उत्तर प्रदेश
वीडियो कुछ और, दावा कुछ और; पुलिस ने तीन युवकों को भेजा जेल
8 May, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी। बिहार में सोशल मीडिया के जरिए उन्माद फैलाने और भ्रामक खबरें साझा करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मोतिहारी पुलिस ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले कई तत्वों को चिन्हित किया है। पुलिस की यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक घटना के बाद माहौल को शांत रखने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की जा रही है।
डिजिटल उपद्रवियों पर पुलिस का प्रहार: भड़काऊ पोस्ट और वीडियो बनाने वालों पर FIR
मोतिहारी के पंचपकड़ी थाना क्षेत्र में 4 मई को एक धार्मिक यात्रा के दौरान दो पक्षों में हुए विवाद के बाद, अब कुछ लोग सोशल मीडिया का सहारा लेकर आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। साइबर सेल की गहन निगरानी में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
भ्रामक वीडियो के जरिए तनाव फैलाने की कोशिश
पुलिस जांच में एक यूट्यूबर, कृष्णा कुमार, का नाम सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने फेसबुक पर कलश यात्रा विवाद से जुड़ा एक ऐसा वीडियो साझा किया, जिसमें संपादन (Editing) के जरिए सच्चाई को छिपाया गया था। पुलिस के अनुसार, इस वीडियो का उद्देश्य दो समुदायों के बीच आक्रोश पैदा करना था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
आपत्तिजनक पोस्ट और धमकी भरे संदेश
सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी और धमकियों के दो अन्य गंभीर मामले भी दर्ज किए गए हैं:
विवादित टिप्पणी: बजरंग दल से जुड़े सचिन कुमार पर फेसबुक पर एक समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो साझा करने का आरोप है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
जान से मारने की धमकी: इंस्टाग्राम के जरिए ढाका प्रखंड के एक पदाधिकारी को जान से मारने की धमकी देने का मामला भी प्रकाश में आया है। आरोपी युवक विवाद थमने के बाद भी सोशल मीडिया पर धमकियां देकर माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश कर रहा था।
प्रशासन की अपील: सोशल मीडिया का न करें दुरुपयोग
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि इंटरनेट की दुनिया में बैठकर शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साइबर सेल की टीम 24 घंटे हर संदिग्ध हैंडल और पोस्ट पर नजर रख रही है।
पुलिस की सख्त हिदायत:
किसी भी भ्रामक वीडियो या संदेश को बिना पुष्टि के आगे न भेजें।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि का हिस्सा न बनें।
सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की धमकी देना या भड़काऊ टिप्पणी करना गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
यात्रियों को बनाते थे निशाना, रेलवे स्टेशन से मोबाइल उड़ाने वाले दबोचे गए
8 May, 2026 08:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रेल यात्रियों के कीमती मोबाइल फोन पर हाथ साफ करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का रेल सुरक्षा बल (RPF) ने भंडाफोड़ किया है। 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर चोरों को दबोच लिया, जिनके पास से लाखों रुपये के मोबाइल बरामद हुए हैं।
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा': मोबाइल चोर गिरोह के दो शातिर गिरफ्तार
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पकड़े गए आरोपियों में से एक अररिया (बिहार) और दूसरा पश्चिम बंगाल का निवासी है।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बिछाया जाल
गुप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ की टीम ने जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर घेराबंदी कर एक पेशेवर अपराधी और उसके साथ एक किशोर को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। जब इनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से 2.50 लाख रुपये की कीमत के कुल 6 मोबाइल फोन बरामद हुए। इनमें पांच आधुनिक टचस्क्रीन स्मार्टफोन और एक कीपैड फोन शामिल है।
भीड़भाड़ का फायदा उठाकर करते थे वारदात
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि वे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ और उनकी लापरवाही का फायदा उठाकर पलक झपकते ही जेब से मोबाइल उड़ा लेते थे। पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि उत्तर बिहार की कई प्रमुख ट्रेनों में भी सक्रिय था।
मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
आरपीएफ मुजफ्फरपुर के प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी रिंकू कुमार (निवासी अररिया) एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही:
बेगूसराय, कटिहार और पटना जीआरपी में चोरी के मामले दर्ज हैं।
इसके अलावा वह एनडीपीएस एक्ट (नशीले पदार्थ) के तहत भी कई गंभीर केसों में नामजद है।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर रेल पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले 'रिसीवर्स' की तलाश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुजफ्फरपुर जंक्शन को अपराध मुक्त बनाने के लिए निगरानी और गश्त और तेज कर दी गई है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी सलाखों के पीछे होंगे।
ससुराल में महिला की हत्या से सनसनी, दहेज को लेकर विवाद की आशंका
8 May, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले में रिश्तों के कत्ल की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। खजौली थाना क्षेत्र के सुक्की घाट टोल (वार्ड-13) में एक 25 वर्षीय विवाहिता, पूजा कुमारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पारिवारिक कलह और विवाद के बीच ससुराल वालों ने कुदाल से हमला कर उसकी गर्दन काट दी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
दहेज की वेदी पर चढ़ी एक और बेटी: कुदाल से काटकर कर दी निर्मम हत्या
ससुराल की चौखट, जिसे सुरक्षा का घेरा माना जाता है, वहीं पूजा के लिए काल बन गई। गुरुवार को हुई इस घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
विवाद का खूनी अंत
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पूजा का अपने ससुराल वालों के साथ पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था। मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग और घरेलू झगड़ों के कारण उसे अक्सर प्रताड़ित किया जाता था। गुरुवार को बहस इतनी बढ़ी कि तैश में आकर ससुर ने कुदाल से पूजा की गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई: सास-ससुर और पति गिरफ्तार
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन मोड में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित छापेमारी की और तीन मुख्य आरोपियों—पति, सास और ससुर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या की असली वजह और साजिश का पता चल सके।
FSL टीम ने खंगाला घटनास्थल
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी सुक्की घाट टोल पहुंचकर घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
हथियार बरामद: पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल की गई कुदाल और एक लाठी बरामद की है।
वैज्ञानिक जांच: घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य अवशेष लिए गए हैं, ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।
पत्नी को गोली मारते ही भड़की भीड़, आरोपी पति की मौके पर मौत
7 May, 2026 02:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले में एक पारिवारिक कलह का अंत बेहद खौफनाक और हिंसक रहा, जहाँ एक सनकी पति ने सरेराह अपनी पत्नी पर गोलियां बरसा दीं। इस वारदात के तुरंत बाद मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेते हुए आरोपी पति को पकड़ लिया और उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह दुखद घटना सिरारी थाना क्षेत्र के कैथवां गांव के निकट रेलवे फाटक के पास घटित हुई, जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है बल्कि इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिल्मी अंदाज में वारदात और पत्नी पर जानलेवा हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नवादा निवासी प्रदीप ठाकुर मोटरसाइकिल से कैथवां गांव पहुंचा और ई-रिक्शे से जा रही अपनी पत्नी प्रतिमा देवी को जबरन नीचे उतार लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, प्रदीप ने अपनी कमर से देशी पिस्तौल निकाली और अपनी पत्नी पर एक के बाद एक चार गोलियां दाग दीं। गंभीर रूप से घायल महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी, जिसके बाद उसे आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
आक्रोशित भीड़ का न्याय और आरोपी की मौके पर मौत
गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए और भागने की कोशिश कर रहे प्रदीप को दबोच लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ का गुस्सा इस कदर चरम पर था कि उन्होंने आरोपी से हथियार छीनकर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। घंटों चली इस हिंसा और मारपीट के कारण आरोपी पति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे यह मामला अब एक दोहरे हत्याकांड और मॉब लिंचिंग के रूप में तब्दील हो गया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
इस पूरी घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की तत्परता पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं क्योंकि वारदात की जगह थाने से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित थी। स्थानीय लोगों और जानकारों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि यदि पुलिस समय रहते सूचना पाकर पहुंच जाती, तो शायद आरोपी को भीड़ के हाथों मरने से बचाया जा सकता था। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और कारतूस के खोखे बरामद कर लिए हैं, लेकिन अब तक इस सामूहिक हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति की पहचान या गिरफ्तारी न होना प्रशासन की विफलता के रूप में देखा जा रहा है।
जांच की दिशा और अधिकारियों का कड़ा रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल पूरे गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके और जल्द ही इस खूनी रंजिश व भीड़ द्वारा की गई हिंसा के वास्तविक दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सके।
मंत्री चयन में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश, कई नाम जुड़े और कटे
7 May, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजनीति में जातीय समीकरणों की अहमियत को देखते हुए हालिया मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक संतुलन साधने की पुरजोर कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में भाजपा और जदयू सहित सहयोगी दलों ने अपनी चुनावी बिसात को ध्यान में रखकर चेहरों का चयन किया है। जहाँ एक ओर भाजपा ने अपने अनुभवी चेहरों की जगह नए जातीय समीकरणों को तरजीह दी है, वहीं जदयू ने भी अपने कुनबे को विस्तार देते हुए कई चौंकाने वाले निर्णय लिए हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार अधिकतम 36 मंत्रियों की सीमा को ध्यान में रखते हुए इस बार कई कद्दावर नेताओं को सूची से बाहर रहना पड़ा है।
सत्ता के गलियारों में चौंकाने वाले बदलाव और नए उदय
बिहार के राजनैतिक घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के मंत्री पद की शपथ लेने की रही, जिसे परिवारवाद के खिलाफ रहने वाली जदयू की रणनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा के दिग्गज नेता और पश्चिम बंगाल के प्रभारी मंगल पांडेय का नाम अंतिम सूची से कटना भी सबको हैरान कर गया। माना जा रहा है कि ब्राह्मण कोटे से नीतीश मिश्रा और मिथिलेश तिवारी के नाम शामिल होने के कारण जातीय संतुलन बिठाने के चक्कर में मंगल पांडेय को जगह नहीं मिल सकी।
राजधानी और कायस्थ समाज की प्रतिनिधित्व पर चर्चा
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पटना के शहरी क्षेत्र और कायस्थ समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार संभालने के बाद रिक्त हुई मंत्री पद की जगह पर किसी कायस्थ चेहरे को मौका नहीं मिला है, जिससे सोशल मीडिया पर समाज के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इस नए फेरबदल के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
शहरी प्रतिनिधित्व का अभाव: पटना शहर से नितिन नवीन के बाद अब मंत्रिमंडल में कोई भी स्थानीय चेहरा शामिल नहीं है।
कायस्थ भागीदारी शून्य: बिहार के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले कायस्थ समाज से इस बार एक भी विधायक को मंत्री पद नहीं मिला है।
संजीव चौरसिया की अनदेखी: पटना से प्रबल दावेदार माने जा रहे संजीव चौरसिया को भी इस विस्तार में जगह नहीं मिल पाई है।
सोशल मीडिया पर आक्रोश: प्रतिनिधित्व न मिलने से नाराज समर्थक और समाज के लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
दलों के भीतर जातीय भागीदारी का विस्तृत विवरण
मंत्रिमंडल के 36 सदस्यों के चयन में अति पिछड़ा वर्ग (EBC), दलित और पिछड़ा वर्ग (OBC) को विशेष प्राथमिकता दी गई है ताकि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का संदेश दिया जा सके। गठबंधन के विभिन्न दलों की भागीदारी के प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं:
भाजपा का समीकरण: भाजपा के 16 मंत्रियों में रामकृपाल यादव (OBC), विजय कुमार सिन्हा (भूमिहार), श्रेयसी सिंह (राजपूत) और लखेंद्र पासवान (दलित) जैसे नाम शामिल हैं, जहाँ EBC चेहरों पर बड़ा दांव लगाया गया है।
जदयू की रणनीति: मुख्यमंत्री के दल ने 15 मंत्रियों के साथ अपना दबदबा बनाए रखा है, जिसमें निशांत कुमार और श्रवण कुमार (कुर्मी), अशोक चौधरी (दलित) और जमा खान (अल्पसंख्यक) को स्थान मिला है।
सहयोगी दलों का हिस्सा: चिराग पासवान की पार्टी से संजय पासवान और संजय सिंह को जगह मिली है, जबकि संतोष मांझी (हम-से) और दीपक प्रकाश (रालोमो) ने भी अपने-अपने दलों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है।
संतुलन की कोशिश: पूरी सूची में राजपूत, भूमिहार, ब्राह्मण और विभिन्न पिछड़ी जातियों के बीच सत्ता की हिस्सेदारी को बारीकी से बांटने का प्रयास किया गया है।
दूल्हा हत्याकांड के आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा कसने की तैयारी
7 May, 2026 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जौनपुर: आजाद हत्याकांड के मुख्य आरोपियों पर कसता शिकंजा, इनाम की राशि 1 लाख करने की तैयारी
जौनपुर। बरात लेकर जा रहे दूल्हे आजाद बिंद (25) की जघन्य हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपियों की घेराबंदी तेज कर दी गई है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रदीप, रवि और भोला पर वर्तमान में घोषित 50-50 हजार रुपये के इनाम को बढ़ाकर अब एक-एक लाख रुपये करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर अनुपम सिंह ने इस संबंध में अपनी संस्तुति रिपोर्ट एडीजी (ADG) को भेज दी है।
फरार आरोपियों की तलाश में 5 विशेष टीमें
एक मई को हुए इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में पुलिस ने कुल 7 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है। कार्रवाई की अब तक की स्थिति इस प्रकार है:
गिरफ्तारी: पुलिस अब तक मुठभेड़ के दौरान 3 मुख्य आरोपियों को दबोच चुकी है, जबकि उनकी मदद करने वाले 8 अन्य सहयोगियों को भी जेल भेजा जा चुका है।
वांछित अपराधी: मुख्य साजिशकर्ता प्रदीप बिंद (आजमगढ़), रवि यादव और भोले राजभर (सरायख्वाजा) अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
चुनौती: पुलिस के अनुसार, ये तीनों आरोपी बेहद शातिर हैं और पकड़े जाने के डर से मोबाइल फोन तक का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
इनाम बढ़ाने की संस्तुति
एसपी ने बताया कि वर्तमान में इन तीनों पर डीआईजी स्तर से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। अपराधियों पर दबाव बनाने और उनके बारे में सटीक सूचना प्राप्त करने के लिए इनाम की राशि को दोगुना (1 लाख रुपये) करने हेतु उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
साहस के साथ जुटी पुलिस
फरार आरोपियों को पाताल से भी खोज निकालने के लिए पुलिस की 5 विशेष टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का मानना है कि इनाम की राशि बढ़ने से मुखबिर तंत्र और सक्रिय होगा, जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द संभव हो सकेगी।
उधर शपथ ग्रहण की तैयारी, इधर JDU नेता के परिवार पर पुलिस कार्रवाई
7 May, 2026 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में प्रशासन ने भू-माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाले प्रभावशाली चेहरों के विरुद्ध एक अत्यंत आक्रामक अभियान छेड़ दिया है। कुचायकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलवा गांव में करोड़ों रुपये की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जे के गंभीर मामले में पुलिस ने बाहुबली सतीश पांडेय के नया गांव तुलसिया स्थित निवास पर ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचकर कानूनी इश्तहार चस्पा किया है। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने जिले के रसूखदारों और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून के शिकंजे से कोई भी व्यक्ति बच नहीं पाएगा।
करोड़ों की भूमि और हाई-प्रोफाइल साजिश का पर्दाफाश
इस समूचे विवाद की जड़ बेलवा गांव की लगभग 16 एकड़ मूल्यवान भूमि है, जिस पर रसूख और बाहुबल के दम पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी जैसे बड़े नामों को शामिल किया गया है। इन सभी पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जमीन हड़पने की गहरी साजिश रचने का आरोप है। पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
कानूनी शिकंजा और इश्तहार चस्पा होने की गूंज
पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश में उनके ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत इश्तहार चस्पा कर उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी है। ढोल-नगाड़ों के साथ की गई इस कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर भारी चर्चा पैदा कर दी है, क्योंकि इससे पहले इतने बड़े स्तर पर रसूखदारों के विरुद्ध ऐसी सार्वजनिक कार्रवाई कम ही देखने को मिली थी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मामला चाहे कितना भी हाई-प्रोफाइल क्यों न हो, जांच की निष्पक्षता और न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
अदालती सुनवाई और रसूखदारों की बढ़ती मुश्किलें
इश्तहार की कार्रवाई के बाद अब सभी की निगाहें न्यायालय के आगामी आदेशों पर टिकी हुई हैं, जहां विधायक पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय की जमानत याचिकाओं पर गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। यह दिन इस पूरे प्रकरण के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है क्योंकि कोर्ट का फैसला ही इन रसूखदारों के राजनीतिक और सामाजिक भविष्य की दिशा तय करेगा। फिलहाल गोपालगंज पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी कर रही हैं, जिससे जिले के भू-माफियाओं के बीच भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।
देर रात लूटपाट की वारदात, विरोध करते ही युवक पर फायरिंग
7 May, 2026 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड में बुधवार की देर रात बेखौफ अपराधियों ने लूटपाट की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है, जहां एक युवक को गोली मारकर उसकी मोटरसाइकिल लूट ली गई। कांटी थाना क्षेत्र का रहने वाला यह युवक अपनी ड्यूटी पूरी कर घर वापस लौट रहा था, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे अपना निशाना बनाया। अपराधियों के दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पहले युवक से चाबी छीनने की कोशिश की और प्रतिरोध करने पर उसके पैर में गोली मार दी। फिलहाल घायल युवक का उपचार अस्पताल में चल रहा है और इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में असुरक्षा और भय का माहौल व्याप्त है।
रूपौली चौक पर अपराधियों का तांडव और लूटपाट
वारदात की यह घटना करजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रूपौली चौक के समीप घटित हुई जब युवक शहर के जूरन छपरा इलाके से अपना काम खत्म कर देर रात घर वापस आ रहा था। चश्मदीदों और प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक चौक पर पान खाने के लिए रुका था, तभी दो बाइकों पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने उसे घेर लिया। अपराधियों ने पहले युवक को डराकर चाबी मांगी और जब उसने अपनी संपत्ति बचाने का प्रयास किया, तो अपराधियों ने क्रूरता दिखाते हुए उसके पैर में गोली दाग दी। युवक के जमीन पर गिरते ही बदमाश उसकी बाइक लेकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिसिया तफ्तीश और सीसीटीवी फुटेज का सहारा
घटना की जानकारी मिलते ही करजा थाना पुलिस सक्रिय हो गई और पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। जांच टीम घटनास्थल के आसपास लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों के भागने के मार्ग और उनकी पहचान के पुख्ता सुराग मिल सकें। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी की मदद से लुटेरों के हुलिए का पता लगाकर उन्हें जल्द ही कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा। स्थानीय पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गश्त तेज कर दी है और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
साक्ष्यों की बरामदगी और गिरफ्तारी के प्रयास
करजा थाना प्रभारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है जो अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार का पुख्ता प्रमाण है। पुलिस ने घायल युवक का प्रारंभिक बयान दर्ज कर लिया है और अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन कर छापेमारी की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि इस लूटकांड में शामिल अपराधियों को चिन्हित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और बहुत जल्द उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस बीच घायल युवक की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सक उसकी रिकवरी पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
दर्दनाक सड़क हादसे में मासूम ने तोड़ा दम, परिवार में पसरा मातम
7 May, 2026 09:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेतिया: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटाड़ प्रखंड क्षेत्र में एक अत्यंत दुखद सड़क दुर्घटना घटित हुई है, जिसमें एक मासूम बच्ची की जान चली गई। लौकरिया थाना क्षेत्र के सिधाव गांव का एक परिवार जब खुशी-खुशी एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने जा रहा था, तभी रास्ते में काल बनकर आए एक ट्रैक्टर ने उनकी खुशियों को मातम में बदल दिया। इस हृदयविदारक हादसे में आठ वर्षीय मासूम आश्मिता कुमारी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना के बाद से पूरे सिधाव गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस अनहोनी से स्तब्ध है।
मांगलिक कार्यक्रम की राह में पसरा सन्नाटा
हादसे का शिकार हुआ परिवार अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर पड़ोसी देश नेपाल के परसा जिला स्थित महुवन गांव की ओर जा रहा था, जहां उन्हें एक शादी समारोह में शिरकत करनी थी। जैसे ही उनकी बाइक इनरवा थाना क्षेत्र के पुढारी–नरकटियागंज मुख्य मार्ग पर पचामवा ईदगाह के निकट पहुंची, एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने ओवरटेक करने की कोशिश में उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पर सवार मासूम बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और विवाह की खुशियां पल भर में चीख-पुकार में तब्दील हो गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं।
घायलों की गंभीर स्थिति और चिकित्सा प्रयास
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए बच्ची के पिता उमेश साह, माता सिंधू देवी और भाई आर्यन कुमार को स्थानीय ग्रामीणों की सक्रियता से तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती तीनों घायलों की स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है और चिकित्सक उन्हें बेहतर उपचार प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। परिवार के मुखिया और अन्य सदस्यों को लगी गंभीर चोटों के कारण उन्हें गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। इस बीच अस्पताल परिसर में परिजनों और परिचितों की भीड़ जमा हो गई है, जो अपने स्वजनों के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रशासनिक जांच और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया
हादसे की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का मुआयना किया और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और टक्कर मारने वाले ट्रैक्टर की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में गहन जांच की जाएगी और लापरवाह वाहन चालक के विरुद्ध सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएंगे। इस भीषण सड़क हादसे ने एक बार फिर मुख्य मार्गों पर वाहनों की अनियंत्रित गति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
30 लाख की डकैती के आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए
7 May, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मथुरा: टैंटीगांव डकैती कांड के दो कुख्यात डकैत ढेर, पुलिस मुठभेड़ में बावरिया गिरोह के बदमाशों का अंत
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरीर थाना क्षेत्र के टैंटीगांव में पिछले महीने हुई सनसनीखेज डकैती के दो मुख्य आरोपी बृहस्पतिवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। जवाबी कार्रवाई में घायल होने के बाद बदमाशों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मारे गए बदमाशों की शिनाख्त राजस्थान के भरतपुर निवासी धर्मवीर उर्फ लंबू और अलवर निवासी राजेंद्र उर्फ पप्पू के रूप में हुई है, जो कुख्यात बावरिया गिरोह के सक्रिय सदस्य थे।
30 लाख की डकैती से दहला था टैंटीगांव
बता दें कि बीती 23 अप्रैल की रात नकाबपोश बदमाशों ने टैंटीगांव के प्रमुख व्यवसायी अजय अग्रवाल के घर धावा बोला था। बदमाशों ने परिवार को बंधक बनाकर करीब 30 लाख रुपये की नकदी और भारी मात्रा में जेवरात लूट लिए थे। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें इन अपराधियों की तलाश में जुटी थीं।
मुठभेड़ और जवाबी कार्रवाई
एसएसपी (SSP) के अनुसार, मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह वांछित अपराधियों की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मुठभेड़ में पुलिस के दो जवान भी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
संगीन अपराधों का लंबा इतिहास
मारे गए दोनों डकैतों का रिकॉर्ड बेहद खौफनाक रहा है:
धर्मवीर उर्फ लंबू: इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न थानों में डकैती, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के 16 से अधिक मामले दर्ज थे।
राजेंद्र उर्फ पप्पू: यह भी लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय था और इसके विरुद्ध राजस्थान व यूपी में डकैती व लूट के 11 संगीन मुकदमे दर्ज थे।
बिहार में आज मंत्रिमंडल विस्तार, भाजपा कोटे से कई नए चेहरे शामिल
7 May, 2026 09:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है क्योंकि राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नई सरकार के मंत्रिमंडल का भव्य विस्तार होने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम और तेज आंधी-बारिश ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी थीं, लेकिन आज सुबह खिली धूप ने आयोजन के लिए राहत की खबर दी है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति बिहार के राजनीतिक भविष्य के लिए अत्यंत अहम मानी जा रही है, जहां वह भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनेंगे।
ऐतिहासिक गांधी मैदान में नई कैबिनेट का उदय
दोपहर सवा बारह बजे के करीब गांधी मैदान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट को उसका वास्तविक और पूर्ण स्वरूप प्राप्त होगा। हालांकि मुख्यमंत्री और उनके दो सहयोगियों ने पूर्व में ही शपथ ले ली थी, परंतु मंत्रिमंडल की रिक्तियों के कारण शासन की गतिविधियां सीमित चल रही थीं। आज प्रधानमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में बिहार की सत्ता का यह नया समीकरण अपनी पूरी शक्ति के साथ धरातल पर उतरेगा।
दलगत सूचियां और संभावित चेहरों पर सस्पेंस
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सभी घटक दलों ने अपनी सूचियां मुख्यमंत्री को सौंप दी हैं, जिसमें जनता दल यूनाइटेड ने अपने पुराने विश्वसनीय चेहरों के साथ कुछ नए नामों को भी शामिल किया है। भाजपा की ओर से नामों को बेहद गोपनीय रखा गया है और परंपरा के अनुसार अंतिम क्षणों में ही इन चेहरों से पर्दा उठाया जाएगा। इस बार की सूची में अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है ताकि आगामी शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाया जा सके।
प्रतीक्षित नामों की चर्चा और राजनैतिक कयास
संभावित मंत्रियों की फेहरिस्त में जदयू की ओर से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी और लेशी सिंह जैसे दिग्गजों के नाम तय माने जा रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के परिवार से जुड़े नामों की चर्चा ने भी सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। भाजपा खेमे से विजय कुमार सिन्हा और श्रेयसी सिंह जैसे नेताओं के पास राजभवन से बुलावा आने की सूचना है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है। गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों जैसे लोजपा (रामविलास) और हम (एस) ने भी अपने कोटे से प्रमुख नामों को अंतिम रूप दे दिया है।
सत्ता का नया समीकरण और भविष्य की चुनौतियां
मंत्रिमंडल के इस विस्तार के साथ ही बिहार में शासन की बागडोर अब पूरी तरह से नई टीम के हाथों में होगी जो विकास और सुशासन के दावों को अमली जामा पहनाने का प्रयास करेगी। शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद नई कैबिनेट की औपचारिक बैठक होने की भी संभावना है जिसमें राज्य के विकास से जुड़े कुछ बड़े नीतिगत निर्णय लिए जा सकते हैं। डिजिटल माध्यमों पर भी इस पूरे घटनाक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा ताकि जनता अपने नए जन प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी संभालते हुए देख सके।
वर्दीधारियों पर हमले के वीडियो की मांग, ISI एजेंट पर गंभीर आरोप
7 May, 2026 08:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: संदिग्ध आतंकियों के मोबाइल से खुले खौफनाक राज, वर्दीधारियों को निशाना बनाने की थी साजिश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) की गिरफ्त में आए संदिग्ध आतंकी कृष्णा मिश्रा और दानियाल अशरफ की जांच में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी को आरोपियों के मोबाइल फोन से ऐसी वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग, वॉइस नोट्स और चैट्स मिले हैं, जो देश विरोधी साजिशों के पुख्ता प्रमाण दे रहे हैं। इन सबूतों ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है।
वर्दीधारियों की हत्या का था प्लान
संदिग्ध आतंकी कृष्णा मिश्रा के मोबाइल से कुछ ऐसे वीडियो बरामद हुए हैं, जिनमें पुलिस और सुरक्षाबलों के जवानों (वर्दीधारियों) को गोली मारने की उकसाने वाली बातें कही गई हैं। यही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि हैंडलर्स द्वारा जवानों को गोली मारते हुए वीडियो की मांग भी की गई थी। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे किसी बड़े मौके की तलाश में थे और सही समय मिलते ही वर्दीधारियों की हत्या करने की फिराक में थे।
ISI का जाल: 'हीरो' बनाने और पैसों का लालच
दोनों संदिग्धों ने पूछताछ में बताया कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स और आईएसआई (ISI) एजेंटों के संपर्क में आए थे।
बहकाने का तरीका: एजेंटों ने उन्हें बरगलाते हुए कहा था कि "जैसा हम कह रहे हैं वैसा करो, हम तुम्हें भारत में हीरो बना देंगे और बेहिसाब पैसा भी मिलेगा।"
हथियारों की बरामदगी: दानियाल के पास से एक 9 एमएम पिस्टल और कारतूस, जबकि कृष्णा के पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। एटीएस अब उस कड़ी को जोड़ने में जुटी है जिसने इन आरोपियों को हथियारों की सप्लाई की थी।
साक्ष्यों ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
आरोपियों के पास से मिले साक्ष्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि वे एक संगठित मॉड्यूल का हिस्सा बनने की राह पर थे। उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स से पाकिस्तान स्थित आकाओं के साथ उनके सीधे संबंधों की पुष्टि हो रही है। एटीएस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि इस साजिश के पीछे छिपे अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
जेल में बंद आरोपियों के खिलाफ STF ने कोर्ट में पेश की चार्जशीट
7 May, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: 1200 करोड़ के कफ सिरप सिंडिकेट में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
लखनऊ। नशीली कफ सिरप की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ एसटीएफ (STF) ने अपनी घेराबंदी मजबूत कर दी है। एसटीएफ ने इस सिंडिकेट के तीन सुपर डिस्ट्रीब्यूटरों सहित कुल छह आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पिछले छह महीनों की गहन विवेचना के बाद टीम ने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए हैं, जो वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं।
400 करोड़ की खरीद और 1200 करोड़ का काला कारोबार
जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। एसटीएफ की रिपोर्ट के अनुसार:
आरोपी विभोर राणा और उसकी कंपनी साल 2019 से इस अवैध तस्करी में शामिल थी।
बैंक खातों और दवा कंपनियों के रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि पिछले चार वर्षों में 400 करोड़ रुपये की सिरप खरीदी गई थी।
इसी खेप को अवैध तरीके से 1200 करोड़ रुपये से अधिक में बेचा गया।
नेपाल और बांग्लादेश तक फैला था जाल
एसटीएफ ने इस पूरे सिंडिकेट के 'सप्लाई रूट' का पर्दाफाश कर दिया है। यह गिरोह नामी कंपनियों से कोडीनयुक्त सिरप की बड़ी खेप खरीदता था और उसे कागजों में हेरफेर कर विभिन्न राज्यों के रास्ते नेपाल और बांग्लादेश तक पहुंचाता था। विवेचना में एक-एक बैंक खाते की डिटेल और तस्करी के रास्तों (रूट ट्रेल) को शामिल किया गया है।
इन आरोपियों पर कसा शिकंजा
जिन मुख्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है, उनमें शामिल हैं:
विभोर राणा (जीआर ट्रेडिंग का मालिक)
सचिन कुमार (मारुति मेडिकोज)
अभिषेक शर्मा (एबी फार्मास्युटिकल)
विशाल सिंह, बिट्टू कुमार और शुभम शर्मा (सहयोगी)
इसके अलावा, मामले में संलिप्त बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, अमित टाटा और विकास के खिलाफ भी जल्द ही पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
विदेश बैठे सरगनाओं पर 'लुक आउट नोटिस'
सिंडिकेट का मुख्य सरगना शुभम जायसवाल अपने साथियों गौरव और वरुण सिंह के साथ फिलहाल विदेश में छिपा है। एसटीएफ ने इनके पासपोर्ट निरस्त करवा दिए हैं और इनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है। भारत सरकार के माध्यम से इन आरोपियों को प्रत्यर्पित कर स्वदेश लाने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
रोड शो के चलते कई मार्ग डायवर्ट, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
7 May, 2026 08:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजधानी का ऐतिहासिक गांधी मैदान आज एक गौरवशाली अध्याय का साक्षी बनने जा रहा है, जहां सम्राट सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित भाजपा और जदयू के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। समारोह से पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा पटना एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक एक भव्य रोड शो भी निकाला जाएगा, जिसकी सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सुबह से ही यातायात के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि वीवीआईपी आवाजाही और आम जनता को किसी बड़ी असुविधा का सामना न करना पड़े।
राजधानी में सुरक्षा घेरा और प्रमुख मार्गों पर पाबंदी
प्रधानमंत्री के रोड शो और शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए शहर के मुख्य केंद्रों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। गांधी मैदान और उसके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है, साथ ही एयरपोर्ट से लेकर बेली रोड और पटना जंक्शन से डाकबंगला तक के मार्ग वाहनों के लिए बंद रहेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से जीपीओ, कोतवाली, पुलिस लाइन और अशोक राजपथ के महत्वपूर्ण मोड़ों पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि पैदल यात्रियों और काफिले के मार्ग में कोई बाधा न आए। प्रशासन ने बाकरगंज और मौर्या होटल के निकटवर्ती रास्तों को भी प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है जिससे शहर के व्यस्ततम इलाकों में यातायात का दबाव नियंत्रित किया जा सके।
यातायात डायवर्जन और पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था
शपथ ग्रहण के दौरान ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए कई रूटों पर डायवर्जन लागू किया गया है, जिसके तहत डाकबंगला चौराहे से आने वाले वाहनों को न्यू डाकबंगला और राजेंद्र पथ की ओर मोड़ा जा रहा है। मुख्य सड़कों के किनारे किसी भी प्रकार के वाहन या ठेले खड़े करने पर सख्त पाबंदी है और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आयोजन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों के लिए जेपी गंगा पथ और डबल डेकर ब्रिज के निचले हिस्से में विशेष पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। एसपी वर्मा रोड और एक्जीबिशन रोड जैसे संवेदनशील इलाकों में प्रवेश को नियंत्रित किया गया है ताकि समारोह स्थल के आसपास की सड़कों पर अनावश्यक भीड़ जमा न हो।
आपातकालीन सेवाओं के लिए समर्पित ग्रीन कॉरिडोर
आम नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने आयोजन के बीच एक विशेष 'सेफ पैसेज' की व्यवस्था की है। जेपी गोलंबर से चिल्ड्रेन पार्क के मध्य का रास्ता पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में एम्बुलेंस या मरीज को बिना किसी देरी के तारा हॉस्पिटल अथवा पीएमसीएच पहुंचाया जा सके। आपातकालीन सेवाओं के लिए बनाए गए इस ग्रीन कॉरिडोर पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लागू नहीं होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा के कड़े पहरों के बीच भी स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहें। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे निर्धारित रूट चार्ट का पालन करें और इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करें।
मुजफ्फरपुर में रेल हादसे में मजदूर की मौत, इलाके में शोक
6 May, 2026 03:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: ट्रेन से गिरकर कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी की दर्दनाक मौत, शादी समारोह से लौटते समय सीहो स्टेशन के पास हुआ हादसा
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक हृदयविदारक रेल दुर्घटना की खबर आई है, जहां चलती ट्रेन से असंतुलित होकर गिरने के कारण एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह दुखद घटना मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर रेलखंड पर स्थित सीहो स्टेशन के समीप मंगलवार की देर शाम घटित हुई। जैसे ही इस हादसे की जानकारी रेल पुलिस को मिली, उन्होंने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए घटनास्थल का मुआयना किया और मामले की तहकीकात शुरू कर दी। मृतक की पहचान मुकेश कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो एक नामी निर्माण कंपनी में फेब्रिकेटर के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें पटरियों के पास से अत्यंत गंभीर अवस्था में बरामद किया था, परंतु दुर्भाग्यवश चिकित्सा प्रयासों के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती और उपचार के दौरान अंतिम सांस
दुर्घटना के तुरंत बाद रेल पुलिस ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से घायल मुकेश कुमार सिंह को ट्रैक के किनारे से उठाकर उपचार हेतु मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराई, क्योंकि उनके हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई थीं। अत्यधिक रक्तस्राव और शरीर के अंगों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। अस्पताल के अनुभवी डॉक्टरों द्वारा काफी मशक्कत किए जाने के बावजूद 45 वर्षीय मुकेश ने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। इस सूचना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
खुशियों के माहौल के बीच पसरा मातम और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जानकारी के मुताबिक मुकेश कुमार सिंह अपने परिवार में आयोजित एक विवाह समारोह में सम्मिलित होने के लिए छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। शादी की रस्में पूरी होने के बाद वे वापस अपने कार्यस्थल बरौनी जाने की तैयारी में थे और इसी उद्देश्य से उन्होंने मुजफ्फरपुर से ट्रेन पकड़ी थी। सफर के दौरान अचानक ट्रेन से गिरने की वजह से यह अनहोनी हो गई और खुशियों भरा घर अचानक मातम में तब्दील हो गया। उनके भांजे ने बताया कि मुकेश परिवार के प्रति अत्यंत समर्पित और परिश्रमी व्यक्ति थे, जिनका इस तरह चले जाना पूरे कुनबे के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शादी के जश्न की यादें अभी ताजी ही थीं कि इस भीषण हादसे ने परिवार के सदस्यों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
रेल पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम और दुर्घटना के कारणों की सघन जांच
घटना के उपरांत रेलवे पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मृतक के पार्थिव शरीर को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ या फिर कोई अन्य तकनीकी कारण जिम्मेदार था। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि मुकेश किस बोगी में सवार थे और गिरने के समय वहां की स्थितियां क्या थीं। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जबकि रेल प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सतर्कता बरतने की बात कह रहा है।
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