बिहार-झारखण्ड
मुजफ्फरपुर में अपराध का तांडव: ज्वेलर पर फायरिंग, लाखों के जेवर लेकर फरार बदमाश
11 Jul, 2026 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिले के औराई थाना इलाके में शनिवार की देर शाम बेखौफ बदमाशों ने कानून-व्यवस्था को धता बताते हुए एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। घात लगाए अपराधियों ने एक आभूषण व्यापारी पर जानलेवा हमला करते हुए गोली मार दी और उनसे करीब दो लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर रफूचक्कर हो गए। इस दुस्साहसिक घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय दुकानदारों व आम जनता में पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
दुकान बंद कर घर लौट रहे आभूषण व्यवसायी को बदमाशों ने बनाया निशाना
पुलिस से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कटरा थाना क्षेत्र के शिवदासपुर गांव के रहने वाले संजय साह के पुत्र बबलू कुमार औराई बाजार में 'संजय ज्वेलर्स' नाम से सोने-चांदी के गहनों का कारोबार करते हैं। वह रोज की तरह शनिवार को भी देर शाम अपनी दुकान बढ़ाकर और कीमती आभूषणों से भरा बैग समेटकर मोटरसाइकिल से अपने घर के लिए रवाना हुए थे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि रास्ते में कुछ शातिर अपराधी पहले से ही उनका पीछा कर रहे हैं।
सुनसान रास्ते पर रोककर हथियार के बल पर की लूटपाट की कोशिश
व्यवसायी जैसे ही औराई बाजार से कुछ दूरी पर स्थित एक एकांत और सुनसान रास्ते से गुजर रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए अज्ञात बदमाशों ने उनकी गाड़ी के आगे अपनी बाइक अड़ाकर उन्हें जबरन रोक लिया। अपराधियों ने तुरंत पिस्तौल निकाल ली और व्यवसायी के हाथ से जेवरातों वाला बैग छीनने की कोशिश की। व्यवसायी द्वारा अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए किए गए कड़े प्रतिरोध के बाद बदमाशों ने उन पर सीधा हमला बोल दिया।
विरोध करने पर व्यवसायी को मारी गोली और दो लाख के जेवर लेकर हुए फरार
पीड़ित दुकानदार द्वारा बैग न छोड़े जाने पर बौखलाए लुटेरों ने उन पर बेहद करीब से गोली चला दी, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद अपराधी आसानी से लगभग दो लाख रुपये के आभूषणों से भरा बैग लेकर हवा में हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल व्यवसायी को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका उपचार जारी है।
वारदात से स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश और पुलिस नाकेबंदी शुरू
इस दुस्साहसिक डकैती और जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा और मामले की छानबीन शुरू की। औराई बाजार के व्यापारियों ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पुलिस गश्त पर सवाल उठाए हैं और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र के सभी निकास मार्गों पर सघन नाकेबंदी कर दी गई है और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
सम्राट चौधरी का विधायकों को संदेश, 'सदन में जनता के मुद्दों की लड़ाई लड़ें'
11 Jul, 2026 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। पवित्र नगरी गयाजी में आयोजित दो दिवसीय विशेष प्रबोधन कार्यक्रम के भव्य उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनिर्वाचित और वर्तमान विधायकों को एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं दूरगामी संदेश दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को अधिक सक्रिय, सजग और जवाबदेह बनने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सदन केवल हाजिरी लगाने की जगह नहीं है, बल्कि यह आम जनता के अधिकारों और उनकी आकांक्षाओं को मुखरित करने का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक माध्यम है। विधायक जितने जनहित के मुद्दे उठाएंगे, शासन को जमीनी हकीकत समझने में उतनी ही सुगमता होगी।
प्रश्नकाल और शून्यकाल को जन-आकांक्षाओं का मजबूत हथियार बनाएं
संसदीय परंपराओं के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधायक को सदन की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल और शून्यकाल जैसे महत्वपूर्ण अवसरों का भरपूर और प्रभावी इस्तेमाल करना चाहिए। ये ऐसे विशेष माध्यम हैं जो सीधे तौर पर जनता की रोजमर्रा की समस्याओं और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों को शासन के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का काम करते हैं। जब जनप्रतिनिधि पूरी जिम्मेदारी के साथ इन सत्रों का उपयोग करते हैं, तो प्रशासनिक अमला भी जनहित के कार्यों के प्रति अधिक संवेदनशील और तत्पर दिखाई देता है।
पूरी तैयारी, तथ्यात्मक अध्ययन और विधायी नियमों के साथ सदन में रखें पक्ष
एक सफल और असरदार जनप्रतिनिधि की परिभाषा बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल चुनाव जीत जाना किसी भी राजनेता की सफलता का अंतिम पैमाना नहीं हो सकता। सदन की गरिमा को बढ़ाने के लिए विधायकों को विभिन्न विधेयकों, बजटीय कटौती प्रस्तावों और संसदीय कार्यप्रणाली के नियमों का गहन और गंभीर अध्ययन करना चाहिए। जब कोई सदस्य पूरी तैयारी और ठोस तथ्यों के साथ सदन के पटल पर अपनी बात रखता है, तो न केवल उसकी व्यक्तिगत छवि निखरती है बल्कि वह अपनी जनता की बात को भी अधिक मजबूती से मनवाने में सफल रहता है।
वरिष्ठ नेताओं के दीर्घकालिक विधायी अनुभवों से सीखें संसदीय बारीकियां
सदन के वरिष्ठतम सदस्यों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने नए विधायकों को एक विशेष सलाह दी। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और सदन के अन्य कद्दावर नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि दशकों से लगातार जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले इन वरिष्ठ राजनेताओं का अनुभव नए सदस्यों के लिए एक चलती-फिरती पाठशाला की तरह है। नए विधायकों को चाहिए कि वे इन अनुभवी नेताओं के आचरण, उनकी भाषण शैली और विधायी प्रक्रियाओं की समझ को करीब से देखें और सीखें ताकि वे अपनी लोकतांत्रिक भूमिका को और अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें।
गरीबों, युवाओं और महिलाओं का भरोसा जीतना ही लोकतंत्र की वास्तविक सेवा
संबोधन के समापन के दौरान उन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों का आह्वान किया कि वे लगातार आत्ममंथन करें कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का विश्वास व्यवस्था में कैसे अटूट बनाया जा सकता है। युवाओं को रोजगार के अवसर दिलाना, महिलाओं का सशक्तिकरण करना और गरीब परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करना ही एक सच्चे सेवक का परम कर्तव्य है। उन्होंने सभी से जनसेवा की भावना को सर्वोपरि रखने की अपील की ताकि देश का लोकतंत्र धरातल पर और अधिक मजबूत, पारदर्शी तथा कल्याणकारी सिद्ध हो सके।
बिहार में खेल क्रांति की तैयारी, पंचायत स्तर पर बनेंगे खेल क्लब; 14 खेलों पर फोकस
11 Jul, 2026 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। बिहार के ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए एक बेहद सराहनीय और दूरगामी पहल की शुरुआत की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के खेतों, पगडंडियों और खुले मैदानों में बिना किसी आधुनिक सुख-सुविधा के अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन करने वाले युवाओं के हुनर को अब एक सही दिशा और मंच मिलने जा रहा है। इस अनूठी मुहिम के जरिए सूबे के सुदूर गांवों में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने और खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन प्रदान करने का खाका तैयार किया गया है।
बिहार में खेल संस्कृति को मजबूत करने की बड़ी सरकारी पहल
सूबे के खेल विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने मिलकर ग्रामीण इलाकों में खेल के प्रति एक नया माहौल तैयार करने के लिए कमर कस ली है। इस विशेष रणनीति के अंतर्गत राज्य की प्रत्येक पंचायत स्तर पर 'ग्राम पंचायत खेल क्लब' की स्थापना की जा रही है, जो स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों का मुख्य केंद्र बनेंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य केवल पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन कराना नहीं है, बल्कि एक ऐसा सुदृढ़ ढांचा तैयार करना है जहां हर प्रतिभावान बच्चे को शुरुआत से ही अपने कौशल को निखारने का पूरा अवसर मिल सके।
गया जिले में सदस्यता अभियान के साथ जमीनी स्तर पर शुरुआत
इस महत्वाकांक्षी योजना का असर अब धरातल पर भी दिखने लगा है और गया जिले में इसके क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिले की विभिन्न पंचायतों में युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के लिए एक जुलाई से लेकर पंद्रह अगस्त तक एक विशेष ऑनलाइन सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। इस डिजिटल मुहिम के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण युवाओं, खेल प्रेमियों और स्थानीय एथलीटों को पंजीकृत किया जा रहा है ताकि क्लबों का संचालन पूरी पारदर्शिता और सक्रियता के साथ किया जा सके।
बिना आधुनिक सुविधाओं के हुनर दिखाने वाले युवाओं को मिलेगा मंच
ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी संसाधनों के अभाव के बावजूद कबड्डी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट और तीरंदाजी जैसे खेलों में असाधारण प्रतिभा रखने वाले खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं रही है। अब तक सही मंच और उचित प्रशिक्षण न मिलने के कारण कई प्रतिभावान खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते थे। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न सिर्फ इन होनहारों की पहचान समय रहते की जा सकेगी, बल्कि उन्हें सही तकनीक और खेल उपकरणों की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई जाएगी, जिससे उनका मनोबल और प्रदर्शन दोनों बेहतर हो सकेंगे।
पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय करेंगे ग्रामीण खिलाड़ी
इस पूरी कवायद का अंतिम लक्ष्य एक ऐसी मजबूत शृंखला का निर्माण करना है जो खिलाड़ियों को जमीन से उठाकर आसमान तक का सफर तय करने में मदद करे। पंचायत स्तर पर गठित होने वाले इन खेल क्लबों से छनकर निकलने वाले बेहतरीन खिलाड़ी आने वाले समय में प्रखंड, जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी धाक जमाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के दीर्घकालिक परिणाम बेहद सुखद होंगे और आने वाले वर्षों में यही ग्रामीण युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में देश और राज्य का नाम रोशन करते नजर आएंगे।
RIMS Ranchi में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार, OPD और भर्ती प्रक्रिया होगी आसान
11 Jul, 2026 10:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए प्रबंधन ने एक बड़ी पहल शुरू की है। संस्थान के निदेशक ने शुक्रवार को चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों सहित कई आला अफसरों के साथ अस्पताल के विभिन्न संवेदनशील विभागों का एक व्यापक और औचक निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आने वाले राज्यभर के मरीजों को बिना किसी परेशानी के त्वरित और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराना था। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए मौके पर ही कई कड़े और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
ओपीडी में शुरू होगी ऑनलाइन भर्ती की सुविधा
अस्पताल की ओपीडी में सुबह के समय लगने वाली मरीजों की भारी भीड़ और लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए प्रबंधन अब पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप देने जा रहा है। निरीक्षण के दौरान ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर मरीजों की भर्ती प्रक्रिया को बेहद सरल और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से एक विशेष डेमो का प्रदर्शन किया गया। इसके तहत ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर से ही सीधे ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की नई व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है। संस्थान के निदेशक डॉ. डीके सिन्हा ने इस आधुनिक तकनीकी प्रणाली को बारीकी से देखने के बाद सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को इसे जल्द से जल्द पूरे अस्पताल में धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मरीजों की सहूलियत के लिए बेहतर प्रबंधन पर जोर
अस्पताल परिसर में भर्ती होने वाले मरीजों और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक असुविधा न हो, इसके लिए विभिन्न काउंटरों पर कर्मियों की संख्या और उनके काम करने के तौर-तरीकों की भी समीक्षा की गई। निदेशक ने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल आने वाले हर जरूरतमंद व्यक्ति को सही समय पर सही जानकारी मिलनी चाहिए ताकि उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर न काटने पड़ें। इसके साथ ही उन्होंने ओपीडी और वार्डों के आसपास सफाई व्यवस्था को और ज्यादा पुख्ता करने तथा डॉक्टरों की उपस्थिति समय पर सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए हैं।
जनता की शिकायतों के लिए दोबारा लगेंगी सुझाव पेटियां
संस्थान के कामकाज में पारदर्शिता लाने और मरीजों के अनुभवों को सीधे जानने के लिए प्रबंधन ने एक पुराना और प्रभावी तरीका दोबारा अपनाने का फैसला किया है। निदेशक ने निरीक्षण के दौरान निर्देश दिया कि अस्पताल के प्रमुख और व्यस्ततम स्थानों पर पुरानी सुझाव पेटियों (सजेशन बॉक्स) को फिर से उपयुक्त और दृश्यमान जगहों पर स्थापित किया जाए। इस व्यवस्था के माध्यम से मरीज और उनके परिजन अस्पताल की व्यवस्थाओं, डॉक्टरों के व्यवहार या किसी भी प्रकार की असुविधा को लेकर अपनी लिखित शिकायत और फीडबैक सीधे प्रबंधन तक पहुंचा सकेंगे, जिसकी नियमित रूप से उच्च अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाएगी।
रिम्स प्रबंधन की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्रतिबद्धता
इस व्यापक निरीक्षण और नई व्यवस्थाओं के लागू होने से आने वाले दिनों में रिम्स की कार्यप्रणाली में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम लागू होने से जहां एक तरफ दलालों और बिचौलियों के हस्तक्षेप पर पूरी तरह से लगाम लगेगी, वहीं दूसरी तरफ गंभीर मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत बेड आवंटित हो सकेंगे। निदेशक डॉ. सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे ताकि आम जनता का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य तंत्र पर और मजबूत हो सके।
बिहार में बारिश का असर, 20 जिलों के लिए यलो अलर्ट; जानें 15 जुलाई तक का हाल
11 Jul, 2026 09:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के तमाम इलाकों में मानसूनी हवाओं के दस्तक देने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी पटना सहित सूबे के अधिकांश हिस्सों में बीते कल देर रात से ही रुक-रुक कर रिमझिम और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। इस लगातार हो रही वर्षा के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने से आम जनजीवन पर असर पड़ा है, लेकिन दूसरी तरफ चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी से जूझ रहे लोगों को इस मानसूनी फुहार ने बड़ी राहत पहुंचाई है।
बिहार में मानसून की धुआंधार एंट्री और मौसम का नया मिजाज
राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बादलों के डेरा डालने से पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बाद अचानक हुई इस झमाझम बारिश के कारण वातावरण में ठंडक घुल गई है, जिससे लोगों को घरों में पंखे और एसी तक चलाने की जरूरत महसूस नहीं हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसूनी हवाओं की सक्रियता बढ़ने के कारण राज्य के तापमान में यह तब्दीली आई है, जिसने पूरे प्रदेश को भीषण उमस से निजात दिला दी है।
सूबे के बीस जिलों में प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी
तेज हवाओं और गरज-चमक की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के करीब बीस महत्वपूर्ण जिलों के लिए सतर्कता की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और नालंदा सहित कई संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। अगले कुछ घंटों में इन क्षेत्रों में तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और मध्यम दर्जे की बारिश होने की आशंका जताई गई है।
आगामी पांच दिनों तक राजधानी में सक्रिय रहेंगी मानसूनी गतिविधियां
मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अनुमान के मुताबिक राजधानी वासियों को आने वाले पांच दिनों तक धूप और उमस से पूरी राहत मिलने वाली है। आसमान में घने बादलों की आवाजाही के साथ ही रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का अनुमान है, जिससे अधिकतम तापमान बत्तीस डिग्री और न्यूनतम तापमान छब्बीस डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की उम्मीद है। इस दौरान लगातार होने वाली मानसूनी बारिश के कारण शहर के मौसम में ठंडक और सुहानापन पूरी तरह बरकरार रहेगा।
बीते चौबीस घंटों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ वर्षा और तापमान का हाल
पिछले एक दिन के भीतर राज्य के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिसमें पश्चिम चंपारण और गोपालगंज जैसे उत्तरी जिलों में भारी से अति भारी वर्षा शामिल है। इस दौरान मैनाटांड़ में सबसे ज्यादा पानी बरसा है, जबकि कैमूर जिला सूबे में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। कई इलाकों में तेज मानसूनी हवाओं के चलने से पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की भी खबरें हैं, वहीं गया में रात का तापमान सबसे कम रिकॉर्ड किया गया है।
श्रावणी मेले में VIP नहीं, अब शीघ्रदर्शनम लाइन से मिलेगा तेज दर्शन का लाभ
10 Jul, 2026 05:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देवघर। विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। इस वर्ष बाबा नगरी आने वाले भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में कतार प्रबंधन को पूरी तरह से अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे पूजा-अर्चना की प्रक्रिया और अधिक सुगम हो जाएगी।
श्रावणी मेले में पहली बार मिलेगी शीघ्रदर्शनम की विशेष समर्पित कतार
सावन के पावन महीने में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर आने वाले कांवरों और आम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। देवघर आने वाले भक्तों को इस साल शीघ्रदर्शनम के लिए एक पूरी तरह से डेडिकेटेड यानी समर्पित लाइन की सुविधा मिलने वाली है। इस नई कतार प्रणाली के क्रियान्वयन से कूपन लेकर बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के समय की भारी बचत होगी और उन्हें पहले के मुकाबले कम से कम आधा घंटा कम समय लाइन में बिताना पड़ेगा।
नवनिर्मित फुट ओवर ब्रिज का काम अंतिम चरण में और जल्द होगा ट्रायल
भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से मंदिर तक पहुंचाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में परिसर के पास बन रहे नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में इस पुल के ऊपर शेड लगाने का काम तेजी से चल रहा है, जिसके पूरा होते ही इस पूरे मार्ग का ट्रायल रन शुरू कर दिया जाएगा। यह नया ओवर ब्रिज मुख्य मार्ग के दबाव को कम करने में बेहद मददगार साबित होगा।
सावन मेला शुरू होने से दस दिन पहले ही लागू हो जाएगी नई व्यवस्था
इस बार का वार्षिक श्रावणी मेला आगामी 30 जुलाई से विधिवत रूप से प्रारंभ होने जा रहा है। लेकिन प्रशासन ने इस नई कतार व्यवस्था को पूरी तरह से परखने के लिए इसे मेला शुरू होने के दस दिन पहले ही यानी 20 जुलाई से ही धरातल पर उतारने का निर्णय लिया है। समय से पहले इस व्यवस्था को चालू करने से सुरक्षा बलों और मंदिर प्रबंधन को इसके व्यावहारिक संचालन को समझने और कमियों को दूर करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा।
सामान्य और विशेष कतारें अलग होने से आम भक्तों को भी मिलेगी राहत
इस नए कतार प्रबंधन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि शीघ्रदर्शनम के कूपन धारकों और आम श्रद्धालुओं की लाइनें पूरी तरह से एक-दूसरे से अलग और स्वतंत्र होंगी। दोनों मार्गों के अलग हो जाने से जहाँ विशेष पास वाले श्रद्धालु बेहद सहजता से मंदिर गर्भगृह तक पहुंच सकेंगे, वहीं सामान्य कतार में लगे आम शिवभक्तों को भी किसी तरह की रुकावट या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे भी सुगमता से जलाभिषेक कर सकेंगे।
रांची बनेगा आयुर्वेद का नया केंद्र, झारखंड में खुलेगा अत्याधुनिक आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज
10 Jul, 2026 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बदलाव होने जा रहा है। चिकित्सा जगत में राज्य को एक नई और वैश्विक पहचान मिलने वाली है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर पूरी तरह बदल जाएगा।
झारखंड में देश के प्रतिष्ठित आयुर्वेद संस्थान की स्थापना
चिकित्सा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और प्राचीन पद्धतियों को आधुनिक रूप देने के लिए रांची के समीप एक विशाल और विश्वस्तरीय मेडिकल परिसर का निर्माण किया जाना तय हुआ है। यह संस्थान पूरी तरह से दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की तर्ज पर काम करेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के जरिए न केवल गंभीर बीमारियों का इलाज सुलभ होगा, बल्कि आयुर्वेद के क्षेत्र में नए शोध और अनुसंधान को भी एक नई दिशा मिलेगी।
विशाल भूखंड पर आकार लेगा वर्ल्ड-क्लास मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर
इस बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। इटकी स्थित सेनोटोरियम की लगभग 50 एकड़ की विस्तृत और प्राइम लैंड को इस अस्पताल और रिसर्च सेंटर के लिए चुना गया है। इस चिन्हित भूमि पर एक अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही यहाँ एक विशाल अनुसंधान केंद्र और इंटरनेशनल लेवल का योग केंद्र भी स्थापित होगा, जिससे यह क्षेत्र पूरे देश में योग और आयुर्वेद का एक बड़ा हब बनकर उभरेगा।
उच्चाधिकारियों की विशेष टीम ने किया प्रस्तावित भूमिका का निरीक्षण
योजना को गति देने और जमीन की उपयुक्तता को जांचने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने मौका मुआयना किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों और आयुर्वेद विभाग के उप-निदेशकों के नेतृत्व में पहुंची इस हाई-प्रोफाइल टीम ने पूरे क्षेत्र का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने जमीन की उपलब्धता, कनेक्टिविटी और भविष्य के विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए इस जगह को बेहद उपयुक्त माना है।
स्थानीय स्तर पर रोजगार और बेहतर चिकित्सा के नए अवसर
इस मेगा प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल झारखंड बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, इतनी बड़ी परियोजना के आने से स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और व्यवसाय के नए रास्ते खुलेंगे। यह संस्थान आने वाले समय में राज्य के विकास और स्वास्थ्य ढांचे के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
NDA की अहम बैठक से पहले नीतीश कुमार की सेहत पर सवाल, सामने आई बड़ी जानकारी
10 Jul, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर उस समय भारी हलचल मच गई जब राजधानी में सत्तारूढ़ गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक शुरू होने से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री की अस्वस्थता की खबर सार्वजनिक हो गई। इस घटनाक्रम के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में कयासों और चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म हो गया है।
एनडीए की महाबैठक से ठीक पहले शीर्ष नेता की तबीयत बिगड़ी
राजधानी पटना में आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक बड़ी और अहम बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए केंद्र सरकार के कई दिग्गज मंत्री और विभिन्न सहयोगी दलों के प्रमुख नेता पहले ही यहाँ पहुंच चुके हैं। लेकिन इस महत्वपूर्ण महामंथन के शुरू होने से ऐन वक्त पहले पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अचानक बीमार होने की खबर ने सबको चौंका दिया है। बताया जा रहा है कि उन्हें अचानक अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आने और रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में उतार-चढ़ाव की शिकायत हुई है, जिसके बाद डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके सरकारी आवास पर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।
नेताओं की बढ़ी आवाजाही और मुख्यमंत्री आवास पर सियासी सरगर्मी
स्वास्थ्य बिगड़ने की खबर मिलते ही उनके निवास स्थान पर अचानक वीआईपी मूवमेंट और राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष समेत कई आला नेता और करीबी पदाधिकारी स्थिति का जायजा लेने तुरंत उनके बंगले पर पहुंचे हैं। हालांकि, उनकी बीमारी की गंभीरता को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बुलेटिन या बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इस बात की पूरी आशंका जताई जा रही है कि वे आज होने वाली इस महत्वपूर्ण महाबैठक से दूरी बना सकते हैं। उनकी अनुपस्थिति में पार्टी और सरकार की तरफ से दोनों उपमुख्यमंत्री इस बैठक में प्रतिनिधित्व करेंगे।
बीमारी के पुराने पैटर्न और राजनीतिक घटनाक्रमों का दिलचस्प संयोग
बिहार की राजनीति को करीब से देखने वाले विश्लेषक इस अस्वस्थता को पुराने अनुभवों से जोड़कर देख रहे हैं। अतीत में भी जब कभी राज्य में बड़े सियासी उलटफेर हुए हैं या गठबंधन के भीतर आंतरिक मतभेद उभरे हैं, तब-तब उनके बीमार होने या अचानक राजनीतिक परिदृश्य से दूरी बना लेने की खबरें सामने आती रही हैं। पूर्व के विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव के दौरान भी जब विपक्षी दलों द्वारा उनके स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाए गए थे, तब उन्होंने अपनी पूरी सक्रियता दिखाकर विरोधियों को खामोश कर दिया था। ऐसे में ऐन मौके पर आई इस स्वास्थ्य संबंधी खबर को लेकर राजनीतिक पंडित कई तरह के मायने निकाल रहे हैं।
गठबंधन के भीतर आंतरिक गतिरोध और मतभेदों की अंदरूनी सुगबुगाहट
भले ही ऊपरी तौर पर गठबंधन सरकार में सब कुछ सामान्य दिखाने का प्रयास किया जा रहा हो, लेकिन पिछले कुछ समय से सत्ताधारी दलों के बीच आंतरिक खींचतान की खबरें लगातार छनकर बाहर आ रही हैं। मंत्रियों के विभागों में ट्रांसफर-पोस्टिंग के फैसलों पर अंतिम मुहर न लग पाना और हाल ही में हुए एक पुलिस एनकाउंटर मामले पर दोनों प्रमुख दलों के अलग-अलग रुख ने इस खाई को और चौड़ा किया है। इसके अलावा, पार्टी के भीतर ही कुछ प्रभावशाली चेहरों को लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष की भावना देखी जा रही है। माना जा रहा है कि इन तमाम राजनीतिक दबावों और अंदरूनी गतिरोधों के बीच आई अस्वस्थता की यह खबर महज एक संयोग नहीं है।
मंत्री के आदेश के बाद एक्शन, 556 एक्सपायरी बीयर मिलने पर अधिकारियों पर कार्रवाई
10 Jul, 2026 11:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची:झारखंड के बोकारो जिले में एक्सपायरी बियर बेचने के एक गंभीर मामले में सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। चास प्रखंड के कुर्रा थाना क्षेत्र स्थित एक अधिकृत शराब दुकान से भारी मात्रा में एक्सपायर्ड हो चुकी बियर बरामद होने के बाद, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद के कड़े निर्देशों पर प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस बड़ी लापरवाही के सामने आते ही झारखंड राज्य बेवरेजेज कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के प्रबंध निदेशक ने त्वरित एक्शन लेते हुए विभाग के भीतर मौजूद जिम्मेदार कड़ियों पर गाज गिरा दी है, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
डिपो मैनेजर और क्लर्क सेवा से बर्खास्त
जांच रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद जेएसबीसीएल के प्रबंध निदेशक (एमडी) नीरज कुमार सिंह ने कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। इस पूरे सिंडिकेट और लापरवाही के मुख्य जिम्मेदार माने जा रहे बोकारो जिले के डिपो मैनेजर अरविंद कुमार और वहां तैनात संबंधित क्लर्क को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन दोनों ही कर्मियों पर डिपो से एक्सपायर्ड माल को बाजार में सप्लाई होने देने और स्टॉक का सही तरीके से मिलान न करने का सीधा आरोप है, जिसे विभाग ने सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है।
उच्चाधिकारियों और दुकानदार को कारण बताओ नोटिस
प्रबंध निदेशक ने केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर ही कार्रवाई नहीं की है, बल्कि क्षेत्र की निगरानी करने वाले उच्चाधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। उन्होंने बोकारो के सहायक आयुक्त उत्पाद संजय कुमार मेहता, दारोगा अमित कुमार गुप्ता और संबंधित शराब दुकान के संचालक के खिलाफ 'शो-काज' (कारण बताओ नोटिस) जारी करने के लिए उच्च स्तर पर मजबूत अनुशंसा भेजी है। इन सभी से तय समय के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उनके रहते इतनी बड़ी संख्या में एक्सपायरी उत्पाद बाजार में कैसे बिक रहे थे।
जून के अंत में छापेमारी के दौरान खुला था राज
यह पूरा मामला पिछले महीने की 29 जून को उस समय उजागर हुआ था, जब गुप्त सूचना के आधार पर चास प्रखंड के कुर्रा थाना क्षेत्र की एक शराब दुकान में अचानक छापेमारी की गई थी। इस औचक निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकान के भीतर से कुल 556 बोतल/कैन एक्सपायरी बियर बरामद की थी। तकनीकी जांच में यह बात सामने आई कि बरामद की गई यह बियर फरवरी 2026 में ही अपनी उपभोग की समय-सीमा (एक्सपायरी डेट) पार कर चुकी थी, जिसे कानूनन बेचा जाना आम जनता के स्वास्थ्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ था।
मंत्री के कड़े निर्देश और जांच टीम की रिपोर्ट
इस पूरे प्रकरण को उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बेहद गंभीरता से लिया था और उन्होंने जेएसबीसीएल के प्रबंध निदेशक को साफ लहजे में तीन दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच कराने का अल्टीमेटम दिया था। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि इस पूरे नेक्सस में शामिल कोई भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी बचना नहीं चाहिए। मंत्री के इस कड़े रुख के बाद एमडी ने महाप्रबंधक (जीएम) अभियान और प्रबंधक अभियान की एक संयुक्त विशेष टीम गठित कर मामले की जांच कराई, जिसमें विभागीय मिलीभगत और लापरवाही के सारे आरोप शत-प्रतिशत सही पाए गए, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
CM आवास में आज NDA की बड़ी बैठक, विधायक और जिलाध्यक्ष भी होंगे शामिल
10 Jul, 2026 09:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना:बिहार के सियासी गलियारों में आज का दिन बेहद सरगर्मियों से भरा और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोक सेवक आवास पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक महाबैठक आयोजित होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के लिए सुरक्षा से लेकर प्रशासनिक स्तर की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं और राज्यभर से नेताओं का जुटना शुरू हो गया है। इस महामंथन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व विजेंद्र प्रसाद यादव सहित सरकार के सभी मंत्री, विधायक और एनडीए के घटक दलों के जिलाध्यक्ष एकजुट हो रहे हैं।
तीन महीने के कामकाज की जमीनी समीक्षा
इस विशेष बैठक का मुख्य एजेंडा सरकार के पिछले करीब तीन महीने के कार्यकाल का बारीकी से आकलन करना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सभी जिलों से आए अध्यक्षों से आमने-सामने बातचीत कर धरातल की वास्तविक स्थिति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का सीधा फीडबैक लेंगे। बैठक के दौरान संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि विभिन्न विभागों के प्रदर्शन को और बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान गठबंधन द्वारा जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में अब तक हुई प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी और इसी के आधार पर आगे का रोडमैप तैयार होगा।
संकल्प पत्र के क्रियान्वयन पर जदयू का रुख
गठबंधन के प्रमुख रणनीतिकार और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने बैठक के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह महामंथन चुनाव के समय जारी किए गए संकल्प पत्र को अक्षरशः लागू करने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्षों से मिलने वाला जमीनी फीडबैक सरकार को जनहित में नीतियां बनाने और सुधार करने में काफी मददगार साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए के सभी घटक दल आपसी सामंजस्य के साथ काम कर रहे हैं और विकास के एजेंडे को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विपक्षी गठबंधन पर तीखा सियासी हमला
बैठक के दौरान राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करते हुए जदयू नेतृत्व ने विपक्षी खेमे पर जमकर निशाना साधा। संजय कुमार झा ने इंडिया गठबंधन की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि एनडीए की यह बैठक विपक्षी दलों की तरह केवल औपचारिक नहीं है, जहां आज बैठक होती है और अगले ही दिन से नेता अनर्गल बयानबाजी में लग जाते हैं। उन्होंने दावों के साथ कहा कि एनडीए का यह साझा मंच केवल और केवल बिहार के विकास, जनकल्याण और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित है, जिसका मकसद राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाना है।
पटना में झमाझम बारिश से मौसम सुहाना, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
10 Jul, 2026 08:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना:बिहार में मानसून ने एक बार फिर करवट ली है और पूरे राज्य में बादलों की सक्रियता काफी बढ़ गई है। राजधानी पटना सहित सूबे के कई प्रमुख जिलों में सुबह से ही रुक-रुक कर रिमझिम बारिश का दौर जारी है। आसमान में घने काले बादल छाए रहने के कारण सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी की है, जिसके तहत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका जताई गई है।
उत्तर और पूर्वी बिहार में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी
मौसम विभाग ने राज्य के कुछ विशिष्ट हिस्सों में प्रकृति के कड़े तेवर देखने की बात कही है, जिसके तहत विशेष रूप से पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली और सीवान जिले के विभिन्न प्रखंडों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसके अतिरिक्त, पूर्णिया और कटिहार जिलों में अत्यंत भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर संभावना को देखते हुए प्रशासन की ओर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में स्थानीय आपदा प्रबंधन ने आम नागरिकों को बेहद सतर्क रहने और बहुत जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर नहीं निकलने की सख्त हिदायत दी है।
राजधानी समेत कई जिलों में यलो और ग्रीन अलर्ट का साया
बिहार के एक बड़े हिस्से में सुरक्षा के लिहाज से मध्यम स्तर की चेतावनी भी लागू की गई है। पटना, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, बेगूसराय, गया, भागलपुर और अररिया सहित उत्तर एवं पूर्वी बिहार के दर्जनों जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां बादलों की गड़गड़ाहट के साथ वज्रपात होने और करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं दूसरी तरफ, सारण, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद जैसे दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों के लिए ग्रीन अलर्ट जारी हुआ है, जिसका तात्पर्य है कि इन क्षेत्रों में फिलहाल किसी बड़े मौसमी खतरे की आशंका नहीं है।
मौसम विभाग द्वारा सुरक्षा गाइडलाइन और विशेष अपील
बिगड़ते हुए मौसम को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनमानस और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए एक जरूरी एडवायजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से पुरजोर अपील की है कि जब आसमान में बिजली कड़क रही हो, तब वे खुले मैदानों, जलजमाव वाले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों या ट्रांसफॉर्मर के पास बिल्कुल भी खड़े न हों। इसके साथ ही, खेतों में काम करने वाले किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम के ताजा बदलावों और सरकारी चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से समय रहते बचा जा सके।
जनजीवन और कृषि पर मानसूनी बारिश का प्रभाव
इस ताजा मानसूनी सिस्टम के दोबारा सक्रिय होने से जहां एक तरफ आम राहगीरों और दफ्तर जाने वाले लोगों को जलजमाव के कारण कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, वहीं दूसरी तरफ यह बारिश राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक वरदान साबित हो रही है। धान की रोपनी कर रहे किसानों के चेहरे खिल गए हैं क्योंकि खेतों को इस समय प्रचुर मात्रा में पानी की आवश्यकता थी। हालांकि, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ और जलभराव जैसी संभावित स्थितियों से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं ताकि आपातकाल में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
मधेपुरा में छात्रों का प्रदर्शन, निलंबन के विरोध में हाईवे पर जाम
9 Jul, 2026 04:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधेपुरा। जिले के घैलाढ़ प्रखंड अंतर्गत भान टेकठी स्थित सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार के निलंबन के खिलाफ गुरुवार को छात्र-छात्राओं का गुस्सा भड़क उठा। आक्रोशित विद्यार्थियों ने मधेपुरा-सहरसा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-107) को मठाही बाजार के पास पूरी तरह जाम कर उग्र प्रदर्शन किया। सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुआ यह चक्काजाम दोपहर पौने एक बजे तक जारी रहा। करीब ढाई घंटे तक मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप रहने के कारण सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों का तांता लग गया, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों से जूझना पड़ा।
निलंबन के विरोध में सड़क पर उतरे छात्र
आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों का साफ तौर पर कहना था कि जब से मुकेश कुमार ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक का जिम्मा संभाला था, तब से वहां के शैक्षणिक माहौल में क्रांतिकारी बदलाव आया था। स्कूल में नियमित रूप से क्लास चलने लगी थीं और पढ़ाई का स्तर काफी सुधर गया था। छात्रों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए मांग की कि उन्हें दोबारा स्कूल का प्रभार सौंपा जाए। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि विद्यालय के भीतर शिक्षा के बजाय राजनीति करने वाले अन्य शिक्षकों को वहां से तुरंत हटाया जाना चाहिए।
विभागीय आदेश की अनदेखी और तालाबंदी का घटनाक्रम
पूरे विवाद की जड़ शिक्षा विभाग द्वारा जारी वह निर्देश है, जिसमें मुकेश कुमार को विद्यालय का प्रभार वरिष्ठ शिक्षक मो. इमरान आलम को सौंपने के लिए कहा गया था। विभागीय आदेश की अवहेलना करने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 24 घंटे के भीतर प्रभार सौंपने और स्पष्टीकरण देने का अल्टीमेटम दिया था। इस कार्रवाई से नाराज होकर छात्रों ने पहले भी स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया था, जिसे स्थानीय शिक्षा अधिकारी के समझाने के बाद शांत कराया गया था, लेकिन निलंबन की कार्रवाई होते ही छात्र दोबारा भड़क गए।
अनुशासनात्मक कार्रवाई और मुख्यालय निर्धारण
प्रशासनिक नियमों के तहत निलंबन की इस अवधि के दौरान पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, चौसा तय किया गया है। नियमों के मुताबिक उन्हें इस दौरान निलंबन भत्ता तो देय होगा, लेकिन उन्हें नियमित तौर पर बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके साथ ही उच्च अधिकारियों ने स्थानीय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे नए प्रभारी को जल्द से जल्द स्कूल का कार्यभार सौंपना सुनिश्चित करें। विभाग इस पूरे मामले को लेकर आगे की कानूनी और प्रशासनिक चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया में भी जुट गया है।
अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला जाम
सड़क पर बढ़ते हंगामे को देखते हुए सदर थाना और मठाही पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की, जिसके बाद जाम को हाईवे से हटाकर स्कूल परिसर में शिफ्ट किया गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम संतोष कुमार, बीडीओ अविनाश कुमार और प्रभारी बीईओ नवलकिशोर सिंह तुरंत विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनरत छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया और उन्हें वापस अपनी कक्षाओं में भेजा। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूल के सभी शिक्षकों के साथ एक बंद कमरे में बैठक कर वर्तमान हालात और पूरे
29 दिन तक जमीन के नीचे छिपा रहा राज, ईशांत हत्याकांड में बड़ा खुलासा
9 Jul, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर। नौवीं कक्षा के छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में अब तक सामने आए तथ्यों से यह आशंका जताई जा रही है कि किशोर की हत्या किसी तात्कालिक गुस्से या आवेश का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसे एक बेहद सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। अंदेशा है कि बीते 10 जून को अपहरण करने के कुछ ही घंटों के भीतर छात्र की जीवनलीला समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद वारदात को छुपाने के लिए शव को प्लास्टिक की कई परतों में लपेटकर पहले से तैयार करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। जिस लाडले की सुरक्षित वापसी के लिए परिजन 29 दिनों तक दर-दर भटकते रहे, उसका शव आखिरकार उसी गहरे गड्ढे से बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
आरोपी से पूछताछ में खुले कई राज
पुलिस रिमांड पर लिए गए मुख्य आरोपी नंद कुमार सिंह उर्फ आनंदी सिंह से कड़ाई से की गई पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने कुबूल किया है कि अपहरण के कुछ ही घंटों बाद ईशांत को मौत के घाट उतार दिया गया था। हालांकि, पुलिस प्रशासन महज इस बयान को अंतिम सच नहीं मान रहा है और आरोपी के दावों का मिलान फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य डिजिटल सबूतों से करा रहा है ताकि घटना की सही कड़ियों को जोड़ा जा सके।
सोची-समझी साजिश के तहत वारदात को अंजाम
जिस खेत से छात्र का शव बरामद हुआ है, वहां वारदात से पहले ही एक गहरा गड्ढा खोद कर तैयार रखा गया था। इस तथ्य ने पुलिस के इस शक को पुख्ता कर दिया है कि हत्याकांड की पूरी रूपरेखा पहले ही तैयार कर ली गई थी। शव को प्लास्टिक की मोटी परतों में इसलिए लपेटा गया था ताकि सड़ने के बावजूद दुर्गंध बाहर न आए और लंबे समय तक किसी को इस खौफनाक कृत्य की भनक तक न लग सके। पुलिस अब इस अमानवीय कृत्य के पीछे पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या किसी अन्य गुप्त मकसद के कोण से भी गहनता से तफ्तीश कर रही है।
29 दिनों की तलाश के बाद मिला शव
विगत 10 जून की शाम को ईशांत अपने कुछ दोस्तों के बुलाने पर घर से निकला था, जिसके बाद वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन करने के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन एसआईटी का गठन किया गया और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर तफ्तीश शुरू हुई। करीब 29 दिनों तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद बुधवार की देर रात आरोपी की निशानदेही पर कलना चौर इलाके में खुदाई की गई, जहाँ से छात्र का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। इस दुखद खबर के बाद मृतक के माता-पिता और भाई-बहन का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम के साथ-साथ भारी आक्रोश व्याप्त है।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के वास्तविक कारणों, साजिश में शामिल अन्य संभावित चेहरों और शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले मददगारों का पता लगाने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि मामले की जांच अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आते ही पूरे घटनाक्रम का सिलसिलेवार आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस घिनौनी वारदात में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हर एक दोषी को चिन्हित कर उसके खिलाफ कानून के दायरे में सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रांची में दोस्ती हुई खून की दुश्मनी में तब्दील, साथी ने चाकू से कर दी हत्या
9 Jul, 2026 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। बेड़ो थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घाघरा पंचायत के मधुपुर गांव में एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपने ही बचपन के जिगरी दोस्त की चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात का शिकार घाघरा पंचायत के ही बरटोली गांव का रहने वाला 25 वर्षीय रविंद्र मुंडा बना। बुधवार की शाम वह जिस दोस्त के साथ हंसते-खेलते और खुशमिजाज अंदाज में अपने घर से निकला था, गुरुवार की सुबह उसी रविंद्र का खून से सना शव गांव के अखड़ा के पास से बरामद हुआ। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों के बीच गहरे शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
बचपन की दोस्ती का खूनी अंत
इस दर्दनाक हत्याकांड का आरोप मृतक रविंद्र के बचपन के साथी विकास मुंडा पर लगा है। रविंद्र की मां पार्वती मुंडाइन ने अत्यंत दुखी मन से बताया कि बुधवार की शाम करीब 7 बजे उनका बेटा विकास के साथ बेहद खुश होकर घर से बाहर गया था। दोनों दोस्तों के बीच गहरी बॉन्डिंग देखकर परिवार को दूर-दूर तक इस बात का अंदेशा नहीं था कि यह रविंद्र की जिंदगी की आखिरी रात साबित होने वाली है। सुबह जब गांव के कुछ लोग मधुपुर अखड़ा के पास से गुजर रहे थे, तो वहां का खौफनाक मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। रविंद्र का शव जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ था, जिसके बाद तुरंत इस बात की जानकारी परिवार और स्थानीय पुलिस को दी गई।
नशे की हालत में उपजा जानलेवा विवाद
शुरुआती परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि बुधवार की रात दोनों दोस्तों ने एक साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान किसी पुरानी या तात्कालिक बात को लेकर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बहसबाजी देखते ही देखते इतनी ज्यादा बढ़ गई कि आक्रोश में आकर विकास ने अपने पास रखे चाकू से रविंद्र के पेट पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दोस्त अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल और ग्रामीणों का गुस्सा
जैसे ही इस दर्दनाक घटना की खबर गांव में फैली, घटनास्थल पर स्थानीय ग्रामीणों का भारी हुजूम इकट्ठा हो गया। रविंद्र की अचानक मौत की खबर ने उसके माता-पिता और पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इकलौते जवान बेटे को खोने के गम में डूबे माता-पिता को संभालने में आस-पास के लोग भी असमर्थ नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, शांतिप्रिय गांव में हुई इस क्रूर हत्या से नाराज ग्रामीण पुलिस प्रशासन से आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग पर अड़े हुए हैं।
संभावित ठिकानों पर पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
हत्याकांड की संवेदनशीलता को देखते हुए सूचना मिलते ही डीएसपी दीपक कुमार और बेड़ो थाना प्रभारी कफील अहमद भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की बारीकी से तफ्तीश शुरू कर दी है। घटनास्थल से अहम वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी विकास मुंडा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी धरपकड़ के लिए कई संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, जिससे उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
बिहार में EOU की बड़ी कार्रवाई, उत्पाद निरीक्षक के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
9 Jul, 2026 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में सरकारी महकमों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सिवान जिले में पदस्थापित उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों में शिकंजा कसा है। अदालत से वारंट मिलने के बाद जांच एजेंसी की विशेष टीमों ने गुरुवार सुबह एक साथ उनके पांच अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी।
आय से अधिक करोड़ों की काली कमाई का खुलासा
आर्थिक अपराध इकाई द्वारा की गई प्रारंभिक जांच और संकलित साक्ष्यों के आधार पर यह बात सामने आई है कि आरोपी उत्पाद निरीक्षक ने अपने सेवाकाल के दौरान अवैध तरीकों का इस्तेमाल कर अकूत संपत्ति बनाई है। जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अंकेश कुमार गोंड के पास उनकी वैध और ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में करीब 2.38 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति होने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। इसी वित्तीय अनियमितता को आधार बनाते हुए आर्थिक अपराध इकाई के थाने में उनके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
मुंगेर समेत पांच ठिकानों पर एक साथ दबिश
गुरुवार सुबह ठीक आठ बजे आर्थिक अपराध इकाई की अलग-अलग टीमों ने स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। इस कार्रवाई के तहत मुंगेर जिले के कासिम बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत लल्लू पोखर स्थित बड़ी काली स्थान के पास बने एक बड़े व्यावसायिक भवन में तलाशी ली जा रही है। इसके साथ ही चूआ बाग स्थित चंदन बाग गैस गोदाम के पास बने उनके आलीशान निजी आवास पर भी जांच दल के अधिकारी दस्तावेजों को खंगालने में जुटे हैं।
बैंकों के रिकॉर्ड और गुप्त दस्तावेजों की गहन जांच
घंटों से जारी इस छापेमारी की कार्रवाई में जांच टीम के हाथ कई महत्वपूर्ण सुराग और दस्तावेज लगे हैं। ईओयू के अधिकारी आरोपी निरीक्षक और उनके परिजनों के नाम पर दर्ज चल-अचल संपत्ति के कागजात, विभिन्न बैंकों के खातों, लॉकरों से जुड़े रिकॉर्ड और निवेश से संबंधित अन्य अहम अभिलेखों की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। मुंगेर सदर एसडीओ के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी के कारण तलाशी की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।
पूरी कार्रवाई के बाद होगा कुल बरामदगी का खुलासा
सुबह से शुरू हुई यह संयुक्त छापेमारी की कार्रवाई देर शाम तक चलने की संभावना जताई जा रही है। आर्थिक अपराध इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में सर्च ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय तरीके से संचालित किया जा रहा है। सभी ठिकानों पर तलाशी का काम पूरी तरह समाप्त होने के बाद ही कुल बरामद नकदी, सोने-चांदी के आभूषणों, जमीनों के कागजात और विभिन्न बैंकों में जमा रकम के वास्तविक आंकड़ों का आधिकारिक रूप से खुलासा किया जाएगा।
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