
कैमरा फीचर्स की बात करें तो इसमें 50-मेगापिक्सल का मेन कैमरा और 50 MP का अल्ट्रा वाइड एंगल कैमरा भी है. स्मार्टफोन में 4K वीडियो रिकॉर्ड की जा सकती है. सेल्फी के लिए भी 50-मेगापिक्सल का कैमरा है. इसमें सर्किल टू सर्च, AI ट्रांसक्रिप्ट और AI लाइव कॉल ट्रांसलेशन जैसे AI फीचर्स भी हैं. ये 12GB तक रैम और 512GB तक स्टोरेज के साथ आता है. इसका पीछे का हिस्सा ग्लास का है और यह V40 से पतला है. इसकी मोटाई 7.39mm है और वजन 199 ग्राम है.
Vivo V50 की कीमत और ऑफर्स
वीवो V50 के 8GB+128GB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत 34,999 रुपये है. वहीं, 8GB+256GB वाला मॉडल 36,999 रुपये में मिलेगा. इसके अलावा 12GB+512GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 40,999 रुपए है. HDFC, ICICI और SBI बैंक के क्रेडिट कार्ड से खरीदने पर 2,000 रुपये की छूट मिलेगी. साथ ही, 6 महीने तक बिना ब्याज वाली EMI का भी ऑप्शन है.
सेमीकंडक्टर कंपनी का शेयर 6 महीने बाद आधी कीमत पर, 6 गुना बढ़ने के बाद आई भारी गिरावट
17 Feb, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेक्टर: फ्यूचर सेक्टर देखा जा रहा है। दुनिया की कई कंपनियां भारत में अपार संभावनाएं देख रही हैं। दुनिया को अक्टूबर में पहली ‘मेड इन इंडिया’ चिप मिल जाएगी। इसके उलट सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में गिरावट देखी जा रही है। ऐसे ही एक शेयर में सोमवार को लोअर सर्किट लग गया।सोमवार को RIR Power Electronics Ltd के शेयर में 5 फीसदी की लोअर सर्किट लगा। इस गिरावट के साथ यह शेयर 1897.35 रुपये पर बंद हुआ। यह पहली बार नहीं है जब इस शेयर में गिरावट आई है। इससे पहले भी इसमें लोअर सर्किट लग चुका है। यह तब है जब इस शेयर ने गिरावट से पहले 6 महीने में ही निवेशकों की रकम को करीब 6 गुना कर दिया था।
कभी भर दी थी झोली
इस शेयर ने एक समय निवेशकों की झोली भर दी थी। मात्र 6 महीने में ही इसने निवेश को करीब 6 गुना से ज्यादा कर दिया था। पिछले साल 25 सितंबर को यह शेयर अपने ऑल टाइम हाई 4878 रुपये पर था। इससे 6 महीने पहले मार्च में इसकी कीमत करीब 838 रुपये थी। ऐसे में इन 6 महीनों में इसने निवेशकों को 480 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया था। यानी इन 6 महीनों में इसने एक लाख रुपये के करीब 6 लाख रुपये कर दिए थे।
5 महीने में 50% से ज्यादा गिरावट
RIR के शेयर में 5 महीने में 50 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। यानी ऑल टाइम हाई से इसकी कीमत आधी भी नहीं बची है। इसकी ऑल टाइम हाई कीमत जहां 4878 रुपये थी, वहीं अब करीब 1897 रुपये है। ऐसे में इसमें इन 5 महीनों में 61 फीसदी की गिरावट आई है।
कितना है कंपनी का मार्केट कैप?
बीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक कंपनी का मार्केट कैप करीब 1456 करोड़ रुपये है। कंपनी का हेडक्वॉर्टर मुंबई में है। कंपनी पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में इनोवेशन के लिए जानी जाती है। कंपनी कई तरह की सेमीकंडक्टर डिवाइस, सेमीकंडक्टर मॉड्यूल आदि बिजनेस से भी जुड़ी है।
BYD Sealion 7 की लॉन्चिंग ₹48.90 लाख से, महीनेभर में 1000 यूनिट्स की बुकिंग
17 Feb, 2025 04:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
BYD India: मार्केट में अपनी एक और नई कार को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने मार्केट में BYD Sealion 7 को पेश कर दिया है. कंपनी ने इस कार को 2 वेरिएंट में पेश किया है. इसमें ग्राहकों को प्रीमियम और परफॉर्मेंस वेरिएंट का ऑप्शन मिलता है. BYD SEALION 7 Pure Performance एक इलेक्ट्रिक एसयूवी है, जिसे भारत मोबिलिटी ग्लोबल ऑटो एक्सपो में पेश किया गया था. एक महीने पहले कंपनी ने इस कार की बुकिंग को खोला था और अबतक इस कार की 1000 से ज्यादा यूनिट्स के लिए बुकिंग आ चुकी है. इस कार की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 48.90 लाख रुपए है और टॉप वेरिएंट की कीमत 54.90 लाख रुपए है.
BYD Sealion 7 की परफॉर्मेंस
इस कार में 82.56 kWh का बैटरी पैक मिलेगा. इस कार को प्रीमियम और परफॉर्मेंस वेरिएंट में पेश किया जाएगा. 4.5 सेकंड में ये कार 0-100 km/h की स्पीड पकड़ लेती है. सिंगल चार्ज पर ये कार 567 किलोमीटर तक की रेंज दे सकती है. पावर की बात करें तो कार में दी गई मोटर 390 kW की मैक्सिमम पावर और 690 Nm का मैक्सिमम टॉर्क जनरेट करती है. हालांकि प्रीमियम वेरिएंट की पावर 230 kW और 380 Nm का टॉर्क है. डायमेंशन की बात करें तो इसकी लंबाई 4,830 एमएम है. व्हीलबेस 2,930 mm है.
BYD Sealion 7 का डिजाइन
इस कार के डिजाइन की बात करें तो इसमें स्लीक फीचर्स दिए गए हैं. एयरोडायनैमिक प्रोफाइल और ‘OCEAN X’ फ्रंट स्टाइलिंग दी गई है. कार में 15.6 इंच का रोटेटिंग टचस्क्रीन दिया गया है. लेदरैट सीट्स, 128 कलर एंबियंट लाइटिंग ऑप्शन्स दिए गए हैं. इसके अलावा इलेक्ट्रिक सनशेड के साथ पैनारॉमिक ग्लासरूफ, हेड्स-अप डिस्प्ले जैसे फीचर्स दिए हैं. इसके अलावा कार में VTOL (Vehicle to Load) जैसा फीचर भी दिया है.
7 किलोवॉट का फ्री चार्जर
कंपनी ने जानकारी दी कि भारतीय ग्राहकों के लिए BYD कॉम्पलिमेंट्री 7 किलोवॉट का चार्जर भी दे रहा है. इसमें लोकेशन पर इंस्टॉलेशन भी शामिल है. ये कार 6 साल रोड साइड असिस्टेंस के साथ आती है. इसके अलावा ग्राहकों को 6-year/150,000 किमी का भी फायदा मिलेगा.
न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक के डिपॉजिटर्स के लिए खुशखबरी, इस दिन खातों में आएगा इंश्योरेंस का पैसा
17 Feb, 2025 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यू इंडिया| कोऑपरेटिव बैंक के जमाकर्ताओं के लिए अच्छी खबर है! जिन लोगों का पैसा इस बैंक में जमा है, उन्हें जल्द ही इंश्योरेंस कवर का पैसा मिलेगा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक पर प्रतिबंध लगने के बाद यह जानकारी दी है. RBI ने बताया कि 5 लाख रुपए तक की रकम पूरी तरह सुरक्षित है. आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के खातों की जांच में कुछ खामियां पाई थी. इसमें को-ऑपरेटिव बैंक पर कई प्रतिबंध लगाए, जिसमें जमाकर्ताओं द्वारा धन की निकासी भी शामिल है. बैंक पर यह बैन बीते गुरुवार से अगले 6 महीनों के लिए लागू हो चुका है.
डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत 5 लाख रुपए तक का इंश्योरेंस कवर मिलेगा. बैंक के 90% से ज्यादा ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है. DICGC के नियम 18A के अनुसार, ग्राहकों को भुगतान किया जाएगा. खाताधारक 45 दिनों के अंदर (30 मार्च 2025 तक) अपने सभी क्लेम से जुड़े कागजात (डॉक्यूमेंट्स) जमा करें. बैंक खाते से जुड़े सभी प्रमाणपत्र, एक वैकल्पिक बैंक खाते का नंबर और उसकी जानकारी दें. इससे पैसा सीधे आपके खाते में जमा हो जाएगा.
अगर आपको नया खाता खुलवाना है तो KYC दस्तावेज दे. नहीं तो आधार कार्ड से लिंक्ड बैंक खाता की जानकारी और एड्रेस प्रूफ जमा कराए. DICGC 14 मई 2025 से इंश्योरेंस के पैसे देना शुरू कर देगा. पैसा आपके बताए गए वैकल्पिक बैंक खाते में या आपकी अनुमति से आधार से जुड़े खाते में जमा किया जाएगा. सेल्फ डिक्लेरेशन देना होगा, जिसमें आपका नाम, बैंक और प्रतिबंधित बैंक खाता की जानकारी होनी चाहिए.
पीटीआई भाषा के सूत्रों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के खातों की जांच में कुछ खामियां पाई थी. इसके बाद बैंक के चीफ कंप्लायंस ऑफिसर ने बृहस्पतिवार को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से संपर्क किया. उन्होंने कहा कि यह मामला बैंक के कुछ कर्मचारियों द्वारा धन के दुरुपयोग से जुड़ा है, हालांकि उन्होंने कुल राशि या इसमें शामिल लोगों की पहचान का खुलासा नहीं किया.
Ajax Engineering IPO लिस्ट हुआ 6% की गिरावट के साथ, रिटेल निवेशक इस समय क्या करें
17 Feb, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ajax Engineering IPO: कंक्रीट उपकरण निर्माता अजाक्स इंजीनियरिंग के शेयरों ने 17 फरवरी, 2025 को स्टॉक एक्सचेंजों पर निराशाजनक शुरुआत की. बीएसई पर अजाक्स इंजीनियरिंग के शेयर 593 रुपए प्रति शेयर पर लिस्ट हुए, जो आईपीओ इश्यू प्राइस 629 रुपए से 5.72 प्रतिशत के डिस्काउंट को दिखाता है. इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर अजाक्स इंजीनियरिंग के शेयर आईपीओ इश्यू प्राइस के मुकाबले 8.42 प्रतिशत की छूट पर 576 रुपए प्रति शेयर पर लिस्ट हुए.
अब क्या करें निवेशक?
अजाक्स इंजीनियरिंग आईपीओ की लिस्टिंग भी ग्रे मार्केट के रुझानों को दिखाती है. लिस्टिंग से पहले कंपनी के नॉन-लिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में डिस्काउंट पर ट्रेड हो रहे थे. ग्रे मार्केट के प्राइस की बात करें तो शेयरों की कीमत लगभग 626 रुपए प्रति शेयर थी, जो 629 रुपए के इश्यू प्राइस बैंड के ऊपरी छोर से 3 रुपए या 0.48 प्रतिशत की छूट को दिखाती है. मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने इसको लेकर अपनी राय भी दी है. उन्होंने कहा कि इसे आप लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड कर सकते हैं. उन्होंने लिस्टिंग से पहले ही कहा था कि यह शेयर अपने इश्यू प्राइस से डिस्काउंट पर लिस्ट हो सकता है.
निवेश से पहले जान लें कंपनी का हाल
कंक्रीट इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी अजाक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड, कंक्रीट एप्लीकेशन वैल्यू चेन में मशीनरी और समाधानों की एक विविध रेंज प्रदान करती है. कंपनी भारत के सेल्फ-लोडिंग कंक्रीट मिक्सर (SLCM) बाजार में 77% हिस्सेदारी (वित्त वर्ष 2024 में) रखती है. इसके अलावा, भारत में तैयार कंक्रीट का 12% इन SLCM का उपयोग करके ही प्रोसेस किया जाता है.
कैसा था आईपीओ सब्सक्रिप्शन
अजाक्स इंजीनियरिंग का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) 10 फरवरी से 12 फरवरी, 2025 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था.
योग्य संस्थागत खरीदार (QIB): 14.41 गुना
गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 6.47 गुना
खुदरा व्यक्तिगत निवेशक (RII): 1.93 गुना
SBI म्यूचुअल फंड की JanNivesh SIP, अब ₹250 से शुरू करें निवेश
17 Feb, 2025 02:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
निवेश: आसान बनाने के लिए SBI म्यूचुअल फंड ने SBI (भारतीय स्टेट बैंक) के साथ मिलकर JanNivesh SIP की शुरुआत की है. इसका मकसद छोटे निवेशकों, पहली बार निवेश करने वालों और गांव-शहर में रहने वाले लोगों को म्यूचुअल फंड से जोड़ना है. इस पहल की शुरुआत सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और भारतीय स्टेट बैंक के चैयरमैन की मौजूदगी में की गई. इसका मकसद है कि म्यूचुअल फंड्स को अधिक से अधिक लोगों की पहुंच में लाया जा सके.
JanNivesh SIP को खासतौर पर उन लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो कम पैसों से इन्वेस्टमेंट शुरू करना चाहते हैं. इस योजना में निवेश सिर्फ ₹250 से शुरू किया जा सकता है. लोग रोजाना, वीकली या मंथली आधार पर अपनी सुविधा के अनुसार SIP कर सकते हैं.
डिजिटल प्लेटफॉर्म से आसानी से निवेश
SBI Mutual Fund ने इस योजना को पूरी तरह डिजिटल बनाया है, जिससे निवेश करना और भी आसान हो गया है. SBI YONO ऐप के साथ-साथ Paytm, Groww और Zerodha जैसे फिनटेक प्लेटफॉर्म पर भी यह सुविधा उपलब्ध होगी.
लंबी अवधि में फायदेमंद निवेश
JanNivesh SIP सस्ती और टिकाऊ निवेश योजना है, जो लंबे समय में निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित होगी. यह छोटे निवेशकों और कम इनकम वाले लोगों को भी पैसे जमा करने और अपने आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने का मौका देगा.
कैसे करें निवेश?
सबसे पहले SBI YONO ऐप या Paytm, Groww, Zerodha जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लॉगिन करें. वहां जाकर JanNivesh SIP विकल्प चुनें और अपनी सुविधा के अनुसार ₹250 या अधिक की राशि का निवेश शुरू करें. वहां रोजाना, वीकली या मंथली निवेश विकल्प चुनें और अपनी SIP को ट्रैक करें.
अमेरिकी बाजार में बिकेगा बिहार के प्रसिद्ध डेयरी ब्रांड सुधा का घी
16 Feb, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार के प्रसिद्ध डेयरी ब्रांड सुधा के प्रोडक्ट अब अमेरिका तक पहुंचने वाले है। बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड (कॉम्फेड) ने अपने घी को अमेरिका के बाजार में लांच करने की तैयारी की है। इसके साथ ही गुलाब जामुन, सोनपापड़ी और बालूशाही का भी निर्यात होगा। यदि सब कुछ प्लान के अनुसार होने पर मार्च के अंत तक इन बिहारी उत्पादों अमेरिकी बाजार में उपलब्ध करा दिया जाएगा।
अमेरिका भेजने के लिए सभी उत्पादों को नालंदा, बरौनी और सीतामढ़ी के सुधा डेयरी प्लांट में तैयार किया जाएगा। नालंदा प्लांट से घी, बरौनी प्लांट से गुलाब जामुन, और सीतामढ़ी प्लांट से सोनपापड़ी के साथ बालूशाही भेजी जाएंगी। यह जानकारी पशु और मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ.एन विजयलक्ष्मी ने दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका को खाद्य पदार्थों के निर्यात से पहले कई मानकों पर उत्पाद का परीक्षण होता है। सुधा उत्पादों के निर्यात सर्टिफिकेट के लिए एक्सपोर्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (इसीआइ) को आवेदन दिया है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के मानकों के अनुसार सभा प्रोडक्ट को तैयार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार नालंदा डेयरी को घी निर्यात का लाइसेंस मिल चुका है, जबकि बरौनी और सीतामढ़ी के लिए लाइसेंस प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सभी प्लांट में आवश्यक तैयारियां हो चुकी हैं, और जल्द ही सुधा के उत्पाद अमेरिका के बाजारों में उपलब्ध होने वाले है। अब बिहार में बने घी के अलावे बिहार की मिठाइयों को विदेशी बाजार में मिलेगी है।
बता दें कि अभी सुधा के उत्पाद देश के विभिन्न राज्यों में भेजे जा रहे हैं। कॉम्फेड से बिहार के करीब 12 लाख दूध उत्पादक किसान अलग समितियों के माध्यम से जुड़े है। रोजाना लगभग 24 लाख लीटर दूध का संग्रहण होता है। इसमें से रोजाना 16 लाख लीटर दूध की बिक्री होती है। बाकी बचे दूध से पेड़ा, रसगुल्ला, चमचम सहित अलग अलग मिठाई तैयार होती है। करीब 2 लाख लीटर दूध का रोजाना पाउडर तैयार किया जाता है।
होंडा की बाइक 2025 शाइन 125 लॉन्च
16 Feb, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारतीय बाजार में होंडा ने अपनी नई बाइक 2025 शाइन 125 लॉन्च कर दी है। इसका मुकाबला बजाज, हीरो मोटोकॉर्प और टीवीएस जैसी कंपनियों की 125सीसी बाइक्स से होगा। 2025 होंडा शाइन 125 में 123.94सीसी का सिंगल सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 10.6 बीएचपी की पावर और 11 एनएम का टॉर्क जेनरेट करता है। इसमें आइडल स्टॉप सिस्टम दिया गया है, जो ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने पर इंजन को ऑटोमैटिक बंद कर देता है और क्लच दबाते ही दोबारा स्टार्ट हो जाता है। इससे माइलेज बेहतर होता है।
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के सेल्स और मार्केटिंग डायरेक्टर योगेश माथुर ने कहा कि नई शाइन 125 भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। यह ओबीडी2बी कंप्लायंट इंजन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और यूएसबी सी-टाइप चार्जिंग पोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ आती है। कंपनी को उम्मीद है कि यह बाइक अपने सेगमेंट में एक नया मानक स्थापित करेगी और ग्राहकों को पसंद आएगी। यह बाइक दो वेरिएंट्स ड्रम ब्रेक और डिस्क ब्रेक में पेश की गई है। ड्रम ब्रेक वेरिएंट की कीमत रुपए 84,493 और डिस्क ब्रेक वेरिएंट की कीमत रुपए 89,245 (एक्स-शोरूम) रखी गई है।
निसान को होंडा ने दिया भाव, ऑटोमोबाइल सेक्टर की बड़ी डील होते-होते रह गई
16 Feb, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोक्यो। जापानी ऑटोमोबाइल कंपनियां निसान और होंडा के बीच होने वाली मर्जर डील रद्द हो गई है। दोनों कंपनियों ने समझौते पर आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। पिछले साल 23 दिसंबर को दोनों कंपनियों ने मर्जर के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन किया था। हालांकि दोनों कंपनियां इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर अपनी साझेदारी को जारी रखने को राजी हुई है। अगर दोनों कंपनियों के बीच विलय हो जाता तब 60 बिलियन डॉलर (करीब 5.21 लाख करोड़ रुपये) वैल्यू वाला ग्रुप बनता, जोकि टोयोटा, फॉक्सवैगन और हुंडई के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल ग्रुप होगा। लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डील से पीछे हटने का फैसला निसान ने लिया, क्योंकि होंडा चाहती थी कि निसान उसकी सहायक कंपनी बने। इस कारण दोनों कंपनियों के बीच मतभेद बढ़ गए और आगे की बातचीत रुक गई। चाइनीज और अमेरिकी बाजारों में बिक्री और मुनाफे में गिरावट के चलते, होंडा और निशान को अपने वर्कफोर्स और प्रोडक्शन कैपेसिटी में कटौती करनी पड़ रही थी। पिछले कुछ वर्षों में दोनों कंपनियों के मुनाफे में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। प्रमुख बाजारों में हिस्सेदारी घटने के कारण कंपनियों के विलय की जरूरत लगने लगी।
होंडा और निसान ने कहा कि वे इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिफाइड व्हीकल सेक्टर में रणनीतिक साझेदारी जारी रखेगी। कंपनियों ने चीन के बाजार में बीवॉयडी जैसी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों की तेज ग्रोथ और अमेरिकी टैरिफ के बढ़ते जोखिम को लेकर चिंता जाहिर की है। जानकारों का कहना है कि निसान को चीन में भी अपनी कैपेसिटी घटानी होगी। कंपनी वहां डोंगफेंग मोटर के साथ साझेदारी में आठ कारखानों का संचालन कर रही है। इसके तहत निसान पहले ही चांगझौ प्लांट में उत्पादन बंद कर चुकी है।
देश के टैबलेट बाजार में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज
16 Feb, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सालाना आधार पर देश के टैबलेट बाजार में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत के टैबलेट बाजार में 2024 में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। बाजार में यह उछाल मुख्य रूप से 5जी टैबलेट की बढ़ती मांग के कारण आया है, जिसमें पिछले साल की तुलना में 424 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कुल टैबलेट बाजार में एप्पल ने 29 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद सैमसंग 28 प्रतिशत और लेनोवो 16 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। पहली बार, एप्पल ने भारत में एक ही साल में 10 लाख से अधिक आईपैड शिप कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। सीएमआर का अनुमान है कि 2025 में भारत का टैबलेट बाजार 10-15 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि के साथ आगे बढ़ता रहेगा। हालांकि, 2024 की चौथी तिमाही में सैमसंग ने 29 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ बढ़त बना ली, जबकि लेनोवो 23 प्रतिशत और एप्पल 21 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। सीएमआर की सीनियर एनालिस्ट मेनका कुमारी के अनुसार, भारत का टैबलेट बाजार अब प्रीमियम सेगमेंट (20,000 रुपये से अधिक) की ओर शिफ्ट हो रहा है। इस श्रेणी में शिपमेंट में 128 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लोग अब अधिक उन्नत फीचर्स और बेहतर प्रदर्शन वाले टैबलेट खरीदना पसंद कर रहे हैं। एप्पल ने इस सेगमेंट में अपना दबदबा बनाए रखा, जिसमें आईपैड 10 सीरीज सबसे अधिक बिकने वाला मॉडल रहा। एप्पल के कुल शिपमेंट में इसका योगदान 55 प्रतिशत था।
आईपैड मिनी (2024) के लॉन्च से एप्पल के बाजार नेतृत्व को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर, सैमसंग ने भी 53 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की। गैलेक्सी टैब ए9 प्लस 5जी मॉडल ने इसकी सफलता में बड़ी भूमिका निभाई, जो कंपनी की कुल टैबलेट शिपमेंट का 68 प्रतिशत था। लेनोवो ने अपनी स्थिर मांग बनाए रखी, जबकि शाओमी ने 13 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ 112 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की। शाओमी पैड 6 की मजबूत बिक्री के कारण कंपनी ने प्रीमियम सेगमेंट में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।
अगर लग्जरी बाइक के हैं शौकीन.... तो हो जाएं सतर्क! जरा सी गलती कही जेब न करा दे खाली
15 Feb, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
क्या आप जानते हैं कि मोटर वाहन अधिनियम में ऐसे वाहनों के लिए सख्त नियम हैं, जिसमें मोटरसाइकिल साइलेंसर के नियम का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगाया जाता है। आइए शुरुआत से मोटरसाइकिल साइलेंसर के नियमों को समझते हैं-
बाइक के तेज शोर पर सख्त कानून
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत बाइक के साइलेंसर को मॉडिफाई करके तेज आवाज करना गैरकानूनी है।
80 डेसिबल से ज्यादा शोर गैरकानूनी
नियमों के मुताबिक बाइक या कार का शोर 80 डेसिबल से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मॉडिफाई साइलेंसर से यह 120 डेसिबल तक पहुंच सकता है।
स्पोर्ट्स बाइक की बढ़ती मांग
बाजार में स्पोर्ट्स बाइक की मांग बढ़ रही है, जिनका शोर सामान्य बाइक से ज्यादा होता है। अगर आपकी बाइक तेज आवाज करती है, तो यह पूरी तरह से गैरकानूनी है।
मॉडिफायड साइलेंसर से ध्वनि प्रदूषण
तेज आवाज वाले मॉडिफाईड साइलेंसर न सिर्फ कानों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी फैलाते हैं, जी हां, मॉडिफाईड साइलेंसर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर कार्रवाई भी होती है।
तेज आवाज वाली बाइक पर चालान
अगर कोई वाहन तेज आवाज करता है तो उस पर चालान जारी किया जा सकता है, साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
मॉडिफाइड साइलेंसर
नियमों के अनुसार, चलते समय किसी भी बाइक या कार से अधिकतम 80 डेसिबल की आवाज आनी चाहिए। लेकिन मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने पर यह बढ़कर 120 डेसिबल से भी ज्यादा हो सकती है, जो कानूनन प्रतिबंधित है। हालांकि, तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाने पर चालान 5,000 रुपये या उससे ज्यादा हो सकता है।
ड्राइविंग लाइसेंस हो सकता है सस्पेंड
अगर कोई चालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है।
जुर्माना और जेल दोनों संभव
अगर कोई व्यक्ति लगातार बाइक का साइलेंसर बदलकर ध्वनि प्रदूषण फैलाता है तो चालान के बाद उसे जुर्माने के साथ जेल भी हो सकती है।
सड़क पर सुरक्षा के लिए जरूरी नियम
तेज आवाज वाले साइलेंसर सड़क सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं, इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
STP से बेहतर निवेश के मौके, निवेशक चुन रहे हैं कम रिस्क में ज्यादा रिटर्न
15 Feb, 2025 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
म्युचुअल फंड में जब भी निवेश की चर्चा होती है, तो ज्यादातर लोग SIP के बारे में जानते हैं। लेकिन कई निवेशकों को यह जानकारी नहीं होती कि SIP की तर्ज पर किसी एक फंड से धनराशि दूसरे फंड में ट्रांसफर भी की जा सकती है। एक फंड से दूसरे फंड में जमा धनराशि के ट्रांसफर के इसी व्यवस्थित तरीके को सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीपी कहते हैं।एक ऐसी निवेश स्ट्रैटजी है, जिसमें निवेशक अपने पैसे को एक म्युचुअल फंड से दूसरे में तय अंतराल पर ट्रांसफर कर सकते हैं। यह प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के होती है और निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने वाले फंड में शिफ्ट होने का मौका मिलता है। STP निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने में मदद करता है और संभावित नुकसान को कम करता है। वे बाजार की स्थिति के अनुसार अपने निवेश को इक्विटी से डेट फंड या इसके विपरीत शिफ्ट कर सकते हैं। हालांकि, STP का इस्तेमाल केवल एक ही एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा मैनेज किए जा रहे फंड्स के बीच किया जा सकता है। अलग-अलग कंपनियों के म्युचुअल फंड स्कीम्स के बीच फंड ट्रांसफर की सुविधा इसमें नहीं होती।
सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) में निवेशकों को मिलते हैं तीन ऑप्शन
फ्लेक्सिबल STP- इसमें निवेशक अपनी मौजूदा जरूरतों के हिसाब से ट्रांसफर की जाने वाली राशि तय कर सकते हैं। वे बाजार की स्थिति और म्युचुअल फंड स्कीम्स के प्रदर्शन को देखकर ज्यादा या कम रकम ट्रांसफर करने का फैसला ले सकते हैं।
फिक्स्ड STP- इसमें निवेशक पहले से तय करता है कि एक म्युचुअल फंड से दूसरे में कितनी रकम ट्रांसफर होगी। यह रकम हर बार एक जैसी रहती है।
कैपिटल सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान- इसमें फंड से हुए मुनाफे को दूसरी बेहतर ग्रोथ वाली योजना में ट्रांसफर किया जाता है।
सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के फायदे
सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) का सबसे बड़ा फायदा यह है कि फंड ट्रांसफर जल्दी और आसानी से होता है। निवेशकों को चुने गए फंड्स के बीच पैसा अपने आप ट्रांसफर होने की सुविधा मिलती है, जिससे उनका उपयोग बिना किसी परेशानी के हो सकता है। इसके अलावा भी इसके कई फायदे है…
ज्यादा रिटर्न
यह निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान अधिक फायदेमंद स्कीम्स में निवेश ट्रांसफर करने की सुविधा देता है। इस तरह बाजार का लाभ उठाकर खरीदी और बेची गई सिक्योरिटीज से अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है।
स्थिरता
जब शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, तो निवेशक STP के जरिए अपने फंड को अधिक स्थिर निवेश योजनाओं, जैसे डेट फंड और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में शिफ्ट कर सकते हैं।
डिसिप्लिन अप्रोच
यह निवेशकों को दो म्यूचुअल फंड योजनाओं के बीच फंड को नियमित और योजनाबद्ध तरीके से ट्रांसफर करने में मदद करता है।
रुपी-कॉस्ट एवरेजिंग
यह तरीका म्यूचुअल फंड में STP के जरिए निवेश करते समय अपनाया जाता है। इससे निवेशक अपने निवेश की औसत लागत को कम कर सकते हैं। रुपी-कॉस्ट एवरेजिंग का मतलब है कि जब फंड की कीमत कम हो, तब उसमें निवेश करना और जब कीमत बढ़े, तब उसे बेचना। इससे निवेशकों को ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिलता है।
टैक्सेबिलिटी
सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के तहत किया गया प्रत्येक ट्रांसफर कर कटौती के दायरे में आता है, बशर्ते इससे पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) हो। यदि कोई निवेशक 3 साल से पहले म्युचुअल फंड से पैसा निकालता है, तो उसे शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन के तहत 20% कर देना होगा। वहीं, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर भी टैक्स लगेगा, लेकिन यह निवेशक की वार्षिक आय पर निर्भर करता है।
स्विचिंग कॉस्ट पर ध्यान दें, वरना होगा नुकसान
म्युचुअल फंड निवेशकों के लिए स्विचिंग कॉस्ट पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह उनके निवेश रिटर्न पर बड़ा असर डाल सकता है। अक्सर निवेशक इस अहम पहलू को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे उनका अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। स्विचिंग का मतलब है निवेश को एक फंड से दूसरे फंड में ट्रांसफर करना, जिसमें एग्जिट लोड और कैपिटल गेन टैक्स जैसे खर्च शामिल होते हैं।
भारतीय शेयर बाजार में FPI बिकवाली से मार्केट कैप में गिरावट, निवेशक सतर्क
15 Feb, 2025 12:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीएसई: कंपनियों का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को लगातार बिकवाली के बीच कुछ समय के लिए 400 लाख करोड़ रुपये से नीचे पहुंच गया। हालांकि आखिर में यह थोड़ा सुधरकर 400.2 लाख करोड़ रुपये पर रहा जो 6 जून के बाद का सबसे निचला स्तर है। भारत के एमकैप ने 10 अप्रैल को पहली बार 400 लाख करोड़ रुपये का स्तर पार किया था और 29 सिंबर को यह 477.93 लाख करोड़ रुपये की ऊंचाई पर पहुंचा था। तब से, बाजार पूंजीकरण में करीब 78 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है।
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार डॉलर में भारत का बाजार पूंजीकरण 4 लाख करोड़ डॉलर से नीचे आया है और अपने ऊंचे स्तर से इसमें 1.2 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है। पिछले पांच महीनों में भारत ने कई प्रमुख बाजारों के बीच अच्छ-खासी एमकैप गिरावट दर्ज की है। बीएसई और एनएसई के आंकड़े के अनुसार डॉलर में बाजार का मार्केट कैप करीब 4.6 लाख करोड़ डॉलर है।
तेज गिरावट की मुख्य वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा की गई बिकवाली और भारतीय उद्योग जगत की कमजोर आय है। एफपीआई द्वारा इस वर्ष अब तक की बिकवाली 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।एचएसबीसी में एशिया प्रशांत मामलों के लिए इक्विटी रणनीति प्रमुख हेरल्ड वैन डर लिंडे ने कहा, वृद्धि धीमी पड़ रही है, जबकि ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी मुद्रा दबाव विदेशी निवेशकों को चिंतित बनाए हुए है। उन्होंने कहा, ‘हमारा मानना है कि भारत के प्रीमियम मल्टीपल मूल्यांकन पर आय की स्थिति मजबूत होने तक दबाव बना रहेगा। तीसरी तिमाही के नतीजे अनुमान से खराब रहे हैं। वृद्धि कम से कम दो और तिमाहियों तक कमजोर रह सकती है। ताजा बिकवाली ने मजबूत वृद्धि या सुधार की राह पर बढ़ रही कंपनियों में खरीदारी का अवसर पैदा किया है।’
ट्रंप के ऊर्जा प्लान से भारत को मिलेंगे बड़े लाभ, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का दावा
15 Feb, 2025 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका| के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नारा 'ड्रिल, बेबी, ड्रिल' भारत के लिए खुशखबरी ला सकता है। ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिका ज्यादा तेल और गैस उत्पादन, खपत और निर्यात करके फिर से अमीर बने। तेल और गैस का ज्यादा उत्पादन होने से इसकी कीमत में कमी आएगी और यह भारत के लिए अच्छी बात है। यह भारत के लिए फायदेमंद है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल और 50% गैस आयात करता है। अगर इनकी कीमत में कमी आती है तो भारत का आयात बिल कम होगा और यह पैसा विकास के दूसरे कामों पर खर्च होगा।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने इंडिया एनर्जी वीक में कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप कह रहे हैं कि महंगे दामों का दौर खत्म हो। आर्थिक मुद्रास्फीति पर नियंत्रण पाएं। बाजार में ज्यादा ऊर्जा लाएं। ज्यादा आर्थिक विकास हो ताकि सभी को फायदा हो। मैं दुनिया के तीसरे सबसे बड़े उपभोक्ता और आयातक देश का ऊर्जा मंत्री हूं। हमारे पास चौथी सबसे बड़ी रिफाइनिंग क्षमता है। सच कहूं तो ये बातें मेरे लिए बहुत अच्छी हैं।'
भारत को कैसे होगा फायदा
अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है। देश में रोजाना 1.3 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल का उत्पादन होता है। अमेरिका के 32 राज्यों और समुद्री इलाकों में तेल उत्पादन होता है। अमेरिका से ज्यादा सप्लाई से वैश्विक ऊर्जा प्रवाह में बदलाव आ सकता है। साथ ही, कीमतें नियंत्रण में रह सकती हैं। अमेरिका से तेल का निर्यात बढ़ने से यूरोप को खाड़ी देशों से मिलने वाली आपूर्ति कम हो सकती है। यह भारतीय रिफाइनरियों के लिए फायदेमंद होगा। अभी वे रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए विकल्प तलाश रहे हैं।
भारत अमेरिका से भी कच्चा तेल आयात करता है। अमेरिका भारत के शीर्ष पांच आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया था। लेकिन ज्यादा ट्रांसपोर्ट कॉस्ट और लंबी यात्रा के समय के कारण यह हमेशा पहली पसंद नहीं होता। भविष्य की संभावनाएं आर्बिटेज पर निर्भर करेंगी, जहां भारत के पास लगभग 38 देशों की एक डाइवर्सिफाइड बास्केट का फायदा है। लेकिन रूस इसका एक बड़ा खिलाड़ी है। हाल ही में ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की है। इससे लगता है कि युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो बाजार में ज्यादा तेल आने से भारत को फायदा होगा।
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