बिहार-झारखण्ड
रफ्तार का कहर: हाइवा ने बाइक सवारों को रौंदा, दोनों की मौत
14 Apr, 2026 09:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखीसराय। बिहार के लखीसराय जिले में एनएच-80 पर सोमवार रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार रात करीब 8 बजे सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के रतनुपुर गांव के पास एक चिमनी भट्ठा के समीप एनएच-80 पर यह भयावह हादसा हुआ। गिट्टी से लदे तेज रफ्तार हाइवा ने बाइक सवार दो युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और हाइवा उन्हें रौंदते हुए आगे निकल गया। हादसा इतना वीभत्स था कि दोनों युवकों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होकर सड़क पर बिखर गए। दुर्घटना के बाद चालक हाइवा को सड़क किनारे खड़ा कर मौके से फरार हो गया।
एनएच-80 पर लगाया जाम
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। आक्रोशित लोगों ने एनएच-80 को जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस को कई बार फोन किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। करीब 40 मिनट की देरी से पुलिस मौके पर पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। शवों की हालत इतनी खराब थी कि शुरुआत में मृतकों की पहचान करना मुश्किल हो गया। बाद में एक मृतक के मोबाइल फोन से परिजनों से संपर्क कर पहचान सुनिश्चित की गई।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान लखीसराय जिले के मझबे गांव निवासी दिलीप शर्मा और जमुई जिले के राधानगर निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों युवक आपस में रिश्तेदार थे। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक बेगूसराय जिले के शाम्हो थाना क्षेत्र के झगराहा गांव में एक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान रतनुपुर गांव के पास यह हादसा हो गया और दोनों की जान चली गई।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लखीसराय सदर अस्पताल भेज दिया गया। सूर्यगढ़ा थाना अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह ने बताया कि दुर्घटना में शामिल हाइवा वाहन को जब्त कर लिया गया है और मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शादी के नाम पर बड़ा फ्रॉड, बिहार में फर्जी मैरेज सेंटर का खुलासा
14 Apr, 2026 07:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सहरसा। बिहार के सहरसा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने शादी के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छापेमारी कर तीन युवतियों को हिरासत में लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
ऐसे चलता था ठगी का खेल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सदर थाना क्षेत्र के पॉलिटेक्निक ढाला के पास “मैरेज लाइन डॉट कॉम” के नाम से एक संदिग्ध कार्यालय चल रहा है। यह गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर कुंवारे लोगों को शादी का लालच देता था। जब कोई व्यक्ति इनके झांसे में आ जाता था, तो उससे रजिस्ट्रेशन या लड़की से संपर्क कराने के नाम पर 1500 रुपये वसूले जाते थे। इसी पक्की सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार को छापेमारी की।
छापेमारी में तीन युवतियां हिरासत में
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से तीन युवतियों को हिरासत में लिया। सभी से सहरसा सदर थाना में पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनमें से दो युवतियां सहरसा की रहने वाली हैं, जबकि एक पूर्णिया जिले की निवासी है।
10 हजार सैलरी पर काम करने का दावा
पूछताछ में युवतियों ने दावा किया कि उन्हें इस ठगी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि वे यहां सिर्फ 10 हजार रुपये महीने की सैलरी पर कर्मचारी के तौर पर काम कर रही थीं और उन्हें इस पूरे फर्जीवाड़े की भनक तक नहीं थी।
मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस
साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि फिलहाल यह शुरुआती कार्रवाई है। पुलिस अब इस गिरोह के असली मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क को खत्म कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धमकी के बाद खाली कराया गया कोर्ट परिसर, जांच जारी
13 Apr, 2026 03:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। जिला के हाजीपुर व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है। सूचना मिलते ही पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
एसपी विक्रम सिहाग के निर्देश पर सदर एसडीपीओ और स्थानीय थाने की भारी संख्या में पुलिस दलबल के साथ हाजीपुर कोर्ट पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराया जा रहा है। इसके साथ ही पड़ोसी जिला मुजफ्फरपुर से बम निरोधक दस्ता भी बुलाया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित खतरे की जांच की जा सके।
कोर्ट परिसर में मची अफरातफरी
धमकी की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं को सबसे पहले बाहर निकाला गया। इसके बाद कैंटीन, फोटो कॉपी की दुकानों और अन्य स्थानों को भी खाली कराया गया। आम लोगों और दुकानदारों को भी परिसर से बाहर कर दिया गया, जिससे जांच कार्य में कोई बाधा न आए।
ईमेल के जरिए मिली धमकी
बताया गया है कि जिला जज हर्षित सिंह के ईमेल पर कोर्ट को उड़ाने की धमकी भेजी गई है। इस संबंध में एसडीपीओ 1 सदर सुबोध कुमार ने पुष्टि की कि न्यायालय के ईमेल पर धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ है, जिसमें बम से उड़ाने की बात कही गई है।
सुरक्षा कड़ी, प्रवेश पर रोक
एहतियात के तौर पर कोर्ट में प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। कोर्ट परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आसपास स्थित सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है।
जांच और सर्च ऑपरेशन जारी
पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। धमकी देने वाले सोर्स की भी पड़ताल की जा रही है। बम निरोधक दस्ता द्वारा पूरे परिसर की बारीकी से जांच की जाएगी। फिलहाल पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
आग के तांडव में खत्म हुआ पूरा परिवार, कई घायल
13 Apr, 2026 02:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सुन्दरपुर मोहल्ले में बीती रात हुए सिलिंडर धमाके ने एक परिवार को उजाड़ दिया। हादसे में पति-पत्नी और उनके तीन महीने के मासूम बेटे की जलकर मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और परिवार सदमे में डूबा हुआ है।
लव मैरिज के बाद बसा था छोटा सा परिवार
बताया जाता है कि मृतक गोविन्द और नीशू की डेढ़ साल पहले लव मैरिज शादी हुई थी। शादी के बाद दोनों अपने तीन मंजिला मकान के तीसरे तल्ले पर रहते थे। तीन महीने पहले ही उनके घर बेटे युवराज का जन्म हुआ था, जिससे परिवार में खुशियां आई थीं, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन टिक नहीं सकी।
रसोई में लगी आग ने लिया विकराल रूप
बीती रात नीशू अपने बेटे युवराज को लेकर रसोई में गैस चूल्हा जलाने के लिए माचिस की तिल्ली जलाई। इसी दौरान अचानक रसोई में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और सिलिंडर फट गया। आग इतनी तेजी से फैली कि संभलने का मौका तक नहीं मिला।
बचाने की कोशिश में गई तीनों की जान
हादसे के दौरान गोविन्द दास ने अपनी पत्नी और बेटे को बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की चपेट में आने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे मोहल्ले को झकझोर कर रख दिया।
घायलों की स्थिति और राहत कार्य
इस घटना में परोसी आदित्य कुमार की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं आग बुझाने के दौरान अग्निशमन पदाधिकारी सीके पासवान भी झुलस गए। इसके अलावा बेचन दास, गौतम कुमार सहित छह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज डीएमसीच और निजी क्लिनिक में चल रहा है।
दमकल की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। बताया जाता है कि मकान के दूसरे तल्ले पर गोविन्द का बड़ा भाई रहता है, जो इस हादसे में बाल-बाल बच गया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच
वार्ड पार्षद भगवान लाल ठाकुर ने बताया कि एक साथ तीन लोगों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। जिला आपदा पदाधिकारी शमीम अख्तर ने बताया कि सिलिंडर में आग लगने की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची थी। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि एक अग्निशमन पदाधिकारी सहित कई लोग घायल हैं। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीच भेज दिया गया है और घायलों का इलाज जारी है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
दर्दनाक हादसा: बच्चों से भरा वाहन पलटा, एक की मौत
13 Apr, 2026 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवादा। जिले के गोविंदपुर प्रखंड में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक स्कूली बच्ची की मौत हो गई, जबकि 20 से 25 बच्चे घायल हो गए। यह दुर्घटना कमलापुर रोड स्थित बेलाटांड़ के पास उस समय हुई, जब बच्चों को लेकर जा रहा एक स्कूल पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से लगभग 20 फीट नीचे गिर गया और कई बार पलट गया।
कैसे हुआ हादसा
स्कूली वाहन बच्चों को लेकर मगध सेंट्रल स्कूल, गोविंदपुर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तेज रफ्तार में था और अचानक संतुलन बिगड़ने से करीब चार बार पलट गया। आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सभी घायलों को नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
मृत बच्ची की पहचान
इस हादसे में पांचवीं कक्षा की छात्रा आरोही कुमारी की मौत हो गई। वह अमित कुमार की पुत्री थी। हादसे में उसकी बहन आरुषि कुमारी भी गंभीर रूप से घायल हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह वाहन मगध सेंट्रल स्कूल का था और इसमें निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। जहां 12 से 15 बच्चों की अनुमति थी, वहीं 20 से 25 बच्चों को बैठाया गया था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन तेज रफ्तार में चल रहा था। लोगों का कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
घटना के बाद आक्रोश
हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीण स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा देवी और विधायक प्रतिनिधि अमित सरकार अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लिया। जदयू के जिला अध्यक्ष राजकिशोर प्रसाद दांगी ने घटना की जांच और स्कूल वाहनों की सख्त निगरानी की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृत बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे से आक्रोशित हैं।
रेस्क्यू के दौरान हादसा, दो लोगों की नदी में डूबने की आशंका
13 Apr, 2026 09:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। जिले के राघोपुर प्रखंड के रुस्तमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गंगा नदी में नहाने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक युवती को बचाने के प्रयास में छह लोग डूबने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि एक युवती सहित दो लोग नदी में डूब गए। घटना सुबह की बताई जा रही है।
घटना से गांव में मचा कोहराम
हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर परिजन तुरंत रुस्तमपुर घाट किनारे पहुंच गए। घटना की जानकारी मिलते ही रुस्तमपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई। इसके बाद एसडीआरएफ की दो टीमों ने दिनभर नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन डूबे हुए दोनों लोगों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
डूबे लोगों की पहचान
मिली जानकारी के अनुसार गंगा नदी में डूबे युवकों में निशांत कुमार, पिता अरविंद शर्मा, निवासी पवेरा, थाना धनरूआ, जिला पटना और मानती कुमारी, पिता सुधीर शर्मा, निवासी फतेहपुर, थाना दीदारगंज शामिल हैं। दोनों आपस में ममेरा-फुफेरा भाई-बहन बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार निशांत कुमार आलमपुर कच्ची दरगाह में अपने मौसी के यहां आया हुआ था, जबकि मानती कुमारी अपनी फुआ के यहां आई थी। मौसी के घर से पांच महिलाएं और दो पुरुष स्नान के लिए रुस्तमपुर थाना क्षेत्र के कच्ची दरगाह घाट पहुंचे थे। नदी का पानी कम होने के कारण सभी लोग बीच पीपा पुल के पास स्नान करने लगे। इसी दौरान पहले मानती कुमारी डूबने लगी। उसे बचाने के लिए सभी लोग दौड़े, लेकिन इसी कोशिश में छह लोग डूबने लगे।
स्थानीय लोगों ने बचाई कई जानें
घटना के दौरान शोर मचाने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और चार लोगों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया। लेकिन निशांत कुमार और मानती कुमारी तेज धारा में बह गए और डूब गए। बताया गया है कि निशांत के पिता बनारस में कारपेंटर का काम करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में मातम छा गया और लोग गंगा घाट पर जुट गए। इस संबंध में राघोपुर के प्रभारी सीओ सह राजस्व अधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि गंगा नदी में नहाने के दौरान दो लोगों के डूबने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया और सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जो देर शाम तक जारी रहा।
वारंट के बाद एक्शन में पुलिस, पप्पू पांडेय की तलाश तेज
13 Apr, 2026 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले से बड़ी खबर सामने आई है। कुचायकोट से जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके बड़े भाई सतीश पांडेय और उनके करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। न्यायालय द्वारा इन तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद जिला पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है।
सुबह-सुबह पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सोमवार की अहले सुबह पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के निर्देश पर भारी संख्या में पुलिस बल ने विधायक के अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। पुलिस टीमों ने हथुआ थाना क्षेत्र के तुलसिया गांव स्थित पैतृक आवास, हथुआ स्थित निजी आवास और पेट्रोल पंप पर सघन तलाशी ली। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि घंटों चली छापेमारी के बावजूद पुलिस को कोई भी आरोपी हाथ नहीं लगा। बताया जा रहा है कि वारंट की जानकारी मिलते ही सभी आरोपी फरार हो गए।
क्या है पूरा मामला
यह पूरा मामला भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जमीन से जुड़े विवादों में संलिप्तता के गंभीर आरोपों से जुड़ा है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक, उनके भाई और सीए के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पुलिस का आरोप है कि इनके संरक्षण में भू-माफिया सक्रिय थे, जो अवैध जमीन कब्जा और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे।
अब तक की पुलिस कार्रवाई
पुलिस इस मामले में पहले से ही सक्रिय है। जांच के दौरान मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इन आरोपियों से पूछताछ और दस्तावेजों के आधार पर ही विधायक और उनके सहयोगियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया। फिलहाल पुलिस की कई टीमें जिले के बाहर भी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले की सियासत में भी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि सत्ताधारी दल के विधायक पर इस तरह की बड़ी कार्रवाई हाल के वर्षों में कम ही देखने को मिली है।
देह व्यापार के अड्डे पर रेड, कई युवतियों को छुड़ाया गया
13 Apr, 2026 07:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले के चर्चित खगड़ा रेड लाइट एरिया में रविवार शाम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत की गई इस छापेमारी में पुलिस ने देह व्यापार के चंगुल से चार नाबालिगों समेत कुल नौ युवतियों को मुक्त कराया है।
अचानक दबिश से मची भगदड़
रविवार शाम भारी संख्या में पुलिस बल ने अचानक किशनगंज के खगड़ा रेड लाइट एरिया में दबिश दी। पुलिस टीम को देखते ही इलाके में भगदड़ मच गई। कई संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने खदेड़ कर हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई में वर्दीधारी पुलिस के साथ-साथ सादे लिबास में भी जवान तैनात थे, ताकि किसी भी आरोपी को भागने का मौका न मिले।
सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस
एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मुख्यालय को सूचना मिली थी कि बाहर से लड़कियों को लाकर यहां देह व्यापार कराया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त करने के इरादे से मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे तक चली सघन तलाशी के दौरान कई घरों की जांच की गई।
जारी है जांच और पूछताछ
समाचार लिखे जाने तक पुलिस की कार्रवाई और छानबीन जारी थी। पुलिस उन मुख्य सरगनाओं की तलाश कर रही है, जो लड़कियों की खरीद-फरोख्त और इस अवैध धंधे को संचालित करते हैं। मुक्त कराई गई लड़कियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है और उनके परिजनों व मूल निवास के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
एसडीपीओ का बयान
एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह ने बताया कि देह व्यापार में लिप्त लड़कियों को मुक्त कराने के लिए ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत यह छापेमारी की गई। अब तक 9 युवतियों को मुक्त कराया जा चुका है और आगे की जांच जारी है।
रफ्तार का कहर: बिहार हादसे में 13 लोगों की गई जान, 23 जख्मी
12 Apr, 2026 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया
मृतकों के परिजनों को 2 लाख की सहायता
कटिहार। बिहार के कटिहार जिले में शनिवार शाम हुए एक भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई और 23 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना कोढ़ा प्रखंड के बांसगड़ा चौक (एनएच-31) की है जब शनिवार शाम को बस, ट्रक, पिकअप और मोटरसाइकिल के बीच हुई भीषण टक्कर में 13 लोगों की मौत हो गई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया। कटिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिखर चौधरी ने हादसे में मरने वाले की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, पूर्णिया से भागलपुर जा रही एक बस और सामने से आ रही पिकअप के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पास से गुजर रहे ट्रक और मोटरसाइकिल भी इसकी चपेट में आ गए। कोढ़ा प्रखंड के बांसगड़ा चौक (एनएच-31) पर हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत कोढ़ा अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में 23 लोगों के गंभीर रुप से घायल होने की सूचना है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया स्थित हायर सेंटर और अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है। यह हादसा इतना भयावह था कि पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा दुख और आक्रोश है। इस घटना के बारे में बताया जा रहा है की पिकअप सवार लोग किसी धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर पूर्णिया के रानीपतरा थाना क्षेत्र के शोभा लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बस ने पिकअप वैन को टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार, इस हादसे में आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोगों ने इलाज के दौरान कटिहार सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि वैन में सवार लोग आदिवासी समुदाय से थे और झारखंड से पूर्णिया लौट रहे थे। वैन में करीब 35-40 लोग सवार थे, जिनमें से 13 की मौत हो गई। कोढ़ा थाना प्रभारी सुजीत कुमार ने कहा कि कुछ घायलों ने आरोप लगाया है कि बस चालक नशे में था और रास्ते में कई जगह वाहन को टक्कर मार चुका था। हालांकि, पुलिस को अब तक चालक के नशे में होने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। बस चालक भी इस हादसे में घायल हुआ है जिसका इलाज चल रहा है। फ़िलहाल फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
मृतकों के परिजनों को 2 लाख की सहायता
पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार ने कहा कि यह सड़क हादसा काफी दुखद है। प्रशासन सभी घायलों को बेहतर इलाज मुहैया करवा रही है। जिले के वरीय अधिकारी लगातार जीएमसीएच में बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि सीएम रिलीफ फंड से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50_50 हजार मुआवजे के रूप में दी जा रही है। इसके अलावा सड़क दुर्घटना में मौत होने से आश्रितों को जो मुआवजा देने का प्रावधान है, उसे भी दिया दिया जाएगा। अधिकारियों को तत्काल पीड़ितों के खाते में राशि मुहैया करवाने का निर्देश दिया गया है।
घायलों के नाम इस प्रकार है- 1) काला हांसदा (50)- सहुआ मुफस्सिल, 2) रोशनी मुर्मू (7)- लवेरिया, 3) सुरघुस (7)- कटिहार, 4) रोशनी मुर्मू (4)- ठिकरी, 5) बीनू हांसदा (50)- पूर्णिया, 6) टेरेसा कुमारी (9)- कटिहार, 7) खुशबू मरांडी (19)- पूर्णिया, 8) रविन्द्र कुमार (40)- बेगुसराय, 9) बाबू लाल हांसदा (25)- सहुआ मुफस्सिल, 10) जीतू टुड्डू (45)- कुरसेला डगरूआ, 11) अजय हांसदा (24)- रानीपतरा, 12) ननकू हांसदा (55)- पूर्णिया, 13) संजय सोरेन (35)- कटिहार, 14) अनुप लाल टुड्डू ( 45)- कुम्हला कदवा, 15) उर्मिला देवी ( 35)- बीकोठी, 16) हंजू हांसदा (65)- सहुआ रानीपतरा, 17) रोहित कुमार (23)- केनगर। जबकि कई घायल ऐसे हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
इस्तीफा देने से पहले ही सामान शिफ्ट करने की खबरों से सियासी हलचल तेज
11 Apr, 2026 03:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है। लेकिन, शनिवार दोपहर कुछ ऐसा हुआ जिससे स्पष्ट मैसेज मिल गया कि जल्द से जल्द वह इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं। दोपहर एक अणे मार्ग स्थिति मुख्यमंत्री आवास से ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर सामान बाहर निकलने लगे। इसे सात सर्कुलर रोड स्थित बंगले पहुंचाया जा रहा है। हालांकि इस बंगले का इस्तेमाल अब तक सीएम नीतीश कुमार ही कर रहे थे। सीएम ऑफिस के रूप में इस बंगले का उपयोग किया जा रहा था। अब सीएम हाउस छोड़ने के बाद यही बंगला नीतीश कुमार का नया ठिकाना बनेगा।
2014 के बाद मुख्यमंत्री आवास छोड़ने की तैयारी में नीतीश कुमार
2014 में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस्तीफा देकर जीतन राम मांझी को बिहार का मुखिया बना दिया था तब उन्होंने अणे मार्ग स्थित सीएम हाउस छोड़ दिया था। उस वक्त भी उन्होंने अपना नया ठिकाना सात सकुर्लर रोड को ही बनाया था। अब करीब 12 साल बाद नीतीश कुमार वापस यहीं आ रहे हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस बंगले को पिछले कुछ दिनों से दुरुस्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद निरीक्षण करने आए थे। बताया जा हा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ही देखरेख में इस बंगले को बनवाया था।
रोजगार की तलाश में गांव से गए मर्द, अब सिर्फ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बचे
11 Apr, 2026 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गयाजी। बिहार के गयाजी जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र का गोही गांव आज पलायन की मार झेल रहा है। रोजगार की तलाश में लगभग सभी पुरुष गांव छोड़ चुके हैं, जिसके कारण दिन में भी यहां सन्नाटा पसरा रहता है। गांव में अब सिर्फ महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे ही नजर आते हैं, जो संघर्ष भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। गयाजी जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र स्थित गोही गांव की स्थिति विकास के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। करीब 1000 से 1200 की आबादी वाले इस गांव में अब केवल 10 फीसदी लोग ही रह गए हैं। गांव के लगभग सभी युवा और कामकाजी पुरुष रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर चुके हैं। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में रोजगार के साधनों की कमी सबसे बड़ी समस्या है। पहले खेती ही मुख्य आजीविका थी, लेकिन अब सिंचाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण खेती करना मुश्किल हो गया है। पहले समय पर बारिश हो जाती थी, जिससे किसी तरह गुजारा हो जाता था। साथ ही आसपास के जंगल भी ग्रामीणों के लिए सहारा थे।
आजीविका का दूसरा सहारा भी छिना
पहले लोग जंगल से लकड़ी और जड़ी-बूटियां इकट्ठा कर बाजार में बेचते थे, जिससे उनकी आजीविका चलती थी। लेकिन अब जंगल धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं, जिससे यह सहारा भी खत्म हो गया है। ऐसे में युवाओं के पास गांव में कोई रोजगार का विकल्प नहीं बचा।
दिल्ली-पंजाब समेत कई राज्यों में मजदूरी को मजबूर
मजबूरी में गांव के लोग दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और मुंबई जैसे शहरों में मजदूरी या छोटे-मोटे काम करने के लिए जा रहे हैं। ग्रामीण कृष्ण सिंह भोक्ता बताते हैं कि लोग 5-6 महीने बाहर रहकर काम करते हैं और फिर कुछ दिनों के लिए गांव लौटते हैं। गांव में बची महिलाएं अब घर और खेत दोनों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। बुजुर्गों और बच्चों की देखभाल भी उन्हीं के जिम्मे है। त्योहारों के समय ही कुछ पुरुष गांव लौटते हैं, जिससे थोड़ी रौनक दिखती है, अन्यथा गांव में सन्नाटा ही रहता है।
विकलांग बेटा भी कर रहा मजदूरी
बसंती देवी बताती हैं कि उनके दोनों बेटे कमाने के लिए बाहर चले गए हैं। वह खुद बहू के साथ जंगल से लकड़ी लाकर घर चला रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका एक बेटा विकलांग होने के बावजूद मुंबई में मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहा है। दोनों बेटे 4-5 महीने बाहर रहकर कमाते हैं और फिर कुछ समय के लिए गांव लौटते हैं। समाजसेवी हरेंद्र सिंह भोक्ता के अनुसार, गांव में लोगों के पास जमीन तो है, लेकिन सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। गांव के पास एक नाला है, जहां पुल नहीं होने से आवाजाही में दिक्कत होती है। दो साल पहले इसी नाले में डूबकर दो बच्चों की मौत भी हो चुकी है। शिक्षा की सीमित व्यवस्था है और स्वास्थ्य सुविधाएं लगभग नदारद हैं। नजदीकी अस्पताल 8 से 10 किलोमीटर दूर है।
धीरे-धीरे खाली होता जा रहा गांव
इन सभी समस्याओं के कारण गांव के करीब 90 फीसदी लोग मुंबई, चेन्नई, गुजरात, सूरत, बेंगलुरु, पंजाब और दिल्ली जैसे शहरों में काम करने को मजबूर हैं। त्योहारों को छोड़कर गांव में सिर्फ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग ही नजर आते हैं। गोही गांव की यह स्थिति साफ बताती है कि अगर गांवों में रोजगार और बुनियादी सुविधाएं नहीं बढ़ाई गईं, तो ऐसे कई गांव धीरे-धीरे पूरी तरह खाली हो जाएंगे।
राजस्व विभाग में बड़ी कार्रवाई, अफसरों पर विभागीय जांच के आदेश
11 Apr, 2026 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अररिया। बिहार के अररिया जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर तीन राजस्व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि नरपतगंज के अंचलाधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
तीन राजस्व कर्मचारी सस्पेंड
जिलाधिकारी के आदेश पर फारबिसगंज अंचल के विकास कुमार मंडल और राजेश कुमार शशि के साथ-साथ नरपतगंज अंचल की रेणु कुमारी को निलंबित किया गया है। इन सभी पर बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन और कार्यों में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत की गई है।
लंबित मामलों से प्रभावित हो रहे थे राजस्व कार्य
जांच में सामने आया कि विकास कुमार मंडल के लॉगिन में परिमार्जन प्लस और दाखिल-खारिज के सैकड़ों मामले लंबित थे, जिससे राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे थे। वहीं, राजेश कुमार शशि के पास भी बड़ी संख्या में मामले पेंडिंग पाए गए और समय पर जांच व रिपोर्ट नहीं देने की बात सामने आई।
वीडियो में अवैध वसूली का मामला उजागर
सबसे गंभीर मामला नरपतगंज अंचल की राजस्व कर्मचारी रेणु कुमारी का पाया गया। जांच के दौरान अवैध राशि मांगने का वीडियो सामने आया। इसके अलावा बिना विधिसम्मत प्रक्रिया के जमाबंदी सृजित करने जैसी अनियमितताएं भी सामने आई हैं।
अंचलाधिकारी पर भी गिरी गाज
जिलाधिकारी ने तीनों कर्मचारियों के खिलाफ प्रपत्र ‘क’ में आरोप पत्र गठित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही नरपतगंज अंचलाधिकारी के खिलाफ भी प्रपत्र ‘क’ के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
पोखर किनारे चुपके से शव जलाने की कोशिश
11 Apr, 2026 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नवविवाहिता की हत्या कर ससुरालवालों पर शव जलाकर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगा है। घटना के बाद सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। घटना जंदाहा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर बरबट्टा पंचायत के वार्ड संख्या पांच स्थित नसरतपुर गांव की है। मृतका की पहचान नीलम कुमारी (उम्र करीब 22 वर्ष), पति रोहित कुमार के रूप में हुई है। आरोप है कि ससुरालवालों ने हत्या करने के बाद शव को गांव के चंवर में बने पोखर के पास जला दिया।
11 महीने पहले हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, नीलम कुमारी जंदाहा थाना क्षेत्र के हुदहुदपुर निवासी विशुनधारी सिंह की पुत्री थी। उसकी शादी करीब 11 महीने पहले नसरतपुर निवासी रोहित कुमार के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शुक्रवार सुबह मृतका के मायके वालों को सूचना मिली कि नीलम की हत्या कर दी गई है और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को पोखर के पास जला दिया गया है। सूचना मिलते ही मायके के लोग ससुराल पहुंचे, लेकिन वहां कोई भी नहीं मिला। सभी आरोपी घर छोड़कर फरार थे।
पोखर के पास मिला शव जलाने का निशान
मायके के लोगों ने खुद खोजबीन की, जिसमें गांव के चंवर में बने पोखर के पास शव जलाने के निशान मिले। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही जंदाहा थानाध्यक्ष मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने शव की तलाश की, लेकिन वह पूरी तरह जलाया जा चुका था। घटनास्थल की घेराबंदी कर एफएसएल टीम को बुलाया गया। एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच के लिए सैंपल एकत्रित किए हैं।
कई जगहों पर छापेमारी
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी महुआ थाना क्षेत्र के किसी गांव में छिपे हैं। इसके बाद जंदाहा पुलिस ने महुआ पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी की, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घटना के बाद मृतका के मायके में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मायके वालों ने पुलिस को लिखित आवेदन देने की बात कही है, जिसके बाद मामले की विस्तृत जानकारी सामने आएगी। थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि घटना की सूचना के बाद पुलिस लगातार छापेमारी और जांच में जुटी है। लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पड़ोस की महिलाओं पर साजिश रचने का आरोप
11 Apr, 2026 09:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 12 साल की किशोरी को दरिंदगी का शिकार बनाया गया। देर रात हुई इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साजिश में शामिल तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी युवक अभी भी फरार है।
काम के बहाने ले गईं पड़ोस की महिलाएं
पीड़ित किशोरी के पिता ने बताया कि उन्हें रात में जानकारी मिली कि उनके पड़ोस की दो महिलाएं उनकी बेटी को काम का बहाना बनाकर फुसलाकर अपने साथ ले गई थीं। पिता के अनुसार, इनमें से दो महिलाओं को वे पहले से जानते थे, जबकि तीसरी को चेहरे से पहचानते थे। इन महिलाओं ने साजिश के तहत बच्ची को झांसा दिया और उसे एक किराए के मकान में ले गईं।
कमरे में पहले से मौजूद था दरिंदा
जैसे ही महिलाएं मासूम को लेकर मकान में पहुंचीं, वहां पहले से ही एक युवक मौजूद था। महिलाओं ने बच्ची को उस युवक के हवाले कर दिया, जिसने उसके साथ जघन्य अपराध (दुष्कर्म) किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक मौके से भाग निकला। घटना के बाद आरोपी महिलाओं ने डरी-सहमी बच्ची को कुछ दवाइयां दीं और उसे चुप कराने की कोशिश की ताकि मामला बाहर न आए।
पुलिस की कार्रवाई और FSL जांच
बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों आरोपी महिलाओं को हिरासत में ले लिया है। SDPO टाउन वन, सुरेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटनास्थल वाले कमरे को सील कर दिया गया है। साक्ष्य जुटाने के लिए FSL की टीम को मौके पर बुलाया गया है। पकड़ी गई तीनों महिलाओं से कड़ी पूछताछ की जा रही है और फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। मासूम के साथ हुई इस हैवानियत के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपी युवक की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
44 लाख के गहने बरामद, 12 आरोपी गिरफ्तार
11 Apr, 2026 08:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। के नगर थाना क्षेत्र स्थित प्रेम ज्वेलर्स में 3 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई लूट की बड़ी घटना का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। बिहार STF और दरभंगा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लूटे गए गहनों की बड़ी खेप बरामद की गई है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने बताया कि इस मामले में 8 किलो 630 ग्राम चांदी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 23 लाख रुपये है, और 156.44 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। कुल बरामद गहनों की कीमत करीब 44 लाख रुपये आंकी गई है। यह बरामदगी बेगूसराय जिले के वृन्दावन स्थित संदीप सिंह के घर से की गई, जहां गहनों को मिट्टी खोदकर गड्ढे में छुपाया गया था। इस दौरान संदीप सिंह, उसकी मां उषा देवी और पिता संजय सिंह को गिरफ्तार किया गया।
जेल से रची गई थी लूट की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस लूट की पूरी साजिश दलसिंहसराय जेल से रची गई थी। जेल में बंद कुछ अपराधियों के इशारे पर 20 से ज्यादा अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अधिकांश आरोपी नए हैं और उनका कोई बड़ा आपराधिक इतिहास अब तक सामने नहीं आया है। बिहार STF और दरभंगा पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 12 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद सबसे पहले मंसूरचक इलाके में छापेमारी कर छह अपराधियों को पकड़ा गया, जबकि एक आरोपी मंगल सिंह का एनकाउंटर हुआ। इसके बाद दलसिंहसराय थाना क्षेत्र से एक आरोपी गिरफ्तार किया गया और एक ने बेगूसराय कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। वहीं, दरभंगा पुलिस असम से भी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लाई।
ज्वेलर्स स्टाफ ने निभाई थी ‘लाइनर’ की भूमिका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लहेरियासराय थाना क्षेत्र के बाकरगंज स्थित एक स्वर्ण व्यवसायी के स्टाफ अभिषेक सोनी और ऋषिकेश सोनी ने इस लूट में लाइनर की भूमिका निभाई थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कई दिनों तक दुकान की रेकी की थी और उसी आधार पर पूरी घटना को अंजाम दिया गया।
3 अप्रैल को दोपहर में चार अपराधी प्रेम ज्वेलर्स की दुकान में घुसे और लूट की घटना को अंजाम दिया। दुकान के मालिक मनोज ठाकुर ने नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी में बताया था कि करीब 700 ग्राम सोना, 25 किलो चांदी और लगभग 25 लाख रुपये नकद लूट लिए गए। घटना के बाद दरभंगा पुलिस लगातार अपराधियों के पीछे लगी रही। 34 घंटे के भीतर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार आरोपी मंगल सिंह से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने बताया कि आरोपियों के पास से 12 पिस्टल, 8 गोली, दो बाइक और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है और जल्द ही पूरे मामले का पूरी तरह खुलासा कर लिया जाएगा।
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