बिहार-झारखण्ड
बिहार में शिक्षा को बढ़ावा, 8 जिलों में आदिवासी छात्रों के लिए 19 हॉस्टल मंजूर
6 Jul, 2026 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार सरकार ने प्रदेश के जनजातीय समुदाय (ST) के छात्र-छात्राओं को उच्च और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार राज्य के 8 अलग-अलग जिलों में 19 नए आधुनिक छात्रावासों (Hostels) का निर्माण कराने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 60 करोड़ 42 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी, जिसे जल्द ही संबंधित जिला प्रशासनों को जारी कर दिया जाएगा।
इन 8 जिलों को मिलेगा योजना का लाभ
जनजातीय बाहुल्य और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इन छात्रावासों के निर्माण के लिए 8 जिलों का चयन किया है। बजट की स्वीकृत राशि जल्द ही इन जिलों को आवंटित कर दी जाएगी:
पश्चिम चंपारण और कटिहार
बांका और भागलपुर
जमुई और कैमूर
रोहतास और पूर्णिया
पलायन रुकेगा, शिक्षा के स्तर में होगा सुधार
अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय के छात्र-छात्राओं को घर के पास ही सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधाएं देना है। अक्सर देखा जाता है कि गांवों या सुदूर इलाकों में अच्छे शिक्षण संस्थान और रहने की उचित व्यवस्था न होने के कारण इस समुदाय के बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं या उन्हें बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। इन नए हॉस्टल्स के बनने से न सिर्फ उनका ड्रॉप-आउट रेट (पढ़ाई छोड़ने की दर) कम होगा, बल्कि उनके शैक्षणिक स्तर में भी बड़ा सुधार आएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए हॉस्टल्स
सरकार द्वारा तैयार की गई रूपरेखा के अनुसार, इन सभी 19 छात्रावासों का निर्माण आधुनिक मानकों को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इनमें विद्यार्थियों के रहने के कमरों के अलावा साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, अध्ययन कक्ष (स्टडी रूम) और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। चालू वित्तीय वर्ष के भीतर ही निर्माण कार्य की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आगामी सत्रों से छात्र इसका लाभ उठा सकें।
NH-57 पर ट्रक ने ली युवती की जान, आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर किया हंगामा
6 Jul, 2026 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे में 20 साल की एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा गायघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत बहादुरपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-57 (NH-57) पर उस समय हुआ, जब एक अनियंत्रित ट्रक ने सड़क पार कर रही युवती को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
मवेशियों का चारा लेकर लौट रही थी अंशु
मृतका की पहचान गायघाट थाना इलाके के बखरी केसो गांव के रहने वाले सरवन सहनी की 20 वर्षीय बेटी अंशु कुमारी के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि सोमवार को अंशु अपने पालतू पशुओं के लिए खेत से चारा लेकर घर वापस आ रही थी। इसी दौरान दरभंगा की तरफ से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार ट्रक ने उसे रौंद दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अंशु ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि आरोपी ड्राइवर ट्रक छोड़कर फरार हो गया।
आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने किया हाइवे जाम
इस दर्दनाक घटना की खबर मिलते ही मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। हादसे से गुस्साए परिजनों और भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच-57 को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपी ट्रक ड्राइवर की तुरंत गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार के लिए उचित सरकारी मुआवजे की मांग कर रहे थे। हाइवे जाम होने की वजह से गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
पुलिस ने समझाइश देकर बहाल कराया यातायात
मामले की जानकारी मिलते ही गायघाट थाने की पुलिस टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों को ढांढस बंधाया और उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा देकर काफी समझाने-बुझाने के बाद जाम को खुलवाया। इसके बाद हाइवे पर वाहनों का आवागमन दोबारा शुरू हो सका। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) भेज दिया है।
ट्रक जब्त, फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस
गायघाट थाना प्रभारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बिना सूचना पार्टी कार्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री, नेताओं में मची हलचल
6 Jul, 2026 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को अचानक जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश कार्यालय पहुंच गए। मुख्यमंत्री के इस औचक दौरे से पार्टी दफ्तर में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे कार्यालय परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और संगठन के स्तर पर चल रहे कामकाज का जायजा लिया। दफ्तर में मौजूद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने पार्टी के कामों में हो रही देरी पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की और पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
धीमी कार्यशैली पर बरसे मुख्यमंत्री, पूछा- 'इसका क्या मतलब है?'
प्रदेश कार्यालय के निरीक्षण के दौरान जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुछ काम समय पर पूरे नहीं मिलने की जानकारी मिली, तो वे काफी तल्ख नजर आए। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और वहां मौजूद वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने नाराजगी जताते हुए सीधे शब्दों में कहा, "मेरे कहने के बाद भी काम नहीं हो रहा है, इसका क्या मतलब है?" मुख्यमंत्री की इस सख्त टिप्पणी और तीखे तेवरों के बाद दफ्तर में मौजूद पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया और सभी असहज नजर आने लगे।
जनसुनवाई के बीच अचानक पहुंचे पार्टी दफ्तर
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने नियमित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान ही अचानक समय निकालकर सीधे जदयू प्रदेश कार्यालय की तरफ मुड़ गए। उन्होंने वहां की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखा और संगठन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी गतिविधि की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि संगठन से जुड़े जितने भी पेंडिंग (लंबित) काम हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और काम की रफ्तार में कोई कोताही न बरती जाए।
दौरे के सियासी और संगठनात्मक मायने
नीतीश कुमार का यह औचक दौरा राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों ही लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आगामी चुनावों और पार्टी की भावी रणनीति को देखते हुए मुख्यमंत्री संगठन को पूरी तरह सक्रिय और चुस्त-दुरुस्त रखना चाहते हैं। इस दौरे के जरिए उन्होंने पार्टी के भीतर यह साफ संदेश दे दिया है कि काम में ढिलाई या अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिजिकल टेस्ट के दौरान बड़ा हादसा, तीन चक्कर लगाने के बाद युवक बेहोश होकर गिरा
6 Jul, 2026 12:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज: बिहार पुलिस में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाले एक 23 वर्षीय होनहार युवक की सोमवार सुबह दौड़ के अभ्यास के दौरान अचानक मौत हो गई। शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) की तैयारी में जुटे इस युवक की तबीयत दौड़ते समय अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के बसडीला नवका टोला निवासी रंजीत कुमार (पुत्र जयप्रकाश सिंह कुशवाहा) के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार और पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है।
मैदान में तीन चक्कर लगाने के बाद हुए अचेत
जानकारी के मुताबिक, रंजीत रोज की तरह सोमवार की सुबह भी अपने दोस्तों के साथ तेलंगही मैदान में शारीरिक दक्षता का अभ्यास करने गया था। वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रंजीत ने मैदान के तीन चक्कर (राउंड) सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे, लेकिन तभी अचानक उसके सीने में तकलीफ हुई और वह मैदान पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। साथियों और स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे फौरन गोपालगंज सदर अस्पताल पहुंचाया, पर तब तक काफी देर हो चुकी थी।
कार्डियक अरेस्ट की आशंका, पोस्टमार्टम का इंतजार
सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने शुरुआती जांच के आधार पर अंदेशा जताया है कि युवक की मौत की वजह अचानक आया हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट हो सकती है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मौत की असली और सटीक वजह पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी।
पुलिसिया कार्रवाई और गांव में पसरा सन्नाटा
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मर्ग कायम कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।उधर, रंजीत की मौत की खबर मिलते ही बसडीला नवका टोला गांव में सन्नाटा पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि रंजीत बेहद मिलनसार और मेहनती था, जो सुबह पुलिस की वर्दी पहनने का ख्वाब लेकर घर से निकला था, लेकिन किसे पता था कि वह कभी लौटकर नहीं आएगा।
रेड लाइट एरिया में छापा, नाच-गाने के बहाने चल रहे देह व्यापार का खुलासा
6 Jul, 2026 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अरवल: बिहार के अरवल जिले में अनैतिक और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया है। जिला मुख्यालय के जनकपुर मोहल्ला सहित कई अन्य संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस ने कथित देहव्यापार के खिलाफ एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस अचानक हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई महिलाओं को हिरासत में लिया है, जिन्हें गहन पूछताछ और आगे की जांच के लिए महिला थाने लाया गया है।
संयुक्त टीम ने दी दबिश, इलाके में मची अफरा-तफरी
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा एक विशेष रणनीति तैयार की गई थी। जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने चिन्हित किए गए संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ धावा बोला, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और परिसरों की सघन तलाशी ली।
नाच-गाने की आड़ में चल रहा था खेल, स्थानीय लोगों ने की थी शिकायत
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जिला मुख्यालय के पश्चिमी छोर पर सोन नदी के तट के पास स्थित कथित रेड लाइट एरिया को लेकर पिछले काफी समय से गंभीर शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि बाहर से महिलाओं को यहां लाकर नाच-गाने की आड़ में अनैतिक और अवैध धंधा संचालित किया जा रहा है। इन गुप्त सूचनाओं और शिकायतों का सत्यापन करने के बाद पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
बाहरी राज्यों से जुड़े तार, दस्तावेजों की हो रही है जांच
महिला थाने लाई गई महिलाओं की पहचान स्थापित करने के लिए पुलिस उनके पहचान पत्रों और अन्य जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इनमें से कुछ महिलाएं दूसरे राज्यों की रहने वाली हैं। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि वे खुद यहां आई थीं या उन्हें किसी संगठित गिरोह द्वारा यहां लाया गया था। एहतियात के तौर पर पुलिस ने उनके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
जांच पूरी होने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को पूरी तरह रोकना है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही, सामने आए तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
बिहार में बनेंगे 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट: अपराधियों पर होगी सख्ती, पीड़ितों को मिलेगा त्वरित न्याय
5 Jul, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। अपराध नियंत्रण और लोगों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में जल्द ही 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन विशेष अदालतों के गठन से अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा संभव हो सकेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और त्वरित न्याय की दिशा में बड़ा कदम। अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण एवं नियंत्रण के लिए 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार के अनुसार, नए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से बड़ी संख्या में लंबित मामलों की तेजी से सुनवाई होगी। इससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी। साथ ही नियमित अदालतों पर बढ़ते मामलों का दबाव भी घटेगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट विशेष अदालतें होती हैं, जिनका उद्देश्य गंभीर अपराधों और लंबे समय से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करना होता है। इन अदालतों के माध्यम से पीड़ितों को बिना अनावश्यक देरी के न्याय दिलाने की व्यवस्था की जाती है। गौरतलब है कि भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की अवधारणा 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य नियमित अदालतों का बोझ कम करना और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं तेज बनाना था। बिहार सरकार का यह कदम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बिहार में नई टोल पॉलिसी लागू: स्थानीय लोगों को 250 रूपये में मासिक पास, किसानों और बाइक चालकों को भी बड़ी राहत
5 Jul, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने राज्य के अधीन आने वाले राज्य उच्च पथ और पुलों के लिए नई टोल पॉलिसी तैयार की है। नई व्यवस्था के तहत स्थानीय लोगों, किसानों और नियमित यात्रा करने वालों को बड़ी राहत दी गई है। इसके साथ ही मोटरसाइकिल चालकों, ट्रैक्टर मालिकों और विशेष श्रेणी के लोगों के लिए भी अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। नई टोल पॉलिसी के अनुसार, संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में पंजीकृत वाहन मालिक केवल 250 रुपये का मासिक पास बनवाकर एक महीने तक अपने नजदीकी टोल प्लाजा से असीमित बार आवागमन कर सकेंगे। यह सुविधा केवल उन्हीं वाहनों को मिलेगी, जिनका रजिस्ट्रेशन टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे के पते पर हुआ है। वहीं, जिन लोगों को नौकरी, व्यवसाय या अन्य कारणों से बिहार के अलग-अलग जिलों में नियमित यात्रा करनी पड़ती है, उनके लिए 2500 रुपये का राज्यव्यापी मासिक पास उपलब्ध कराया जाएगा। इस पास के जरिए राज्य के सभी टोल प्लाजा पर एक महीने तक बिना अलग-अलग टोल शुल्क दिए असीमित यात्रा की जा सकेगी। नई नीति में मोटरसाइकिल चालकों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। यदि किसी टोल सड़क का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है, तो बाइक चालकों से टोल नहीं लिया जाएगा। वहीं, यदि वैकल्पिक मार्ग मौजूद है, तो उनसे कार पर लगने वाले टोल शुल्क का केवल 50 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। पथ निर्माण विभाग ने कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टरों को टोल टैक्स से पूरी तरह छूट देने का फैसला किया है। हालांकि, यह छूट केवल उन्हीं ट्रैक्टरों को मिलेगी, जिनका पंजीकरण कृषि उपयोग के लिए कराया गया है। इसके अलावा नई टोल पॉलिसी में कई विशेष श्रेणियों के लोगों को भी टोल टैक्स से छूट दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की व्यवस्था की तर्ज पर वीआईपी, विधायक और विधान पार्षद को टोल नहीं देना होगा। साथ ही पहली बार बिहार के महाधिवक्ता के वाहन को भी राज्य के सभी राज्य उच्च पथों पर टोल टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। नई टोल पॉलिसी का उद्देश्य आम लोगों को राहत देने के साथ-साथ टोल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है।
बिहार के विश्वविद्यालय कर्मियों को बड़ी राहत: 20 जुलाई तक बकाया वेतन और पेंशन भुगतान का आदेश, 27-28 जुलाई को लगेगा विशेष शिविर
5 Jul, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना,। बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्यपाल सचिवालय ने सभी लंबित वेतन और सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान मिशन मोड में करने का निर्देश जारी किया है। इस संबंध में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को आदेश भेजते हुए 20 जुलाई तक भुगतान प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। आदेश की प्रति उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को भी भेजी गई है। निर्देश में कहा गया है कि सभी विश्वविद्यालयों में वेतन सत्यापन का कार्य अभियान चलाकर तेजी से पूरा किया जाए। कुलपतियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सत्यापन पूरा होने के बाद बकाया वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। राज्यपाल सचिवालय ने विश्वविद्यालयों से तय प्रारूप में रिपोर्ट भी मांगी है, जिसे 24 जुलाई तक कुलाधिपति कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा। वहीं, जिन शिक्षकों और कर्मचारियों का भुगतान निर्धारित समय सीमा तक नहीं हो पाएगा, उनके लिए 27 और 28 जुलाई को सभी विश्वविद्यालय मुख्यालयों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने आवेदन जमा कर सकेंगे तथा उनकी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालयों को आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यपाल सचिवालय को लंबे समय से वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ के भुगतान में देरी की शिकायतें मिल रही थीं। कई मामलों में राशि उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान लंबित था। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने मिशन मोड में भुगतान प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्यभर के हजारों शिक्षकों, कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मुजफ्फरपुर में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने स्कूटी को मारी टक्कर, दो युवतियों की मौत
5 Jul, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र के आदिगोपालपुर स्थित पेट्रोल पंप के समीप शनिवार को हुए भीषण सड़क हादसे में स्कूटी सवार दो युवतियों की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने पीछे से स्कूटी में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसा इतना भयावह था कि एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकाओं की पहचान बोचहां थाना क्षेत्र के शर्फुद्दीनपुर (गोपालपुर) निवासी नेहा कुमारी (20 वर्ष) और निशु कुमारी (22 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
- फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थीं दोनों सहेलियां
जानकारी के अनुसार, नेहा और निशु दोनों सहेलियां थीं और एक निजी बैंक के महिला समूह में फाइनेंस कर्मी के रूप में कार्य करती थीं। शनिवार को दोनों स्कूटी (बीआर-06-डीक्यू-8161) से शर्फुद्दीनपुर से मुजफ्फरपुर शहर जा रही थीं। इसी दौरान आदिगोपालपुर पेट्रोल पंप के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार और अनियंत्रित फॉर्च्यूनर कार (बीआर-01-बीबी-0001) ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
- कार को लेकर चर्चा
स्थानीय लोगों के अनुसार, फॉर्च्यूनर कार पूर्णिया की ओर से आ रही थी। घटना के बाद यह चर्चा है कि उक्त वाहन पूर्णिया के एक भाजपा नेता से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
कोडरमा के खेतों में प्लास्टिक का जाल, खेती और पर्यावरण दोनों पर खतरा
4 Jul, 2026 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोडरमा। झारखंड के अभ्रक नगरी कहे जाने वाले कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड सहित आस-पास के ग्रामीण अंचलों में एक गंभीर संकट गहराने लगा है। यहाँ की उपजाऊ कृषि भूमि और खेतों में लगातार जमा हो रहे पॉलीथिन व प्लास्टिक के कचरे ने स्थानीय अन्नदाताओं (किसानों) की रातों की नींद उड़ा दी है। खेतों की मिट्टी में प्लास्टिक का यह जानलेवा जाल सीधे तौर पर भूमि की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति (फर्टिलिटी) को नष्ट कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में खरीफ और रबी फसलों के कुल उत्पादन में भारी गिरावट आने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
मिट्टी की जलधारण क्षमता हो रही है खत्म, कृषि विशेषज्ञों ने जताई बड़ी चिंता
इस गंभीर समस्या को लेकर कृषि वैज्ञानिकों और भूमि विशेषज्ञों ने भी कड़ा अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पॉलीथिन एक ऐसा अजैविक कचरा है जो सैकड़ों सालों तक मिट्टी के भीतर गलता या नष्ट नहीं होता है। जब यह खेतों की मिट्टी में मिल जाता है, तो भूमि की प्राकृतिक जलधारण क्षमता (Water Retention Capacity) को पूरी तरह ब्लॉक कर देता है। इसके कारण बारिश का पानी जमीन के भीतर नहीं रिस पाता है, जिससे भूजल स्तर तो गिरता ही है, साथ ही पौधों को मिलने वाले आवश्यक प्राकृतिक पोषक तत्वों का संतुलन भी पूरी तरह बिगड़ जाता है।
हवा और बारिश के पानी के साथ खेतों में पहुंच रहा है बाजारों का कचरा
स्थानीय प्रगतिशील किसानों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों, स्थानीय बाजारों और घरों से निकलने वाला सिंगल-यूज प्लास्टिक व पॉलीथिन कचरा उचित प्रबंधन न होने के कारण खुले में फेंक दिया जाता है। यही कचरा तेज आंधी-तूफान और बारिश के पानी के तेज बहाव के साथ बहकर सीधे उनके उपजाऊ खेतों तक पहुंच जाता है। जब किसान खेतों की जुताई और बुआई शुरू करते हैं, तो ट्रैक्टरों के हल और कृषि उपकरणों में यह प्लास्टिक बुरी तरह फंस जाता है, जिससे खेती के रोजमर्रा के कामों में भारी तकनीकी और शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फसलों की जड़ों का रुक रहा है विकास, पैदावार पर मंडराया बड़ा खतरा
वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि खेतों में जमा यह रासायनिक प्लास्टिक मिट्टी के भीतर ऑक्सीजन और पानी के प्राकृतिक प्रवाह (एरिएशन) को पूरी तरह रोक देता है। जब हवा और नमी फसलों की जड़ों तक नहीं पहुंच पाती, तो पौधों का समुचित विकास रुक जाता है, जिससे बालियां छोटी रह जाती हैं और अनाज की गुणवत्ता व पैदावार बुरी तरह प्रभावित होती है। इससे किसानों की लागत तो बढ़ रही है, लेकिन मुनाफा आधा होता जा रहा है।
प्रशासन से सिंगल-यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध और सख्त जुर्माने की मांग
इस पर्यावरणीय और कृषि संकट से परेशान होकर क्षेत्र के कृषकों और जागरूक ग्रामीणों ने प्रखंड व जिला प्रशासन से सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण और उपयोग पर जमीनी स्तर पर सख्ती से रोक लगाने की पुरजोर गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बाजारों में पॉलीथिन बेचने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और गांवों में कचरा निस्तारण (Solid Waste Management) की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसानों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस मूक संकट पर नियंत्रण नहीं पाया, तो आने वाले कुछ ही वर्षों में कोडरमा की उपजाऊ धरती पूरी तरह बंजर हो जाएगी और क्षेत्र में कृषि संकट खड़ा हो जाएगा।
बांका में पुलिस-माफिया आमने-सामने, पथराव और मारपीट के बाद ट्रैक्टर छुड़ाया गया
4 Jul, 2026 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोड्डा। अंतरराज्यीय बिहार-झारखंड सीमा पर सक्रिय बालू माफियाओं और अवैध खनन करने वाले अपराधियों ने देर रात जमकर उत्पात मचाया। अवैध बालू चोरी को रोकने और माफियाओं पर नकेल कसने पहुंचे बिहार के बांका जिले के धौरैया थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) प्रदीप कुमार चौधरी पर बालू चोरों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, बेखौफ अपराधी पुलिसिया कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए अवैध खनन में जब्त किए गए अपने ट्रैक्टरों को भी जबरन छुड़ाकर रफूचक्कर हो गए। यह दुस्साहसिक वारदात गोड्डा सदर अंचल के सौर और बिहार के धौरैया थाना क्षेत्र के सीमावर्ती पहसाना गांव के पास स्थित गेरूवा नदी के घाट पर अंजाम दी गई।
रात के अंधेरे में नदी की छाती चीरने घुसे 30 खाली ट्रैक्टर, सीमा लांघकर मचाया तांडव
प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार, झारखंड के गोड्डा मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सौर गांव और उसके आस-पास के इलाकों से संगठित बालू चोरों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय हुआ। देर रात करीब 11 बजे के आस-पास लगभग 30 खाली ट्रैक्टरों का एक विशाल काफिला बालू के अवैध उत्खनन (माइनिंग) के लिए सीमावर्ती गेरूवा नदी में उतारा गया। ये सभी वाहन अवैध रूप से सीमा लांघते हुए बिहार के धौरैया थाना क्षेत्र के पहसाना गांव की प्रशासनिक सीमा में प्रवेश कर गए और धड़ल्ले से नदी की छाती चीरकर अवैध बालू लोडिंग का काम शुरू कर दिया।
पुलिस टीम पर अचानक किया हमला, वर्दी का खौफ भूलकर की मारपीट
नदी में अवैध खनन की गुप्त सूचना मिलते ही धौरैया थाने के सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार चौधरी अपनी छोटी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर छापेमारी करने पहुंचे। पुलिस को देखते ही बालू माफियाओं और ट्रैक्टर चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अवैध बालू से लदे वाहनों को जब्त करना शुरू किया, जिससे माफिया बौखला गए।
कानून और वर्दी का खौफ भूलकर दर्जनों की संख्या में मौजूद बालू चोरों और उनके गुर्गों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया। उन्होंने सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार पर अचानक लाठी-डंडों से हमला बोल दिया और उनके साथ गंभीर मारपीट की। इस अफरातफरी और हिंसक हमले का फायदा उठाकर आरोपी पुलिस कस्टडी से अपने ट्रैक्टरों को जबरन छुड़ाकर झारखंड की सीमा की ओर भगा ले गए।
दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलाया हाथ, माफियाओं की धरपकड़ के लिए जॉइंट ऑपरेशन शुरू
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद घायल सब-इंस्पेक्टर को तत्काल नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारी पर हुए इस हमले के बाद बिहार और झारखंड, दोनों ही राज्यों के पुलिस महकमे में भारी आक्रोश है और इसे कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती माना जा रहा है। बांका (बिहार) और गोड्डा (झारखंड) जिले के वरिष्ठ पुलिस कप्तानों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी कर दी है। आरोपियों की शिनाख्त कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस द्वारा एक बड़ा संयुक्त तलाशी अभियान (जॉइंट ऑपरेशन) चलाया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और अवैध खनन की धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगनाओं को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बक्सर में युवक की मौत का मामला, खेत से शव बरामद, दो युवतियां हिरासत में
4 Jul, 2026 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बक्सर। बिहार के बक्सर जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवपुरी मोहल्ले में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक सूने और खाली प्लॉट से 22 वर्षीय एक युवक का रक्तरंजित शव बरामद किया गया। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। मृतक की पहचान पड़ोसी जिले भोजपुर (आरा) के अरवल मोहल्ला निवासी कमलेश पांडेय के इकलौते युवा पुत्र ओम पांडेय के रूप में की गई है। पुलिस घटना को पहली नजर में ऑनर किलिंग या प्रेम प्रसंग से जुड़ा मर्डर मानकर चल रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में तफ्तीश आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मोहल्ले की ही दो संदिग्ध युवतियों को हिरासत में ले लिया है।
सिर पर गहरे जख्म और नाक से बह रहा था खून, अकड़ चुका था शव
शनिवार की सुबह जब शिवपुरी मोहल्ले के कुछ स्थानीय लोग खाली पड़े एक प्लॉट के पास से गुजर रहे थे, तो उनकी नजर वहां पड़े एक युवक के शव पर पड़ी। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय नगर थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब शव को पलटा तो दंग रह गई। प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच में मृतक ओम पांडेय के सिर के पिछले हिस्से और कनपटी के पास किसी भारी और धारदार वस्तु से प्रहार किए जाने के गहरे निशान मिले हैं।
उसके नाक से भी काफी खून बह चुका था और मौत कई घंटे पहले होने के कारण शव पूरी तरह से अकड़ (Rigor Mortis) चुका था। मृतक के शरीर पर केवल जींस और एक बनियान मौजूद थी। तलाशी लेने पर उसकी जेब से एक स्मार्टफोन बरामद हुआ। इसी बीच, लापता ओम की तलाश करते हुए उसके दो दोस्त भी वहां पहुंच गए और उन्होंने शव को देखते ही उसकी पहचान ओम पांडेय के रूप में की।
कॉलेज में दाखिला लेने आरा से बक्सर आया था ओम, दोस्त छोड़ आए थे प्रेमिका के घर
मृतक के दोस्तों ने पुलिस को दिए अपने बयान में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ओम पांडेय बक्सर के ही एक प्रतिष्ठित कॉलेज में अपना नामांकन (एडमिशन) कराने के सिलसिले में आरा से यहां आया हुआ था और बक्सर के नया बाजार इलाके में स्थित उनके किराए के कमरे पर ही ठहरा हुआ था।
दोस्तों के मुताबिक, शुक्रवार की शाम ओम ने उन्हें बताया था कि वह शिवपुरी मोहल्ले में रहने वाली अपनी एक महिला मित्र (गर्लफ्रेंड) से मिलने जा रहा है। दोस्त उसे अपनी बाइक से उस युवती के घर के पास छोड़कर वापस लौट आए थे। जब देर रात तक ओम कमरे पर नहीं लौटा, तो दोस्तों ने उसके मोबाइल पर दर्जनों बार कॉल की, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। सुबह जब वे उसकी खोजबीन में निकले, तो उन्हें शिवपुरी में एक शव मिलने की बात पता चली।
प्रेम प्रसंग की आशंका: एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत, दो युवतियां पुलिस कस्टडी में
बक्सर पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि यह पूरी वारदात एकतरफा या गुप्त प्रेम प्रसंग के चलते अंजाम दी गई है। हत्यारों ने मुफीद वक्त देखकर पहले ओम की बेरहमी से हत्या की और साक्ष्यों को छिपाने के उद्देश्य से उसकी लाश को खाली प्लॉट में फेंककर रफूचक्कर हो गए।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ (SDPO) गौरव पांडेय तुरंत दलबल और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक्सपर्ट टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने फिंगरप्रिंट्स और घटनास्थल के पास से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।
नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की प्राथमिक कड़ियों को जोड़ते हुए शिवपुरी मोहल्ले की दो युवतियों को हिरासत में लेकर गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और युवतियों के बयानों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस का चंद घंटों के भीतर पर्दाफाश कर मुख्य हत्यारों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
पलामू में 100 रुपये के विवाद ने छीनी जान, युवक की इलाज के दौरान मौत
4 Jul, 2026 10:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेदिनीनगर। झारखंड के पलामू जिले से नशे की लत के कारण एक हंसते-खेलते परिवार के तबाह होने की बेहद दर्दनाक और सामाजिक रूप से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिपराही नावाडीह गांव में शुक्रवार की शाम एक मामूली और अजीबोगरीब घरेलू विवाद के बाद 25 वर्षीय युवक नंदू यादव ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
शराब पीने के लिए पैसे न मिलने पर उपजा था विवाद, गुस्से में उठाया आत्मघाती कदम
पारिवारिक सूत्रों और ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक नंदू यादव पिछले काफी समय से अत्यधिक शराब पीने का आदी (व्यसनी) हो चुका था, जिसके कारण अक्सर घर में आर्थिक तंगी और कलह की स्थिति बनी रहती थी। शुक्रवार की शाम उसने अपनी पत्नी से शराब की बोतल खरीदने के लिए 100 रुपये की मांग की। घर के हालात और पति की लत को देखते हुए पत्नी ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। पैसे न मिलने से बौखलाए नंदू का अपनी पत्नी के साथ तीखा विवाद और गाली-गलौज शुरू हो गई। यह कहासुनी इतनी बढ़ गई कि गुस्से और नशे के आवेश में आकर नंदू ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फांसी के फंदे पर झूल गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल कॉलेज किया गया था रेफर, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
कमरे के भीतर अनहोनी की आशंका होते ही पत्नी और घर के अन्य सदस्य चीखने-चिल्लाने लगे, जिसके बाद आस-पास के पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़कर नंदू को फंदे से नीचे उतारा गया। उस वक्त उसकी सांसें चल रही थीं, जिसके चलते आनन-फानन में उसे बेहद नाजुक हालत में रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) रेफर कर दिया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर आपातकालीन वार्ड के चिकित्सकों ने गहन जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
युवा बेटे की मौत से परिवार में पसरा मातम, पुलिस ने शुरू की मर्ग जांच
महज 100 रुपये के विवाद और शराब की सनक में 25 साल के युवा बेटे की मौत की खबर मिलते ही बूढ़े माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस घटना के बाद से गहरा सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब के जानलेवा शौक ने एक और खुशहाल घर का चिराग बुझा दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
गोपालगंज की कृतिका पांडेय ने DRDO में हासिल किया बड़ा मुकाम, बनीं ग्रुप-ए अधिकारी
4 Jul, 2026 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले अंतर्गत पंचदेवरी प्रखंड के एक छोटे से गांव गहनी की होनहार बेटी कृतिका पांडेय ने अपनी असाधारण प्रतिभा, कड़े संघर्ष और अटूट लगन के दम पर राष्ट्रीय पटल पर जिले का मान बढ़ाया है। कृतिका का चयन भारत सरकार के प्रतिष्ठित वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) में 'पेटेंट अफसर' के बेहद महत्वपूर्ण पद पर हुआ है। इस शानदार कामयाबी के साथ ही उन्होंने ग्रुप-ए राजपत्रित अधिकारी (Class-1 Gazetted Officer) की श्रेणी में अपनी जगह पक्की कर ली है। कृतिका की इस ऐतिहासिक गौरवपूर्ण उपलब्धि से उनके परिवार सहित पूरे वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का माहौल है।
रेलवे के सेवानिवृत्त चीफ लोको इंस्पेक्टर की बेटी ने रचा इतिहास
कृतिका पांडेय के पिता अनिल पांडेय भारतीय रेलवे में चीफ लोको इंस्पेक्टर जैसे जिम्मेदार पद से ससम्मान सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि उनकी माता उषा पांडेय एक कुशल गृहिणी हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली कृतिका के माता-पिता ने तमाम चुनौतियों के बावजूद शुरू से ही अपने बच्चों की उच्च शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता-पिता के इसी विजन और संस्कारों का सुखद परिणाम आज कृतिका की इस सुनहरी सफलता के रूप में पूरे समाज के सामने एक मिसाल बनकर उभरा है।
बीटेक और एमटेक के बाद डीआरडीओ (DRDO) में दे चुकी हैं सेवाएं
कृतिका ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के एक नामचीन स्कूल से पूरी की, जहां से उन्होंने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने तकनीकी शिक्षा की ओर कदम बढ़ाते हुए फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (रायबरेली) से बीटेक की डिग्री ली। अपनी शैक्षणिक योग्यता को और मजबूत करने के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान 'भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान' (IIEST), शिबपुर से एमटेक की उच्च डिग्री हासिल की। अपनी एमटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कृतिका का चयन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), नई दिल्ली में जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने देश की रक्षा तकनीक को समझने में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।
भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) की तैयारी के दौरान मिली बड़ी सफलता
डीआरडीओ में फेलोशिप पूरी करने के बाद कृतिका देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक 'भारतीय इंजीनियरिंग सेवा' (IES) की तैयारी में पूरी शिद्दत से जुटी हुई थीं। इसी कठिन परिश्रम के दौरान उन्होंने पेटेंट अफसर की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में भाग लिया और पहले ही गंभीर प्रयास में शीर्ष रैंक हासिल कर अपने माता-पिता और पूरे गोपालगंज जिले का नाम रोशन कर दिया।
अपनी इस स्वर्णिम सफलता का श्रेय कृतिका ने अपने माता-पिता, नाना-नानी, भाइयों, मामाओं और अपने गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन व आशीर्वाद को दिया है। नई पीढ़ी के युवाओं और विशेषकर बेटियों को संदेश देते हुए कृतिका ने कहा, "अगर आपके भीतर निरंतर मेहनत करने का जज्बा, कड़ा अनुशासन और खुद पर अटूट आत्मविश्वास हो, तो दुनिया का कोई भी बड़ा लक्ष्य आपके कदमों में हो सकता है।" कृतिका की जॉइनिंग की खबर मिलते ही गहनी गांव स्थित उनके पैतृक निवास पर बधाई देने वाले शुभचिंतकों और ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है।
किशनगंज में सनसनीखेज वारदात, युवक की हत्या के बाद इलाके में हड़कंप
4 Jul, 2026 09:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। बिहार के सीमांचल क्षेत्र में आने वाले किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात सामने आई है। यहाँ के बिशनपुर पंचायत अंतर्गत बिशनपुर गांव में शनिवार को एक व्यक्ति की उसके ही घर के भीतर अज्ञात हमलावरों द्वारा सिर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव और सनसनी का माहौल है। घटना की भनक लगते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।
हाईस्कूल चौक के पास घर में मिला लहूलुहान शव, इलाके में दहशत का माहौल
प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रिजवान अहमद के रूप में की गई है। रिजवान मूल रूप से जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टंगटगी गांव का स्थाई निवासी था। स्थानीय ग्रामीणों और करीबियों ने बताया कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से अपने पैतृक गांव को छोड़कर कोचाधामन के बिशनपुर हाईस्कूल चौक के पास अपना नया मकान बनाकर अपने पूरे परिवार के साथ शांतिपूर्वक रह रहा था। शनिवार को घर के अंदर ही उसका रक्तरंजित शव मिलने से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शुरू की वैज्ञानिक जांच, आपसी रंजिश और लूटपाट के कोणों पर तफ्तीश तेज
किशनगंज पुलिस इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए हर संभावित और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे थाना प्रभारी ने बताया कि शव के सिर पर किसी भारी वस्तु या हथियार से जोरदार प्रहार किया गया है, जिसके कारण अत्यधिक खून बहने से मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस आस-पास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह वारदात किसी पुरानी आपसी रंजिश का नतीजा है या फिर लूटपाट के इरादे से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है।
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