बिहार-झारखण्ड
लूट और फायरिंग के आरोपी पर STF का शिकंजा, लंबे समय बाद गिरफ्तारी
26 Jun, 2026 07:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी: बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले छह वर्षों से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे शातिर और कुख्यात अपराधी गुड्डु कुमार को एसटीएफ की विशेष टीम ने धर दबोचा है। आरोपी साल 2020 में अंजाम दिए गए एक बड़े लूटपाट और गोलीबारी के मामले के बाद से लगातार अंडरग्राउंड चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस लंबे समय से खाक छान रही थी।
पूर्वी चंपारण में छापेमारी कर दबोचा गया आरोपी
गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने जाल बिछाया और 24 जून को पूर्वी चंपारण जिले के डुमरियाघाट थाना क्षेत्र में एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने घेराबंदी करके गुड्डु कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हुस्सेपुर पंचरुखिया गांव के निवासी प्रमोद राय का बेटा है।
साल 2020 के सनसनीखेज कांड का मुख्य आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दिसंबर 2020 में साहेबगंज थाना क्षेत्र के चिकनौटा इलाके में एक वारदात हुई थी। यहाँ पूर्वी चंपारण के रहने वाले अखिलेश कुमार को कुछ बदमाशों ने रास्ते में रोक लिया था। आरोपियों ने अखिलेश पर चाकू से जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया और उनसे ₹9,000 व जरूरी कागजात लूट लिए थे। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग भी की थी। इस वारदात के बाद से ही गुड्डु कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
लूट, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट समेत 8 केस दर्ज
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि गुड्डु कुमार कोई मामूली अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के अलग-अलग थानों में संगीन धाराओं के तहत कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में रंगदारी, लूटपाट, धोखाधड़ी और अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए काफी समय से उसकी गिरफ्तारी की कोशिशें की जा रही थीं।
नेटवर्क खंगालने और सहयोगियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस
सफलतापूर्वक गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आरोपी से सघन पूछताछ की है। सभी जरूरी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे स्थानीय थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस प्रशासन अब गुड्डु कुमार के पूरे क्रिमिनल सिंडिकेट (अपराधिक नेटवर्क) को खंगालने में जुटा है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि फरार रहने के दौरान उसे किन लोगों ने पनाह दी थी, और उसके गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गोड्डा में बड़ी कार्रवाई, फर्जी कागजात तैयार करने वाले गिरोह का सरगना दबोचा गया
25 Jun, 2026 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले में फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के खिलाफ स्थानीय पुलिस का ताबड़तोड़ अभियान जारी है। मुफस्सिल थाना पुलिस ने इस रैकेट के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त उत्कृष्ट राठौर उर्फ दीपक को गोड्डा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि बीते 21 जून को दर्ज मामले के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है।
सह-आरोपी हेमंत की निशानदेही पर गोड्डा के सोनारचक में पुलिस ने मारा छापा
थाना प्रभारी के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब सदर प्रखंड के पहाड़िया टोला गांव से हेमंत कुमार साह नामक व्यक्ति को जाली दस्तावेज बनाने के आरोप में पकड़ा गया था। नवरोत्तमपुर के पंचायत सचिव उत्तम कुमार घोष की लिखित शिकायत पर पुलिस ने कांड संख्या 79/26 दर्ज कर हेमंत को न्यायिक हिरासत में भेजा था। जेल में बंद हेमंत से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने गोड्डा जिले के पथरगामा थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनारचक में छापेमारी कर मुख्य सूत्रधार उत्कृष्ट राठौर को धर दबोचा।
साइबर कैफे और सॉफ्टवेयर का खेल: गांव से कलेक्ट होते थे पैसे और कागजात
गिरोह के काम करने के तौर-तरीकों का खुलासा करते हुए मुफस्सिल थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी हेमंत कुमार साह ग्रामीण इलाकों से सीधे-साधे लोगों को झांसा देकर उनसे दस्तावेज और मोटी रकम वसूल करता था। वह इन जानकारियों को गोड्डा में बैठे उत्कृष्ट को भेज देता था। इसके बाद, उत्कृष्ट एक विशेष कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए हूबहू दिखने वाले फर्जी डिजिटल दस्तावेज तैयार करता था और साइबर कैफे से उसका प्रिंट निकालकर हेमंत को दे देता था, जिसे ग्रामीणों में बांट दिया जाता था।
ठगी से परेशान ग्रामीणों ने चालाकी से बिछाया था जाल, पिटाई के बाद किया था पुलिस के हवाले
उल्लेखनीय है कि हिरणपुर प्रखंड के बागशीशा गांव निवासी हेमंत कुमार साह ने पहाड़िया टोला के भोले-भाले ग्रामीणों से जन्म प्रमाण पत्र, जाति, निवास तथा अन्य जरूरी पहचान पत्र बनाने के नाम पर हजारों रुपये की ठगी की थी। पैसे लेने के बाद वह फरार हो गया था। परेशान ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए गांव के कुछ अन्य लोगों का प्रमाण पत्र बनवाने के बहाने हेमंत को दोबारा गांव बुलाया। जैसे ही वह गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़कर सबक सिखाया और तुरंत मुफस्सिल थाना पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस फिलहाल इस रैकेट में शामिल अन्य तकनीकी एक्सपर्ट्स और स्थानीय दलालों की तलाश में जुटी है।
छात्रों के अकादमिक सुधार पर फोकस, DSPMU में विशेष रिमेडियल क्लास शुरू होगी
25 Jun, 2026 04:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में लंबे अंतराल के बाद कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर की अध्यक्षता में सिंडिकेट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, वित्तीय और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई संवेदनशील और अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान विभिन्न समितियों द्वारा पूर्व में लिए गए नीतिगत निर्णयों की समीक्षा की गई और उन्हें सर्वसम्मति से आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की गई। सिंडिकेट की इस मंजूरी के बाद अब विश्वविद्यालय के विकासात्मक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
फाइनेंस कमेटी और एकेडमिक काउंसिल के प्रस्ताव पास; छात्र हित में लिया गया बड़ा फैसला
बैठक के एजेंडे के तहत सबसे पहले एकेडमिक काउंसिल की अनुशंसाओं और प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया, जिन्हें सिंडिकेट ने अपनी हरी झंडी दे दी। इसके साथ ही, फाइनेंस कमेटी द्वारा प्रस्तुत किए गए बजटीय और वित्तीय प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इस बैठक की सबसे बड़ी मुख्य विशेषता विद्यार्थियों के हितों से जुड़ा एक ऐतिहासिक निर्णय रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक सहायता के लिए एक विशेष योजना तैयार की है, जो पढ़ाई में किन्हीं कारणों से पिछड़ रहे हैं या अपनी परीक्षाओं में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा अतिरिक्त मार्गदर्शन, कुलपति बोले— 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही हमारा लक्ष्य'
विश्वविद्यालय की इस नई पहल के तहत सिंडिकेट ने पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए 'रिमेडियल क्लास' (विशेष सुधारात्मक कक्षाएं) संचालित करने के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इन कक्षाओं के जरिए छात्रों को कठिन विषयों को आसानी से समझने और अपनी शैक्षणिक कमियों को समय रहते दूर करने का अवसर मिलेगा।
कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर ने इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य केवल परीक्षाएं संपन्न कराना और डिग्री बांटना नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराना है। रिमेडियल क्लास शुरू होने से उन छात्रों को सीधा फायदा होगा जिन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन की आवश्यकता है। इससे न केवल विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर में सुधार होगा, बल्कि आगामी परीक्षा परिणाम भी बेहतर होंगे।
सुदृढ़ होगी शैक्षणिक व्यवस्था, बैठक में मौजूद रहे सिंडिकेट सदस्य व अधिकारी
इस महत्वपूर्ण सिंडिकेट बैठक में विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों, सिंडिकेट सदस्यों और विभिन्न संकायों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। विश्वविद्यालय प्रशासन का दृढ़ विश्वास है कि एकेडमिक काउंसिल और फाइनेंस कमेटी के इन निर्णयों से संस्थान की पूरी प्रशासनिक व शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। विश्वविद्यालय आने वाले समय में भी छात्र-हितैषी और प्रगतिशील वातावरण तैयार करने की दिशा में निरंतर काम करता रहेगा।
लंबे पावर कट के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे नाराज लोग
25 Jun, 2026 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाजीपुर। बिदुपुर पावर सब-स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में पिछले 36 घंटों से लगातार जारी बिजली कटौती ने स्थानीय लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। चिलचिलाती गर्मी और भारी उमस से बेहाल ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार सुबह फूट पड़ा। बिजली और पानी की भारी किल्लत से आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने बिदुपुर सब-स्टेशन के नजदीक पहुंचकर हाजीपुर-महनार मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच टायर जलाकर बिजली विभाग के खिलाफ उग्र नारेबाजी की, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
अफसरों ने काटे फोन; बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि करीब डेढ़ दिन से बिजली गायब होने के कारण घरों में लगे इनवर्टर और बैटरियां पूरी तरह बैठ चुकी हैं। बिजली न होने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिसके चलते टंकियां खाली हो गई हैं और इलाके में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस नारकीय स्थिति के बीच सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। लोगों ने बताया कि समस्या की शिकायत के लिए जब उन्होंने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) से लेकर सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) तक को फोन मिलाए, तो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कॉल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।
दो घंटे तक लगा रहा वाहनों का लंबा जाम, पुलिस की समझौता वार्ता के बाद खुला रास्ता
सुबह करीब 9:30 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन सुबह 11:30 बजे तक यानी पूरे दो घंटे तक जारी रहा। इस दौरान मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसमें कई एम्बुलेंस, स्कूली बसें और राहगीर भीषण गर्मी में फंसे रहे। हंगामे और आगजनी की सूचना मिलते ही बिदुपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और बिजली विभाग के आला अफसरों से बात कर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल कराने का पुख्ता आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया।
ग्रामीणों का अल्टीमेटम; सप्लाई नॉर्मल नहीं हुई तो फिर होगा उग्र आंदोलन
जाम खोलने के बाद भी स्थानीय निवासियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और बिजली कंपनी को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले दो घंटे के भीतर बिजली और पानी की आपूर्ति को सुचारू नहीं किया गया, तो वे दोबारा सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। उपभोक्ताओं का साफ कहना है कि यदि उनकी जायज मांग को अब भी अनसुना किया गया, तो इस बार आंदोलन और ज्यादा उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
DMCH में खराब प्रदर्शन से बढ़ी चिंता, 40% से ज्यादा छात्र फेल
25 Jun, 2026 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। उत्तर बिहार के प्रतिष्ठित दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ MBBS 2021 बैच के फाइनल ईयर के परीक्षा परिणाम ने सबको चौंका दिया है। इस मुख्य परीक्षा में शामिल हुए कुल 121 छात्र-छात्राओं में से 48 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण (फेल) हो गए हैं, जबकि 4 अन्य छात्रों का रिजल्ट फिलहाल पेंडिंग (लंबित) रखा गया है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में भावी डॉक्टरों के फेल होने से कॉलेज प्रशासन सख्ते में है और पूरे कैंपस में यह मामला गरमाया हुआ है। इस परिणाम के बाद केवल 69 छात्र ही सफलतापूर्वक परीक्षा पास कर सके हैं।
निराश न हों छात्र, 17 जुलाई से शुरू होगी सप्लीमेंट्री परीक्षा
परीक्षा में असफल रहे छात्रों को डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक और मौका देने का निर्णय लिया है। फेल हुए छात्रों के लिए आगामी 17 जुलाई से 5 अगस्त के बीच सप्लीमेंट्री (पूरक) परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष परीक्षा में पास होकर छात्र अपनी मेडिकल की डिग्री पूरी कर सकेंगे।
आज से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, प्रिंसिपल ने दी अहम जानकारी
इस सप्लीमेंट्री परीक्षा में बैठने के लिए योग्य छात्रों को 25 जून से 8 जुलाई के बीच अपना परीक्षा फॉर्म भरना होगा। DMCH के प्रिंसिपल डॉ. उमेशचंद्र झा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य परीक्षा में असफल रहे छात्रों के लिए इस आगामी परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया आज यानी 25 जून से ही शुरू की जा रही है।
शैक्षणिक व्यवस्था पर उठे सवाल, साख बचाने की चुनौती
एक साथ लगभग एक-तिहाई से ज्यादा छात्रों के फेल होने के बाद अब दरभंगा मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई और आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। यह चौंकाने वाला नतीजा छात्रों और अभिभावकों के बीच गहरी चिंता और बहस का विषय बना हुआ है। फिलहाल, कॉलेज प्रशासन का पूरा ध्यान सप्लीमेंट्री परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और छात्रों को बेहतर तैयारी के साथ दूसरा अवसर देने पर टिका है।
पटना में संपत्ति मालिकों की बढ़ी टेंशन, निगम ने बढ़ाया वार्षिक किराया मूल्य
25 Jun, 2026 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी पटना में रहने वाले मकान मालिकों और जमीन-जायदाद के मालिकों के लिए एक जरूरी और जेब पर असर डालने वाली खबर है। पटना नगर निगम क्षेत्र के तहत आने वाली सभी तरह की संपत्तियों के वार्षिक किराया मूल्य (एनुअल रेंटल वैल्यू) में 15 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। इस फैसले के बाद अब शहरवासियों को पहले के मुकाबले ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना होगा। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद पटना नगर निगम ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। टैक्स की ये संशोधित दरें 24 जून 2026 से ही पूरे निगम क्षेत्र में लागू मानी जाएंगी। आपको बता दें कि पटना में साल 1995 के बाद, यानी करीब 31 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार टैक्स की दरों में ऐसा बदलाव किया गया है।
क्यों लिया गया टैक्स बढ़ाने का यह फैसला?
बिहार नगरपालिका कानून, 2007 की धारा 127 के नियमों के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों की होल्डिंग्स के लिए प्रति वर्ग फुट कवर्ड एरिया का किराया मूल्य हर 5 साल में कम से कम 15 प्रतिशत बढ़ाना कानूनी रूप से जरूरी है। इस कानून के मुताबिक, नगर निकाय राज्य सरकार से पहले अनुमति लेकर इस 5 साल की अवधि के दौरान भी दरों को संशोधित कर सकते हैं। पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति और निगम पार्षदों ने इस 15% की वृद्धि को लेकर वर्ष 2021 में ही अपनी सहमति दे दी थी, जिसे अब सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद धरातल पर उतारा गया है।
विकास कार्यों और जन-सुविधाओं में होगा सुधार
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि दरों में इस बदलाव से निगम की कमाई (राजस्व) में अच्छा-खासा इजाफा होगा। टैक्स के जरिए आने वाले इस अतिरिक्त बजट का इस्तेमाल पटना शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से जलजमाव (वॉटरलॉगिंग) की समस्या को दूर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करना, नई सड़कों का निर्माण, आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाना और साफ-सफाई की व्यवस्था को और मजबूत करना शामिल है।
30 जून तक भुगतान करने पर मिलेगी विशेष राहत
बढ़े हुए टैक्स के बीच पटना नगर निगम ने ईमानदार करदाताओं को एक छोटी सी राहत भी दी है। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जो भी प्रॉपर्टी मालिक आने वाली 30 जून 2026 तक अपने संपत्ति कर का एकमुश्त (पूरा) भुगतान कर देंगे, उन्हें नगर निगम की तरफ से कुल टैक्स राशि पर 5 प्रतिशत की खास छूट दी जाएगी। लोग इस टैक्स को ऑनलाइन डिजिटल माध्यमों या ऑफलाइन काउंटर पर जाकर जमा कर सकते हैं।
गांधी मैदान से पटना सिटी जाने वालों के लिए जरूरी खबर, 26-27 जून को बदलेगा रूट
25 Jun, 2026 08:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी पटना में अगले दो दिनों, यानी शुक्रवार और शनिवार को यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मुहर्रम की 10वीं तारीख (यौमे आशूरा) और उसके अगले दिन होने वाले पहलाम के मद्देनजर शहर के कई प्रमुख रास्तों पर आम गाड़ियों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की एंट्री बंद रहेगी। अलग-अलग इलाकों से निकलने वाले पारंपरिक ताजिया जुलूसों और उनमें उमड़ने वाली अकीदतमंदों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इसके तहत गांधी मैदान से लेकर पटना सिटी तक जाने वाले अशोक राजपथ पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है। इसके अलावा, शहर में भारी वाहनों (ट्रक आदि) के प्रवेश के लिए भी सख्त रूट डायवर्जन लागू किया गया है।
अशोक राजपथ बंद रहने पर इस वैकल्पिक रास्ते से गुजरेंगी गाड़ियां
गांधी मैदान के कारगिल चौक से पटना सिटी की तरफ जाने वाले अशोक राजपथ के हिस्से पर आम गाड़ियां नहीं चल सकेंगी। शुक्रवार और शनिवार को वाहनों को कारगिल चौक से उद्योग भवन के बगल से होते हुए बाकरगंज मोड़ और फिर राम गुलाम चौक की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। यहाँ से गाड़ियां एग्जीबिशन रोड फ्लाईओवर के रास्ते कंकड़बाग ओल्ड बाइपास पकड़कर पटना सिटी की ओर जा सकेंगी।
आमतौर पर वन-वे रहने वाले बाकरगंज वाले रास्ते पर इन दो दिनों के लिए नियम बदल दिए गए हैं। अब अशोक राजपथ से इस ओर एंट्री नहीं मिलेगी। वहीं, पटना सिटी की तरफ से आने वाली सभी गाड़ियां सिटी चौक मोड़ से अगमकुआं होते हुए कंकड़बाग ओल्ड बाइपास या गायघाट के रास्ते मुख्य शहर में आ सकेंगी। इस दौरान महेंद्रू से बाकरगंज के बीच कदमकुआं और आर्यकुमार रोड जैसी लिंक रोड से निकलने वाली छोटी गाड़ियां ही निचली सड़क का इस्तेमाल कर पाएंगी। बारीपथ से सब्जीबाग, जीएम रोड, खजांची रोड और रमना रोड होकर अशोक राजपथ पर जाने वाले रास्तों को भी बंद रखा जाएगा।
एम्स और फुलवारीशरीफ रूट पर कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री बैन
चूंकि पटना एम्स और इमारत-ए-शरिया की तरफ जाने वाला फुलवारीशरीफ का रास्ता बेहद व्यस्त रहता है, इसलिए मुहर्रम के जुलूसों के दौरान यहाँ जाम लगने की सबसे ज्यादा आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने नौबतपुर से एम्स, फुलवारीशरीफ होते हुए अनीसाबाद गोलंबर तक सभी प्रकार के भारी और कमर्शियल वाहनों के चलने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
इसी तरह, पटना जीरो माइल से बेउर मोड़ होते हुए अनीसाबाद या फुलवारीशरीफ की तरफ भी भारी वाहन नहीं जा सकेंगे। इन दो दिनों के लिए जीरो माइल से आने वाले ट्रकों और भारी वाहनों को बेलदारीचक, बिहटा-सरमेरा रोड, नौबतपुर, बिहटा और बिक्रम के रास्ते से आगे के लिए रवाना किया जाएगा। आम जनता को सलाह दी गई है कि वे असुविधा से बचने के लिए इन दो दिनों में निर्धारित रूटों का ही इस्तेमाल करें।
रोजगार सृजन पर फोकस, हजारों युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
24 Jun, 2026 05:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को विकास आयुक्त-सह-अध्यक्ष, राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद् मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 68वीं उच्च स्तरीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के भीतर नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने, व्यापारिक माहौल को सुगम बनाने और बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए विभिन्न औद्योगिक प्रस्तावों पर गहन मंथन किया गया।
36 बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली स्टेज-1 क्लीयरेंस; करोड़ों के फंड मंजूर
बिहार में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बोर्ड ने इस बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। इसके तहत:
स्टेज-1 क्लीयरेंस: राज्य में कुल 1,628.60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 36 महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस (शुरुआती मंजूरी) दे दी गई है।
वित्तीय स्वीकृति: इसके अतिरिक्त, 07 अन्य चालू परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए 44.89 करोड़ रुपये की अंतिम वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की गई।
बोर्ड का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स के शुरू होने से न केवल बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
निवेशकों के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम और पारदर्शिता पर जोर
बैठक के दौरान राज्य में निवेश की प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध (टाइम-बाउंड) बनाने पर विशेष रणनीति तैयार की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा की कि उद्योगपतियों और निवेशकों को जमीन आवंटन या अन्य सरकारी स्वीकृतियों के दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को कैसे तुरंत दूर किया जाए। इसके लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और डिजिटल मॉनिटरिंग को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया है।
उद्योग-अनुकूल नीतियां और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर देने की प्रतिबद्धता
समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि बिहार को देश के अन्य विकसित राज्यों की तरह एक प्रतिस्पर्धी और उद्योग-अनुकूल (इन्वेस्टर-फ्रेंडली) राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए नीतियां बदली जा रही हैं। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य निवेशकों को विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाएं (इन्फ्रास्ट्रक्चर), बिजली की निर्बाध आपूर्ति और सुगम प्रशासनिक प्रक्रियाएं उपलब्ध कराना है, ताकि देश-विदेश की बड़ी कंपनियां बिहार का रुख कर सकें।
राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
इन स्वीकृत परियोजनाओं के धरातल पर आने से बिहार के आर्थिक और औद्योगिक आधार को एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई गई है। बुनियादी ढांचा मजबूत होने से न केवल पलायन रुकेगा, बल्कि राज्य के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी होगी। सरकार का अंतिम लक्ष्य बिहार को पूर्वी भारत के एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित करना है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके।
जमुई में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन, दिग्विजय सिंह को सीएम सम्राट चौधरी ने किया नमन
24 Jun, 2026 02:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमुई: बिहार के कद्दावर नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और बांका के पूर्व सांसद स्वर्गीय दिग्विजय सिंह की 16वीं पुण्यतिथि बुधवार को जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत नयागांव स्थित नागी-नकटी कटहरा नदी तट पर अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस मौके पर आयोजित विशेष स्मृति सभा में बिहार सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों, शीर्ष जनप्रतिनिधियों, उनके प्रशंसकों और हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया।
समाधि स्थल पर पहुंचे बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री और कई मंत्री
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान जुटे गणमान्य लोगों और नेताओं ने स्वर्गीय दिग्विजय सिंह के समाधि स्थल पर जाकर पुष्प चक्र अर्पित किए और उनकी स्मृतियों को नमन किया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने उनके अद्वितीय राजनीतिक सफर, लोक-कल्याणकारी कार्यों और क्षेत्र के विकास के प्रति उनके समर्पण को याद किया।
इस राजकीय गरिमा वाले कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल, परिवहन मंत्री दामोदर रावत और जमुई के वर्तमान सांसद अरुण भारती समेत कई दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।
पुतुल कुमारी और मंत्री श्रेयसी सिंह ने जताया आभार
इस भावुक क्षण पर स्वर्गीय दिग्विजय सिंह की धर्मपत्नी व पूर्व सांसद पुतुल कुमारी और उनकी पुत्री व बिहार सरकार की खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। दोनों ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी आगंतुकों और जनता का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने स्वर्गीय दिग्विजय सिंह के सिद्धांतों, आदर्शों और जनसेवा के अधूरे सपनों को निरंतर आगे बढ़ाने का अपना दृढ़ संकल्प दोहराया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम; चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस
हाई-प्रोफाइल नेताओं के आगमन को देखते हुए जमुई जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और साजो-सामान के व्यापक प्रबंध किए गए थे। कार्यक्रम स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे, जबकि पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद रखी गई थी। सुबह से ही लोगों का समाधि स्थल पर तांता लगना शुरू हो गया था। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल खुद कार्यक्रम के अंत तक मुस्तैद रहकर हर गतिविधि की निगरानी कर रहे थे।
भरत तिवारी मामले पर मौन रहे सम्राट चौधरी
समारोह के दौरान जब मीडिया कर्मियों ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से हालिया चर्चा में रहे भरत तिवारी मामले को लेकर सवाल पूछने का प्रयास किया, तो उन्होंने इस विषय पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रखी और बिना कोई टिप्पणी किए जमुई से प्रस्थान कर गए। पूरा आयोजन बेहद शांतिपूर्ण और गरिमामयी माहौल में संपन्न हुआ, जहां हर किसी ने नम आंखों से अपने जनप्रिय नेता को याद किया।
बिहार में बड़ा प्रशासनिक फैसला, जगदीशपुर SDPO पद से हटे राजेश शर्मा
24 Jun, 2026 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा: भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए बहुचर्चित भरत भूषण तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में राज्य सरकार ने एक और बड़ा और कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। इस घटना के बाद से लगातार आम जनता के भारी विरोध और चौतरफा दबाव का सामना कर रहे जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राजेश कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, अब उन्हें अगले आदेश तक के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना में अटैच (संबद्ध) कर दिया गया है। इस कदम को महकमे के भीतर एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
पंकज कुमार मिश्रा बने जगदीशपुर के नए एसडीपीओ
राजेश कुमार शर्मा को पद से हटाए जाने के बाद सरकार ने जगदीशपुर अनुमंडल की कमान एक तेज-तर्रार अधिकारी को सौंपने का फैसला किया है। मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग के साथ-साथ राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, बिहार) में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर तैनात पंकज कुमार मिश्रा को तत्काल प्रभाव से जगदीशपुर का नया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) नियुक्त किया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि उनकी तैनाती से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था में सुधार होगा।
पुलिस मुख्यालय का सख्त रुख: 'बिना वक्त गंवाए संभालें कार्यभार'
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में दोनों अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है। हटाए गए एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को बिना किसी देरी के फौरन पटना मुख्यालय में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। वहीं, नए अधिकारी पंकज कुमार मिश्रा को अविलंब जगदीशपुर पहुंचकर अपनी नई जिम्मेदारी संभालने और इसकी अनुपालन रिपोर्ट जल्द से जल्द मुख्यालय को भेजने को कहा गया है।
हत्या की एफआईआर में नामजद थे तत्कालीन एसडीपीओ
गौरतलब है कि कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की मां ने स्थानीय थाने में हत्या की एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। इस एफआईआर में तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को सीधे तौर पर नामजद आरोपी बनाया गया था। केस दर्ज होने के बाद से ही उन पर गाज गिरना तय माना जा रहा था। सरकार के इस ताजा फैसले से यह साफ संकेत गया है कि इस संवेदनशील मामले में अब पुलिस के शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाने लगी है।
गंगा स्नान बना काल: तेज धारा में बह गईं पांच बच्चियां, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
24 Jun, 2026 11:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले के श्यामपुर गंगा घाट से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ बुधवार को गंगा नदी में स्नान करने गईं पांच बच्चियां अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गईं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और घाट पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। देर शाम तक चले सर्च ऑपरेशन में एक बच्ची का शव पानी से बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य लापता बच्चियों की खोजबीन लगातार की जा रही है।
तेज धारा में बह गईं सगी बहनें और सहेली
प्राप्त विवरण के अनुसार, वासुदेवपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले क्रांति पासवान की चार बेटियां—संगीता कुमारी, विनीता कुमारी, संध्या कुमारी और सोनाली कुमारी, अपनी सहेली हीना कुमारी (पुत्री चानो पासवान) के साथ श्यामपुर गंगा घाट पर नहाने गई थीं। नदी में उतरने के बाद बच्चियों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा और वे अचानक तेज धारा में समा गईं। घाट पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते सभी बच्चियां आंखों से ओझल हो गईं। इसके तुरंत बाद ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी।
NDRF और SDRF की टीमें मुस्तैद, युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वासुदेवपुर थाना पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँची। जिलाधिकारी के विशेष निर्देश पर एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय जिला गोताखोरों की विशेषज्ञ टीमों को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए उतारा गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि काफी मशक्कत के बाद देर शाम एक बच्ची का शव बरामद कर लिया गया है, जिसे आवश्यक प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। बाकी चार बच्चियों को सुरक्षित ढूंढ निकालने के लिए नदी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च लाइट की मदद से रात में भी अभियान चलाया जा रहा है।
गांवों में पसरा सन्नाटा, किनारे पर टकटकी लगाए बैठे हैं परिजन
इस भयानक त्रासदी के बाद श्यामपुर और पीड़ित परिवारों के पैतृक गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है और चूल्हे तक नहीं जले हैं। बदहवास परिजन और ग्रामीण अभी भी इस उम्मीद में गंगा घाट पर डटे हुए हैं कि शायद उनकी बच्चियों का कोई सुराग मिल जाए। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी लापता बच्चियों को तलाश नहीं लिया जाता, तब तक यह राहत और बचाव अभियान पूरी क्षमता के साथ लगातार जारी रहेगा।
युवक का शव पेड़ से लटका मिलने से सनसनी, जांच जारी
24 Jun, 2026 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ बेलसर थाना अंतर्गत मिश्रौलिया गाँव में बुधवार की सुबह एक युवक का शव आम के पेड़ से लटका हुआ पाया गया। सुबह-सुबह इस खबर के फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर ग्रामीणों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। मृतक की शिनाख्त मिश्रौलिया निवासी विनोद मिश्रा के 35 वर्षीय बेटे कुंदन कुमार के तौर पर की गई है। इस घटना के बाद से पूरे गाँव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुँची पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
रात में कुछ लोगों के साथ देखा गया था युवक
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कुंदन कुमार गाँव से थोड़ी दूरी पर एक एकांत जगह में मुर्गी फार्म चलाता था और अक्सर रात के समय वहीं रुकता था। बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात को भी उसे कुछ लोगों के साथ पोल्ट्री फार्म पर देखा गया था। लेकिन अगली सुबह उसका शव गाँव के पास ही एक बगीचे में पेड़ से झूलता मिला। कुंदन शादीशुदा था, मगर पारिवारिक विवाद और अनबन के चलते काफी समय से अपनी पत्नी से अलग रह रहा था। घटना की भनक लगते ही रोते-बिलखते परिजन भी मौके पर पहुँच गए, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को बुलाया गया, पुलिस जाँच में जुटी
वारदात की जानकारी मिलते ही प्रभारी थाना अध्यक्ष मनीष कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने फौरन शव को अपने नियंत्रण में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने और सुराग तलाशने के लिए पुलिस टीम ने मौके का गहन मुआयना किया। मामले के पेचीदा होने के कारण साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर तलब किया गया है।
हत्या या आत्महत्या? गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
इस घटना को लेकर गाँव के भीतर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इलाके का एक धड़ा जहाँ इसे सुसाइड मान रहा है, वहीं दूसरी ओर भारी संख्या में ग्रामीण इसे सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या करार दे रहे हैं। फिलहाल, मौत की असली वजह क्या है, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
थाना प्रभारी मनीष कुमार ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि पुलिस हर एंगल को खंगाल रही है। केस की जाँच मर्डर और सुसाइड, दोनों ही बिंदुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और फॉरेंसिक लैब की वैज्ञानिक जाँच रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हीटवेव अलर्ट के बीच प्रशासन का निर्णय, 8वीं तक स्कूल बंद
24 Jun, 2026 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में आसमान से बरसती आग और चिलचिलाती धूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने बच्चों की सेहत की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट कुमार गौरव ने बुधवार को एक आधिकारिक निर्देश जारी करते हुए 24 जून से 27 जून 2026 तक जिले के सभी सरकारी, प्राइवेट और प्ले-स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई पूरी तरह स्थगित करने का फैसला किया है।
नए कानून की धारा-163 के तहत प्रतिबंध लागू
डीएम द्वारा जारी किए गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में पारा लगातार बढ़ रहा है, और दोपहर की भीषण लू बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है। छात्रों की भलाई को सर्वोपरि मानते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा-163 के अंतर्गत इस पाबंदी को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
कक्षाओं के संचालन के लिए समय में बदलाव
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, नर्सरी से लेकर सातवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए सभी शैक्षणिक कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे। हालांकि, आठवीं और उससे ऊपर की बड़ी कक्षाओं के लिए थोड़ी राहत दी गई है; इन कक्षाओं की पढ़ाई सुबह 10:00 बजे तक ही संचालित की जा सकेगी। स्कूल संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे इस समयावधि के अनुसार ही अपनी कक्षाओं और अन्य गतिविधियों का शेड्यूल तय करें।
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भी कड़े नियम
स्कूली बच्चों के साथ-साथ छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) विभाग को भी सख्त गाइडलाइन दी है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुबह 9:00 बजे से पहले ही बच्चों को पोषाहार बांट दिया जाए। इस तय समय के बाद केंद्रों पर होने वाली अन्य सभी रोज़मर्रा की गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी।
लापरवाही बरतने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी कुमार गौरव ने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे इस मौसम में बच्चों को बिना वजह तेज धूप में बाहर न निकलने दें और उन्हें हाइड्रेटेड रखें। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और पुलिस बल को निर्देश दिया है कि इस आदेश का जमीन पर कड़ाई से पालन कराया जाए। यदि कोई भी संस्थान नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था 27 जून तक प्रभावी रूप से लागू रहेगी।
छापेमारी के दौरान भड़की महिला तस्कर, मौके पर किया हंगामा
23 Jun, 2026 04:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अवैध शराब के धंधे पर नकेल कसने पहुँची उत्पाद विभाग की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। छापेमारी के दौरान एक महिला शराब तस्कर ने कार्रवाई का विरोध करते हुए महिला पुलिसकर्मी के साथ नोकझोंक और हाथापाई शुरू कर दी। हालांकि, इस भारी हंगामे और विरोध के बावजूद उत्पाद विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए महिला को दबोच लिया और मौके से शराब की एक बड़ी खेप भी बरामद की।
गुप्त सूचना पर पहुँची थी टीम, महिला ने काटा हंगामा
उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि अहियापुर थाना क्षेत्र के भीखनपुर गांव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। इस इनपुट के आधार पर जब टीम भीखनपुर गाँव पहुँची, तो वहाँ मौजूद एक महिला ने टीम को देखते ही हंगामा करना शुरू कर दिया। महिला ने न सिर्फ छापेमारी रोकने की कोशिश की, बल्कि ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी से भी उलझ गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कड़ी मशक्कत के बाद पूजा कुमारी गिरफ्तार
महिला के आक्रामक रुख और विरोध को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों को उसे नियंत्रित करने में काफी पसीना बहाना पड़ा। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। पकड़ी गई महिला की पहचान भीखनपुर निवासी रितेश कुमार की पत्नी पूजा कुमारी के रूप में हुई है।
पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे सिंडिकेट
मामले की जानकारी देते हुए उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि रितेश कुमार और उसकी पत्नी पूजा कुमारी मिलकर इस अवैध धंधे को ऑपरेट कर रहे थे। शुरुआती जाँच के अनुसार, पति बाहर से शराब की खेप लाकर देता था और आगे ग्राहकों तक इसे पहुँचाने और बेचने का पूरा जिम्मा पूजा कुमारी संभालती थी। टीम ने जब घर के पास छानबीन की, तो वहाँ से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की गई।
जेल भेजी गई आरोपी महिला, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
शराब की बरामदगी के बाद उत्पाद विभाग ने नियमानुसार जब्ती सूची तैयार की और सरकारी कार्य में बाधा डालने व शराब तस्करी के आरोप में पूजा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। विभाग की महिला गृह रक्षक (होमगार्ड) के साथ हाथापाई करने के बावजूद टीम उसे थाने ले आई, जहाँ पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उत्पाद विभाग अब इस बात का पता लगा रहा है कि यह दंपत्ति कब से इस धंधे में शामिल था और इस अवैध नेटवर्क के तार कहाँ-कहाँ से जुड़े हैं। फरार पति की तलाश में छापेमारी जारी है।
सड़क पर शव रखकर ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन, आवागमन ठप
23 Jun, 2026 04:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ बेखौफ बदमाशों ने एक और गिट्टी-बालू व्यवसायी को निशाना बनाते हुए उनके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। फायरिंग की आवाज सुनकर जब तक आस-पास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक हमलावर मौके से रफूचक्कर हो चुके थे। आनन-फानन में घायल कारोबारी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र निवासी धीरेंद्र प्रसाद सिंह के पुत्र सोनू सिंह के रूप में की गई है।
शव को सड़क पर रख किया प्रदर्शन, लगा लंबा जाम
इस दुस्साहसिक हत्याकांड से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शव को बीच सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर फूंककर आगजनी भी की, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्पूरीग्राम, ताजपुर और मुफस्सिल थाने की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची।
आक्रोशित जनता के निशाने पर आई पुलिस
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम को स्थानीय लोगों के भारी गुस्से और तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग पर अड़े थे। लोजपा (रा.) के जिलाध्यक्ष अनुपम सिंह उर्फ हीरा सिंह के नेतृत्व में चल रहा यह प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक जारी रहा। बाद में प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद लोग शांत हुए और जाम खोला जा सका।
दोस्तों के साथ बैठे थे, तभी मारी गोली
मिली जानकारी के अनुसार, कर्पूरीग्राम के रहने वाले सोनू सिंह सोमवार की शाम अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठकर ताश खेल रहे थे। इसी बीच घात लगाए अपराधियों ने उन पर फायरिंग कर दी। परिजन तुरंत उन्हें सदर अस्पताल ले गए, जहाँ नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम
परिजन उन्हें लेकर एक निजी नर्सिंग होम पहुंचे, लेकिन वहाँ से भी उन्हें पटना के लिए रेफर कर दिया गया। बदकिस्मती से, देर रात पटना पहुंचने से ठीक पहले रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब शव गांव लाया गया, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया।
इकलौते चिराग की बुझी जिंदगी, गांव में दहशत
स्थानीय ग्रामीण हीरा सिंह ने बताया कि सोनू सिंह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनके दो छोटे बच्चे हैं। इस वारदात के पीछे गांव के ही एक शख्स पर शक जताया जा रहा है। हालांकि, दोनों के बीच किस बात को लेकर दुश्मनी थी, यह अभी तफ्तीश का विषय है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
मुख्य आरोपी की पहचान, धरपकड़ के लिए पुलिसिया दबिश तेज
पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है। सदर डीएसपी संजय कुमार पांडे ने बताया कि गोली चलाने वाले मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है। उसे दबोचने के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और बहुत जल्द वह सलाखों के पीछे होगा। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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