बिहार-झारखण्ड
अमेरिकी बेस कैंप पर हमले की खबर से बढ़ा डर का माहौल
10 Apr, 2026 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच भले ही सीजफायर की घोषणा हो चुकी हो, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र के कथैया गांव निवासी दीपू तीन दिन पहले यूएई से अपने घर लौटे। घर लौटने के बाद उन्होंने खाड़ी देशों में चल रहे हालात की आपबीती साझा की, जिसने वहां की सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को उजागर किया।
अबू धाबी में नौकरी और अचानक बढ़ा तनाव
दीपू बताते हैं कि वे करीब छह महीने पहले यूएई के अबू धाबी गए थे और वहां यूरो मैकेनिकल कंपनी के टेक्निकल डिवीजन में काम कर रहे थे। नौकरी के शुरुआती चार महीने तक सब सामान्य था, लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण हालात अचानक बदल गए। उन्होंने कहा कि उन्हें कभी उम्मीद नहीं थी कि इतना सुरक्षित माना जाने वाला देश भी मिसाइल हमलों की चपेट में आ सकता है।
यूएस बेस कैंप धमाके से फैला डर
दीपू के अनुसार, जिस इलाके में वे रहते थे वहां से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर अमेरिकी बेस कैंप स्थित था, जहां एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी थी। घटना के समय वे अपने घर पर ही थे, लेकिन तेज धमाके ने सभी को दहशत में डाल दिया। इस घटना के बाद लगातार डर का माहौल बना रहा और परिवार की चिंता भी बढ़ गई।
हजारों विदेशी कर्मचारी रहते थे साथ
दीपू ने बताया कि जिस स्थान पर वे रहते थे वहां 500 से अधिक लोग विभिन्न देशों से आए हुए थे, जिनमें सबसे अधिक भारतीय थे। वर्तमान हालात को देखते हुए कंपनी ने सभी कर्मचारियों को छुट्टी देकर अपने देश भेजने का फैसला लिया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि स्थिति सामान्य होने तक सभी अपने घरों में ही रहें और परिवार के साथ समय बिताएं।
पिता की खुशी और डर का अनुभव
दीपू के पिता पुलेंद्र सिंह ने बताया कि बेटा युद्ध जैसे हालात के बीच सुरक्षित घर लौट आया है, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि रोजाना टीवी और न्यूज में युद्ध और हमलों की खबरें देखकर डर बना रहता था। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें बड़ा बेटा गुजरात में काम करता है जबकि छोटा दीपू अबू धाबी में नौकरी करता था।
मोबाइल अलर्ट सिस्टम से बढ़ती सतर्कता
दीपू ने बताया कि तनाव के दौरान वहां की सरकार और सेना लगातार मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजती थी। किसी भी संभावित हमले या खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षा अलर्ट मिल जाता था, जिसके बाद सभी लोग सेफ रूम में चले जाते थे। स्थिति सामान्य होने पर “ऑल क्लियर” का मैसेज भेजा जाता था। वे लगातार मोबाइल पर नजर रखते थे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सतर्क हो सकें। अब घर लौटकर वे अपने परिवार के साथ समय बिताकर बेहद खुश हैं।
छात्रों में भारी आक्रोश, निष्पक्षता पर उठे गंभीर सवाल
10 Apr, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। प्रतिष्ठित संस्थान इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में एमबीबीएस और पीजी की फाइनल परीक्षाओं में धांधली का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक बेनाम ईमेल ने संस्थान की परीक्षा प्रणाली की पोल खोलकर रख दी है।
ऐसे हुआ खुलासा
मिली जानकारी के मुताबिक़ 11 मार्च को संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार को एक गोपनीय ईमेल मिला। इस ईमेल में डीन परीक्षा कार्यालय के ही एक गैर-शिक्षण कर्मचारी पर छात्रों के साथ मिलीभगत कर उन्हें अनुचित लाभ पहुँचाने का सीधा आरोप लगाया गया था, लेकिन इसके बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज डीन प्रकाश दूबे ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। हालांकि डीन डॉ. प्रकाश दूबे के त्यागपत्र देने के बाद 2 अप्रैल को डॉ. नीरू गोयल को नए डीन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद इस मामले को लेकर 7 अप्रैल को एक बैठक का आयोजन किया गया, लेकिन इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. बिंदे कुमार बैठक में शामिल नहीं हुए।
जांच में क्या मिला?
मामले की जांच होने पर 17 मार्च को डीन, एसोसिएट डीन और रजिस्ट्रार की मौजूदगी में हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसमें सच सामने आ गया। जाँच में स्पष्ट हुआ कि एमबीबीएस 2025 की परीक्षा के सीलबंद पैकेट खोले गए और दस्तावेजों में हेरफेर की गई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि उत्तर पुस्तिकाओं, कोडेड लीफलेट्स और अटेंडेंस शीट में भारी विसंगतियां हैं, जो जालसाजी को प्रमाणित करते हैं।
छात्रों के होठों पर है चुप्पी
हालांकि इस मामले को लेकर कोई भी छात्र कुछ भी बोलने से परहेज कर रहा है। इसके पीछे का कारण उन छात्रों का डर है, जिसने उन छात्रों को कुछ भी बोलने से रोक रहा है। उन छात्रों का मन्ना है कि इस मामले पर कुछ भी बोलने पर उन छात्रों को टार्गेट किया जा सकता है। हालांकि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी भी है, लेकिन टारगेट किए जाने के डर से छात्र खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। हालांकि नाम नहीं छपने की शर्त पर कुछ छात्रों ने बताया कि सिर्फ रसूखदार और बड़े लोगों के बच्चों को बचाने के लिए मुख्य दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। बताया जाता है कि इस मामले में लगभग 40-50 छात्रों की संलिप्तता है, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई के नाम पर हर कोई खामोश है। उनका कहना है कि इस मामले की किसी बाहरी एजेंसी से जांच करवानी चाहिए, ताकि सच सबके सामने आ सके और आरोपी छात्रों के साथ साथ सफेदपोश पर भी प्रशासनिक कार्रवाई हो सके।
संदिग्ध हालात में मिली लाश, हत्या या आत्महत्या—जांच में जुटी पुलिस
10 Apr, 2026 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई। सदर थाना क्षेत्र के नगर निगम वार्ड नंबर 2 स्थित गोबरगढ़ पासवान टोला में 25 वर्षीय युवक का शव आम के पेड़ से लटका मिला। सुबह-सुबह शव देखने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान नंदन पासवान के बड़े बेटे आकाश कुमार उर्फ डोमी के रूप में हुई है।
नाबालिग से प्रेम प्रसंग का मामला
परिजनों के अनुसार आकाश मधेपुरा की एक डेयरी में काम करता था और करीब एक साल पहले उसने एक पिकअप वाहन खरीदा था। इसी दौरान उसका एक नाबालिग लड़की से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पहले वह लड़की को अपने घर ले आया था, जिसके बाद लड़की के परिजनों ने थाने में अपहरण का मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया था।
गाड़ी विवाद और घटना से पहले की स्थिति
मृतक के चाचा दशरथ पासवान ने आरोप लगाया कि अपहरण केस के बाद लड़की के परिजनों ने आकाश की पिकअप गाड़ी गायब कर दी थी। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम को आकाश घर लौटा था और वह काफी खुश नजर आ रहा था। उसने खुशी में लड्डू भी बांटे और लोगों से कहा था कि उसकी गाड़ी जल्द मिल जाएगी। लेकिन अगले ही सुबह उसका शव घर के पास ही पेड़ से लटका मिला।
शादीशुदा था युवक, परिवार में कोहराम
हैरानी की बात यह भी है कि आकाश पहले से शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता था। घटना के समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी, वह कुछ दिन पहले ही अपने मायके गई हुई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि परिजन प्रेम प्रसंग और उससे जुड़े तनाव को वजह बता रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अचानक गिरी भारी टहनी से बच्चे की मौके पर ही मौत
10 Apr, 2026 10:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजगीर। बिहार के पर्यटन नगरी राजगीर से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां सड़क किनारे सो रहे एक 7 वर्षीय मासूम की पेड़ की भारी टहनी गिरने से मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
फुटपाथ पर सोते समय हुआ हादसा
राजगीर थाना क्षेत्र के गौरक्षणी के पास शुक्रवार अहले सुबह यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे फुटपाथ पर सो रहे मासूम अमरजीत कुमार के ऊपर अचानक पेड़ की भारी टहनी गिर गई। इस हादसे में बच्चे की मौके पर ही दबकर मौत हो गई। मृतक की पहचान राजगीर निवासी सोनू मांझी के 7 वर्षीय पुत्र अमरजीत कुमार के रूप में हुई है।
ट्रक के गुजरने से टूटी टहनी, मासूम पर गिरी
मृतक के नाना दशरथ मांझी ने बताया कि पूरा परिवार फुटपाथ पर झोपड़ी बनाकर रहता है। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे अमरजीत झोपड़ी के बाहर सो रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक सड़क से गुजरा, जिसके झटके या टक्कर से पेड़ की बड़ी टहनी टूटकर सीधे बच्चे के ऊपर गिर गई। परिजन जब तक बाहर निकलते, तब तक मासूम टहनी के नीचे दब चुका था और उसकी मौत हो चुकी थी।
गरीबी में गुजर-बसर कर रहा था परिवार
अमरजीत का परिवार बेहद गरीब है। परिवार के सदस्य दिन में ब्रह्म कुंड परिसर में भिक्षाटन कर अपना और बच्चों का पेट पालते हैं। इस अचानक हुए हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे झुकी पेड़ की टहनियों की समय पर कटाई नहीं की गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ों की छटाई कर दी जाती, तो इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस जांच में जुटी, अज्ञात वाहन की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही राजगीर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि किसी अज्ञात वाहन के झटके से टहनी गिरी। फिलहाल पुलिस उस वाहन की पहचान में जुटी है और परिजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इश्क में अंधी होकर महिला ने पार की सामाजिक मर्यादाएं
10 Apr, 2026 08:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शादीशुदा महिला अपने ही देवर के बेटे के साथ फरार हो गई। महिला अपनी ढाई साल की मासूम बेटी, गहने और 50 हजार रुपये नगद भी साथ ले गई है। मामले में सास ने थाने में शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है।
भतीजे के साथ फरार हुई महिला, बच्ची भी साथ ले गई
दरभंगा जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र के टिकापट्टी गांव की रहने वाली 22 वर्षीय चांदनी देवी अपने देवर के बेटे प्रभाष लाल देव (23 वर्ष) के साथ फरार हो गई है। महिला अपनी ढाई साल की बेटी को भी साथ ले गई है। इस मामले को लेकर महिला की सास रेखा देवी ने अलीनगर थाना में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है।
गहने और 50 हजार रुपये भी साथ ले जाने का आरोप
थाने में दिए गए आवेदन में सास ने आरोप लगाया है कि चांदनी देवी घर से गहने-जेवर और 50 हजार रुपये नगद भी अपने साथ ले गई है। घटना के बाद से ही महिला और युवक दोनों का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
दो साल से चल रहा था प्रेम संबंध
सास रेखा देवी ने बताया कि उनकी बहू का देवर के बेटे प्रभाष के साथ पिछले करीब दो साल से प्रेम संबंध चल रहा था। इस बात की जानकारी कई बार प्रभाष के पिता कृष्ण मुरारी देव को भी दी गई, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। रेखा देवी ने बताया कि उनके बेटे गोपाल लाल देव की शादी चार साल पहले चांदनी देवी से हुई थी। दोनों की एक ढाई साल की बेटी भी है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा मुंबई की एक निजी कंपनी में काम करता है। शादी के बाद कुछ समय तक सब ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे चांदनी के व्यवहार में बदलाव आने लगा और उसने परिवार से बातचीत कम कर दी।
मायके से लौटने के बाद हुई फरारी
परिवार के अनुसार, तबीयत खराब होने पर चांदनी अपने मायके चली गई थी। कुछ दिन बाद 12 मार्च को उसका भाई उसे वापस ससुराल छोड़ गया। लेकिन 20 मार्च को वह अचानक प्रभाष के साथ फरार हो गई। परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पति ने कहा- अब साथ नहीं रखना चाहता
महिला के पति गोपाल लाल देव ने बताया कि उनकी पत्नी उनके ही भतीजे के साथ फरार हो गई है। उन्होंने कहा कि अब वह पत्नी के इस व्यवहार से परेशान हो चुके हैं और उसके साथ नहीं रहना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी ने उन्हें पत्नी को साथ रखने के लिए मजबूर किया तो वह कोई खौफनाक कदम उठा सकते हैं।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, तलाश जारी
अलीनगर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार शर्मा ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस महिला और बच्ची की तलाश के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही दोनों को सकुशल बरामद करने के साथ आरोपी को गिरफ्तार करने की बात कही है।
भिड़ंत में एक युवक की मौके पर मौत, दो लोग गंभीर रूप से घायल
10 Apr, 2026 07:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में तेज रफ्तार का खौफनाक असर देखने को मिला, जहां बाइक और पिकअप वैन की भीषण टक्कर में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पिकअप वैन चालक मौके से फरार हो गया।
देर शाम हुआ भीषण सड़क हादसा
मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि मुशहरी की ओर से बाइक पर सवार तीन युवक शहर की तरफ लौट रहे थे। वहीं, शहर से एक पिकअप वैन मुशहरी की ओर जा रही थी। इसी दौरान राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के पास दोनों वाहनों के बीच जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त कि उड़ गए बाइक के परखच्चे
हादसा इतना भीषण था कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मिठनपुरा थाना क्षेत्र के कन्हौली गांव निवासी दीपक कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। वहीं, दो अन्य गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घायल दोनों युवक मृतक के दोस्त और कन्हौली गांव के ही निवासी बताए गए हैं।
हादसे के बाद चालक फरार, पिकअप वैन पलटी
हादसे के बाद पिकअप वैन चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। टक्कर के बाद पिकअप वैन भी पलट गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे लोग पास की दुकान पर बैठे थे, तभी अचानक जोरदार आवाज हुई। देखा तो बाइक और पिकअप वैन की टक्कर हो चुकी थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और पिकअप वैन पलट गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और अफरा-तफरी मच गई। बाद में पुलिस पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां एक युवक की मौत हो गई।
ओवर स्पीड बना हादसे का कारण: थाना प्रभारी
मुशहरी थाना प्रभारी सुबोध कुमार मेहता ने बताया कि सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हुई है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। उन्होंने बताया कि हादसे का मुख्य कारण ओवर स्पीड था। पिकअप वैन पलट गई और चालक मौके से भागने में सफल रहा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
सिलिंडर के बिना ठप रसोई, प्रशासन के दावे फेल
9 Apr, 2026 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिमी चंपारण। बेतिया में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन के दावों के बीच एक महत्वपूर्ण जनसेवा प्रभावित होती नजर आ रही है। शहर के पुलिस केंद्र में संचालित 'जीविका दीदी की रसोई' इन दिनों गंभीर गैस संकट से जूझ रही है। जानकारी के अनुसार, रसोई में उपयोग होने वाला एलपीजी गैस पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जिसके कारण भोजन बनाने की प्रक्रिया ठप पड़ गई है। यह रसोई प्रतिदिन कर्मियों के लिए भोजन तैयार करती है और इसके संचालन के लिए रोजाना करीब दो एलपीजी गैस सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। ऐसे में गैस खत्म हो जाने से न केवल रसोई के कामकाज पर असर पड़ा है, बल्कि इससे लाभान्वित होने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गैस नहीं होने के कारण जल ही नहीं पा रहा चूल्हा
मौके पर स्थिति यह है कि जीविका दीदियों द्वारा भोजन बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। प्याज और अन्य सब्जियां काटकर तैयार रखी गई हैं, लेकिन गैस नहीं होने के कारण चूल्हा जल ही नहीं पा रहा है। इससे रसोई में काम करने वाली महिलाओं में भी निराशा देखी जा रही है, क्योंकि उनकी मेहनत के बावजूद भोजन तैयार नहीं हो पा रहा है। जीविका दीदी की रसोई से जुड़े अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से तत्काल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही गैस उपलब्ध नहीं कराई गई, तो रसोई का संचालन पूरी तरह बाधित हो सकता है। इससे उन लोगों पर सीधा असर पड़ेगा, जो प्रतिदिन यहां मिलने वाले भोजन पर निर्भर हैं।
प्रशासन का दावा फेल
गौरतलब है कि हाल के दिनों में जिला प्रशासन लगातार यह दावा करता रहा है कि जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। लेकिन पुलिस केंद्र स्थित इस रसोई में गैस खत्म होने की स्थिति प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यह मामला प्रशासन की उदासीनता और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करता है। जब सार्वजनिक सेवा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण रसोई की यह स्थिति है, तो आम लोगों को गैस उपलब्धता को लेकर कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा होगा। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और कब तक 'जीविका दीदी की रसोई' को पुनः सुचारु रूप से चालू कराया जाता है।
फिल्मी अंदाज में किडनैपिंग, पुलिस की तेजी से खुली सच्चाई
9 Apr, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के हरसिंगपुर गांव में बुधवार को एक नाबालिग लड़की का बाइक सवार दो युवकों ने उसके घर के दरवाजे से अपहरण कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए करीब पांच घंटे के भीतर ही लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। वहीं, दोनों आरोपियों हरसिंगपुर निवासी मो. अमान और अलीनगर थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव निवासी समीर खान की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि लड़की की मां के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीड़िता की मां ने बताया कैसे बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम
पीड़िता की मां ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी 16 वर्षीय बेटी घर के सामने दरवाजे पर खड़ी थी। इसी दौरान अपाचे बाइक पर सवार दो युवक, मो. अमान और समीर खान, वहां पहुंचे। दोनों ने लड़की का मुंह दबाकर जबरन बाइक पर बैठाया और फरार हो गए। मां के शोर मचाने पर जब तक लोग इकट्ठा होते, तब तक आरोपी लड़की को लेकर भाग चुके थे।
आरोपी की मां ने पीड़िता की मां को दी जान से मारने की धमकी
घटना के बाद पीड़िता की मां अपने परिजनों और ग्रामीणों के साथ आरोपी मो. अमान के घर पहुंचीं और बेटी को वापस करने की मांग की। इस दौरान अमान के परिजनों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। मां ने आरोप लगाया कि इकबाल की पत्नी ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। काफी हंगामे के बाद स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, जिसके बाद उन्होंने घनश्यामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पांच घंटे के भीतर ही लड़की बरामद
थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस की सक्रियता के चलते घटना के महज पांच घंटे के भीतर ही लड़की को बेनीपुर बाजार से सकुशल बरामद कर लिया गया। उन्होंने बताया कि मामले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
ऑडियो वायरल: SHO पर पक्षपात का आरोप, केस दर्ज कराने को लेकर दबाव
9 Apr, 2026 09:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिवान। एमएच नगर थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के समीप बीते रविवार की शाम एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, लेकिन इस पूरे मामले में अब पुलिस की भूमिका ही कटघरे में खड़ी हो गई है। ऑटो और स्कॉर्पियो के बीच साइड लेने को लेकर शुरू हुई कहासुनी फायरिंग, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले तक पहुंच गई।
पुलिस पर हमलावरों ने किया था हमला
ऑटो चालक के आवेदन के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार कुख्यात अपराधी चंदन सिंह और उसके साथियों ने उस पर फायरिंग की। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चंदन सिंह की गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची एमएच नगर थाना की पुलिस पर भी हमला किया गया, जिसमें कई जवान घायल हो गए।
अब तक सात लोग गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं एक ऑटो चालक की ओर से, दूसरी चंदन सिंह की ओर से और तीसरी पुलिस पर हमले को लेकर। पुलिस ने चंदन सिंह समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब चंदन सिंह ने रघुनाथपुर विधानसभा के विधायक और पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा सहाब तथा उनके सहयोगी डब्ल्यू खान पर साजिश के तहत जानलेवा हमला कराने का आरोप लगाया।
थानेदार और मुखिया का ऑडियो वायरल
सबसे बड़ा विवाद उस वक्त खड़ा हुआ, जब घटना के दिन का एक कथित ऑडियो सामने आया। इस ऑडियो में एमएच नगर के थाना प्रभारी राजीव कुमार पटेल और रजनपुरा पंचायत के मुखिया मुर्शीद खान के बीच बातचीत सुनाई दे रही है, जिसने पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऑडियो में बातचीत इस प्रकार है:
मुर्शीद - हम तो घर चले आए हैं।
थाना प्रभारी - दिलवाइए न लिखकर, फिर कल कहिएगा कि केस यह नहीं किए, वह नहीं किए।
मुर्शीद - हम गए थे, लेकिन दोनों पक्ष समझौते के लिए ही थे।
थाना प्रभारी - यह सब समझौता होता है, इतना आग लगाकर?
मुर्शीद - हम तो चले आए।
थाना प्रभारी - चले नहीं आए, आइए और लिखवाकर बढ़िया से एक दीजिए।
मुर्शीद - फिर तो उसके घर वालों के पास जाना पड़ेगा न।
थाना प्रभारी - जो भी हो, आपका क्षेत्र है।
मुर्शीद - दोनों पक्ष की रुचि नहीं है केस करने में, देखे हैं तो हम चल दिए।
थाना प्रभारी - देखिए, पूरा बवाल हो गया है, पुलिस तो छोड़ेगी नहीं न।
मुर्शीद - दोनों पक्ष की रुचि नहीं थी, इसलिए हम चल दिए।
थाना प्रभारी - आप लिखवाकर दीजिए न, हम तो मुस्लिम पक्ष से हैं न, आप लिखवाकर दीजिए न।
मुर्शीद - ठीक है, हम देख रहे हैं, बात कर रहे हैं, ठीक है सर।
थाना प्रभारी - समझे, कितने देर में फोन करेंगे?
मुर्शीद - थोड़ी देर में ही उन लोगों के पास फोन कर रहे हैं।
थाना प्रभारी - ठीक है, जल्दी बात करके बताइए।
मुर्शीद - ठीक है सर।
थाना प्रभारी बना रहे केस लिखवाने का दबाव
इस पूरे ऑडियो में जहां एक ओर मुखिया लगातार यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि दोनों पक्ष केस नहीं करना चाहते और समझौते के मूड में हैं, वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी द्वारा आवेदन दिलवाने के लिए दबाव बनाने और खुद को एक समुदाय विशेष के पक्ष में बताने की बात सामने आ रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस अब निष्पक्ष कानून व्यवस्था की जगह संख्या और समुदाय के आधार पर काम करेगी? क्या न्याय की जगह ‘पक्ष’ देखकर कार्रवाई होगी?
थानेदार ने पत्रकार से किया अशिष्टपूर्ण व्यवहार
जब इस संबंध में थाना प्रभारी राजीव कुमार पटेल से बात की गई, तो उन्होंने पहले मुखिया को पहचानने से ही इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, संवाददाता से बातचीत के दौरान उनका रवैया भी बेहद कड़ा और अशिष्टपूर्ण रहा।
एसपी ने कही जांच की बात
वहीं, जब एसपी पूरन कुमार झा से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया ली गई, तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही, लेकिन जांच कराने का आश्वासन जरूर दिया। अब सवाल यह है कि क्या इस ऑडियो की निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? सीवान की जनता जवाब चाहती है।
मामूली किराये के विवाद ने लिया हिंसक रूप, बस स्टाफ पर हमला
9 Apr, 2026 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नालंदा। जिले में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने महज चंद रुपयों के विवाद में एक बस के चालक और परिचालक को सरेराह मौत के मुहाने पर धकेल दिया। घटना जय बाबा गोविंद बस सर्विस से जुड़ी है, जहां बुधवार की शाम बदमाशों ने बस के भीतर और सड़क पर सरेआम तांडव मचाया। इस पूरी वारदात का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बदमाश कंडक्टर को बस से घसीटकर बाहर निकालते और बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। इस हमले में बस के चालक और परिचालक गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराया गया है।
बिहार शरीफ से सरमेरा चलती है बस
बस मालिक ईशांक राज ने बताया कि उनकी बस बिहार शरीफ के रामचंद्रपुर बस स्टैंड से सरमेरा के लिए चलती है। बुधवार की शाम जब बस अपनी आखिरी ट्रिप पर जा रही थी, तभी भागन बीघा ओपी क्षेत्र के मोड़ा पिचासा मोड़ के पास एक युवक ने बस को रुकने का इशारा किया। युवक को अस्थवां थाना क्षेत्र के मालती मुस्तफापुर गांव जाना था, जिसके लिए कंडक्टर अरविंद कुमार ने 20 रुपये किराए की मांग की। हालांकि वास्तविक किराया 30 रुपये था, फिर भी युवक महज 10 रुपये देने पर अड़ गया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई और किराया कम देने के कारण कंडक्टर ने उसे बस पर सवार नहीं किया। इससे आक्रोशित होकर युवक ने अंजाम भुगतने की धमकी दी और तुरंत किसी को फोन कर दिया।
दिनभर का क्लेकशन भी लुटा
जैसे ही बस कुछ दूर आगे बढ़कर मालती मुस्तफापुर पहुंची, वहां पहले से ही हथियारों और लाठी-डंडों से लैस युवकों ने बस को घेर लिया। बस के रुकते ही बदमाश भीतर दाखिल हो गए और कंडक्टर अरविंद कुमार पर टूट पड़े। बदमाशों ने उसे बेरहमी से पीटते हुए बस से बाहर खींच लिया और बीच सड़क पर भी मारपीट जारी रखी। इस दौरान चालक ने जब बीच-बचाव की कोशिश की, तो उसे भी बुरी तरह जख्मी कर दिया गया। मारपीट के दौरान बदमाशों ने दिनभर का करीब 20 से 25 हजार रुपये का कलेक्शन लूट लिया। साथ ही ड्राइवर के गले से बजरंगबली का लॉकेट और कंडक्टर के गले से सोने की चेन भी झपट ली।
सहमे दिखे यात्री
वारदात के वक्त बस में सवार यात्री बुरी तरह सहम गए और खुद को बचाने के लिए सीटों के पीछे छिपते दिखे। पूरी घटना बस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें हमलावरों की बर्बरता साफ तौर पर दिखाई दे रही है।
थानाध्यक्ष को जानकारी नहीं
इस संबंध में जब अस्थवां थाना अध्यक्ष उत्तम कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं मिली है, पुलिस की इस अनभिज्ञता ने स्थानीय परिवहन कर्मियों और बस संचालकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सीएम चयन को लेकर सस्पेंस खत्म? नितिन नवीन बोले- NDA में सब कुछ स्पष्ट
9 Apr, 2026 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार में अगले मुख्यमंत्री को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। पूरी प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कहीं भी कोई मतभेद नहीं है। सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार चल रहा है। नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा गठबंधन धर्म का पालन करती आई है और इसी कारण सहयोगी दल उस पर भरोसा करते हैं। सभी फैसले नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लिए जा रहे हैं।
चुनाव को लेकर नितिन नवीन ने क्या कहा?
बंगाल, असम समेत अन्य राज्यों में चुनाव में प्रदर्शन के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सभी राज्यों में होने वाले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करेगी। तीन-भाषा फॉर्मूला पर उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य को आशंकित होने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप हम राष्ट्रवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन क्षेत्रीय पहचान का भी सम्मान करते हैं। हमारी प्राथमिकता सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना है।
एनडीए के सामने कोई चुनौती नहीं है?
विपक्ष को लेकर नितिन नवीन ने कहा कि जमीन पर एनडीए के सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका प्रभाव कमजोर पड़ चुका है। जनता उनके बारे में जान चुकी है। इसलिए उन्हें नकार दिया है।
परीक्षा की तैयारी के बीच युवती की मौत, मामले की जांच शुरू
9 Apr, 2026 09:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर। दीप नगर मोहल्ले में किराये के कमरे में रह रही 22 वर्षीय छात्रा सुलेखा कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव दुपट्टे के फंदे से फर्श पर अधलेटा मिला। कमरे का दरवाजा खुला हुआ था और अंदर सामान बिखरा पड़ा था, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
एफएसएल की टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना जोगसर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एफएसएल टीम को भी बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस को कमरे से एक चकनाचूर मोबाइल मिला, जिसकी बैटरी अलग पड़ी थी और सिम गायब था। इसके अलावा मृतका के बैग से एक दूसरा बंद मोबाइल, दो आधार कार्ड की फोटो कॉपी, एक डायरी और सिम से संबंधित एक लिफाफा बरामद किया गया है।
तीन महीने से किराए पर रह रही थी युवती
कमरे में सामान बिखरा होने से साजिश की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है, साथ ही जबरदस्ती की भी जांच की जा रही है। बताया जाता है कि सुलेखा पिछले तीन महीनों से एक मकान के चौथे तल पर बने सिंगल कमरे में किराये पर रह रही थी।
कैसे खुला मामला?
जानकारी के मुताबिक जब इसी मकान की दूसरी किरायेदार मोटर चलाने के लिए छत पर गई तो उसने मृतका के कमरे का दरवाजा खुला देखा। इसके बाद जब उसने अंदर झांका तो छात्रा फंदे से लटकी मिली। कमरे में लाश देखकर किरायेदार ने शोर मचाकर अन्य लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी।
पिता की दिसंबर में हुई थी मौत
मृतका मूल रूप से लोदीपुर के तहबलपुर की रहने वाली थी। उसके पिता की दिसंबर माह में बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद वह किराये पर रहकर काम करने के साथ-साथ बिहार पुलिस की तैयारी भी कर रही थी। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
नौ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दरोगा को टीम ने पकड़ा
8 Apr, 2026 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छपरा। बिहार पुलिस के एक दारोगा को 09 हजार रुपए लेते रंगेहाथों निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने किया है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि सारण जिले के डोरीगंज थाना क्षेत्र में तैनात एक दारोगा की घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तारी ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिया हैं। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस कार्रवाई से जहां एक ओर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोगों के बीच भी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
छापेमारी कर सब- इंस्पेक्टर को किया गया गिरफ्तार
पुलिस सूत्रों की मानें तो बुधवार की सुबह निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने डोरीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत दफ्तरपुर पेट्रोल पंप के समीप एक निजी आवास पर छापेमारी कर सब- इंस्पेक्टर मोहित कुमार को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। डोरीगंज थाने के थानाध्यक्ष राज शेखर ने दारोगा की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि रिश्वत किस विशेष मामले में ली जा रही थी। घटना के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है और उच्चाधिकारियों की नजर पूरे मामले पर बनी हुई है।
राहत दिलाने के बदले रिश्वत ले रहा था दरोगा
आरोपी दारोगा एक मामले में राहत दिलाने के बदले पैसे की मांग कर रहा था, जिसकी शिकायत मिलने के बाद निगरानी टीम ने इसकी पुष्टि की और योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया है। पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत जैसे ही मोहित कुमार ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मौके पर तैनात टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। छापेमारी के दौरान टीम ने आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए है, जो मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएगी।
पटना ले जाया गया आरोपी दरोगा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जाएगी। बताया जाता है कि निगरानी टीम पहले से ही दारोगा के आवास के आसपास सादे लिबास में मौजूद थी और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थी। लेन- देन शुरू होते ही टीम सक्रिय हुई और आरोपी को पकड़ लिया। इस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले समय में और खुलासे हो सकते हैं।
नाम हटाने के बदले ले रहा था रिश्वत
इस संबंध में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो टीम का नेतृत्व करने वाले डीएसपी मोहम्मद वसीम फिरोज ने बताया कि डोरीगंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शिकायत किया था कि दारोगा मोहित ने जमीनी विवाद से जुड़े एक मामले में उक्त व्यक्ति का नाम हटाने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत की जांच के बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाया और दारोगा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया है। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी दरोगा को अपने साथ पटना ले गई है।अधिकारियों के अनुसार बताया गया कि आरोपी दारोगा को बुधवार को पटना कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इससे पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले भी डोरीगंज थाना के ही एक अन्य दारोगा अमित कुमार पर 50 हजार रुपये की अवैध वसूली और धमकी देने के आरोप में निगरानी थाना, पटना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। राज्य के विभिन्न जिलों में इसी तरह के मामले लगातार सामने आ रहे है, जिस कारण पुलिस विभाग की छवि को धूमिल हो रही है। हालांकि, निगरानी की इस कार्रवाई से यह उम्मीद जरूर जगी है कि भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन बिहार पुलिस भी जीरो टोलरेंस की बात करती है।
मुख्यालय ने ASI और सिपाहियों की सेवा पुस्तिकाएं तलब कर प्रक्रिया तेज की
8 Apr, 2026 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार पुलिस में सिपाहियों को हवलदार और एएसआई के पदों पर उच्चतर कार्यकारी प्रभार देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। पुलिस मुख्यालय ने क्षेत्रीय चयन पर्षद की अनुशंसा के आधार पर त्रुटिरहित मनोनयन सूची तैयार करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत संबंधित पुलिसकर्मियों की सेवा-पुस्तिका के साथ अधिकारियों को मुख्यालय बुलाया गया है।
स्क्रीनिंग समिति की बैठक से पहले होगा सुधार
पुलिस उप-महानिरीक्षक (कार्मिक) ने इस संबंध में सभी वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार, केंद्रीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक से पहले सिपाही से हवलदार और सिपाही से सहायक अवर निरीक्षक के पदों पर प्रमोशन देने की तैयारी है। इसके लिए कार्मिकों की सूची में मौजूद त्रुटियों का निराकरण अनिवार्य है।
94 एएसआई की वरीयता सूची पर संशय
पुलिस मुख्यालय का कहना है कि 1 जुलाई 2025 तक कार्यरत सहायक अवर निरीक्षकों की राज्य स्तरीय वरीयता सूची प्रकाशित की जानी है। हालांकि, वर्तमान सूची में 94 एएसआई के विवरण में कुछ खामियां पाई गई हैं। इन विसंगतियों को दूर करने के लिए संबंधित इकाइयों से उनकी ओरिजिनल सेवा-पुस्तिकाएं मांगी गई हैं।
पटेल भवन में होगी दस्तावेजों की जां
पुलिस मुख्यालय का कहना है कि संबंधित जिलों और इकाइयों के रक्षित अवर निरीक्षक और सेवा-पुस्तिका प्रभारी को निर्धारित तिथियों पर पटना स्थित सरदार पटेल भवन में उपस्थित होना होगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर पहुंचें ताकि प्रोन्नति की प्रक्रिया में विलंब न हो।
छात्रों के लिए इंटर एडमिशन का ऑनलाइन पोर्टल आज से खुला
8 Apr, 2026 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। इंटर पास विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। उच्च माध्यमिक विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए 11वीं कक्षा में नामांकन की प्रक्रिया आज यानी 8 अप्रैल से शुरू हो रही है। इस बार राज्य के 10,003 शिक्षण संस्थानों में कुल 17.50 लाख से अधिक सीटों पर दाखिला होगा।
आवेदन करने से पहले इन बातों पर रखें ख्याल
नामांकन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। ऑफलाइन आवेदन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। छात्र आवेदन के दौरान न्यूनतम 10 और अधिकतम 20 शिक्षण संस्थानों का विकल्प चुन सकते हैं। एक बार विकल्प लॉक होने के बाद नामांकन प्रक्रिया के दौरान इनमें कोई बदलाव नहीं होगा। नामांकन के लिए 350 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। शुल्क जमा न होने की स्थिति में आवेदन पत्र रद्द कर दिया जाएगा। बिहार बोर्ड ने छात्रों को सलाह देते हुए कहा है कि वे आवेदन भरने से पहले पिछले वर्ष (2025) की मेधा सूची को वेबसाइट पर जरूर देख लें, ताकि वे अपनी प्राथमिकता सही ढंग से तय कर सकें।
डिग्री कॉलेजों में नहीं होगा नामांकन
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का कहना है कि इस बार केवल उच्च माध्यमिक स्तर की शिक्षा प्रदान करने वाले मान्यता प्राप्त सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों एवं इंटर कॉलेजों में ही दाखिला होगा। डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई और नामांकन की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। छात्र बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की आधिकारिक वेबसाइट www.ofssbihar.org पर जाकर 18 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। वहीं 9वें वर्ग में 30 अप्रैल तक नामांकन लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ज्योति कुलस्ते को दिया सुखद वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद
सोमनाथ हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान का है प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
विजय के समर्थन पर सस्पेंस, CPI गठबंधन शुक्रवार को करेगा ऐलान
डिप्टी CM नहीं, अब मंत्री बनेंगे निशांत कुमार! विभाग को लेकर अटकलें
यात्रियों को मिलेगी तेज और बेहतर टिकट बुकिंग सुविधा
सिंहस्थ मेला की व्यापक तैयारियों को लेकर भोपाल में सुरक्षा सम्मेलन व संगोष्ठी आयोजित
23 मिनट में बदली तस्वीर, जांबाजों की कार्रवाई से कांपा पाकिस्तान
‘आरोप साबित करें या माफी मांगें’: BJP का भगवंत मान को नोटिस
सम्राट चौधरी के जिम्मे बड़ा काम, मंत्रियों के विभागों का होगा बंटवारा
सिजेरियन ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, प्रसूता की मौत से उठे सवाल
