बिहार-झारखण्ड
किउल-गया रेलखंड के सिरारी और शेखपुरा स्टेशनों के मध्य स्थित पुल सं. 40 पर लगाया गया परमानेंट स्पीड रिस्ट्रिक्शन हटाया गया
19 Apr, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाजीपुर। दानापुर मंडल के किउल-गया रेलखंड के सिरारी और शेखपुरा स्टेशनों के मध्य किमी 19/41-43 पर स्थित रेल पुल सं. 40 पर रेल संरक्षा के मद्देनजर 40किमी/घंटा की गति से ट्रेनों के परिचालन हेतु परमानेंट स्पीड रिस्ट्रिक्शन (पीएसआर) लगाया गया था। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि दिनांक 15 अप्रैल को रेल संरक्षा से जुड़े कार्य के सफलतापूर्वक पूरा कर लिए जाने के बाद अब इस पुल पर ट्रेनों की गति नियंत्रण को हटाते हुए सेक्शनल स्पीड से ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। इससे एक ओर जहां संरक्षा में वृद्धि होगी वहीं दूसरी ओर ट्रेनों की गति बढ़ने से समयपालन में सुधार आएगा।
24 अप्रैल को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेगी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार
19 Apr, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के बाद अब नई सरकार के सामने सबसे अहम परीक्षा 24 अप्रैल को होने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेगी। इसके लिए बिहार विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है, जो सुबह 11 बजे से शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के मुताबिक, इस विशेष सत्र में सरकार विश्वास मत पेश करेगी। नई सरकार बनने के बाद यह प्रक्रिया संवैधानिक रूप से आवश्यक होती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकार के पास सदन में पर्याप्त समर्थन है या नहीं। राजनीतिक रूप से अहम यह सत्र इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा का रुख किया था। उनके इस्तीफे के बाद एनडीए विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को नेता चुना गया और उन्होंने 15 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नई सरकार में जदयू कोटे से विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 24 अप्रैल को सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे। माना जा रहा है कि एनडीए के पास पर्याप्त बहुमत है और सरकार आसानी से यह परीक्षा पास कर लेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए को 202 विधायकों का समर्थन मिला था, जो उसे स्पष्ट बढ़त दिलाता है। गौरतलब है कि राज्यपाल के निर्देशानुसार नई सरकार को तय समय सीमा के भीतर बहुमत साबित करना होता है। यदि कोई सरकार विश्वास मत हासिल नहीं कर पाती है, तो उसे इस्तीफा देना पड़ सकता है। अब सभी की नजरें 24 अप्रैल को होने वाले इस विशेष सत्र पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सम्राट चौधरी की सरकार सदन में अपनी ताकत कितनी मजबूती से साबित कर पाती है।
देवघर और हजारीबाग में नए चेहरों की एंट्री; झारखंड सरकार ने प्रशासनिक अमले में किया बड़ा उलटफेर।
18 Apr, 2026 04:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड सरकार ने शुक्रवार की देर रात प्रशासनिक ढांचे में एक बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 17 अफसरों के स्थानांतरण और नई तैनाती की अधिसूचना जारी की है। इस फेरबदल के जरिए न केवल अनुभवी अधिकारियों को नई फील्ड जिम्मेदारी दी गई है, बल्कि 5 उप विकास आयुक्तों (DDC) को पदोन्नत कर जिले की कमान भी सौंपी गई है। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।
इन अधिकारियों को मिली जिलों की कमान
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार, मंत्रिमंडल सचिवालय में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत राजीव रंजन को पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया है। वहीं, रांची के डीडीसी रहे सौरभ कुमार भुवानिया अब खूंटी जिले के नए डीसी होंगे। जेपीएससी के सचिव संदीप कुमार को लातेहार का उपायुक्त बनाया गया है, जबकि लातेहार से हटाकर उत्कर्ष गुप्ता को कोडरमा की जिम्मेदारी दी गई है। पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे संदीप कुमार मीणा को लोहरदगा का नया मुखिया बनाया गया है।इसी क्रम में, हजारीबाग के डीसी रहे शशि प्रकाश सिंह अब देवघर के उपायुक्त होंगे, जबकि साहिबगंज से हेमंत सती को हजारीबाग भेजा गया है। अनन्य मित्तल को गढ़वा, मेघा भारद्वाज को पाकुड़, और लोकेश मिश्रा को गोड्डा का उपायुक्त बनाया गया है। पलामू जिले की कमान अब दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के हाथों में होगी। खूंटी के डीडीसी आलोक कुमार को प्रमोट कर जामताड़ा का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया है।
पदोन्नति और अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
इस फेरबदल में कई जिलों के विकास आयुक्तों पर भरोसा जताया गया है। गोड्डा के डीडीसी दीपक कुमार दुबे अब साहिबगंज के डीसी होंगे। गुमला के डीडीसी दिलेश्वर महतो को उसी जिले का नया उपायुक्त (DC) बनाया गया है। कोडरमा के डीसी ऋतुराज को रामगढ़ की कमान दी गई है, जबकि रवि आनंद चतरा के नए उपायुक्त होंगे। इनके साथ ही मनीष कुमार को चाईबासा का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
मुख्यालय बुलाए गए पांच अधिकारी
नई व्यवस्था के तहत पांच निवर्तमान उपायुक्तों को फिलहाल किसी जिले का प्रभार नहीं दिया गया है। पूर्वी सिंहभूम के डीसी कर्ण सत्यार्थी, खूंटी की डीसी आर रानिटा, गढ़वा के डीसी दिनेश यादव, पश्चिमी सिंहभूम के डीसी चंदन कुमार और पलामू की डीसी समीरा एस को कार्मिक विभाग में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश मिला है। इन अधिकारियों की आगामी पोस्टिंग के आदेश बाद में जारी होंगे।
झारखंड के जंगलों में 'ऑपरेशन मिसिर बेसरा': 10 किमी का घेरा और 50 माओवादी कैद।
18 Apr, 2026 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगलों में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के शीर्ष कमांडर मिसिर बेसरा पर सुरक्षाबलों का शिकंजा कसता जा रहा है। एक करोड़ रुपये के इनामी इस कुख्यात नक्सली की घेराबंदी इतनी सख्त है कि वह और उसके करीब 50 साथियों का दस्ता अब भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, रसद आपूर्ति पूरी तरह कट जाने के कारण नक्सली अब छिपकर नजदीकी गांवों से अनाज मांग रहे हैं।
अभेद घेराबंदी: भागने के सभी रास्ते बंद
सुरक्षा बलों ने सारंडा के करीब 10 किलोमीटर के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है। सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीमें धीरे-धीरे घेरे को छोटा कर रही हैं। झारखंड से सटी ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर कड़ा पहरा है, जिससे नक्सलियों का दूसरे राज्यों में भागना अब नामुमकिन हो गया है। जंगल के भीतर रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है, जिसमें दो दिन पहले नक्सलियों द्वारा बिछाई गई आईईडी की चपेट में आने से 6 जवान जख्मी भी हुए थे।
सरेंडर या मौत: बेसरा के पास बचे अंतिम विकल्प
गृह मंत्रालय द्वारा देश को नक्सल मुक्त बनाने के संकल्प के बीच मिसिर बेसरा वह आखिरी बड़ा मोहरा है, जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि बेसरा के पास अब केवल दो ही रास्ते बचे हैं: या तो वह सुरक्षाबलों की गोलियों का सामना करे या फिर हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दे। संगठन के इस सर्वोच्च कमांडर का गिरना भारत में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में अंतिम प्रहार माना जा रहा है।
परिजनों की मार्मिक पुकार: "हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटें"
जंगलों में जारी इस खूनी खेल के बीच मिसिर बेसरा के परिवार ने उससे शांति की राह चुनने की अपील की है। दक्षिण भारत में कैंटीन कर्मी के रूप में कार्यरत उसके बेटे और झारखंड में पैरा-टीचर उसके भाई ने पत्र लिखकर उसे सरेंडर करने को कहा है। परिवार का कहना है कि दशकों से जारी इस अलगाव को खत्म कर उसे सामान्य जीवन की ओर लौटना चाहिए।
झुलसाने वाली धूप और गर्म हवाएं; झारखंड में अगले 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण।
18 Apr, 2026 04:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार, 18 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क और तपिश भरा रहने का पूर्वानुमान है। मौसम केंद्र (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य के मुकाबले काफी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है, जिससे 'हीटवेव' जैसी स्थितियां उत्पन्न हो गई हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा तपेगी धरती
राज्य के उत्तर-पश्चिमी और औद्योगिक क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव सर्वाधिक देखा जा रहा है। पलामू और कोडरमा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 38°C से 44°C तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, जमशेदपुर और बोकारो में भी पारा 40 डिग्री के स्तर को पार कर चुका है। राजधानी रांची की बात करें तो यहाँ का अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 24-26°C के आसपास रहेगा।
हीटवेव अलर्ट और बारिश का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों ने 18 और 19 अप्रैल को पलामू, गढ़वा, चतरा और रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। दोपहर के वक्त चलने वाली गर्म हवाएं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। बारिश की संभावना न के बराबर है, हालांकि दुमका और देवघर की ओर हल्के बादल या छिटपुट बूंदाबांदी से इनकार नहीं किया जा सकता। राज्य का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी आज 'मध्यम से खराब' रहने की आशंका है।
प्रशासनिक सतर्कता और स्वास्थ्य गाइडलाइन
बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को कड़ी धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को लू से बचाने के लिए पर्याप्त जलपान और ठंडी जगहों पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
महायज्ञ पर 55 कैमरों की नजर; सुरक्षा के लिए प्रशासन ने बिछाया सीसीटीवी का जाल
18 Apr, 2026 10:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गयाजी | विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर परिसर में लोक कल्याण और शांति की कामना हेतु शनिवार से भव्य 'श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ' का शुभारंभ हो गया है। करीब 15 साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहे इस धार्मिक आयोजन को लेकर गयाजी के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह है।
501 कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
महायज्ञ के पहले दिन शनिवार सुबह विष्णुपद मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे, ऊंट और घोड़ों के साथ निकली इस यात्रा में 501 महिलाएं व युवतियां माथे पर कलश लिए शामिल हुईं। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों जैसे चांद चौरा, जीबी रोड और कोतवाली होते हुए सूर्यकुंड सरोवर पहुंची, जहां मंत्रोच्चार के बीच जलभरी की गई। इसके पश्चात कलशों को पुनः मंदिर लाकर यज्ञ मंडप में स्थापित किया गया।
अनुष्ठान का पूरा कार्यक्रम
यज्ञ के दूसरे दिन 19 अप्रैल को वेदी पूजन और अग्निस्थापना होगी, जबकि 20 से 26 अप्रैल तक मुख्य महायज्ञ का आयोजन चलेगा। मंदिर परिसर में धूप घड़ी के पास आकर्षक यज्ञ मंडप तैयार किया गया है। इसके साथ ही विख्यात कथावाचिका डॉ. सरोज मृणाल ब्रजवासी द्वारा प्रतिदिन शाम 7 से 10 बजे तक श्रीराम कथा का वाचन किया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े प्रबंध
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे क्षेत्र में 55 सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है और एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं ताकि आयोजन निर्विघ्न संपन्न हो सके।
शादी की खुशियां मातम में तब्दील; बुआ के घर जा रहे युवक का उजड़ा घर
18 Apr, 2026 10:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा | बिहार के दरभंगा जिले में कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के स्टेट हाईवे-56 पर शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ। उसरी घाट गांव के समीप दो बाइकों की सीधी भिड़ंत में दो युवकों की जान चली गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों की पहचान विद्यानंद निषाद और स्वतंत्र कुमार के रूप में हुई है। वहीं, घायलों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
दिल दहला देने वाली बात यह है कि मृतक विद्यानंद निषाद की 30 अप्रैल को शादी होने वाली थी। वह आंध्र प्रदेश में एक निजी नौकरी करता था और विवाह के लिए ही 10 दिन पहले घर आया था। शुक्रवार शाम वह अपने मित्र के साथ बुआ के घर शादी का निमंत्रण देने जा रहा था, तभी सामने से आ रही बाइक ने उसे टक्कर मार दी।
अस्पताल में तोड़ा दम
दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सभी को कुशेश्वरस्थान पीएचसी पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने विद्यानंद को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल स्वतंत्र कुमार ने इलाज के दौरान डीएमसीएच में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिवार और होने वाले ससुराल में कोहराम मच गया है। विद्यानंद की माँ का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस की कार्रवाई
नदी थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटना में शामिल बाइक को जब्त कर लिया गया है और मामले की छानबीन जारी है।
ट्रेन के पहियों से निकलने लगीं आग की लपटें; आधी रात को सहम गए यात्री
18 Apr, 2026 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधेपुरा | बिहार के मधेपुरा जिले में शुक्रवार की देर रात एक बड़ा ट्रेन हादसा टल गया। पटना से पूर्णिया कोर्ट जा रही कोसी एक्सप्रेस के जनरल कोच में अचानक आग लगने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। घटना रात करीब 11:20 बजे दीनापट्टी के पास की है।धुआं देख सहमे यात्री बताया जा रहा है कि ट्रेन की जनरल बोगी (एस-5) के निचले हिस्से से अचानक धुएं का गुबार निकलने लगा। पहले तो यात्रियों ने इसे सामान्य समझा, लेकिन देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया। आग बढ़ती देख यात्रियों में अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए गेट की ओर भागने लगे।
मची भगदड़, तत्परता से टला हादसा कोच में आग की सूचना मिलते ही ट्रेन को तुरंत रोका गया। रेलवे स्टाफ ने बिना देरी किए आग बुझाने के उपकरणों का इस्तेमाल किया और कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान ट्रेन लगभग आधे घंटे तक मौके पर खड़ी रही। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया और सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।जांच के आदेश आग बुझने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को पूर्णिया के लिए रवाना कर दिया गया। फिलहाल आग लगने की सटीक वजह सामने नहीं आई है। रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं ताकि घटना के असल कारणों का पता लगाया जा सके।
BCECE 2026 की तारीख तय, जानें आवेदन से एडमिट कार्ड तक डिटेल
17 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन और परीक्षा की तिथियों की घोषणा कर दी है। इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से इंजीनियरिंग, कृषि, फार्मेसी और मेडिकल के विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया जाएगा।
इस घोषणा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
महत्वपूर्ण तिथियां
पंजीकरण: ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, जो 5 मई 2026 तक चलेगी।
शुल्क भुगतान: पंजीकृत छात्र 6 मई तक अपनी फीस जमा कर सकते हैं।
त्रुटि सुधार: आवेदन फॉर्म में सुधार के लिए 7 और 8 मई का समय दिया गया है।
प्रवेश पत्र (Admit Card): 22 मई को एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
परीक्षा आयोजन: प्रवेश परीक्षा 30 और 31 मई 2026 को आयोजित की जाएगी।
इन क्षेत्रों में मिलेगा प्रवेश
कृषि: बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के कृषि, उद्यान और वानिकी कोर्स की 50% सीटें।
फार्मेसी: सरकारी संस्थानों के डिग्री कोर्स।
मेडिकल (पैरामेडिकल): फिजियोथेरेपी, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, रेडियो इमेजिंग, ऑप्टोमेट्री और लैब टेक्नोलॉजी जैसे कोर्सेज।
नर्सिंग: सरकारी और निजी संस्थानों के बीएससी नर्सिंग कोर्स।
इंजिनियरिंग: जेईई मेन (JEE Main) की काउंसिलिंग के बाद बचने वाली बीटेक सीटों को इसी परीक्षा की मेरिट से भरा जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक अभ्यर्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्टस को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।
बारात से पहले मौत, ट्रैक्टर हादसे में दूल्हे की दर्दनाक अंत
17 Apr, 2026 02:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले के बहेड़ा थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना सामने आई है, जहाँ शादी की खुशियाँ मातम में बदल गईं। इब्राहिमपुर गांव के पास एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने स्कूटी सवार युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:
हादसे का विवरण
मृतक की पहचान: मृतक की पहचान नमती गांव निवासी 20 वर्षीय राकेश कुमार दास के रूप में हुई है।
संजोग: राकेश की शादी आगामी 26 अप्रैल को होने वाली थी। वह अपनी मंगेतर के साथ शादी की खरीदारी करने बाजार गया था।
मंगेतर की स्थिति: हादसे में उसकी होने वाली पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसका इलाज बेनीपुर अनुमंडलीय अस्पताल में चल रहा है। उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
सोशल मीडिया से शुरू हुई थी प्रेम कहानी
परिजनों के अनुसार, राकेश और उसकी मंगेतर के बीच पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी, जिसे बाद में दोनों परिवारों ने शादी का रूप देने का फैसला किया था। शादी से महज 9 दिन पहले हुए इस हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया है।
पुलिसिया कार्रवाई
ट्रैक्टर जब्त: दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया है।
अस्पताल की प्रक्रिया: शव का पोस्टमार्टम दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
तलाश जारी: बहेड़ा थाना पुलिस फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
डोर-स्टेप विजिट से पहले खुद दर्ज करें जानकारी, बिहार में नई पहल
17 Apr, 2026 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैै। दो मई प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना करेंगे। लेकिन, इससे पहले यानी 17 अप्रैल से एक नई व्यवस्था की गई। इसके तहत बिहारवासी घर बैठे ही स्व-गणना कर सकते हैं। स्व-गणना करने की अंतिम तिथि एक मई रात 12 बजे तक है। 17 अप्रैल से एक मई तक बिहारवासी अपनी गणना मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय से माउस क्लिक कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यवासियों से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
स्व-गणना की सुविधा एक मई तक ही
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना सुशासन की आधारशिला है, जो आगामी वर्षों में विकास योजनाओं, नीतियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निमायेगी। जनगणना-2027 तकनीकी दृष्टि से एक ऐतिहासिक पहल है। इसमें पहली बार पूर्णतः डिजिटल डेटा संग्रहण तथा स्व-गणना की सुविधा 17 अप्रैल से एक मई उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में जनगणना-2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य दो मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आमलोगों से क्या अपील की?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील करते हुये कहा कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें। स्व-गणना के माध्यम से या प्रगणकों को सहयोग प्रदान कर एक सटीक, समावेशी और विश्वसनीय जनगणना संपन्न करने में अपना सहयोग दें। 'जनगणना-2027' बिहार एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगी।
आप खुद से स्व-गणना क्यों करें?
कहीं जाने की झंझट से मुक्ति। आप घर बैठे सुविधाजनक तरीके से जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
इससे आपके समय की बचत और सटीक जानकारी आप साझा कर सकते हैं।
आपके परिवार की सही जानकारी जनगणना में जुड़ेगी।
कैसे करें खुद से गणना
अपने मोबाइल पर जनगणना का आधिकारिक पोर्टल खोलें।
अपना मोबाइल नंबर और ओटीपी डालकर जनगणना प्रक्रिया का पेज खोलें।
एक-एक तक सभी 33 सवालों का जवाब दें।
अंत में सब्मिट करने के बाद आपको SE ID मिलेगी। इसे सुरक्षित कर लें। प्रगणक आपके द्वार आएंगे तो इस ID को आपको उन्हें देना होगा।
सीतामढ़ी जेल में बड़ी कार्रवाई, आठ पन्नों के संदिग्ध कागजात मिलने से हड़कंप
17 Apr, 2026 09:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतामढ़ी। शुक्रवार की अहले सुबह उस समय हलचल तेज हो गई, जब मंडल कारा में भारी पुलिस बल के साथ औचक छापामारी की गई। डीएम रिची पांडेय और पुलिस एसपी अमित रंजन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने जेल प्रशासन और कैदियों के बीच हड़कंप मचा दिया। करीब तीन घंटे तक चली इस सघन तलाशी अभियान ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को रेखांकित किया।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई संयुक्त कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन को जेल के भीतर संदिग्ध गतिविधियों के संचालन की गुप्त सूचना मिली थी। इसी के आधार पर डीएम और एसपी ने संयुक्त रूप से छापामारी की योजना बनाई। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस बल ने एक साथ जेल के मुख्य गेट पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। अचानक हुई इस दबिश से जेल प्रहरियों को संभलने का मौका नहीं मिला।
हर वार्ड, अस्पताल और रसोईघर की जांच
छापामारी के दौरान पुलिस टीम ने जेल के पुरुष और महिला वार्डों के साथ-साथ अस्पताल और रसोईघर की भी बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान जेल परिसर के हर हिस्से को जांच के दायरे में लाया गया, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या सामग्री को चिन्हित किया जा सके।
आठ पन्नों के दस्तावेज ने बढ़ाई चिंता
तलाशी के दौरान एक वार्ड से आठ पन्नों का हस्तलिखित संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुआ। एसपी अमित रंजन के अनुसार, इन पन्नों पर कई मोबाइल नंबर और कुछ आपत्तिजनक कोडवर्ड लिखे पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि जेल के भीतर से ही बाहरी नेटवर्क से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही थी।
कॉल डिटेल खंगालने की तैयारी
बरामद दस्तावेज के आधार पर पुलिस अब संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि जेल के भीतर से किन लोगों के साथ संपर्क स्थापित किया जा रहा था और इस नेटवर्क का दायरा कितना व्यापक है।
कुख्यात अपराधियों के स्थानांतरण की तैयारी
छापामारी के बाद एसपी अमित रंजन ने स्पष्ट किया कि जेल में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसे कुख्यात अपराधी, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरा बन सकते हैं, उन्हें जल्द ही राज्य के विभिन्न सेंट्रल जेल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
जेल प्रशासन की भूमिका पर भी जांच के निर्देश
डीएम रिची पांडेय ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। यह सवाल उठ रहा है कि सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद संदिग्ध दस्तावेज जेल के वार्ड तक कैसे पहुंचा। प्रशासन अब इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि कहीं इसमें किसी जेल कर्मी की संलिप्तता तो नहीं है। फिलहाल, मंडल कारा की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
फर्जी DM बनकर लोगों को लगाया चूना, प्रशासन ने लिया एक्शन
17 Apr, 2026 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले से साइबर धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जालसाजों ने वर्तमान जिलाधिकारी (DM) पवन कुमार सिन्हा की पहचान का इस्तेमाल कर ठगी का प्रयास किया है। साइबर अपराधियों ने डीएम के नाम और फोटो का उपयोग करके एक फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाया है।
इस मामले के प्रमुख विवरण निम्नलिखित हैं:
जालसाजी का तरीका
फेसबुक का दुरुपयोग: अपराधियों ने डीएम की आधिकारिक तस्वीर लगाकर एक फर्जी फेसबुक अकाउंट तैयार किया।
वित्तीय ठगी का प्रयास: इस अकाउंट के माध्यम से जिले के नागरिकों और अधिकारियों को संदेश भेजकर आपात स्थिति का हवाला दिया जा रहा है और उनसे पैसों या गिफ्ट कार्ड की मांग की जा रही है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और कार्रवाई
सार्वजनिक चेतावनी: मामला संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनका इस अकाउंट से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने जनता से किसी भी संदिग्ध लिंक या आर्थिक लेनदेन से बचने की अपील की है।
पुलिस जांच: साइबर सेल और स्थानीय पुलिस इस डिजिटल जालसाजी की जांच में जुट गई है। आईटी विशेषज्ञ आईपी एड्रेस (IP Address) के जरिए अपराधियों की लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं।
नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति या अधिकारी के नाम से आने वाले संदेशों की सत्यता की पुष्टि किए बिना कोई कदम न उठाएं।
किसी भी प्रकार की वित्तीय मांग या संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
गया-शेरघाटी जेल में एक्शन, सुरक्षा इनपुट के बाद चला सर्च ऑपरेशन
17 Apr, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। गुरुवार देर रात उस समय हलचल तेज हो गई, जब जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सेंट्रल जेल और शेरघाटी उपकारा में एक साथ औचक छापामारी अभियान शुरू किया। इस मिडनाइट एक्शन ने जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती का स्पष्ट संदेश दिया।
गोपनीय और सुनियोजित तरीके से शुरू हुआ अभियान
गुरुवार रात करीब 11:55 बजे गया के केंद्रीय कारा में अचानक गतिविधियां बढ़ीं, जब सिटी एसपी कोटा किरण कुमार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने छापेमारी शुरू की। इस अभियान को पूरी तरह गोपनीय और सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया, ताकि इसकी जानकारी पहले से किसी तक न पहुंच सके।
हर वार्ड और बैरक की बारीकी से तलाशी
इस छापामारी में प्रोबेशनर पुलिस पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-01 और SDPO-02) के साथ जिले के विभिन्न थानों से बड़ी संख्या में पुलिस बल शामिल रहा। टीम ने जेल परिसर के हर वार्ड, बैरक और कोने-कोने की गहन तलाशी ली। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल के भीतर अफरातफरी का माहौल बन गया।
सुरक्षा व्यवस्था की जांच और अवैध गतिविधियों पर नजर
अधिकारियों के अनुसार, इस संयुक्त छापामारी का मुख्य उद्देश्य जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करना और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना था। टीम ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि परिसर में कोई प्रतिबंधित सामान या संदिग्ध गतिविधि संचालित न हो रही हो।
शेरघाटी उपकारा में भी समानांतर कार्रवाई
इसी दौरान शेरघाटी उपकारा में भी समानांतर रूप से छापामारी अभियान चलाया गया। इससे पूरे जिले में प्रशासन की सक्रियता और सतर्कता साफ तौर पर दिखाई दी। इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों ने क्या बताया?
सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने जानकारी दी कि छापामारी के दौरान किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि जेल के भीतर अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
स्व-गणना में क्या पूछे जाएंगे सवाल? बाहर रहने वालों के लिए गाइड
16 Apr, 2026 03:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। दो मई प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना करेंगे। लेकिन, इससे पहले 17 अप्रैल से एक नई व्यवस्था की गई। इसके तहत बिहारवासी घर बैठे ही स्व-गणना कर सकते हैं। स्व-गणना करने की अंतिम तिथि एक मई रात 12 बजे तक है। यानी 17 अप्रैल से एक मई तक बिहारवासी अपनी गणना मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन दर्ज कर कसते हैं। भारतीय जनगणना निदेशालय की डायरेक्टर रंजिता (IAS) ने कहा कि बिहार में दो मई से जनगणना कार्य शुरू हो रही है। नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोग घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस दौरान लोग आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP सत्यापन करके खुद अपने परिवार और घर से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
परिवार के मुखिया के नाम से पंजीकरण करना होगा
डायरेक्टर रंजिता (IAS) ने कहा कि इसके लिए परिवार के मुखिया के नाम और किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से पंजीकरण करना होगा। स्व-गणना पूरी होने के बाद नागरिकों को एक स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा और गणनाकर्मी के घर आने पर उसे दिखाना होगा। यह प्रक्रिया सुरक्षित, सरल और समय की बचत करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग मोबाइल से अपनी गणना नहीं कर सकते हैं, वह घबराएं नहीं। दो मई से प्रगणक आपके घर आएंगे, वह गणना का काम कर कसते हैं। साथ ही जो लोग बिहार से बाहर रहते हैं वह भी नहीं घबराएं। आपके जिस राज्य में रह रहे हैं वहां जब जनगणना की प्रकिया शुरू होगी तब आप इसमें शामिल हो सकते हैं। आपकी गणना मान्य वैद्य मानी जाएगी। आपके डेटा को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और डिजिटल माध्यम में एन्क्रिप्टेड सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
आधुनिक-पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग
वहीं डिप्टी डायरेक्टर संजीव कुमार साव ने बताया कि भारत सरकार वर्ष 2027 में देशव्यापी जनगणना आयोजित कर रही है, जो संविधान के अनुच्छेद 246 तथा जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। वर्ष 1872 से प्रारंभ हुई यह परंपरा अब अपनी 16वीं जनगणना तक पहुंच चुकी है, जबकि स्वतंत्रता के बाद यह 8वीं जनगणना होगी। जनगणना 2027 को दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। पहले चरण में वर्ष 2026 के दौरान मकान सूचीकरण एवं आवास संबंधी जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके अंतर्गत घरों की स्थिति, संरचना और उपलब्ध सुविधाओं का विवरण लिया जाएगा। दूसरे चरण में वर्ष 2027 के दौरान जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी।
बिहार में ढाई लाख से अधिक प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे
डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि जनगणना के सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए व्यापक स्तर पर मानव संसाधन की नियुक्ति की गई है, जिसमें प्रगणक, पर्यवेक्षक और प्रशिक्षक शामिल हैं। बिहार में ढाई लाख से अधिक प्रगणक और पर्यवेक्षक जनगणना के कार्य में लगाए जाएंगे। इसके लिए इन्हें पारिश्रमिक भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। मास्टर ट्रेनर, जिला स्तरीय अधिकारी, फील्ड प्रशिक्षक और प्रगणकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया गया है, ताकि जनगणना कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। जनगणना के दौरान नागरिकों से उनके घर, परिवार, शिक्षा, सामाजिक स्थिति तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट और संपत्ति से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
इस बार पूरी तरह अलग है जनगणना 2027
जनगणना 2027 के लिए कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने साल 2027 की जनगणना को देश की पहली डिजिटल जनगणना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। मोबाइल एप के जरिए डेटा इकट्ठा किया जाएगा। ऐप हिंदी, अंग्रेजी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। इसके अलावा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) नाम का एक केंद्रीय पोर्टल बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी करेगा। हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग भी किया जाएगा, ताकि रिकॉर्ड बिल्कुल सटीक रहे। आइये जानते हैं आपको किन सवालों का जवाब देना होगा?
क्रमांक विवरण
1 लाइन क्रमांक
2 भवन नंबर
3 जनगणना मकान नंबर
4 फर्श सामग्री
5 दीवार सामग्री
6 छत सामग्री
7 जनगणना मकान का वास्तविक उपयोग
8 जनगणना मकान की स्थिति
9 परिवार क्रमांक
10 परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की संख्या
11 मुखिया का नाम
12 मुखिया का लिंग
13 मुखिया की जाति (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य)
14 घर का स्वामित्व
15 उपलब्ध कमरों की संख्या
16 विवाहित दम्पत्ति की संख्या
17 पेयजल का मुख्य स्रोत
18 पेयजल स्रोत की उपलब्धता
19 प्रकाश का मुख्य स्रोत
20 शौचालय की उपलब्धता
21 शौचालय का प्रकार
22 गंदे पानी की निकासी (वेस्ट वाटर आउटलेट)
23 परिसर के भीतर स्नान सुविधा की उपलब्धता
24 रसोईघर की उपलब्धता एवं LPG/PNG कनेक्शन
25 खाना बनाने के लिए उपयोग किया जाने वाला मुख्य ईंधन
26 रेडियो/ट्रांजिस्टर
27 टेलीविजन
28 इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता
29 कंप्यूटर/लैपटॉप
30 टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन
31 साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड
32 कार/जीप/वैन
33 परिवार में उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज
34 मोबाइल नंबर
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