बिहार-झारखण्ड
इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से 2.10 करोड़ का गबन, दो आरोपी गिरफ्तार
21 Dec, 2025 08:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूपी। नोएडा गबन मामला में थाना फेस-1 पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से गाड़ियां और कीमती सामान गबन करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर लगभग 2 करोड़ 10 लाख रुपये मूल्य का महंगा तकनीकी सामान, तीन कैंटर और एक टाटा इंट्रा वाहन बरामद किया है। यह कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर की गई।
पुलिस के अनुसार, शनिवार को सूचना मिलने पर थाना फेस-1 की टीम ने पक्षी विहार अंडरपास के पास से महफूज खान और अखिलेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि पीड़ित महिला की कंपनी इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में डेकोरेशन और तकनीकी उपकरणों का कार्य करती है। कंपनी में महफूज खान को ट्रांसपोर्ट सर्विस की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि अखिलेश चालक के रूप में कार्यरत था।
जांच में सामने आया कि कंपनी मालकिन के पति की मृत्यु के बाद दोनों अभियुक्तों की नीयत खराब हो गई। लालच में आकर उन्होंने कंपनी के वाहन और कीमती सामान लेकर फरार होने की साजिश रची। 11 दिसंबर 2025 को अभियुक्तों ने कंपनी को झूठी सूचना दी कि अज्ञात लोगों ने सामान से भरा ट्रक उनसे छीन लिया है।
इतना ही नहीं, नोएडा गबन मामला में खुलासा हुआ कि अभियुक्तों ने पहले से ही कंपनी के दो कैंटर और एक टाटा इंट्रा वाहन छिपा दिए थे। उन्होंने कंपनी मालिक को यह कहकर भी गुमराह किया कि बैंक ने किस्त न चुकाने पर वाहन जब्त कर लिए हैं।
पुलिस के मुताबिक, अभियुक्त इन वाहनों और महंगे इवेंट उपकरणों को बेचने की फिराक में थे। बरामद सामान में एलईडी पैनल, जेबीएल स्पीकर, साउंड मिक्सर, टीवी, एम्प्लीफायर, माइक्रोफोन, लाइटिंग सिस्टम और अन्य उपकरण शामिल हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
JBVNL ऑडिट रिपोर्ट ने मचाया हड़कंप: गायब हुए 21 करोड़ रुपये, सिक्योरिटी डिपॉजिट पर खड़े हुए बड़े सवाल
19 Dec, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जेबीवीएनएल की वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है. वित्त वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उपभोक्ताओं से ली गई सिक्योरिटी राशि और उस पर देय ब्याज का स्पष्ट और पूर्ण रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है. यह रिपोर्ट विद्युत नियामक आयोग को सौंपी गई है.
ऑडिट के अनुसार, सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जेबीवीएनएल को कुल 36.23 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, लेकिन इनमें से केवल 14.72 करोड़ रुपये का ही रिकॉर्ड उपलब्ध है. शेष 21.51 करोड़ रुपये का कोई लेखा-जोखा न होना कंपनी की पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि सिक्योरिटी डिपॉजिट पर ब्याज भुगतान में अनियमितता है. कुल 15.25 करोड़ रुपये का ब्याज औसत आधार पर भुगतान किया गया, जबकि वास्तविक तिथियों के अनुसार गणना नहीं की गई. पूर्ण विवरण के अभाव में ऑडिटरों ने इन मदों के वित्तीय विवरणों पर सटीक राय देने में असमर्थता जताई है. रिपोर्ट में कंपनी की आंतरिक लेखा प्रणाली और नियंत्रण तंत्र को मजबूत करने की सिफारिश की गई है.
इसके अलावा, बिजली खरीद से जुड़े खर्चों पर भी सवाल उठाए गए हैं. कंपनी ने बिजली खरीद पर 9,189.28 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा किया है, लेकिन इसमें से 2,217.43 करोड़ रुपये के खर्च से संबंधित कोई ठोस दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध नहीं कराए गए.
बिजली बिल में ब्याज समायोजन पर भी संदेह
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में ब्याज का समायोजन किया गया, लेकिन यह राशि केवल 42.55 करोड़ रुपये तक ही सीमित रही. शेष राशि का कोई स्पष्ट विवरण नहीं मिला. वहीं, डिस्कनेक्ट किए गए उपभोक्ताओं को इस अवधि में 3.64 करोड़ रुपये की राशि रिफंड की गई, लेकिन इन भुगतानों से संबंधित उपभोक्ता-वार विवरण और प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए. इससे इन लेन-देन की सत्यता की पुष्टि नहीं हो सकी.
राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होंगे NIT जमशेदपुर के छात्र! सीएम सोरेन को भी न्योता, जानें पूरा कार्यक्रम
19 Dec, 2025 09:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. डॉ. गौतम सूत्रधर ने शिष्टाचार भेंट की. इस अवसर पर निदेशक ने मुख्यमंत्री को NIT जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक आमंत्रण सौंपा.
निदेशक प्रो. सूत्रधर ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि NIT जमशेदपुर का 15वां दीक्षांत समारोह 29 दिसंबर 2025 को आयोजित किया जाना प्रस्तावित है. उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है और उनकी गरिमामयी उपस्थिति प्रस्तावित है. मुलाकात के दौरान दीक्षांत समारोह की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया.
बताया गया कि इस दीक्षांत समारोह के दौरान संस्थान के विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध पाठ्यक्रमों से उत्तीर्ण लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी. यह समारोह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा और उनके भविष्य की दिशा तय करने में प्रेरक साबित होगा.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने NIT जमशेदपुर द्वारा किए जा रहे शैक्षणिक प्रयासों की सराहना की. उन्होंने दीक्षांत समारोह के सफल और गरिमापूर्ण आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में NIT जैसे संस्थान राज्य और देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए संस्थान को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने का संदेश दिया.
अचानक केंदुआडीह पहुंचे कोल इंडिया चेयरमैन! गैस रिसाव प्रभावित इलाकों का बारीकी से निरीक्षण, क्या बदलेगी झरिया की तस्वीर?
19 Dec, 2025 09:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद : कोल इंडिया के नवनियुक्त चेयरमैन बी. साईराम गुरुवार को अध्यक्ष पद संभालने के बाद अपने पहले दौरे पर धनबाद पहुंचे. रांची से सड़क मार्ग के जरिए धनबाद पहुंचते ही उन्होंने केंदुआडीह के गैस रिसाव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, पुनर्वास की स्थिति और गैस रिसाव रोकने के लिए अपनाई जा रही तकनीकी प्रक्रियाओं की समीक्षा की. साथ ही संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली. कोल इंडिया प्रबंधन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने की बात दोहराई.
निरीक्षण के दौरान चेयरमैन बी. साईराम ने कहा कि उनकी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी तरह की जान-माल की क्षति न हो. उन्होंने बताया कि इस दिशा में राज्य और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप काम किया जा रहा है और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने स्थानीय लोगों से भी अपील की कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत बीसीसीएल और जिला प्रशासन को सूचित करें.
चेयरमैन ने बताया कि यह एक जटिल समस्या है, क्योंकि क्षेत्र में भूमिगत खदानें हैं और यहां सौ साल से अधिक पुराना वर्किंग सिस्टम मौजूद है, जहां सीधे पहुंचना आसान नहीं है. उन्होंने कहा कि नाइट्रोजन फ्लशिंग जैसी वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य तकनीकों के माध्यम से जहरीली गैसों के प्रभाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है. बी. साईराम ने भरोसा जताया कि जैसे ही यहां सकारात्मक परिणाम मिलेंगे, उसी तर्ज पर अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी यह कार्य तेजी से किया जाएगा.
Jharkhand Weather: झारखंड में 'कोहरे का अटैक', अगले 3 दिन संभलकर रहें; इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी
19 Dec, 2025 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के अधिकाशं जिलों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर देखा गया. वही मौसम विभाग की ओर से आज भी 10 जिलों में शीतलहरी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है अगले दो दिनों तक झारखंड में शीतलहर से लोगों को बचना है.राज्य की राजधानी रांची सहित अधिकांश जिलों का तापमान 10 डिग्री से नीचे चल रहा है. ऐसे में चलिए जान लेते है आज यानी शुक्रवार के मौसम का हाल कैसा रहनेवाला है.
सुबह की सैर पर निकलना भी मुश्किल
अधिकांश जिलों में कोहरे का व्यापक असर देखा जा रहा है तो वही शीतलहरी की दुहरी मार भी लोगों पर पड रह रही है. बात अगर कोलहान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम,पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां और चाईबासा जिले की जाए तो यहां भी ठंड से लोगों की हालत खराब है.आलम यह है कि सुबह 7:00 बजे से पहले लोगों की सुबह की सैर पर निकलना भी मुश्किल हो गया है.वही शाम के बाद ग्रामीण इलाकों में पूरी तरीके से सड़क पर सन्नाटा देखा जा रहा है क्योंकि ठंड की वजह से लोग घर से निकलना नहीं चाह रहे है.
अगले 3 दिन तक इन जिलो में अलर्ट, रहें सावधान
पिछले 24 घंटे के दौरान कोहरे की वजह से लगभग 10 से ज्यादा विमान अपने तय समय से देरी से पहुंची. वही मौसम विभाग की ओर से अगले 2 दिनों के लिए गढ़वा, चतरा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, गिरिडीह, कोडरमा समेत संताल के सभी जिलो में कोहरा का अलर्ट जारी किया गया है.वही अन्य जिलो की बात की जाए तो वहां भी कोहरे का प्रकोप देखने को मिलेगा हलांकि उसका असर कम रहेगा.
अगले 2 दिन के अंदर तापमान में होगी एक से दो डिग्री की वृद्धि
वही झारखंड के तापमान की बात की जाए तो पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड के अधिकतम न्युनतम तापमान में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले अगले 2 दिन के अंदर झारखंड के तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि हो सकती है.आज झारखंड का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस न्युनतम तापमान 8 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है.
पढ़े अपने जिले का तापमान
रांची का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस की संभावना है.जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.धनबाद में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री रहेगा. डाल्टनगंज में अधिकतम 22 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री,जबकि देवघर में अधिकतम 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस,तो वहीं मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.वहीं मैक्लूसकीगंज का अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री जा सकता है.
बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: मछुआरों के लिए खुशखबरी, नाव-जाल खरीद पर मिलेगी 90 फीसदी सहायता
18 Dec, 2025 06:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार सरकार का डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग मछुआरों लिए खास योजना लेकर आया है. इसका नाम नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना है. इसके तहत राज्य मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य या परंपरागत मछुआरों को नाव या जाल की खरीद पर निर्धारित इकाई लागत का 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है |
इस योजना का लाभ लेने के लिए योग्य आवेदक बुधवार (31 दिसंबर) तक वेबसाइट https://fisheries.bihar.gov.in पर ऑनलाईन आवेदन करना होगा. आवेदन करने के लिए अपना मोबाइल नंबर तथा बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड के साथ-साथ आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता, एवं मत्स्य शिकारमाही से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे |
इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
परंपरागत मछुआरों के साथ-साथ महिला-मछुआएं,अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के मछुआएं भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे. योजना के तहत राज्य के मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य या मछुआ-लाभुक जो मत्स्य शिकारमाही कार्य करते हैं |
उसके एक व्यक्ति अथवा एक परिवार को फिशिंग उडेन बोट पैकेज, फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज एवं कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज अवयवों में से अधिकतम किसी एक ही अवयव का लाभ ले सकेंगे. सरकार के इस फैसले से मछुआरा समाज को काफी हद तक राहत मिलेगी |
सभी जिलों के मछुआरे उठा सकते हैं योजना का लाभ
फिशिंग उडेन बोट पैकेज के लिए इकाई लागत 1 लाख 24 हजार 400 रुपए, फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज के लिए 1 लाख 54 हजार 400 रुपए एवं कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज के लिए 16 हजार 700 रुपए इकाई लागत निर्धारित है. लाभुकों का चयन उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति के द्वारा की जायेगी |
राज्य सरकार के डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की इस योजना से मछुआरों का सशक्तिकरण होगा और उनकी आय में वृद्धि होगी. राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना का लाभ राज्य के सभी जिलों के मछुआरे उठा सकते हैं. इस संबंध में अधिक जानकारी जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है |
बिहार के प्रसिद्ध थावे मंदिर में चोरी से हड़कंप, 51 लाख का मुकुट और दानपेटी भी गायब
18 Dec, 2025 04:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के गोपालगंज जिले के थावे स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है | मंदिर में घुसकर चोरों ने सोने का मुकुट और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया. सुबह जब पुजारी मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने अंदर का सामना बिखरा पाया. वहीं मां की प्रतिमा से आभूषण भी गायब थे. मंदिर प्रबंधन ने इसकी शिकायत पुलिस से की है |
एसपी गोपालगंज अवधेश दीक्षित ने बताया कि चोरी की वारदात रात संभवत: साढ़े 11 बजे से 12 बजे के बीच हुई है. दो चोर सीढ़ी और रस्सी का इस्तेमाल कर मंदिर में घुसे. एक चोर के हाथ में कटर था, जिससे उन्होंने मंदिर परिसर का ताला काटा और सोने का मुकुट, सोने-चांदी के हार और चांदी का छत्र चुरा लिया |
51 लाख का मुकुट चोरी
पिछले साल झारखंड के एक व्यवसायी की ओर से मां थावे वाली को चढ़ाया गया 251 ग्राम वजन वाला सोने का मुकुट, जिसकी कीमत लगभग 51 लाख रुपये थी, भी चोरी में शामिल बताया जा रहा है. सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि चोर दानपेटी और मां की प्रतिमा से जेवर ले जाते हुए दिखाई दे रहे थे. घटना के समय वहां कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं था. मंदिर के बाहर और आसपास के श्रद्धालु सुरक्षा में इस बड़ी चूक पर सवाल उठा रहे हैं,|
सीसीटीवी फुटेज से चोरों की तलाश शुरू
सूचना मिलते ही थावे थाना, एसडीपीओ, एसडीएम और एसपी अवधेश दीक्षित समेत पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. उन्होंने पूरे मंदिर परिसर का जायजा लिया और CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी. चोरों की पहचान के लिए FSL और डॉग स्क्वॉड की टीम भी बुलाई गई है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा |
थावे भवानी मंदिर लगभग 500 साल पुराना है. इस मंदिर को लेकर कई मान्यताएं हैं. नवरात्रि पर यहां लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. एसपी अवधेश दीक्षित ने आश्वस्त किया है कि चोरी में शामिल चोरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा |
झारखंड: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर असिस्टेंट प्रोफेसर से ठगी, 15 लाख रुपये लूटे
18 Dec, 2025 03:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड की उपराजधानी दुमका में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद अब पढ़े-लिखे और बुद्धिजीवी वर्ग के लोग भी ठगों के नए पैंतरों का शिकार हो रहे हैं. लगातार अपराधी लोगों को अलग-अलग तरीके से जाल में फंसा रहे हैं. ताजा मामला दुमका से सामने आया है, जहां 'डिजिटल अरेस्ट' (Digital Arrest) का डर दिखाकर एक असिस्टेंट प्रोफेसर से 15 लाख रुपये की ठगी कर ली गई. साइबर अपराधियों ने खुद को सीबीआई और मुंबई पुलिस बताकर प्रोफेसर को चार दिनों तक डिजिटल कैद में रखा |
ताजा मामले पर एक नजर
साइबर अपराध का यह सनसनीखेज मामला दुमका के संथाल परगना महिला कॉलेज से सामने आया है. यहां के भौतिकी विभाग (Physics Dept) के असिस्टेंट प्रोफेसर अविनाश शरण साइबर अपराधियों के एक बड़े जाल में फंस गए. प्रोफेसर को एक अनजान नंबर से कॉल आया. फोन करने वाले ने खुद को TRAI (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी) का कर्मचारी बताया. उसने कहा कि उनके आधार कार्ड पर एक और सिम लिया गया है, जिसका इस्तेमाल गैर-कानूनी कामों में हुआ है. ठगों ने डराया कि मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ FIR दर्ज की है |
प्रोफेसर पर 4 दिनों तक बनाया मानसिक दवाब
ठगों ने प्रोफेसर को नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसा होने का दावा किया. तथाकथित सीबीआई और मुंबई पुलिस बनकर वीडियो कॉल के जरिए उन पर चार दिनों तक मानसिक दबाव बनाया गया. हद तो तब हो गई जब ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' के दौरान एक फर्जी ऑनलाइन कोर्ट भी लगा दिया |
इस दौरान प्रोफेसर को डराया गया कि अगर वे मुंबई नहीं आ सकते, तो अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए उन्हें 15 लाख रुपये जमा करने होंगे, जो जांच के बाद वापस मिल जाएंगे. दबाव में आकर प्रोफेसर ने अपनी और बच्चों की सुरक्षा के लिए अपनी जमा-पूंजी यानी 15 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए 'सुकन्या इन्वेस्टमेंट' के खाते में RTGS कर दिए |
मामले की जांच में जुटी पुलिस
पैसे जाते ही संपर्क टूट गया और जब दोबारा कॉल किया तो उधर से बांग्ला भाषा में बात की गई. तब जाकर उन्हें ठगी का एहसास हुआ. फिलहाल दुमका नगर थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. यह घटना आसपास के लोगों के लिए एक बड़ा सबक है. अगर आपके पास भी पुलिस, सीबीआई या TRAI के नाम से कोई धमकी भरा कॉल आए या 'डिजिटल अरेस्ट' की बात की जाए, तो घबराएं नहीं. इसकी तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें |
गिरिराज ने नीतीश के बयान का बचाव किया, हिजाब विवाद पर दी सफाई
18 Dec, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. महिला का हिजाब हटाने पर राजनीतिक बवाल भी मचा हुआ है. कई लोग सीएम नीतीश पर अलग-अलग सवाल खड़े कर रहे हैं. आरजेडी इसके जरिए सीएम नीतीश के स्वास्थ्य पर भी सवाल खड़े कर रही है. तमाम आरोपों के बीच अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सीएम नीतीश के समर्थन में उतरे हैं |
गिरिराज सिंह से जब इस मामले पर सवाल खड़ा किया गया तो उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. अगर कोई अपॉइंटमेंट लेटर लेने आया है, तो उसे अपना चेहरा दिखाने से क्यों डरना चाहिए? जब आप वोट देने जाते हैं तो क्या आपको अपना चेहरा नहीं दिखाना पड़ता?”
बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को 1200 से ज़्यादा आयुष डॉक्टरों को अपॉइंटमेंट लेटर बांटने के एक कार्यक्रम का वीडियो वायरल हो रहा है. इसी में सीएम नीतीश कुमार ने महिला डॉक्टर से बात करते हुए उसका हिजाब खींच दिया था |हालांकि इस दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की थी|
क्या बोले नीतीश के मुस्लिम मंत्री जमा खान?
विपक्षी दल आरजेडी और कांग्रेस लगातार सीएम नीतीश पर हमला कर रहे हैं. दूसरी तरफ सीएम नीतीश की पार्टी जेडीयू इन सभी आरोपों और खुद का पक्ष रखने की लगातार कोशिश कर रही है. नीतीश की पार्टी के मंत्री जमा खान ने भी इस पूरे मामले पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश ने बस एक मुस्लिम बेटी को प्यार दिखाया है. वह चाहते थे कि समाज उस लड़की का चेहरा देखे जब वह जीवन में सफल हो गई |
उन्होंने विपक्ष और मुस्लिम नेताओं पर मुख्यमंत्री को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया है. जमा खान ने कहा कि जो लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उन्होंने देश की बेटियों को सबसे ज्यादा सम्मान दिया है |
संजय निषाद का बयान भी हुआ जमकर वायरल
सीएम नीतीश के समर्थन में बयान देते हुए यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी विवादित बयान दे दिया. हालांकि मामला बिगड़ता देख उन्होंने तुरंत अपनी सफाई भी पेश की. संजय ने कहा कि हिजाब खींचा है अगर कहीं और छुआ होता” तो क्या होता?
मनोज झा का खुला पत्र, सांसदों से एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान
18 Dec, 2025 11:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मनरेगा को खत्म कर उसकी जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक 2025 लाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है | उन्होंने इस मुद्दे पर संसद के सभी सदस्यों को एक खुला पत्र लिखकर अपील की है कि वे इस बिल का विरोध करें और गरीबों के अधिकारों की रक्षा करें |
अपने पत्र की शुरुआत में मनोज झा ने महात्मा गांधी के प्रसिद्ध तालिस्मान (तावीज) का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हममें से कई लोगों ने अपने स्कूल की किताबों में पढ़ा था. गांधी जी हमें हर फैसले से पहले सबसे गरीब और कमजोर व्यक्ति का चेहरा याद करने को कहते थे और यह सोचने को कहते थे कि हमारा निर्णय उस व्यक्ति के किसी काम आएगा या नहीं. मनोज झा ने कहा कि उसी नैतिक सिद्धांत को ध्यान में रखकर वे यह पत्र लिख रहे हैं |
नए बिल पर लोकसभा में देर रात तक हुई चर्चा- मनोज झा
मनोज झा ने बताया कि 15 दिसंबर 2025 को केंद्र सरकार ने मनरेगा को खत्म करने और उसकी जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025 लाने का प्रस्ताव संसद में रखा. उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस पर देर रात तक चर्चा जरूर हुई. लेकिन राज्यसभा में इस बिल का विरोध किया जाना बेहद जरूरी है. उन्होंने साफ कहा कि यह अपील किसी राजनीतिक दल के हित में नहीं है. यह देश के गरीब और मजदूर वर्ग के हित में है |
प्रमुख राजनीतिक दलों की सहमति से बना था मनरेगा कानून- झा
आरजेडी सांसद ने याद दिलाया कि मनरेगा कानून 2005 में लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की सहमति से बनाया गया था. उस समय संसद ने यह माना था कि सम्मान के साथ काम पाने का अधिकार लोकतंत्र का अहम हिस्सा है. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 41 में भी राज्य को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह बेरोजगारी की स्थिति में लोगों को काम और सहायता उपलब्ध कराए. मनरेगा ने इस संवैधानिक भावना को कानूनी गारंटी में बदला था, लेकिन नया बिल इस गारंटी को खत्म कर देता है |
मांग आधारित योजना थी मनरेगा- झा
मनोज झा ने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया है कि नए कानून के तहत 100 की जगह 125 दिन का काम मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह दावा भ्रामक है क्योंकि मनरेगा मांग आधारित योजना थी. जबकि नया कानून केंद्र सरकार की मंजूरी और बजट पर निर्भर होगा. उन्होंने यह भी कहा कि जब पर्याप्त फंड नहीं मिलने के कारण मनरेगा में औसतन 50-55 दिन ही काम मिल पा रहा था तो बिना संसाधन बढ़ाए ज्यादा दिनों का वादा खोखला है. मनोज झा ने सांसदों से अपील की कि वे गरीबों के सम्मान और काम के अधिकार के साथ खड़े हों. उन्होंने कहा कि देश के सबसे गरीब नागरिक संसद के फैसलों को देख रहे हैं और हमें उनके भरोसे को टूटने नहीं देना चाहिए |
रामगढ़ में जंगली हाथियों का हमला: चार लोगों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने किया सड़क जाम, प्रशासन से मुआवजे की मांग
17 Dec, 2025 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रामगढ़ : रामगढ़ जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां जंगली हाथी ने चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया है. पूरी घटना रामगढ़ के कुजू वन क्षेत्र का है.
हाथी की चपेट में आने से चार लोगों की मौत
आपको बता दें कि पिछले कई दिनों से जंगली हाथियों ने आतंक मचा रखा है.वही देर रात हाथी की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई है.वही घटना से आक्रोशित लोगों नेघाटो कुजू मार्ग को जाम कर दिया है.स्थानिय लोगों का अरोप है कि वन विभाग की लापरवाही की वजह से चार लोगों की जान गई है.
पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में जंगली हाथियों का तांडव जारी
लोगों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से क्षेत्र में जंगली हाथियों का तांडव जारी है लेकिन वन विभाग ने इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की है. जिसका परिणाम है कि चार लोगों ने अपनी जान गवा दी है.
झारखंड : करोड़ों के भ्रष्टाचार की 'सवारी'! बीरेंद्र राम को मिली कार के बदले ठेकेदार ने जमा किए 31 लाख, जानें क्या है पूरा कानूनी पेंच
17 Dec, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची ; ग्रामीण विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम को रिश्वत में दी गई एक लग्जरी कार को छुड़ाने के लिए संबंधित ठेकेदार को 31 लाख रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट कराना पड़ा. ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद यह एफडी जमा की गई, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त की गई कार को छोड़ दिया.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान ईडी ने बीरेंद्र राम और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान कई महंगी गाड़ियां जब्त की गई थीं. जांच में सामने आया कि राजेश कुमार कंस्ट्रक्शन, परमानंद सिंह बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स आरएम कंस्ट्रक्शन ने काम के बदले बीरेंद्र राम को महंगी गाड़ियां रिश्वत में दी थीं.
ईडी ने इन तीनों कंपनियों से जुड़ी कुल तीन गाड़ियों को जब्त किया था. इनमें मेसर्स आरएम कंस्ट्रक्शन की ओर से दी गई टोयोटा फॉर्च्यूनर भी शामिल थी. इस गाड़ी को छुड़ाने के लिए आरएम कंस्ट्रक्शन ने कानूनी लड़ाई शुरू की. ठेकेदार की ओर से दलील दी गई कि गाड़ी बैंक लोन से खरीदी गई थी और यह कंपनी मालिक के बेटे अंकित साहू के नाम पर रजिस्टर्ड है. पहले स्तर पर राहत नहीं मिलने के बाद ठेकेदार ट्रिब्यूनल पहुंचा. ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि गाड़ी की कीमत के बराबर 31 लाख रुपये का एफडी जमा कराया जाए. एफडी जमा होने के बाद ईडी ने कार छोड़ दी.
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि बीरेंद्र राम ने मेसर्स आरएम कंस्ट्रक्शन को 13.50 करोड़ रुपये के दो ठेके दिए थे और परियोजना की लागत 62 लाख रुपये बढ़ाई थी. इसके बदले ठेकेदार ने उन्हें फॉर्च्यूनर गाड़ी दी थी. पूछताछ में कंपनी के मालिक और उसके बेटे ने पीएमएलए की धारा 50 के तहत दिए बयान में रिश्वत देने की बात स्वीकार की थी.
खूंटी को कब मिलेगी जाम से मुक्ति? रेंगती जिंदगी के बीच अब 10 किमी फ्लाईओवर की उठी 'महा-मांग', जानें क्या है पूरा प्लान
17 Dec, 2025 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खूंटी : खूंटी शहर में लगातार बढ़ती यातायात जाम की समस्या को लेकर फ्लाईओवर निर्माण की मांग तेज हो गई है. झारखंड पार्टी के महासचिव योगेश वर्मा ने मुख्यमंत्री से शहर में करीब 10 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर रोड के निर्माण की अपील की है.
योगेश वर्मा ने कहा कि 12 सितंबर 2007 को खूंटी जिला बनने के बाद से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इससे शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और आम लोगों को रोजाना जाम की परेशानी झेलनी पड़ रही है.
उन्होंने बताया कि इंडियन ऑयल टर्मिनल खुलने के बाद रोजाना लगभग 200 से 250 ट्रकों का आवागमन खूंटी शहर से होता है. इसके अलावा जमशेदपुर से राउरकेला जाने वाले भारी मालवाहक वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, जिससे शहर में अक्सर गंभीर जाम की स्थिति बन जाती है.
जाम का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों और मरीजों पर पड़ रहा है। स्कूल छुट्टी के समय बच्चों को घर पहुंचने में काफी देर हो जाती है, जिससे अभिभावक परेशान रहते हैं. वहीं तोरपा, रनिया और कर्रा प्रखंडों से सदर अस्पताल खूंटी रेफर किए गए मरीजों की एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है, जो जान के लिए खतरा बन सकता है.
झारखंड पार्टी के महासचिव ने कहा कि इन हालात को देखते हुए खूंटी शहर में फ्लाईओवर रोड का निर्माण अब बेहद जरूरी हो गया है. उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आम जनता को जाम से राहत मिल सके.
खुशखबरी! मंईयां सम्मान योजना में आपके खाते में कितना पैसा आएगा? 2500 या सीधे 5000? जानिए बड़ा अपडेट
17 Dec, 2025 09:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची : मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की लाभुक को कितना पैसा खाता में जाएगा और किसे इस बार किस्त भेजने की तैयारी है. यह सवाल सभी लाभुक के मन में है. कई लोगों में चर्चा यह भी है कि अब योजना से नाम भी काटा गया. ऐसे में इस खबर में जानेंगे की आखिर पूरी कहानी क्या है और विभाग की ओर से क्या अपडेट सामने है. कैसे योजना की किस्त भेजने की तैयारी है. कब तक पैसा खाते में जाएगा. और अगर खाते में पैसा आएगा तो पाँच हजार या 2500 यह सवाल सभी के मन में है.
विभाग के सूत्रों की माने तो झारखंड में करीब 50 लाख लाभुक इस योजना से जुड़े है. जिन्हे हर माह 2500 रुपये खाते में भेजा जा रहा है.मंईयां सम्मन योजना के सम्मान के रुप में राज्य सरकार पैसे का भुगतान कर रही है. यह राज्य की सबसे बड़ी योजना है. खुद पूरे अपडेट पर नजर बनाए हुए है. जिससे योजना में किसी तरह की कोई दिक्कत ना हो.और सही तरीके से समय पर पैसे का भुगतान किया जा सके. इसे लेकर कई बदलाव भी किया गया है.
जैसे योजना में फर्जी लाभुक को चिन्हित कर उन्हे बाहर किया गया. आहर्ता पूरा ना करने वालों पर विभागीय कार्रवाई देखने को मिली. सत्यापन के तहत सही लाभुकों की पहचान की गई. जिसके बाद उनके खाते में योजना की किस्त खटा खट पहुँचती रही। और बेटी बहन के चेहरे पर मुस्कान बनी है.इस मुस्कान को बरकरार रखने के लिए राज्य सरकार के आदेश पर विभाग योजना में हर त्रुटि को दूर कर समय पर भुगतान करने की अब प्लानिंग में है. जिससे हर माह की 15 तारीख को योजना की किस्त सबही के खाते में पहुंच सके. और बेटी बहन अपनी जरूरतों को पूरा करती रहे.
ऐसे में सवाल है कि आखिर इस बार योजना की किस्त खाते में कितना आएगी. क्या एक साथ दो किस्त का भुगतान किया जाएगा या फिर एक किस्त ही भेजी जाएगी. सूत्रों की माने तो कुछ जिलों में योजना की 16 वीं किस्त कुछ लाभुकों को मिल गई है. लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लाभूक ऐसी है. जिन्हे 16 और 17 दोनों किस्त का भुगतान नहीं किया गया. विभागीय सूत्रों की माने तो बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से शेष सभी लाभुकों को 16 और 17 किस्त भुगतान किया जाएगा. और जिसे 16 किस्त मिल गई है उसे एक ही किस्त भुगतान किया जाएगा.यानि 2500 रुपये खाते में आएंगे.
अब देखें तो इससे पहले भी त्योहार के समय यानि दशहरा और दीपावली के मौके पर राज्य सरकार ने योजना की किस्त का भुगतान किया था. जिससे पर्व की खुशी और बढ़ गई थी. सभी के चेहरे पर मुस्कान दिखी थी. अब फिर से नए साल के मौके पर सभी के खाते में योजना की किस्त भेजने की तैयारी है. जिससे सभी के चेहरे की मुस्कुराहट बनी रहे और नए साल का जश्न अच्छे तरीके से मन सके. चाहे आमिर हो या गरीब कोई ऐसा ना सोचे की उसके पास पैसे नहीं है.सभी एक साथ मेला घूमने और पिकनिक मनाने जाएंगे.
अब कुछ बेहद जरूरी बात भी कर लेते है. योजना की किस्त तो भेजी जाएगी लेकिन इस योजना में फिर से वार्षिक सत्यापन का काम किया जाना है. जिससे एक दिसंबर को 50 साल पूरा होने वाले लाभुक का नाम इस योजना से हटाया जा सके और उन्हे वृद्धा पेंशन का आवेदन लिया जा सके. इसके लिए विभाग ने शुरुआत पूर्वी सिंह भूम से की है. जहां आंगनबाड़ीसेविका और सहायिका इसकाम को पूरा करेंगी. इसकी शुरुआत हो चुकी है आने वाले दिनों में झारखंड के अलग अलग जिलों में इस कैम्प की शुरुआत होनी है.
PM श्री योजना में मची खलबली! डीईओ ने आरोपों को सिरे से नकारा, बताया आखिर क्या है 'पारदर्शी चयन' का पूरा सच
17 Dec, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में पीएम विद्यालयों में सामग्री आपूर्ति और भुगतान को लेकर उठ रहे सवालों पर जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पूरे मामले को तथ्यों से हटकर और संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि पीएम योजना के तहत किसी भी स्तर पर केंद्रीकृत खरीद या जिला स्तर की निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी. सभी खरीद प्रक्रियाएं विद्यालय स्तर पर पूरी तरह पारदर्शी ढंग से की गईं. प्रत्येक विद्यालय ने कोटेशन के आधार पर एल-1 प्रक्रिया अपनाते हुए अपने स्तर से वेंडर का चयन किया.
उन्होंने कहा कि कुल 20 पीएम विद्यालयों में 47 अलग-अलग वेंडर्स के माध्यम से सामग्री की आपूर्ति की गई. विभिन्न विद्यालयों ने अलग-अलग सप्लायर से सामग्री खरीदी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि किसी एक व्यक्ति या कंपनी को कोई विशेष लाभ नहीं दिया गया. सभी वेंडर्स द्वारा सौ प्रतिशत सामग्री की आपूर्ति की गई और किसी भी विद्यालय से दबाव, धमकी या अनियमितता की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई.
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आगे बताया कि सामग्री प्राप्त होने के बाद संबंधित विद्यालयों द्वारा विधिवत उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) जमा किया गया. सभी बिल और दस्तावेजों की पहले लेखा पदाधिकारी और प्रभाग प्रभारी द्वारा जांच की गई. इन्हीं सत्यापित दस्तावेजों के आधार पर भुगतान की स्वीकृति दी गई. भुगतान प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर मनमानी नहीं हुई और सभी कार्य नियमों के अनुरूप किए गए.
मीडिया रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कुछ माध्यमों द्वारा अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रामक निष्कर्ष प्रस्तुत किए जा रहे हैं. सीमित संख्या में वेंडर्स को केंद्र में रखकर पूरे मामले को गलत संदर्भ में दिखाया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ रिपोर्ट्स में प्रति विद्यालय 25 लाख रुपये आवंटन की बात कही जा रही है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है. कुल 20 पीएम श्री विद्यालयों के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, न कि प्रत्येक विद्यालय के लिए अलग-अलग 25 लाख रुपये.
अंत में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मीडिया से अपील की कि समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की गंभीरता से जांच की जाए. उन्होंने कहा कि पीएम श्री योजना के तहत सामग्री आपूर्ति का संबंधित फेज पहले ही पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में नए वित्तीय वर्ष के लिए राज्य स्तर से आपूर्ति की जा रही है, जिसमें जिले की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है.
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