बिहार-झारखण्ड
नालंदा में महिला के साथ दरिंदगी, पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा
1 Jul, 2026 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नालंदा। बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चंडी थाना क्षेत्र में एक 40 वर्षीय विधवा महिला को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और तत्परता दिखाते हुए बुधवार तड़के ही वारदात में शामिल तीनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस फिलहाल पीड़िता की सुरक्षा और मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके में बुलाया
शुरुआती जांच और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नगरनौसा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की जान-पहचान लक्ष्मी बिगहा के रहने वाले विकास कुमार नाम के व्यक्ति से थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी। मंगलवार की शाम विकास ने झांसा देकर महिला को मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह उसे अपने वाहन में बैठाकर लक्ष्मी बिगहा-रामपुर के पास एक बेहद सुनसान और वीरान खंधा इलाके में ले गया, जहां उसने वारदात की साजिश रची थी।
विरोध करने पर मक्के के खेत में सामूहिक ज्यादती
सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद आरोपी विकास की नीयत खराब हो गई और उसने फोन करके अपने दो अन्य दोस्तों, शैलेश कुमार और नीतीश कुमार को भी मौके पर बुला लिया। जब महिला ने खतरे को भांपते हुए वहां से भागने और उनका विरोध करने की कोशिश की, तो तीनों आरोपियों ने जबरन उसे दबोच लिया। आरोपी उसे खींचते हुए पास के एक मक्के के खेत में ले गए, जहां तीनों ने उसके साथ बारी-बारी से इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और तड़पती हालत में छोड़कर फरार हो गए।
राहगीर की संवेदनशीलता से मिली मदद
इस हैवानियत के बाद जब बदहवास और सहमी हुई हालत में पीड़िता किसी तरह मुख्य सड़क की तरफ आई, तो रामपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास एक राहगीर की नजर उस पर पड़ी। राहगीर ने तत्परता दिखाते हुए महिला की मदद की और तुरंत आपातकालीन डायल-112 पुलिस टीम को इस बात की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तुरंत पीड़िता को सुरक्षित चंडी थाने पहुंचाया, जहां उसकी लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तड़के ही छापेमारी कर तीनों दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया।
जुलाई में रांची से सफर होगा आसान, जानिए किस शहर के लिए कब है फ्लाइट
1 Jul, 2026 11:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से सफर करने वाले हवाई यात्रियों के लिए एक जरूरी अपडेट है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने जुलाई महीने के लिए उड़ानों का नया शेड्यूल (समय-सारणी) जारी कर दिया है। यह नया टाइम-टेबल 1 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक प्रभावी रहेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के लिए विमानों के आगमन (Arrival) और प्रस्थान (Departure) के समय में बदलाव किए गए हैं।
जुलाई महीने के लिए उड़ानों का नया टाइम-टेबल
यात्री अपनी यात्रा की प्लानिंग इस नए शेड्यूल के हिसाब से कर सकते हैं:
एयरलाइन
रूट
आगमन (Arrival)
प्रस्थान (Departure)
इंडिगो
पुणे–रांची–बेंगलुरु
सुबह 7:55 बजे
सुबह 8:40 बजे
इंडिगो
कोलकाता–रांची–कोलकाता
सुबह 8:05 बजे
सुबह 8:30 बजे
एयर इंडिया एक्सप्रेस
मुंबई–रांची–मुंबई
सुबह 8:20 बजे
सुबह 8:50 बजे
इंडिगो
दिल्ली–रांची–दिल्ली
सुबह 8:30 बजे
सुबह 9:10 बजे
एयर इंडिया एक्सप्रेस
दिल्ली–रांची–दिल्ली
सुबह 9:00 बजे
सुबह 9:30 बजे
एयर इंडिया एक्सप्रेस
बेंगलुरु–रांची–बेंगलुरु
सुबह 9:05 बजे
सुबह 9:35 बजे
इंडिगो
हैदराबाद–रांची–हैदराबाद
सुबह 11:10 बजे
सुबह 11:40 बजे
एयर इंडिया एक्सप्रेस
बेंगलुरु–रांची–बेंगलुरु
सुबह 11:45 बजे
दोपहर 12:15 बजे
इंडिगो
मुंबई–रांची–मुंबई
दोपहर 1:10 बजे
दोपहर 1:40 बजे
इंडिगो
अहमदाबाद–रांची–पटना
दोपहर 1:25 बजे
दोपहर 1:55 बजे
इंडिगो
दिल्ली–रांची–दिल्ली
दोपहर 2:15 बजे
दोपहर 2:50 बजे
इंडिगो
कोलकाता–रांची–कोलकाता
दोपहर 3:20 बजे
दोपहर 3:40 बजे
एयर इंडिया एक्सप्रेस
बेंगलुरु–रांची–बेंगलुरु
शाम 4:25 बजे
शाम 4:55 बजे
इंडिगो
दिल्ली–रांची–दिल्ली
शाम 4:35 बजे
शाम 5:05 बजे
एयर इंडिया एक्सप्रेस
दिल्ली–रांची–दिल्ली
शाम 4:50 बजे
शाम 5:15 बजे
इंडिगो
कोलकाता–रांची–कोलकाता
शाम 5:45 बजे
शाम 6:05 बजे
इंडिगो
भुवनेश्वर–रांची–भुवनेश्वर
शाम 6:20 बजे
शाम 6:50 बजे
इंडिगो
चेन्नई–रांची–चेन्नई
शाम 7:10 बजे
शाम 7:40 बजे
इंडिगो
पटना–रांची–अहमदाबाद
शाम 7:20 बजे
शाम 7:50 बजे
इंडिगो
दिल्ली–रांची–दिल्ली
रात 8:00 बजे
रात 8:35 बजे
इंडिगो
बेंगलुरु–रांची–पुणे
रात 8:10 बजे
रात 8:50 बजे
इंडिगो
हैदराबाद–रांची–हैदराबाद
रात 8:30 बजे
रात 9:00 बजे
इंडिगो
कोलकाता–रांची–कोलकाता
रात 9:05 बजे
रात 9:25 बजे
भुवनेश्वर-रांची उड़ान रद्द, यात्री हुए परेशान
शेड्यूल जारी होने के बीच बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर परिचालन संबंधी दिक्कतों की वजह से मंगलवार को यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। शाम 6:20 बजे भुवनेश्वर से रांची पहुंचने वाली उड़ान को अचानक रद्द कर दिया गया। इसके अलावा कोलकाता से आने वाली फ्लाइट्स भी अपने तय समय से देरी से पहुंचीं, जिसके कारण यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा और कई लोगों को अंतिम समय पर दूसरे इंतजाम करने पड़े।
हवाई यात्रियों के लिए जरूरी गाइडलाइन
समय की जांच: मौसम के मिजाज और तकनीकी कारणों से उड़ानों के समय में बदलाव हो सकता है। इसलिए घर से निकलने से पहले संबंधित एयरलाइन से अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
समय से पहले पहुंचें: सुरक्षा जांच (Security Check) और बोर्डिंग की औपचारिकताओं को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे फ्लाइट के तय समय से काफी पहले एयरपोर्ट पहुंच जाएं ताकि किसी भी तरह की हड़बड़ी से बचा जा सके।
मुजफ्फरपुर तैयार! दो स्थानों पर बसेंगी हाईटेक टेंट सिटी, शिवभक्तों का होगा भव्य स्वागत
1 Jul, 2026 10:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर:विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले की सुगबुगाहट के साथ ही मुजफ्फरपुर में प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू हो गई हैं। आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रहे इस पावन मेले में आने वाले शिवभक्तों के लिए इस साल एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है। इतिहास में पहली बार, पर्यटन विभाग के सौजन्य से कांवरियों के विश्राम के लिए एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग स्थानों पर अत्याधुनिक 'टेंट सिटी' का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए फकुली के रजला चौक और आरडीएस कॉलेज परिसर को चुना गया है, जबकि इससे पहले हर साल केवल आरडीएस कॉलेज में ही यह व्यवस्था होती थी।
चार हजार भक्तों के ठहरने का इंतजाम; वाटरप्रूफ टेंट में मिलेंगी फाइव-स्टार सुविधाएं
कांवरियों की लगातार बढ़ती तादाद को देखते हुए दोनों टेंट सिटी में कुल मिलाकर कम से कम 4,000 श्रद्धालुओं के रुकने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। पहलेजा घाट से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले थके-हारे कांवरियों के आराम के लिए ये टेंट पूरी तरह से वाटरप्रूफ होंगे। इनके भीतर फोल्डिंग बेड, आरामदायक गद्दे, साफ-सुथरी चादरें और तकिए लगाए जाएंगे। इसके अलावा भक्तों के लिए शुद्ध पेयजल, स्वादिष्ट भोजन, आधुनिक शौचालय, स्नानघर, निर्बाध बिजली, पंखे और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी तमाम आवश्यक सुविधाएं एक ही छत के नीचे बिल्कुल मुफ्त मिलेंगी।
चौबीस घंटे तैनात रहेंगे डॉक्टर और सुरक्षा बल; सीसीटीवी से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी
श्रद्धालुओं की सेहत और सुरक्षा को लेकर प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। टेंट सिटी के अंदर 24 घंटे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम आपातकालीन दवाओं, प्राथमिक उपचार किट और स्ट्रेचर के साथ मुस्तैद रहेगी। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए टेंट सिटी के भीतर और बाहरी परिसरों में भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए हर कोने को सीसीटीवी कैमरों की नजर में रखा जाएगा।
बाबा गरीबनाथ मंदिर का कायाकल्प पूरा; अरघा सिस्टम से ही होगा बाबा का जलाभिषेक
मेले के मुख्य केंद्र बाबा गरीबनाथ मंदिर में भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक के अनुसार, गर्भगृह के अंदर जिन स्थानों के पत्थर समय के साथ खराब हो गए थे, उन्हें पूरी तरह बदल दिया गया है और अब मंदिर के भव्य शिखर को आकर्षक रंगों से संवारा जा रहा है। इस बार भी भीड़ को नियंत्रित रखने और सुगमता से दर्शन के लिए 'अरघा सिस्टम' के जरिए ही जलाभिषेक संपन्न कराया जाएगा। साथ ही, भक्तों की सहायता के लिए 19 सेवादलों के करीब 2,000 वालंटियर्स (सेवादार) पूरे मेला क्षेत्र में चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे, जिसके लिए चयन प्रक्रिया जारी है।
बंद कमरे में बीता बचपन, बहन के कदम ने खोला अत्याचार का राज
1 Jul, 2026 08:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुपौल:जिला मुख्यालय के कृष्णापुरी (वार्ड नंबर-04) इलाके से दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बंद मकान में पिछले करीब एक साल से बंधक बनाकर रखी गई 9 वर्षीय मासूम बच्ची को सदर थाना पुलिस ने सुरक्षित आजाद कराया है। यह बच्ची मूल रूप से पिपरा इलाके की रहने वाली है, जो अपनी मां और बड़ी बहन के साथ पिछले साल रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी। इस बरामदगी के बाद पिपरा पुलिस की ढुलमुल कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि परिजनों का आरोप है कि अपहरण की लिखित शिकायत के बावजूद उस वक्त कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।
बड़ी बहन की बहादुरी से टूटा जुल्म का चक्र, ऐसे खुला राज
इस खौफनाक कैद का भंडाफोड़ तब हुआ जब मासूम की बड़ी बहन किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भाग निकलने में कामयाब रही। उसने सूझबूझ दिखाते हुए एक राहगीर के मोबाइल से अपने फूफा को फोन किया और आपबीती सुनाई। इसके बाद हरकत में आए पिता और रिश्तेदारों ने तुरंत सदर थाना पुलिस को पूरी बात बताई। पुलिस जब बताए गए पते पर पहुंची तो मकान के बाहर ताला लटका था। करीब दो घंटे के इंतजार के बाद जब वहां रहने वाली एक संदिग्ध महिला लौटी, तब पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर बच्ची को बाहर निकाला।
मासूम के जिस्म पर चोटों के निशान, खिड़की से बयां किया मां को बेचने का दर्द
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मासूम की जो हालत दिखी, उसने हर किसी को झकझोर दिया। बच्ची की आंख के नीचे और पीठ पर बेरहमी से की गई मारपीट के गहरे जख्म थे। छुड़ाए जाने से पहले बच्ची ने खिड़की से ही रोते हुए पुलिस को बताया कि उसे लंबे समय से इस कमरे में कैद रखा गया था। उसने यह भी संगीन आरोप लगाया कि उसकी मां को कुछ दिन इसी घर में रखने के बाद कहीं और बेच दिया गया है। हालांकि, पकड़ी गई महिला का दावा है कि बच्ची की मां खुद बच्चों को उसके पास छोड़ कर गई थी, लेकिन बच्ची की हालत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
इलाके में भारी आक्रोश, संदिग्ध महिला हिरासत में लेकर जांच शुरू
जिस मकान से बच्ची मिली है, वह दिनेश यादव नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है, जिसमें एक अज्ञात जोड़ा किराए पर रह रहा था। इस अमानवीय घटना की खबर फैलते ही पूरे मोहल्ले में भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। सदर थाना प्रभारी ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। फिलहाल पुलिस ने संदिग्ध महिला को हिरासत में ले लिया है और लापता मां की तलाश के साथ-साथ पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए गहन तफ्तीश में जुट गई है।
विधान परिषद् से सचिवालय तक हलचल, आज नेताओं का व्यस्त रहेगा शेड्यूल
1 Jul, 2026 07:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना:बिहार की राजधानी पटना में आज दोपहर के बाद से ही सियासी सरगर्मी चरम पर रहने वाली है। शाम को होने वाली कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले, बिहार विधान परिषद में निर्विरोध चुने गए 10 नए सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। शाम 4 बजे होने वाले इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, पक्ष-विपक्ष के तमाम बड़े नेता और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समेत 50 से अधिक वीआईपी शिरकत करेंगे। इस कार्यक्रम के तुरंत बाद सभी मंत्री मुख्य सचिवालय के लिए रवाना होंगे।
कैबिनेट बैठक में सरकारी नौकरियों और विकास परियोजनाओं पर लगेगी मुहर
शाम 5 बजे होने वाली इस कैबिनेट बैठक पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। इस बैठक में राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और नई सरकारी नौकरियों के सृजन को लेकर बड़े फैसले होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, बिहार के विकास से जुड़े कई अहम प्रोजेक्ट्स के बजटीय आवंटन और फंड को भी मंजूरी दी जा सकती है। शपथ ग्रहण के समय को देखते हुए बैठक के समय में थोड़ी-बहुत देरी की भी संभावना जताई जा रही है।
निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर कस सकता है शिकंजा, कड़े फैसले की उम्मीद
'डॉक्टर्स डे' के खास मौके पर आज राज्य के चिकित्सा जगत की नजरें भी नीतीश कैबिनेट के फैसलों पर टिकी हैं। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पीएमसीएच (PMCH) के औचक निरीक्षण के दौरान गायब मिले प्राचार्य पर बड़ी कार्रवाई की थी। जांच में सामने आया था कि ड्यूटी से नदारद डॉक्टर अपने निजी क्लिनिक पर मरीजों को देख रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरकार आज इस बैठक के जरिए डॉक्टरों को अनुशासन का एक बेहद कड़ा और सख्त संदेश दे सकती है।
भोजपुरी स्टार पवन सिंह समेत सभी नए सदस्यों को समय पर पहुंचने की हिदायत
शपथ ग्रहण समारोह को समय पर संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। पिछले दिनों नामांकन और प्रमाणपत्र लेने के दौरान हुई देरी को देखते हुए, इस बार भोजपुरी स्टार और नवनिर्वाचित सदस्य पवन सिंह समेत सभी माननीयों को वक्त पर पहुंचने की विशेष हिदायत दी गई है। सभी 10 सदस्यों के एक साथ समय पर शपथ लेने के बाद ही ठीक 5 बजे मंत्रिमंडल कक्ष में मंत्रियों की बैठक सुचारू रूप से शुरू हो पाएगी।
3 जुलाई को होगी अहम सुनवाई, खान सर की अग्रिम जमानत पर टिकी निगाहें
30 Jun, 2026 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: राजधानी के मुसल्लहपुर हाट स्थित प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत अब आगामी 3 जुलाई को विचार करेगी। पटना सिविल कोर्ट ने इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्डों के हथियारों से जुड़े कागजात तलब किए हैं। अदालत ने साफ किया है कि सुरक्षाकर्मियों के पास मौजूद हथियारों के लाइसेंस की वैधता से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज कोर्ट के सामने पेश किए जाएं, जिसके बाद ही इस मामले में आगे का फैसला लिया जाएगा।
गार्डों के हथियारों के लाइसेंस और फायरिंग को लेकर उठा बड़ा सवाल
इस चर्चित कोचिंग विवाद से जुड़े मामले की अदालती कार्यवाही के दौरान सरकारी वकील ने खान सर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि बीते 2 जून की रात जो घटना हुई थी, उसमें खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्ड अवैध हथियार लेकर वहां मौजूद थे। सरकारी पक्ष का यह भी दावा है कि इलाके में दहशत और खौफ का माहौल पैदा करने के इरादे से उस वक्त हवाई फायरिंग भी की गई थी। इन दलीलों के आधार पर सरकारी पक्ष ने अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया।
खान सर के वकील ने आरोपों को नकारा, पुलिस के पास जमा हैं दस्तावेज
दूसरी तरफ खान सर की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ने सरकारी वकील द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताया। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत के सामने स्पष्ट किया कि खान सर की सुरक्षा में तैनात दोनों गार्डों के हथियार पूरी तरह से वैध और लाइसेंसी हैं। उन्होंने कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि हथियारों के लाइसेंस समेत जितने भी जरूरी कानूनी कागजात थे, वे पुलिस ने जांच के दौरान पहले ही अपने कब्जे में ले लिए हैं, इसलिए अवैध हथियार होने का सवाल ही नहीं उठता।
अदालत ने जांच अधिकारी को रिकॉर्ड पेश करने का दिया कड़ा निर्देश
मामले में दोनों पक्षों की दलीलें और दावों को सुनने के बाद अदालत ने स्थिति स्पष्ट करने का फैसला किया। कोर्ट ने मामले के अनुसंधानकर्ता यानी जांच अधिकारी (आईओ) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि पुलिस द्वारा जब्त किए गए हथियारों के लाइसेंस और उनसे संबंधित तमाम दस्तावेजों को अगली तारीख पर कोर्ट में लाया जाए। अब 3 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही तय होगा कि खान सर को अदालत से राहत मिलती है या नहीं।
रांची-जमशेदपुर समेत 6 पॉलिटेक्निक होंगे कनेक्ट, पलामू में हाईटेक एजुकेशन की शुरुआत
30 Jun, 2026 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड सरकार ने राज्य में तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के स्तर को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार अब युवाओं को रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीकों में दक्ष बनाने की तैयारी कर रही है। इस दूरदर्शी उद्देश्य को पूरा करने के लिए सरकार ने पलामू स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी) में चार विशेष क्षेत्रों में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। इस पूरी परियोजना को पांच वर्षों की अवधि में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिस पर कुल 22.97 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
स्टार्टअप संस्कृति को रफ्तार देने के लिए बनेगा नया इन्क्यूबेशन सेंटर
इस बड़ी तकनीकी परियोजना के तहत पलामू इंजीनियरिंग कॉलेज के भीतर ही नए विचारों और नवोन्मेष को जमीनी स्तर पर उतारने की व्यवस्था भी की जा रही है। युवाओं में उद्यमिता और नए स्टार्टअप को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कॉलेज परिसर में 'जीईसी इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर' की स्थापना की जाएगी। यह सेंटर उभरते हुए उद्यमियों को अपने बिजनेस आइडिया को सफल कंपनियों में बदलने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराएगा। सरकार ने इस पूरे सेंटर को मजबूती से शुरू करने के लिए कुल परियोजना लागत में से एक करोड़ रुपये की राशि इसके शेयर कैपिटल (प्रारंभिक पूंजी) के रूप में आवंटित करने का प्रावधान किया है।
शोध और रोजगार के खुलेंगे नए दरवाजे
मौसम और उद्योग की बदलती जरूरतों के बीच इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना से राज्य के तकनीकी छात्रों के लिए उच्च स्तरीय शोध और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। पलामू और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब एआई और रोबोटिक्स जैसी उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इस निवेश से न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और तकनीकी विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी, जिससे आने वाले समय में राज्य के युवा तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
अब बी-फार्मा के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूसरे राज्यों में, रांची में मिलेगी नई सुविधा
30 Jun, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड के उन युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर है जो फार्मेसी के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। राजधानी रांची के बरियातू में स्थित राजकीय फार्मेसी संस्थान को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है, जहां अब लंबे समय के बाद बैचलर ऑफ फार्मेसी यानी बी-फार्मा की डिग्री पढ़ाई भी शुरू होने जा रही है। शासन स्तर पर मिली इस मंजूरी के बाद राज्य के छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा और वे अपने ही प्रदेश में रहकर यह डिग्री हासिल कर सकेंगे।
पीसीआई ने दी 60 सीटों पर दाखिले की औपचारिक मंजूरी
इस नए बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की तरफ से बरियातू संस्थान को औपचारिक रूप से हरी झंडी दे दी गई है। काउंसिल द्वारा जारी किए गए पत्र के मुताबिक संस्थान को बी-फार्मा के प्रथम वर्ष के लिए कुल साठ सीटों पर छात्र-छात्राओं के नामांकन की अनुमति दी गई है। खास बात यह है कि इस नई व्यवस्था के शुरू होने के बाद भी संस्थान में पहले से चल रहे डिप्लोमा इन फार्मेसी यानी डी-फार्मा कोर्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उसकी साठ सीटों की मान्यता भी पहले की तरह ही बरकरार रहेगी।
नए शैक्षणिक सत्र से शुरू होगी प्रवेश प्रक्रिया, भवन पहले से है तैयार
संस्थान प्रबंधन की तैयारियों के अनुसार इस नए चार वर्षीय डिग्री कोर्स की शुरुआत आगामी शैक्षणिक सत्र से कर दी जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दाखिले की यह पूरी प्रक्रिया अगले साल से व्यवस्थित रूप से शुरू होगी। इसके बुनियादी ढांचे की बात करें तो छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी क्योंकि बी-फार्मा की कक्षाओं और प्रैक्टिकल लैब के संचालन के लिए एक साल पहले ही पूरी तरह से आधुनिक और नया भवन बनकर तैयार हो चुका है, जो अब पूरी तरह उपयोग के लिए तैयार है।
कॉलेज में बढ़ेंगी सुविधाएं, 56 नए पदों पर जल्द होंगी नियुक्तियां
इस बड़े स्तर के कोर्स को बेहतर ढंग से चलाने और कॉलेज की प्रशासनिक व शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार भी पूरी मुस्तैदी दिखा रही है। सरकार ने संस्थान के विस्तार को देखते हुए पहले ही छप्पन नए पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। इनमें बाईस पद प्रोफेसर और शिक्षकों के होंगे जो शिक्षा का स्तर सुधारेंगे, जबकि ज्योतिष अन्य पद गैर-शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए होंगे। इन सभी पदों पर जल्द ही योग्य कर्मचारियों की बहाली की जाएगी जिससे बरियातू फार्मेसी कॉलेज राज्य के एक शीर्ष संस्थान के रूप में उभर सकेगा।
20 मिनट तक हवा में मंडराती रही इंडिगो फ्लाइट, फिर सुरक्षित उतारा गया विमान
30 Jun, 2026 09:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा: दरभंगा एयरपोर्ट पर सोमवार का दिन विमान यात्रियों और प्रबंधन के लिए भारी परेशानियों भरा रहा। यहां एक के बाद एक दो विमानों में आई तकनीकी खराबी के चलते पूरे उड़ान संचालन पर बुरा असर पड़ा। एयरपोर्ट पर विमानों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की जगह ही नहीं बची, जिसके कारण आसमान में उड़ रहे अन्य विमानों के लिए संकट खड़ा हो गया। इस अव्यवस्था की वजह से दिल्ली से आ रहे एक विमान को काफी देर हवा में मंडराना पड़ा और आखिरकार उसे आपातकालीन स्थिति में पटना ले जाना पड़ा।
पार्किंग संकट के कारण पटना में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
दिल्ली से यात्रियों को लेकर दरभंगा आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-360 को दोपहर करीब पौने तीन बजे यहां लैंड करना था। लेकिन एयरपोर्ट के रनवे और पार्किंग क्षेत्र में पहले से ही विमानों के फंसे होने के कारण इस फ्लाइट को उतरने की जगह नहीं मिली। पायलट को करीब 20 मिनट तक आसमान में ही चक्कर लगाने को कहा गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आखिरकार इस विमान का रुख पटना एयरपोर्ट की तरफ मोड़ दिया गया, जहां इसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। पटना में करीब आधा घंटा रुकने और दरभंगा में स्थिति थोड़ी सामान्य होने के बाद यह विमान वापस रवाना हुआ और करीब दो घंटे की देरी से दरभंगा पहुंच सका। इसके बाद ही दिल्ली जाने वाले यात्रियों को लेकर यह उड़ान भर पाया।
अकासा एयर की मुंबई फ्लाइट रद्द, यात्री होटलों में भेजे गए
इसी दौरान मुंबई से दरभंगा पहुंची अकासा एयर की एक फ्लाइट में लैंडिंग के ठीक बाद गंभीर तकनीकी खराबी आ गई। एयरपोर्ट पर मौजूद इंजीनियरों ने विमान को ठीक करने की काफी कोशिश की, लेकिन तकनीकी समस्या दूर नहीं हो सकी और विमान को उड़ान के लिए अनफिट घोषित कर दिया गया। इसके चलते दरभंगा से वापस मुंबई जाने वाली इस उड़ान को पूरी तरह रद्द करना पड़ा। अचानक फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों को भारी असुविधा हुई, जिसके बाद एयरलाइन कंपनी ने यात्रियों के रहने और खाने के लिए होटलों में इंतजाम किया। इन यात्रियों को अब अगले दिन दूसरे विमान से मुंबई भेजा जाएगा।
स्पाइसजेट के विमान का टायर फटने से शुरू हुआ पूरा विवाद
सोमवार को शुरू हुए इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य वजह स्पाइसजेट का एक विमान बना। सुबह के समय मुंबई से दरभंगा पहुंचे स्पाइसजेट के विमान SG-115 का लैंडिंग के दौरान अचानक एक टायर फट गया। हालांकि पायलट की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और विमान में सवार सभी 150 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। लेकिन टायर फटने के कारण यह विमान रनवे के पास ही फंस गया। इसका नया टायर दिल्ली से मंगवाना पड़ा, जिसे बदलने और मरम्मत करने में पूरा दिन लग गया। इस एक विमान के खड़े रहने से पूरी पार्किंग व्यवस्था चरमरा गई और बाकी कंपनियों की उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ गया।
यात्रियों में मचा रहा हड़कंप, कई उड़ानों के समय में हुआ बदलाव
फ्लाइट्स के डायवर्ट और रद्द होने की खबरों के बीच एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल देखा गया। दिल्ली जाने वाले कई यात्रियों ने एयरपोर्ट प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की और जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की। इस पूरे पार्किंग और तकनीकी संकट का असर दरभंगा से चलने वाली अन्य उड़ानों पर भी पड़ा। सोमवार को कई फ्लाइट्स अपने तय समय से घंटों देरी से चलीं, तो कुछ को समय से पहले ही लैंड कराना पड़ा, जिससे दिनभर यात्री परेशान होते रहे।
तेल फैक्ट्री में आग ने खोली सुरक्षा की पोल, अब औद्योगिक इकाइयों की होगी जांच
29 Jun, 2026 05:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। दीदारगंज स्थित तेल फैक्ट्री में हाल ही में हुई भीषण अग्रिकांड की घटना ने प्रशासन को पूरी तरह से चौकन्ना कर दिया है। इस हादसे से सबक लेते हुए राजधानी पटना की तमाम औद्योगिक इकाइयों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को खंगालने का एक बड़ा और व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है। बिहार अग्निशमन सेवा ने इस स्थिति को बेहद गंभीरता से लिया है और सुरक्षा मानकों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कमर कस ली है।
27 विशेष टीमें मैदान में, फैक्ट्रियों और गोदामों की होगी सघन जांच
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए विभाग की ओर से 27 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिन्हें तुरंत फील्ड में उतार दिया गया है। ये टीमें शहर के अलग-अलग कोनों में जाकर औद्योगिक प्रतिष्ठानों, बड़े गोदामों और फैक्ट्रियों का चरणबद्ध तरीके से फायर ऑडिट करेंगी। जांच के दौरान इस बात पर मुख्य फोकस रहेगा कि इन इकाइयों के पास आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं, और क्या वे आपातकालीन नियमों का पालन कर रहे हैं।
ज्वलनशील पदार्थ वाले प्रतिष्ठानों पर गिरेगी पहली गाज
इस विशेष ऑडिट अभियान के तहत प्रशासन का सबसे पहला और मुख्य निशाना वो इकाइयां होंगी जो अधिक जोखिम वाले दायरे में आती हैं। जिन जगहों पर केमिकल, खाद्य तेल, प्लास्टिक, पेंट या अन्य तेजी से आग पकड़ने वाले ज्वलनशील पदार्थों का भारी मात्रा में भंडारण या उत्पादन किया जाता है, वहां सबसे पहले जांच टीम पहुंचेगी। जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश पांडेय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के मोर्चे पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मुहिम का मकसद भविष्य में दीदारगंज जैसे हादसों को दोबारा होने से रोकना और औद्योगिक क्षेत्रों को सुरक्षित बनाना है।
'विकास नहीं, बर्बादी'—45 करोड़ के ROB प्रोजेक्ट पर व्यापारियों का बड़ा विरोध
29 Jun, 2026 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया: रेल मंत्रालय द्वारा कटिहार और पूर्णिया रेलवे जंक्शन के बीच स्थित 13 नंबर रेलवे फाटक (गुमटी) पर बनाए जाने वाले प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी विरोध शुरू हो गया है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के खिलाफ क्षेत्र के व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों ने एकजुट होकर तीखा विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। लगभग 44.88 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बजट राशि से मंजूर हुई इस सरकारी योजना को लेकर स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि वे किसी भी तरह से क्षेत्र के आधुनिक विकास के खिलाफ नहीं हैं। हालांकि, उनका आरोप है कि बिना किसी पुख्ता और व्यावहारिक धरातलीय सर्वेक्षण के जनता पर थोपा जा रहा यह आधा-अधूरा ओवरब्रिज शहर के मुख्य और फलते-फूलते बाजार को पूरी तरह से तहस-नहस कर देगा।
बेलौरी बाजार पर मंडराया विस्थापन का खतरा, हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
स्थानीय नागरिक संगठनों और मुख्य व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने इस मामले पर एक सुर में चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि इस ओवरब्रिज के निर्माण की वजह से बेलौरी क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। पुल की जद में आने के कारण यहाँ सालों से जमे हजारों छोटे दुकानदारों, पटरी व्यवसायों, खुदरा विक्रेताओं और रोज कमाकर खाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के सामने सीधे तौर पर अपना आशियाना और रोजगार छिनने का डर पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अगर बिना सोचे-समझे इस योजना को जबरन आगे बढ़ाया गया, तो प्रभावित परिवारों के सामने गंभीर रूप से भरण-पोषण और भुखमरी की नौबत आ जाएगी, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एनएच फोरलेन की मंदी से अभी उबरे भी नहीं थे कि सरकार ने दे दिया एक और जख्म
इलाके के कारोबारियों ने अपनी पुरानी दिक्कतों का हवाला देते हुए बताया कि इससे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग 131-ए के फोरलेन निर्माण कार्य के समय भी इस पूरे क्षेत्र का व्यापार लंबे समय तक मंदी की चपेट में रहा था और कई दुकानदारों को भारी नुकसान और विस्थापन का दंश झेलना पड़ा था। पुराना घाव अभी पूरी तरह भरा भी नहीं था कि अब इस नए निर्माण कार्य से बची-कुची स्थानीय अर्थव्यवस्था की भी पूरी तरह से कमर टूट जाएगी। व्यापारिक संघों ने जिला प्रशासन और रेल विभाग से पुरजोर मांग की है कि किसी भी तरह की निर्माण गतिविधि शुरू करने से पहले यहाँ के जमीनी हालात को समझा जाए और छोटे दुकानदारों के पुनर्वास व उनके सुरक्षित भविष्य को लेकर कोई ठोस नीति बनाई जाए।
करोड़ों रुपये की फिजूलखर्ची का आरोप, ट्रैफिक जाम की समस्या को बताया नाममात्र
मामले को लेकर क्षेत्र के प्रबुद्ध और जिम्मेदार नागरिकों ने भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि इस समय 13 नंबर रेलवे गुमटी पर यातायात का ऐसा कोई भयावह या गंभीर संकट मौजूद ही नहीं है, जिसके समाधान के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई के 44.88 करोड़ रुपये पानी की तरह बहाकर ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए। लोगों का मानना है कि इस योजना पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने की बजाय रेलवे और स्थानीय प्रशासन को जनहित में अन्य जरूरी सार्वजनिक सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि सरकारी धन का सही इस्तेमाल हो सके और जनता की आजीविका भी सुरक्षित बनी रहे।
बोकारो में श्रद्धा का सैलाब, भगवान जगन्नाथ का महास्नान महोत्सव संपन्न
29 Jun, 2026 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बोकारो: बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर चार में स्थित प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। इस विशेष दिन भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र का अलौकिक महास्नान संपन्न हुआ, जिसके गवाह बनने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचने लगे थे। भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान के लिए सुंदर फूलों की मालाएं तैयार कीं और मुख्य पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रभु की विशेष आराधना की। पूरा मंदिर परिसर सुबह से ही शंखध्वनि और भक्तिमय भजनों से गुंजायमान रहा।
पहंडी विधि से स्नान मंडप पहुंचे भगवान, जयकारों से गूंजा पूरा परिसर
धार्मिक परंपराओं और तय रीति-रिवाजों के अनुसार, मंदिर के मुख्य पुरोहितों ने बेहद आदर और पवित्रता के साथ भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भ्राता बलभद्र को 'पहंडी विधि' के जरिए गर्भगृह से बाहर निकाला और भव्य स्नान मंडप में विराजमान कराया। इसके बाद सर्व-कल्याण की कामना के साथ सुगंधित और पवित्र जड़ी-बूटियों से युक्त 108 घड़ों के जल से तीनों विग्रहों को महास्नान कराया गया। इस अद्भुत और अलौकिक दृश्य को देखने के लिए मंदिर परिसर में आस्था का समंदर उमड़ पड़ा और जैसे ही महास्नान की प्रक्रिया शुरू हुई, वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर 'जय जगन्नाथ' के गगनभेदी जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
अनादि काल से चली आ रही परंपरा का हुआ निर्वहन, अब होंगे भाई-बहन बीमार
मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के इस महास्नान के बाद भगवान जगन्नाथ 15 दिनों के लिए 'अनासर' यानी एकांतवास में चले जाते हैं, जहां वे बीमार होने के कारण भक्तों को दर्शन नहीं देते। इस ऐतिहासिक और पारंपरिक आयोजन को लेकर बोकारो के स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा गया। मंदिर कमेटी की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे सभी भक्तों ने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक भगवान के इस पावन स्वरूप के दर्शन किए और पुण्य लाभ कमाया।
नया बिजली कनेक्शन लेने वालों को झटका, झारखंड में बढ़ीं कनेक्शन फीस
29 Jun, 2026 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड के शहरी इलाकों में अब नया बिजली कनेक्शन लेना आम जनता की जेब पर भारी पड़ने वाला है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने नए मीटर और कनेक्शन के लिए अपने नियमों में संशोधन करते हुए नई प्राइस लिस्ट जारी कर दी है। इस नए आदेश के तहत अब अगर कोई व्यक्ति शहर में एक किलोवाट का साधारण घरेलू कनेक्शन लेता है, तो उसे कुल 4825 रुपये की भारी-भरकम राशि चुकानी पड़ेगी। विभाग ने साफ कर दिया है कि यह बढ़ी हुई दरें 1 मई से ही प्रभावी कर दी गई हैं, जिसका सीधा असर अब आवेदन करने वाले हर नए उपभोक्ता पर पड़ेगा। इस कुल रकम में प्रोसेसिंग फीस, मीटर की जांच का खर्च, विभाग का सर्विस चार्ज और सिक्योरिटी डिपॉजिट का पूरा हिस्सा शामिल किया गया है।
लोड बढ़ने के साथ बढ़ता जाएगा आपका कुल खर्च
विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिजली का लोड जैसे-जैसे ऊपर जाएगा, उसी अनुपात में रिफंडेबल सिक्योरिटी मनी और कुल फीस भी बढ़ती चली जाएगी। साधारण सिंगल फेज घरेलू उपयोग के लिए अगर कोई 2 किलोवाट का कनेक्शन चुनता है, तो उसका बिल 8825 रुपये आएगा, जबकि 5 किलोवाट के लिए यह आंकड़ा 20,825 रुपये तक पहुंच जाएगा। वहीं दूसरी तरफ बड़े मकानों या ज्यादा बिजली की खपत वाले घरों के लिए मिलने वाले थ्री फेज कनेक्शन (6 किलोवाट से 10 किलोवाट) का रेट और भी ऊंचा रखा गया है। थ्री फेज के लिए सर्विस चार्ज को 375 रुपये से बढ़ाकर सीधे 741 रुपये कर दिया गया है। इसके चलते 6 किलोवाट के थ्री फेज कनेक्शन की शुरुआती लागत ही 25,191 रुपये बैठती है, जो 10 किलोवाट पर जाकर 41,191 रुपये हो जाती है।
बिचौलियों और फर्जीवाड़ा करने वालों से रहें सतर्क
बिजली विभाग के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने इस नए बदलाव के साथ ही जनता के लिए एक जरूरी चेतावनी भी जारी की है। उन्होंने कहा है कि नया मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ता सिर्फ और सिर्फ विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या दफ्तर के जरिए ही सही प्रक्रिया से आवेदन करें। दरअसल, कई इलाकों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि दलाल और बिचौलिए नया कनेक्शन जल्दी दिलवाने का झांसा देकर सीधे-सादे लोगों से तय सरकारी रेट से काफी ज्यादा पैसे ऐंठ रहे हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने सभी लोड के दाम सार्वजनिक कर दिए हैं ताकि कोई भी दलाल किसी उपभोक्ता को ठग न सके और किसी को भी निर्धारित शुल्क से अधिक एक भी रुपया न देना पड़े।
शहरी घरेलू उपभोक्ता दरें (सिंगल फेज)
लोड
आवेदन शुल्क
मीटर टेस्टिंग
सुरक्षा जमा
सर्विस चार्ज
कुल राशि
1 केवी
100 रुपए
100 रुपए
4250 रुपए
375 रुपए
4825 रुपए
2 केवी
100 रुपए
100 रुपए
8250 रुपए
375 रुपए
8825 रुपए
3 केवी
100 रुपए
100 रुपए
12250 रुपए
375 रुपए
12825 रुपए
4 केवी
100 रुपए
100 रुपए
16250 रुपए
375 रुपए
16825 रुपए
5 केवी
100 रुपए
100 रुपए
20250 रुपए
375 रुपए
20825 रुपए
शहरी घरेलू उपभोक्ता दरें (थ्री फेज)
LOAD
आवेदन शुल्क
मीटर टेस्टिंग
सुरक्षा जमा
सर्विस चार्ज
कुल राशि
6 केवी
100 रुपए
100 रुपए
24250 रुपए
741 रुपए
25191 रुपए
7 केवी
100 रुपए
100 रुपए
28250 रुपए
741 रुपए
29191 रुपए
8 केवी
100 रुपए
100 रुपए
32250 रुपए
741 रुपए
33191 रुपए
9 केवी
100 रुपए
100 रुपए
36250 रुपए
741 रुपए
37191 रुपए
10 केवी
100 रुपए
100 रुपए
40250 रुपए
741 रुपए
41191 रुपए
व्यावसायिक (कमर्शियल) कनेक्शन का नया प्राइस चार्ट
दुकानों, शोरूम या किसी भी तरह के कमर्शियल काम के लिए बिजली का नया कनेक्शन लेने की शर्तें और भी सख्त हैं। कमर्शियल कैटेगरी में शहरी क्षेत्र के भीतर न्यूनतम 1 किलोवाट के लोड का कुल खर्च 7645 रुपये तय हुआ है, क्योंकि इसमें सिक्योरिटी अमाउंट के तौर पर ही अकेले 7070 रुपये जमा कराए जा रहे हैं। इसी तरह कारोबारियों के लिए 5 किलोवाट लोड का कुल खर्च 35,925 रुपये और अधिकतम 10 किलोवाट लोड का कुल खर्च 71,641 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसकी पूरी क्रमानुसार जानकारी नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है।
LOAD
आवेदन शुल्क
मीटर टेस्टिंग
सुरक्षा जमा
सर्विस चार्ज
कुल राशि
1 केवी
100 रुपए
100 रुपए
7070 रुपए
375 रुपए
7645 रुपए
2 केवी
100 रुपए
100 रुपए
14140 रुपए
375 रुपए
14715 रुपए
3 केवी
100 रुपए
100 रुपए
21210 रुपए
375 रुपए
21785 रुपए
4 केवी
100 रुपए
100 रुपए
28280 रुपए
375 रुपए
28855 रुपए
5 केवी
100 रुपए
100 रुपए
35350 रुपए
375 रुपए
35925 रुपए
6 केवी
100 रुपए
100 रुपए
42420 रुपए
741 रुपए
43361 रुपए
7 केवी
100 रुपए
100 रुपए
49490 रुपए
741 रुपए
50431 रुपए
8 केवी
100 रुपए
100 रुपए
56560 रुपए
741 रुपए
57501 रुपए
9 केवी
100 रुपए
100 रुपए
63630 रुपए
741 रुपए
64571 रुपए
10 केवी
100 रुपए
100 रुपए
70700 रुपए
खाद्य तेल के गोदाम में लगी विकराल आग, 50 लाख से अधिक का सामान स्वाहा
29 Jun, 2026 08:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना सिटी। दीदारगंज थाना क्षेत्र के करमलीचक स्थित महुली रोड पर रविवार की आधी रात को एक तेल गोदाम में भीषण आग लग गई। डालडा, रिफाइंड और सरसों तेल के इस बड़े गोदाम में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते लपटों ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 22 छोटी-बड़ी गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब छह घंटे की भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में करीब 50 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर खाक होने का अनुमान है, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
आधी रात को आसमान में उठीं आग की लपटें
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात करीब 12:30 बजे गोदाम से अचानक धुएं का गुबार निकलता देखा गया। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत इसकी जानकारी अंदर मौजूद गार्ड को दी। तेल होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और उसकी लपटें दूर-दूर से दिखाई देने लगीं। शुरुआत में आपातकालीन नंबरों पर संपर्क न हो पाने के कारण थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन जैसे ही फायर कंट्रोल रूम को सूचना मिली, दमकल विभाग की टीमें तुरंत एक्शन में आ गईं।
पास ही मौजूद बैटरी स्टोर से और बढ़ी मुश्किल
दमकल अधिकारियों के अनुसार, आग की भयावहता को देखते हुए पटना और उसके आसपास के अलग-अलग फायर स्टेशनों से कुल 22 गाड़ियों को एक साथ मोर्चे पर लगाया गया। चुनौती तब और बढ़ गई जब आग की लपटें तेल गोदाम के पास ही बने एक बड़े बैटरी स्टोर तक पहुंच गईं। बैटरियों में आग लगने के कारण वहां लगातार ब्लास्ट होने का खतरा था, जिससे दमकल कर्मियों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ी। हालांकि, सूझबूझ दिखाते हुए आग को रिहायशी इलाकों और पड़ोसी गोदामों में फैलने से रोक लिया गया।
बिहार भर में होती थी सप्लाई, शॉर्ट सर्किट का शक
हादसे की खबर मिलते ही गोदाम मालिक भी रात में ही मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि इस मुख्य गोदाम से पूरे बिहार में खाद्य तेल की सप्लाई की जाती थी। आग लगने की सही वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में इसके पीछे शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पूरी सच्चाई विस्तृत टेक्निकल रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी। फिलहाल स्थानीय पुलिस भी मामले की छानबीन में जुट गई है।
एग्जाम सेंटर में फर्जी पहचान के साथ पहुंचा युवक, जांच में हुआ बड़ा खुलासा
29 Jun, 2026 07:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार में चल रही सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन और मुस्तैद अधिकारियों ने एक बड़ी गड़बड़ी को समय रहते नाकाम कर दिया है। शहर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के चैपमैन बालिका उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक युवक खुद को बायोमेट्रिक जांच कर्मचारी बताकर सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए अंदर दाखिल हो गया। हालांकि, उसकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी और जांच के दौरान अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
ऐसे खुली फर्जी कर्मचारी की पोल
परीक्षा केंद्र पर तैनात अधिकारियों को युवक की हरकतों पर शक हुआ, जिसके बाद अधिकृत कर्मियों (Authorized Staff) की लिस्ट से उसके आई-कार्ड का मिलान किया गया। सूची में नाम न होने पर उसकी पोल खुल गई। केंद्र पर हड़कंप मचते ही इसकी सूचना जिला प्रशासन और मिठनपुरा थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसकी पहचान जमुई जिले के रहने वाले जयप्रकाश कुमार के रूप में हुई है।
परीक्षा की गोपनीयता पर हो सकता था बड़ा हमला
केंद्राधीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) में इस बात का साफ जिक्र है कि परीक्षा के दौरान किसी बाहरी और अनधिकृत व्यक्ति का बायोमेट्रिक कर्मी बनकर अंदर घुसना एक गंभीर सुरक्षा चूक और परीक्षा की गोपनीयता के लिए बड़ा खतरा था। अधिकारियों का मानना है कि अगर समय रहते यह जालसाज नहीं पकड़ा जाता, तो वह परीक्षा में डिजिटल स्कैम, मुन्नाभाइयों को एंट्री दिलाने या अन्य बड़े कदाचार को अंजाम दे सकता था।
संगठित नकल गिरोह और 'अंदरूनी मदद' का शक
इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े और संगठित परीक्षा माफिया या सॉल्वर गैंग का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आरोपी को परीक्षा केंद्र के भीतर तक एंट्री कैसे मिली और क्या इस साजिश में केंद्र के किसी अंदरूनी व्यक्ति या कर्मचारी ने उसकी मदद की थी। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी कॉल डिटेल्स व व्हाट्सएप चैट्स के जरिए नेटवर्क खंगाला जा रहा है।
हाई-लेवल मॉनिटरिंग और विशेष टीम का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस की विशेष टीम और जिला आसूचना इकाई (DIU) संयुक्त रूप से इस रैकेट का पर्दाफाश करने में जुट गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही इस परीक्षा स्कैम से जुड़े कुछ बड़े चेहरों और गिरोह का खुलासा किया जा सकता है।
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सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
