बिहार-झारखण्ड
शिबू सोरेन: एक ऐसा नेता जिसने जंगल से संसद तक आदिवासियों की आवाज उठाई
6 Aug, 2025 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आदिवासियों के अधिकारों और शोषण के खिलाफ लड़ने वाले दिशोम गुरु शिबू सोरेन हमेशा के लिए खामोश तो हो गए, मगर उनके जुझारूपन और हिम्मत की कहानियां जन्मस्थान नेमरा से लेकर पूरे झारखंड में आज भी गूंज रही हैं। सूदखोरों के खिलाफ लड़ने वाले शिक्षक पिता सोबरन मांझी की हत्या कर दी गई, तो शिबू सोरेन ने 13 साल की उम्र में ही सूदखोरी के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। सूदखोरों के इशारे पर पुलिस पीछे पड़ी, तो तीन साल तक जंगलों में छिपकर लड़ते रहे। डर था कि पिता की तरह उनकी और परिवार की भी हत्या कर दी जाएगी। नेमरा गांव में उनका पूरा कुनबा सहमा हुआ था। एक दिन शिबू गांव पहुंचे। जंगल से लाईं लकड़ियां बेचकर कुर्ता-पायजामा बनवाया और बोले- अब नेता बनेंगे और सूदखोरों से लड़ेंगे...और यहीं से शुरू हो गया झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो के नेता बनने का सफर।
दिशोम गुरु की दुनिया से विदाई के साथ ही उनकी जीवन गाथा से जुड़ी रील फिर उलटी चल पड़ी है। दिशोम गुरु पर शोध करने वाले और नेमरा गांव से लगे गोला रामगढ़ विद्यालय में प्राचार्य देवेंद्र बताते हैं- शिबू ने इसी विद्यालय में नौवीं तक पढ़ाई की। 27 नवंबर, 1957 को पिता सोबरन की हत्या हुई, तो सूदखोरों के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी। परिवार की जान की फिक्र होने पर नेमरा गांव छोड़कर संथाल बहुल गांव दुमका चले गए।
डिमरी विद्यालय में 1952-55 में उनके सहपाठी रहे श्रीराम महतो के बेटे सोहन बताते हैं कि उनके पिता शिबू सोरेन के किस्से सुनाते थे। वे भले ही दुमका में राजनीति कर रहे थे, मगर नेमरा वासियों की सुधबुध लेते रहते थे। किसी की समस्या होती, तो हाजिर हो जाते। खुद सीएम बनने और बेटे हेमंत के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नेमरा आते, तो रास्ते में रुककर सबसे मिलते हुए घर जाते थे। बच्चों के जन्मदिन तक में शामिल होते। परिवार के शादी से लेकर छोड़े-बड़े आयोजनों में भी सबको बुलाते थे। इसी वजह से आदिवासियों में उनकी लोकप्रियता थी। घाटी से घिरे छोटे से गांव नेमरा में तालाब किनारे लुंगी पहने उनके भाई कुंदन सोरेन खपैरलनुमा मकान दिखाकर बताते हैं कि पूरा कुनबा आज भी उसी में रहता है। हेमंत के सीएम बनने के बाद से गांव की दशा कुछ बदली है। पुराने घर के बाहर ही एसी लगा एक कमरा भी दिखाई देने लगा है। कुंदन बताते हैं कि हेमंत और परिवार गांव में आता है, तो वहीं रहता है।
शिबू सोरेन के पुराने मकान के दरवाजे पर झामुमो का चुनाव चिन्ह तीर-कमान तो दीवारों पर लिखा है-दिशोम गुरु शिबू सोरेन जिंदाबाद...स्वर्गीय सोबरन सोरेन अमर रहें...दुर्गा सोरेन अमर रहें...जेएमएम-हेमंत बाबू जिंदाबाद...। दुर्गा सोरेन दिशोम गुरु के बेटे थे। शिबू की भतीजी जिला पंचायत सदस्य रेखा बताती हैं कि राजनीति के चलते ही दुर्गा की भी हत्या कर दी गई। परिवार वाले खूब किस्से सुनाते हैं, मगर शिबू सोरेन से जुड़े चर्चित निजी सचिव शशिनाथ झा हत्याकांड पर कुछ नहीं बोलते। नेमरा और आसपास के गांव वाले कहते हैं-सब राजनीति का मामला था।
मानहानि केस में आज राहुल गांधी की पेशी, भाजपा नेता के खिलाफ बयान बना वजह
6 Aug, 2025 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड : वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को झारखंड के चाईबासा स्थित सांसद-विधायक अदालत में पेश होंगे। यह मामला साल 2018 की एक रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है।
राहुल गांधी मंगलवार को झारखंड में थे। वे यहां पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे, जो रामगढ़ जिले के उनके पैतृक गांव नेमरा में हुआ।
रांची से अदालत में पेश होने चाईबासा जाएंगे राहुल
कांग्रेस नेता और झारखंड प्रदेश पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बताया कि राहुल गांधी मंगलवार रात को रांची में रहेंगे। वह बुधवार को अदालत में पेश होने के लिए चाईबासा जाएंगे। इसके बाद वह रांची लौटकर दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
विशेष अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में दी थी चुनौती
राहुल गांधी ने दो जून को झारखंड हाईकोर्ट में विशेष अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें 26 जून को अदालत में पेश होने के लिए कहा गया था। कांग्रेस सांसद के वकील ने 10 जून को हाईकोर्ट को सूचित किया था कि उनके मुवक्किल निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हो पाएंगे। इसके बजाय उन्होंने 6 अगस्त की तारीख मांगी थी। हाईकोर्ट ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया था।
प्रताप कुमार ने दायर किया था मानहानि का मुकदमा
प्रताप कुमार नामक व्यक्ति ने 2018 में चाईबासा में आयोजित एक रैली में भाजपा नेताओं के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। कुमार ने चाईबासा में मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर अपनी याचिका में कहा था कि गांधी के बयान मानहानिकारक थे और जानबूझकर शाह की छवि खराब करने के लिए दिए गए थे।
राहुल के आगमन से पहले चाईबासा में बढ़ाई गई सुरक्षा
इस बीच, राहुल गांधी के आगमन से पहले पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय चाईबास में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उप-मंडल अधिकारी (सदर) संदीप अनुराग टोपनो ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की है। टोपनो ने बताया कि टाटा कॉलेज ग्राउंड में एक हेलीपैड बनाया गया है, जहां राहुल गांधी बुधवार सुबह करीब 10 बजे हेलीकॉप्टर से उतरेंगे। एसडीओ ने बताया कि उनके सुबह करीब 10.40 बजे अदालत में पेश होने और रांची लौटने की संभावना है।
गुरुजी’ को अंतिम विदाई, शिबू सोरेन के जनसंघर्ष को दी जनता ने सलामी
5 Aug, 2025 07:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रामगढ़ः ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन के निधन के बाद से उनके पैतृक नेमरा गांव में माहौल गमगीन है। दूर-दूर से लोग राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री के अंतिम दर्शन के लिए गांव में उमड़ पड़े। शिबू सोरेन ने सोमवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। वो 81 वर्ष के थे। शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार नेमरा गांव बड़का नाला श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।हेमंत सोरेन ने अपने पिता शिबू सोरेन को मुखाग्नि दी। आदिवासी परंपरा और रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी भी नेमरा पहुंचे थे। इसके अलावा विभिन्न दलों के नेता भी पहुंचे।
खरगे और राहुल सड़क मार्ग से नेमरा पहुंचे
मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी मंगलवार को झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे और शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने सड़क मार्ग से रामगढ़ जिले में नेमरा पहुंचे। तय कार्यक्रम के अनुसार दोनों कांग्रेस नेताओं को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव हेलीकॉप्टर से पहुंचना था। लेकिन भारी बारिश के कारण वे सड़क मार्ग से शिबू सोरेन के पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए।
रास्ते में सड़क की दोनों ओर कतार में खड़े लोगों दी विदाई
इस बीच, नेमरा में गमगीन माहौल है क्योंकि दूर-दूर से लोग पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े । इससे पहले रांची स्थित राज्य विधानसभा परिसर से उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाए जाते समय लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए सड़क के दोनों ओर कतार में खड़े रहे और उन्होंने ‘गुरुजी अमर रहें’ के नारे लगाए। शिबू सोरेन के बेटे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सफेद कुर्ता-पायजामा पहने और कंधे पर पारंपरिक आदिवासी गमछा डाले हुए, हाथ जोड़े वाहन में बैठे दिखाई दिए। उनके काफिले के पीछे वाहनों की कतार लगी थी।
अधिकतर दुकानें और प्रतिष्ठान बंद
दिवंगत नेता के सम्मान में रांची में अधिकतर दुकानें और प्रतिष्ठान दिन के पहले पहर बंद रहे। अंतिम दर्शन के लिए आरजेडी के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस की सांसद शताब्दी रॉय और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव समेत कई अन्य नेता पहले ही पहुंचे। शिबू सोरेन के सम्मान में झारखंड सरकार ने छह अगस्त तक तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। जबकि 4 और 5 अगस्त को सभी सरकारी कार्यालय बंद रहे। झारखंड के अधिकतर स्कूल मंगलवार को बंद हैं और कई विद्यालयों में दिवंगत नेता की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जा रही है।
औरंगाबाद में विकास के बिना चुनाव नहीं! ग्रामीणों ने बहिष्कार की दी चेतावनी
5 Aug, 2025 03:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में जहां एक ओर मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच समर्थन और विरोध जारी है, वहीं अब मतदाता भी अपने मुद्दों को लेकर खुलकर सामने आने लगे हैं। औरंगाबाद जिले से एक ऐसी ही चौंकाने वाली खबर आई है, जहां रफीगंज प्रखंड के गोरडीहा पंचायत अंतर्गत कुंवर बिगहा गांव के ग्रामीणों ने सड़क नहीं बनने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों के इस फैसले ने सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की चिंता बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि अब राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि ग्रामीणों को मनाने गांव पहुंच सकते हैं।
आजादी के बाद से नहीं बनी सड़क, ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के बाद से अब तक उनके गांव में कभी सड़क नहीं बनी। गांव के समाजसेवी और पंचायत प्रतिनिधि राजेश कुमार यादव, राजद के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष विजय यादव, सुरेंद्र यादव, गुणेश दास, शैलेंद्र दास, परशुराम यादव, राज कुंडल दास, मोहम्मद साजिद, जितेंद्र दास, मोहम्मद आफताब, मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद फारूक, रामाशीष यादव, मोहम्मद अरमान, मोहम्मद मुर्तुजा, रामेश्वर दास, रामजी यादव, आशीष यादव, सूरज दास, चंदन दास और पुरुषोत्तम दास सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर गहरा आक्रोश जताया।
2.5 किलोमीटर सड़क पूरी तरह जर्जर
ग्रामीणों ने बताया कि कुंवर बिगहा को रफीगंज-इस्माइलपुर-गया मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली करीब 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। हालत ये है कि अब उस पर न वाहन चल पाते हैं, न साइकिल और न ही पैदल चलना मुमकिन है। यह सड़क कई गांवों जैसे गौसपुर, प्राणपुर, पाती, मदारपुर और कासमा को जोड़ती है।
बरसात में दो फीट तक भर जाता है पानी
बरसात के मौसम में इस सड़क पर एक से दो फीट तक पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। इससे न केवल आम लोगों का चलना मुश्किल हो जाता है, बल्कि स्कूली बच्चों को भी काफी दिक्कतें होती हैं। बच्चे अपने जूतों को कीचड़ से बचाने के लिए प्लास्टिक लपेट कर स्कूल आते-जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब किसी मरीज की तबीयत बिगड़ती है, तो उसे गांव से रफीगंज तक ले जाना बेहद कठिन हो जाता है। जनप्रतिनिधि चुनाव के समय वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन जीतने के बाद गांव की तरफ मुड़कर भी नहीं देखते।
रोड नहीं तो वोट नहीं" का नारा बुलंद
इस नाराजगी के बीच ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान करते हुए "रोड नहीं तो वोट नहीं" का नारा बुलंद किया। उनका कहना है कि जब तक गांव में पक्की सड़क नहीं बनेगी, तब तक वे वोट नहीं देंगे। यह गांव यादव, मुस्लिम और दलित बहुल है और यहां के लोग लंबे समय से राजद के कोर वोटर माने जाते हैं। रफीगंज से दो बार विधायक रहे राजद नेता मो. नेहालुद्दीन को यहां से हमेशा भारी समर्थन मिलता रहा है। ग्रामीणों का यह रुख विधायक की राजनीतिक जमीन को कमजोर कर सकता है।
राजनीतिक हलचल तेज, विपक्ष को मिल सकता है मौका
ऐसा माना जा रहा है कि अब विधायक मो. नेहालुद्दीन ग्रामीणों को मनाने के लिए कुंवर बिगहा पहुंच सकते हैं। दूसरी ओर, पूर्व विधायक और जदयू जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह तथा लोजपा (रामविलास) से टिकट के दावेदार प्रमोद सिंह भी गांव का रुख कर सकते हैं और लोगों को भरोसा दिला सकते हैं कि यदि उन्हें मौका मिला, तो वे गांव में सड़क बनवाएंगे।
बिहार में मानसून का प्रकोप, अगले 24 घंटे में इन जिलों में सतर्क रहने की जरूरत
5 Aug, 2025 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पिछले कुछ दिनों से राज्य में हो रही बारिश के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में जलजमाव हो गया है। राज्य की कई नदियां उफान पर आने लगी हैं। सोमवार को पटना समेत अधिकांश हिस्सों में दिनभर रुक-रुक कर हुई बारिश के कारण मौसम सामान्य हो गया है और अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार दक्षिणी हिस्सों में मानसून की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। पटना समेत दक्षिणी हिस्सों को भिगोने के बाद मानसून द्रोणिका उत्तर बिहार की ओर अपना असर दिखाएगी। मानसून के प्रभाव से उत्तरी हिस्सों के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
अगले 24 घंटे के दौरान पटना समेत दक्षिणी हिस्सों के अधिकांश हिस्सों में गरज, बिजली और छिटपुट बारिश की संभावना है, बादल छाए रहेंगे। जबकि, उत्तरी हिस्सों के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। किशनगंज जिले में भारी बारिश की संभावना है। 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है।
इसके बाद तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्णिया में सबसे ज़्यादा 270.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, राजधानी में 20.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजधानी का अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस और भागलपुर में सबसे ज़्यादा 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों में बारिश की स्थिति
दरभंगा के हायाघाट में 155.8 मिमी, सीतामढी के रून्नीसैदपुर में 136.4 मिमी, शिवहर में 134.2 मिमी, पश्चिम चंपारण के बेतिया में 130.2 मिमी, पश्चिम चंपारण के ढाका में 115.1 मिमी, पूर्वी चंपारण के चटिया में 110.6 मिमी, वैशाली के भगवानपुर हाट में 104.8 मिमी, पटना के दानापुर में 87.6 मिमी बारिश दर्ज की गयी. समस्तीपुर के कल्याणपुर में 85.4 मिमी, पूर्णिया के बनमखी में 85.4 मिमी, मुजफ्फरपुर के बंदर में 78.4 मिमी, किशनगंज के ठाकुरगंज में 74.4 मिमी.
सीएम नीतीश कुमार का नालंदा दौरा आज, कई परियोजनाओं का होगा उद्घाटन
5 Aug, 2025 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज मंगलवार को नालंदा जिले के राजगीर में कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। वे हवाई मार्ग से अपराह्न 3:30 बजे राजगीर पहुंचेंगे। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान एशिया अंडर-20 रग्बी सेवेंस चैम्पियनशिप की तैयारियों की समीक्षा भी करेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत बेलौवा गांव के निकट होने वाले समारोह से होगी, जहां मुख्यमंत्री 862 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सालेपुर–नूरसराय–अहियापुर–सिलाव–राजगीर फोरलेन हाईवे परियोजना का शिलान्यास करेंगे। साथ ही, वे 81 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजगीर रोड ओवरब्रिज (आरओबी) का उद्घाटन भी करेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस फोरलेन के निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और पर्यटकों व खिलाड़ियों के लिए राजगीर तक पहुंचना आसान होगा।
आरओबी के उद्घाटन से मिलेगी बड़ी राहत
मुख्यमंत्री शिलान्यास के बाद बिहारशरीफ–राजगीर मार्ग पर बने आरओबी का उद्घाटन करेंगे। इसके चालू हो जाने से स्थानीय निवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। उद्घाटन के साथ ही पुल आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री राजगीर खेल परिसर पहुंचकर 8 से 10 अगस्त तक आयोजित होने वाली एशिया अंडर-20 रग्बी सेवेंस चैम्पियनशिप की तैयारियों का जायजा लेंगे। भारत की महिला व पुरुष टीमें पहले से ही राजगीर पहुंच चुकी हैं, जबकि अन्य देशों की टीमें 7 अगस्त को पहुंचेंगी।खेल विभाग के अनुसार, 8 अगस्त को भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित होगा, जबकि मुख्य प्रतियोगिताएं 9 और 10 अगस्त को होंगी। मुख्यमंत्री खिलाड़ियों से भेंट कर उन्हें प्रोत्साहित भी करेंगे।
रॉयल भूटान मॉनेस्ट्री का निरीक्षण करेंगे
आज के कार्यक्रम में एक अन्य प्रमुख बिंदु रॉयल भूटान मॉनेस्ट्री का निरीक्षण भी शामिल है। यह मॉनेस्ट्री हॉकी मैदान के पीछे वैतरणी नदी के तट पर स्थित है और भूटान सरकार के सहयोग से बन रही है। वर्ष 2009 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस परियोजना के लिए भूटान सरकार को ढाई एकड़ भूमि दान में दी थी। 2018 में उन्होंने स्वयं इस परियोजना का शिलान्यास किया था। उस समय हजारों भूटानी नागरिकों के साथ भूटान की महारानी और धार्मिक गुरु खेनपो भी उपस्थित थे।
दिसंबर में हो सकता है उद्घाटन
मॉनेस्ट्री में भगवान बुद्ध की 70 फीट ऊंची मंदिर संरचना के भीतर 10 फीट की प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके चारों कोनों पर भूटान के चार संरक्षकों की मूर्तियां भी लगाई गई हैं। दो गेस्ट हाउसों में कुल 74 कमरे और डॉर्मिटरी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इसके औपचारिक उद्घाटन की संभावना दिसंबर 2025 में जताई जा रही है।
गंगाजल लेने जा रहे कांवड़ियों को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला, दो की मौत
5 Aug, 2025 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना : बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ. ये सड़क हादसा पटना के बैरिया बस स्टैंड के पास हुआ. इस हादसे में दो कांवरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे में जिन दो कांवरियों की मौत हुई वो गौरीचक थाना क्षेत्र के चिपुरा कला गांव के रहने वाले थे. इस हादसे में जो दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं वो भी इसी गांव के रहने वाले हैं.
हादसे में मरने वाले कांवरियों की पहचान सुनील राय के 20 वर्षीय पुत्र नीरज कुमार और पप्पू सिंह के 23 वर्षीय बेटे बबलू कुमार के रूप में की गई है. दोनों सावन में गंगाजल लेने बाइक से पटना के गायघाट जा रहे थे. इसी दौरान बैरिया बस स्टैंड के आगे तेज रफ्तार हाईवा ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि नीरज और बबलू कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
लोगों ने पटना-मसौढ़ी मुख्य मार्ग किया जाम
वहीं इन दोनों के साथ सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए. फिर आक्रोश में आकर पटना-मसौढ़ी मुख्य मार्ग को बैरिया मोड़ के पास जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आगजनी कर मुआवजे की मांग की.
चार थाने की पुलिस पहुंची
इससे यातायात करीब डेढ़ किलोमीटर तक प्रभावित हो गया. इसके बाद हालात पर काबू पाने के लिए गोपालपुर, गौरीचक, परसा बाजार और रामकृष्ण नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने में जुट गई. गोपालपुर थानाध्यक्ष चंदन ठाकुर ने दोनों कांवरियों की मौत की पुष्टि की है.
पुलिस ने हाईवा ट्रक को जब्त कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है. वहीं प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद और मुआवजे का भरोसा दिलाया है.
'आज मैं शून्य हो गया हूं' — पिता के निधन पर हेमंत सोरेन का दर्द छलका
5 Aug, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन के निधन पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर हेमंत ने लिखा, 'मैं अपने जीवन के सबसे कठिन दिनों से गुजर रहा हूं। मेरे सिर से सिर्फ पिता का साया नहीं गया, झारखंड की आत्मा का स्तंभ चला गया। मैं उन्हें सिर्फ ‘बाबा’ नहीं कहता था, वे मेरे पथप्रदर्शक थे, मेरे विचारों की जड़ें थे और उस जंगल जैसी छाया थे, जिसने हजारों-लाखों झारखंडियों को धूप और अन्याय से बचाया।'
'पूरी जिंदगी संघर्षशील बना दिया'
उन्होंने लिखा, 'मेरे बाबा की शुरुआत बहुत साधारण थी। नेमरा गांव के उस छोटे से घर में जन्मे, जहां गरीबी थी, भूख थी, पर हिम्मत थी। बचपन में ही उन्होंने अपने पिता को खो दिया। जमीदारी के शोषण ने उन्हें एक ऐसी आग दी, जिसने उन्हें पूरी जिंदगी संघर्षशील बना दिया। मैंने उन्हें देखा है, हल चलाते हुए, लोगों के बीच बैठते हुए, सिर्फ भाषण नहीं देते थे, लोगों का दुःख जीते थे।'
'बाबा ने हमें सिर्फ रास्ता नहीं दिखाया, हमें चलना सिखाया'
हेमंत ने लिखा, 'बचपन में जब मैं उनसे पूछता था- बाबा, आपको लोग दिशोम गुरु क्यों कहते हैं? तो वे मुस्कुराकर कहते- क्योंकि बेटा, मैंने सिर्फ उनका दुख समझा और उनकी लड़ाई अपनी बना ली। वो उपाधि न किसी किताब में लिखी गई थी, न संसद ने दी, वह झारखंड की जनता के दिलों से निकली थी। ‘दिशोम’ मतलब समाज, ‘गुरु’ मतलब जो रास्ता दिखाए। सच कहूं तो बाबा ने हमें सिर्फ रास्ता नहीं दिखाया, हमें चलना सिखाया।'
'बाबा का संघर्ष कोई किताब नहीं समझा सकती'
उन्होंने लिखा, 'बचपन में मैंने उन्हें सिर्फ संघर्ष करते देखा, बड़े बड़ों से टक्कर लेते देखा, मैं डरता था- पर बाबा कभी नहीं डरे। वे कहते थे- अगर अन्याय के खिलाफ खड़ा होना अपराध है, तो मैं बार-बार दोषी बनूंगा। बाबा का संघर्ष कोई किताब नहीं समझा सकती। वो उनके पसीने में, उनकी आवाज में और उनकी चप्पल से ढकी फटी एड़ी में था।'
'कभी सत्ता को उपलब्धि नहीं माना'
उन्होंने आगे लिखा, 'जब झारखंड राज्य बना, तो उनका सपना साकार हुआ, पर उन्होंने कभी सत्ता को उपलब्धि नहीं माना। उन्होंने कहा- ये राज्य मेरे लिए कुर्सी नहीं, यह मेरे लोगों की पहचान है। आज बाबा नहीं हैं, पर उनकी आवाज मेरे भीतर गूंज रही है। मैंने आपसे लड़ना सीखा बाबा, झुकना नहीं। मैंने आपसे झारखंड से प्रेम करना सीखा बिना किसी स्वार्थ के।'
'झारखंड की हर पगडंडी में आप हो'
हेमंत ने लिखा, 'अब आप हमारे बीच नहीं हो, पर झारखंड की हर पगडंडी में आप हो। हर मांदर की थाप में, हर खेत की मिट्टी में, हर गरीब की आंखों में आप झांकते हो। आपने जो सपना देखा, अब वो मेरा वादा है। मैं झारखंड को झुकने नहीं दूंगा, आपके नाम को मिटने नहीं दूंगा। आपका संघर्ष अधूरा नहीं रहेगा।'
'अब हमें चलना है आपके नक्शे-कदम पर'
उन्होंने लिखा, 'बाबा, अब आप आराम कीजिए। आपने अपना धर्म निभा दिया। अब हमें चलना है आपके नक्शे-कदम पर। झारखंड आपका कर्जदार रहेगा। मैं, आपका बेटा, आपका वचन निभाऊंगा। वीर शिबू जिंदाबाद - जिंदाबाद, जिंदाबाद। दिशोम गुरु अमर रहें। जय झारखंड, जय जय झारखंड।'
दिशोम गुरु के विदाई समारोह में जुटेंगे दिग्गज नेता, झामुमो कार्यकर्ताओं में शोक
5 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड आंदोलन के प्रणेता, पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार आज मंगलवार को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई प्रमुख नेता शिरकत करेंगे। इसके अलावा झारखंड और बिहार से भी तमाम दलों के वरिष्ठ नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में आमजन नेमरा पहुंचेंगे।
नेता प्रतिपक्ष, राज्य सरकार के मंत्री, झामुमो के पदाधिकारी, विपक्षी दलों के प्रतिनिधि और शिबू सोरेन के अनुयायी बड़ी संख्या में उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन और अंतिम यात्रा में शामिल होंगे। अंतिम संस्कार मंगलवार शाम तीन बजे उनके पैतृक गांव नेमरा में संपन्न होगा।
रांची में भावभीनी विदाई, विधानसभा और पार्टी कार्यालय में श्रद्धांजलि
अंतिम संस्कार से पूर्व शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर को रांची स्थित विधानसभा और झामुमो के केंद्रीय कार्यालय में ले जाया जाएगा। जहां पार्टी कार्यकर्ता, आमजन और राजनीतिक प्रतिनिधि उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यहां पर उनके राजनीतिक जीवन और योगदान को याद करते हुए शोक सभा भी आयोजित की जाएगी।
मोरहाबादी में उमड़ा जनसैलाब, सभी दलों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सोमवार को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उनका पार्थिव शरीर मोरहाबादी मैदान स्थित आवास पर लाया गया। यहां हजारों की संख्या में आम जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने उनके अंतिम दर्शन किए और पुष्पांजलि अर्पित की। पूरा परिसर शोक के वातावरण में डूबा हुआ था, जहां युवा से लेकर बुजुर्ग तक गुरुजी की स्मृतियों को साझा करते देखे गए।
इस दौरान झारखंड सरकार के सभी मंत्री, विधायक, वरिष्ठ नौकरशाह, भाजपा, आजसू और अन्य दलों के नेताओं ने भी गुरुजी के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके योगदान को याद करते हुए कई नेताओं ने इसे एक युग का अंत करार दिया।
रांची में लगे पोस्टर-बैनर
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जनजातीय नेता शिबू सोरेन को अंतिम विदाई देने के लिए पूरे राज्य में शोक की लहर है। राजधानी रांची के प्रमुख चौराहों और स्थानों पर 'अंतिम जोहार' (Last Salutation) संदेश के साथ बैनर, होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें दिवंगत नेता को ‘झारखंड राज्य निर्माता दिशोम गुरु शिबू सोरेन’ के रूप में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है।
रांची के करमटोली चौक पर लगाए गए एक बड़े होर्डिंग पर हिंदी में लिखा गया है – “अंतिम जोहार... विनम्र श्रद्धांजलि झारखंड राज्य निर्माता दिशोम गुरु शिबू सोरेन।” इस भावुक संदेश ने राहगीरों को भावुक कर दिया। एक स्थानीय नागरिक रमेश हांसदा (45) ने कहा, “झारखंड ने शिबू सोरेन जैसा कोई दूसरा नेता नहीं देखा। उनका योगदान हर झारखंडवासी के दिल में हमेशा जिंदा रहेगा।”
गठबंधन से नाराज़गी के बाद अब नीतीश पर भरोसा, चिराग ने किया समर्थन का एलान
4 Aug, 2025 04:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान इन दिनों अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. वो लगातार बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते आ रहे हैं. लेकिन अब उन्होंने कुछ ऐसा कहा है कि जिससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चिराग के मन में क्या चल रहा है. कल तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखे वार करने वाले चिराग अब उनकी तारीफ करते नजर आ रहे हैं.
चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व पर विश्वास जताया है. उनका कहना है ‘मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि नीतीश कुमार अगले पांच साल तक बिहार चलाने के लिए पूरी तरह से स्वस्थ और ठीक हैं। उनके नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा और एनडीए जीत भी दर्ज करेगा’.
‘नीतीश कुमार अगले 5 साल जारी रखने के लिए फिट’
दरअसल एक इंटरव्यू के दौरान जब चिराग सवाल किया गया कि क्या बिहार को यंग लीडरशिप की जरूरत है. क्या वो कॉन्फिडेंट हैं कि नीतीश कुमार अगले पांच के लिए सरकार चलाने के लिए फिट है . इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वो पूरी तरह के कॉन्फिडेंट हैं कि नीतीश कुमार अगले पांच साल जारी रखने के लिए पूरी तरह से फिट और फाइन हैं. मंत्री ने कहा कि वो चाहते हैं कि सीएम और ज्यादा स्वस्थ रहें और लंबे समय तक उनके अनुभव का लाभ बिहार को मिले.
‘बिहार को नीतीश कुमार के नेतृत्व की जरूरत’
इसके आगे चिराग पासवान ने ये भी कहा कि आज की तारीख में जिस दौर से गुजर रहा है, उसे अनुभवी नेतृत्व की जरूरत है. नीतीश कुमार ही हैं, जिन्होंने राज्य को ‘जंगल राज’ से निकालकर आज इस मुकाम तक पहुंचाया है. मंत्री ने कहा ‘हर राज्य में, हर सरकार में धीरे-धीरे जनरेशन शिफ्ट होता ही है. हर दल में हम लोगों ने जनरेशन शिफ्ट देखा है लेकिन अगर आप आज की तारीख की बात करें तो जो हालात आज बिहार के हैं उसे अनुभवी नेतृत्व की जरूरत है. उन्होंने कहा ‘आज की तारीख में 90 के दशक के जंगलराज के जिस दौर से बिहार को जो शख्स यहां तक लेकर आया है मैं मानता हूं कि अगले पांच साल बिहार को उन्हीं के ही हैं’.
‘विपक्ष मेरे शब्दों को तोड़ मरोड़कर पेश करता है’
वहीं चिराग ने कानून और व्यवस्था की स्थिति पर दिए गए अपने बयान पर भी सफाई दी. उन्होंने कहा ‘मैं केंद्र सरकार का हिस्सा हूं. मुझे मंच मिला है कि जनता की बात सरकार तक पहुंचा सकूं. मैं बिहार की सरकार में नहीं हूं, पर समर्थन कर रहा हूं. इसलिए जब कोई गंभीर मुद्दा सामने आता है, तो उसे मजबूती से उठाता हूं. विपक्ष मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर जनता को गुमराह करने की कोशिश करता है. विपक्ष जनता को भ्रमित करना चाहता है कि मैं एनडीए छोड़कर अकेले चुनाव लड़ेंगे’.
‘225 से ज्यादा सीटें जीतेगा NDA’
इसके सात ही केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि NDA एक मजबूत गठबंधन है और सभी सभी पांच दल एक साथ हैं. उन्होंने दावा किया कि NDA इस बार बिहार में 225 से ज्यादा सीटें जीतेगा. मंत्री ने कहा कि ‘विपक्ष ये साबित करने की कोशिश करता है कि चिराग अपनी सरकार को आंखें दिखा रहे हैं, जबकि हम सरकार के साथ है. उन्होंने कहा कि मेरा अपनी सरकार और नीतीश कुमार पर पूरा विश्वास है’.
‘नीतीश कुमार को सुशासन बाबू का नाम जनता ने दिया’
इसके साथ ही चिराग पासवान ने ये भी कहा कि जनता ने नीतीश कुमार को सुशासन बाबू का नाम इसलिए दिया क्योंकि उन्होंने ऐसे काम किए थे. काम की वजह से ही जनता ने उन्हें ये नाम दिया. उन्होंने कहा कि बिहार में आज भी अगर कहीं कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो बिहार में एक मात्र व्यक्ति जो अपने अनुभव से उन परिस्थितियों को नियंत्रित कर सकता है, उसका नाम नीतीश कुमार है.
वहीं बिहार में SIR को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ‘SIR की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि विपक्ष खुद हर चुनाव के बाद गड़बड़ी की शिकायत करता रहा है. उन्होंने कहा कि अब जब इस प्रक्रिया से गड़बड़ियों को सुधारा जा रहा है, तो वही लोग विरोध कर रहे हैं’.
शिक्षक अभ्यर्थियों की मांग पर नीतीश कुमार का फैसला, बिहार के युवाओं को प्राथमिकता
4 Aug, 2025 04:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार ने अब शिक्षक अभ्यर्थियों को बड़ी सौगात दी है। वह जिस चीज की मांग पिछले कई महीनों से कर रहे थे, उसे सीएम नीतीश कुमार ने सुन लिया है। उन्होंने बुधवार को इसका एलान कर दिया है। सोशल मीडिया पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि नवम्बर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही हमलोग शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
TRE-5 पहले STET लेने का सीएम नीतीश ने दिया निर्देश
सीएम नीतीश ने कहा कि शिक्षकों की बहाली में बिहार के निवासियों (DOMICILE) को प्राथमिकता देने हेतु शिक्षा विभाग को संबंधित नियम में आवश्यक संशोधन करने का निर्देश दिया गया है। यह चौथे शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) से ही लागू किया जाएगा। वर्ष 2025 में TRE-4 एवं वर्ष 2026 में TRE-5 का आयोजन किया जाएगा। TRE-5 के आयोजन के पूर्व STET का आयोजन करने का भी निदेश दिया गया है।
मुख्यमंत्री के नाम का गलत इस्तेमाल, फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र पर मचा बवाल
4 Aug, 2025 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार : मुजफ्फरपुर जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर और नाम का गलत इस्तेमाल कर फर्जी आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने की कोशिश का पर्दाफाश हुआ है। यह मामला जिले के सरैया प्रखंड से सामने आया है। राजस्व अधिकारियों की सजगता से प्रमाणपत्र जारी होने से पहले ही इस साजिश को पकड़ लिया गया।
राजस्व अंचलाधिकारी अभिषेक सिंह की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सरैया थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि यह हरकत मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने और प्रशासनिक प्रक्रिया को सवालों के घेरे में लाने की मंशा से की गई थी।
जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई को ऑनलाइन प्रमाणपत्र आवेदन की प्रक्रिया के दौरान एक अजीब आवेदन सामने आया। आवेदन में आवेदक का नाम नीतीश कुमारी, पिता का नाम लखन पासवान और माता का नाम लकिया देवी दर्ज था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि आवेदन में लगाए गए फोटो में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर लगी हुई थी।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर जानबूझकर यह फर्जी आवेदन किया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अंचलाधिकारी अभिषेक सिंह ने तुरंत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया।
अब पुलिस ऑनलाइन आवेदन करने वाले शख्स की पहचान करने में जुटी है। मामले की जांच का जिम्मा एसआई अनिल कुमार को सौंपा गया है। सरैया थाना प्रभारी सुभाष मुखिया ने भी एफआईआर दर्ज होने और जांच की पुष्टि की है। पुलिस को आशंका है कि इस मामले के पीछे कोई राजनीतिक साजिश हो सकती है। फिलहाल फर्जीवाड़े की जांच तकनीकी स्तर पर की जा रही है और आवेदनकर्ता की पहचान कर उससे पूछताछ की तैयारी चल रही है।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई: करोड़ों की ठगी करने वाला साइबर अपराधी कदमा से गिरफ्तार
4 Aug, 2025 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड से ठगी का एक मामला सामने आया है. यहां सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम के माध्यम से मेटल ट्रेडिंग में ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर निवेश के नाम पर लगभग 3 करोड़ (2 करोड़ 98 लाख लाख) रुपयों की ठगी की गई. पीड़ित ने झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) अंतर्गत संचालित साइबर थाने में अपने साथ हुई ठगी की शिकायत 28 जुलाई को दर्ज कराई.
शिकायत के आधार पर सीआईडी ने ठगी के इस मामले की जांच की और इसका खुलासा किया. सीआईडी के साइबर क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के इस मामले में जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र अंतर्गत शास्त्री नगर के रहने वाले साइबर ठग दिनेश कुमार को गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से मोबाइल, लैपटॉप समेत अन्य सामग्री जब्त की गई है. ये साइबर ठगी बेहद ही आधुनिक तरीके से की गई थी.
ऐसे की गई ठगी
इसके लिए पहले टेलीग्राम पर संचालित ग्लोबल इंडिया साइट पर एक लिंक बनाया गया. इस पर क्लिक करने पर सीधे शिकागो बोर्ड ऑफ ऑप्शंस एक्सचेंज में एक ऑनलाइन खाता खोल दिया गया. फिर मेटल ट्रेडिंग में ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर निवेश करने के नाम पर अलग-अलग खातों में से लगभग 3 करोड़ (2 करोड़ 98 लाख) की ठगी कर ली गई.
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राईम रिर्पोटिंग पोर्टल के माध्यम से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी के एक बैंक खाते जिसमें एक दिन में एक करोड़ 15 लाख क्रेडिट हुए थे, उस पर पहले से ही 3.29 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले उत्तर प्रदेश नोएडा के सेक्टर 36 और झारखंड में दर्ज हैं.
पूरे मामले की जांच जारी
पूरे मामले की जांच जारी है, ताकि इस अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े अन्य बैंक खातों, संचालक और उनकी डिजिटल संपत्तियों का पता लगाया जा सके. वहीं साइबर फ्रॉड से बचने के लिए झारखंड सीआईडी ने लोगों से अपील की है कि वो किसी भी सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे गए इन्वेस्टमेंट ऑफर और दोगुना रिटर्न से संबंधित लिंक पर क्लिक न करें.
किसी भी अनजान पोर्टल या ऐप पर रजिस्ट्रेशन ना करें. साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भेजे गए यूपीआई आईडी या बैंक अकाउंट पर पैसे जमा न करें. सिर्फ सरकार द्वारा अधिकृत एप्लीकेशन का ही उपयोग करें. किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड के शिकार होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवाएं.
इससे पहले रांची से आया था साइबर ठगी का मामला
इस घटना से पहले एक साइबर ठग ने केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर रांची के रहने वाले सेवानिवृत्ति व्यक्ति को 300 करोड़ के फर्जी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट किया था. फिर व्यक्ति से करीब 50 लाख रुपये ठगे थे. इस मामले में गुजरात के जूनागढ़ के 27 साल के साइबर ठग रवि हसमुखलाल गोधनिया को गिरफ्तार किया गया था.
मां ने 12 और 14 साल के बच्चों के साथ लगाई फांसी, रांची पुलिस कर रही जांच
4 Aug, 2025 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची : रविवार सुबह शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया। जगरनाथपुर थाना क्षेत्र के लटमा स्थित एक अपार्टमेंट में एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना में 14 वर्षीय बेटा, 12 वर्षीय बेटी और उनकी मां की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
स्थानीय लोगों ने बताया कि महिला और उसके पति के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। विवाद के बाद महिला अपने बच्चों के साथ अलग मकान में रहने लगी थी। महिला के पति का नाम ब्रजेश सिंह बताया जा रहा है, जो औरंगाबाद का रहने वाला है। उसी ने जगरनाथपुर थाना में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।
रविवार को जब वह महिला के घर पहुंचा तो घटना का पता चला। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार घटना के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आत्महत्या का कारण पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी या कोई अन्य कारण था। पुलिस पड़ोसियों, रिश्तेदारों और महिला के पति से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। इस हृदयविदारक घटना से पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है।
झारखंड में मौसम का बदला मिजाज, 4 दिन तक जारी रहेगी बरसात
4 Aug, 2025 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड : मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। यहां बिहार में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण झारखंड के संताल और पलामू प्रमंडल सहित चार जिलों हजारीबाग, कोडरमा, चतरा में सोमवार को कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में विभिन्न जिलों में अगले चार दिन तेज हवा के साथ वज्रपात का येलो अलर्ट है। अगले 24 घंटे में रांची में एक से दो बार हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है।
मौसम विभग ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान हजारीबाग में सबसे अधिक 78.4 मिमी बारिश हुई। गोड्डा में 73 मिमी, लातेहार में 57 मिमी, गढ़वा 54 मिमी, पूर्वी सिंहभूम में 38.4 मिमी, हजारीबाग में 37.6 मिमी, पाकुड़ में 33.6 मिमी के अलावा अन्य क्षेत्रों में हल्के से मध्य दर्जे की बारिश हुई। राज्य में एक जून से लेकर तीन अगस्त तक 788.4 मिमी बारिश हो चुकी है। यह 538.7 मिमी की सामान्य बारिश से 46% अधिक है। वहीं, रांची में इस समयावधि में 992 मिमी बारिश हुई, जो कि सामान्य वर्षापात 556.1 मिमी से 78 फीसदी अधिक है।
उत्तरी भाग में बारिश होने का कारण
मौसम विभाग के अनुसार बिहार के पश्चिमी-उत्तरी भाग पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैल गया है। इसके चलते झारखंड के उत्तरी भाग के जिलों में बारिश हो रही है। ऐसे में अगले चार दिन के लिए भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
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