बिहार-झारखण्ड
मुजफ्फरपुर में गैस रिसाव से हड़कंप, पाइपलाइन फटने के बाद स्कूल की छात्राएं बेहोश
17 Jul, 2026 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रोहुआ हाट के समीप शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 11:30 बजे इलाके में नाला निर्माण के लिए चल रही खुदाई के दौरान एक लापरवाही सामने आई। खुदाई कार्य में लगी एक तेज रफ्तार जेसीबी मशीन ने जमीन के नीचे से गुजर रही पीएनजी गैस पाइपलाइन को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर के कारण गैस पाइपलाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से हुआ गैस का तीव्र रिसाव
टक्कर लगते ही पाइपलाइन से बेहद तेज गति और दबाव के साथ गैस का रिसाव शुरू हो गया। हवा में गैस फैलते ही उसकी तीव्र गंध चारों ओर फैल गई, जिससे मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। गैस रिसाव का यह घातक असर कुछ ही मिनटों में घटना स्थल के बिल्कुल नजदीक स्थित स्थानीय हाई स्कूल और मिडिल स्कूल के परिसरों तक पहुंच गया।
स्कूल की कक्षाओं में फैली गैस और मची अफरा-तफरी
हवा के रुख के साथ गैस की गंध तेजी से दोनों स्कूलों के कमरों और कक्षाओं के भीतर समाने लगी, जिससे वहां मौजूद बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। स्थिति को बिगड़ता देख स्कूलों के शिक्षकों ने बेहद सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए तुरंत सभी छात्र-छात्राओं को कक्षाओं से सुरक्षित बाहर निकाला और एहतियात के तौर पर स्कूलों में तत्काल छुट्टी की घोषणा कर दी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
गैस की चपेट में आने से सात छात्राएं हुईं अचेत
स्कूल खाली कराने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान गैस के जहरीले प्रभाव के कारण हाई स्कूल की सात छात्राएं अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। छात्राओं के अचेत होते ही स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी प्रभावित छात्राओं को एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम तुरंत उनके उपचार में जुट गई है।
राहत कार्य शुरू और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और गैस कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच गई है। सबसे पहले गैस की मुख्य आपूर्ति को पीछे से बंद कराया गया ताकि रिसाव पर पूरी तरह काबू पाया जा सके। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि बिना रूट मैप और सुरक्षा मानकों के नाले की खुदाई की अनुमति किसने दी थी।
ड्रेसिंग के दौरान महिला मरीज से कथित अश्लील हरकत, DMCH कर्मचारी की नौकरी गई
17 Jul, 2026 09:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। उत्तर बिहार के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र, दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में स्थित बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में उपचाराधीन एक महिला मरीज के साथ इलाज के दौरान कथित तौर पर अश्लील हरकत की गई। इस घिनौनी करतूत का आरोप वार्ड में कार्यरत एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी पर लगा है। मामले के तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है, जिससे अस्पताल परिसर के साथ-साथ प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है।
ड्रेसिंग के दौरान युवती से अश्लील हरकत
पीड़ित युवती मंगलवार दोपहर को प्लास्टिक एंड बर्न विभाग में अपना इलाज कराने पहुंची थी, जहां तैनात एक आउटसोर्सिंग कर्मी को उसके जले हुए अंगों की ड्रेसिंग और यूरिन पाइप निकालने का काम सौंपा गया था। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान आरोपी ने मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए पीड़िता के साथ अश्लील हरकत की। इस पर युवती ने तुरंत कड़ा विरोध जताते हुए वार्ड में ही शोर मचाना शुरू कर दिया और बिना वक्त गंवाए अपने परिजनों को फोन कर इस अवांछनीय घटना की पूरी जानकारी दी।
परिजनों का हंगामा और त्वरित बर्खास्तगी
बेटी के साथ हुई इस बदसलूकी की खबर मिलते ही परिजन भारी संख्या में अस्पताल पहुंचे और उन्होंने वार्ड के बाहर आरोपी कर्मी के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने तुरंत खुद मौके पर पहुंचकर आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पीड़ित पक्ष की लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षक ने मौके पर ही आरोपी आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सेवाएं तत्काल समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, इस पूरे हंगामे के दो दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी भी पक्ष की ओर से स्थानीय थाने में कोई औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
अस्पताल में महिला सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल
इस बेहद संवेदनशील घटना ने अस्पताल प्रबंधन और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। चिकित्सा नियमों के अनुसार, महिला मरीजों के यूरिन पाइप लगाने या निकालने जैसे अत्यंत व्यक्तिगत और संवेदनशील कार्य अनिवार्य रूप से किसी महिला नर्सिंग स्टाफ या महिला अटेंडेंट की देखरेख में ही होने चाहिए। अस्पताल में पर्याप्त महिला कर्मियों की उपलब्धता होने के बावजूद एक पुरुष कर्मी को यह कार्य सौंपे जाने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में भी मरीज अपनी लाचारी के कारण ऐसी हरकतों पर चुप रह जाते होंगे, लेकिन इस बार युवती के साहस ने इस अव्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
अधीक्षक का सख्त रुख और नए दिशा-निर्देश
घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा ने स्पष्ट किया है कि ऐसे आचरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी कर्मी को सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के सभी विभागों और वार्डों के प्रभारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में महिला मरीजों की हर तरह की देखभाल और चिकित्सा प्रक्रियाओं के दौरान केवल महिला स्टाफ और महिला अटेंडेंट की मौजूदगी ही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस नियम में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सरकारी स्कूल में बेंच पर चलकर पहुंचीं शिक्षिका, वायरल तस्वीर के बाद विभाग सख्त
17 Jul, 2026 09:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अररिया: बिहार के अररिया जिले के जोगबनी से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है। यहां के एक सरकारी स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मासूम बच्चे घुटने भर पानी के बीच भारी बेंच उठाकर रास्ता बनाते दिख रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि बच्चे यह कड़ी मशक्कत किसी खेल के लिए नहीं, बल्कि अपनी शिक्षिका को पानी से बचाकर स्कूल के भीतर ले जाने के लिए कर रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद से ही सरकारी दावों और गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जलभराव के बीच बच्चों से बेंच रखवाकर शिक्षिका ने बनाया रास्ता
वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी (वार्ड संख्या-10) के परिसर में भारी जलजमाव है। इस गंदे पानी से बचने के लिए स्कूल में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षिका अफसाना परवीन ने कथित तौर पर छोटे-छोटे बच्चों को काम पर लगा दिया। नन्हे बच्चों ने अपनी क्षमता से अधिक भारी बेंचों को गंदे पानी के बीचो-बीच कतार में व्यवस्थित किया, जिसके बाद शिक्षिका उन बेंचों पर पैर रखते हुए बिना पैर गीले किए बड़ी आसानी से स्कूल की इमारत के अंदर दाखिल हो गईं।
अभिभावकों में भारी आक्रोश और बाल अधिकारों के हनन का आरोप
इस शर्मनाक वाकये का वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, स्थानीय निवासियों और बच्चों के अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित परिजनों का कहना है कि वे अपने बच्चों को स्कूल में ज्ञान, अच्छे संस्कार और सुरक्षित भविष्य गढ़ने के लिए भेजते हैं, न कि शिक्षकों की व्यक्तिगत सुख-सुविधा के लिए उनसे मजदूरी या शारीरिक श्रम कराने के लिए। लोगों ने इसे बाल अधिकारों का खुला उल्लंघन और नैतिक रूप से बेहद निंदनीय कृत्य बताते हुए आरोपी शिक्षिका के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कदम उठाने की मांग की है।
प्रधान शिक्षिका ने बचाव में दी बीमारी और प्रशासनिक उपेक्षा की दलील
इस पूरे विवाद पर जब विद्यालय की प्रधान शिक्षिका नीलिमा पाठक से पक्ष मांगा गया, तो उन्होंने संबंधित शिक्षिका का बचाव करने का प्रयास किया। उन्होंने दलील दी कि शिक्षिका अफसाना परवीन को त्वचा से जुड़ी एलर्जी की गंभीर समस्या है, जिसके कारण वे गंदे पानी में पैदल चलने में असमर्थ थीं। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल की बदहाली का रोना रोते हुए कहा कि विद्यालय परिसर में जलजमाव एक पुरानी और बड़ी समस्या है, जिसकी शिकायत उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों से की है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण आज तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला जा सका।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए चौबीस घंटे का अल्टीमेटम दिया
मामले की गंभीरता और चौतरफा हो रही किरकिरी को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ने इस वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे अत्यंत गंभीर अनुशासनहीनता माना है। विभाग की ओर से आरोपी विशिष्ट शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का कड़ा निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्पष्टीकरण का जवाब संतोषजनक न होने पर शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
रात में पत्नी पर तेजाब जैसा पदार्थ फेंकने का आरोप, 12 घंटे बाद अस्पताल पहुंची पीड़िता
17 Jul, 2026 07:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीवान। बिहार के सीवान जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां बड़हरिया थाना क्षेत्र के नवलपुर गांव में एक शख्स ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी पति पर आरोप है कि उसने आधी रात को गहरी नींद में सो रही अपनी पत्नी के चेहरे पर तेजाब जैसा घातक और ज्वलनशील केमिकल डाल दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद दर्द से चीखती-चिल्लाती महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय लगभग 12 घंटे तक घर के भीतर ही बंधक बनाकर तड़पने के लिए छोड़ दिया गया। अंततः पड़ोस में रहने वाली एक महिला की सूझबूझ से पीड़िता ने अपने मायके वालों तक अपनी आपबीती पहुंचाई, जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने मौके पर धावा बोलकर महिला को रेस्क्यू किया और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
तेजाब हमले से गंभीर रूप से झुलसी पीड़िता
इस दर्दनाक हमले का शिकार हुई महिला की पहचान नवलपुर गांव के दिलीप राम की 25 वर्षीय पत्नी छोटी कुमारी के रूप में की गई है। चिकित्सकों के परीक्षण के अनुसार, इस रासायनिक हमले के कारण पीड़िता के चेहरे और संवेदनशील अंगों का लगभग 17 से 18 प्रतिशत हिस्सा बेहद बुरी तरह झुलस गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम की देखरेख में उसका सघन उपचार किया जा रहा है और गनीमत यह है कि वर्तमान में उसकी शारीरिक स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस खौफनाक हमले की तपिश से पीड़िता के पास सो रहा उसका मासूम बेटा भी पूरी तरह नहीं बच सका और उसे भी चेहरे पर हल्की चोटें आई हैं।
ससुराल पक्ष पर लगा इलाज से रोकने का आरोप
पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी के तीन बच्चे हैं और दामाद कोई काम-धंधा नहीं करता था, जिसके कारण अक्सर मायके से ही पूरे परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक मदद भेजी जाती थी। गुरुवार शाम जब पड़ोस की एक महिला के फोन से उन्हें इस क्रूर घटना की भनक लगी, तो वे तुरंत नवलपुर पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनकी बेटी असहनीय पीड़ा से छटपटा रही थी और उसका आधा चेहरा झुलसा हुआ था। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने बेटी को तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की, तो ससुराल वालों ने उन्हें जबरन रोकने का प्रयास किया और सच्चाई छिपाने के लिए केवल सादे पानी से चेहरा साफ कर मामला दबाने की कोशिश करते रहे।
पुलिस की समय पर एंट्री और आरोपी की गिरफ्तारी
मायके वालों और ससुराल पक्ष के बीच जारी विवाद के दौरान ही बड़हरिया थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया और घायल महिला को तुरंत बड़हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से बेहतर चिकित्सा के लिए उसे सीवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के मुख्य आरोपी पति दिलीप राम को मौके से ही हिरासत में ले लिया है और उससे थाने में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि हमले के पीछे की वास्तविक मंशा का पता लगाया जा सके।
घटनास्थल पर पहुंचे बड़े अधिकारी और वैज्ञानिक जांच शुरू
इस बेहद संवेदनशील और गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही बड़हरिया थाना प्रभारी के साथ-साथ फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा खुद मौके पर पहुंचे। एफएसएल की विशेष टीम ने घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया और वहां से जले हुए कपड़े, चादर और प्रयुक्त केमिकल के अवशेषों के नमूने एकत्र किए ताकि उनकी वैज्ञानिक जांच कराई जा सके। पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में बताया कि महिला के शुरुआती बयानों को दर्ज कर लिया गया है और पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि फेंका गया ज्वलनशील पदार्थ शुद्ध एसिड था या कोई अन्य खतरनाक रसायन। पुलिस वैज्ञानिक और कानूनी दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।
ड्यूटी पर निकले ट्रैकमैन की मौत, जंक्शन के पास शव मिलने से मची सनसनी
16 Jul, 2026 06:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर:बिहार के मुजफ्फरपुर रेलवे जंक्शन के पूर्वी छोर पर गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक रेलकर्मी का शव अत्यंत संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। मृत कर्मचारी रेलवे में ट्रैकमैन के पद पर तैनात थे और घटना के वक्त नाइट ड्यूटी पर थे। ड्यूटी के समय उनकी मौत किन कारणों से हुई, यह अभी तक पूरी तरह रहस्य बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
नाइट शिफ्ट के दौरान स्टोर पर तैनात थे रेलकर्मी
मृतक की पहचान 58 वर्षीय घनश्याम राम के रूप में की गई है, जो मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र के निवासी थे और रेलवे में ट्रैकमैन-1 के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी ड्यूटी मुजफ्फरपुर जंक्शन के पूर्वी छोर पर स्थित कटहीपुल स्टोर की रखवाली के लिए चौकीदारी में लगाई गई थी, जहां वे शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक की नाइट शिफ्ट संभाल रहे थे। गुरुवार सुबह अचानक विभाग और उनके परिजनों को ड्यूटी के दौरान ही उनकी संदिग्ध मौत की खबर मिली, जिसके बाद रेलवे महकमे और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
रेल थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सनसनीखेज मामले की सूचना मिलते ही रेल थाना पुलिस की टीम ने तुरंत घटनास्थल का रुख किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद शव का पंचनामा तैयार किया और उसे तुरंत पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। जीआरपी थाना प्रभारी रंजीत कुमार के मुताबिक मामला पहली नजर में पूरी तरह संदिग्ध लग रहा है, इसलिए मौत की असली वजह का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू
रेलवे पुलिस ने इस घटना के संबंध में यूडी (अस्वाभाविक मौत) का केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए हर संभावित कोण से तफ्तीश को आगे बढ़ा रहे हैं। पुलिस प्रशासन इस समय किसी भी आशंका या साजिश से इनकार नहीं कर रहा है और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कार्रवाई की बात कह रहा है।
CM सम्राट चौधरी ने खींचा भगवान जगन्नाथ के रथ का रस्सा, झाड़ू लगाकर निभाई परंपरा
16 Jul, 2026 05:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी में इस्कॉन मंदिर के तत्वावधान में आयोजित भगवान जगन्नाथ की भव्य एवं अलौकिक रथयात्रा ने पूरे महानगर को पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। 40 फीट ऊंचे आधुनिक हाइड्रोलिक रथ पर सुभद्रा जी और बलभद्र जी के साथ विराजमान महाप्रभु के दर्शन पाने के लिए सड़कों पर श्रद्धालुओं का एक विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे शहर में अभूतपूर्व उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा गया।
महाभोग और विशेष अनुष्ठान के साथ हुआ भव्य धार्मिक उत्सव का शंखनाद
इस पावन उत्सव का शुभारंभ दोपहर ठीक एक बजे भगवान के विशेष पूजन, महाआरती और 151 प्रकार के व्यंजनों के भव्य महाभोग अर्पण के साथ हुआ। इसके बाद दोपहर करीब ढाई बजे बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य रूप से उपस्थित होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र रथ को अपने हाथों से खींचकर इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत की।
कीर्तन की मधुर स्वर लहरियों और जयकारों से गूंज उठा पूरा मार्ग
रथयात्रा जैसे-जैसे अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे भक्तों का उत्साह चरम पर पहुँचता गया। रथ के आगे-आगे चल रही कीर्तन मंडलियों के भक्ति गीतों और वाद्य यंत्रों की मधुर स्वर लहरियों ने समां बांध दिया। पूरे यात्रा मार्ग में मौजूद लाखों श्रद्धालुओं ने गगनभेदी जय जगन्नाथ के उद्घोष से पूरे वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक और दिव्य बना दिया।
धार्मिक आयोजन के महामंच पर दिखा सियासत और अटूट श्रद्धा का अनूठा संगम
महाप्रभु की इस पावन रथयात्रा में इस बार आस्था और राजनीतिक जगत का एक अद्भुत समन्वय देखने को मिला। राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी, खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह और कला-संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों ने इस भव्य आयोजन में हिस्सा लिया। सभी जनप्रतिनिधियों ने भगवान जगन्नाथ के चरणों में शीश नवाकर राज्य की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के बीच देर शाम इस्कॉन मंदिर में संपन्न हुई यात्रा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए थे। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जगह-जगह रथयात्रा का पुष्प वर्षा और तोरण द्वारों से भव्य स्वागत किया गया। पूरे नगर का भ्रमण करने के बाद यह पावन रथयात्रा देर शाम शांतिपूर्वक और हर्षोल्लास के साथ पुनः इस्कॉन मंदिर परिसर पहुँचकर संपन्न हुई।
रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प पूरा, कल पीएम मोदी करेंगे पिस्का और मुरी स्टेशन का उद्घाटन
16 Jul, 2026 02:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची:झारखंड के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। रांची रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले दो महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों, पिस्का और मुरी का कायाकल्प पूरी तरह से मुकम्मल हो चुका है। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत इन दोनों ही स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य तय समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया है। इस योजना के पूरे होने से अब ये दोनों स्टेशन पूरी तरह से नए, भव्य और अत्याधुनिक स्वरूप में आम जनता तथा देश-विदेश से आने वाले यात्रियों की सेवा के लिए तैयार हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करेंगे राष्ट्र को समर्पित
पुनर्विकसित किए गए इन दोनों आधुनिक रेलवे स्टेशनों के ऐतिहासिक लोकार्पण की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आगामी 17 जुलाई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से एक भव्य वर्चुअल समारोह में पिस्का और मुरी रेलवे स्टेशनों का आधिकारिक रूप से उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित किए जाने के बाद इन स्टेशनों पर न केवल ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होगा, बल्कि स्थानीय रेल कनेक्टिविटी को भी एक नई मजबूती और वैश्विक पहचान मिलेगी।
आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ दिव्यांगजन अनुकूल व्यवस्थाओं से लैस हुए दोनों स्टेशन
पुनर्विकास प्रक्रिया के बाद इन दोनों प्रमुख स्टेशनों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अब विश्वस्तरीय सुविधाओं का अहसास होगा। स्टेशनों को न केवल दिखने में खूबसूरत बनाया गया है, बल्कि यहाँ यात्रियों के विश्राम के लिए आधुनिक लाउंज, उच्च क्षमता वाले वेटिंग हॉल, स्वच्छ पेयजल और अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों का पुख्ता इंतजाम किया गया है। इसके साथ ही, सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए पूरे स्टेशन परिसर को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया गया है, ताकि समाज के हर वर्ग के यात्रियों को आवाजाही में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
भव्य फेसाड और आकर्षक सौंदर्यीकरण से चमकी स्टेशन भवन की नई इमारत
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस पुनर्विकास परियोजना का मुख्य उद्देश्य केवल भवनों का तकनीकी कायाकल्प करना ही नहीं था, बल्कि यात्रियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करना भी था। इसके तहत दोनों स्टेशनों की मुख्य इमारतों का बेहद आकर्षक और कलात्मक फेसाड (अग्रभाग) तैयार किया गया है, जो स्थानीय संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा मिश्रण पेश करता है। स्टेशन परिसर के भीतर और बाहर व्यापक सौंदर्यीकरण कार्य किए जाने से पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल गई है, जिसे देखकर स्थानीय रेल यात्रियों और आम जनता में भारी हर्ष का माहौल है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाबा धाम का समय तय करने की मांग, पुरोहितों ने सौंपा सुझाव
16 Jul, 2026 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देवघर:विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के सफल और सुचारू संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। मेले की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासनिक अधिकारियों और पंडा धर्मरक्षिणी सभा तथा तीर्थपुरोहितों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में आगामी मेले की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित सभी पक्षों ने एक स्वर में इस बात पर बल दिया कि विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पट खुलने और बंद होने का एक निश्चित समय तय होना चाहिए, ताकि संपूर्ण मेला क्षेत्र की व्यवस्था को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
बाबा मंदिर के पट बंद होने का समय निर्धारित करने और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक के दौरान पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश भारद्वाज ने पुरोहित समाज और श्रद्धालुओं की ओर से कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने रखे। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों को मेले के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को समय रहते पुख्ता कदम उठाने चाहिए। उन्होंने एक अहम सुझाव देते हुए कहा कि अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के कपाट बंद होने का समय रात आठ बजे सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, मंदिर परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर सुदृढ़ भीड़ प्रबंधन प्रणाली लागू करने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया।
श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और यजमानों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति की मांग
तीर्थपुरोहितों ने बैठक में सुरक्षा और सुगमता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देवघर आने वाले श्रद्धालुओं का अपने पारंपरिक पुरोहितों से संपर्क स्थापित करना बेहद जरूरी होता है। इसके लिए उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मेले के दौरान ऐसी सुव्यवस्थित यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे बाहर से आने वाले यजमान बिना किसी बाधा या परेशानी के सीधे अपने-अपने तीर्थ पुरोहितों के आवास तक सुरक्षित पहुंच सकें। इस व्यवस्था से न केवल श्रद्धालुओं को मानसिक शांति मिलेगी, बल्कि मेले के दौरान होने वाली अनियंत्रित भीड़ और अफरा-तफरी की स्थिति से भी काफी हद तक बचा जा सकेगा।
प्रशासन ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा, तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा विभाग
पंडा धर्मरक्षिणी सभा और तीर्थपुरोहितों के बहुमूल्य सुझावों को सुनने के बाद जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बाबाधाम आने वाले हर एक कांवरिए और श्रद्धालु की सुरक्षा एवं सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में मिले व्यावहारिक सुझावों को मेला प्रबंधन की कार्ययोजना में शामिल किया जा रहा है। स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और सुरक्षा जैसे मूलभूत विभागों को मुस्तैद कर दिया गया है ताकि इस वर्ष का श्रावणी मेला पूरे देश के लिए आदर्श और सुव्यवस्थित मेले के रूप में मिसाल पेश कर सके।
SSP पर कोर्ट की सख्ती, आदेश का पालन नहीं करने पर 18 जुलाई को तलब
16 Jul, 2026 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर:बिहार के भागलपुर में न्यायपालिका के आदेशों के प्रति पुलिस प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली को लेकर अदालत ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। भागलपुर के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र से जुड़े तीन साल पुराने एक जानलेवा हमले के मामले में पटना उच्च न्यायालय के निर्देशों की लगातार अनदेखी की जा रही थी। इस घोर प्रशासनिक लापरवाही और अदालती आदेश की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम प्रथम) सह एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अंचल द्विवेदी ने जिले के सीनियर एसपी (एसएसपी) को शोकॉज जारी कर जवाब तलब किया है।
केस डायरी और इंजरी रिपोर्ट के साथ एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का सख्त निर्देश
विशेष अदालत ने भागलपुर एसएसपी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए आगामी 18 जुलाई 2026 को सुबह ठीक 11 बजे व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का फरमान सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि नियत समय पर एसएसपी स्वयं उपस्थित होकर मामले से जुड़ी केस डायरी और पीड़ित की इंजरी (जख्म) रिपोर्ट न्यायपीठ को सौंपें। यदि पुलिस प्रमुख इस आदेश का पालन करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें अदालत को यह स्पष्ट करना होगा कि इस गंभीर न्यायिक शिथिलता के लिए उनके और संबंधित जांच अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
तीन साल बीत जाने के बाद भी सुल्तानगंज पुलिस नहीं सौंप सकी मामले के अहम दस्तावेज
यह पूरा कानूनी विवाद सुल्तानगंज थाना कांड संख्या 160/23 से जुड़ा हुआ है, जो करीब तीन वर्ष पुराना एक जानलेवा हमले का संगीन मामला है। पुलिस प्रशासन की सुस्ती का आलम यह है कि वारदात के इतने साल गुजर जाने के बावजूद जांच एजेंसी ने अब तक अदालत में केस डायरी का एक पन्ना भी जमा नहीं कराया है। इसके साथ ही, मामले को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज यानी घायल व्यक्ति की मेडिकल इंजरी रिपोर्ट भी फाइल नहीं की गई है, जिसके चलते मामले की न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी हुई है।
पुलिस की लचर तफ्तीश से कानूनी प्रक्रिया प्रभावित, न्यायपालिका ने दिखाई सख्ती
उच्च न्यायालय के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा बरती जा रही इस लापरवाही ने पूरी कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष अदालत के इस कड़े कदम से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि आमतौर पर जिला पुलिस प्रमुख को सीधे तौर पर इस तरह व्यक्तिगत रूप से तलब नहीं किया जाता। अब देखना यह होगा कि 18 जुलाई को होने वाली इस अहम सुनवाई के दौरान भागलपुर पुलिस विभाग माननीय न्यायालय के समक्ष क्या स्पष्टीकरण देता है और अटकी हुई जांच रिपोर्ट पेश कर पाता है या नहीं।
2670 लीटर शराब बरामद, कंटेनर में कूलरों की आड़ में हो रही थी तस्करी
16 Jul, 2026 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर:बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्थानीय पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस विभाग द्वारा दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई त्वरित छापेमारी के दौरान कुल 2670 लीटर विदेशी शराब की एक बड़ी खेप बरामद की गई है। शराब माफियाओं ने पुलिस प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्करी का बेहद अनोखा और शातिर तरीका अपनाया था। तस्करों ने एक बड़े मालवाहक कंटेनर के अंदर रखे गए 110 कूलरों की बॉडी के भीतर शराब के कार्टनों को छुपाकर रखा था, जिसे पुलिस ने अपनी मुस्तैदी से पकड़ लिया।
संदिग्ध कंटेनर की तलाशी में कूलरों से बरामद हुई 2056 लीटर से अधिक शराब
पहली बड़ी सफलता अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) पश्चिमी सुचित्रा कुमारी के मार्गदर्शन में पानापुर करियात थाना पुलिस को मिली। पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए हरिदासपुर मिडिल स्कूल के समीप एक संदिग्ध कंटेनर को रोककर उसकी गहनता से जांच की। शुरुआती तलाशी में कंटेनर के अंदर केवल घरेलू कूलर लदे हुए दिखाई दे रहे थे, लेकिन जब अधिकारियों ने संदेह होने पर कूलरों को खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। सभी 110 कूलरों के भीतर विदेशी शराब के कार्टन ठसाठस भरे हुए थे, जिनकी थाने लाकर गिनती करने पर कुल 2056.32 लीटर अवैध शराब पाई गई, जिसे कंटेनर और कूलरों समेत तुरंत जब्त कर लिया गया।
शेरना चौक के पास झाड़ियों में छिपाकर रखी 613 लीटर शराब भी पकड़ी गई
मद्यनिषेध अभियान के तहत दूसरी समानांतर कार्रवाई कांटी थाना क्षेत्र में अंजाम दी गई। थानाध्यक्ष रविकांत पाठक के नेतृत्व में गठित पुलिस बल ने तकनीकी इनपुट और स्थानीय सूचना के आधार पर शेरना चौक के पास स्थित सुनसान झाड़ियों में छापेमारी की। तस्करों ने इस सुनसान इलाके का फायदा उठाकर भारी मात्रा में शराब के कार्टनों को झाड़ियों और खर-पतवार के बीच छिपाकर रखा था, ताकि मौका मिलते ही उसे स्थानीय स्तर पर खपाया जा सके। पुलिस ने इस ठिकाने को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए वहां से 613.44 लीटर विदेशी शराब के अवैध स्टॉक को अपने कब्जे में ले लिया।
मामला दर्ज कर तस्करों और नेटवर्क की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
इन दोनों बड़े मामलों को लेकर स्थानीय थानों में मद्यनिषेध उत्पाद अधिनियम के तहत अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज कर ली गई हैं। पुलिस प्रशासन अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रहा है कि शराब की यह इतनी बड़ी खेप किस राज्य से मंगवाई गई थी और स्थानीय स्तर पर इसे किन-किन सिंडिकेट्स या बड़े धंधेबाजों तक पहुंचाया जाना था। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि तस्करों के कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और उनकी सटीक पहचान सुनिश्चित कर जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
झारखंड की सियासत में बड़ा बदलाव, कांग्रेस ने राज उरांव को सौंपी अहम कमान
16 Jul, 2026 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची:अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड संगठन में एक बड़ा बदलाव करते हुए राज उरांव को प्रदेश आदिवासी कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अंतिम स्वीकृति और अनुमोदन के बाद पार्टी के केंद्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में आधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी कर दिया है। राज उरांव लंबे समय से जमीनी स्तर पर आदिवासी समाज के अधिकारों और कांग्रेस की विचारधारा के लिए संघर्षरत रहे हैं, जिसे देखते हुए संगठन ने उन्हें यह महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
आदिवासी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की रणनीतिक कोशिश
इस महत्वपूर्ण नियुक्ति को राज्य के राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस द्वारा आदिवासी समाज के बीच अपनी पकड़ को और अधिक सुदृढ़ करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी दलों द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पैठ बनाने की कोशिशों के बीच कांग्रेस ने अपने इस पारंपरिक और सबसे मजबूत वोट बैंक को सहेजने के लिए यह बड़ा रणनीतिक दांव खेला है। राज उरांव के सांगठनिक अनुभव और युवाओं व वंचित तबके के बीच उनकी सक्रियता का सीधा लाभ पार्टी को आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी समीकरणों में मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने दी बधाई, पार्टी में उत्साह का माहौल
राज उरांव के मनोनयन की घोषणा होते ही झारखंड कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, विधायक शिल्पी नेहा तिर्की और भूषण बाड़ा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही राकेश सिन्हा, रवीन्द्र सिंह, लाल किशोर नाथ शाहदेव, डॉ. एम. तौसीफ, महानगर अध्यक्ष डॉ. कुमार राजा, राजन वर्मा और सुनीत शर्मा जैसे प्रमुख पदाधिकारियों ने भी इस नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और अधिकारों की रक्षा का संकल्प
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राज उरांव ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता जल-जंगल-जमीन की रक्षा करना और आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की बात कही और संकल्प लिया कि वे जल्द ही पूरे राज्य का सघन दौरा करेंगे। इस दौरे के माध्यम से प्रत्येक जिले में आदिवासी कांग्रेस के संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय और गतिशील बनाया जाएगा ताकि आने वाले समय में पार्टी एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर सके।
आज दोपहर 2 बजे तक होंगे प्रभु के दर्शन, रांची में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
16 Jul, 2026 10:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची:झारखंड की राजधानी में आस्था, अटूट परंपरा और जनजीवन के अनूठे संगम के साथ ऐतिहासिक 335वीं जगन्नाथ रथयात्रा आज से शुरू हो रही है। इस पावन अवसर को लेकर पूरे क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह का माहौल बना हुआ है। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन के लिए तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है। इस भव्य धार्मिक आयोजन को पूरी गरिमा और नियमों के साथ संपन्न कराने के लिए मंदिर प्रबंधन और प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
विशेष पूजा-आरती के साथ संध्या समय में होगा रथ प्रस्थान
रथयात्रा उत्सव को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरा समय-पत्रक पहले से ही निर्धारित कर दिया गया है। इसके तहत सुबह के समय भगवान की विशेष पूजा-अर्चना और भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इसके बाद मुख्य आकर्षण संध्या 5:00 बजे शुरू होगा, जब भगवान जगन्नाथ अपने भाई और बहन के साथ विशाल रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। भगवान के रथ को खींचने और एक झलक पाने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए गए विशेष सहायता शिविर
उत्सव में आने वाले भक्तों की सेवा और सुविधा के लिए सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हाथ आगे बढ़ाया है। मारवाड़ी सहायक समिति और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की ओर से जगह-जगह विशेष सहायता शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि उमड़ने वाली भारी भीड़ के बावजूद किसी भी नागरिक या दर्शनार्थी को असुविधा का सामना न करना पड़े।
कड़े सुरक्षा घेरे में गुलजार हुआ 10 दिवसीय ऐतिहासिक मेला
इस बड़े धार्मिक समागम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत पूरे मेला क्षेत्र और रथयात्रा मार्ग की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इस पावन अवसर पर आयोजित होने वाला ऐतिहासिक 10 दिवसीय रथ मेला भी पूरी तरह गुलजार हो चुका है। मेले में मनोरंजन के लिए आधुनिक झूले लगाए गए हैं और करीब 2000 से अधिक दुकानें सज चुकी हैं, जो विभिन्न अनूठे आकर्षणों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं और बच्चों के स्वागत के लिए तैयार हैं।
पायलट ट्रेनिंग सेंटर के लिए घर तोड़ने के विरोध में उतरी जनता
16 Jul, 2026 10:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर:भागलपुर हवाई अड्डा परिसर के भीतर पायलट प्रशिक्षण केंद्र (पायलट ट्रेनिंग सेंटर) स्थापित करने के सरकारी निर्णय के विरोध में स्थानीय निवासियों का भारी आक्रोश सामने आया है। नगर निगम द्वारा हवाई अड्डा क्षेत्र के निवासियों को आनन-फानन में बेदखली के नोटिस जारी किए जाने से प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी है। इसी सिलसिले में आज सैकड़ों की संख्या में प्रभावित लोग कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी जमीनों और आशियाने को बचाने की गुहार लगाई।
जिलाधिकारी से सीधे जवाब की मांग, आशियाने उजाड़ने पर खड़े किए सवाल
आक्रोशित ग्रामीणों ने सीधे जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय से इस कार्रवाई पर जवाब मांगते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी भी विकास परियोजना या पायलट ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना के नाम पर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के वर्षों पुराने मकानों और आशियानों की बलि नहीं दी जा सकती। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जनता को बेघर करके किया जाने वाला विकास आखिर समाज के किस वर्ग के हित में है।
प्रमंडलीय आयुक्त और डीएम को सौंपा गया संयुक्त महा-ज्ञापन
इस आंदोलन और जन-विरोध का नेतृत्व कर रही संघर्ष समिति के प्रमुख मुकेश मिश्रा और अन्य पीड़ितों ने प्रमंडलीय आयुक्त तथा जिलाधिकारी को एक संयुक्त महा-ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से स्थानीय जनता ने नगर निगम द्वारा जारी किए जा रहे नोटिसों और प्रशासन की इस एकतरफा कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रोक लगाने की पुरजोर मांग की है। प्रभावित लोगों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक यह दमनकारी प्रक्रिया रुकनी चाहिए।
विकास का विरोध नहीं, लेकिन स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा जरूरी
संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे भागलपुर शहर के आधुनिक विकास, हवाई सेवाओं के विस्तार या तकनीकी केंद्रों की स्थापना के कतई विरोधी नहीं हैं। उनका तर्क है कि प्रशासन को कोई भी बड़ा कदम उठाने या योजना लागू करने से पहले इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में रह रहे हजारों नागरिकों के हितों, उनकी सामाजिक स्थिति और उनके वैध भू-स्वामित्व के कागजातों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए, ताकि किसी भी निर्दोष का आशियाना न उजड़े।
आतंकी साजिश की जांच में बड़ा खुलासा, पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क की बात सामने आई
15 Jul, 2026 05:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में सुरक्षा एजेंसियों और जिला पुलिस ने एक साझा अभियान के तहत देश विरोधी गतिविधियों के एक बहुत बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की इस त्वरित और गुप्त कार्रवाई से आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकौर गांव में छापेमारी कर दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। प्राथमिक जांच और पूछताछ के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं, क्योंकि इन दोनों के तार सीधे तौर पर सीमा पार बैठे दुश्मनों से जुड़े हुए हैं।
देश को दहलाने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश
गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो देश विरोधी ताकतों के एक बड़े मंसूबे का खुलासा हुआ। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये युवक देश के विभिन्न हिस्सों में सिलसिलेवार बड़े बम धमाके करने की खतरनाक साजिश रच रहे थे। उनके इस खतरनाक इरादे का मकसद देश में अशांति फैलाना और बड़ी तबाही मचाना था। सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता के कारण वक्त रहते इस साजिश को नाकाम कर दिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा संभावित खतरा टल गया है।
संदिग्धों की पहचान और उनके सीमा पार संपर्क
पुलिस की गिरफ्त में आए इन दोनों आरोपियों की पहचान मोहम्मद अखलाक और मोहम्मद अरमान के रूप में की गई है। पुलिस की तफ्तीश में यह बात पूरी तरह साफ हो चुकी है कि यह दोनों स्थानीय स्तर पर केवल मोहरे के रूप में काम कर रहे थे, जबकि इन्हें संचालित करने वाले आका अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार बैठे हैं। डिजिटल फोरेंसिक जांच में इनके फोन और इंटरनेट डेटा से यह प्रमाणित हुआ है कि ये दोनों काफी समय से विदेशी अपराधियों और देश विरोधी तत्वों के नियमित संपर्क में बने हुए थे।
सोशल मीडिया के जरिए 'राणा भाई ग्रुप' से जुड़ाव
पूछताछ के दौरान यह बेहद संवेदनशील जानकारी भी हाथ लगी है कि दोनों आरोपी इंटरनेट मीडिया और विभिन्न एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके जरिए वे सीमा पार सक्रिय कुख्यात 'राणा भाई ग्रुप' के साथ सीधे संवाद में थे। यह ग्रुप पाकिस्तानी गैंगस्टर्स और वहां की खुफिया एजेंसियों के इशारे पर भारत में स्लीपर सेल तैयार करने और आपराधिक नेटवर्क को मजबूत करने का काम करता है। गिरफ्तार युवक इसी नेटवर्क का हिस्सा बनकर उनके दिशा-निर्देशों का पालन कर रहे थे।
महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रेकी और सुरक्षा पर खतरा
देश के खिलाफ रची जा रही इस साजिश में यह दोनों आरोपी केवल बातचीत तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि वे जमीनी स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। जांच में यह पाया गया है कि वे देश के कई बेहद संवेदनशील ठिकानों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की रेकी कर रहे थे। इन जगहों की सटीक लोकेशन, तस्वीरें और अन्य गोपनीय जानकारियां जुटाकर वे इंटरनेट के माध्यम से अपने पाकिस्तानी आकाओं को भेज रहे थे। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगालने और इनके अन्य सहयोगियों का पता लगाने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
बिहार में तैयार हुआ लंबा सिक्स लेन पुल, PM कर सकते हैं जल्द उद्घाटन
15 Jul, 2026 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राघोपुर। बिहार के राघोपुर को पटना से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन महासेतु के लोकार्पण की तैयारियां अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई महीने के अंतिम सप्ताह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं राघोपुर की पावन धरती पर कदम रखेंगे और इस भव्य पुल का विधिवत उद्घाटन कर जनता को समर्पित करेंगे। इस ऐतिहासिक क्षण को बेहद खास और भव्य बनाने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन के साथ-साथ पुल निर्माण से जुड़ी एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से दिन-रात काम में जुटी हुई हैं।
लोकार्पण समारोह के लिए विशाल सभा स्थल का निर्माण
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए राघोपुर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले रुस्तमपुर पंचायत के जमालपुर गांव को चुना गया है। यहाँ गंगा नदी के ऊपर बने पाया नंबर-26 के समीप करीब 40 एकड़ से अधिक की विशाल भूमि का चयन किया गया है, जहाँ युद्ध स्तर पर साफ-सफाई का कार्य जारी है। इस विस्तृत मैदान में प्रधानमंत्री के संबोधन के लिए एक भव्य मुख्य मंच व मुख्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है, जबकि आम जनता और आगंतुकों की सुविधा के लिए अलग से विशाल वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किए जा रहे हैं।
आवागमन और पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य
सभा स्थल तक आने वाले अतिथियों और आम लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। नवनिर्मित सिक्स लेन महासेतु से सीधे मुख्य कार्यक्रम स्थल तक सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एप्रोच रोड और संपर्क मार्गों को तेजी से दुरुस्त व समतल किया जा रहा है। इसके साथ ही, वीआईपी और आम वाहनों की सुरक्षित पार्किंग के लिए भी कई एकड़ क्षेत्र को समतल कर चिन्हित किया गया है, जहाँ जल्द ही बैरिकेडिंग और टेंट लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
अधिकारियों की सक्रियता और चौबीसों घंटे चल रहा काम
उद्घाटन की संभावित तिथि बेहद नजदीक होने के कारण निर्माण एजेंसी ने कार्यस्थल पर मजदूरों और कारीगरों की संख्या दोगुनी कर दी है। दिन के साथ-साथ रात की पाली में भी कामगारों की टोलियां पंडाल सजाने, मंच तैयार करने और सड़क निर्माण को अंतिम रूप देने में लगी हुई हैं। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार आयोजन स्थल का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक तैयारियों का जायजा ले रहे हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोई चूक न रह जाए।
राघोपुर के विकास को मिलेगी एक नई और तेज रफ्तार
इस सिक्स लेन महासेतु के चालू हो जाने से राघोपुर दियारा क्षेत्र के लाखों लोगों को पटना और वैशाली आने-जाने में लगने वाले घंटों के समय से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। यह महासेतु न केवल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, कृषि और रोजगार के अवसरों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। प्रधानमंत्री के हाथों होने वाले इस महासेतु के उद्घाटन को लेकर पूरे राघोपुर प्रखंड के स्थानीय ग्रामीणों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
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सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
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मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
