बिहार-झारखण्ड
प्रेम विवाद में हत्या, पीछा कर युवक को उतारा मौत के घाट
2 May, 2026 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा में सनसनी: लापता युवक का लहूलुहान शव बरामद, प्रेम प्रसंग में हत्या की आशंका
दरभंगा। जिले के लहेरियासराय थाना क्षेत्र अंतर्गत भिगो मोहल्ले में शनिवार को एक युवक की गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है। वारदात के बाद हत्यारों ने शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया। सुबह जैसे ही स्थानीय लोगों ने शव देखा, इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई।
कौन था मृतक?
मृतक की पहचान एपीएम थाना क्षेत्र के सिरनिया गांव निवासी मो. अरमान (24 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मो. रहमत अली का पुत्र था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए DMCH भेज दिया है।
परिजनों का आरोप: होटल से निकलने के बाद किया गया पीछा
मृतक के मामा मो. परवेज ने घटना के पीछे की कहानी बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं:
प्रेम प्रसंग का मामला: अरमान का एक युवती के साथ प्रेम संबंध था।
शुक्रवार की घटना: परिजनों के अनुसार, शुक्रवार शाम अरमान अपनी प्रेमिका के साथ एक होटल गया था। वहां से निकलते समय तीन-चार लड़कों ने उसका पीछा किया और 'नाका नंबर 6' के पास उसके साथ मारपीट भी की थी।
आखिरी संपर्क: मारपीट के बाद अरमान ने घर से ऑनलाइन 2,000 रुपये मंगवाए थे, जिसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
पुलिस को सूचना: शुक्रवार देर रात तक संपर्क न होने पर परिवार ने एपीएम थाने में अरमान की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन शनिवार सुबह उसकी मौत की खबर मिली।
पुलिस और FSL की टीम जांच में जुटी
सदर डीएसपी-1 राजीव कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है:
एफएसएल (FSL) टीम: घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है।
CCTV फुटेज: पुलिस उन रास्तों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है, जहाँ अरमान को आखिरी बार देखा गया था या जहाँ आरोपियों ने उसका पीछा किया था।
मुख्य संदेह: प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस इस हत्याकांड को प्रेम प्रसंग से जोड़कर देख रही है।
रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, शव पर गोली के निशान से बढ़ी आशंका
2 May, 2026 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगूसराय में सनसनी: घर से बुलाकर ले गए दोस्त, सुबह गड्ढे में मिला युवक का लहूलुहान शव
बेगूसराय। जिले के खोदाबंदपुर थाना क्षेत्र के मसुराज में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक वारदात सामने आई है। यहाँ सड़क किनारे एक गड्ढे से 35 वर्षीय युवक का शव और उसकी बाइक बरामद हुई है। युवक के सिर में गोली के निशान मिले हैं, जो सीधे तौर पर हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश और दहशत का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के कुम्भी निवासी अरविंद कुमार (पिता: पवन महतो) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार:
अरविंद शुक्रवार को अपने एक मित्र को उसके ससुराल (भोजा गांव) छोड़ने गया था।
देर रात घर लौटते समय वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया।
शनिवार सुबह मसुराज के पास ग्रामीणों ने गड्ढे में अरविंद का शव और बाइक देखी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
परिजनों ने लगाया पड़ोसियों पर आरोप
मृतक के पिता पवन महतो ने पुलिस को दिए बयान में पड़ोस के ही एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपी अरविंद को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था। दोनों एक ही बाइक पर सवार होकर निकले थे, लेकिन अरविंद वापस नहीं लौटा। वारदात के बाद से ही नामजद आरोपी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस और FSL की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को भी बुलाया गया है।
साक्ष्यों का संकलन: एफएसएल टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं।
पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय भेज दिया है।
जांच के बिंदु: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या आपसी रंजिश का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक साजिश है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सड़क किनारे शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है और जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
तेज रफ्तार काफिला बना काल, साइकिल सवार की दर्दनाक मौत
2 May, 2026 10:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाजीपुर-मुजफ्फरपुर NH पर कोहराम: VIP काफिले की टक्कर से साइकिल सवार की मौत, कई बाइक सवार घायल
वैशाली। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर नेशनल हाईवे पर शनिवार को रफ्तार का कहर देखने को मिला। महुआ मोड़ के पास एक कथित पूर्व मंत्री के तेज रफ्तार काफिले ने सड़क पर भारी तबाही मचाई। काफिले की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई मोटरसाइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। हैरान करने वाली बात यह रही कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद काफिला रुका नहीं और मौके से फरार हो गया।
हादसे का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महुआ की ओर से एक वीआईपी काफिला बेहद तेज गति में आ रहा था। काफिले के आगे चल रहे एस्कॉर्ट वाहन ने अनियंत्रित होकर पहले सड़क पर चल रहे कई मोटरसाइकिल सवारों को जोरदार टक्कर मारी। इसके बाद उसी वाहन ने एक साइकिल सवार को कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि साइकिल सवार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मृतक की पहचान
हादसे का शिकार हुए व्यक्ति की पहचान सुरेश मौर्य के रूप में हुई है। वे उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी त्रिलोकी मौर्य के पुत्र थे। सुरेश हाजीपुर के दिग्घी पचकुरवा इलाके में किराए पर रहते थे और रामाशीष चौक स्थित एक गैरेज में काम कर अपनी जीविका चलाते थे।
इलाके में तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए लोगों ने सुरक्षा इंतजामों और काफिले की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए।
त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही सदर थाना और यातायात पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं।
अस्पताल में भर्ती: पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया, जहाँ डॉक्टरों ने सुरेश मौर्य को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जांच के घेरे में 'VIP' काफिला
पुलिस ने सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह काफिला एक पूर्व मंत्री का था, जिसके वाहन नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे थे। पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी वाहनों की पहचान की जा सके और मामले में कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके।
पटना में अतिक्रमण पर वार, 30 मई तक लगातार कार्रवाई और जुर्माना
2 May, 2026 10:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना में महा-अतिक्रमण हटाओ अभियान: 9 टीमें संभालेंगी कमान, अस्पतालों के पास 'नो टॉलरेंस' जोन
पटना। शहर को सुंदर और यातायात के अनुकूल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक महीने तक चलने वाले महा-अभियान की शुरुआत की है। जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के आपसी समन्वय से गठित टीमें पटना नगर निगम के सभी प्रमुख अंचलों (नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी) के अलावा खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर जैसे क्षेत्रों में भी कार्रवाई करेंगी।
अभियान के मुख्य केंद्र और प्राथमिकताएं
जिलाधिकारी ने शहर के उन इलाकों को चिन्हित किया है जहाँ जाम की समस्या सबसे गंभीर है:
प्रमुख मार्ग: नेहरू पथ, अटल पथ, बोरिंग रोड, कंकड़बाग मेन रोड और पटना स्टेशन रोड।
हॉटस्पॉट्स: गांधी मैदान के आसपास का इलाका, सगुना मोड़ से दानापुर स्टेशन तक का रास्ता।
जीरो टॉलरेंस जोन: शहर के सभी गोलंबरों, टी-प्वाइंट्स और चौराहों को इस श्रेणी में रखा गया है, यहाँ किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अस्पतालों के पास सख्त पहरा
मरीजों और एम्बुलेंस की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए IGIMS, PMCH, NMCH और AIIMS के आसपास के क्षेत्रों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। इन संवेदनशील इलाकों में फुटपाथ या सड़क पर किसी भी तरह का कब्जा पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई होगी।
जुर्माना और सख्त कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने इस बार अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है:
भारी जुर्माना: अस्थायी अतिक्रमण पाए जाने पर 5,000 रुपये और स्थायी निर्माण पर 20,000 रुपये तक का दंड वसूला जाएगा।
कानूनी शिकंजा: बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।
फॉलो-अप टीम: अतिक्रमण हटने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए एक समर्पित फॉलो-अप टीम निरंतर निगरानी करेगी।
मल्टी-एजेंसी मॉनिटरिंग और समन्वय
इस अभियान को सफल बनाने के लिए केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अग्निशमन, विद्युत, राजस्व और पथ निर्माण विभाग के अधिकारी भी सक्रिय रहेंगे।
मॉनिटरिंग सेल: अभियान की पल-पल की जानकारी के लिए एक 5 सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है।
दैनिक समीक्षा: जिलाधिकारी स्वयं हर रोज शाम को अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे और अगले दिन की रणनीति तय करेंगे।
जिलाधिकारी की अपील: डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने स्पष्ट किया है कि सड़कें और सर्विस लेन आम जनता की सुविधा के लिए हैं। जाम से राहत दिलाने के इस सरकारी प्रयास में जनता सहयोग करे और फुटपाथों को खाली रखे। यातायात पुलिस इस दौरान विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाएगी, ताकि ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन हो सके।
इंटरनेशनल लिंक: नेपाल-बेतिया तक फैला डकैती नेटवर्क, महिला दिमाग के पीछे
2 May, 2026 08:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महनार डकैती कांड का पर्दाफाश: नेपाल से जुड़े हैं तार, महिला मास्टरमाइंड के दामाद समेत एक गिरफ्तार
वैशाली। महनार थाना क्षेत्र के परमानंदपुर में बीते 21 अप्रैल की रात आभूषण व्यवसायी के घर हुई सनसनीखेज डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हथियारों और बमों के बल पर दी गई इस चुनौती को स्वीकार करते हुए पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को दबोच लिया है। इस वारदात के पीछे एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ सामने आया है, जिसके तार नेपाल तक फैले हुए हैं।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने समस्तीपुर जिले के ताजपुर निवासी नौशाद (पिता: मोहम्मद आलम) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पुलिस ने:
लूटी गई रकम में से 21,400 रुपये नकद।
वारदात के दौरान इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है।
बेतिया में रची गई साजिश, नेपाल कनेक्शन उजागर
एसपी विक्रम सिहाग ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस डकैती की पटकथा बेतिया में लिखी गई थी। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस पूरे कांड की मास्टरमाइंड शिवहर निवासी जमीला खातून है।
नेपाल गिरोह से संपर्क: जमीला का पति इदरीश नट इस गिरोह का मुख्य सरगना है, जो नेपाल के अपराधियों के साथ मिलकर सीमावर्ती इलाकों में डकैती जैसी बड़ी वारदातों को अंजाम देता है।
तकनीकी साक्ष्य: पुलिस को घटनास्थल के पास से एक संदिग्ध मोबाइल नंबर मिला था, जो जमीला खातून के नाम पर था। कॉल डिटेल्स (CDR) से पता चला कि उस फोन का उपयोग उसकी बेटी और दामाद नौशाद कर रहे थे।
विशेष टीम (SIT) ने दी दबिश
वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर महनार एसडीपीओ प्रवीण कुमार के नेतृत्व में एक एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के सभी सदस्यों की पहचान कर ली है। फरार अभियुक्तों की तलाश में बिहार और अन्य संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुरानी घटना और पुलिस पर गाज
बता दें कि परमानंदपुर गांव में रंजीत कुमार के घर हुई इस डकैती में करीब एक दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने हमला किया था। बदमाशों ने 50 हजार नकद और भारी मात्रा में जेवरात लूटने के साथ-साथ बमबाजी और फायरिंग भी की थी, जिसमें दो लोग घायल हुए थे।
लापरवाही पर कार्रवाई: इस मामले में कर्तव्यहीनता बरतने के आरोप में एसपी ने तत्कालीन अपर थानाध्यक्ष उदय कुमार और डायल 112 के दरोगा सुकलेश कुमार को पहले ही निलंबित कर दिया था।
पुलिस की अपील: वैशाली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अजनबी की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें। अपराधियों की धरपकड़ के लिए तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
शादी का घर बना शोक स्थल, Gopalganj में मटकोड़ कार्यक्रम में हादसा
1 May, 2026 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज: खुशियां मातम में बदलीं, मटकोड़ की रस्म के दौरान नाचते-नाचते दूल्हे की मां की मौत
गोपालगंज (विजयीपुर): बिहार के गोपालगंज जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ शादी की खुशियों वाले घर में अचानक चीख-पुकार मच गई। विजयीपुर प्रखंड के पटखौली गांव में बारात निकलने से चंद घंटे पहले दूल्हे की मां का निधन हो गया। जिस आंगन में मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।
मटकोड़ की रस्म के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, पटखौली निवासी बुधन बैठा के बेटे की शादी तय थी और शुक्रवार को घर में उत्सव का माहौल था। सुबह के समय 'मटकोड़' की पारंपरिक रस्म निभाई जा रही थी। गांव की अन्य महिलाओं के साथ दूल्हे की मां भी ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए मिट्टी लेने जा रही थीं। अपने बेटे के नए जीवन की शुरुआत को लेकर वह बेहद उत्साहित और खुश नजर आ रही थीं।
अचानक गिर पड़ीं और तोड़ दिया दम
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नाचते-नाचते अचानक दूल्हे की मां बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। शुरुआत में परिजनों को लगा कि शायद गर्मी या थकान की वजह से उन्हें चक्कर आया है। लेकिन जब काफी कोशिशों के बाद भी उन्हें होश नहीं आया, तो आनन-फानन में उन्हें चिकित्सा सहायता दिलाने का प्रयास किया गया। हालांकि, अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
हार्ट अटैक की आशंका, शादी की रस्में रुकीं
चिकित्सकों के प्राथमिक आकलन के अनुसार, अचानक हुई इस मौत की वजह दिल का दौरा (साइलेंट हार्ट अटैक) माना जा रहा है। इस दुखद समाचार के मिलते ही शादी की तमाम खुशियां और रस्में रोक दी गईं। दूल्हा और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
पूरे गांव में शोक की लहर
इस अनहोनी ने न केवल परिवार बल्कि पूरे पटखौली गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार इस शादी के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। फिलहाल गांव के लोग शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं में जुटे हुए हैं।
यहाँ आपकी खबर का परिवर्तित और सुव्यवस्थित रूप दिया गया है:
गोपालगंज: खुशियां मातम में बदलीं, मटकोड़ की रस्म के दौरान नाचते-नाचते दूल्हे की मां की मौत
गोपालगंज (विजयीपुर): बिहार के गोपालगंज जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ शादी की खुशियों वाले घर में अचानक चीख-पुकार मच गई। विजयीपुर प्रखंड के पटखौली गांव में बारात निकलने से चंद घंटे पहले दूल्हे की मां का निधन हो गया। जिस आंगन में मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।
मटकोड़ की रस्म के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, पटखौली निवासी बुधन बैठा के बेटे की शादी तय थी और शुक्रवार को घर में उत्सव का माहौल था। सुबह के समय 'मटकोड़' की पारंपरिक रस्म निभाई जा रही थी। गांव की अन्य महिलाओं के साथ दूल्हे की मां भी ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए मिट्टी लेने जा रही थीं। अपने बेटे के नए जीवन की शुरुआत को लेकर वह बेहद उत्साहित और खुश नजर आ रही थीं।
अचानक गिर पड़ीं और तोड़ दिया दम
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नाचते-नाचते अचानक दूल्हे की मां बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। शुरुआत में परिजनों को लगा कि शायद गर्मी या थकान की वजह से उन्हें चक्कर आया है। लेकिन जब काफी कोशिशों के बाद भी उन्हें होश नहीं आया, तो आनन-फानन में उन्हें चिकित्सा सहायता दिलाने का प्रयास किया गया। हालांकि, अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
हार्ट अटैक की आशंका, शादी की रस्में रुकीं
चिकित्सकों के प्राथमिक आकलन के अनुसार, अचानक हुई इस मौत की वजह दिल का दौरा (साइलेंट हार्ट अटैक) माना जा रहा है। इस दुखद समाचार के मिलते ही शादी की तमाम खुशियां और रस्में रोक दी गईं। दूल्हा और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
पूरे गांव में शोक की लहर
इस अनहोनी ने न केवल परिवार बल्कि पूरे पटखौली गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार इस शादी के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। फिलहाल गांव के लोग शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और अंतिम संस्कार की प्रक्रियाओं में जुटे हुए हैं।
मेहनत और लगन की मिसाल, Bihar की शांभवी बनी नेशनल टॉपर
1 May, 2026 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार की बेटी का कमाल: गोपालगंज की शांभवी तिवारी बनीं नेशनल टॉपर, पूरे राज्य में खुशी की लहर
गोपालगंज/जमशेदपुर: बिहार के गोपालगंज जिले की मेधावी छात्रा शांभवी तिवारी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहराया है। बरौली प्रखंड के एक छोटे से गांव हलवार पिपरा (तिवारी टोला) की रहने वाली शांभवी ने नेशनल टॉपर बनकर न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे बिहार का मान बढ़ाया है।
कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम
शांभवी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि उनकी वर्षों की एकाग्रता और अटूट मेहनत का फल है। मूल रूप से गोपालगंज की निवासी शांभवी वर्तमान में अपने माता-पिता के साथ झारखंड के जमशेदपुर में रहकर अपनी शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता से यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत, तो किसी भी बड़ी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
शिक्षा जगत से जुड़ा है परिवार
शांभवी की सफलता में उनके परिवार की पृष्ठभूमि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके घर का माहौल शुरू से ही शैक्षणिक रहा है:
पिता: राकेश रमन, जमशेदपुर के आदित्यपुर स्थित ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) में प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
माता: निभा, सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल में पीजीटी केमिस्ट्री की शिक्षिका हैं।
एक विज्ञान विशेषज्ञ मां के मार्गदर्शन और पिता के सहयोग ने शांभवी को बचपन से ही सही दिशा प्रदान की।
इकलौती संतान ने बढ़ाया गौरव
अपने माता-पिता की इकलौती संतान शांभवी ने उनकी हर उम्मीद को सच कर दिखाया है। शांभवी की इस शानदार जीत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव हलवार पिपरा में जश्न का माहौल है। ग्रामीणों और जिले के गणमान्य लोगों ने इसे पूरे गोपालगंज के लिए गर्व का क्षण बताया है। सोशल मीडिया से लेकर व्यक्तिगत स्तर तक शांभवी को ढेरों बधाइयां मिल रही हैं।
मुख्य बातें:
गोपालगंज की शांभवी तिवारी ने राष्ट्रीय स्तर पर हासिल किया शीर्ष स्थान।
जमशेदपुर में रहकर की परीक्षा की तैयारी।
शिक्षा और संचार क्षेत्र से जुड़े माता-पिता ने किया प्रोत्साहित।
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं के लिए बनीं प्रेरणा।
जेल से बाहर आते ही फिर ठगी: Patna में खुद को ED अधिकारी बताकर लोगों को ठगा
1 May, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना का शातिर जालसाज अभिषेक अग्रवाल फिर गिरफ्तार: अब फर्जी ED अधिकारी बनकर DM को दी दबिश
पटना: वर्ष 2022 में बिहार के तत्कालीन डीजीपी को हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनकर फोन करने वाला कुख्यात जालसाज अभिषेक अग्रवाल एक बार फिर सलाखों के पीछे है। बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने उसे पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। इस बार उसने प्रवर्तन निदेशालय (ED) का फर्जी अधिकारी बनकर जिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को ठगने का प्रयास किया था।
DM को कॉल करना पड़ा भारी
ताजा मामला भोजपुर जिले से जुड़ा है। आरोप है कि 27 अप्रैल को अभिषेक अग्रवाल ने भोजपुर के जिलाधिकारी (DM) तनय सुल्तानिया को फोन किया। उसने खुद को ईडी का बड़ा अधिकारी बताया और धौंस दिखाने की कोशिश की। शक होने पर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से 28 अप्रैल को नवादा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया। कॉल की लोकेशन पटना की नागेश्वर कॉलोनी में मिली। इसके बाद भोजपुर पुलिस और एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर अभिषेक को दबोच लिया। आरोपी को नवादा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। उसके खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और खाजेकलां थाने में भी मामले दर्ज हैं।
पुराना है जालसाजी का इतिहास
अभिषेक अग्रवाल का विवादों और धोखाधड़ी से पुराना नाता रहा है:
2022 का कांड: उसने पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस संजय करोल बनकर तत्कालीन डीजीपी एस.के. सिंघल को फोन किया था। उस वक्त उसने गया के तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार को एक केस में राहत दिलाने के लिए दबाव बनाया था।
बड़े अधिकारियों से सांठगांठ: जांच में यह भी सामने आया था कि अभिषेक के संबंध बिहार के कई रसूखदार आईएएस और आईपीएस अधिकारियों से थे। वह आसानी से अधिकारियों के बीच पैठ बना लेता था और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाकर अपनी साख बढ़ाता था।
जमानत पर था बाहर: डीजीपी को फर्जी कॉल करने के मामले में वह जेल जा चुका था, लेकिन बाद में कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी। बाहर आते ही उसने अब 'फर्जी ईडी अधिकारी' बनकर ठगी का नया तरीका अपनाया।
बड़ा हादसा टला: Bettiah-Lauriya रोड पर स्कॉर्पियो में भीषण आग
1 May, 2026 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेतिया-लौरिया मार्ग पर चलती स्कॉर्पियो बनी आग का गोला, बाल-बाल बचे छह लोग
बेतिया (पश्चिम चंपारण): बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में एनएच-727 (बेतिया-लौरिया मुख्य पथ) पर एक भीषण हादसा होते-होते टल गया। मिश्रौली चौक के पास एक चलती स्कॉर्पियो (नंबर-BR11Y 3262) धू-धू कर जल उठी। गनीमत यह रही कि समय रहते वाहन में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए।
सूझबूझ से बची जान
यह वाहन शिवहर से रामनगर की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी जब मिश्रौली चौक के समीप पहुँची, तभी अचानक बोनट से धुआं निकलने लगा। खतरे को भांपते हुए चालक ने तुरंत गाड़ी रोकी और उसमें सवार सभी छह लोग आनन-फानन में नीचे उतर गए। यात्रियों के बाहर निकलते ही आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।
देखते ही देखते राख हुई गाड़ी
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि स्थानीय लोगों के बुझाने के प्रयास विफल रहे। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक स्कॉर्पियो पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी। इस घटना के दौरान नेशनल हाईवे पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल रहा और यातायात भी बाधित हुआ।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि इंजन में शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी खराबी की वजह से आग भड़की। हालांकि, सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
सुरक्षा परामर्श
हादसे के बाद विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन ने वाहन स्वामियों को सलाह दी है कि लंबी दूरी की यात्रा से पहले गाड़ियों की वायरिंग और इंजन की नियमित जांच जरूर कराएं। गर्मी के मौसम में तकनीकी खराबी के कारण ऐसी घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए किसी भी छोटे संकेत (जैसे धुआं या गंध) को नजरअंदाज न करें।
कहासुनी से खून-खराबा: गाली देने पर भड़का पड़ोसी, पीट-पीटकर मार डाला
1 May, 2026 08:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली: गाली-गलौज का विरोध करने पर पड़ोसी की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार
भगवानपुर (वैशाली): बिहार के वैशाली जिले के बिजलीपुर गांव में मामूली कहासुनी ने एक खौफनाक रूप ले लिया। महज गाली देने से मना करने पर एक व्यक्ति की उसके ही पड़ोसी ने बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी जान चली गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
विवाद की शुरुआत और जानलेवा हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी संजय पासवान अपने घर के दरवाजे पर खड़ा होकर अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। पास ही रहने वाले राजू पासवान (निवासी बाजितपुर) ने जब इसका विरोध किया और उसे गाली देने से मना किया, तो विवाद बढ़ गया। आक्रोश में आकर संजय ने राजू पर ईंट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
हमले में राजू पासवान लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। आनन-फानन में परिजन उन्हें स्थानीय अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने हाजीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में संघर्ष करते हुए अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वारदात की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और गांव में पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय पासवान को हिरासत में ले लिया है।
साक्ष्य संकलन: घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है ताकि वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए जा सकें।
प्रशासनिक बयान: सदर-2 एसडीपीओ गोपाल मंडल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आपसी मारपीट में एक व्यक्ति की जान गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
हत्या के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। पुलिस मामले के हर कानूनी पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
फरार अपराधियों पर सख्ती: Bihar में गैंग के सदस्यों की संपत्ति कुर्क
1 May, 2026 07:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: सोनू-मोनू गिरोह के गुर्गों पर पुलिस का शिकंजा, दाहाैर गांव में कुख्यात अपराधियों के घर कुर्की-जब्ती
बाढ़ (पटना): बिहार में अपराधियों के खिलाफ जारी मुहिम के तहत पटना पुलिस ने बाढ़ थाना क्षेत्र के दाहौर गांव में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कुख्यात सोनू-मोनू गिरोह के सक्रिय सदस्यों, दिलीप सिंह और बबलू सिंह के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई है।
थानों की घेराबंदी और कड़ी कार्रवाई
बाढ़ एसडीपीओ (SDPO) रामकृष्ण के नेतृत्व में कई थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर फरार आरोपियों के घरों को खंगालना शुरू किया। कोर्ट के निर्देशानुसार, पुलिस ने घर के चौखट, किवाड़ और अन्य घरेलू सामानों को जब्त कर लिया। यह पूरी प्रक्रिया बाढ़ थाना कांड संख्या 418/23 के तहत पूरी की गई।
क्या है पूरा मामला?
एसडीपीओ रामकृष्ण के अनुसार, यह मामला समाज में शराबखोरी के खिलाफ उठाई गई आवाज को दबाने की कोशिश से जुड़ा है:
हिंसा की वजह: कुछ समय पहले शराब पीने और इसका विरोध करने पर अपराधियों ने खुलेआम फायरिंग की थी।
नामजद आरोपी: इस घटना में दिलीप सिंह और बबलू सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद से ही दोनों पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे।
चेतावनी की अनदेखी: पुलिस ने पहले भी आरोपियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया था, लेकिन उनके हाजिर न होने पर अंततः कुर्की की कार्रवाई की गई।
सोनू-मोनू गिरोह का आपराधिक इतिहास
पकड़े गए आरोपियों का संबंध कुख्यात सोनू-मोनू गिरोह से है। पुलिस के मुताबिक:
दिलीप और बबलू पर पहले से ही दो दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस गिरोह का क्षेत्र में काफी आतंक रहा है और स्थानीय स्तर पर इनकी पहचान पूर्व विधायक अनंत सिंह के विरोधी गुट के रूप में होती रही है।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल दिलीप और बबलू के खिलाफ कार्रवाई हुई है, लेकिन इस गिरोह के मास्टरमाइंड की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। एसडीपीओ ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले और कानून से भागने वाले अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस दबिश से क्षेत्र के अन्य बदमाशों में भी खौफ का माहौल है।
हादसे से मची चीख-पुकार: अनियंत्रित ट्रक के पलटने से ऑटो सवार 3 लोगों की मौत, राहत कार्य जारी
30 Apr, 2026 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खगड़िया। बिहार के खगड़िया जिले में गुरुवार सुबह एक बेकाबू ट्रक ने हँसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। महेशखूँट थाना क्षेत्र के गौछारी के पास नेशनल हाईवे-31 पर गिट्टी से लदा एक अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे चल रहे ऑटो पर पलट गया। ट्रक के नीचे दबने से ऑटो में सवार सीआईएसएफ (CISF) जवान, उनकी पत्नी और ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
छुट्टी मनाकर ड्यूटी पर लौट रहे थे जवान
हादसे का शिकार हुए जवान की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के मालिया गांव निवासी बिपिन चौरसिया और उनकी पत्नी दीपमाला चौरसिया के रूप में हुई है।सफर का मकसद: बिपिन चौरसिया सीआईएसएफ में तैनात थे और हाल ही में छुट्टी पर घर आए थे। गुरुवार सुबह करीब 5 बजे वे अपनी पत्नी के साथ ड्यूटी पर वापस लौटने के लिए रेलवे स्टेशन जा रहे थे।चालक की भी मौत: हादसे में ऑटो चालक टांकेश मुनि ने भी दम तोड़ दिया।
मदद के लिए दौड़े ग्रामीण, क्रेन की ली गई मदद
हादसा इतना भीषण था कि ऑटो पूरी तरह ट्रक और गिट्टी के नीचे दब गया था। सुबह-सुबह हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। महेशखूँट थाना अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने मौके पर पहुँचकर जेसीबी और ग्रामीणों की मदद से भारी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकलवाया।
घायलों का इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी
इस दुर्घटना में ऑटो में सवार कुछ अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हादसे का कारण: शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और ट्रक चालक का संतुलन खोना हादसे की मुख्य वजह बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। इस घटना के बाद मृतक जवान के गांव मालिया में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस का एक्शन: एनकाउंटर के बाद दबोचा गया भाजपा नेता के भांजे का हत्यारा, पैर में लगी गोली
30 Apr, 2026 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीवान। शहर के आंदर ढाला के पास बीती रात हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी छोटू यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात में हर्ष सिंह नामक युवक की जान चली गई, जबकि चंदन सिंह गोलियों की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुँचने में कामयाबी पाई है।
महज 'साइड देने' के विवाद में ले ली जान
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी छोटू यादव ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने बताया कि सड़क पर साइड देने (रास्ता देने) को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने हथियार निकाल लिए और हर्ष व चंदन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
पुलिस टीम पर फायरिंग और मुठभेड़
विशेष टीम जब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी, तब अपराधियों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। भागने की कोशिश कर रहे मुख्य आरोपी छोटू यादव के पैर में पुलिस की गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया।अस्पताल में भर्ती: घायल आरोपी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वह पुलिस की निगरानी में है।
वैज्ञानिक जांच और फरार साथियों की तलाश
घटनास्थल का निरीक्षण स्वयं सीवान एसपी और सदर एसडीपीओ ने किया। साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाया गया था। पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में छोटू के साथ तीन अन्य अपराधी भी शामिल थे, जिनकी पहचान कर ली गई है। "मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। इस वारदात में शामिल तीन अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।"इस कार्रवाई के बाद इलाके में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जमीन विवाद ने ली तीन जान: मां और दो बच्चों का बेरहमी से कत्ल, इलाके में पसरा मातम
30 Apr, 2026 12:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड अंतर्गत बझिला गांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ महज एक मकान और जमीन के टुकड़े के विवाद में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में रीता कुमारी और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं। इस 'ट्रिपल मर्डर' के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। पुलिस ने मृतका के पति की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
धमकी के 24 घंटे के भीतर वारदात को अंजाम
पीड़ित संतोष कुमार साह (मिठाई लाल) ने पुलिस को बताया कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। घटना से ठीक एक दिन पहले 27 अप्रैल को आरोपियों ने संतोष की बाइक रोककर उन्हें पैतृक घर खाली करने की चेतावनी दी थी। आरोपियों ने साफ लफ्जों में कहा था कि अगर मकान नहीं छोड़ा तो अंजाम बुरा होगा। संतोष उस समय किसी तरह अपनी जान बचाकर काम पर निकल गए थे, उन्हें अंदाजा नहीं था कि आरोपी इतनी जल्दी उनकी दुनिया उजाड़ देंगे।
शादी से घर लौटे तो सामने था मौत का मंजर
संतोष के अनुसार, वह रात में एक शादी समारोह में गए थे। बुधवार सुबह जब वह घर लौटे, तो मुख्य दरवाजा बंद पाकर पीछे के रास्ते से अंदर दाखिल हुए। अंदर का दृश्य रूह कंपा देने वाला था कमरे में बिस्तर पर पत्नी और दोनों बच्चों के शव पड़े थे। तीनों के गले में टेंट के कपड़े की लाल रस्सी कसी हुई थी। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस की लापरवाही और पुरानी रंजिश
परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने साल 2024 में भी रीता देवी के साथ मारपीट और लूटपाट की थी। उस समय प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। मकान को लेकर विवाद पहले से ही कोर्ट और पंचायत में चल रहा था।
कार्रवाई: पुलिस ने शुरू की छापेमारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस अलर्ट मोड पर है: रोशन कुमार, छोटू, अंजनी, सनी और शिवदयाल पासवान समेत 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज। गांव में आक्रोश को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके से हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद की गई है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
दुकान के अंदर मिला शव, व्यवसायी की हत्या से मचा हड़कंप
29 Apr, 2026 01:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना अंतर्गत कगवागुमटी क्षेत्र में एक पेंट कारोबारी की नृशंस हत्या का मामला प्रकाश में आया है। रानीपुर के निवासी बबलू यादव का शव सुबह उन्हीं की दुकान में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
रंजिश और हत्या की वजह
मृतक बबलू यादव पहले चंदन यादव (महोदय यादव के पुत्र) की पेंट की दुकान में कार्यरत थे। कुछ समय बाद बबलू ने अपनी खुद की दुकान खोल ली थी, जिससे दोनों के बीच व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता और विवाद शुरू हो गया था। बताया जा रहा है कि इसी रंजिश के चलते आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
साजिश के तहत बुलाया और वारदात को अंजाम दिया
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी चंदन यादव ने पुरानी रंजिश के कारण बबलू को फोन कर दुकान पर बुलाया। रात में किसी बात पर विवाद गहराने के बाद आरोपी ने बबलू की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को दुकान के अंदर ही बंद कर फरार हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और साक्ष्य
खोजबीन: जब बबलू रातभर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने देर रात दुकान का ताला तोड़ा, जहाँ बबलू का शव बरामद हुआ।
सीसीटीवी (CCTV): हत्या की पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस ने साक्ष्य जुटाए हैं।
गिरफ्तारी: विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने पुष्टि की है कि फुटेज के आधार पर जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पोस्टमार्टम और FSL: शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच (DMCH) भेज दिया गया है। साथ ही, घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) टीम को भी बुलाया गया है।
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