बिहार-झारखण्ड
VVIP जोन में शव मिलने से मचा हड़कंप, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
9 Jul, 2026 10:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी के सबसे सुरक्षित और वीवीआईपी क्षेत्रों में गिने जाने वाले हार्डिंग रोड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे फुटपाथ से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और पूरे घटनास्थल को अपने नियंत्रण में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी।
वीवीआईपी इलाके में शव मिलने से फैली सनसनी
गुरुवार की सुबह हार्डिंग रोड से गुजरने वाले राहगीरों ने फुटपाथ पर एक अचेत युवक को पड़ा देखा, जिसके बाद पुलिस को इस बात की सूचना दी गई। अत्यधिक सुरक्षा वाले इस इलाके में इस तरह लावारिस शव मिलने से प्रशासनिक महकमे और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल की घेराबंदी कर दी है ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके।
फॉरेंसिक टीम और वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा
मृतक की वास्तविक पहचान और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस पारंपरिक जांच के साथ-साथ वैज्ञानिक तरीकों का भी उपयोग कर रही है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की विशेष टीम को तकनीकी जांच के लिए मौके पर बुलाया गया है, जो घटनास्थल के आसपास से फिंगरप्रिंट और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाने में लगी है। सचिवालय के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) डॉ. अन्नू ने बताया कि पुलिस की कई टीमें इस गुत्थी को सुलझाने के लिए काम कर रही हैं।
सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही पुलिस
हाई-प्रोफाइल इलाका होने के कारण पुलिस प्रशासन हार्डिंग रोड और उसके आसपास के सभी मुख्य मार्गों पर लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटा है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि युवक वहां खुद आया था या उसे किसी वाहन द्वारा वहां लाकर छोड़ा गया है। देर रात और सुबह के समय इस मार्ग से गुजरने वाले संदिग्ध वाहनों की सूची भी तैयार की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी मौत की वजह
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि पुलिस हर संभावित कोण से मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। कानूनन कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। एसएसपी के मुताबिक, पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत स्वाभाविक थी, किसी हादसे की वजह से हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है।
बिहार में बदला मौसम का मिजाज, तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका
9 Jul, 2026 07:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है, जिसके चलते लगातार मेघ गर्जन के साथ तेज हवाएं और बारिश का सिलसिला जारी है। आसमान में बादलों की आवाजाही और रूक-रूक कर हो रही छिटपुट वर्षा के कारण राजधानी पटना समेत कई जिलों के लोगों को भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम का यही मिजाज बने रहने की उम्मीद है।
मानसून की सक्रियता और उमस का डबल अटैक
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी हवाओं के प्रभाव से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ ही कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है, तो कहीं केवल बादलों का डेरा है। इस छिटपुट वर्षा और धूप-छांव के खेल के कारण हवा में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है, जिससे पटना सहित कई मैदानी जिलों में लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं।
राजधानी समेत कई हिस्सों में छिटपुट वर्षा के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के पूर्वानुमान के मुताबिक, गुरुवार को भी राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही का दौर जारी रहेगा। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इस स्थिति के कारण तापमान में तो भारी बढ़ोतरी नहीं होगी, लेकिन वातावरण में उमस का असर कम होने के आसार नहीं हैं।
इन पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के कुछ खास जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है, जहां मानसून की गतिविधियां अधिक तीव्र हो सकती हैं। गोपालगंज, पश्चिम चंपारण, किशनगंज, सारण और सिवान जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों के निवासियों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
वज्रपात को लेकर मौसम विभाग की सलाह
आंधी-पानी और मेघ गर्जन की स्थिति को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम खराब होने पर ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। ग्रामीण इलाकों में किसानों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है ताकि वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदा से बचा जा सके। विभाग आगामी दिनों के लिए मौसमी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जहानाबाद में घूसखोर अमीन पर शिकंजा, 5 हजार लेते ही हुई गिरफ्तारी
8 Jul, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर अंचल कार्यालय में बुधवार को पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो की विशेष टीम ने अंचल कार्यालय में जाल बिछाकर एक भ्रष्ट सरकारी अमीन को पांच हजार रुपये की रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। विजिलेंस की इस अचानक हुई छापेमारी से अंचल कार्यालय परिसर में पूरी तरह अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद अन्य अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने केबिन छोड़कर भागने लगे। गिरफ्तार किए गए अमीन की पहचान अनिल कुमार सिंह के रूप में हुई है, जिसके पास से केमिकल लगे रिश्वत के नोट भी बरामद कर लिए गए हैं।
जमीन की नापी के नाम पर महीनों से परेशान था आवेदक
इस पूरे मामले की शुरुआत गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के निवासी विमलेश कुमार उर्फ राखी वर्मा की एक शिकायत से हुई थी। शिकायतकर्ता ने अपनी छब्बीस डिसमिल पुश्तैनी जमीन की सरकारी पैमाइश यानी नापी कराने के लिए बीते 5 फरवरी को राजस्व विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन दर्ज किया था। आरोप है कि सरकारी प्रक्रिया के तहत आवेदन किए जाने के कई महीने बीत जाने के बाद भी अंचल कार्यालय के स्तर पर जमीन की नापी नहीं की गई। जब पीड़ित ने संबंधित अमीन अनिल कुमार सिंह से बार-बार संपर्क किया, तो उसने काम करने के एवज में साफ तौर पर पांच हजार रुपये की अवैध घूस की मांग कर दी।
बार-बार की मांग से तंग आकर पीड़ित ने निगरानी ब्यूरो से की शिकायत
सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने और अमीन द्वारा लगातार रिश्वत के लिए दबाव बनाए जाने से परेशान होकर आखिरकार पीड़ित ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का मन बनाया। उसने इस मामले की लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों से की। ब्यूरो की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सबसे पहले एक गोपनीय जांच अधिकारी के माध्यम से शिकायतकर्ता और अमीन के बीच हुई बातचीत का गुप्त सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के तुरंत बाद निगरानी ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक राम चौधरी के नेतृत्व में अमीन को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया।
रिकॉर्ड रूम में रिश्वत लेते ही विजिलेंस टीम ने दबोचा
तय रणनीति के अनुसार, बुधवार को शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम देने के लिए मखदुमपुर अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में पहुंचा, जहां आरोपी अमीन अनिल कुमार सिंह पहले से उसका इंतजार कर रहा था। जैसे ही पीड़ित ने पांच हजार रुपये की नकदी अमीन के हाथ में सौंपी, वहां साधारण कपड़ों में पहले से ही घात लगाकर बैठे निगरानी ब्यूरो के जवानों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। टीम ने तुरंत आरोपी के हाथ धुलवाए, जिससे केमिकल के कारण पानी का रंग गुलाबी हो गया और रिश्वतखोरी का पुख्ता प्रमाण मिल गया। इसके बाद टीम कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को अपने साथ पटना ले गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज और ब्यूरो की आम जनता से अपील
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गिरफ्तार अमीन अनिल कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है। इस सफल कार्रवाई के बाद ब्यूरो के उच्चाधिकारियों ने आम जनता से एक विशेष अपील जारी करते हुए कहा है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक या अधिकारी किसी जायज काम को करने के बदले अनुचित लाभ या रिश्वत की मांग करता है, तो डरे बिना इसकी सूचना तत्काल निगरानी ब्यूरो को दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखते हुए ऐसे भ्रष्ट लोकसेवकों के खिलाफ सबसे सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
फिल्मी अंदाज में हुई करोड़ों के मोबाइलों की लूट, मास्टरमाइंड आखिरकार गिरफ्तार
8 Jul, 2026 04:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलवल। पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) पलवल यूनिट ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े लुटेरे गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसटीएफ की टीम ने पड़ोसी जिले नूंह में एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के ट्रकों को लूटने वाले शातिर मास्टरमाइंड नईम को धर दबोचा है। नूंह के सतपुतियाका गांव का निवासी यह शातिर अपराधी फ्लिपकार्ट और अमेज़न जैसी देश की जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनियों के मालवाहक वाहनों को अपना निशाना बनाता था और पिछले काफी समय से देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
बिहार के अररिया में छह हजार कीमती मोबाइलों की बड़ी लूट को दिया था अंजाम
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी नईम के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी ने बीते महीने बिहार के अररिया जिले में एक बड़ी डकैती की वारदात को अंजाम दिया था, जहां उसने अपने साथियों के साथ मिलकर करीब छह हजार महंगे और कीमती स्मार्टफोन्स से भरे एक ट्रक को बीच रास्ते में हथियारों के बल पर लूट लिया था। इस बड़ी वारदात के बाद से ही एसटीएफ लगातार उसके संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए थी।
आरोपी के पास से भारी मात्रा में लूटा गया माल और गाड़ियां बरामद
एसटीएफ पलवल की टीम ने जब नूंह में आरोपी के छिपे होने वाले ठिकाने पर दबिश दी, तो उसे संभलने का मौका भी नहीं मिला और उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर विभिन्न वारदातों के दौरान लूटा गया भारी मात्रा में कीमती सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स और लूट की घटनाओं में इस्तेमाल की जाने वाली कई गाड़ियां बरामद की हैं। इन गाड़ियों का उपयोग वह हाईवे पर ट्रकों को ओवरटेक करने और लूट का माल ठिकाने लगाने के लिए करता था।
तीन साल से फरार चल रहे इनामी बदमाश पर फरीदाबाद पुलिस ने रखा था इनाम
पकड़ा गया शातिर लुटेरा नईम कानून की नजरों से बचने के लिए पिछले करीब तीन साल से अपनी पहचान छिपाकर लगातार ठिकाने बदल रहा था। फरीदाबाद में दर्ज एक पुराने आपराधिक मामले में उसकी लंबे समय से तलाश की जा रही थी, जिसमें गिरफ्तारी न होने के कारण फरीदाबाद पुलिस द्वारा उस पर पांच हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद हरियाणा पुलिस के साथ-साथ अन्य राज्यों की पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।
गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस दे रही है लगातार दबिश
एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, नईम से की जा रही गहन पूछताछ में इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और इसके अन्य सहयोगियों के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से हाईवे पर ट्रकों की रेकी करता था और सुनसान रास्तों पर चालकों को बंधक बनाकर वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों को पकड़ने और लूटे गए बाकी सामान को बरामद करने के लिए कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है।
ताला तोड़कर सरकारी स्कूल में घुसे चोर, कंप्यूटर, CPU और UPS लेकर फरार
8 Jul, 2026 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पलामू। झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में स्थित राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। मंगलवार की रात अज्ञात बदमाशों ने स्कूल परिसर में घुसकर कंप्यूटर लैब का ताला चटकाया और वहां रखे लाखों रुपये मूल्य के कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर हाथ साफ कर दिया। इस बड़ी चोरी की भनक स्थानीय प्रशासन और स्कूल प्रबंधन को बुधवार की सुबह तब लगी जब स्कूल को नियमित समय पर खोला गया। लैब के टूटे ताले और बिखरे सामान को देखकर हड़कंप मच गया, जिसके बाद स्कूल के प्रधानाचार्य कुलेश्वर राम ने तुरंत पांकी थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चोरी गए कीमती उपकरणों की सूची और नुकसान का आकलन
प्रधानाचार्य द्वारा पुलिस को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चोरों ने बेहद शातिर तरीके से कंप्यूटर कक्ष की सुरक्षा को भेदते हुए चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया। लैब के भीतर से चार नग आधुनिक यूपीएस, दो सीपीयू, दो कंप्यूटर डेस्कटॉप, तीन माउस, तीन की-बोर्ड और दीवार पर टंगे दो कीमती वॉल फैन (पंखे) गायब मिले हैं। स्कूल प्रशासन के मुताबिक गायब हुए इन सभी उपकरणों की कीमत लाखों रुपये में है, जिससे न केवल स्कूल को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है बल्कि छात्रों की डिजिटल पढ़ाई पर भी पूरी तरह से ब्रेक लग गया है।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और जांच का मिला आश्वासन
चोरी की इस दुस्साहसिक वारदात की सूचना पाकर पांकी थाना पुलिस तुरंत एक्टिव हुई और पुलिस बल के साथ स्कूल परिसर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने लैब के टूटे हुए तालों और आसपास के हिस्सों से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को भरोसा दिलाया है कि चोरों के सुराग तलाशने के लिए क्षेत्र में सक्रिय संदिग्धों और पुराने अपराधियों से पूछताछ शुरू कर दी गई है। कानून प्रवर्तन टीम इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने और चोरी हुआ सामान बरामद करने का पूरा प्रयास कर रही है।
सरकारी शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित और बड़े सरकारी स्कूल के भीतर हुई इस वारदात के बाद से स्थानीय निवासियों और अभिभावकों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। रात के समय स्कूल परिसर की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर चोर इतनी आसानी से लाखों का सामान लेकर कैसे चंपत हो गए। लोगों का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों या पर्याप्त रोशनी के अभाव के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में नाइट गश्त बढ़ाई जाए और सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जाएं।
बढ़ेंगी मुश्किलें या मिलेगी राहत? आज कोर्ट में पेश होगा खान सर का मामला
8 Jul, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान के पास हुई गोलीबारी और हथियारों के अवैध प्रदर्शन के मामले ने कानूनी रूप ले लिया है। इस चर्चित प्रकरण में मुख्य आरोपी और खान ग्लोबल स्टडीज के निदेशक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर स्थानीय अदालत में एक बार फिर महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई और अदालती रुख पर पूरे शहर की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि मामला एक बेहद लोकप्रिय शिक्षक और उनके संस्थान से जुड़ा हुआ है।
सहकर्मियों की याचिकाओं पर भी प्रधान जिला जज की अदालत में विचार
फैजल खान के साथ-साथ इस पूरे विवाद में नामजद उनके तीन अन्य सहयोगियों अजीत कुमार, कन्हैया कुमार सिंह और अंकित कुमार पाण्डेय की मुश्किलों पर भी आज फैसला हो सकता है। इन तीनों आरोपियों की ओर से पटना के प्रधान जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई है, जिस पर मुख्य याचिका के साथ ही विचार किया जाएगा। बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच कानूनी बारीकियों को लेकर कोर्ट रूम में तीखी बहस होने के आसार जताए जा रहे हैं।
पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को छिपाने के आरोपों पर वकीलों में तीखी बहस
इस मामले की पिछली अदालती कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता रौशन आनंद के वकील ने खान सर की जमानत का पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने दलील दी थी कि आरोपी पर पूर्व में भी एक आपराधिक मामला दर्ज था, जिसकी जानकारी उन्होंने इस याचिका में जानबूझकर छिपाई है। इसके जवाब में खान सर के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि उस पुराने मामले में अदालत पहले ही खान सर को ससम्मान बरी कर चुकी है, इसलिए उसे छिपाने का कोई इरादा नहीं था। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस पर लिखित जवाब और पूरक आवेदन दाखिल करने का निर्देश दिया था।
गिरफ्तारी पर मिली अंतरिम राहत और पुलिसिया जांच का पूरा घटनाक्रम
पूरे विवाद की शुरुआत खान सर के कोचिंग संस्थान के पास हुई फायरिंग के एक सोशल मीडिया वीडियो से हुई थी, जिसके आधार पर कदमकुआं थाना पुलिस ने जून 2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्डों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था, जिनकी जमानत पर भी सुनवाई लंबित है। फिलहाल राहत की बात यह है कि अदालत ने फैजल खान और उनके सहयोगियों को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा की अवधि को सुनवाई के दिन तक के लिए बढ़ा दिया था।
पटना में अपहरण से बवाल, प्रदर्शनकारियों से बोले प्रशांत किशोर—'नेतागिरी की जरूरत नहीं'
8 Jul, 2026 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राजधानी के कोतवाली थाना अंतर्गत न्यू मार्केट क्षेत्र से एक किराना व्यवसायी के अचानक गायब होने के बाद स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। मंगलवार की सुबह अपहृत दुकानदार बंटी कुमार की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने न्यू करबिगहिया इलाके में टायरों में आग लगाकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिसके चलते सड़क के दोनों ओर गाड़ियों का लंबा जाम लग गया और आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सड़क पर भारी हंगामा और राजनेताओं की समझाइश
अपहरण की इस सनसनीखेज वारदात के विरोध में लगभग दो घंटे तक सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। इस बीच हंगामे की खबर मिलते ही जन सुराज पार्टी के स्थानीय नेता भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने उग्र हो रहे लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए कहा कि इस संवेदनशील समय में राजनीति करने के बजाय पुलिस को अपनी तफ्तीश करने का मौका दिया जाना चाहिए, क्योंकि इस वक्त सबसे पहला और जरूरी काम अपहृत युवक को सकुशल वापस लाना है।
देर रात दुकान बंद कर घर लौटते समय वारदात
पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, जक्कनपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले बंटी कुमार न्यू करबिगहिया में अपनी किराना दुकान चलाते हैं। सोमवार की देर रात जब वह पटना जंक्शन के पास स्थित एक दुकान से कुछ सामान खरीदने पहुंचे थे, तभी अचानक वहां कुछ अज्ञात युवक धमक पड़े। चश्मदीदों के हवाले से बताया गया है कि उन युवकों ने पहले तो बंटी के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर जबरन एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में लादकर वहां से तेजी से रफूचक्कर हो गए।
परिजनों की शिकायत पर नामजद प्राथमिकी दर्ज
इस खौफनाक वारदात के बाद बंटी के परिवार में कोहराम मच गया और उन्होंने तुरंत मामले की लिखित शिकायत स्थानीय कोतवाली थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर रोहित नामक एक ऑटो चालक और जंक्शन इलाके के रहने वाले रवीश कुमार सहित कुछ अन्य अज्ञात बदमाशों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। स्वजनों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द बंटी को ढूंढ निकालने की गुहार लगाई है।
विशेष पुलिस टीम का गठन और सघन छापेमारी अभियान
मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तुरंत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। पुलिस की इस विशेष टीम ने बीती रात शहर के कई संदिग्ध ठिकानों और संभावित इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की है, हालांकि अभी तक अपहृत व्यवसायी का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रहे हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों को जल्द ही दबोच लिया जाएगा।
तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा, सावधानी जरूरी
8 Jul, 2026 08:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने बुधवार को भी राज्य के बड़े हिस्से में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सूबे के 26 जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा, जिसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने, वज्रपात होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।
उत्तर और पूर्वी बिहार के इन जिलों में बिगड़ेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के जिन 26 जिलों में संकट गहराया हुआ है, उनमें प्रमुख रूप से पश्चिम और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर शामिल हैं। इसके साथ ही सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, बांका और जमुई में भी प्रकृति का कड़ा रुख देखने को मिल सकता है। इन सभी क्षेत्रों में घने बादल छाए रहने के साथ-साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है।
दक्षिण-पश्चिम बिहार में राहत और उमस भरा माहौल
इसके विपरीत, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, गया, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय सहित दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम बिहार के हिस्सों में मौसम फिलहाल नियंत्रण में रहेगा। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ग्रीन अलर्ट जारी किया है, जिसका अर्थ है कि यहां किसी भी प्रकार की गंभीर चेतावनी नहीं है। हालांकि, स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण कुछ जगहों पर हल्की धूप-छांव के बीच बूंदाबांदी या बादल छाए रहने की स्थिति बनी रह सकती है। राजधानी पटना में भी आज तड़के सुबह तेज बौछारें पड़ीं, लेकिन सुबह होते ही तेज धूप निकल आई जिससे हवा में नमी और उमस बढ़ गई है।
राजधानी पटना में आने वाले दिनों का तापमान और पूर्वानुमान
पटना और इसके आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 11 जुलाई को राजधानी में मध्यम दर्जे की अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे पहले, अगले दो-तीन दिनों के दौरान शहर का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन बीच-बीच में होने वाली उमस परेशान कर सकती है।
चार भारी वाहनों की भिड़ंत से दहला NH-220, दो चालकों की मौके पर मौत
7 Jul, 2026 04:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरायकेला। राष्ट्रीय राजमार्ग-220 (NH-220) पर स्थित राजनगर-चाईबासा मुख्य मार्ग पर देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें दो भारी वाहनों के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर के बाद दोनों चालकों की दर्दनाक मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना रोला-खैरबनी मोड़ के पास रात के करीब एक बजे उस समय हुई जब तेज रफ्तार में आ रहे एक हाइवा और एक ट्रेलर के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ही वाहनों के इंजन में पलक झपकते ही भयंकर आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया।
टक्कर के बाद लगी भीषण आग, केबिन में फंसे चालक की जिंदा जलकर मौत
इस दर्दनाक अग्निकांड में ट्रेलर का चालक वाहन के क्षतिग्रस्त केबिन के भीतर ही बुरी तरह फंस गया और उसे बाहर निकलने का मौका नहीं मिला, जिससे वह जिंदा जल गया और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। दूसरी ओर, हाइवा के चालक को स्थानीय लोगों और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से बेहद गंभीर हालत में बाहर निकाला और तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर इतनी अचानक और तेज थी कि दोनों ही वाहन चालकों को संभलने या ब्रेक लगाने का जरा भी अवसर नहीं मिल सका।
बचाव की कोशिश में पीछे चल रहे दो अन्य ट्रेलर भी आपस में टकराकर पलटे
मुख्य दुर्घटना के दौरान लगी आग और मलबे की भयावहता को देखकर पीछे से आ रहे दो अन्य भारी ट्रेलर चालकों ने अपने वाहनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इस कोशिश में वे दोनों वाहन भी आपस में अनियंत्रित होकर टकरा गए। इस दूसरी टक्कर के बाद दोनों ट्रेलर सड़क किनारे खेतों में जाकर पलट गए, जिससे उन दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही राजनगर थाने की पुलिस टीम और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों को धधकती आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब दो घंटे से अधिक का समय लगा, लेकिन तब तक दोनों मुख्य वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे।
सड़क संकरी होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने की एनएच को फोरलेन बनाने की मांग
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। इस भीषण हादसे के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और सड़क निर्माण विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा देखा जा रहा है। आक्रोशित लोगों ने नेशनल हाईवे को जल्द से जल्द फोरलेन (चार लेन) में तब्दील करने की पुरजोर मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस औद्योगिक मार्ग पर चौबीसों घंटे भारी वाहनों का दबाव रहता है, जबकि सड़क बेहद संकरी है जिसके कारण यहां आए दिन जानलेवा दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने सरकार से इस रूट के चौड़ीकरण और सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने की गुहार लगाई है।
UN में भारत की बड़ी उपलब्धि, वरिष्ठ IAS निधि खरे बनीं विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष
7 Jul, 2026 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड कैडर की वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी और केंद्रीय उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने वैश्विक पटल पर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्हें संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) के उपभोक्ता संरक्षण कानून एवं नीति पर गठित अंतर सरकारी विशेषज्ञ समूह के नौवें सत्र का सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया है। इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच की कमान संभालना भारत के प्रशासनिक कौशल और उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में किए जा रहे कार्यों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिली एक बड़ी मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
जिनेवा के पैलेस डेस नेशंस में शुरू हुआ तीन दिवसीय उच्चस्तरीय सम्मेलन
स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित ऐतिहासिक पैलेस डेस नेशंस में छह से आठ जुलाई तक इस प्रतिष्ठित और उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस विशेष सत्र में दुनिया भर के विभिन्न देशों के राजनयिक, वरिष्ठ प्रतिनिधि, नीति-निर्माता और आर्थिक तथा उपभोक्ता मामलों से जुड़ी नियामक संस्थाओं के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर डिजिटल कॉमर्स के इस दौर में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए मजबूत कानूनी ढांचे और नीतियों पर गहन विचार-विमर्श करना है।
वैश्विक मंच पर बढ़ी भारत की साख और नेतृत्व क्षमता का लोहा
इस बेहद प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच की अध्यक्षता के लिए भारत की वरिष्ठ नौकरशाह निधि खरे का चुना जाना बेहद मायने रखता है। यह महत्वपूर्ण विधिक निर्वाचन वैश्विक स्तर पर उपभोक्ता संरक्षण और लोक कल्याण के क्षेत्र में भारत की लगातार मजबूत होती साख को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माताओं के बीच भारत के प्रभावी नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और सकारात्मक वैश्विक भागीदारी को स्वीकार किया गया है, जो इस नियुक्ति के माध्यम से स्पष्ट रूप से उजागर होता है।
उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने के लिए तैयार होगी नई वैश्विक नीति
निधि खरे की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस सत्र के दौरान विभिन्न देशों के बीच उपभोक्ता संरक्षण कानूनों को और अधिक व्यावहारिक बनाने पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान सीमा पार होने वाले व्यापारिक विवादों के निपटारे, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक और तकनीकी बदलावों के बीच आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित माहौल देने जैसे गंभीर विषयों पर नई नीतियां तय की जाएंगी। भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी इस वैश्विक विमर्श को एक नई और जन-कल्याणकारी दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।
रामेश्वर उरांव से ED की पूछताछ, शराब घोटाला मामले में जांच तेज
7 Jul, 2026 03:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में बहुचर्चित शराब घोटाला मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई अब तेज हो गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा जारी किए गए दूसरे नोटिस (समन) के अनुपालन में सूबे के पूर्व वित्त मंत्री और वर्तमान विधायक रामेश्वर उरांव मंगलवार को पूछताछ के लिए रांची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने इस घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अवैध निवेश के आरोपों को लेकर उनसे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है। गौरतलब है कि ठीक एक दिन पहले ही इसी मामले में पूर्व मंत्री के बेटे रोहित उरांव से भी ईडी के आला अधिकारी कई घंटों तक लंबी पूछताछ कर चुके हैं।
पूर्व उत्पाद नीति में अवैध निवेश और शराब माफिया से सांठगांठ का आरोप
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव पर आरोप है कि राज्य की पूर्ववर्ती उत्पाद नीति के क्रियान्वयन के दौरान उन्होंने कथित तौर पर शराब माफियाओं के साथ सांठगांठ की थी। जांच एजेंसी का अंदेशा है कि इस दौरान बड़े पैमाने पर अवैध काली कमाई (ब्लैक मनी) को विभिन्न व्यवसायों और डमी कंपनियों में निवेश किया गया था। इस सिंडिकेट के वित्तीय रूट और अवैध धन के प्रवाह की वास्तविक दिशा का पता लगाने के लिए ईडी पूर्व मंत्री और उनके करीबियों के बैंक खातों तथा चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेजों को खंगाल रही है।
बाप-बेटे ने मांगा था तीन हफ्ते का समय, ईडी ने दी महज एक सप्ताह की मोहलत
इस मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो ईडी ने शुरुआत में रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव को 29 जून और स्वयं पूर्व वित्त मंत्री को 30 जून को जांच में शामिल होने के लिए पहला समन भेजा था। हालांकि, उस दौरान पिता-पुत्र दोनों ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए तय तारीखों पर उपस्थित होने में असमर्थता जताई थी और अधिकारियों से विधिक तैयारियों के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय देने की लिखित गुहार लगाई थी। जांच एजेंसी ने उनकी इस मांग को तवज्जो न देते हुए महज एक सप्ताह की मोहलत दी थी और नया समन जारी कर दिया था।
दूसरे समन के बाद केंद्रीय एजेंसी के समक्ष हाजिर हुए पिता और पुत्र
प्रवर्तन निदेशालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरा समन जारी कर रोहित उरांव को 6 जुलाई और रामेश्वर उरांव को 7 जुलाई को उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया था। इसी क्रम में तय समय-सारणी के मुताबिक सोमवार 6 जुलाई को रोहित उरांव जांच दल के सामने पेश हुए, जहां उनसे धन के स्रोत को लेकर सवाल-जवाब किए गए। इसके बाद आज 7 जुलाई को लोहरदगा के वर्तमान विधायक सह पूर्व वित्त मंत्री भी केंद्रीय एजेंसी के दफ्तर पहुंचे। इस हाई-प्रोफाइल पूछताछ के बाद झारखंड के सियासी हलकों में हलचल काफी बढ़ गई है।
बांकीपुर सीट पर सियासी हलचल, शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रशांत किशोर के समर्थन का किया ऐलान
7 Jul, 2026 02:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सूबे की सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। इसी बीच दिग्गज अभिनेता और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के पक्ष में खुलकर अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए प्रशांत किशोर के सीधे चुनावी समर में कदम रखने को बिहार की राजनीति का एक 'बड़ा धमाका' करार दिया है। पटना साहिब संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद रहे सिन्हा के इस अप्रत्याशित समर्थन के बाद क्षेत्र के चुनावी समीकरण दिलचस्प मोड़ पर आ गए हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रशांत किशोर को बताया देश की राजनीति का नया मोड़
शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने आधिकारिक बयान में प्रशांत किशोर की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्हें सबसे योग्य, दूरदर्शी और विलक्षण बुद्धिजीवी राजनेता बताया। उन्होंने लिखा कि जन-जन के चहेते और हर दृष्टिकोण से बेहद लोकप्रिय तथा चर्चित व्यक्तित्व प्रशांत किशोर ने चुनावी मैदान में उतरकर न केवल बिहार, बल्कि संपूर्ण देश के राजनीतिक परिदृश्य में एक नई हलचल और विमर्श पैदा कर दिया है। एक सजग "बिहारी बाबू" होने के नाते उन्हें यह पूरा घटनाक्रम बेहद रोचक और दूरगामी परिणामों वाला प्रतीत हो रहा है, जो पारंपरिक राजनीति की दिशा बदल सकता है।
युवाओं से जाति और धर्म की सीमाओं को तोड़ने का आह्वान
दिग्गज सांसद ने बिहार की जनता और विशेष रूप से युवा पीढ़ी से भावुक अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब विकास के लिए एक साहसिक कदम उठाया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य के मतदाता इस बार जाति, मजहब, संप्रदाय और पुरानी दलगत सीमाओं से पूरी तरह ऊपर उठकर प्रशांत किशोर की नई सोच और मुहिम का पुरजोर समर्थन करेंगे। उन्होंने "जय बिहार! जय हिंद!" के नारे के साथ सूबे के उज्जवल भविष्य के लिए जन सुराज की इस राजनीतिक दस्तक को समय की मांग बताया।
जीत-हार जनता के पाले में और भाजपा के रणनीतिक फैसलों पर सवाल
दूसरी तरफ, खुद जन सुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने चुनावी मुकाबले पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत का अंतिम फैसला पूरी तरह से जनता जनार्दन के हाथ में सुरक्षित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य पूरी ईमानदारी के साथ लोगों के सामने एक बेहतर और मजबूत विकल्प पेश करना है, जिसका फैसला मतदाता करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी, लेकिन इसके लिए विधायक पद का त्याग करना कोई संवैधानिक मजबूरी नहीं थी। उनके राज्यसभा जाने की वजह से थोपे गए इस उपचुनाव में बांकीपुर की जनता भाजपा के नेतृत्व और उसकी नीतियों को भी कड़ा जवाब देगी।
बिहार में दिनदहाड़े युवक को थार में ले जाने का मामला, RJD झंडा लगी गाड़ी पर उठे सवाल
7 Jul, 2026 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के झंडे और नेमप्लेट लगी एक थार गाड़ी से एक युवक के किडनैपिंग की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बताया जा रहा है कि दबंगों ने युवक को जबरन वाहन में बंधक बनाया और फिर बेदम पिटाई करने के बाद उसे अधमरी हालत में सड़क के किनारे फेंककर रफूचक्कर हो गए। वारदात की भनक लगते ही सक्रिय हुई पुलिस ने घेराबंदी करके गाड़ी का पीछा किया और मुख्य अभियुक्त को दबोच लिया। इसके साथ ही वारदात में प्रयुक्त लग्जरी गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
अस्पताल में भर्ती कराया और मुख्य आरोपी को दबोचा
यह पूरी घटना रविवार की शाम काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सर्किट हाउस रोड के पास घटित हुई। कंट्रोल रूम को खबर मिली थी कि एक लहूलुहान युवक को कुछ लोग गाड़ी से फेंककर भागे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पीड़ित को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया और उसके बयानों के आधार पर तफ्तीश शुरू कर दी। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सरैया थाना इलाके से थार गाड़ी को बरामद कर एक आरोपी को धर दबोचा, जिसकी पहचान कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर के रहने वाले मोहम्मद रहमान के तौर पर हुई है। पकड़ी गई गाड़ी पर राजद का झंडा और जिला सचिव का बोर्ड टंगा हुआ था।
त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश का मामला
शुरुआती पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी मोहम्मद रहमान ने कुबूल किया है कि उसका ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती के साथ जान-पहचान है। आरोपी का दावा है कि घायल युवक उसे और उस युवती को लगातार डरा-धमका रहा था, जिसके कारण इस वारदात की साजिश रची गई। पुलिस रिकॉर्ड और जांच से यह भी पता चला है कि इन दोनों पक्षों के बीच पूर्व में भी कई बार हिंसक झड़पें और कहासुनी हो चुकी है।
राजद पदाधिकारी का सगा भाई निकला हमलावर
नगर क्षेत्र-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जब्त की गई थार गाड़ी राष्ट्रीय जनता दल के एक जिला सचिव के नाम पर रजिस्टर्ड है और गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी उसी नेता का सगा भाई है। उन्होंने कहा कि मामला पूरी तरह आपसी दुश्मनी और प्रेम प्रसंग से प्रेरित लग रहा है। फिलहाल, पुलिस घटना के हर कानूनी और तकनीकी पहलू की गहराई से जांच कर रही है और वारदात के समय गाड़ी में मौजूद अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
UN-WHO के संदर्भ में बिहार की उपलब्धि का जिक्र, संजय झा ने नीतीश कुमार की सराहना की
7 Jul, 2026 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार ने लिम्फेटिक फाइलेरिया (हाथीपांव) को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ी कामयाबी अपने नाम की है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने राज्य के इस बेहतरीन प्रयास की सराहना करते हुए इसे पब्लिक हेल्थ सेक्टर की एक ऐतिहासिक सफलता करार दिया है। सूबे के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब तीन प्रमुख जिलों- अररिया, मधेपुरा और सुपौल ने बेहद जटिल माने जाने वाले ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (TAS-1) के कड़े पैमानों को पार कर अपनी सफलता का परचम लहराया है।
नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व को मिला श्रेय
बिहार को मिली इस बड़ी गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामकाज की जमकर तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर अपनी खुशी साझा करते हुए लिखा कि यह ऐतिहासिक सफलता जनप्रिय नेता नीतीश कुमार के कुशल मार्गदर्शन में एनडीए सरकार द्वारा बीते दो दशकों से ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे को लगातार सुदृढ़ करने का नतीजा है। सरकार ने ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को मजबूत बनाकर इस अभियान को नई धार दी थी।
दवा वितरण से वास्तविक इलाज तक का सफर
संजय झा ने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 'डायरेक्टली ऑब्जर्व्ड ट्रीटमेंट' (DOT) नीति को कड़ाई से लागू किया। इसके तहत यह पक्का किया गया कि फाइलेरिया की दवाएं सिर्फ कागजों पर या घरों में बांटी न जाएं, बल्कि ट्रेंड मेडिकल स्टाफ के सामने ही मरीजों को खिलाई जाएं। इस रणनीति ने केवल 'दवा बांटने' की रस्म को 'वास्तविक इलाज' में तब्दील कर दिया। यही कारण है कि आज बिहार के लाखों समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों, आशा दीदियों और जागरूक नागरिकों की सामूहिक मेहनत रंग लाई है।
अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण और बेहतर भविष्य का भरोसा
उन्होंने संतोष जताते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थापित किए गए स्वास्थ्य सुधारों के इस सिलसिले को वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। सूबे के सभी जिला, अनुमंडल और ब्लॉक स्तर के सरकारी अस्पतालों में अब उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इस ढांचागत सुधार से अब राज्य के आम नागरिकों को सामान्य व गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े महानगरों या बड़े मेडिकल कॉलेजों की तरफ नहीं भागना पड़ेगा। इसी भरोसे के दम पर यह उम्मीद जताई जा रही है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार आने वाले समय में भी नए कीर्तिमान रचेगा।
30 लाख रुपये नकद मिलने के बाद रोहित उरांव से ED कार्यालय में लगातार पूछताछ
6 Jul, 2026 02:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने) के एंगल से जांच कर रही ईडी के दूसरे समन पर कार्रवाई करते हुए, झारखंड सरकार के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव सोमवार सुबह रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे।
ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकारियों के तीखे सवाल
रोहित उरांव के दफ्तर पहुंचते ही ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जांच टीम के पास सवालों की एक लंबी फेहरिस्त है। ईडी इस घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और बेनामी संपत्तियों के बारे में रोहित से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
शराब माफिया योगेंद्र तिवारी और प्रेम प्रकाश से जुड़े तार
ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा मामला झारखंड के चर्चित शराब माफिया योगेंद्र तिवारी और सत्ता के गलियारों में मजबूत पकड़ रखने वाले प्रेम प्रकाश से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। प्रेम प्रकाश को राज्य के कई बड़े नेताओं और शीर्ष अधिकारियों का बेहद करीबी माना जाता रहा है, और इसी सिंडिकेट के जरिए शराब के इस खेल को अंजाम दिया गया।
शराब के धंधे में 'काले धन' के निवेश का आरोप
जांच एजेंसी को पुख्ता इनपुट मिले हैं कि राज्य की पुरानी उत्पाद नीति (Excise Policy) के लागू रहने के दौरान रोहित उरांव ने बड़े पैमाने पर शराब के कारोबार में अवैध रूप से कमाए गए काले धन का निवेश किया था। इस अवैध निवेश को सुरक्षित तरीके से रूट करने में शराब माफिया योगेंद्र तिवारी और प्रेम प्रकाश ने रोहित उरांव की सीधे तौर पर मदद की थी।
दूसरे समन पर हाजिर हुए रोहित, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
इससे पहले ईडी ने रोहित उरांव को पूछताछ के लिए पहला समन भेजा था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए थे। इसके बाद एजेंसी ने दूसरा नोटिस जारी कर उन्हें सख्त निर्देश दिए थे, जिसके बाद आज वह केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर रोहित के जवाब संतोषजनक नहीं रहे, तो इस मामले में उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।
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