बिहार-झारखण्ड
झारखंड की राजनीति को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक का निधन
14 Jul, 2026 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद। झारखंड सरकार के पूर्व कद्दावर मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्नान मल्लिक का दुखद निधन हो गया है। उन्होंने मंगलवार की सुबह रांची के पल्प अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से उम्र संबंधी विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे थे और 83 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर फैलते ही न केवल धनबाद, बल्कि संपूर्ण झारखंड और बिहार के राजनीतिक गलियारों में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनता तक हर कोई इस खबर से स्तब्ध है।
कांग्रेस पार्टी और कोयलांचल की राजनीति को भारी क्षति
मन्नान मल्लिक का राजनीतिक सफर बेहद शानदार और प्रेरणादायक रहा। वह पहली बार साल 2009 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर धनबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उनकी बढ़ती लोकप्रियता और प्रशासनिक क्षमताओं को देखते हुए उन्हें तत्कालीन हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे से कैबिनेट मंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए, जिसके कारण जनता के बीच उनकी एक अलग और बेहद मजबूत पहचान बनी हुई थी।
मजदूर राजनीति के बड़े और सर्वमान्य स्तंभ का अंत
राजनीतिक मंचों के साथ-साथ कोयलांचल की रीढ़ माने जाने वाले मजदूर संगठनों में भी मन्नान मल्लिक का एक बहुत बड़ा नाम था। वे श्रमिकों के हितों की रक्षा करने वाले प्रमुख संगठन राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ (आरसीएमएस) और राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उन्होंने जीवनभर खदानों में काम करने वाले गरीब मजदूरों और कामगारों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक लंबा संघर्ष किया, जिसके कारण वे मजदूर यूनियनों में बेहद लोकप्रिय थे।
श्रमिकों के हक की लड़ाई लड़ने वाले जुझारू नेता
धनबाद की स्थानीय और प्रांतीय राजनीति में मन्नान मल्लिक का प्रभाव किसी से छिपा नहीं था। उन्हें एक ऐसे जुझारू नेता के रूप में याद किया जाता है जो किसी भी विकट परिस्थिति में श्रमिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहते थे। कोयला क्षेत्र में काम करने वाले लाखों मजदूरों की समस्याओं को सरकार और प्रबंधन के सामने पुरजोर तरीके से उठाने में उन्हें महारत हासिल थी। उनके जाने से मजदूर आंदोलन के एक सुनहरे और संघर्षशील युग का अंत हो गया है।
विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने जताया गहरा शोक
उनके आकस्मिक निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मजदूर संगठनों ने गहरा दुख प्रकट किया है। सभी ने मन्नान मल्लिक के निधन को राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है और उनके द्वारा किए गए जनहित के कार्यों को याद किया है। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की तैयारी चल रही है।
अब देवघर से गुवाहाटी का सफर होगा आसान, 4 अगस्त से उड़ान सेवा शुरू
13 Jul, 2026 06:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देवघर। बाबा नगरी देवघर से असम के गुवाहाटी के लिए आगामी 4 अगस्त से सीधी विमान सेवा की शुरुआत होने जा रही है। इस नई हवाई सेवा के शुरू होने से न केवल देवघर बल्कि पूरे झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के हवाई यात्रियों को एक बड़ा और सीधा लाभ मिलेगा। अब यात्रियों को गुवाहाटी पहुंचने के लिए अन्य शहरों से होकर जाने वाली उड़ानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उनके समय की भारी बचत होगी।
सीधी विमान सेवा से समय की होगी बड़ी बचत
अब तक देवघर या आसपास के जिलों से असम जाने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स या फिर लंबी ट्रेन यात्रा का सहारा लेना पड़ता था, जिसमें काफी समय बर्बाद होता था। 4 अगस्त से शुरू हो रही इस सीधी उड़ान के बाद यात्री कुछ ही घंटों में देवघर से गुवाहाटी पहुंच सकेंगे। इस पहल से कारोबारी, नौकरीपेशा और आम यात्रियों के सफर का समय आधे से भी कम रह जाएगा, जिससे यात्रा बेहद सुगम और आरामदायक हो जाएगी।
बाबा बैद्यनाथ और कामाख्या धाम के बीच सीधा जुड़ाव
इस हवाई सेवा का सबसे बड़ा लाभ तीर्थयात्रियों और धार्मिक पर्यटन को मिलने वाला है। देवघर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम और गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कामाख्या धाम अब सीधे हवाई मार्ग से जुड़ जाएंगे। इस सीधी कनेक्टिविटी के कारण दोनों प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पूर्वोत्तर भारत के साथ मजबूत होंगे व्यापारिक संबंध
झारखंड और असम के बीच इस सीधे हवाई संपर्क से दोनों राज्यों के व्यापारिक और व्यावसायिक रिश्तों को एक नई मजबूती मिलेगी। गुवाहाटी को पूर्वोत्तर भारत का मुख्य प्रवेश द्वार माना जाता है, ऐसे में देवघर से सीधी उड़ान शुरू होने से व्यापार, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में लोगों का आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा। इससे दोनों क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी एक नई गति मिलने की संभावना है।
देवघर एयरपोर्ट से विमानन सेवाओं का हो रहा विस्तार
देवघर हवाई अड्डे से लगातार नए शहरों के लिए विमान सेवाएं शुरू की जा रही हैं, जो इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाती हैं। उड्डयन मंत्रालय और संबंधित विमानन कंपनियों के इस साझा प्रयास से देवघर एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही और यात्रियों के फुटफॉल में तेजी से इजाफा हो रहा है। आने वाले दिनों में यहां से कुछ अन्य महत्वपूर्ण शहरों के लिए भी सीधी उड़ानें शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है।
16 से 21 जुलाई तक कई ट्रेनें रद्द, कुछ गाड़ियों का बदला रूट; देखें पूरी सूची
13 Jul, 2026 05:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिवान। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के अंतर्गत आने वाले गोरखपुर कैंट-उनौला रेलखंड पर पैच दोहरीकरण और नॉन इंटरलॉकिंग (एनआई) के महत्वपूर्ण विकास कार्यों के चलते आगामी 16 से 21 जुलाई तक रेल यातायात व्यापक रूप से प्रभावित रहने वाला है। रेलवे प्रशासन द्वारा इस रूट पर तकनीकी सुधार और ट्रैक अपग्रेडेशन का काम तेजी से किया जा रहा है, जिसके कारण कई प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है, जबकि कई अन्य ट्रेनों के रूट में बड़ा बदलाव किया गया है। मार्ग परिवर्तन के इस फैसले के चलते सिवान जंक्शन होकर गुजरने वाली अधिकांश लंबी दूरी की एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव अस्थायी रूप से पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
पांच प्रमुख स्टेशनों के हजारों रेल यात्रियों को झेलनी पड़ेगी भारी परेशानी
रेलवे के इस मेगा ब्लॉक और ट्रेनों के मार्ग परिवर्तन का सबसे बड़ा और सीधा असर सिवान, जीरादेई, मैरवा, भटनी और देवरिया सदर रेलवे स्टेशनों से सफर करने वाले हजारों दैनिक और लंबी दूरी के यात्रियों पर पड़ने जा रहा है। इन स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव न होने के कारण यात्रियों के सामने अचानक यात्रा का संकट खड़ा हो गया है। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अब इन क्षेत्र के लोगों को भारी असुविधाओं के बीच अन्य वैकल्पिक साधनों या अन्य रूटों से जाने वाली ट्रेनों का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे उनके समय और पैसे दोनों का नुकसान होना तय है।
गोरखपुर कैंट-उनौला रेलखंड पर दोहरीकरण और नॉन इंटरलॉकिंग का बड़ा काम शुरू
रेलवे अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, रेल विकास की दूरगामी योजनाओं के तहत गोरखपुर कैंट से उनौला के बीच पैच दोहरीकरण के काम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली को जोड़ने के लिए नॉन इंटरलॉकिंग का तकनीकी कार्य भी बेहद अनिवार्य है, जिसके लिए यह विशेष ब्लॉक लिया गया है। हालांकि इस कार्य के पूरा हो जाने के बाद भविष्य में इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और समय की बचत होगी, लेकिन वर्तमान में छह दिनों तक यात्रियों को इस निर्माण कार्य के चलते कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से की यात्रा से पूर्व ट्रेन स्टेटस चेक करने की अपील
अचानक हुए इस बदलाव और ट्रेनों के निरस्तीकरण को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने आम जनता और यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण गाइडलाइन और अपील जारी की है। रेलवे ने सभी यात्रियों को सख्त सुझाव दिया है कि वे अपने घरों से रेलवे स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले अपनी संबंधित ट्रेन की वर्तमान लाइव स्थिति, संशोधित समय सारणी और अलॉटेड प्लेटफॉर्म की सटीक जानकारी अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लें। इसके लिए यात्री रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, अधिकृत मोबाइल एप्लीकेशन या नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम के हेल्पलाइन नंबरों की मदद ले सकते हैं।
लंबी दूरी की अधिकांश महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव अस्थायी रूप से रहेगा बंद
इस छह दिवसीय विशेष ब्लॉक अवधि के दौरान सिवान रूट से होकर देश के विभिन्न महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और गुवाहाटी जाने वाली अधिकांश महत्वपूर्ण ट्रेनों को डाइवर्टेड रूट से चलाया जाएगा। डाइवर्ट किए गए रूटों पर चलने के कारण ये ट्रेनें सिवान और उसके आसपास के छोटे स्टेशनों पर बिना रुके सीधे अपने नए तय मार्ग से निकल जाएंगी। रेल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही 21 जुलाई को नॉन इंटरलॉकिंग और पैच दोहरीकरण का यह तकनीकी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो जाएगा, वैसे ही सभी प्रभावित ट्रेनों का परिचालन और उनका पूर्व निर्धारित ठहराव दोबारा से पूरी तरह सुचारू कर दिया जाएगा।
बिहार-यूपी कनेक्टिविटी में बड़ा कदम, आरा-बलिया फोरलेन का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद
13 Jul, 2026 05:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा। बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी को एक नई तथा अभूतपूर्व रफ्तार देने वाली बेहद महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना अब धरातल पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस दिशा में एक बड़ा और ठोस कदम उठाते हुए आरा से बैरिया होते हुए बलिया तक बनने वाली अत्याधुनिक फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 1564.19 करोड़ रुपये का बड़ा वैश्विक टेंडर आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है। इस मार्ग के तैयार होने से दोनों राज्यों के बीच व्यापार, परिवहन और आम जनजीवन में एक बड़ा और युगांतरकारी बदलाव देखने को मिलेगा।
बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच अंतरराज्यीय संपर्क को मिलेगी नई रफ्तार
इस महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना के निर्माण से बिहार के भोजपुर जिले और उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बीच की दूरी न केवल बेहद कम हो जाएगी, बल्कि यात्रा का समय भी आधा रह जाएगा। वर्तमान में दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच यातायात को कई तरह की दिक्कतों और संकरे रास्तों का सामना करना पड़ता था। इस नए और चौड़े राजमार्ग के अस्तित्व में आने से वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच न सिर्फ सामाजिक संबंध प्रगाढ़ होंगे बल्कि आर्थिक विकास के नए द्वार भी खुलेंगे।
ईपीसी मोड पर तैयार होगी पंद्रह सौ करोड़ से अधिक की यह महापरियोजना
एनएचएआई द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस फोरलेन सड़क का संपूर्ण निर्माण कार्य पूरी तरह से इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड के आधार पर किया जाएगा। इस विशेष तकनीक और अनुबंध प्रणाली के तहत निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे सड़क लंबे समय तक सुरक्षित और मजबूत बनी रहे। सरकार द्वारा स्वीकृत की गई 1564.19 करोड़ रुपये की यह विशाल धनराशि इस पूरे रूट पर पुल-पुलियाओं के निर्माण, आधुनिक डिवाइडर और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने में खर्च की जाएगी।
सड़क निर्माण के लिए तय की गई चार वर्ष की समय सीमा और पांच साल का मेंटेनेंस
इस टेंडर प्रक्रिया के तहत काम पाने वाली संबंधित निर्माण एजेंसी के लिए सरकार ने बेहद सख्त और स्पष्ट नियम तय किए हैं। निर्माण कंपनी को कार्य आवंटन के बाद अधिकतम चार वर्षों की समय सीमा के भीतर इस पूरे फोरलेन मार्ग का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा करके एनएचएआई को सौंपना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, सड़क के बन जाने के बाद भी अगले पांच वर्षों तक इस पूरे मार्ग की देखरेख, मरम्मत और मेंटेनेंस की पूरी कानूनी और वित्तीय जिम्मेदारी भी उसी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी, जिससे जनता को गड्ढामुक्त सफर मिल सके।
क्षेत्रीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा और विकास को लगेंगे नए पंख
आरा से बलिया के बीच इस सुगम और तीव्र सड़क संपर्क का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्रीय व्यापारियों, किसानों और आम जनता को मिलने जा रहा है। कृषि उत्पादों को एक राज्य से दूसरे राज्य की मंडियों तक कम समय में सुरक्षित पहुंचाना अब बेहद आसान हो जाएगा, जिससे मालभाड़े में कमी आएगी और किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा।
अब कुंडली से ज्यादा भरोसा जेनेटिक टेस्टिंग पर, पलामू में लोग करा रहे DNA जांच
13 Jul, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेदिनीनगर। बदलते दौर के साथ परिवार नियोजन को लेकर समाज और युवा पीढ़ी की सोच में एक बड़ा और सकारात्मक क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। पलामू जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में अब पारंपरिक रूढ़ियों को पीछे छोड़कर लोग आधुनिक विज्ञान को अपना रहे हैं। जहां पहले शादियों से ठीक पूर्व केवल युवक-युवती की कुंडली मिलान को ही सबसे बड़ी प्राथमिकता दी जाती थी, वहीं अब लोग आने वाली भावी पीढ़ी के उत्तम स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए आनुवांशिक जांच को अधिक तवज्जो दे रहे हैं।
आने वाली पीढ़ी को आनुवांशिक बीमारियों से सुरक्षित रखने का बढ़ा चलन
पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर आए इस वैचारिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य होने वाले बच्चों को जन्मजात और गंभीर आनुवांशिक बीमारियों के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित रखना है। आज का जागरूक युवा वर्ग विवाह बंधन में बंधने या माता-पिता बनने से पहले जेनेटिक टेस्टिंग कराने को अपनी जिम्मेदारी समझ रहा है। इस आधुनिक चिकित्सीय जांच के प्रति बढ़ते रुझान के कारण चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भी एक नई जागरूकता का संचार हुआ है, जो भविष्य के स्वस्थ समाज की एक मजबूत आधारशिला रख रहा है।
गर्भधारण की योजना बना रहे दंपतियों के बीच प्री-कन्सेप्शन जेनेटिक टेस्टिंग की बढ़ी मांग
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, विशेष रूप से ऐसे दंपति जो निकट भविष्य में माता-पिता बनने या गर्भधारण की योजना बना रहे हैं, उनके बीच 'प्री-कन्सेप्शन जेनेटिक टेस्टिंग' यानी गर्भधारण पूर्व आनुवांशिक जांच की मांग में अप्रत्याशित रूप से भारी तेजी आई है। युवा जोड़े अब अपनी मर्जी से स्त्री रोग विशेषज्ञों और जेनेटिक काउंसलर्स के पास पहुंचकर इस विशिष्ट जांच के तकनीकी पहलुओं को समझ रहे हैं और स्वेच्छा से आगे बढ़कर विभिन्न प्रकार के ब्लड टेस्ट और स्क्रीनिंग करवा रहे हैं।
पति-पत्नी के आनुवांशिक कैरियर होने और बच्चों में बीमारी ट्रांसफर होने का चलता है पता
इस आधुनिक आनुवांशिक जांच के फायदों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से यह बेहद सटीकता से पता लगाया जा सकता है कि पति या पत्नी में से कोई किसी छिपी हुई आनुवांशिक बीमारी का वाहक अर्थात कैरियर है या नहीं। कई बार माता-पिता सामान्य और पूरी तरह स्वस्थ दिखते हैं, लेकिन उनके जींस में कुछ दोष मौजूद होते हैं। यह जांच समय रहते यह स्पष्ट कर देती है कि उनके होने वाले शिशु में वह गंभीर बीमारी पहुंचने की कितनी प्रतिशत संभावना है।
थैलेसीमिया और हीमोफीलिया जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाव में मददगार है आधुनिक विज्ञान
इस जेनेटिक स्क्रीनिंग के जरिए थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, सिकल सेल एनीमिया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी बेहद दर्दनाक और लाइलाज आनुवांशिक बीमारियों के संक्रमण को अगली पीढ़ी में जाने से प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। समय रहते मिली इस सटीक वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर डॉक्टर दंपतियों को सुरक्षित गर्भधारण के आधुनिक विकल्पों और सही उपचार की सलाह देते हैं। समाज में तेजी से फैल रही यह वैज्ञानिक चेतना आने वाले समय में स्वास्थ्य के बजट को कम करने और देश को एक सेहतमंद व निरोगी भविष्य देने में बेहद मददगार साबित होगी।
एक दिन में दो चोरी से दहला रांची, 22 लाख से अधिक के आभूषण लेकर फरार चोर
13 Jul, 2026 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। राजधानी में लगातार हो रही बड़ी चोरियों ने पुलिस की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस अभी अशोक नगर में हुई चोरी की गुत्थी सुलझा भी नहीं पाई थी कि बेखौफ अपराधियों ने दो और बड़ी वारदातों को अंजाम देकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी है।
बेखौफ चोरों का तांडव
शहर में शातिर अपराधियों का हौसला इस कदर बढ़ गया है कि उन्हें अब कानून का कोई डर नहीं रह गया है। एक तरफ जहां पुलिस पुरानी घटनाओं की तफ्तीश में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ अपराधी एक के बाद एक नई वारदातों को अंजाम देकर आसानी से रफूचक्कर हो रहे हैं। इस ताजा घटनाक्रम ने स्थानीय निवासियों के बीच असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।
जगरनाथपुर में बड़ी सेंधमारी
वारदात का पहला मामला जगरनाथपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां चोरों ने एक सूने घर को अपना निशाना बनाया। अपराधियों ने बेहद शातिर तरीके से घर के भीतर प्रवेश किया और वहां रखे 10 लाख रुपये से अधिक के कीमती सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेट कर फरार हो गए। पीड़ित परिवार को जब इस बात भनक लगी, तब तक चोर अपना काम तमाम कर चुके थे।
नगड़ी में दिनदहाड़े लूट
दूसरी सनसनीखेज वारदात नगड़ी थाना क्षेत्र के नारो बाजार में देखने को मिली, जहां अपराधियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दीं। यहां व्यस्त बाजार के बीच दिनदहाड़े एक ज्वेलर्स की बाइक की डिक्की को निशाना बनाया गया। घात लगाए बैठे शातिर अपराधियों ने पलक झपकते ही डिक्की का लॉक तोड़ा और उसमें रखे करीब 12 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण लेकर रफूचक्कर हो गए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इन बैक-टू-बैक वारदातों के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यशैली, गश्त और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। दिनदहाड़े और व्यस्त इलाकों में हो रही इन घटनाओं से साफ है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है, जिससे आम जनता और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
फैजल खान मामले में राहत, सहयोगियों और अंगरक्षकों को भी कोर्ट से मिली जमानत
13 Jul, 2026 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के चर्चित शिक्षक फैजल खान और रौशन आनंद के बीच उपजे हालिया विवाद में सोमवार को एक बहुत बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। राजधानी पटना की स्थानीय अदालत में फायरिंग मामले से जुड़ी अग्रिम जमानत याचिका पर बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैजल खान को एक बहुत बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है, जिससे उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है।
फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने दी मंजूरी
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए फैजल खान के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार ने बताया कि अदालत ने उनके मुवक्किल की अग्रिम जमानत याचिका को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के बाद से ही खान सर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी, लेकिन अदालत के इस नए फैसले के बाद अब उनकी गिरफ्तारी पर पूरी तरह से रोक लग गई है। बचाव पक्ष ने अदालत के सामने अपना दृष्टिकोण बेहद मजबूती के साथ रखा था।
तीन प्रमुख सहयोगियों को भी मिली अग्रिम राहत
अदालत से राहत पाने वालों में केवल फैजल खान ही अकेले शामिल नहीं हैं, बल्कि उनके साथ काम करने वाले तीन अन्य करीबी सहयोगियों को भी इस मामले में अग्रिम जमानत मिल गई है। पुलिस अनुसंधान और कानूनी प्रक्रिया के दौरान इन सहयोगियों पर भी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही थी, मगर अदालत ने सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा करने के बाद खान सर के साथ-साथ उनके इन तीनों सहयोगियों की याचिका को भी न्यायोचित मानते हुए मंजूर कर लिया।
जेल में बंद दो निजी सुरक्षाकर्मियों की नियमित जमानत मंजूर
इस पूरे विवाद और फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खान सर के दो निजी बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। सोमवार को हुई इस विशेष सुनवाई में अदालत ने जेल में बंद इन दोनों सुरक्षाकर्मियों की नियमित जमानत याचिका पर भी अपना सकारात्मक फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब उनके जेल से बाहर आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
नियमानुसार जारी रहेगी अदालती कार्यवाही और कानूनी प्रक्रिया
बचाव पक्ष के वकीलों ने स्पष्ट किया है कि भले ही इस समय फैजल खान, उनके सहयोगियों और सुरक्षाकर्मियों को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है, लेकिन इस पूरे मामले की मुख्य न्यायिक सुनवाई और जांच आगे भी कानून के दायरे में नियमानुसार जारी रहेगी। अदालत के इस ताजा आदेश की प्रति मिलने के बाद सभी संबंधित पक्ष अब आगे की जरूरी कागजी और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने की तैयारी में जुट गए हैं ताकि इस आदेश को धरातल पर प्रभावी कराया जा सके।
पूर्णिया में घर के फर्श से निकले दर्जनों जहरीले सांप, नजारा देख उड़ गए लोगों के होश
13 Jul, 2026 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खौफनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के लोगों को दहशत में डाल दिया है। यहाँ प्रखंड क्षेत्र की खपड़ा पंचायत अंतर्गत कानिमालदह भटवार गांव में एक पक्के मकान के भीतर से तीन दर्जन से ज्यादा बेहद जहरीले सांप निकलने से हड़कंप मच गया। गांव के निवासी पांडव बोसाक के पक्के मकान के फर्श की जैसे ही खुदाई शुरू हुई, वहां से एक के बाद एक खतरनाक कोबरा सांप निकलने लगे, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए और पूरे इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बन गई।
फर्श के नीचे छिपा था सांपों का संसार और विशाल गेहुमन
घर के मालिक पांडव बोसाक ने बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्य पिछले कई महीनों से इसी पक्के मकान में रह रहे थे। कुछ दिनों पहले घर के कमरों में अजीब सी सरसराहट और फुफकार की आवाजें सुनाई देने लगीं, जिससे परिवार को फर्श के नीचे सांपों का घर होने की तगड़ी आशंका हुई। खतरे को भांपते हुए उन्होंने तुरंत एक पेशेवर सपेरे को बुलाया और जैसे ही कमरे के एक कोने में खुदाई शुरू की गई, जमीन के अंदर का खौफनाक नजारा देख सपेरे के भी पसीने छूट गए क्योंकि नीचे सांपों का पूरा कुनबा मौजूद था।
एक के बाद एक रेंगते निकले छत्तीस से ज्यादा सपोले
जमीन के भीतर से एक विशालकाय और बेहद गुस्सैल गेहुमन सांप के साथ उसके तीन दर्जन से अधिक सक्रिय और जहरीले सपोले रेंगते हुए बाहर आने लगे। पक्के मकान से सांपों की इतनी भारी फौज निकलती देख मौके पर जुटे सैकड़ों ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए पीछे की तरफ भागने लगे। स्थानीय समाजसेवी मोहम्मद रमजान ने बताया कि पीड़ित का पूरा परिवार इस घटना के बाद से गहरे सदमे में है और अब आसपास के लोग भी खौफ और डर के साए में जीने को मजबूर हैं कि कहीं उनके घरों में भी ऐसी स्थिति न हो।
सपेरे ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी नागों को डिब्बे में किया बंद
सपेरे ने अपनी जान जोखिम में डालकर करीब दो घंटे की भारी मशक्कत के बाद सभी छत्तीस से ज्यादा छोटे-बड़े जहरीले सांपों को सुरक्षित पकड़कर थैलों और डिब्बों में बंद किया। इस अजीबोगरीब और डरावनी घटना की भनक लगते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की विशेष रेस्क्यू टीम ने गांव पर अपनी पैनी नजर बना ली है, ताकि पकड़े गए सभी सांपों को सुरक्षित रूप से घने जंगल में छोड़ा जा सके और इंसानी आबादी को इनसे किसी प्रकार का खतरा न रहे।
एहतियात के तौर पर गांव के अन्य हिस्सों में सर्च ऑपरेशन शुरू
इस बड़ी घटना के सामने आने के बाद वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। फिलहाल एहतियात के तौर पर पांडव बोसाक के घर के आसपास के अन्य कच्चे-पक्के मकानों, झाड़ियों और खेतों में भी सपेरे की मदद से सघन सर्च ऑपरेशन चलाकर अन्य सांपों की तलाश की जा रही है ताकि मानसून के इस मौसम में किसी भी अन्य अप्रिय घटना या सर्पदंश से ग्रामीणों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।
बुजुर्ग को बैंक रसीद में दिखा अरबपति बनने का आंकड़ा, जानिए पूरा मामला
13 Jul, 2026 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर:समस्तीपुर जिले के सरायरंजन प्रखंड अंतर्गत गावपुर गांव में एक ट्रांजेक्शन रसीद ने अचानक पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। दरअसल, एक 80 वर्षीय वृद्ध पेंशनधारी जब अपनी 1100 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन की राशि निकालने के लिए एक ग्राहक सेवा केंद्र पर पहुंचे, तो वहां से मिली रसीद को देखकर हर कोई दंग रह गया। भारत ईश्वर नाम के इस बुजुर्ग को थमाई गई रसीद में उनके खाते का उपलब्ध बैलेंस 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये 78 पैसे अंकित था। यह हैरान करने वाला आंकड़ा सामने आते ही न सिर्फ बुजुर्ग और केंद्र संचालक के होश उड़ गए, बल्कि आसपास मौजूद लोग भी अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे।
गांव में तेजी से फैली खबर और रसीद देखने के लिए उमड़ पड़ी भारी भीड़
यह अनोखी घटना सरायरंजन प्रखंड की नोआचक पंचायत के गावपुर गांव में उस समय हुई जब बुजुर्ग भारत ईश्वर आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के माध्यम से अपनी पेंशन राशि की निकासी करने पहुंचे थे। जैसे ही पैसे निकालने की प्रक्रिया पूरी हुई और रसीद पर अरबों रुपये का बैलेंस चमकता हुआ दिखाई दिया, यह खबर आग की तरह पूरे गांव और पड़ोसी इलाकों में फैल गई। देखते ही देखते ग्राहक सेवा केंद्र पर ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। हर कोई अपनी आंखों से उस चमत्कारी रसीद को देख लेना चाहता था, जिसके कारण एक बेहद सामान्य परिवार का बुजुर्ग अचानक कागजों पर अरबपति बन चुका था। दिनभर इस अजीबोगरीब मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और कयासों का दौर चलता रहा।
बैंक शाखा में जांच के बाद खुला राज और मात्र 500 रुपये निकला वास्तविक बैलेंस
मामले को बढ़ता देख और अपनी उत्सुकता शांत करने के लिए भारत ईश्वर तुरंत सरायरंजन स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा पहुंचे। वहां मौजूद शाखा प्रबंधक ने जब उनके खाते की गहनता से तकनीकी जांच की, तो पूरी असलियत खुलकर सामने आ गई। बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उस खाते में वास्तव में किसी भी तरह की कोई बड़ी धनराशि जमा नहीं हुई थी। बुजुर्ग के खाते का वास्तविक शेष मात्र 500 रुपये था और उसमें किसी भी प्रकार के असामान्य या संदेहास्पद वित्तीय लेन-देन का कोई विवरण मौजूद नहीं था।
बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी खामी बनी कारण और अफवाहों से बचने की सलाह
शाखा प्रबंधक रोहित कुमार ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि ट्रांजेक्शन रसीद में अरबों रुपये की यह काल्पनिक राशि दिखाई देना विशुद्ध रूप से बैंकिंग सिस्टम की एक तकनीकी त्रुटि का नतीजा है। इस गंभीर खामी की पूरी रिपोर्ट क्षेत्रीय कार्यालय को तुरंत भेज दी गई है ताकि तकनीकी टीम इसकी जांच कर इसे स्थाई रूप से ठीक कर सके। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता और खाताधारकों से यह विशेष अपील भी की है कि भविष्य में अगर कभी भी उनके खातों में ऐसी कोई असामान्य या अविश्वसनीय जानकारी दिखाई दे, तो वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा करने के बजाय सीधे अपनी संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।
दोहरे हत्याकांड का आरोपी एनकाउंटर में घायल, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
13 Jul, 2026 09:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली: बिहार के वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पिता-पुत्र दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी जगदीश राय पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया है। पुलिस की टीम आरोपी को पकड़ने के लिए इलाके में दबिश देने पहुंची थी, जिसके बाद आरोपी ने पुलिस को देखते ही उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर की फायरिंग
पुलिस टीम जब कुख्यात आरोपी को दबोचने के लिए उसके ठिकाने पर पहुंची, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिसकर्मियों पर सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस टीम ने भी बिना वक्त गंवाए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पुलिस की ओर से चलाई गई गोली आरोपी जगदीश राय के पैर में जा लगी और वह वहीं ढेर हो गया।
सेना के जवान और उनके पिता की हत्या का है आरोप
घायल अवस्था में आरोपी को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी सदर अस्पताल भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जगदीश राय पर महज एक दिन पहले ही देश की सेवा में तैनात एक सेना के जवान और उनके बुजुर्ग पिता की सरेआम गोली मारकर बेरहमी से हत्या करने का संगीन आरोप है, जिसके बाद से ही वह फरार चल रहा था।
मुठभेड़ की सूचना पर मौके के लिए रवाना हुए एसपी
इस बड़े एनकाउंटर और पुलिस मुठभेड़ की भनक लगते ही वैशाली के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। जिले के आला अधिकारी इस पूरे मामले की कमान खुद संभाल रहे हैं और घटना से जुड़े हर पहलू पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि इलाके में कानून व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रहे।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, जांच प्रक्रिया शुरू
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे बिदुपुर थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल की मुस्तैदी बढ़ा दी गई है। स्थानीय पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की गहराई से कानूनी जांच में जुटा हुआ है और अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के स्वस्थ होते ही उससे आगे की पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य कड़ियों का पर्दाफाश किया जाएगा।
पटना में बिहार पुलिस की तैयारी कर रही 18 वर्षीय युवती रहस्यमय ढंग से लापता, परिजनों ने जताई अपहरण की आशंका
12 Jul, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी पटना से बिहार पुलिस की भर्ती की तैयारी कर रही 18 वर्षीय युवती के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। युवती के परिजनों ने दीघा थाना में लिखित आवेदन देकर बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग की है। परिवार ने आशंका जताई है कि युवती का अपहरण किया गया हो सकता है और मामले में जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, मामला दीघा थाना क्षेत्र का है। युवती के पिता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि उनकी 18 वर्षीय बेटी 5 जुलाई की सुबह करीब 4.30 बजे घर से यह कहकर निकली थी कि वह बिहार पुलिस भर्ती की तैयारी के तहत दीघा फिजिकल ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण के लिए जा रही है। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी। जब काफी देर तक युवती का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों, परिचितों और सहेलियों से संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिली। परिवार ने युवती के मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका मोबाइल लगातार बंद मिला, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई। परिजनों के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवती की एक सहेली ने बताया कि दोनों अकादमी से एक साथ घर लौट रही थीं। रास्ते में एक मेडिकल स्टोर के पास दोनों अलग हो गईं। इसके बाद युवती कहां गई, इसकी जानकारी उसे भी नहीं है। युवती के पिता का कहना है कि उनकी बेटी पहले कभी बिना बताए घर से नहीं गई थी। अचानक उसके लापता होने से पूरा परिवार मानसिक तनाव में है। उन्होंने पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द बेटी की बरामदगी सुनिश्चित करने तथा यदि किसी ने उसका अपहरण किया है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल दीघा थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। साथ ही मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवती की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
अरवल में भीषण सड़क हादसा: हाईवा-टेम्पो की टक्कर में चार की मौत, एनएच- 139 पर मचा कोहराम
12 Jul, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अरवल। बिहार के अरवल जिले में एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सदर थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर फतेहपुर संडा के समीप तेज रफ्तार हाईवा ट्रक और टेम्पो की आमने-सामने की जोरदार टक्कर में टेम्पो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा इतना भयावह था कि टेम्पो में सवार चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अरवल भेज दिया तथा मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी। मृतकों की पहचान परासी थाना क्षेत्र निवासी राजगीर राम, उनकी पत्नी मनीषा देवी, गुमटी विगहा निवासी अमरजीत कुमार तथा अरवल जिले के भदासी निवासी रामदयाल के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के घरों में मातम पसर गया। सदर अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल हाईवा ट्रक को जब्त कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इधर, इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
BSAP के 2009 बैच के जवानों का सरकार से न्याय की गुहार, कहा– समान भर्ती के बावजूद पदोन्नति और वेतन में हो रहा भेदभाव
12 Jul, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP/BMP) के वर्ष 2009 बैच के जवानों ने सरकार से वरिष्ठता, पदोन्नति और वेतनमान में कथित असमानता को दूर करने की मांग की है। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जवानों ने आरोप लगाया कि समान भर्ती प्रक्रिया और समान प्रशिक्षण के बावजूद उन्हें जिला पुलिस और रेल पुलिस के जवानों की तुलना में पदोन्नति और आर्थिक लाभ से वंचित रखा जा रहा है। जवानों का कहना है कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2009 के विज्ञापन के तहत बिहार पुलिस अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अनुसार हुई थी। इसी भर्ती प्रक्रिया के तहत जिला पुलिस, रेल पुलिस और BSAP/BMP के जवानों का चयन हुआ था। तीनों संवर्गों की शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा, चयन प्रक्रिया और प्रशिक्षण पूरी तरह समान थे। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नियुक्ति के बाद केवल BSAP/BMP के जवानों की वरिष्ठता अलग कर दी गई, जबकि जिला पुलिस और रेल पुलिस की वरिष्ठता एक समान रखी गई। जवानों का कहना है कि इस निर्णय का सीधा असर उनकी पदोन्नति और सेवा संबंधी अधिकारों पर पड़ा है। जवानों ने बताया कि उनके ही बैच के जिला पुलिस के कर्मी अब सहायक अवर निरीक्षक (ASI) के पद पर पदोन्नत हो चुके हैं। इतना ही नहीं, वर्ष 2010 में नियुक्त कई जूनियर कर्मी भी ASI बन गए हैं, जबकि BSAP/BMP के वर्ष 2009 बैच के जवान आज भी सिपाही के पद पर कार्यरत हैं। वहीं वर्ष 2007 बैच के कई जवानों को अब तक हवलदार पद पर भी पदोन्नति नहीं मिल सकी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था के कारण उन्हें दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ओर पदोन्नति में वर्षों की देरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर वेतनमान में भी अंतर बना हुआ है। जिला पुलिस में ASI बनने पर लेवल-5 का वेतनमान मिलता है, जबकि BSAP/BMP में हवलदार बनने पर केवल लेवल-4 का वेतनमान मिलता है। इससे समान भर्ती और समान प्रशिक्षण के बावजूद पद, वेतन और सम्मान—तीनों स्तरों पर असमानता पैदा हो रही है। जवानों ने यह भी कहा कि सबसे अधिक पीड़ादायक स्थिति तब होती है, जब उनके जूनियर अधिकारी बन जाने के बाद सेवा नियमों के तहत उन्हें सलामी देते हैं। इससे BSAP/BMP के जवानों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंच रही है। प्रेस विज्ञप्ति में जवानों ने कहा कि BSAP/BMP के कर्मी भी कानून-व्यवस्था, दंगा नियंत्रण, चुनाव ड्यूटी, वीआईपी सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में समान रूप से अपनी सेवाएं देते हैं। इसके बावजूद उनके साथ अलग व्यवहार किया जाना न्यायसंगत नहीं है। जवानों ने मीडिया के माध्यम से बिहार सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि BSAP/BMP के जवानों के साथ वरिष्ठता एवं पदोन्नति में हो रही विसंगतियों को दूर किया जाए तथा समान भर्ती और समान प्रशिक्षण के आधार पर समान अवसर, समान पदोन्नति और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
समस्तीपुर आरपीएफ पोस्ट की छत तोड़कर शराब तस्करी के दो आरोपी फरार, चार रेलकर्मी निलंबित
12 Jul, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर। समस्तीपुर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट से शराब तस्करी के मामले में गिरफ्तार दो आरोपी तड़के छत का एस्बेस्टस हटाकर फरार हो गए। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर रेल मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त ने ड्यूटी पर तैनात एक सब-इंस्पेक्टर समेत चार रेलकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फरार आरोपियों की पहचान दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर निवासी सौरभ कुमार सुमन तथा समस्तीपुर शहर के पेठियागाछी निवासी अर्जुन कुमार के रूप में हुई है। दोनों को शुक्रवार रात समस्तीपुर स्टेशन के बरौनी छोर स्थित वॉशिंग पिट क्षेत्र से 191 बोतल विदेशी शराब के साथ आरपीएफ और रेलवे की सीआईबी टीम ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए RPF पोस्ट के पीछे बने कमरे में रखा गया था। बताया जा रहा है कि रात के दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मी अन्य कार्यों में व्यस्त थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपियों ने कमरे की पुरानी एस्बेस्टस की छत खोल दी और रेलवे स्टेशन की ओर निकलकर फरार हो गए। कुछ देर बाद जब पुलिसकर्मी कमरे में पहुंचे तो दोनों बंदी गायब मिले और छत का एस्बेस्टस खुला हुआ था। इसके बाद तत्काल रेलवे कंट्रोल को सूचना दी गई और समस्तीपुर नगर थाना तथा दलसिंहसराय थाना पुलिस के सहयोग से विभिन्न स्थानों पर छापेमारी शुरू की गई। हालांकि समाचार लिखे जाने तक दोनों आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल सका था। घटना के बाद आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर पी.के. चौधरी ने समस्तीपुर जीआरपी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष कुमार ने लापरवाही बरतने के आरोप में ऑन-ड्यूटी सब-इंस्पेक्टर पी.के. चौधरी, सीआईबी के सिपाही दीपक कुमार तथा सिपाही मनोज शाह और राधेश्याम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जीआरपी थाना अध्यक्ष सह इंस्पेक्टर बीरबल कुमार ने बताया कि बंदियों के फरार होने का मामला दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बोकारो की अनामिका ने रचा इतिहास, एशियन पैसिफिक चैंपियनशिप में भारत को दिलाया रजत
11 Jul, 2026 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बोकारो। दक्षिण अफ्रीका के पोटचेफस्ट्रूम शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खेल महाकुंभ में भारत की बेटियों ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर तिरंगा लहराया है। चार से दस जुलाई तक आयोजित की गई प्रतिष्ठित एशियन पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में झारखंड के बोकारो जिले की होनहार खिलाड़ी अनामिका मुखर्जी ने अपनी ताकत और बेहतरीन तकनीक का लोहा मनवाते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया है। अनामिका की इस ऐतिहासिक और गौरवमयी सफलता से न केवल बोकारो बल्कि पूरे देश और झारखंड राज्य में जश्न का माहौल है।
बावन किलोग्राम भार वर्ग में देश को दिलाया ऐतिहासिक रजत पदक
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अनामिका मुखर्जी ने बेहद कड़े मुकाबले के बीच बावन किलोग्राम सीनियर वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व किया। दुनिया भर से आए दिग्गज पावरलिफ्टरों को कड़ी टक्कर देते हुए उन्होंने अपने उत्कृष्ट कौशल का प्रदर्शन किया और पदक तालिका में दूसरा स्थान सुनिश्चित करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पदक की घोषणा होते ही खेल प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई, क्योंकि यह पदक भारत के बढ़ते खेल सामर्थ्य को दर्शाता है।
सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगहाली को मात देकर हासिल की बड़ी कामयाबी
अनामिका की इस सफलता के पीछे उनके संघर्ष की एक बेहद प्रेरणादायक कहानी छिपी है। उनके मुख्य प्रशिक्षक देबी प्रसाद चटर्जी ने उनकी इस उपलब्धि पर गहरा हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि अनामिका एक अत्यंत साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले परिवार से ताल्लुक रखती हैं। खेल के लिए आवश्यक महंगे साजो-सामान और पौष्टिक आहार जैसे सीमित संसाधनों के बीच तमाम घरेलू चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने कठिन परिश्रम के दम पर यह मुकाम हासिल किया।
दृढ़ संकल्प और नियमित गहन प्रशिक्षण से वैश्विक मंच पर बनाई पहचान
प्रशिक्षक के अनुसार, अनामिका के भीतर देश के लिए कुछ कर गुजरने का एक असाधारण दृढ़ संकल्प और गजब की लगन है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद वह अपने अभ्यास सत्र को लेकर हमेशा गंभीर रहीं और खेल की बारीकियों को सीखने के लिए रोजाना घंटों तक पसीना बहाया। उनके इसी अटूट फोकस और कोच के कुशल मार्गदर्शन के तालमेल ने उन्हें आज इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर खड़ा किया है, जहां उनकी प्रतिभा को पूरी दुनिया ने सराहा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का है अगला लक्ष्य
इस शानदार कामयाबी के बाद भी अनामिका के हौसले आसमान पर हैं और वह यहीं रुकने वाली नहीं हैं। उनका अंतिम लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना और राष्ट्रगान की धुन को वैश्विक मंच पर गूंजते हुए देखना है। अपने इसी सुनहरे सपने को साकार करने के लिए उन्होंने अपनी इस जीत के तुरंत बाद ही बिना समय गंवाए आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए नियमित रूप से और अधिक गहन व उन्नत प्रशिक्षण हासिल करना शुरू कर दिया है।
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