बिहार-झारखण्ड
अस्पताल की लापरवाही उजागर, स्टाफ बना मूकदर्शक, परिजन कर रहे इलाज
3 Apr, 2026 09:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल, डीएमसीएच में गंभीर कुव्यवस्था सामने आई है। ऑर्थो विभाग में इलाज के दौरान मरीजों के परिजन खुद अपने बच्चों और मरीजों के हाथ-पैर के प्लास्टर काट रहे हैं। जबकि इसके लिए अस्पताल में स्टाफ और नर्स की नियुक्ति की गई है, लेकिन प्लास्टर काटने का काम मरीजों के परिजनों को थमा दिया गया है।
मरीजों के परिजन कर रहे हैं प्लास्टर काटने का काम
गुरुवार दोपहर को जब मुस्कान कुमारी अपने गोद में मासूम को लेकर ऑर्थो विभाग पहुंची, तो वहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें कहा कि “अपने हाथ से प्लास्टर काट लीजिए, फिर डॉक्टर देखेंगे।” यही उम्मीद लेकर वह खुद प्लास्टर काटने में लग गई। सिर्फ मुस्कान कुमारी ही नहीं, बल्कि आधा दर्जन से ज्यादा लोग अपने मरीजों के हाथ-पैर के प्लास्टर खुद काटते हुए देखे गए। खास बात यह है कि छोटे-छोटे बच्चों के प्लास्टर भी उनके पिता और परिजन ब्लेड से काट रहे थे।
खतरनाक है यह व्यवस्था
सोनू कुमार ने बताया कि ऑर्थो विभाग के बाहर ऐसी कई तस्वीरें देखने को मिलीं। जब परिजनों से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि “मैडम ने खुद कहा था कि प्लास्टर काट लीजिए।” इससे साफ है कि अस्पताल स्टाफ अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। प्लास्टर काटना तकनीकी काम है। इसमें कोई गलती मरीज के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ब्लेड के गलत इस्तेमाल से मरीज को दोबारा चोट लगने या संक्रमण फैलने का डर रहता है।
अस्पताल प्रशासन की चुप्पी
इस मामले पर डीएमसीएच के अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीशचंद्रा से बात करने की कोशिश की गई। उन्होंने मीडिया के सामने तस्वीर और वीडियो देख लिए, लेकिन प्रतिक्रिया देने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने पूरा मामला ऑर्थो विभागाध्यक्ष के पाले में डालते हुए कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी है।
सवाल खड़े करती है यह कुव्यवस्था
डीएमसीएच में ऐसी कुव्यवस्था मरीजों की सुरक्षा और अस्पताल की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। स्टाफ और अधीक्षक की निष्क्रियता के कारण मरीजों और उनके परिजनों को जोखिम उठाना पड़ रहा है।
स्टेज शो बना हंगामे का मैदान, भगदड़ से मची अफरा-तफरी
2 Apr, 2026 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। भोजपुरी गायक खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम के दौरान भारी बवाल, हंगामा और अफरा-तफरी मच गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद खेसारी लाल यादव को कार्यक्रम बीच में छोड़कर स्टेज से निकलना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
भाजपा के पूर्व मंत्री ने किया था कार्यक्रम का आयोजन
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में भाजपा के पूर्व मंत्री रामसूरत राय द्वारा आयोजित पशु मेले में बुधवार देर शाम यह घटना हुई। जिले के गरहा थाना क्षेत्र में चल रहे इस मेले में खेसारी लाल यादव का कार्यक्रम आयोजित था, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में भीड़ जुटी थी।
कार्यक्रम शुरू होती ही भीड़ हुई बेकाबू
जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ और उत्साह बढ़ा, भीड़ बेकाबू हो गई और स्थिति अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया गया।
नहीं हुआ कोई बड़ा हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान कई लोग मैदान में गिर पड़े और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। हालांकि, किसी के गंभीर रूप से घायल होने या हताहत होने की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवाल
इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस भीड़ को नियंत्रित करती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि इस मेले में अव्यवस्था का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी स्टेज पर ऑर्केस्ट्रा डांसरों के बीच मारपीट का एक वीडियो सामने आया था, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद आयोजन की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
रिश्तों का कत्ल: पति की हत्या के बाद शव को दूर फेंका
2 Apr, 2026 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया। जिले के कसबा और अमौर थाना क्षेत्रों के बीच एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और रिश्तों दोनों को शर्मसार कर दिया है। एक पत्नी ने अपने ही पति की गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को बोरी में भरकर करीब 10 किलोमीटर दूर फेंक दिया। मृतक की पहचान राधानगर वार्ड 09 के रहने वाले 40 वर्षीय उमेश सिंह के रूप में हुई है।
कीर्तन के शोर में रची गई साजिश
परिजनों के मुताबिक, गांव के मंदिर में अष्टयाम कीर्तन चल रहा था। लाउडस्पीकर और ढोल-नगाड़ों के तेज शोर का फायदा उठाकर उमेश की पत्नी सुनीता देवी ने अपने प्रेमी और साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। कीर्तन के शोर के कारण पड़ोसियों को उमेश की चीखें सुनाई नहीं दीं। हमलावरों ने तेज धार वाले दबिया से उमेश के चेहरे, गले और शरीर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घर में मिले खून के निशान, टंकी में छिपे सबूत
बुधवार सुबह जब उमेश के बड़े भाई महेश सिंह ने घर के आंगन और बाथरूम के पास खून के धब्बे देखे तो उन्हें शक हुआ। जब घर की तलाशी ली गई और बाथरूम की पानी की टंकी का ढक्कन खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। टंकी के अंदर खून से सना कंबल, बिछावन और हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार दबिया छिपाकर रखा गया था।
बोरी में बंद मिली लाश
इसी दौरान अमौर के पलसा पुल के पास बोरी में बंद एक बुरी तरह क्षत-विक्षत शव मिलने की खबर सोशल मीडिया पर फैल गई। परिजनों ने तस्वीर देखकर उमेश की पहचान की। हत्या के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से शव को बोरी में पैक किया और कसबा से करीब 10 किलोमीटर दूर अमौर थाना क्षेत्र के पलसा पुल के पास फेंक दिया। पुलिस का मानना है कि शव को इतनी दूर ले जाने में किसी वाहन का इस्तेमाल हुआ और इसमें कम से कम 2-3 लोग शामिल रहे होंगे।
पुलिस की कार्रवाई, आरोपी हिरासत में
अमौर थानाध्यक्ष अवधेश कुमार और कसबा पुलिस की संयुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पत्नी सुनीता देवी सहित दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इस मामले में त्वरित सुनवाई की तैयारी की जा रही है। फिलहाल पुलिस परिजनों से लिखित आवेदन का इंतजार कर रही है, ताकि मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा जा सके।
बेटे की मौत से टूटा पिता, शव देखकर फूट-फूटकर रोए
2 Apr, 2026 09:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवहर। जिले के तरियानी थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब मुंबई में चाकू के हमले में मारे गए युवक का शव गांव पहुंचा। जैसे ही पार्थिव शरीर बैद्यनाथपुर गांव में दाखिल हुआ, परिजनों का संचित दर्द एक पल में गुस्से की आग में तब्दील हो गया। शोक में डूबे परिवार के साथ ग्रामीण भी सड़क पर उतर आए और खाजेपुर पुल के पास शव को सड़क पर रखकर शिवहर-मुजफ्फरपुर स्टेट हाईवे को पूरी तरह बंद कर दिया। अचानक हुए इस जाम से सड़क के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दरअसल, यह मामला तीन दिन पुराना है। बैद्यनाथपुर गांव के तीन सगे भाई धीरज ठाकुर, नीरज ठाकुर और सूरज ठाकुर मुंबई में रोजी-रोटी कमाने गए थे। तभी अज्ञात हमलावरों ने चाकुओं से उन तीनों पर हमला कर दिया। इस हमले में बड़े भाई धीरज ठाकुर की मौके पर ही जान चली गई, जबकि नीरज और सूरज गंभीर रूप से घायल हो गए और अभी उनका इलाज जारी है। तीन भाइयों पर हुए इस कायराना हमले की खबर ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया था। गुरुवार को जैसे ही धीरज का शव घर पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया।
फूट-फूटकर रोए पिता
मृतक के पिता अवधेश ठाकुर फूट-फूटकर रोते हुए आरोप लगाया कि खाजेपुर निवासी मुकेश नामक व्यक्ति ने पुरानी दुश्मनी के चलते पैसे देकर उनके बेटे की हत्या करवाई है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके बेटे को इंसाफ मिले। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक आरोपियों की धरपकड़ नहीं होती, तब तक सड़क नहीं खुलेगी। तरियानी थाना अध्यक्ष विनय प्रसाद ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि हत्या मुंबई में हुई है इसलिए कानूनी कार्रवाई वहां की पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर शांति बनाए रखने और जाम खुलवाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
नालंदा कांड में तेजी, आरोपियों पर कसा शिकंजा
2 Apr, 2026 09:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नालंदा। जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में एक महिला की इज्जत को तार-तार करने और उसे निर्वस्त्र करने की कोशिश की दर्दनाक घटना सामने आई है। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है और लोग स्तब्ध हैं। इस मामले में जिला पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए अब तक दो मुख्य आरोपियों समेत कुल आठ उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर-2 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। 26 तारीख को हुई इस घटना के बाद 27 तारीख को मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अशोक यादव और मतलू महतो को पकड़ लिया। इसके बाद मंगलवार देर रात अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर छह और आरोपियों रंजन, सचिन, दशरथ, शैलेश, डोमन और सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने साफ कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75 और 76 के तहत केस दर्ज किया गया है। अब इसमें धारा 70 भी जोड़ी जा रही है और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर अदालत से त्वरित सुनवाई की मांग की जाएगी, ताकि दोषियों को आजीवन कारावास जैसी सख्त सजा दिलाई जा सके।
महिलाओं की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि भीड़ में शामिल कुछ महिलाएं आरोपियों को उकसा रही थीं। ऐसी एक महिला की पहचान कर ली गई है और उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस घटना का वीडियो साझा करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया मंचों पर वीडियो फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़िता की पहचान उजागर करना एक गंभीर अपराध है। इस मामले में कई मोबाइल फोन जब्त किए जा चुके हैं और जिन लोगों के सिम कार्ड हैं, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।
मीडिया से भी अपील, गांव में पुलिस तैनात
पुलिस ने मीडिया संस्थानों से भी अपील की है कि वे किसी भी हालत में वीडियो न दिखाएं, चाहे वह धुंधला ही क्यों न हो, क्योंकि इससे पीड़िता की पहचान सामने आ सकती है। फिलहाल गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पीड़िता की सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
राज्यसभा से पहले नीतीश कुमार को मिला हाई लेवल सुरक्षा कवच
2 Apr, 2026 08:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा जा रहे हैं। इस कारण उनकी सुरक्षा में फेरबदल किया गया है। अब सीएम नीतीश कुमार को जेड प्लस (Z+) श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इस संबंध में गृह विभाग ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को आदेश जारी कर दिया है। जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि उन्हें बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट-2000 के तहत सुरक्षा दी जाएगी, जो मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी जारी रहेगी। गृह विभाग की ओर से जारी पत्र में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का भी बताया गया है। बताया गया है कि वह राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर उच्च सदन की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस परिप्रेक्ष्य में उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई, जिसके बाद उन्हें जेड प्लस जैसी श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया।
इस कारण किया गया सुरक्षा घेरे में बदलाव
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अब तक बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट- 2000 के तहत सुरक्षा मिली हुई है। अब चुकी वह मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने वाले हैं, तो देश स्तर पर यात्राओं और संवेदनशीलता के मद्देनजर उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
10 अप्रैल को सदस्य के रूप शपथ लेंगे नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके लिए वह संभवतः 8 या 9 अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार अपनी राज्यसभा सदस्यता की शपथ 10 अप्रैल को ग्रहण करेंगे। इसके लिए नीतीश कुमार 8 या 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे। बता दें कि शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार अपने मुख्यमंत्री पद से 13 अप्रैल के बाद इस्तीफा दे सकते हैं।
वाहन में लगी भीषण आग, पूरी तरह जलकर खाक
2 Apr, 2026 07:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया-बोधगया। मुख्य मार्ग पर सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक चलती स्कॉर्पियो अचानक आग की चपेट में आ गई, लेकिन चालक की सतर्कता और स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस घटना ने वाहन चालकों को सतर्क रहने और समय रहते खतरे को पहचानने का संदेश दिया।
ड्राइवर की सतर्कता ने टाला बड़ा हादसा
जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो गया शहर से कुछ लोगों को लेकर बोधगया की ओर जा रही थी। रास्ते में ही ड्राइवर ने वाहन से धुआं निकलते देखा और तुरंत गाड़ी को सड़क किनारे रोक दिया। गाड़ी रुकते ही अंदर बैठे लोगों में हड़कंप मच गया। शुरुआत में गाड़ी का दरवाजा खोलने में दिक्कत हुई, जिससे कुछ पल के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, ड्राइवर और स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा खोला गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
गाड़ी जलकर खाक
दरवाजा खुलते ही आग ने तेजी से पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में स्कॉर्पियो पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब 10-15 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मौके पर पुलिस भी पहुंची और हालात को नियंत्रित करते हुए यातायात सामान्य किया।
हताहत नहीं, राहत की बात
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि आसपास के लोग भी सहम गए थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। अभी आग लगने का स्पष्ट कारण पता नहीं चला है, लेकिन प्रारंभिक आशंका तकनीकी खराबी जताई जा रही है।
भगदड़ मामले में सख्ती, अध्यक्ष-सचिव समेत 20 पर FIR दर्ज
1 Apr, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नालंदा। जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध मघड़ा स्थित श्री शीतला माता मंदिर में मंगलवार को पूजा के दौरान हुई भगदड़ ने एक बड़े हादसे का रूप ले लिया। भारी भीड़ और अव्यवस्था के बीच मची अफरा-तफरी में आठ महिलाओं समेत नौ की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना ने मंदिर प्रबंधन और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुई घटना?
पुलिस प्रतिवेदन के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 10 बजे की है। उस समय मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। आरोप है कि मंदिर के पंडा और पुजारियों द्वारा अवैध रूप से पैसे लेकर पूजा कराई जा रही थी और गर्भगृह के पास बांस लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया गया था। जब महिलाओं ने गर्भगृह में प्रवेश करने की कोशिश की, तो बांस से बने अवरोध के कारण अफरा-तफरी मच गई। भीड़ के दबाव में कई महिलाएं गिर गईं और उनके ऊपर से अन्य श्रद्धालु गुजरते चले गए, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया। सीसीटीवी फुटेज में यह भी सामने आया है कि पंडा समाज के कुछ लोगों द्वारा श्रद्धालुओं पर डंडे चलाए गए, जिससे भगदड़ और अधिक भड़क गई।
मृतकों की पहचान
इस हादसे में जान गंवाने वाली 8 महिलाओं की पहचान कांति देवी, मालो देवी, क्रियंता देवी, रीता देवी, देववंती देवी, रेखा देवी, गुड़िया देवी और आशा देवी के रूप में हुई है।
मंदिर प्रबंधन और पंडा समाज पर कार्रवाई
दीपनगर थाना की पुलिस अधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन के आधार पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष सहित 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि मंदिर समिति ने मेला या भीड़ प्रबंधन की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी थी। गर्भगृह के पास जानबूझकर अवरोध खड़ा किया गया, ताकि अवैध वसूली की जा सके। साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के बजाय श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की गई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह हादसा पूरी तरह कुप्रबंधन और लापरवाही का परिणाम है। मामले की जांच बिमलेश कुमार को सौंपी गई है। अब तक इस मामले में नामजद आरोपी अनुज कुमार पांडे, अवधेश कुमार मिश्रा, विवेकानंद पांडे और निरंजन कुमार पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
रिजल्ट से नाखुश छात्रों के लिए मौका, स्क्रूटनी प्रक्रिया आज से
1 Apr, 2026 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार बोर्ड (BSEB) ने 10वीं के रिजल्ट की दोबारा जांच (स्क्रूटिनी) के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं। जिन छात्रों को अपने नंबर कम लग रहे हैं या वे संतुष्ट नहीं हैं, वे अपनी कॉपियों की री-चेकिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया छात्रों को अपने अंकों की सही जांच का मौका देती है। बिहार बोर्ड 10वीं की कॉपी की स्क्रूटनी के लिए छात्र 1 से 7 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए matric.biharboardscrutiny.com या biharboardonline.com वेबसाइट पर जाना होगा। हर विषय के लिए 120 शुल्क देना होगा।
स्क्रूटनी में क्या-क्या होगा सुधार?
स्क्रूटनी के दौरान उत्तरपुस्तिका की पूरी जांच की जाती है। अगर अंदर के पन्नों के अंक मुख्य पेज पर नहीं चढ़ाए गए हैं, तो उन्हें सही किया जाएगा। अंकों के जोड़ में कोई गलती होने पर उसे भी ठीक किया जाएगा। इसके अलावा, अगर किसी प्रश्न या उसके किसी हिस्से की जांच नहीं हुई है, तो उसका मूल्यांकन करके अंक बढ़ाए जा सकते हैं।
स्क्रूटनी के बाद रिजल्ट और नियम
स्क्रूटनी के बाद अंक बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या पहले जैसे ही रह सकते हैं। यदि कोई छात्र दो विषयों में फेल है और उसने स्क्रूटनी के साथ कम्पार्टमेंट परीक्षा भी दी है, और स्क्रूटनी के बाद पास हो जाता है, तो उसी परिणाम को मान्य माना जाएगा, कम्पार्टमेंट परीक्षा का नहीं।
स्क्रूटनी के लिए कैसे करें आवेदन?
सबसे पहले बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
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एक फैसले ने बदली तस्वीर, गया के दो गांवों ने लिखी तरक्की की कहानी
1 Apr, 2026 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। जिले के एक छोटे से गांव ने वह कर दिखाया, जो अक्सर सरकारें भी वर्षों में नहीं कर पातीं। वर्ष 2014 में ग्रामीणों ने मिलकर शराबबंदी लागू की और आज यह गांव शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुधार की अनोखी मिसाल बन चुका है।
2014 में ही लागू कर दी शराबबंदी
बिहार में 2016 में लागू हुए शराबबंदी कानून से दो साल पहले ही गया जिले के बाकेंबाजार थाना क्षेत्र के बालासोत और हरिदासपुर गांव के लोगों ने ऐतिहासिक फैसला लिया था। वर्ष 2014 में ग्रामीणों ने महसूस किया कि शराब की वजह से लोग अपनी कमाई बर्बाद कर रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इसका परिणाम यह था कि गांव में अधिकतर लोग अशिक्षित रह गए थे।
युवाओं ने संभाली जिम्मेदारी
इस स्थिति को बदलने के लिए गांव के युवाओं ने पहल की और बुजुर्गों के साथ मिलकर एक मजबूत सामाजिक व्यवस्था बनाई। दोनों गांवों के लोगों ने मिलकर 21 सदस्यीय टीम का गठन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य शराबबंदी को सख्ती से लागू करना था। नियम साफ था कि जो भी व्यक्ति शराब पीकर गांव में आता, उसे पकड़कर दंडित किया जाता।
जुर्माने से हुआ विकास कार्य
दंड के तौर पर शराब पीने वालों से 100 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक जुर्माना वसूला जाता था। इस राशि का उपयोग सामाजिक कार्यों में किया गया। हरिदासपुर गांव में लगभग दो लाख रुपये की लागत से एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। इसके अलावा इस पैसे से गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद भी की जाती रही।
सरकारी कानून से पहले बना उदाहरण
जब वर्ष 2016 में बिहार सरकार ने राज्यभर में शराबबंदी लागू की, तब तक यह गांव इस दिशा में काफी आगे निकल चुका था। आज भी यहां बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। इसका असर यह हुआ कि गांव का सामाजिक माहौल पूरी तरह बदल गया है। अब युवा रोजगार और नौकरी की ओर बढ़ रहे हैं और हर घर के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
शिक्षा और शांति में बड़ा बदलाव
बालासोत गांव के युवा श्री यादव के अनुसार, वर्ष 2014 में ही गांव ने शराबबंदी का निर्णय लिया था। नियम के तहत पहली गलती पर 500 रुपये, दूसरी बार 1000 रुपये और अधिक हंगामा करने पर 2000 रुपये तक का जुर्माना तय किया गया। इस सख्ती का असर यह हुआ कि गांव में शांति का माहौल बनने लगा। पहले जहां झगड़े और जातीय तनाव की स्थिति रहती थी, वहीं अब लोग आपसी सद्भाव के साथ रहने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शराब पीने वाले लोग पुलिस से ज्यादा गांव के नियमों से डरते हैं।
रोजगार और शिक्षा में आई तेजी
शराबबंदी के बाद गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है। वर्ष 2014 से पहले जहां मुश्किल से एक युवक को नौकरी मिली थी, वहीं इसके बाद दर्जनों युवाओं को रोजगार मिला। गांव में जुर्माने की राशि से मंदिर निर्माण भी कराया गया है। करीब 300 घरों और 1200 की आबादी वाले इस गांव में अब शांति और विकास की नई तस्वीर देखने को मिल रही है।
गांव की पहल बनी प्रेरणा
गांव के युवा दिनेश कुमार के अनुसार, बिहार सरकार के शराबबंदी कानून से पहले ही गांव में यह नियम लागू कर दिया गया था। इसके बाद गांव में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला और शिक्षा का स्तर तेजी से बढ़ा। पहले जहां अधिकतर लोग अनपढ़ थे, वहीं अब लगभग हर घर शिक्षा से जुड़ चुका है। जुर्माने की राशि से हरिदासपुर गांव में मंदिर का निर्माण कराया गया और जरूरतमंदों की मदद भी की जाती है।
नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
गांव के युवा सुबेदार यादव ने बताया कि बालासोत और हरिदासपुर गांव में 21-21 लोगों की टीम बनाकर शराबबंदी को सख्ती से लागू किया गया। गांव में शराब पीना ही नहीं, बल्कि लाना भी पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया। नियम तोड़ने वालों को पकड़कर दंडित किया जाता था और उनसे माफी मंगवाई जाती थी, ताकि उनके परिवार और बच्चे बेहतर जीवन जी सकें।
सरकारी सहायता का इंतजार
शराबियों से वसूले गए जुर्माने की राशि से गांव में भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। हालांकि, सरकार द्वारा पूर्ण शराबबंदी वाले गांव को एक लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक यह राशि नहीं मिली है।
समाज चाहे तो बदलाव संभव
बालासोत और हरिदासपुर गांव आज इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि अगर समाज ठान ले, तो बदलाव संभव है। यह पहल न केवल शराबबंदी की सफलता की कहानी है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा भी है।
आज से महंगा हुआ सफर, बिहार में नए टोल रेट जारी
1 Apr, 2026 09:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। आज एक अप्रैल है। आज से कुछ ऐसे नियम लागू हो रहे हैं, जिनका हम सभी की रोजमर्रा की जिंदगी और वित्तीय लेन-देन पर सीधा असर पड़ेगा। इनमें से एक है टोल टैक्स। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने नये वित्तीय वर्ष के लिए टोल टैक्स की दरें पांच से दस रुपये तक बढ़ाई हैं। यह नई दरें 31 मार्च की मध्य रात्रि (एक अप्रैल) से लागू कर दी गई है। यानी बिहार में एनएचएआई के अंदर आने वाले सभी टोल प्लाजा पर लगभग दो प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स चुनाने होंगे। एनएचएआई की ओर जारी की गई नई दरों के अनुसार, पटना-बख्तियारपुर हाईवे स्थित दीदारगंज टोल प्लाजा पर तीन प्रतिशत अधिक टैक्स देना होगा। इसके तहत हल्के वाहन से 135 की जगह 140 रुपये, 24 घंटे के लिए 200 की जगह 210 रुपये, मासिक पास के लिए 4455 की जगह 4615 रुपये लिए जाएंगे। इसी तरह हल्के व्यवसायिक वाहनों से 210 रुपये, 24 घंटे के लिए 315 रुपये और मासिक पास के लिए 7040 रुपये देने होंगे। ट्रक और बस वालों को 425 रुपये, 24 घंटे के लिए 635 रुपये और मासिक पास के लिए 14115 रुपये टैक्स के रूप में देने होंगे।
कार-जीप वालों को एक तरफ की यात्रा के लिए 145 रुपये
वहीं मुजफ्फरपुर-बरौनी हाईवे पर मनियारी टोल पर केवल हल्के व छोटे वाहनों के एकल यात्रा के लिए टोल टैक्स में वृद्धि नहीं की गई है। 24 घंटे के अंदर हल्के व छोटो वाहन के दो तरफा यात्रा वाहन वालों को पांच रुपये अधिक देने होंगे। इधर, दरभंगा फोरलेने के मैठी टोल पर अलग-अलग वाहनों को एकल यात्रा के लिए पांच से 35 रुपये देने होंगे। वहीं सीतामढ़ी में रुन्नी टोल प्लाजा पर एकल यात्रा में पांच में 15 और दो तरफा यात्रा पर पांच से 30 रुपये की वृद्धि हुई है। इधर, दरभंगा-पूर्णिया हाईवे पर राजे टोल पर अलग-अलग वाहनों को एकल यात्रा के लिए पांच से 35 रुपये देने होंगे। यानी यहां पर कार-जीप व हल्के वाहन को एक तरफ की यात्रा के लिए 145 रुपये देने होंगे।
टोल प्लाजा पर अब कैश सुविधा पूरी तरह बंद
इतना ही नहीं टोल प्लाजा पर अब कैश सुविधा पूरी तरह बंद हो जाएगी। टोल टैक्स पर फास्टैग अथवा यूपीआई से भुगतान करना होगा। टोल से गुजरने वाले वाहन स्वामियों को फास्टैग, यूपीआई और क्यूआर कोड के माध्यम से ही भुगतान करना होगा। आइए इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
फास्टटैग एनुअल पास की कीमत में भी बढ़ोतरी
नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) ने फास्टैग एनुअल पास की कीमत में बढ़ोतरी का फैसला किया है। पिछले साल सरकार ने 3,000 रुपये का एक सालाना पास शुरू किया था, जिसकी कीमत अब 75 रुपये बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है। यह नया नियम देशभर के 1,150 से अधिक टोल प्लाजा पर लागू होगा। यह पास उन लोगों के लिए है जो अपनी निजी कार, जीप या वैन से बार-बार हाईवे पर आते-जाते हैं। वर्तमान में करीब 56 लाख लोग इस सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्हें अब रिन्यू कराते समय 75 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
स्कूल में खौफनाक वारदात, छात्र को जिंदा जलाने की कोशिश, बाल-बाल बचा
1 Apr, 2026 08:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। जिले के केवटी प्रखंड स्थित पचाढ़ी गांव के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रावास में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां आठवीं कक्षा के एक छात्र को सोते समय जलाकर मारने की कोशिश की गई। हालांकि छात्र की समय रहते नींद खुल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार, 30 मार्च की रात करीब 1:30 बजे नीलगिरी छात्रावास में सो रहे आठवीं के छात्र प्रत्यूष राज के शरीर पर अचानक गर्म चीज गिरने से उसकी नींद खुली। जागने पर उसने देखा कि उसके चारों तरफ आग लगी हुई है और उसका बिछावन जल रहा है।
हिम्मत दिखाकर खुद और साथियों को बचाया
घबराने के बावजूद प्रत्यूष ने साहस दिखाया और तुरंत कमरे से बाहर निकलकर अपने साथ सो रहे करीब 20 अन्य छात्रों को जगा दिया। सभी छात्रों ने मिलकर बाल्टी और मग की मदद से आग पर काबू पाया। तब तक मच्छरदानी पूरी तरह जल चुकी थी, जबकि कंबल, बेडशीट और गद्दा भी आंशिक रूप से जल गया था।
मौके से मिले सबूत, साजिश की आशंका
घटनास्थल से प्लास्टिक का जला हुआ टुकड़ा और माचिस की तीलियां बरामद हुई हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि आग जानबूझकर लगाई गई हो सकती है। घटना के समय छात्रावास का गेट अंदर से बंद था, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। घटना के बाद विद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्रशेन ने जांच कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी ने 10 से 12 छात्रों को चिन्हित किया है। फिलहाल प्रत्यूष राज और उसके भाई आयुष राज को उनके परिजन घर ले गए हैं। वहीं चिन्हित छात्रों को भी उनके अभिभावकों को बुलाकर जानकारी दी गई और उन्हें घर भेज दिया गया है।
पहले भी हो चुकी है गंभीर घटना
बताया जा रहा है कि इसी विद्यालय में कुछ महीने पहले आठवीं कक्षा के एक छात्र ने छात्रावास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जिससे काफी हंगामा हुआ था। ऐसे में एक साल के भीतर यह दूसरी बड़ी घटना होते-होते बची है, जिससे स्कूल प्रशासन भी सकते में है। घटना की सूचना मिलते ही छात्र के पिता अनिल कुमार, जो घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं, विद्यालय पहुंचे। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं।
पहले भी लगी थी आग
अनिल कुमार ने बताया कि 24 मार्च को भी उनके बेटे के बाथरूम के फॉल्स में आग लगी थी, जिसकी जानकारी उन्हें दी गई थी। इस मुद्दे पर 31 मार्च को स्कूल में बैठक तय की गई थी, जिसमें उन्हें बुलाया गया था। लेकिन बैठक से एक दिन पहले ही फिर उनके बेटे के बेड में आग लगाने की कोशिश की गई, जिससे पूरा परिवार चिंतित है।
प्राचार्य बोले- जांच जारी, रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्रशेन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग की है। जांच कमेटी ने 10 से 12 छात्रों को चिन्हित किया है और उन्हें अभिभावकों के साथ घर भेजा गया है ताकि उनके व्यवहार में सुधार हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल और छात्रावास में मोबाइल रखने की मनाही के बावजूद कमरे से तीन-चार मोबाइल फोन और माचिस की तीलियां बरामद की गई हैं। इससे प्रथम दृष्टया लगता है कि आग माचिस से ही लगाई गई है। इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट जिला अधिकारी को भेजी जाएगी।
शर्मनाक हरकत का वीडियो वायरल, पुलिस ने दो को दबोचा, एक फरार
1 Apr, 2026 07:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नालंदा। जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के एक गांव से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक विवाहिता के साथ सरेआम छेड़खानी की गई और विरोध करने पर उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।
शाम के समय रास्ते में घेरकर की हरकत
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 26 मार्च की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की है। पीड़िता किराने की दुकान से सामान लेकर अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे कुछ युवकों ने उसे घेर लिया और दुर्व्यवहार करने का प्रयास किया।
विरोध करने पर कपड़े फाड़े
जब महिला ने शोर मचाया और विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और उसे अर्धनग्न कर दिया। यह घटना इलाके में दहशत और आक्रोश का कारण बन गई है। ग्रामीणों के जुटने पर आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन भागने से पहले उन्होंने इस शर्मनाक घटना का वीडियो बना लिया। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। वायरल वीडियो में आरोपी महिला को भद्दी गालियां देते और प्रताड़ित करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
पीड़िता की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
इस मामले में पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर नूरसराय थाना में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सदर डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम ने गांव में छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों, अशोक यादव और मतलू महतो उर्फ नवनीत कुमार नरोत्तम को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, तीसरे नामजद आरोपी रविकांत कुमार की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
पहले यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स या लंबा सफर करना पड़ता था
31 Mar, 2026 01:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। दरभंगा और बेंगलुरु के बीच सीधी हवाई सेवा का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। अकासा एयर 5 अप्रैल से इस रूट पर अपनी सीधी फ्लाइट सेवा शुरू करेगी। इसके लिए टिकट बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। एयरलाइन के अनुसार यह उड़ान सप्ताह में सातों दिन संचालित होगी। फ्लाइट सुबह 9:40 बजे बेंगलुरु से उड़ान भरकर 12:15 बजे दरभंगा एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। इसके बाद यही विमान 12:50 बजे दरभंगा से बेंगलुरु के लिए रवाना होगा। इस नई सेवा को लेकर दरभंगा के भाजपा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी, क्योंकि पिछले कुछ समय से लोगों को सीधी उड़ान न होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही थी।
दरभंगा चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी इस पहल का स्वागत किया है। चैंबर के सचिव सुशील जैन ने बताया कि मिथिलांचल के बड़ी संख्या में छात्र तकनीकी शिक्षा के लिए बेंगलुरु जाते हैं और वहीं नौकरी भी करते हैं। ऐसे में इस सेवा से उनके आवागमन में काफी सुविधा होगी। गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से दरभंगा और बेंगलुरु के बीच स्पाइस जेट की सीधी उड़ान सेवा बंद थी, जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और बेतिया समेत आसपास के जिलों के बड़ी संख्या में लोग बेंगलुरु में काम करते हैं या पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में सीधी उड़ान सेवा शुरू होने से उनके लिए यात्रा आसान होने की उम्मीद है। दरभंगा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पवन सुरेका ने भी इस फैसले पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह सेवा लंबे समय से लोगों की मांग थी। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने यह भी बताया कि दरभंगा से अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी सीधी उड़ान सेवा शुरू करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
सिलिंडर की कमी और समय पर सप्लाई न मिलने से लोग नाराज
31 Mar, 2026 01:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में रसोई गैस सिलिंडर की किल्लत को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सिलिंडर मिलने में लगातार हो रही देरी से नाराज लोग मंगलवार को सड़क पर उतर आए। पटना एम्स के नजदीक नवादा मोड़ काली मंदिर के पास मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग गैस लेने पहुंचे थे। इसी दौरान जैसे ही गैस ट्रक के नहीं आने की सूचना मिली, लोगों का गुस्सा भड़क गया। बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस सिलिंडर लेकर सड़क पर बैठ गए और आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हंगामा कर रहे लोगों का कहना है कि उन्हें गैस बुकिंग का मैसेज तो मिल जाता है, लेकिन समय पर सिलिंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है। कई लोग सुबह से ही लाइन में खड़े थे, इसके बावजूद उन्हें सिलिंडर नहीं मिला। जब उपभोक्ता एजेंसी के गोदाम पर पहुंचे तो वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
नंबर आने के बावजूद नहीं मिल रहा सिलिंडर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर कुछ दिनों पर ऐसी स्थिति बन जाती है। नंबर आने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिलना आम बात हो गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिचौलिये जमकर मनमानी कर रहे हैं और कई जगहों पर चोरी-छिपे ऊंचे दामों पर गैस सिलिंडर बेचे जा रहे हैं, जबकि आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल रही है। पटना में गैस नहीं मिलने पर लोगों ने सड़क पर उतरकर किया हंगामा
लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गई पुलिस
सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गई। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन उपभोक्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे और व्यवस्था में सुधार की मांग करते रहे। लोगों ने प्रशासन से गैस वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि आम उपभोक्ताओं को बार-बार इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, गैस एजेंसी के प्रबंधक से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।
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