उत्तर प्रदेश
श्रद्धा में लीन दिखे ललन सिंह, बैद्यनाथ धाम में की पूजा-अर्चना
26 Jun, 2026 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देवघर: विश्वप्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में आज केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने हाजिरी लगाई। वे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देवघर पहुँचे और बाबा मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर प्रांगण में पहुँचने के बाद केंद्रीय मंत्री पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबे नजर आए। उन्होंने पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ महादेव का जलाभिषेक किया और देश व समाज की तरक्की तथा खुशहाली के लिए मंगल कामना की।
तीर्थ पुरोहित ने कराया संकल्प, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
केंद्रीय मंत्री के देवघर आगमन पर मंदिर प्रशासन और स्थानीय पंडा धर्मरक्षिणी सभा की ओर से विशेष व्यवस्था की गई थी। मंदिर के पूर्व प्रशासनिक भवन में उनके पुश्तैनी तीर्थ पुरोहित ने शास्त्रोंक्त विधि के अनुसार मंत्रोच्चारण के साथ उनका संकल्प कराया। संकल्प पूरा होने के बाद उन्हें मुख्य मंदिर के गर्भगृह में ले जाया गया, जहाँ उन्होंने बाबा भोलेनाथ की विशेष आराधना की। पूजा संपन्न होने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में ही बाबा की आरती उतारी। इस धार्मिक यात्रा के दौरान उनके साथ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कई स्थानीय और प्रांतीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने मंत्री का जोरदार स्वागत किया।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, आम भक्तों का भी रखा गया ख्याल
केंद्रीय मंत्री के वीआईपी (VIP) दौरे को देखते हुए देवघर जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। इसके साथ ही मंदिर प्रशासन ने इस बात का भी पूरा ख्याल रखा कि मंत्री की पूजा के दौरान आम श्रद्धालुओं और कांवरियों को दर्शन करने में किसी तरह की असुविधा या लंबी रुकावट का सामना न करना पड़े। पूरा कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
सरकारी योजना का लाभ उठाएं, दो गाय खरीदने पर मिलेंगे 80 हजार रुपये
26 Jun, 2026 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा 'मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना' चलाई जा रही है। इस जनकल्याणकारी योजना के अंतर्गत पशुपालकों को दो उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायें खरीदने पर सरकार की तरफ से अधिकतम 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी (अनुदान) दी जाएगी। इस कदम से न सिर्फ राज्य में दूध की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि पारंपरिक डेयरी व्यवसाय को भी एक नई दिशा मिलेगी।
महिला और पुरुष पशुपालकों को मिलेगा बराबर मौका
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके पांडे ने योजना की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में कुल 28 पशुपालकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए इस लक्ष्य में 14 महिला और 14 पुरुष पशुपालकों को शामिल किया गया है। योजना के तहत योग्य और इच्छुक लाभार्थियों का अंतिम चयन दुग्ध विकास विभाग द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा।
बाहरी राज्यों से लानी होंगी इन उन्नत नस्लों की गायें
योजना के नियमों के मुताबिक, आवेदन करने वाले गोपालकों को दूसरे राज्यों से उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली स्वदेशी नस्ल की गायें खरीदनी होंगी। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नस्लें शामिल हैं:
गिर
साहीवाल
थारपारकर
हरियाणा नस्ल
इन गायों को खरीदने में आने वाली कुल लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार अनुदान के रूप में वहन करेगी।
कैसे करें आवेदन?
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जो भी पशुपालक या किसान इस योजना का लाभ उठाने के इच्छुक हैं, वे 'नंद बाबा दुग्ध मिशन' के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन दर्ज करा सकते हैं। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज और पात्रता संबंधी शर्तें पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
रातभर दुआ, जियारत और मन्नतों का दौर, आज सुपुर्द-ए-खाक होंगे फूलों के ऐतिहासिक ताजिए
26 Jun, 2026 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगरा: ताजनगरी के टीला पाय चौकी स्थित इमामबाड़े में ऐतिहासिक फूलों के ताजिए के दर्शन (जियारत) के लिए रातभर जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ती रही। अकीदतमंदों द्वारा गुलपोशी (फूल चढ़ाने) और तबर्रुक पेश करने का सिलसिला लगातार जारी रहा, जहां लोगों ने हाथ उठाकर अपनी मन्नतें और दुआएं मांगीं। इसी कड़ी में शुक्रवार को आगरा शहर के विभिन्न हिस्सों में रखे गए ताजियों को पूरी अकीदत के साथ अलग-अलग कर्बलाओं में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। कर्बला के शहीदों की याद में निकलने वाले इन जुलूसों में पारंपरिक अखाड़ेबाजी और कलाबाजियों के प्रदर्शन होंगे, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने जुलूस के रास्तों पर सुरक्षा के कड़े और व्यापक इंतजाम किए हैं।
देर रात चढ़ाए गए गुलाब के फूल, अलम के जुलूस ने दी हाजिरी
परंपरा के अनुसार, रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जैसे ही ताजिए पर गुलाब के फूल अर्पित किए गए, वैसे ही जियारत करने वालों का उत्साह और बढ़ गया। इस दौरान मेवा कटरा से निकला अलम का जुलूस भी विशेष रूप से फूलों के ताजिए पर हाजिरी देने के लिए पाया चौकी पहुंचा। इस जुलूस का नेतृत्व खानकाह कादरिया चिश्तिया नियाजिया (मेवा कटरा) के सज्जादानशीन सय्यद मोहम्मद अजमल अली शाह ने किया।
इसके बाद रात लगभग एक बजे शिया समुदाय के अजादारों ने बेहद गमगीन माहौल में मातम परसा किया। स्थानीय निवासी चौधरी सरफराज खान ने जानकारी दी कि इस ऐतिहासिक फूलों के ताजिए के आगे बढ़ने के बाद ही शहर के अन्य ताजियों के जुलूस अपनी मंजिलों की तरफ रवाना होंगे। इस फूलों के ताजिए को न्यू आगरा स्थित कर्बला में दफनाया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में जुएब खान, रोहिल खान, हारिस खान, सोहेल खान, फरहानुद्दीन और मोहम्मद जमींल ने सक्रिय सहयोग दिया।
पारंपरिक मार्गों से गुजरा अलम मुबारक का जुलूस
दूसरी तरफ, मेवा कटरा से निकाला गया परंपरागत अलम मुबारक का जुलूस अपने तय रास्तों—फव्वारा चौक, हॉस्पिटल रोड, गुड़ की मंडी, फुलट्टी बाजार और तिलक बाजार से होता हुआ पाए चौकी स्थित फूलों वाले ताजिए पर आकर संपन्न हुआ। मोहम्मद अजमल अली शाह कादरी की सदारत में निकले इस जुलूस में अजादारों ने कर्बला के शहीदों की याद में भावपूर्ण नौहे (शोक गीत) पढ़े। जुलूस में मुख्य रूप से सैयद शबर अली शाह, सैयद नकी अली शाह, सलमान अहमद शाह, सैयद इरफान अहमद, सैयद सलीम, समी आगाई, चांद बाबू, अनवर, हाजी इलियास, अख्तर वारसी और जाहिद हुसैन समेत कई लोग शामिल रहे।
आकर्षण का केंद्र बनी 'मस्जिद-ए-नबी' की खूबसूरत झांकी
गम-ए-मौला इमाम हुसैन की याद में टीला पाया चौकी पर अबुल उलाई शेख कमेटी के बुंदन मियां की तरफ से 'मस्जिद-ए-नबी' की एक बेहद खूबसूरत और रूहानी झांकी सजाई गई। इस पाक झांकी के दर्शन के लिए भी बड़ी तादाद में आम और खास लोग पहुंचे। इस मौके पर हाजी मोहम्मद शाहिद, मोहम्मद मुबीन, राजा, मोहम्मद जावेद, मोहसिन, मोहम्मद अयान और मोहम्मद सायन सहित मोहल्ले के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।
युवक की हत्या से हड़कंप, पुलिस को प्रेम-प्रसंग के एंगल पर भी शक
26 Jun, 2026 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा: भोजपुर जिले के आरा शहर में बेखौफ अपराधियों ने कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। नगर थाना क्षेत्र के धरहरा पुल के पास अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। वारदात की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
नाश्ते के बहाने घर से ले गए थे साथ
मृतक की पहचान नवादा थाना क्षेत्र के श्री टोला (वार्ड संख्या-36) के रहने वाले 28 वर्षीय चंदन यादव के रूप में हुई है। चंदन की पत्नी गीता देवी ने बताया कि गुरुवार की रात कुछ लोग चंदन को नाश्ता करने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ घर से बुलाकर ले गए थे। इसके बाद धरहरा मुसहर टोली के पास घात लगाए अपराधियों ने चंदन पर बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली चंदन के पेट के दाहिने हिस्से में लगी, जिससे अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
साजिश के तहत हत्या का आरोप
इस घटना को लेकर मृतक की पत्नी गीता देवी ने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चंदन का पहले भी कुछ स्थानीय लोगों के साथ विवाद चल रहा था। आरोप है कि उन्हीं विरोधियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत चंदन को घर से बाहर बुलाया और उसकी हत्या कर दी।
प्रेम-प्रसंग और पुराना विवाद: दोनों पहलुओं पर जांच तेज
दूसरी ओर, इस हत्याकांड को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में प्रेम-प्रसंग का एंगल भी सामने आ रहा है। नगर थाना पुलिस का कहना है कि वे किसी एक नतीजे पर पहुँचने के बजाय हर संभावित पहलू को खंगाल रहे हैं। परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और उस आधार पर संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।
जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे आरोपी
नगर थाना पुलिस ने स्थानीय निवासियों और परिजनों को आश्वासन दिया है कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। डिजिटल साक्ष्य और गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस जघन्य हत्याकांड की असली वजह दुनिया के सामने आ जाएगी।
शामली में पुलिस का ऑपरेशन सफल, 50 हजार के इनामी मेहताब का हुआ एनकाउंटर
26 Jun, 2026 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला क्षेत्र में शुक्रवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हो गई। खंद्रावली पुलिस चौकी के पास हुई इस क्रास फायरिंग में 50 हजार रुपये का इनामी और वांछित अपराधी मेहताब पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया। इस दौरान बदमाशों का मुकाबला करते हुए कांधला थाने में तैनात उपनिरीक्षक (दरोगा) दीपचंद भी गोली लगने से घायल हो गए हैं। घायल दरोगा को तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल, एक परिष्कृत 9mm पिस्तौल और भारी मात्रा में जिंदा व खोखा कारतूस बरामद किए हैं।
संदेह होने पर रोकने का इशारा किया तो बदमाशों ने खोल दिया फायर
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शुक्रवार की सुबह मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि कुछ शातिर अपराधी खंद्रावली चौकी के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध आते हुए दिखाई दिए। जब पुलिस ने उन्हें रुकने का सिग्नल दिया, तो बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में मेहताब गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा।
दोनों घायलों (दरोगा और बदमाश) को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मेहताब को मृत घोषित कर दिया। फरार अपराधी की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें इलाके में लगातार कॉम्बिंग (सर्च ऑपरेशन) कर रही हैं।
तीन राज्यों और दिल्ली में सक्रिय था मेहताब का गैंग
आपराधिक रिकॉर्ड के मुताबिक, मारा गया अपराधी मेहताब कैराना के मोहल्ला आलकलां का मूल निवासी था। वह कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का सरगना था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के शामली, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा, उत्तराखंड और देश की राजधानी दिल्ली में भी हत्या, डकैती, जबरन वसूली और लूटपाट जैसे संगीन अपराधों के तहत कुल 34 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
महिला पुलिसकर्मी और किसानों को बनाया था निशाना
पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि हाल ही के दिनों में मेहताब की सक्रियता काफी बढ़ गई थी। उसने इसी साल 1 मार्च को पानीपत में तैनात एक महिला कांस्टेबल से सरेराह सोने के कुंडल लूट लिए थे। इसके अलावा आदर्श मंडी थाना क्षेत्र में भी रात के समय खेतों से लौट रहे सीधे-साधे किसानों के साथ लूटपाट की कई वारदातों में उसका नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया था। इन घटनाओं के बाद से ही पुलिस की स्पेशल टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
लूट और फायरिंग के आरोपी पर STF का शिकंजा, लंबे समय बाद गिरफ्तारी
26 Jun, 2026 07:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी: बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले छह वर्षों से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे शातिर और कुख्यात अपराधी गुड्डु कुमार को एसटीएफ की विशेष टीम ने धर दबोचा है। आरोपी साल 2020 में अंजाम दिए गए एक बड़े लूटपाट और गोलीबारी के मामले के बाद से लगातार अंडरग्राउंड चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस लंबे समय से खाक छान रही थी।
पूर्वी चंपारण में छापेमारी कर दबोचा गया आरोपी
गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने जाल बिछाया और 24 जून को पूर्वी चंपारण जिले के डुमरियाघाट थाना क्षेत्र में एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने घेराबंदी करके गुड्डु कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हुस्सेपुर पंचरुखिया गांव के निवासी प्रमोद राय का बेटा है।
साल 2020 के सनसनीखेज कांड का मुख्य आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दिसंबर 2020 में साहेबगंज थाना क्षेत्र के चिकनौटा इलाके में एक वारदात हुई थी। यहाँ पूर्वी चंपारण के रहने वाले अखिलेश कुमार को कुछ बदमाशों ने रास्ते में रोक लिया था। आरोपियों ने अखिलेश पर चाकू से जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया और उनसे ₹9,000 व जरूरी कागजात लूट लिए थे। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग भी की थी। इस वारदात के बाद से ही गुड्डु कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
लूट, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट समेत 8 केस दर्ज
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि गुड्डु कुमार कोई मामूली अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के अलग-अलग थानों में संगीन धाराओं के तहत कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में रंगदारी, लूटपाट, धोखाधड़ी और अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए काफी समय से उसकी गिरफ्तारी की कोशिशें की जा रही थीं।
नेटवर्क खंगालने और सहयोगियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस
सफलतापूर्वक गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आरोपी से सघन पूछताछ की है। सभी जरूरी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे स्थानीय थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस प्रशासन अब गुड्डु कुमार के पूरे क्रिमिनल सिंडिकेट (अपराधिक नेटवर्क) को खंगालने में जुटा है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि फरार रहने के दौरान उसे किन लोगों ने पनाह दी थी, और उसके गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गोड्डा में बड़ी कार्रवाई, फर्जी कागजात तैयार करने वाले गिरोह का सरगना दबोचा गया
25 Jun, 2026 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकुड़। झारखंड के पाकुड़ जिले में फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह के खिलाफ स्थानीय पुलिस का ताबड़तोड़ अभियान जारी है। मुफस्सिल थाना पुलिस ने इस रैकेट के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त उत्कृष्ट राठौर उर्फ दीपक को गोड्डा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि बीते 21 जून को दर्ज मामले के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है।
सह-आरोपी हेमंत की निशानदेही पर गोड्डा के सोनारचक में पुलिस ने मारा छापा
थाना प्रभारी के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब सदर प्रखंड के पहाड़िया टोला गांव से हेमंत कुमार साह नामक व्यक्ति को जाली दस्तावेज बनाने के आरोप में पकड़ा गया था। नवरोत्तमपुर के पंचायत सचिव उत्तम कुमार घोष की लिखित शिकायत पर पुलिस ने कांड संख्या 79/26 दर्ज कर हेमंत को न्यायिक हिरासत में भेजा था। जेल में बंद हेमंत से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने गोड्डा जिले के पथरगामा थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनारचक में छापेमारी कर मुख्य सूत्रधार उत्कृष्ट राठौर को धर दबोचा।
साइबर कैफे और सॉफ्टवेयर का खेल: गांव से कलेक्ट होते थे पैसे और कागजात
गिरोह के काम करने के तौर-तरीकों का खुलासा करते हुए मुफस्सिल थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी हेमंत कुमार साह ग्रामीण इलाकों से सीधे-साधे लोगों को झांसा देकर उनसे दस्तावेज और मोटी रकम वसूल करता था। वह इन जानकारियों को गोड्डा में बैठे उत्कृष्ट को भेज देता था। इसके बाद, उत्कृष्ट एक विशेष कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए हूबहू दिखने वाले फर्जी डिजिटल दस्तावेज तैयार करता था और साइबर कैफे से उसका प्रिंट निकालकर हेमंत को दे देता था, जिसे ग्रामीणों में बांट दिया जाता था।
ठगी से परेशान ग्रामीणों ने चालाकी से बिछाया था जाल, पिटाई के बाद किया था पुलिस के हवाले
उल्लेखनीय है कि हिरणपुर प्रखंड के बागशीशा गांव निवासी हेमंत कुमार साह ने पहाड़िया टोला के भोले-भाले ग्रामीणों से जन्म प्रमाण पत्र, जाति, निवास तथा अन्य जरूरी पहचान पत्र बनाने के नाम पर हजारों रुपये की ठगी की थी। पैसे लेने के बाद वह फरार हो गया था। परेशान ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए गांव के कुछ अन्य लोगों का प्रमाण पत्र बनवाने के बहाने हेमंत को दोबारा गांव बुलाया। जैसे ही वह गांव पहुंचा, ग्रामीणों ने उसे पकड़कर सबक सिखाया और तुरंत मुफस्सिल थाना पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस फिलहाल इस रैकेट में शामिल अन्य तकनीकी एक्सपर्ट्स और स्थानीय दलालों की तलाश में जुटी है।
छात्रों के अकादमिक सुधार पर फोकस, DSPMU में विशेष रिमेडियल क्लास शुरू होगी
25 Jun, 2026 04:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में लंबे अंतराल के बाद कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर की अध्यक्षता में सिंडिकेट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, वित्तीय और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई संवेदनशील और अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान विभिन्न समितियों द्वारा पूर्व में लिए गए नीतिगत निर्णयों की समीक्षा की गई और उन्हें सर्वसम्मति से आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की गई। सिंडिकेट की इस मंजूरी के बाद अब विश्वविद्यालय के विकासात्मक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
फाइनेंस कमेटी और एकेडमिक काउंसिल के प्रस्ताव पास; छात्र हित में लिया गया बड़ा फैसला
बैठक के एजेंडे के तहत सबसे पहले एकेडमिक काउंसिल की अनुशंसाओं और प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया, जिन्हें सिंडिकेट ने अपनी हरी झंडी दे दी। इसके साथ ही, फाइनेंस कमेटी द्वारा प्रस्तुत किए गए बजटीय और वित्तीय प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इस बैठक की सबसे बड़ी मुख्य विशेषता विद्यार्थियों के हितों से जुड़ा एक ऐतिहासिक निर्णय रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक सहायता के लिए एक विशेष योजना तैयार की है, जो पढ़ाई में किन्हीं कारणों से पिछड़ रहे हैं या अपनी परीक्षाओं में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा अतिरिक्त मार्गदर्शन, कुलपति बोले— 'गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही हमारा लक्ष्य'
विश्वविद्यालय की इस नई पहल के तहत सिंडिकेट ने पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए 'रिमेडियल क्लास' (विशेष सुधारात्मक कक्षाएं) संचालित करने के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इन कक्षाओं के जरिए छात्रों को कठिन विषयों को आसानी से समझने और अपनी शैक्षणिक कमियों को समय रहते दूर करने का अवसर मिलेगा।
कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर ने इस निर्णय की जानकारी साझा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का मूल उद्देश्य केवल परीक्षाएं संपन्न कराना और डिग्री बांटना नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराना है। रिमेडियल क्लास शुरू होने से उन छात्रों को सीधा फायदा होगा जिन्हें अतिरिक्त मार्गदर्शन की आवश्यकता है। इससे न केवल विद्यार्थियों के बौद्धिक स्तर में सुधार होगा, बल्कि आगामी परीक्षा परिणाम भी बेहतर होंगे।
सुदृढ़ होगी शैक्षणिक व्यवस्था, बैठक में मौजूद रहे सिंडिकेट सदस्य व अधिकारी
इस महत्वपूर्ण सिंडिकेट बैठक में विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों, सिंडिकेट सदस्यों और विभिन्न संकायों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। विश्वविद्यालय प्रशासन का दृढ़ विश्वास है कि एकेडमिक काउंसिल और फाइनेंस कमेटी के इन निर्णयों से संस्थान की पूरी प्रशासनिक व शैक्षणिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। विश्वविद्यालय आने वाले समय में भी छात्र-हितैषी और प्रगतिशील वातावरण तैयार करने की दिशा में निरंतर काम करता रहेगा।
लंबे पावर कट के खिलाफ प्रदर्शन, सड़क पर उतरे नाराज लोग
25 Jun, 2026 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाजीपुर। बिदुपुर पावर सब-स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में पिछले 36 घंटों से लगातार जारी बिजली कटौती ने स्थानीय लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। चिलचिलाती गर्मी और भारी उमस से बेहाल ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार सुबह फूट पड़ा। बिजली और पानी की भारी किल्लत से आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने बिदुपुर सब-स्टेशन के नजदीक पहुंचकर हाजीपुर-महनार मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच टायर जलाकर बिजली विभाग के खिलाफ उग्र नारेबाजी की, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
अफसरों ने काटे फोन; बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग, बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि करीब डेढ़ दिन से बिजली गायब होने के कारण घरों में लगे इनवर्टर और बैटरियां पूरी तरह बैठ चुकी हैं। बिजली न होने से पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिसके चलते टंकियां खाली हो गई हैं और इलाके में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस नारकीय स्थिति के बीच सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। लोगों ने बताया कि समस्या की शिकायत के लिए जब उन्होंने बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) से लेकर सब-डिविजनल ऑफिसर (एसडीओ) तक को फोन मिलाए, तो किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कॉल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।
दो घंटे तक लगा रहा वाहनों का लंबा जाम, पुलिस की समझौता वार्ता के बाद खुला रास्ता
सुबह करीब 9:30 बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन सुबह 11:30 बजे तक यानी पूरे दो घंटे तक जारी रहा। इस दौरान मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसमें कई एम्बुलेंस, स्कूली बसें और राहगीर भीषण गर्मी में फंसे रहे। हंगामे और आगजनी की सूचना मिलते ही बिदुपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराया और बिजली विभाग के आला अफसरों से बात कर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल कराने का पुख्ता आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया।
ग्रामीणों का अल्टीमेटम; सप्लाई नॉर्मल नहीं हुई तो फिर होगा उग्र आंदोलन
जाम खोलने के बाद भी स्थानीय निवासियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन और बिजली कंपनी को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले दो घंटे के भीतर बिजली और पानी की आपूर्ति को सुचारू नहीं किया गया, तो वे दोबारा सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। उपभोक्ताओं का साफ कहना है कि यदि उनकी जायज मांग को अब भी अनसुना किया गया, तो इस बार आंदोलन और ज्यादा उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
जौहर ट्रस्ट को लग सकता है बड़ा झटका, टैक्स छूट खत्म होने के साथ बढ़ेगा आयकर बोझ
25 Jun, 2026 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। आयकर विभाग ने उनके परिवार से जुड़े 'जौहर ट्रस्ट' का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। विभाग द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब इस ट्रस्ट पर भारी टैक्स, ब्याज और जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रस्ट के पास इस फैसले के खिलाफ ट्रिब्यूनल में अपील करने का विकल्प अभी भी खुला हुआ है।
यह दंडात्मक कार्रवाई साल 2023 में जौहर ट्रस्ट के विभिन्न ठिकानों पर मारे गए छापों के दौरान मिलीं वित्तीय अनियमितताओं और गड़बड़ियों के आधार पर की गई है। विभाग ने इन वित्तीय कमियों को लेकर ट्रस्ट प्रबंधन से तय समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन ट्रस्ट की ओर से कोई भी संतोषजनक जवाब दाखिल नहीं किया जा सका। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद आयकर विभाग, लखनऊ के प्रधान आयुक्त (केंद्रीय) द्वारा पंजीकरण रद्द करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया गया।
चैरिटेबल दर्जा खत्म और व्यावसायिक दरों पर टैक्स
आयकर और टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, विभाग ने ट्रस्ट का महत्वपूर्ण '12एबी रजिस्ट्रेशन' समाप्त कर दिया है। इस तकनीकी बदलाव के बाद अब इस ट्रस्ट को मिलने वाला 'चैरिटेबल' यानी धर्मार्थ संस्था का दर्जा पूरी तरह खत्म हो गया है और इसकी पूरी कमाई को अब एक सामान्य बिजनेस (व्यावसायिक कारोबार) की तरह माना जाएगा। पंजीकरण निरस्त होने के बाद अब आयकर विभाग ट्रस्ट की चल और अचल संपत्तियों जैसे जमीन, आलीशान इमारतें और बैंक बैलेंस का मौजूदा बाजार मूल्य (मार्केट वैल्यू) पर मूल्यांकन करेगा। इसके साथ ही, कार्रवाई की अवधि से लेकर अब तक की कुल आय, मिले चंदे और संचित संपत्ति पर व्यावसायिक दरों से भारी टैक्स के साथ-साथ ब्याज और भारी पेनल्टी वसूली जाएगी।
क्या है धारा 12एबी और शिकायत का मुख्य आधार
आयकर अधिनियम की धारा 12एबी के तहत होने वाला पंजीकरण मुख्य रूप से गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), सोशल ट्रस्टों और गैर-लाभकारी संस्थाओं को दिया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि संस्था को दान या सरकारी अनुदान के रूप में मिलने वाली रकम पर कोई इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता, बशर्ते उस पैसे का उपयोग पूरी तरह सामाजिक, शैक्षणिक या धार्मिक कार्यों में किया गया हो। जौहर ट्रस्ट के मामले में विभाग ने पाया कि इसकी गतिविधियां वास्तविक सामाजिक उद्देश्यों से परे थीं, जो कि पंजीकरण की शर्तों का सीधा उल्लंघन था। बता दें कि इस पूरे मामले की आधिकारिक शिकायत भाजपा विधायक आकाश सक्सेना द्वारा साक्ष्यों के साथ की गई थी, जिसके बाद रामपुर में निर्मित मोहम्मद अली जौहर निजी यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट के खातों की जांच शुरू हुई थी।
इन गंभीर अनियमितताओं के चलते हुई कार्रवाई
जांच रिपोर्ट और विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, इस कड़ी कार्रवाई के पीछे कई गंभीर कारण और अनियमितताएं सामने आई हैं:
मंत्री पद पर रहते हुए अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण कराना।
यूनिवर्सिटी परिसर के भीतर ही मस्जिद और समाजवादी पार्टी के कार्यालय भवन का निर्माण किया जाना।
प्रशासन से तय अनुमति से कहीं अधिक सरकारी और चक्रोड की भूमि पर अवैध कब्जा करना।
परिसर में बनी 59 आलीशान इमारतों की वास्तविक निर्माण लागत को दस्तावेजों में 10 गुना तक कम करके दिखाना।
टैक्स बचाने के उद्देश्य से बोगस डोनेशन (फर्जी चंदा) लेना और डमी ट्रस्टी बनाना।
ट्रस्ट के माध्यम से जनहित या सामाजिक भलाई का कोई भी काम धरातल पर न करना।
भवनों के निर्माण कार्य में सरकारी विभागों के धन और मशीनरी का दुरुपयोग करना।
वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 के दौरान बैंक खातों में आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक नकदी जमा कराना।
चंदे या दान की रकम को लोगों की स्वेच्छा के बजाय कथित रूप से दबाव बनाकर जमा कराना।
बिना हिसाब-किताब वाली ब्लैक मनी को दान का रूप देकर बैंक खातों में खपाना।
बड़े निर्माण कार्यों के लिए संबंधित सरकारी विभागों से जरूरी नक्शे और अनुमतियां न लेना।
परिसर में सुरक्षा और अग्निशमन (फायर सेफ्टी) के अनिवार्य मानकों का पूरी तरह उल्लंघन करना।
पूरे ट्रस्ट और उसकी कार्यप्रणाली पर केवल आजम खां के पारिवारिक सदस्यों का ही वर्चस्व होना।
यूपी बीजेपी की नई कार्यकारिणी जारी, पूजा पाल को उपाध्यक्ष पद; देखें पूरी सूची
25 Jun, 2026 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए अपने नए प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा जारी की गई इस नई टीम में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। संगठनात्मक नियुक्तियों के तहत इस बार कुल 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री और 19 मंत्रियों की नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी छह प्रमुख क्षेत्रों यानी पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर के लिए नए क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों का भी एलान किया गया है।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस सूची के जरिए आगामी चुनावी समर के लिए अपनी नई रणनीतिक टीम मैदान में उतार दी है, जिसमें पुराने और अनुभवी चेहरों के साथ-साथ युवाओं को भी तरजीह दी गई है।
प्रदेश उपाध्यक्ष और महामंत्रियों को मिली कमान
संगठन में जिन 19 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष पद का दायित्व सौंपा गया है, उनमें सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता शामिल हैं। वहीं, संगठनात्मक कार्यों को गति देने के लिए 8 प्रदेश महामंत्री नियुक्त किए गए हैं, जिनमें रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को जिम्मेदारी मिली है।
संगठन मंत्री और क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा
बीजेपी ने अपनी इस नई टीम में 19 नेताओं को प्रदेश मंत्री के पद से नवाजा है। इनमें विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, अनिल यादव, अवधेश श्रीवास्तव, विनय राजभर, प्रमेंद्र जांगड़ा विश्वकर्मा, किरण लोधी निषाद, एकेश बिंद, सचिता सिंह चौहान (लूनिया), रजनी पांडेय, राहुल वाल्मीकि, महामेधा नागर, दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल, यतेन्द्र शर्मा और आकांक्षा सोनकर शामिल हैं। प्रादेशिक स्तर पर पकड़ मजबूत करने के लिए पश्चिम क्षेत्र की कमान नवाब सिंह नागर, ब्रज की पूरन लाल लोधी, कानपुर की राम किशोर साहू, अवध की अवधेश द्विवेदी, काशी की अशोक चौरसिया और गोरखपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी विनोद राय को क्षेत्रीय अध्यक्ष के तौर पर सौंपी गई है।
मोर्चा अध्यक्ष और कार्यालय पदाधिकारियों की नियुक्तियां
कार्यालय प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाने के लिए भारत दीक्षित को कार्यालय मंत्री तथा अतुल अवस्थी और लक्ष्मण सिंह को कार्यालय सह-मंत्री बनाया गया है। चुनावी माहौल में मीडिया के बेहतर प्रबंधन के लिए दिनेश प्रताप सिंह को मुख्य प्रवक्ता, मनीष दीक्षित को प्रदेश मीडिया संयोजक और हिमांशु राज पंडित को प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, पार्टी के विभिन्न विंग्स को सक्रिय करने के लिए रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा, प्रकाश पाल को पिछड़ा मोर्चा, देवेन्द्र सिंह को किसान मोर्चा, अशोक रावत को अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाहा को महिला मोर्चा और विद्याभूषण गोंड को अनुसूचित जनजाति मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया है।
DMCH में खराब प्रदर्शन से बढ़ी चिंता, 40% से ज्यादा छात्र फेल
25 Jun, 2026 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। उत्तर बिहार के प्रतिष्ठित दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ MBBS 2021 बैच के फाइनल ईयर के परीक्षा परिणाम ने सबको चौंका दिया है। इस मुख्य परीक्षा में शामिल हुए कुल 121 छात्र-छात्राओं में से 48 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण (फेल) हो गए हैं, जबकि 4 अन्य छात्रों का रिजल्ट फिलहाल पेंडिंग (लंबित) रखा गया है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में भावी डॉक्टरों के फेल होने से कॉलेज प्रशासन सख्ते में है और पूरे कैंपस में यह मामला गरमाया हुआ है। इस परिणाम के बाद केवल 69 छात्र ही सफलतापूर्वक परीक्षा पास कर सके हैं।
निराश न हों छात्र, 17 जुलाई से शुरू होगी सप्लीमेंट्री परीक्षा
परीक्षा में असफल रहे छात्रों को डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक और मौका देने का निर्णय लिया है। फेल हुए छात्रों के लिए आगामी 17 जुलाई से 5 अगस्त के बीच सप्लीमेंट्री (पूरक) परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष परीक्षा में पास होकर छात्र अपनी मेडिकल की डिग्री पूरी कर सकेंगे।
आज से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया, प्रिंसिपल ने दी अहम जानकारी
इस सप्लीमेंट्री परीक्षा में बैठने के लिए योग्य छात्रों को 25 जून से 8 जुलाई के बीच अपना परीक्षा फॉर्म भरना होगा। DMCH के प्रिंसिपल डॉ. उमेशचंद्र झा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्य परीक्षा में असफल रहे छात्रों के लिए इस आगामी परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया आज यानी 25 जून से ही शुरू की जा रही है।
शैक्षणिक व्यवस्था पर उठे सवाल, साख बचाने की चुनौती
एक साथ लगभग एक-तिहाई से ज्यादा छात्रों के फेल होने के बाद अब दरभंगा मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई और आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। यह चौंकाने वाला नतीजा छात्रों और अभिभावकों के बीच गहरी चिंता और बहस का विषय बना हुआ है। फिलहाल, कॉलेज प्रशासन का पूरा ध्यान सप्लीमेंट्री परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और छात्रों को बेहतर तैयारी के साथ दूसरा अवसर देने पर टिका है।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई! पिता उदय प्रताप के साथ राजा भैया नजरबंद, जानें वजह
25 Jun, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रतापगढ़। मोहर्रम के त्योहार के दौरान क्षेत्र में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। प्रशासन ने कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, उनके पिता राजा उदय प्रताप सिंह और उनके 13 प्रमुख समर्थकों को नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया है। इस फैसले के बाद भदरी कोठी के चारों तरफ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कुंडा के शेखपुर इलाके में साल 2012 में एक बंदर की मृत्यु के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क के किनारे एक हनुमान मंदिर की स्थापना की थी। तभी से राजा उदय प्रताप सिंह हर साल मोहर्रम के ही दिन इस मंदिर में विशेष हनुमान पाठ और भंडारे का कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। साल 2013-14 में जब मोहर्रम का जुलूस और यह भंडारा एक ही समय पर हुए थे, तब इलाके का माहौल काफी बिगड़ गया था। इसी पुराने विवाद और दोबारा तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पहले ही नजरबंदी की सख्त कार्रवाई की है।
राजा भैया के आवास पर नोटिस चस्पा
प्रशासन के आदेश पर पुलिस ने राजा भैया और उनके पिता के निवास स्थान के बाहर हाउस अरेस्ट की आधिकारिक नोटिस चस्पा कर दी है। इसके साथ ही उनके समर्थकों को भी उनके घरों में ही नजरबंद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इन समर्थकों में निर्भय सिंह बेंती, जुगनू विश्वकर्मा हथिगवां, हनुमान पांडेय कुंडा, जीतेंद्र यादव, आनंद पाल, रमाकांत मिश्रा, भवानी विश्वकर्मा, रवि सिंह, केशरी नंदन पांडेय, जमुना प्रसाद मौर्य, गया प्रयास प्रजापति और मोहन हथिगवां शामिल हैं।
चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए क्षेत्र के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों ने खुद कमान संभाल ली है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, जिन भी लोगों को नजरबंद किया गया है, उनके घरों पर नोटिस तामील करा दी गई है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए शुक्रवार की रात नौ बजे तक यह हाउस अरेस्ट की कार्रवाई पूरी तरह प्रभावी रहेगी।
शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
त्योहार के मद्देनजर पूरे कुंडा क्षेत्र में सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और क्षेत्र में शांति व भाईचारा बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
40 मिनट तक तड़पते रहे पति-पत्नी, फसल विवाद में पिता ने बेटे-बहू को गोली मार दी
25 Jun, 2026 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फ़तेहपुर। पारिवारिक कलह और संपत्ति विवाद के चलते एक बुजुर्ग पिता ने अपनी ही दुनाली बंदूक से बेटे और बहू पर जानलेवा हमला कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात में अत्यधिक खून बह जाने के कारण गंभीर रूप से घायल बेटे की कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बहू जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बहू के पेट से गोली बाहर निकाल ली है। दिल दहला देने वाली इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता मौके पर ही बंदूक छोड़कर साइकिल से फरार हो गया।
कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीतापुर गांव के रहने वाले 75 वर्षीय रामखेलावन पटेल के दो बेटे हैं। छोटा बेटा राजू कानपुर में कार्यरत है, जबकि बड़ा बेटा अवनीश (35) एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था और अपनी पत्नी मनीषा (28) के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहता था। कुछ समय पहले रामखेलावन की पत्नी मिथलेश का पैर टूट गया था, जिसके बाद से उनके इलाज के खर्च और तीमारदारी को लेकर पूरे परिवार में लगातार मानसिक तनाव चल रहा था।
इलाज के खर्च और हिस्सेदारी पर बढ़ा विवाद
बुधवार सुबह लगभग 10 बजे रामखेलावन और उनके बड़े बेटे अवनीश के बीच मां के इलाज के खर्च को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अवनीश की पत्नी मनीषा भी वहां पहुंच गई। मनीषा ने पारिवारिक कलह के बीच फसल और संपत्ति में अपने हिस्से की मांग रख दी और कहा कि बंटवारा होने के बाद ही वे लोग मां की देखभाल करेंगे। यह सुनते ही रामखेलावन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने बहू पर हाथ उठाने का प्रयास किया, जिसके बचाव में बेटे अवनीश ने पिता को पीछे धकेल दिया।
लाइसेंसी दुनाली से ताबड़तोड़ फायरिंग
बहस के दौरान खुद को अपमानित महसूस करने पर रामखेलावन तुरंत अपने कमरे के अंदर गए और वहां रखी अपनी लाइसेंसी दुनाली बंदूक निकालकर बाहर ले आए। उन्होंने दरवाजे पर खड़े अपने बेटे अवनीश पर सीधे फायर झोंक दिया, जिससे गोली उसके दाहिने हाथ और पंजे को चीरती हुई निकल गई। इसके तुरंत बाद आरोपी ने दूसरी गोली अपनी बहू मनीषा पर चला दी, जो सीधे उसके पेट में जा लगी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे गांव में दहशत फैल गई और डर के मारे शुरुआत में कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। दोनों घायल करीब 40 मिनट तक तड़पते रहे।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की तलाश जारी
काफी देर बाद ग्रामीणों और ग्राम प्रधान की सूझबूझ से दोनों घायलों को निजी वाहन के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया। पुलिस जब दोनों को लेकर रीजेंसी अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने अवनीश को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सहित भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा किए। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक को जब्त कर लिया है और फरार आरोपी पिता की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं। साथ ही हथियार के लाइसेंस को निरस्त करने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पटना में संपत्ति मालिकों की बढ़ी टेंशन, निगम ने बढ़ाया वार्षिक किराया मूल्य
25 Jun, 2026 11:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजधानी पटना में रहने वाले मकान मालिकों और जमीन-जायदाद के मालिकों के लिए एक जरूरी और जेब पर असर डालने वाली खबर है। पटना नगर निगम क्षेत्र के तहत आने वाली सभी तरह की संपत्तियों के वार्षिक किराया मूल्य (एनुअल रेंटल वैल्यू) में 15 फीसदी की बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। इस फैसले के बाद अब शहरवासियों को पहले के मुकाबले ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना होगा। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद पटना नगर निगम ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। टैक्स की ये संशोधित दरें 24 जून 2026 से ही पूरे निगम क्षेत्र में लागू मानी जाएंगी। आपको बता दें कि पटना में साल 1995 के बाद, यानी करीब 31 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार टैक्स की दरों में ऐसा बदलाव किया गया है।
क्यों लिया गया टैक्स बढ़ाने का यह फैसला?
बिहार नगरपालिका कानून, 2007 की धारा 127 के नियमों के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों की होल्डिंग्स के लिए प्रति वर्ग फुट कवर्ड एरिया का किराया मूल्य हर 5 साल में कम से कम 15 प्रतिशत बढ़ाना कानूनी रूप से जरूरी है। इस कानून के मुताबिक, नगर निकाय राज्य सरकार से पहले अनुमति लेकर इस 5 साल की अवधि के दौरान भी दरों को संशोधित कर सकते हैं। पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति और निगम पार्षदों ने इस 15% की वृद्धि को लेकर वर्ष 2021 में ही अपनी सहमति दे दी थी, जिसे अब सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद धरातल पर उतारा गया है।
विकास कार्यों और जन-सुविधाओं में होगा सुधार
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि दरों में इस बदलाव से निगम की कमाई (राजस्व) में अच्छा-खासा इजाफा होगा। टैक्स के जरिए आने वाले इस अतिरिक्त बजट का इस्तेमाल पटना शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से जलजमाव (वॉटरलॉगिंग) की समस्या को दूर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करना, नई सड़कों का निर्माण, आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाना और साफ-सफाई की व्यवस्था को और मजबूत करना शामिल है।
30 जून तक भुगतान करने पर मिलेगी विशेष राहत
बढ़े हुए टैक्स के बीच पटना नगर निगम ने ईमानदार करदाताओं को एक छोटी सी राहत भी दी है। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जो भी प्रॉपर्टी मालिक आने वाली 30 जून 2026 तक अपने संपत्ति कर का एकमुश्त (पूरा) भुगतान कर देंगे, उन्हें नगर निगम की तरफ से कुल टैक्स राशि पर 5 प्रतिशत की खास छूट दी जाएगी। लोग इस टैक्स को ऑनलाइन डिजिटल माध्यमों या ऑफलाइन काउंटर पर जाकर जमा कर सकते हैं।
राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जश्न में फायरिंग पड़ी भारी, बिहार में BJP विधायक को कोर्ट ने सुनाई सजा
गुजरात में पीएम मोदी बोले- सेमीकंडक्टर सेक्टर में दुनिया का भरोसा जीत रहा भारत
चंदौसी: शिक्षिका की मौत के बाद वकील पर FIR, सुसाइड नोट बना अहम सबूत
जनता को जल्द इंसाफ दिलाने की दिशा में बिहार सरकार का अहम निर्णय
जमीन विवाद में गर्भवती महिला पर हमले से दो अजन्मे बच्चों की मौत, इलाके में आक्रोश
बटाला फायरिंग केस: धमकी और गोलियों से दहला इलाका, जांच जारी
कथित चंदा चोरी केस में बड़ा खुलासा: चार्टर्ड प्लेन से सिंडिकेट के आका, ट्रेन से ले जाया गया रामलला का सोना!
मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान: 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा संसद का सत्र
क्या कानून बचा सकता है एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर के आरोपी पति को? सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला
