बिहार-झारखण्ड
नालंदा में वज्रपात बना काल, मासूम समेत तीन की मौत से मातम
20 Jul, 2026 07:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहारशरीफ: नालंदा जिले में रविवार की देर शाम हुई अचानक बारिश कई परिवारों के लिए काल बनकर आई। जिले के तीन पृथक-पृथक थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक दस वर्षीय मासूम बच्चे सहित तीन लोगों की अकाल मृत्यु हो गई। यह तीनों मृतक अपने-अपने खेतों में कृषि कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक हुए वज्रपात की चपेट में आ गए। इन दर्दनाक हादसों के बाद संबंधित गांवों में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नूरसराय में मासूम बालक की वज्रपात से मौत
पहली दुखद घटना नूरसराय थाना क्षेत्र के दादपुर-विशंभर बिगहा गांव की है, जहां दस वर्षीय बालक पवन कुमार आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। सुबोध यादव का पुत्र पवन रविवार शाम खेत में कृषि कार्य में हाथ बंटा रहा था, तभी अचानक जोरदार कड़क के साथ ठनका गिर गया। आनन-फानन में ग्रामीण और परिजन उसे निकटतम अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
थरथरी में कृषि कार्य कर रहे किसान ने गंवाई जान
दूसरी घटना थरथरी प्रखंड अंतर्गत चिन्तामनचक गांव से सामने आई, जहां 35 वर्षीय किसान ललित कुमार की जान चली गई। अरविंद प्रसाद के पुत्र ललित रविवार शाम झरहा बधार स्थित अपने खेत में काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान एकाएक मौसम बदला और तेज बारिश के साथ भीषण वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से किसान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक के परिवार में गहरा आघात पहुंचा है और गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
हिलसा में खेत की जुताई के दौरान युवक की गई जान
तीसरा हादसा हिलसा थाना क्षेत्र के कृष्णा बिगहा गांव में घटित हुआ, जहां 24 वर्षीय युवक सुबोध कुमार ठनके की चपेट में आ गया। भुवनेश्वर प्रसाद का पुत्र सुबोध पावर टिलर मशीन से अपने खेत की जुताई कर रहा था, तभी अचानक गिरी बिजली से वह बुरी तरह झुलस गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों की सहायता से उसे तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, किंतु चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में परिजनों के आक्रंदन से समूचा माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।
ग्रामीण अंचलों में भय का माहौल और प्रशासन की चेतावनी
एक ही शाम तीन अलग-अलग स्थानों पर हुए इन हादसों के बाद से संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में गहरा भय और चिंता व्याप्त हो गई है। लगातार बिगड़ते मौसम और वज्रपात के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए अपील की है कि खराब मौसम, वर्षा या बिजली कड़कने के समय लोग खुले खेतों, ऊंचे स्थानों और बड़े वृक्षों के नीचे जाने से पूरी तरह बचें ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राजेश राम ने जिला पर्यवेक्षकों को दिया निर्देश, संगठन को बनाएं धारदार, बूथ से पंचायत तक कांग्रेस को करें मजबूत
19 Jul, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम, पटना में आयोजित जिला पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए व्यापक रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने जिला पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि वे संगठन को धारदार, सक्रिय और जनसरोकारों से जुड़ा बनाते हुए पार्टी की मजबूती के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब जिला, प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर पर संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती देने के अभियान में जुट गई है। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और पार्टी की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने जिला पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में संगठनात्मक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करें तथा प्रखंड समितियों के साथ-साथ पंचायत एवं बूथ समितियों का शीघ्र गठन एवं सशक्तीकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता की सक्रिय भागीदारी से ही कांग्रेस संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाया जा सकता है। बैठक में संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिला पर्यवेक्षकों से कहा गया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर संगठनात्मक कार्यों को पूरा कर इसकी नियमित रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को उपलब्ध कराएं। बैठक मेें मिन्नत रहमानी, पंकज यादव, वैद्यनाथ शर्मा, डॉ.कमल कमलेश, कमलदेव नारायण शुक्ला, प्रेमचन्द सिंह, अरविन्द लाल रजक, मनोज शर्मा, नदीम अंसारी, मृणाल अनामय, विमलेश तिवारी, संजय महाराज, विनीता भगत, रीता सिंह, अनुराग चंदन, दौलत इमाम, प्रभाकर झा, प्रकाश चन्द्र झा, जितेन्द्र नाथ पटेल, सुरेश मुखिया, राहुल चौहान, विशाल मलहोत्रा, राम शंकर कुमार पान, मुन्द्रिका सिंह यादव, अरविन्द कुमार चौधरी, डॉ. दिवाकर सिंह, जितेन्द्र कुमार झा, शम्स तवरेज, सुबोध मडल, राजीव गुप्ता, कुमार भानू प्रताप, नरेश प्रसाद अकेला, नीरज यादव, डॉ.किशोरी लाल, रकटू प्रसाद, राजीव मिश्रा, इमरान आलम सहित सभी पर्यवेक्षक मौजूद थे।
बिहार की न्यायिक व्यवस्था में डिजिटल क्रांति: पटना में न्यायश्रुति प्रणाली का पहला सफल मॉक ट्रायल, अब ऑनलाइन होगी गवाही
19 Jul, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पटना में न्यायश्रुति प्रणाली का पहला सफल मॉक ट्रायल आयोजित किया गया। इस नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य के न्यायालयों में पुलिस अधिकारियों, जेल में बंद कैदियों, गवाहों और वैज्ञानिक विशेषज्ञों को गवाही देने के लिए अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सुरक्षित और प्रमाणित डिजिटल माध्यम से अपनी गवाही दर्ज करा सकेंगे।
- पटना कोर्ट में हुआ सफल परीक्षण
पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुक्रवार को पटना के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-23 गौरव कुमार की अदालत में एक आपराधिक मामले का सफल मॉक ट्रायल किया गया। इस परीक्षण के दौरान अभियोजन कार्यालय, बेउर स्थित आदर्श केंद्रीय कारा, पटना स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) तथा अन्य संबंधित संस्थानों को एकीकृत कर न्यायश्रुति प्रणाली के माध्यम से डिजिटल गवाही की पूरी प्रक्रिया का सफल परीक्षण किया गया। पूरे मॉक ट्रायल का तकनीकी संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा किया गया। परीक्षण के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यक्षमता, सुरक्षा और समन्वय की सफलतापूर्वक जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार, सभी चरण सुचारु रूप से संपन्न हुए और प्रणाली पूरी तरह सफल साबित हुई।
- अब सभी जिला न्यायालयों में होगा विस्तार
गृह विभाग ने बताया कि सफल परीक्षण के बाद न्यायश्रुति प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से बिहार के सभी जिला न्यायालयों में लागू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तकनीकी संसाधन, डिजिटल नेटवर्क और आधारभूत संरचना को विकसित एवं मजबूत किया जाएगा, ताकि न्यायिक कार्यवाही बिना किसी बाधा के संचालित हो सके।
- न्यायिक प्रक्रिया होगी अधिक तेज और पारदर्शी
न्यायश्रुति प्रणाली के लागू होने से अदालतों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। इसके माध्यम से पुलिस अधिकारियों, जेल में बंद आरोपियों, वैज्ञानिक विशेषज्ञों और गवाहों की डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित होगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही सुरक्षा संबंधी जोखिम भी कम होंगे और अनावश्यक आवागमन की जरूरत समाप्त हो जाएगी।
- आम लोगों को मिलेगा त्वरित और सुलभ न्याय
सरकार का मानना है कि इस तकनीक के जरिए न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनेगी। इससे न केवल अदालतों पर कार्यभार कम होगा, बल्कि आम नागरिकों को भी तेजी से न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायश्रुति प्रणाली बिहार की न्यायिक व्यवस्था में डिजिटल परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकती है और भविष्य में न्याय वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक एवं सुगम बनाएगी।
बिहार में उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान: 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के बनेंगे आधुनिक भवन, 2027 से शुरू होगी पढ़ाई
19 Jul, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के लिए स्थायी भवनों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार ने तय किया है कि सभी कॉलेजों का निर्माण एक समान आधुनिक डिजाइन के आधार पर किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी और सभी संस्थानों में छात्रों को समान स्तर की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि शैक्षणिक सत्र 2027 से इन कॉलेजों में नए भवनों से नियमित शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो जाएं।
- स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी होंगी सुविधाएं
नए कॉलेज भवनों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, प्रशासनिक भवन, स्टाफ रूम, सेमिनार हॉल तथा छात्रों के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है।
- हर कॉलेज पर करीब 5 करोड़ रुपये होंगे खर्च
राज्य सरकार ने प्रत्येक कॉलेज भवन के निर्माण के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इस राशि से आधुनिक और सुविधासंपन्न परिसर तैयार किए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल ने बताया कि सभी भवन एक मानक डिजाइन के अनुसार बनाए जाएंगे, जिससे निर्माण की गुणवत्ता बनी रहेगी और परियोजना निर्धारित समय पर पूरी करने में आसानी होगी।
- 15 अगस्त तक जमीन की रिपोर्ट देने का निर्देश
कॉलेज भवनों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को निर्देश दिया है कि वे 15 अगस्त तक अपने-अपने जिलों में उपलब्ध भूमि की रिपोर्ट विभाग को भेजें। प्रत्येक कॉलेज के लिए ब्लॉक मुख्यालय के आसपास ढाई से पांच एकड़ भूमि चिह्नित करने को कहा गया है। विभाग के अनुसार, दो दर्जन से अधिक जिलों से प्रारंभिक स्तर पर भूमि उपलब्ध होने की सूचना प्राप्त हो चुकी है। जिन जिलों से पहले भूमि का प्रस्ताव मिलेगा, वहां निर्माण कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा।
- ब्लॉक मुख्यालय के आसपास बनेंगे कॉलेज
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए डिग्री कॉलेज ऐसे स्थानों पर बनाए जाएंगे जहां छात्रों और शिक्षकों की आवाजाही सुरक्षित और सुविधाजनक हो। इसलिए अधिकांश कॉलेज ब्लॉक मुख्यालय या आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास स्थापित किए जाएंगे। सुनसान या दूरस्थ स्थानों पर भवन निर्माण से बचा जाएगा, ताकि छात्र-छात्राओं को परिवहन और सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण एजेंसियों को कार्य सौंप दिया जाएगा।
- जमीन दान करने वालों को मिलेगा सम्मान
सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किया है। यदि कोई व्यक्ति कॉलेज निर्माण के लिए अपनी भूमि स्वेच्छा से दान करता है, तो संबंधित कॉलेज का नाम दानदाता या उनके द्वारा सुझाए गए किसी व्यक्ति के नाम पर रखा जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से समाज के लोग शिक्षा के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
- कई सरकारी एजेंसियां करेंगी निर्माण
उच्च शिक्षा विभाग ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निर्माण कार्य विभिन्न सरकारी एजेंसियों को सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर भवन निर्माण पूरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि जुलाई 2027 के शैक्षणिक सत्र से छात्रों की पढ़ाई नए और स्थायी भवनों में शुरू कराई जा सके।
- उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होगा बड़ा बदलाव
211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के लिए आधुनिक स्थायी भवन बनने से बिहार में उच्च शिक्षा का ढांचा पहले की तुलना में अधिक मजबूत और व्यवस्थित होगा। इससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी और राज्य के युवाओं को बेहतर भविष्य की दिशा में नई संभावनाएं प्रदान करेगी।
भोजपुर में दर्दनाक हादसा: ईंट की दीवार गिरने से दो मासूम बच्चों की मौत, एक बुजुर्ग गंभीर घायल, आक्रोशित लोगों ने किया सड़क जाम
19 Jul, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा। बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। बिहिया नगर के धोबिया मोहल्ला में अचानक एक ईंट की दीवार गिरने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक अधेड़ गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों में कोहराम छा गया। मृत बच्चों की पहचान धोबिया मोहल्ला वार्ड संख्या-6 निवासी साजन कुमार रजक के तीन वर्षीय पुत्र शिवांश रजक उर्फ कल्लू तथा राहुल रजक के तीन वर्षीय पुत्र अंकित कुमार (3 वर्ष) के रूप में हुई है। हादसे में अंकित कुमार के 46 वर्षीय दादा छोटा रजक भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज परिजन अपने स्तर पर करा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दीवार गिरने के बाद दोनों बच्चों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान एक बच्चे ने आरा सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे बच्चे की भी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद मृत बच्चों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई। पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
- आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिहिया डाक बंगला चौक पर दोनों बच्चों के शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने टायर जलाकर विरोध जताया। करीब एक घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। प्रदर्शनकारी घटना की जांच और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग कर रहे थे। सड़क जाम की सूचना मिलते ही बिहिया थानाध्यक्ष सुंदेश्वर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ईंट की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में दोनों बच्चे और एक अधेड़ आ गए। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने पूरे बिहिया क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और जर्जर एवं असुरक्षित निर्माणों की जांच कर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।
रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, झारखंड को मिलने वाली हैं नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें
18 Jul, 2026 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमशेदपुर: लंबी दूरी तय करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। झारखंड के प्रमुख औद्योगिक शहर टाटानगर को निकट भविष्य में दो नई अत्याधुनिक स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का तोहफा मिलने जा रहा है। इन हाई-स्पीड ट्रेनों के पटरी पर उतरने से यात्रियों को तीव्र गति के साथ-साथ विश्वस्तरीय और बेहद आरामदायक सफर का अहसास होगा। दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए टाटानगर से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और धर्मनगरी वाराणसी के लिए इन स्लीपर ट्रेनों को चलाने का एक विस्तृत प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड को भेज दिया है।
देश के दो प्रमुख महानगरों के लिए जुड़ेंगी हाई-स्पीड ट्रेनें
रेलवे द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट के अनुसार, पहली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पश्चिम बंगाल के शालिमार स्टेशन से मुंबई के बीच परिचालित की जाएगी। यह ट्रेन टाटानगर और चक्रधरपुर मंडल होते हुए झारखंड, ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र तक का सफर तय करेगी, जिससे विभिन्न राज्यों के बीच व्यापारिक और सामाजिक संपर्क मजबूत होगा। वहीं, दूसरी बहुप्रतीक्षित स्लीपर वंदे भारत ट्रेन सीधे टाटानगर से वाराणसी के बीच चलाई जाएगी, जिसका खाका वर्ष 2024 में ही खींच लिया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे तब अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था। अब इस रूट पर ट्रेन शुरू होने से झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के यात्रियों को वाराणसी आने-जाने में अभूतपूर्व सुगमता होगी।
रखरखाव के लिए 283 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा नया डिपो
इन अत्याधुनिक ट्रेनों के सफल और सुरक्षित संचालन को जमीन पर उतारने के लिए रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुट गया है। टाटानगर में करीब 283 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक कोचिंग डिपो का निर्माण करने की मंजूरी दी गई है। यह नया डिपो भविष्य में स्लीपर वंदे भारत जैसी आधुनिक और हाई-टेक ट्रेनों के तकनीकी रखरखाव, प्राथमिक जांच और साफ-सफाई में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वर्तमान में टाटानगर स्टेशन पर केवल एक वाशिंग लाइन उपलब्ध है, जो मौजूदा ट्रेनों के लिए नाकाफी साबित हो रही थी, लेकिन इस नए प्रोजेक्ट के पूरा होते ही बुनियादी ढांचे से जुड़ी सभी अड़चनें स्थाई रूप से दूर हो जाएंगी।
पूर्वी भारत के बड़े रेल हब के रूप में उभरेगा टाटानगर
इन दो नई प्रीमियम स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत के साथ ही टाटानगर रेलवे स्टेशन की साख और पहचान पूर्वी भारत के एक विशाल और प्रमुख रेल हब के रूप में स्थापित हो जाएगी। बुनियादी ढांचे के पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के बाद इस स्टेशन से देश के अन्य सुदूर कोनों के लिए भी नई ट्रेनें खोलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा। इस विस्तार से न केवल जमशेदपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के व्यवसायियों को लाभ होगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार के दृष्टिकोण से भी यह समूचे क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
स्टेशन से गुजरने वाली वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर होगी पांच
वर्तमान रेल नेटवर्क की बात करें तो अभी टाटानगर से पटना और ब्रह्मपुर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का सफल संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, रांची-हावड़ा और राउरकेला-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी सप्ताह में छह दिन टाटानगर स्टेशन से होकर अपनी मंजिल की तरफ गुजरती हैं। रेलवे बोर्ड से नया प्रस्ताव पास होने और दोनों नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों के जुड़ जाने के बाद टाटानगर से सीधे तौर पर जुड़ने वाली वंदे भारत ट्रेनों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। यह विस्तार भारतीय रेलवे के मानचित्र पर टाटानगर की अहमियत को कई गुना बढ़ा देगा।
मिनटों में तबाही का मंजर, सिलेंडर से लगी आग में कई घर राख
18 Jul, 2026 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण: बिहार के सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र स्थित रामपुररूद्र गांव में शुक्रवार की रात एक अत्यंत दुखद और भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है। रसोई गैस सिलेंडर से अचानक हुए रिसाव के कारण भड़की इस भयानक आग ने कई हंसते-खेलते परिवारों को पल भर में बेघर कर दिया। इस हादसे में पीड़ितों के घरों में रखी नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, साल भर का अनाज, कपड़े और अन्य सभी कीमती घरेलू सामान जलकर पूरी तरह से खाक हो गए हैं। इस तबाही के बाद प्रभावित ग्रामीण खुले आसमान के नीचे आ गए हैं और उन्होंने फिलहाल सारण तटबंध पर जाकर शरण ली है।
भोजन बनाते समय अचानक भड़की भीषण आग
प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा रामपुररूद्र गांव के निवासी श्यामबाबू महतो के घर पर घटित हुआ। शुक्रवार की रात घर की महिलाएं परिवार के लिए रात का भोजन तैयार कर रही थीं, तभी अचानक गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से तेजी से रिसाव होने लगा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या उसे नियंत्रित कर पाता, गैस ने आग पकड़ ली और लपटें तेजी से ऊपर उठने लगीं। घर में मौजूद सदस्यों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि आसपास के लोग भी उसे बुझाने के लिए पास जाने का साहस नहीं जुटा सके।
दमकल कर्मियों और पुलिस ने घंटों की मशक्कत से पाया काबू
घटना की भयावहता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय पानापुर थाना पुलिस और दमकल विभाग को इस मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस बल की टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षाकर्मियों और दमकल कर्मियों ने स्थानीय युवाओं की मदद से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, लेकिन तब तक तबाही का मंजर फैल चुका था। इस भीषण अगलगी में श्यामबाबू महतो और वीरेंद्र महतो के आशियाने पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि पड़ोसी हरेसर महतो, राजेश महतो और उपेंद्र महतो के मकानों को भी इस आग के कारण आंशिक रूप से भारी नुकसान पहुंचा है।
तटबंध पर शरण और सामाजिक प्रतिनिधियों द्वारा त्वरित सहायता
इस अग्निकांड ने प्रभावित परिवारों के सिर से उनकी छत पूरी तरह छीन ली है, जिससे उनके सामने अब रहने और खाने-पीने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बेघर होने के बाद इन परिवारों ने बच्चों और बुजुर्गों के साथ सारण तटबंध पर प्लास्टिक तानकर अस्थाई बसेरा बनाया है। शनिवार की सुबह घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि वकील राय और पूर्व जिला परिषद प्रतिनिधि अभिषेक रंजन सिंह उर्फ मुनचुन सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए पीड़ितों को तुरंत नकद आर्थिक सहायता, तिरपाल, चावल, आटा और आलू जैसी बेहद जरूरी खाद्य सामग्री और राहत किट उपलब्ध कराई।
प्रभावित ग्रामीणों ने की उचित सरकारी मुआवजे की मांग
इस भयानक त्रासदी में अपना सबकुछ गंवा चुके पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार से आपदा राहत कोष के तहत मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मचारी को तुरंत मौके पर भेजकर हुए नुकसान का सटीक आकलन कराया जाए। पीड़ितों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें तत्काल अंतरिम सहायता राशि देने के साथ-साथ पक्के मकान के निर्माण के लिए आवासीय सहायता और उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए, ताकि शून्य पर पहुंच चुके ये गरीब परिवार एक बार फिर से अपनी जिंदगी की नई शुरुआत कर सकें।
बिहार में सड़क पर बहा दूध, लोग बोतल और बाल्टी लेकर जुटे
18 Jul, 2026 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार में मार्ग दुर्घटनाओं के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों से ईंधन, पेय पदार्थ या अन्य कीमती सामान बटोरने की घटनाएं अक्सर चर्चा का विषय बनती रही हैं। इसी सिलसिले में वर्तमान में सोशल मीडिया पर एक बेहद हैरान करने वाला वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक पलटे हुए दूध के टैंकर से रिस रहे दूध को स्थानीय लोग और राहगीर भारी मात्रा में इकट्ठा करते और मौके पर ही पीते हुए दिखाई दे रहे हैं। इंटरनेट पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे इस वीडियो ने एक बार फिर ऐसे हादसों के वक्त उमड़ने वाली जनभावना और प्रशासनिक नियंत्रण पर बहस छेड़ दी है।
दूध भरने के लिए बर्तनों के साथ उमड़ी भारी भीड़
वायरल हो रहे इस दृश्य में साफ देखा जा सकता है कि एक मुख्य मार्ग के किनारे दूध से भरा विशाल टैंकर अनियंत्रित होकर पलटा हुआ है, जिससे उसमें मौजूद हजारों लीटर दूध सड़क और आसपास के गड्ढों में बह रहा है। इस घटना को देखते ही आसपास के ग्रामीण और वहां से गुजरने वाले लोग बड़ी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए। दूध को बेकार बहता देख लोगों ने बिना समय गंवाए उसे अपने-अपने उपयोग के लिए सहेजना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा हादसा स्थल एक मेले के मैदान में तब्दील हो गया और लोगों में होड़ मच गई।
बोतल, बाल्टी और सीधे टैंकर से दूध पीने की मची होड़
घटनास्थल पर मौजूद लोग अपनी सुविधानुसार अलग-अलग तरीकों से दूध बटोरने की जुगत में लगे हुए थे। कुछ लोग अपने घरों से प्लास्टिक की बाल्टियां, डिब्बे और बड़ी बोतलें लेकर पहुंचे थे और तेजी से बहते हुए दूध को बर्तनों में भर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ, कुछ युवक बेहद जोखिम भरे तरीके से सीधे पलटे हुए टैंकर के क्षतिग्रस्त हिस्से से मुंह लगाकर दूध पीते हुए भी कैमरे में कैद हुए हैं। इस अजीबोगरीब वाकये के दौरान किसी ने भी सुरक्षा मानकों या स्वच्छता की परवाह नहीं की और सभी मुफ्त के दूध का फायदा उठाने में मसरूफ दिखे।
वीडियो की प्रामाणिकता और प्रशासनिक जांच का विषय
इंटरनेट पर इस वीडियो के सामने आने के बाद इसकी सत्यता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दावा किया जा रहा है कि यह पूरी घटना राजधानी पटना के किसी बाहरी इलाके की है, लेकिन अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक या पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है कि यह वीडियो वास्तव में किस तारीख और किस सटीक स्थान का है। स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से भी इस वायरल वीडियो को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, और इसकी आंतरिक स्तर पर पड़ताल की जा रही है।
सड़क हादसों के समय सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
इस तरह के घटनाक्रम केवल एक अनूठी तस्वीर ही पेश नहीं करते, बल्कि यह सड़क हादसों के समय पैदा होने वाली गंभीर सुरक्षा चुनौतियों को भी रेखांकित करते हैं। टैंकर पलटने के बाद अक्सर गैस रिसाव या अन्य तकनीकी गड़बड़ियों के कारण बड़े विस्फोट की आशंका बनी रहती है, ऐसे में स्थानीय जनता का सुरक्षा घेरा तोड़कर वाहन के इतने करीब पहुंच जाना बेहद आत्मघाती साबित हो सकता है। जानकारों का मानना है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं के समय पुलिस और हाईवे अथॉरिटी को तुरंत घेराबंदी करनी चाहिए ताकि किसी भी संभावित बड़े खतरे से आम नागरिकों को बचाया जा सके।
राजद प्रमुख लालू यादव की तबीयत खराब, दिल्ली एम्स में पहुंचे डॉक्टरों की टीम
18 Jul, 2026 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बेहतर स्वास्थ्य लाभ और उच्च स्तरीय चिकित्सा परामर्श के लिए आज नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया जाएगा। इससे पूर्व, शुक्रवार की शाम अचानक रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में उतार-चढ़ाव होने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में दाखिल कराया गया था। इस खबर के सामने आते ही उनके प्रशंसकों और राजनीतिक गलियारों में चिंता की लहर दौड़ गई थी।
चिकित्सकीय परीक्षण के बाद सेहत में सुधार
राजद सांसद और लालू प्रसाद यादव की ज्येष्ठ पुत्री मीसा भारती ने उनके स्वास्थ्य के संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि आईजीआईएमएस के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री का सघन स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक दवाइयां दीं। उपचार के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रित और सामान्य होने पर डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें फिलहाल कड़े चिकित्सकीय ऑब्जर्वेशन में रहने की हिदायत दी है और इसी सिलसिले में आगे की नियमित जांच के लिए उन्हें दिल्ली एम्स ले जाने का फैसला किया गया है।
नये आवास के आसपास फैली गंदगी पर जताई चिंता
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान मीसा भारती ने पटना के कौटिल्य नगर इलाके की बदहाल नागरिक सुविधाओं और सफाई व्यवस्था पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिस नए क्षेत्र में उनका परिवार हाल ही में स्थानांतरित हुआ है, वहां चारों तरफ कचरे और गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी जोड़ा कि यदि उनके परिवार का कोई सदस्य इस बुनियादी मुद्दे पर आवाज उठाता है, तो विरोधी दल इसका राजनीतिक मतलब निकालने लगते हैं।
दो दशक बाद सरकारी बंगले से निजी घर में विदाई
उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पिछले करीब बीस वर्षों से पटना के ऐतिहासिक 10 सर्कुलर रोड स्थित आलीशान सरकारी आवास में रह रहे थे। हाल ही में दोनों नेता अपनी पुरानी यादों को समेटकर कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी मकान में रहने के लिए चले गए हैं। उनके इस स्थानांतरण के बाद बिहार सरकार के राज्य संपत्ति विभाग ने उनका पुराना सरकारी बंगला वर्तमान एनडीए सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आधिकारिक तौर पर आवंटित कर दिया है।
भविष्य के स्वास्थ्य और राजनीतिक दौरों की रूपरेखा
दिल्ली रवाना होने से पहले राजद के वरिष्ठ नेताओं और पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि लालू प्रसाद यादव की स्थिति फिलहाल स्थिर है और घबराने जैसी कोई बात नहीं है। दिल्ली एम्स में उनके पुराने कार्डियोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट की देखरेख में रूटीन चेकअप किया जाएगा, क्योंकि कुछ समय पहले ही उनका सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके जल्द स्वस्थ होकर दोबारा पटना लौटने की कामना की है ताकि वे आगामी राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले सकें।
बिहार के पर्यटन को नई उड़ान, आज लॉन्च होगी हेली पर्यटन योजना
18 Jul, 2026 10:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के पर्यटन क्षेत्र को एक वैश्विक पहचान देने और इसे आधुनिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार द्वारा आज से एक ऐतिहासिक शुरुआत की जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दोपहर ठीक 3 बजे राजधानी पटना के स्टेट हैंगर से बहुप्रतीक्षित 'बिहार हेली पर्यटन एवं एयर पर्यटन योजना-2026' के अंतर्गत 'पटना जॉय राइड' सेवा का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले मुसाफिरों को आसमान से पूरी राजधानी का एक शानदार और विहंगम नजारा देखने का अनूठा अवसर प्राप्त होगा।
हवाई सफर से पर्यटन को लगेंगे नए पंख
पर्यटन विभाग के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस विशेष हवाई सेवा को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य राज्य में आने वाले पर्यटकों के अनुभव को और अधिक रोमांचक बनाना है। अब तक लोग पटना के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को केवल जमीन से देखते आए हैं, लेकिन इस नई पहल के बाद वे गोलघर, गंगा घाट और अन्य प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को एक नए दृष्टिकोण से आसमान की ऊंचाइयों से निहार सकेंगे। इस पहल को बिहार के टूरिज्म सेक्टर में एक बड़े गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य के विकास में जुड़ेगा एक नया अध्याय
इस योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 'बिहार हेली पर्यटन एवं एयर पर्यटन योजना-2026' राज्य के विकास और मनोरंजन क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि यह सेवा न केवल बिहार के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान देगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी काफी बढ़ावा देगी। सरकार का लक्ष्य राज्य को एक आधुनिक टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करना है।
सुरक्षा और रोमांच का बेहतरीन तालमेल
प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि इस जॉय राइड के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया है। इसके लिए इस्तेमाल होने वाले हेलीकॉप्टरों और विमानों की तकनीकी जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की गई है। हवाई यात्रा के शौकीन लोगों को एक बेहद सुरक्षित, सुगम और जीवन भर याद रहने वाला अनुभव प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित क्रू और पायलटों की तैनाती की गई है, जिससे आम नागरिक बिना किसी डर के इस हवाई सैर का आनंद उठा सकेंगे।
भविष्य के विस्तार की रूपरेखा तैयार
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पटना से शुरू हो रही इस अनूठी एयर टूरिज्म योजना को आने वाले समय में राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन केंद्रों जैसे बोधगया, राजगीर, नालंदा और वाल्मीकि नगर तक विस्तारित करने की योजना बनाई जा रही है। पहले चरण की सफलता और लोगों के रिस्पॉन्स को देखते हुए इस सेवा के बेड़े में और अधिक विमानों को शामिल किया जाएगा, ताकि बिहार आने वाले हर पर्यटक को इस बेहतरीन हवाई सेवा का लाभ आसानी से मिल सके।
नेपाल में भारी बारिश का असर, बागमती के उफान से सड़क ध्वस्त
18 Jul, 2026 09:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: नेपाल और उसके साथ लगे तराई के इलाकों में लगातार जारी मूसलाधार बारिश का व्यापक असर अब उत्तर बिहार के मैदानी क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। पड़ोसी देश से आने वाली बागमती नदी उफान पर है, जिससे मैदानी ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। इसी बीच प्रखंड के माधोपुर गांव के पास बागमती नदी के तेज बहाव और दबाव के कारण मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया, जिससे स्थानीय आबादी का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
मुख्य मार्ग क्षतिग्रस्त होने से आवागमन पूरी तरह ठप
नदी के पानी के तेज थपेड़ों के कारण मुख्य सड़क लगभग 50 फीट तक गहरे कटाव का शिकार होकर बह गई है। इस अप्रत्याशित कटाव की वजह से सोनपुर से गंगिया को जोड़ने वाला व्यस्त मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। यह सड़क क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के लिए जिला मुख्यालय और आसपास के बाजारों तक पहुंचने का एकमात्र लाइफलाइन मार्ग थी। मार्ग के पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने से स्थानीय लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का एक गंभीर संकट खड़ा हो गया है और पूरे प्रभावित क्षेत्र में चिंता का माहौल है।
आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक राहत कार्य शुरू
सड़क बहने और संपर्क टूटने की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं और प्रभावित स्थल का दौरा किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने आवागमन को अस्थायी रूप से बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। कटाव वाले गहरे गड्ढों को भरने के लिए भारी मात्रा में गिट्टी और मिट्टी डलवाई जा रही है। इसके साथ ही, ग्रामीणों की तत्काल आवाजाही को सुचारू करने के लिए बांस की चचरी का एक अस्थायी पुल तैयार करने की योजना बनाई जा रही है ताकि पैदल चलने वालों को राहत मिल सके।
बार-बार आने वाली इस आपदा से ग्रामीण परेशान
स्थानीय बारी पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र के निवासियों को हर साल मानसून के मौसम में इस तरह की भयावह त्रासदी का सामना करना पड़ता है। सोनपुर से गंगिया मार्ग के जलमग्न होकर टूटने से न केवल यातायात ठप हुआ है, बल्कि नदी के जलस्तर में मामूली कमी आने के बावजूद बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों को डर है कि यदि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में फिर से भारी बारिश हुई, तो नदी का रौद्र रूप उनके आशियानों को भी अपनी चपेट में ले सकता है।
निगरानी के साथ नावों के संचालन की तैयारी
कटरा प्रखंड के प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित सभी संवेदनशील इलाकों पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है, वहां के नागरिकों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सरकारी नावों का संचालन शुरू किया जा रहा है। राहत और बचाव दल को पूरी तरह से मुस्तैद रखा गया है ताकि जलस्तर में किसी भी तरह की संभावित बढ़ोतरी होने पर स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
विदेश में मेडिकल पढ़ाई का सपना दिखाकर ठगी, फर्जी दस्तावेजों का खुलासा
18 Jul, 2026 07:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की बख्तियारपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर अंतरराज्यीय स्तर पर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रानीसराय के निवासी रौशन कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में नामजद चार आरोपियों में से मुख्य साजिशकर्ता को उत्तर प्रदेश से दबोच लिया है। इस गिरोह के अन्य तीन सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
ब्रिटेन के विश्वविद्यालय में दाखिले का दिया झांसा
जांच अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित अपनी पत्नी को चिकित्सा क्षेत्र की उच्च शिक्षा (एमबीबीएस-एमएस) के लिए ब्रिटेन के प्रतिष्ठित कार्डिफ विश्वविद्यालय में दाखिला दिलाना चाहते थे। इसी दौरान उनका संपर्क गाजियाबाद के रहने वाले विवेक भटनागर से हुआ। आरोपी ने खुद को एक कंसलटेंसी एजेंसी का संचालक बताते हुए पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने दावा किया कि वे लगभग नौ लाख रुपये के कुल खर्च में लंदन के विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने के साथ-साथ वीजा की व्यवस्था और वहां पार्ट-टाइम नौकरी का प्रबंध भी करवा देंगे, जिससे पीड़ित उनकी बातों में आ गया।
फर्जी दस्तावेज और फर्जी इंटरव्यू से जीता भरोसा
शातिर ठगों ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए बकायदा एक योजनाबद्ध तरीका अपनाया। शुरुआती बातचीत के बाद आरोपियों ने एडवांस राशि के रूप में तीन लाख पचासी हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद पीड़ित को पूरी तरह आश्वस्त करने के लिए आरोपियों ने उनकी पत्नी का एक कथित तौर पर इंटरव्यू भी आयोजित करवाया। यही नहीं, आरोपियों ने बख्तियारपुर निवासी पीड़ित को विश्वविद्यालय का एक फर्जी प्रवेश पत्र (एडमिशन सर्टिफिकेट) भी थमा दिया, जिससे पीड़ित को लगा कि उसकी पत्नी का दाखिला सुनिश्चित हो चुका है।
ईमेल से हुआ धोखे का बड़ा खुलासा
रुपये देने के बाद जब काफी समय बीत गया और कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, तो पीड़ित को इस पूरी प्रक्रिया पर संदेह होने लगा। अपने स्तर पर सच्चाई जानने के लिए उन्होंने सीधे ब्रिटेन के कार्डिफ विश्वविद्यालय को एक आधिकारिक ईमेल भेजकर अपनी पत्नी के दाखिले के संबंध में जानकारी मांगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से मिले जवाब ने पीड़ित के होश उड़ा दिए, जिसमें स्पष्ट किया गया कि संस्थान में ऐसी किसी एजेंसी के माध्यम से प्रवेश नहीं दिया जाता और न ही उनकी पत्नी का वहां कोई दाखिला हुआ है। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत स्थानीय थाने में जाकर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।
देशव्यापी नेटवर्क और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने पीड़ित के साथ बाकायदा एक एग्रीमेंट भी किया था, जिसके तहत काम न होने पर पैसे वापस करने का वादा करते हुए एक चेक भी दिया गया था, जो बाद में फर्जी साबित हुआ। मामला दर्ज होने के बाद से ही सभी आरोपी फरार चल रहे थे। बख्तियारपुर पुलिस ने तकनीकी इनपुट्स और गाजियाबाद पुलिस के सहयोग से उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का जाल देश के कई राज्यों में फैला हुआ है और वे पहले भी दर्जनों छात्रों को विदेश में पढ़ाई के नाम पर अपना शिकार बना चुके हैं।
मधुबनी में मातम, कुत्ते से बचने की कोशिश में मासूम की नहर में डूबकर मौत
17 Jul, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजनगर। मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोपुर-बलाट गांव के समीप एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां उग्रनाथ शाखा कोसी नहर में नहाने या खेलने के दौरान गहरे पानी में डूबने से एक नौ वर्षीय स्कूली छात्र की असमय मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके और पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
नहर में डूबने से मासूम की मौत
यह हृदय विदारक घटना उस समय हुई जब मासूम बच्चा नहर के समीप गया हुआ था और अचानक गहरे पानी की चपेट में आने से वह उसमें समा गया। जैसे ही इस हादसे की खबर आसपास के लोगों को मिली, वैसे ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय तैराक नहर किनारे एकत्र हो गए और बच्चे को बचाने के लिए तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव
स्थानीय ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए नहर में खोजबीन शुरू की और पानी का बहाव तेज होने के कारण जाल का सहारा लिया गया। लगभग तीन घंटे की भारी मशक्कत और कड़ी खोजबीन के बाद अंततः बच्चे का निष्प्राण शरीर नहर के पानी से बाहर निकाला जा सका। बच्चे को मृत अवस्था में देखते ही मौके पर मौजूद परिजनों की चीख-पुकार से वहां का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।
ननिहाल में रहकर पढ़ाई करता था छात्र
मृतक मासूम की पहचान पंडौल थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी मो. हलीम के नौ वर्षीय पुत्र मो. रिहान के रूप में की गई है। वह वर्तमान में बलाट गांव निवासी अपने नाना मो. फूलहसन अंसारी के घर रह रहा था। वह अपने ननिहाल में ही रहकर राघोपुर स्थित स्थानीय प्राथमिक विद्यालय में अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर रहा था, लेकिन इस दुखद हादसे ने उसके जीवन का सफर यहीं समाप्त कर दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे की सूचना मिलते ही राजनगर थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस कर्मियों ने स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के बाद वैधानिक कार्रवाई शुरू की और शव को अपने कब्जे में ले लिया। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भेज दिया गया है, वहीं पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
रेल टिकट घोटाले में नया खुलासा, स्टेशनों के नाम बदलकर किया गया फर्जीवाड़ा
17 Jul, 2026 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: बिहार में रेलवे आरक्षण प्रणाली के साथ की जा रही छेड़छाड़ (टिकट टेंपरिंग) के मामले में रेल पुलिस ने अब अपनी जांच का दायरा राज्य की सीमाओं से बाहर निकालने का निर्णय लिया है। हाजीपुर में तत्काल टिकटों के साथ हेरफेर करते हुए आठ लोगों की गिरफ्तारी और समस्तीपुर रेल मंडल में हुए नए खुलासों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का कारनामा है। इस बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए रेल पुलिस अब अन्य राज्यों में छापेमारी की तैयारी कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का इंतजार, तेलंगाना से मध्य प्रदेश तक फैले हैं तार
फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच कर रही विशेष टीम अपने वरीय अधिकारियों (Senior Officials) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा में है। जैसे ही उच्चाधिकारियों से हरी झंडी मिलेगी, रेल पुलिस की टीमें तेलंगाना, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत उन प्रमुख राज्यों के लिए रवाना होंगी, जहां से टिकट जारी होने के बाद उन्हें अवैध रूप से टेंपर किया जा रहा था। पुलिस को संदेह है कि टिकटों में हेरफेर करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर और नेटवर्क का मुख्य सर्वर या मास्टरमाइंड इन्हीं राज्यों में सक्रिय हो सकता है।
कैसे काम करता है यह अवैध नेटवर्क?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह एक सोची-समझी साजिश के तहत काम करता है।
सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग: गिरोह के सदस्य अनधिकृत और प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर (Illegal Softwares) का उपयोग करते हैं, जो सामान्य उपयोगकर्ताओं की तुलना में तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान तेजी से पीएनआर (PNR) और टिकट जनरेट करने में सक्षम होते हैं।
डेटा टेंपरिंग: टिकट बुक होने के बाद, ये दलाल सॉफ्टवेयर के माध्यम से उसमें मौजूद यात्री विवरण या टिकट के अन्य विवरणों में छेड़छाड़ करते हैं। इससे वे कम कीमत वाले टिकट को ऊंचे दाम पर बेचने या एक ही सीट को बार-बार अवैध रूप से बुक करने का प्रयास करते हैं।
अंतरराज्यीय कनेक्शन: गिरोह का जाल इतना विस्तृत है कि एक राज्य में टिकट बुक होता है, तो उसकी टेंपरिंग दूसरे राज्य में बैठे तकनीकी एक्सपर्ट्स द्वारा की जाती है, जिससे पुलिस के लिए इनको ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण बन जाता है।
समस्तीपुर और हाजीपुर के बाद अब पूरे गिरोह पर कार्रवाई की तैयारी
हाजीपुर में पकड़े गए आठ अभियुक्तों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं, जो दूसरे राज्यों के बड़े साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं। समस्तीपुर रेल मंडल में भी हालिया उद्भेदन से यह पता चला है कि आम यात्रियों के तत्काल टिकटों को ये दलाल पहले ही अपने सिस्टम में ब्लॉक कर देते हैं, जिससे आम जनता को घंटों लाइन में लगने या वेबसाइट पर जूझने के बाद भी टिकट नहीं मिल पाता। रेल पुलिस अब इन सभी कड़ियों को जोड़ रही है ताकि गिरोह के 'किंगपिन' तक पहुंचा जा सके।
आम जनता के लिए सतर्कता की अपील
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेल पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत रेलवे टिकट काउंटरों या आधिकारिक आईआरसीटीसी (IRCTC) वेबसाइट व ऐप से ही टिकट बुक करें। किसी भी अनजान दलाल या अनधिकृत ऐप के माध्यम से टिकट बुकिंग करने से न केवल वित्तीय नुकसान हो सकता है, बल्कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी भी इन साइबर अपराधियों के हाथ में सौंप रहे हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की टिकट टेंपरिंग या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रेल पुलिस की यह अंतरराज्यीय जांच आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में फैले इस टिकट कालाबाजारी रैकेट का भंडाफोड़ करने में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
ट्रैफिक एडवाइजरी जारी: रांची में 10 दिन कई मार्ग बंद, वैकल्पिक रास्तों का करें इस्तेमाल
17 Jul, 2026 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: उड़ीसा के पुरी की तर्ज पर झारखंड की राजधानी में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा और घुरती मेला महोत्सव को लेकर रांची ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 16 जुलाई से लेकर 25 जुलाई तक एक विशेष ट्रैफिक रूट प्लान और डायवर्जन लागू करने की घोषणा की गई है। हालांकि, इस व्यवस्था के सामने आते ही स्थानीय जनता और व्यापारियों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है, क्योंकि इतने लंबे समय तक मुख्य मार्गों को बंद रखने से शहर की रफ्तार पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रैफिक पुलिस के लंबे रूट डायवर्जन पर उठे गंभीर सवाल
प्रशासन द्वारा जारी किए गए इस नए आदेश के बाद आम जनता और सामाजिक संगठनों के बीच इस बात को लेकर सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब रथ यात्रा और घुरती मेला के मुख्य आयोजनों के दौरान ही सबसे अधिक जनसैलाब उमड़ता है, तो पूरे दस दिनों तक रूट डायवर्ट करने का क्या औचित्य है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि केवल मुख्य पर्व के दिनों में ही भीड़ का चरम होता है, जबकि पूरे दस दिनों तक यातायात को पूरी तरह से बदलना एक अव्यावहारिक कदम प्रतीत होता है।
स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों की बढ़ेगी परेशानी
इस व्यापक और लंबे समय तक लागू रहने वाले ट्रैफिक बदलाव के कारण शहर के आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। प्रमुख मार्गों के बंद होने से सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों की बसें और वैन प्रभावित होंगी, जिससे वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाएंगे। इसके अलावा, रोजाना दफ्तर जाने वाले नौकरीपेशा वर्ग और इस क्षेत्र में व्यापार करने वाले दुकानदारों को भी लंबे घुमावदार रास्तों से होकर गुजरना पड़ेगा, जिससे उनका समय और ईंधन दोनों अनावश्यक रूप से बर्बाद होंगे।
इन प्रमुख मार्गों पर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा वाहनों का प्रवेश
यातायात पुलिस द्वारा जारी की गई आधिकारिक गाइडलाइन के मुताबिक, जगन्नाथपुर और मौसीबाड़ी के आसपास के तीन प्रमुख संपर्क मार्गों को वाहनों के लिए पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। इसके तहत तिरिल मोड़ से लेकर मौसीबाड़ी गोलचक्कर तक, शहीद मैदान से मौसीबाड़ी गोलचक्कर की ओर जाने वाले रास्ते तथा प्रभात तारा तीनमुहान से सीधे जगन्नाथपुर बाजार की तरफ जाने वाले मार्ग पर किसी भी प्रकार की कार, ऑटो, व्यावसायिक सवारी वाहन और यहां तक कि दोपहिया बाइक के भी प्रवेश पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है।
वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने और मुस्तैदी की अपील
ट्रैफिक विभाग ने इस पूरे उत्सव के दौरान आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए केवल निर्धारित किए गए वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करने का आग्रह किया है। सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन सभी बैरिकेडिंग पॉइंट्स पर अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक जवानों की तैनाती की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि वीवीआईपी मूवमेंट और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाना अनिवार्य था, लेकिन स्थानीय लोग अब भी इस समयावधि को कम करने की मांग कर रहे हैं।
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
