बिहार-झारखण्ड
सम्राट सरकार का मेगा प्लान: HUDCO के साथ 1 लाख करोड़ की ऐतिहासिक डील
3 Jul, 2026 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। बिहार में 12 अत्याधुनिक 'ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' (नए सिरे से बसने वाले आधुनिक शहर) विकसित करने के लिए एक ऐतिहासिक सहमति बनी है। शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD) और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के बीच एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) लोन और वित्तीय सहायता के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में संकल्प सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार और हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) संजय कुलश्रेष्ठ ने इस महा-समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
3 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में बसेंगे विश्वस्तरीय शहर
इस मेगा प्रोजेक्ट की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 3 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर इन 12 आधुनिक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को बसाया जाएगा। इन नए शहरों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वहां विश्वस्तरीय शहरी सुविधाएं, बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम, चौड़ी सड़कें, ग्रीन पार्क और आधुनिक आवास उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह समझौता बिहार के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो भविष्य की बढ़ती आबादी और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
लैंड पुलिंग मॉडल: किसानों को बनाया जाएगा प्रोजेक्ट पार्टनर
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका जमीन अधिग्रहण मॉडल है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टाउनशिप के विकास में किसानों के हितों की रक्षा के लिए 'लैंड पुलिंग मॉडल' अपनाया जाएगा, यानी किसान इस विकास में सीधे तौर पर भागीदार बनेंगे। इसके अलावा, जो किसान अपनी जमीन के बदले नकद मुआवजा लेने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से आवेदन करने के महज 30 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
₹1 लाख करोड़ हुडको
पटना। बिहार के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। बिहार में 12 अत्याधुनिक 'ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' (नए सिरे से बसने वाले आधुनिक शहर) विकसित करने के लिए एक ऐतिहासिक सहमति बनी है। शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD) और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के बीच एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) लोन और वित्तीय सहायता के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में संकल्प सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार और हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) संजय कुलश्रेष्ठ ने इस महा-समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
3 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में बसेंगे विश्वस्तरीय शहर
इस मेगा प्रोजेक्ट की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 3 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर इन 12 आधुनिक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को बसाया जाएगा। इन नए शहरों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वहां विश्वस्तरीय शहरी सुविधाएं, बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम, चौड़ी सड़कें, ग्रीन पार्क और आधुनिक आवास उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह समझौता बिहार के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो भविष्य की बढ़ती आबादी और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
लैंड पुलिंग मॉडल: किसानों को बनाया जाएगा प्रोजेक्ट पार्टनर
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका जमीन अधिग्रहण मॉडल है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टाउनशिप के विकास में किसानों के हितों की रक्षा के लिए 'लैंड पुलिंग मॉडल' अपनाया जाएगा, यानी किसान इस विकास में सीधे तौर पर भागीदार बनेंगे। इसके अलावा, जो किसान अपनी जमीन के बदले नकद मुआवजा लेने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से आवेदन करने के महज 30 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
₹1 लाख करोड़ हुडको से, ₹6 लाख करोड़ के निजी निवेश का बड़ा लक्ष्य
यह परियोजना बिहार के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय रोडमैप की जानकारी देते हुए बताया कि इन 12 नई टाउनशिप के शुरुआती विकास और बुनियादी ढांचे के लिए HUDCO के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसके साथ ही, इस इंफ्रास्ट्रक्चर के बूते आने वाले समय में निजी और संस्थागत क्षेत्रों (Private Investors) से करीब 6 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश बिहार में आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्य में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
से, ₹6 लाख करोड़ के निजी निवेश का बड़ा लक्ष्य
यह परियोजना बिहार के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय रोडमैप की जानकारी देते हुए बताया कि इन 12 नई टाउनशिप के शुरुआती विकास और बुनियादी ढांचे के लिए HUDCO के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसके साथ ही, इस इंफ्रास्ट्रक्चर के बूते आने वाले समय में निजी और संस्थागत क्षेत्रों (Private Investors) से करीब 6 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश बिहार में आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्य में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
हिंदी लेखन में झारखंड का जलवा: डॉ. मेघा रानी ने दुनिया में बनाई नई पहचान
3 Jul, 2026 01:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के नाम आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हो गई है। यहां की खेल और कला प्रतिभाओं के बाद अब साहित्य के क्षेत्र में भी रांची ने वैश्विक मंच पर अपना परचम लहराया है। शहर की जानी-मानी हिंदी लेखिका, समाजसेविका और साहित्य साधिका डॉ. मेघा रानी ने एक ऐसा अभूतपूर्व इतिहास रच दिया है, जिसने हर झारखंडवासी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
2 घंटे में रचे 120 मौलिक पन्ने, बनीं दुनिया की सबसे तेज लेखिका
डॉ. मेघा रानी ने अपनी असाधारण प्रतिभा और एकाग्रता का परिचय देते हुए महज 120 मिनट (2 घंटे) के भीतर पूरे 120 मौलिक (ओरिजिनल) पन्ने हाथ से लिखकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही वे आधिकारिक तौर पर दुनिया की सबसे तेज गति से हिंदी में हस्तलेखन (हैंडराइटिंग) करने वाली महिला बन गई हैं। उनके इस रिकॉर्ड को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी गई है।
कठिन परीक्षा और अटूट संकल्प से हासिल किया मुकाम
इस विश्व रिकॉर्ड की सबसे खास बात यह रही कि डॉ. मेघा रानी ने ये पन्ने कहीं से देखकर या कॉपी करके नहीं लिखे, बल्कि ये उनकी अपनी मौलिक रचनाएं थीं। लगातार दो घंटे तक बिना रुके, पूरी शुद्धता और तेज गति के साथ साहित्य सृजन करना अपने आप में एक बेहद कठिन चुनौती थी। डॉ. मेघा रानी ने साबित कर दिया कि झारखंड की प्रतिभाएं केवल सपने नहीं देखतीं, बल्कि अपनी कड़ी मेहनत, अटूट संकल्प और साधना से उन्हें विश्व पटल पर हकीकत में बदल देती हैं।
बधाइयों का तांता, साहित्य जगत में खुशी की लहर
इस शानदार वैश्विक रिकॉर्ड की घोषणा के बाद से ही डॉ. मेघा रानी को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। राज्य के प्रबुद्ध नागरिकों, साहित्यकारों और सामाजिक संगठनों ने इसे झारखंड के लिए एक युगांतकारी पल बताया है। जानकारों का कहना है कि हिंदी भाषा और हस्तलेखन के क्षेत्र में यह रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ी के युवाओं और उभरते हुए लेखकों के लिए एक महान प्रेरणा का काम करेगा।
खान सर को राहत का इंतजार: अग्रिम जमानत पर फैसला टला, अगली सुनवाई तय
3 Jul, 2026 12:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। 'खान ग्लोबल स्टडीज' के डायरेक्टर और मशहूर शिक्षक फैजल खान (खान सर) की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। जिला जज के अवकाश (छुट्टी) पर होने के कारण खान सर और इस मामले के अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई। अब अदालत इस मामले पर आगामी 7 जुलाई को सुनवाई करेगी, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिए थे हथियारों के दस्तावेज सौंपने के निर्देश
इससे पहले बीते 30 जून को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े हथियारों के दस्तावेज जमा करने के आदेश दिए थे। उस दिन लोक अभियोजक (सरकारी वकील) ने कोर्ट के सामने दलील दी थी कि फैजल खान के दोनों सुरक्षाकर्मियों (गार्ड्स) के पास जो हथियार थे, वे अवैध थे। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कोर्ट ने दस्तावेजों की मांग की थी।
लाइसेंसी हथियार या अवैध? बचाव पक्ष और पुलिस के अपने-अपने दावे
मामले में बचाव पक्ष के वकील अरविंद मौआर ने सरकारी वकील के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि दोनों गार्ड्स के हथियार पूरी तरह लाइसेंसी हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इन हथियारों के मूल दस्तावेज पुलिस पहले ही अपने कब्जे में ले चुकी है। गौरतलब है कि 2 जून की रात को कथित तौर पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग किए जाने का आरोप है, जिसके बाद कोर्ट ने 3 जुलाई की तारीख तय की थी जो अब जज की अनुपस्थिति के कारण आगे बढ़ा दी गई है।
कोचिंग सेंटर पर पथराव के बाद हुई थी फायरिंग, FIR में जुड़ा नाम
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि 2 जून की रात को 'खान ग्लोबल स्टडीज' कोचिंग सेंटर पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव और मारपीट की गई थी। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने या डराने के लिए गार्ड्स की तरफ से चार राउंड गोलियां चलाई गईं। आरोप है कि गार्ड्स ने यह फायरिंग फैजल खान (खान सर) के कहने पर ही की थी। इसी आधार पर पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी (FIR) में बाद में खान सर का नाम भी बतौर आरोपी शामिल किया था।
मामले में अन्य कोचिंग संचालकों पर भी हो चुकी है कार्रवाई
इस पूरे विवाद और झड़प के मामले में पुलिस पहले भी सख्त कार्रवाई कर चुकी है। खान सर से पहले 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर आ चुके हैं। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में 7 जुलाई को होने वाली सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है।
झारखंड के लिए बड़ी खुशखबरी! बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से जल्द विदेश यात्रा होगी आसान
3 Jul, 2026 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड के निवासियों का अपने राज्य से सीधे विदेश उड़ान भरने का पुराना सपना अब साकार होने के बेहद करीब पहुंच गया है। राजधानी रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के अनुकूल बनाने की कवायद काफी तेज हो चुकी है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने एयरपोर्ट पर मौजूद जरूरी बुनियादी ढांचों और सुविधाओं का बारीकी से सर्वे करने के बाद अपनी फाइनल रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी है।
सुरक्षा और संसाधनों का हुआ मूल्यांकन
इस विस्तृत रिपोर्ट में हवाई अड्डे पर फिलहाल उपलब्ध संसाधनों, सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन के लिए आवश्यक अन्य जरूरी पैमानों का पूरा ब्यौरा दिया गया है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार को अंतिम निर्णय लेना है।
क्यों बढ़ रही है अंतरराष्ट्रीय उड़ान की मांग?
अगर कागजी और तकनीकी औपचारिकताएं वक्त पर पूरी हो जाती हैं, तो आने वाले समय में रांची भी देश के उन खास शहरों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगा जहां से घरेलू के साथ-साथ सीधे इंटरनेशनल फ्लाइट्स की सुविधा मिलेगी। रांची एयरपोर्ट को यह नया दर्जा मिलने की सबसे बड़ी वजह यहां से सफर करने वाले मुसाफिरों की लगातार बढ़ती तादाद और झारखंड से सीधे विदेश यात्रा करने वाले लोगों की भारी मांग है।
रांची में चोरों की मौज, सूने घर बने निशाना; बैटरी चोर की गिरफ्तारी
3 Jul, 2026 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में चोरी की बढ़ती वारदातें आम जनता के लिए बड़ी चिंता का सबब बनती जा रही हैं। शहर के डोरंडा इलाके में चोरों ने दो बंद पड़े मकानों को अपना निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के कैश, जेवर और कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान पर हाथ साफ कर दिया। वहीं, दूसरी ओर हरमू हाउसिंग कॉलोनी में स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से एक शातिर चोर पकड़ा गया, जो दोबारा चोरी की नीयत से वहां पहुंचा था। एक ही दिन में सामने आईं इन घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डोरंडा में बंद घरों को बनाया निशाना, लाखों का माल पार
डोरंडा थाना क्षेत्र में शातिर चोरों ने सूने पड़े दो अलग-अलग मकानों के ताले तोड़कर बड़ी चोरी को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों ही मामलों में केस दर्ज कर लिया है:
बिरसा चौक (बंधुनगर): पहली घटना यहां की रहने वाली बिमला बड़ाईक के घर हुई। बिमला 19 जून को किसी काम से दिल्ली गई थीं। जब वह 30 जून को वापस लौटीं, तो घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। अंदर पूरा सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने घर से 3 गैस सिलेंडर, पीतल व कांसे के कीमती बर्तन और अलमारी में रखे करीब 50 हजार रुपये नकद उड़ा लिए।
श्यामली कॉलोनी: दूसरी वारदात यहां के एक वीआईपी बंगले में हुई। शिकायतकर्ता समरजीत जाधक के अनुसार, 31 मई से 6 जून के बीच जब बंगला बंद था, तब अज्ञात चोरों ने धावा बोला। चोर वहां से चांदी के आभूषण, एक सिल्वर बॉक्स, दो महंगे मोबाइल फोन और एक आईपैड (iPad) चुराकर फरार हो गए।
हरमू कॉलोनी: सीसीटीवी में कैद हुआ चोर, दोबारा आया तो लोगों ने दबोचा
चोरी की तीसरी घटना अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू हाउसिंग कॉलोनी से सामने आई। यहां के निवासी अभिषेक कुमार श्रीवास्तव के घर से बीते 29 जून को एक्साइड कंपनी की एक बड़ी बैटरी चोरी हो गई थी। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर घरवाले चोर को पहचान चुके थे।
1 जुलाई को वही संदिग्ध चोर उसी इलाके में दोबारा किसी दूसरी वारदात को अंजाम देने या रेकी करने पहुंचा। तभी स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ गई। लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए घेराबंदी की और उसे रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
सुरक्षा पर उठे सवाल, पुलिस जांच में जुटी
लगातार हो रही इन चोरियों से स्थानीय निवासियों में डर और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि पुलिस को रात के समय गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ानी चाहिए। फिलहाल डोरंडा और अरगोड़ा दोनों ही थानों की पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर मामले दर्ज कर लिए हैं और पकड़े गए संदिग्ध से पूछताछ के साथ-साथ अन्य मामलों के आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
घर से निकले, लेकिन लौटे नहीं... सुबह नाले किनारे मिली लाश, पोस्टमार्टम से खुलेगा राज
3 Jul, 2026 10:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहारशरीफ (नालंदा)। बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक बुजुर्ग का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बुजुर्ग का शव पुरानी थाना के पास एक नए बने नाले के किनारे पड़ा हुआ मिला। मृतक की पहचान दीपनगर बाजार के रहने वाले जीतन महतो (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय गनौरी महतो के पुत्र थे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सुबह नाले के पास मिला शव, चेहरे पर चोट के निशान
शुक्रवार सुबह जब आस-पास के लोग वहां से गुजरे, तो उन्होंने नाले के किनारे एक व्यक्ति को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत उनके परिवार को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने मृतक की पहचान जीतन महतो के रूप में की। मृतक के भतीजे रविशंकर ने बताया कि उनके चाचा का शव घर से महज 500 मीटर की दूरी पर मिला है। परिजनों का दावा है कि शव का चेहरा बुरी तरह सूजा हुआ था और मुंह से खून बह रहा था, जिससे साफ जाहिर होता है कि उनकी हत्या की गई है।
बहू से चल रहा था पारिवारिक विवाद, मिली थी जान से मारने की धमकी
परिजनों ने इस पूरी घटना के पीछे गहरे पारिवारिक विवाद का आरोप लगाया है। भतीजे के मुताबिक, पिछले दो दिनों से जीतन महतो और उनकी बहू स्वाति कुमारी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस चल रही थी। विवाद का कारण परिवार की ही एक महिला सदस्य का घर आना था, जिसका बहू लगातार विरोध कर रही थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि इस मामले में बीच-बचाव करने आए कुछ लोगों और बहू के पिता ने जीतन महतो को जान से मारने की धमकी दी थी। मृतक गुरुवार रात करीब 8 बजे से ही घर से लापता थे।
वैज्ञानिक जांच के लिए बुलाई गई FSL की टीम
वारदात की गंभीरता को देखते हुए दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार और विधि-व्यवस्था डीएसपी राम दुलार प्रसाद भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौके से वैज्ञानिक और पुख्ता सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह
डीएसपी राम दुलार प्रसाद ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस हर एंगल से इस घटना की जांच कर रही है। परिजनों ने घरेलू कलह के कारण हत्या की आशंका जताई है। पुलिस को अभी परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत (आवेदन) मिलने का इंतजार है। डीएसपी ने साफ किया कि शव को बिहारशरीफ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
'ट्रिपल टी' का जिक्र कर सम्राट चौधरी ने अपराधियों को दी खुली चेतावनी
2 Jul, 2026 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए एक बेहद कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य में जो भी व्यक्ति गलत और अनैतिक रास्तों को अपनाकर रातों-रात अमीर बनने का प्रयास करेगा, उसके लिए जेल के दरवाजे खुले हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने वालों के विरुद्ध कानून के तहत सबसे कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कानून के दायरे में सब, सतर्कता के लिए महाअभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सत्ता के किसी भी गलियारे या प्रशासनिक तंत्र में बैठा कोई भी व्यक्ति कानून से बड़ा नहीं है, चाहे वह कोई बड़ा नेता हो, मंत्री हो, विधायक हो या फिर वरिष्ठ अधिकारी। वह राजधानी में आयोजित बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस विशेष अवसर पर उन्होंने राज्य के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रहे 'बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह' का औपचारिक रूप से उद्घाटन किया। पूरे प्रदेश में सात दिनों तक चलने वाले इस व्यापक अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता के आठ दशकों बाद भ्रष्टाचार के उन्मूलन हेतु जन-जन तक जागरूकता फैलाना है।
केंद्र की तर्ज पर बिहार में पारदर्शी शासन का संकल्प
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में एक पारदर्शी, ईमानदार और जवाबदेह शासन व्यवस्था को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार की इसी पारदर्शी सोच और नीति को आगे बढ़ाते हुए बिहार सरकार भी राज्य के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा कर रही है। सरकार का मानना है कि जब तक आम नागरिक इस मुहिम से पूरी तरह नहीं जुड़ेगा, तब तक इस सामाजिक और प्रशासनिक बुराई को पूरी तरह जड़ से खत्म करना संभव नहीं होगा।
प्रशासनिक व्यवस्था का मुख्य आधार बनेगा ट्रिपल-टी सिद्धांत
शासन को और अधिक उत्तरदायी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक नए प्रशासनिक फॉर्मूले की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार अब टेक्नोलॉजी (तकनीक), ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) और ट्रस्ट (जन-विश्वास) के 'ट्रिपल-टी' सिद्धांत पर पूरी व्यवस्था को संचालित करेगी। सरकारी कामकाज में आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, जिससे सीधे तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचेगा और व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
आंतरिक जांच एजेंसियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने सतर्कता विभाग और उसकी सहयोगी इकाइयों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस मुहिम को और अधिक तेज करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बिहार के पास वर्तमान में विजिलेंस, स्पेशल विजिलेंस यूनिट और आर्थिक अपराध इकाई जैसी बेहद सक्षम और विशेषज्ञ जांच एजेंसियां मौजूद हैं। राज्य सरकार इन आंतरिक एजेंसियों को ढांचागत और तकनीकी रूप से इतना सुदृढ़ और प्रभावी बनाएगी कि भविष्य में किसी भी मामले की जांच के लिए बाहरी या केंद्रीय जांच एजेंसियों के हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता ही न पड़े।
पटना मेट्रो चली तो छिड़ी मजेदार नोकझोंक, नेताओं की हंसी ने बांधा समां
2 Jul, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की प्रशासनिक और राजनीतिक राजधानी पटना के इतिहास में गुरुवार का दिन एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ, जब शहर के ट्रैक पर पहली बार मेट्रो ट्रेन का संचालन किया गया। मलाही पकड़ी स्टेशन पर आयोजित एक विशेष उद्घाटन कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोनों उपमुख्यमंत्रियों विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ ट्रेन के विशेष कोच में सवार हुए। उनके साथ कैबिनेट मंत्री नीतीश मिश्रा और प्रशासन के कई वरिष्ठ आला अधिकारी भी इस ऐतिहासिक यात्रा के गवाह बने। तीन किलोमीटर का यह पहला सफर पूरी तरह से औपचारिक न रहकर बेहद खुशनुमा, हंसी-मजाक और आत्मीय ठहाकों से सराबोर रहा, जिसका समापन भूतनाथ स्टेशन पर हुआ।
सरकारी औपचारिकता से परे दिखा आपसी सौहार्द का माहौल
आमतौर पर किसी भी बड़ी सरकारी परियोजना के निरीक्षण या उद्घाटन दौरों में अत्यधिक औपचारिकता और गंभीरता का माहौल देखने को मिलता है, लेकिन पटना मेट्रो की इस पहली बोगी का नजारा इससे बिल्कुल जुदा था। सफर के दौरान बोगी की एक तरफ मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री बैठे थे, तो ठीक सामने की सीट पर सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता संजय सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और परियोजना के विशेष अधिकारी दीपक कुमार सहित अन्य तकनीकी टीम मौजूद थी। यात्रा के दौरान जहाँ एक ओर प्रशासनिक अधिकारी मेट्रो की बारीकियों और तकनीकी प्रगति की जानकारी दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर राजनेताओं की सहज बातचीत ने पूरे माहौल को बेहद जीवंत और हल्का-फुल्का बनाए रखा। इस सुखद यात्रा की कुछ झलकियां मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी साझा की हैं।
जिलों के जिक्र के बीच सुपौल को लेकर हुई मजेदार ठिठोली
सफर जैसे-जैसे आगे बढ़ता गया, बोगी के भीतर राजनीतिक और क्षेत्रीय चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया। बातचीत के सिलसिले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विभिन्न क्षेत्रों जैसे दरभंगा, खगड़िया, शिवहर और सिवान का विशेष उल्लेख करते हुए कुछ पुराने राजनीतिक किस्सों की तरफ इशारा किया। इसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने माहौल को और मजेदार बनाते हुए मुस्कुराकर टिप्पणी की कि कोई व्यक्ति चाहे किसी भी जिले का क्यों न हो, लेकिन बिना सुपौल के राज्य का काम नहीं चल सकता क्योंकि असली दिमाग तो वहीं है। उनका यह इशारा सीधे तौर पर सुपौल क्षेत्र से आने वाले वरिष्ठ उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की तरफ था, जिसे सुनते ही पूरी बोगी ठहाकों से गूंज उठी और स्वयं बिजेंद्र यादव भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
किशनगंज और सिलीगुड़ी तक जा पहुंची बोगी की चर्चा
मेट्रो की रफ्तार के साथ ही बोगी के भीतर चल रही बातचीत का दायरा भी बिहार की सीमाओं को लांघकर नेपाल बॉर्डर और पूर्वोत्तर भारत के प्रवेश द्वार तक जा पहुंचा। सफर के आखिरी चरण में जब विकास कार्यों के संदर्भ में किसी अधिकारी ने महज ढाई घंटे के भीतर सिलीगुड़ी पहुंचने की भौगोलिक कनेक्टिविटी का जिक्र छेड़ा, तो विजय कुमार चौधरी ने एक बार फिर अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में चुटकी ली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आप अब सुपौल की बात छोड़कर सीधे किशनगंज की चर्चा कर लीजिए, क्योंकि आप शायद इनके प्रभाव और राजनीतिक सूझबूझ से अभी पूरी तरह वाकिफ नहीं हैं। इस हल्के-फुल्के संवाद के साथ ही पटना मेट्रो का यह पहला सफल और ऐतिहासिक सफर आनंदमय वातावरण में संपन्न हो गया।
बिहार की चर्चित बांकीपुर सीट पर चुनावी बिगुल, नामांकन प्रक्रिया 6 जुलाई से
2 Jul, 2026 02:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की हाई-प्रोफाइल 182-बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का आधिकारिक एलान हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। यह सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी। निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होने के साथ ही इस राजधानी की सबसे चर्चित सीट पर सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है।
6 जुलाई से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया और चुनावी कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 6 जुलाई को जारी की जाएगी और इसी दिन से नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया की शुरुआत हो जाएगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जिसकी जांच 14 जुलाई को स्क्रूटनी के दौरान की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवारों को नाम वापसी के लिए 16 जुलाई तक का समय दिया जाएगा। नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद चुनाव प्रचार पूरी तरह से रफ्तार पकड़ेगा। अंततः 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा और 3 अगस्त को मतों की गणना के साथ ही परिणाम सबके सामने आ जाएंगे।
भाजपा और राजद की साख दांव पर, अभी नहीं खुले पत्ते
उपचुनाव के बिगुल बजने के बावजूद प्रमुख राजनीतिक दलों ने फिलहाल अपने उम्मीदवारों के नाम का औपचारिक एलान नहीं किया है। भारतीय जनता पार्टी के सामने अपने इस पारंपरिक गढ़ और मजबूत सीट को बचाए रखने की बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से पार्टी का मुख्य आधार रहा है। दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल इस सीट पर बड़ी जीत दर्ज कर सूबे की राजनीति में एक नया और मजबूत संदेश देने की कोशिश में है। दोनों ही खेमे फूक-फूंक कर कदम रख रहे हैं और सही समय पर अपने पत्ते खोलने की रणनीति बना रहे हैं।
तेज प्रताप यादव ने वीणा मानवी को उतारा, मुकाबला हुआ दिलचस्प
मुख्य दलों की सस्पेंस के बीच राजद से अलग राह पकड़ चुके तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की ओर से वीणा मानवी को उम्मीदवार घोषित कर सबसे पहले बाजी मार ली है। उनके इस कदम ने बांकीपुर के चुनावी दंगल को और भी ज्यादा दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घोषणा के बाद चुनावी मुकाबले में नए समीकरण उभर सकते हैं, जो मुख्य मुकाबले में त्रिकोणीय स्थिति पैदा करने का माद्दा रखते हैं।
प्रशांत किशोर की जन सुराज ने झोंकी ताकत, जमीन पर बढ़ी सक्रियता
इन सबके बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी बांकीपुर उपचुनाव को लेकर पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुके हैं। वह लगातार क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं, गलियों में लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं और जनता से भाजपा के खिलाफ बदलाव के लिए मतदान करने की अपील कर रहे हैं। जन सुराज की इस जमीनी सक्रियता और आक्रामक अभियान ने पारंपरिक राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं और बांकीपुर की जंग को इस समय बिहार की सबसे हॉट सीट बना दिया है।
छात्रों को मिली राहत, शिक्षकों की बढ़ी मुश्किलें; 65 कॉलेजों का मामला गरमाया
2 Jul, 2026 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड सरकार द्वारा महाविद्यालयों में संचालित इंटरमीडिएट की पढ़ाई को चरणबद्ध तरीके से प्लस-टू विद्यालयों में स्थानांतरित किए जाने के बाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सरकार के इस नीतिगत फैसले के बाद राज्य के 65 अंगीभूत महाविद्यालयों (Constituent Colleges) में कार्यरत शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी इस समय गंभीर आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। एक तरफ जहां छात्रों का नामांकन नए प्रारूप के तहत प्लस-टू स्कूलों में किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इन कॉलेजों में वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
शिक्षा नीति में बदलाव और उपजा नया संकट
राज्य सरकार ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से कॉलेजों से इंटरमीडिएट की पढ़ाई हटाकर उसे प्लस-टू विद्यालयों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया था। इस फैसले के कार्यान्वयन के बाद शैक्षणिक सत्रों में बदलाव तो आ गया, लेकिन इसके पीछे की जमीनी हकीकत काफी पेचीदा हो गई है। अंगीभूत कॉलेजों से इंटर के छात्रों का आधार खत्म होने के कारण वहां के पूरे ढांचे पर इसका सीधा असर पड़ा है, जिससे एक सुचारू रूप से चल रही व्यवस्था अचानक प्रभावित हो गई है।
कर्मचारियों के सामने गहराया गंभीर आर्थिक संकट
इस स्थानांतरण का सबसे बड़ा और सीधा प्रहार महाविद्यालयों के संविदा, तदर्थ और अन्य श्रेणी के शिक्षकों सहित गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों पर पड़ा है। छात्रों की संख्या घटने और इंटरमीडिएट सेक्शन के धीरे-धीरे बंद होने से इन कर्मचारियों के मानदेय और वेतन पर तलवार लटक गई है। कई परिवारों के सामने अचानक आजीविका का संकट खड़ा हो गया है, क्योंकि उनके आय का एकमात्र स्रोत यही महाविद्यालय थे।
समायोजन पर अब तक नहीं बन सकी कोई ठोस नीति
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे इन अनुभवी शिक्षकों और कर्मियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अब तक कोई ठोस नीतिगत निर्णय नहीं लिया जा सका है। उन्हें विभाग या अन्य सरकारी प्लस-टू विद्यालयों में किस प्रकार समायोजित (Adjust) किया जाएगा, इस पर प्रशासनिक स्तर पर केवल चर्चाएं ही चल रही हैं। किसी स्पष्ट नियमावली या सरकारी आदेश के अभाव में इन कर्मियों का भविष्य पूरी तरह से अधर में लटका हुआ दिखाई दे रहा है।
गांवों में रोजगार बढ़ाने की बड़ी पहल, बिहार सरकार ने लागू की VB G RAM G योजना
2 Jul, 2026 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना:देशभर में ग्रामीण आजीविका और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई और महत्वाकांक्षी योजना का औपचारिक आगाज हो गया है। 'विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम ग्रामीण' (VB G RAM G) योजना भव्य शुभारंभ के साथ गुरुवार को विधिवत रूप से पूरे देश में लागू कर दी गई। राष्ट्रीय स्तर पर शुरू की गई इस नई और ऐतिहासिक योजना की शुरुआत बिहार की राजधानी पटना के अधिवेशन भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में की गई, जहां राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। इस नई योजना के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
योजना के वित्तीय ढांचे में बड़ा बदलाव और बिहार का शेयर
योजना के शुभारंभ के अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इसके वित्तीय पहलुओं और राज्यों की बदलती जिम्मेदारी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि इस नए अधिनियम के तहत अब राज्यों को भी वित्तीय भागीदारी निभानी होगी। नई व्यवस्था के अनुसार, योजना में श्रमिकों की मजदूरी मद के लिए बिहार सरकार को अपने कोटे से लगभग 45 सौ करोड़ रुपये का योगदान (शेयर) देना होगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इससे पहले की व्यवस्था में राज्य सरकार को मजदूरी मद में एक भी रुपया शेयर के रूप में नहीं देना पड़ता था, क्योंकि वह पूरी तरह केंद्रीय अनुदान पर निर्भर था। इस बड़े वित्तीय बदलाव को देखते हुए राज्य सरकार ने अपने बजट में पहले ही आवश्यक प्रावधान कर लिए हैं।
डिजिटल माध्यम से केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति और कंपेडियम का विमोचन
अधिवेशन भवन में आयोजित इस गरिमामयी समारोह की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दी। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आंध्र प्रदेश के तिरुपति से ऑनलाइन माध्यम के जरिए इस शुभारंभ समारोह में सम्मिलित हुए और योजना को लेकर केंद्र सरकार के विजन को साझा किया। केंद्रीय मंत्री की वर्चुअल मौजूदगी के बीच, पटना के मुख्य मंच पर बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने योजना के सुचारू संचालन और इसके दिशा-निर्देशों से संबंधित एक विस्तृत कंपेडियम (संग्रह) का विमोचन भी किया। यह कंपेडियम योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में काम करेगा।
बिहार के लिए 6 हजार 715 करोड़ का अंतरिम बजट
योजना को राज्य में पूरी ताकत के साथ लागू करने और इसके सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर बजटीय आवंटन किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि बिहार जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य की जरूरतों और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से 6 हजार 715 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अंतरिम बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य बजट में अकुशल मजदूरी मद के लिए किए गए भारी प्रावधान और केंद्र से मिले इस अंतरिम बजट की मदद से बिहार के ग्रामीण इलाकों में जरूरतमंद श्रमिकों को ससमय रोजगार मुहैया कराया जा सकेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।
हाजीपुर के साइबर कैफे पर पुलिस का छापा, TET परीक्षा घोटाले की जांच तेज
2 Jul, 2026 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाजीपुर (बिहार):महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में कथित तौर पर हुई धांधली और अनियमितताओं के तार अब बिहार के वैशाली जिले से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस मामले की गहराई से जांच कर रही महाराष्ट्र पुलिस की एक विशेष टीम ने बुधवार की रात को हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के कचहरी रोड स्थित एक साइबर कैफे में अचानक दबिश दी। इस औचक कार्रवाई से पूरे इलाके में अचानक अफरा-तफरी मच गई और देर रात तक पुलिस की टीमें वहां सक्रिय रहीं। परीक्षा से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद से स्थानीय स्तर पर भी हड़कंप का माहौल है।
स्थानीय सहयोग से साइबर कैफे में छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस के आधा दर्जन से अधिक अधिकारियों की एक टीम हाजीपुर पहुंची। यहाँ स्थानीय नगर थाना पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से कचहरी रोड पर स्थित संबंधित साइबर कैफे की घेराबंदी की गई। नगर थाना अध्यक्ष सिकंदर कुमार के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस बल ने कार्रवाई के दौरान पूरा सहयोग दिया। पुलिस टीम ने कैफे के भीतर मौजूद संचालक को हिरासत में लेकर काफी देर तक गहन पूछताछ की। इस दौरान कैफे के अंदर आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी।
फर्जी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई टीईटी परीक्षा के लिए तैयार किए जा रहे फर्जी पहचान पत्रों, जाली प्रमाण पत्रों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क को खंगालने के उद्देश्य से की गई है। लगभग एक घंटे से भी अधिक समय तक चली इस छापेमारी में पुलिस ने कैफे में मौजूद कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क, डिजिटल रिकॉर्ड और कई अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की बारीकी से जांच की। जांच एजेंसियां अब आरोपियों के लैपटॉप, मोबाइल फोन और ईमेल खातों के जरिए इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों का सुराग लगाने की कोशिश कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क की हर कड़ी को आपस में जोड़ा जा सके।
पूर्व की गिरफ्तारियां और एसआईटी का गठन
इस मामले में महाराष्ट्र के भिवंडी से तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ के बाद मिले सुरागों के आधार पर ही जांच का दायरा बिहार तक पहुंचा है। उल्लेखनीय है कि इस कथित गड़बड़ी के सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली टीईटी परीक्षा को स्थगित कर दिया था। पूरे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो इस फर्जीवाड़े के मुख्य सरगना तक पहुंचने के लिए अलग-अलग राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि, अधिकारियों ने जांच के जारी रहने का हवाला देते हुए अभी किसी बड़ी बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
खेलते-खेलते काल के मुंह में समाईं दो सहेलियां, तालाब में डूबने से गई जान
2 Jul, 2026 02:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण (बिहार):बिहार के सारण जिले में दोस्ती की एक ऐसी दर्दनाक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे गांव को गहरे सदमे और गम में डुबो दिया है। अमनौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अमनौर कल्याण पंचायत के नरसिंहभानपुर गांव में बुधवार की शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ के एक स्थानीय तालाब में डूबने से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली दो सहेलियों की मौत हो गई। इन दोनों बच्चियों की दोस्ती पूरे गांव में एक मिसाल के तौर पर देखी जाती थी। साथ में पढ़ाई करना, साथ में स्कूल जाना और हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने वाली इन दोनों सहेलियों ने जिंदगी का आखिरी सफर भी एक साथ ही तय किया। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अटूट दोस्ती और स्कूल न जाने का फैसला
मृत छात्राओं की पहचान नरसिंहभानपुर मध्य विद्यालय की आठवीं कक्षा की छात्राओं के रूप में हुई है, जिनमें एक दशरथ प्रसाद की बेटी आंचल कुमारी और दूसरी दिनेश प्रसाद की बेटी खुशबू कुमारी थी। दोनों बचपन से ही एक-दूसरे के बेहद करीब थीं। घटना के दिन गांव के एक पड़ोसी के यहां शादी समारोह में शामिल होने के लिए दोनों छात्राओं के माता-पिता मशरक गए हुए थे। माता-पिता के घर पर न होने के कारण आंचल उस दिन स्कूल नहीं गई थी। जब खुशबू को पता चला कि उसकी सबसे अच्छी दोस्त स्कूल नहीं जा रही है, तो उसने भी अपना फैसला बदल दिया और घर पर ही रुक गई। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों की आपसी समझ इतनी पक्की थी कि अगर एक कदम पीछे खींचती, तो दूसरी भी उसका साथ निभाती थी।
खेल-खेल में हुआ दर्दनाक हादसा
दोपहर के समय आंचल अपनी दादी से कुछ खाने के सामान के लिए 10 रुपये लेकर घर से निकली थी। इसी दौरान आंचल की बड़ी बहन हंसा गांव के शिव मंदिर के पास स्थित तालाब में नहाने गई थी, जहाँ आंचल और खुशबू भी उसके साथ पहुंच गईं। कुछ देर तक तीनों साथ में नहाती रहीं, जिसके बाद हंसा तालाब से बाहर आ गई। इसी बीच नहाते-नहाते आंचल और खुशबू का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी की तरफ चली गईं। दोनों बच्चियों को तैरना नहीं आता था, जिसके कारण वे खुद को संभाल नहीं पाईं और डूबने लगीं।
बचाने की नाकाम कोशिश और ग्रामीणों का रेस्क्यू
किनारे पर खड़ी हंसा ने जब अपनी बहन और उसकी सहेली को डूबते देखा, तो उसने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत पास पड़ी एक रस्सी उनकी तरफ फेंकी। हालांकि, रस्सी छोटी होने के कारण बच्चियों के हाथों तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद हंसा चिल्लाते हुए दौड़कर गांव की तरफ भागी और ग्रामीणों को आवाज दी। चीख-पुकार सुनकर सबसे पहले स्थानीय वार्ड सदस्य रवि कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति को भांपते हुए तुरंत तालाब में छलांग लगा दी। उनके पीछे-पीछे अन्य ग्रामीण भी पानी में उतरे। काफी खोजबीन और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
परिजनों का विलाप और प्रशासनिक कार्रवाई
जैसे ही इस हादसे की खबर शादी समारोह में गए माता-पिता को मिली, उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। खुशी का माहौल पल भर में मातम में बदल गया और घर लौटते ही माता-पिता अपनी बेटियों के शवों से लिपटकर चीख पड़े। दोनों बच्चियों के पिता पेशे से राजमिस्त्री हैं और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो महीने पहले ही शिव मंदिर के यज्ञ के दौरान इस तालाब को गहरा कर साफ किया गया था और बारिश से पहले इसमें पंपसेट से पानी भरा गया था, जिससे यह पूरी तरह लबालब था। घटना की जानकारी मिलते ही अमनौर थानाध्यक्ष हेमंत कुमार, बीडीओ राजीव कुमार सिन्हा और सीओ अजय कुमार सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
झारखंड हाईवे पर भीषण हादसा, ट्रेलर ने बस, कार और बाइकों को रौंदा
1 Jul, 2026 02:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रामगढ़:रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित चुटूपालू घाटी में बुधवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है। सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक भारी मशीनरी लदा अनियंत्रित ट्रेलर ब्रेक फेल होने की वजह से आगे चल रहे कई वाहनों को रौंदता चला गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक यात्री बस, छह कारें और तीन मोटरसाइकिलें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि घाटी में चीख-पुकार मच गई और दर्जनों की संख्या में यात्री चोटिल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अनियंत्रित ट्रेलर ने मचाया कोहराम, मलबे में तब्दील हुए वाहन
चुटूपालू घाटी के ढलान पर ट्रेलर का अचानक ब्रेक फेल हो जाने से चालक वाहन पर से पूरी तरह नियंत्रण खो बैठा। रफ्तार तेज होने के कारण ट्रेलर ने आगे चल रहे वाहनों को एक-एक कर अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। इस हादसे में मोटरसाइकिल और कार सवार तीन लोगों को बेहद गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, ट्रेलर का चालक भी केबिन में बुरी तरह फंस जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया है। सभी गंभीर रूप से जख्मी लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया।
चक्कों के बीच फंसी कार, चमत्कारिक रूप से बची कई जानें
चश्मदीदों के मुताबिक, दुर्घटना का नजारा बेहद खौफनाक था। टक्कर के दौरान एक कार पूरी तरह से ट्रेलर के अगले दोनों टायरों के बीच में जाकर फंस गई। कार की स्थिति को देखकर ऐसा लग रहा था कि उसमें सवार लोगों का बचना नामुमकिन है, लेकिन सौभाग्य से उसमें बैठे चारों लोग चमत्कारिक रूप से बाल-बाल बच गए। इसके अलावा, रांची से गिरिडीह की ओर जा रही 'जय बालाजी' नामक एक यात्री बस भी इस हादसे का शिकार हुई, जिसके अंदर बैठे यात्रियों को मामूली खरोंचें और हल्की चोटें आई हैं।
दो घंटे तक बाधित रहा नेशनल हाइवे, पुलिस ने संभाला मोर्चा
इस सिलसिलेवार सड़क हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरी घाटी में लगभग दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने एनएचएआई (NHAI) की रेस्क्यू टीम और क्रेन की मदद से बीच सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त पड़े सभी वाहनों को एक-एक कर किनारे करवाया, जिसके बाद ही इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात को दोबारा सुचारू रूप से चालू कराया जा सका।
पुराने रिश्ते की तस्वीरों ने बढ़ाया विवाद, समझौता बैठक में भिड़े दोनों पक्ष
1 Jul, 2026 02:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
औरंगाबाद:बिहार के औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र अंतर्गत दरधा गांव में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ दो साल पुराने एक प्रेम प्रसंग के मामले में सोशल मीडिया पर स्टेटस अपलोड करना एक युवक को भारी पड़ गया। इस बात को लेकर उपजे विवाद ने बुधवार को इतना तूल पकड़ लिया कि एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चल गए। इस हिंसक झड़प में एक पक्ष की तीन महिलाओं और तीन पुरुषों समेत आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सोशल मीडिया पर स्टेटस डालने से भड़का पुराना विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला पुरानी रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा हुआ है। गाँव के एक युवक ने अपने मोबाइल फोन पर एक ऐसा स्टेटस अपलोड कर दिया, जिसे दूसरे पक्ष ने खुद को उकसाने वाला और अपमानजनक माना। इस डिजिटल पोस्ट को देखते ही दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ओर से लाठियां और डंडे निकलने लगे और पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
दो साल पुराने प्रेम प्रसंग से जुड़े हैं घटना के तार
इस खूनी संघर्ष की मुख्य वजह दो साल पुराना एक मामला बताया जा रहा है। गाँव के ही रिजवान नामक व्यक्ति की पुत्री के साथ दूसरे पक्ष के बसीर का करीब दो वर्ष पहले प्रेम प्रसंग चल रहा था। हालांकि, समय रहते परिवार की सहमति और आपसी समझबूझ से उस लड़की की शादी किसी दूसरे लड़के से करा दी गई थी और मामला शांत हो गया था, लेकिन इस पुराने घटनाक्रम को लेकर दोनों परिवारों के बीच अंदर ही अंदर कड़वाहट और रंजिश बरकरार थी जो इस स्टेटस के बहाने बाहर आ गई।
महिलाओं समेत छह लोग घायल, अस्पताल में भर्ती
इस आपसी मारपीट में एक ही परिवार के कई लोग लहूलुहान हो गए। घायलों में हकीम शाह, बसीर साह, मोकिम साह, शयरुन खातून, रवीना खातून और हुस्ना खातून मुख्य रूप से शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोह में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है।
गाँव में तनाव, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी
इस वारदात के बाद से दरधा गाँव में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन इस पूरी घटना की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
