बिहार-झारखण्ड
पंचायत में बवाल: 11 सदस्यों की सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
16 Apr, 2026 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जहानाबाद। रतनी फरीदपुर प्रखंड में उस समय राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई, जब पंचायत समिति के 11 सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए जिला पदाधिकारी कार्यालय का रुख किया। इस दौरान सदस्यों ने प्रखंड प्रशासन पर मनमानी और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है
पंचायत समिति सदस्यों का कहना है कि प्रखंड में संचालित विकास योजनाओं में पारदर्शिता का अभाव है। उनका आरोप है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया जाता और कई योजनाएं बिना उनकी जानकारी के संचालित की जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के समुचित विकास पर असर पड़ रहा है। सदस्यों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे आगे और सख्त कदम उठाने को बाध्य होंगे। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर पंचायत राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
आवश्यक कार्रवाई का दिया गया भरोसा
वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा सिन्हा ने बताया कि नियमानुसार पंचायत समिति की बैठक के लिए न्यूनतम 13 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होती है, लेकिन संबंधित बैठक में पर्याप्त सदस्य मौजूद नहीं थे। इसी कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस्तीफा देने वाले पंचायत समिति सदस्यों का साफ तौर पर करना था कि पिछले कई महीनो से विकास कार्यों में मनमानी ढंग से पदाधिकारी कार्य कर रहे हैं हम लोगों के बात को नहीं सुना जाता है हम लोग कई बार पदाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखें लेकिन उसे पर ध्यान नहीं दिया जाता है। अंत में हम लोगों ने निर्णय लिया कि हम लोगों को जनप्रतिनिधि रहने से कोई फायदा नहीं है ऐसी स्थिति में हम लोगों ने सामूहिक इस्तीफा की चेतावनी दी है।
नेपाल की गाड़ियों पर पेट्रोल रोक, बिहार बॉर्डर पर सख्ती
16 Apr, 2026 10:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतामढ़ी। नेपाल में ईंधन की बढ़ती कीमतों, आपूर्ति संकट और फ्यूल लॉकडाउन के बीच भारत ने भी कड़ा कदम उठाया है। सीमावर्ती इलाकों के पेट्रोल पंपों पर नेपाली नंबर प्लेट वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल देने पर रोक लगा दी है। तेल कंपनियों ने प्रशासन के आदेश के बाद यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। भारत और नेपाल के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी अंतर लंबे समय से तस्करी को बढ़ावा दे रहा था। नेपाल के तराई क्षेत्र जैसे वीरगंज, विराटनगर, जनकपुर, नेपालगंज, अमलेखगंज, भालवाड़ी, धनगढ़ी आदि जगहो पर नेपाली 216.50 रुपया (भारतीय 135.35 भारतीय रुपया) पेट्रोल की कीमत है। जो की नेपाल से सटे भारतीय सीमावर्ती जिलों के पेट्रोल दाम से 28.79 रुपया अधिक है। वही डीजल की कीमत 204.50 (127.82 भारतीय रुपया) है। जो 31.82 रुपया अधिक है। इसी कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध रूप से ईंधन खरीदकर नेपाल में बेचने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा था।
नेपाल सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में अंतर ने कालाबाजारी और तस्करी के नेटवर्क को मजबूत कर दिया था, जिससे स्थानीय उपभोक्ताओं को भी परेशानी हो रही थी। नए आदेश के बाद सीतामढ़ी के सोनबरसा, सुरसंड, भिट्ठामोड़ और बैरगनिया समेत अन्य सीमावर्ती जिलों के पेट्रोल पंपों पर नेपाली वाहनों को तेल देना वर्जित कर दिया गया है। भारत नेपाल सीमा स्थित बैरगनिया सीमा से सटे नंदवारा स्थित पेट्रोल पंप पर नेपाली को तेल न देने का पोस्टर भी लगा दिया गया हैं।
बिहार इनके इन सात सीमवर्ती जिले में 400 अधिक पंप
सीतामढ़ी जिले कुल 48 पेट्रोल पंप है। जिनमें नेपाल सीमा से सटे सोनबरसा, सुरसंड, परिहार, बैरगनिया, चोरौत और मेजरगंज के 5 से 10 किमी के दायरे में करीब 15 से ज्यादा पेट्रोल पंप है। वही नेपाल से सटे भारतीय सीमा के सात जिलों सीतामढ़ी, बेतिया, मोतिहारी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज मे लगभग 400 से अधिक पेट्रोल पंप है। इसमें बॉर्डर से 10 किलो मीटर के समीप 120 से ज्यादा पेट्रोल पंप है।
नेपाली नंबर के वाहनों को ईंधन देने पर रोक
सीतामढ़ी के जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि कंपनी के अधिकारियों एवं पेट्रोल पंप संचालकों से लगातार यह शिकायत प्राप्त हो रही थी कि नेपाली वाहनों द्वारा पेट्रोल, डीजल की कालाबाजारी एवं तस्करी की जा रही है। इस गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए तथा इसे रोकने के उद्देश्य से नेपाली नंबर के वाहनों को ईंधन देने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, आवश्यक परिस्थितियों में केवल गंतव्य स्थान तक पहुंचने हेतु सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जायेगा।
स्थानीय उपभोक्ताओं ने मिली राहत
सीतामढ़ी पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि नेपाली वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण स्थानीय उपभोक्ताओं, खासकर किसानों को डीजल के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा था। कई बार स्टॉक खत्म होने की स्थिति भी बन रही थी। नए नियम लागू होने के बाद अब स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और आपूर्ति व्यवस्था बेहतर हुई है।
आपात स्थिति में दे सकते हैं ईंधन
प्रशासन ने सख्ती के बीच मानवीय पहलू को भी ध्यान में रखा है। निर्देशों के अनुसार, आपात स्थिति में नेपाली नागरिकों को 50 से 100 रुपये तक का सीमित ईंधन दिया जा सकता है। लेकिन, टैंक फुल या व्यावसायिक उपयोग के लिए ईंधन देने पर पूरी तरह रोक रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था केवल जरूरतमंदों की मदद के लिए है, न कि किसी भी प्रकार के व्यापारिक उपयोग के लिए।
नेपाल में फ्यूल लॉकडाउन क्यों लगा?
नेपाल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति बाधित होने के कारण ईंधन संकट गहरा गया है। हालात ऐसे हैं कि सरकार को सप्ताह में दो दिन का फ्यूल लॉकडाउन लागू करना पड़ा है। पिछले 75 वर्षों से भारत अपने पड़ोसी देश नेपाल के लिए मदद करता रहा है। भारत नेपाल का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और उसे कई जरूरी सामान कम कीमत पर देता है, जिसमें पेट्रोल और दूसरे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स सबसे अहम हैं। भारतीय तेल कंपनियों के जरिए भारत नेपाल की लगभग 100% तेल जरूरतें पूरी करता है।
सड़क हादसे में बस पलटी, आठ यात्रियों की हालत गंभीर
16 Apr, 2026 10:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुपौल। बिहार के सुपौल में गुरुवार की अहले सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। जहां पटना से उदाकिशुनगंज जा रही यात्रियों से भरी बस और एक ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस अनियंत्रित होकर एनएच-27 किनारे हरियाही के समीप सब-वे के पास पलट गई। इस हादसे में बस में सवार दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना निर्मली थाना क्षेत्र के हरियाही स्थित हर्ष पेट्रोल पंप के समीप सुबह करीब चार बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के अनुसार, घटना के वक्त बस में करीब 40 से अधिक यात्री सवार थे। सभी यात्रियों को किसी न किसी रूप में चोटें आई हैं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल निर्मली (SDH निर्मली) पहुंचाया गया। जहां 14 घायलों को भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया गया। अस्पताल प्रबंधक मुकेश कुमार की देखरेख में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ आलोक राज ने बताया कि घायलों की स्थिति को देखते हुए 8 लोगों को गंभीर हालत में बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
ओवरटेक करने के दौरान हुआ हादसा
घटना के संबंध में घायलों ने बताया कि बस आगे बढ़ रही थी। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने ओवरटेक करने के दौरान बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गई। हादसे में बस और ट्रक दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। ट्रक चालक भी वाहन में फंस गया था, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
इस हादसे में घायल हुए लोगों में मधेपुरा जिले के सोनबरसा निवासी 44 वर्षीय अनिल राम, 21 वर्षीय सुजीत कुमार, 49 वर्षीय सुतीक्ष्ण कुमार, आलमनगर निवासी 65 वर्षीय एमडी उस्ताद, उदाकिशुनगंज निवासी 18 वर्षीय साहिल कुमार, 48 वर्षीय रंजीत कुमार, 40 वर्षीय नूतन देवी, मवालीधन निवासी 25 वर्षीय अंकित कुमार, पटना के दानापुर निवासी 30 वर्षीय करण कुमार, 48 वर्षीय सुभद्रा देवी, जमुई निवासी ट्रक चालक 40 वर्षीय जितेंद्र कुमार, सुपौल के बसंतपुर निवासी 35 वर्षीय एमडी शहंशाह, मधेपुरा के ग्वालपाड़ा निवासी 26 वर्षीय पांडव कुमार तथा शंकरपुर निवासी 22 वर्षीय अनिल मंडल शामिल हैं।
ट्रक चालक सहित आठ को किया रेफर
डॉ. आलोक राज के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद ट्रक चालक जितेंद्र कुमार, मो शहंशाह, पांडव कुमार, अनिल मंडल, सुतीक्ष्ण कुमार, साहिल कुमार, सुजीत कुमार और मो मुस्ताद की हालत गंभीर बनी हुई है। जिसकी वजह से उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। इधर, निर्मली थानाध्यक्ष सियावर मंडल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने और यातायात बहाल करने का काम किया गया। साथ ही हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
फर्जी पहचान का जाल: महिला ने हनी ट्रैप में फंसाकर की बड़ी ठगी
16 Apr, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राजधानी पटना में एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से साइबर अपराधियों ने 97.06 लाख की ठगी की है। अब उन्होंने इसकी शिकायत साइबर थाना में की है। सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी अमरेंद्र कुमार सिन्हा हैं, जो खुद बैंकिंग प्रणाली के विशेषज्ञ थे। वह अगस्त 2024 में पूर्णिया जिला में होम लोन ब्रांच में मुख्य प्रबंधक के पद से रिटायर हुए थे। वर्तमान में पटना के पुनाईचक इलाके में रहते हैं।
फेसबुक विज्ञापन से हुई शुरुआत
अमरेंद्र कुमार सिन्हा की ठगी की कहानी एक सोशल मीडिया विज्ञापन से शुरू हुई। फेसबुक पर उन्होंने वेपलोग नामक एक विज्ञापन पर क्लिक किया था, जिसके बाद अमरेंद्र कुमार सिन्हा एक युवती के संपर्क में आए। उस युवती ने खुद का परिचय साक्षी अग्रवाल के रूप में दी थी। साक्षी ने खुद को मुंबई स्थित वीवी कंस्ट्रक्शन का सीईओ बताया। उसने अपने कार्यालय का पता खोजा सोसाइटी, वैशाली नगर, जोगेश्वरी, वेस्ट मुंबई बताया था। साक्षी ने बातचीत के दौरान अमरेन्द्र कुमार सिन्हा का भरोसा जीत लिया। फिर दोनों के बीच व्हाट्सएप चैट और वीडियो कॉल के जरिए नियमित बातचीत होने लगी, जिससे अमरेंद्र का उस पर भरोसा लगातार गहरा होता चला गया।
कमीशन और ऑडिट के नाम पर वसूली
साक्षी ने अमरेंद्र को पॉलीअस फाइनेंस पिक नामक एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर 45 लाख रुपए निवेश करने के लिए कहा, लेकिन अमरेंद्र कुमार सिन्हा से मात्र 43 हजार रुपये निवेश किए। ज्यादा ठगी करने के लिए विशवास जीतना जरुरी था, इसलिए अमरेन्द्र कुमार सिन्हा का विश्वास जीतने के लिए उन्हें 1,978 रुपए की निकासी करने दी। जब उनके पोर्टफोलियो की एसेट्स वैल्यू 3.50 लाख रुपए दिखने लगी, तो जालसाजों का असली खेल शुरू हुआ। अमरेंद्र कुमार सिन्हा अब 1 लाख रुपए की निकासी करने की कोशिश की तो साक्षी ने अमरेन्द्र सिन्हा से 45 लाख रुपए एक्सचेंज एंड कमीशन के तौर पर जमा करवा लिए। फिर ऑडिट के नाम पर 5.33 लाख रुपए जमा करने को कहा तो अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने 5.33 लाख रुपए जमा कर दिए।
मां के नाम पर भी की ठगी
साक्षी ने अमरेंद्र कुमार सिहा को व्यक्तिगत रूप से भी ठगा। उसने अपनी माँ की बीमारी का बहाना बनाया और कहा कि डॉक्टर को डॉलर में भुगतान करना है। अमरेंद्र ने उसकी मदद के लिए 1 लाख रुपये को डॉलर में कन्वर्ट करवाकर भेज दिए।
करोड़ों का निवेश और हाथ में शून्य
जैसे-जैसे निवेश की राशि बढ़ती गई, उसे निकालने की शर्तें भी कठिन होती गईं। कंपनी ने कहा कि कुल एसेट्स निकालने के लिए 95 लाख रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट देने होंगे। साक्षी ने नाटक किया कि उसने खुद इसकी व्यवस्था कर दी है, लेकिन 5 लाख रुपये कम पड़ रहे हैं। अमरेंद्र ने भरोसा करके वह 5 लाख भी दे दिए। इसके बाद स्टाफ की सैलरी के नाम पर 1.20 लाख रुपए भी लिए गए। जब अक्टूबर 2025 में उनका खाता फ्रीज कर दिया गया, तो साक्षी ने दिल्ली जाने और खाता खुलवाने के नाम पर 30 हजार रुपए और ऐंठ लिए। इस तरह धीरे-धीरे रिटायर्ड बैंक अधिकारी ने अपनी जीवन भर की कमाई के 97.06 लाख रुपये गंवा दिए।
सभी जानकारी निकले फर्जी
मामला दर्ज होने पर पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि साक्षी के द्वारा दे गई साड़ी जानकारियां झूठी थी। उसने खुद के बारे में जो कुछ बताया या फिर उसने अपने कार्यालय के बारे में जो कुछ भी बताया था, सब कुछ फर्जी था। पटना के साइबर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और अब मामले की जांच की जा रही है।
परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: मास्टरमाइंड समेत 22 आरोपी पकड़े गए
16 Apr, 2026 08:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा 14 व 15 अप्रैल को आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (एडीईओ) परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का खुलासा हुआ है। परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 15 से 20 लाख रुपये तक की वसूली की जा रही थी। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में मास्टरमाइंड, तीन लाइनर और 18 अभ्यर्थियों समेत कुल 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी के आवेदन पर मुफ्फसिल थाना में बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मास्टरमाइंड सूजल कुमार (भगतचौकी), लाइनर समीर कुमार (पटना), प्रियांशू कुमार (धरहरा) और प्रशांत कुमार (कहलगांव, भागलपुर) शामिल हैं। सभी लाइनरों को होटल से तथा मास्टरमाइंड को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला है, जिसमें सैकड़ों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड पाए गए हैं। यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस ग्रुप की गहन जांच कर बड़े सरगना तक पहुंचने में जुटी है।
बायोमेट्रिक के दौरान होता था खेल
पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के अनुसार, मास्टरमाइंड सूजल अपने अधीन तीन लाइनरों के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया के दौरान ऑपरेटर से मिलीभगत कर प्रश्नपत्र की तस्वीर मोबाइल से खींचकर मास्टरमाइंड को भेजी जाती थी। इसके बाद हल प्रश्नपत्र वापस लाइनर के पास पहुंचता, जो अभ्यर्थियों को उत्तर भरने में मदद करता था। गिरफ्तार लाइनरों के पास से छोटे इलेक्ट्रॉनिक चिप भी बरामद किए गए हैं, जिनमें प्रश्नपत्र और उसके उत्तर सुरक्षित पाए गए हैं।
कोचिंग सेंटर की भूमिका संदिग्ध
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार सभी 18 अभ्यर्थियों ने एक ही कोचिंग सेंटर के माध्यम से इस गिरोह से संपर्क किया था। पुलिस ने कोचिंग सेंटर की पहचान कर ली है और उसके संचालक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
केंद्राधीक्षक निलंबित, केस दर्ज
उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल परीक्षा केंद्र की केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने बायोमेट्रिक ऑपरेटर को एंड्रॉयड मोबाइल उपयोग करने की अनुमति दी, जिससे फर्जीवाड़ा संभव हो सका।
जानें एसपी ने क्या कहा?
एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़ा गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप ग्रुप में बिहार के कई जिलों के संदिग्धों और सैकड़ों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड मिले हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही बड़े खुलासे की संभावना है।
पुलिस की छापेमारी में मैनेजर और लाइनर गिरफ्तार, बड़ा खुलासा
15 Apr, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिले के गरहां थाना क्षेत्र के पटियासा में पुलिस ने एक संगठित देह व्यापार रैकेट का एक बड़ा खुलासा किया है। जिले के पटियासा पेट्रोल पंप एनएच 27 के पास में मोहिनी ढाबा में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में अवैध गतिविधि का पर्दाफाश किया गया है। इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व एसडीपीओ टाउन-टू बिनीता सिन्हा ने किया है। करवाई में जिसमें ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम भी शामिल रही है। मामले की जानकारी सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने दी।
रजिस्टर में होता था पूरा हिसाब
पुलिस की विशेष टीम की जांच में सामने आया है कि मोहिनी ढाबे में देह व्यापार बहुत ही सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। इसमें ग्राहकों को एंट्री के लिए टोकन दिए जाते थे और पूरे लेन-देन का हिसाब एक रजिस्टर में बाकायदा दर्ज किया जाता था। इससे यह साफ होता है कि यह धंधा लंबे समय से संगठित रूप में संचालित हो रहा था। इस दौरान में पूरा रिकॉर्ड भी रखा जाता था और फिर इस धंधे को एक्टिव किया जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही अधिकांश आरोपी मौके से फरार हो गए। टीम ने दो महिलाओं को मौके से रेस्क्यू किया, जिन्हें सुरक्षित संरक्षण में लिया गया है।
'वीडियो बनाकर जबरन धंधे में धकेला
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रेस्क्यू कराई गई दोनों महिलाओं ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि होटल के मैनेजर द्वारा उनकी आपत्तिजनक वीडियो बना ली गई थी और उसे वायरल करने की धमकी देकर उन्हें जबरन देह व्यापार में शामिल किया गया। इस दौरान में काम नहीं करने पर पिटाई की धमकी दी जा रही थी और बार बार टॉर्चर किया जा रहा था। इस दौरान महिलाओं ने यह भी बताया कि अलग अलग जगहों से ग्राहकों को बुलाया जा रहा था। इसमें ढाबे का मैनेजर और लाइनर मुख्य रूप से भूमिका निभाता था। अमित कुमार पूरे नेटवर्क में पैसों के लेन-देन की जिम्मेदारी संभालता था।
संचालक की तलाश जारी
इस पूरे मामले में सिटी एसपी मोहिबुल्ला अंसारी ने बताया कि पटियासा स्थित इस होटल से जुड़े मामले में दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।अन्य संलिप्त लोगों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।वही पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।और यह भी आशंका है कि इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं तथा यह रैकेट लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था।मामले में ढाबे का संचालक फरार हो गया है अन्य बिंदुओं पर जारी है जांच।इस मामले में शख्स करवाई की जा रही है।
प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने से माहौल गरम, पुलिस जांच में जुटी
15 Apr, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीवान। बिहार के सीवान जिले में हाल के दिनों में दो अलग-अलग शर्मनाक घटनाओं ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं ने न केवल सामाजिक मूल्यों और नैतिकता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि क्षेत्र में तनाव और आक्रोश भी बढ़ा दिया है। पहली घटना चंद्रशेखर प्रसाद की प्रतिमा तोड़ने से जुड़ी है, जबकि दूसरी महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ अभद्र व्यवहार की है।
चंद्रशेखर प्रसाद की प्रतिमा तोड़ी गई
मंगलवार देर रात सीवान के गोपालगंज मोड़ स्थित गोलंबर (चंद्रशेखर चौक) पर असामाजिक तत्वों ने जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय चंद्रशेखर प्रसाद उर्फ चंदू की आदमकद प्रतिमा को तोड़ दिया। यह घटना दूसरी बार हुई है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और सामाजिक तनाव फैलाने की कोशिश साफ नजर आई। चंद्रशेखर प्रसाद केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा थे, जिन्होंने 1997 में सीवान में शहादत दी थी और दबे-कुचले वर्गों को अधिकारों के लिए संघर्ष करना सिखाया था। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना उनके विचारों पर हमला माना जा रहा है।
पुलिस मौके पर पहुंची, जांच शुरू
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसपी पुरन कुमार झा और एसडीपीओ अजय कुमार सिंह देर रात मौके पर पहुंचे। इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की गई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के आदेश दिए गए। एसपी ने कहा कि यह साजिश ज्यादा दिन तक छिप नहीं पाएगी और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ भी अभद्रता
इस घटना से एक दिन पहले सीवान के गांधी मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ शर्मनाक हरकत की गई। कुछ अज्ञात लोगों ने प्रतिमा पर गुटखा थूक दिया, जिसे लोगों ने राष्ट्रपिता का घोर अपमान बताया। इस घटना से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया है।
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका
ये दोनों घटनाएं मिलकर यह संकेत देती हैं कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर समाज में अशांति और विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। चंद्रशेखर प्रसाद की प्रतिमा तोड़ना उनके क्रांतिकारी विचारों पर हमला माना जा रहा है, जबकि गांधी जी की प्रतिमा का अपमान राष्ट्रीय एकता और अहिंसा के प्रतीक पर चोट है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
हालांकि ऐसे कृत्य महान व्यक्तित्वों की विरासत को कमजोर नहीं कर सकते। चंद्रशेखर प्रसाद और महात्मा गांधी के विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही समाज से एकजुट होकर शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
सनातन अपनाकर साध्वी बनीं, सड़क के लिए 6 साल तक रखा उपवास
15 Apr, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज से श्रद्धा, संघर्ष और जनसेवा की एक अनोखी कहानी सामने आई है, जो सांप्रदायिक सौहार्द और समर्पण की मिसाल बन गई है। कभी मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून आज बउक दास के नाम से जानी जाती हैं। उनका जीवन धर्म परिवर्तन, निजी संघर्ष और समाजसेवा की ऐसी यात्रा है, जिसने उन्हें क्षेत्र में एक साध्वी और जननेता के रूप में पहचान दिलाई है।
आसमा खातून से बउक दास बनने की यात्रा
पंचदेवरी प्रखंड के डेरवा गांव के एक मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून का बचपन मदरसे और नमाज के बीच बीता। लेकिन बचपन से ही उन्हें मंदिर की घंटियों की आवाज आकर्षित करती थी। परिवार और धर्मगुरुओं के विरोध के बावजूद उनका झुकाव सनातन धर्म की ओर बढ़ता गया। करीब 30 साल पहले उन्होंने अपने अंतर्मन की आवाज सुनकर घर छोड़ दिया। बाद में उनकी मुलाकात फुलवरिया प्रखंड के मदरवानी गांव निवासी रामाकांत यादव से हुई, जिनसे प्रेम विवाह के बाद वे रामांती बन गईं। लेकिन यह सुखद समय अधिक लंबा नहीं रहा। रामाकांत की जेल में मृत्यु हो गई और परिवार ने भी उनका साथ छोड़ दिया। इसके बाद रामांती ने अकेले ही पति का अंतिम संस्कार किया और झरही नदी के किनारे जंगल में जीवन शुरू कर दिया। इसी एकांत और भक्ति के कारण लोगों ने उन्हें बउक दास नाम दिया।
जनसेवा के लिए किया अन्न का त्याग
बउक दास केवल साध्वी नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठाने वाली सामाजिक योद्धा भी हैं। करीब दो दशक पहले इलाके में आवागमन के लिए सिर्फ चचरी पुल था। लोगों की परेशानी देखकर उन्होंने झरही नदी में मचान बनाकर एक साल तक जल सत्याग्रह किया। उनके आंदोलन के बाद सरकार ने पुल का निर्माण कराया। लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं हुई। पुल बन गया, लेकिन संपर्क मार्ग कच्चा रह गया, जिससे बारिश में लोगों को भारी परेशानी होती थी। इसके विरोध में उन्होंने छह साल तक अन्न का त्याग कर दिया। उनकी शर्त थी कि जब तक पक्की सड़क नहीं बनेगी, वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगी। लंबे उपवास से उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। बाद में सामाजिक लोगों की मदद से एक साल पहले गड्ढों में मिट्टी भरवाई गई, जिसके बाद उन्होंने फिर से अन्न ग्रहण किया।
पशु-पक्षियों से गहरा लगाव, बना ‘भाव आश्रम’
बउक दास ने जिस जंगल को साफ कर अपनी कुटिया बनाई, वहां अब एक शिव मंदिर और भाव आश्रम स्थापित है। उनकी आध्यात्मिकता का आलम यह है कि उनकी आवाज पर कौओं और अन्य पक्षियों का झुंड उनके पास आ जाता है। वे रोज अपने हाथों से पक्षियों को दाना खिलाती हैं। स्थानीय लोग उन्हें सिद्ध संत मानते हैं और उनके अनुयायी बन चुके हैं।
बउक दास का बयान
उन्होंने कहा, “मेरा जन्म ईश्वर की भक्ति के लिए हुआ था। भले ही मैं मुस्लिम परिवार में पैदा हुई, लेकिन मेरी आत्मा हमेशा सनातन की ओर रही। अब मेरा जीवन समाज और महादेव के चरणों में समर्पित है।” स्थानीय लोगों का कहना है कि एक महिला जिसने अपना पूरा जीवन समाजसेवा में लगा दिया है, आज भी अपने स्वास्थ्य और मूलभूत मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि बउक दास की सेहत और उनकी जायज मांगों पर तुरंत ध्यान दिया जाए।
अस्पताल में चाचा से मिले चिराग पासवान, हालचाल जाना
15 Apr, 2026 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की तबीयत अचानक खराब हो गई है। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें पटना के कंकड़बाग इलाके में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। जैसे ही यह खबर उनके भतीजे और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को लगी, वे तुरंत अस्पताल पहुंच गए। चिराग ने अपने चाचा पशुपति पारस से मुलाकात की और उनका हाल-चाल पूछा। उन्होंने चाचा के जल्दी ठीक होने की कामना भी की।
क्या लिखा चिराग ने
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मेरे अभिभावक, अंकल श्री पशुपति कुमार पारस जी, आज सुबह से अस्वस्थ हैं। मैं पटना के एक अस्पताल में जाकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उचित उपचार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।'
भीषण हादसा: स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई, दो की हालत नाजुक
15 Apr, 2026 09:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सासाराम। बिहार के सासाराम में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहां तेज रफ्तार और अनियंत्रित स्कॉर्पियो पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
साहू सिनेमा के पास हुआ हादसा
यह घटना नगर निगम सासाराम के पुरानी जीटी रोड स्थित साहू सिनेमा के समीप बुधवार की मध्य रात्रि करीब दो बजे की है। हादसे में स्कॉर्पियो सवार एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवसागर थाना क्षेत्र के किरहिंडी गांव निवासी कन्हैया पासवान के 25 वर्षीय पुत्र ओमप्रकाश पासवान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में कुल तीन लोग सवार थे, जो एक बर्थडे पार्टी में शामिल होकर अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान साहू सिनेमा के पास अचानक स्कॉर्पियो का ब्रेक फेल हो गया, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे पेड़ से जा टकराया।
पान दुकानों को भी हुआ नुकसान
अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने टक्कर के दौरान पेड़ के पास स्थित पान दुकान की दो गुमटियों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों गुमटियां दूर जा गिरीं। हादसा इतना भीषण था कि स्कॉर्पियो पेड़ से टकराने के बाद पूरी तरह चिपट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद एक शव और दोनों घायलों को वाहन से बाहर निकाला। घटना में घायल हुए दोनों युवकों की पहचान 27 वर्षीय प्रतिक राज और 26 वर्षीय जयप्रकाश कुमार के रूप में हुई है। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही सासाराम नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल सदर अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार दोनों घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
कफ सिरप की आड़ में अवैध धंधा, 59 बोतल कोडिन बरामद
15 Apr, 2026 09:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खगड़िया। बिहार में अवैध कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत महेशखूंट थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशे के धंधे और अनैतिक देह व्यापार का एक साथ भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने प्रतिबंधित कोडिन कफ सिरप की खेप बरामद की और मौके से 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी
एसपी राकेश कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। मंगलवार को गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि महेशखूंट थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि राजधाम के पूवारी टोला में एक किराये के मकान में हरिओम मेडिकल हॉल की आड़ में अवैध गतिविधियां चलाई जा रही हैं। सूचना मिलते ही गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई और सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे छापेमारी की गई।
नशे का सामान और देह व्यापार का खुलासा
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 59 बोतल प्रतिबंधित कोडिन कफ सिरप बरामद किया। इसके साथ ही वहां चल रहे देह व्यापार का भी पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने 5 महिलाओं और 3 पुरुषों को आपत्तिजनक स्थिति में गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभिमन्यु कुमार, निवासी राजधाम पर आरोप है कि वह बाहर से लड़कियों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर इस धंधे में शामिल करता था और किराये के मकान में कमरा उपलब्ध कराता था। इसके अलावा दो अन्य आरोपी किशोर यादव और राजकिशोर कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।
आपत्तिजनक सामग्री और नकदी बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की। इनमें 28 इस्तेमाल किए गए कंडोम, 22 पैकेट कंडोम, प्रेग्नेंसी टेस्ट किट, गर्भनिरोधक और गर्भपात की दवाएं शामिल हैं। इसके अलावा एक मोबाइल फोन और 32,500 रुपए नकद भी जब्त किए गए। इस मामले में महेशखूंट थाना में दो अलग-अलग कांड दर्ज किए गए हैं। नशे के मामले में एनपीडीएस एक्ट के तहत कांड संख्या 63/26 दर्ज किया गया है। वहीं देह व्यापार के मामले में कांड संख्या 62/26 के तहत अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। गोगरी एसडीपीओ साक्षी कुमारी ने बताया कि इलाके में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वेतन बकाया पर भड़के कर्मचारी, अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
14 Apr, 2026 02:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। बिहार के गया शहर में नगर निगम कर्मियों ने वेतन बकाया और अन्य मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल का असर पहले ही दिन शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखने लगा है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिहार लोकल बॉडीज एम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले गया नगर निगम के कर्मियों ने 10 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
वेतन बकाया से नाराज़ कर्मचारी
गया नगर निगम के कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर यह बड़ा कदम उठाया है। इस आंदोलन में निगम के विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले तीन-तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण उनके परिवार के सामने भुखमरी जैसी स्थिति बन गई है। बच्चों की स्कूल फीस समय पर जमा नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं घरेलू खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। कर्मियों ने यह भी कहा कि हर महीने की शुरुआत में उधार देने वाले दुकानदार पैसे की मांग के लिए उनके घर पहुंच जाते हैं, जिससे उन्हें मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है।
सरकार से मांग पूरी करने की अपील
कर्मचारियों ने सरकार से जल्द उनकी मांगों पर ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर उनकी 10 सूत्री मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा है। पहले ही दिन कई इलाकों में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। नगर निगम के सफाई कर्मियों के काम बंद करने से सड़कों और मोहल्लों में गंदगी फैलने लगी है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। अगर हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। शहर में स्वच्छता संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में किशनगंज में जांच तेज, EOU का एक्शन
14 Apr, 2026 09:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छपरा। बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक बड़े पुलिस अधिकारी पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है। किशनगंज नगर थाना के थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन के कई ठिकानों पर ईओयू की टीम ने छापेमारी शुरू की है। सारण जिले के भेल्दी थाना क्षेत्र के पैगा गांव निवासी अभिषेक रंजन, जो वर्तमान में किशनगंज नगर थाना में थानाध्यक्ष के पद पर तैनात हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ईओयू की टीम ने किशनगंज स्थित उनके सरकारी आवास, थाना परिसर के कक्ष और पटना के रामकृष्णा नगर स्थित आवास पर एक साथ छापेमारी की।
6 सदस्यीय टीम कर रही जांच
जानकारी के अनुसार, किशनगंज में तीन गाड़ियों से ईओयू की 6 सदस्यीय टीम पहुंची है, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं। टीम सभी ठिकानों पर दस्तावेजों और सामानों की गहन जांच कर रही है।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम अभिषेक रंजन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कर रही है। उनके ऊपर 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति रखने का केस दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान टीम सभी जरूरी दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाल रही है, ताकि मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।
IPL डेब्यू में शाकिब का जलवा, बड़े बल्लेबाजों की पारी हुई ध्वस्त
14 Apr, 2026 09:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार की मिट्टी ने एक बार फिर क्रिकेट जगत को अपना हुनर दिखाया है। गोपालगंज के लाल शाकिब हुसैन ने आईपीएल 2026 में कदम रखते ही ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसकी चर्चा पूरे क्रिकेट जगत में हो रही है।
डेब्यू मैच में शानदार शुरुआत
सनराइजर्स हैदराबाद की जर्सी पहनकर डेब्यू करने उतरे शाकिब हुसैन ने अपनी रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ से राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। मैच की शुरुआत में कप्तान ने उन्हें नई गेंद सौंपी, जहां उन पर दबाव और उम्मीदें दोनों थीं, लेकिन शाकिब ने आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने अपने पहले ही ओवर में वह कारनामा कर दिखाया, जो किसी भी गेंदबाज का सपना होता है। अपनी तेज इन-स्विंगर पर उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल को आउट कर पवेलियन भेज दिया। पहले ही ओवर में इतना बड़ा विकेट लेना उनके टैलेंट का बड़ा प्रमाण है।
सोशल मीडिया पर छाए शाकिब
यशस्वी जायसवाल जैसे दिग्गज बल्लेबाज का विकेट लेने के बाद शाकिब हुसैन रातों-रात सुर्खियों में आ गए। उनके इस प्रदर्शन से सनराइजर्स हैदराबाद को शानदार शुरुआत मिली और वे सोशल मीडिया व क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चर्चा का केंद्र बन गए।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
शाकिब हुसैन का यहां तक पहुंचना आसान नहीं रहा। बिहार के छोटे जिले गोपालगंज से निकलकर आईपीएल जैसे बड़े मंच तक पहुंचना उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प की कहानी है। सीमित संसाधनों और सुविधाओं की कमी के बावजूद उन्होंने अपनी गेंदबाजी को लगातार बेहतर बनाया। उनकी तेज रफ्तार ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी, जिसने आईपीएल स्काउट्स का ध्यान अपनी ओर खींचा। पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने भी शाकिब की तारीफ करते हुए कहा कि वे भारतीय सेना का हिस्सा बनना चाहते थे और उनकी फिटनेस व शुरुआत शानदार है।
बिहार के लिए गर्व का पल
शाकिब की इस उपलब्धि से पूरे बिहार, खासकर गोपालगंज में खुशी का माहौल है। यह सिर्फ उनकी जीत नहीं, बल्कि उन सभी युवाओं की प्रेरणा है जो छोटे शहरों से निकलकर बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं।
24 घंटे में ज्वाइनिंग के निर्देश, सख्त आदेश जारी
14 Apr, 2026 09:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले में पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। एसपी विक्रम सिहाग ने पांच थाना अध्यक्ष समेत 13 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि पुलिस उप महानिरीक्षक तिरहुत, मुजफ्फरपुर के अनुमोदन के बाद वैशाली जिले में प्रशासनिक दृष्टिकोण और कार्यहित को ध्यान में रखते हुए थाना अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों का पदस्थापन किया गया है।
24 घंटे में ज्वाइनिंग का निर्देश
एसपी ने सभी संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान दें और तुरंत कार्यभार संभालें।
इन अधिकारियों का हुआ तबादला
जारी आदेश के अनुसार, पुलिस निरीक्षक अरुण कुमार मंडल को अंचल निरीक्षक जंदाहा से पर्यवेक्षी पदाधिकारी नगर बनाया गया है।
पुलिस निरीक्षक विजय कुमार सिंह को प्रभारी लोक शिकायत निवारण कोषांग एवं प्रभारी एएलटीएफ वैशाली से अंचल पुलिस निरीक्षक जंदाहा की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस निरीक्षक अरविंद प्रसाद को पर्यवेक्षी पदाधिकारी नगर से थाना अध्यक्ष महुआ बनाया गया है।
पुलिस निरीक्षक राजेश रंजन को थाना अध्यक्ष महुआ से पर्यवेक्षी पदाधिकारी सदर पद पर भेजा गया है।
पुलिस निरीक्षक जितेंद्र कुमार 2 को पर्यवेक्षी पदाधिकारी सदर से पुलिस केंद्र हाजीपुर स्थानांतरित किया गया है।
पुलिस निरीक्षक रघुनंदन राम को अपरदन अध्यक्ष साइबर से थाना अध्यक्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस निरीक्षक प्रकाश लाल को थाना अध्यक्ष अनुसूचित जाति एवं जनजाति थाना से साइबर थाना अनुसंधान इकाई में भेजा गया है।
पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार को भगवानपुर थाना अनुसंधान इकाई से थाना अध्यक्ष तिसिऔता बनाया गया है।
पुलिस अवर निरीक्षक चांदनी कुमारी सांवरिया को थाना अध्यक्ष तिसिऔता से थाना अध्यक्ष महिसौर बनाया गया है।
पुलिस अवर निरीक्षक सत्येंद्र कुमार को नगर थाना अनुसंधान इकाई से प्रभारी जढुआ ओपी की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस अवर निरीक्षक राजेश कुमार यादव को बिदुपुर थाना अनुसंधान इकाई से थाना अध्यक्ष हरलोचनपुर बनाया गया है।
पुलिस अवर निरीक्षक हरेराम पासवान को थाना अध्यक्ष हरलोचनपुर से लालगंज थाना अनुसंधान इकाई में पदस्थापित किया गया है।
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चुनाव के बाद पहली बड़ी कार्रवाई
वैशाली जिले में विधानसभा चुनाव के बाद यह पहली बार है जब एक साथ 13 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला किया गया है।
विजय के समर्थन पर सस्पेंस, CPI गठबंधन शुक्रवार को करेगा ऐलान
डिप्टी CM नहीं, अब मंत्री बनेंगे निशांत कुमार! विभाग को लेकर अटकलें
यात्रियों को मिलेगी तेज और बेहतर टिकट बुकिंग सुविधा
सिंहस्थ मेला की व्यापक तैयारियों को लेकर भोपाल में सुरक्षा सम्मेलन व संगोष्ठी आयोजित
23 मिनट में बदली तस्वीर, जांबाजों की कार्रवाई से कांपा पाकिस्तान
‘आरोप साबित करें या माफी मांगें’: BJP का भगवंत मान को नोटिस
सम्राट चौधरी के जिम्मे बड़ा काम, मंत्रियों के विभागों का होगा बंटवारा
सिजेरियन ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, प्रसूता की मौत से उठे सवाल
राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भारत की तत्परता का प्रतीक है ऑपरेशन सिंदूर: रक्षामंत्री
